आज का मुख्य समाचार पत्र जन जीवन सवाल उठाए गुरु गृह गए पढ़न रघुराई।अल्पकाल विद्या सब पाई।। प्रातः काल उठकर रघुनाथा। मात पिता गुरु नावहिं माथा।। वन्देमातरम् जय श्री कृष्ण 🙏जय श्री राम जी की 🌷

*पालकांनी आपल्या मुलांना ज्या शाळेमध्ये हिंदू संस्कार दिले जातात, त्या शाळेत प्रवेश द्यावा. आपली मुले हे संस्कारक्षम बनवावेत.* *हिंदू संस्कार म्हणजेच आई-वडिलां विषयी जिव्हाळा, देव देवते विषयी प्रेम, मोठ्यांचा आदर आणि लहानांना सन्मान, प्राण्यांविषयी आपुलकी.*

Apr 3, 2026 - 08:25
Apr 3, 2026 - 09:02
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: *आरबीआई का बड़ा कदम: UPI और डिजिटल पेमेंट्स के लिए 'टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन' अनिवार्य, आज से लागू हुए नए नियम*

Digital Payments UPI Payment Two-factor authentication RBI guidelines Bank fraud Business News

भारत में बढ़ते डिजिटल लेन-देन के बीच ऑनलाइन धोखाधड़ी को रोकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सख्ती बढ़ा दी है। 1 अप्रैल 2026 से लोकप्रिय यूपीआई (यूपीआई) प्लेटफॉर्म सहित सभी डिजिटल पेमेंट्स के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य हो गया है। आरबीआई के इस कदम से अब केवल पिन डालकर पेमेंट करना संभव नहीं होगा, इससे ग्राहकों की गाढ़ी कमाई पहले से कहीं अधिक सुरक्षित हो जाएगी।

क्या हैं नए नियम और इसका असर?

आरबीआई के निर्देशों के अनुसार, बैंक और गैर-बैंक संस्थाओं सहित सभी भुगतान प्रणाली सेवा का संचालन करने वाली कंपनियों और प्रतिभागियों को 1 अप्रैल, 2026 तक इन दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करना अनिवार्य था। केंद्रीय बैंक ने बैंक धोखाधड़ी को कम करने और जवाबदेही में सुधार के लिए यह व्यवस्था लागू की है।

दोहरे सत्यापन की अनिवार्यता: आज से उपयोगकर्ताओं को केवल अपना यूपीआई पिन दर्ज करके लेन-देन करने की अनुमति नहीं मिलेगी। इसके बजाय, उन्हें वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी), फिंगरप्रिंट ऑथेंटिकेशन या फेशियल रिकॉग्निशन के जरिए ट्रांजैक्शन को वेरिफाई करना होगा।

पिन चोरी होने पर भी सुरक्षा: इस नियम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यदि किसी को आपका पिन पता भी चल जाए, तो भी दोहरे सत्यापन के बिना अनधिकृत भुगतान सफल नहीं हो सकेंगे। 

ओटीपी का बढ़ता उपयोग: आरबीआई ने सभी डिजिटल पेमेंट्स के लिए 2FA अनिवार्य किया है और वर्तमान में डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम ने मुख्य रूप से एसएमएस-आधारित वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) को इस अतिरिक्त कारक के रूप में अपनाया है।

बैंकिंग एप में स्क्रीनशॉट और रिकॉर्डिंग पर पूरी तरह से प्रतिबंध

भुगतान सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए, उपयोगकर्ता अब किसी भी बैंकिंग ऐप में स्क्रीनशॉट या स्क्रीन रिकॉर्डिंग नहीं ले सकेंगे। किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से उपयोगकर्ता को बचाने के लिए इसे पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि ओटीपी दर्ज करने की प्रक्रिया के कारण लेन-देन में कुछ सेकंड की देरी हो सकती है।

विशेषज्ञों का नजरिया

यूपीआई जैसे इकोसिस्टम में, जहां लेन-देन कुछ ही सेकंड में पूरे हो जाते हैं, धोखाधड़ी रोकने के लिए लेन-देन पूरा होने से पहले का समय ही सबसे महत्वपूर्ण होता है। 'ब्यूरो' के निदेशक (रणनीति और नियामक मामले) अनिल तादिमेटी ने कहा कि यहीं पर प्रमाणीकरण को विकसित करने की आवश्यकता है। उनके अनुसार, "आप कौन हैं, आप क्या जानते हैं, और आपके पास क्या है, इन सभी को मिलाकर और वास्तविक समय में इन सिग्नलों का मूल्यांकन करके संदर्भ के माध्यम से विश्वास स्थापित किया जाना चाहिए"।

आरबीआई का यह नया टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) प्रोटोकॉल भारतीय डिजिटल पेमेंट व्यवस्था को नई मजबूती दे रहा है। नए नियमों से यूजर्स को लेनदेन के दौरान कुछ अतिरिक्त सेकंड का समय लग सकता है, लेकिन लंबे समय में यह कदम बैंकिंग फ्रॉड पर लगाम कसने और डिजिटल भुगतान को पूरी तरह से सुरक्षित बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।

यूपीआई के जरिए मार्च में रिकॉर्ड 22.64 अरब लेनदेन हुए

राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनसीओ) की ओर से बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत के डिजिटल भुगतान तंत्र में मार्च 2026 में जोरदार उछाल दिखा। इसमें यूपीआई के जरिए 2016 में लॉन्च होने के बाद से अब तक सबसे अधिक लेनदेन हुए। 

मार्च में यूपीआई ने 22.64 अरब लेनदेन संसाधित किए, जो फरवरी में दर्ज किए गए 20.39 अरब लेनदेन से काफी अधिक है। मार्च का आंकड़ा जनवरी में दर्ज किए गए 21.70 अरब लेनदेन के पिछले उच्चतम स्तर को भी पार कर गया। वार्षिक आधार पर, लेनदेन की मात्रा में 24 प्रतिशत की वृद्धि हुई। मूल्य के हिसाब से, मार्च में यूपीआई लेनदेन 29.53 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो फरवरी में 26.84 लाख करोड़ रुपये था। जनवरी में कुल लेनदेन का मूल्य 28.33 लाख करोड़ रुपये था।

मार्च में लेन-देन के मूल्य में साल-दर-साल 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो फरवरी में दर्ज की गई 22 प्रतिशत की वृद्धि से थोड़ी कम है। दैनिक आधार पर, लेनदेन की औसत संख्या में मार्च में मामूली वृद्धि देखी गई और यह 730 मिलियन तक पहुंच गई, जबकि फरवरी में यह 728 मिलियन थी। हालांकि, दैनिक लेनदेन का औसत मूल्य पिछले महीने के 95,865 करोड़ रुपये से थोड़ा घटकर 95,243 करोड़ रुपये हो गया।

Tejraftarnews.in: *हिमाचल उपायुक्तों को पांच फीसदी रोस्टर बदलाव पर हंगामा, विपक्ष ने नारेबाजी कर किया वाकआउट*

*विपक्षी दल भाजपा ने इस विषय पर नियम- 67 के तहत काम रोको प्रस्ताव लाकर चर्चा की मांग की। हंगामे के चलते प्रश्नकाल नहीं हो सका।*

 पंचायतीराज चुनावों से पहले उपायुक्तों को रोस्टर में पांच फीसदी तक बदलाव के अधिकार देने के मुद्दे पर विधानसभा में माहौल गरमाया रहा। विपक्षी दल भाजपा ने इस विषय पर नियम- 67 के तहत काम रोको प्रस्ताव लाकर चर्चा की मांग की। हंगामे के चलते प्रश्नकाल नहीं हो सका। सदन की कार्यवाही को भी कुछ समय के लिए स्थगित करना पड़ा। दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर भाजपा विधायक रणधीर शर्मा, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, नेता विपक्ष जयराम ठाकुर और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अपनी-अपनी बात रखी। अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सरकार के जवाब से संतुष्ट होते हुए नियम 67 के तहत चर्चा की अनुमति नहीं दी। इससे नाराज भाजपा विधायकों ने सदन में नारेबाजी की और बाद में वाकआउट कर दिया।

सुबह विधायक रणधीर शर्मा ने नियम-67 के तहत काम रोको प्रस्ताव लाते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि यह फैसला चुनावों को टालने और राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से लिया गया है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि इस निर्णय से चुनाव प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी। बदलाव का अधिकार देने से पारदर्शिता पर सवाल खड़े होंगे। दिसंबर 2025 या जनवरी 2026 में पंचायतीराज चुनाव प्रस्तावित थे। सरकार ने पहले चुनाव आयोग से टकराव लिया। इस मामले पर जब कुछ लोग हाईकोर्ट गए तो सरकार सुप्रीम कोर्ट चली गई। इसी बीच पंचायतों का पुनर्गठन शुरू किया गया। बिना नियमों के मनमर्जी से पंचायतें बनाई गई। अब पंचायतों और पंचायत समीतियों के रोस्टर में बदलाव करने की अधिसूचना जारी कर दी है। चुनाव आयोग से भी इस बाबत चर्चा नहीं की गई। जवाब में राजस्व मंत्री जगत सिंह ने कहा कि वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर कई पंचायतें बार-बार आरक्षित हो रही हैं। सीमित दायरे में उपायुक्तों को रोस्टर में पांच फीसदी तक बदलाव का अधिकार दिया गया है, ताकि संतुलन बनाया जा सके।

*नियमों की धज्जियां उड़ा रही सरकार, हर बात की बन रही जलेबी : जयराम*

नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल में कांग्रेस सरकार बनने के बाद से नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। हर बात की जलेबी बनाई जा रही है। पंचायतीराज संस्थाएं लोकतंत्र की नीवं होती हैं। सरकार इस व्यवस्था को तार-तार करने में लगी है। 2011 की जनगणना के आधार पर ही चुनाव होना चाहिए। पांच फीसदी रोस्टर बदलने का उपायुक्तों को अधिकार देकर क्या किसी मित्र को अध्यक्ष बनाया जाना है। अगर उपायुक्त ने महिलाओं के लिए आरक्षित सीट को ओपन कर दिया तो महिलाएं कहां जाएंगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र खतरे में है। चुनावों से जुड़े आरक्षण रोस्टर में जानबूझकर देरी की जा रही है। सरकार चुनाव टालने के लिए विभिन्न हथकंडे अपना रही है और मुख्यमंत्री अपनी जिद्द पर अड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बैक डेट से नोटिफिकेशन जारी कर नियमों में बदलाव करने की कोशिश कर रही है, जो पूरी तरह गलत है।

*राजनीति करनी होती तो डीसी को 25 फीसदी तक देते अधिकार : सुक्खू*

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल में 31 मई से पहले पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव होंगे। अगर कानूनी अड़चन आई तो अलग बात होगी। हालांकि, कोई अड़चन नहीं होगी। उन्होंने कहा कि इस मामले पर सरकार को राजनीति ही करनी होती तो रोस्टर में बदलाव के लिए जिला उपायुक्तों को पांच नहीं 25 फीसदी के अधिकार दिए जाते। उन्होंने शायराना अंदाज में कहा कि हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं, मेरी कोशिश है कि व्यवस्था बदली चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान में आरक्षण का अधिकार है और रोस्टर तय करने का अधिकार राज्य सरकार का है। कई बार देखा गया है कि कोई सीट तो ओबीसी के लिए आरक्षित होती है लेकिन उस क्षेत्र में जनसंख्या ओबीसी की होती नहीं। 2011 की जनगणना के आधार पर ही चुनाव होंगे। सर्वे को भी देखा जाएगा ताकि किसी के साथ अन्याय ना हो।

*विधायक रणधीर और मंत्री जगत नेगी में वार-पलटवार*

चर्चा के दौरान भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि उपायुक्तों को रोस्टर में बदलाव का अधिकार देने के लिए रात के अंधेरे में अफसरों के माध्यम से वाया सर्कुलेशन कैबिनेट से प्रस्ताव पास करवाया गया। यह वही अफसर हैं जिन्हें रात के अंधेरे में निपटाने की बातें होती थी। इस पर मंत्री जगत सिंह नेगी ने पलटवार कर कहा कि रात के अंधेरे में तो नोटबंदी जैसे फैसले होते हैं। हमारी सरकार ऐसा नहीं करती। उधर, मुख्यमंत्री ने नेता विपक्ष पर सही शब्दाबली का प्रयोग नहीं करने का आरोप लगाया।

*अध्यक्ष बोले, नियम-67 को लेकर की जाएगी समीक्षा*

विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि 27 नवंबर 2025 को धर्मशाला के तपोवन में हुए शीत सत्र के दौरान व्यवस्था दी थी कि नियम-67 के तहत काम रोको प्रस्ताव पर फैसला प्रश्नकाल के बाद होगा। अब भविष्य के लिए इस फैसला की समीक्षा की जाएगी।

Tejraftarnews.in: *हिमाचल: 126 यूनिट से ज्यादा बिजली खपत करने पर अब घरेलू उपभोक्ताओं की सब्सिडी बंद, प्रति यूनिट इतना बिल आएगा*

*300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की चुनावी गारंटी के साथ सत्ता में आई कांग्रेस सरकार ने अब प्रतिमाह 126 यूनिट से अधिक खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को मिलने वाली सब्सिडी बंद कर दी है।*

हिमाचल प्रदेश में 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की चुनावी गारंटी के साथ सत्ता में आई कांग्रेस सरकार ने अब प्रतिमाह 126 यूनिट से अधिक खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को मिलने वाली सब्सिडी बंद कर दी है। पहले 126 से 300 यूनिट तक 1.73 रुपये प्रति यूनिट की दर से सब्सिडी मिलती थी। सब्सिडी के बाद उपभोक्ताओं को 4.17 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिल आते थे। अब 1 अप्रैल 2026 से प्रतिमाह 126 यूनिट से अधिक खपत पर घरेलू उपभोक्ताओं को 5.89 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिल आएगा। उपभोक्ताओं को 85 रुपये का फिक्स चार्ज भी बिल के साथ चुकाना होगा।

*125 यूनिट तक प्रति माह निशुल्क बिजली*

125 यूनिट तक प्रतिमाह दो घरेलू मीटरों पर ही निशुल्क बिजली मिलेगी। इसका लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को राशन कार्ड से मीटर लिंक करवाने होंगे। दो से अधिक बिजली मीटर वाले घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक 5.44 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिल चुकाना होगा। 126 से अधिक यूनिट पर इन उपभोक्ताओं को भी शून्य यूनिट से 5.89 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिल देने पड़ेंगे। विशेष सचिव (ऊर्जा) शुभकरण सिंह ने बुधवार को पत्र जारी कर स्पष्ट किया कि एक राशन कार्ड पर अधिकतम दो बिजली मीटरों तक ही सब्सिडी का लाभ मिलेगा। प्रत्येक मीटर पर 125 यूनिट तक रियायत दी जाएगी। जिनके दो से अधिक मीटर हैं, उनके लिए दो मीटर का चयन बिलिंग सिस्टम के जरिए किया जाएगा, जिसे उपभोक्ता बाद में बदल भी सकेंगे। नई व्यवस्था के तहत स्लैब आधारित सब्सिडी लागू रहेगी। 0 से 125 यूनिट तक उपभोक्ताओं को निशुल्क बिजली मिलेगी। 126 से 300 और 301 यूनिट से अधिक खपत पर कोई सब्सिडी नहीं मिलेगी।

*अति गरीब परिवारों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली*

राज्य सरकार ने एक लाख अति गरीब परिवारों को एक मीटर पर प्रतिमाह 300 यूनिट तक बिजली पूरी तरह मुफ्त देने का फैसला लिया है। इन उपभोक्ताओं को जीरो बिल जारी होगा और इसमें सेट, ईडी और मीटर टैक्स भी नहीं लगेगा। पात्र परिवारों की सूची संबंधित विभाग बिजली बोर्ड के साथ साझा करेगा। बीपीएल परिवारों को भी दो बिजली मीटरों पर 125-125 यूनिट तक निशुल्क बिजली सप्लाई मिलेगी।

*कृषि उपभोक्ताओं को दी राहत*

सरकार ने कृषि उपभोक्ताओं के लिए बिजली सब्सिडी जारी रखने का फैसला लिया है। 0 से 20 केवीए तक के कनेक्शन पर 5.03 रुपये की बिजली दरों पर 4.73 रुपये की सब्सिडी मिलेगी। प्रभावी दर घटकर 30 पैसे प्रति यूनिट रहेगी। इन उपभोक्ताओं से फिक्स्ड चार्ज 105 रुपये प्रति माह लिया जाएगा।

*अब बढ़ेगी सब्सिडी दायरे से बाहर होने वालों की संख्या*

दो बिजली मीटरों पर ही सब्सिडी मिलने की व्यवस्था लागू होने के बाद इसके दायरे से लाखों घरेलू उपभोक्ता बाहर होंगे। अभी कई उपभोक्ताओं के नाम पर दो से अधिक बिजली मीटर लगे हुए हैं। राजधानी शिमला सहित प्रदेश के जिला मुख्यालयों में ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या अधिक है। मुख्य शहरों में रहने वाले मकान मालिकों ने अपने भवनों में कई बिजली मीटर लगाए हुए हैं। इन भवनों में रहने वाले किराएदारों को अब महंगी बिजली मिलेगी। ऐसे भी हजारों मकान मालिक हैं, जिनके मुख्य शहरों सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी घर हैं। इन्हें अब तय करना होगा कि किन मीटरों को सब्सिडी के दायरे में रखना है और किन्हें बाहर करना है।

*गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को मिलेगी राहत*

इस फैसले का मकसद गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवारों और किसानों को राहत देना है। सब्सिडी को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए राशन कार्ड लिंकिंग और डिजिटल डाटा साझा करने की प्रक्रिया को भी मजबूत किया जा रहा है। आगामी बिलिंग चक्र में यह व्यवस्था लागू होगी।- *राकेश कंवर, ऊर्जा सचिव*

Tejraftarnews.in: *पंचायत प्रधान बनने के बाद चिट्टे का आरोप तय होने पर जाएगी कुर्सी, सख्त होंगे नियम*

*पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर प्रदेश सरकार नियमों को सख्त करने जा रही है। पंचायत का प्रधान बनने के बाद अगर चिट्टे के आरोप तय हो जाते है तो ऐसी स्थिति में उसकी कुर्सी जाएगी।*

हिमाचल प्रदेश में आगामी पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर प्रदेश सरकार नियमों को सख्त करने जा रही है। पंचायत का प्रधान बनने के बाद अगर चिट्टे के आरोप तय हो जाते है तो ऐसी स्थिति में उसकी कुर्सी जाएगी। विधेयक में यह भी प्रावधान किया है। पहले चिट्टे में दोषी लोग चुनाव नहीं लड़ पाएंगे, यह प्रावधान किया गया था। पंचायत का कोरम पूरा करने के लिए अब परिवार का प्रतिनिधित्व आधार नहीं माना जाएगा। अब पंचायतों मेें कुल वोटर की 10 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य होनी।

इसके साथ ही जिला परिषद में पहले कोरम के लिए पहले सदस्यों की आधी उपस्थित जरूरी थी लेकिन अब इसे वन थर्ड उपस्थित अनिवार्य किया गया है। कोरम पूरा न होने के कारण योजनाएं स्वीकृति नहीं हो पाती थी। ऐसे में यह प्रावधान किए गए हैं। बुधवार को विधानसभा के पटल में यह विधेयक रखा गया है। वीरवार को इसे सर्वसम्मति से मंजूरी मिलेगी। प्रावधानों के अनुसार सरकारी या पंचायत भूमि पर अवैध कब्जा करने वाले लोग भी चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।

वित्तीय अनुशासन को ध्यान में रखते हुए सहकारी बैंकों और सोसाइटियों के डिफाल्टरों को भी चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित किया गया है। साथ ही, जिन लोगों पर पंचायत के ऑडिट में रिकवरी लंबित है, वे भी चुनावी प्रक्रिया से बाहर रहेंगे। यह कदम पंचायतों में वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।सरकार का कहना है कि इन सख्त नियमों का उद्देश्य साफ-सुथरी छवि वाले और ईमानदार प्रतिनिधियों को पंचायतों में लाना है, ताकि ग्रामीण विकास योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो सके। इस निर्णय से चुनावी मैदान में साफ छवि वाले उम्मीदवारों को बढ़ावा मिलेगा और पंचायत स्तर पर सुशासन को मजबूती मिलेगी।

T: *हिमाचल में महंगी हुई अंग्रेजी शराब: 100 रुपये तक बढ़ गए दाम, रेगुलर ब्रांड में नहीं हुई अधिक बढ़ोतरी; जानें*

*हिमाचल प्रदेश में अंग्रेजी शराब के दाम बढ़ गए हैं। वहीं, रेगुलर ब्रांड के दामों में अधिक बढ़ोतरी नहीं हुई है। इसके साथ ही शराब के ठेकों पर सभी ब्रांड की रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य रहेगा।*

हिमाचल प्रदेश में अंग्रेजी शराब के दाम 100 रुपये तक बढ़ गए हैं। साल 2026-27 के लिए कर एवं आबकारी विभाग ने शराब के नए दाम जारी कर दिए हैं। रेगुलर ब्रांड के दाम में अधिक बढ़ोतरी नहीं हुई है। इनके दाम औसतन 10 से 30 रुपये तक ही बढ़े हैं।

शराब ठेकों की ऑनलाइन नीलामी बीते साल के बेस प्राइज से 10 फीसदी की बढ़ोतरी पर की गई है। सरकार ने साल 2026-27 में भी एमआरपी के तहत ही ठेके नीलाम किए हैं। साल 2025-26 में सरकार ने यू टर्न लेते हुए एमएसपी को समाप्त कर एमआरपी की व्यवस्था फिर शुरू की थी।

इससे पहले वित्त वर्ष 2024-25 में सरकार ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की तर्ज पर शराब की बिक्री की थी। इसमें शराब की बोतलों पर एमआरपी (अधिकतम खुदरा मूल्य) की जगह एमएसपी (न्यूनतम विक्रय मूल्य) लिखा होता था।

रेट लिस्ट लगाना किया अनिवार्य, अफसरों के फोन नंबर भी लगेंगे साथ

शराब के ठेकों पर सभी ब्रांड की रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य रहेगा। रेट लिस्ट पर ही संबंधित क्षेत्र के कर एवं आबकारी निरीक्षक का फोन पर भी लिखना जरूरी कर दिया है। ऐसा नहीं करने वाले शराब कारोबारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। अगर किसी व्यक्ति से शराब कारोबारी एमआरपी से अधिक रेट वसूलता है तो संबंधित अधिकारी को फोन पर इसकी शिकायत की जा सकेगी।

शराब का ब्रांड रेट 2025 रेट 2026

100 पाईपर 1600 1655

वैट 69 1400 1505

ब्लेंडर प्राइड 1015 1040

8 पीएम प्रीमियम ब्लैक 715 730

रॉयल चैलेंज 725 750

ऑल सीजन 725 755

ऑफिसर च्वाइस 535 545

राॅयल स्टैग 750 770

Tejraftarnews.in: *सीबीएसई सब-कैडर भर्ती के लिए हाईकोर्ट ने टीजीटी शिक्षकों को अंतरिम राहत देने से किया इन्कार*

*हाईकोर्ट ने टीजीटी शिक्षकों को अंतरिम राहत देने से इन्कार कर दिया है, जिसमें शिक्षकों ने खुद को डीम्ड (मानित) पीजीटी मानकर सीबीएसई सब-कैडर की भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति मांगी थी।*

 हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने टीजीटी शिक्षकों को अंतरिम राहत देने से इन्कार कर दिया है, जिसमें शिक्षकों ने खुद को डीम्ड (मानित) पीजीटी मानकर सीबीएसई सब-कैडर की भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति मांगी थी। न्यायाधीश अजय गोयल की अदालत ने स्पष्ट किया कि अंतरिम राहत के लिए तीन शर्तें होना अनिवार्य है। प्रथम दृष्टया मामला सुविधा का संतुलन और अपूर्णीय क्षति, याचिकाकर्ताओं के पक्ष में नहीं है। अदालत ने कहा कि ऐसी राहत देना न्यायिक औचित्य के खिलाफ होगा, क्योंकि इससे एक ऐसी श्रेणी के लोगों को भर्ती में शामिल कर लिया जाएगा, जिनका कानूनी अस्तित्व फिलहाल उस पद के लिए नहीं है। हाईकोर्ट ने गुरबख्श सिंह एवं अन्य मामले में अंतरिम राहत के आवेदन को खारिज कर दिया है, हालांकि मुख्य याचिका पर सुनवाई जारी रहेगी। अदालत ने प्रतिवादी राज्य सरकार व अन्य को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 28 अप्रैल को होगी।

वर्तमान में टीजीटी के रूप में कार्यरत याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की थी कि 23 सितंबर 2025 की संशोधित अंतिम वरिष्ठता सूची को लागू किया जाए। उन्हें पीजीटी के पद पर पदोन्नत माना जाए ताकि वे सीबीएसई संबद्ध स्कूलों के लिए बनाए गए नए सब-कैडर की भर्ती परीक्षा और काउंसलिंग में भाग ले सकें। सीबीएसई सब-कैडर के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 5 मार्च 2026 को तब तक आगे बढ़ाया जाए जब तक उनकी पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी न हो जाए।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के महाधिवक्ता अनूप रतन ने दलील दी कि यह मामला पहले से खंडपीठ के समक्ष लंबित है। उन्होंने तर्क दिया कि चूंकि याचिकाकर्ता अभी भी टीजीटी के पद पर ही तैनात हैं, इसलिए उन्हें पीजीटी मानकर भर्ती में शामिल होने की अनुमति देना कानूनी रूप से गलत होगा। अदालत ने सरकार के तर्कों से सहमति जताते हुए कहा कि अगर अदालत याचिकाकर्ताओं को पीजीटी मानकर भर्ती में शामिल होने की अनुमति देती है तो यह उन उम्मीदवारों के साथ अन्याय होगा जो वर्तमान में वास्तव में पीजीटी के पद पर कार्यरत हैं और भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा हैं।

रिब्बा-कांडा लिंक रोड का काम लटका, हाईकोर्ट ने केंद्रीय वित्त मंत्रालय को बनाया पक्षकार

 प्रदेश हाईकोर्ट ने किन्नौर जिले की रिब्बा-कांडा लिंक रोड परियोजना के निर्माण में हो रही देरी और फंड रुकने के मामले में कड़ा संज्ञान लिया है। न्यायाधीश ज्योत्स्ना रिवाल दुआ की अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार के वित्त मंत्रालय को नया प्रतिवादी बनाया है और नोटिस जारी किया है। अदालत ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बजट का लगभग आधा हिस्सा खर्च हो चुका है, लेकिन सड़क अधूरी रहने से यह न केवल विकास कार्य में बाधा है, बल्कि जनता के लिए खतरनाक भी साबित हो सकती है।

अदालत ने डिप्टी सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया को निर्देश दिए गए हैं कि वे वित्त मंत्रालय से फंड जारी करने या समय सीमा बढ़ाने के संबंध में निर्देश प्राप्त करें। अदालत ने सभी प्रतिवादियों को आपस में मिलकर समाधान निकालने की छूट दी है, ताकि खर्च हुआ पैसा व्यर्थ न जाए।मामले की अगली सुनवाई 5 मई को होगी। अदालत को बताया गया कि 11.725 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण साल 2017 में मंजूर हुआ था। इसके लिए 757.70 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया था, जिसमें से अब तक 377.14 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। हालांकि, लगभग 11 किलोमीटर की कटिंग का काम पूरा हो चुका है, लेकिन सड़क अभी भी आम जनता के लिए तैयार नहीं है।

लोक निर्माण विभाग ने देरी के लिए पहले कोविड-19 महामारी उसके बाद अचानक आई बाढ़ और भारी बारिश का हवाला दिया। सुनवाई के दौरान नाबार्ड के उप महाप्रबंधक कुशल दीप व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस परियोजना को पूरा करने की समय सीमा 31 मार्च 2020 थी। राज्य सरकार के अनुरोध पर इसे सितंबर 2023 तक बढ़ाया गया था। लेकिन अब ट्रेंच बंद होने के कारण नाबार्ड सीधे फंड जारी नहीं कर सकता।नाबार्ड ने अदालत को बताया कि अब दो ही रास्ते बचे हैं-या तो केंद्रीय वित्त मंत्रालय विशेष अनुमति दे या राज्य सरकार इस अधूरे काम को एक नई प्राथमिकता वाली परियोजना के रूप में नाबार्ड को दोबारा भेजे। इसके बाद अदालत ने केंद्रीय वित्त मंत्रालय को पक्षकार बनाया।

[02/04, 9:38 am] +91 94185 64267: *चंबा बिना पूछे समारोह में गई युवती पर तेजधार हथियार से हमला*

*सलूणी क्षेत्र की घटना, पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर शुरू की मामले की छानबीन*

चंबा। समारोह में बिना पूछे जाने पर मंगेतर ने युवती पर तेजधार हथियार से हमला कर दिया। युवती गंभीर रूप से घायल हो गई है। युवती के चिल्लाने की आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे।

उन्होंने घायल बेटी को सामुदायिक अस्पताल सलूणी पहुंचाया। यहां घायल युवती को प्राथमिक उपचार उपचार देकर मेडिकल कॉलेज में ईएनटी विशेषज्ञ से जांच करवाने का हवाला दिया है। युवती की हालत स्थित बताई जा रही है। इस सनसनीखेज घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में अफवाहों का दौर जारी है।

*पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सीमा पुत्री अमर सिंह निवासी दबियुंडा तहसील सलूणी का प्रेम प्रसंग केवल पुत्र राज कुमार निवासी गांव फुकोलता जम्मू-कश्मीर के साथ चल रहा था। दोनों ने अपने परिवारों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद दोनों परिवार उनकी शादी के लिए रजामंद हो गए। बताया जा रहा है कि बीते कुछ दिनों से केवल प्रेमिका के घर रह रहा है*। बुधवार को युवती रिश्तेदारी में आयोजित समारोह में बिना अपने मंगेतर से पूछे ही चली गई। समारोह से लौटने के बाद जब मंगेतर ने उससे समारोह में जाने की बात पूछी तो उनमें इसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई। युवती के मुताबिक इसी बात से खिन्न होकर आरोपी केवल कुमार ने तेजधार हथियार से उनके गले पर वार कर दिया। युवती के चीखने की आवाज सुनकर परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने युवती को जैसे-तैसे अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद युवती को घर भेज दिया गया। अस्पताल की ओर से सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने आरोपी युवती के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर पूछताछ के लिए पुलिस चौकी में तलब किया है। खबर लिखे जाने तक युवक से पूछताछ जारी है।

*बीएमओ किहार डॉ मनोज ठाकुर ने बताया* कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में युवती का उपचार करने के बाद उसे गले की जांच के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज चंबा में भेजा गया है। बहरहाल, युवती की हालत में सुधार है।

*--डीएसपी रंजन शर्मा ने बताया* कि पुलिस ने बीएनएस की धारा 118 ए के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।

Tejraftarnews.in: *तीसा-बैरागढ़ मार्ग युवक चरस के साथ आरोपी अरेस्ट*

*चुराह उपमंडल में पुलिस की*

*नूरपुर-चंबा एसटीएफ टीम ने 867 ग्राम पकड़ा नशा, मामला दर्ज कर कार्रवाई की तेज*

चुराह उपमंडल के तीसा- बैरागढ़ मार्ग पर पुलिस की नूरपुर-चंबा एसटीएफ टीम ने 867 ग्राम चरस खेप की सहित एक युवक को दबोचने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर हवालात में बंद कर दिया गया है। आरोपी को पुलिस रिमांड हेतु गुरूवार को अदालत में पेश किया जाएगा। आरोपी युवक से चरस खेप की खरीद-फरोख्त को लेकर पूछताछ की जा रही है। जानकारी के अनुसार पुलिस की नुरपूर-चंबा एसटीएफ की टीम तीसा-बैरागढ मार्ग पर खुशनगरी के पास ढांजू नाला में पैट्रोलिंग पर थी। इसी दौरान पंगडडी के रास्ते से पैदल मुख्य सडक़ की ओर आ रहा युवक पुलिस टीम को देखकर घबरा कर भागने का प्रयास करने लगा। पुलिस टीम को युवक की गतिविधियां संदिग्ध दिखने पर तुरंत पीछा कर धर दबोचा। *पुलिस की पूछताछ में युवक ने अपनी पहचान हिम्मो वासी गांव शालवां पोस्ट आफिस जुंगरा तहसील चुराह के तौर पर बताई।* पुलिस टीम ने युवक की संदेह के आधार पर तलाशी दौरान कब्जे से 867 ग्राम चरस बरामद की। आरोपी युवक के खिलाफ तीसा पुलिस थाना में मामला दर्ज किया गया है।

*युवक के खिलाफ तीसा पुलिस थाना में मामला दर्ज*

एसपी चंबा विजय कुमार सकलानी ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि आरोपी युवक के खिलाफ तीसा पुलिस थाना में मामला दर्ज कर नियमानुसार आगामी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। उन्होंने दोहराया कि जिला में सक्रिय चरस माफिया की धरपकड़ हेतु अभियान लगातार जारी रहेगा और तस्करों को नहीं बख्शा जाएगा

Tejraftarnews.in: *अब दो घरेलू मीटरों पर 250 यूनिट फ्री बिजली, इन एक लाख परिवारों को 300 यूनिट मिलेंगे मुफ्त* 

हिमाचल में बिजली उपभोक्ताओं को अब दो मीटरों पर 250 यूनिट बिजली फ्री मिलेगी। वहीं एक लाख गरीब परिवारों को 300 यूनिट तक निशुल्क बिजली देने पर भी सरकार ने फैसला ले लिया है। इन उपभोक्ताओं को जीरो बिल जारी होगा और इसमें सेट, ईडी और मीटर टैक्स भी नहीं लगेगा। ऊर्जा विभाग के विशेष सचिव शुभकर्ण सिंह ने इस संबंध में एक पत्र बिजली बोर्ड के प्रबंध निदेशक को भेजा है। मुख्यमंत्री की ओर से बजट में एक लाख निर्धन परिवारों को 300 यूनिट तक फ्री बिजली देने की घोषणा को अमलीजामा पहना दिया गया है। इसके तहत इन परिवारों को एक मीटर पर निशुल्क बिजली मिलेगी। पात्र परिवारों की सूची संबंधित विभाग बिजली बोर्ड के साथ साझा करेगा। प्रदेश में उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक फ्री बिजली देने को लेकर भी पत्र में स्थिति स्पष्ट कर दी गई है। इसके तहत एक उपभोक्ता को दो बिजली मीटर पर प्रति माह 250 यूनिट निशुल्क बिजली मिलेगी। यानी कि एक मीटर पर 125 यूनिट निशुल्क बिजली बोर्ड देगा। पत्र के अनुसार एक राशन कार्ड पर अधिकतम दो बिजली मीटरों तक ही सबसिडी का लाभ मिलेगा। जिन उपभोक्ताओं के दो से अधिक मीटर हैं, उनके लिए दो मीटर का चयन बिलिंग सिस्टम के जरिए किया जाएगा और इसे उपभोक्ता बाद में बदल भी सकते है। पत्र में कहा गया है कि 0 से 125 यूनिट तक उपभोक्ताओं को निशुल्क बिजली मिलेगी।

126 से अधिक बिजली खपत और 126 से 300 और 301 यूनिट से अधिक खपत पर कोई सबसिडी नहीं मिलेगी। जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक अपने कंज्यूमर आईडी को राशन कार्ड से लिंक नहीं किया है, उन्हें सबसिडी का लाभ लेने के लिए यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। व्यवस्था के तहत 0 से 125 यूनिट स्लैब के उपभोक्ताओं को पहले की तरह जीरो बिल मिलता रहेगा, जबकि दो से अधिक बिजली मीटर वाले घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक 5.44 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिल चुकाना होगा। 126 से अधिक यूनिट पर इन उपभोक्ताओं को भी शून्य यूनिट से 5.89 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिल अदायगी करनी पड़ेगी। सरकार ने कृषि उपभोक्ताओं के लिए बिजली सबसिडी जारी रखने का फैसला लिया है। इसके तहत 0 से 20 केवीए तक के कनेक्शन पर 5.03 रुपए की बिजली दरों पर 4.73 रुपए की सबसिडी मिलेगी। प्रभावी दर घटकर 30 पैसे प्रति यूनिट रहेगी। इन उपभोक्ताओं से फिक्स्ड चार्ज 105 रुपए प्रति माह लिया जाएगा।

Tejraftarnews.in: *लाइट कॉमर्शियल व्हीकल टोल टैक्स से बाहर, हिमाचल सरकार ने टोल टैक्स नीति में किया एक और बदलाव* 

हिमाचल सरकार ने टोल टैक्स नीति में एक और बदलाव किया है। बजट सत्र समाप्त होने के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि अब हिमाचल के लाइट कॉमर्शियल व्हीकल, पिकअप, टैक्सी, टाटा और छोटा हाथी थ्री व्हीलर को टोल से हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि चार से छह टायर वाले ट्रक की रेट पिछले साल की तरफ 320 रुपए किया है, जबकि थ्री एक्सेल वाले 10, 12 और 14 टायर वाले ट्रकों का रेट कम करके 570 रुपए रखा है। इसी तरह दूसरे राज्य के पैसेंजर कार के रेट को 130 से कम करके 100 रुपए कर दिया है। सीएम ने कहा कि बॉर्डर एरिया में किसी भी राज्य के रहने वाले लोगों को पांच किलोमीटर के दायरे में पास की सुविधा उपलब्ध करवाई है। मुख्यमंत्री ने पंचायत चुनाव में पांच प्रतिशत आरक्षण की शक्ति उपायुक्तों को देने को लेकर भाजपा की तरफ से उठाए जा रहे सवालों पर कहा कि जो शक्तियां डीसी को दी गई हैं, जरूरी नहीं है कि उन्हें इंप्लीमेंट करना है। कई जगह पंचायत ओबीसी रिजर्व होती है और कैंडिडेट नहीं मिलता। ऐसी विशेष परिस्थिति में इंप्लीमेंट करने की शक्तियां दी गई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह मेंडेटरी नहीं है कि प्रतिशत चेंज करना है।

इस दौरान उन्होंने पंचायत चुनाव 31 मई से पहले होने की बात भी कही। डीजल-पेट्रोल पर लगाए जाने वाले सेस के मुद्दे पर सीएम ने कहा कि नेशनल मीडिया ने इस मामले में झूठा प्रचार किया है। सरकार ने पेट्रो पदार्थों के दाम नहीं बढ़ाए हैं। नेशनल मीडिया यह साबित करने की कोशिश कर रहा है कि रेट बढ़ा दिए हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा से बिल पास हुआ है और सरकार ने अभी सिर्फ एक अधिकार लिया है कि अधिकतम पांच रुपए प्रति लीटर तक सेस हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार दल बदल करने वालों की पेंशन बंद करने को लेकर एक विधेयक लेकर आई है, जिससे लोकतंत्र मजबूत होगा। लेकिन विपक्ष द्वारा इसको रेट्रोस्पेक्टिव कहना गलत है। सीएम ने कहा कि बजट सत्र में विपक्ष की बातों को भी सुना और कई मुद्दे ऐसे भी आए, जिस पर बहस भी हुई। कई बिल पास भी हुए। बकौल सीएम कुल-मिलाकर बजट सत्र अच्छा रहा। आने वाले समय में जिस भी सुधार की जरूरत होगी, वो करेंगे। सीएम सुक्खू ने कहा कि भ्रष्टाचार में जो भी लोग सम्मिलित होंगे, उन्हें सलाखों के पीछे भेजेंगे।

नेता प्रतिपक्ष को सीएम का जवाब

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के आरोपों का जवाब देते हुए सीएम ने कहा कि उनके समय तो आदर्श सरकार चलती थी। तभी यह हुआ कि हिमकेयर, कस्टमाइज पैकेज पांच हजार करोड़ की जगह एक रुपए में बेच दी। उन्होंने कहा कि 60 हजार करोड़ की आरडीजी और जीएसटी कंपनसेशन मुझे मिला होता, तो प्रदेश को कर्जमुक्त बनाता और हिमाचल आज आत्मनिर्भर होता। आरडीजी बंद होने के बाद भी सरकार हिमाचल को आत्मनिर्भर, समृद्धशाली और अमीर राज्य बनाने की दिशा में काम कर रही है।

Tejraftarnews.in: *ईरान को बड़ा झटका, मिडल ईस्ट का सबसे ऊंचा पुल तबाह, अमरीकी राष्ट्रपति बोले, ईरान पर हासिल की जीत* 

डोनाल्ड ट्रंप बोले; ईरान पर जीत हासिल की, समझौता नहीं किया तो ईरान को पाषाण काल में पहुंचा देंगे

पश्चिम एशिया में जारी जंग में गुरुवार को ईरान को बड़ा झटका लगा है। अमरीका और इजरायल के हमलों में ईरानके अलबोर्ज प्रांत में बनाया जा रहा पश्चिम एशिया का सबसे बड़ा पुल बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस हमले के बाद इलाके में बिजली भी गुल हो गई, जिससे आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी थम सी गई है। यह बी-1 वन ब्रिज ईरान के उत्तरी करज में स्थित है और यह मिडल ईस्ट का सबसे बड़ा पुल बनने जा रहा था। इसे बनाने में करीब 400 मिलियन यूएस डालर यानी 37 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए जा रहे हैं। उधर, अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में दावा किया कि अमरीका को ईरान जंग में जीत मिली है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अमरीका दो-तीन हफ्ते में ईरान पर बड़ा हमला करेगा। ट्रंप ने कहा कि ईरान की मिसाइल-ड्रोन क्षमता और नौसेना खत्म हो गई है। सैन्य ताकत काफी कमजोर हो गई है। इस सैन्य अभियान का अहम मकसद पूरा होने वाला है। ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो अमरीका, ईरान को स्टोन एज, यानी पाषाण काल में भेज देगा। उधर, ईरान की सेना के एयरस्पेस फोर्स के कमांडर माजिद मौसवी ने अमरीका को सख्त चेतावनी दी है।

उन्होंने कहा कि जो लोग ईरान को धमकी दे रहे हैं, वे असल में अपने ही सैनिकों को मौत की तरफ धकेल रहे हैं। ईरान को पाषाण युग में भेजने की बात ट्रंप की सिर्फ कल्पना है और ऐसा करना संभव नहीं है। हॉलीवुड ने आपके दिमाग में भ्रम पैदा कर रहा है। अमरीका सिर्फ 250 साल पुराना देश है, जबकि ईरान की सभ्यता 6,000 साल पुरानी है और वह हमें डाराने की कोशिश कर रहा है। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बीच ईरान ने बड़ा फैसला किया है. ईरान ने कहा कि वह दुश्मनों के लिए होर्मुज स्ट्रेट को कभी नहीं खोलेगा। ईरान ने कहा है कि वह किसी भी यूरोपीय, एशियाई या अरब देश के साथ स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने के लिए समझौता करने को तैयार है, लेकिन दुश्मनों के लिए होर्मुज स्ट्रेट कभी नहीं खोला जाएगा। ईरान के खातम अल अंबिया के सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फागरी ने इजरायल और अमरीका के ऊपर विनाशकारी हमले करने की धमकी दी है। साथ ही ईरान की सैन्य क्षमताएं कम होने के ट्रंप के दावे को खारिज करते हुए जोल्फागरी ने कहा कि हमारी सैन्य शक्ति और उपकरणों के बारे में आपकी खुफिया जानकारी अधूरी है। अमरीका ने जिन जगहों पर हमला किया है, वे महत्त्वहीन हैं। हमारा रणनीतिक सैन्य उत्पादन उन जगहों पर होता है, जिन्हें आप नहीं जानते। जहां आप कभी नहीं पहुंच पाएंगे। उधर, ईरान के जिस नेता से पाकिस्तान शांति समझौते को लेकर बातचीत कर रहा था, उसी पर गुरुवार को अमरीका और इजरायल ने स्ट्राइक कर दी। पूर्व में ईरान के विदेश मंत्री रह चुके कमाल खराजी इस हमले में बुरी तरह से घायल हुए हैं, जबकि उनकी पत्नी की मौत हो गई है।

होर्मुज को लेकर ब्रिटेन में 35 देशों की बैठक, भारत भी होगा शामिल

लंदन। ब्रिटेन इस हफ्ते 35 देशों की एक बड़ी बैठक आयोजित करने जा रहा है। इस बैठक का मकसद होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने के रास्ते तलाशना है। ब्रिटेन ने इस बैठक के लिए भारत को आमंत्रित किया है। इस बैठक में भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी शामिल होंगे। इसमें दुनिया के और भी कई बड़े देशों के शामिल होने की संभावना है।

Tejraftarnews.in: *नेपाल में 188 करोड़ के एवरेस्ट स्कैंडल का भंडाफोड़, खाने में बेकिंग सोडा मिलाकर बीमार करते थे, फिर… पढ़ें पूरी खबर* 

खाने में बेकिंग सोडा मिलाकर बीमार करते थे, फिर हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू कराकर बनाते थे मोटा पैसा

नेपाल में माउंट एवरेस्ट से जुड़ा एक बड़ा स्कैंडल सामने आया है। काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ शेरपा और ट्रेकिंग से जुड़े लोग मिलकर खाने में बेकिंग सोडा या एक खास दवा मिलाकर पर्यटकों को बीमार बनाकर महंगे हेलिकॉप्टर रेस्क्यू के जरिए करोड़ों का बीमा घोटाला कर रहे थे। नेपाल पुलिस ने इस मामले में 32 लोगों पर केस दर्ज किया है। इनमें ट्रेकिंग कंपनी के मालिक, हेलिकॉप्टर ऑपरेटर और अस्पताल से जुड़े लोग शामिल हैं। इन पर संगठित अपराध और धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं। बता दें कि नेपाल के पहाड़ी इलाकों में हेलिकॉप्टर रेस्क्यू बहुत महंगा होता है। इसमें 2.5 लाख से छह लाख भारतीय रुपए लगते हैं। नेपाल के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू करना कई बार लोगों की जान बचाने का जरूरी तरीका होता है। वहां ऑक्सीजन कम होती है और मौसम अचानक खराब हो सकता है, इसलिए बीमार या फंसे ट्रेकर को जल्दी काठमांडू पहुंचाना जरूरी होता है। हालांकि इसी सिस्टम का गलत फायदा भी उठाया जाता रहा है।

जांच में सामने आया कि कुछ शेरपा, ट्रेकिंग एजेंसियों के साथ मिलकर पर्यटकों के खाने में बेकिंग सोडा मिला देते हैं। इससे पर्यटकों को तेज पेट दर्द, उल्टी और अन्य दिक्कतें होती थीं, जो ऊंचाई पर होने वाली बीमारी (एल्टीट्यूड सिकनेस) जैसी लगती हैं। कुछ मामलों में लोगों को डायमॉक्स (एक दवा जो ऊंचाई की बीमारी के लिए दी जाती है) के साथ ज्यादा पानी पिलाकर ऐसे लक्षण पैदा किए गए, जिससे लगे कि हालत गंभीर है। जब पर्यटक बीमार पड़ जाते, तो उन्हें महंगे हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू कराने के लिए दबाव बनाया जाता और इसके बाद फर्जी मेडिकल रिपोर्ट और फ्लाइट दस्तावेज बनाकर इंटरनेशनल बीमा कंपनियों से पैसे वसूले जाते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक रेस्क्यू के दौरान एक ही हेलिकाप्टर में कई लोगों को बैठाया जाता, लेकिन हर व्यक्ति के नाम से अलग-अलग पूरा बिल बीमा कंपनी को भेजा जाता, जैसे हर किसी के लिए अलग उड़ान हुई हो। जैसे 4000 डॉलर की उड़ान के लिए 12000 डॉलर का क्लेम बना दिया जाता। इस पूरे खेल में शेरपा, हेलिकॉप्टर कंपनियां, ट्रेकिंग एजेंसियां और अस्पताल मिलकर पैसा बांट लेते थे। जांच जनवरी में शुरू हुई थी, तब से तीन बड़ी रेस्क्यू कंपनियों के छह अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है।

[Tejraftarnews.in: *Himachal Panchayat Election 2026: प्रदेश में यह लोग नहीं लड़ सकेंगे पंचायत चुनाव* 

सदस्य चुने जाने के बाद भी तस्करी में शामिल होने पर जाएगी सदस्यता

हिमाचल प्रदेश में चिट्टा तस्करी में शामिल लोग पंचायत चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। विधानसभा में गुरुवार को हिमाचल प्रदेश पंचायती राज संशोधन विधेयक, 2026 बिना चर्चा के पारित कर दिया गया। अब इसे राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राज्यपाल की स्वीकृति मिलते ही यह प्रावधान प्रभावी हो जाएगा और चिट्टा तस्करी से जुड़े लोग चुनावी प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे। पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह द्वारा बीते बुधवार को इस विधेयक को सदन में पेश किया था। इस संशोधन के तहत पंचायत जनप्रतिनिधियों पर भी सख्त प्रावधान लागू होंगे। यदि कोई प्रधान, उप प्रधान, वार्ड मेंबर, बीडीसी सदस्य या जिला परिषद सदस्य चुने जाने के बाद चिट्टा तस्करी में संलिप्त पाया जाता है और उस पर आरोप तय हो जाते हैं, तो उसकी सदस्यता समाप्त कर दी जाएगी। संशोधन में सहकारी बैंकों और सोसाइटियों के डिफाल्टरों को भी चुनाव लडऩे से अयोग्य घोषित करने का प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा जिन लोगों पर पंचायत ऑडिट में रिकवरी लंबित है, वे भी चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। सरकार का उद्देश्य पंचायतों में वित्तीय अनुशासन लाना और साफ-सुथरी छवि वाले प्रतिनिधियों को बढ़ावा देना है। राज्य की करीब 3700 पंचायतों में 31 मई से पहले चुनाव प्रस्तावित हैं। इसके लिए 7 अप्रैल तक आरक्षण रोस्टर तय किया जाना है। हर चुनाव में 60 हजार से अधिक उम्मीदवार मैदान में उतरते हैं। ऐसे में यह संशोधन बड़ी संख्या में संभावित उम्मीदवारों को प्रभावित करेगा और पंचायत चुनाव की तस्वीर बदल सकता है।

ग्राम सभाओं के कोरम में हुआ बदलाव

विधेयक में ग्राम सभाओं के कोरम को लेकर भी अहम संशोधन किया गया है। अब तक ग्राम सभा के लिए 25 प्रतिशत परिवारों की उपस्थिति अनिवार्य थी, लेकिन नए प्रावधान के तहत इसे बदल दिया गया है। अब कुल परिवारों की बजाय कुल मतदाताओं में से 10 प्रतिशत की उपस्थिति को कोरम माना जाएगा।

Tejraftarnews.in: *एनटीटी भर्ती में राहत को केंद्र से करेंगे बात** 

हिमाचल के 6000 से अधिक स्कूलों में एनटीटी की भर्ती में तय पात्रता में राहत के लिए केंद्र समक्ष के उठाया जाएगा। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने विधानसभा के चल रहे बजट सत्र में प्रश्नकाल के दौरान यह ऐलान किया है। विधायक डा. जनक राज के मूल और विधायक हंस राज के अनुपूरक सवाल पर जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के 6409 प्राथमिक पाठशालाओं में प्री-प्राइमरी कक्षाएं चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि एचपीएसआईडीसी के तहत एनटीटी के पदों को भरने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि एनसीटीई की गाइडलाइन के तहत एनटीटी के लिए मान्यता प्राप्त संस्थान से दो वर्षीय डिप्लोमा होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कहीं एनटीटी डिप्लोमा के लिए मान्यता प्राप्त संस्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि गाइडलाइन में राहत का मामला दिल्ली जाकर उठाएंगे और इस दिशा में राहत पाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि एनटीटी और आया हेल्पर समग्र शिक्षा के तहत नियुक्त किए जा रहे हैं।

सडक़ कार्यों को दी एक्सटेंशन

हिमाचल में प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के तीसरे चरण के कार्यों को लेकर प्रदेश को एक बड़ी राहत मिली है। इसके तहत होने वाले कार्यों को केंद्र ने दो वर्र्षों की एक्सटेंशन दी है और अब वर्ष 2028 तक यह कार्य पूरे करने होंगे। बजट सत्र में प्रश्रकाल के दौरान विधायक कमलेश ठाकुर के सवाल का जवाब देते वक्त लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने यह खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पीएमजीएसवाई के तहत तीन हजार किलोमीटर लंबी सडक़ों के निर्माण का कार्य चला है और समय पर इन्हें पूरा करने का प्रयास करेंगे।

सीमेंट उद्योग पर होगी कार्रवाई

सीमेंट उद्योग द्वारा 70 प्रतिशत हिमाचलियों को रोजगार न देने पर सरकार अर्की के सीमेंट उद्योग पर कार्रवाई करेगी। इस उद्योग में वर्तमान में कुल 388 नियमित कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें 175 हिमाचली, जबकि 213 गैर हिमाचली हैं। उद्योग द्वारा 70 प्रतिशत हिमाचलियों को रोजगार देने संबंधी प्रावधान का पालन नहीं किया है। विधानसभा के बजट सत्र के आखिरी दिन विधायक संजय अवस्थी के सवाल पर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सीएसआर के तहत विकास कार्यों के चयन में अगर एमएलए को विश्वास में नहीं लिया गया है, तो इसकी जांच की जाएगी।

जलरक्षक अनुबंध पर नहीं आएंगे

विधायक हरदीप बावा के सवाल के लिखित जवाब में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया है कि वर्तमान में जल रक्षकों को दस वर्ष का कार्यकाल पूर्ण करने के उपरांत अनुबंध आधार पर लाने हेतु कोई प्रावधान नहीं है। 31 दिसंबर, 2025 तक 536 जल रक्षकों ने दस वर्ष या इससे अधिक का कार्यकाल पूर्ण कर लिया है। उन्होंने बताया है कि विभाग में जल रक्षकों को भर्ती एवं पदोन्नत नियमानुसार 12 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण करने के उपरांत जॉब ट्रेनी आधार पर जल शक्ति विभाग में पंप अटेंडेंट के रिक्त पदों पर पदारोहित किया जाता है।

दवाइयां-सर्जिकल सामान खरीदा

विधायक लोकेंद्र कुमार की ओर से प्रश्नकाल में रखे सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया है कि आयुॢवज्ञान महाविद्यालयों, क्षेत्रीय व जिला अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं के सामान्य प्रसव एवं सिजेरियन प्रसव हेतु प्रयोग की जा रही दवाइयां एवं सर्जिकल सामान की खरीद डीवीडीएमएस पोर्टल के माध्यम से की जाती है। उन्होंने बताया है कि पोर्टल में दवाइयां उपलब्ध न होने पर उन्हें ई-टेंडर के माध्यम से खरीदा जा रहा है। सीएम ने बताया है कि 16 से 28 फरवरी तक आयुर्विज्ञान महाविद्यालय नाहन के अतिरिक्त किसी भी अस्पतालों द्वारा बाहर की दुकानों से सामान्य प्रसव और सिजेरियन हेतु दवाएं नहीं खरीदी गई।

सीएम सुक्खू बोले, गगल एयरपोर्ट के लिए पीपीपी मोड भी विकल्प

शिमला — मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि हमारी सरकार ने कांगड़ा के गग्गल एयरपोर्ट की लंबाई 1376 मीटर से बढ़ाकर 3010 मीटर करने की दिशा में काम शुरू किया है। मुख्यमंत्री विधानसभा में कांगड़ा से भाजपा विधायक पवन काजल के सवाल के जवाब में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि अभी तक 1960 करोड़ रुपए लोगों को मुआवजे के रूप में बांटे जा चुके हैं, जिनके नाम पर जमीन थी। जैसे-जैसे हमारी वित्तीय स्थिति और बेहतर होती जाएगी और पैसा एयरपोर्ट पर सरकार लगाएगी। इस एयरपोर्ट में भूमि अधिग्रहण पर ही 3500 करोड़ खर्च होने हैं, जिसमें से अब डेढ़ हजार करोड़ रह गए हैं। भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने पूछा कि क्या एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इस हवाई अड्डे के लिए डीपीआर बनाने का काम शुरू कर दिया है? जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रोजेक्ट को अगर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया नहीं बनाएगी, तो यह राज्य सरकार की कमिटमेंट है कि हम पीपीपी मोड या वायबिलिटी गैप फंडिंग पर विचार करेंगे। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने अनुपूरक सवाल में पूछा कि क्या राज्य सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए ऑफ बजट लोन किया है? जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रश्न इससे संबंधित नहीं है और अभी इसकी जानकारी मेरे पास उपलब्ध नहीं है।

426 स्टेट गेस्ट घोषित, खर्च हुए 6.5 करोड़

हिमाचल सरकार ने स्टेट गेस्ट घोषित किए गए 426 वीवीआईपी की आवभगत पर साढ़े छह करोड़ रुपए खर्च किए हैं। इसमें राष्ट्रपति के 18 अप्रैल, 2023 और 2024 के दौरे में विभिन्न रेस्ट हाउस व सर्किट हाउस पर क्रमश: 1.67 करोड़ व 2.40 करोड़ रुपए से अधिक की रकम खर्च हुई। हिमाचल विधानसभा के बजट सेशन में इस संदर्भ में एक सवाल पूछा गया था। आनी से भाजपा विधायक लोकेंद्र कुमार ने सवाल किया था। जवाब में बताया गया कि तीन साल में राज्य में 31 जनवरी, 2026 तक हिमाचल प्रदेश में 426 वीवीआईपी को स्टेट गेस्ट का दर्जा दिया गया। इनमें से वर्ष 2023 में 143 वीवीआईपी स्टेट गेस्ट थे। इसके अलावा 2024 में इन वीवीआईपी का आंकड़ा 127 था और वर्ष 2025 में ये 149 रहा। वर्ष 2026 में 31 जनवरी तक सात वीवीआईपी को स्टेट गेस्ट का दर्जा दिया गया। इन सभी के रहने व खाने-पीने की व्यवस्था पर 4.86 करोड़ रुपए से अधिक की रकम खर्च हुई। वहीं, इस दौरान यात्रा के लिए टैक्सी आदि का खर्च 1.65 करोड़ रुपए से अधिक का रहा।

पीएम मोदी दो बार आए

पीएम नरेंद्र मोदी ने दो तीन साल की अवधि में दो बार हिमाचल दौरा किया। प्रधानमंत्री 26 अप्रैल, 2024 को सिरमौर दौरे पर आए थे। इस दौरान 15.86 लाख रुपए से अधिक की रकम चुकाई गई। इसके बाद पीएम नरेंद्र मोदी सितंबर, 2025 में कांगड़ा दौरे पर आए। इस बीच सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने 10.67 लाख रुपए विभिन्न होटलों आदि में रहने-खाने के बिल के रूप में चुकाए।

Tejraftarnews.in: *परवाणू में तीन एएसआई समेत चार पुलिसकर्मी सस्पेंड, नशा तस्करी के आरोपी के भागने के मामले में कार्रवाई* 

पुलिस की हिरासत से नशा तस्करी के आरोपी के भागने के मामले में कार्रवाई

जिला पुलिस सोलन के अंतर्गत परवाणू थाना क्षेत्र से पुलिस की हिरासत से नशा तस्कर आरोपी के फरार होने के मामले में चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इनमें तीन एएसआई व एक हैड कांस्टेबल शामिल हैं। एसपी सोलन ने यह कार्रवाई की है और इन पुलिसकर्मियों केखिलाफ विभागीय जांच खोल दी है। पुलिस ने फरार आरोपी की तलाश को विशेष टीमों का गठन कर दिया है और जगह-जगह दबिश दी जा रही है। जानकारी के अनुसार पुलिस ने एक आरोपी को एनडीपीएस एक्ट मामले में पकड़ा था और बुधवार को आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही थी। इस बीच आरोपी पुलिस को चकमा देकर वहां से भाग गया।

इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए एसपी सोलन ने तुरंत प्रभाव से चारों पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के आदेश जारी किए। इस कार्रवाई से पुलिस विभाग में स्पष्ट संदेश गया है कि कर्तव्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक सोलन साईं दत्तात्रेय वर्मा ने कहा कि जिला पुलिस नशा तस्करी के खिलाफ जीरो टोलरेंस की नीति पर काम कर रही है। नशा तस्करों के साथ-साथ ऐसे पुलिसकर्मियों पर भी सख्त कार्रवाई होगी, जो अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल रहते हैं। उन्होंने बताया कि मामले में कोताही बरतने पर तीन एएसआई व एक हैड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है। मामले की विभागीय जांच जारी है और यदि आगे और कोई दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Tejraftarnews.in: *Himachal Weather: छह दिन बारिश-बर्फबारी, पश्चिमी विक्षोभ फिर सक्रिय, अंधड़-ओलावृष्टि का अलर्ट* 

प्रदेश के अधिकांश भागों में आगामी छह दिन बारिश-बर्फबारी का पूर्वानुमान है। प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने के चलते तीन, चार और आठ अप्रैल को राज्य के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी की संभावना है। वहीं पांच, छह व सात अप्रैल को राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी के आसार हैं। तीन से छह अप्रैल तक कई जिलों में अंधड़ का यलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में तीन व चार अप्रैल को ओलावृष्टि व अंधड़ का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 10 से 16 अप्रैल तक उच्च पहाड़ी व आसपास के मध्य पहाड़ी इलाकों में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश-बर्फबारी की संभावना है। राज्य में अगले तीन-चार दिनों के दौरान राज्य में न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। अगले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में भी कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। अगले तीन-चार दिनों में अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है।

शिमला 11.6, सुंदरनगर 13.1, भुंतर 11.5, कल्पा 5.0, धर्मशाला 6.5, ऊना 15.4, नाहन 14.5, पालमपुर 14.0, सोलन 12.0, मनाली 9.1, कांगड़ा 15.8, मंडी 14.6, बिलासपुर 15.0, जुब्बड़हट्टी 13.4 , कुकुमसेरी 3.1, सेऊबाग 10.5, पांवटा साहिब 21.0, सराहन 8.9 व देहरा गोपीपुर में 19.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

Tejraftarnews.in: *Himachal News : टेंडर लेने के बाद काम न करने वाले ठेकेदार पर लगेगी पेनल्टी, CM का ऐलान* 

प्रदेश में सडक़ों के काम लटकाने वालों के खिलाफ मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार को विधानसभा के चल रहे बजट सत्र में बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि टेंडर लेने के बाद काम शुरू नहीं करने वाले ठेकेदार या फर्म पर सरकार पेनल्टी लगाएगी और नियमों के तहत उन्हें कैंसिल भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार देखा है कि सभी विधानसभा क्षेत्रों में प्रोजेक्ट लटक रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एक व्यक्ति को दो से अधिक कार्य नहीं दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति या फर्म के पास दो से ज्यादा काम हैं और जहां काम शुरू नहीं हुआ है, उस पर पेनल्टी लगाएंगे और नियमों के तहत कार्य को भी कैंसिल किया जाएगा।

दरअसल बजट सत्र में गुरुवार को प्रश्रकाल के दौरान विधायक कमलेश ठाकुर और विधायक संजय रतन की तरफ से प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के तीसरे चरण के तहत उनके विधानसभा क्षेत्रों में चंड़ीगढ़ की एक कंपनी की ओर से किए जा रहे कार्यो को लेकर सवाल उठाए। विधायक कमलेश ठाकुर क्षेत्र की पांच सडक़ों का हवाला दिया और कहा कि काम आधे अधूरे हैं और संतोषजनक नहीं है। उन्होंने कहा कि कंपनी एक सडक़ के तीन किलोमीटर हिस्से में सफेद केमिकल का प्रयोग किया है, जिस वजह से स्थानीय लोग बीमार हुए है। उन्होंने कहा कि कंपनी के खिलाफ एक्शन होना चाहिए। सदन में विधायक संजय रतन ने कहा कि इसी कंपनी ने 26 सडक़ें ले रखी है और यह उत्तराखंड में ब्लैक लिस्ट कर दी गई है। उन्होंने कहा कि ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र में कंपनी के पांच काम हैं, जिसमें से दो पर काम हो रहा है, जबकि तीन को टच तक नहीं किया है। उन्होंने कहा कि कंपनी काम की सब्लेटिंग कर रही है।

कंपनी के कार्यों की जांच के लिए बनेगी कमेटी

प्रदेश के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में सडक़ों के निर्माण कार्य करने वाली चंडीगढ़ की कंपनी के कार्यों की जांच होगी। यह कांटै्रक्टर उत्तराखंड का रहने वाला है। लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में यह कमेटी बनेगी। इसके लिए लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव को निर्देश दिए जाएंगे। चीफ इंजीनियर, इएनसी और प्रधान सचिव की रिपोर्ट के आधार पर फर्म के टेंडर को रद्द किया जाएगा और नए सिरे से इसकी प्रक्रिया की जाएगी। विधायक कमलेश ठाकुर के मूल सवाल और विधायक संजय रतन के अनुपूरक प्रश्न पर जवाब देते हुए लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बात कही।

Tejraftarnews.in: *Himachal News : सात और सरकारी स्कूल सीबीएसई में हुए शामिल, इन्हें मिली मान्यता* 

हिमाचल प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने सात और स्कूलों को सीबीएसई में शामिल कर लिया है। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप शिक्षा विभाग ने इन सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबद्ध करने की स्वीकृति दे दी है। यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब इन विद्यालयों में सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुरूप पढ़ाई होगी, जिससे विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा प्रणाली का लाभ मिलेगा।

शिक्षा विभाग के अनुसार, इस निर्णय से न केवल विद्यार्थियों का शैक्षिक स्तर मजबूत होगा, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी लाभ मिलेगा।

इन्हें मिली मान्यता

बलदवाड़ा (जिला मंडी), कोलनी धलवान (जिला मंडी), भदेरवार (जिला मंडी), भुंतर (जिला कुल्लू)रैली जजरी, (जिला हमीरपुर), लोहारली (जिला हमीरपुर), हरिपुर गुलेर (जिला कांगड़ा) को शामिल किया गया है।

Tejraftarnews.in: *अब गांधी वाली कांग्रेस खत्म, केरल में PM मोदी का तीखा हमला, कहा, जनता चाहती है बदलाव* 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को केरल में बीजेपी के बूथ कार्यकर्ताओं से वर्चुअल संवाद करते हुए कांग्रेस और वाम दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि राज्य में इस बार बीजेपी-एनडीए के पक्ष में माहौल बन रहा है और जनता बदलाव चाहती है। पीएम मोदी ने कहा कि तिरुवनंतपुरम स्थानीय निकाय चुनाव में बीजेपी की सफलता इस बात का संकेत है कि आगामी नौ अप्रैल के विधानसभा चुनाव में पार्टी को व्यापक समर्थन मिल सकता है। उन्होंने कहा कि इस बार केरलम सिर्फ नई सरकार नहीं, बल्कि नई व्यवस्था चुनने जा रहा है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि गांधी की कांग्रेस अब खत्म हो चुकी है, अब यह ‘माओवादी मुस्लिम लीग कांग्रेस’ बन गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि अब यूडीएफ और एलडीएफ एक-दूसरे से लडऩे के बजाय बीजेपी पर ही हमला कर रहे हैं, क्योंकि जनता दोनों से नाराज है। प्रधानमंत्री ने कहा कि लंबे समय से केरल में यूडीएफ और एलडीएफ के बीच सत्ता बदलती रही, लेकिन तिरुवनंतपुरम के नतीजों ने इस धारणा को तोड़ दिया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे हर घर तक पहुंच बनाएं और मतदान के दिन ज्यादा मेहनत करें। इस दौरान मोदी ने क्रिकेटर संजू सैमसन का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे एक अच्छा खिलाड़ी बड़े मैच में बेहतर प्रदर्शन करता है, वैसे ही कार्यकर्ताओं को भी चुनाव के दिन पूरी ताकत झोंकनी चाहिए।

वायनाड की सांसद से बेहतर हैं आप

संवाद के दौरान एक दिलचस्प मोड़ तब आया, जब पीएम मोदी ने एक बूथ कार्यकर्ता के समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि यदि उस कार्यकर्ता और वायनाड की सांसद (प्रियंका गांधी) के बीच बहस हो जाए, तो कार्यकर्ता की जीत निश्चित है। प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे मतदान के दिन तक हर घर से जुडऩे के लिए अतिरिक्त समय दें।

Tejraftarnews.in: *सारे फसाद की जड़ अमरीका-इजरायल, होर्मुज संकट पर बोला चीन, दोनों के कारण गहराया ईंधन संकट* 

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और उसकी वजह से गहराए वैश्विक ऊर्जा संकट पर चीन ने बड़ा बयान दिया है। दुनिया की दूसरी महाशक्ति यानी चीन ने दोटूक कहा है कि मौजूदा होर्मुज संकट के पीछे सीधे तौर पर अमरीका और इजरायल ही जिम्मेदार है। चीन ने गुरुवार को कहा कि ईरान पर यूएस और इजरायल के हमले की वजह से ही ईरान ने होर्मुज समुद्री मार्क की नाकाबंदी कर रखी है, जिसके कारण पूरी दुनिया में ईंधन संकट गहराया है। एक तरह से चीन ने साफ शब्दों में कहा है कि ईरान पर अमरीका और इजरायल के हमले ही इस फसाद की असल वजह हैं। बड़ी बात यह है कि चीन ने ये बात तब कही है, जब यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रभावित देशों से इस अहम समुद्री जलमार्ग पर कब्ज़ा करने की अपील की है।

इसके साथ ही ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट पर अपना पल्ला झाड़ लिया है और कहा कि जो देश होर्मुज समुद्री जलमार्ग से तेल पाते हैं, उन्हें ही उस रास्ते का ध्यान रखना चाहिए यानी जो तेल उस रास्ते से लाते हैं, वही उस जलमार्ग को खुलवाएं। दरअसल, तेहरान ने यूएस और इजरायली हमलों के बाद ही इस रास्ते को बंद कर दिया है। बता दें कि चीन इस अहम जलमार्ग से तेल का एक बड़ा आयातक है। इस बीच, बीजिंग में चीनी विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को यूएस और इजरायल को मौजूदा संकट के लिए जिम्मेदार ठहराया। मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि होर्मुज समुद्री मार्ग से जहाजों की आवाजाही में रुकावट की असल वजह अमरीका और इजरायल के ईरान के खिलाफ गैर-कानूनी सैन्य अभियान हैं।

Good: *ईरान नहीं जा पाएगा भारत में जुटाया चंदा, मनी ट्रांसफर को लेकर फंसा पेंच, अब भारत में ही खरीदी जाएंगी दवाएं* 

भारत में ईरान का दूतावास पिछले कई दिनों से युद्ध राहत के लिए चंदा इक_ा कर रहा है, लेकिन अब इसमें एक पेंच फंसता नजर आ रहा है। दरअसल ईरानी दूतावास ने जो पैसा इक_ा किया है, उसे वह सीधे ईरान ट्रांसफर नहीं कर सकता है। अब इस चंदे के पैसे का इस्तेमाल ईरान स्थानीय स्तर पर यानी भारत में ही दवाएं खरीदने के लिए करेगा। इसका मुख्य कारण यह है कि नियमित राजनयिक प्रक्रियाओं के माध्यम से इस पैसे को तेहरान ट्रांसफर नहीं किया जा सकता है। शुरुआत में ईरानी दूतावास ने 14 मार्च को अपने मुख्य बैंक खाते के जरिए चंदा मांगा था। बाद में नियमों के अनुसार, इस उद्देश्य के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में एक अलग खाता खोला गया। विदेशी मिशनों को नकद या अनौपचारिक माध्यमों से चंदा लेने की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद, 15 मार्च को ईरानी दूतावास ने सीधे नकद योगदान का विकल्प भी दिया था, लेकिन बाद में प्रक्रिया को औपचारिक बना दिया गया।

अंतत: ईरान ने स्पष्ट किया कि सभी दान केवल निर्धारित बैंक खाते के माध्यम से ही भेजे जाने चाहिए। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने इस पैसे का इस्तेमाल भारत में दवाएं खरीदने के लिए करने का इरादा जताया है, जिसके लिए उसे अनुमति भी मिल गई है। भारत अपनी तरफ से पहले ही ईरान को दवाओं की एक खेप भेज चुका है। इस बीच, इन दवाओं को ले जाने के लिए ईरान की महान एयर का एक विमान मशहद से नई दिल्ली आने वाला था, लेकिन पिछले हफ्ते उड़ान भरने से पहले ही एक एयरबेस पर हुए अमरीकी हवाई हमलों में यह विमान क्षतिग्रस्त हो गया।

चंदे और आभूषणों को लेकर नियम

रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि कश्मीर सहित भारत के विभिन्न हिस्सों से जो सोना और आभूषण चंदे के रूप में मिले हैं, उन्हें भी स्थानीय बैंकों में जमा करके नकदी में बदलना होगा। सोने और आभूषण जैसी वस्तुओं को डिप्लोमैटिक पाउच जैसे राजनयिक माध्यमों का इस्तेमाल करके भी ईरान नहीं भेजा जा सकता है।

Tejraftarnews.in: *IPL 2026 : पंजाब किंग्स के खिलाफ लय में लौटने उतरेंगे सुपर किंग्स* 

चेन्नई सुपर किंग्स के लिए अपना घरेलू मैदान मजबूत गढ़ रहा है, लेकिन पंजाब किंग्स के खिलाफ शुक्रवार को चेन्नई में होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग के मैच में जीत हासिल करने के लिए उसे खेल के हर विभाग में अच्छा प्रदर्शन करना होगा। दोनों टीमों के लिए चोट और फिटनेस एक बड़ी चुनौती है। सीएसके के महेंद्र सिंह धोनी और डेवाल्ड ब्रेविस फिट न होने की वजह से पहले मैच में नहीं दिखे थे। पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर तो पहले ही मुकाबले में चोट लगा बैठे थे। देखना होगा कि ब्रेविस इस मैच में खेलेंगे या नहीं। अय्यर की फिटनेस पर भी निगाह रहेगी। सीएसके की राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ पहले मैच में शुरुआत निराशाजनक रही थी। युवा खिलाडिय़ों से भरी उसकी टीम गुवाहाटी में किसी भी विभाग में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई और उसे करारी हार का सामना करना पड़ा।

सीएसके अब उस हार को भुलाकर नए सिरे से अपना अभियान शुरू करने की कोशिश करेगा। हाल ही में हुए टी-20 विश्व कप के दौरान चेन्नई की पिच के व्यवहार को को देखते हुए यह बल्लेबाजी के लिए अच्छा विकेट होना चाहिए। संजू सैमसन सीएसके के लिए अपने पहले मैच में खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए थे और वह इसकी भरपाई करने के लिए बेताब होंगे। गेंदबाजी की बात करें तो राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मैच में वैभव सूर्यवंशी की आक्रामक बल्लेबाजी के आगे मैट हेनरी और नूर अहमद जैसे गेंदबाज फीके पड़ गए। वे इससे उबरने के लिए बेताब होंगे। जहां तक पंजाब किंग्स का सवाल है तो उसे ऑस्ट्रेलिया के कूपर कोनोली के रूप में तीसरे नंबर का भरोसेमंद बल्लेबाज मिल गया है।

पंजाब किंग्स— श्रेयस अय्यर (कप्तान), प्रियांश आर्य, हरनूर सिंह, मिचेल ओवेन, विष्णु विनोद, नेहल वढेरा, अजमतुल्लाह ओमरजाई, मार्को यानसेन, माक्र्स स्टोइनिस, अर्शदीप सिंह, जेवियर बार्टलेट, युजवेंद्र चहल, लॉकी फग्र्युसन, हरप्रीत बराड़, विजय वैशाक, यश ठाकुर, कोनोली, प्रभसिमरन सिंह, शशांक सिंह।

चेन्नई सुपर किंग्स— ऋतुराज गायकवाड़ (कप्तान), डेवाल्ड ब्रेविस, एमएस धोनी, संजू सैमसन, शिवम दुबे, श्रेयस गोपाल, जेमी ओवरटन, खलील अहमद, अंशुल कंबोज, मुकेश चौधरी, नूर अहमद, अकील होसेन, प्रशांत वीर, मैथ्यू शॉर्ट, मैट हेनरी, राहुल चाहर, स्पेंसर जॉनसन, कार्तिक शर्मा, सरफराज खान, आयुष म्हात्रे।

Tejraftarnews.in: *बीएड एग्जाम 13 अप्रैल से, SPU मंडी ने पुनर्निर्धारित की प्रथम सेमेस्टर नियमित व पुनर्प्रवेश की परीक्षाएं* 

सरदार पटेल विश्वविद्यालय (एसपीयू), मंडी ने बीएड प्रथम सेमेस्टर नियमित एवं पुनर्प्रवेश की परीक्षाओं को पुनर्निर्धारित कर दिया है। प्रस्तावित परीक्षाएं अब अप्रैल के मध्य में आयोजित की जाएंगी। इस बदलाव से प्रभावित हजारों विद्यार्थियों को नई तिथियों की जानकारी दी गई है। विश्वविद्यालय की ओर से जारी संशोधित अधिसूचना के अनुसार, बीएड प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं 13 अप्रैल से शुरू होंगी। 13 अप्रैल को पेपर-एक (बचपन और विकास के वर्ष), 16 अप्रैल को पेपर-दो (समकालीन भारत और शिक्षा), 18 अप्रैल को पेपर-तीन (पाठ्यक्रम में भाषा), 20 अप्रैल को पेपर-चार (विषयों और अनुशासनों को समझना) तथा 22 अप्रैल को पेपर-पांच (पाठ पढऩा और चिंतन) का आयोजन किया जाएगा। यह पुनर्निर्धारण मूल तिथियों में कुछ तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से किया गया है। पहले जारी टेंटेटिव डेटशीट में परीक्षाएं अप्रैल की शुरुआत में रखी गई थीं, लेकिन अब इन्हें आगे बढ़ाकर विद्यार्थियों को बेहतर तैयारी का अवसर प्रदान किया गया है।

एसपीयू मंडी से संबद्ध विभिन्न बीएड कालेजों के छात्र-छात्राएं इस बदलाव का इंतजार कर रहे थे। बीएड कार्यक्रम शिक्षक प्रशिक्षण का महत्त्वपूर्ण हिस्सा है। यह कोर्स भविष्य के शिक्षकों को बाल विकास, समकालीन भारतीय शिक्षा प्रणाली, भाषा शिक्षण, विषयों की समझ और पाठ्य सामग्री विश्लेषण जैसे क्षेत्रों में दक्ष बनाता है। एसपीयू मंडी हिमाचल प्रदेश में शिक्षण शिक्षा को बढ़ावा देने वाला प्रमुख संस्थान है, जहां नियमित रूप से ऐसे पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं। विद्यार्थियों में मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखी जा रही हैं। कुछ छात्रों ने अतिरिक्त तैयारी समय मिलने पर राहत व्यक्त की है, जबकि अन्य को बार-बार बदलाव से परेशानी हो रही है। विशेष रूप से दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले छात्रों को यात्रा और आवास की व्यवस्था दोबारा करनी पड़ सकती है।

वेबसाइट करें चैक

विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने सभी संबंधित विद्यार्थियों से अपील की है कि वे नवीनतम जानकारी के लिए एसपीयू की वेबसाइट 222.ह्यश्चह्व द्वड्डठ्ठस्रद्ब. ड्डष्.द्बठ्ठ को नियमित रूप से देखते रहें। किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए एडमिट कार्ड, सिलेबस और अन्य दिशा-निर्देशों की पुष्टि समय रहते कर लें। परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने के समय और आवश्यक दस्तावेजों के बारे में भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

Tejraftarnews.in: *हिमाचल विधानसभा का बजट सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, 100% से अधिक रही कार्य उत्पादकता* 

हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। दो चरणों में चले इस सत्र के दौरान कुल 16 बैठकों में विभिन्न विधायी कार्यों और नीतिगत मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। सत्र की शुरुआत 16 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण के साथ हुई थी, जिसमें सरकार का नीतिगत एजेंडा रखा गया। इसके बाद 18 फरवरी को राजस्व घाटा अनुदान बहाल करने का प्रस्ताव पारित किया गया। बीच में अल्प विराम के बाद सत्र की कार्यवाही 18 मार्च से पुनः शुरू हुई। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 21 मार्च को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का आम बजट पेश किया, जिसे गहन चर्चा के बाद 30 मार्च को पारित कर दिया गया।

सत्र के दौरान विधायी जवाबदेही पर विशेष जोर दिया गया। प्रश्नकाल के दौरान सरकार ने कुल 617 सवालों (471 तारांकित और 146 अतारांकित) के जवाब दिए। विभिन्न संसदीय नियमों के तहत जनहित के अनेक मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें नियम 61 के तहत चार, नियम 62 के तहत दो और नियम 67, 101, 130 व 324 के तहत एक-एक चर्चा शामिल रही। शून्यकाल के दौरान भी सदस्यों ने अपने निर्वाचन क्षेत्रों और राज्य से जुड़े 94 महत्वपूर्ण विषय उठाए।

विधायी कार्यों की बात करें तो इस सत्र में लगभग नौ सरकारी विधेयक पेश किए गए और चर्चा के बाद उन्हें पारित किया गया। इसके अलावा, सदन के पटल पर विभिन्न समितियों की 60 रिपोर्टें रखी गईं। सत्र के दौरान पूर्व विधायक भगत राम चौहान को भी भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई, जिनका इसी वर्ष जनवरी में निधन हो गया था। लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न शिक्षण संस्थानों के 649 छात्रों ने भी सदन की कार्यवाही देखी। कुल मिलाकर, लगभग 90 घंटे तक चली सदन की कार्यवाही की उत्पादकता 100 प्रतिशत से अधिक रही। मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बेहतर समन्वय के चलते विधायी कार्यों का निष्पादन उच्च स्तर पर रहा।

Tejraftarnews.in: *राज्य में पहली बार सरकारी पैट स्कैन की सुविधा, CM ने IGMC में न्यूक्लियर मेडिसिन ब्लॉक का किया उद्घाटन* 

 मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC), शिमला में न्यूक्लियर मेडिसिन ब्लॉक का उद्घाटन किया। इसी के साथ अब राज्य में सरकारी क्षेत्र में पहली बार पॉज़िट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी (पैट) स्कैन की सुविधा उपलब्ध हो गई है। पैट स्कैन सुविधा रोगों का प्रारंभिक स्तर पर, मेटाबॉलिक और मॉलिक्यूलर स्तर पर पता लगाने में सक्षम है। पारंपरिक इमेजिंग तकनीकों जैसे सीटी और एमआरआई की तुलना में, जो बाद के चरणों में संरचनात्मक बदलाव दिखाती हैं, पैट तकनीक बहुत पहले ही शारीरिक परिवर्तनों का पता लगा लेती है। यह सुविधा कैंसर के स्टेज निर्धारण और पुनः मूल्यांकन, उपचार के प्रभाव का आकलन, बीमारी की पुनरावृत्ति का पता लगाने और रोग के पूर्वानुमान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

यह तकनीक मस्तिष्क ट्यूमर, सिर और गर्दन के कैंसर, थायरॉयड कारसिनोमा, लंग्स कारसिनोमा, प्लूरल मैलिगनेंसिज़, थाइमिक ट्यूमर, इसोफेगोगेसट्रिक कारसिनोमा, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल स्ट्रोमल ट्यूमर, ब्रेस्ट कारसिनोमा, कोलोरेक्टल कारसिनोमा तथा यूरोलॉजिकल एवं टेस्टिकूलर मैलिगनेंसिज़ के निदान और प्रबंधन में व्यापक रूप से उपयोग की जाती है। नई तकनीकों और ट्रेसर के विकास के साथ, ऑन्कोलॉजी में इसकी भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऑन्कोलॉजी के अलावा, पैट स्कैन का उपयोग अब हृदय रोग, न्यूरोलॉजी, संक्रमण और सूजन संबंधी रोगों के आकलन में भी किया जा रहा है, विशेषकर उन मामलों में जहां पारंपरिक इमेजिंग से स्पष्ट निष्कर्ष नहीं मिल पाता।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीकों का समावेश करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हाल ही में इस प्रमुख संस्थान में 3 टेस्ला एमआरआई मशीन का भी शुभारम्भ किया गया है। आने वाले समय में प्रदेश सरकार राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों और स्वास्थ्य संस्थानों में तकनीकी उन्नयन के लिए 3,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश करेगी ताकि लोगों को उनके घर के पास ही सुलभ और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। उन्होंने आईजीएमसी शिमला में स्पैक्ट-सीटी स्कैन मशीन स्थापित करने के लिए 8 करोड़ रुपये की भी घोषणा की।

Tejraftarnews.in: *रिकांगपिओ में आयोजित होगा राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह, मुख्य सचिव ने की तैयारियों की समीक्षा* 

मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने आज यहां राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। यह समारोह जिला किन्नौर के रिकांग पिओ पुलिस मैदान में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों को कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए समयबद्ध और प्रभावी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में सभी जिलों के उपायुक्त वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए और मुख्य सचिव को अपने-अपने जिलों में की जा रही तैयारियों के बारे में अवगत करवाया।

मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू राज्य स्तरीय समारोह की अध्यक्षता करेंगे। उन्होंने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर बल देते हुए सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन, पेयजल, चिकित्सा सुविधाएं और आपातकालीन सेवाओं की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठने की उचित व्यवस्था, मंच प्रबंधन और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने को भी कहा।

मुख्य सचिव ने आम जनता की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल देते हुए अधिकारियों को कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए हर संभव प्रयास करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि खराब मौसम जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पहले से ही की जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए। बैठक में पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

Tejraftarnews.in: *हिमाचल में अब इन विधायकों को नहीं मिलेगी पेंशन, विधानसभा में पारित हुआ विधेयक* 

 हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने गुरुवार को ‘हिमाचल प्रदेश विधानसभा (सदस्यों के भत्ते और पेंशन) अधिनियम, 1971’ में संशोधन पारित कर दिया। इस नए कानून के तहत दलबदल के दोषी पाए जाने वाले विधायकों की पेंशन पर रोक लगा दी गई है। इस अधिनियम में खास बात यह है कि यह नियम पिछली तारीख से लागू होगा।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन में इस संशोधन का पुरजोर बचाव करते हुए कहा कि विधानसभा को इस विषय पर कानून बनाने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा अगर अदालत इस कानून की समीक्षा करती है, तो सरकार उसका सामना करने के लिए तैयार है, लेकिन लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य था।

मुख्यमंत्री ने हालिया घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए विपक्ष को याद दिलाया कि जिन परिस्थितियों में कुछ विधायकों ने इस्तीफा दिया और विरोध प्रदर्शन किया, उसके परिणाम भुगतने होंगे, जिसमें पेंशन का हक खोना भी शामिल है। दूसरी ओर, विपक्ष ने इस कदम को ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ करार दिया। भाजपा नेता रणधीर शर्मा ने तर्क दिया कि यह संशोधन विशेष रूप से उन पूर्व कांग्रेस विधायकों को सजा देने के लिए लाया गया है जो अयोग्य घोषित होने के बाद भाजपा में शामिल हो गए थे।

Tejraftarnews.in: *अब इन ठेकेदारों को ही दी जाएगी PMGSY परियोजनाओं की ठेकेदारी, सदन में बोले CM सुक्खू* 

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में कहा है कि भविष्य में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के ठेके पूरी तरह से ठेकेदारों की तकनीकी और वित्तीय क्षमता के आधार पर दिए जाएंगे। राज्य भर में सड़क परियोजनाओं में हो रही देरी और रुके हुए कामों के बीच यह कदम उठाया गया है, क्योंकि पहाड़ी इलाकों में कई सड़कों का काम तय समय से काफी पीछे चल रहा है। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान सीएम सुक्खू ने कहा कि पिछली सरकारों के समय की कार्यप्रणाली से काम में सुस्ती आई थी, इसलिए अब ठेकेदारों की क्षमता की कड़ी जांच की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सख्त निगरानी से काम समय पर पूरा होना सुनिश्चित होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जो ठेकेदार समय सीमा का पालन नहीं करेंगे, उनके ठेके रद्द किए जा सकते हैं। उन्होंने नोट किया कि पिछली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के दौरान फुल डेप्थ रिक्लेमेशन (एफडीआर) जैसी शर्तों के साथ परियोजनाएं आवंटित की गई थीं, लेकिन कुछ ठेकेदार, विशेष रूप से वे जो पहाड़ी इलाकों से अपरिचित थे, समय पर काम पूरा करने में विफल रहे।

सदन में रखे गए आंकड़ों के अनुसार, पीएमजीएसवाई-तृतीय (2023-24) के तहत देहरा निर्वाचन क्षेत्र में सड़क सुधार की कम से कम पांच परियोजनाएं अभी भी चल रही हैं, जिनकी प्रगति अलग-अलग स्तर पर है। जहां एक परियोजना लगभग 70 प्रतिशत पूरी हो चुकी है, वहीं अन्य 50 प्रतिशत पर रुकी हुई हैं और एक परियोजना तो केवल 15 प्रतिशत ही आगे बढ़ी है। इन सभी परियोजनाओं को अब जुलाई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

लोक निर्माण विभाग के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि विभाग ठेकेदारों के आंतरिक विवादों में हस्तक्षेप नहीं कर सकता, लेकिन काम को समय पर पूरा करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि समय सीमा पूरी न होने पर ठेके रद्द कर दिए जाएंगे। इस मुद्दे को उठाते हुए संजय रतन और कमलेश ठाकुर सहित विधायकों ने आरोप लगाया कि कुछ ठेकेदार काम पूरा करने में विफल रहे हैं, जिससे सड़कें आधी खुदी पड़ी हैं और भारी धूल प्रदूषण हो रहा है। इस बात पर भी चिंता जताई गई कि उत्तराखंड में कथित तौर पर काली सूची में डाले गए एक ठेकेदार को राज्य में लगातार प्रोजेक्ट मिल रहे हैं।

शून्यकाल के दौरान विधायक आई.डी. लखनपाल ने तवी मोड़ और टुटू के बीच सड़क की खराब स्थिति की ओर ध्यान दिलाया और दुर्घटनाओं की चेतावनी दी। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने विभाग को तुरंत संज्ञान लेने और सचिवालय को रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। शून्यकाल के दौरान हंस राज और अनुराधा राणा ने भी अपने क्षेत्रों में सड़कों के धीमे काम का मुद्दा उठाया। हंस राज ने कहा कि चुराह में कोई अधिशासी अभियंता तैनात नहीं है और अधिकांश काम एक ही ठेकेदार को दिए गए हैं।

सुश्री राणा ने कहा कि सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की अधिकांश सड़कों का रखरखाव भी एक ही ठेकेदार कर रहा है और सड़कों की हालत ठीक नहीं है। उन्होंने बीआरओ को चेतावनी दी कि यदि एक ही ठेकेदार को काम देना जारी रहा, तो वह धरने पर बैठेंगी। यह बहस ग्रामीण सड़क योजनाओं में धन और समय सीमा तय होने के बावजूद काम के क्रियान्वयन में आ रही खामियों पर बढ़ती चिंता को दर्शाती है।सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई सदस्यों ने प्रश्नकाल के दौरान इस मुद्दे को सदन में उठाया, जिस पर सरकार ने स्वीकार किया कि समय सीमा नजदीक आने के बावजूद कई परियोजनाएं अधूरी हैं।

H: *राजधानी शिमला में पकड़ी साल की सबसे बड़ी चिट्टे की खेप, लाखों में कीमत, हरियाणा का तस्कर अरेस्ट* 

शिमला पुलिस ने मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत इस वर्ष की अब तक की सबसे बड़ी चिट्टा बरामदगी करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस थाना बालूगंज में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के तहत की गई है। एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि 24 मार्च को शिमला पुलिस की स्पेशल सेल टीम मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए आईएसबीटी शिमला क्षेत्र में गश्त पर तैनात थी। इसी दौरान टीम को एक मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति कैरी बैग में भारी मात्रा में चिट्टा लेकर आईएसबीटी के प्रथम तल पर घूम रहा है और स्थानीय युवाओं को बेचने की फिराक में है।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बताए गए हुलिये के आधार पर संदिग्ध व्यक्ति को रोककर पूछताछ की। उसकी पहचान शमशाद अहमद (42 वर्ष), निवासी जिला अंबाला, हरियाणा के रूप में हुई। इसके बाद गवाहों की मौजूदगी में उसके कैरी बैग की तलाशी ली गई, जिसमें से 288 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। उन्होंने बताया कि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे 25 मार्च को अदालत में पेश किया। अदालत से आरोपी को छह दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया था, जिससे मामले की गहराई से जांच की जा सके। एसएसपी शिमला गौरव सिंह के अनुसार मामले के सभी पहलुओं की जांच जारी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी यह मादक पदार्थ कहां से लेकर आया था और इसे किन लोगों तक पहुंचाने की योजना थी। उनका कहना है कि नशे के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा

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    *🙏ॐ श्रीगणेशाय नम:🙏*

       *🙏शुभप्रभातम् जी🙏*

*इतिहास की मुख्य घटनाओं सहित पञ्चांग - मुख्यांश ..*

     *📝आज दिनांक 👉*

     *📜 03 अप्रैल 2026*

                 *शुक्रवार*

 *🏚नई दिल्ली अनुसार🏚*

*🇮🇳शक सम्वत-* 1948

*🇮🇳विक्रम सम्वत-* 2083

*🇮🇳मास-* वैशाख 

*🌓पक्ष-* कृष्णपक्ष

*🗒तिथि-* प्रतिपदा - 08:45 तक

*🗒पश्चात्-* द्वितीया 

*🌠नक्षत्र-* चित्रा - 19:25 तक

*🌠पश्चात्-* स्वाति 

*💫करण-* कौलव - 08:45 तक

*💫पश्चात्-* तैतिल 

*✨योग-* व्याघात - 14:07 तक

*✨पश्चात्-* हर्शण 

*🌅सूर्योदय-* 06:09

*🌄सूर्यास्त-* 18:39

*🌙चन्द्रोदय-* 19:59

*🌛चन्द्रराशि-* कन्या - 06:29 तक

*🌛पश्चात्-* तुला

*🌞सूर्यायण -* उत्तरायण

*💡अभिजित-* 11:59 से 12:49

*🤖राहुकाल-* 10:51 से 12:24

*🎑ऋतु-* वसन्त 

*⏳दिशाशूल-* पश्चिम 

*✍विशेष👉*

*_🔅आज शुक्रवार को 👉 वैशाख बदी प्रतिपदा 08:45 तक पश्चात् द्वितीया शुरु , वैशाख कृष्ण पक्षारम्भ , इष्टि , वैशाख मासीय व्रत-यम-नियमादि प्रारम्भ , तुलसी पत्र से श्री विष्णु पूजा , मास भर चन्दन से श्री विष्णु पूजा , मास पर्यन्त पनिसरा चलाना चाहिये , (अशक्ति में धर्म घटादि / मटकादि दान) , राजयोग 08:43 से , "शिक्षक समाज हरियाणा व्हाट्सएप चैनल" ज्वाइन करें , श्री एकलिंगजी पाटोत्सव (नाथद्वारा, कैलाशपुरी , उदयपुर) , श्री महावीर जी रथ यात्रा (महावीर जी तीर्थ) , श्री शिरकाई देवी यात्रा - शिरकोली (पुणे) , श्री अम्बानाथ यात्रा सांगलुद (अकोला) , छत्रपति श्री शिवाजी महाराज पुण्य तिथि (तारीख के अनुसार) , राज्यसभा स्थापना दिवस (भारत) , हिन्दी रंगमंच दिवस , आर्मी मेडिकल कोर स्थापना दिवस भारत (262वां) व गुड फ्राइडे (क्रिश्चियन)।_*

*_🔅कल शनिवार को 👉 वैशाख बदी द्वितीया 10:11 तक पश्चात् तृतीया शुरू , Easter Saturday (ईस्टर शनिवार , क्रिश्चियन) ।_*

*🎯आज की वाणी👉*

🌹

*भृत्यातिथिषु यो भुंक्ते* 

     *भुक्तवत्सु नरः सदा ।* 

*अमृतं केवलं भुंक्ते* 

     *इति विद्धि युधिष्ठिर ॥* 

        ★महाभारतम् अनुशासनपर्व ९३

*अर्थात् 👉* 

        _हे युधिष्ठिर ! जो सदा भृत्यों (सेवक) और अतिथियों के भोजन कर लेने के बाद ही स्वयं भोजन करता है, उसे केवल अमृत भोजन करने वाला (अमृताशी) समझना चाहिए।_

🌹

*3 अप्रॅल की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ👉*

1856 – यूनान के रोडोस द्वीप समूह में चर्च में हुए बारुद धमाके में चार हजार लोगों की मौत हुई।

1922 – जोसेफ स्टालिन को कम्युनिस्ट पार्टी का महासचिव नियुक्त किया गया।

1933 – विश्व की सबसे उंची चोटी माउंट एवरेस्ट के ऊपर से पहली बार विमान ने उडान भरी।

1942 – जापान ने द्वितीय विश्वयुद्ध में अमरीका पर आखिरी दौर की सैन्य कार्यवाई शुरू की। "शिक्षक समाज हरियाणा व्हाट्सएप चैनल" ज्वाइन करें।

1943 - भारतीय सेना चिकित्सा कोर का गठन हुआ।

1949 – अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा ने उत्तरी अटलांटिक संधि पर हस्ताक्षर किए।

1952 - संसद में राज्यों का प्रतिनिधित्व करने वाले स्थायी सदन के रूप में राज्यसभा की स्थापना 1952 में की गयी थी।

1973 - 3 अप्रैल 1973 को 8 लाख रुपए का था पहला मोबाइल, आज ही के दिन हुई पहली कॉल; दुनिया में सबसे ज्यादा बिका नोकिया 1100 ।

1999 – भारत ने पहला वैश्विक दूरसंचार उपग्रह इनसैट 1ई का प्रक्षेपण हुआ।

2000 – ब्रिटेन में एक विवादास्पद नियम लागू किया गया, जिसमें यह कहा गया कि ब्रिटेन में शरण लेने वालों को कपड़े और खाने की चीजें खरीदने के लिए सरकार से कूपन खरीदने होंगे।

2001 - संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन भारत यात्रा पर पहुँचे ।

2001 - भारत और डेनमार्क के बीच चार वर्ष के बाद पुन: वार्ता।

2002 - पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ़ की जनमत संग्रह की योजना को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली।

2006 - नेपाल में माओवादियों ने संघर्षविराम की घोषणा की।

2007 - नई दिल्ली में 14वाँ सार्क सम्मेलन शुरू।

2008 - प्रकाश करात को माकपा का पुन: महासचिव चुना गया। 

2008 - मेधा पाटकर को राष्ट्रीय क्रांतिवीर अवार्ड, 2008 से अलंकृत किया गया।

2010 – एप्पल का पहला आईपेड मार्केट में आया।

2012 – रूस की राजधानी मास्को में भीषण आग में 17 प्रवासी श्रमिकों की मौत हुई।

2013 – अफगानिस्तान के फरहा में एक आत्मघाती बम विस्फोट में 46 लोग मारे गए और 100 घायल हुए।

2013 – अर्जेंटीना में आयी भीषण बाढ़ से 50 से अधिक लोगों की मौत हुई।

2016 – कोलकाता के ईडन गार्डंस मैदान पर वेस्टइंडीज ने इंग्लैंड को हराकर आईसीसी टी-20 विश्व कप जीता।

2019 - अल्जीरिया के राष्ट्रपति ने विरोध प्रदर्शनों के बाद छोड़ी सत्ता।

2019 - गोवा में हुई मूक बधिर प्रतियोगिता में रेवाड़ी की अंजली शर्मा बनी मिस इंडिया।

2020 - वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स ने 2020-21 के लिए भारत के विकास दर अनुमान को घटाकर 2 फीसदी कर दिया , यह 30 साल का सबसे निचला स्तर होगा।

2020 - विश्व बैंक (World Bank) ने कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर भारत के लिए एक अरब डॉलर (करीब 7600 करोड़ रुपये) के आपातकालीन कोष को मंजूरी दी।

2021 - अमेरिका समेत 3 देश उत्तर कोरिया पर परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कायर्क्रमों को बंद करने का दवाब डालने के लिए राज़ी हुए।

2021 - जम्मू और कश्मीर के श्रीनगर में 5-दिवसीय ट्यूलिप फेस्टिवल शुरू हुआ।

2021 - छत्‍तीसगढ में माओवादी हमले में सुरक्षाबलों के 23 जवान शहीद हुए।

2022 - पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए राष्ट्रपति डॉ आरिफ़ अल्वी ने नेशनल असेंबली को भंग किया।

2022 - अब तक के सबसे बड़े आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका में सभी कैबिनेट मंत्रियों ने इस्तीफा दिया।

2022 - भारतीय और फ्रांसीसी नौसेनाओं के बीच द्विपक्षीय नौसेना अभ्यास का 20वां संस्करण- 'वरुण' अरब सागर में आयोजित किया गया (30 मार्च से 3 अप्रैल तक)।

2023 - नासा ने आर्टेमिस II मिशन के लिए चार अंतरिक्ष यात्रियों की टीम चुनी, पहली महिला और पहले अफ्रीकी अमेरिकी को एक चंद्र मिशन के लिए अंतरिक्ष यात्रियों के रूप में नियुक्त किया।

2023 - NCERT ने 12वीं के सिलेबस से मुगलों का चैप्टर हटाया।

2023 - भूकंप के झटकों से दहली धरती, पापुआ न्यू गिनी में 7.3 तो तिब्बत के शिजांग में 4.2 रही तीव्रता।

2023 - जी-20 की दूसरी पर्यटन कार्य समूह की बैठक सिलीगुड़ी/दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल) में सम्पन्न हुई।

2023 - प्रधानमंत्री ने नई दिल्ली में केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो के हीरक जयंती समारोह का उद्घाटन किया।

2025 – राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल पास, पक्ष में 128 व विपक्ष में 95 वोट पड़े।

*3 अप्रॅल को जन्मे व्यक्ति👉*

1903 - कमलादेवी चट्टोपाध्याय - समाजसुधारक , स्वतंत्रता संग्राम सेनानी तथा भारतीय हस्तकला के क्षेत्र में नवजागरण लाने वाली गांधीवादी महिला।

1914 - सैम मानेकशॉ - भारतीय सेना के भूतपूर्व अध्यक्ष , जिनके नेतृत्व में भारत ने सन 1971 में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध में विजय प्राप्त की थी।

1918 - ओलेस गोनचार, प्रसिद्ध उक्रेनी लेखक तथा उपन्यासकार।

1922 – अमेरिकी गायिका और अभिनेत्री डोरिस डे का जन्म हुआ।

1929 - निर्मल वर्मा- साहित्यकार ।

1931 - मन्नू भंडारी- साहित्यकार ।

1949 - सोम प्रकाश - भारतीय राजनीतिज्ञ (भाजपा)।

1952 - रवीन्द्र नारायण रवि - बिहार के राजनीतिज्ञों में से एक।

1954 - डॉ. के. कृष्णास्वामी- राजनेता और फिजीशियन ।

1955 – मशहूर गायक हरिहरन का जन्म हुआ।

1962 – भारत की मशहूर अभिनेत्री व नेत्री जया प्रदा का जन्म हुआ।

*3 अप्रॅल को हुए निधन*

1325 - निज़ामुद्दीन औलिया, चिश्ती सम्प्रदाय के चौथे संत।

1680 - शिवाजी- मराठा साम्राज्य के संस्थापक।

1989 - विष्णु सहाय - भारत के पूर्व कैबिनेट सचिव तथा नागालैण्ड व असम के राज्यपाल रहे।

2010 - अनंत लागू, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के छह संस्थापक सदस्यों में से एक थे (कन्फर्म नहीं)।

2017 - किशोरी अमोनकर - हिंदुस्‍तानी शास्‍त्रीय परंपरा की प्रमुख गायिकाओं में से एक और जयपुर घराने की अग्रणी गायिका।

2021 - भारत के पूर्व अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज से कोच बने संजय चक्रवर्ती (79) का मुंबई में कोविड-19 से निधन हुआ। 

2021 - राधेश्याम खेमका(87) एक पत्रकार थे जिन्होने गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित कल्याण का ३८ वर्षों तक सम्पादन किया।

2023 - कलकत्ता हाईकोर्ट व छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश टी. बी. राधाकृष्णन (63) का निधन हुआ।

2025 – अमेरिका के पूर्व कार्डिनल थिओडोर मैककैरिक (94), आयरलैंड के फुटबॉलर मिक ओ'ड्वायर (88) तथा पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर फारूक हामिद (लगभग 80) का निधन हुआ।

*3 अप्रॅल के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव👉*

🌟 श्री एकलिंगजी पाटोत्सव (नाथद्वारा, कैलाशपुरी , उदयपुर)।

🌟 श्री महावीर जी रथ यात्रा (महावीर जी तीर्थ)।

🌟 श्री शिरकाई देवी यात्रा - शिरकोली (पुणे)।

🌟 श्री अम्बानाथ यात्रा सांगलुद (अकोला)।

🌟 छत्रपति श्री शिवाजी महाराज पुण्य तिथि (तारीख के अनुसार)।

🌟 राज्यसभा स्थापना दिवस (भारत)।

🌟 हिन्दी रंगमंच दिवस।

🌟 आर्मी मेडिकल कोर स्थापना दिवस भारत (262वां)।

🌟 गुड फ्राइडे (क्रिश्चियन)।

*कृपया ध्यान दें जी👉*

    *यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए मेरी कोई जिम्मेदारी नहीं है।*

🌻आपका दिन *_मंगलमय_* हो जी ।🌻

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Tejraftarnews.in: 🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩

🌤️ *दिनांक - 03 अप्रैल 2026*

🌤️ *दिन - शुक्रवार*

🌤️ *विक्रम संवत - 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*

🌤️ *शक संवत - 1948*

🌤️ *अयन - उत्तरायण* 

🌤️ *ऋतु - वसंत ऋतु* 

🌤️ *मास - वैशाख (गुजरात- महाराष्ट्र अनुसार चैत्र)*

🌤️ *पक्ष - कृष्ण* 

🌤️ *तिथि - प्रतिपदा सुबह 08:42 तक तत्पश्चात द्वितीया*

🌤️ *नक्षत्र - चित्रा शाम 07:25 तक तत्पश्चात स्वाती*

🌤️ *योग - व्याघात दोपहर 02:09 तक तत्पश्चात हर्षण*

🌤️*राहुकाल - सुबह 11:09 से दोपहर 12:42 तक*

🌤️ *सूर्योदय - 06:31*

🌤️ *सूर्यास्त - 06:52*

👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा में*

🚩 *व्रत पर्व विवरण -* 

 💥 *विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा पेठा) न खाएं क्योकि यह धन का नाश करने वाला है (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*

             🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩

🌷 *आरती में कपूर का उपयोग* 🌷

🔥 *कपूर – दहन में बाह्य वातावरण को शुद्ध करने की अदभुत क्षमता है | इसमें जीवाणुओं, विषाणुओं तथा सूक्ष्मतर हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट करने की शक्ति है | घर में नित्य कपूर जलाने से घर का वातावरण शुद्ध रहता है, शरीर पर बीमारियों का आक्रमण आसानी से नहीं होता, दु:स्वप्न नहीं आते और देवदोष तथा पितृदोषों का शमन होता है |* 🙏🏻 *लोककल्याणसेतु – जून – २०१५ से*

        🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩

🌷 *वैशाख मास माहात्म्य* 🌷 

🙏🏻 *वैशाख मास सुख से साध्य, पापरूपी ईंधन को अग्नि की भाँति जलानेवाला, अतिशय पुण्य प्रदान करनेवाला तथा धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष - चारों पुरुषार्थों को देनेवाला है ।*

🙏🏻 *देवर्षि नारदजी राजा अम्बरीष से कहते हैं : ‘‘राजन् ! जो वैशाख में सूर्योदय से पहले भगवत्-चिंतन करते हुए पुण्यस्नान करता है, उससे भगवान विष्णु निरंतर प्रीति करते हैं ।*

🙏🏻 *पाप तभी तक गरजते हैं जब तक जीव यह पुण्यस्नान नहीं करता ।*

🙏🏻 *वैशाख मास में सब तीर्थ आदि देवता बाहर के जल (तीर्थ के अतिरिक्त) में भी सदैव स्थित रहते हैं । सब दानों से जो पुण्य होता है और सब तीर्थों में जो फल होता है, उसीको मनुष्य वैशाख में केवल जलदान करके पा लेता है । यह सब दानों से बढकर हितकारी है ।*

🙏🏻 *ऋषि प्रसाद : अप्रैल : 2009*

            🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩

🌷 *वैशाख मास* 🌷

🙏🏻 *(इस मास में भक्तिपूर्वक किये गये दान, जप, हवन, स्नान आदि शुभ कर्मों का पुण्य अक्षय तथा सौ करोड़ गुना अधिक होता है। - पद्म पुराण)*

📖 *सनातन पंचांग संपादक ~ अंजनी निलेश ठक्कर*

📒 *सनातन पंचांग प्रकाशित स्थल ~ सुरत शहर (गुजरात)*

            🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩

🙏🏻🌷🍀🌹🌻🌺🌸💐🌼🌷🙏🏻

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*⚜️ आज का राशिफल ⚜️*

*दिनांक : 03 अप्रैल 2026*

🐐🐂💏💮🐅👩

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मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)

आज का दिन भी आपके लिये शुभ बना हुआ है लेकिन आलस्य भी आज काम के समय ही आएगा जिससे दिन की समाप्ति पर मन ही मन खेद होगा। आज मध्यान तक कि दिनचर्या अस्त व्यस्त रहेगी लोगो को व्यवहार करना सिखाएंगे परन्तु स्वयं का लचीला रहेगा। कार्य क्षेत्र पर आज स्थिति आपके पक्ष में रहेगी लेकिन मनमानी के कारण दिन का उचित लाभ नही उठा पाएंगे फिर भी धन की आमद एक साथ कई साधनों से होगी। नौकरी पेशाओ को सहकर्मी की कार्य प्रणाली पसंद नही आएगी मन मे ईर्ष्या का भाव रहेगा जल्दी से किसी का सहयोग नही करेंगे। घर का वातावरण आज सामान्य रहेगा लेकिन आपकी मौज शौक की प्रवृति बुजुर्गों को खलेगी। धन के निवेश में सावधानी बरतें आगे धोखा होने की संभावना है। सेहत में सुधार रहेगा।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)

आज का दिन आपके लिये भाग दौड़ वाला रहेगा व्यावसायिक कार्यो के साथ आज सुख सुविधा जुटाने के लिये भी दौड़ धूप करनी पड़ेगा कार्य क्षेत्र पर नई मशीनरी अथवा अन्य कारणों से धन का निवेश होगा घर मे भी कुछ न कुछ खर्च लगे रहने से आर्थिक स्थिति प्रभावित होगी धन खर्च की तुलना में आमद कम रहने से संचित कोष में कमी आएगी। नौकरी वालो के लिये आज का दिन यादगार रहेगा किसी प्रियजन से उपहार सम्मान लाभ और अतिरिक्त आय के साधन बनेंगे। घर मे परिजन की प्रसन्नता के लिये व्यक्तिगत खर्च में कटौती कर बेमन से खर्च करेंगे। असंयमित खान पान एवं दिनचर्या के कारण सेहत में नरमी आएगी। घर के बुजुर्ग से आज भी वैचारक मतभेद हो सकते है।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)

आज के दिन आप बोलचाल में आगे रहेंगे जहां नही बोलना वहां भी जबरदस्ती अपना विचार रखने से स्वयजनो की फटकार सुननी पड़ेगी लेकिन सामाजिक क्षेत्र पर आज आपकी छवि भले इंसान जैसी ही रहेगी। कार्य व्यवसाय में भी व्यवहारिकता का लाभ मिलेगा लेकिन आशा से कम ही मध्यान तक का समय उदासीनता से भरा रहेगा इसके बाद किसी घनिष्ठ की सहायता से धन लाभ होगा। उधारी के पैसे भी मिलने से आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। अधूरे सरकारी कार्य निकट भविष्य में पूर्ण होने की संभावना है संबंधित कागजात आज ही पूर्ण कर लें। पारिवारिक वातावरण थोड़ा क्षुब्ध रहेगा फिर भी शांति बनी रहेगी।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)

आज का दिन भी बचते बचते कलह की भेंट चढ़ेगा आज स्वभाव कल की तुलना में थोड़ा नरम रहेगा लेकिन आस पास का वातावरण ना चाहने पर भी क्रोध करने को विवश करेगा घर मे संतानों अथवा धन को लेकर आपस मे कहा सुनी होगी संतानों का उद्दंड व्यवहार मानसिक चिंता बढ़ाएगा। कार्य स्थल पर भी आर्थिक विषयो को लेकर किसी से खींच तान होने की संभावना है धन की आमद के लिये दिन भर प्रयासरत रहेंगे मध्यान के समय थोड़ी बहुत होगी भी लेकिन तुरंत खर्च होंने से बचत नही होगी। नौकरी वाले आज अधिकारी वर्ग से सावधान रहें आपके ऊपर नजर लगाए हुए है थोड़ी सी लापरवाही से पश्चाताप करना पड़ेगा। सर्दी जुखाम की शिकायत हो सकती है।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)

आज का दिन धन लाभ वाला है दिन के पूर्वार्ध से ही धन लाभ की संभावनाए बनेगी व्यवसायियों को दिन भर थोड़ी थोड़ी होती रहेगी लेकिन आशाजनक टलते टलते संध्या तक ही हो सकेगी। आज बचत पर विशेष ध्यान रखे आगे लाभ के प्रसंग विलंब से ही मिलेंगे। कार्य क्षेत्र पर बदलाव करने के विचार बनेंगे आज की जगह दो दिन बाद करना बेहतर रहेगा। आपका स्वभाव आज धन संबंधित मामलों को छोड़ अन्य सभी कार्यो में संतोषि रहेगा समाज मे मान सम्मान मिलेगा लेकिन घर मे आपकी कद्र कम ही होगी फिर भी इन सब पर ध्यान ना देकर अपने आप ने मस्त रहेंगे। आरोग्य बना रहेगा। महिलाए इधर उधर की बाते ना करे तो ही बेहतर रहेगा।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)

आज का दिन आपके लिए मध्यम फलदायी रहेगा। दिन के आरंभ से ही मन मे बड़ी बड़ी योजनाएं चलेंगी लेकिन इनको साकर रूप देने में कोई ना कोई अभाव आड़े आएगा। धर्म कर्म में निष्ठा रहेगी लेकिन मन इधर उधर ज्यादा भटकने से पूजा पाठ में एकाग्रता नही आएगी कार्य व्यवसाय में आज किसी न किसी की खुशामद के बाद ही लाभ पाया जा सकता है। लेकिन जिससे सहयोग की आशा लगाएंगे वही आपसे अपना स्वार्थ सिद्ध करेगा। घर मे भी स्थिति कुछ ऐसी ही रहेगी परिजन अपना काम निकालने के लिये मीठा व्यवहार करेंगे लेकिन मदद के लिये तैयार नही होंगे। धन की आमद संध्या के आसपास आंशिक होने से थोड़े बहुत खर्च निकल जाएंगे। सरकारी कार्यो में असफलता मिलने से निराश होंगे। रात्री में स्वास्थ्य में अचानक गिरावट अनुभव होगीं

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)

आज के दिन आपके अंदर भावुकता हद से ज्यादा रहेगी आपके विचार जल्दी से किसी से मेल नही खाएंगे खास कर परिजन से बात बात पर विरोध का सामना करना पड़ेगा। संतान अथवा घर के बड़ो की बाते मन को अखरेगी लेकिन विरोध नही करेंगे। कार्य क्षेत्र पर आज ध्यान कम ही लगेगा मन इधर उधर की लोगो की कार्य शैली में भटकेगा। मध्यान तक व्यवसाय में मंदी रहेगी इसके बाद थोड़ी बहुत लेनदेन के बाद धन की आमद खर्च चलाने लायक हो जाएगी। आज आपके हित शत्रु अधिक प्रबल रहेंगे मन की बात किसी को ना बताये। संध्या का समय एकांत में बिताना पसंद करेंगे। पुराने रोग के कारण सेहत में विकार आने की संभावना है।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)

आज का दिन भी आपके लिये हानिकर रहेगा जो सोचेंगे उसके विपरीत कार्य होने से मन मे नकारात्मक भाव बनेंगे। व्यवसायी वर्ग आज कार्य क्षेत्र पर अधिक चौकस रहे चोरी अथवा अन्य कारणों से आर्थिक क्षति होने की प्रबल संभावना है। नौकरी पेशा जातक भी लापरवाही में गलती करेंगे जिसकी भरपाई करने में परेशानी आएगी। धन लाभ के लिये आज परिश्रम के बाद भी लोगो का मुह ताकना पड़ेगा। लेदेकर कार्य करने की मानसिकता की जगह आज शांति से समय बिताए कल से स्थिति में सुधार आने लगेगा। घर मे भी टूट फुट अथवा परिजन की सेहत खराब होने पर धन व्यय होगा। मानसिक तनाव के कारण सेहत दिन भर नरम रहेगी।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)

आज का दिन व्यस्तता से भरा रहेगा सामाजिक अथवा अन्य कार्यो से यात्रा करनी पड़ेगी पूर्वनिर्धारित योजनाएं इस कारण प्रभावित होंगी। कार्य व्यवसाय से आज केवल आश्वाशन ही मिल सकेगा। पुराने धन संबंधित मामले आज जोर जबरदस्ती करने पर अधिक उलझ सकते है लोग आपको गलती करने पर संभलने का मौका नही देंगे इसलिये ज्यादा व्यवहार ना बढ़ाये। पारिवारिक वातावरण भी आज अस्त व्यस्त ही रहेगा परिजनों में एकता रहने पर भी विचार भिन्न रहने से निर्णय लेने में परेशानी आएगी। घर मे बुजुर्गों की देखभाल के लिये भी समय निकालना पड़ेगा। संध्या का समय शारीरिक रूप से थकान वाला रहेगा सेहत संबंधित कोई नई समस्या जन्म लेगी।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)

आज के दिन आप कई दिनों की मेहनत का फल सफलता के रूप में मिलने से उत्साहित रहेंगे लेकिन ध्यान रहे आज आपके मार्ग में अड़चनें डालने वाले प्रसंग भी बनेंगे सार्वजनिक क्षेत्र पर लोग आपसे ईर्ष्या भाव भी रखेंगे लेकिन स्वयं के बुद्धि विवेक से कार्य करे घर के बुजुर्गों को अनदेखा ना करे इनका मार्गदर्शन ही आज सफलता में सहायक बनेगा। व्यवसाय में थोड़ा उतार चढ़ाव रहने के बाद भी जरूरत के अनुसार धन आसानी से मिल जाएगा ज्यादा के चक्कर मे ना पड़े अन्यथा हाथ आये को भी गंवा देंगे। घरेलू वातावरण में सुख शांति अनुभव करेंगे सेहत को लेकर मध्यान में आशंकित होंगे लेकिन बाद में सामान्य हो जाएगी।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)

आज के दिन आप को बेमतलब की राय देने वाले बहुत मिलेंगे सही दिशा में जा रहे कार्य भ्रमित होने के कारण गलत मार्ग ले लेंगे। व्यवसायीयो की कार्य क्षेत्र पर आज आपकी मर्जी नही चल पाएगी परिजन अथवा सहकर्मी के अनुसार ही कार्य करना पड़ेगा। नौकरी पेशाओ को भी आज किसी न किसी के अधीन होकर कार्य करना पड़ेगा मन मे राग द्वेष रहने के कारण सहयोगियों के खुलकर समर्थन नही करेंगे। धन को लेकर मध्यान तक बेचैन रहेंगे इसके बाद संध्या के समय आकस्मिक धन लाभ होने से थोड़ी राहत मिलेगी। आज आप अपनी गलतियों को अनदेखा कर अन्य की कमियां खोज खोज कर निकालने पर घर मे कलह हो सकती है। ठंडी चीजों के सेवन से बचे।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)

आज का दिन सेहत के दृष्टिकोण से ठीक नही है आज भी प्रातः काल से ही शारीरिक रूप से असमर्थ रहेंगे लेकिन कार्यव्यस्तता के चलते अनदेखी करेंगे जिससे मध्यान के आस पास अत्यधिक थकान और कमजोरी अनुभव होगी। कार्य व्यवसाय को लेकर योजनाएं तो बहुत बनाएंगे लेकिन आज पूरी होने में संदेह रहेगा। धन की आमद कही से अवश्य होगी पर आज व्यर्थ के खर्च भी होने से लाभ खर्च बराबर रहेंगे। पारिवारिक दायित्वों की पूर्ति करने में असमर्थ रहेंगे लेकिन आज परिजनों का भावनात्मक सहयोग मिलता रहेगा। संतानों से आदर सम्मान मिलने से मन को राहत मिलेगी। रात्रि बाद से स्थिति में हर प्रकार से सुधार आने लगेगा।

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Tejraftarnews.in: 0️⃣3️⃣❗0️⃣4️⃣❗2️⃣0️⃣2️⃣6️⃣

♨️ आज का प्रेरक प्रसंग ♨️

*!!सिंह और चतुर खरगोश!!*

एक घने जंगल में एक अत्यंत बलशाली सिंह रहता था। वह प्रतिदिन कई जानवरों का शिकार कर उन्हें मार डालता था। उसके भय से पूरे जंगल के जीव-जन्तु परेशान थे। अंततः सभी जानवर एकत्र हुए और उन्होंने सिंह से विनती की कि वह प्रतिदिन स्वयं शिकार करने के बजाय उनके द्वारा भेजे गए एक जानवर को ही खा लिया करे। सिंह ने यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया।  

       अब रोज एक जानवर स्वयं सिंह के पास जाने लगा। एक दिन एक छोटे से खरगोश की बारी आई। वह स्वभाव से बहुत चतुर था। उसने सोचा कि यदि आज भी मैं सीधा सिंह के पास चला गया, तो यह अत्याचार कभी समाप्त नहीं होगा।  

       वह जानबूझकर देर से सिंह के पास पहुँचा। भूखा सिंह क्रोध से गरज उठा और देर का कारण पूछने लगा। खरगोश ने विनम्रता से कहा— “महाराज, मैं समय पर ही आ रहा था, पर रास्ते में एक दूसरे सिंह ने मुझे रोक लिया। उसने कहा कि वही इस जंगल का असली राजा है।”  

       यह सुनकर सिंह का अहंकार भड़क उठा। उसने तुरंत उस दूसरे सिंह को देखने की इच्छा जताई। खरगोश उसे एक गहरे कुएँ के पास ले गया और बोला— “महाराज, वह सिंह इसी कुएँ में रहता है।”  

       सिंह ने कुएँ में झाँका तो उसे पानी में अपनी ही परछाई दिखाई दी। उसने उसे दूसरा सिंह समझ लिया और क्रोध में आकर जोर से दहाड़ा। परछाई ने भी वैसा ही किया। क्रोधित होकर सिंह कुएँ में कूद पड़ा और वहीं डूबकर मर गया।  

       इस प्रकार एक छोटे से खरगोश की बुद्धिमानी ने पूरे जंगल को उस अत्याचारी सिंह से मुक्त कर दिया।

*📚 शिक्षा 👉*  

_बुद्धि और धैर्य से किया गया कार्य बड़े से बड़े बल को भी परास्त कर सकता है। केवल शक्ति नहीं, बल्कि सही समय पर सही निर्णय ही सच्ची विजय दिलाता है।_

*सदैव प्रसन्न रहिये - जो प्राप्त है, पर्याप्त है।*

*जिसका मन मस्त है - उसके पास समस्त है।।*

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Y: .. *जय श्री राम*

*शुक्रवार, 03 अप्रैल 2026 के मुख्य समाचार*

🔶ईरानी सेना का दावाः UAE हमले में मार गिराए 37 अमेरिकी सैनिक, कहा- "हमारी शक्ति का अंदाजा नहीं...ट्रंप पछताएंगे"

🔶होर्मुज संकट पर दुनिया एकजुट ! समुद्र में फंसे सैंकड़ों जहाज निकालने की तैयारी, 35 देशों की बैठक में भारत को भी न्योता

🔶अमेरिका में विदेशी दवाओं पर अब लग सकता है 100% तक टैरिफ, ट्रंप ने कार्यकारी आदेश पर किए हस्ताक्षर 

🔶फ्रैंच राष्ट्रपति मैक्रों का ट्रंप पर वार: “हर दिन बयान बदलना बंद करें ! US रणनीति पर उठाए सवाल”

🔶महिला आरक्षण पर संसद में 16 अप्रैल से चर्चा: लोकसभा की सीटें 543 से 816 की जा सकती हैं; बजट सत्र का 3 दिन का सेशन

🔶ईरान जंग के बीच अमेरिकी आर्मी चीफ की छुट्टी, रक्षा मंत्री ने किया जबरन रिटायर

🔶I-PAC के दिल्ली-बेंगलुरु, हैदराबाद के ठिकानों पर ED की रेड: कोयला घोटाले से जुड़ा मामला, कंपनी ममता की पार्टी TMC का चुनाव मैनेजमेंट देख रही

🔶 West Asia Conflict: 'सभ्यताएं बमबारी से नहीं मिटाई जा सकती', ट्रंप की पाषाण युग वाली धमकी पर भड़का ईरान

🔶राज्यसभा में जन विश्वास (संशोधन) बिल पारित: पीएम मोदी बोले- जीवन और व्यापार आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम

🔶देर होने से पहले समझौता कर लो, ईरान के सबसे बड़े पुल को उड़ाकर ट्रंप ने दी धमकी

🔶बंगाल में SIR अधिकारियों को बंधक बनाने पर ECI सख्त, SC की फटकार के बाद NIA के हवाले जांच

🔶रूस के उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव ने पीएम मोदी से की मुलाकात, रणनीतिक संबंधों पर हुई चर्चा

🔶राघव चड्ढा के खिलाफ AAP का कड़ा एक्शन, राज्यसभा के डिप्टी लीडर पद से हटाया, कहा- न दिया जाए बोलने का समय

🔶संसद को शिकायतों का डेटा देने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा- किसी भी जज के ख़िलाफ़ शिकायतों का रिकॉर्ड नहीं

🔶आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) अधिनियम 2026 राज्य सभा में पारित, विधेयक पर लगी दोनों सदनों की मुहर

🔶बंगाल में बदलाव के लिए शाह ने भवानीपुर को बताया अहम, रोड शो के साथ शुवेंदु ने किया नामांकन

🔶सीरिया में गृहयुद्ध के समय लगभग 10 लाख सीरियाइयों ने जर्मनी में शरण ली थी. बर्लिन चाहता है अब वे वापस चले जाएं.

🔶ईरान युद्ध के बीच सऊदी-तुर्की समेत 8 इस्लामी देशों ने खोला मोर्चा, इजरायल को घेरा

🔶चंडीगढ़- BJP हेडक्वार्टर ब्लास्ट केस में 2 गिरफ्तार: पंजाब पुलिस ने रोपड़ से पकड़े; हमले से जुड़े VIDEO में ऑफिस के पास दिखे थे

🔷IPL 2026 : SRH ने खोला जीत का खाता, KKR को 65 रनों से हराया

         *आपका दिन शुभ और मंगलमय हो सुप्रभात..!!*

                          जय हो🙏

K: *सुबह की देश राज्यों से बड़ी खबरें*

        *03- अप्रैल - शुक्रवार*

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*1* पीएम मोदी आज दो दिन के तमिलनाडु के दौरे पर है। वह दोपहर को चेन्नई हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे। इसके बाद वह पुडुचेरी के लिए उड़ान भरेंगे। जहां वे शाम को भाजपा और उसके सहयोगी दलों के उम्मीदवारों के लिए एक जनसभा को संबोधित करेंगे

*2* महिला आरक्षण पर संसद में 16 अप्रैल से चर्चा, लोकसभा की सीटें 543 से 816 की जा सकती हैं; बजट सत्र का 3 दिन का सेशन

*3* लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान उस वक्त असहज स्थिति बन गई जब एमएसएमई मंत्रालय से जुड़े मंत्री सदन में मौजूद नहीं थे। सवाल पूछे जाने पर जवाब देने वाला कोई नहीं मिला, जिससे स्पीकर हतप्रभ रह गए। उन्होंने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए संसदीय कार्य मंत्री को इसे गंभीरता से नोट करने को कहा। स्पीकर ने साफ चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी

*4* अमेरिका के शैक्षणिक संस्थानों में भारतीय छात्रों के नामांकन में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में बताया कि फरवरी 2026 तक अमेरिका में 3.5 लाख से अधिक भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। यह संख्या पिछले साल के मुकाबले करीब 6.9 फीसदी कम है

*5* राज्यसभा में जन विश्वास (संशोधन) बिल पारित: पीएम मोदी बोले- जीवन और व्यापार आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम

*6* पूरी दुनिया ने माना भारत के हथियारों का लोहा, रक्षा निर्यात में हमने रचा इतिहास; कई देशों ने खरीदा

*7* भारत की समुद्री सुरक्षा को और अधिक अभेद्य बनाने की दिशा में शुक्रवार को नया अध्याय जुड़ने जा रहा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह विशाखापट्टनम स्थित नेवल डॉकयार्ड में स्वदेशी अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट तारागिरी को नौसेना में शामिल करेंगे। यह युद्धपोत प्रोजेक्ट 17ए के तहत विकसित चौथा प्लेटफॉर्म है, जो आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूती देता है।

*8* बंगाल में न्यायिक अधिकारियों पर हमले की जांच करेगी NIA, सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद चुनाव आयोग का फैसला

*9* उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को असम में चुनाव प्रचार करने पहुंचेंगे। इस दौरान वह बरपेटा और बरचला में एनडीए उम्मीदवारों के समर्थन में जनसभाओं को संबोधित करेंगे।

*10* अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक फिर चेतावनी दी है, गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर उन्होंने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि उसके सबसे बड़े पुल को हमले में ध्वस्त कर दिया गया है, और अब ईरान के लिए बहुत देर होने से पहले समझौता करने का समय आ गया है

*11* 'सभ्यताएं बमबारी से नहीं मिटाई जा सकती', ट्रंप की पाषाण युग वाली धमकी पर भड़का ईरान

*12* ईरान युद्ध के बीच अमेरिका ने आर्मी चीफ को हटाया, कई जनरल को भी जबरन कराया रिटायर

*13* आज आईपीएल 2026 का 7वां मैच चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) और पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के बीच खेला जाएगा। यह मैच शाम 7:30 बजे  एमए चिदंबरम स्टेडियम चेन्नई में शुरू होगा। दोनों टीमों का यह दूसरा मुकाबला है। पंजाब को अपने पहले मैच में जीत मिली थी। चेन्नई को अपने शुरुआती मुकाबले में राजस्थान से हार मिली थी।

*14* हैदराबाद ने कोलकाता को 65 रनों से हराया,रघुवंशी का अर्धशतक भी नहीं आया काम

*15* 9 राज्यों में तेज बारिश, 2 में आंधी-तूफान का अलर्ट, MP-राजस्थान, हरियाणा में बारिश हुई; जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में एवलांच का खतरा

*16* सोने में ₹4245, चांदी में ₹12 हजार की गिरावट, ईरान जंग से 34 दिन में सोना ₹12 हजार सस्ता, चांदी ₹39 हजार नीचे आई

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Tejraftarnews.in: *हिमाचल प्रदेश: सीबीएसई स्कूलों में अस्थायी तौर पर सेवाएं देते रहेंगे एसएमसी शिक्षक, जानें विस्तार से*

*एमएमसी के तहत नियुक्त शिक्षकों को स्कूल शिक्षा निदेशालय ने फिलहाल यथावत रखने और बाद में चरणबद्ध तरीके से समायोजित करने की सिफारिश की है।*

हिमाचल प्रदेश में सीबीएसई स्कूलों में कार्यरत एमएमसी (स्कूल प्रबंधन समिति) के तहत नियुक्त शिक्षकों के भविष्य को लेकर शिक्षा विभाग में मंथन तेज हो गया है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सरकार को प्रस्ताव भेजकर इन शिक्षकों को फिलहाल यथावत रखने और बाद में चरणबद्ध तरीके से समायोजित करने की सिफारिश की है।

जानकारी के अनुसार प्रदेश के 151 सीबीएसई स्कूलों में से 33 स्कूलों में वर्तमान में 78 एसएमसी पीरियड-बेस्ड शिक्षक विभिन्न श्रेणियों में कार्यरत हैं। इन शिक्षकों के लिए सीबीएसई स्कूलों में नियमित रूप से बनाए रखने का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है। इतना ही नहीं, इन्हें सीबीएसई स्कूलों में तैनाती के लिए आयोजित स्क्रीनिंग टेस्ट में भी शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई थी।

*अस्थायी व्यवस्था के तौर पर बनाए रखने का प्रस्ताव*

निदेशालय ने सरकार को भेजे प्रस्ताव में कहा है कि जब तक स्क्रीनिंग टेस्ट के माध्यम से चयनित नियमित और मेधावी शिक्षक सीबीएसई स्कूलों में ज्वाइन नहीं कर लेते, तब तक इन एसएमसी शिक्षकों को 'स्टॉप-गैप अरेंजमेंट' के रूप में यथावत रखा जा सकता है। इससे स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रभावित नहीं होगा।

*बाद में नजदीकी स्कूलों में होगा समायोजन*

प्रस्ताव में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जैसे ही नियमित शिक्षक सीबीएसई स्कूलों में कार्यभार संभालेंगे, एसएमसी शिक्षकों को ब्लॉक या जिला स्तर पर नजदीकी स्कूलों में स्थानांतरित किया जाएगा, ताकि उनकी सेवाओं का उपयोग जारी रखा जा सके।

 

*एसएमसी शिक्षकों को मिलेगी बड़ी राहत की संभावना*

एक और अहम प्रस्ताव के तहत विभाग ने सुझाव दिया है कि जो एसएमसी शिक्षक विभाग में जॉब ट्रेनी के रूप में चयनित हो रहे हैं, उन्हें भविष्य में प्रस्तावित 150 नए सीबीएसई स्कूलों के लिए आयोजित सीबीएसई सब-कैडर टेस्ट में बैठने की अनुमति दी जाए। यह घोषणा मुख्यमंत्री के बजट भाषण 2026-27 में भी की जा चुकी है।

यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो एसएमसी-एलडीआर (लिमिटेड डायरेक्ट रिक्रूटमेंट) के तहत परीक्षा पास करने वाले शिक्षकों को सीबीएसई स्कूलों में जॉब ट्रेनी के रूप में नियुक्ति का अवसर मिल सकेगा।

*सरकार के फैसले पर टिकी निगाहें*

अब यह पूरा मामला सरकार के विचाराधीन है और अंतिम निर्णय शिक्षा सचिव स्तर पर लिया जाएगा। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो इससे न केवल वर्तमान एसएमसी शिक्षकों को राहत मिलेगी बल्कि सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की कमी भी अस्थायी रूप से दूर हो सकेगी।

Tejraftarnews.in: *हिमाचल 30 सितंबर 2024 और 2025 को दो वर्ष की नियमित सेवा पूरी करने वाले अनुबंध कर्मियों को दी बड़ी राहत*

*सरकार ने 30 सितंबर 2024 व 2025 में दो वर्ष की निरंतर सेवा पूरी करने वाले अनुबंध कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है।*

हिमाचल प्रदेश ने 30 सितंबर 2024 व 2025 में दो वर्ष की निरंतर सेवा पूरी करने वाले अनुबंध कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। सरकार की ओर से गुरुवार को जारी सरकार ने निर्णय लिया है कि जिन अनुबंध कर्मचारियों ने 30 सिंतबर 2024 और 30 सितंबर 2025 तक दो वर्ष की निरंतर सेवा पूरी कर ली थी, वे संबंधित नीतियों के तहत नियमितीकरण के लिए पात्र होंगे। ऐसे कर्मचारियों को क्रमशः 30 सितंबर 2024 और 30 सितंबर 2025 के बाद नियमित माना जाएगा। 

कार्मिक विभाग की ओर से गुरुवार को जारी निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया है कि नियमितीकरण की शर्तें और नियम पहले की तरह ही लागू रहेंगे, इनमें किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। यह निर्देश सभी प्रशासनिक सचिवों, मंडलायुक्तों, विभागाध्यक्षों और उपायुक्तों को भेजे गए हैं, ताकि पात्र कर्मचारियों के मामलों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। गौरतलब है कि इन कर्मचारियों को सितंबर की जगह अगले वर्ष के 31 मार्च को दो साल का अनुबंध पूरा होने पर नियमित किया था। बीते दिनों ही सरकार ने अनुबंध कर्मचारियों को दोबारा से साल में दो बार सितंबर और मार्च में नियमित करने का निर्णय लिया है। 

*आईपीएस अधिकारी संदीप को सौंपा राज्यपाल के सचिव का अतिरिक्त कार्यभार*

प्रदेश सरकार ने आईएएस अधिकारी सीपी वर्मा को हटाकर आईपीएस अधिकारी संदीप कुमार भारद्वाज को राज्यपाल के सचिव का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। वर्ष 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी संदीप कुमार भारद्वाज अभी राज्यपाल के एडीसी के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। वहीं वर्ष 2010 बैच के आईएएस अधिकारी सीपी वर्मा को राज्यपाल के सचिव से बदलकर नई जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सचिव के रूप में नियमित तौर पर तैनात किया गया है। वर्मा को बीते दिनों ही राज्यपाल के सचिव पद के साथ सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सचिव का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया

Tejraftarnews.in: *उपायुक्त ने सरोल में भलेई माता नेत्र अस्पताल का किया उद्घाटन*

*क्षेत्रवासियों को मिलेगी आधुनिक नेत्र उपचार सुविधाएं : मुकेश रेपसवाल*

*चम्बा, 2 अप्रैल*

उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने आज सरोल स्थित भलेई माता नेत्र अस्पताल का विधिवत उद्घाटन किया। *इस अवसर पर उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस अस्पताल के शुरू होने से क्षेत्र के लोगों को बेहतर एवं आधुनिक नेत्र उपचार सेवाएं उपलब्ध होंगी, जिससे उन्हें दूर-दराज के बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।*

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं का सुदृढ़ होना किसी भी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस दिशा में यह अस्पताल एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। उपायुक्त ने आशा व्यक्त की कि अस्पताल प्रबंधन भविष्य में भी आधुनिक तकनीकों को अपनाकर लोगों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करता रहेगा।

अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ.विपिन ठाकुर ने उपायुक्त का स्वागत एवं आभार व्यक्त करते हुए बताया कि यह प्रदेश का पांचवां नेत्र अस्पताल है, जहां अत्याधुनिक उपकरणों के माध्यम से फेको व लेजर तकनीक से काला मोतिया और सफेद मोतिया का उपचार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त यहां विभिन्न नेत्र रोगों की जांच एवं उपचार की समुचित व्यवस्था भी उपलब्ध रहेगी।

उन्होंने बताया कि अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा नियमित जांच, परामर्श तथा सर्जरी की सुविधा प्रदान की जाएगी, जिससे स्थानीय लोगों को समय पर बेहतर इलाज मिल सकेगा।

Tejraftarnews.in: 😇 

#जनगणना की आहट सुनाई दे रही है। #संस्कृत को यदि सम्मानजनक ओहदा देना हो तो🪴🌿

 जनगणना में अपनी भाषा हिंदी, अंग्रेजी, तमिल या गुजराती नहीं, #संस्कृत लिखवाओ। 

क्योंकि संसदीय लोकतंत्र में #भाषाई_संख्या के आधार पर भाषा का बजट, उन्नयन, शिक्षण संस्थान, अध्यापक, छात्र तय होता है।

🌷

मानते हो, #मां_संस्कृत है तो अन्य #भारतीय_भाषाओं का अस्तित्व, उन्नयन स्वतः है। और यदि तमिल, गुजराती या गुरुमुखी के चक्कर में फंसे तो एक-एक कर, बीन-बीन कर #मारे जाओगे।

🌷🌿

ठीक वैसे ही, जैसे आज ब्राह्मण तो कल यादव, पटेल, कुर्मी, पिछड़ा और परसो मुसहर, पासवान दलित मारा जाएगा। डॉ आंबेडकर की अर्थी को कंधा देने वाला एक ना मिलेगा। आरक्षण का वजूद ना रहेगा। ना #UGC पर कोर्ट अपील सुनेगा। ना ज्ञानवापी या मथुरा पर सुनवाई होगी। 

मेरा दायित्व है, समय रहते सजग कर देना। कुत्ता हूं, केवल भौंक कर मालिक को चौकन्ना कर सकता हूं.. देखो! चोर आया!

#ऊर्दू_बनाम_संस्कृत

Tejraftarnews.in: **अपनी न्याय व्यवस्था की खूबसूरती (?) देखिए!**

वर्ष 2000 में पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के आतंकवादियों ने दिल्ली लालकिला में तैनात भारतीय सेना की 7-राजपूताना राइफल्स की यूनिट पर हमला किया। अचानक हुए उस हमले में भारतीय सेना के 3 सैनिक शहीद गए थे।

दिल्ली पुलिस ने 4 दिनों में ही आतंकी हमले के मास्टरमाइंड पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद आरिफ उर्फ़ अश्फ़ाक को गिरफ़्तार कर लिया।

उसके बाद हमारी भारतीय न्याय व्यवस्था की खूबसूरती (?) देखिए!

इतने संगीन मामले में दिल्ली की ट्रायल कोर्ट ने उसे फांसी की सजा सुनाने में 5 साल लगा दिए। (2005)...

दिल्ली की ट्रायल कोर्ट के फ़ैसले की पुष्टि करने में दिल्ली हाईकोर्ट को 2 साल और लगे। (2007)

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के उसी आदेश को बनाए रखने में 4 साल और लगाए। (2011)

मोहम्मद आरिफ़ की समीक्षा याचिका ख़ारिज करने में सुप्रीम कोर्ट को 1 साल और लगा। (2012)

उसके बाद आरिफ की क्यूरेटिव याचिका को ख़ारिज करने में सुप्रीम कोर्ट को 2 साल और लगे। (2014)

सितंबर 2014 में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने फैसला सुनाया कि जिन मामलों में हाईकोर्ट ने मौत की सजा सुनाई है, ऐसे मामलों को 3 जजों की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाना चाहिए।

इस प्रकार पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद आरिफ एक बार फिर अपने द्वारा दायर समीक्षा याचिका पर फिर से सुनवाई के लिए पात्र हो गया।

उसके बाद सुप्रीम कोर्ट की 3 जजों की संविधान पीठ को मोहम्मद आरिफ़ की समीक्षा याचिका ख़ारिज करने में 8 साल और लगे। (2022)!

फिर मोहम्मद आरिफ ने राष्ट्रपति को दया याचिका दायर की, जिसे 13 जून 2024 को राष्ट्रपति ने खारिज कर दिया। (2024)!

इस प्रकार 3 भारतीय सैनिकों का हत्यारा पिछले 24 वर्षों से भारतीय टैक्स पेयर के पैसे से ज़िंदा है...!

लेकिन अभी मामला ख़त्म नहीं हुआ है।

भारत के बिकाऊ जजों और जड़ न्याय व्यवस्था को देखते हुए अभी कुछ नहीं कहा जा सकता कि राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका ख़ारिज करने के बाद भी आतंकी आरिफ़ की फाँसी की सजा देने में अभी कितना वक्त लगेगा...?

और हाँ, अभिषेक मनु सिंघवी, कपिल सिब्बल, सलमान ख़ुर्शीद और प्रशांत भूषण जैसे क़ानून विशेषज्ञों का मानना है कि आरिफ संविधान के अनुच्‍छेद 32 (संवैधानिक उपचार का अधिकार) के तहत सजा में रियायत की मांग कर सकता है। वह मौत की सजा पर अमल में अत्‍यधिक देरी को आधार बनाते हुए याचिका दायर कर सकता है। मुझे डर कि सुप्रीम कोर्ट कहीं उसे हर्जाने का आदेश न दे दे।

ऐसे हजारों उदाहरणों में से यह केवल एक है। करोड़ों लम्बित केसेज के अलावा इस अन्याय पालिका द्वारा प्रतिवर्ष 50 लाख से अधिक पीड़ित निर्दोष बिना वजह चट्टी घिसते हैं। सत्ता और अवकाश का इतना मजा विश्व के किसी भी देश की न्यायपालिका को नहीं मिलता, अफ्रीकन और इस्लामिक देशों को भी नहीं।

[Tejraftarnews.in: पिथौरागढ़ में बड़ा खुलासा 

मोहम्मद दानिश “Satnam Clinic” के नाम से क्लिनिक चला रहा था, शिव जी की फोटो लगाकर लोगों को भरोसे में ले रहा थ

डॉक्टर और RSS कार्यकर्ता ने भंडाफोड़ किया

आरोप: पहाड़ी हिंदू लड़कियों के नंबर लेकर कॉल पर गलत मेडिकल की सलाह देता था।

#highlightsシ゚ #followers #fypageシ #uttarakhand

Tejraftarnews.in: मण्डल कमीशन आजाद हिंदुस्तान का सबसे बड़ा घोटाला है !

वर्ष 2018 में रोहिणी कमीशन ने पिछले 5 साल में OBC कोटा के अंदर 1.3 लाख नौकरियां के डाटा का विश्लेषण किया.

इसके साथ ही पिछले 3 साल में - 

ओबीसी के तहत NIT, IIM और AIIMS समेत केंद्रीय उच्च शिक्षा में छात्रों के प्रवेश के आंकड़े का भी सर्वे किया.

इस सर्वे में पाया गया कि सभी नौकरियां और एजुकेशन सीटें ओबीसी की 25 फीसदी जातियों के पास गईं. 

इनमें से 24.95% नौकरियां और सीटें ओबीसी की सिर्फ 10 प्रभावशाली जातियों को मिली हैं. 

ओबीसी की 37% आबादी वाले 983 समुदायों को नौकरी और पढ़ाई में कोई प्रतिनिधित्व नहीं मिला. 

इसके अलावा 994 ओबीसी उपजातियों को सिर्फ 2.68 फीसदी नौकरी और एजुकेशन में जगह मिली. 

ओबीसी में घुसे जमींदार जातियों ने ओबीसी की भूमिहीन जातियों के आरक्षण पर एकाधिकार स्थापित कर लिया है।

#रोहिणी_कमीशन_लागू_करो

Tejraftarnews.in: नेपाल बालेन शाह का शपथ ग्रहण कल राम नवमी तिथि अनुसार हुआ 

पूरी वैदिक नीति नियम अनुसरण करते हुए 

राम के नवमी तिथि को चुना गया 

वैदिक ब्राह्मण और बटुकों के साथ गुरु परम्परा को महत्व दिया गया 

शपथ ग्रहण समारोह किसी भी तरह से सेकुलर शासन तंत्र का हिस्सा नहीं रहा 

सबकुछ वैदिक काल अनुसार रहा 

बालेन शाह ने साबित किया नेपाल हिंदुओं की देश गुरु परम्परा और ब्राह्मण बटुकों का सम्मान करने वाले देवताओं की मार्ग पर चलने वाली देश है 

किसी अमेरिका चीन ब्रिटिश की कोई भय नहीं 

शुभकामनाएं बधाई उज्ज्वल भविष्य की कामनाएं नेपाल से जुड़े हमारे संपूर्ण सनातनी को।।

ऐसे शासक मिला है जो धर्म याद किया है।।

नेपाल ही भारत को अखंड भारत प्रदान करेगी 

🚩 जय जय श्री राम

Tejraftarnews.in: Big Breking 📍 *नेपाल*

छात्र राजनीति पर बैन, 5वीं तक एग्जाम नहीं, विदेशी नामों पर सख्ती...बालेन शाह ने बदला नेपाल का एजुकेशन सिस्टम! 

सरकार ने देशभर में विदेशी नामों से चल रहे स्कूलों- जैसे 'ऑक्सफोर्ड', 'सेंट जेवियर्स' आदि को अपने नाम बदलकर स्थानीय पहचान अपनाने का निर्देश दिया है।

यह फैसला राष्ट्रीय पहचान को बढ़ावा देने के मकसद से लिया गया है।

Tejraftarnews.in: साभार...

वामपन्थी आतंक दुनिया भर में तो रहा ही है लेकिन भारत मे भी इसका असर ऐसा था कि कितने ही साल #माओवादी और उनकी पार्टी टॉप आतंकी संगठनों में लिस्टेड रहे हैं अलग अलग ग्लोबल रिपोर्ट्स में।

और ये भी आंखे मूंदना है कि CPI अलग है,CPI-M अलग है,CPI ML अलग है आदि..

इनका अंतर इतना है कि किसी ने हथियार उठा क्रांति के नारे लगाए हैं,किसी ने कलम उठा ये किया है,कोई कॉलेज में ये सब कर रहा*** है,कोई राजनीति में बैठकर ये सपने देख रहा है,कोई मीडिया में ऐसा है,कोई ज्यूडिशरी में ऐसा है,कोई #भांडवर्ल्ड में ऐसा है।

अर्थात ये सब अलग अलग मुखौटे हैं,एक ही चेहरे के।

वो चेहरा जो भारत के हर अहित में मोहित होता है।

जो सोने से पहले ये चाह रखता है कि कल जब उठूं तो भारत बर्बाद हुआ मिले।

और जब सोने के बाद उठता भी है तो पूरे दिन ये सोचता है कि भारत के नुकसान में किस तरह अपना योगदान दे सकूं।

और ये भी गलत है कि अब अर्बन नक्सली कुचलने बाकी है,फिर सब ठीक हो जाएगा।

क्योंकि इस आतंक की गर्भनाल तो कहीं और ही है।

और वो चीन भी नही,बल्कि वो #ग्लोबल_अलायंस है जो पूरी दुनिया के ऐसे अर्बन नक्सलियों के लिए एक सिंगल मंच प्रदान करता है,जो अपने अपने देशो में इस काम मे लगे हैं,इसलिए अपने देशो के ऐसे अर्बन नक्सली भी सिर्फ कुचलने नही हैं,बल्कि कुचलते ही रहने हैं वो भी हर तरह से... 

जैसे जो ज्यूडिशरी में है उसे उस तरह,जो मीडिया में है उसे उस तरह,जो राजनीति में है उसे उस तरह,जो कलम उठाया है उसे उस तरह,और जो बंदूक उठाएगा उसे उस तरह..... क्योंकि हम इतने ताकतवर नही कि पूरा ग्लोबल अलायंस ही कुचल डालें जो दुनिया के 120+ देशो के ऐसे नक्सलियों का अलायंस है,जिस वजह से ही तो ये हर जगह,हर फील्ड,हर सिस्टम में हैं।

दुनिया इसे #D_स्टेट के नाम से आजकल जान रही है,लेकिन ये हमेशा ही अलग अलग मुखौटे और नाम से जाने जाते हैं जिसमें #Sickउलर,लिबरल,ह्यूमन,प्रोग्रेसिव,सोशलिस्ट,कम्युनिस्ट,लेफ्टिस्ट,woke,मॉडर्न,इलीट,इंटलेक्ट आदि कितने तो इन्होंने फैंसी नाम भी रखे हुए हैं,जैसे एक कश्मीर का जिहादी गुट अपना नाम "#द_रेसिस्टेन्स_फ्रंट" रख रखा है।

"रेसिस्टेन्स" सुनकर पता चलेगा कि ये वही जिहादी हैं,जिन्होंने कश्मीर में आतंक मचाया हुआ था/है।

बस इसीलिए ऐसे फैंसी नाम रखकर आपको अट्रैक्ट किया जाता है अपनी तरफ और आप होते भी हो।

इसलिए ये वॉर अभी लगातार लड़नी बाकी है,फिलहाल हम बस एक फ्रंट जीते हैं जिन्हें "#गांधी_विथ_गन्स" ऐसे लोग और उनकी पार्टियां कहा करती थी।

अवधेश प्रताप सिंह कानपुर उत्तर प्रदेश,9451221253

Tejraftarnews.in: साभार...

भारत के #चीफ_जस्टिस को रात दो बजे तक जागना पड़ा। क्योंकि #बंगाल में उनके न्यायिक अधिकारियों को #मजहबी_भीड़ ने घण्टों बंदी बना कर रखा हुआ था। आखिर #सेना के देखल से अधिकारी जीवित बाहर आ सके।

यह घटना दो सन्देश साफ तौर पर दे रही है...

■ कोई भी कानून!कोई भी संवैधानिक व्यवस्था का #संगठित_भीड़ के सामने कोई औकात नहीं है।यह जो "शिक्षित-संभ्रात समाज" न्यायालयों में अपना अस्तित्व! अपनी आस्था!अपने आराध्य!अपने और अपने परिवार के अस्तिव की रक्षा खोज रहा है,इसका निर्णय किसी जज की #कलम से नहीं,#खुले_संघर्ष से होगा।...और उस पल #विवेकानन्द नहीं,#गोपाल_पाठा याद आएंगे।बहस नहीं,प्रतीक्षा कीजिए।

बस!#संख्याबल की बात है,जो आज नहीं तो कल अपने उरोज पर होगा।फिर #डायरेक्ट_एक्शन का एलान किया जाएगा।फिर कत्ल-ओ-गारद होगा।हर वो मारा जाएगा,जो #लोकतांत्रिक_आदर्श में जी रहा है। 

वैसे भी #बौद्धिक_संघर्ष और #सत्ता_आश्रितों का युग ना कभी रहा है,ना कभी आएगा।ये सब #आभासी_शांतिकाल के नमूने हैं।जो संकट के कदमचाप सुनते ही भाग खड़े होंगे। परिवार छोड़ कर। 

...ध्यान से सुनिए मुख्य न्यायाधीश क्या कह रहे हैं, "...मुझे मालूम है कौन है इसके पीछे?इनका उद्देश्य क्या है?" लोकतांत्रिक व्यवस्था के अंतिम सुरक्षा दुर्ग का किलेदार आज भी #लाक्षणिक_शब्दावली में उलझा हुआ है।

"एक निवेदन है सभी सनातनी बंधुजनों से समय रहते संगठित होकर प्रतिकार करें और हर पल सावधान और सजग रहें।क्योंकि हमारी आपकी निरंकुशता ऐसी समस्याओं को भारतवर्ष के हर क्षेत्र में जन्म दे रही है।"

#बंगाल

अवधेश प्रताप सिंह कानपुर उत्तर प्रदेश,9451221253

Tejraftarnews.in: . *जय श्री राम*

 *शुक्रवार, 03 अप्रैल 2026 के मुख्य समाचार*

🔶ईरानी सेना का दावाः UAE हमले में मार गिराए 37 अमेरिकी सैनिक, कहा- "हमारी शक्ति का अंदाजा नहीं... ट्रंप पछताएंगे"

🔶होर्मुज संकट पर दुनिया एकजुट! समुद्र में फंसे सैकड़ों जहाज निकालने की तैयारी, 35 देशों की बैठक में भारत को भी न्योता।

🔶अमेरिका में विदेशी दवाओं पर अब लग सकता है 100% तक टैरिफ, ट्रंप ने कार्यकारी आदेश पर किए हस्ताक्षर।

🔶फ्रेंच राष्ट्रपति मैक्रों का ट्रंप पर वार: “हर दिन बयान बदलना बंद करें!” US रणनीति पर उठाए सवाल।

🔶महिला आरक्षण पर संसद में 16 अप्रैल से चर्चा: लोकसभा की सीटें 543 से 816 की जा सकती हैं; बजट सत्र का 3 दिन का सत्र।

🔶ईरान जंग के बीच अमेरिकी आर्मी चीफ की छुट्टी, रक्षा मंत्री ने किया जबरन रिटायर।

🔶I-PAC के दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद के ठिकानों पर ED की रेड: कोयला घोटाले से जुड़ा मामला, कंपनी ममता की पार्टी TMC का चुनाव मैनेजमेंट देख रही।

🔶 West Asia Conflict: 'सभ्यताएं बमबारी से नहीं मिटाई जा सकतीं', ट्रंप की पाषाण युग वाली धमकी पर भड़का ईरान

🔶राज्यसभा में जन विश्वास (संशोधन) बिल पारित: पीएम मोदी बोले- जीवन और व्यापार आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम।

🔶देर होने से पहले समझौता कर लो, ईरान के सबसे बड़े पुल को उड़ाकर ट्रंप ने दी धमकी।

🔶बंगाल में SIR अधिकारियों को बंधक बनाने पर ECI सख्त, SC की फटकार के बाद NIA के हवाले जांच।

🔶रूस के उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव ने पीएम मोदी से की मुलाकात, रणनीतिक संबंधों पर हुई चर्चा।

🔶राघव चड्ढा के खिलाफ AAP का कड़ा एक्शन, राज्यसभा के डिप्टी लीडर पद से हटाया, कहा- न दिया जाए बोलने का समय।

🔶संसद को शिकायतों का डेटा देने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा- किसी भी जज के खिलाफ शिकायतों का रिकॉर्ड नहीं।

🔶आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) अधिनियम 2026 राज्यसभा में पारित, विधेयक पर लगी दोनों सदनों की मुहर।

🔶बंगाल में बदलाव के लिए शाह ने भवानीपुर को बताया अहम, रोड शो के साथ शुवेंदु ने किया नामांकन।

🔶सीरिया में गृहयुद्ध के समय लगभग 10 लाख सीरियाईयों ने जर्मनी में शरण ली थी। बर्लिन चाहता है अब वे वापस चले जाएं।

🔶ईरान युद्ध के बीच सऊदी-तुर्की समेत 8 इस्लामी देशों ने खोला मोर्चा, इजरायल को घेरा।

🔶चंडीगढ़ - BJP हेडक्वार्टर ब्लास्ट केस में 2 गिरफ्तार: पंजाब पुलिस ने रोपड़ से पकड़े; हमले से जुड़े वीडियो में ऑफिस के पास दिखे थे।

🔷IPL 2026 : SRH ने खोला जीत का खाता, KKR को 65 रनों से हराया।

*आप का दिन शुभ और मंगलमय हो सुप्रभात....!*  

                      जय

Tejraftarnews.in: *सुबह की देश राज्यों से बड़ी खबरें..*

        *03 - अप्रैल - शुक्रवार*

                       👇

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*1* पीएम मोदी आज दो दिन के तमिलनाडु के दौरे पर है। वह दोपहर को चेन्नई हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे। इसके बाद वह पुडुचेरी के लिए उड़ान भरेंगे। जहां वे शाम को भाजपा और उसके सहयोगी दलों के उम्मीदवारों के लिए एक जनसभा को संबोधित करेंगे

*2* महिला आरक्षण पर संसद में 16 अप्रैल से चर्चा, लोकसभा की सीटें 543 से 816 की जा सकती हैं; बजट सत्र का 3 दिन का सेशन

*3* लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान उस वक्त असहज स्थिति बन गई जब एमएसएमई मंत्रालय से जुड़े मंत्री सदन में मौजूद नहीं थे। सवाल पूछे जाने पर जवाब देने वाला कोई नहीं मिला, जिससे स्पीकर हतप्रभ रह गए। उन्होंने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए संसदीय कार्य मंत्री को इसे गंभीरता से नोट करने को कहा। स्पीकर ने साफ चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी

*4* अमेरिका के शैक्षणिक संस्थानों में भारतीय छात्रों के नामांकन में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में बताया कि फरवरी 2026 तक अमेरिका में 3.5 लाख से अधिक भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। यह संख्या पिछले साल के मुकाबले करीब 6.9 फीसदी कम है

*5* राज्यसभा में जन विश्वास (संशोधन) बिल पारित: पीएम मोदी बोले- जीवन और व्यापार आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम

*6* पूरी दुनिया ने माना भारत के हथियारों का लोहा, रक्षा निर्यात में हमने रचा इतिहास; कई देशों ने खरीदा

*7* भारत की समुद्री सुरक्षा को और अधिक अभेद्य बनाने की दिशा में शुक्रवार को नया अध्याय जुड़ने जा रहा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह विशाखापट्टनम स्थित नेवल डॉकयार्ड में स्वदेशी अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट तारागिरी को नौसेना में शामिल करेंगे। यह युद्धपोत प्रोजेक्ट 17ए के तहत विकसित चौथा प्लेटफॉर्म है, जो आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूती देता है।

*8* बंगाल में न्यायिक अधिकारियों पर हमले की जांच करेगी NIA, सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद चुनाव आयोग का फैसला

*9* उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को असम में चुनाव प्रचार करने पहुंचेंगे। इस दौरान वह बरपेटा और बरचला में एनडीए उम्मीदवारों के समर्थन में जनसभाओं को संबोधित करेंगे।

*10* अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक फिर चेतावनी दी है, गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर उन्होंने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि उसके सबसे बड़े पुल को हमले में ध्वस्त कर दिया गया है, और अब ईरान के लिए बहुत देर होने से पहले समझौता करने का समय आ गया है

*11* 'सभ्यताएं बमबारी से नहीं मिटाई जा सकती', ट्रंप की पाषाण युग वाली धमकी पर भड़का ईरान

*12* ईरान युद्ध के बीच अमेरिका ने आर्मी चीफ को हटाया, कई जनरल को भी जबरन कराया रिटायर

*13* आज आईपीएल 2026 का 7वां मैच चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) और पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के बीच खेला जाएगा। यह मैच शाम 7:30 बजे  एमए चिदंबरम स्टेडियम चेन्नई में शुरू होगा। दोनों टीमों का यह दूसरा मुकाबला है। पंजाब को अपने पहले मैच में जीत मिली थी। चेन्नई को अपने शुरुआती मुकाबले में राजस्थान से हार मिली थी।

*14* हैदराबाद ने कोलकाता को 65 रनों से हराया, रघुवंशी का अर्धशतक भी नहीं आया काम

*15* 9 राज्यों में तेज बारिश, 2 में आंधी-तूफान का अलर्ट, MP-राजस्थान, हरियाणा में बारिश हुई; जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में एवलांच का खतरा

*16* सोने में ₹4245, चांदी में ₹12 हजार की गिरावट, ईरान जंग से 34 दिन में सोना ₹12 हजार सस्ता, चांदी ₹39 हजार नीचे आई

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Tejraftarnews.in: ये फेंकू राजरतन बोलता था कि मैने समाज की खातिर 5 लाख सैलरी वाली नौकरी छोड़ी है 🫣

जो कि झूठ है, ये कुछ नहीं करता था।

 ये बाबा साहब के घर का सदस्य भी नहीं है।

लेकिन इसने दलित समाज को लूटा।

Evm बैन कराने के नाम पर 

बाबा साहब के नाम से बैंक खोलने के नाम पर,

भिक्षु बनने के नाम पर,

बौद्ध बनाने के कार्यक्रमों के नाम पर,

अपने संगठन से दलित बच्चों को विदेश में पढ़ाने के नाम पर,

इन सब में चंदा लिया जो कि करोड़ों में है।

दलित समाज को आकर्षित करता है, बाबा साहब के घर का सदस्य बताकर, हिंदू धर्म देवी देवताओं को पर गलत टिप्पणी करके।

ये 2024 में लोकसभा का चुनाव लड़ता 200 से कम वोट मिलते हैं।

ऐसे लोगों से सावधान रहो, जो आगे समय में आयेंगे उनसे भी।

आजाद परिंदा

Tejraftarnews.in: *ये कुलटा कामिनी नहीं ये कमीनी है..*. दो कौड़ी का स्कूटी का मिस्त्री सोहेल...एक अमीर घर की फैक्ट्री मालिक की बेटी कामिनी को अपने जाल में फंसाकार ले गया...

मामला हरयाणा के यमुनानगर का है जहाँ एक

फैक्ट्री मालिक की बेटी स्कूटी से ट्यूशन जाती थी, कभी हवा डलवाने कभी पंचर जुड़वाने या कभी कोई स्कूटी में खराबी होने पर वो सोहेल नाम के एक जिहादी की दुकान पर जाती थी...

सोहेल ने कामिनी को अपने जाल में फंसाया और उसे लेकर फुर्र हो गया...

अब कामिनी का कहना है कि वो सोहेल को लेकर भागी है और सोहेल को कुछ हुआ तो मेरे बाप को फाँसी पर टांग देना क्यूंकि वहीँ जिम्मेदार होंगे...

बाप फैक्ट्री बंद करके हज़ारों लोगों के साथ सड़क जाम करके बैठा है, जब ध्यान देने का वक्त था तब फैक्ट्री से फुर्सत नहीं थी...

अब पछताए का होत.. जब चिड़ियाँ चुग गयीं खेत अंकल..👆👽

पर आप सावधान रहे मै आपका हिंदूवादी नेता भाई तुमको सावधान करते रहूंगा..👆🙏

ब्रांड 👇👇✍️

®️.S.T 🙏🏍️🚩⚔️🏇🏼

(लव जिहाद को भारत से खत्म करके ही रहूंगा)

Tejraftarnews.in: ध्रुव राठी के बारे में एक चौंकाने वाला सच सामने आया है। वह हिंदू होने का दिखावा करके मोदी-विरोधी, BJP-विरोधी, RSS-विरोधी और सनातन-विरोधी दुष्प्रचार फैलाता है (असल में वह माहेश्वरी नहीं है)। उसका असली नाम बदरू राशिद है, और पूरा नाम बदरुद्दीन राशिद लाहौरी है। उसका जन्म पाकिस्तान के लाहौर में हुआ था, और उसकी पत्नी जूली (जो सुनने में ईसाई नाम लगता है) भी पाकिस्तानी है, जिसका असली नाम ज़ुलेखा (जो स्पष्ट रूप से एक मुस्लिम नाम है) है। वे कराची में, दुनिया के कुख्यात गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के एक आलीशान और गुप्त बंगले में रहते हैं, जहाँ उन्हें ISI और पाकिस्तानी सेना की Y+ और Z+ श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई जाती है। बदरू राशिद (जो खुद को ध्रुव राठी बताता है) को पाकिस्तान, चीन, दुबई, मालदीव, कनाडा, रूस, तुर्की और पेंडोरा से फंडिंग मिलती है। जॉर्ज सोरोस के खाते के ज़रिए, मोदी का विरोध करने के लिए उसे पैसे भेजे जाते हैं। *लेकिन अब इस हिंदू-विरोधी और भारत-विरोधी तत्व का पर्दाफ़ाश हो गया है। इज़रायली खुफिया एजेंसी मोसाद ने अपनी एक खुफिया रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया है। सभी सनातनी बंधुओं से अनुरोध है कि वे इस खुलासे को ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करें, और हमारे देश के हित में बदरू राशिद का असली चेहरा दुनिया के सामने लाएँ।🇮🇳*

🔴

Tejraftarnews.in: *भगवान के भरोसे मत बैठो तुमको खुद ही शिवाजी बनना होगा, एक सनातनी हिंदू जग गया तो बाकियों को जागने में समय नहीं लगने वाला!*

_विधर्मी, विदेशी, पाकिस्तान परस्ती की मैया हरी होने वाली है, क्योंकि अब हिंदुओं को समझ आने लगा है उन्हें बचाने के लिए कोई भगवान नहीं आने वाला, अपनी रक्षा स्वयं करनी होगी!_

*बस यही समझना था* अब ये चिंगारी ऐसे प्रज्वलित होगी... जैसे... वो उक्ति थी...

_हनुमान की पूंछ में लगन न पाई आग_

_लंका सगरी जल गई, गए निशाचर पाक!_

*जी हां सही पकड़े हैं, निशाचरों ने, सलमान रुश्दी की आधी रात की संतानों ने, अपने लिए डेढ़ मुल्क ले लिया था, और अब ये आपका देश छीनना चाहते हैं!*

_खास बात ये है कि आपके अपने ही भ्रष्ट नेता, मंत्री, अफसर मुफ्तखोरी फैलाकर, आपको नून, तेल, लकड़ी में उलझाए हुए हैं और आप खेला में शिकार हो रहे हैं!_

*कोई भगवान नहीं आने वाला, न कृष्ण न कल्कि, भगवान कृष्ण को मथुरा की शाही मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे दबाया हुआ है मुल्लों ने, जबकि डबल इंजन की सरकार बनाई है आपने अपने वोटों से, कुछ समझे!?*

_अगर भगवान को ही आना होता तो केरल, कश्मीर, पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश, पूर्वोत्तर भारत में आ गया होता जब सारे हिंदू हत्या लूट बलात्कार से धर्मांतरित कर दिए गए!_

*बस बहुत हुआ, दूसरे पर निर्भर होकर, हलाल होने का खेला, आज से अपने पर निर्भर होना सीखो, गंदगी को पनपने ही मत दो!*

_पाकिस्तान परस्ती करने वाले गुल्लीकटुओं और इनके लाल, नीली, पीली, हरी, सफेद टोपियों वालों का पूर्ण बहिष्कार करो, घुटने पर न आ जाएं तो कहना, लालच और भय से ही गए थे कायर, वही इन्हें अपने मूल धर्म में वापसी करवाएगा!_

Tejraftarnews.in: लखनऊ

सीएम योगी प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर करेंगे कार्यवाही

हर वर्ष स्कूल के प्रबंधक द्वारा पाठ्यक्रम बदले जाने की शिकायत को सीएम योगी ने लिया संज्ञान

पिछले दिनों प्राइवेट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने शिक्षा मंत्री संदीप सिंह से किया था शिकायत

शिकायती पत्र में कहा था कि प्राइवेट स्कूल के प्रबंधक प्रत्येक वर्ष पाठ्यक्रम बदल देते हैं

जिससे अभिभावकों से लगभग 40 से 50 प्रतिशत कमाते हैं

Tejraftarnews.in: *_मुझे गर्व है कि मैं इस महान शख्सियत का समर्थक हूं !_* 👍

_*राजनीति की तपिश के बीच मानवीय संवेदनाओं की यह शीतल बयार ही भारतीय लोकतंत्र की असली शक्ति है।* 💪

_*सर गंगा राम अस्पताल से आई यह तस्वीर केवल दो नेताओं की मुलाकात नहीं, बल्कि उस 'भारतीय संस्कृति' का प्रतिबिंब है जहाँ वैचारिक मतभेद कभी व्यक्तिगत मर्यादाओं पर हावी नहीं होते।* 🥱

_*🇮🇳 *प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का श्रीमती सोनिया गांधी जी के स्वास्थ्य की जानकारी लेने पहुंचना यह संदेश देता है कि सत्ता और विरोध की सीमाओं से परे हम पहले एक समाज हैं।*_ 💕

_*नीतियों और सिद्धांतों की लड़ाई अपनी जगह है, लेकिन संकट के समय एक-दूसरे के साथ खड़ा होना ही वह उच्च आदर्श है जिसे मोदी जी ने सदैव अपने आचरण से सिद्ध किया है।* 🤣

_*लोकतंत्र में 'शत्रुता' के लिए कोई स्थान नहीं है, यहाँ केवल 'प्रतिद्वंद्विता' होती है।प्रधानमंत्री जी का यह सहज कदम उन लोगों के लिए एक सबक है जो राजनीति को केवल नफरत के चश्मे से देखते हैं। स्वस्थ परंपराओं का यह निर्वहन ही हमारे संसदीय लोकतंत्र को विश्व में श्रेष्ठ बनाता है।* 🌺

*_राजनीति अपनी जगह, पर मानवता सामाजिकता सर्वोपरि है।_*🤔

Tejraftarnews.in: साभार....

कुछ लोग अपने स्वभाव से नहीं,बल्कि अपने भीतर बैठे अहंकार और जिद के कारण ऐसे व्यवहार करने लगते हैं कि उनके रिश्ते धीरे-धीरे बोझ बन जाते हैं।उन्हें हर समय किसी न किसी से शिकायत रहती है।कभी अपने ही लोगों से,तो कभी परिस्थितियों से।उनका अक्स अक्सर नाराज़गी से भरा होता है,मानो दुनिया ने उनके साथ हमेशा अन्याय ही किया हो।

ऐसे लोग अपनी गलतियों को देखने की क्षमता खो बैठते हैं। आत्ममंथन उनके लिए लगभग असंभव हो जाता है।वे हर स्थिति में खुद को सही और सामने वाले को गलत साबित करने में लगे रहते हैं,चाहे सामने वाला व्यक्ति कितनी ही सच्चाई,सम्मान और प्रेम से बात क्यों न कर रहा हो।उन्हें यह समझ ही नहीं आता कि रिश्ते केवल अपनी बात मनवाने से नहीं,बल्कि समझने और झुकने से भी चलते हैं।

उनकी सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि वे हर बात को अपने अहंकार के चश्मे से देखते हैं।अगर कोई उनकी बात से असहमत हो जाए,तो उन्हें वह अपमान जैसा लगता है।और अगर कोई उनकी गलती दिखा दे,तो वे उसे स्वयं पर हमला मान लेते हैं।ऐसे में संवाद की जगह तकरार ले लेती है,और रिश्तों में दूरी बढ़ती चली जाती है।

समस्या यह नहीं है कि वे भावुक हैं या संवेदनशील हैं,बल्कि यह है कि वे अपनी भावनाओं को संतुलित करना नहीं जानते। वे अपने दुख को इतना बड़ा बना लेते हैं कि सामने वाले की भावनाएं उन्हें दिखती ही नहीं।परिणामस्वरूप,वे खुद को पीड़ित मानते हुए दूसरों को दोष देते रहते हैं।

दरअसल,हर रिश्ते में थोड़ा झुकना,थोड़ा सुनना और थोड़ा समझना जरूरी होता है।लेकिन जहां अहंकार और जिद हावी हो जाती है,वहां समझदारी पीछे छूट जाती है।ऐसे लोग धीरे-धीरे अपने ही लोगों से दूर हो जाते हैं,और उन्हें यह एहसास भी नहीं होता कि वे अकेले क्यों पड़ रहे हैं।

इस स्थिति से बाहर आने का एक ही रास्ता है,खुद को ईमानदारी से देखना।अपनी गलतियों को स्वीकार करना कमजोरी नहीं,बल्कि परिपक्वता की निशानी है।जब व्यक्ति यह समझ लेता है कि हर बार वह सही नहीं हो सकता,तभी वह रिश्तों की असली कीमत समझ पाता है।

अंततः,रिश्ते जीतने के लिए नहीं,निभाने के लिए होते हैं। अगर हम हर बार खुद को सही साबित करने में लगे रहेंगे,तो शायद हम बहस तो जीत जाएंगे,लेकिन अपने लोग हार जाएंगे।

#एक_अनुभव_एक_विचार 

#अवधेशप्रतापसिंह 

अवधेश प्रताप सिंह कानपुर उत्तर प्रदेश,9451221253

Tejraftarnews.in: *आज देश में पैट्रोल-डीजल का वास्तविक संकट हो गया होता यदि —*

🎯 पेट्रोल में एथेनॉल मिलाना शुरू न किया गया होता,

🎯 शहरों में ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक वाहन न आए होते,

🎯 रेलवे का बड़े पैमाने पर विद्युतीकरण न हुआ होता,

🎯 किसानों के खेतों में सोलर पंप न लगे होते,

🎯 रिफाइनरी क्षमता न बढ़ाई गई होती,

🎯 रणनीतिक तेल भंडार न बनाए गए होते,

🎯 और तेल खरीदने के लिए भारत एक ही देश पर निर्भर होता।

*सच यह है कि...*

भारत ने शोर कम और काम ज़्यादा किया है, 

तेल पर निर्भरता एक दिन में नहीं, धीरे-धीरे कम होती है

🫡

Tejraftarnews.in: 👉👉 मोदी जी - भारत नैतिक AI टैक्स गवर्नेंस कैसे सुनिश्चित कर सकता है?

ह्यूमन-इन-द-लूप अप्रोच: दंडात्मक कार्रवाई से पहले अनिवार्य मानवीय समीक्षा सुनिश्चित करें और अधिकारियों को AI आउटपुट का आलोचनात्मक मूल्यांकन करने के लिए प्रशिक्षित करें, ताकि एल्गोरिदम पर आँख मूंदकर भरोसा करने से बचा जा सके।

AI लोकपाल: टैक्स देने वालों के लिए एक स्वतंत्र शिकायत निवारण हिन्दू संस्था स्थापित करें, ताकि वे AI-आधारित निर्णयों को चुनौती दे सकें और गलत नतीजों (false positives) जैसी प्रणालीगत त्रुटियों को दूर कर सकें।

एल्गोरिदम पारदर्शिता और ऑडिट: टैक्स प्रवर्तन में पक्षपात, सटीकता और निष्पक्षता की जाँच के लिए AI प्रणालियों के स्वतंत्र ऑडिट और सार्वजनिक रिपोर्टिंग को अनिवार्य करें।

व्याख्यात्मकता और उचित प्रक्रिया: टैक्स देने वालों को यह जानने का अधिकार सुनिश्चित करें कि उन्हें क्यों चिह्नित (flagged) किया गया है, और उन्हें जवाब देने या त्रुटियों को सुधारने के लिए स्पष्ट, सुलभ तंत्र प्रदान करें।

डेटा गोपनीयता और सुरक्षा: संवेदनशील वित्तीय जानकारी की सुरक्षा के लिए सख्त एक्सेस नियंत्रण, डेटा न्यूनीकरण और मजबूत साइबर सुरक्षा ढांचे लागू करें।

बेहतर डेटा प्रासंगिकीकरण: AI प्रणालियों को भारत-विशिष्ट वित्तीय वास्तविकताओं (जैसे हिंदू अविभाजित परिवार (HUF), अनौपचारिक अर्थव्यवस्था, परिवर्तनशील आय) को ध्यान में रखने के लिए प्रशिक्षित करें, ताकि गलत नतीजों (false positives) को कम किया जा सके।

भारत में टैक्स चोरी के प्रमुख तरीके:आय छुपाना (Under-reporting Income): अपनी वास्तविक कमाई से कम आय दिखाना, विशेषकर नकद में लेनदेन करके, ताकि टैक्स स्लैब नीचे रहे।फर्जी खर्च दिखाना (Fictitious Expenses): व्यवसाय में टैक्स कम करने के लिए ऐसे खर्चे दिखाना जो वास्तव में नहीं किए गए, जैसे फर्जी रसीदें या सैलरी दिखाना। शेल कंपनियाँ (Shell Companies): कागजों पर कंपनियाँ बनाकर केवल पैसों का हेरफेर (Money Laundering) करना और टैक्स बचाना।नकद लेनदेन (Cash Transactions): अघोषित नकद आय को सिस्टम से बाहर रखना (काले धन के रूप में)।फर्जी बिलिंग (GST चोरी): बिना सामान खरीदे या बेचे केवल बिल (Invoice) जारी करना, ताकि इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत फायदा उठाया जा सके।विदेशी खातों में संपत्ति (Offshore Accounts): भारत से बाहर की विदेशी सीमाओं में संपत्ति या पैसा छिपाना

भारत में विदेशी नागरिक या अनिवासी (NRIs) आमतौर पर विदेशी आय/संपत्ति को छिपाकर, गलत जानकारी देकर, या 'टैक्स हेवन' देशों का इस्तेमाल करके टैक्स चोरी करते हैं। वे भारतीय कर नियमों (जैसे global income पर कर) से बचने के लिए विदेशों में संपत्ति छिपाते हैं। सामान्य तरीकों में ऑफशोर अकाउंट्स रखना, नकली दस्तावेज़ प्रस्तुत करना, और आय को कम दिखाना शामिल है।

भारत में विदेशी लोगों द्वारा कर चोरी के प्रमुख तरीके:विदेशी आय/संपत्ति छिपाना (Offshore Assets): भारत में निवासी (Resident) होने पर, विदेशी बैंक खातों या संपत्तियों से होने वाली आय पर टैक्स देना अनिवार्य है। कई लोग इसे घोषित नहीं करते हैं, यह मानकर कि यह भारतीय कर विभाग के दायरे से बाहर है।नकली दस्तावेज़ और फर्जी खर्च: लोग अपनी कर योग्य आय को कम करने के लिए फर्जी रसीदें या व्यवसाय में फर्जी खर्च (Fake Expenses) दिखाते हैं।हवाला या नकद लेनदेन: व्यवसायों में नकद लेनदेन (Cash Transactions) का उपयोग करना ताकि बिक्री रिकॉर्ड में न आए और उस पर GST या इनकम टैक्स न देना पड़े।टैक्स ट्रीटी का दुरुपयोग (Treaty Abuse): भारत की दूसरे देशों के साथ द्विपक्षीय कर संधियों (DTAA) का गलत फायदा उठाकर दोहरा कर (Double Taxation) से बचने के बजाय टैक्स को पूरी तरह से टालना।आय को कम बताना (Under-reporting Income): अपनी कुल वास्तविक आय (जैसे कि कमीशन या विदेशी परामर्श शुल्क) को आयकर रिटर्न (ITR) में न दिखाना।

भारत में घुसपैठियों या अवैध प्रवासियों द्वारा कर चोरी मुख्य रूप से नकदी लेनदेन (cash transactions), फर्जी पहचान पत्रों (आधार/पैन) का उपयोग करके, और असंगठित क्षेत्रों में काम करके की जाती है। वे अक्सर बैंकिंग प्रणाली से बाहर रहते हैं, जिससे उनकी आय का पता नहीं चलता है। इसके अलावा, अवैध व्यवसाय और तस्करी के माध्यम से भी करों का भुगतान करने से बचा जाता है

टैक्स चोरी के प्रमुख तरीके:नकदी लेनदेन (Cash Transactions): चूंकि ट्रांजैक्शन नकद में होते हैं, इसलिए उन्हें आय में नहीं दिखाया जाता।नकली पहचान (Fake Identities): फर्जी दस्तावेज़ों का उपयोग करके बैंक खाते खोलना या सिम कार्ड लेना ताकि सरकारी रिकॉर्ड से बचा जा सके।असंगठित क्षेत्र में काम (Unorganized Sector): निर्माण, घरेलू काम, या छोटे व्यवसायों में काम करना जहाँ आय का कोई उचित रिकॉर्ड नहीं रखा जाता है।तस्करी और अवैध व्यापार (Smuggling & Illegal Trade): सामान की अवैध तस्करी करके सीमा शुल्क और जीएसटी की चोरी करना।वेतन की कम रिपोर्टिंग: नियोक्ता के साथ सांठगांठ करके वेतन को कम दिखाना या बिना कर कटौती के नकद वेतन प्राप्त करना।

निष्कर्ष

भारत का AI-संचालित टैक्स प्रशासन की ओर बढ़ना, टैक्स अनुपालन और राजस्व जुटाने में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हालाँकि, इस बदलाव को मजबूत नैतिक सुरक्षा उपायों के साथ संतुलित किया जाना चाहिए, जिसमें पारदर्शिता, स्वतंत्र निगरानी, ​​शिकायत निवारण और डेटा गोपनीयता सुरक्षा शामिल हैं। इन उपायों के लागू होने से, भारत एक निष्पक्ष, कुशल और भरोसेमंद टैक्स प्रणाली का निर्माण कर सकता है जो नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करती है।

Tejraftarnews.in: 👉👉 मोदी जी - भारत नैतिक AI टैक्स गवर्नेंस कैसे सुनिश्चित कर सकता है?

ह्यूमन-इन-द-लूप अप्रोच: दंडात्मक कार्रवाई से पहले अनिवार्य मानवीय समीक्षा सुनिश्चित करें और अधिकारियों को AI आउटपुट का आलोचनात्मक मूल्यांकन करने के लिए प्रशिक्षित करें, ताकि एल्गोरिदम पर आँख मूंदकर भरोसा करने से बचा जा सके।

AI लोकपाल: टैक्स देने वालों के लिए एक स्वतंत्र शिकायत निवारण हिन्दू संस्था स्थापित करें, ताकि वे AI-आधारित निर्णयों को चुनौती दे सकें और गलत नतीजों (false positives) जैसी प्रणालीगत त्रुटियों को दूर कर सकें।

एल्गोरिदम पारदर्शिता और ऑडिट: टैक्स प्रवर्तन में पक्षपात, सटीकता और निष्पक्षता की जाँच के लिए AI प्रणालियों के स्वतंत्र ऑडिट और सार्वजनिक रिपोर्टिंग को अनिवार्य करें।

व्याख्यात्मकता और उचित प्रक्रिया: टैक्स देने वालों को यह जानने का अधिकार सुनिश्चित करें कि उन्हें क्यों चिह्नित (flagged) किया गया है, और उन्हें जवाब देने या त्रुटियों को सुधारने के लिए स्पष्ट, सुलभ तंत्र प्रदान करें।

डेटा गोपनीयता और सुरक्षा: संवेदनशील वित्तीय जानकारी की सुरक्षा के लिए सख्त एक्सेस नियंत्रण, डेटा न्यूनीकरण और मजबूत साइबर सुरक्षा ढांचे लागू करें।

बेहतर डेटा प्रासंगिकीकरण: AI प्रणालियों को भारत-विशिष्ट वित्तीय वास्तविकताओं (जैसे हिंदू अविभाजित परिवार (HUF), अनौपचारिक अर्थव्यवस्था, परिवर्तनशील आय) को ध्यान में रखने के लिए प्रशिक्षित करें, ताकि गलत नतीजों (false positives) को कम किया जा सके।

भारत में टैक्स चोरी के प्रमुख तरीके:आय छुपाना (Under-reporting Income): अपनी वास्तविक कमाई से कम आय दिखाना, विशेषकर नकद में लेनदेन करके, ताकि टैक्स स्लैब नीचे रहे।फर्जी खर्च दिखाना (Fictitious Expenses): व्यवसाय में टैक्स कम करने के लिए ऐसे खर्चे दिखाना जो वास्तव में नहीं किए गए, जैसे फर्जी रसीदें या सैलरी दिखाना। शेल कंपनियाँ (Shell Companies): कागजों पर कंपनियाँ बनाकर केवल पैसों का हेरफेर (Money Laundering) करना और टैक्स बचाना।नकद लेनदेन (Cash Transactions): अघोषित नकद आय को सिस्टम से बाहर रखना (काले धन के रूप में)।फर्जी बिलिंग (GST चोरी): बिना सामान खरीदे या बेचे केवल बिल (Invoice) जारी करना, ताकि इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत फायदा उठाया जा सके।विदेशी खातों में संपत्ति (Offshore Accounts): भारत से बाहर की विदेशी सीमाओं में संपत्ति या पैसा छिपाना

भारत में विदेशी नागरिक या अनिवासी (NRIs) आमतौर पर विदेशी आय/संपत्ति को छिपाकर, गलत जानकारी देकर, या 'टैक्स हेवन' देशों का इस्तेमाल करके टैक्स चोरी करते हैं। वे भारतीय कर नियमों (जैसे global income पर कर) से बचने के लिए विदेशों में संपत्ति छिपाते हैं। सामान्य तरीकों में ऑफशोर अकाउंट्स रखना, नकली दस्तावेज़ प्रस्तुत करना, और आय को कम दिखाना शामिल है।

भारत में विदेशी लोगों द्वारा कर चोरी के प्रमुख तरीके:विदेशी आय/संपत्ति छिपाना (Offshore Assets): भारत में निवासी (Resident) होने पर, विदेशी बैंक खातों या संपत्तियों से होने वाली आय पर टैक्स देना अनिवार्य है। कई लोग इसे घोषित नहीं करते हैं, यह मानकर कि यह भारतीय कर विभाग के दायरे से बाहर है।नकली दस्तावेज़ और फर्जी खर्च: लोग अपनी कर योग्य आय को कम करने के लिए फर्जी रसीदें या व्यवसाय में फर्जी खर्च (Fake Expenses) दिखाते हैं।हवाला या नकद लेनदेन: व्यवसायों में नकद लेनदेन (Cash Transactions) का उपयोग करना ताकि बिक्री रिकॉर्ड में न आए और उस पर GST या इनकम टैक्स न देना पड़े।टैक्स ट्रीटी का दुरुपयोग (Treaty Abuse): भारत की दूसरे देशों के साथ द्विपक्षीय कर संधियों (DTAA) का गलत फायदा उठाकर दोहरा कर (Double Taxation) से बचने के बजाय टैक्स को पूरी तरह से टालना।आय को कम बताना (Under-reporting Income): अपनी कुल वास्तविक आय (जैसे कि कमीशन या विदेशी परामर्श शुल्क) को आयकर रिटर्न (ITR) में न दिखाना।

भारत में घुसपैठियों या अवैध प्रवासियों द्वारा कर चोरी मुख्य रूप से नकदी लेनदेन (cash transactions), फर्जी पहचान पत्रों (आधार/पैन) का उपयोग करके, और असंगठित क्षेत्रों में काम करके की जाती है। वे अक्सर बैंकिंग प्रणाली से बाहर रहते हैं, जिससे उनकी आय का पता नहीं चलता है। इसके अलावा, अवैध व्यवसाय और तस्करी के माध्यम से भी करों का भुगतान करने से बचा जाता है

टैक्स चोरी के प्रमुख तरीके:नकदी लेनदेन (Cash Transactions): चूंकि ट्रांजैक्शन नकद में होते हैं, इसलिए उन्हें आय में नहीं दिखाया जाता।नकली पहचान (Fake Identities): फर्जी दस्तावेज़ों का उपयोग करके बैंक खाते खोलना या सिम कार्ड लेना ताकि सरकारी रिकॉर्ड से बचा जा सके।असंगठित क्षेत्र में काम (Unorganized Sector): निर्माण, घरेलू काम, या छोटे व्यवसायों में काम करना जहाँ आय का कोई उचित रिकॉर्ड नहीं रखा जाता है।तस्करी और अवैध व्यापार (Smuggling & Illegal Trade): सामान की अवैध तस्करी करके सीमा शुल्क और जीएसटी की चोरी करना।वेतन की कम रिपोर्टिंग: नियोक्ता के साथ सांठगांठ करके वेतन को कम दिखाना या बिना कर कटौती के नकद वेतन प्राप्त करना।

निष्कर्ष

भारत का AI-संचालित टैक्स प्रशासन की ओर बढ़ना, टैक्स अनुपालन और राजस्व जुटाने में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हालाँकि, इस बदलाव को मजबूत नैतिक सुरक्षा उपायों के साथ संतुलित किया जाना चाहिए, जिसमें पारदर्शिता, स्वतंत्र निगरानी, ​​शिकायत निवारण और डेटा गोपनीयता सुरक्षा शामिल हैं। इन उपायों के लागू होने से, भारत एक निष्पक्ष, कुशल और भरोसेमंद टैक्स प्रणाली का निर्माण कर सकता है जो नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करती है।

Tejraftarnews.in: हमारी सर्विस लाइन की सफाई और हमारी नागरिक जिम्मेदारी

प्रिय प्रभाग 7 के निवासियो,

आज सुबह जब हमारी 600 फुट लंबी सर्विस लाइन की सफाई हो रही थी, तो सफाई कर्मचारियों को उस भयंकर गंदगी में काम करते देख मन में खुशी के साथ-साथ एक गहरा दुख भी हुआ। खुशी इस बात की कि अब बदबू और मच्छरों से राहत मिलेगी, और दुख इस बात का कि हम खुद को एक सभ्य और शिक्षित समाज का हिस्सा मानते हैं, फिर भी इतनी गंदगी करते हैं!

नालियों में इतना प्लास्टिक और कचरा कहाँ से आता है? जब भी किसी को सर्विस लाइन में कचरा न फेंकने के लिए कहा जाता है, तो अक्सर जवाब मिलता है कि 'हम नहीं, हमारी कामवाली बाई कचरा फेंकती है।'

पर क्या हमारे घर की 'होम मिनिस्टर' अपनी कामवाली बाई को यह नहीं समझा सकतीं कि कचरा नाली में बहाने के बजाय सिर्फ कूड़ेदान (डस्टबिन) में ही डाला जाए? अगर हम अपनी यह छोटी सी जिम्मेदारी नहीं समझेंगे और सिर्फ दूसरों पर दोष मढ़ेंगे, तो कुछ ही दिनों में 'वही ढाक के तीन पात' वाली स्थिति हो जाएगी। सर्विस लाइन फिर से चौकअप हो जाएगी, मच्छर लौट आएंगे, और हम फिर से नगरसेवकों और प्रशासन की आलोचना करने लगेंगे कि वे काम नहीं कर रहे हैं।

 दूसरों को कोसने से पहले खुद एक जिम्मेदार नागरिक बनें। 

कृपया किसी भी प्रकार का कचरा या प्लास्टिक सर्विस लाइन में न फेंकें और अपने घर के सहायकों को भी इसके लिए सख्त हिदायत दें।

स्वच्छता की असली शुरुआत हमारे अपने घर से होती है!

धन्यवाद,

एक जिम्मेदार नागरिक

Tejraftarnews.in: भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है की तरीका कोई भी हो दुश्मन को जिंदा मत छोड़ो यह धर्मयुद्ध है और धर्म यही कहता है की दुर्योधन की जांघ पर ही वार करना है, द्रोणाचार्य को अश्वत्थामा की मौत की खबर देकर ही मारना है, भीष्म को शिखंडिनी को सामने रखकर ही मारना है, कर्ण को निहत्थे रथ का पहिया जमीन से निकालते वक्त ही मारना है, जयद्रथ को सूर्यास्त हो गया इस बात का धोखा देकर ही मारना है, जरूरत पड़ने पर अपने ही पक्ष के बर्बरीक का सिर काटना है, अर्जुन को बचाने के लिए घटोत्कच की भी बली देनी है। अश्वथामा को उसके सिर का मणि निकालकर बस हमेशा के लिए तड़पाना है मारना नही है। यह महाभारत की बातें आज भी धर्मयुद्ध में लागू होती है।

जरूरत होनेपर पीछे से भी वार करना जायज है जैसे प्रभु श्री राम ने छिपकर वाली पर बाण चलाया था। जरूरत पड़ने पर ताकतवर दुश्मन का घर जला दो जैसे हनुमानजी ने लंका दहन के वक्त किया था। धर्म की रक्षा के लिए जरूरत पड़ने पर घर का भेदी बनकर रहो जैसे की विभीषण ने किया था। धर्म के लिए, राक्षसों का खात्मा करने के लिए 14 साल वनवास पड़े, घरवालों से दूर रहना पड़े रहो जैसे प्रभु श्री राम ने किया था। रामायण भी यही सबक देती है।

[Tejraftarnews.in: 👉👉 मोदी जी - वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के दौरान, बाकी दुनिया के प्रति भारत की शुद्ध वित्तीय देनदारियों में 10.9 अरब अमेरिकी डॉलर की उल्लेखनीय गिरावट देखी गई।

शुद्ध दावों में कमी: भारत पर अनिवासियों के शुद्ध दावे घटकर 260.5 अरब अमेरिकी डॉलर रह गए। इसकी मुख्य वजह यह थी कि भारतीय निवासियों की विदेशी वित्तीय संपत्तियों (12.8 अरब अमेरिकी डॉलर) में हुई वृद्धि, भारत में विदेशी स्वामित्व वाली संपत्तियों (1.9 अरब अमेरिकी डॉलर) में हुई वृद्धि से कहीं ज़्यादा थी।

शुद्ध दावा, भारत में विदेशी स्वामित्व वाली कुल संपत्तियों और विदेशों में भारतीय स्वामित्व वाली संपत्तियों के बीच का अंतर होता है।

संपत्ति-से-देनदारी अनुपात: भारत की अंतरराष्ट्रीय संपत्तियों और देनदारियों का अनुपात सुधरकर 82.1% हो गया, जो 2024-25 में 74.6% था। यह भारत की बाहरी बैलेंस शीट के मज़बूत होने का संकेत है।

संपत्ति-से-देनदारी अनुपात एक वित्तीय पैमाना है, जिसका इस्तेमाल किसी संस्था (कोई कंपनी, देश या कोई व्यक्ति) की शोधन क्षमता और वित्तीय सेहत का आकलन करने के लिए किया जाता है। यह इस बात को मापता है कि संस्था के पास क्या है (संपत्तियां) और उसे क्या चुकाना है (देनदारियां)।

बाहरी निवेश के मुख्य कारक: विदेशी संपत्तियों में हुई तेज़ी की मुख्य वजह बाहरी प्रत्यक्ष निवेश में 7.6 अरब अमेरिकी डॉलर की वृद्धि और मुद्रा व जमा राशियों में 9.4 अरब अमेरिकी डॉलर की वृद्धि थी।

आरक्षित संपत्तियों के रुझान: हालांकि, आरक्षित संपत्तियों (जो कुल विदेशी संपत्तियों का 57.4% हैं) में इस तिमाही के दौरान 12.4 अरब अमेरिकी डॉलर की गिरावट आई और वे घटकर 687.7 अरब अमेरिकी डॉलर रह गईं, फिर भी उन्होंने 8.2% की वार्षिक वृद्धि दर बनाए रखी।

देनदारियों में बदलाव: भारत में आने वाले प्रत्यक्ष और पोर्टफोलियो निवेश में गिरावट आई, लेकिन व्यापार ऋण (trade credit) में हुई 11.4 अरब अमेरिकी डॉलर की वृद्धि ने इस गिरावट की भरपाई कर दी। इसके परिणामस्वरूप, कुल बाहरी देनदारियों में ऋण-संबंधी देनदारियों का हिस्सा बढ़कर 55.3% हो गया।

Tejraftarnews.in: *बॉयकॉट द कपिल शर्मा शो*

कारण - इस शो की जिहादी हिंदू विरोधी मानसिकता..

शो का निर्माता - जिहादी अपराधी सलमान खान..

आज उर्दूवुड के एक और कठपुतली पर ध्यान देने का अच्छा समय है...

 कपिल शर्मा मसखरा...

वह व्यक्ति जो लगभग हर नई रिलीज़ होने वाली फिल्म, चाहे छोटी हो या बड़ी, के कलाकारों को आमंत्रित करता है...

लेकिन इसने आज तक बॉलीवुड की सबसे बड़ी फिल्म के कलाकारों को आमंत्रित नहीं किया है...

इसने आज तक इन फिल्मों के कलाकारों को अपने शो में आमंत्रित नहीं किया है...

✨️द कश्मीर फाइल्स

✨️द केरल स्टोरी (1,2)

✨️द बंगाल फाइल्स

✨️छवा

✨️धुरंधर (1,2)

अगर आप कारण समझेंगे तो आपको इन लोगों की सच्चाई पता चल जाएगी...

*आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस हरामी शराबी के शो का निर्माता बुड्ढा सलमान खान हैं...*👆👽

Deshdrohi khan gang 

Deshdrohi bollywood 

Hindudrohi Khan gang

Tejraftarnews.in: "" कांग्रेस के किसी भी समर्थक के पास भला है इस खर्रे का कोई जवाब"??

10 वर्ष पूर्व 4 लाख रुपये में लिया घर आज 40 लाख में बेचना है, परन्तु 10 वर्ष पूर्व 400 रुपये में मिलने वाला गैस सिलैंडर आज भी 400 रुपये में ही चाहिये.

     मानसिकता बदलो,सरकार नहीं.....

जिनका मानना है, अब बहुत महंगाई हो गई है तो उनसे ही पूँछता है भारत कि जैसे 2004 में किसी चीज के रेट थे, उसके बाद 2014 तक इतने गुना बढ़े तो अब 2024 में इतने गुना बढ़कर कितने होने चाहिए ?????

काँग्रेस आई 2004 में पेट्रोल 35 था,

गई 2014 में 73 था मतलब 35×2=70 से भी ज्यादा

तो 

2024 में 73×2=146

मतलब 150 होना चाहिए, लेकिन अब कितना है ??????

2004 में मनमोहन सिंह की सरकार बनी,

तब आटा 8 रूपए किलो था !

2014 में मनमोहन सिंह की सरकार गई, तब आटा 24 रूपए किलो था !

मतलब 8×3=24

तो 

2024 में 24×3=72, मतलब 72 होना चाहिए,

लेकिन अब कितना है ??????

2004 में मनमोहन सिंह की सरकार बनी,

/तब चीनी 13 रूपए किलो थी !*

2014 में मनमोहन सिंह की सरकार गई,

तब चीनी 38 रूपए किलो थी !

मतलब 13×3=39

तो 

2024 में 39×3=117 मतलब 117 होना चाहिए,

लेकिन अब कितना है ??????

2004 में मनमोहन सिंह की सरकार बनी,

तब सरसों तेल 35 रूपए लीटर था !

2014 में मनमोहन सिंह की सरकार गई,

तब सरसों तेल 100 रूपए लीटर था !

मतलब 35×3=105

तो,

2024 मे 100×3=300, मतलब 300 होना चाहिए,

लेकिन अब कितना है ??????

2004 में मनमोहन सिंह की सरकार बनी,

तब चाँदी 7,000 रूपए किलो थी !

2014 में मनमोहन सिंह की सरकार गई,

तब चाँदी 70,000 रूपए किलो थी !

मतलब 7,000×10=70,000,

तो 

2024 मे 70,000×10=7,00,000

मतलब 7,00,000 होना चाहिए,

लेकिन अब कितना है ??????

2004 में मनमोहन सिंह की सरकार बनी,

तब सोना 6,000 रूपए 10 ग्राम था !

2014 में मनमोहन सिंह की सरकार गई,

तब सोना 42,000 रूपए 10 ग्राम था !

मतलब 6,000×7=42,000

तो 

2024 में 42,000×7=2,94,000 मतलब 2,94,000 होना चाहिए,

लेकिन अब कितना है ??????

2004 में मनमोहन सिंह की सरकार बनी,

तब जो मकान 10 लाख रूपए का था !

2014 में मनमोहन सिंह की सरकार गई,

तब वो मकान 1 करोड़ रूपए का था !

मतलब 10×10=1 करोड़

तो 

2024 में 1×10=10 करोड़

मतलब 10 करोड़ होना चाहिए,

लेकिन अब कितना है ??????

मनमोहन सिंह सरकार के 10 सालों में प्रॉपर्टी की कीमतें 10 से 20 गुणा तक बढ़ी.....!!

जिसे मोदीजी के कार्यकाल में मंहगाई लगती हो खुली आँखों से काँग्रेस शासनकाल की तुलना करे।

वह तो भारत देश की खुशकिस्मती थी कि 2014 में मोदी प्रधानमंत्री बन गये अन्यथा इतनी बड़ी जनसंख्या के साथ आज विश्व भर की मंदी के दौर में श्रीलंका, बांग्लादेश व पाकिस्तान से बुरी स्थिति में भारत खड़ा होता!!(N A..)

अब किस-किस को महंगाई ज्यादा लगी बताइए..??????

Tejraftarnews.in: *कामिनी निकली कमीनी 🚨*

*🛵 स्कूटी रिपेयर करने वाला मुहम्मद सोहेल* एक फैक्ट्री मालिक की बेटी कामिनी को अपने जाल में फंसाकार ले गया...

मामला हरयाणा के यमुनानगर का है *जहाँ एक फैक्ट्री मालिक की बेटी स्कूटी से ट्यूशन जाती थी* कभी हवा डलवाने कभी पंचर जुड़वाने या कभी कोई स्कूटी में खराबी होने पर वो सोहेल नाम के एक जिहादी की दुकान पर जाती थी...

*मुहम्मद सोहेल ने* कामिनी को अपने जाल में फंसाया और उसे लेकर फुर्र हो गया...

अब कामिनी का कहना है कि वो सोहेल को लेकर भागी है *और सोहेल को कुछ हुआ तो मेरे बाप को फाँसी पर टांग देना* क्यूंकि वहीँ जिम्मेदार होंगे...

*बाप फैक्ट्री बंद करके हज़ारों लोगों के साथ सड़क जाम करके बैठा है* जब ध्यान देने का वक्त था तब फैक्ट्री से फुर्सत नहीं थी...

*_अब पछताए का होत.. जब चिड़ियाँ चुग गयीं खेत_*

Tejraftarnews.in: मानें या न मानें... लेकिन अंधेरा अब बहुत गहरा, घना, लगभग अछूता और हर ओर फैलता हुआ हो चुका है, जैसे कोई अदृश्य काला साया जो धीरे-धीरे पूरी मानवता को अपने में समोता जा रहा है, और हमारे पास जानकारी है—ठंडी, क्रूर, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित, बार-बार दोहराए गए अध्ययनों से साबित और अत्यंत खतरनाक जानकारी, जिसे हमने वर्षों की गहरी रिसर्च, सहकर्मी-समीक्षित जर्नलों, स्वतंत्र वैज्ञानिकों की रिपोर्ट्स, सरकारी कार्यक्रमों और विश्वसनीय प्रयोगशालाओं से निकाला है, यह ऐसी सच्चाई है जो किसी भी समझदार इंसान की रातों की नींद हमेशा के लिए उड़ा देने के लिए काफी है, खासकर अगर तुम किसी पुरानी बीमारी से जूझ रहे हो, नींद बिल्कुल नहीं आती, अनिद्रा तुम्हें हर रात जिंदा जला रही है, दिल की धड़कन अनियंत्रित घबराहट में बदल जाती है, सिर में लगातार भयानक दर्द उठता है, थकान शरीर को खोखला कर रही है, याददाश्त कमजोर हो रही है, मूड स्विंग्स बढ़ रहे हैं, या कोई अस्पष्ट पुरानी समस्या धीरे-धीरे तुम्हें अंदर से खा रही है, तो जान लो कि यह कोई संयोग नहीं है, यह कोई सामान्य थकान या उम्र का प्रभाव नहीं है, बल्कि यह एक सुनियोजित, अदृश्य हमला है जिसे हम “आधुनिक सुविधा”, “तकनीकी प्रगति” और “कनेक्टेड वर्ल्ड” का नाम देकर नजरअंदाज कर रहे हैं, जबकि असल में हम एक ऐसे तकनीकी नर्क में फँस चुके हैं जहाँ हर स्मार्टफोन, हर वाई-फाई राउटर, हर 5G टावर, हर IoT डिवाइस, हर वायरलेस कनेक्शन और हर स्क्रीन की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है, वह कीमत सिर्फ तुम्हारा शरीर नहीं, तुम्हारा दिमाग, तुम्हारे बच्चों का विकास, तुम्हारी आने वाली पीढ़ियों का स्वास्थ्य, तुम्हारी प्रजनन क्षमता, तुम्हारी नींद की गुणवत्ता और शायद पूरी मानवता का भविष्य है, यह ज़हर अदृश्य है, बिना गंध, बिना रंग, बिना स्वाद और बिना किसी ताप के, लेकिन इसका प्रभाव अब हर पल, हर सांस में, हर कोशिका में महसूस किया जा सकता है, जैसे कोई धीमा जहर जो रक्त में घुलकर पूरे शरीर को systematycznie नष्ट कर रहा हो।

पिछले तीस वर्षों में मानव-निर्मित विद्युत चुम्बकीय पृष्ठभूमि यानी EMF की तीव्रता दस हजार गुना से भी ज्यादा बढ़ चुकी है, आज किसी भी बड़े शहर में यह स्तर प्राकृतिक पृष्ठभूमि से अरबों-खरबों गुना अधिक है, उस प्राकृतिक स्तर से जिसमें हमारी प्रजाति लाखों वर्षों तक विकसित हुई थी, कल्पना करो कि हमारी कोशिकाएँ, हमारी तंत्रिकाएँ, हमारा डीएनए, हमारा पूरा जैव-विद्युतचुम्बकीय सिस्टम सब कुछ उस शांत, प्राकृतिक वातावरण में विकसित हुआ था जहाँ यह भयानक शोर नहीं था, और आज हम उस शोर में स्नान कर रहे हैं जो प्राकृतिक स्तर से हजारों अरब गुना ज्यादा तीव्र है, यह कोई टाइपो नहीं है, यह कोई अतिशयोक्ति नहीं है, बल्कि यह एक धीमा, चुपके से फैलता हुआ ज़हर है जो हवा में घुला हुआ है, दीवारों में समाया हुआ है, तुम्हारे बिस्तर के नीचे छिपा है, तुम्हारे कान से सटा हुआ है, तुम्हारे बच्चे की गोद में खेल रहा है और तुम्हारे मस्तिष्क की गहराइयों तक पहुँच रहा है, फिर भी वे मुस्कुराते हुए, पूर्ण आत्मविश्वास से कहते हैं कि चिंता मत करो, मानक पूरे हो गए हैं, सब कुछ सुरक्षित है, लेकिन ये मानक सिर्फ एक ही चीज़ से बचाते हैं—तापीय प्रभाव, ICNIRP के नियम केवल इतना गारंटी देते हैं कि तुम्हारा फोन, राउटर या टावर तुम्हारे शरीर को एक डिग्री सेल्सियस से ज्यादा नहीं गर्माएगा, मानो पानी का मानक सिर्फ यह कहे कि वह तुम्हारा गला नहीं जला सकता, लेकिन उसमें घुला आर्सेनिक, सीसा, पारा और सैकड़ों घातक जहर पूरी तरह नजरअंदाज कर दे, गैर-थर्मल प्रभावों को वे जानबूझकर अनदेखा कर रहे हैं, जबकि तीन हजार आठ सौ से ज्यादा सहकर्मी-समीक्षित अध्ययन इन प्रभावों को दर्ज कर चुके हैं—डीएनए क्षति, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस, सूजन, न्यूरॉन मृत्यु, हार्मोन असंतुलन, प्रतिरक्षा प्रणाली का कमजोर होना, नींद का बिगड़ना और बहुत कुछ, लेकिन मानक उन्हें छूते तक नहीं, जैसे वे कह रहे हों कि आग सिर्फ जलाने से खतरा है, लेकिन धुआँ जो फेफड़ों को नष्ट कर रहा है उसे नजरअंदाज कर दो।

 

सात मिलियन दो लाख गुना—यह संख्या रोंगटे खड़े कर देने वाली, आत्मा को काँप देने वाली और दिमाग को झकझोर देने वाली है, हमारी हर कोशिका की झिल्लियों में वोल्टेज-निर्भर कैल्शियम चैनल यानी VGCC होते हैं, प्रोफेसर मार्टिन पॉल के अनुसार विद्युत चुम्बकीय तरंग का सिर्फ विद्युत घटक इन चैनलों के वोल्टेज सेंसर पर इतना जबरदस्त बल लगाता है कि एक सामान्य कैल्शियम आयन की तुलना में बत्तीस लाख गुना ज्यादा प्रभाव पड़ता है, कैल्शियम शरीर की हर प्रक्रिया को नियंत्रित करता है—मांसपेशियों का संकुचन, तंत्रिका आवेग, हार्मोन रिलीज, कोशिका विभाजन, यहाँ तक कि जीवन और मौत का फैसला भी, जब यह चैनल अनियंत्रित रूप से खुलता है तो अतिरिक्त कैल्शियम अंदर घुसता है और फिर शुरू होता है विनाश का अटूट, भयानक झरना, अतिरिक्त कैल्शियम नाइट्रिक ऑक्साइड और सुपरऑक्साइड के साथ मिलकर पेरोक्सीनाइट्राइट नाम का रासायनिक राक्षस पैदा करता है, यह हत्यारा डीएनए की डबल हेलिक्स को चीर देता है, प्रोटीन को जलाकर राख कर देता है, कोशिका झिल्लियों को नष्ट कर देता है, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस आसमान छूने लगता है, सूजन पूरे शरीर में फैलती है और कोशिकाएँ धीरे-धीरे मरने लगती हैं, बिना किसी बाहरी चोट के, बिना किसी बुखार के, बिना किसी अलार्म के, सिर्फ एक अदृश्य हमले से।

हर बार जब तुम फोन को कान से सटाते हो, तुम्हारा मस्तिष्क इस हमले का शिकार होता है, हर बार जब तुम्हारा छोटा बच्चा टैबलेट को अपनी गोद में लेकर घंटों खेलता है, उसकी नाजुक विकसित होती तंत्रिकाएँ जहर सोख रही होती हैं, हर रात जब तुम वाई-फाई राउटर के ठीक बगल में सो जाते हो, यह ज़हर चुपके से, बिना किसी गर्माहट या चेतावनी के, तुम्हारे अंदर घुसता जाता है और अंदरूनी तबाही मचाता है, बारह प्रयोगशालाओं और सात यूरोपीय देशों के अध्ययन में एक पॉइंट आठ गीगाहर्ट्ज पर, सामान्य फोन कॉल जितनी तीव्रता से, कोशिकाओं में डीएनए के दोहरे स्ट्रैंड टूटने में खतरनाक बढ़ोतरी दर्ज की गई, यह वही क्षति है जो अगर ठीक से मरम्मत न हुई तो कोशिका कैंसर में बदल सकती है, और यह सब उन तीव्रताओं पर हुआ जो मानकों के अनुसार पूरी तरह सुरक्षित मानी जाती हैं, तापमान में एक डिग्री का दसवाँ हिस्सा भी नहीं बढ़ा, फिर भी डीएनए चीरा जा रहा था, जैसे कोई अदृश्य चाकू अंदर से काम कर रहा हो, स्वीडन के लुंड विश्वविद्यालय में प्रोफेसर लीफ सैलफोर्ड के अध्ययन और भी डरावने और भयावह हैं, सिर्फ दो घंटे के एक्सपोजर से, नौ सौ पंद्रह मेगाहर्ट्ज पर, बिजली की खपत मौजूदा मानकों से सौ गुना कम, रक्त-मस्तिष्क अवरोध पूरी तरह टूट गया, मस्तिष्क के पैरेन्काइमा में रक्त से एल्ब्यूमिन रिसने लगा, जैसे कोई सुरक्षात्मक दीवार ढह गई हो, हिप्पोकैम्पस और कॉर्टेक्स में मृत न्यूरॉन्स का स्तर सामान्य से कई गुना बढ़ गया, स्मृति क्षेत्र नष्ट हो रहा था, तंत्रिकाजनित सूजन फैल रही थी, वही आधार जो अल्जाइमर, पार्किंसंस, मल्टीपल स्केलेरोसिस और अन्य भयानक न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियों को जन्म देता है, सालों बाद ये बीमारियाँ युवावस्था में ही दिखने लगेंगी और डॉक्टर हैरान होंगे कि इतनी कम उम्र में यह सब क्यों हो रहा है।

मेलाटोनिन, तुम्हारा सबसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट, कैंसर से रक्षा करने वाला रक्षक, प्रतिरक्षा प्रणाली का संरक्षक, दैनिक लय का रखवाला, नींद का स्वाभाविक नियामक, धीरे-धीरे चुपके से कुचला जा रहा है, ईएम विकिरण AANAT एंजाइम को मारता है जिससे मेलाटोनिन का उत्पादन रुक जाता है, तुम सोते हो लेकिन दिमाग कभी आराम नहीं पाता, ग्लाइम्फैटिक प्रणाली जो रात में मस्तिष्क से ज़हरीला कचरा साफ करती है आधी मर चुकी होती है, हर सुबह थोड़ा-थोड़ा ज़हरीला कचरा जमा होता जाता है—एमाइलॉइड प्लाक, टॉक्सिक प्रोटीन—और बीस-तीस साल बाद डॉक्टर इसे न्यूरोडीजेनरेशन, डिजिटल डिमेंशिया या अर्ली ऑनसेट अल्जाइमर कहकर सिर हिलाएगा और कहेगा कि हम कुछ नहीं कर सकते, यह आधुनिक जीवनशैली है, स्पष्ट प्रमाण अब सामने हैं और वे चीख रहे हैं लेकिन मुख्यधारा की आवाजें उन्हें दबा रही हैं, अमेरिका के राष्ट्रीय विष विज्ञान कार्यक्रम NTP ने दस साल और करोड़ों डॉलर खर्च करके अध्ययन किया, नतीजा हृदय के श्वानोमा और मस्तिष्क के ग्लियोमा में सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण वृद्धि, स्पष्ट प्रमाण कि यह कैंसरकारी है, इटली के रामाज़िनी संस्थान ने बेस स्टेशन का अनुकरण करते हुए ठीक वही ट्यूमर पाए, कम तीव्रता पर भी, दो देश, दो स्वतंत्र अध्ययन, एक ही मौत का पैटर्न, हालाँकि कुछ नई प्रतिकृति अध्ययनों में परिणाम मिश्रित आए हैं लेकिन मूल NTP और रामाज़िनी के निष्कर्ष अभी भी वैज्ञानिक बहस का केंद्र हैं और गैर-थर्मल प्रभावों की चेतावनी देते हैं, दो हजार ग्यारह से IARC WHO ने रेडियोफ्रीक्वेंसी विकिरण को समूह 2B में रखा है, संभावित कैंसरकारी, सीसा, क्लोरोफॉर्म और अन्य खतरनाक पदार्थों के साथ, तब से दो सौ साठ वैज्ञानिकों ने चौवालीस देशों से याचिका दी कि इसे समूह 2A में डाला जाए, लेकिन पंद्रह साल बीत गए, कोई बदलाव नहीं, वे अभी भी आराम करो सब ठीक है कह रहे हैं जबकि स्वतंत्र विज्ञान चीख रहा है कि जोखिम बढ़ रहा है।

बच्चे तो इस अंधेरे मैदान में खुले घाव की तरह हैं, उनकी खोपड़ी पतली, मस्तिष्क में पानी ज्यादा, माइलिन शीथ अपूर्ण, एंटीऑक्सीडेंट सिस्टम कमजोर, तंत्रिका विकास पूरे जोरों पर, एक पाँच साल के बच्चे के मस्तिष्क में विकिरण का अवशोषण वयस्क से कई गुना ज्यादा होता है, फ्रांस ने स्कूलों में फोन पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया, बेल्जियम ने सात साल से कम उम्र के बच्चों को फोन बेचने पर रोक लगा दी, इज़राइल ने स्कूलों में वाई-फाई को सीमित करने की सिफारिश की, लेकिन तुम्हारा बच्चा अभी भी राउटर के ठीक बगल में सो रहा है क्योंकि मानक पूरे हो गए हैं, कल को जब वह युवा होगा और अचानक याददाश्त खोने लगेगा या कोई दुर्लभ ट्यूमर निकलेगा तब कौन जवाब देगा, हम रासायनिक मशीन नहीं हैं, हम जैव-विद्युतचुम्बकीय क्षेत्र हैं, एक सुंदर संतुलित संवेदनशील ऑर्केस्ट्रा, यह अदृश्य शोर हमारी आंतरिक लय, हमारी कोशिकाओं की सुसंगति को उसी तरह नष्ट कर रहा है जैसे कोई भारी औद्योगिक पंखा किसी शांत संगीत सभा की वायलिन की नाजुक आवाज़ को चीर-फाड़ दे, तुम वायलिन की आवाज़ नहीं सुन पाते क्योंकि वह दब गई है, खामोश कर दी गई है, दो हजार पैंसठ तक यह पृष्ठभूमि सौ से एक हजार गुना और बढ़ जाएगी, 6G, टेराहर्ट्ज़ रेंज, हजारों निम्न-कक्षा वाले उपग्रह, पचास से पचहत्तर अरब IoT डिवाइस, वायरलेस ऊर्जा ट्रांसफर, शरीर में प्रत्यारोपित सेंसर, हम विकास की गति से इतनी तेज़ भाग रहे हैं कि कोई जैविक अनुकूलन तंत्र इसके साथ ताल नहीं बिठा सकता, तीन पीढ़ियों में जो बदलाव होना चाहिए था वह तीन दशकों में हो रहा है, शरीर चीख रहा है लेकिन हम स्क्रीन पर स्क्रॉल करते जा रहे हैं।

दो हजार पच्चीस-छब्बीस में हमें सब पता था, तीन हजार आठ सौ से ज्यादा सहकर्मी-समीक्षित शोध पत्र, प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम, मान्यता प्राप्त प्रोटोकॉल, दो सौ साठ वैज्ञानिक, चौवालीस देश, बीस-तीस साल बाद कोई इस दस्तावेज़ को खोलेगा, पुरानी फाइलें देखेगा और ठंडे भयभीत स्वर में बोलेगा कि उन्हें सब पता था, फिर भी उन्होंने कुछ नहीं किया, वे जानते थे कि यह ज़हर फैल रहा है लेकिन सर्कस जारी रखा, बस एक सवाल अब तुम्हारे अंदर गूँज रहा होगा जो रात को जगा रखता है और दिन में भी चैन नहीं लेने देता, क्या तुम उन लोगों पर भरोसा करना पूरी तरह बंद करने के लिए तैयार हो जो हर बार मुस्कुराते हुए आँखों में झूठ लिए कहते हैं कि आराम करो सब ठीक है चिंता मत करो, और उन आवाज़ों को सुनने समझने पढ़ने और तुरंत कार्रवाई करने के लिए तैयार हो जो चीख-चीखकर कह रही हैं कि देखो यह ज़हर फैल रहा है तुम्हारा शरीर चीख रहा है देखो, समय बहुत कम बचा है, अंधेरा अब और गहरा और घना हो रहा है, सर्कस का म्यूजिक तेज़ हो रहा है, रोशनी चमक रही है, जोकर नाच रहे हैं, लेकिन मंच के पीछे एंटीक्राइस्ट की परछाईं मुस्कुरा रही है, ठंडी निर्भीक और विजयी, यह ज़हर चुपके से हर पल तुम्हारे खून में तुम्हारी कोशिकाओं में तुम्हारी आने वाली पीढ़ियों के गर्भ में फैलता जा रहा है, जागो अभी जागो, अपने फोन को दूर रखो, राउटर को बंद करो रात में, बच्चों को स्क्रीन से दूर रखो, प्राकृतिक वातावरण में समय बिताओ, मेलाटोनिन को बचाओ, शरीर को मजबूत बनाओ, वरना कल बहुत देर हो जाएगी और तब रोने चीखने अफसोस करने या मुकदमा लड़ने से कुछ भी नहीं बच पाएगा, यह सिर्फ तुम्हारी नींद तुम्हारा सिरदर्द तुम्हारा कैंसर या तुम्हारा डिप्रेशन नहीं है, यह हमारी सभ्यता का धीमा अदृश्य लेकिन निश्चित अंत है, जाग उठो, समय निकल रहा है, बहुत तेज़ी से, और अगर हम अभी नहीं जागे तो आने वाली पीढ़ियाँ हमें सिर्फ एक सवाल पूछेंगी कि तुम जानते थे फिर भी तुमने क्यों कुछ नहीं किया, क्यों तुमने सर्कस में ताली बजाते रहे जबकि असली दुनिया तबाह हो रही थी, क्यों तुमने आराम करने का झूठा वादा मान लिया जबकि ज़हर तुम्हारे अंदर घुस रहा था, क्यों तुमने बच्चों को उस जाल में फँसने दिया जिसमें खुद फँसे थे, यह सिर्फ स्वास्थ्य का सवाल नहीं है, यह अस्तित्व का सवाल है, यह हमारी आज़ादी का सवाल है, यह हमारी रूह का सवाल है, क्योंकि जब हमारी कोशिकाएँ मर रही होंगी, हमारा दिमाग धीरे-धीरे बंद हो रहा होगा, हमारी पीढ़ियाँ कमजोर हो रही होंगी, तब कोई स्क्रीन, कोई ऐप, कोई वायरलेस कनेक्शन हमें बचा नहीं पाएगा, तब सिर्फ अफसोस बचेगा, सिर्फ खालीपन बचेगा, सिर्फ अंधेरा बचेगा, इसलिए जागो, जाग उठो, अभी, इस पल, क्योंकि कल बहुत देर हो सकती है, और जब वह कल आएगा तो तुम्हें सिर्फ यह याद रहेगा कि तुम्हें पता था, लेकिन तुमने कुछ नहीं किया, जागो... वरना यह आखिरी शो होगा, और तुम सिर्फ दर्शक नहीं बल्कि बलि का बकरा बन चुके होगे, समय तेज़ी से बीत रहा है, अंधेरा घना हो रहा है, और सर्कस का अंतिम एक्ट शुरू हो चुका है।

G: ■ जो व्यक्ति हर सुबह 3.30 बजे बिछोना त्याग देता हो?

■ जो व्यक्ति साल के 365 दिन सुबह ठीक 9.15 पर अपने कार्यालय में प्रवेश करता हो।

■ जिस व्यक्ति के कारण केंद्रीय मंत्रालयों में तैनात IAS अपना शनिवार-रविवार का आराम भूल गए?

■ जो व्यक्ति भोजन में खिचड़ी, पापड़, गौ मां का घृत और दूध से अधिक ना ले।

■ सार्वजनिक जीवन में जिस व्यक्ति को कभी भोजन करते या मुंह में कुछ डालते ना देखा गया हो? 

■ जिस व्यक्ति का निकट परिवार आज भी एकांतिक और अभाव जीवन जी रहा हो?

*उस व्यक्ति पर आज एड़ियों पर उचकते बौने_कद के लोग कीचड़ उछाल रहे हैं?* 

*खुदगर्ज_समाज*✍🏻

: याद हो कि न याद हो: 

पाणिनि और उनका व्याकरण ग्रंथ--अष्टाध्यायी. 

“पाणिनीय व्याकरण मानव-मस्तिष्क की प्रतिभा के उस महत्तम आश्चर्य का नमूना है जो किसी दूसरे देश में आज तक सामने नहीं आई.” (प्रोफ़ेसर मोनियर विलियम्स)

“पाणिनीय व्याकरण मानव-मस्तिष्क की सबसे महान रचनाओं में से एक है.” (प्रोफ़ेसर टी. शेरवात्सकी, लेनिनग्राद) 

पाणिनि के काल के बारे में निश्चित जानकारी नहीं है. उन्हें सातवीं सदी ई. पू. से लेकर पाँचवीं सदी ई.पू. तक के बीच रखा जाता है. इतना निश्चित है कि उनके समय तक आते-आते वैदिक युग की मानक भाषा केवल आर्ष ग्रंथों तक सीमित रह गई थी; व्यवहार अर्थात्‌ बोलचाल में उससे उद्भूत भाषा का एक परिवर्तित रूप प्रचलित हो गया था, जो अलग-अलग इलाक़ों और अलग-अलग समुदायों में भिन्नता लिए हुए था. ऐसे में इस वैदिकेतर भाषा के विभिन्न रूपों को परिष्कृत और संस्कारित कर एक ऐसी समावेशी और सर्वमान्य मानक भाषा की निर्मिति का दुस्तर कार्य पाणिनि द्वारा सम्पन्न हुआ, जो एकरूप और चिरंजीवी होकर युगों-युगों के उत्कृष्ट सृजन को अपने भीतर सँजोते हुए, भारतीय प्रतिभा का कालातीत दर्पण बन गई.

पाणिनि के जन्मस्थान और उनकी कर्म-भूमि को लेकर उतना विवाद नहीं है. यह लगभग निर्विवाद है कि वे उत्तर-पश्चिमी भारत में पुष्कलावती नगर के पास के रहनेवाले थे, जो इलाक़ा तब गांधार कहलाता था. पेशावर घाटी में आज के पाकिस्तानी शहर चरसड्डा के पास पुष्कलावती के अवशेष मिले हैं. पाणिनि के भाष्यकार पतंजलि (दूसरी सदी ई.पू.) के एक संदर्भ तथा अष्टाध्यायी में उपलब्ध एक उल्लेख के आधार पर जिस गाँव में उनका जन्म हुआ था उसका नाम शलातुर था, जो आज भी चरसड्डा के सीमांत पर मौजूद है. चीन से भारत आते समय ह्वेनसांग ( सातवीं सदी) शलातुर से होकर आए थे और उन्होंने अपने यात्रा-विवरण में उस समय वहाँ पाणिनि की एक मूर्ति के विद्यमान होने का उल्लेख किया है.

पतंजलि ने पाणिनि को दाक्षीपुत्र कहा है जिससे उनकी माता का नाम दाक्षी इंगित होता है. एक विद्वान (रामभद्राचार्य) ने महज़ व्युत्पत्तिमूलक अनुमान के आधार पर उनके पिता का नाम पाणिन बताया है, जो संदेह से परे नहीं है. 

पाणिनि के समय वैदिक भाषा से उद्भूत जो भाषा व्यवहार में प्रचलित थी, उसमें एकरूपता लाने और उसके मानकीकरण के लिए उसे व्याकरण के अनुशासन में बाँधने का प्रयास पहले भी हुआ था, किंतु संबंधित आचार्यों में मतैक्य नहीं था और किसी का मत सर्वमान्य नहीं हो सका था. पाणिनि ने उस संक्रमण काल की इस कठिन चुनौती को स्वीकार किया. उन्होंने विभिन्न शाखाओं की वैदिक संहिताओं, ब्राह्मण ग्रंथों, आरण्यकों और उपनिषदों का गहन अध्ययन कर उनकी शब्द-संपदा को सँजोया. फिर अपने समय में देश के भिन्न-भिन्न भागों में प्रचलित लोक-भाषा के भिन्न-भिन्न रूपों का सूक्ष्म निरीक्षण किया. दूर-दूर तक यात्राएँ कर विभिन्न समुदायों के विभिन्न पेशों में लगे लोगों द्वारा व्यवहृत शब्दों का संकलन और उनकी व्युत्पत्ति का विश्लेषण किया. ब्राह्मण, क्षत्रिय, सैनिक, व्यापारी, किसान, रँगरेज, बढ़ई, रसोइए, मोची, ग्वाले, चरवाहे, गड़रिए, बुनकर, कुम्हार आदि अनगिनत पेशेवर लोगों के पेशों में विशेष रूप से प्रयुक्त होनेवाले शब्दों का एक विशाल भंडार एकत्रकर उन्होंने अपनी समावेशी दृष्टि से उन्हें सर्व-स्वीकार्यता और नियमबद्धता की कसौटी पर कसा. फिर वैदिक भाषा के यास्क-प्रभृत वैयाकरणों तथा प्रचलित भाषा के अपने से पहले के आचार्यों के मतों का सम्यक्‌ समाहार किया. एक पूर्व आचार्य शाकटायन का मत था कि सभी संज्ञा शब्द धातुओं में प्रत्यय लगाकर बने हैं. पाणिनि ने मोटे तौर पर इस प्रमेय को मान लिया किंतु इसमें इतना जोड़ दिया कि बहुत-से ऐसे शब्द लोकजीवन के व्यवहार में आ गए हैं जिनकी धातु और उसमें लगे प्रत्यय पकड़ में नहीं आते. इस तरह विपुल सामग्री एकत्रकर उसके सूक्ष्म मनन-विश्लेषण के उपरांत उन्होंने आठ अध्यायों के अपने अद्भुत्‌ ग्रंथ अष्टाध्यायी की रचना की, जिसमें उपरोक्त सामग्री का ऐसा सांगोपांग और युक्तिसंगत विवेचन है कि प्रचलित भाषा के पाणिनि के पहले के व्याकरण-ग्रंथ अप्रासंगिक होकर लुप्त हो गए; उनके बारे में आज उतना ही ज्ञात है जितना अष्टाध्यायी में आए उनके संदर्भों में उपलब्ध है.

पाणिनि ने अपनी मौलिक प्रतिभा से धातुओं (roots) से नए-नए शब्द निर्मित करने की एक वैज्ञानिक पद्धति भी नियम-बद्ध कर दी. फलस्वरूप विपुल क्षमतावाली जिस एकरूप मानक भाषा की निर्मिति हुई, उसी का नाम संस्कृत (जिसका संस्कार या परिष्कार किया गया हो) है. यह मुख्यत: पाणिनि का ही योगदान है कि उनके द्वारा गढ़ी यह मानक भाषा काल के अनवरत प्रवाह के साथ सहस्राब्दियों की मेधा अपने अंतस में समेटे अपनी अविच्छिन्न एकरूपता में एक अजस्र सांस्कृतिक जलस्रोत-सी प्रवाहित होती हम तक पहुँची है. इस तरह जिसे हम प्राचीन भारतीय संस्कृति के नाम से जानते हैं उसकी निर्मिति के भाषायी उपादान और उसके प्रवाह की निरंतरता को अक्षुण्ण रखने में पाणिनि-निर्मित संस्कृत भाषा का योगदान अप्रतिम है.

पाणिनि ने घूम-घूमकर लोकभाषा के जिस बहुमुखी वैभिन्य और विस्तार को अपनी आँखों से देखा था, उसके बिना भाषा का वह मानक किंतु सर्वग्राह्य रूप मूर्तिमान नहीं हो सकता था जिसने पूरे देश को सांस्कृतिक एकता के सूत्र में बाँधकर उसे एक अविभाज्य सांस्कृतिक इकाई बना दिया. इस तरह अपनी सांस्कृतिक बहुलता में अंतर्भूत एकता के लिए यह देश पाणिनि का हमेशा ऋणी रहेगा. 

कहना न होगा, आज हिंदी को सारे देश में ग्राह्य बनाने के लिए ऐसी ही किसी प्रतिभा और उसके द्वारा ऐसे ही अध्यवसाय की ज़रूरत है. 

पाणिनि ने इस प्रक्रिया में भाषाशास्त्र और व्युत्पत्ति शास्त्र के जिन सिद्धांतों की खोज की वे वैश्विक स्तर पर भाषाशास्त्रीय ज्ञान की धरोहर बन गए. 19वीं शताब्दी में यूरोप अष्टाध्यायी से परिचित हुआ और तब फ्रैंज़ बॉप (Franz Bopp) के माध्यम से इस ग्रंथ ने आधुनिक भाषाशास्त्रीय विमर्श को एक नई दिशा प्रदान की. फर्डिनैंड डि सॉसर (Ferdinand de Saussure), लिओनार्ड ब्लूमफ़ील्ड (Leonard Bloomfield), रोमन जैकॉब्सन (Roman Jakobson) और फ़्रिट्स स्टाल (Frits Staal) जैसे भाषाशास्त्रियों ने अष्टाध्यायी के प्रमेयों पर चलकर ही अपनी स्थापनाएँ स्थिर कीं. अष्टाध्यायी के अध्ययन के आधार पर ही फ़्रिट्स स्टाल (1930-2012) ने यूरोपीय भाषा-समुदाय पर भारतीय विचारों के प्रभाव का आकलन किया.

पाणिनि ने भाषारूपीय (morphological) विश्लेषण का जो सिद्धांत प्रतिपादित किया था वह बीसवीं सदी के मध्य तक सामने आए सभी पश्चिमी सिद्धांतों से अधिक उन्नत माना जाता रहा (Encyclopedia Britannica.2013, www.britannica,com). समासीकृत संज्ञाओं (noun compounds) पर उनकी विवेचना आज भी भाषाशास्त्र में समासीकरण के सिद्धांतों का मूल आधार है और इन सिद्धांतों में ‘बहुब्रीहि‘ तथा ‘द्वंद्व’ जैसे शब्द संस्कृत से ही उधार लिए गए हैं. पाणिनि के भाषागत सूक्ष्म निरीक्षण का जो स्तर है, ग्रीक और लैटिन के वैयाकरणों में उसकी छाया तक नहीं मिलती. यही कारण है कि आज भारत ही नहीं, पूरा विश्व कोषविज्ञान (lexicography), भाषारूप-विधान (morphology), वाक्य-विन्यास (syntax) और अर्थ-विधान (semantics) में पाणिनि की अनेक सुविचारित और सुसंगत अवधारणाओं का वाहक है.

यहाँ यह विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि पाणिनीय व्याकरण भारतीय विचार-पद्धति में अध्यात्मेतर, लौकिक दृष्टि का प्रवेश-बिंदु है {Bloomfield, L.,1929 ‘Review of Liebich, Konkordanz Panini-Candra’, Language (Journal) 5, 267-276}. पाणिनि की अष्टाध्यायी इसी लौकिक दृष्टि की भाषाशास्त्रीय अभिव्यक्ति है.

पाणिनि का एक-एक सूत्र और उसमें प्रयुक्त एक-एक शब्द इतने प्रामाणिक हैं कि उनमें हमें शब्द-कोष, व्युत्पत्ति, भाषारूप, अर्थ-विधान, वाक्य-विन्यास से सम्बंधित बारीक ज्ञान ही नहीं मिलता, उनके द्वारा दिए गए उदाहरणों और समानधर्मा वैयाकरणों के संदर्भों से तत्कालीन लोक-व्यवहार, आर्थिक-सांस्कृतिक-सामाजिक-राजनीतिक जीवन तथा भौगोलिक संरचना का यथार्थ ख़ाक़ा भी उभरता है. इस तरह अष्टाध्यायी महज़ व्याकरण और भाषाशास्त्र का ग्रंथ नहीं है, बहुआयामी इतिहास और भूगोल का समग्र दर्पण भी है (जिसके कुछ अंश का संक्षिप्त उल्लेख अष्टाध्यायी की विषय-वस्तु के संदर्भ में नीचे किया गया है).

अष्टाध्यायी 

अष्टाध्यायी में कुल 3996 सूत्र (याद करने की सुविधा के लिए घनीभूत, अल्पतम शब्दों और संगर्भित अर्थोंवाले सूक्ष्म और स्वयं में पूर्ण नियम) हैं. इन्हें आठ अध्यायों में बाँटा गया है और प्रत्येक अध्याय के चार-चार पाद हैं. इसके अतिरिक्त अष्टाध्यायी के तीन परिशिष्ट हैं :

1.चौदह माहेश्वर सूत्र-- ये अष्टाध्यायी के प्रारम्भ में दिए हुए वर्णों या ध्वनियों (phonemes) के 14 वर्गीकरण हैं. 

2.धातुपाठ—पाणिनि ने अपने संकलित शब्द-भंडार से धातुओं (roots) को अलग छाँटकर कुल 1943 धातुओं की सूची बनाई है. ये धातुएँ दो प्रकार की हैं—एक, जो पहले साहित्य में प्रयुक्त हो चुकी थीं; और दो—जो पाणिनि को लोकजीवन में प्रचलित बोलचाल की भाषाओं में मिलीं. 

3.गणपाठ—ये उन समूहों या समुदायों की कोषीय सूची है जिनके गुणों में पाणिनि को समानता दिखाई पड़ी थी.

माहेश्वर या शिव के चौदस सूत्र संस्कृत वर्णमाला के चौदह उपसमूह हैं जो पाणिनि के पहले से प्रचलित थे. इनकी उत्पत्ति लोकोत्तर मानी जाती है. इस सम्बंध में यह श्लोक बहुत प्रचलित है‌‌‌--

नृत्तावसाने नटराजराजो ननाद ढक्कां नवपञ्चवारम्‌। 

उद्धर्तुकामो सनकादिसिद्धानेतद्विमर्शे शिवसूत्र जालम्‌॥ 

[तांडव नृत्य के अवसान पर नटराज शिव ने सनकादि ( सनक, सनातन, सनकनंदन, सनत्कुमार) ऋषियों के उद्धार की कामना से चौदह (नव+पञ्च) बार डमरू बजाया. इस प्रकार चौदह सूत्रों का यह जाल प्रकट हुआ.] 

चौदह माहेश्वर सूत्र इस प्रकार हैं—

अ इ उ ण्‌ 

ऋ लृ क्‌ 

ए ओ ङ्‌ 

ऐ औ च्‌ 

ह य व र ट्‌ 

ल ण्‌ 

ञ म ग ण न म्‌ 

झ भ ञ्‌ 

घ ढ ध ष्‌ 

ज ब ग ड द श्‌ 

ख फ छ ठ थ च ट त व्‌ 

क प य्‌ 

श ष स र्‌ 

ह ल्‌ 

वर्णमाला का यह वर्गीकरण याद करने में इतना सुगम है कि बचपन में लघु सिद्धांत कौमुदी घोखते समय मुझे पता ही नहीं चला कि ये कब याद हो गए. पहले का बहुत कुछ भूल जाने के बावजूद ये भूलने का नाम नहीं लेते. इनकी लयबद्धता में अपूर्व संगीत है और पंडित जसराज ने इन्हें शास्त्रीय संगीत की तर्ज़ पर कोरस में गाया है, जिसकी सी.डी. उपलब्ध है. उसे सुनते हुए वस्तुत: डमरू की-सी आवाज़ का आभास होता है. यह संस्कृत की संपूर्ण वर्णमाला है और यही पाणिनीय व्याकरण का मूल आधार है. इसमें हर सूत्र का अंतिम हलंत अक्षर वैसे तो शोभामूलक है जिसे इत्‌ (भाष्यकारों द्वारा अनुबंध) कहा जाता है किंतु संक्षेप के लिए वह अपने पूरे वर्ग का संकेतक है. जैसे च्‌ से पूरे चौथे समूह "ऐ औ च्‌" का बोध हो जाता है. अष्टाध्यायी का पहला सूत्र है ‘वृद्धिरादैच्‌’ जिसमें अंतिम वर्ण च्‌ तीनों ध्वनियों ऐ औ च्‌ को इंगित करता है. प्रत्येक वर्ग को प्रत्याहार कहा जाता है और उसके संक्षिप्त प्रयोग की एक सुविचारित पद्धति है जो सभी पाणिनीय सूत्रों में एकरूप प्रयुक्त हुई है. 

गणपाठ का परिशिष्ट तत्कालीन इतिहास की एक झाँकी के लिए बहुत बहुमूल्य है. एक गण सगोत्रों का है. वैसे तो वैदिक काल से सात गोत्र ही चले आ रहे थे किंतु पाणिनि के काल तक उनका बहुत विस्तार हो चुका था. पाणिनि ने वैदिक और लौकिक दोनों भाषाओं में उपलब्ध कुटुंब-नामों की एक विस्तृत सूची बनाई. एक गोत्र या कुटुंब में सपिंड, स्थविर (बूढ़े) पिता, पुत्र, पौत्र आदि के नाम कैसे रखे जाते थे, पाणिनि ने इसका विस्तार से उल्लेख किया. 

गणपाठ में पाणिनि की एक और सूची भौगोलिक है. उन्होंने अपने उत्तर-पश्चिमी प्रांत के 500 ऐसे ग्रामों का नामोल्लेख किया है जो यथार्थ में थे. पाणिनि ने पंजाब के दो गाँवों के नाम दिए हैं सुनेत्र और शैरीषक जिनकी पहचान आज के सुनेत और सिरसा से होती है. पंजाब में अनेक जातियों के नाम उन गाँवों पर थे जहाँ वह निवास करती थी या जहाँ से उसके पूर्वज आए थे, जिन्हें ‘अभिजन’ कहा जाता था. इन दोनों स्थानों से बननेवाले नाम पुरुषों के नाम के आगे उपनाम के रूप में जुड़ जाते थे. 

पाणिनि ने अपने प्रदेश के पूर्व में स्थित त्रिगर्त भूखंड का ज़िक्र किया है जो आज का कुल्लू-काँगड़ा है. पश्चिम के पहाड़ी प्रदेश में निवास करनेवालों की संस्कृति तथा सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्था पाणिन के काल में भी जनजातीय या क़बीलाई थी. उसके उत्तर में दरद भूखंड था जिसे आज गिलगित कहते हैं और दक्षिण में था सौवीर जो आज का सिंध है. पाणिनि ने पश्चिमोत्तर पहाड़ी प्रदेश के क़बीलों की विस्तृत सूची बनाई और उनकी शासन-पद्धति का अध्ययन किया , जिसे ग्रामणी शासन कहते थे. ग्रामणी वस्तुत: जनजाति के मुखिया की पदवी थी. उनकी पंचायत को व्रातपूग, संघ या गण कहते थे, जिसे अब जिरगा कहते हैं. सभी संघों की शासन-प्रणाली एक-सी नहीं थी. इनमें से कुछ क़बीले लूटपाट से जीविका चलाते थे जिन्हें पाणिनि ने ‘उत्सेदजीवी’ कहा है. इन क़बीलों के बहुत से नाम गणपाठ में मिलते हैं, जैसे देवदत्त (जो किसी क़बीले का पूर्वपुरुष रहा होगा), आप्रीत और मधुमंत. सार्वभौम इस्लाम धर्म स्वीकार करने के बाद भी इनकी क़बीलाई जन-संस्कृति और शासन-व्यवस्था में विशेष अंतर नहीं आया है. 

गणपाठ की सूचियों में एक सूची जनपदों की है. मध्य एशिया के ऊपरी भाग में वंक्षु नदी के उत्तर कंबोज जनपद स्थित था, पश्चिम में कच्छ, पूरब में सूरमस (आज के आसाम प्रदेश की सूरमा घाटी) और दक्षिण में गोदावरी के तट पर अश्मक. इन सीमाओं के बीच मध्यदेश का विशाल भूभाग भी भिन्न-भिन्न जनपदों में बँटा हुआ था.

पाणिनि ने आर्थिक जीवन के भाषाशास्त्रीय पक्ष का अध्ययन करने के लिए बाज़ार में प्रचलित सिक्कों की भी सूची बनाई . शतमान, कार्षापण, सुवर्ण, अंध, पाद, माशक, त्रिशत्क (तीन मासे की तौल का सिक्का) और विंशतिक ( बीस मासे की तौल का सिक्का). कुछ समूह जिन्स के विनिमय (barter) से काम चलाते थे, जिसे ‘निमान’ कहा जाता था. 

अष्टाध्यायी का 3996 सूत्रोंवाला मुख्यभाग इतना जटिल और तकनीकी है कि उसका वर्णन ऐसे किसी आलेख में असंभव है. संस्कृत व्याकरण के पारंपरिक छात्र पहले तो सूत्रों को रट जाते हैं, फिर उनकी व्याख्या समझने में दस-दस साल लगा देते हैं. किंतु एक बार व्याकरण का अध्ययन कर लेने के बाद उन्हें संस्कृत में महारत हासिल हो जाती है और अलग से कुछ पढ़ने की ज़रूरत नहीं होती. फिर तो वे स्वाध्याय से कुछ भी सीख-समझ सकते हैं. संस्कृत व्याकरण की पद्धति है ही ऐसी. 

अष्टाध्यायी पर पतंजलि के महाभाष्य के बाद 8वीं और 15वीं सदी में बहुत महत्वपूर्ण काम हुआ. भट्टोजि दीक्षित (17वीं सदी) का ग्रंथ वैयाकरणसिद्धांतकौमिदी और उसके बाद आए पंडित रामाश्रम का वैयाकरणसिद्धांतचंद्रिका दो ऐसे भाष्य हैं, जो संस्कृत व्याकरण के भारतीय विद्यार्थियों के बीच विशेष लोकप्रिय हैं.

भारत सरकार ने 2004 में पाणिनि की स्मृति में पाँच रुपए का डाकटिकट जारी किया था. 

जैसा कि उपरोक्त विमर्श से स्पष्ट है, आज सम्पूर्ण विश्व पाणिनि के आधारभूत और उच्चस्तरीय भाषाशास्त्रीय काम के लिए उनका ऋणी है. उनका योगदान शुद्ध रूप से अकादमिक और सेक्यूलर है, जिसका किसी धर्म से कोई अनिवार्य सम्बंध नहीं. ऐसे में यदि पाकिस्तान सरकार उनके जन्म-स्थान शलातुर में उनका कोई स्मारक या संग्रहालय बनवाए तो यह विश्व-संस्कृति के एक महान स्तंभ के प्रति यथोचित सम्मान होगा. क़ायदे से देखा जाए तो पाणिनि अपने जन्म-स्थान की दृष्टि से पाकिस्तान के राष्ट्रीय गौरव हैं. लेकिन अपनी जड़ों से विच्छिन्न और इस विच्छेद को ही अपनी अस्मिता का पर्याय माननेवाले लोगों से ऐसी अपेक्षा करना व्यर्थ है। भारत सरकार की दृष्टि भी कभी सतही सेक्युलरवाद तो कभी खोखले राष्ट्रवाद से राजनीतिक लाभ उठाने के अतिरिक्त कहीं और कहाँ जाती है ! तो भारत सरकार को भी अपनी सांस्कृतिक कृपणता में पाणिनि के नाम पर पाँच रुपए का डाकटिकट जारी करने से इतर कुछ और कैसे सूझेगा ?  

✍🏻कमलाकांत त्रिपाठी

[Good: 👉👉 मोदी जी - माइनिंग टेक्नोलॉजी के तेज़ी से बदलते माहौल में, ज़मीन के नीचे की खदानों में सुरक्षित, भरोसेमंद और असरदार बिजली सप्लाई पक्का करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। बिजली बांटने के पुराने सिस्टम अक्सर ज़मीन की सतह के नीचे मिलने वाली मुश्किल, खतरनाक और बदलते हालात का सामना करने में नाकाम रहते हैं। इसकी वजह से स्मार्ट माइन पावर सप्लाई मैनेजमेंट और कंट्रोल सिस्टम के विकास और उन्हें जोड़ने का रास्ता खुला है; ये सिस्टम खास तौर पर ज़मीन के नीचे माइनिंग के माहौल के लिए बनाई गई स्मार्ट ग्रिड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हैं।

ज़मीन के नीचे बिजली बांटने की पेचीदगियाँ

ज़मीन के नीचे की खदानों की खासियत होती है कि वहाँ जगह कम होती है, ज़मीन की बनावट अलग-अलग तरह की होती है, और आग लगने या धमाके जैसी घटनाओं का खतरा बहुत ज़्यादा होता है। इन जगहों पर काम करने वाले बिजली सिस्टम को न सिर्फ़ काम-काज के लिए बिना रुकावट बिजली देनी होती है, बल्कि उन्हें मुश्किल भौतिक हालात का सामना भी करना होता है और इमरजेंसी में तुरंत जवाब देने में भी सक्षम होना होता है। बिजली में कोई खराबी या रुकावट आने से मज़दूरों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है, हवा आने-जाने के ज़रूरी सिस्टम रुक सकते हैं, और काम-काज में काफ़ी देर तक रुकावट आ सकती है।

बिजली से चलने वाले माइनिंग के पुराने काम-काज एक ही जगह से कंट्रोल और पुरानी बनावट पर निर्भर रहते हैं; इनमें अक्सर रियल-टाइम मॉनिटरिंग की क्षमता, पहले से ही रखरखाव का अंदाज़ा लगाने की सुविधा, और हालात के हिसाब से जवाब देने के तरीके नहीं होते। इन कमियों से यह साफ़ होता है कि बिजली सप्लाई मैनेजमेंट के लिए ज़्यादा आधुनिक और स्मार्ट तरीकों की ज़रूरत है।

ज़मीन के नीचे की खदानों के लिए स्मार्ट ग्रिड टेक्नोलॉजी का उभरना

शहरी और औद्योगिक बिजली वितरण में अच्छी तरह से स्थापित स्मार्ट ग्रिड, बिजली नेटवर्क की विश्वसनीयता, कार्यक्षमता और स्मार्टनेस को बढ़ाने के लिए उन्नत सेंसिंग, संचार और ऑटोमेशन टेक्नोलॉजी को शामिल करते हैं। इन फ़ायदों को ज़मीन के नीचे की खदानों में लागू करने के लिए टेक्नोलॉजी में ऐसे बदलाव करने की ज़रूरत होती है जो ज़मीन के नीचे की खास चुनौतियों का समाधान कर सकें।

माइनिंग के माहौल के हिसाब से बदले गए स्मार्ट ग्रिड के मुख्य हिस्सों में ये शामिल हैं:

वितरित ऊर्जा संसाधन (डीईआर - Distributed Energy Resources): मुख्य ग्रिड में रुकावट के दौरान आपूर्ति बनाए रखने के लिए बैकअप जनरेटर या बैटरी ऊर्जा भंडारण जैसे स्थानीय बिजली स्रोतों को शामिल करना।

उन्नत सेंसर और आईओटी उपकरण: वोल्टेज, करंट, तापमान और पर्यावरणीय स्थितियों की वास्तविक समय में निगरानी करके असामान्यताओं का शीघ्र पता लगाना।

स्वचालित दोष पहचान और पृथक्करण: प्रभावित क्षेत्रों को कम करने और स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए दोषों की शीघ्र पहचान और पृथक्करण।

मजबूत संचार नेटवर्क: निरंतर डेटा आदान-प्रदान सुनिश्चित करने के लिए भूमिगत परिस्थितियों के लिए डिज़ाइन किए गए वायरलेस मेश नेटवर्क या फाइबर ऑप्टिक्स का उपयोग करना।

ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली (ईएमएस): बुद्धिमान नियंत्रण प्लेटफॉर्म जो बिजली के उपयोग को अनुकूलित करते हैं, नुकसान को कम करते हैं और रखरखाव को पहले से निर्धारित करते हैं।

खनन में बुद्धिमान बिजली प्रबंधन प्रणालियों के लाभ

बेहतर सुरक्षा: वास्तविक समय में बिजली की गुणवत्ता की निगरानी और दोष पृथक्करण विस्फोटक वातावरण में बिजली की विफलता से जुड़े जोखिमों को कम करते हैं।

परिचालन निरंतरता: स्मार्ट ग्रिड निर्बाध स्विचिंग और अतिरेक की सुविधा प्रदान करते हैं जो लंबे समय तक बिजली कटौती को रोकते हैं, जिससे महत्वपूर्ण खदान उपकरण और प्रक्रियाओं की सुरक्षा होती है।

ऊर्जा दक्षता: बुद्धिमान लोड प्रबंधन और पूर्वानुमान विश्लेषण खदानों को ऊर्जा की बर्बादी कम करने और परिचालन लागत घटाने में सक्षम बनाते हैं।

पूर्वानुमानित रखरखाव: डेटा-आधारित जानकारी उपकरणों की खराबी का शीघ्र पता लगाने में सहायक होती है, जिससे अप्रत्याशित विफलताओं को रोका जा सकता है और परिसंपत्तियों का जीवनकाल बढ़ाया जा सकता है।

अनुपालन और रिपोर्टिंग: स्वचालित डेटा लॉगिंग सख्त खनन सुरक्षा नियमों और पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन में सहायक है।

वास्तविक अनुप्रयोग और केस स्टडी

विश्वभर में कई खनन कंपनियों ने भूमिगत रूप से स्मार्ट ग्रिड प्रौद्योगिकियों को एकीकृत करना शुरू कर दिया है। उदाहरण के लिए, कुछ कंपनियों ने केबल के तापमान की निगरानी के लिए वायरलेस सेंसर नेटवर्क लागू किए हैं, जिससे खतरनाक अतिभार को रोका जा सके और रखरखाव टीमों को समय रहते सतर्क किया जा सके।

अन्य कंपनियां बिजली कटौती के दौरान वेंटिलेशन सिस्टम को सहारा देने के लिए ऊर्जा भंडारण का उपयोग करती हैं, जिससे निरंतर वायु प्रवाह सुनिश्चित होता है और खतरनाक गैसों का जमाव नहीं होता है। रिमोट कंट्रोल क्षमताओं वाले स्वचालित स्विचगियर ऑपरेटरों को सतह से ही दोषों को अलग करने की अनुमति देते हैं, जिससे कर्मियों को खतरनाक क्षेत्रों में प्रवेश करने से बचाया जा सके।

चुनौतियाँ और विचारणीय बिंदु

भूमिगत रूप से बुद्धिमान विद्युत प्रणालियों को स्थापित करना चुनौतियों से रहित नहीं है। खानों को निम्नलिखित मुद्दों का समाधान करना होगा:

कठोर पर्यावरणीय परिस्थितियाँ: धूल, नमी और यांत्रिक कंपन के लिए मजबूत उपकरणों की आवश्यकता होती है।

सीमित अवसंरचना: पुरानी खानों का नवीनीकरण जटिल और महंगा हो सकता है।

संचार बाधाएँ: चट्टानों के माध्यम से सिग्नल क्षीणन के कारण मजबूत नेटवर्किंग समाधानों की आवश्यकता होती है।

साइबर सुरक्षा: जैसे-जैसे खनन कार्य अधिक एकीकृत होते जा रहे हैं, साइबर खतरों से विद्युत प्रणालियों की सुरक्षा सर्वोपरि है।

प्रशिक्षण आवश्यकताएँ: कर्मियों को नई तकनीकों को प्रभावी ढंग से संचालित और रखरखाव करने के कौशल से लैस होना चाहिए।

भारत के लिए आगे का रास्ता

खनन कंपनियां जैसे-जैसे डिजिटल परिवर्तन को अपना रही हैं, बुद्धिमान खदान विद्युत आपूर्ति प्रबंधन प्रणालियां परिचालन क्षमता और सुरक्षा बढ़ाने में अग्रणी भूमिका निभाएंगी। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, एज कंप्यूटिंग और नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण में निरंतर प्रगति से भूमिगत स्मार्ट ग्रिड की भविष्य में तैनाती के लिए आशाजनक संभावनाएं हैं।

सरकारी एजेंसियां, उद्योग संघ और प्रौद्योगिकी प्रदाता भूमिगत स्मार्ट ग्रिड के लिए अनुकूलित मानक और रूपरेखा विकसित करने के लिए तेजी से सहयोग कर रहे हैं। यह सामूहिक प्रयास खनन क्षेत्र में स्मार्ट ग्रिड को अपनाने की गति बढ़ाएगा और इसके लाभों को व्यापक बनाएगा।

निष्कर्ष

ज़मीन के नीचे होने वाली माइनिंग के माहौल के लिए खास तौर पर डिज़ाइन की गई स्मार्ट ग्रिड टेक्नोलॉजी का विकास, माइन में बिजली सप्लाई के मैनेजमेंट में एक अहम बदलाव है। स्मार्ट मॉनिटरिंग, ऑटोमेशन और अडैप्टिव कंट्रोल का इस्तेमाल करके, माइनें बिजली डिस्ट्रिब्यूशन की विश्वसनीयता को काफी हद तक बेहतर बना सकती हैं, साथ ही कर्मचारियों की सुरक्षा और काम की कुशलता को भी प्राथमिकता दे सकती हैं।

ऐसे आधुनिक सिस्टम में निवेश करना न केवल आधुनिक सुरक्षा मानकों के अनुरूप है, बल्कि यह टिकाऊ माइनिंग तरीकों को भी बढ़ावा देता है, जिससे कंपनियाँ भविष्य की माँगों को आत्मविश्वास और मज़बूती के साथ पूरा करने के लिए तैयार होती हैं। आज इन नए तरीकों को अपनाने से, कल के लिए ज़्यादा सुरक्षित, ज़्यादा स्मार्ट और ज़्यादा उत्पादक माइनिंग कार्यों का रास्ता खुलता है।

[Hill: साभार...

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में 2,208 पोलिंग बूथ ऐसे पकड़े हैं जहाँ 2002 के बाद से एक भी व्यक्ति की मृत्यु दर्ज नहीं हुई!

एक भी व्यक्ति ग़ायब नहीं हुआ!

एक भी डुप्लीकेट वोटर नहीं निकला!

यानी पिछले 23 साल में इन बूथों पर कोई मरा ही नहीं और सबसे हैरानी वाली बात — ये सारे बूथ मुस्लिम बहुल इलाक़ों में हैं:

 साउथ 24 परगना — 760 बूथ

 मुर्शिदाबाद — 226 बूथ

 मालदा — 216 बूथ

 नदिया — 130 बूथ

 हावड़ा,हुगली,उत्तर 24 परगना में भी सैकड़ों ऐसे बूथ हैं.

मतलब ममता दीदी के राज में मुस्लिम इलाक़ों के लोग वोटर लिस्ट में अमर हो गए हैं.

बाक़ी बंगाल में तो 5,636 बूथों पर भी सिर्फ़ 1-10 मृत वोटर ही मिले।

इतनी लंबी उम्र तो भोलेनाथ भी दें तो कम है.

अब चुनाव आयोग ने सभी ज़िलाधिकारियों से मंगलवार तक रिपोर्ट माँगी है।

TMC के अपने BLO (#बूथ_लेवल_ऑफ़िसर) भी चिल्ला रहे हैं कि फर्ज़ी एंट्री हुई है।

ये सीधा-सीधा “भूतिया वोटर” (#Ghost_Voters) का खेल लगता है।

2026 का चुनाव आने वाला है... अब समझ आया कि TMC को हर बार “#मैजिक_फ़िगर” कैसे मिल जाता है?

जय श्री राम 🚩

#अवधेशप्रतापसिंह 

अवधेश प्रताप सिंह कानपुर उत्तर प्रदेश,9451221253

Tejraftarnews.in: *भगवान के भरोसे मत बैठो तुमको खुद ही शिवाजी बनना होगा, एक सनातनी हिंदू जग गया तो बाकियों को जागने में समय नहीं लगने वाला!*

_विधर्मी, विदेशी, पाकिस्तान परस्ती की मैया हरी होने वाली है, क्योंकि अब हिंदुओं को समझ आने लगा है उन्हें बचाने के लिए कोई भगवान नहीं आने वाला, अपनी रक्षा स्वयं करनी होगी!_

*बस यही समझना था* अब ये चिंगारी ऐसे प्रज्वलित होगी... जैसे... वो उक्ति थी...

_हनुमान की पूंछ में लगन न पाई आग_

_लंका सगरी जल गई, गए निशाचर पाक!_

*जी हां सही पकड़े हैं, निशाचरों ने, सलमान रुश्दी की आधी रात की संतानों ने, अपने लिए डेढ़ मुल्क ले लिया था, और अब ये आपका देश छीनना चाहते हैं!*

_खास बात ये है कि आपके अपने ही भ्रष्ट नेता, मंत्री, अफसर मुफ्तखोरी फैलाकर, आपको नून, तेल, लकड़ी में उलझाए हुए हैं और आप खेला में शिकार हो रहे हैं!_

*कोई भगवान नहीं आने वाला, न कृष्ण न कल्कि, भगवान कृष्ण को मथुरा की शाही मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे दबाया हुआ है मुल्लों ने, जबकि डबल इंजन की सरकार बनाई है आपने अपने वोटों से, कुछ समझे!?*

_अगर भगवान को ही आना होता तो केरल, कश्मीर, पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश, पूर्वोत्तर भारत में आ गया होता जब सारे हिंदू हत्या लूट बलात्कार से धर्मांतरित कर दिए गए!_

*बस बहुत हुआ, दूसरे पर निर्भर होकर, हलाल होने का खेला, आज से अपने पर निर्भर होना सीखो, गंदगी को पनपने ही मत दो!*

_पाकिस्तान परस्ती करने वाले गुल्लीकटुओं और इनके लाल, नीली, पीली, हरी, सफेद टोपियों वालों का पूर्ण बहिष्कार करो, घुटने पर न आ जाएं तो कहना, लालच और भय से ही गए थे कायर, वही इन्हें अपने मूल धर्म में वापसी करवाएगा!_

Tejraftarnews.in: 🔰

Big Breaking News 🚨

रूस के बाद तुर्की और पोलैंड भी सोना बेच रहे हैं... 

तुर्की के सेंट्रल बैंक ने 60 टन सोना बेचा है।

सभी देश नए हथियार विकसित करने के लिए सोना बेचकर पूंजी इकट्ठी कर रहे हैं।

सोने के भाव तेजी से नीचे आएंगे। युद्ध में सुलग रहे कई खाड़ी देश भी सोना बेच सकते हैं। 

ऐसा होते ही सोने की उपलब्धता मांग से ज्यादा हो जाएगी और भाव लुढ़क जाएंगे।

Tejraftarnews.in: ...पिछले 48 घण्टों मे जो हुआ....

* PM मोदीजी ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ मीटिंग की.

* NSA अजित डोभाल ने हाई लेवल सिक्युरिटी मीटिंग की.

* रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने केंद्र सरकार के मंत्रियों के साथ मीटिंग की.

* मोदीजी ने अपनी रैली मे देशवासियों से एकजुट रहने को कहा.

* आर्मी चीफ ने श्रीजगन्नाथजी के मंदिर जाकर सेना और उनके परिवार के लिए प्रार्थना की.

* Air Chief Marshal ने पटना के पटना साहिब गुरुद्वारा जाके प्रार्थना की.

* पाकिस्तान सीमा पर जोधपुर और श्रीनगर के 4 एयरपोर्ट 30 दिनों के लिए बंद किए गए.

* जैसलमेर सहित पाकिस्तान बॉर्डर से सटे कई शहरों मे Emergency साइरन की टेस्टिंग हुई.

.........क्या कुछ बड़ा होने वाला है...!!...

Tejraftarnews.in: साभार...

टीटी ने जिस तरह दोनों #जवानों को सम्मान दिया,ये लोगों को काफी भा गया,देखते ही देखते वीडियो वायरल हो गया। लोग वीडियो को शेयर करते हुए लिख रहे हैं कि हर भारतीय को देखना चाहिए कि असली इज्जत कैसे दी जाती है। #भारतीय_रेलवे का यह दिल को छू लेने वाला पल इंटरनेट पर वायरल हो रहा है।

छोटा सा वाकया ट्रेन के लोग देखते रह गए।वीडियो में लोगों की प्रतिक्रिया भी कैद हुई,कई यात्री इस दृश्य को मोबाइल पर रिकॉर्ड भी करते नजर आए।जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर फैला तो कमेंट्स की बाढ़ आ गई।लोग लिख रहे हैं- 'असली इज्जत इन्हीं को मिलनी चाहिए','टीटी साहब ने देश का नाम रोशन कर दिया','आंखों में आंसू आ गए'।कई यूजर्स ने इसे शेयर करते हुए #JaiHind और #RespectOurSoldiers जैसे हैशटैग लगाये....

अवधेश प्रताप सिंह कानपुर उत्तर प्रदेश,9451221253

Tejraftarnews.in: उनके दुधमुंहे बच्चों तक को पता होता है कि काफिर हिंदुओं के साथ कैसा व्यवहार रखना है और उन्हें कैसे सबक सिखाना है, ठिकाने लगाना है...🧟‍♂️

वो अपने बच्चों को बचपन से ही काफीर हिंदुओं के कत्लेआम, हिंदुओं कि महिलाओं से बलात्कार और उससे खुश होकर सातवे आसमान वाले द्वारा ईनाम में दी जाने वाली जन्नती 72 हूरों का लालच दे देकर बड़ा करते हैं...👹

फिर यही बच्चे बड़े होकर लव-जिहाद , पत्थरबाज़ी, दहशतगर्दी और आतंक मचाते हैं...🇵🇰🧟‍♂️

दूसरी ओर हिंदू समाज अपने बच्चों को 'मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना', 'सारे सलमान एक जैसे नहीं होते', जैसी गप्प रटा रटाकर बड़ा करते हैं...🤨

उनका दुधमुंहे बच्चा भी अपने कबिलाई रास्ते पर अडिग खड़ा होता है, और हिंदुओं का रिटायर्ड बूढ़े भी भाईचारे की बीन बजाते दिखाई देते हैं...🤬

Tejraftarnews.in: कारगिल युद्ध के दौरान हमने 527 जवान खोए।

नक्सलियों के कारण हमने 3000 जवान और 5000+ नागरिक खो दिए।

1 अक्टूबर 2003 को, आंध्र प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू तिरुमला के पास नक्सलियों के लैंडमाइन हमले में बाल-बाल बचे।

मार्च 2007 में, नक्सलियों ने लोकसभा सांसद सुनील महतो की हत्या कर दी।

6 अप्रैल 2010 को, नक्सलियों ने 76 सीआरपीएफ जवानों की हत्या कर दी।

2013 में, नक्सलियों ने 27 कांग्रेस नेताओं की हत्या कर दी।

बड़े नेताओं में विद्या चरण शुक्ल (संजय गांधी के करीबी सहयोगी) की भी हत्या हुई। छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल और एक अन्य बड़े नेता महेंद्र कर्मा भी मारे गए। एक ही हमले में कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व खत्म कर दिया गया।

फरवरी 2014 में, 100 से अधिक जिले नक्सलियों से प्रभावित थे। ये सभी “रेड कॉरिडोर” के अंतर्गत आते थे। 10 राज्य नक्सलियों से बुरी तरह प्रभावित थे।

2014 में, प्रधानमंत्री मोदी की आतंकवाद के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाई 

और इसके तहत नक्सलियों का खात्मा अब 2026 में कर ही दिया गया।

Tejraftarnews.in: 🛑

भारत में बैन हुए चाइनीज CCTV कैमरे, पहले से देसी कंपनियाँ बना चुकी हैं 80% पर कब्जा: जानें- इजरायल की ईरान पर हमले के बाद कैसे ‘कनेक्टेड आँखें’ बनी नेशनल सिक्योरिटी का मुद्दा

भारत नए नियम चीन कंपनी

भारत में सुरक्षा संबंधी चिंताओं के चलते सीसीटीवी के नए नियमों के बाद चीनी कंपनियों देश से बाहर हो जाएँगी (AI जेनरेटेड फोटो साभार: Dall-E)

भारत में निगरानी व्यवस्था यानी सर्विलांस सिस्टम में अब बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 01 अप्रैल 2026 से सरकार नए सख्त नियम लागू करने जा रही है, जिसके बाद चीन की कई सीसीटीवी कंपनियाँ जैसे टीपी लिंक, हिकवीजन और दहुआ भारतीय बाजार से लगभग बाहर हो जाएँगी। सरकार ने साफ कर दिया है कि अब इंटरनेट से जुड़ी वही कैमरा डिवाइस भारत में बिक सकेंगी, जिनके पास जरूरी सुरक्षा सर्टिफिकेट होगा। यह सर्टिफिकेट STQC यानी सरकारी जाँच प्रक्रिया के तहत मिलता है। जिन कंपनियों ने यह सर्टिफिकेट नहीं लिया है, वे अब अपने प्रोडक्ट भारत में नहीं बेच पाएँगी।

इस फैसले के पीछे सबसे बड़ी वजह देश की सुरक्षा मानी जा रही है। सरकार चाहती है कि भारत में इस्तेमाल होने वाले सभी निगरानी उपकरण सुरक्षित हों और उनका डेटा देश के लिए खतरा न बने। इसके साथ ही सरकार भरोसेमंद सप्लाई चेन और डेटा की सुरक्षा यानी डेटा संप्रभुता पर भी जोर दे रही है।

बाजार में क्या हो रहा है?

नए सर्टिफिकेशन नियमों का असर भारत के सीसीटीवी बाजार में तुरंत दिखाई देने लगा है। जो चीनी ब्रांड कुछ समय पहले तक बाजार का लगभग एक तिहाई हिस्सा रखते थे, अब वे या तो बाहर हो रहे हैं या अपने काम करने का तरीका पूरी तरह बदल रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अब भारतीय कंपनियाँ जैसे सीपी प्लस, क्यूबो, प्रामा, मैट्रिक्स और स्पार्श मिलकर बाजार के 80 प्रतिशत से ज्यादा हिस्से पर कब्जा कर चुकी हैं। वहीं बॉश और हनीवेल जैसी विदेशी कंपनियों ने प्रीमियम सेगमेंट में अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। दूसरी तरफ चीनी और छोटे खिलाड़ी नियमों का पालन न कर पाने की वजह से बाजार से गायब होते जा रहे हैं।

जो कंपनियाँ ज्यादा हद तक चीनी चिपसेट और सॉफ्टवेयर पर निर्भर थीं, उन्हें नए नियमों को पूरा करने में काफी परेशानी हो रही है। हिकविजन जैसी बड़ी कंपनियों को अब भारतीय कंपनियों के साथ साझेदारी करने और चीनी सप्लाई चेन से दूर जाने के रास्ते तलाशने पड़ रहे हैं, क्योंकि भारत सरकार के नियम सख्त हो गए हैं। वहीं दहुआ की मौजूदगी बाजार में लगभग 80 प्रतिशत तक घट चुकी है।

चीन से जुड़ी कंपनियाँ जैसे शाओमी और रियलमी, जो स्मार्ट होम कैमरा सेगमेंट में काफी मजबूत मानी जाती थीं, उन्होंने भी नए नियमों को पूरा करने में दिक्कत के कारण इस बाजार से दूरी बना ली है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बदलाव की वजह से लागत में करीब 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है, क्योंकि अब लोकल स्तर पर चीजें तैयार करनी पड़ रही हैं और दूसरे स्रोतों से सामान लेना पड़ रहा है। हालाँकि बाजार के बड़े खिलाड़ियों ने निचले सेगमेंट में कीमतों को काफी हद तक संतुलित रखा है।

यह पूरा बदलाव अप्रैल 2024 में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा लागू किए गए नए नियमों से शुरू हुआ था। इन नियमों के तहत किसी भी प्रोडक्ट को भारत में बेचने से पहले उसकी सुरक्षा जाँच, उसमें इस्तेमाल हाने वाले पार्ट्स का स्रोत बताना और उसकी कमजोरियों की जाँच करना जरूरी कर दिया गया है।

नई नीति की पूरी व्यवस्था को समझिए

04 फरवरी 2026 को भारत सरकार ने एक सर्कुलर जारी किया, जिसमें बाजार में हो रहे बदलावों के पीछे की नीति को साफ तौर पर समझाया गया। इस सर्कुलर में बताया गया कि अब सीसीटीवी कैमरों की सुरक्षा से जुड़ी जाँच एक ही तरीके से होगी और इसके लिए STQC यानी मानक परीक्षण औऱ गुणवत्ता सर्टिफिकेशन की जाँच को जरूरी बनाया गया है, जो आवश्यक आवश्यकताओं के ढाँचे के तहत होगी।

सरकार ने दो अहम नियमों को आपस में जोड़ दिया है। पहला है अनिवार्य पंजीकरण आदेश और दूसरा है मेक इन इंडिया के तहत सरकारी खरीद में प्राथमिकता देने वाला नियम। अब इन दोनों के लिए अलग-अलग प्रक्रिया की जरूरत नहीं होगी। एक ही STQC की सुरक्षा जाँच रिपोर्ट दोनों नियमों का पालन करने के लिए काफी होगी। इस फैसले से पहले जो भ्रम की स्थिति थी, वह अब खत्म हो जाएगी और नियमों को लागू करना भी ज्यादा सख्त और आसान हो जाएगा।

यह बात समझना बहुत जरूरी है कि इस सर्कुलर में साफ कर दिया गया है कि सुरक्षा सर्टिफिकेशन का संबंध मेक इन इंडिया के तहत होनो वाली वैल्यू एडिशन यानी स्थानीय हिस्सेदारी की शर्तों से अलग है। आसान शब्दों में कहें तो अगर कोई उत्पाद लोकलाइजेशन यानी देश में बनने के मानकों को पूरा भी करता है, तब भी यह सुरक्षा जाँच से बच नहीं सकता।

यहाँ इंटरनेट से जुड़े उपकरणों के लिए बनने वाली सर्टिफिकेशन योजना यानी IoT सिस्टम सर्टिफिकेशन स्कीम की अहम भूमिका होती है। सीसीटीवी कैमरे भी IoT डिवाइस माने जाते हैं, यानी ये इंटरनेट से जुड़े उपकरण हैं। इसलिए इनकी जाँच सिर्फ हार्डवेयर तक सीमित नहीं रहती, बल्कि साइबर सुरक्षा के लिए नजरिए से भी इनकी कड़ी जाँच होती है। इस व्यवस्था के तहत ऐसे उपकरणों को कई सख्त मानकों पर खरा उतरना होता है, जैसे संरक्षित संचार प्रणाली, डाटा को सुरक्षित रखने के लिए एन्क्रिप्शन, छेड़छाड़ से बचाव और हार्डवेयर तक पहुँच को नियंत्रित रखना।

IoT से जुड़े नियमों में यह भी साफ किया गया है कि SQTC सर्टिफिकेट सभी ऐसे उपकरणों पर एक समान तरीके से लागू होगा। इसका मतलब यह है कि कोई भी निर्माता अलग-अलग नियमों का फायदा उठाकर जाँच से बच नहीं सकता। इससे सरकार को भी अलग-अलग क्षेत्रों में जाँच की प्रक्रिया और सर्टिफिकेशन के तरीके को एक जैसा बनाने में मदद मिलेगी।

सरकार ने उन कंपनियों के नाम भी सार्वजनिक कर दिए हैं जिन्हें यह क्लियरेंस सर्टिफिकेट मिल चुका है। इसके साथ ही हर कंपनी का प्रमाणपत्र PDF के रूप में वेबसाइट पर भी जारी किया गया है, जिसे लोग आसानी से देख सकते हैं।

2025 में सरकार ने सर्टिफिकेशन की समय सीमा बढ़ाने से किया इनकार

साल 2025 में सरकार ने सर्टिफिकेशन की समय सीमा बढ़ाने से साफ इनकार कर दिया था और यहीं से बाजार में आ रहे मौजूदा बदलाव की नींव पड़ी। उसी समय सरकार ने सीसीटीवी कैमरों की जाँच का दायरा बढ़ाकर सिर्फ हार्डवेयर तक सीमित नहीं रखा, बल्कि सॉफ्टवेयर और यहाँ तक कि सोर्स कोड स्तर तक की जाँच को भी इसमें शामिल कर लिया।

जैसा कि मई 2025 में ऑपइंडिया की एक रिपोर्ट में बताया गया था, निर्माताओं को अपने उपकरणों को सरकारी लैब में गहनता से सुरक्षा जाँच के लिए जमा करना अनिवार्य कर दिया गया था। इस जाँच में फर्मवेयर का विश्लेषण, एन्क्रिप्शन यानी डाटा को सुरक्षित रखने के तरीके की पड़ताल और उन संभावित कमजोरियों की पहचान शामिल थी, जिनके जरिए कोई दूर से सिस्टम तक पहुँच बना सकता है या डाटा चोरी कर सकता है।

उस समय कई निर्माताओं ने इस फैसले पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि इससे प्रक्रिया में देरी होगी, जाँच का बोझ बढ़ेगा और उनके गोपनीय सोर्स कोड पर भी खतरा आ सकता है। उद्योग से जुड़े संगठनों ने यह भी चेतावनी दी थी कि इससे आर्थिक नुकसान हो सकता है और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर भी असर पड़ेगा। लेकिन सरकार ने इन नियमों में किसी तरह की ढील देने से साफ इनकार कर दिया और कहा कि यह कदम देश की सुरक्षा से जुड़े एक गंभीर मुद्दे को ध्यान में रखकर उठाया गया है।

इन नियमों के तहत अधिकारियों को यह अधिकार भी दिया गया कि वे जरूरत पड़ने पर भारत के बाहर स्थित निर्माण इकाइयों का भी निरीक्षण कर सकते हैं। साथ ही कंपनियों के लिए यह जरूरी कर दिया गया कि वे अपने उपकरणों में मजबूत सुरक्षा फीचर्स शामिल करें, जैसे डाटा को सुरक्षित रखने के लिए एन्क्रिप्शन, मालवेयर यानी हानिकार सॉफ्टवेयर की पहचान और उसे रोकने की व्यवस्था और सुरक्षित संचार प्रणाली।

सरकार ने सीसीटीवी इकोसिस्टम में मौजूद कमजोरियों को लेकर जताई चिंता

सीसीटीवी से जुड़े डाटा की सुरक्षा को लेकर चिंता कोई नई बात नहीं है। साल 2021 में लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में सरकार ने पहले ही विदेशी कंपनियों के सर्विलांस सिस्टम से जुड़ी कमजोरियों की ओर इशारा किया था। इससे साफ होता है कि नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार लंबे समय से सीसीटीवी सिस्टम के जरिए होने वाले संभावित डाटा लीक को रोकने की कोशिश कर रही है।

सरकार ने यह भी बताया था कि सरकारी संस्थानों में लगे करीब 10 लाख सीसीटीवी कैमरे चीनी कंपनियों से खरीदे गए थे। सरकार ने माना कि इन उपकरणों के जरिए रिकॉर्ड किया गया वीडियो डाटा विदेशों में मौजूद सर्वर तक भेजा जा सकता है, जिससे सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरे पैदा हो सकते हैं।

सरकार ने उस समय सिस्टम में मौजूद कमियों की ओर इशारा करते हुए कहा था कि जोखिम को कम करने के लिए कुछ कदम उठाए गए हैं, जैसे संदिग्ध URL और IP एड्रेस को फिल्टर करना। इसके अलावा मौजूदा कानूनों के तहत आयात को नियंत्रित करने और यह सुनिश्चित करने के लिए भी उपाय किए गए कि सभी उपकरण भारतीय सुरक्षा मानकों का पालन करें।

इन शुरुआती चेतावनियों ने आगे चलकर नियमों को सख्त बनाने की नींव रखी। इससे यह साफ संकेत मिला कि सरकार लंबे समय से ऐसी नीति पर काम कर रही है, जिसका मकसद निगरानी से जुड़े ढाँचे को ज्यादा सुरक्षित बनाना है।

गैजेट में जारी अधिसूचना, जिसने सीसीटीवी सिस्टम को हमेशा के लिए बदला

मौजूदा नियमों की पूरी व्यवस्था की कानूनी नींव 9 अप्रैल 2024 को जारी किए गए गैजेट के नोटिफिकेशन पर टिकी हुई है। इस नोटिफिकेशन के जरिए सरकार ने औपचारिक रूप से सीसीटीवी कैमरों को अनिवार्य पंजीकरण व्यवस्था के तहत शामिल कर लिया।

इस अधिसूचना में इलेक्ट्रॉनिक्स और IT उपकरणों से जुड़े आदेश में बदलाव किया गया और सीसीटीवी कैमरों को ऐसी श्रेणी में रखा गया, जिनकी बिक्री से पहले जरूरी सर्टिफिकेशन लेना अनिवार्य होगा। इसके तहत भारतीय सुरक्षा मानकों का पालन करना और नए लागू किए गए जरूरी सुरक्षा नियमों को मानना भी जरूरी कर दिया गया।

इसका मुख्य मकसद यह है कि सीसीटीवी सिस्टम हर स्तर पर सुरक्षित हों। इसमें हार्डवेयर, फर्मवेयर, नेटवर्क और सप्लाई चेन सभी शामिल हैं। ये नियम सिर्फ सामान्य गुणवत्ता जाँच तक सीमित नहीं हैं, बल्कि साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाने पर खास ध्यान देते हैं।

निर्माताओं के लिए यह जरूरी कर दिया गया है कि वे अपने उपकरणों में मजबूत फिजिकल सुरक्षा सुनिश्चित करें। इसका मतलब है कि डिवाइस का ढाँचा ऐसा हो जो आसानी से खोला या छेड़ा न जा सके, ताकि कोई भी व्यक्ति अंदर के हिस्सों तक बिना अनुमति पहुँच न बना सके। सॉफ्टवेयर के स्तर पर भी सख्त नियम लागू किए गए हैं, जैसे मजबूत लॉगिन सिस्टम, अलग-अलग लोगों के लिए सीमित और तय पहुँच और समय-समय पर अपडेट देना।

सबसे अहम बात डाटा की सुरक्षा से जुड़ी है। कैमरों से भेजा जाने वाला वीडियो डाटा एन्क्रिप्शन यानी सुरक्षित तरीके से भेजा जाना जरूरी है, ताकि कोई बीच में उसे देख या बदल न सके। इसके अलावा डिवाइस को इस तरह तैयार करना होगा कि वह साइबर हमलों का सामना कर सके। इसके लिए पहले से जाँच की जाती है, जिसमें सिस्टम की कमजोरियों को परखा जाता है।

सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया में कंपनियों को अपने उत्पाद से जुड़ी पूरी तकनीकी जानकारी देनी होती है। इसमें सिस्टम का ढाँचा कैसे काम करता है, फर्मवेयर की जानकारी और सुरक्षा से जुड़े नियम शामिल होते हैं। साथ ही यह भी साबित करना होता है कि डिवाइस सुरक्षित तरीके से शुरू होता है, उसके सॉफ्टवेयर के साथ छेड़छाड़ नहीं हो सकती और किसी तरह का छिपा हुआ बैकडोर एक्सेस मौजूद नहीं है।

एक और अहम शर्त सप्लाई चेन की पारदर्शिता से जुड़ी है। निर्माताओं को यह बताना जरूरी है कि उनके उपकरणों में इस्तेमाल होने वाले जरूरी पुर्जे, जैसे चिपसेट, कहाँ से आए हैं और यह भी साबित करना होगा कि वे भरोसेमंद स्रोतों से लिए गए हैं। खासकर चीनी पुर्जों को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच यह नियम और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।

नोटिफिकेशन में डिवाइस की पूरी लाइफ साइकिल की सुरक्षा पर भी जोर दिया गया है। इसका मतलब है कि उपकरणों में सुरक्षित तरीके से फर्मवेयर अपडेट होने चाहिए, पुराने और कमजोर वर्जन पर वापस जाने की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए और सॉफ्टवेयर से जुड़ी सभी जानकारियों और कमजोरियों का रिकॉर्ड भी रखा जाना जरूरी है।

जाँच की प्रक्रिया उन मान्यता प्राप्त लैब में होती है, जिन्हें भारतीय मानक ब्यूरो ने मंजूरी दी होती है। किसी भी उत्पाद को तब तक सर्टिफिकेशन नहीं मिलता, जब तक वह इन सभी परीक्षणों में सफल नहीं हो जाता। इसके बाद ही उसे भारतीय बाजार में बेचने की अनुमति दी जाती है।

कुल मिलाकर, इस अधिसूचना ने सीसीटीवी कैमरों को सिर्फ निगरानी करने वाले साधारण उपकरण से आगे बढ़ाकर एक सख्त नियमों के तहत आने वाले डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का हिस्सा बना दिया है, जहाँ सुरक्षा, पारदर्शिता और पूरी जानकारी देना अनिवार्य हो गया है।

बिना निगरानी वाले सीसीटीवी नेटवर्क राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा क्यों पैदा करते हैं?

खतरे की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में केंद्रीय एजेंसियों ने देशभर के बड़े शहरों में लगे सीसीटीवी नेटवर्क का ऑडिट कराने का आदेश दिया है। यह निर्देश उस समय जारी किया गया जब पाकिस्तान से जुड़े एक जासूसी गिरोह का पर्दाफाश हुआ। न्यूज 18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह कोई सामान्य प्रक्रिया नहीं थी। जाँच में सामने आया कि इस जासूसी नेटवर्क ने सिर्फ पहले से लगे कैमरों का फायदा ही नहीं उठाया, बल्कि संवेदनशील जगहों पर अपने गुप्त कैमरे भी लगा दिए थे, जिनमें दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन और सोनीपत रेलवे स्टेशन जैसे इलाके शामिल हैं।

इनमें से कुछ कैमरों में सोलर पावर सिस्टम भी लगाया गया था. ताकि बिना रुके लगातार लाइव फुटेज मिलती रहे। जाँच एजेंसियों के मुताबिक, यह फुटेज सीमा पार बैठे ISI से जुड़े लोगों तक भेजी जा रही थी। इसके बाद केंद्रीय एजेंसियों ने पुलिस और अन्य सुरक्षा इकाइयों को निर्देश दिया है कि वे खुद मौके पर जाकर जाँच करें, बिना अनुमति लगे कैमरों की पहचान करें और यह भी देखें कि मौजूद सिस्टम में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं या नहीं।

दरअसल, सीसीटवी कैमरे सिर्फ अपराध रोकने के साधन नहीं होते। अगर इनसे समझौता हो जाए। तो यही कैमरे दुश्मन के लिए खुफिया जानकारी जुटा का जरिया बन सकते हैं। अलग-अलग एजेंसियों, ठेकेदारों और स्थानीय निकायों द्वारा बिना एक समान निगरानी व्यवस्था के लगाए गए कैमरों का बिखरा हुआ नेटवर्क कई ऐसी कमजोरियाँ पैदा करता है, जिनका फायदा दुश्मन देश, आतंकी संगठन या जासूसी करने वाले लोग उठा सकते हैं।

निगरानी से जुड़े ढाँचे में अगर सेंध लग जाए तो उसका खतरा सिर्फ कल्पना तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया में इसके खतरनाक उदाहरण सामने आ चुके हैं। ऑपइंडिया की पहले की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल ने कई सालों तक ईरान के ट्रैफिक कैमरा नेटवर्क और मोबाइल सिस्टम में घुसपैठ कर वहाँ के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई और उनकी सुरक्षा टीम की गतिविधियों पर नजर रखी थी, उस हमले से पहले जिसमें उनकी मौत हुई बताई जाती है।

बताया जाता है कि इस निगरानी के जरिए इजरायली एजेंसियों ने सुरक्षाकर्मियों, ड्राइवरों और बडे़ अधिकारियों की हरकतों को ट्रैक किया। उन्होंने यह भी समझ लिया कि सुरक्षित परिसर के अंदर गाड़ियाँ कहाँ और कैसे खड़ी होती हैं, लोग किन रास्तों से आते जाते हैं और सुरक्षा में लगे लोगों की दिनचर्या क्या है। इन सब जानकारियों को इकट्ठा करके एक तरह से पूरा डाटा तैयार किया गया।

रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि ट्रैफिक कैमरों से मिलने वाला डाटा सुरक्षित करके इजरायल के सर्वर तक भेजा गया, जबकि आसपास के मोबाइल नेटवर्क में भी दखल देकर किसी तरह की चेतावनी को देर से पहुँचाने या रोकने की कोशिश की गई।

यह उदाहरण दिखाता है कि अगर कैमरों में सेंध लग जाए, तो वे जंग के स्तर की खुफिया जानकारी जुटाने का साधन बन सकते हैं। इससे लोगों की आदतें, उनकी दिनचर्या, कमजोरियाँ और सही अहम बातें पता चल जाती हैं। जब इसे सिग्नल इंटरेस्पशन, डाटा एनालिसिस और मानव खुफिया जानकारी के साथ जोड़ा जाता है, तो दुश्मन के लिए निशाना तय करना और सटीक हमला करना आसान हो जाता है।

इसलिए भारत के लिए यह सिर्फ तकनीकी नियमों का पालन करने या कागजी प्रक्रिया भर का मामला नहीं है। यह देश की संप्रभुता, जासूसी के खिलाफ सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंबीर मुद्दा है। अगर निगरानी का नेटवर्क सुरक्षित नहीं है या उसकी सही तरीके से जाँच नहीं होती, तो यह सिर्फ एक छोटी सी चूक नहीं बल्कि दुश्मन के लिए एक बड़ा मौका बन सकता है।

सिर्फ बाजार में बदलाव नहीं, बल्कि पूरे ढाँचे में बड़ा परिवर्तन

पिछले कुछ सालों में सरकार द्वारा लिए गए फैसलों का असर अब साफ तौर पर दिखने लगा है और इसी वजह से भारत के निगरानी सिस्टम में एक बड़ा ढाँचागत बदलाव आ गया है। जो शुरुआत में सिर्फ डाटा सुरक्षा की चिंता से शुरू हुआ था, वह अब पूरे नियमों के मजबूत ढाँते में बदल चुका है। यह ढाँचा सप्लाई चेन को नया रूप दे रहा है, देश में निर्माण को बढ़ावा दे रहा है और बिना जाँची परखी विदेशी तकनीक पर रोक लगा रहा है।

हालाँकि, इस बदलाव के कारण शुरुआत में लागत बढ़ी है और कुछ समय के लिए दिक्कतें भी आई हैं, लेकिन इसके साथ ही भारतीय कंपनियों के लिए बड़े मौके भी पैदा हुए हैं। आने वाले सालों में इस बाजार के तेजी से बढ़ने की उम्मीद है, जिसमें घरेलू निर्माता मजबूत पकड़ बना सकते हैं।

(यह रिपोर्ट मूलरूप से अंग्रेजी में लिखा गया है, जिसे पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।)

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Admin तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला