पूर्णिया में गैंगरेप के बाद प्रेमिका को एसिड से जलाया:बॉयफ्रेंड बोला- घर जाकर मुंह खोलने की धमकी दे रही थी, मर्डर के अलावा ऑप्शन नहीं था

Mar 21, 2026 - 14:34
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पूर्णिया में गैंगरेप के बाद प्रेमिका को एसिड से जलाया:बॉयफ्रेंड बोला- घर जाकर मुंह खोलने की धमकी दे रही थी, मर्डर के अलावा ऑप्शन नहीं था
‘लड़की घर जाकर मुंह खोल देती। मेरे पास गर्लफ्रेंड के मर्डर के अलावा कोई ऑप्शन नहीं था। मैंने उसे समझाया, जो हुआ उसे भूल जाओ। लेकिन वो नहीं मानी। इसलिए दोस्तों संग मिलकर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। पहचान न हो सके, इसलिए एसिड की 15 बोतलों से गर्लफ्रेंड की पूरी बॉडी को जला डाला।’ पूर्णिया में 10वीं की छात्रा से गैंगरेप, हत्या के बाद एसिड से बॉडी को जलाने के मुख्य आरोपी 22 साल के सचिन साह ने ये बातें पुलिस को पूछताछ में बताई हैं। शुक्रवार को 10 दिन से लापता 10वीं की छात्रा की लाश मिली। बॉडी जली थी। नाबालिग की गैंगरेप के बाद हत्या मामले में मुख्य आरोपी ने पुलिस को कबूलनामा में क्या-क्या बताया? माता-पिता ने बेटी की गुमशुदगी और हत्या को लेकर क्या बताया? नाबालिग की लाश मिलने के बाद पुलिस की ओर से क्या कार्रवाई की गई है? पढ़िए, पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले पढ़िए, पूरी घटना क्या हुई? पूर्णिया में डगरुआ थाना क्षेत्र की एक लड़की 11 मार्च से लापता थी। शुक्रवार को मक्के के खेत में एसिड से जली लड़की की बॉडी मिली। नाबालिग की मां ने आरोप लगाया कि मेरी बेटी को किडनैप किया गया। इसके बाद उसके साथ गलत कर हत्या कर दी गई। खोजबीन के दौरान शव शुक्रवार सुबह NH-31 के पास मक्के के खेत से बरामद हुआ। देखते ही देखते परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा उग्र हो गया। हजारों की संख्या में लोग सड़क पर उतर आए। ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-31 को जामकर दिया। लोगों ने सड़क पर टायर जलाए, आगजनी की। पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पुलिस ने लोगों को समझाकर 2 घंटे बाद जाम खुलवाया। जाम और हंगामे की 2 तस्वीरें देखिए गैंगरेप और हत्या के मुख्य आरोपी का कबूलनामा मुख्य आरोपी सचिन साह ने पुलिस को बताया, 'नाबालिग मेरी प्रेमिका थी। हम दोनों के बीच एक साल से अफेयर था। वो डगरूआ के एक स्कूल में कक्षा 10वी में पढ़ती थी। स्कूल के पास ही मेरी चाय-नाश्ते की दुकान है। लड़की मेरी दुकान पर आती थी। इसी दौरान हम दोनों की नजदीकियां बढ़ी। पहले हम दोनों के बीच इशारों-इशारों में बात होती थी। कभी-कभी जब दुकान पर कस्टमर ज्यादा नहीं होते थे तो मैं बातचीत करता था। लड़की स्कूल ड्रेस में होती थी, इसलिए दुकान पर बातचीत करने में खतरा था। इसलिए मैंने 4 महीने पहले एक मोबाइल खरीदकर अपनी गर्लफ्रेंड को दिया था। मेरी गर्लफ्रेंड मोबाइल को स्कूल के बैग में ही छिपाकर रखती थी। घर जाने के बाद वो रात को मुझसे बात करती थी।' '10 दिन पहले बलौरी में लगने वाले मेला घूमने का प्लान बनाया' सचिन के मुताबिक, 'मैंने 10 दिन पहले उससे कहा था कि बलौरी में शीतला माता मेला लगा है। तुम साथ चलो, मेला घूमेंगे, कुछ खाएंगे-पीएंगे, तुम्हें कुछ खरीदना होगा तो खरीद लेना। गर्लफ्रेंड की रजामंदी के बाद मैंने 11 मार्च की रात करीब 8 बजे उसे कॉल किया। प्लान के तहत रात करीब 8:30 बजे दोस्तों के साथ कार से गर्लफ्रेंड के गांव पहुंचा। वॉशरूम के बहाने लड़की घर से निकली। कार घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर खड़ी थी। रात के करीब 9 बज रहे थे। लड़की आई और मैं उसे लेकर दोस्तों के साथ नेशनल हाइवे-31 पर स्थित बंजारा पेट्रोल पंप के पास मौजूद ‘नमस्कार ढाबा’ पहुंचा। यहां से हम दोनों मेला देखने पहुंचे।' सचिन ने बताया, 'मेला में हम दोनों साथ घूमे, झूला झूले, खाया-पीया और वापस घूमकर ढाबा आ गए। मैंने अपने गर्लफ्रेंड से शारीरिक संबंध बनाने की इच्छा जाहिर की। लड़की ने मना कर दिया। इसके बाद मुझे गुस्सा आ गया। फिर अपने चार दोस्तों के साथ फिजिकल रिलेशन बनाए। लड़की इस दौरान छोड़ देने की जिद करती रही। घटना को अंजाम देने के बाद लड़की बार-बार धमकी दे रही थी। वो बोल रही थी कि गांव जाकर मम्मी-पापा को बोल दूंगी। मैं उसे इस वारदात को भूल जाने की गुजारिश कर रहा था, लेकिन लड़की नहीं मानी। इसके बाद मैंने दोस्तों के साथ मिलकर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।' मर्डर के बाद शव को दोस्तों संग मिलकर ठिकाने लगाया मुख्य आरोपी ने बताया, 'मर्डर के बाद गर्लफ्रेंड की बॉडी को बोरे में भरा। फिर रात के अंधेरे में ढाबा के पास मक्के के खेत में फेंक दिया। इसी दौरान ख्याल आया कि किसी ने लाश को देखा तो उसकी पहचान हो जाएगी। इसलिए मैंने अपने दोस्तों को कहा कि तुम लोग एसिड की बोतल लेकर आ जाओ। थोड़ी देर बाद मेरे दोस्त एसिड की करीब 15 बोतल लेकर घटनास्थल पर पहुंचे। इसके बाद हम लोगों ने एसिड डालकर गर्लफ्रेंड की बॉडी को जला दिया, ताकि उसकी पहचान न हो सके। इसके बाद हम लोग घटनास्थल से अपने-अपने घर चले आए।' मां बोली- वॉशरूम जाने की बात कहकर बेटी घर से निकली थी मृतका की मां से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया, '11 मार्च की रात आम दिनों की तरह रात करीब 10 बजे हम सभी एक साथ खाना खाने बैठे। बातचीत में बेटी ने कहा कि मां 10वीं की परीक्षा खत्म हुए काफी वक्त बीत चुका है। मैं कंप्यूटर सीखना चाहती हूं। घर की माली हालत होने की वजह से मैने उसे थोड़ा इंतजार करने को कहा था। कुछ ही देर बाद मेरी बेटी कमरे से बाहर बरामदे में आई। वॉशरूम जाने की बात कहकर घर से निकली। काफी समय बीतने के बाद वो वापस नहीं लौटी तो पूरी रात खोजबीन शुरू की। लेकिन कहीं कुछ मालूम नहीं चला।' उन्होंने बताया, '12 मार्च की सुबह से हम लोगों ने एक बार फिर से बेटी की तलाश शुरू की। रिश्तेदारों के घर तलाशा, बेटी की सहेलियों को फोन कर उसके बारे में पूछताछ की, आस पास के गांव में पता लगाया। मगर कहीं कुछ हाथ नहीं लगा। इसके बाद हम लोग 12 मार्च की दोपहर में डगरूआ थाना पहुंचे और अज्ञात के खिलाफ बच्ची को अगवा करने की FIR दर्ज कराई।' FIR कराने के बाद बेटी की सहेलियों के घर पहुंचे मृतका की मां ने बताया, 'FIR दर्ज कराने के बाद खोजबीन के दौरान बेटी के सहेलियों के घर पहुंचे। काफी पूछने पर सहेलियों ने बताया कि बेटी की सचिन कुमार साह नाम के लड़के से बातचीत हो रही थी। इस जानकारी के बाद 12 मार्च की शाम सचिन के दुकान पर हम लोग पहुंचे। 3 दिनों तक खोजबीन के बाद भी बेटी का कहीं कोई सुराग नहीं लगा तो चौथे दिन यानी 15 मार्च को गांव के लोगों के साथ डगरूआ थाने पहुंची और थाने का घेराव किया। थाने के घेराव के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी सचिन से पूछताछ की, लेकिन सचिन लगातार पुलिस को बरगलाता रहा था। 19 मार्च को कॉल रिकॉर्ड और टावर लोकेशन से सचिन का झूठ पकड़ा गया। इसी के बाद सचिन के ऊपर शक गहराया। शाम को पुलिस ने सचिन को उठाया। थाने लाकर सख्ती से पूछताछ की तो सचिन ने वारदात के पीछे का राज खोला।' 20 मार्च की सुबह पुलिस मुख्य आरोपी सचिव साह को हिरासत में लेकर NH 31 स्थित नमस्कार ढाबा से लगे मक्के के खेत में पहुंची। यहां बॉडी क्षत-विक्षत अवस्था में थी। तेजाब से बॉडी को बुरी तरह जलाया गया था। बॉडी की पहचान करना मुश्किल था। दुर्गंध ऐसी की सांस लेना भी दूभर हो रहा था, मगर कपड़े और कद काठी से बॉडी की पहचान की गई। ‘मेरी बहन आगे पढ़ना चाहती थी, 10वीं का पेपर अच्छा गया था’ मृतका के भाई ने बातचीत में बताया, 'मेरी बहन आगे पढ़ना चाहती थी। उसे किताबों से लगाव था। इसी बार उसने मैट्रिक की परीक्षा दी थी। एक-दो दिन में उसका रिजल्ट आने वाला है। उसने कहा था कि पेपर अच्छा गया है। भईया आपकी बहन फर्स्ट क्लास से पास होगी। मगर अब वो इस दुनिया में नहीं। रिजल्ट देखकर भी अब हमलोग क्या करेंगे। हमारी मांग है कि जिन लोगों ने बहन के साथ गैंगरेप और मर्डर की घटना को अंजाम दिया है उसे फांसी की सजा दिलाई जाए। वहीं, दैनिक भास्कर से बातचीत में पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने बताया कि बॉडी 10 दिन पुरानी है और डीकंपोज्ड हो चुकी है। बॉडी में कीड़े लग चुके हैं। डीएनए टेस्ट के लिए बोन कलेक्ट किए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद मामले का खुलासा हो सकेगा।

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Admin तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला