गुजरात की पब्लिक क्या कहती है आज के सो मुख्य समाचारअपने को बंगाल की मालकिन मान चुकी डायन को. . नौ जिलों से एक भी सीट नहीं मिली. . .
जो चमचे कल तक कह रहे थे दो हजार में एलपीजी कैसे ख़रीदेंगे. . उन सबको आज सोना खरीदना है. . .
श्री श्याम कीर्तन मंडल, देवघर में धूमधाम से मनाया गया अपरा एकादशी, भक्त हुए भावविभोर
देवघर। स्थानीय कॉस्टर टाउन स्थित श्री श्याम कीर्तन मंडल में अपरा एकादशी के पावन अवसर पर श्री श्याम बावा का पुष्पों व फुलों से भव्य आकर्षक व मनमोहक श्रृंगार किया गया । पंडितो द्वारा विधिवत पूजा की गई। गायकों द्वारा श्याम बाबा के भजनों की अनुपम प्रस्तुति की गई। भजनों की भक्तिमय प्रस्तुति से श्याम भक्त भवित रस में डुबे रहे। इस अवसर पर भारी संख्या में महिला-पुरुष श्याम प्रेमी मौजूद थे। पूरा वातावरण. श्याममय हो गया। कार्यक्रम के समाप्ति पर आरती की गई एवं आगन्तुकों के बीच प्रसाद वितरण किया गया। हिन्दू मान्यताओं और पौराणिक कथाओं के अनुसार अपरा एकादशी के व्रत और अनुष्ठान को करने से मनुष्य अतीत और वर्तमान के पापों से छुटकारा -पाता है और सकारात्मकता के मार्ग पर आगे बढ़ता है। साथ ही, परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। धन की प्राप्ति होती है। साथ ही, सभी मनोकामनाएं पूरी होती है।

Tejraftarnews.in: *_🕉️✡️श्री गणेशाय नम:✡️🕉️_*
*_⚜️🌞दैनिक पंचांग🌙⚜️_*
*_✡️⚡14 - May - 2026⚡✡️_*
*_🔱💥New Delhi, India💥🔱_*
*_⚜️🌞पंचांग🌙⚜️_*
*_🔅 तिथि द्वादशी 11:23 AM तक ✳️उसके बाद त्र्योदशी तिथि🔥_*
*_🔅मूलसंज्ञक नक्षत्र रेवती 10:34 PM तक✳️उसके बाद मूलसंज्ञक अश्विनी नक्षत्र🔥_*
*_🔅 करण :-भद्रा👇नहीं है। तैतिल 11:23 AM तक✳️ गर 10:03 PM🔥_*
*_🔅 पक्ष कृष्ण✳️_*
🔅 योग प्रीति 05:52 PM
*_🔅 वार गुरूवार✳️_*
*_☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ👇_*
🔅 सूर्योदय 05:31 AM
🔅 चन्द्रोदय +03:55 AM
*_🔅 चन्द्र राशि मीन🔥_*
🔅 सूर्यास्त 07:03 PM
🔅 चन्द्रास्त 04:26 PM
🔅 ऋतु ग्रीष्म
*_☀ हिन्दू मास एवं वर्ष👇_*
🔅 शक सम्वत 1948 पराभव
🔅 कलि सम्वत 5128
🔅 दिन काल 01:32 PM
🔅 विक्रम सम्वत 2083
🔅 मास अमांत वैशाख
🔅 मास पूर्णिमांत ज्येष्ठ
*_☀ शुभ और अशुभ समय👇_*
*_☀ शुभ समय👇_*
🔅 अभिजित 11:50:30 - 12:44:41
*_☀ अशुभ समय👇_*
🔅 दुष्टमुहूर्त 10:02 AM - 10:56 AM
🔅 कंटक 03:27 PM - 04:21 PM
🔅 यमघण्ट 06:25 AM - 07:19 AM
*_🔅 राहु काल 01:59 PM - 03:40 PM🔥_*
🔅 कुलिक 10:02 AM - 10:56 AM
🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 05:15 PM - 06:09 PM
🔅 यमगण्ड 05:31 AM - 07:12 AM
🔅 गुलिक काल 08:54 AM - 10:36 AM
*_☀ दिशा शूल👇_*
🔅 दिशा शूल दक्षिण
*_☀ चन्द्रबल और ताराबल👇_*
*_☀ ताराबल👇_*
🔅 अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद, रेवती
*_☀ चन्द्रबल👇_*
🔅 वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर, मीन
*_💫🪴 मई महीने 2026 के इन👇तारीखों में शुभाशुभ मुहुर्त🌹🥀_*
🔅 विवाह मुहूर्त
अधिक ज्येष्ठमास के कारण विवाह नहीं है।
🔅 मुंडन मुहूर्त
नहीं है।
🔅 गृह प्रवेश मुहूर्त
14
🔅 नामकरण मुहूर्त
14
🔅 अन्नप्राशन मुहूर्त
14
🔅 कर्णवेध मुहूर्त
14, 15
🔅 विद्यारम्भ मुहूर्त
15, 18, 20, 22, 27, 29
🔅 उपनयन/जनेऊ मुहूर्त
नहीं है।
🔅 वाहन खरीद मुहूर्त
14
🔅 प्रॉपर्टी खरीद मुहूर्त
नहीं है।
🔅 सर्वार्थ सिद्धि योग
14, 15, 18, 21, 24, 27
🔅 अमृत सिद्धि योग
18, 21
🔅 पंचक
नहीं है।
🔅 भद्रा
15, 20, 23, 26, 27, 30, 31
*_⚜️लगन👇तालिका⚜️_*
सूर्योदय का समय: 05:31:14
सूर्योदय के समय लग्न मेष चर
28°10′44″
🔅 मेष चर
शुरू: 04:01 AM समाप्त: 05:38 AM
🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 05:38 AM समाप्त: 07:33 AM
🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 07:33 AM समाप्त: 09:48 AM
🔅 कर्क चर
शुरू: 09:48 AM समाप्त: 12:09 PM
🔅 सिंह स्थिर
शुरू: 12:09 PM समाप्त: 02:26 PM
🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 02:26 PM समाप्त: 04:43 PM
🔅 तुला चर
शुरू: 04:43 PM समाप्त: 07:03 PM
🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: 07:03 PM समाप्त: 09:22 PM
🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: 09:22 PM समाप्त: 11:26 PM
🔅 मकर चर
शुरू: 11:26 PM समाप्त: अगले दिन 01:09 AM
🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: अगले दिन 01:09 AM समाप्त: अगले दिन 02:36 AM
🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: अगले दिन 02:36 AM समाप्त: अगले दिन 04:01 AM
*_⚜️6 बजे प्रातः👇 ग्रह स्पष्ट🪷_*
निरायण, Sidereal
ग्रह राशि
निरायण नक्षत्र, पद
निरायण
लग्न वृषभ 6°16' कृत्तिका3 उ
सूर्य मेष29°1' कृत्तिका1 अ
चन्द्र मीन20°3' रेवती2 दो
बुध ^ मेष28°21' कृत्तिका1 अ
शुक्र वृषभ29°47' मृगशीर्षा2 वो
मंगल मेष2°4' अश्विनी1 चु
बृहस्पति मिथुन26°41' पुनर्वसु3 हा
शनि मीन16°25' उत्तरभाद्रपदा4 ञ
राहू * कुम्भ10°59' शतभिष2 सा
केतु * सिंह10°59' मघा4 मे
यूरेनस वृषभ6°48' कृत्तिका4 ए
नेपच्यून मीन9°25' उत्तरभाद्रपदा2 थ
प्लूटो * मकर11°16' श्रवण1 खी
सायन, Tropical
ग्रह Tropical Position
सायन
लग्न 60°29'
सूर्य 53°15'
चन्द्र 14°17'
बुध ^ 52°34'
शुक्र 84°0'
मंगल 26°18'
बृहस्पति 110°54'
शनि 10°38'
राहू * 335°12'
केतु * 155°12'
यूरेनस 61°2'
नेपच्यून 3°39'
प्लूटो * 305°30'
अयनांश लाहिरी / चित्रपक्ष = 24°14'
*_आज के लिए खास_*
*_यहां जो लेख दिये जा रहे हैं यह पूरी तरह जानकारी और अनुभव आधारित है, इसके प्रयोग के लाभ हानि के जिम्मेदार आप स्वयं होंगे इसमें लेखक एवं प्रसारणकर्ता की किसी प्रकार की जिम्मेदारी नहीं होगी_*
*_गोचर » शुक्र का मिथुन राशि ..शुक्र का मिथुन राशि में गोचर, मित्र राशि में गोचर का प्रभाव (14 मई, 2026)_*
*_शुक्र का मिथुन राशि में गोचर – प्रेम, सुख और सौंदर्य का नया संयोग वैदिक ज्योतिष में ग्रहों के गोचर का हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव माना जाता है और जब बात शुक्र ग्रह की हो, तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। शुक्र को प्रेम, सौंदर्य, भोग-विलास, कला और सुख-सुविधाओं का कारक ग्रह कहा जाता है। वर्ष 2026 में 14 मई को प्रातः 10:35 बजे शुक्र ग्रह अपनी स्वराशि वृषभ को छोड़कर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। यह गोचर ज्योतिषीय दृष्टि से सामान्य रूप से शुभ और सकारात्मक परिणाम देने वाला माना जा रहा है।_*
*_शुक्र का मिथुन राशि में गोचर_*
*_शुक्र ग्रह का मिथुन राशि में गोचर इसलिए भी विशेष है क्योंकि मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं, जो शुक्र के मित्र ग्रह माने जाते हैं। मित्र राशि में गोचर करने पर शुक्र अपनी सकारात्मक ऊर्जा को और अधिक प्रभावी रूप से व्यक्त करते हैं। यही कारण है कि यह गोचर अधिकांश जातकों के लिए किसी न किसी रूप में लाभकारी सिद्ध हो सकता है। चाहे वह प्रेम जीवन हो, वैवाहिक संबंध हों, आर्थिक स्थिति हो या फिर भौतिक सुख-सुविधाएँ—शुक्र का यह परिवर्तन जीवन के कई क्षेत्रों में मधुरता घोलने का संकेत देता है।_*
*_ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुक्र एक नैसर्गिक शुभ ग्रह हैं। वे वृषभ और तुला राशि के स्वामी हैं और शनि की राशियों मकर व कुंभ के लिए केंद्र और त्रिकोण के स्वामी होकर योगकारक ग्रह बन जाते हैं। इसका अर्थ यह है कि शुक्र केवल भोग-विलास तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जीवन में स्थायित्व, संतुलन और सौभाग्य भी प्रदान करते हैं। आज के आधुनिक जीवन में, जहाँ हर व्यक्ति सुख, प्रेम और सुविधाओं की कामना करता है, वहाँ शुक्र की कृपा अत्यंत आवश्यक मानी जाती है।_*
*_यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में शुक्र मजबूत और अनुकूल स्थिति में हों, तो उसके जीवन में प्रेम सहज रूप से आता है। ऐसे व्यक्ति को रिश्तों में संतुलन, दांपत्य जीवन में मधुरता और आकर्षण की प्राप्ति होती है। इसके विपरीत, जब शुक्र कमजोर या अशुभ होते हैं, तो जीवन में सुख की कमी महसूस होने लगती है। प्रेम संबंधों में तनाव, वैवाहिक जीवन में समस्याएँ और कभी-कभी शारीरिक या मानसिक असंतोष जैसी परिस्थितियाँ भी उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति के लिए शुक्र का अनुकूल होना अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है।_*
*_धार्मिक और आध्यात्मिक मान्यताओं में शुक्र को दैत्य गुरु शुक्राचार्य के नाम से भी जाना जाता है। जैसे देवताओं के गुरु बृहस्पति हैं, वैसे ही दानवों के गुरु शुक्राचार्य माने जाते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, शुक्राचार्य के पास भगवान शिव से प्राप्त मृत संजीवनी विद्या थी, जिससे वे मृत को भी पुनर्जीवित कर सकते थे। यह तथ्य शुक्र ग्रह की गूढ़ शक्ति और विशेष महत्व को दर्शाता है।वैदिक ज्योतिष में यह भी माना जाता है कि शुक्र मीन राशि में उच्च के और कन्या राशि में नीच के होते हैं। हालांकि, मिथुन राशि में गोचर करते समय शुक्र अपनी बौद्धिक, संवादात्मक और कलात्मक ऊर्जा को सक्रिय करते हैं। शुक्र कलाओं के प्रमुख कारक ग्रह हैं, इसलिए जिन जातकों पर शुक्र की विशेष कृपा होती है, उनमें किसी न किसी प्रकार की रचनात्मक या कलात्मक प्रतिभा अवश्य देखी जाती है। संगीत, अभिनय, लेखन, डिजाइन, फैशन या किसी भी रचनात्मक क्षेत्र में ऐसे लोग अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।_*
*_इस प्रकार कहें तो शुक्र का मिथुन राशि में गोचर 2026 प्रेम, आकर्षण, सौंदर्य और सुख-सुविधाओं के नए अवसर लेकर आने वाला है। यह गोचर आपके जीवन में संवाद को मधुर बनाएगा, रिश्तों में नई ऊर्जा भरेगा और आपको जीवन का आनंद लेने के लिए प्रेरित करेगा। आगे इस लेख में राशि अनुसार यह समझने का प्रयास किया जाएगा कि शुक्र का यह गोचर आपके लिए किस प्रकार के परिणाम लेकर आ सकता है, ताकि आप इस शुभ समय का अधिकतम लाभ उठा सकें।_*
*_यह राशिफल आपकी चंद्र राशि पर आधारित है।_*
*_शुक्र का मिथुन राशि में गोचर 2026: मेष, वृषभ और मिथुन राशि पर प्रभाव👇_*
*_वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को प्रेम, सुख, सौंदर्य, धन और संबंधों का कारक माना जाता है। जब शुक्र का गोचर होता है, तो उसका प्रभाव व्यक्ति के जीवन के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। 14 मई 2026 को शुक्र का मिथुन राशि में गोचर विशेष महत्व रखता है। आइए जानते हैं कि यह गोचर मेष, वृषभ और मिथुन राशि के जातकों के जीवन को किस प्रकार प्रभावित करेगा।_*
मेष राशि
*_मेष राशि के जातकों के लिए शुक्र दूसरे और सातवें भाव के स्वामी होते हैं और इस गोचर के दौरान शुक्र आपके तीसरे भाव में प्रवेश करेंगे। तीसरा भाव साहस, पराक्रम, मित्रता, भाई-बहन और संवाद का प्रतीक होता है। ऐसे में शुक्र का यहां आना आपके सामाजिक जीवन में नई ऊर्जा भर देगा। आप अपने दोस्तों के साथ अधिक समय बिताना चाहेंगे, पार्टी, मौज-मस्ती और घूमने-फिरने का मन करेगा। भाई-बहनों के साथ आपका रिश्ता और मजबूत होगा और आपसी प्रेम बढ़ेगा। यह समय प्रेम संबंधों के लिए भी अनुकूल रहेगा। अपने प्रिय के साथ नज़दीकियां बढ़ेंगी और रिश्ते में रोमांस आएगा।इस दौरान आपकी कोई कलात्मक प्रतिभा—चाहे वह लेखन हो, संगीत हो या कोई रचनात्मक कार्य—लोगों के सामने आ सकती है और उससे धन कमाने के अवसर भी मिल सकते हैं। हालांकि दांपत्य जीवन में कुछ मुद्दों को लेकर जीवनसाथी से बहस या मतभेद संभव हैं, इसलिए संवाद में संयम रखना जरूरी होगा। आप अपने भाई-बहनों की मदद के लिए धन खर्च कर सकते हैं। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों के साथ आपका व्यवहार मित्रतापूर्ण रहेगा, जिसका लाभ आपको करियर में मिलेगा। वे आपकी मदद करेंगे और आपके कार्यों को आगे बढ़ाने में सहयोग देंगे। व्यापारियों के लिए यह समय अच्छा है और छोटी यात्राओं से व्यापार में लाभ होने के संकेत मिलते हैं।_*
*_उपाय: शुक्र के शुभ प्रभाव को और मजबूत करने के लिए शुक्रवार के दिन लक्ष्मी जी की कृपा हेतु श्रीसूक्त का पाठ करना लाभकारी रहेगा।_*
वृषभ राशि
*_वृषभ राशि के जातकों के लिए शुक्र न केवल राशि स्वामी हैं बल्कि छठे भाव के स्वामी भी हैं। शुक्र का मिथुन राशि में गोचर आपके दूसरे भाव में होगा, जो धन, वाणी और परिवार से संबंधित है। यह गोचर आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आएगा। धन लाभ के प्रबल योग बनेंगे और आप अपनी आय को बचाने में सफल रहेंगे, जिससे बैंक बैलेंस में वृद्धि होगी। अच्छे और स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा और किसी विवाह या शुभ समारोह में शामिल होकर खुशी का अनुभव करेंगे। इससे आपका सामाजिक दायरा भी बढ़ेगा।घर-परिवार में कोई शुभ कार्य या उत्सव हो सकता है, जिससे वातावरण सकारात्मक रहेगा। यदि आप किसी विवाद या वाद-विवाद को सुलझाने का प्रयास करते हैं, तो उससे आपको लाभ और धन प्राप्ति के योग बन सकते हैं। नौकरीपेशा जातकों के लिए यह समय प्रशंसा और सम्मान दिलाने वाला रहेगा। आपके प्रयासों को सराहा जाएगा और किसी प्रकार की प्रोत्साहन राशि या लाभ मिल सकता है। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी और आप अपनी मधुर वाणी से लोगों को प्रभावित कर अपने काम आसानी से निकलवा पाएंगे। व्यापार में भी वृद्धि के संकेत हैं।_*
*_उपाय: शुक्र को प्रसन्न रखने के लिए प्रतिदिन छोटी कन्याओं के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लेना शुभ माना जाएगा।_*
मिथुन राशि
*_मिथुन राशि के जातकों के लिए शुक्र पंचम और द्वादश भाव के स्वामी हैं और इस गोचर के दौरान शुक्र आपके प्रथम भाव यानी आपकी ही राशि में प्रवेश करेंगे। इसका सीधा प्रभाव आपके व्यक्तित्व पर पड़ेगा। आपके अंदर आकर्षण बढ़ेगा और लोग आपकी ओर सहज ही खिंचे चले आएंगे। लंबे समय से रुके हुए कार्य अब धीरे-धीरे पूरे होने लगेंगे, जिससे आपको मानसिक संतोष मिलेगा। इस अवधि में वाहन या संपत्ति का सुख मिलने के योग भी बन सकते हैं, इसलिए यदि आप मकान या गाड़ी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह समय अनुकूल साबित हो सकता है।संतान की ओर से आपको प्रेम और सहयोग प्राप्त होगा। विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिल सकती है और विदेशी मुद्रा प्राप्ति के भी योग बन रहे हैं। विदेशों से जुड़े संपर्क आपके व्यापार को आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे। नौकरीपेशा लोगों के लिए यह समय मेहनत और एकाग्रता की मांग करेगा, लेकिन प्रयासों का फल भी अवश्य मिलेगा। आप स्वयं पर खर्च करना पसंद करेंगे और अच्छे कपड़े, गैजेट्स या लग्जरी वस्तुओं पर धन व्यय हो सकता है। दांपत्य जीवन में प्रेम, सामंजस्य और रोमांस बढ़ेगा, जिससे रिश्ते और मधुर बनेंगे।_*
*_उपाय: इस दौरान शुभ फल पाने के लिए मंगलवार और शुक्रवार के दिन गाय को आटे की लोई में गुड़ भरकर खिलाना लाभकारी उपाय रहेगा।_*
*_शुक्र का मिथुन राशि में गोचर 2026: कर्क, सिंह और कन्या राशि पर प्रभाव👇_*
*_वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को धन, विलास, प्रेम, सुख-सुविधा और संबंधों का प्रमुख कारक माना जाता है। जब शुक्र का गोचर होता है, तो वह जीवन के भौतिक और भावनात्मक पक्षों पर गहरा प्रभाव डालता है। 14 मई 2026 को शुक्र का मिथुन राशि में गोचर होने जा रहा है, जो कई राशियों के लिए विशेष फलदायी सिद्ध होगा। इस लेख में हम जानेंगे कि यह गोचर कर्क, सिंह और कन्या राशि के जातकों के लिए किस प्रकार के परिणाम लेकर आएगा।_*
कर्क राशि
*_कर्क राशि के जातकों के लिए शुक्र चतुर्थ और एकादश भाव के स्वामी होते हैं और इस गोचर के दौरान शुक्र आपके द्वादश भाव में प्रवेश करेंगे। द्वादश भाव को खर्च, विदेश, विलास और त्याग से जोड़ा जाता है, इसलिए इस अवधि में आपके खर्चों में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। कई बार ऐसे खर्च सामने आ सकते हैं जिनकी आपने पहले कल्पना भी नहीं की होगी। इससे मन में थोड़ी चिंता या असहजता महसूस होना स्वाभाविक है, लेकिन घबराने की आवश्यकता नहीं है। शुक्र का यही गोचर आपको धन लाभ के अवसर भी प्रदान करेगा, जिससे खर्च और आय के बीच संतुलन बना रहेगा।इस समय आप अपने जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए नई सुविधाजनक वस्तुएँ खरीद सकते हैं। घर की साज-सज्जा, इंटीरियर या रिनोवेशन पर धन खर्च होने की संभावना है, जिससे आपके घर का वातावरण और अधिक सुंदर और आरामदायक बनेगा। पारिवारिक जरूरतों के साथ-साथ विलासिता की चीजों पर भी खर्च बढ़ सकता है। यदि कोई मामला न्यायालय में लंबित है, तो उससे जुड़े खर्च भी इस दौरान सामने आ सकते हैं। वैवाहिक जीवन की बात करें तो शुक्र के प्रभाव से जीवनसाथी के साथ प्रेम और आपसी समझ बढ़ेगी, जिससे रिश्तों में मधुरता आएगी।_*
*_उपाय: शुक्र की कृपा बनाए रखने के लिए शुक्रवार के दिन श्री देवी कवच का पाठ करना अत्यंत शुभ रहेगा।_*
सिंह राशि
*_सिंह राशि के जातकों के लिए शुक्र तीसरे और दसवें भाव के स्वामी हैं और मिथुन राशि में गोचर के दौरान यह आपके एकादश भाव में विराजमान होंगे। एकादश भाव आय, लाभ और इच्छाओं की पूर्ति का भाव माना जाता है, इसलिए शुक्र का यहां आना आपकी आमदनी में अच्छी बढ़ोतरी का संकेत देता है। लंबे समय से जिन लक्ष्यों और महत्वाकांक्षाओं को आप पूरा करना चाहते थे, अब वे साकार होते नजर आएंगे। कार्यक्षेत्र में आपके वरिष्ठ अधिकारी आपसे प्रसन्न रहेंगे और हर कदम पर उनका सहयोग आपको प्राप्त होगा। उनका समर्थन आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा और आप अपने कार्यों को अधिक कुशलता से पूरा कर पाएंगे।प्रेम जीवन के लिए भी यह समय बेहद अनुकूल रहेगा। आप अपने प्रियतम के साथ अधिक समय बिता पाएंगे, घूमने-फिरने और रोमांटिक पलों का भरपूर आनंद उठाएंगे। विद्यार्थियों के लिए यह गोचर पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ाने वाला रहेगा, जिससे वे अपनी शिक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे। संतान पक्ष से भी शुभ समाचार मिलने की संभावना है। वे अपने कार्यक्षेत्र में उन्नति कर सकते हैं और आपको गर्व का अनुभव होगा। नौकरीपेशा लोगों के लिए पदभार बढ़ने या जिम्मेदारियाँ बढ़ने के संकेत हैं। हालांकि अत्यधिक व्यस्तता और बार-बार यात्रा करने से स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है, इसलिए अपने शरीर और सेहत का विशेष ध्यान रखना जरूरी होगा।_*
*_उपाय: शुभ फल प्राप्त करने के लिए रविवार के दिन गौ माता को गेहूं का आटा खिलाना लाभकारी उपाय रहेगा।_*
कन्या राशि
*_कन्या राशि के जातकों के लिए शुक्र दूसरे और नवम भाव के स्वामी हैं और मिथुन राशि में गोचर करते हुए आपके दशम भाव में प्रवेश करेंगे। दशम भाव कर्म, करियर और प्रतिष्ठा का भाव होता है, इसलिए शुक्र का यहां गोचर आपके लिए उन्नति और सफलता के नए रास्ते खोलने वाला साबित होगा। इस समय आपको भाग्य का पूरा साथ मिलेगा और लंबे समय से अटके हुए कार्य दोबारा गति पकड़ेंगे। यदि आप किसी व्यावसायिक परियोजना पर काम कर रहे थे, तो अब उसमें प्रगति देखने को मिलेगी और धन लाभ के प्रबल योग बनेंगे।नौकरीपेशा जातकों के लिए यह अवधि विशेष रूप से शुभ रहेगी। आपको किसी बेहतर स्थान पर स्थानांतरण मिल सकता है, जहाँ पद और वेतन दोनों में वृद्धि संभव है। करियर के लिहाज से यह समय आपको नई पहचान और स्थिरता प्रदान करेगा। व्यापार करने वाले लोगों के लिए भी यह गोचर अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा, क्योंकि नए लोगों के साथ साझेदारी और सहयोग के अवसर मिल सकते हैं, जिससे व्यवसाय का विस्तार होगा। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी और घर का माहौल सकारात्मक रहेगा। शुक्र का यह गोचर आपके जीवन में खुशियों और संतोष की वृद्धि करेगा।_*
*_उपाय: शुभ परिणामों को और मजबूत करने के लिए शुक्र देव के बीज मंत्र का नियमित जाप करना लाभकारी माना जाएगा।_*
*_शुक्र का मिथुन राशि में गोचर 2026: तुला, वृश्चिक और धनु राशि पर प्रभाव👇_*
*_वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को प्रेम, दांपत्य सुख, ऐश्वर्य, भौतिक सुख-सुविधा और धन का प्रमुख कारक माना जाता है। जब शुक्र का गोचर होता है, तो उसका प्रभाव व्यक्ति के रिश्तों, आर्थिक स्थिति और सामाजिक प्रतिष्ठा पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। 14 मई 2026 को शुक्र का मिथुन राशि में गोचर होने जा रहा है, जो तुला, वृश्चिक और धनु राशि के जातकों के जीवन में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन लेकर आएगा। आइए जानते हैं कि यह गोचर इन राशियों के लिए किस प्रकार के फल प्रदान करेगा।_*
तुला राशि
*_तुला राशि के जातकों के लिए शुक्र आपकी राशि के स्वामी होने के साथ-साथ अष्टम भाव के स्वामी भी हैं। शुक्र का मिथुन राशि में गोचर आपके नवम भाव में होगा, जो भाग्य, धर्म, लंबी यात्राओं और पिता से संबंधित विषयों का कारक भाव माना जाता है। यह गोचर अचानक धन लाभ के संकेत देता है। आपको पैतृक संपत्ति, विरासत या लंबे समय से अटके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है, जिसकी उम्मीद आपने लगभग छोड़ ही दी होगी। इस अप्रत्याशित लाभ से आपको मानसिक संतोष और खुशी मिलेगी।इस अवधि में लंबी दूरी की यात्राओं के योग बनेंगे। हालांकि यात्राओं के दौरान कुछ असुविधाएं भी सामने आ सकती हैं, इसलिए किसी भी यात्रा पर निकलने से पहले पूरी तैयारी करना आवश्यक होगा। यात्रा से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज समय रहते अपने पास रखें, जिससे किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके। भाई-बहनों के साथ आपके संबंध पहले से अधिक मजबूत होंगे और आपसी सहयोग बढ़ेगा। वहीं पिता के स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी चिंता रह सकती है, इसलिए उनके स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना उचित रहेगा। नौकरीपेशा जातकों के लिए यह समय थोड़ा तनावपूर्ण हो सकता है, क्योंकि कार्यभार बढ़ेगा और अधिक परिश्रम की आवश्यकता पड़ेगी। व्यवसाय करने वालों के लिए व्यावसायिक यात्राएं लाभदायक सिद्ध होंगी। अपनी मेहनत और लगन के बल पर आप कार्यक्षेत्र में अच्छी सफलता प्राप्त करेंगे और समाज में आपके मान-सम्मान में वृद्धि होगी।_*
*_उपाय: शुक्र की शुभ कृपा के लिए शुक्रवार के दिन श्री सूक्त का पाठ करना अत्यंत लाभकारी रहेगा।_*
वृश्चिक राशि
*_वृश्चिक राशि के जातकों के लिए शुक्र सप्तम और द्वादश भाव के स्वामी हैं और मिथुन राशि में गोचर के दौरान यह आपके अष्टम भाव में प्रवेश करेंगे। अष्टम भाव को रहस्य, गुप्त संबंध, अचानक परिवर्तन और आकस्मिक लाभ से जोड़ा जाता है। ऐसे में शुक्र का यह गोचर आपके निजी और अंतरंग संबंधों में उतार-चढ़ाव लेकर आ सकता है। आप अपने प्रेम संबंधों को गुप्त रूप से आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे और निजी जीवन में आकर्षण तथा अंतरंगता बढ़ेगी। गुप्त सुखों की चाह में आप खुले दिल से खर्च कर सकते हैं, जो आगे चलकर आर्थिक दबाव का कारण बन सकता है।हालांकि आर्थिक दृष्टि से यह गोचर पूरी तरह नकारात्मक नहीं है। धन लाभ के अच्छे योग बन रहे हैं और यदि आपने पहले से शेयर बाजार या किसी अन्य निवेश में धन लगाया हुआ है, तो उसका सकारात्मक प्रतिफल इस दौरान प्राप्त हो सकता है, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। इस अवधि में ससुराल पक्ष में किसी विवाह या पारिवारिक समारोह में शामिल होने का अवसर मिल सकता है, जिससे परिवार में खुशियों और उत्साह का माहौल रहेगा। दांपत्य जीवन में जीवनसाथी से मतभेद या कहासुनी संभव है, इसलिए विवाद को बढ़ाने के बजाय समझदारी से सुलझाना आपके हित में रहेगा। व्यापार में उन्नति के संकेत हैं और नौकरीपेशा लोगों को अपने कार्य के लिए पहचान और सराहना मिल सकती है।_*
*_उपाय: शुभ फल प्राप्त करने के लिए शिवलिंग पर श्वेत चंदन अर्पित करना लाभकारी उपाय माना गया है।_*
धनु राशि
*_धनु राशि के जातकों के लिए शुक्र छठे और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं और मिथुन राशि में गोचर करते हुए आपके सप्तम भाव में प्रवेश करेंगे। सप्तम भाव विवाह, साझेदारी और जीवनसाथी से संबंधित होता है, इसलिए शुक्र का यहां गोचर दांपत्य जीवन में प्रेम और रोमांस को बढ़ाने वाला रहेगा। आप और आपका जीवनसाथी एक-दूसरे के साथ अधिक समय बिताएंगे और आपसी समझ के साथ जिम्मेदारियों को निभाएंगे। इस दौरान आप अपने जीवनसाथी के लिए नई वस्तुएं या उपहार खरीद सकते हैं, जिससे रिश्तों में मधुरता आएगी।हालांकि कभी-कभी छोटी-छोटी बातों पर आपसी बहस या कहासुनी भी हो सकती है। यदि कुंडली में नकारात्मक योग मौजूद हों, तो इस अवधि में विवाहेतर संबंधों की ओर आकर्षण बढ़ सकता है, इसलिए सतर्क रहना आवश्यक होगा, क्योंकि इससे सामाजिक प्रतिष्ठा और पारिवारिक शांति को नुकसान पहुंच सकता है। महिलाओं को इस दौरान मासिक धर्म से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना और समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेना उचित रहेगा। व्यवसाय करने वाले जातकों के लिए यह समय अनुकूल रहेगा और व्यापार में अच्छी वृद्धि देखने को मिलेगी। जीवनसाथी को धन लाभ मिलने के योग भी बन रहे हैं, जिससे आपकी कुल आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।_*
*_उपाय: शुभ फल की प्राप्ति के लिए गुरुवार के दिन बृहस्पति देव के बीज मंत्र का जाप करना लाभकारी माना जाएगा।_*
*_शुक्र का मिथुन राशि में गोचर 2026: मकर, कुंभ और मीन राशि पर प्रभाव👇_*
*_वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को सुख, प्रेम, विलास, करियर, शिक्षा और भौतिक समृद्धि का कारक माना जाता है। 14 मई 2026 को शुक्र का मिथुन राशि में गोचर कई राशियों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आने वाला है। इस लेख में हम जानेंगे कि शुक्र का यह गोचर मकर, कुंभ और मीन राशि के जातकों पर किस प्रकार का प्रभाव डालेगा और किन क्षेत्रों में उन्हें विशेष सावधानी या लाभ प्राप्त होगा।_*
मकर राशि
*_मकर राशि के जातकों के लिए शुक्र पंचम और दशम भाव के स्वामी होकर एक योगकारक ग्रह बनते हैं। शुक्र का मिथुन राशि में गोचर आपके षष्ठम भाव में होगा, जो स्वास्थ्य, ऋण
Tejraftarnews.in: *🕉️🟢 ॐ गं 🟢🕉️*
🌞 *पञ्चाङ्ग 14 _ मई _ 2026* 🌞
⛅ *दिन _ गुरुवार*
⛅ *विक्रम संवत _ 2083 रौद्र*
⛅ *शाक संवत _ 1948*
⛅ *सूर्यायण _ उत्तरायण*
⛅ *ऋतु _ ग्रीष्म*
⛅ *मास _ प्र. ज्येष्ठ*
🌑 *पक्ष _ कृष्ण*
⛅ *तिथि _ द्वादशी सुबह 11:20 तक तत्पश्चात त्रयोदशी*
🌟 *नक्षत्र _ रेवती रात्रि 10:33 तक तत्पश्चात अश्विन*
⛅ *योग _ प्रीति शाम 05:53 तक तत्पश्चात आयुष्मान*
⛅ *करण _ तैतिल सुबह 11:20 तक तत्पश्चात गर*
🌑 *#राहुकाल _ दोप. 01:58 से 03:38:53 तक*
🌞 *सूर्योदय _ 05:44*
🌒 *सूर्यास्त _ 07:02*
🌜 *चंद्र राशि _ मीन*
🌞 *सूर्य राशि _ मेष*
💫 *दिशाशूल _ दक्षिण दिशा में*
🦜 *व्रत_पर्व_विवरण _ प्रदोष व्रत ,गुरु पुनर्वसु ३ में ,शुक्र मिथुन में,बुध वृषभ में,पंचक समाप्त 22:33, सर्वार्थसिद्धियोग*
🧭 *पं.तपेश_अवस्थी* 📱#9549999840
1️⃣ *गुरुवार 🟡के #शुभाशुभ_मुहूर्त*
राहुकाल दो. 01:58 - 03:38
यमगण्ड 05:35 -- 07:15
गुलिक काल 08:56 - 10:36
*अभिजित 11:59-12:50*
दूर मुहूर्त 22:41 - 22:43
22:54 - 22:57
2️⃣🌞 *#दिन_का_चौघड़िया*
*शुभ 05:44 - 07:14 शुभ*
रोग 07:14 - 08:55 अशुभ
उद्वेग 08:55 - 10:36 अशुभ
*चर 10:36 - 12:16 शुभ*
*लाभ 12:16 - 01:57 शुभ*
*अमृत 01:57 - 03:37 शुभ*
काल 03:37 - 05:18 अशुभ
*शुभ 05:18 - 06:59 शुभ*
3️⃣🌒 *रात_का_चौघड़िया*
*अमृत 06:59 - 08:18 शुभ*
*चर 08:18 - 09:37 शुभ*
रोग 09:37 - 10:57 अशुभ
काल 10:57 - 12:16 अशुभ
*लाभ 12:16 - 01:35 शुभ*
उद्वेग 01:35 - 02:55 अशुभ
*शुभ 02:55 - 04:14 शुभ*
*अमृत 04:14 -05:43 शुभ*
4️⃣🌞 *दिन_का_होरा*
गुरु 05:44 - 06:44
मंगल 06:44 - 07:44
सूर्य 07:44 - 08:44
शुक्र 08:44 - 09:44
बुध 09:44 - 10:44
चन्द्र 10:44 - 11:44
शनि 11:44 – 12:44
गुरु 12:44 - 13:44
मंगल 13:44 - 14:44
सूर्य 14:44 - 15:44
शुक्र 15:44 - 16:44
बुध 16:44 - 17:44
5️⃣🌒 *रात_का_होरा*
चन्द्र 17:44 - 18:44
शनि 18:44 - 19:44
गुरु 19:44 - 20:44
मंगल 20:44 - 21:44
सूर्य 21:44 - 22:44
शुक्र 22:44 -23:44
बुध 23:44 - 24:44
चन्द्र 24:44 - 01:44
शनि 01:44 - 02:44
गुरु 02:44 - 03:44
मंगल 03:44 -- 04:44
सूर्य 04:44 - 05:43
🕉️ *#माँ_पीताम्बरा_ज्योतिष_केंद्र*🕉️
*#ज्योतिष- CUSTOMIZED/ VEDIC#-VAASTU(नक़्शे)-#PDF_KUNDLI -वैदिक कर्मकांड*
🔻 *पं.#तपेश_अवस्थी*🔻
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