राफेल के मुकाबले कहां खड़ा है ग्रिपेन फाइटर जेट? जिसका भारत को मिला बड़ा ऑफर, जानें खासियत
भारतीय वायुसेना लगातार अपने बेड़े को मजबूत और एडवांस करने में जुटी हुई है. बीच स्वीडन की लड़ाकू विमान कंपनी साब (SAAB) ने भारत सरकार को विश्व के सबसे अपने ग्रिपेन फाइटर जेट का बड़ा ऑफर दिया है. इसके तहत भारत में दुनिया के सबसे एडवांस्ड एयरोस्पेस इंडस्ट्री की स्थापना का प्रस्ताव दिया गया, जिसमें मल्टी स्टेज डिजाइन, प्रोडक्शन और मैंटेनेंस के साथ-साथ लड़ाकू जेट ग्रिपेन-ई को शामिल करना भी शामिल है.
ग्रिपेन सबसे एडवांस्ड फाइटर जेट सिस्टम: SAAB
SAAB इससे पहले भी भारत के सामने टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के साथ ग्रिपेन फाइटर जेट का प्रस्ताव रख चुका है, लेकिन इंडियन एयरफोर्स ने राफेल पर भरोसा जताया. सिंगापुर एयरशो में ग्रिपेन के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर और SAAB में बिजनेस एरिया एयरोनॉटिक्स के वाइस प्रेसिडेंट मिकेल फ्रेंजेन ने कहा, 'ग्रिपेन ई दुनिया में उपलब्ध सबसे आधुनिक और किफायती फाइटर जेट सिस्टम है. यह दुनिया की बेस्ट सेंसर फ्यूजन, नेटवर्किंग क्षमताओं और तेजी से बढ़ रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) फीचर्स के साथ इंडियन एयरफोर्स की ताकत को और बढ़ाएगा.'
न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए SAAB के वाइस प्रेसिडेंट मिकेल फ्रेंजेन ने कहा, 'ग्रिपेन, राफेल और तेजस के साथ भारतीय वायु सेना में पूरी तरह से फिट बैठेगा. फाइटर जेट का निर्माण न केवल स्वीडन और भारत में तेजी से करने की योजना है, बल्कि इसके साथ ही भारतीय कंपनियों का एक इकोसिस्टम भी डेवलप किया जाएगा. इससे निर्यात को लेकर एक रीजनल इंडस्ट्रियल सेंटर भी बनेगा.'
ग्रिपेन फाइटर जेट की खासियत
SAAB ग्रिपेन की क्षमता की बात करें तो इसे हाईवे से भी ऑपरेट करने के लिए डिजाइन किया गया है. इसका मेंटेनेंस कम है. इस फाइटर जेट में एक यूनिक हार्डवेयर-इंडिपेंडेंट आर्किटेक्चर लगा है, जिससे फ्लाइट-क्रिटिकल सिस्टम को फिर से सर्टिफाइड किए बिना तेजी से सॉफ्टवेयर अपडेट किया जा सकता है. भारत खुद सॉफ्टवेयर डेवलप कर सकता है इसी बात को ध्यान में रखते हुए स्वीडन ने भारत को ये ऑफर दिया है. भारत के मिसाइल, बम या दूसरे हथियारों को जरूरत के हिसाब से कंपनी की मदद के बगैर इस फाइटर जेट में इंटीग्रेट किया जा सकता है.
राफेल के मुकाबले कहां खड़ा है ग्रिपेन फाइटर जेट
SAAB ग्रिपेन फाइटर जेट डीप स्ट्राइक और कैरियर ऑपरेशंस में राफेल का मुकाबला नहीं कर सकता है. राफेल F4 में दो इंजन हैं, जबकि ग्रिपेन सिंगल इंजन वाला फाइटर जेट है. राफेल में 14 हार्डप्वाइंट और 9500 किलो पेलोड क्षमता है, जबकि ग्रिपेन में 10 हार्डप्वाइंट और 7200 किलो ही पेलोड क्षमता है. स्पीड की बात करें तो राफेल की स्पीड मैक 1.8 और ग्रिपेन की स्पीड मैक 2.0 की है. दोनों में सुपरक्रूज क्षमता है.
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