आज शाम तक का मुख्य समाचार पत्र ✉ मैंने ऑक्सीजन की कमी देखी है, गैस सिलेंडर की कमी भी देखी है, लेकिन शराब की कमी आज तक नहीं देखी 😂👍💥
क्या आप जानते है इतनी बड़ी LPG शिप से LPG पोर्ट पर शिप से कैसे अनलोड की जाती है , यदि नहीं तो आज आप जानेंगे ये प्रोसेस कैसे किया जाता है ....
Tejraftarnews.in: *हिमाचल तीन दिन में होगी वार्डबंदी, 62 और पंचायतें बनेंगी; 25 मार्च तक रोस्टर होगा जारी*
*सरकार की तरफ से जिला उपायुक्तों और पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों को वार्डों की वार्डबंदी और रोस्टर पर काम करने को कहा गया है।*
हिमाचल प्रदेश में नई पंचायतें बनाने की रफ्तार थमने लगी है। सरकार की तरफ से जिला उपायुक्तों और पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों को वार्डों की वार्डबंदी और रोस्टर पर काम करने को कहा गया है। तीन दिन में नई पंचायतों की वार्डबंदी और 25 मार्च तक आरक्षण रोस्टर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। बुधवार को पंचायतीराज विभाग के सचिव सी. पालरासु ने जिला उपायुक्तों और पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों के साथ चुनाव तैयारियों को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंस की। अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार निर्धारित समय को देखते हुए प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया।
*नई पंचायत बनाने के लिए आए थे 800 आवेदन, 62 बनेंगी*
पंचायतीराज विभाग की तरफ से बताया गया कि विभाग के पास नई पंचायतें बनाने के लिए 800 आवेदन आए थे, जिसमें से 136 पंचायतें बना दी गई हैं जबकि 62 पंचायतें बनाने के लिए लोगों से आपत्ति और सुझाव मांगे गए हैं। तीन दिन के भीतर लोगों को आपत्तियां और सुझाव देने को कहा गया है। पंचायतीराज विभाग के सचिव सी. पालरासु ने सभी जिला उपायुक्तों से फीडबैक भी लिया। उन्होंने सभी स्थानों पर पंचायत चुनाव की प्रक्रिया को तेजी से निपटाने का निर्देश दिया गया है। शिमला 19, सिरमौर 2, कुल्लू 6, मंडी 17, कांगड़ा दो, किन्नौर 4, लाहौल-स्पीति 2, चंबा एक, सोलन 2, ऊना 5 और बिलासपुर में दो नई पंचायतें बनाने का प्रस्ताव है। इसके लिए आपत्ति और सुझाव मांगे हैं।
*नई पंचायतें बनाने से विभाग की बढ़ रही मुश्किलें*
हिमाचल में नई पंचायतें बनाए जाने से पंचायतीराज विभाग और जिला उपायुक्तों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। विभाग नई पंचायतों को बनाने का काम समेटने में लगा है लेकिन सरकार की तरफ से नई पंचायतों को बनाने के लिए कार्यालय में आवेदन पहुंच रहे हैं। हालांकि, बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के चलते नई पंचायतें बनाने के लिए अब समय नहीं है।
*बीड़ को नगर पंचायत, रोहडू, नारकंडा के कुछ क्षेत्र निकार्यों में मर्ज*
प्रदेश सरकार ने बीड़ को नगर पंचायत घोषित कर दिया है जबकि रोहडू़, नारकंडा और ऊना के कुछ एरिया को निकायों में शामिल किया है। शहरी विकास विभाग ने बुधवार को इसकी अधिसूचना जारी की है। हिमाचल में पंचायतीराज संस्थाओं के साथ साथ शहरी निकायों के भी चुनाव होने हैं। ऐसे में विभाग की ओर से पंचायतों के एरिया को निकायों में शामिल किया जा रहा है।
Tejraftarnews.in: *5600 पदों के लिए 12 हजार शिक्षकों ने किया आवेदन, याचिकाकर्ता भी हैं आवेदक*
*संयुक्त शिक्षक संघ की ओर से दायर याचिका पर हाईकोर्ट की खंडपीठ सुनवाई करेगी। इस मामले में होने वाले फैसले पर प्रदेश के हजारों शिक्षकों की नजरें टिकी हुई हैं।*
हिमाचल प्रदेश में सरकारी सीबीएसई स्कूलों के लिए शिक्षकों की चयन प्रक्रिया पर गुरुवार को हाईकोर्ट में अहम सुनवाई होगी। संयुक्त शिक्षक संघ की ओर से दायर याचिका पर हाईकोर्ट की खंडपीठ सुनवाई करेगी। इस मामले में होने वाले फैसले पर प्रदेश के हजारों शिक्षकों की नजरें टिकी हुई हैं। इसी प्रक्रिया के तहत 22 मार्च को प्रस्तावित परीक्षा आयोजित होनी है। शिक्षा विभाग ने प्रदेश के चयनित सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पैटर्न लागू करने के लिए सेवारत शिक्षकों से आवेदन आमंत्रित किए थे। इस प्रक्रिया के तहत करीब 5600 पदों के लिए लगभग 12 हजार शिक्षकों ने आवेदन किया है। चयन के लिए लिखित परीक्षा आयोजित करने का कार्यक्रम तय किया गया है। संयुक्त शिक्षक संघ ने चयन प्रक्रिया के कुछ प्रावधानों और परीक्षा प्रणाली को लेकर आपत्ति जताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
*परीक्षा चयन का आधार नहीं होना चाहिए: याचिकाकर्ता*
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि परीक्षा चयन का आधार नहीं होना चाहिए। हालांकि याचिका दायर करने वाले कई शिक्षक स्वयं भी इस भर्ती प्रक्रिया के आवेदक हैं। याचिका में चयन के मानदंडों और परीक्षा व्यवस्था को लेकर उठाए गए सवालों पर अदालत से हस्तक्षेप की मांग की गई है। ऐसे में गुरुवार को होने वाली सुनवाई के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि 22 मार्च को प्रस्तावित परीक्षा तय कार्यक्रम के अनुसार होगी या चयन प्रक्रिया में कोई बदलाव किया जाएगा। शिक्षा विभाग का कहना है कि सीबीएसई पैटर्न पर आधारित स्कूलों के माध्यम से सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत चयनित शिक्षकों को इन स्कूलों में तैनात किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुरूप बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके।
*कठिन क्षेत्रों में काम कर चुके शिक्षकों का स्थानांतरण करना सरकार की जिम्मेदारी*
वहीं प्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई कर्मचारी कठिन या जनजातीय क्षेत्र में अपना निर्धारित कार्यकाल पूरा कर लेता है, तो उसे वहां से स्थानांतरित करना सरकार की जिम्मेदारी है। कोर्ट ने कहा कि यदि ऐसा नहीं किया जाता, तो इन क्षेत्रों में नियुक्ति को सजा के रूप में देखा जाने लगेगा। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने कहा है कि यदि कर्मचारियों को यह भरोसा नहीं होगा कि कार्यकाल पूरा होने के बाद उनका तबादला कर दिया जाएगा, तो कठिन क्षेत्रों में कोई भी स्वेच्छा से सेवा नहीं देना चाहेगा। समय पर स्थानांतरण न होने से इन क्षेत्रों में नियुक्तियों को पनिशमेंट पोस्टिंग माना जाने लगेगा। कठिन क्षेत्रों में कार्यकाल पूरा करने वाले शिक्षकों का स्थानांतरण सजा नहीं, बल्कि अधिकार है।
न्यायालय ने 31 जनवरी के आदेश को रद्द करते हुए प्रतिवादी शिक्षा विभाग और सरकार को निर्देश दिया है कि चार सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता को उनके वर्तमान स्थान से स्थानांतरित कर किसी अन्य क्षेत्र में तैनात किया जाए और उनकी जगह किसी नए व्यक्ति की नियुक्ति की जाए। वहीं अदालत में राज्य सरकार ने दलील दी कि याचिकाकर्ता का तबादला इसलिए नहीं किया गया क्योंकि इससे उनके बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती थी। हालांकि, अदालत ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि विभाग का यह रवैया मनमाना है। याचिकाकर्ता शिक्षक जो कि वर्तमान में मंडी जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कठोग में तैनात हैं। उन्होंने अपनी याचिका में बताया कि उन्होंने इस कठिन क्षेत्र में अपना सामान्य कार्यकाल पूरा कर लिया है, फिर भी विभाग ने 31 जनवरी 2026 को एक आदेश जारी कर उनके तबादले के अनुरोध को खारिज कर दिया था। याची ने इसी आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर अदालत में यह फैसला दिया है।
Tejraftarnews.in: *ओपन होने वाली पंचायतों में नहीं लगेगा नया रोस्टर, जानें क्या है पूरा प्लान*
*प्रदेश में वर्ष 2015 और 2020 में हुए पंचायत चुनाव में जो पंचायतें आरक्षित रहीं, उन्हें इस बार ओपन किया जा रहा है।*
हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2015 और 2020 में हुए पंचायत चुनाव में जो पंचायतें आरक्षित रहीं, उन्हें इस बार ओपन किया जा रहा है। शेष पंचायतों में चुनाव करवाने के लिए नया आरक्षण रोस्टर लागू किया जाएगा। पंचायतीराज विभाग का एक विंग इस पर काम कर रहा है। इसके बाद उपायुक्तों को इस फार्मूला पर रोस्टर जारी करने के निर्देश जारी होंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने भी पंचायतीराज विभाग को आरक्षण रोस्टर तैयार कर 31 मार्च तक उपलब्ध कराने को कहा है। आयोग का कहना है कि रोस्टर उपलब्ध होने के बाद ही चुनाव प्रक्रिया से संबंधित आगामी कार्रवाई को अंतिम रूप दिया जाएगा।
*प्रधान पदों के लिए ऐसे होगा आरक्षण का निर्धारण*
पंचायत प्रधान पदों के लिए आरक्षण का निर्धारण रोस्टर प्रणाली के आधार पर किया जाता है। इसमें महिला, अनुसूचित जाति और अन्य श्रेणियों के लिए सीटें निर्धारित की जाती हैं। जिन पंचायतों में पिछले दो कार्यकालों में आरक्षण लागू रहा है, उन्हें इस बार सामान्य श्रेणी में रखा जाएगा, ताकि आरक्षण का संतुलन बना रहे। प्रदेश में पंचायतों के पुनर्गठन और नई पंचायतों के गठन की प्रक्रिया भी जारी है। अब तक राज्य में 136 नई पंचायतों का गठन किया जा चुका है। नई पंचायतों के गठन के कारण कई मौजूदा पंचायतों की सीमाओं में भी बदलाव हुआ है, इसके चलते रोस्टर की प्रक्रिया को नए सिरे से तैयार किया जा रहा है।
*चुनाव प्रक्रिया में किसी तरह की देरी नहीं होगी*
आयोग का मानना है कि समय पर रोस्टर उपलब्ध होने से चुनाव प्रक्रिया में किसी तरह की देरी नहीं होगी। उधर, प्रदेश में पंचायत चुनावों को समय पर करवाने को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। रोस्टर फाइनल होने के बाद पंचायत चुनावों की अधिसूचना जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्द सिंह ने कहा कि नई पंचायतों के गठन के साथ-साथ आरक्षण रोस्टर पर काम किया जा रहा है।
*62 के लिए मांगे हैं आपत्ति और सुझाव*
शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायतों की संख्या 3713 हो चुकी है। अभी 62 और नई पंचायतों को लेकर जनता से आपत्ति और सुझाव मांगे गए हैं। सरकार का दावा है कि अब हिमाचल में अब और पंचायतें गठित करने के लिए आवेदनों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
*नई पंचायतें बनने से और बैलेट पेपर की होगी छपाई*
हिमाचल प्रदेश में नई पंचायतें बनने से अब और बैलेट पेपर की छपाई होगी। इसके साथ ही अतिरिक्त मतदाता बॉक्स का इंतजाम करना होगा। अतिरिक्त कर्मचारियों और अधिकारियों की ड्यूटी लगेगी।
Tejraftarnews.in: *लड़के-लड़कियों के स्कूल मर्ज करने पर सरकार का यू टर्न, विरोध के बाद जारी की संशोधित अधिसूचना*
*मंडी और बिलासपुर के सह शिक्षा स्कूल फिर अलग कर दिए हैं। कुल्लू के दो स्कूलों की बोर्ड संबद्धता बदली गई है। धर्मशाला में अब बाल स्कूल को लीड स्कूल बनाया गया है।*
हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रदेश के कई वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के मर्जर और बोर्ड संबद्धता को लेकर जारी अपने पहले के आदेशों में यू टर्न ले लिया है। मंडी और बिलासपुर के सह-शिक्षा स्कूल फिर अलग कर दिए हैं। कुल्लू के दो स्कूलों की बोर्ड संबद्धता बदली गई है। धर्मशाला में अब बाल स्कूल को लीड स्कूल बनाया गया है। स्कूलों के मर्जर और बोर्ड संबद्धता को लेकर हुए विरोध के बाद शिक्षा विभाग ने बुधवार को संशोधित अधिसूचना जारी की। सरकार ने पीएम श्री मुख्यमंत्री आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (बाल) बिलासपुर और राजकीय बालिका वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर को एक ही सह-शिक्षा विद्यालय में मिलाने के पहले के फैसले को रद्द कर दिया है। अब दोनों स्कूल स्वतंत्र रूप से संचालित होंगे।
नई व्यवस्था के तहत पीएम श्री मुख्यमंत्री आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (बाल) बिलासपुर को पीएम श्री मुख्यमंत्री आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर (लीड स्कूल) के रूप में पुनर्गठित किया गया है और इसे सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध किया गया है। वहीं राजकीय बालिका वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर पहले की तरह अलग स्कूल रहेगा और इसकी संबद्धता हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से होगी। मंडी में भी मर्जर का फैसला बदला गया है। पीएम श्री आदर्श (बालिका) वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मंडी और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय(बाल) स्कूल मंडी को एक सह-शिक्षा स्कूल में मिलाने के फैसले को वापस ले लिया गया है। अब दोनों संस्थान अलग-अलग कार्य करेंगे। नई व्यवस्था के अनुसार पीएम श्री आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मंडी की संबद्धता शिक्षा बोर्ड से होगी।
जबकि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मंडी (लीड स्कूल) को सीबीएसई बोर्ड से जोड़ा गया है। कुल्लू के दो स्कूलों की बोर्ड संबद्धता बदली गई है। नई अधिसूचना के अनुसार शहीद श्री बालकृष्ण राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुल्लू अब सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध होगा। जबकि पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुल्लू की संबद्धता एचपी बोर्ड से होगी। सरकार ने यह भी आदेश दिया है कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (बाल) धर्मशाला को लीड स्कूल माना जाएगा। यह पहले प्रस्तावित पीएम श्री राजकीय (बालिका) वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धर्मशाला के साथ मर्ज होकर बनने वाले संस्थान के लिए लागू होगा और इसे सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध किया जाएगा।
*नालागढ़ में बालक-बालिका स्कूल होंगे सह-शिक्षा*
सरकार ने बालक और बालिका सरकारी स्कूलों को सह-शिक्षा स्कूलों में बदलने का भी निर्णय लिया है। इसके तहत पीएम श्री राजकीय आदर्श बाल वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल नालागढ़ का नाम बदलकर पीएम श्री राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल नालागढ़ किया गया है, जिसकी संबद्धता सीबीएसई से रहेगी। वहीं राजकीय बालिका वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल नालागढ़ को सह-शिक्षा स्कूल में बदलते हुए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल नालागढ़ नाम दिया गया है और यह शिक्षा बोर्ड से संबद्ध रहेगा।
Tejraftarnews.in: *एसीएस को एसटीए, परिवहन निदेशक को आरटीए अध्यक्ष के पद से हटाने के आदेश*
*न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर व न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने 29 मई 2023 को जारी उस अधिसूचना को रद्द कर दिया है, जिसके तहत इन नियुक्तियों को वैध बताया गया था।*
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) को राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) और परिवहन निदेशक को क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) के अध्यक्ष पद से तुरंत हटाने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर व न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने 29 मई 2023 को जारी उस अधिसूचना को रद्द कर दिया है, जिसके तहत इन नियुक्तियों को वैध बताया गया था। अदालत ने दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से इन पदों पर काम नहीं करने का आदेश दिया है।
*अदालत ने प्रदेश सरकार को दिए ये आदेश*
अदालत ने प्रदेश सरकार को आदेश दिया है कि 31 मार्च तक एसटीए और आरटीए का पुनर्गठन कानून के अनुसार कर पात्र व निष्पक्ष व्यक्तियों को अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया जाए। नई नियुक्तियों तक प्राधिकरण के अन्य सदस्य केवल रोजमर्रा के जरूरी काम करेंगे, लेकिन वे रूट परमिट देने या नीतिगत निर्णय लेने का अधिकार नहीं रखेंगे। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि इन अधिकारियों की ओर से अब तक चेयरमैन के रूप में लिए गए फैसले भी अवैध नहीं माने जाएंगे, ताकि प्रशासनिक अव्यवस्था न फैले।
हालांकि, उन फैसलों को कानून के दायरे में अन्य आधार पर चुनौती दी जा सकती है। अदालत ने पाया कि ये दोनों अधिकारी हिमाचल पथ परिवहन निगम के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (बीओडी) में पदेन सदस्य हैं। मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 68(2) के अनुसार, कोई भी व्यक्ति जिसका किसी परिवहन उपक्रम (जैसे एचआरटीसी) में वित्तीय हित हो, वह निष्पक्षता के लिए एसटीए या आरटीए का सदस्य या अध्यक्ष नहीं बन सकता। अदालत ने माना कि एचआरटीसी के निदेशक के रूप में इन अधिकारियों का संस्थान के वित्तीय प्रबंधन और जवाबदेही से सीधा संबंध है, जो उन्हें इस पद के लिए अयोग्य बनाता है।
याचिकाकर्ता आनंद मोदगिल ने 29 मई 2023 की उस सरकारी अधिसूचना को चुनौती दी थी, जिसके तहत परिवहन सचिव को एसटीए और परिवहन निदेशक को प्रदेश के सभी आरटीए का चेयरमैन नियुक्त किया गया था। चूंकि, एचआरटीसी एक सरकारी उपक्रम है और निजी ऑपरेटरों के साथ प्रतिस्पर्धा करता है, इसलिए इन अफसरों का राज्य परिवहन प्राधिकरण और क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण का अध्यक्ष होना कानूनन गलत है।
*निजी ऑपरेटरों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन*
खंडपीठ ने कहा कि परिवहन प्राधिकरणों को निष्पक्ष होना चाहिए। खंडपीठ ने यह टिप्पणी की कि यदि सरकारी उपक्रम चलाने वाले अधिकारी ही रूट परमिट देने या निजी ऑपरेटरों पर कार्रवाई करने वाली संस्था के अध्यक्ष होंगे, तो पक्षपात की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता। यह निजी ऑपरेटरों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।
*न्यायिक नियुक्तियों और सुविधाओं की फाइलें कैबिनेट में अटकीं*
प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य में न्यायिक बुनियादी ढांचे और नियुक्तियों में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) की अगली सुनवाई में अदालत में तलब किया है। संबंधित अधिकारी की ओर से 5 जनवरी को दायर हलफनामे की समीक्षा के बाद अदालत ने असंतोष व्यक्त करते हुए यह आदेश दिया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावलिया और न्यायाधीश जिया लाल भारद्वाज की खंडपीठ ने पाया कि हालांकि रजिस्ट्रार जनरल को 3,54,00,000 रुपये की राशि प्रदान कर दी गई है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कई महत्वपूर्ण निर्णय अभी भी मंत्रिपरिषद के पास लंबित हैं।
लॉ क्लर्क-कम-रिसर्च असिस्टेंट (लॉ इंटर्न) के 20 पद, सिविल जजों के 34 नए न्यायालय और उनके सहायक कर्मचारी,अतिरिक्त जिला जज हमीरपुर, जोगिंदर नगर और नालागढ़ में तीन नए पद, जिला एवं सत्र न्यायाधीशों के लिए नियमित भर्ती के माध्यम से जजमेंट राइटर का एक पद पर अभी भी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। कोर्ट ने इस बात पर भी चिंता जताई कि जिला न्यायपालिका के लिए 13 वाहनों की मंजूरी का मामला 19 अगस्त 2025 से लंबित पड़ा है। अदालत ने टिप्पणी की कि दो महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी जिम्मेदारियों को केवल एक विभाग से दूसरे विभाग पर टाला जा रहा है।खंडपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे 31 मार्च को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
Tejraftarnews.in: *ओपन होने वाली पंचायतों में नहीं लगेगा नया रोस्टर, जानें क्या है पूरा प्लान*
*प्रदेश में वर्ष 2015 और 2020 में हुए पंचायत चुनाव में जो पंचायतें आरक्षित रहीं, उन्हें इस बार ओपन किया जा रहा है।*
हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2015 और 2020 में हुए पंचायत चुनाव में जो पंचायतें आरक्षित रहीं, उन्हें इस बार ओपन किया जा रहा है। शेष पंचायतों में चुनाव करवाने के लिए नया आरक्षण रोस्टर लागू किया जाएगा। पंचायतीराज विभाग का एक विंग इस पर काम कर रहा है। इसके बाद उपायुक्तों को इस फार्मूला पर रोस्टर जारी करने के निर्देश जारी होंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने भी पंचायतीराज विभाग को आरक्षण रोस्टर तैयार कर 31 मार्च तक उपलब्ध कराने को कहा है। आयोग का कहना है कि रोस्टर उपलब्ध होने के बाद ही चुनाव प्रक्रिया से संबंधित आगामी कार्रवाई को अंतिम रूप दिया जाएगा।
*प्रधान पदों के लिए ऐसे होगा आरक्षण का निर्धारण*
पंचायत प्रधान पदों के लिए आरक्षण का निर्धारण रोस्टर प्रणाली के आधार पर किया जाता है। इसमें महिला, अनुसूचित जाति और अन्य श्रेणियों के लिए सीटें निर्धारित की जाती हैं। जिन पंचायतों में पिछले दो कार्यकालों में आरक्षण लागू रहा है, उन्हें इस बार सामान्य श्रेणी में रखा जाएगा, ताकि आरक्षण का संतुलन बना रहे। प्रदेश में पंचायतों के पुनर्गठन और नई पंचायतों के गठन की प्रक्रिया भी जारी है। अब तक राज्य में 136 नई पंचायतों का गठन किया जा चुका है। नई पंचायतों के गठन के कारण कई मौजूदा पंचायतों की सीमाओं में भी बदलाव हुआ है, इसके चलते रोस्टर की प्रक्रिया को नए सिरे से तैयार किया जा रहा है।
*चुनाव प्रक्रिया में किसी तरह की देरी नहीं होगी*
आयोग का मानना है कि समय पर रोस्टर उपलब्ध होने से चुनाव प्रक्रिया में किसी तरह की देरी नहीं होगी। उधर, प्रदेश में पंचायत चुनावों को समय पर करवाने को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। रोस्टर फाइनल होने के बाद पंचायत चुनावों की अधिसूचना जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्द सिंह ने कहा कि नई पंचायतों के गठन के साथ-साथ आरक्षण रोस्टर पर काम किया जा रहा है।
*62 के लिए मांगे हैं आपत्ति और सुझाव*
शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायतों की संख्या 3713 हो चुकी है। अभी 62 और नई पंचायतों को लेकर जनता से आपत्ति और सुझाव मांगे गए हैं। सरकार का दावा है कि अब हिमाचल में अब और पंचायतें गठित करने के लिए आवेदनों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
*नई पंचायतें बनने से और बैलेट पेपर की होगी छपाई*
हिमाचल प्रदेश में नई पंचायतें बनने से अब और बैलेट पेपर की छपाई होगी। इसके साथ ही अतिरिक्त मतदाता बॉक्स का इंतजाम करना होगा। अतिरिक्त कर्मचारियों और अधिकारियों की ड्यूटी लगेगी।
Tejraftarnews.in: *हिमाचल प्रदेश विधानसभा के माननीय अध्यक्ष आदरणीय श्री कुलदीप सिंह पठानियां जी के 12, 13 और 14 मार्च 2026 के सभी प्रोग्राम खराब मौसम को देखते हुए स्थगित कर दिए गए हैं।*
Tejraftarnews.in: *नहीं खुलेगा हॉर्मुज का रास्ता, दुनिया भर में जारी तेल संकट के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर का बयान*
दुनिया भर में जारी तेल संकट के बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई का बड़ा बयान
अमरीका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग से दुनिया भर में आया तेल संकट और गहराने के आसार बन गए हैं, क्योंकि ईरान ने तेल सप्लाई के लिए जरूरी हॉर्मुज स्ट्रेट का खोलने से साफ इनकार कर दिया है। ईरान के नए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई ने पद संभालने के बाद अपने पहले बयान में कहा कि मौजूदा हालात में होर्मुज स्ट्रेट का रास्ता नहीं खोला जाएगा। उन्होंने अमरीका को चेतावनी देते हुए कहा कि मिडल ईस्ट में मौजूद अमरीकी सैन्य अड्डों को बंद किया जाना चाहिए, नहीं तो उन पर हमले जारी रहेंगे। मुजतबा ने अमरीका और इजराइल को चेतावनी दी है कि उन्हें ईरान पर किए गए हमलों की ‘भरपाई’ करनी होगी। हालांकि उन्होंने इन दोनों देशों का नाम नहीं लिया और उन्हें सिर्फ ‘दुश्मन’ कहा। उन्होंने कहा कि हम दुश्मन से नुकसान की भरपाई मांगेंगे। अगर हमें यह भरपाई नहीं मिली, तो उन्होंने हमारे जितना नुकसान किया है, उतना ही हम उनकी संपत्ति को तबाह करेंगे। मुजतबा ने कहा कि ईरान अपने पड़ोसी देशों के साथ दोस्ती चाहता है और उसका निशाना सिर्फ उन देशों में मौजूद अमरीकी सैन्य अड्डे हैं। उन्होंने इन देशों से अपील की कि वे हमलावरों के खिलाफ अपना रुख साफ करें और अपने यहां मौजूद अमरीकी सैन्य अड्डों को ‘जल्द से जल्द’ बंद कर दें। इसी बीच जंग के 12वें दिन इजराइल ने दावा किया है कि उसकी वायुसेना ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े एक महत्त्वपूर्ण ठिकाने पर हमला किया है। यह हमला तेहरान के दक्षिण-पूर्व में स्थित पारचिन सैन्य परिसर के तालेघान साइट पर किया गया।
इजरायली सेना के मुताबिक लड़ाकू विमानों ने इस परिसर को निशाना बनाया, जिसे ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम की क्षमताओं को आगे बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। इजरायल ने लेबनान पर भी हमले जारी रखे हैं। लेबनान में इजराइली हमले में मरने वालों की संख्या बढक़र 687 हो गई है। मरने वालों में 98 बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा 15 डाक्टर और बचावकर्मी भी मारे गए हैं। 45 लोग घायल हुए हैं। इसी बीच हिजबुल्लाह ने इजरायल पर गुरुवार को 150 से ज्यादा मिसाइलें दागी हैं और अब तक युद्ध से दूर रहे यमन के हूती विद्राहियों ने भी इजरायल की तरफ अपनी मिसाइलों का मुंह खोल दिया है। उधर, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्र्स ने दावा किया है कि उसने ‘ट्रू प्रॉमिस-4’ ऑपरेशन के तहत मिसाइलों और ड्रोन की 42वीं खेप दागी है। यह हमला लब्बैक या खामेनेई कोड के साथ किया गया। इसमें इमाद, कद्र, खैबर-शेकेन और फतह मिसाइलों के साथ ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। ईरान का कहना है कि इस हमले में तेल अवीव और क्षेत्र में मौजूद अमरीकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया गया। कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गुरुवार सुबह कई ड्रोन से हमला हुआ। ईरान के साथ चल रहे युद्ध के कारण फिलहाल कुवैत का हवाई क्षेत्र बंद कर दिया गया है। हवाई अड्डे पर पहले ही कॉमर्शियल उड़ानों को रोक दिया गया था और देश का एयरस्पेस भी बंद है।
इराक की बंदरगाह पर अमरीकी तेल टैंकर पर हमला एक भारतीय नाविक की मौत, 15 सवार बचाए गए
मुंबई। इराक के बंदरगाह ‘खोर अल जुबैर’ पर अमरीकी तेल टैंकर ‘एमटी सेफसी विष्णु’ पर चल रही शिप-टू-शिप कार्गो लोङ्क्षडग ऑपरेशन के हुए हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई और 15 अन्य सुरक्षित हैं। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अधीन नौवहन महानिदेशालय, मुंबई की गुरुवार को जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है। इसमें कहा गया है कि यह घटना 11 मार्च को रात में हुई। यह तेल टैंकर इराक के बसरा के पास था और भारतीय समयानुसार रात अढ़ाई बजे इस टैंकर को निशाना बनाया गया।
Tejraftarnews.in: *जो जाना चाहता है, जा सकता है, किसी को रोक नहीं सकते, थर्ड फ्रंट के सवाल पर नादौन में बोले CM सुक्खू*
Sukhu Sarkar ke teen saal :
कहा, आरडीजी बंद होने पर क्यों चुप है भाजपा
प्रदेश में फिलहाल एलपीजी की कोई किल्लत नहीं है
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश में थर्ड फ्रंट के गठन की अटकलों को लेकर कहा कि जो जाना चाहता है, जा सकता है। किसी को जबरदस्ती रोक तो नहीं सकते। पार्टी बनाने का सभी को लोकतांत्रिक अधिकार है। मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही कहा कि मुझे समझ नहीं आता प्रदेश भाजपा आरडीजी बंद होने पर चुप क्यों है। यह ग्रांट हिमाचल प्रदेश को वर्ष 1952 से मिलती रही है। इसके बंद होने से प्रदेश का प्रति वर्ष आठ से दस करोड़ रुपया कट गया है। हिमाचल के हितों की बात पर भाजपा ने चुप्पी साध रखी है तथा हम हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हंै। हमारी अभी दो साल और सरकार प्रदेश में है तथा लोकहित के काम निरंतर जारी रहेंगे। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के रोबोटिक सर्जरी के ऊपर दिए बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि रोबोटिक सर्जरी एम्स की तर्ज पर हिमाचल में उपलब्ध करवाई गई है, लेकिन नेता प्रतिपक्ष मुख्यमंत्री रहते हुए नेरचौक मेडिकल कॉलेज में एक एमआरआई मशीन तक स्थापित नहीं कर पाए थे। उन्होंने कहा कि भाजपा व पूर्व मुख्यमंत्री हिमाचल के विकास को लेकर पूरी तरह से कुंठाग्रस्त हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को उच्च स्तरीय करने पर बल दिया जा रहा है, ताकि आम जनता को भी इसका लाभ मिल सके। वहीं मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि प्रदेश में फिलहाल मौजूदा समय में एलपीजी गैस की कोई किल्लत नहीं है।
गैस की किल्लत होने पर सरकार हर संभव कदम उठाएगी। नादौन डिग्री कालेज में देरी से पहुंचने पर छात्रों द्वारा इंतजार करने पर आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा में आधुनिक और गुणवत्ता को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है, जिसके तहत नादौन डिग्री कालेज में स्मार्ट क्लासेस डिजिटल लाइब्रेरी बहुउद्देशीय भवन का शिलान्यास किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि जून माह से मेडिकल कालेज में कक्षाएं शुरू की जाएंगी। हमीरपुर मेडिकल कालेज में मल्टी सुपर स्पेशलिटी सुविधा उपलब्ध करवाई। इसके साथ ही डेंटल कालेज की कवायद शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री नादौन विधानसभा के दो दिवसीय दौर पर पहुंचे हैं।
Tejraftarnews.in : *शहरी विकास को केंद्र से मांगी विशेष सहायता, नई दिल्ली में केंद्रीय विद्युत मंत्री खट्टर से मिले विक्रमादित्य सिंह*
पहाड़ी राज्यों के लिए अलग मानदंड बनाने की उठाई मांग
विक्रमादित्य सिंह ने नई दिल्ली में केंद्रीय विद्युत, आवास और शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर हिमाचल प्रदेश के शहरी विकास और लोक निर्माण विभाग से जुड़ी परियोजनाओं के लिए विशेष केंद्रीय सहायता की मांग उठाई। संसद भवन में हुई इस बैठक में राज्य की शहरी विकास प्राथमिकताओं और महत्त्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की पर्वतीय भौगोलिक स्थिति, नाजुक पर्यावरणीय संतुलन और बिखरी हुई आबादी के कारण यहां सडक़ों, जलापूर्ति, सीवरेज और अन्य नागरिक सुविधाओं का निर्माण मैदानी राज्यों की तुलना में अधिक महंगा और चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि केंद्र से मिलने वाले अधिकांश फंड जनसंख्या और क्षेत्रफल जैसे मानकों पर आधारित होते हैं, जो पहाड़ी राज्यों की वास्तविक जरूरतों को पूरी तरह नहीं दर्शाते।
बैठक में उन्होंने अमृत 2.0 और स्वच्छ भारत मिशन (अर्बन ) के तहत हिमाचल के लिए केंद्रीय आवंटन बढ़ाने की मांग भी रखी। उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण पीडब्लयूडी परियोजनाओं के लिए विशेष केंद्रीय सहायता का अनुरोध किया, जिससे शहरों तक पहुंच बेहतर होगी। इसके साथ ही उन्होंने जठिया देवी परियोजना और हिम-चंडीगढ़ कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट जैसी योजनाओं के लिए भी केंद्र से सहयोग मांगा।
केंद्रीय मंत्री का आश्वासन
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने हिमाचल सरकार द्वारा उठाए गए मुद्दों को सकारात्मकता के साथ सुना और आश्वासन दिया कि पहाड़ी राज्यों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इन मांगों पर उचित विचार किया जाएगा। मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल के सभी शहरों में बेहतर सडक़ संपर्क, भरोसेमंद बुनियादी सुविधाएं और आधुनिक डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
TRN LIVE: *CBSE स्कूलों में दो महीने में उपलब्ध होंगे सभी अध्यापक, CM बोले, लेक्चरर-असिस्टेंट लेक्चरर के पद भरेगी सरकार*
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में 140 स्कूलों को सीबीएसई पाठ्यक्रम आधारित किया जा रहा है और अगले दो महीनों के भीतर इन स्कूलों में सभी विषयों के अध्यापक उपलब्ध करवा दिए जाएंगे। इन स्कूलों के छात्रों के लिए अलग ड्रेस कोड भी निर्धारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में जल्द ही लेक्चरर के 400 और असिस्टेंट लेक्चरर के 400 पद भरे जाएंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में गुणात्मक शिक्षा के मामले में हिमाचल प्रदेश 21वें स्थान पर पहुंच गया था। हमने व्यवस्था परिवर्तन किया और आज हम पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने डा. वाई एस परमार विद्यार्थी ऋण योजना आरंभ की, जिसके तहत उच्च शिक्षा के लिए छात्रों को 20 लाख रुपए तक का ऋण एक प्रतिशत की दर पर दिया जा रहा है। साथ ही इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत विधवा महिलाओं के बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च भी राज्य सरकार प्रदान कर रही है। अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के रुप में अपनाया गया है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने साइंस कॉलेज हमीरपुर के लिए 20 करोड़ रुपए देने की घोषणा भी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमीरपुर में कैंसर अस्पताल के लिए 300 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। यहां सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक भी स्थापित किया जाएगा और 100 करोड़ रुपए की लागत से मदर एंड चाइल्ड अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सर्वाइकल कैंसर से बेटियों के बचाव के लिए पूरे प्रदेश में एचपीवी का टीकाकरण किया जा रहा है। प्रदेश सरकार देश की पहली न्यूट्रीशन पॉलिसी लेकर आ रही है।
भ्रष्टाचार के दरवाजे बंद
मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के चोर दरवाजों को बंद करके 3800 करोड़ रुपए अर्जित किए। पिछली भाजपा सरकार को आरडीजी और जीएसटी कंपनसेशन के रूप में 70 हजार करोड़ रुपए मिले, जबकि हमें आरडीजी के रुप में सिर्फ 17 हजार करोड़ रुपए मिले। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार प्रदेश के लोगों के अधिकार की लड़ाई लड़ रही है।
ओपीएस से कभी पीछे नहीं हटेगी कांग्रेस सरकार
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पुरानी पेंशन योजना को बंद करने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह फैसला राजनीतिक लाभ के लिए नहीं किया है, बल्कि इसका उद्देश्य कर्मचारियों का बेहतर भविष्य सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ओपीएस से कभी पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा हम डरने वाले नहीं है। हम हर चुनौती को युद्ध की तरह लड़ते हैं। हमने राजनीतिक चुनौती का भी सामना किया और अब आर्थिक चुनौती का भी डटकर सामना कर रहे हैं।
प्रदेश में स्वास्थ सुविधाओं को किया जा रहा और सुदृढ़
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के बाद राज्य सरकार की दूसरी प्राथमिकता स्वास्थ्य क्षेत्र है। प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी शिमला में 19 साल पुरानी एमआरआई मशीन लगी हुई थी, जहां अब राज्य सरकार ने थ्री टेस्ला मशीन लगाई गई है। उन्होंने कहा कि एम्स दिल्ली की तर्ज पर सभी मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में आदर्श स्वास्थ्य संस्थान बनाए गए हैं, जहां स्पेशलिस्ट डॉक्टर उपलब्ध करवाए गए हैं।
TRNLIVE: *गैस सिलेंडर लेकर हिमाचल पहुंची 84 गाडिय़ां, केंद्र के आदेश, सिर्फ इन उपभोक्ताओं को दी जाएगी सप्लार्ई*
प्रदेश में रसोई गैस की किल्लत के बीच गुरुवार को प्रदेश के सभी जिलों के 84 गाडिय़ां गैस सिलेंडर की सप्लाई लेकर पहुंची है। इन गाडिय़ों में 25 हजार 315 गैस सिलेंडर हैं। रसोई गैस की किल्लत के बीच देश में घरेलू गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने देश में घरेलू रसोई गैस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संशोधित आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार रिफाइनरियां इन गैस स्ट्रीम का इस्तेमाल पेट्रोकेमिकल उत्पाद या अन्य डाउनस्ट्रीम उत्पाद बनाने के लिए नहीं कर सकेंगी। कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि इस एलपीजी की आपूर्ति केवल घरेलू उपभोक्ताओं को ही की जाए। आदेश का उल्लंघन करने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और पेट्रोलियम उत्पाद (उत्पादन, भंडारण और आपूर्ति) आदेश, 1999 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य आपूर्ति विभाग ने कहा है कि प्रदेश में सिलेंडर का पर्याप्त मात्रा में स्टॉक उपलब्ध है, ऐेसे में गैस बुकिंग के लिए पैनिक हों। उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडर की सप्लाई मंगवाई जा रही है। खाद्य आपूर्ति विभाग के निदेशक राम कुमार गौतम ने बताया कि प्रदेश में गुरुवार को पेखूबेला, मैहतपुर, बद्दी से गैस सिलेंडर की सप्लाई लेकर 84 गाडिय़ां प्रदेश के विभिन्न जिलों में भेजी गई हैं। राम कुमार गौतम ने कहा कि गैस सिलेंडर की अवैध डंपिंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गैस की सप्लाई को लेकर अधिकारियों को सख्त दिशा निर्देश दिए गए हैं।
12 जिलों के लिए भेजे 25 हजार 315 गैस सिलेंडर
गैस सप्लाई की गाडिय़ों में प्रदेश के 12 जिलों के लिए 25 हजार 315 गैस सिलेंडर भेजे गए हैं। इसमें बिलासपुर जिला के 684, चंबा के लिए 1314, हमीरपुर के लिए 2052, कांगड़ा के लिए 5016, कुल्लू के लिए 1710, मंडी के लिए 4740, शिमला के 4669, सिरमौर के 1368, सोलन के लिए 2052 और ऊना के लिए 1710 गैस सिलेंडर की सप्लाई भेजी गई है।
Tejraftarnews.in: *पंजाब के युवक-युवती से पकड़ा चिट्टा, पुलिस टीम ने नशे की खेप के साथ जुब्बल में किए गिरफ्तार*
शिमला पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जुब्बल क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए पंजाब के युवक और युवती को चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के पास से करीब 44.15 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी इस नशीले पदार्थ को जुब्बल और रोहड़ू क्षेत्र के युवाओं को बेचने की फिराक में थे। पुलिस के अनुसार यह मामला गुरुवार को गुप्त सूचना के आधार पर सामने आया। सूचना मिलने के बाद थाना जुब्बल की पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान उनके कब्जे से कुल 44.15 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान संदीप सिंह (26) पुत्र गुरमाइज सिंह निवासी गांव डोनेमट्टर, तहसील गुरुहर्सहाय जिला फिरोजपुर, पंजाब और अमनप्रीत कौर (29) पत्नी मलकीत सिंह निवासी गांव मत्तर हियार, तहसील गुरुहर्सहाय जिला फिरोजपुर, पंजाब के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी पंजाब से हिमाचल आए थे और यहां चिट्टे की खेप को स्थानीय युवाओं को बेचने की योजना बना रहे थे। दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना जुब्बल में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21, 25 और 29 के तहत मामला दर्ज किया है। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों आरोपियों को गुरुवार को अदालत में पेश किया जा रहा है, जहां से आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अभियान में आम जनता की भूमिका
हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों से चिट्टे की तस्करी को लेकर पुलिस और प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। राज्य के अलग-अलग जिलों में समय-समय पर नशे के खिलाफ अभियान चलाया जाता है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाती है। इस बीच शिमला पुलिस ने लोगों से भी सहयोग की अपील की है। पुलिस का कहना है कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में आम जनता की भूमिका भी अहम है। अगर किसी को अपने आसपास नशे से जुड़ी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।
Tejraftarnews.in: *Himachal News : हिमाचल सरकार संभालेगी एनएच के कुछ हिस्से, केंद्रीय मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना*
नेशनल हाइवे के रखरखाव के लिए केंद्रीय मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना, राज्य के सीमावर्ती मार्ग रहेंगे बीआरओ के पास
हिमाचल में नेशनल हाइवे के कुछ हिस्सों की मरम्मत और रखरखाव कार्य केंद्र ने राज्य सरकार को ट्रांसफर कर दिए हैं। सडक़, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। हालांकि प्रदेश के सीमावर्ती और रणनीतिक महत्त्व वाले मार्ग पूर्व की तरह बॉर्डर रोड आर्गेनाइजेशन के पास ही रहेंगे। मंत्रालय ने नेशनल हाई-वे एक्ट 1956 की धारा-5 के तहत यह नोटिफिकेशन की है। सडक़, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने वर्ष 2005 की अधिसूचना में संशोधन करते हुए हिमाचल प्रदेश में मौजूद नेशनल हाइवे के निर्माण, मरम्मत और रखरखाव से जुड़े कार्यों को राज्य सरकार को सौंपा है। जारी आदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग-3 के कई हिस्सों का उल्लेख किया गया है। इसके तहत नादौन से हमीरपुर तक लगभग 26 किलोमीटर का मार्ग, मंडी से कुल्लू और कुल्लू से मनाली तक करीब 106 किलोमीटर का हिस्सा तथा मनाली से केलांग होते हुए हिमाचल-लद्दाख सीमा तक लगभग 187 किलोमीटर लंबे मार्ग के इस खंड को छोड़ कर अन्यों की व्यवस्था राज्य सरकार के हवाले की है।
इसी प्रकार राष्ट्रीय राजमार्ग-303 के रानीताल से नादौन तक करीब 31.40 किलोमीटर लंबे हिस्से को छोडक़र अन्य हिस्सों को भी इस व्यवस्था में शामिल किया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-305 के कुछ हिस्सों का रखरखाव भी राज्य सरकार के जिम्मे रहेगा। हालांकि पावरी से चीनी होते हुए शिपकिला के पास भारत-तिब्बत सीमा तक का हिस्सा पहले से ही बीआरओ को सौंपा गया है और इसे नई व्यवस्था से बाहर रखा गया है।
इन सडक़ों का काम भी राज्य सरकार के हवाले
राष्ट्रीय राजमार्ग-105 के हरियाणा-हिमाचल सीमा से नालागढ़ तक के खंड को छोडक़र अन्य भाग को राज्य सरकार को जिम्मा दिया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-7 के पांवटा साहिब से हिमाचल-उत्तराखंड सीमा तक के हिस्से में कुछ खंडों को अलग रखते हुए बाकी हिस्सों के कार्य राज्य सरकार के माध्यम से करवाने का प्रावधान अधिसूचना के तहत किया गया है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय राजमार्ग-503ए, 505ए, 705, 707, 907ए और 154 ए के हिमाचल प्रदेश में स्थित हिस्सों से जुड़े निर्माण, मरम्मत और रखरखाव के कार्य भी राज्य सरकार के माध्यम से किए जाएंगे। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार को राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के सभी प्रावधानों और नियमों का पालन करना होगा। दरअसल राष्ट्रीय राजमार्ग देश के प्रमुख सडक़ मार्ग होते हैं, जो अलग-अलग राज्यों, शहरों और महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों को जोड़ते हैं। इनका स्वामित्व और नीति निर्धारण केंद्र सरकार के अधीन रहता है, लेकिन कई मामलों में इनके निर्माण और रखरखाव के कार्य राज्य सरकारों या अन्य एजेंसियों को सौंपे जाते हैं।
Tejraftarnews.in: *Manimahesh : दुकानें लगाने को ADM से अनुमति, हड़सर-मणिमहेश मार्ग पर कारोबार के लिए परमिशन जरूरी*
चंबा के भरमौर स्थित मणिमहेश झील हिंदुओं और शिव भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र है
मणिमहेश यात्रा के दौरान हड़सर से मणिमहेश मार्ग में लगने वाली दुकानों की अनुमति एडीएम आफिस से लेना अनिवार्य होगा। श्रीमणिमहेश ट्रस्ट के अंतर्गत आने वाले मंदिरों में क्यूआर कोड स्थापित होगा, ताकि श्रद्धालु ऑनलाइन माध्यम से दान दे सकें। ये निर्णय गुरुवार को लघु सचिवालय पट्टी के सभागार में श्रीमणिमहेश ट्रस्ट की बैठक में कार्यवाहक एडीएम विकास शर्मा की अध्यक्षता में लिए गए। बैठक के दौरान एडीएम ने विशेष रूप से राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा मणिमहेश यात्रा के आयोजन संबंधित दिशा-निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने बारे विस्तारपूर्वक चर्चा कर महत्त्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने एनजीटी के निर्देशानुसार वन मंडल अधिकारी भरमौर व वन्य प्राणी विभाग को श्रीमणिमहेश यात्रा के आधिकारिक यात्रा व अन्य समय पर श्रद्धालुओं, ट्रैकिंग पर जाने वाले यात्रियों और उस समय होने वाली व्यवसायिक गतिविधियों को नियंत्रण करने के निर्देश दिए।
एडीएम ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को एनएच 154-ए बग्गा से भरमौर, हड़सर से गुई नाला रोड, हड़सर से डल झील पैदल रस्ते, भरमाणी पैदल रास्ते, हेलिपेड भरमौर और गौरीकुंड, भरमौर-हड़सर रोड, हड़सर-भरमौर वाया चौबिया, भरमौर-भरमाणी वाया घराडू और भरमौर भरमाणी वाया मलकौता मार्ग की मरम्मत करने के निर्देश दिए। बैठक में अधिशाषी अभियंता जल शक्ति विभाग विजय नाग, आरएफओ वाइल्ड लाइफ मनोज कुमार, कनिष्ठ अभियंता बीडीओ कार्यालय संदीप कुमार, श्रीमणिमहेश ट्रस्ट के मेंबर सुमन कुमार, रंजीत कुमार व कुलदीप सिंह उपस्थित रहे।
Tejraftarnews.in : *बाहरी प्राइवेट वोल्वो के खिलाफ प्रदर्शन, एचआरटीसी चालक-परिचालक यूनियन ने अवैध पार्किंग को लेकर खोला मोर्चा*
हिमाचल में बाहरी राज्यों से आने वाली निजी बसों को लेकर प्रदेश भर में बवाल हो रहा है। देश के कई बाहरी राज्यों से शिमला पहुंच रही प्राइवेट वोल्वो द्वारा शहर में जगह जगह अवैध रूप से की गई पार्किंग को लेकर एचआरटीसी ड्राइवर कंडक्टर यूनियन ने मोर्चा खोल दिया है। यूनियन के बैनर तले ड्राइवरों और कंडक्टरों ने गुरुवार को पुराना बस स्टैंड शिमला में जोरदार प्रदर्शन किया और इसके विरोध में बस स्टैंड में चक्का जाम भी किया। इस दौरान जाम के चलते कई रूटों पर देरी से भी बसें चली। यूनियन का आरोप है कि बाहरी राज्यों से आने वाली वोल्वो बसें शहर में सडक़ किनारे और एचआरटीसी की निर्धारित पार्किंग जगहों पर खड़ी कर दी जाती हैं, जिससे निगम की बसों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
धरना प्रदर्शन के दौरान एचआरटीसी ड्राइवर यूनियन के अध्यक्ष मानसिंह ठाकुर कहा कि इस समस्या को लेकर करीब एक सप्ताह पहले निगम प्रबंधन, उपायुक्त शिमला और एस.पी को अवगत कराया गया था, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि शिमला में क्रॉसिंग से लेकर लालपानी तक सुबह 4 बजे से देर रात तक बाहरी राज्यों की वोल्वो बसें एचआरटीसी की पार्किंग जगहों पर खड़ी कर दी जाती हैं। मान सिंह ने कहा कि यह बसें जगह. जगह से सवारियां उठाती है जिसका एचआरटीसी को भी नुकसान उठाना पड़ता है। ठाकुर ने कहा कि बीते कई महीनों से बाहरी राज्यों से हिमाचल में बसों का प्रवेश जारी है और ऐसे में निगम की बसों के लिए निर्धारित स्थान पर इन निजी बसों को खड़ा करना निगम के चालक परिचालकों को परेशान कर रहा है। निजी बसों की पार्किंग से निगम की बसों को कहीं भी बसें लगाने की जगह नहीं मिल रही है। मान सिंह ठाकुर ने कहा कि लंबी दूरी से आने वाली एचआरटीसी बसों को निजी बसों के कारण जगह तक नहीं मिलती, जिससे उन्हें परेशानी झेलनी पड़ती है।
TRN LIVE: *दांत निकालने को छह माह बाद की डेट, अर्की सिविल अस्पताल में डाक्टरों ने बिना जांच बुजुर्ग के हाथ थमा दी पर्ची*
जिला के सिविल अस्पताल अर्की में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर एक अनोखा कारनामा सामने आया है। इस अस्पताल में अपना दांत निकलवाने गए एक वरिष्ठ नागरिक को डाक्टरों ने बिना किसी जांच के ही छह माह बाद की डेट थमा दी। इससे मरीज में काफी रोष है और उसने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, अर्की विधायक से चिकित्सकों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इतना ही नहीं पीडि़त ने अपनी परेशानी को देखते हुए केस करने तक की धमकी भी दे डाली है।
कोर्ट से सेवानिवृत्त हुए अर्की की बड़ोग पंचायत निवासी 66 वर्षीय शंकर लाल शर्मा ने बताया कि वह जब ओपीडी के कमरे में पहुंचे तो वहां पर एक पुरुष व एक महिला चिकित्सक मौजूद थी। उन्होंने पर्ची देते हुए अपनी समस्या इन चिकित्सकों को बताई, लेकिन हैरानी इस बात की है कि चिकित्सकों ने उनके दांत का कोई परीक्षण नहीं किया और उन्हें पर्ची पर 22 सितंबर, 2026 की डेट डालकर तय तिथि पर आने को कहा।
उन्होंने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री व अर्की विधायक से इस मामले को गंभीरता से लेने की अपील की है। उन्होंने इनसे मांग की कि इस तरह के चिकित्सकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
TRN LIVE: *क्रूड ऑयल संकट के बीच ट्रंप बोले, जब भी तेल की कीमतें बढ़ती हैं, हम बहुत पैसा बनाते हैं*
पश्चिम एशिया में ईरान, अमरीका और इजरायल के बीच जारी जंग की वजह से पूरा वैश्विक ऊर्जा बाजार संकट की स्थिति में है। कच्चे तेल की कीमतें लगाातर बढ़ती जा रही हैं और तमाम देशों के तेल के जहाज इस वक्त होर्मुज स्ट्रेट के आस पास फंसे हुए हैं। ऐसी स्थिति के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि जब भी वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो अमरीका खूब पैसा बनाता है। इसलिए अभी उनका ध्यान तेल की कीमतों पर नहीं, बल्कि ईरान को परमाणु हथियार लेने से रोकने पर है।
ट्रंप ने कहा कि अभी ईरान को रोकना उनके लिए ज्यादा जरूरी काम है वैश्विक बाजार में बढ़ती तेल कीमतों को लेकर अमरीका पर उठते सवालों और दुनिया भर के देशों की परेशानी का जवाब ट्रंप ने एक पोस्ट के जरिए दिया। उन्होंने सोशल मीडिया साइट ट्रूथ सोशल पर लिखा, संयुक्त राज्य अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है, इसलिए जब तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो हमें बहुत लाभ होता है। लेकिन राष्ट्रपति के रूप में मेरे लिए कहीं अधिक महत्वपूर्ण और रुचिकर मुद्दा ईरान जैसे दुष्ट साम्राज्य को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।
ऊर्जा संकट से निपटने के लिए अमरीका का बड़ा कदम भंडार से जारी करेगा 17.2 करोड़ बैरल कच्चा तेल
न्यूयॉर्क। ईरान में जंग छेडक़र अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शायद उस चिंगारी को भडक़ा दिया है, जो खुद उनके घर को झुलसाने लगी है। मिडल ईस्ट में जारी जंग ने तेल की कीमतों में ऐसी आग लगाई है कि खुद अमरीका के लोग परेशान हो गए हैं। ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच बढ़ती तेल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए अमरीका ने अपने रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व से 17.2 करोड़ बैरल तेल बाजार में जारी करने की घोषणा की है।
Tejraftarnews.in: *एयर चीफ मार्शल ने मिग-29 से अकेले भरी उड़ान, सैनिकों का मनोबल बढ़ाया, सैन्य ताकत का शानदार प्रदर्शन*
भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने गुरुवार को एक प्रमुख सीमावर्ती एयरबेस से मिग-29 (यूपीजी) मल्टी-रोल लड़ाकू विमान में अकेले उड़ान भरकर देश की सैन्य ताकत और ऑपरेशनल तैयारी का शानदार प्रदर्शन किया। वायुसेना प्रमुख के इस साहसी कदम का उद्देश्य अग्रिम मोर्चों पर तैनात सैनिकों का मनोबल बढ़ाना और आधुनिक तकनीक से लैस भारतीय बेड़े की क्षमताओं को परखना था। अपनी उड़ान के बाद एयर चीफ मार्शल ने बेस पर तैनात अधिकारियों और भारतीय वायुसेना के पूर्व सैनिकों से विस्तृत बातचीत की। उन्होंने इस दौरान वायुसेना की ऑपरेशनल तैयारी, लड़ाकू क्षमताओं और किसी भी आकस्मिक चुनौती से निपटने के लिए ‘फॉरवर्ड बेस’ पर मिशन की तैयारियों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि वायुसेना हर पल देश की सीमाओं की रक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। बता दें कि मिग-29 सोवियत यूनियन द्वारा निर्मित एक अत्यंत शक्तिशाली द्वि-इंजन लड़ाकू विमान है। भारतीय वायुसेना के बेड़े में इसे 1980 के दशक में शामिल किया गया था।
इसे मूल रूप से अमरीकी एफ-16 लड़ाकू विमान का मुकाबला करने के लिए डिजाइन किया गया था। वायुसेना ने हाल के वर्षों में अपने मिग-29 बेड़े को यूपीजी वर्जन में बदला है। नई एवियोनिक्स, आधुनिक राडार और हवा में ही ईंधन भरने की क्षमता ने इसे और भी घातक बना दिया है। यह चौथी जनरेशन का विमान हवा से हवा, हवा से जमीन और सटीक गोला-बारूद दागने में सक्षम है। इसका एक वेरिएंट भारतीय नौसेना द्वारा भी इस्तेमाल किया जाता है। वायुसेना प्रमुख द्वारा अकेले विमान उड़ाना यह संदेश देता है कि भारतीय नेतृत्व न केवल तकनीकी रूप से दक्ष है, बल्कि अग्रिम मोर्चों पर खुद कमान संभालने के लिए तैयार है। मिग-29 की अपग्रेडेड क्षमताओं के साथ भारतीय वायुसेना अब और भी अधिक मारक और सटीक हो गई है।
Tejraftarnews.in: *शुभमन गिल पर बीसीसीआई मेहरबान, राहुल द्रविड़ को प्रतिष्ठित लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार*
क्रिकेटर ऑफ द ईयर अवॉर्ड मिलेगा, राहुल द्रविड़ को प्रतिष्ठित लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल को क्रिकेटर ऑफ द ईयर अवॉर्ड से सम्मानित करेगा। वहीं, पूर्व भारतीय खिलाड़ी और हैड कोच राहुल द्रविड़ को कर्नल सीके नायडू लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, 15 मार्च को दिल्ली में बीसीसीआई का एनुअल अवॉर्ड प्रोग्राम होगा। इस दौरान आयुष म्हात्रे को लाला अमरनाथ अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। म्हात्रे की कप्तानी में भारत इसी साल की शुरुआत में अंडर-19 वनडे वल्र्ड कप अपने नाम किया था। भारतीय महिला टीम की पूर्व कप्तान मिताली राज को भी लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा घरेलू क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए मुंबई एसोसिएशन को बेस्ट क्रिकेट एसोसिएशन का पुरस्कार दिया जाएगा। हालांकि अब तक इसे लेकर बीसीसीआई के तरफ से कोई ऑफिशियल बयान नहीं आया है।
गिल पिछले साल तीनों फॉर्मेट के टॉप स्कोरर
साल 2025 में भारतीय कप्तान गिल का प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 983 रन बनाए, जिसमें इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई सीरीज में 70 से ज्यादा की औसत से बनाए गए 754 रन शामिल थे। वनडे में भी गिल ने 490 रन बनाए और भारत के आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीतने में अहम भूमिका निभाई। कुल मिलाकर उन्होंने सभी फॉर्मेट में 49 की औसत से 1764 रन बनाए, जिसमें सात शतक और तीन अद्र्र्धशतक शामिल रहे।
द्रविड़ ने भारत को 2024 में टी-20 वल्र्ड चैंपियन बनाया
द्रविड़ को टेस्ट क्रिकेट के महान बल्लेबाजों में गिना जाता है, उन्होंने टेस्ट में 13,288 और वनडे में 10,889 रन बनाए। कोच के रूप में उनके कार्यकाल में भारत ने आईसीसी टूर्नामेंटों में अच्छा प्रदर्शन किया, जिसमें टीम वनडे वल्र्ड कप के फाइनल तक पहुंची और 2024 का टी-20 वल्र्ड कप भी जीता। द्रविड़ ने साल 2012 में क्रिकेट से रिटायरमेंट के बाद इंडिया अंडर-19 टीम की कमान भी संभाली और शुभमन गिल व पृथ्वी शॉ जैसे खिलाडिय़ों वाली टीम को साल 2018 में खिताब दिलाया।
मिताली राज के नाम कई बड़े रिकॉर्ड
मिताली राज का इंटरनेशनल करीब 23 साल का रहा। उन्होंने 1999 में 16 साल की उम्र में आयरलैंड के खिलाफ वनडे से इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया और जून 2022 में संन्यास लिया। मिताली ने 232 वनडे मैचों में रिकॉर्ड 7805 रन बनाए, जो वूमंस क्रिकेट में सबसे ज्यादा हैं। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 12 मैचों में 699 रन बनाए और 214 रन की पारी खेलकर दोहरा शतक लगाने वाली पहली भारतीय और सबसे युवा महिला खिलाड़ी बनीं। उन्होंने बतौर कप्तान 2004 से 2022 तक भारतीय टीम का नेतृत्व किया और उनकी अगवाई में भारत 2005 और 2017 के वूमंस वनडे वल्र्ड कप के फाइनल तक पहुंचा।
TRN LIVE: *T20 WC जीतने के बाद ट्रेन से मुंबई पहुंचे दुबे, छिपकर किया सफर, पत्नी ने टीटीई से छिपाई पहचान*
अपर बर्थ पर छिपकर सफर किया पत्नी ने टीटीई से छिपाई पहचान
टी-20 वल्र्ड कप जीतने के बाद भारतीय ऑलराउंडर शिवम दुबे ट्रेन से मुंबई पहुंचे। उन्होंने अहमदाबाद-मुंबई सायाजी एक्सप्रेस की एसी-3 टियर कोच में अपर बर्थ पर छिपकर सफर किया, ताकि कोई उन्हें पहचान न सके। सफर के दौरान जब टिकट चेकर ने नाम को लेकर सवाल किया तो उनकी पत्नी अंजुम ने तुरंत बात संभालते हुए उनकी पहचान भी छिपा ली। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में फाइनल जीतने के बाद दुबे सोमवार सुबह करीब 5:10 बजे की ट्रेन से मुंबई रवाना हुए। उन्होंने पहचान छिपाने के लिए कैप, मास्क और फुल स्लीव टी-शर्ट पहनी। ट्रेन में बैठते ही वह एसी-3 टियर कोच की ऊपर वाली बर्थ पर जाकर लेट गए और रेलवे कंबल ओढ़ लिया, ताकि कोई पहचान न सके।
सफर के दौरान टिकट चेकर को दुबे के नाम पर शक हुआ। जब टीटीई ने पूछा कि शिवम दुबे कौन है, क्या वह क्रिकेटर है?, तब उनकी पत्नी अंजुम ने तुरंत जवाब दिया कि ऐसा कोई यहां नहीं है। इसके बाद टिकट चेकर आगे बढ़ गया और दुबे की पहचान छिपी रही। दुबे ने बताया कि फाइनल के बाद मुंबई जाने वाली सभी फ्लाइट्स फुल थीं। सडक़ मार्ग से जाना भी संभव था, लेकिन ट्रेन ज्यादा तेज विकल्प था। वह जल्द से जल्द अपने चार साल के बेटे अयान और दो साल की बेटी मेहविश से मिलना चाहते थे, जो मुंबई में घर पर थे। करीब आठ घंटे के सफर के बाद जब ट्रेन मुंबई के बोरीवली स्टेशन पहुंचने वाली थी, तो दुबे को भीड़ की चिंता होने लगी। उन्होंने पुलिस से मदद मांगी। पुलिस एस्कॉर्ट मिलने के बाद वह सुरक्षित तरीके से स्टेशन से बाहर निकल सके।
Tejraftarnews.in: *Result : Revaluation-Re-checking का रिजल्ट आउट, यहां देखें परिणाम*
Post Code-962 Result :
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला ने सितंबर 2025 में आयोजित दसवीं तथा जमा दो एसओएस की परीक्षाओं के रीवैल्यूएशन और रि-चैकिंग के परिणाम गुरुवार को घोषित कर दिए गए है। एसओएस रीवैल्यूएशन व रिचेकिंग के रिजल्ट विद्यार्थी ऑनलाइन माध्यम से बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।
डा. मेजर विशाल शर्मा ने कहा कि रीवैल्यूएशन व रि-चैकिंग के परिणाम विद्यार्थी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। बोर्ड ने विद्यार्थियों से अपील की है कि वे आधिकारिक वेबसाइट और बोर्ड के अधिकृत स्रोतों पर ही भरोसा करें।
Tejraftarnews.in: *हिमाचल के HAS अधिकारी अक्षय सूद बने IAS*
हिमाचल के एचएएस अधिकारी अक्षय सूद को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में प्रमोट किया गया है। केंद्र सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने इसकी नोटिफिकेशन जारी कर दी है। हिमाचल प्रदेश राज्य सिविल सेवा के अधिकारी अक्षय सूद को सिलेक्ट लिस्ट 2024 के तहत आईएएस नियुक्त किया गया है।
इस साल एक ही वैकेंसी आईएएस में आने के लिए थी। यह नियुक्ति पहली जनवरी 2024 से 31 दिसंबर 2024 के बीच उत्पन्न रिक्तियों के आधार पर की गई है। उन्हें फिलहाल प्रोबेशन पर आईएएस में नियुक्त किया गया है और हिमाचल प्रदेश कैडर ही आबंटित किया गया है।
Tejraftarnews.in: *पांच साल से अधिक अनुपस्थित रहने पर लेक्चरर सेवा से बर्खास्त*
शिक्षा विभाग ने अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई करते हुए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तीस्सा, जिला चंबा में तैनात बायोलॉजी की लेक्चरर को सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया है। जानकारी के अनुसार छह सितंबर 2019 को विद्यालय में अपनी नियुक्ति के बाद ज्वाइनिंग दी थी, लेकिन रिकॉर्ड के मुताबिक उन्होंने मात्र तीन दिन ही ड्यूटी दी। इसके बाद वह लगातार अवकाश पर चली गईं और फिर दोबारा विद्यालय में ड्यूटी पर नहीं लौटीं। मामले की जांच के लिए विभागीय स्तर पर जांच प्रक्रिया शुरू की गई। जांच में पाया गया कि संबंधित लेक्चरर पांच साल से अधिक समय तक बिना अनुमति के ड्यूटी से अनुपस्थित रहीं। विभागीय जांच में उनकी अनाधिकृत अनुपस्थिति और गंभीर कदाचार के आरोप सिद्ध पाए गए।
सख्त कार्रवाई
जांच रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए अर्चना शर्मा को तत्काल प्रभाव से सरकारी सेवा से बर्खास्त करने के आदेश जारी कर दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि लंबे समय तक अनुपस्थित रहने के मामले में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
Tejraftarnews.in: *जालंधर में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की बड़ी करवाई, डेढ़ किलो हेरोइन के साथ दबोचे दो तस्कर*
जालंधर में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की कार्रवाई, पिस्तौल और मोटरसाइकिल बरामद
पंजाब के जालंधर में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने बड़ी करवाई करते हुए फिल्मी अंदाज में दो नशा तस्करों को काबू किया है। बताया जा रहा है कि आरोपियों के पास से पुलिस ने एक किलो 564 ग्राम हेरोइन, एक अवैध पिस्तौल और मोटरसाइकिल बरामद किया है। घटना जालंधर-फगवाड़ा रोड पर पटवारी ढाबे के पास की बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि यहां आरोपी नशे की सप्लाई देने के लिए पहुंचे थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान 26 वर्षीय जसकरण सिंह निवासी गांव मुच्छल, अमृतसर और 29 वर्षीय जगजीत सिंह निवासी चमकौर साहिब, रूपनगर के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की टीम गुप्त सूचना के आधार पर घटनास्थल पर दोनों आरोपियों को दबोचने पहुंची थी, लेकिन जब पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकडक़र अपनी गाड़ी में बैठाया तो आरोपी पुलिस की गाड़ी लेकर ही मौके से फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने उनका पीछा किया और गाड़ी पर दो राउंड फायर भी किए। इसमें से एक गोली गाड़ी के टायर पर, जबकि दूसरी गोली कार की बॉडी पर लगी।
इसके बाद कहीं जाकर पुलिस ने आरोपियों को अपनी हिरासत में ले लिया और दोनों को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि जसकरण 10वीं पास है और पहले पाठी का काम करता था। वहीं, जगजीत 12वीं पास और बेरोजगार है। दोनों ने जल्दी अमीर बनने और नशा तस्करी में मोटी कमाई के लालच में इस काले धंधे को अपनाया है। पुलिस अब दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपियों से यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि वे नशे की यह खेप कहां से लाए थे और उनके नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं।
Tejraftarnews.in: *नालागढ़ के स्कूलों में सहशिक्षा लागू, सरकार ने मंडी-बिलासपुर में बालक-बालिका स्कूल अलग करने का भी लिया फैसला*
राज्य सरकार ने बालक और बालिका सरकारी स्कूलों को सह-शिक्षा स्कूलों में बदलने का भी निर्णय लिया है। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अब पीएमश्री राजकीय आदर्श बाल वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल नालागढ़ का नाम बदलकर पीएमश्री राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल नालागढ़ किया गया है, जिसकी संबद्धता सीबीएसई से रहेगी। राजकीय बालिका वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल नालागढ़ को सह-शिक्षा स्कूल में बदलते हुए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल नालागढ़ नाम दिया गया है और यह शिक्षा बोर्ड से संबद्ध रहेगा। मंडी और बिलासपुर के सह-शिक्षा स्कूल फिर अलग कर दिए हैं। सरकार ने पीएमश्री मुख्यमंत्री आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (बाल) बिलासपुर और राजकीय बालिका वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर को एक ही सह-शिक्षा विद्यालय में मिलाने के पहले के फैसले को बदलकर दोनों स्कूलों को स्वतंत्र रूप से संचालित करने के निर्देश दिए हैं।
सरकार के निर्णय के तहत पीएमश्री मुख्यमंत्री आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (बाल) बिलासपुर को पीएमश्री मुख्यमंत्री आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर (लीड स्कूल) के रूप में पुनर्गठित किया गया है और इसे सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध किया गया है। राजकीय बालिका वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर पहले की तरह अलग स्कूल रहेगा और इसकी संबद्धता स्कूल शिक्षा बोर्ड से होगी। पीएमश्री आदर्श (बालिका) वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मंडी और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (बाल) स्कूल मंडी को एक सह-शिक्षा स्कूल में मिलाने के फैसले को वापस ले लिया गया है।
कुल्लू के दो स्कूलों की बोर्ड संबद्धता बदली
कुल्लू के दो स्कूलों की बोर्ड संबद्धता बदली गई है। शहीद श्रीबालकृष्ण राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुल्लू अब सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध होगा। जबकि पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुल्लू की संबद्धता एचपी बोर्ड से होगी। सरकार ने यह भी आदेश दिया है कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (बाल) धर्मशाला को लीड स्कूल माना जाएगा। यह पहले प्रस्तावित पीएम श्री राजकीय (बालिका) वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धर्मशाला के साथ मर्ज होकर बनने वाले संस्थान के लिए लागू होगा और इसे सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध किया जाएगा।
Tejraftarnews.in: *तीसरे मोर्चे की बंद कमरे में तलाश, घुमारवीं में पूर्व मंत्री मार्कंडेय की गुप्त बैठक, स्थानीय नेताओं से चर्चा*
घुमारवीं के एक निजी होटल में पूर्व मंत्री एवं लाहुल-स्पीति के पूर्व विधायक डा. रामलाल मार्कंडेय की गुप्त बैठक ने सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। प्रदेश की राजनीति में तीसरे विकल्प को लेकर सक्रिय मार्कंडेय इन दिनों हिमाचल के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर संभावनाएं टटोल रहे हैं। इसी कड़ी में उनका घुमारवीं दौरा भी खासा चर्चा में रहा। सूत्रों के अनुसार घुमारवीं शहर के एक निजी होटल में मार्कंडेय ने घुमारवीं क्षेत्र के कुछ स्थानीय नेताओं के साथ बंद कमरे में बैठक की। बैठक के दौरान क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों, आगामी विधानसभा चुनावों और तीसरे राजनीतिक मोर्चे की संभावनाओं को लेकर चर्चा हुई।
बताया जा रहा है कि डा. रामलाल मार्कंडेय प्रदेश की सभी 68 विधानसभा सीटों पर संभावित उम्मीदवारों की तलाश में जुटे हुए हैं। इसी रणनीति के तहत वह विभिन्न क्षेत्रों में जाकर स्थानीय नेताओं और प्रभावशाली व्यक्तियों से मुलाकात कर रहे हैं, ताकि तीसरे विकल्प के लिए मजबूत चेहरे सामने लाए जा सकें। घुमारवीं में भी संभावित प्रत्याशी की तलाश और क्षेत्र की राजनीतिक स्थिति को लेकर मंथन किए जाने की चर्चा है। हालांकि बैठक को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन शहर में इस गुप्त बैठक को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि बंद कमरे में किन नेताओं से मुलाकात हुई।
Tejraftarnews.in: *एचपीएमसी ने कमाए 6.65 करोड़, निदेशक मंडल की बैठक में खुलासा, बागबानी विभाग का वार्षिक कारोबार 111 करोड़*
प्रदेश बागबानी विभाग का वार्षिक कारोबार लगभग 111 करोड़ रुपए रहा है और 6.65 करोड़ का शुद्ध लाभ अर्जित किया गया है। एचपीएमसी के निदेशक मंडल की 220वीं बैठक में यह जानकारी प्रदान की गई। बैठक गुरुवार को राजस्व, बागबानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में आयोजित हुई निदेशक मंडल को वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए एचपीएमसी के वार्षिक लेखा के बारे में अवगत करवाया गया। रणनीतिक योजना और प्रोजेक्ट डिवेलपमेंट को सुदृढ़ करने के लिए, निदेशक मंडल ने एचपीएमसी के उपाध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा की अध्यक्षता में एक उप-समिति बनाने को स्वीकृति प्रदान की।
यह समिति मार्केटिंग प्लान बनाने, निगम की खाली पड़ी जमीन और कम इस्तेमाल हो रही सपंत्तियों के विकास के तरीके खोजने पर ध्यान केंद्रित करेगी ताकि राजस्व में वृद्धि के साथ-साथ वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ाया जा सके और मार्केटिंग नेटवर्क को सुदृढ़ किया जा सके। इसके साथ फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज के बारे में सुझाव भी प्राप्त किए जा सकें। बागबानी मंत्री ने बागवानी क्षेत्र की प्रगति के लिए निगम के मार्केटिंग नेटवर्क, इंफ्रास्ट्रक्चर और किसान-केंद्रित प्रयासों को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में एचपीएमसी के उपाध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा, सचिव बागवानी सी पालरासू, एचपीएमसी के प्रबंध निदेशक विनय सिंह, निदेशक बागवानी सतीश शर्मा, विशेष सचिव वित्त विजय वर्धन, महाप्रबंधक एचपीएमसी सनी शर्मा आदि उपस्थित थे।
किसानों-बागबानों को लाभ
मंडी मध्यस्थता योजना के संबंध में बागबानों-किसानों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से भुगतान करने पर चर्चा की गई। बैठक में यह सुझाव दिया गया कि छोटे और जरूरतमंद किसानों 10-20 बैग एचएमओ स्प्रे ऑयल का प्रबंध किया जाए, ताकि उन्हें तुरंत राहत मिल सके। छोटे और जरूरतमंद किसानों के सही राजस्व रिकार्ड की जांच के बाद हर व्यक्ति के लिए पांच एचएमओ ड्रम देने को स्वीकृति प्रदान की गई।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0

