18 लाख जीविका दीदियों को 10 हजार नहीं मिले:34 लाख महिलाएं सेकेंड इंस्टॉलमेंट की वेटिंग में, 1.4 करोड़ का वेरिफिकेशन नहीं, कब मिलेगा पैसा
सरकार ने जो 10 हजार रुपए दिए, उससे बकरी पालन को आगे बढ़ाया है। एक बकरी अंधी हो गई है। पहली किस्त के पैसे खत्म हो गए हैं। अभी दूसरी किस्त की राशि नहीं मिली है। कब मिलेगी, पता नहीं। अपने समूह में पूछती हूं तो कोई जवाब नहीं देता।- सुनीता देवी, मुस्तफापुर, वैशाली मैं पहले से बकरी पाल रही थी, लेकिन उन्हें रखने के लिए जगह नहीं थी। ठंड और बारिश के दिनों में बड़ी परेशानी होती थी। 10 हजार रुपए मिले तो उससे करकट (टीन की चादर) खरीदकर शेड बनवाया। अब बकरियां आराम से उसके नीचे रहती हैं। दूसरी किस्त के पैसे का इंतजार है। कब मिलेंगे पता नहीं। पैसे मिलेंगे तो कुछ और बकरी खरीद लूंगी।- मंजू देवी, मुस्तफापुर, वैशाली यह स्थिति सिर्फ दो जीविका दीदी की नहीं, बल्कि बिहार की 1.81 करोड़ जीविका दीदियों की है। जिन्हें मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 10-10 हजार रुपए मिले हैं। अब उन्हें दूसरी किस्त की 20-20 हजार रुपए का इंतजार है। 34 लाख के आवेदन की जांच हो गई है। 1.4 करोड़ का अभी वेरिफिकेशन नहीं हुआ है। दैनिक भास्कर की स्पेशल रिपोर्ट में जानिए दस हजारी (मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना) की स्थिति क्या है? दूसरी किस्त के पैसे क्यों नहीं मिले? पैसे पाने के लिए क्या करना होगा? पहली किस्त बांटने में खर्च हुए 18 हजार 100 करोड़ रुपए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना (जिसे 10 हजारी स्कीम भी कहा जा रहा है) के तहत बिहार सरकार ने राज्य की 1.81 करोड़ से अधिक महिलाओं को 10-10 हजार रुपए दिए। अब तक 18 हजार 100 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च हुए हैं। योजना के अनुसार महिलाओं को रोजगार करने के लिए सहायता के रूप में 2 लाख रुपए दिए जाने हैं। दूसरी किस्त में 20-20 हजार रुपए मिलेंगे। शर्त यह है कि पैसे उन महिलाओं को ही मिलेंगे, जिन्होंने पहले मिले पैसे से रोजगार का कोई काम शुरू किया होगा। कोई व्यवसाय शुरू किया होगा। जैसे बकरी, भैंस या गाय पालना। छोटा-मोटा दुकान खोलना। पापड़-अचार बनाना या कोई और काम। शहर में रहने वाली 18 लाख जीविका दीदियों को पहली किस्त का इंतजार 10 हजारी स्कीम की पहली किस्त सभी जीविका दीदियों को नहीं मिली है। शहर में रहने वाली 18 लाख महिलाएं इसके इंतजार में हैं। ग्रामीण विकास विभाग के मुताबिक शहरी क्षेत्र की जीविका दीदी का सर्वे नगर विकास एवं आवास विभाग के हाथों होना है। ग्रामीण विकास विभाग ने जीविका दीदी की सूची सौंपी है। वेरीफाई के बाद शहरी क्षेत्र की जीविका दीदी को 10 हजार रुपए मिलेंगे। 34 लाख महिलाओं को जल्द मिलेंगे दूसरी किस्त के 20-20 हजार रुपए दूसरे किस्त में 20 हजार रुपए मिलने हैं। इसके लिए आवेदन जारी है। पहली किस्त पा चुकी महिलाओं को जीविका पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन जमा करना है। अपने रोजगार की जानकारी देनी है। इसकी तस्वीर शेयर करनी है। ग्राम संगठन इसका वेरिफिकेशन करेंगे। ग्राम संगठन के सर्टिफिकेशन के बाद दूसरी किस्त के पैसे मिलेंगे। विभाग के मुताबिक अब तक 34 लाख महिलाओं के रोजगार की जांच की जा चुकी है। ये वे महिलाएं हैं, जिन्हें पहले फेज में 10-10 हजार रुपए मिले थे। इन्होंने आवेदन जमा किया है। हालांकि, दूसरी किस्त के पैसे देने की डेट अभी तय नहीं है। अगर 34 लाख जीविका दीदियों को ही पैसे मिलते हैं तो 6,800 करोड़ रुपए खर्च होंगे। दूसरी किस्त क्यों रोकी गई, 3 वजह 1- पहली किस्त के पैसे की जांच जारी: सरकार ने अब तक 34 लाख महिलाओं को पहली किस्त में मिले 10 हजार रुपए के खर्च की जांच की है। ग्रामीण विकास विभाग के मुताबिक महिलाओं के रोजगार की जांच की जा रही है। वेरिफिकेशन चल रहा है। विभाग की माने तो जांच तेज की जाएगी। 2- शहरी महिलाओं को नहीं मिली पहली किस्त की राशि: शहरी क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को पहली किस्त की राशि अब तक नहीं दी गई है। 120 नगर पंचायत की 18 लाख से अधिक महिलाओं को इसका इंतजार है। नगर विकास एवं आवास विभाग को लाभुक महिलाओं की योग्यता की जांच का काम मिला है। वह तेजी से काम नहीं कर रहा। 3- सरकार का खजाना खाली: सरकार का खजाना खाली होने के चलते भी जीविका दीदियों को पैसे देने में देर की जा रही है। सम्राट चौधरी की सरकार गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रही है। सरकार ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से 12 हजार करोड़ रुपए कर्ज मांगा है। 75 लाख महिलाओं का वेटिंग पीरियड खत्म 26 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तब के सीएम नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत की थी। पहले चरण में 75 लाख महिलाओं के खाते में 10-10 हजार रुपए ट्रांसफर किए थे। विभाग के मुताबिक पहली किस्त के 6 महीने बाद दूसरी किस्त के पैसे देने का प्रावधान है। इसके अनुसार 75 लाख महिलाओं को 6 महीने बाद भी दूसरी किस्त के पैसे नहीं मिले हैं। जीविका दीदियों को पैसे मिलने में हो रही देर के संबंध में बात करने के लिए हमने ग्रामीण विकास मंत्री विजय चौधरी से बात करने की कोशिश की। उनके पर्सनल नंबर पर संपर्क साधा, लेकिन खबर लिखने तक उनसे बात नहीं हो सकी। इधर, जीविका के अधिकारियों ने आधिकारिक रूप से बयान देने से मना किया है।
5 किस्त में मिलेंगे 2 लाख रुपए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के 2 लाख रुपए जीविका दीदियों को 5 किस्त में मिलेंगे। यह जरूरी नहीं कि सभी जीविका दीदियों को पूरे 2 लाख रुपए मिलें। यह इस बात से तय होगा कि उन्होंने दिए गए पैसे का इस्तेमाल रोजगार शुरू करने में किया या नहीं। किया भी तो उनका काम कैसा चल रहा है। 5 किस्त में इस तरह मिलेंगे पैसे… क्यों शुरू की गई थी मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना? योजना का मकसद महिलाओं के रोजगार को बढ़ावा देना है। राज्य के प्रत्येक परिवार की एक महिला की अपनी पसंद का रोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है। योजना का क्रियान्वयन बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) के माध्यम से किया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में योजना को जमीन पर नगर विकास एवं आवास विभाग से सहयोग से उतारा जा रहा है। गांव में रहने वाली महिलाएं कैसे करें आवेदन? शहरी क्षेत्रों की महिलाएं कैसे करें आवेदन?
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