बड़ों का आशीर्वाद, ठंडे जल का महत्व और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है मिथिला का जुड़ शीतल त्योहार

Apr 15, 2026 - 09:07
 0  0
बड़ों का आशीर्वाद, ठंडे जल का महत्व और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है मिथिला का जुड़ शीतल त्योहार
समस्तीपुर| मिथिला क्षेत्र में मनाया जाने वाला जुड़ शीतल पर्व परंपरा, आस्था और प्रकृति से जुड़ाव का अनूठा उदाहरण है। यह त्योहार हर साल चैत्र महीने के अंत में मनाया जाता है। इस पर्व में शीतलता और संतुलन का विशेष महत्व होता है। इस दिन घर के बड़े सदस्य सुबह-सुबह छोटे सदस्यों के सिर पर ठंडा पानी डालकर उन्हें आशीर्वाद देते हैं। मान्यता है कि इससे जीवन में शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि बनी रहती है। जुड़ शीतल का एक प्रमुख संदेश प्रकृति के प्रति सम्मान और संरक्षण का भी है। इस दिन लोग पेड़-पौधों की पूजा करते हैं और जल संरक्षण का संकल्प लेते हैं। कई जगहों पर एक दिन पहले ही भोजन बनाकर रखा जाता है और अगले दिन ठंडा भोजन ग्रहण किया जाता है, जिससे ‘शीतलता’ का भाव जीवन में उतारा जा सके। इस दिन चूल्हा नहीं जलाने की परंपरा विशेष महत्व रखती है। मान्यता है कि इस दिन गर्मी और अग्नि से दूरी बनाकर शीतलता को अपनाया जाता है। {इस दिन बड़ों द्वारा छोटे को ठंडा जल डालकर आशीर्वाद दिया जाता है { एक दिन पहले बना ठंडा भोजन खाने की परंपरा { पेड़-पौधों और जल स्रोतों की पूजा का महत्व { पर्यावरण संरक्षण और जल बचाने का संदेश { मिथिला की लोककला और परंपराओं से गहरा जुड़ाव

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0
Admin तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला