आज सुबह के 100 मुख्य समाचार पत्रों को कार्य करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें अयोध्या के राम राम जी भाई साहब क्या कर रही हैं तो आप को क्या हुआ जी आपको भी बहुत बहुत बधाई हो

“फेमस एक्टर Sadhu Kokila के भाई लाया कोकिला के साथ नज़र आईं नीता शर्मा और The Seven Deaths के प्रोड्यूसर लव शर्मा, बेंगलुरु में फिल्म के मुहूर्त के दौरान।”

Apr 18, 2026 - 11:28
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आज सुबह के 100 मुख्य समाचार पत्रों को कार्य करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें अयोध्या के राम राम जी भाई साहब क्या कर रही हैं तो आप को क्या हुआ जी आपको भी बहुत बहुत बधाई हो

Tejraftarnews1@gmail.com I have : *धरे रह गए सब आदर्शवाद- 60000 रुपए की रिश्वत लेते महिला SDM गिरफ्तार..*

राजस्थान के करौली जिले के नादौती में एंटी करप्शन ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई में SDM काजल मीणा, रीडर दिनेश कुमार सैनी और UDC प्रवीण धाकड़ को ₹60,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों किया गया है गिरफ्तार.....

जमीन के बंटवारे के मामले में मांगी गई थी यह रिश्वत.. ट्रैप के दौरान तीनों को कार्यालय से पकड़ा गया, 

कार्रवाई में रिश्वत की रकम के अलावा करीब ₹4 लाख नकद भी बरामद हुए, मामले की जांच जारी है...

एसडीएम काजल की अभी सिर्फ यह दूसरी पोस्टिंग ही थी और दूसरी पोस्टिंग में ही रिश्वत लेते धर ली गईं।

तेज रफ्तार न्यूज : करौली। जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नादौती की उपखंड अधिकारी (SDM) काजल मीणा को 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में एसडीएम के रीडर दिनेश सैनी और यूडीसी (क्लर्क) प्रवीण धाकड़ को भी एसीबी ने पकड़ा है। कार्रवाई के दौरान टीम ने आरोपियों के पास से 4 लाख रुपये की संदिग्ध नकदी भी बरामद की है। इस पूरे मामले ने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि सवाई माधोपुर एसीबी चौकी को एक परिवादी ने शिकायत दी थी कि उसकी भूमि की फाइनल डिक्री (तकसीम) जारी करने के बदले एसडीएम काजल मीना, अपने रीडर दिनेश सैनी के माध्यम से रिश्वत की मांग कर रही हैं। प्रारंभ में एक लाख रुपये की मांग की गई थी, जो बाद में 50 हजार रुपये पर तय हुई। सत्यापन के दौरान सामने आया कि रीडर ने 50 हजार रुपये एसडीएम के लिए और 10 हजार रुपये अपने लिए मांगे।

TRN LIVE : मुजफ्फरनगर में 13 अप्रैल की सभा के 11 दिन बाद ही जयंत चौधरी 25 अप्रैल को बागपत लोकसभा क्षेत्र में रैली करने जा रहे हैं। इसके बाद वह मेरठ में रैली कर सकते हैं।पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश यूपी में 2027 का सियासी खेल तेजी और रणनीति के मुताबिक खेला जा रहा है। एकाएक वेस्ट यूपी को राजनीतिक तौर पर बेस्ट बनाने के लिए राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह और उनकी पार्टी ज्यादा मुस्तैदी से जुट गई है। 

चौधरी जयंत एक तरह से बड़े चौधरी (अपने दादा चौधरी चरण सिंह) सरीखी सियासी चौधराहट की तमन्ना रखकर आगे बढ़ रहे हैं। मुजफ्फरनगर में 13 अप्रैल की सभा के 11 दिन बाद ही वह अब बागपत लोकसभा क्षेत्र की सिवाल खास सीट में 25 अप्रैल को रैली करेंगे। लगातार हो रही रैलियों को 2027 का रोडमैप तैयार करने वाला भी माना जा रहा है।

TRNDKB : सरकारी अस्पताल में रिश्वत का खुला खेल, नर्स का पैसे मांगते वीडियो वायरल

​प्रदेश सरकार जहां एक ओर सरकारी अस्पतालों में बेहतर और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं देने का दावा कर रही है, वहीं मुजफ्फरनगर के जिला अस्पताल से भ्रष्टाचार की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो सिस्टम की पोल खोलती नजर आ रही है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में अस्पताल की एक नर्स मरीज के तीमारदारों से खुलेआम पैसे मांगते और ऊपर तक बंदरबांट की बात स्वीकार करते हुए दिखाई दे रही है।

​मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला जिला अस्पताल की इमरजेंसी के ऊपर बने वार्ड का बताया जा रहा है। वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि स्टाफ रूम में मौजूद एक महिला स्वास्थ्य कर्मी (नर्स) मरीज को भर्ती करने और अन्य सुविधाओं के नाम पर तीमारदारों से मोलभाव कर रही है।

​वीडियो की सबसे हैरान करने वाली बात नर्स की बेबाकी है। जब तीमारदार पैसे देने की बात करते हैं, तो नर्स कहती है कि यह 200-300 रुपये अकेले मेरे नहीं हैं, यह सुबह से शाम तक की ड्यूटी वाले स्टाफ में बराबर बंटते हैं। किसी को 10 तो किसी को 20 रुपये मिलते हैं।

​यही नहीं, नर्स वीडियो में यह भी कहती सुनाई दे रही है

TRN LIVE : वेस्टर्न हाक 

खबर मुंडन की कलम से उगलता सच 

खबर विशेष बातचित मुख्य सम्पादक वेस्टर्न हाक के साथ 

सहारनपुर 

*स्टोरी: '

जाम से आजादी दो' - फायर ब्रिगेड से रिमाउंट डिपो तक फ्लाईओवर की मांग, डॉ. राव यास्मिन खान ने महापौर को सौंपा ज्ञापन*

*सहारनपुर।* घंटाघर से रिमाउंट डिपो तक लगने वाले रोज के जाम से निजात दिलाने के लिए *सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. राव यास्मिन खान* ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने *'राष्ट्रभक्त महापौर'* से मांग की है कि *फायर ब्रिगेड कार्यालय से रिमाउंट डिपो तक फ्लाईओवर* बनाया जाए। साथ ही शासन को *बड़ा प्रस्ताव भेजकर बजट स्वीकृत* कराने की मांग उठाई है।

*1. मांग क्यों? 3 बड़ी वजह*

1. *घंटों का जाम*: फायर ब्रिगेड चौराहा से रिमाउंट डिपो रोड शहर की सबसे व्यस्त सड़क है। स्कूल, अस्पताल, रेलवे स्टेशन जाने वाला पूरा ट्रैफिक यहीं फंसता है। एंबुलेंस तक 20-20 मिनट जाम में अटकी रहती है।

2. *दुर्घटना जोन*: नैरो रोड + हैवी ट्रैफिक + अतिक्रमण = रोज एक्सीडेंट। पिछले 1 साल में 12 से ज्यादा जानलेवा हादसे हो चुके हैं।

3. *फायर ब्रिगेड खुद फंसी*: आग लगने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी ही जाम में फंस जाती है। 2 किमी का सफर 25 मिनट में तय होता है। जान-माल का नुकसान बढ़ता है।

*2. डॉ. यास्मिन खान का प्रस्ताव क्या है?*

1. *फ्लाईओवर की लंबाई*: फायर ब्रिगेड कार्यालय से रिमाउंट डिपो तक करीब *1.8 किमी एलिवेटेड रोड*। 

2. *2 लेन अप-डाउन*: ऊपर से सीधा ट्रैफिक निकले, नीचे लोकल बाजार-सर्विस रोड चले। 

3. *लागत अनुमान*: PWD के पुराने DPR के हिसाब से *85-100 करोड़* का प्रोजेक्ट। 

4. *फायदा किसे*: रोज 2 लाख से ज्यादा लोग, 30 हजार वाहन, 5 स्कूल, 3 अस्पताल, रेलवे स्टेशन को सीधा लाभ।

*3. महापौर से क्या मांग की गई? 4 पॉइंट*

1. *बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास*: नगर निगम बोर्ड से फ्लाईओवर का प्रस्ताव पास कर शासन को भेजा जाए।

2. *शासन को DPR*: PWD से फिजिबिलिटी + DPR बनवाकर *मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना* या *CM-GRID* में बजट मांगा जाए।

3. *अतिक्रमण हटाओ*: फ्लाईओवर रूट पर PWD की जमीन पर हुए अतिक्रमण को चिन्हित कर हटाया जाए।

4. *जनसुनवाई*: प्रोजेक्ट से प्रभावित दुकानदारों की जनसुनवाई कराकर पुनर्वास प्लान बनाया जाए।

*4. 'राष्ट्रभक्त महापौर' के सामने चुनौती*

1. *बजट का जुगाड़*: नगर निगम के पास 100 करोड़ नहीं। *केंद्र की AMRUT 2.0 या राज्य स्मार्ट सिटी* फंड से पैसा लाना होगा।

2. *NOC का जंजाल*: रिमाउंट डिपो *सेना की जमीन* से सटा है। रक्षा मंत्रालय से NOC लेना सबसे बड़ा काम।

3. *ट्रैफिक डायवर्जन*: 2 साल निर्माण चलेगा। उस दौरान ट्रैफिक कहां से निकलेगा, इसका प्लान पहले बनाना होगा।

*5. जनता को क्या फायदा होगा?*

**अभी हालात** **फ्लाईओवर के बाद**

**30 मिनट का जाम** **3 मिनट में सफर**

**एंबुलेंस फंसी** **ग्रीन कॉरिडोर**

**पेट्रोल-बर्बादी** **रोज 10 हजार लीटर बचत**

**दुकानदारी ठप** **नीचे सर्विस रोड = व्यापार बढ़ेगा**

*6. आगे की राह क्या है?*

1. *महापौर का एक्शन*: ज्ञापन मिलने के बाद महापौर ने सिटी इंजीनियर से रिपोर्ट मांगी है। अगले बोर्ड में प्रस्ताव आ सकता है।

2. *सांसद-विधायक को जोड़ो*: डॉ. यास्मिन खान अब सांसद व विधायक से मिलकर *केंद्र-राज्य दोनों से बजट* की मांग करेंगी।

3. *जन आंदोलन*: अगर 3 महीने में फाइल नहीं बढ़ी तो *'जाम मुक्त सहारनपुर'* हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा।

*निचोड़: 'विकास चाहिए, जाम नहीं'*

सहारनपुर स्मार्ट सिटी में शामिल है, पर *फायर ब्रिगेड से रिमाउंट तक का जाम* उसे 'जाम सिटी' बना रहा है। डॉ. राव यास्मिन खान की *फ्लाईओवर की मांग* जायज है। 

अब गेंद *'राष्ट्रभक्त महापौर'* के पाले में है। प्रस्ताव शासन भेजेंगे या फाइल में धूल खाएगी, ये अगले 30 दिन में पता चल जाएगा।

*महापौर कार्यालय का पक्ष*: खबर लिखे जाने तक महापौर का आधिकारिक बयान नहीं मिला है। पक्ष मिलते ही जोड़ा जाएगा।

*डिस्क्लेमर*: स्टोरी जनहित की मांग पर आधारित है। प्रोजेक्ट की तकनीकी-वित्तीय स्वीकृति शासन के अधीन है।

*आपसे अपील*: क्या आप भी रोज इस जाम में फंसते हैं? 'हां' लिखकर कमेंट करो। 1000 कमेंट हुए तो महापौर तक जनता की आवाज जरूर पहुंचेगी।

रिपोर्ट इरशाद खान मुंडन मुख्य सम्पादक वेस्टर्न हाक

TRN LIVE : वेस्टर्न हाक 

खबर मुंडन की कलम से उगलता सच 

खबर विशेष बातचित मुख्य सम्पादक वेस्टर्न हाक के साथ 

सहारनपुर 

*स्टोरी: '

जाम से आजादी दो' - फायर ब्रिगेड से रिमाउंट डिपो तक फ्लाईओवर की मांग, डॉ. राव यास्मिन खान ने महापौर को सौंपा ज्ञापन*

*सहारनपुर।* घंटाघर से रिमाउंट डिपो तक लगने वाले रोज के जाम से निजात दिलाने के लिए *सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. राव यास्मिन खान* ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने *'राष्ट्रभक्त महापौर'* से मांग की है कि *फायर ब्रिगेड कार्यालय से रिमाउंट डिपो तक फ्लाईओवर* बनाया जाए। साथ ही शासन को *बड़ा प्रस्ताव भेजकर बजट स्वीकृत* कराने की मांग उठाई है।

*1. मांग क्यों? 3 बड़ी वजह*

1. *घंटों का जाम*: फायर ब्रिगेड चौराहा से रिमाउंट डिपो रोड शहर की सबसे व्यस्त सड़क है। स्कूल, अस्पताल, रेलवे स्टेशन जाने वाला पूरा ट्रैफिक यहीं फंसता है। एंबुलेंस तक 20-20 मिनट जाम में अटकी रहती है।

2. *दुर्घटना जोन*: नैरो रोड + हैवी ट्रैफिक + अतिक्रमण = रोज एक्सीडेंट। पिछले 1 साल में 12 से ज्यादा जानलेवा हादसे हो चुके हैं।

3. *फायर ब्रिगेड खुद फंसी*: आग लगने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी ही जाम में फंस जाती है। 2 किमी का सफर 25 मिनट में तय होता है। जान-माल का नुकसान बढ़ता है।

*2. डॉ. यास्मिन खान का प्रस्ताव क्या है?*

1. *फ्लाईओवर की लंबाई*: फायर ब्रिगेड कार्यालय से रिमाउंट डिपो तक करीब *1.8 किमी एलिवेटेड रोड*। 

2. *2 लेन अप-डाउन*: ऊपर से सीधा ट्रैफिक निकले, नीचे लोकल बाजार-सर्विस रोड चले। 

3. *लागत अनुमान*: PWD के पुराने DPR के हिसाब से *85-100 करोड़* का प्रोजेक्ट। 

4. *फायदा किसे*: रोज 2 लाख से ज्यादा लोग, 30 हजार वाहन, 5 स्कूल, 3 अस्पताल, रेलवे स्टेशन को सीधा लाभ।

*3. महापौर से क्या मांग की गई? 4 पॉइंट*

1. *बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास*: नगर निगम बोर्ड से फ्लाईओवर का प्रस्ताव पास कर शासन को भेजा जाए।

2. *शासन को DPR*: PWD से फिजिबिलिटी + DPR बनवाकर *मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना* या *CM-GRID* में बजट मांगा जाए।

3. *अतिक्रमण हटाओ*: फ्लाईओवर रूट पर PWD की जमीन पर हुए अतिक्रमण को चिन्हित कर हटाया जाए।

4. *जनसुनवाई*: प्रोजेक्ट से प्रभावित दुकानदारों की जनसुनवाई कराकर पुनर्वास प्लान बनाया जाए।

*4. 'राष्ट्रभक्त महापौर' के सामने चुनौती*

1. *बजट का जुगाड़*: नगर निगम के पास 100 करोड़ नहीं। *केंद्र की AMRUT 2.0 या राज्य स्मार्ट सिटी* फंड से पैसा लाना होगा।

2. *NOC का जंजाल*: रिमाउंट डिपो *सेना की जमीन* से सटा है। रक्षा मंत्रालय से NOC लेना सबसे बड़ा काम।

3. *ट्रैफिक डायवर्जन*: 2 साल निर्माण चलेगा। उस दौरान ट्रैफिक कहां से निकलेगा, इसका प्लान पहले बनाना होगा।

*5. जनता को क्या फायदा होगा?*

**अभी हालात** **फ्लाईओवर के बाद**

**30 मिनट का जाम** **3 मिनट में सफर**

**एंबुलेंस फंसी** **ग्रीन कॉरिडोर**

**पेट्रोल-बर्बादी** **रोज 10 हजार लीटर बचत**

**दुकानदारी ठप** **नीचे सर्विस रोड = व्यापार बढ़ेगा**

*6. आगे की राह क्या है?*

1. *महापौर का एक्शन*: ज्ञापन मिलने के बाद महापौर ने सिटी इंजीनियर से रिपोर्ट मांगी है। अगले बोर्ड में प्रस्ताव आ सकता है।

2. *सांसद-विधायक को जोड़ो*: डॉ. यास्मिन खान अब सांसद व विधायक से मिलकर *केंद्र-राज्य दोनों से बजट* की मांग करेंगी।

3. *जन आंदोलन*: अगर 3 महीने में फाइल नहीं बढ़ी तो *'जाम मुक्त सहारनपुर'* हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा।

*निचोड़: 'विकास चाहिए, जाम नहीं'*

सहारनपुर स्मार्ट सिटी में शामिल है, पर *फायर ब्रिगेड से रिमाउंट तक का जाम* उसे 'जाम सिटी' बना रहा है। डॉ. राव यास्मिन खान की *फ्लाईओवर की मांग* जायज है। 

अब गेंद *'राष्ट्रभक्त महापौर'* के पाले में है। प्रस्ताव शासन भेजेंगे या फाइल में धूल खाएगी, ये अगले 30 दिन में पता चल जाएगा।

*महापौर कार्यालय का पक्ष*: खबर लिखे जाने तक महापौर का आधिकारिक बयान नहीं मिला है। पक्ष मिलते ही जोड़ा जाएगा।

*डिस्क्लेमर*: स्टोरी जनहित की मांग पर आधारित है। प्रोजेक्ट की तकनीकी-वित्तीय स्वीकृति शासन के अधीन है।

*आपसे अपील*: क्या आप भी रोज इस जाम में फंसते हैं? 'हां' लिखकर कमेंट करो। 1000 कमेंट हुए तो महापौर तक जनता की आवाज जरूर पहुंचेगी।

रिपोर्ट इरशाद खान मुंडन मुख्य सम्पादक वेस्टर्न हाक

TRN LIVE : 🖋️ *अभिजीत राणे लिहितात*

"नारीशक्ती वंदन विधेयक" हा भारतीय लोकशाहीतील ऐतिहासिक टप्पा आहे. दशकानुदशके प्रलंबित असलेला महिला आरक्षणाचा मुद्दा अखेर प्रत्यक्षात उतरला आहे. लोकसभा व विधानसभांमध्ये महिलांना ३३ टक्के आरक्षण देण्याचा निर्णय हा केवळ जागांचा वाटप नाही, तर मातृशक्तीला निर्णयप्रक्रियेत थेट सहभाग देणारा आहे. पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांच्या नेतृत्वाने दाखवून दिले की महिला सक्षमीकरण हे भाषणापुरते मर्यादित नसून कृतीतून सिद्ध करता येते. उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत अभियान, जनधन खाते यानंतर आता विधिमंडळात महिलांना हक्काची जागा मिळाली आहे. विरोधकांनी स्त्री-पुरुष समानतेच्या गप्पा मारल्या, पण खरी कसोटी आता आहे—या विधेयकाला विनाअट पाठिंबा देण्याची. अन्यथा इतिहास त्यांना स्त्रीशक्तीच्या मार्गातील अडथळा म्हणून ओळखेल. नारीशक्तीचा विजय म्हणजे भारताच्या भविष्याचा नवा अध्याय.

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🖋️ *अभिजीत राणे लिहितात*, 

रुपाली चाकणकर प्रकरणात एसआयटीची भूमिका ही गंभीर प्रश्न निर्माण करणारी ठरली आहे. मुख्य आरोपीशी जोडलेल्या दोन बहिणींमध्ये एकीची चौकशी झाली, तर दुसरीवर शून्य कारवाई—ही दुहेरी वागणूक कायद्याच्या विश्वासार्हतेवरच प्रश्नचिन्ह उभी करते. सातपुते मॅडम यांच्या पत्रकार परिषदेत आधीच सार्वजनिक असलेली माहिती पुन्हा सांगितली गेली, तर खरातच्या बदनामीवर गुन्हे दाखल करण्याची धमकी दिली गेली. पण खरात अनेक वर्षे गुन्हे करत होता, त्याला राजकीय पाठबळ मिळत होते, हे सर्वांना ठाऊक आहे. तरीही चौकशी अपुरी राहिली. महिलांच्या बाबतीतील गुन्ह्यांत एसआयटी बसते, पण निकाल मात्र धूसर राहतो. खरातला शिक्षा होईल, पण त्याला मदत करणारे राजकीय हात मोकळे फिरतील, अशीच चिन्हे दिसतात. हीच खरी न्यायव्यवस्थेची शोकांतिका आहे.

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🖋️ *अभिजीत राणे लिहितात*, 

लोकसभेच्या जागा वाढवण्याचा प्रश्न हा केवळ तांत्रिक नाही, तर संघराज्य रचनेची खरी कसोटी आहे. लोकसंख्येच्या आधारावर प्रतिनिधित्व देणे हा लोकशाहीचा गाभा असला तरी दक्षिणेतील राज्यांचा मुद्दा योग्य आहे—कारण त्यांनी लोकसंख्या नियंत्रण, शिक्षण, आरोग्य आणि रोजगार निर्मितीत उल्लेखनीय कामगिरी केली आहे. उत्तरेतील राज्ये लोकसंख्या वाढीवर नियंत्रण ठेवण्यात अपयशी ठरली, त्यामुळे त्यांना अधिक जागा मिळणे दक्षिणेला अन्यायकारक वाटते. यामुळे उत्तर विरुद्ध दक्षिण असे ध्रुवीकरण वाढू शकते. परिसीमन आयोगाने केवळ लोकसंख्या नव्हे तर मानव विकास निर्देशांक, लोकसंख्या नियंत्रणातील योगदान आणि सामाजिक प्रगती यांचा विचार करून जागांचे वाटप करणे आवश्यक आहे. अन्यथा हिंदी आंदोलनासारखे आणखी एक आंदोलन उभे राहण्याची शक्यता आहे. न्याय्य प्रतिनिधित्व आणि संतुलित संघराज्य हीच खरी लोकशाहीची ताकद आहे.

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🖋️ *अभिजीत राणे लिहितात*

बिहार चे नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी यांची ही झेप स्वप्नवत आहे. "मी तुम्हाला मुख्यमंत्री होऊन दाखवीन" या वचनाने सुरू झालेला प्रवास आज भावनिक शिखरावर पोहोचला आहे. शकुनी चौधरींच्या डोळ्यात आलेले अश्रू हे केवळ पित्याच्या आनंदाचे प्रतीक नाहीत, तर अपूर्ण स्वप्नांच्या पूर्ततेची कहाणी आहेत. संघर्ष, खोटे खटले, तुरुंगवास आणि राजकीय कटकारस्थानांचा सामना करूनही चौधरी कुटुंबाने हार मानली नाही. आई पार्वती देवीचा त्याग, वडिलांचा मार्गदर्शन आणि सम्राट चौधरींची शिस्त व नेतृत्वगुण यांनी हा प्रवास शक्य केला. आज सम्राट मुख्यमंत्रीपदावर पोहोचले आहेत, पण त्यांची मुळे अजूनही जमिनीशी जोडलेली आहेत. हा क्षण केवळ एका कुटुंबाचा विजय नाही, तर लोकशाहीतील संघर्ष, त्याग आणि श्रद्धेच्या शक्तीचा पुरावा आहे. खरी राजकारणाची ताकद पदात नाही, तर मूल्यांमध्ये आहे.

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🖋️ *अभिजीत राणे लिहितात*

मुंब्र्यातील एमआयएमची नगरसेविका सहर शेख पुन्हा चर्चेत आली आहे. सहर शेखचे नगरसेवक पद अडचणीत आले आहे. सहर शेखने शासकीय यंत्रणांची दिशाभूल केल्याची माहिती समोर आली आहे. तिचे जात प्रमाणपत्र अवैध असल्याचा अहवाल ठाणे तहसीलदार उमेश पाटील यांनी दिला. त्यामुळे तिचे नगरसेवकपद जाणार असल्याचे बोलले जात आहे. निवडणूक जिंकल्यानंतर "कैसे हराया" असे म्हणणाऱ्या सहर शेखला आता "कैसे बोगस दाखला बनाया"? असे म्हटले जात आहे. उत्तर प्रदेशातील गाझियाबादचे मूळ रहिवासी युनूस इकबाल शेख महाराष्ट्रात स्थलांतरित झाले. इतर मागास प्रवर्गासाठीचा नमुना-८ वापरून आणि अधिकाऱ्यांची दिशाभूल करून त्यांनी महाराष्ट्रातील बनावट जातीचा दाखला मिळविला. त्यांची मुलगी सहर शेखने मुंबई शहर जिल्हाधिकारी कार्यालयातून जात प्रमाणपत्र घेतले. ठाणे महापालिका निवडणुकीत एमआयएम पक्षातून मुंब्र्यातील प्रभाग ३० मधून सहर विजयी झाली. तेव्हा 'कैसे हराया?' या विधानाने ती चर्चेत आली होती. मात्र, सहर शेखने निवडणूक लढविताना चार महत्त्वाच्या शासकीय यंत्रणांची दिशाभूल केली असून आता तिच्या नगरसेवक पद जाण्याची शक्यता निर्माण झाली आहे. या बाबतीत आता जात पडताळणी समिती निर्णय घेणार आहे.

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#NariShakti #WomenReservation #IndianDemocracy #WomenEmpowerment #PoliticalReform #JusticeSystem #Federalism #IndiaPolitics #Leadership #SocialJustice #BreakingBarriers #NewIndia

TRN LIVE : *जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अलीगढ़ द्वारा ए.एम.यू. पॉलिटेक्निक में किया गया प्रशिक्षण कार्यक्रम "संवर्धन - 2", पीएलवी के अधिकारों व कर्तव्यों के साथ साथ नालसा, सालसा व सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की दी जानकारी.........*

*अलीगढ़ ।* राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अलीगढ़ द्वारा अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पॉलिटेक्निक सभागार कक्ष में प्रशिक्षण कार्यक्रम "संवर्धन" के द्वितीय चरण का आयोजन किया गया। जिसका दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ करते हुए जिला न्यायाधीश/ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष पंकज कुमार अग्रवाल एवं प्राधिकरण सचिव कीर्ति सिंह, और प्राधिकरण सचिव आगरा पवन कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी विनीत कुमार, श्रम प्रवर्तन अधिकारी श्रम विभाग आशीष अवस्थी व जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी सुनहरी लाल व अन्य अतिथियों ने पीएलवी की भूमिका, उनके अधिकार व दायित्व के साथ साथ नालसा, सालसा व सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के विषय में विस्तार से समझाया गया। साथ ही उत्कृष्ट कार्यों व सेवाओं के लिए सराहना करते हुए फिरोजाबाद, आगरा, मथुरा, हाथरस एवं अलीगढ़ सहित अन्य जनपदों के दो - दो पीएलवी को सर्टिफिकेट प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस दौरान "नारी शक्ति वंदन अधिनियम" की जानकारी देते हुए जिला प्रोबेशन अधिकारी ने सभी को शपथ दिलाई और अपर जिला जज/ पॉक्सो एक्ट न्यायालय ने पॉक्सो एक्ट व पीएलवी की भूमिका, उनके अधिकार व दायित्व के विषय में विस्तार से बताया।

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*इस अवसर पर मुख्य रूप से फिरोजाबाद से* प्रवीन कुमार शर्मा, सुषमा, ममता जैन, तान्या, गौरव भटनागर, ममता, नीलम व अन्य पीएलवी सहित आगरा, मथुरा, हाथरस और अलीगढ़ के पैरा विधिक वॉलिंटियरों ने प्रतिभाग किया।

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Gujarati : *स्वास्थ्य जैसा विषय किसी सरकार की प्राथमिकता..!!*

*प्राथमिक और सामुदायकि चिकित्सा केंद्रों में डाक्टर, चिकित्साकर्मी, दवाइयां और बिस्तर या एम्बुलेंस देहात या पहाड़ी क्षेत्र में रोड ही नही..!!*

देश में सभी की सबसे ज्यादा जरूरत हैं स्वस्थ्य और शिक्षा की लेकिन दुर्भाग्य से कोई इस और ध्यान ही नही देना चाहता!हर कोई सत्ता आने से पहले सबको आश्वासन देता है!लेकिन लचर स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर लंबे वर्षो से अंगुलियां भी उठ रही हैं!गरीब तबके को किसी भी हाल में नजर अंदाज नहीं किया जाना चाहिए!लगता है कि स्वास्थ्य जैसा विषय किसी सरकार की प्राथमिकता में रहा ही नहीं! इसलिए यह कहने में कोई संकोच नहीं होना चाहिए कि आज देश का स्वास्थ्य क्षेत्र अगर बीमार है तो उसके मूल में कहीं न कहीं सरकारों की ओर से होती रही उपेक्षा भी है!अगर देश को सेहतमंद बनाना है और नागरिकों को स्वस्थ रखना है तो पहले स्वास्थ्य क्षेत्र की सेहत सुधारनी होगी!देश में सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं आज भी किस बदतर हाल में हैं यह किसी से छिपा नहीं है!चाहे चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की कमी की बात हो या स्वास्थ्य क्षेत्र के बुनियादी ढांचे की किसी भी मामले में स्थिति संतोषजनक नहीं कही जा सकती!बुनियादी स्वास्थ्य सुविधा हर नागरिक का अधिकार है और इसे उपलब्ध कराना हर सरकार का दायित्व!लेकिन सरकारें आज भी इस मोर्चे पर नाकाम ही नजर आती हैं!अगर सरकारें स्वास्थ्य के मोर्चे पर सजग रहतीं तो देश में चिकित्सा सुविधाएं इतनी बदतर हालत में नहीं होती और कोरोना में सबने देखा कि कैसे लोगो की जिंदगी मौतो के साए में समा गई!छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाएं किस हाल में हैं यह आए दिन देखने-पढ़ने को मिलता रहता है! आज भी लोग कंधों पर या ठेलों पर मरीजों को अस्पताल ले जाने के लिए मजबूर हैं! कहने को सरकारी दस्तावेजों में प्राथमिक चिकित्सा केंद्र सामुदायिक चिकित्सा केंद्र और जिला अस्पताल सब हैं!पर हकीकत यह है कि ज्यादातर प्राथमिक और सामुदायकि चिकित्सा केंद्रों में डाक्टर नहीं हैं चिकित्साकर्मी नहीं हैं दवाइयां और बिस्तर नहीं है एम्बुलेंस नही हैं या रोड ही नही हैं!कई राज्यों में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहाल हैं!इसमें कोई संदेह नहीं कि देश में आबादी की तुलना में चिकित्सकों की भारी कमी है!अस्पतालों में पर्याप्त स्वास्थ्यकर्मी नहीं होंगे तो कैसे स्वास्थ्य सेवाएं चलेंगी?पिछले सालो में कोरोना महामारी ने भी हमें बताया है कि अगर स्वास्थ्य सेवाओं का ढांचा मजबूत नहीं होगा तो हम कैसे संकटों में फंस सकते हैं! भविष्य में स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां और बढ़ेंगी ही!ऐसे में अगर सरकारें अब भी नहीं चेतीं तो इसकी कीमत बीमार नागरिकों के रूप में देश को चुकानी पड़ेगी।

TV : जो लोग कहते हैं पावर स्टार,वनमैन आर्मी शानदार व्यक्तित्व के धनी जन-जन के नायक,आदर्श राजनेता,अजेय योद्धा,संघर्ष सेवा और स्वाभिमान के प्रतीक जनसत्तादल सुप्रीमो महाराजा कुंवर रघुराज प्रताप सिंह "राजा भइया" जी नाम विश्वास का जातिवाद करते हैं अगर राजा भइया जी जातिवाद करते तो वो लोग इस तस्वीर को जरूर देखें,राजा भइया जी सबको अपना परिवार मानते हैं और परिवार में कभी जातिवाद नहीं होता है.!!

तेज रफ्तार न्यूज : चंद्रशेखर जी के बगैर संसद सूनी है |आज संसद में एक भी नेता ऐसा नही है जो हस्तक्षेप करने की हैसियत रखता है | चंद्रशेखर जी को लोकसभा सदस्य के रूप में लगता था कि बोलना चाहिए हस्तक्षेप करना चाहिए स्पीकर चाहे जो हो जब चंद्रशेखर जी खडे होते थे पूरा विपक्ष,सत्ता पक्ष और पूरी प्रेस गैलरी सुनती थी कि चंद्रशेखर जी क्या कह रहे है आपातकाल के बाद चुनावों के बाद उन लोगो ने अमृत पान किया था जो उस दौरान जेलों में थे लेकिन पूरी इमरजेंसी में रहने के बाद भी चंद्रशेखर सत्ता से बाहर रहे तथा उस विकट समय में संगठन की देखभाल का जिम्मा ले लिया | वास्तव में सत्ता की चकाचौंध छोड़कर संगठन की जिम्मेदारी लेना हलाहल पान से कम नही माना जाएगा।

(अंतिम दिनों में राजा भइया, यशवंत सिंह और ओमप्रकाश सिंह के साथ बिस्तर पर चंद्रशेखर जी)

TRN LIVE : आवश्यक सूचना :- मा• श्री कुंवर अक्षय प्रताप सिंह "गोपाल भइया" जी (नेता जनसत्ता दल विधान परिषद एवं पूर्व सांसद प्रतापगढ़) आज दिनांक 18-04-2026, दिन - शनिवार को 12 बजे से कुण्डा नगर पंचायत स्थित बजरंग डिग्री कॉलेज में जन-सुनवाई करेंगे एवं कार्यकर्ताओं से भेंट करेंगे ।

TRN LIVE : लखनऊ के प्रचार जंक्शन और चंदन लाइफ स्टाइल नामक प्रतिष्ठित संस्थान के डायरेक्टर श्री सत्यम पांडे द्वारा अपने पैतृक ग्राम- सरमा,पोस्ट- पृथ्वीगंज बाजार, प्रतापगढ़ में 2 मई 2026 दिन शनिवार को शाम 6.00 बजे से रात 12:00 तक कवि सम्मेलन,सम्मान समारोह और शिक्षण सामग्री वितरण का कार्यक्रम रखा गया है,जिसमें देश भर के प्रसिद्ध कवि गण- मणिका दुबेजी, विकास बौखल बाराबंकी से, अभय निर्भीक, प्रदीप तिवारी, सौरभ जायसवाल , योगेंद्र योगी और कुलदीप "कलश"जी पधार रहे हैं। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पावर स्टार,वनमैन आर्मी शानदार व्यक्तित्व के धनी जन-जन के नायक,आदर्श राजनेता,अजेय योद्धा,संघर्ष सेवा और स्वाभिमान के प्रतीक जनसत्तादल सुप्रीमो महाराजा कुंवर रघुराज प्रताप सिंह "राजा भइया" जी नाम विश्वास का है !!

TRN LIVE : इंडियन एक्सप्रेस से जुड़े देश के जाने-माने पत्रकार और कई पुस्तकों समेत "At the heart of power the chief ministers of Uttar Pradesh" के

लेखक श्यामलाल यादव जी ने की पावर स्टार,वनमैन आर्मी शानदार व्यक्तित्व के धनी जन-जन के नायक,आदर्श राजनेता,अजेय योद्धा,संघर्ष सेवा और स्वाभिमान के प्रतीक जनसत्तादल सुप्रीमो महाराजा कुंवर रघुराज प्रताप सिंह "राजा भइया" जी नाम विश्वास का से मुलाकात।

TRN LIVE : *🔯29 साल बाद मिला न्याय: आगरा के पप्पू को हादसे के बाद मिला मुआवजा, लेकिन तब तक बुझ चुका था पूरा परिवार*

आगरा (उत्तर प्रदेश):

“न्याय में देरी, न्याय से वंचित करने के बराबर होती है”—यह कहावत आगरा के एक गरीब परिवार की दर्दनाक कहानी पर पूरी तरह सटीक बैठती है। करीब 29 साल पहले हुए एक हादसे में जिंदगीभर का दर्द झेलने वाले पप्पू को news investigation आखिरकार अदालत से न्याय तो मिला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

फरवरी 1997 की एक सामान्य दोपहर थी। सात साल का मासूम पप्पू अपने घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान गली में सड़क किनारे असुरक्षित तरीके से रखे ट्रांसफार्मर की चपेट में आ गया। तेज करंट लगने से वह बुरी तरह झुलस गया। हालत इतनी गंभीर थी कि डॉक्टरों को उसकी जान बचाने के लिए दोनों हाथ news investigation काटने पड़े।

*गरीबी, कर्ज और संघर्ष की लंबी कहानी*

पप्पू के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। बेटे के इलाज के लिए परिवार को लगभग चार लाख रुपये का कर्ज लेना पड़ा। news investigation बावजूद इसके, बिजली विभाग की ओर से न तो कोई मदद मिली और न ही जिम्मेदार *कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई की गई।* news investigation

इस हादसे ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया। बेटे की हालत का सदमा पिता हरी सिंह सहन नहीं कर सके और उनकी मौत हो गई। मां शांति देवी ने दूसरों के घरों में झाड़ू-पोछा कर किसी तरह अपने चार बेटों का पालन-पोषण किया।

*न्याय की लड़ाई और खत्म होती उम्मीदें*

मुआवजे के लिए परिवार ने वर्षों तक कानूनी लड़ाई लड़ी। वक्त गुजरता गया, लेकिन फैसला नहीं आया। इस बीच पप्पू का जीवन संघर्षों में बीतता रहा। शारीरिक अक्षमता और आर्थिक तंगी ने उसे हर मोर्चे पर कमजोर किया। news investigation

मई 2024 में पप्पू ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया। बेटे की मौत का दुख मां शांति देवी सहन नहीं कर सकीं और कुछ समय बाद उनका भी निधन हो गया।

*अब मिला मुआवजा, लेकिन बहुत देर से* news investigation

लंबे इंतजार के बाद अब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद को पप्पू के परिवार को 26.65 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।

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हालांकि, यह फैसला उस समय आया है जब इस न्याय की सबसे ज्यादा जरूरत जिन लोगों को थी—पप्पू और उसके माता-पिता—वे अब इस दुनिया में नहीं हैं।

*परिवार में बचे सिर्फ दो सदस्य*

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अब पप्पू के परिवार में केवल उसका भाई प्रमोद और भाभी मिथिलेश ही बचे हैं। प्रमोद बताते हैं कि इस एक हादसे ने उनके पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं और उन्हें जीवनभर संघर्ष के रास्ते पर धकेल दिया।

*प्रश्नों के घेरे में व्यवस्था*

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यह मामला एक बार फिर सरकारी लापरवाही और न्यायिक प्रक्रिया की धीमी गति पर सवाल खड़े करता है। अगर समय रहते कार्रवाई होती और मुआवजा मिलता, तो शायद इस परिवार की जिंदगी कुछ और होती।

यह कहानी सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि उस व्यवस्था की भी है, जहां लापरवाही की कीमत आम आदमी को अपनी पूरी जिंदगी देकर चुकानी पड़ती है।

TEJ raftar news desh ka bolbala : *🔯बेटे की हत्या का खौफनाक इंतकाम: पिता ने पुराना ट्रक खरीदकर बेटे के हत्यारे को बीच सड़क कुचला*

​सोनभद्र: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जहाँ एक पिता ने अपने 9 वर्षीय मासूम बेटे की हत्या का बदला लेने के लिए दो साल तक योजना बनाई और आखिरकार 'हादसे' की आड़ में हत्यारे को मौत के घाट उतार दिया।

*​खबर का पूरा घटनाक्रम*

​1. 2023 का वो जख्म (पृष्ठभूमि):

मार्च 2023 में घोरावल थाना क्षेत्र के पेढ़ गांव निवासी मंगल पाल के 9 वर्षीय बेटे अनुराग का अपहरण कर लिया गया था। बाद में मासूम का शव मिर्जापुर के एक तालाब से बरामद हुआ। इस जघन्य हत्याकांड का मुख्य आरोपी गांव का ही राजेश यादव था। राजेश जेल गया, लेकिन कुछ समय बाद जमानत पर बाहर आ गया और वकालत की तैयारी करने लगा।

​2. प्रतिशोध की 'ट्रक' वाली साजिश:

बेटे को खोने के गम में डूबे पिता मंगल पाल ने कानून का इंतजार करने के बजाय खुद न्याय करने का फैसला किया। पुलिस जांच के अनुसार:

​मंगल पाल ने मिर्जापुर से करीब 4.30 लाख रुपये में एक पुराना ट्रक खरीदा।

​इस ट्रक को उसने अपने फुफेरे भाई अभय पाल के घर खड़ा करवाया, जो कि पेशे से ड्राइवर था।

​साजिश में अभय पाल और एक अन्य साथी अशोक मांझी को भी शामिल किया गया।

​3. वारदात और 'हादसा':

8 दिसंबर 2025 की सुबह, जब राजेश यादव अपनी क्रेटा कार से घोरावल कचहरी की ओर जा रहा था, तब आरोपियों ने उसकी रेकी की। खुटहा बाईपास के पास, पूर्व नियोजित तरीके से अभय पाल ने ट्रक से राजेश की क्रेटा को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि राजेश यादव की मौके पर ही मौत हो गई। शुरुआती तौर पर इसे एक सामान्य सड़क हादसा माना गया।

​ऑडियो क्लिप और पुलिस का खुलासा

​यह मामला महीनों तक ठंडे बस्ते में रहा, लेकिन पुलिस को कुछ तकनीकी साक्ष्य और एक ऑडियो क्लिप हाथ लगी। इस क्लिप में साजिश और घटना के बाद की बातचीत के संकेत मिले।

​एसपी अभिषेक वर्मा ने खुलासा किया कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और मुखबिरों की सूचना से यह साफ हो गया कि यह एक्सीडेंट नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या थी।

​जांच में पता चला कि ट्रक जानबूझकर राजेश की हत्या के लिए ही खरीदा गया था।

​वर्तमान स्थिति

​पुलिस ने ट्रक ड्राइवर अभय पाल को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य साजिशकर्ता (पिता) मंगल पाल और एक अन्य आरोपी अशोक मांझी अभी फरार हैं। पुलिस ने इन पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया है।

​"कानून अपनी जगह है, लेकिन एक बेबस पिता ने जिस तरह इस प्रतिशोध को अंजाम दिया, उसने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी है।"

TRNDKB : वेस्टर्न हाक 

खबर मुंडन की कलम से उगलता सच 

खबर सूत्रों के आधार पर 

सहारनपुर 

*खबर: 

सहारनपुर को मिलेगी नई हाईटेक जेल, नांगल के दंघेड़ा में 80 एकड़ में बनेगी 2000 क्षमता वाली जेल*  

*वर्तमान जेल में 765 की जगह 1200 कैदी, रोहिल्ला किले से शिफ्ट होगा जिला कारागार*

*सहारनपुर।* जिले को जल्द ही *अत्याधुनिक तकनीक से लैस नई जिला जेल* की सौगात मिलने जा रही है। *नांगल क्षेत्र के गांव दंघेड़ा में 80 एकड़ जमीन* पर बनने वाली इस जेल की *क्षमता 2000 कैदी-बंदियों* की होगी। जमीन फाइनल होने के साथ ही *50 करोड़ की राशि* भी शासन से स्वीकृत हो चुकी है।

*1. नई जेल क्यों जरूरी? 3 बड़ी वजह*

1. *क्षमता से 435 कैदी ज्यादा*: वर्तमान जिला कारागार की क्षमता *765* है, पर यहां *1200 कैदी-बंदी* ठूंसे हुए हैं। बैरकों में तिल रखने की जगह नहीं।

2. *ऐतिहासिक किले में जेल*: मौजूदा जेल *1748 में बने रोहिल्ला किले* में चल रही है। संरक्षित इमारत होने से *नया निर्माण/विस्तार प्रतिबंधित* है। संसाधन कम पड़ रहे हैं।

3. *शहर के बीचों-बीच*: महानगर के बीच जेल होने से *सुरक्षा जोखिम* और ट्रैफिक समस्या। नई जेल शहर से बाहर शिफ्ट होगी।

*2. नई जेल की खास बातें*

**विषय** **डिटेल**

**जगह** नांगल के गांव दंघेड़ा, 80 एकड़ जमीन चिन्हित

**क्षमता** 2000 कैदी-बंदी, अभी 765 की जगह

**लागत** 50 करोड़ पहली किस्त जारी

**तकनीक** CCTV, जैमर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, हाई-सिक्योरिटी बैरक

**टाइमलाइन** 3 साल की कवायद बाद जमीन फाइनल, अब निर्माण शुरू होगा

*3. 5 साल लंबी कवायद, ऐसे फाइनल हुई जमीन*

जेल अधीक्षक *सत्यप्रकाश* के मुताबिक नई जेल के लिए *पिछले 4-5 साल से जमीन तलाशी* जा रही थी। जनपद के कई ब्लॉकों में जगह देखी गई। आखिर में *माटकी झरौली और नांगल के दंघेड़ा* के प्रस्तावों पर चर्चा हुई। *दिसंबर 2023* में 19 बिंदुओं पर परीक्षण के बाद *दंघेड़ा की जमीन फाइनल* की गई। तत्कालीन DM ने भूमि क्रय निर्धारण समिति भी बनाई थी।

*4. क्या है रोहिल्ला किले का इतिहास?*

*1748* में मोहम्मद शाह की मौत के बाद सफदरजंग और सेनापति गाजीउद्दीन में अल्गाव हो गया। सफदरजंग ने सहारनपुर पर कब्जे को सेना भेजी। पर गाजीउद्दीन ने रोहिल्ला राजाओं की मदद से उसे हरा दिया। इसके बाद *गुलाम कादिर* का शासन आया। गुलाम कादिर ने कई किले बनवाए, *उन्हीं में एक रोहिल्ला का किला* है। *1868 में अंग्रेजों ने इसे जेल में बदल दिया*। तब से यहीं जिला कारागार चल रहा है।

*5. नई जेल से क्या बदलेगा?*

1. *ओवरक्राउडिंग खत्म*: 2000 क्षमता से कैदियों को मानवीय स्थिति में रखा जा सकेगा।

2. *सुरक्षा मजबूत*: आधुनिक जैमर, स्कैनर, हाई वॉल से जेल ब्रेक की आशंका कम।

3. *शहर को राहत*: महानगर के बीच से जेल हटने पर ट्रैफिक व सुरक्षा का दबाव घटेगा।

4. *कोर्ट में पेशी आसान*: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी, पुलिस फोर्स की बचत।

*अगला कदम*: भूमि अधिग्रहण पूरा होने के बाद *PWD को निर्माण एजेंसी* बनाया जाएगा। टेंडर प्रक्रिया के बाद 2 साल में निर्माण लक्ष्य।

*निचोड़: 'इतिहास से हाईटेक तक'*  

1868 से रोहिल्ला किले में चल रही जेल अब *80 एकड़ की मॉडर्न जेल* में शिफ्ट होगी। 765 की जगह 2000 क्षमता से न सिर्फ *ओवरक्राउडिंग खत्म होगी*, बल्कि *सहारनपुर की जेल UP की सबसे सुरक्षित जेलों* में गिनी जाएगी।

*बड़ी खबर:

 सहारनपुर में बनेगी 2000 क्षमता वाली नई जेल!* 🔒

रोहिल्ला किले की 150 साल पुरानी जेल से मिलेगी मुक्ति। नांगल के दंघेड़ा में 80 एकड़ में बनेगी हाईटेक जेल। 50 करोड़ जारी।

अभी 765 की जगह 1200 कैदी ठूंसे हैं। नई जेल से ओवरक्राउडिंग खत्म, सुरक्षा पुख्ता।

*'स्मार्ट सिटी में स्मार्ट जेल'* का सपना होगा पूरा।

सहारनपुर: 80 एकड़ में नई जेल, 2000 कैदी क्षमता ✅  

रोहिल्ला किले से शिफ्ट होगा जिला कारागार। 50 करोड़ पास।  

अब जेल भी हाईटेक! #NewJail

सहारनपुर को नई जिला जेल की सौगात। नांगल के दंघेड़ा में 80 एकड़ में बनेगी 2000 क्षमता की हाईटेक जेल। 50 करोड़ जारी। 

वर्तमान में 765 की जगह 1200 कैदी हैं। 

रिपोर्ट इरशाद खान मुंडन मुख्य सम्पादक वेस्टर्न हाक

TRN LIVE : *अपर जिलाधिकारी/जिला जनगणना अधिकारी ने तहसील रामनगर में जनगणना प्रशिक्षण का किया निरीक्षण*

*22 मई से 20 जून तक चलेगा मकान सूचीकरण एवं गणना का प्रथम चरण*

*डिजिटल तकनीक से पारदर्शी व त्रुटिरहित जनगणना का लक्ष्य, पहली बार स्वगणना की सुविधा*

बाराबंकी, 17 अप्रैल 2026।

जनपद में प्रस्तावित जनगणना 2027 की तैयारियों को सुव्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी/प्रमुख जनगणना अधिकारी श्री शशांक त्रिपाठी के मार्गदर्शन में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)/जिला जनगणना अधिकारी श्री निरंकार सिंह द्वारा तहसील रामनगर स्थित प्रशिक्षण स्थल सहित अन्य का औचक निरीक्षण किया गया।उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, उपस्थिति, तकनीकी व्यवस्था एवं प्रशिक्षकों द्वारा दिए जा रहे निर्देशों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी प्रगणक एवं पर्यवेक्षक प्रशिक्षण को गंभीरता से लें तथा प्रत्येक बिंदु को भली-भांति समझकर ही फील्ड में कार्य करें, जिससे जनगणना कार्य शत-प्रतिशत शुद्धता एवं पारदर्शिता के साथ संपन्न हो सके।

जनगणना के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य दिनांक 22 मई से 20 जून 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस चरण में प्रत्येक भवन, आवासीय एवं गैर-आवासीय इकाइयों का विवरण एकत्र किया जाएगा, जो आगामी जनसंख्या गणना के लिए आधार तैयार करेगा।

जनपद बाराबंकी में व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। तहसील फतेहपुर में 360 प्रगणक एवं सुपरवाइजरों को 18 फील्ड ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षित किया गया है। इसी प्रकार तहसील सिरौलीगौसपुर, रामसनेहीघाट, हैदरगढ़, रामनगर एवं नगर पालिका नवाबगंज में कुल 1487 प्रगणक एवं सुपरवाइजरों को 58 फील्ड ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। प्रशिक्षण में हाउस लिस्टिंग, मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग, डेटा एंट्री प्रक्रिया, सत्यापन एवं फील्ड में आने वाली संभावित समस्याओं के समाधान पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

समस्त प्रशिक्षण कार्यक्रम स्मार्ट क्लासरूम के माध्यम से संचालित किए जा रहे हैं, जिससे प्रतिभागियों को डिजिटल उपकरणों के उपयोग का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो सके। इसकी सतत मॉनिटरिंग सहायक निदेशक जनगणना श्री अजय सिंह भारती एवं मास्टर ट्रेनर्स द्वारा की जा रही है, ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित बनी रहे।

इस बार जनगणना प्रक्रिया को पूर्णतः डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है, जिसके माध्यम से संकलित समस्त डेटा रियल टाइम में सर्वर पर उपलब्ध रहेगा। इससे न केवल डेटा की शुद्धता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित होगी, बल्कि समयबद्ध विश्लेषण एवं रिपोर्टिंग में भी सहूलियत मिलेगी।

विशेष रूप से, इस जनगणना में पहली बार नागरिकों को स्वगणना (Self Enumeration) का अवसर प्रदान किया गया है। इसके अंतर्गत नागरिक दिनांक 07 मई से 21 मई 2026 तक निर्धारित पोर्टल पर लॉगिन कर स्वयं अपनी एवं अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। यह पहल जनसहभागिता को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रक्रिया को अधिक सुगम एवं आधुनिक बनाएगी।

TRN LIVE : बाराबंकी में बाइक डिवाइडर से टकराई, एक की मौत: लोनी कटरा क्षेत्र में हादसा, दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल

एंकर:बाराबंकी के लोनी कटरा थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसा हुआ है। लोनी कटरा इलाके के पास एक ब्रिज पर तेज रफ्तार अनियंत्रित बाइक डिवाइडर से टकरा गई। इस दौरान पीछे से आ रही एक कार ने भी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।घायलों की पहचान मकनपुर निवासी शुभम वर्मा (34 वर्ष) पुत्र जयप्रकाश वर्मा और मयंक वर्मा (30 वर्ष) पुत्र राकेश वर्मा के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही लोनी कटरा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने 108 एंबुलेंस की मदद से दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र त्रिवेदीगंज भेजा।वहां डॉक्टरों ने मयंक वर्मा को मृत घोषित कर दिया। शुभम वर्मा की गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें लखनऊ के ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया है।हादसे की खबर मृतक के गांव मकनपुर पहुंचते ही परिवार में मातम छा गया।पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।

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