नीतीश बने राज्यसभा सांसद, कार्यकर्ता बोले- आपका फैसला गलत:दिल्ली में हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाए नेता; कहा- निशांत, संजय झा, ललन के अलावा दूसरा CM नहीं चलेगा
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज शुक्रवार को राज्यसभा सांसद की शपथ ली। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें शपथ दिलाई। इस दौरान बिहार एनडीए नेताओं के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, जेपी नड्डा, अर्जुन राम मेघवाल भी मौजूद रहे। संजय झा ने सिग्नेचर करने के लिए उन्हें पेन दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कहा, हो गया.. चलें…। जिसपर फोटो सेशन के लिए रूकने को कहा गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चारों सदन का सदस्य बनने का रिकॉर्ड बनाया है। वो पहली बार राज्यसभा पहुंचे हैं, जबकि इसके पहले लोकसभा, बिहार विधान परिषद और विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं। शपथ ग्रहण करने के बाद सीएम नीतीश कार्यकर्ताओं से मिले। इस दौरान संजय झा और ललन सिंह भी मौजूद थें। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करने के बाद दिल्ली से पटना लौट आए हैं। उनके साथ संजय झा और मंत्री विजय चौधरी भी पटना पहुंचे हैं। विजय चौधरी ने बिहार में नई सरकार के सवाल पर कहा, नीतीश कुमार के सदस्यता ग्रहण करने से बिहार में सरकार बदलने की अभी कोई बात नहीं है। सदस्यता ग्रहण करने से सरकार नहीं बनती। सरकार इस्तीफा देने से बनती है। इंतजार कीजिए, अभी समय है। कार्यकर्ता बोले- आपके फैसले का विरोध करते हैं वहीं दिल्ली में नीतीश कुमार के सामने नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं ने कहा कि हमलोग आपके फैसले का विरोध करते हैं। साथ ही कहा, निशांत को सीएम बनाए, संजय झा को सीएम बनाए, ललन सिंह को सीएम बनाए, लेकिन किसी और को नहीं। इससे पहले सुबह दिल्ली में उनसे मिलने बिहार के बड़े नेता पहुंचे। JDU के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, राज्यसभा सांसद रामनाथ ठाकुर ने सुबह मुलाकात की। फिर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, मंत्री अशोक चौधरी और मदन सहनी ने मुलाकात की। इधर, केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद बनने पर सोशल मीडिया पर लिखा- “बिहार विल मिस यू नीतीश जी।” जबकि राजद प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा, आज से बिहार में उनकी सेवा समाप्त होती है। शपथ ग्रहण से जुड़ी तस्वीरें…. हम चाहते थे नीतीश कुमार प्रधानमंत्री के तौर पर रिटायर्ड हो: अखिलेश समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य बनने पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि मैं नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहता था। हम चाहते थे कि वे प्रधानमंत्री के तौर पर रिटायर्ड हों। इंडिया गठबंधन के बहुत सारे साथियों की यह कोशिश भी थी कि नीतीश कुमार देश के प्रधानमंत्री बनें। अब मुझे लगता है कि वे राज्यसभा सदस्य के तौर पर ही रिटायर्ड हो जाएंगे। आप सोचिए भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें कितना बड़ा धोखा दिया है। उनके लोगों के साथ कितना बड़ा धोखा किया गया है। खरमास के बाद बिहार में नई सरकार बताया जा रहा कि नीतीश कुमार शुक्रवार शाम को ही पटना लौटेंगे। 13 अप्रैल को कैबिनेट की अंतिम बैठक करेंगे। अगले दिन यानी 14 अप्रैल को सीएम नीतीश अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इसी दिन NDA विधायक दल की बैठक भी होगी, जिसमें नए सीएम पर मुहर लगेगी। गुरुवार को दिल्ली पहुंचने पर CM नीतीश ने कहा, ‘अब यहीं रहूंगा। बहुत समय तक यहां (दिल्ली) काम किया है, अब फिर से यहीं काम करूंगा। 20 सालों तक बिहार में बहुत काम किया है, आगे भी काम जारी रहेगा।” इस दौरान उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए कि वे दिल्ली में सक्रिय रहेंगे, लेकिन पटना आना-जाना भी जारी रहेगा।’ JDU से 2 डिप्टी CM हो सकते हैं JDU सूत्रों के अनुसार, एनडीए के मौजूदा फॉर्मूले को आगे बढ़ाया जाएगा। इस हिसाब से जदयू को पहली बार डिप्टी CM पद मिल सकता है। पार्टी के 2 डिप्टी सीएम हो सकते हैं। साथ ही विधानसभा स्पीकर पद भी JDU के पाले में होगा। जदयू सूत्रों के अनुसार, पार्टी के 2 डिप्टी CM में से एक निशांत कुमार का बनना लगभग तय है। ऐसे में बिहार में पार्टी का नेतृत्व निशांत के हाथों में होगा। नीतीश कुमार की शपथ और बिहार की सियासत से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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