गुजरात निकाय चुनाव में 57.8% वोटिंग:मतदान के दौरान हार्ट अटैक से जामनगर नगर निगम में AAP कैंडिडेट समेत 3 की मौत
गुजरात में रविवार को स्थानीय और नगर निकाय चुनाव के लिए मतदान हुआ। शाम 6 बजे तक 57.08% मतदान दर्ज किया गया है। इसमें से 15 नगर निगमों में 49%, 84 नगर निगमों में 58.12%, 34 जिला पंचायतों में 60.21% और 260 तालुका पंचायतों में 61% मतदान दर्ज किया गया। मतगणना 28 अप्रैल को होगी। 15 नगर निगमों जिनमें अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट शामिल हैं के साथ 84 नगरपालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों में कुल 9,992 स्थानीय प्रतिनिधि मैदान में हैं। 4.18 करोड़ से अधिक मतदाता फैसला देंगे। मतदान के दौरान AAP कैंडिडेट समेत 3 की मौत प्राथमिक जांच में तीनों की मौत हार्ट अटैक से होना बताया गया है। हालांकि, मौतों की सही वजह मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आ पाएगी। वोटिंग से जुड़ी 3 तस्वीरें… पिछले चुनाव में बीजेपी ने 8,470 में से 6,236 सीटें जीती थीं
साल 2021 के स्थानीय चुनाव में BJP ने शानदार जीत हासिल की थी। पार्टी नगरपालिकाओं की 8,470 सीट में से 6,236 सीट जीती थीं। BJP ने तब सभी छह नगर निगमों के अलावा 81 नगरपालिकाओं, 32 जिला पंचायतों और 231 तालुका पंचायतों पर अपना दबदबा बनाए रखा था। वहीं, अहमदाबाद में ओवैसी की पार्टी AIMIM के 7 पार्षद चुने गए थे। आम आदमी पार्टी (AAP) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गुजरात की राजनीति में एक मजबूत तीसरी ताकत के रूप में एंट्री की थी। सूरत नगर निगम में आप ने 120 में से 27 सीटें जीतकर सबको चौंका दिया था। AAP इस बार 5,000 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। अन्य उम्मीदवारों में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, एआईएमआईएम और निर्दलीय उम्मीदवार शामिल हैं। चुनाव से पहले ही कांग्रेस ने 32 सीटें गंवाईं नवसारी जिले में पार्टी द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना आधिकारिक मैंडेट जमा न कर पाने के चलते कांग्रेस को जिले में कुल 32 सीटों से हाथ धोना पड़ा है। कांग्रेस ने गणदेवी नगरपालिका के 6 वार्डों की 24 सीटों के लिए 18 उम्मीदवार उतारे थे। हालांकि, फॉर्म जमा करने के आखिरी दिन शहर कांग्रेस अध्यक्ष दोपहर 3:10 बजे मैंडेट लेकर पहुंचे। चुनाव अधिकारी ने मैंडेट स्वीकार करने से यह कहते हुए इनकार किया कि 3 बजे की समय सीमा बीत चुकी है। नतीजतन, कांग्रेस के सभी 18 नामांकन फॉर्म खारिज हो गए। नगरपालिका समेत ये सीटें भी गंवाईं SIR से क्या फर्क पड़ेगा?
राज्य में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) की प्रक्रिया के बाद लगभग 68 लाख मतदाता घटे थे। उसके बाद यह पहला चुनाव हो रहा है। उम्मीदवारों की हार-जीत के अंतर में काफी कमी देखी जा सकती है। आरक्षण का क्या असर?
जातीय समीकरण में इस बार के चुनाव का सबसे बड़ा कारक ओबीसी आरक्षित सीटों का नया रोटेशन है। 10 हजार में से 2286 सीटें ओबीसी के लिए आरक्षित हैं, जबकि 5 हजार सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। विधानसभा 2027 का सेमीफाइनल
गुजरात विधानसभा 2027 के चुनाव में 20 महीने बाकी हैं। यह चुनाव उसका सेमीफाइनल माना जा रहा है। हर बार स्थानीय चुनावों में भाजपा का ग्राफ बढ़ता गया है और उसी तरह विधानसभा में सीटें भी बढ़ी हैं। त्रिकोणीय मुकाबला या सीधी टक्कर?
पिछली स्थानीय चुनावों में आम आदमी पार्टी ने सूरत सहित कुछ क्षेत्रों में सीटें हासिल की थीं। कांग्रेस और आप को कितनी सीटें मिलेंगी, यह देखना दिलचस्प रहेगा। विपक्ष के वोटों के बंटवारे का फायदा भाजपा को हो सकता है। -------------------------- गुजरात निकाय चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… कांग्रेस ने 32 सीटें गंवाई:नवसारी में मैंडेट जमा करने में 10 मिनट की देरी, भाजपा ने जीत की तैयारी की गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों से पहले ही कांग्रेस के लिए नवसारी जिले से बुरी खबर सामने आई है। पार्टी द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना आधिकारिक मैंडेट जमा न कर पाने के चलते कांग्रेस को जिले में कुल 32 सीटों से हाथ धोना पड़ा है। पूरी खबर पढ़ें…
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