आज सुबह के मुख्य समाचार पत्र ✉ मथुरा में गौ रक्षकों के गुरु जी गौरक्षक चंद्रशेखर उर्फ “फरसा वाले बाबा” जी को गौ तस्करों ने गाड़ी से कुचल कर हत्या कर दी। गौ रक्षकों ने सड़के जाम कर दी है ओर कातिलों को 72 हूरों के पास भेजने की मांग कर रहे है। ये बाबा जी का यूपी है यकीन रखिए 24 घंटे में ये 72 हूरों के पास मिलेंगे।🔥

दिन में पांच बार लाउडस्पीकर पर जोर-जोर से भोंकते हैं फिर भी चुटिया लल्लाह सुनता नहीं है उसकी औकात नहीं है कि इसराइल के सामने टक्कर ले सके वैसे तो मजहबी चुटि ya बोलते हैं कि मेरा लल्ला महान है हम लल्लाह के सिवा किसी को मानते नहीं लल्लाह सर्वशक्तिमान है तो

Mar 22, 2026 - 06:46
Mar 22, 2026 - 06:57
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आज सुबह के मुख्य समाचार पत्र ✉ मथुरा में गौ रक्षकों के गुरु जी गौरक्षक चंद्रशेखर उर्फ “फरसा वाले बाबा” जी को गौ तस्करों ने गाड़ी से कुचल कर हत्या कर दी।  गौ रक्षकों ने सड़के जाम कर दी है ओर कातिलों को 72 हूरों के पास भेजने की मांग कर रहे है।  ये बाबा जी का यूपी है यकीन रखिए 24 घंटे में ये 72 हूरों के पास मिलेंगे।🔥

विपिन राठौर मीरापुर मुज़फ्फरनगर )मुजफ्फरनगर के मीरापुर कस्बे से 20 मार्च को एक लव जिहादी SC समाज की एक लड़की को लव जेहाद में भगाकर ले गया है!

मेरा मुजफ्फरनगर पुलिस कप्तान संजय वर्मा जी से अनुरोध है आप इस विषय को तत्काल अपने संज्ञान में ले और मुकदमा पंजीकृत कराकर के लड़की को भगा कर ले जाने वाले लव जेहादी को गिरफ्तार कराए और हिंदू लड़की को बरामद कराके परिवार को वापस दिया जाए!

बड़े ही रणनीति के तहत इस हिन्दू लड़की को लव जिहाद में भागकर के ले जाया गया है यदि एक सप्ताह के अन्दर हिन्दू लड़की बरामद नहीं हुई इस जेहादी को जेल नहीं भेजा गया तो मीरापुर कस्बे में ही इस लव जेहादी की पूरी बस्ती का घेराव करके धरना दिया जाएगा हमे हर हाल में SC समाज की बेटी वापस चाहिए!

 

स्वामी यशवीर महाराज 

पीठाधीश्वर योग साधना आश्रम मुजफ्फरनगर

Tejraftarnews.in: 🌸⭐🎉❤️💚🙏🔥🔥नवरात्र पर्व के चौथा दिन माँ कुष्मांडा की पूजा-अर्चना और उपासना हो रही है।

सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।

दधाना हस्तपद्माभ्यां कुष्मांडा शुभदास्तु मे।

अपनी मंद, हल्की हंसी के द्वारा ब्रह्मांड को उत्पन्न करने के कारण इस देवी को कुष्मांडा नाम से अभिहित किया गया है।

इस देवी की आठ भुजाएं हैं, इसलिए अष्टभुजा कहलाईं। इनके सात हाथों में क्रमशः कमण्डल, धनुष, बाण, कमल-पुष्प, अमृतपूर्ण कलश, चक्र तथा गदा हैं। आठवें हाथ में सभी सिद्धियों और निधियों को देने वाली जप माला है। इस देवी का वाहन सिंह है और इन्हें कुम्हड़े की बलि प्रिय है। 

इस देवी का वास सूर्यमंडल के भीतर लोक में है। 

विधि-विधान से पूजा करने पर भक्त को कम समय में ही कृपा का सूक्ष्म भाव अनुभव होने लगता है। ये देवी आधियों-व्याधियों से मुक्त करती हैं और उसे सुख समृद्धि और उन्नाति प्रदान करती हैं। 🎉❤️💚🙏🔥🔥🔥

जय माता दी🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥

Tejraftarnews.in: इस पंजाबी भाई को सिख को सुनो.... इन्होंने केश यानी की बाल नहीं रखे हुए है यह सिख 

इनको कितनी खुशी मिली धुरंधर मूवी देख कर क्योंकि फिल्म में जो पंजाबी ऐंगल दिखाया गया है पंजाबियों की आन बान शान को एक कट्टर हिंदू डायरेक्टर आदित्य धर ने दिखाया है....

एक हिंदू डायरेक्टर जिसे विरोधी बीजेपी का मोदी का खासमखास बोलते है उसने पंजाबियों और सिखों की शान, सिखों की बहादुरी दिखाया.... पंजाबी जज्बे को बड़े पर्दे पर दिखाया.... यह फिल्म एक मैसेज भी देती है हम हिंदू सिख एक है एक खून है हम अपने देश धर्म के लिए किसी भी हद तक जा सकते है 

कांग्रेसी गुलाम हिंदू, वामपंथी हिंदू और कट्टर खालिस्तानी समर्थक वो नफरत करते रहेंगे वो जहर उगलते रहेंगे.... तुम्हे अपने दिल दिमाग अपने रब, वाहेगुरू, भगवान से पूछना है की क्या सही है और क्या गलत..... किसी एजेंडा में मत फंसो.... जय हिंद जय हिंद की सेना

TRN LIVE TRNDKB JITENDRA KUMAR JEETUDR JEETUDEHATI JD SERIES 

इस सरदार जी की बात सुनिए एक हिंदू डायरेक्टर ने यह फिल्म बनाई ... वो हिंदू डायरेक्टर आदित्य धर इस फिल्म में एक मेन लीड रोल जिसको रणवीर सिंह ने किया उसको हिंदू भी दिखा सकता था .... लेकिन नहीं उसने सिख एक सरदार को दिखाया मेन लीड रोल में दिखाया.... यह तो बीजेपी की फिल्म है ना यही इल्ज़ाम लगाए जा रहे है ना लेकिन यही बीजेपी सिखों के शौर्य पराक्रम को दिखाती है ... कांग्रेस के टाइम की फिल्में उठा कर देख लो सिखों के ऊपर चुटकले ही बनाए गए है उनका मजाक ही बनाया गया है 

और इस फिल्म में कैसे सिखो को भड़काने के लिए कांग्रेस IT cell, मुल्लों कटवो ने, मोदी विरोधियों ने फिल्म के पोस्टर को एडिट किया और रणवीर सिंह के हाथ में सिगरेट था और एडिट कर के रणवीर सिंह के सिर पर दस्तार पगड़ी लगा दी, जिसमें लगे एक सरदार सिगरेट पी रहा है 

यह वही लोग है जिन्होंने सिखो और हिंदुओं के बीच में जहर घोला..... हिंदू सिख एक थे एक खून थे ... लेकिन यह लोग चाहते ही नहीं है की हम हिंदू सिख एक मां की संतान की तरह रहे..... कांग्रेस से नफ़रत है उनके हर एक सपोर्टर से नफरत है चाहे वो हिंदू हो सिख हो , मुल्ला हो

Tejraftarnews.in: देश की जनता जो इस देश को प्यार करती है इस तिरंगे को प्यार करती है.... जिनके लिए देश पहले है और धर्म बाद में है जो राष्ट्रगान को शान से गाते है.... जिनकी नसों की रग रग में हिंदुस्तान है 

वो लोग यह नहीं देखते की धुरंधर 2 फिल्म में मेन रोल का कैरेक्टर एक हिंदू कर रहा है या सिख..... वो चाहे हिंदू हो या सिख जसकीरत सिंह रंगी.... वो दोनों को उतना ही प्यार देते है देशभक्ति अगर सीने में है तो वो धर्म नहीं देखती 

बाकी इन कांग्रेसी भड़वो, पाकिस्तान परस्त जर्मन शेफर्ड विदेशी दल्ला ध्रुव राठी, वामपंथी सूअरों, मुल्लों को यह फिल्म प्रोपोगंडा ही लगेगी.... फिल्म में पाकिस्तान को एक्सपोज्ड किया गया है लेकिन दर्द इन कांग्रेसियों, गांधी परिवार को हो रहा है.... Bloody Bastards

Tejraftarnews.in: मुगल ए आजम में बादशाह अकबर जोधा के साथ कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर में आरती करते दिखाए गए

झूला झुलाते दिखाए गए..!!

वो प्रोपेगेंडा नहीं था..??

ये कहां लिखा

मुझे कोई बताए..??

हां ये कही कही लिखा कि अकबर सब धर्मों का सम्मान करता था,

लेकिन आरती करते झूला झुलाते कही नहीं लिखा..

ये निर्देशक की कल्पना शक्ति थी..!!

बिमल रॉय ने देवदास फिल्म में पारो और चंद्रमुखी का कही मेल नहीं दिखाया..!!

लेकिन संजय लीला भंसाली ने तो बाकायदा एक गाने में दोनों को नचवा भी दिया

ढोला रे गाने में

क्या वो प्रोपेगैंडा नहीं था..!!

बाद में भंसाली से किसी ने पूछा भी कि आपने ऐसा क्यों किया जबकि बिमल रॉय की देवदास में तो पारो चंद्रमुखी से कभी मिली ही नहीं..!!

तो भंसाली ने कहा सिनेमेटिक लिबर्टी ली मैने..!!

देश विभाजन के 13 सालों में ही मुगल ए आजम फिल्म बनी

जिसमें अकबर को सहिष्णु दिखाया

जबकि महज 13 साल पहले 20 लाख लोगों का धर्म के नाम पर दंगों में कत्ल ए आम हुआ

क्या इस दौरान कभी कोई फिल्म बनी इस विषय पर..??

मैने कश्मीर फाइल्स फिल्म लगने के बाद भी ये सवाल पूछा था कि माना कि कश्मीर घाटी में आतंकवाद से कई मुसलमान भी मारे गए..!!

तो क्या हिंदू नहीं मारे गए..??

और अगर उसको दिखाया तो क्या गलत किया ..??

आप कहते हो कि फिल्म में मुस्लिम्स भी मरते हुए दिखाते 

तो मै आपसे पूछता हूं कि स्टीवन स्पीलबर्ग की शिंडलर्स लिस्ट में किसी ने ये क्यों नहीं पूछा कि इकतरफा यहूदियों को क्यों मरते दिखाया..??

जर्मनी का भी पक्ष दिखाते..??

नहीं 

ऐसा नहीं होता..!!

हरेक फिल्ममेकर का कहानी कहने का अपना एक तरीका होता है

कि उसको क्या दिखाना है..!!

ये उसकी चॉइस है..!!

एक तरफ ये हाल है

कि नाना पाटेकर की फिल्म मुस्तफा का नाम बदलकर गुलाम ए मुस्तफा कर दिया जाता है,

तलाक तलाक तलाक फिल्म का नाम बदल कर निकाह कर दिया जाता है

क्योंकि इससे मुस्लिमों की भावनाओं को आहत होने का खतरा है

तो दूसरी तरफ फायर फिल्म में दो औरतें समलैंगिक संबंध बनाती है

और उनके नाम सीता और राधा होते है

क्या दुनिया में और कोई नाम नहीं मिले थे..??

मुस्तफा पाक नाम है और नाना पाटेकर एक गैंगस्टर है तो उससे पाक नाम बदनाम होता इस लिए गुलाम ए मुस्तफा नाम कर देते है लेकिन समलैंगिक राधा और सीता जैसे नाम ही होंगे..!!

ये भी तो एक प्रोपेगेडा है..अगर धुरंधर प्रोपेगेंडा है तो..!!

तो क्या हर एक को अपनी बात अपने तरीके से कहने का हक यहां हासिल नहीं है..??

क्या कांग्रेस के राज में गुजरात दंगों पर फिल्में नहीं बनी

परजानिया फिल्म बनी

देव फिल्म बनी..!!

जिसमें मोदी की राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया..!!

महेश भट्ट ने जख्म फिल्म में सिर्फ हिंदू कट्टरपंथियों को दिखाया..!!

क्या सिर्फ दंगों में हिंदू कट्टरपंथी ही जिम्मेदार थे..??

#RajDhall

5pm: सद्दाम हुसैन 70 हज़ार की फौज और 3000 टैंकों के साथ ईरान को रौंदने आया था। 

अस्सी के उस दशक में इराक की फौज सबसे आधुनिक मानी जाती थी। 

सद्दाम यह मानकर आया था कि 2 हफ़्ते में वह जंग जीतकर घर लौट जाएगा। 

लेकिन, ईरान ने उसे ऐसा फंसाया कि 20वीं सदी की वह जंग सबसे लंबी और 8 साल में 10 लाख लोगों की जान ले गई। 

सद्दाम को ईरान के एक ही शहर खुर्रमशहर पर कब्ज़ा करने में 34 दिन लगे। इतना नुकसान कि इराकी सेना का मनोबल ही टूट गया। 

मई 1982 की उस एक जंग में सद्दाम के 19 हजार सिपाही मारे गए। दक्षिण ईरान में 20 हजार से ज्यादा सिपाही हलाक हुए। सद्दाम का एक टैंक नहीं बचा। 

ईरान उस भीषण जंग को झेलकर उबरा है। उसकी हिम्मत, हौसला और जुझारूपन–कोई सेना मुकाबला नहीं कर सकती। 

अब डोनाल्ड ट्रंप ईरान के ख़र्ग प्रायद्वीप को कब्जाने आ रहे हैं। 4500 मरीन के साथ। 

क्या होगा? किसका–कितना नुकसान होगा? 

आइए यहां कल्पना करते हैं। 

1. अमेरिकी मरींस के लिए ये आत्मघाती मिशन होगा। ख़र्ग तक पहुंचने के लिए उन्हें हॉर्मूज पार करना होगा, जिसमें ईरान ने सैकड़ों बारूदी सुरंगें और अदृश्य स्पीड बोट्स का जाल बिछा रखा है।

2. वहां से बचने के बाद 4500 मरीन ईरान के 380 समुद्री मील में तटीय इलाकों से गुजरेंगे। यहां जमीन के ऊपर और नीचे से मिसाइलें, ड्रोन बरसेंगे। 

3. इसे पार कर मरीन जब ख़र्ग पहुंचेंगे तो उन्हें जली हुई रिफाइनरीज मिलेंगी। मुकाबले में होंगे हथियारबंद 8000 नागरिक। औरतें और बच्चे भी। 

4. ख़र्ग में मरीन 24 घंटे भी टिक जाएं तो बड़ी बात है, क्योंकि उन पर चारों तरफ से हमले होंगे। 

यह आंकलन मैंने नहीं, अमेरिकी नेवी सील में बरसों गुजारने वाले मैलकम नैंस ने किया है। 

अंग्रेजों ने फारस की खाड़ी को कब्जाने 150 साल तक कोशिश की। उनका आंकलन था–ये हर सेना के लिए कब्रगाह है। 

मैलकम कहते हैं कि ईरानी हॉर्मूज को जहन्नुम बना देंगे। तेल के जहाज तिनकों की तरह बिखर जायेंगे, क्योंकि उनके पास माइन्स हैं। 

ट्रंप बेशक कोशिश कर लें। होगा वही, जो ईरान चाहेगा।

Tejraftarnews.in: एक प्राउड हिंदुस्तानी होने के नाते मैं एक प्राउड पंजाबी भी हूँ..... पंजाब की हिंदुस्तान की मिट्टी में जन्म लिया है .. मेरे लिए मेरा देश हिंदुस्तान सर्वप्रथम है 

मै विदेशों में भी गया लेकिन कभी विदेशों में अपने देश की बुराई नहीं की ... आजकल फैशन हो गया है विदेशों में जा कर अपने देश को कोसना..... हम हिंदू सिखो का इतिहास कुर्बानियों से भरा हुआ है हमने 800 साल मुगलों के जुल्म सहे , 200 साल अंग्रेजों की गुलामी देखी 

आज मैं पंजाब की बात करूंगा... हमारे पंजाब को किसकी नज़र लग गई, आज नशे ने हमारे पंजाब को बर्बाद कर दिया... कर्जे में डूबे हुए हम 

.. पंजाब के 50 हजार से अधिक नौजवान भारतीय सेना में मातृभूमि की सेवा में अपना तन मन देश के लिए कुर्बान करने के लिए अपनी जान की बाजी लगाने को बैठा है 

विदेशों में बैठे विदेशी शक्तियों, पाकिस्तान जैसे दुश्मन देशों ने हमारे रंगले पंजाब को बर्बाद कर दिया..... बाहर बैठे गद्दार हिंदुस्तान से पंजाब को अलग करने का सपना पाले हुए है . खालिस्तानी एजेंडे को आगे बढ़ा रहे है हम हिंदू सिखो के बीच में खाई पैदा कर रहे है... भारत सरकार पीएम मोदी के खिलाफ सिखो को भड़काया जा रहा है , जाग जाओै

Tejraftarnews.in: इस सरदार जी ने धुरंधर फिल्म के सबसे अधिक आइकॉनिक गाने....Jaiye Sajna को सारंगी के साथ कैसे remix किया है Just WOW 

M Lost in Dhurandhaar Vibes ❤️❤️

यह फिल्म हिंदुस्तान के सिनेमा को एक अलग लेवल पर ले कर जा चुकी है , सभी रिकॉर्ड तोड़ देगी 

इस सरदार जी की वीडियो शेयर करे 

और हां सभी लोग थियेटर में जा कर इस फिल्म को देखे परिवार सहित..... बड़े पर्दे पर जा कर देखो....OTT पर आए इसका इंतजार मत करना ... और उन सभी कांग्रेसी, वामपंथी सूअरों को जवाब दीजिए इस फिल्म को देख कर जो एजेंडा चलाए हुए है.... खास कर के उस जर्मन शेफर्ड दल्ले ध्रुव राठी को

Tejraftarnews.in: A real tribute to all under cover agent 🫶

Only Soldiers can feel this pain 😔

Jaskirat Singh Rangi यह किरदार भी हिंदी सिनेमा के इतिहास में दर्ज हो गया है 

इस दर्द को मै खुद महसूस कर पा रहा हूँ कुछ फिल्में आपको आपके जज्बातों को एक अलग लेवल पर ले जाती है कुछ किरदार आपको अपने लगने लग जाते है... कुछ ऐसा ही जसकीरत सिंह के किरदार के साथ मुझको आप सभी को हो रहा होगा..... जैसे जसकीरत सिंह अपना है और उसको गले लगा लूं 

यह तभी आपको फील होगा जब यह देश यह तिरंगा , यह मातृभूमि आपको अपनी जान से बढ़कर हो 

जय हिंद जय हिंद की सेना 🇮🇳🇮🇳🇮🇳

Tejraftarnews.in: महंगे तोहफों का 'डेथ ट्रैप': 

लव जिहाद के पीछे का खूनी गणित ----

सोशल मीडिया और चमक-धमक की दुनिया में जिसे 'प्यार' का नाम दिया जा रहा है, उसके पीछे एक गहरा और खतरनाक वैज्ञानिक विश्लेषण छिपा है। अभिषेक तिवारी शो जैसे मंचों पर विशेषज्ञों ने जिस जनसांख्यिकी खतरे की ओर इशारा किया है, वह हिंदुओं के अस्तित्व पर सीधा प्रहार है।

1. एक बेटी का जाना = 152 हिंदुओं का अंत

जब एक हिंदू लड़की का धर्म परिवर्तन होता है, तो वह केवल एक व्यक्ति नहीं घटता। अगले 50 वर्षों के चक्र में, उस एक लड़की के माध्यम से होने वाली हिंदू वंश वृद्धि रुक जाती है, जिससे लगभग 152 संभावित हिंदू जनसंख्या का नुकसान होता है। इसके विपरीत, दूसरे पक्ष में यह संख्या 413 तक बढ़ जाती है। यह कोई संयोग नहीं, बल्कि एक सुनियोजित 'जनसंख्या युद्ध' है।

2. 50,000 का 'हंटिंग बजट' और महंगे गिफ्ट्स

लड़कियों को समझना होगा कि जो लड़के खुद ढंग का रोजगार नहीं करते, उनके पास महंगे आईफोन, ब्रांडेड कपड़े और रेस्टोरेंट के बिल भरने के पैसे कहाँ से आते हैं?

 * फंडिंग का खेल: यह एक निवेश (Investment) है। जब तक शिकार जाल में नहीं फंसता, तब तक पीछे बैठी ताकतें 'हंटिंग बजट' के रूप में फंड मुहैया कराती हैं।

 * उदारता का ढोंग: वह उदारता, वह महंगे गिफ्ट और वह 'केयरिंग' स्वभाव केवल निकाह या धर्मांतरण तक सीमित है। जैसे ही उद्देश्य पूरा होता है, वह 'राजकुमार' गायब हो जाता है और सामने आती है कबीलाई मानसिकता वाली वह सच्चाई जहाँ औरत केवल एक 'खेत' (मजहबी शब्दावली के अनुसार) बनकर रह जाती है।

3. एकतरफा 'मोहब्बत' का सच

कभी गौर किया है कि किसी भी मुस्लिम देश में या यहाँ भी, किसी हिंदू युवक के साथ मुस्लिम लड़की की शादी को 'मोहब्बत' की तरह स्वीकार क्यों नहीं किया जाता? वहां सीधा परिणाम हिंसा या मौत होता है। जबकि भारत में हर रोज हजारों हिंदू बेटियां 'लव जिहाद' का शिकार हो रही हैं। यह प्यार नहीं, बल्कि आतंकवाद से भी खतरनाक जिहाद है क्योंकि यह बिना गोली चलाए आपके वंश को समाप्त कर रहा है।

4. बेटियों के लिए सीधी चेतावनी: पहचानिए उस 'जाल' को

 * शुरुआती लक्षण: अपनी पहचान छिपाना, कलावा पहनना या हिंदू नाम बताना।

 * भावनात्मक शोषण: आपके धर्म की बुराई करना और अपने मजहब को 'तर्कसंगत' बताकर पेश करना।

 * शादी के बाद का नरक: याद रखिए, जो लड़का आज आपके लिए अपने माता-पिता से 'लड़ने' का नाटक कर रहा है, कल वही आपको बुर्के और चारदीवारी में कैद करने के लिए उन्हीं के साथ खड़ा होगा।

अभिभावकों के लिए संदेश: मौन तोड़िए!

अपने बच्चों से खुलकर बात करें। उन्हें इतिहास और वर्तमान की कड़वी हकीकत समझाएं। 'सेकुलरिज्म' के झूठे चश्मे को उतारकर उन्हें बताइए कि उनकी एक गलती न केवल उनका जीवन बर्बाद करेगी, बल्कि उनके पूर्वजों के गौरव और आने वाली पीढ़ियों के अस्तित्व को भी मिटा देगी। जागिए! इससे पहले कि आपके घर की लक्ष्मी किसी और के एजेंडे का हिस्सा बन जाए।

पंडित दीनानाथ त्रिवेदी,,,,,,

#GharWapsi 

#livejehad

Tejraftarnews.in: *मित्रो, फ़िल्म Dhurandhar2 के सबसे दमदार पलों में से एक..!*

*जब मोदी जी पहली बार प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ लेते हैं, तो फ़िल्म में दाऊद इब्राहिम के किरदार को बूढ़ा और घबराया हुआ दिखाया गया है..!* 

*इसका असर इतना ज़बरदस्त है कि, एक खूंखार डॉन भी दबाव में नज़र आता है..!*

*यह सीन बढ़ती हुई ताकत और "चायवाला" वाली छवि से एक ऐसी हैसियत तक के बदलाव को दिखाता है, जिसे बड़े-बड़े नाम भी नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते..!*

*ताकत, डर और बदलते वक़्त का एक बेबाक फ़िल्मी चित्रण..!*

*Dhurandhar 2 की सुनामी..!*

*कइयों को, आज से अगले कुछ दिन तक, नींद नहीं आएगी..!*

*कई तो अभी से रोना शुरू कर चुके..!*

*मित्रों धुरंधर फिल्म का पार्ट 1 जब आया था तो, उसे मिडिल ईस्ट देश वालों ने बेन कर दिया था..!*

*अब जब, धुरंधर फिल्म का पार्ट 2 आया है तब, मिडल ईस्ट पूरा बेन हो गया है..!*

*संजय अग्रवाल 'हाईवे'*

*राष्ट्रहित सर्वोपरि..*

*भारत माता की जय*

*वंदे मातरम - जय हिंद*

🪷 🇮🇳 🙏 🇮🇳 🪷

Tejraftarnews.in  *माँ गंगा की डोली - हिमालय से जनमानस तक आस्था की यात्रा 🚩*

उत्तराखंड में माँ गंगा की "डोली परंपरा" आस्था, परंपरा और प्रकृति के अद्भुत संगम का प्रतीक है.

शीतकाल में जब गंगोत्री धाम के कपाट बंद होते हैं, तब माँ गंगा की डोली को विधिवत पूजा के साथ मुखीमठ (मुखवा गाँव) ले जाया जाता है, जहाँ शीतकालीन पूजा होती है.

वहीं वसंत ऋतु में कपाट खुलने पर यही डोली पुनः गंगोत्री धाम लाई जाती है. इसे "उत्सव डोली" कहा जाता है.

इस यात्रा में भक्तगण भजन, ढोल-नगाड़ों और "हर-हर गंगे" एवं "जय माँ गंगे" के जयघोष के साथ सम्मिलित होते हैं.

यह परंपरा बताती है कि माँ गंगा केवल नदी नहीं, जीवन और आस्था की सतत धारा हैं.

*मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🚩*

Tejraftarnews.in  बाबा" का निधन अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक!

मथुरा की पावन भूमि पर गौ सेवा के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित करने वाले प्रसिद्ध गौ रक्षक श्री चंद्रशेखर जी "फरसा वाले बाबा" का निधन अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है।

आज प्रातः लगभग 5 बजे गौ तस्करी को रोकते हुए निर्दयी गौतस्करों द्वारा टक्कर मार दिए जाने से उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए।

यह केवल एक व्यक्ति का निधन नहीं, बल्कि गौ सेवा और धर्म रक्षा के एक युग का अंत है।

वे सदैव हाथ में फरसा लेकर, निर्भीक होकर गौ माता की रक्षा में लगे रहते थे।

उनका जीवन हम सभी के लिए एक प्रेरणा है—कि सेवा, साहस और समर्पण क्या होता है, यह उन्होंने अपने कर्मों से सिखाया।

उन्होंने न कभी अपने जीवन की परवाह की,न ही किसी भय के आगे झुके— गौ माता की रक्षा ही उनका धर्म था, उनका संकल्प था, और उनका जीवन था।

आज जब वे हमारे बीच नहीं हैं तो हमारा कर्तव्य और भी बढ़ जाता है कि हम उनके दिखाए मार्ग पर चलें और गौ सेवा व धर्म रक्षा के संकल्प को आगे बढ़ाएं।

ईश्वर से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें

और शोकाकुल परिवार एवं अनुयायियों को यह असहनीय दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।

 आपका बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

Tejraftarnews.in: 🇮🇳*शिव भोले🇮🇳

  !! *वन्दे सनातनम* !!

!! *भारत माता की जय !!*

बोलो राम, बोलो राम, बोलो, राम राम राम ॥

श्री राम, श्री राम, श्री, राम राम राम ॥

सिया राम, सिया राम, सिया, राम राम राम ॥

जय जय राम, जय जय राम, जय जय, राम राम राम ॥

जय राम, जय राम, जय जय राम,

राम राम, राम राम, जय जय राम ॥

पतित, पावन, नाम भज ले, राम राम राम ॥

भज ले, राम राम राम, भज ले, राम राम राम ॥

अशरण, शरण, शांति के धाम, मुझे भरोसा तेरा राम ॥

मुझे, भरोसा, तेरा राम, मुझे भरोसा तेरा राम ॥

रामाय, नमः, श्री रामाय नमः ॥

रामाय, नमः, श्री रामाय नमः ॥

अहम, भजामि, रामम, सत्यम शिवम मंगलम ॥

सत्यम, शिवम मंगलम, सत्यम शिवम मंगलम ॥

*तारीख जो लिखी जानी है*:- 

*मथुरा कृष्णधाम की*

*ज्ञानवापी शिवधाम की*

*हिंदुराष्ट हिंदुस्तान की*

                                 आदि,

सबमें योगी

सबमें मोदी

सबमें राम

जय सियाराम

*सपने नही वास्तविकता बुनते हैं,इसलिए हम सब मोदी को चुनते हैं*

राष्ट्रहित सर्वोपरी, 

*श्री राम जी के चरणों में सादर प्रणाम*

🙏🏻🌺सिताराम हनुमान🌺🙏🏻

Tejraftarnews.in: 🕉️🟢 *ॐ गं* 🟢🕉️

 🌞 *पञ्चाङ्ग 22 _ मार्च _ 2026* 🌞

⛅ *दिन _ रविवार*

⛅ *विक्रम संवत _ 2083 रौद्र*

⛅ *शाक संवत _ 1948*

⛅ *सूर्यायन _ उत्तरायण*

⛅ *ऋतु _ बसंत*

⛅ *मास _ चैत्र*

🌕 *पक्ष _ शुक्ल* 

⛅ *तिथि _ चतुर्थी रात्रि 09:16 तक तत्पश्चात पंचमी*

🌟 *नक्षत्र _ भरणी रात्रि 10:42 तक तत्पश्चात कृतिका*

⛅ *योग _ वैधृति दोपहर 03:41 तक तत्पश्चात विष्कुम्भ*

🌥️ *करण _ वणिज 10:37 तक तत्पश्चात विष्टि*

🌜 *चन्द्र राशि _ मेष*

🌞 *सूर्य राशि _ मीन*

🌑 *राहुकाल _ शाम 04:59 से शाम 06:29:37 तक*

🌞 *सूर्योदय _ 06:35*

🌒 *सूर्यास्त _ 06:30* 

💫 *दिशाशूल_ पश्चिम दिशा में*

🦜 *व्रत पर्व विवरण _ विनायक चतुर्थी व्रत ,भद्रा,मेला बूढ़ी गणगौर जयपुर, रवियोग, ज्वालामुखी योग*

 🧭 *पं.तपेश_अवस्थी* #9549999840

1️⃣ *रविवार🌞 के #शुभाशुभ_मुहूर्त*

राहुकाल शाम 04:59 - 06:29

यमगण्ड 12:33 - 14:04

गुलिक काल 15:34 - 17:04

*अभिजित 11:50 -12:35*

दूरमुहूर्त 17:58 - 18:00

🌞2️⃣ *#दिन_का_चौघड़िया*

उद्वेग 06:35 - 08:02 अशुभ

*चर 08:02 - 09:32 शुभ*

*लाभ 09:32 - 11:02 शुभ*

*अमृत 11:02 - 12:33 शुभ*

काल 12:33 - 02:03 अशुभ

*शुभ 02:03 - 03:33 शुभ*

रोग 03:33 - 05:04 अशुभ

उद्वेग 05:04 - 06:34 अशुभ

🌒3️⃣ *रात_का_चौघड़िया*

*शुभ 06:34 - 08:03 शुभ*

*अमृत 08:03 - 09:33 शुभ*

*चर 09:33 - 11:02 शुभ*

रोग 11:02 - 12:32 अशुभ

काल 12:32 - 02:02 अशुभ

*लाभ 02:02 -03:31 शुभ*

उद्वेग 03:31 - 05:01 अशुभ

*शुभ 05:01 - 06:34 शुभ*

🌞4️⃣ *दिन_का_होरा*

सूर्य 06:35 - 07:35

शुक्र 07:35 - 08:35

बुध 08:35 - 09:35

चन्द्र 09:35 - 10:35

शनि 10:35 - 11:35

गुरु 11:35 - 12:35

मंगल 12:35 - 13:35

सूर्य 13:35 - 14:35

शुक्र 14:35 - 15:35

बुध 15:35 - 16:35

चन्द्र 16:35 - 17:35

शनि 17:35 - 18:35

🌒5️⃣ *रात_का_होरा*

गुरु 18:35 - 19:35

मंगल 19:35 - 20:35

सूर्य 20:35 - 21:35

शुक्र 21:35 - 22:35

बुध 22:35 - 23:35

चन्द्र 23:35 - 24:35

शनि 24:35 - 01:35

गुरु 01:35 - 02:35

मंगल 02:35 - 03:35

सूर्य 03:35 - 04:35

शुक्र 04:35 - 05:35

बुध 05:35 - 06:34

 

🕉️ *#माँ_पीताम्बरा_ज्योतिष केंद्र*🕉️

*#ज्योतिष_#CUSTOMIZED/ VEDIK #वास्तु(नक़्शे)-#PDF #KUNDLI, वैदिक कर्मकांड*

🔻 *#पं. #तपेश_अवस्थी*🔻

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TRN LIVE  क्या है ईजराइल ?

जरा सोचिये कि ..

एक देश, जो न्यू जर्सी से भी छोटा है, जिसकी आबादी 9.3 मिलियन है, और जो 400 मिलियन अरबों से घिरा हुआ है।

एक देश कैसे बार-बार किसी दूसरे देश की सबसे सुरक्षित सुरक्षा व्यवस्था में घुसपैठ कर जाता है — वो भी बिना किसी नाकामी के ?

वह कैसे इंसानी इतिहास का सबसे डरावना और प्रभावी खुफिया सिस्टम रखता है?

इज़राइल को हमेशा कैसे पता चल जाता है?

उन्हें कैसे पता होता है कि हर लीडर कहाँ छिपा है??

वे हर सुरक्षित जगह में कैसे घुसपैठ कर लेते हैं। 

वे हर कम्युनिकेशन नेटवर्क को कैसे Compromised कर लेते हैं?

वे दीवारों के पार, बंकर के अंदर, और सबसे एडवांस काउंटर-इंटेलिजेंस को कैसे देख लेते हैं?

क्या यह सिर्फ टेक्नोलॉजी है? 

क्या यह सिर्फ इंसानी क्षमता है?

क्या यह सिर्फ मोसाद की ट्रेनिंग है?

यह केवल ट्रैनिंग नही है , यहूदियो का समर्पण है अपने इकलौते छोटे से देश के लिए । 

ईरान को आज से नही , बहुत पहले से तबियत से ठोक रहा है ईजराइल । 

• मोहसिन फखरीज़ादेह (2020):

ईरान के सबसे बड़े परमाणु वैज्ञानिक, एक रिमोट कंट्रोल और एआई से चलने वाली मशीन गन द्वारा मारे गए, जो एक कार में लगी थी—और वहां कोई इंसानी हमलावर मौजूद नहीं था। तेहरान के बीचों-बीच। ईरान की पूरी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के बावजूद।

• इस्माइल हनियेह (2024):

हमास के राजनीतिक प्रमुख, तेहरान के अंदर, रिवोल्यूशनरी गार्ड के गेस्टहाउस में मारे गए। यह ईरान के सबसे सुरक्षित इलाकों में से एक था।

कहा जाता है कि इज़राइल ने कई महीने पहले वहां बम लगा दिया था।

• हसन नसरूल्लाह (2024):

इज़राइल ने बंकर-बस्टर बम इतने सटीक तरीके से गिराए कि उसके लिए उनके भूमिगत स्थान के बिल्कुल सही कोर्डिनेट्स (निर्देशांक ,लोकेशन) की जरूरत थी।

• आयतुल्लाह अली खामेनेई (सुप्रीम लीडर), अली लारिजानी (नेशनल सिक्योरिटी चीफ), ग़ुलामरेज़ा सुलेमानी (कमांडर), IRGC जनरल्स, न्यूक्लियर वैज्ञानिक (2026), सिस्टमेटिक और सटीक तरीके से, एक-एक करके ख़त्म किए गए।

• इज़राइल गाज़ा में हर फोन कॉल, हर मैसेज, हर ईमेल को मॉनिटर करता है। हर सड़क पर फेसियल रिकग्निशन करता है। 

• एआई आधारित टारगेटिंग; एल्गोरिदम के जरिए टारगेट चुने जाते हैं। 

• “लैवेंडर” और “गॉस्पेल” जैसे सिस्टम: एआई प्रोग्राम जो अपने आप टारगेट लिस्ट तैयार करते हैं। उन्हें पता होता है कि कौन किस बिल्डिंग में है, किस कमरे में है, किस फ्लोर पर है — वह भी रियल-टाइम में।

• लेबनान – ऑपरेशन पेजर अटैक (2024):

इज़राइल ने हिज़्बुल्लाह द्वारा खरीदे गए पेजर्स की सप्लाई चेन में घुसपैठ की। उन डिवाइसेज़ के अंदर माइक्रो-विस्फोटक लगा दिए गए। फिर उन्हें पूरे लेबनान में एक साथ विस्फोटित कर दिया गया। एक ही समन्वित पल में हजारों हिज़्बुल्लाह ऑपरेटिव घायल या मारे गए। ईजराइल ने बस एक मैसेज भेजा था और वो मैसेज था Shalom (हिब्रू मे नमस्कार )

उन्होंने कोई नेटवर्क हैक नहीं किया। उन्होंने डिवाइस को डिलीवरी से पहले ही हथियार बना दिया।

इस स्तर की सप्लाई चेन में घुसपैठ के लिए सालों की प्लानिंग और ऐसी खुफिया क्षमता चाहिए जो किसी सामान्य देश के पास नहीं होती।

• ग्लोबल कंट्रोल मैकेनिज्म 

• यूनिट 8200: इज़राइल की सिग्नल इंटेलिजेंस यूनिट, जिसके पूर्व सदस्य आगे चलकर बड़ी टेक कंपनियां बनाते हैं जो दुनिया का डेटा संभालती हैं।

• पेगासस स्पाइवेयर: इज़राइली NSO ग्रुप द्वारा बनाया गया, जिसका इस्तेमाल दुनिया भर के नेताओं, पत्रकारों, एक्टिविस्ट्स और विरोध करने वालों के फोन हैक करने के लिए किया जाता है (45+ देशों में)।

वो सिर्फ अपने दुश्मनों की जासूसी नहीं करते। वो हर किसी की जासूसी करते हैं। और जो जानकारी मिलती है, उसी के जरिए सबको कंट्रोल करते हैं। अमेरिका तक की औकात नही ईजराइल के खिलाफ जाने की। 

खामनेई की पूरी गैंग, और सेकेंड लीडरशिप का इलाज करके, पिछले दस दिनो में, 40 से ज्यादा टाॅप मिलिट्री कमांडर्स को निशाना बनाया है ईजराइल ने, वो भी तब, जब पूरे ईरान मे "इंटरनेट ब्लैकआउट" है। 

    

जरा उनकी पहुँच का अंदाजा लगाईये । हर दिन IRGC के कम से कम दो तीन कमांडरो का इलाज कर देता है। 

और एक किताब रट्टा लगाकर, साईंस से कोसो दूर भागने वाले जोकर , जालीदार छतरीनुमा टोपी पहने , बडे भाई का कुर्ता और छोटे भाई का ऊँचा पाजामा पहनने वाले , दुनिया के 250 करोड जाहिल, रात दिन ईजराइल की बर्बादी की हुँकार लगाने वाले, क्या कभी पार पा सकते है उस कौम से, जिसे बस अपना देश बचाने की जिद है। 

ईजराइल होना आसान नही है। भारत जैसे देश तो कभी ईजराइल होने का सपना भी नही पाल सकते। क्योंकि केवल नाम, पैसे, राजनीति, ऊँची और नीची जाति, या कुछ फेसबुक लाईक्स के लिए , हम तुरंत दुशमन के पाले मे जा खडे होते है हमे पता ही नही चलता।

 भारत को खतरा पाकिस्तान, चीन, मुसलमानो से उतना नही है, ढाई मोर्चे को तो हम आसानी से फतेह कर लेंगें, मगर उन हिंदू नामधारी लोगों का क्या करें , जिन्हें आज तक नही पता कि.....

      

खडा कहाँ होना है ? बात क्या करनी है ? किसका समर्थन करें और किसका विरोध ? क्या यह हमारे देशहित मे है , और क्या नही । 

 एक तो प्रोपेगंडा वारफेयर, के कारगर हथियार की काट इनके पास नही है। ऊपर से, कुछ ज्यादा स्याणा दिखने के चक्कर मे खुद ही दुशमनो का प्रोपेगंडा फैलाने लगते है। हद है।

राजीव जी

Tejraftarnews.in: *🌞दिनांक - 22 मार्च 2026*

*⛅दिन - रविवार*

*⛅विक्रम संवत् - 2083*

*⛅अयन - उत्तरायण*

*⛅ऋतु - वसंत*

*⛅मास - चैत्र*

*⛅पक्ष - शुक्ल*

*⛅तिथि - चतुर्थी रात्रि 09:16 तक तत्पश्चात् पंचमी*

*⛅नक्षत्र - भरणी रात्रि 10:42 तक तत्पश्चात् कृत्तिका*

*⛅योग - वैधृति दोपहर 03:42 तक तत्पश्चात् विष्कम्भ*

*⛅राहुकाल - शाम 05:07 से शाम 06:39 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* 

*⛅सूर्योदय - 06:29*

*⛅सूर्यास्त - 06:39 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)*

*⛅दिशा शूल - पश्चिम दिशा में*

*⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:54 से प्रातः 05:42 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*

*⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:10 से दोपहर 12:58 तक(उज्जैन मानक समयानुसार)*

*⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:10 से मध्यरात्रि 12:57 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* 

*🌥️व्रत पर्व विवरण - विनायक चतुर्थी*

*🌥️विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*

*🔹आरती में कपूर का उपयोग क्यों ?🔹*

*🔸सनातन संस्कृति में पुरातन काल से आरती में कपूर जलाने की परम्परा है । आरती के बाद आरती के ऊपर हाथ घुमाकर अपनी आँखों पर लगाते हैं, जिससे दृष्टी -इन्द्रिय सक्रिय हो जाती है । पूज्य बापूजी के सत्संग -वचनामृत में आता है : “आरती करते हैं तो कपूर जलाते हैं । कपूर वातावरण को शुद्ध करता है, पवित्र वातावरण की आभा पैदा करता है । घर में देव-दोष है, पितृ -दोष हैं, वास्तु -दोष हैं, भूत -पिशाच का दोष है या किसीको बुरे सपने आते हैं तो कपूर की ऊर्जा उन दोषों को नष्ट कर देती है ।*

*🔸बोलते हैं कि संध्या होती है तो दैत्य-राक्षस हमला करते हैं इसलिए शंख , घंट बजाना चाहिए, कपूर जलाना चाहिए, आरती-पूजा करनी चाहिए अर्थात संध्या के समय और सुबह के समय वातावरण में विशिष्ट एवं विभिन्न प्रकार के जीवाणु होते हैं जो श्वासोच्छवास के द्वारा हमारे शरीर में प्रवेश करके हमारी जीवनरक्षक जीवनरक्षक कोशिकाओं से लड़ते हैं । तो देव-असुर संग्राम होता है, देव माने सात्त्विक कण और असुर माने तामसी कण । कपूर की सुगंधि से हानिकारक जीवाणु एवं विषाण रूपी राक्षस भाग जाते हैं ।*

*🔸वातावरण में जो अशुद्ध आभा है इससे तामसी अथवा निगुरे लोग जरा-जरा बात में खिन्न होते हैं, पीड़ित होते हैं लेकिन कपूर और आरती का उपयोग करनेवालों के घरों में ऐसे कीटाणुओं का, ऐसो हलकी आभा का प्रभाव नहीं टिक सकता है ।*

*🔸अत: घर में कभी-कभी कपूर जलाना चाहिए, गूगल का धूप करना चाहिए । कभी-कभी कपूर की १ – २ छोटी-छोटी गोली मसल के घर में छिटक देनी चाहिए । उसकी हवा से ऋणायान बनते हैं, जो हितकारी हैं । वर्तमान के माहौल में घर में दीया जलाना अथवा कपूर की कभी-कभी आरती कर लेना अच्छा है ।*

Tejraftarnews.in 

‘अग्निषोमा’ अर्थात् ‘अग्नि’ और ‘सोम’ के भिन्न-भिन्न आयाम कौन से हैं?

हम ‘अग्निषोमा’ अर्थात् ‘अग्नि’ और ‘सोम’ का इकट्ठा आह्वान कैसे कर सकते हैं?

हमें ‘अग्निषोमा’ के विभिन्न आयामों का आह्वान किस उद्देश्य से करना चाहिए?

ऋग्वेद मंडल 1 सूक्त 93 के देवता ‘अग्निषोमा’ दो शक्तियों का संयुक्त बल है - ‘अग्नि’ तथा ‘सोम’ अर्थात् अग्नि और जल, ऊर्जा और दिव्य गुण आदि, सूर्य और चन्द्रमा, प्राण और अपान, उत्तेजना और शांति, अध्यापक और ज्ञान, उपभोक्ता और भोगने योग्य पदार्थ। दोनों ही दिव्य शक्तियाँ हैं। इस मेल के बिना न तो सृष्टि अर्थात् ब्रह्माण्ड और न ही शरीर अर्थात् पिण्ड का अस्तित्व रह सकता है। 

अग्नीषोमाविमं सु मे शृणुतं वृषणा हवम्। 

प्रति सूक्तानि हर्यतं भवतं दाशुषे मयः।।

ऋग्वेद 1.93.1 (कुल मन्त्र 1001)

(अग्नीषोमा) अग्नि तथा सोम (इमम्) इसको (सु - श्रृणुतम् से पूर्व लगाकर) (मे) मेरा (शृणुतम् - सु श्रृणुतम्) सुनता है (वृषणा) वर्षा करने वाला (हवम्) पुकारना, आह्वान करना (प्रति) आपकी तरफ (सूक्तानि) प्रशंसा में कहे गये हमारे कथन, वेद के सूक्त (हर्यतम्) इच्छा करते हैं, स्वीकार करते हैं, प्रतिक्रिया करते हैं (भवतम्) होवो (दाशुषे) दानी के लिए, त्यागशील व्यक्ति के लिए (मयः) सुखों और प्रसन्नताओं का देने वाला, परम सुख प्रदान करने वाला। 

व्याख्या:-

‘अग्निषोमा’ अर्थात् ‘अग्नि’ और ‘सोम’ के भिन्न-भिन्न आयाम कौन से हैं?

हम ‘अग्निषोमा’ अर्थात् ‘अग्नि’ और ‘सोम’ का इकट्ठा आह्वान कैसे कर सकते हैं?

वर्तमान सूक्त में ‘अग्निषोमा’ अर्थात् ‘अग्नि’ और ‘सोम’ की संयुक्त शक्ति का आह्वान किया गया है। 

‘अग्निषोमा’ अपने सभी आयामों में अर्थात् अग्नि और जल, ऊर्जा और दिव्य गुण आदि, सूर्य और चन्द्रमा, प्राण और अपान, उत्तेजना और शांति, अध्यापक और ज्ञान, उपभोक्ता और भोगने योग्य पदार्थ! कृपया हमारी पुकार या आह्वान को सर्वोत्तम प्रकार से सुनो, क्योंकि आप ‘वर्षक’ हो (समूचे अस्तित्व और इसके पालन के लिए)। कृपया आपकी प्रशंसा में हमारे कथनों और वैदिक सूक्तों के हमारे उच्चारण की इच्छा करो, स्वीकार करो और उनके प्रति व्यवहार करो तथा दानी और त्यागशील मनुष्य के लिए सुखों, प्रसन्नता के देने वाले और परम सुख प्रदान करने वाले बनो। 

जीवन मंे सार्थकता:-

हमें ‘अग्निषोमा’ के विभिन्न आयामों का आह्वान किस उद्देश्य से करना चाहिए?

प्रत्येक व्यक्ति को परिस्थिति के अनुसार ‘अग्निषोमा’ के सभी आयामों का आह्वान करने की आवश्यकता है क्योंकि यह जोड़ा इस सृष्टि अर्थात् ब्रह्माण्ड और हमारे शरीर अर्थात् पिण्ड के अस्तित्व का मूल और वैज्ञानिक कारण है।

1. अग्नि और वायु का संयुक्त उपयोग गति के लिए सभी वाहनों में किया जाता है। अग्नि यज्ञों में दोनों की संयुक्त पूजा की जाती है जिससे हम स्वस्थ जीवन और पर्यावरण को शुद्ध व साफ कर पाते हैं। अग्नि और वायु अर्थात् ऊर्जा और गतिविधियाँ सभी यज्ञ कार्यों में भी प्रयोग होती हैं जो हमारे आस-पास के समाज को धारण करती हैं।

2. एक उत्तम जीवन के लिए हमें शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ऊर्जा और मानसिक स्वास्थ्य के सोम का आह्वान करने की आवश्यकता है। 

3. हम अपनी आध्यात्मिक प्रगति के अतिरिक्त शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए प्राण और अपान दोनों का आह्वान करते हैं।

4. सूर्य और चन्द्रमा का आह्वान ब्रह्माण्डीय संतुलन के लिए किया जाता है। 

5. हम अन्य लोगों को श्रेष्ठ कार्यों में उत्साहित करने के लिए उत्तेजक प्रकृति का आह्वान करते हैं और परिवार में और समाज में सबको प्रेम और सम्मान देने के लिए हम शान्त प्रकृति का आह्वान करते हैं।

6. हम अपने अन्दर पाचक शक्ति के रूप में अग्नि का आह्वान करते हैं और भोग के लिए स्वास्थ्यवर्द्धक भोजन के रूप में सोम का आह्वान करते हैं। 

7. हम गुरु अर्थात् अध्यापक के रूप में अग्नि का आह्वान करते हैं जिससे वह शिष्यों को सोम अर्थात् शुभ गुण का स्वाध्याय करवाये।

8. हम अपने शारीरिक जीवन के अन्त समय में अर्थात् मृत्यु पर इसके अवशेषों को उचित प्रकार से अपने-अपने तत्त्वों में विलय करने के लिए अग्नि का आह्वान करते हैं और सोम अर्थात् हमारे गुण हमारी मृत्यु के बाद भी समाज को मार्गदर्शन और प्रेरणा देने के लिए शेष रह जाते हैं। 

सूक्ति 1:- (प्रति सूक्तानि हर्यतम् -ऋग्वेद 1.93.1) इच्छा करते हैं, स्वीकार करते हैं, प्रतिक्रिया करते हैं

कृपया आपकी प्रशंसा में हमारे कथनों और वैदिक सूक्तों के हमारे उच्चारण की इच्छा करो, स्वीकार करो और उनके प्रति व्यवहार करो।

सूक्ति 2:- (भवतम् दाशुषे मयः -ऋग्वेद 1.93.1) दानी और त्यागशील मनुष्य के लिए सुखों, प्रसन्नता के देने वाले और परम सुख प्रदान करने वाले बनो।

Tejraftarnews.in: 🎋🦚🐁🛕🎊🐀🎋

   *🙏सादर वन्दे🙏*

    *🚩धर्मयात्रा🚩*

*🐁 सिद्धिविनायक मन्दिर, सिद्धटेक 🐁*

*विशेष रूप से ध्यान रखें कि अष्टविनायक दर्शन यात्रा , इसी सिद्धिविनायक मन्दिर , सिद्धटेक*

*से शुरू होती है।*

यह भगवान गणेश को समर्पित अष्टविनायक गणेशजी के लोकप्रिय मन्दिरों में से एक है। इस मन्दिर में भगवान श्रीगणेशजी की सूण्ड दाईं ओर मुड़ी हुई है। ऐसे गणेश को सिद्धिविनायक कहा जाता है ; क्योंकि वे भक्तों की मनोकामनाएँ शीघ्र ही पूरी करते हैं। हालाकि , ऐसे मन्दिरों में अत्यधिक पवित्रता और दिव्यता बनाए रखी जानी चाहिए ।

प्रकृति निर्माण के पूर्व की बात है , ब्रह्माजी ने प्रकृति की रचना करने का विचार किया और इसके लिए उन्होंने “ॐ” मंत्र का जाप किया । भगवान गणेश उनकी इस तपस्या से प्रसन्न हुए और उन्हें आशीर्वाद दिया कि वे प्रकृति की रचना करने की उनकी इच्छा जरूर पूरी करेंगे। भगवान ब्रह्मा जब सृष्टि की रचना कर रहे थे , तब मधु और कैटभ नामक राक्षसों ने सभी देवी-देवताओं को परेशान कर रखा था तब भगवान विष्णु ने उन्हें मारने की बहुत कोशिश की , भगवान विष्णु ने मधु और कैटब राक्षसों से कई वर्षों तक युद्ध किया, लेकिन वे सफल नहीं हुए। तब शंकरजी ने विष्णु से गणपति की पूजा करने का अनुरोध किया। यह भी कहा जाता है कि विष्णु ने यहाँ गणपति की पूजा करने के बाद असुरों का वध किया था । इस प्रकार भगवान विष्णु ने यहाँ , गणेशजी को प्रसन्न करके सिद्धिविनायक का आशीर्वाद लेकर असुर मधु और कैटभ का वध किया था । ऐसा भी कहा जाता है कि स्वयं भगवान विष्णु ने सिद्धटेक गणपतिजी के इस पवित्र मन्दिर का निर्माण किया था जो बाद में , समय के साथ नष्ट हो गया । सिद्धटेक गणपति एक पवित्र स्थान है यहाँ भगवान विष्णु , महर्षि व्यास और ब्रुशुंडी , मोरया गोसावी और नारायण महाराज ने यहाँ सिद्धि प्राप्त की थी। चिंचवड़ के संत मोरया गोसावी और कोडगाँव के नारायण महाराज ने इस मन्दिर में पूजा की थी और उन्हें इसी मन्दिर से सिद्धि प्राप्त हुई थी। 

मान्यता है कि यह वह स्थान है जहाँ भगवान विष्णु ने भगवान सिद्धेश्वर गणेश से वरदान पाने के लिए तपस्या की थी। एक बार एक चरवाहे को यहाँ सिद्धि विनायक के दर्शन हुए और खोजने पर उसे यहाँ सिद्धि विनायक की मूर्ति मिल गई। चरवाहे ने तब से इस सिद्धि विनायक देवता की यहाँ पूजा करना शुरू कर दी और धीरे धीरे यह मन्दिर लोकप्रिय हो गया।

इस मन्दिर का निर्माण काले पत्थर से किया गया है। मुख्य मन्दिर का मुख उत्तर दिशा की ओर है। मन्दिर में काले पत्थर से बना एक सभा मंडप है और बाद में संरचना में एक और सभा मंडप जोड़ा गया। मन्दिर में एक नग्गारखाना भी है। सिद्धिविनायक सिद्धटेक का गर्भगृह 15 फीट ऊंचा और 10 फीट चौड़ा है। सामने के द्वार पर जय -‌ विजय की दो मूर्तियाँ हैं। इसमें गुंबद के आकार की पत्थर की छत है। सभी अष्टविनायक मन्दिरों की तरह , केंद्रीय गणेश प्रतिमा को स्वयंभू माना जाता है ; इसका अर्थ है भगवान गणेश की मूर्ति के रूप में स्वाभाविक रूप से मौजूद होना। भगवान गणेश की मूर्ति क्रॉस लेग्ड बैठी है और पास में उनकी पत्नी सिद्धि बैठी हैं। गणेशजी का मुख उत्तर दिशा की ओर है, मूर्ति का पेट चौड़ा नहीं है । इस मूर्ति की सूंड दाईं ओर मुड़ी हुई है। ऐसा माना जाता है कि दाईं ओर सूंड वाले गणेश भक्तों के प्रति बहुत कठोर होते हैं। यहाँ शिव-पंचायतन है (शिव के चारों ओर गणेश , विष्णु , देवी और सूर्यदेव हैं)।

सरदार हरिपंत फड़के पेशवा शासकों के सेनापति और अधिकारी थे। उन्होंने नग्गारखाना बनवाया था , जो नग्गारों को रखने की जगह थी। उन्होंने सिद्धटेक गणपति मन्दिर तक जाने के लिए एक मार्ग भी बनवाया था। वे 21 दिनों तक भगवान गणेश की पूजा करते थे और प्रतिदिन मन्दिर में 21 बार परिक्रमा करते थे।

इन्दौर की महान शासिका अहिल्याबाई होल्कर बहुत धार्मिक थीं। उन्होंने सिद्धिविनायक मन्दिर सिद्धटेक का निर्माण करवाया , जो आज भी मौजूद है।

सिद्धिविनायक अष्टविनायक मन्दिर सिद्धटेक , भीमा नदी के तट पर अहमदनगर के कर्जत तालुका जिले में पुणे से करीब 100 कि.मी.पूर्व में स्थित है। गणपतिजी का यह अष्टविनायक मन्दिर भीमा नदी के तट पर है। मन्दिर तक नदी के दक्षिणी तट पर पुणे जिले के छोटे से गाॅंव शिरापुर से भी पहुॅंचा जा सकता है , जो कि सिद्ध विनायक मन्दिर सिद्धटेक से मात्र 4 कि.मी. दूर है , जहाँ से नाव या नए बने पुल से मन्दिर तक पहुॅंचा जा सकता है। शिरापुर , दौंड से मात्र 16 कि.मी. दूर है। दौंड रेलवे स्टेशन है। 

रेल द्वारा : निकटतम रेलवे स्टेशन दौंड स्टेशन है जो सिद्धिविनायक सिद्धटेक मन्दिर से 16 कि.मी. दूर है।

 सिद्धटेक जाने का मौसम हर समय अच्छा रहता है। धार्मिक आयोजन जुलाई से दिसंबर तक होते हैं। मानसून में , कभी-कभी भारी बारिश होती है तब मन्दिर तक पहुॅंचना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। सर्दियों में , मौसम सुहाना रहता है क्योंकि तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं जाता है। गर्मियों में गर्मी होती है , और दिन में घूमना आसान नहीं होता। हालाँकि , सुबह और शाम का मौसम सहनीय होता है।

*सिद्धटेक गणपति मन्दिर का समय इस प्रकार है :*

मन्दिर का नियमित समय प्रातः 5 बजे से रात्रि 9:30 बजे तक है। 

प्रातः आरती , 4:30 बजे । 

धूप आरती का समय रात्रि 9 बजे। 

 *मन्दिर का महत्व --*

ऐसा माना जाता है कि अगर नदी उफान पर भी हो तो भी इस क्षेत्र में पानी की आवाज़ नहीं सुनाई देती। 

*सिद्धिविनायक गणपति मन्दिर के पास कहाँ ठहरें ?*

यहाँ कई छोटे , मध्यम और उच्च श्रेणी के होटल और लॉज भी हैं।

यहाँ श्रद्धालु उचित दरों पर ठहर सकते हैं। हालांकि , अधिकांश श्रद्धालु यहाँ रुककर उसी दिन वापस नहीं लौटते , क्योंकि मन्दिर पुणे के काफी नजदीक है।

*सिद्धिविनायक गणपति मन्दिर के पास कहाँ भोजन करें ?*

यहाँ कई होटल और रेस्टोरेंट हैं जहाँ श्रद्धालु उचित मूल्य पर अच्छा खाना खा सकते हैं।

*आप भी धर्मयात्रा🚩 हेतु जुड़ सकते हैं :*

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*धर्मयात्रा में दी गई ये जानकारियाँ , मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। यहाँ यह बताना जरूरी है कि , धर्मयात्रा किसी भी तरह की मान्यता , जानकारी की पुष्टि नहीं करता है ।*

*🙏शिव🙏*

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Tejraftarnews.in: *समस्त 12 राशि के लोगों की 15-15 खास बातें

पं वेद प्रकाश तिवारी ज्योतिष एवं हस्त रेखा विशेषज्ञ

9919242815 निशुल्क परामर्श उपलब्ध

मेष- चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ

राशि स्वरूप: मेंढा जैसा, राशि स्वामी- मंगल।

1👉 राशि चक्र की सबसे प्रथम राशि मेष है। जिसके स्वामी मंगल है। धातु संज्ञक यह राशि चर (चलित) स्वभाव की होती है। राशि का प्रतीक मेढ़ा संघर्ष का परिचायक है।

2👉 मेष राशि वाले आकर्षक होते हैं। इनका स्वभाव कुछ रुखा हो सकता है। दिखने में सुंदर होते है। यह लोग किसी के दबाव में कार्य करना पसंद नहीं करते। इनका चरित्र साफ -सुथरा एवं आदर्शवादी होता है।

3👉 बहुमुखी प्रतिभा के स्वामी होते हैं। समाज में इनका वर्चस्व होता है एवं मान सम्मान की प्राप्ति होती है।

4👉 निर्णय लेने में जल्दबाजी करते है तथा जिस कार्य को हाथ में लिया है उसको पूरा किए बिना पीछे नहीं हटते।

5👉 स्वभाव कभी-कभी विरक्ति का भी रहता है। लालच करना इस राशि के लोगों के स्वभाव मे नहीं होता। दूसरों की मदद करना अच्छा लगता है।

6👉 कल्पना शक्ति की प्रबलता रहती है। सोचते बहुत ज्यादा हैं।

7👉 जैसा खुद का स्वभाव है, वैसी ही अपेक्षा दूसरों से करते हैं। इस कारण कई बार धोखा भी खाते हैं।

8👉 अग्नितत्व होने के कारण क्रोध अतिशीघ्र आता है। किसी भी चुनौती को स्वीकार करने की प्रवृत्ति होती है।

9👉 अपमान जल्दी भूलते नहीं, मन में दबा के रखते हैं। मौका पडने पर प्रतिशोध लेने से नहीं चूकते।

10👉 अपनी जिद पर अड़े रहना, यह भी मेष राशि के स्वभाव में पाया जाता है। आपके भीतर एक कलाकार छिपा होता है।

11👉 आप हर कार्य को करने में सक्षम हो सकते हैं। स्वयं को सर्वोपरि समझते हैं।

12👉 अपनी मर्जी के अनुसार ही दूसरों को चलाना चाहते हैं। इससे आपके कई दुश्मन खड़े हो जाते हैं।

13👉 एक ही कार्य को बार-बार करना इस राशि के लोगों को पसंद नहीं होता।

14👉 एक ही जगह ज्यादा दिनों तक रहना भी अच्छा नहीं लगता। नेतृत्व छमता अधिक होती है।

15👉 कम बोलना, हठी, अभिमानी, क्रोधी, प्रेम संबंधों से दु:खी, बुरे कर्मों से बचने वाले, नौकरों एवं महिलाओं से त्रस्त, कर्मठ, प्रतिभाशाली, यांत्रिक कार्यों में सफल होते हैं।

वृष- ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

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राशि स्वरूप- बैल जैसा, राशि स्वामी- शुक्र।

राशि परिचय

1👉 इस राशि का चिह्न बैल है। बैल स्वभाव से ही अधिक पारिश्रमी और बहुत अधिक वीर्यवान होता है, साधारणत: वह शांत रहता है, किन्तु क्रोध आने पर वह उग्र रूप धारण कर लेता है।

2👉 बैल के समान स्वभाव वृष राशि के जातक में भी पाया जाता है। वृष राशि का स्वामी शुक्र ग्रह है।

3👉 इसके अन्तर्गत कृत्तिका नक्षत्र के तीन चरण, रोहिणी के चारों चरण और मृगशिरा के प्रथम दो चरण आते हैं।

4👉 इनके जीवन में पिता-पुत्र का कलह रहता है, जातक का मन सरकारी कार्यों की ओर रहता है। सरकारी ठेकेदारी का कार्य करवाने की योग्यता रहती है।

5👉 पिता के पास जमीनी काम या जमीन के द्वारा जीविकोपार्जन का साधन होता है। जातक अधिकतर तामसी भोजन में अपनी रुचि दिखाता है।

6👉 गुरु का प्रभाव जातक में ज्ञान के प्रति अहम भाव को पैदा करने वाला होता है, वह जब भी कोई बात करता है तो स्वाभिमान की बात करता है।

7👉 सरकारी क्षेत्रों की शिक्षा और उनके काम जातक को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।

8👉 किसी प्रकार से केतु का बल मिल जाता है तो जातक सरकार का मुख्य सचेतक बनने की योग्यता रखता है। मंगल के प्रभाव से जातक के अंदर मानसिक गर्मी प्रदान करता है।

9👉 कल-कारखानों, स्वास्थ्य कार्यों और जनता के झगड़े सुलझाने का कार्य जातक कर सकता है, जातक की माता के जीवन में परेशानी ज्यादा होती है।

10👉 ये अधिक सौन्दर्य प्रेमी और कला प्रिय होते हैं। जातक कला के क्षेत्र में नाम करता है।

11👉 माता और पति का साथ या माता और पत्नी का साथ घरेलू वातावरण मे सामंजस्यता लाता है, जातक अपने जीवनसाथी के अधीन रहना पसंद करता है।

12👉 चन्द्र-बुध जातक को कन्या संतान अधिक देता है और माता के साथ वैचारिक मतभेद का वातावरण बनाता है।

13👉 आपके जीवन में व्यापारिक यात्राएं काफी होती हैं, अपने ही बनाए हुए उसूलों पर जीवन चलाता है।

14👉 हमेशा दिमाग में कोई योजना बनती रहती है। कई बार अपने किए गए षडयंत्रों में खुद ही फंस भी जाते हैं।

15👉 रोहिणी के चौथे चरण के मालिक चन्द्रमा हैं, जातक के अंदर हमेशा उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहती है, वह अपने ही मन का राजा होता है।

मिथुन- का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

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राशि स्वरूप- स्त्री-पुरुष आलिंगनबद्ध, राशि स्वामी- बुध।

1👉 यह राशि चक्र की तीसरी राशि है। राशि का प्रतीक युवा दम्पति है, यह द्वि-स्वभाव वाली राशि है।

2👉 मृगसिरा नक्षत्र के तीसरे चरण के मालिक मंगल-शुक्र हैं। मंगल शक्ति और शुक्र माया है।

3👉 जातक के अन्दर माया के प्रति भावना पाई जाती है, जातक जीवनसाथी के प्रति हमेशा शक्ति बन कर प्रस्तुत होता है। साथ ही, घरेलू कारणों के चलते कई बार आपस में तनाव रहता है।

4👉 मंगल और शुक्र की युति के कारण जातक में स्त्री रोगों को परखने की अद्भुत क्षमता होती है।

5👉 जातक वाहनों की अच्छी जानकारी रखता है। नए-नए वाहनों और सुख के साधनों के प्रति अत्यधिक आकर्षण होता है। इनका घरेलू साज-सज्जा के प्रति अधिक झुकाव होता है।

6👉 मंगल के कारण जातक वचनों का पक्का बन जाता है।

7👉 गुरु आसमान का राजा है तो राहु गुरु का शिष्य, दोनों मिलकर जातक में ईश्वरीय ताकतों को बढ़ाते हैं।

8👉 इस राशि के लोगों में ब्रह्माण्ड के बारे में पता करने की योग्यता जन्मजात होती है। वह वायुयान और सेटेलाइट के बारे में ज्ञान बढ़ाता है।

9👉 राहु-शनि के साथ मिलने से जातक के अन्दर शिक्षा और शक्ति उत्पादित होती है। जातक का कार्य शिक्षा स्थानों में या बिजली, पेट्रोल या वाहन वाले कामों की ओर होता है।

10👉 जातक एक दायरे में रह कर ही कार्य कर पाता है और पूरा जीवन कार्योपरान्त फलदायक रहता है। जातक के अंदर एक मर्यादा होती है जो उसे धर्म में लीन करती है और जातक सामाजिक और धार्मिक कार्यों में अपने को रत रखता है।

11👉 गुरु जो ज्ञान का मालिक है, उसे मंगल का साथ मिलने पर उच्च पदासीन करने के लिए और रक्षा आदि विभागों की ओर ले जाता है।

12👉 जातक अपने ही विचारों, अपने ही कारणों से उलझता है। मिथुन राशि पश्चिम दिशा की द्योतक है, जो चन्द्रमा की निर्णय समय में जन्म लेते हैं, वे मिथुन राशि के कहे जाते हैं।

13👉 बुध की धातु पारा है और इसका स्वभाव जरा सी गर्मी-सर्दी में ऊपर नीचे होने वाला है। जातकों में दूसरे की मन की बातें पढऩे, दूरदृष्टि, बहुमुखी प्रतिभा, अधिक चतुराई से कार्य करने की क्षमता होती है।

14👉 जातक को बुद्धि वाले कामों में ही सफलता मिलती है। अपने आप पैदा होने वाली मति और वाणी की चतुरता से इस राशि के लोग कुशल कूटनीतिज्ञ और राजनीतिज्ञ भी बन जाते हैं।

15👉 हर कार्य में जिज्ञासा और खोजी दिमाग होने के कारण इस राशि के लोग अन्वेषण में भी सफलता लेते रहते हैं और पत्रकार, लेखक, मीडियाकर्मी, भाषाओं की जानकारी, योजनाकार भी बन सकते हैं।

कर्क- ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

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राशि स्वरूप- केकड़ा, राशि स्वामी- चंद्रमा।

1👉 राशि चक्र की चौथी राशि कर्क है। इस राशि का चिह्न केकड़ा है। यह चर राशि है।

2👉 राशि स्वामी चन्द्रमा है। इसके अन्तर्गत पुनर्वसु नक्षत्र का अन्तिम चरण, पुष्य नक्षत्र के चारों चरण तथा अश्लेषा नक्षत्र के चारों चरण आते हैं।

3👉 कर्क राशि के लोग कल्पनाशील होते हैं। शनि-सूर्य जातक को मानसिक रूप से अस्थिर बनाते हैं और जातक में अहम की भावना बढ़ाते हैं।

4👉 जिस स्थान पर भी वह कार्य करने की इच्छा करता है, वहां परेशानी ही मिलती है।

5👉 शनि-बुध दोनों मिलकर जातक को होशियार बना देते हैं। शनि-शुक्र जातक को धन और जायदाद देते हैं।

6👉 शुक्र उसे सजाने संवारने की कला देता है और शनि अधिक आकर्षण देता है।

7👉 जातक उपदेशक बन सकता है। बुध गणित की समझ और शनि लिखने का प्रभाव देते हैं। कम्प्यूटर आदि का प्रोग्रामर बनने में जातक को सफलता मिलती है।

8👉 जातक श्रेष्ठ बुद्धि वाला, जल मार्ग से यात्रा पसंद करने वाला, कामुक, कृतज्ञ, ज्योतिषी, सुगंधित पदार्थों का सेवी और भोगी होता है। वह मातृभक्त होता है।

9👉 कर्क, केकड़ा जब किसी वस्तु या जीव को अपने पंजों को जकड़ लेता है तो उसे आसानी से नहीं छोड़ता है। उसी तरह जातकों में अपने लोगों तथा विचारों से चिपके रहने की प्रबल भावना होती है।

10👉 यह भावना उन्हें ग्रहणशील, एकाग्रता और धैर्य के गुण प्रदान करती है।

11👉 उनका मूड बदलते देर नहीं लगती है। कल्पनाशक्ति और स्मरण शक्ति बहुत तीव्र होती है।

12👉 उनके लिए अतीत का महत्व होता है। मैत्री को वे जीवन भर निभाना जानते हैं, अपनी इच्छा के स्वामी होते हैं।

13👉 ये सपना देखने वाले होते हैं, परिश्रमी और उद्यमी होते हैं।

14👉 जातक बचपन में प्राय: दुर्बल होते हैं, किन्तु आयु के साथ साथ उनके शरीर का विकास होता जाता है।

15👉 चूंकि कर्क कालपुरुष की वक्षस्थल और पेट का प्रतिधिनित्व करती है, अत: जातकों को अपने भोजन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

सिंह- मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

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राशि स्वरूप- शेर जैसा, राशि स्वामी- सूर्य।

1👉 सिंह राशि पूर्व दिशा की द्योतक है। इसका चिह्न शेर है। राशि का स्वामी सूर्य है और इस राशि का तत्व अग्नि है।

2👉 इसके अन्तर्गत मघा नक्षत्र के चारों चरण, पूर्वा फाल्गुनी के चारों चरण और उत्तराफाल्गुनी का पहला चरण आता है।

3👉 केतु-मंगल जातक में दिमागी रूप से आवेश पैदा करता है। केतु-शुक्र, जो जातक में सजावट और सुन्दरता के प्रति आकर्षण को बढ़ाता है।

4👉 केतु-बुध, कल्पना करने और हवाई किले बनाने के लिए सोच पैदा करता है। चंद्र-केतु जातक में कल्पना शक्ति का विकास करता है। शुक्र-सूर्य जातक को स्वाभाविक प्रवृत्तियों की तरफ बढ़ाता है।

5👉 जातक का सुन्दरता के प्रति मोह होता है और वे कामुकता की ओर भागता है। जातक में अपने प्रति स्वतंत्रता की भावना रहती है और किसी की बात नहीं मानता।

6👉 जातक, पित्त और वायु विकार से परेशान रहने वाले लोग, रसीली वस्तुओं को पसंद करने वाले होते हैं। कम भोजन करना और खूब घूमना, इनकी आदत होती है।

7👉 छाती बड़ी होने के कारण इनमें हिम्मत बहुत अधिक होती है और मौका आने पर यह लोग जान पर खेलने से भी नहीं चूकते।

8👉 जातक जीवन के पहले दौर में सुखी, दूसरे में दुखी और अंतिम अवस्था में पूर्ण सुखी होता है।

9👉 सिंह राशि वाले जातक हर कार्य शाही ढंग से करते हैं, जैसे सोचना शाही, करना शाही, खाना शाही और रहना शाही।

10👉 इस राशि वाले लोग जुबान के पक्के होते हैं। जातक जो खाता है वही खाएगा, अन्यथा भूखा रहना पसंद करेगा, वह आदेश देना जानता है, किसी का आदेश उसे सहन नहीं होता है, जिससे प्रेम करेगा, उस मरते दम तक निभाएगा, जीवनसाथी के प्रति अपने को पूर्ण रूप से समर्पित रखेगा, अपने व्यक्तिगत जीवन में किसी का आना इस राशि वाले को कतई पसंद नहीं है।

11👉 जातक कठोर मेहनत करने वाले, धन के मामलों में बहुत ही भाग्यशाली होते हैं। स्वर्ण, पीतल और हीरे-जवाहरात का व्यवसाय इनको बहुत फायदा देने वाले होते हैं।

12👉 सरकार और नगर पालिका वाले पद इनको खूब भाते हैं। जातकों की वाणी और चाल में शालीनता पाई जाती है।

13👉 इस राशि वाले जातक सुगठित शरीर के मालिक होते हैं। नृत्य करना भी इनकी एक विशेषता होती है, अधिकतर इस राशि वाले या तो बिलकुल स्वस्थ रहते है या फिर आजीवन बीमार रहते हैं।

14👉 जिस वारावरण में इनको रहना चाहिए, अगर वह न मिले, इनके अभिमान को कोई ठेस पहुंचाए या इनके प्रेम में कोई बाधा आए, तो यह बीमार रहने लगते है।

15👉 रीढ़ की हड्डी की बीमारी या चोटों से अपने जीवन को खतरे में डाल लेते हैं। इस राशि के लोगों के लिये हृदय रोग, धड़कन का तेज होना, लू लगना और आदि बीमारी होने की संभावना होती है।

कन्या- ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

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राशि स्वरूप- कन्या, राशि स्वामी- बुध।

1👉 राशि चक्र की छठी कन्या राशि दक्षिण दिशा की द्योतक है। इस राशि का चिह्न हाथ में फूल लिए कन्या है। राशि का स्वामी बुध है। इसके अन्तर्गत उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र के दूसरे, तीसरे और चौथे चरण, चित्रा के पहले दो चरण और हस्त नक्षत्र के चारों चरण आते हैं।

2👉 कन्या राशि के लोग बहुत ज्यादा महत्वाकांक्षी होते हैं। भावुक भी होते हैं और वह दिमाग की अपेक्षा दिल से ज्यादा काम लेते हैं।

3👉 इस राशि के लोग संकोची, शर्मीले और झिझकने वाले होते हैं।

4👉 मकान, जमीन और सेवाओं वाले क्षेत्र में इस राशि के जातक कार्य करते हैं।

5👉 स्वास्थ्य की दृष्टि से फेफड़ों में शीत, पाचनतंत्र एवं आंतों से संबंधी बीमारियां जातकों मे मिलती हैं। इन्हें पेट की बीमारी से प्राय: कष्ट होता है। पैर के रोगों से भी सचेत रहें।

6👉 बचपन से युवावस्था की अपेक्षा जातकों की वृद्धावस्था अधिक सुखी और ज्यादा स्थिर होता है।

7👉 इस राशि वाल पुरुषों का शरीर भी स्त्रियों की भांति कोमल होता है। ये नाजुक और ललित कलाओं से प्रेम करने वाले लोग होते हैं।

8👉 ये अपनी योग्यता के बल पर ही उच्च पद पर पहुंचते हैं। विपरीत परिस्थितियां भी इन्हें डिगा नहीं सकतीं और ये अपनी सूझबूझ, धैर्य, चातुर्य के कारण आगे बढ़ते रहते है।

9👉 बुध का प्रभाव इनके जीवन मे स्पष्ट झलकता है। अच्छे गुण, विचारपूर्ण जीवन, बुद्धिमत्ता, इस राशि वाले में अवश्य देखने को मिलती है।

10👉 शिक्षा और जीवन में सफलता के कारण लज्जा और संकोच तो कम हो जाते हैं, परंतु नम्रता तो इनका स्वाभाविक गुण है।

11👉 इनको अकारण क्रोध नहीं आता, किंतु जब क्रोध आता है तो जल्दी समाप्त नहीं होता। जिसके कारण क्रोध आता है, उसके प्रति घृणा की भावना इनके मन में घर कर जाती है।

12👉 इनमें भाषण व बातचीत करने की अच्छी कला होती है। संबंधियों से इन्हें विशेष लाभ नहीं होता है, इनका वैवाहिक जीवन भी सुखी नहीं होता। यह जरूरी नहीं कि इनका किसी और के साथ संबंध होने के कारण ही ऐसा होगा।

13👉 इनके प्रेम सम्बन्ध प्राय: बहुत सफल नहीं होते हैं। इसी कारण निकटस्थ लोगों के साथ इनके झगड़े चलते रहते हैं।

14👉 ऐसे व्यक्ति धार्मिक विचारों में आस्था तो रखते हैं, परंतु किसी विशेष मत के नहीं होते हैं। इन्हें बहुत यात्राएं भी करनी पड़ती है तथा विदेश गमन की भी संभावना रहती है। जिस काम में हाथ डालते हैं लगन के साथ पूरा करके ही छोड़ते हैं।

15👉 इस राशि वाले लोग अपरिचित लोगों मे अधिक लोकप्रिय होते हैं, इसलिए इन्हें अपना संपर्क विदेश में बढ़ाना चाहिए। वैसे इन व्यक्ति की मैत्री किसी भी प्रकार के व्यक्ति के साथ हो सकती है।

तुला- रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

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राशि स्वरूप- तराजू जैसा, राशि स्वामी- शुक्र।

1👉 तुला राशि का चिह्न तराजू है और यह राशि पश्चिम दिशा की द्योतक है, यह वायुतत्व की राशि है। शुक्र राशि का स्वामी है। इस राशि वालों को कफ की समस्या होती है।

2👉 इस राशि के पुरुष सुंदर, आकर्षक व्यक्तित्व वाले होते हैं। आंखों में चमक व चेहरे पर प्रसन्नता झलकती है। इनका स्वभाव सम होता है।

3👉 किसी भी परिस्थिति में विचलित नहीं होते, दूसरों को प्रोत्साहन देना, सहारा देना इनका स्वभाव होता है। ये व्यक्ति कलाकार, सौंदर्योपासक व स्नेहिल होते हैं।

4👉 ये लोग व्यावहारिक भी होते हैं व इनके मित्र इन्हें पसंद करते हैं।

5👉 तुला राशि की स्त्रियां मोहक व आकर्षक होती हैं। स्वभाव खुशमिजाज व हंसी खनखनाहट वाली होती हैं। बुद्धि वाले काम करने में अधिक रुचि होती है।

6👉 घर की साजसज्जा व स्वयं को सुंदर दिखाने का शौक रहता है। कला, गायन आदि गृह कार्य में दक्ष होती हैं। बच्चों से बेहद जुड़ाव रहता है।

7👉 तुला राशि के बच्चे सीधे, संस्कारी और आज्ञाकारी होते हैं। घर में रहना अधिक पसंद करते हैं। खेलकूद व कला के क्षेत्र में रुचि रखते हैं।

8👉 तुला राशि के जातक दुबले-पतले, लम्बे व आकर्षक व्यक्तिव वाले होते हैं। जीवन में आदर्शवाद व व्यवहारिकता में पर्याप्त संतुलन रखते हैं।

9👉 इनकी आवाज विशेष रूप से सौम्य होती हैं। चेहरे पर हमेशा एक मुस्कान छाई रहती है।

10👉 इन्हें ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा करना बहुत भाता है। ये एक अच्छे साथी हैं, चाहें वह वैवाहिक जीवन हो या व्यावसायिक जीवन।

11👉 आप अपने व्यवहार में बहुत न्यायवादी व उदार होते हैं। कला व साहित्य से जुड़े रहते हैं। गीत, संगीत, यात्रा आदि का शौक रखने वाले व्यक्ति अधिक अच्छे लगते हैं।

12👉 लड़कियां आत्म विश्वास से परिपूर्ण होती हैं। आपके मनपसंद रंग गहरा नीला व सफेद होते हैं। आपको वैवाहिक जीवन में स्थायित्व पसंद आता है।

13👉 आप अधिक वाद-विवाद में समय व्यर्थ नहीं करती हैं। आप सामाजिक पार्टियों, उत्सवों में रुचिपूर्वक भाग लेती हैं।

14👉 आपके बच्चे अपनी पढ़ाई या नौकरी आदि के कारण जल्दी ही आपसे दूर जा सकते हैं।

15👉 एक कुशल मां साबित होती हैं जो कि अपने बच्चों को उचित शिक्षा व आत्म विश्वास प्रदान करती हैं।

वृश्चिक- तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

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राशि स्वरूप- बिच्छू जैसा, राशि स्वामी- मंगल।

1👉 वृश्चिक राशि का चिह्न बिच्छू है और यह राशि उत्तर दिशा की द्योतक है। वृश्चिक राशि जलतत्व की राशि है। इसका स्वामी मंगल है। यह स्थिर राशि है, यह स्त्री राशि है।

2👉 इस राशि के व्यक्ति उठावदार कद-काठी के होते हैं। यह राशि गुप्त अंगों, उत्सर्जन, तंत्र व स्नायु तंत्र का प्रतिनिधित्व करती है। अत: मंगल की कमजोर स्थिति में इन अंगों के रोग जल्दी होते हैं। ये लोग एलर्जी से भी अक्सर पीडि़त रहते हैं। विशेषकर जब चंद्रमा कमजोर हो।

3👉 वृश्चिक राशि वालों में दूसरों को आकर्षित करने की अच्छी क्षमता होती है। इस राशि के लोग बहादुर, भावुक होने के साथ-साथ कामुक होते हैं।

4👉 शरीरिक गठन भी अच्छा होता है। ऐसे व्यक्तियों की शारीरिक संरचना अच्छी तरह से विकसित होती है। इनके कंधे चौड़े होते हैं। इनमें शारीरिक व मानसिक शक्ति प्रचूर मात्रा में होती है।

5👉 इन्हें बेवकूफ बनाना आसान नहीं होता है, इसलिए कोई इन्हें धोखा नहीं दे सकता। ये हमेशा साफ-सुथरी और सही सलाह देने में विश्वास रखते हैं। कभी-कभी साफगोई विरोध का कारण भी बन सकती है।

6👉 ये जातक दूसरों के विचारों का विरोध ज्यादा करते हैं, अपने विचारों के पक्ष में कम बोलते हैं और आसानी से सबके साथ घुलते-मिलते नहीं हैं।

7👉 यह जातक अक्सर विविधता की तलाश में रहते हैं। वृश्चिक राशि से प्रभावित लड़के बहुत कम बोलते होते हैं। ये आसानी से किसी को भी आकर्षित कर सकते हैं। इन्हें दुबली-पतली लड़कियां आकर्षित करती हैं।

8👉 वृश्चिक वाले एक जिम्मेदार गृहस्थ की भूमिका निभाते हैं। अति महत्वाकांक्षी और जिद्दी होते हैं। अपने रास्ते चलते हैं मगर किसी का हस्तक्षेप पसंद नहीं करते।

9👉 लोगों की गलतियों और बुरी बातों को खूब याद रखते हैं और समय आने पर उनका उत्तर भी देते हैं। इनकी वाणी कटु और गुस्सा तेज होता है मगर मन साफ होता है। दूसरों में दोष ढूंढने की आदत होती है। जोड़-तोड़ की राजनीति में चतुर होते हैं।

10👉 इस राशि की लड़कियां तीखे नयन-नक्ष वाली होती हैं। यह ज्यादा सुन्दर न हों तो भी इनमें एक अलग आकर्षण रहता है। इनका बातचीत करने का अपना विशेष अंदाज होता है।

11👉 ये बुद्धिमान और भावुक होती हैं। इनकी इच्छा शक्ति बहुत दृढ़ होती है। स्त्रियां जिद्दी और अति महत्वाकांक्षी होती हैं। थोड़ी स्वार्थी प्रवृत्ति भी होती हैं।

12👉 स्वतंत्र निर्णय लेना इनकी आदत में होते है। मायके परिवार से अधिक स्नेह रहता है। नौकरीपेशा होने पर अपना वर्चस्व बनाए रखती हैं।

13👉 इन लोगों काम करने की क्षमता काफी अधिक होती है। वाणी की कटुता इनमें भी होती है, सुख-साधनों की लालसा सदैव बनी ही रहती है।

14👉 ये सभी जातक जिद्दी होते हैं, काम के प्रति लगन रखते हैं, महत्वाकांक्षी व दूसरों को प्रभावित करने की योग्यता रखते हैं। ये व्यक्ति उदार व आत्मविश्वासी भी होते है।

15👉 वृश्चिक राशि के बच्चे परिवार से अधिक स्नेह रखते हैं। कम्प्यूटर-टीवी का बेहद शौक होता है। दिमागी शक्ति तीव्र होती है, खेलों में इनकी रुचि होती है।

धनु- ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

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राशि स्वरूप- धनुष उठाए हुए, राशि स्वामी- बृहस्पति।

1👉 धनु द्वि-स्वभाव वाली राशि है। इस राशि का चिह्न धनुषधारी है। यह राशि दक्षिण दिशा की द्योतक है।

2👉 धनु राशि वाले काफी खुले विचारों के होते हैं। जीवन के अर्थ को अच्छी तरह समझते हैं।

3👉 दूसरों के बारे में जानने की कोशिश में हमेशा करते रहते हैं।

4👉 धनु राशि वालों को रोमांच काफी पसंद होता है। ये निडर व आत्म विश्वासी होते हैं। ये अत्यधिक महत्वाकांक्षी और स्पष्टवादी होते हैं।

5👉 स्पष्टवादिता के कारण दूसरों की भावनाओं को ठेस पहुंचा देते हैं।

👉 इनके अनुसार जो इनके द्वारा परखा हुआ है, वही सत्य है। अत: इनके मित्र कम होते हैं। ये धार्मिक विचारधारा से दूर होते हैं।

7👉 धनु राशि के लड़के मध्यम कद काठी के होते हैं। इनके बाल भूरे व आंखें बड़ी-बड़ी होती हैं। इनमें धैर्य की कमी होती है।

8👉 इन्हें मेकअप करने वाली लड़कियां पसंद हैं। इन्हें भूरा और पीला रंग प्रिय होता है।

9👉 अपनी पढ़ाई और करियर के कारण अपने जीवन साथी और विवाहित जीवन की उपेक्षा कर देते हैं। पत्नी को शिकायत का मौका नहीं देते और घरेलू जीवन का महत्व समझते हैं।

10👉 धनु राशि की लड़कियां लंबे कदमों से चलने वाली होती हैं। ये आसानी से किसी के साथ दोस्ती नहीं करती हैं।

11👉 ये एक अच्छी श्रोता होती हैं और इन्हें खुले और ईमानदारी पूर्ण व्यवहार के व्यक्ति पसंद आते हैं। इस राशि की स्त्रियां गृहणी बनने की अपेक्षा सफल करियर बनाना चाहती है।

12👉 इनके जीवन में भौतिक सुखों की महत्ता रहती है। सामान्यत: सुखी और संपन्न जीवन व्यतीत करती हैं।

13👉 इस राशि के जातक ज्यादातर अपनी सोच का विस्तार नहीं करते एवं कई बार कन्फयूज रहते हैं। एक निर्णय पर पंहुचने पर इनको समय लगता है एवं यह देरी कई बार नुकसान दायक भी हो जाती है।

14👉 ज्यादातर यह लोग दूसरों के मामलों में दखल नहीं देते एवं अपने काम से काम रखते हैं।

15👉 इनका पूरा जीवन लगभग मेहनत करके कमाने में जाता है या यह अपने पुश्तैनी कार्य को ही आगे बढाते हैं।

मकर- भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

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राशि स्वरूप- मगर जैसा, राशि स्वामी- शनि।

1👉 मकर राशि का चिह्न मगरमच्छ है। मकर राशि के व्यक्ति अति महत्वाकांक्षी होते हैं। यह सम्मान और सफलता प्राप्त करने के लिए लगातार कार्य कर सकते हैं।

2👉 इनका शाही स्वभाव व गंभीर व्यक्तित्व होता है। आपको अपने उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए बहुत कठिन परिश्रम करना पड़ता है।

3👉 इन्हें यात्रा करना पसंद है। गंभीर स्वभाव के कारण आसानी से किसी को मित्र नहीं बनाते हैं। इनके मित्र अधिकतर कार्यालय या व्यवसाय से ही संबंधित होते हैं।

4👉 सामान्यत: इनका मनपसंद रंग भूरा और नीला होता है। कम बोलने वाले, गंभीर और उच्च पदों पर आसीन व्यक्तियों को ज्यादा पसंद करते हैं।

5👉 ईश्वर व भाग्य में विश्वास करते हैं। दृढ़ पसंद-नापसंद के चलते इनका वैवाहिक जीवन लचीला नहीं होता और जीवनसाथी को आपसे परेशानी महसूस हो सकती है।

6👉 मकर राशि के लड़के कम बोलने वाले होते हैं। इनके हाथ की पकड़ काफी मजबूत होती है। देखने में सुस्त, लेकिन मानसिक रूप से बहुत चुस्त होते हैं।

7👉 प्रत्येक कार्य को बहुत योजनाबद्ध ढंग से करते हैं। गहरा नीला या श्वेत रंग प्रधान वस्त्र पहने हुए लड़कियां इन्हें बहुत पसंद आती हैं।

8👉 आपकी खामोशी आपके साथी को प्रिय होती है। अगर आपका जीवनसाथी आपके व्यवहार को अच्छी तरह समझ लेता है तो आपका जीवन सुखपूर्वक व्यतीत होता है।

9👉 आप जीवन साथी या मित्रों के सहयोग से उन्नति प्राप्त कर सकते हैं।

10👉 मकर राशि की लड़कियां लम्बी व दुबली-पतली होती हैं। यह व्यायाम आदि करना पसंद करती हैं। लम्बे कद के बाबजूद आप ऊंची हिल की सैंडिल पहनना पसंद करती हैं।

11👉 पारंपरिक मूल्यों पर विश्वास करने वाली होती हैं। छोटे-छोटे वाक्यों में अपने विचारों को व्यक्त करती हैं।

12👉 दूसरों के विचारों को अच्छी तरह से समझ सकती हैं। इनके मित्र बहुत होते हैं और नृत्य की शौकिन होती हैं।

13👉 इनको मजबूत कद कठी के व्यक्ति बहुत आकर्षित करते हैं। अविश्वसनीय संबंधों में विश्वास नहीं करती हैं।

14👉 अगर आप करियर वुमन हैं तो आप कार्य क्षेत्र में अपना अधिकतर समय व्यतीत करती हैं।

15👉 आप अपने घर या घरेलू कार्यों के विषय में अधिक चिंता नहीं करती हैं।

कुंभ- गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

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राशि स्वरूप- घड़े जैसा, राशि स्वामी- शनि।

1👉 राशि चक्र की यह ग्यारहवीं राशि है। कुंभ राशि का चिह्न घड़ा लिए खड़ा हुआ व्यक्ति है। इस राशि का स्वामी भी शनि है। शनि मंद ग्रह है तथा इसका रंग नीला है। इसलिए इस राशि के लोग गंभीरता को पसंद करने वाले होते हैं एवं गंभीरता से ही कार्य करते हैं।

2👉 कुंभ राशि वाले लोग बुद्धिमान होने के साथ-साथ व्यवहारकुशल होते हैं। जीवन में स्वतंत्रता के पक्षधर होते हैं। प्रकृति से भी असीम प्रेम करते हैं।

3👉 शीघ्र ही किसी से भी मित्रता स्थपित कर सकते हैं। आप सामाजिक क्रियाकलापों में रुचि रखने वाले होते हैं। इसमें भी साहित्य, कला, संगीत व दान आपको बेहद पसंद होता हैं।

4👉 इस राशि के लोगों में साहित्य प्रेम भी उच्च कोटि का होता है।

5👉 आप केवल बुद्धिमान व्यक्तियों के साथ बातचीत पसंद करते हैं। कभी भी आप अपने मित्रों से असमानता का व्यवहार नहीं करते हैं।

6👉 आपका व्यवहार सभी को आपकी ओर आकर्षित कर लेता है।

7👉 कुंभ राशि के लड़के दुबले होते हैं। आपका व्यवहार स्नेहपूर्ण होता है। इनकी मुस्कान इन्हें आकर्षक व्यक्तित्व प्रदान करती है।

8👉 इनकी रुचि स्तरीय खान-पान व पहनावे की ओर रहती है। ये बोलने की अपेक्षा सुनना ज्यादा पसंद करते हैं। इन्हें लोगों से मिलना जुलना अच्छा लगता है।

9👉 अपने व्यवहार में बहुत ईमानदार रहते हैं, इसलिये अनेक लड़कियां आपकी प्रशंसक होती हैं। आपको कलात्मक अभिरुचि व सौम्य व्यक्तित्व वाली लड़कियां आकर्षित करती हैं।

10👉 अपनी इच्छाओं को दूसरों पर लादना पसंद नहीं करते हैं और अपने घर परिवार से स्नेह रखते हैं।

11👉 कुंभ राशि की लड़कियां बड़ी-बड़ी आंखों वाली व भूरे बालों वाली होती हैं। यह कम बोलती हैं, इनकी मुस्कान आकर्षक होती है।

12👉 इनका व्यक्तित्व बहुत आकर्षक होता है, किन्तु आसानी से किसी को अपना नहीं बनाती हैं। ये अति सुंदर और आकर्षक होती हैं।

13👉 आप किसी कलात्मक रुचि, पेंटिग, काव्य, संगीत, नृत्य या लेखन आदि में अपना समय व्यतीत करती हैं।

14👉 ये सामान्यत: गंभीर व कम बोलने वाले व्यक्तियों के प्रति आकर्षित होती हैं।

15👉 इनका जीवन सुखपूर्वक व्यतित होता है, क्योंकि ये ज्यादा इच्छाएं नहीं करती हैं। अपने घर को भी कलात्मक रूप से सजाती हैं।

मीन- दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

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राशि स्वरूप- मछली जैसा, राशि स्वामी- बृहस्पति।

1👉 मीन राशि का चिह्न मछली होता है। मीन राशि वाले मित्रपूर्ण व्यवहार के कारण अपने कार्यालय व आस पड़ोस में अच्छी तरह से जाने जाते हैं।

2👉 आप कभी अति मैत्रीपूर्ण व्यवहार नहीं करते हैं। बल्कि आपका व्यवहार बहुत नियंत्रित रहता है। ये आसानी से किसी के विचारों को पढ़ सकते हैं।

3👉 अपनी ओर से उदारतापूर्ण व संवेदनाशील होते हैं और व्यर्थ का दिखावा व चालाकी को बिल्कुल नापसंद करते हैं।

4👉 एक बार किसी पर भी भरोसा कर लें तो यह हमेशा के लिए होता है, इसीलिये आप आपने मित्रों से अच्छा भावानात्मक संबंध बना लेते हैं।

5👉 ये सौंदर्य और रोमांस की दुनिया में रहते हैं। कल्पनाशीलता बहुत प्रखर होती है। अधिकतर व्यक्ति लेखन और पाठन के शौकीन होते हैं। आपको नीला, सफेद और लाल रंग-रूप से आकर्षित करते हैं।

6👉 आपकी स्तरीय रुचि का प्रभाव आपके घर में देखने को मिलता है। आपका घर आपकी जिंदगी में बहुत महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

7👉 अपने धन को बहुत देखभाल कर खर्च करते हैं। आपके अभिन्न मित्र मुश्किल से एक या दो ही होते हैं। जिनसे ये अपने दिल की सभी बातें कह सकते हैं। ये विश्वासघात के अलावा कुछ भी बर्दाश्त कर सकते हैं।

8👉 मीन राशि के लड़के भावुक हृदय व पनीली आंखों वाले होते हैं। अपनी बात कहने से पहले दो बार सोचते हैं। आप जिंदगी के प्रति काफी लचीला दृटिकोण रखते हैं।

9👉 अपने कार्य क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के लिये परिश्रम करते हैं। आपको बुद्धिमान और हंसमुख लोग पसंद हैं।

10👉 आप बहुत संकोचपूर्वक ही किसी से अपनी बात कह पाते हैं। एक कोमल व भावुक स्वभाव के व्यक्ति हैं। आप पत्नी के रूप में गृहणी को ही पसंद करते हैं।

11👉 ये खुद घरेलू कार्यों में दखलंदाजी नहीं करते हैं, न ही आप अपनी व्यावसायिक कार्य में उसका दखल पसंद करते हैं। आपका वैवाहिक जीवन अन्य राशियों की अपेक्षा सर्वाधिक सुखमय रहता है।

12👉 मीन राशि की लड़कियां भावुक व चमकदार आंखों वाली होती हैं। ये आसानी से किसी से मित्रता नहीं करती हैं, लेकिन एक बार उसकी बातों पर विश्वास हो जाए तो आप अपने दिल की बात भी उससे कह देती हैं।

13👉 ये स्वभाव से कला प्रेमी होती हैं। एक बुद्धिमान व सभ्य व्यक्ति आपको आकर्षित करता है। आप शांतिपूर्वक उसकी बात सुन सकती हैं और आसानी से अपनी भावनाओं को व्यक्त नहीं करती हैं।

14👉 अपनी मित्रता और वैवाहिक जीवन में सुरक्षा व दृढ़ता रखना पसंद करती हैं। ये अपने पति के प्रति विश्वसनीय होती है और वैसा ही व्यवहार अपने पति से चाहती हैं।

15👉 आपको ज्योतिष आदि में रुचि हो सकती है। आपको नई-नई चीजें सीखने का शौक होता है।।

Tejraftarnews.in: जिन्नाह को महान बताने वालों!कुछ तो शर्म करो!

रावलपिंडी के समीप हिन्दुओं का एक छोटा सा गांव था। 500 के लगभग व्यसक होंगे। बाकि बच्चे, बुड्ढे। गांव के सरपंच रामलाल एक विशाल बरगद के नीचे बैठे थे। तभी मोहन भागता हुआ आया। बोला सरपंच जी, सरपंच जो। सरपंच जी कहा ,"क्या हुआ मोहन ? " सरपंच जी मुझे पता लगा है यहाँ से 8 कोस दूर हिन्दुओं ने अपना गांव खाली करना शुरू कर दिया है। सिख भाई भी उनके साथ अमृतसर जाने की तैयारी कर रहे है। सरपंच जी ने एक लम्बी साँस ली और कहा," मैंने कल ही रेडियो पर सुना था। महात्मा गाँधी जी ने कहा है कि भारत-पाकिस्तान का विभाजन मेरी लाश पर होगा। क्या तुम्हें उनकी बात पर भरोसा नहीं है?" मोहन बोला," सुना तो मैंने भी है कि जवाहर लाला नेहरू जी ने कहा है कि हिन्दुओं आश्वस्त रहो। भारत के कभी टुकड़े नहीं होंगे। तुम लोग लाहौर और रावलपिंडी में आराम से रहो। पर जिस गांव की मैं बात कर रहा हूँ। उस गांव पर पिछली रात को चारों और के मुसलमान दंगाइयों ने इकट्ठे होकर हमला कर दिया। उनकी संपत्ति लूट ली। दुकानों में आग लगा दी। मैंने तो यह भी सुना की किसी गरीब हिन्दू की लड़की को भी उठा कर ले गए। भय के कारण उन्होंने आज ही पलायन करना शुरू कर दिया हैं।" सरपंच जी बोले,"देखो मोहन। हम यहाँ पर सदियों से रहते आये हैं। एक साथ ईद और दिवाली बनाते आये है। नवरात्र के व्रत और रोज़े रखते आये है। हमें डरने की कोई जरुरत नहीं है। तुम आश्वस्त रहो। " मोहन सरपंच जी की बात सुनकर चुप हो गया मगर उसके मन में रह रहकर यह मलाल आता रहा कि सरपंच जी को कम से कम गांव के हिन्दुओं को इकट्ठा कर सावधान अवश्य करना चाहिए था। अभी दो दिन ही बीते थे। चारों ओर के गांवों के मुसलमान चौधरी इकट्ठे होकर सरपंच से मिलने आये और बोले। हमें मुस्लिम अमन कमेटी के लिए चंदा भेजना है। आप लोग चंदा दो। न नुकर करते हुए भी सरपंच ने गांव से पचास हज़ार रुपया इकठ्ठा करवा दिया। दो दिन बाद फिर आ गए। बोले की ओर दो। सरपंच ने कहा कि अभी तो दिया था। बोले की, "कम पड़ गया और दो। तुमने सुना नहीं 8 कोस दूर हिन्दुओं के गांव का क्या हश्र हुआ है। तुम्हें अपनी सुरक्षा चाहिए या नहीं?" सरपंच ने इस बार भय से सत्तर हज़ार इकट्ठे कर के दिए। दो दिन बाद बलूच रेजिमेंट की लोरी आई और हिन्दुओं को इकठ्ठा कर सभी हथियार यहाँ तक की लाठी, तलवार सब जमा कर ले गई। बोली की यह दंगों से बचाने के लिए किया है। क़ुराने पाक की कसम खाकर रक्षा का वायदा भी कर गई। नवें दिन गांव को मुसलमान दंगाइयों ने घेर लिया। सरपंच को अचरज हुआ जब उसने देखा कि जो हथियार बलूच रेजिमेंट उनके गांव से जब्त कर ले गई थी। वही हथियार उन दंगाइयों के हाथ में हैं। दंगाइयों ने घरों में आग लगा दी।संपत्ति लूट ली। अनेकों को मौत के घाट उतार दिया गया। हिन्दुओं की माताओं और बहनों की उन्हीं की आँखों के सामने बेइज्जती की गई। सैकड़ों हिन्दू औरतों को नंगा कर उनका जुलुस निकाला। हिन्दू पुरुष मन मन में यही विनती कर रहे थे कि ऐसा देखने से पहले उन्हें मौत क्यों न आ गई। पर बेचारे क्या करते। गाँधी और नेहरू ने जूठे आश्वासन जो दिए थे। गांव के कुछ बचे लोग अँधेरे का लाभ उठाकर खेतों में भाग कर छुप गए। न जाने कैसे वह रात बिताई। अगले दिन अपने ही घर वालों की लाशे कुएं में डाल कर अटारी के लिए रेल पकड़नी थी। इसलिए किसी को सुध न थी। आगे क्या होगा। कैसे जियेंगे। कहाँ रहेंगे। यह कहानी कोई एक घर की नहीं थी। यह तो लाहौर, डेरा गाजी खां, झेलम, सियालकोट, कोहाट, मुलतान हर जगह एक ही कहानी थी। कहानी क्या साक्षात् नर पिशाचों का नंगा नाच था।

तत्कालीन कांग्रेस के अध्यक्ष आचार्य कृपलानी के शब्दों में इस कहानी को पढ़िए

"आठ मास हुए आपने मुझे कांग्रेस का अध्यक्ष चुना था। महात्मा गाँधी ने एक प्रार्थना सभा के भाषण में कहा था कि मुझे फूलों का मुकुट नहीं पहनाया जा रहा है। बल्कि काँटों की सेज पर सुलाया जा रहा है। उनका कहना बिलकुल ठीक है। उनकी घोषणा होने के दो दिन बाद मुझे नोआखली जाना पड़ा। वहां से बिहार और अभी मैं पंजाब होकर आया हूँ। नोआखली में जो देखा वह मेरे लिए नया अनुभव था। लेकिन बिहार में जो मैंने देखा वह और भी नया और पंजाब में जो देखा वह और भी अधिक था। मनुष्य मनुष्य नहीं रहा। स्त्रियां बच्चों को साथ लेकर इज्जत बचाने के लिए कुओं में कूद पड़ीं। उनको बाद में उससे बचाया गया। पूजा के एक स्थान में पचास स्त्रियों को इकठ्ठा करके उनके घर के लोगों ने उनको मार दिया। एक स्थान में 370 स्त्रियों और बच्चों ने अपने को आग को भेंट कर दिया है।-आचार्य कृपलानी"

(सन्दर्भ- श्यामजी पराशर, पाकिस्तान का विष वृक्ष, नवंबर,1947 संस्करण, राष्ट्रनिर्माण ग्रन्थ माला, दिल्ली, पृष्ठ 42)

महात्मा गाँधी और नेहरू जो पहले कहते थे कि पाकिस्तान हमारी लाश पर बनेगा अब कहने लगे कि हमने देश का विभाजन डरकर नहीं किया। जो खून खराबा हर तरफ हो रहा है, उसी को रोकने के लिए किया। जब हमने देखा कि हम किसी तरह भी मुसलमानों को मना नहीं सकते तब ऐसा किया गया। देश को तो 1942 में ही आज़ाद हो जाना था। अंग्रेजों ने देश छोड़ने से पहले मुस्लिम लीग को आगे कर दिया। जिन्नाह ने मांगे रखनी शुरू कर दी। मैं न मानूं की रट लगाए जिन्नाह तानाशाह की स्थिति अर्जित कर कायदे आज़म बन गया। बात बात पर वाक आउट की धमकी देता था। कभी कहता विभाजन कमेटी में सिखों को मत लो। अगर लिया तो मैं बहिष्कार कर दूंगा। कभी कहता सभी सब-कमेटियों का प्रधान किसी मुसलमान को बनाओ। नहीं तो मैं उठ कर चला जाऊंगा। कांग्रेस के लिए जिन्नाह के साथ जीना मुश्किल, जिन्नाह के बिना जीना मुश्किल। फिर जिन्नाह ने दबाव बनाने के लिए अपने गुर्गे सोहरवर्दी के माध्यम से नोआखली और कोलकाता के दंगे करवाए। सीमांत प्रान्त में दंगे करवाए। मेरठ, पानीपत, सहारनपुर, दिल्ली सारा देश जल उठा। आखिर कांग्रेस को विभाजन स्वीकार करना पड़ा। मुसलमानों को उनका देश मिल गया। हिन्दुओं को क्या मिला? एक हिन्दू राष्ट्र के स्थान पर एक सेक्युलर राष्ट्र। जिसमें बहुसंख्यक हिन्दुओं के अधिकारों से ज्यादा अल्पसंख्यक मुसलमानों के अधिकार हैं। पाकिस्तान में बचे हिन्दुओं के अधिकारों की कोई चर्चा नहीं छेड़ता। उसी कांग्रेस का 1947 में विस्थापित एक प्रधानमंत्री आज कहता है कि देश के संसाधनों पर उन्हीं अल्संख्यक मुसलमानों का अधिकार है। हिन्दू धर्मरक्षा के लिए अपने पूर्वजों की धरती छोड़ आये। अमानुषिक यातनायें सही। चित्तोड़ के जौहर के समान ललनाओं की जिन्दा चिताएं जली। राजसी ठाठ ठुकराकर दर दर के भिखारी बने। अपने बेगाने हो गए। यह सब जिन्नाह की जिद्द के चलते हुआ।

और आज मेरे देश के कुछ राजनेता यह कहते है कि जिन्नाह महान था। वह अंग्रेजों से लड़ा था।

अरे धिक्कार है तुमको जो तुम अपना इतिहास भूल गए। उन अकथनीय अत्याचारों को भूल गए। उन बलिदानों को भूल गए। अपने ही हाथों से अपनी बेटियों के काटे गए सरों को भूल गए। जिन्नाह को महान बताते हो। कुछ तो शर्म करो।

(यह लेख उन अज्ञात लाखों हिन्दु पूर्वजों को समर्पित है जिन्होंने धर्मरक्षा हेतु अपने पूर्वजों की भूमि को पंजाब और बंगाल में त्याग दिया। मगर अपने पूर्वजों के धर्म को नहीं छोड़ा। )

Tejraftarnews.in: news लेबनान कभी एक ईसाई देश था, लेकिन जब मुसलमानों ने देश पर कब्ज़ा कर लिया, तो यह हिंसा और बर्बादी की चपेट में आ गया। यह बात लेबनानी-अमेरिकी ब्रिगेट गैब्रियल ने कही है, जो लेबनान के गृहयुद्ध में बच निकली थीं।

#lebanon

गैब्रियल अमेरिका को चेतावनी दे रही हैं, क्योंकि उन्हें अमेरिका में भी वही होता दिख रहा है जो लेबनान में हुआ था।

#muslim

"ईसाई होने के नाते, हमने मुसलमानों के लिए अपने दरवाज़े खोले और उन्हें अपने देश में स्वागत किया। हम सबको साथ लेकर चलना चाहते थे और हमने उन्हें सरकार का हिस्सा भी बनाया।"

"लेकिन कई पत्नियां और बहुत सारे बच्चे होने की वजह से, मुसलमान बहुसंख्यक बन गए। एक बार जब वे बहुसंख्यक बन गए, तो उन्हें लगा कि वे जो चाहें कर सकते हैं, और उन्होंने उन ईसाइयों का कत्लेआम शुरू कर दिया जिन्होंने उनका स्वागत किया था।"

गैब्रियल ने कहा कि लेबनान में कभी सबसे बेहतरीन यूनिवर्सिटी, बैंकिंग सिस्टम और अर्थव्यवस्था थी, और इसे 'मध्य-पूर्व का पेरिस' कहा जाता था।

उन्होंने यह भी कहा कि इस ईसाई देश ने लड़कियों और लड़कों, दोनों की शिक्षा पर ज़ोर दिया और अपने अरब पड़ोसियों का भी स्वागत किया ताकि वे उनकी सफलता में हिस्सेदार बन सकें।

लेकिन, जब मुसलमानों को देश में आने की इजाज़त दी गई और फिर उन्होंने देश पर कब्ज़ा कर लिया, तो सब कुछ बदलना शुरू हो गया। "सत्तर के दशक तक, मुस्लिम लोग बहुमत में आ गए थे, और एक बार जब वे बहुमत में आ गए, तो उन्होंने ईसाइयों का नरसंहार करना और उन्हें मारना शुरू कर दिया।"

"मुझे याद है, 1974 में हमने यात्रा करना बंद कर दिया था, क्योंकि मुसलमानों ने अचानक से जगह-जगह चेकपॉइंट (जांच चौकियां) बनाना शुरू कर दिया था। वे कारों को रोकते थे, लोगों को बाहर निकलने के लिए कहते थे, उनकी ID में उनका ईसाई धर्म देखते थे, और फिर कार में बैठे हर व्यक्ति को बेरहमी से गोली मार देते थे।"

"1975 तक, एक गृहयुद्ध छिड़ गया, क्योंकि रविवार की सुबह मुसलमान चर्च में घुस गए और वहां प्रार्थना कर रहे ईसाई श्रद्धालुओं पर गोलियां चलाना शुरू कर दिया, जिसमें अनगिनत ईसाई मारे गए।"

"जैसे-जैसे मुसलमानों ने खुद को संगठित किया—जिसे सऊदी अरब से आ रहे तेल के पैसों का समर्थन प्राप्त था—वे लेबनान को एक अड्डे के तौर पर इस्तेमाल करके इज़राइल से लड़ना चाहते थे, यहूदियों को मारना चाहते थे, और लेबनान के लोकतंत्र का इस्तेमाल करके उन्हें खदेड़कर समुद्र में धकेल देना चाहते थे।"

"विशेषज्ञों का कहना है कि 1970 के दशक तक, मुस्लिम समुदायों में जन्म दर अधिक होने और बड़ी संख्या में मुस्लिम फ़िलिस्तीनी शरणार्थियों के आने के कारण, मुस्लिम लोग बहुमत में आ गए थे।"

विवरण:

🔺️ 1910 में, लेबनान की कुल आबादी में ईसाइयों की हिस्सेदारी लगभग 77.5 प्रतिशत थी।

🔺️ 1932 की जनगणना तक, पूरे देश में ईसाइयों की संख्या घटकर लगभग 53 प्रतिशत रह गई थी।

🔺️ गृहयुद्ध के बाद (2010): ईसाइयों की संख्या और घटकर 34 प्रतिशत रह गई।

🔺️ 2022 के अनुमान: 30.7 प्रतिशत ईसाई, 69.3 प्रतिशत मुस्लिम।

#ChristinaAguayoNews

🔺️ गैब्रिएल, संयुक्त राज्य अमेरिका को जगाने की कोशिश कर रही हैं।

Tejraftarnews.in: नरेंद्र मोदी जी माफ करना, आप हिंदुओं के नेता बनने लायक नहीं हो

जो कट्टर हिंदू आपको सवर्ण विरोधी बताकर PM पद से हटाना चाहते हैं, वी शायद भूल गए हैं कि:-

-🌹आपने 500 साल बाद राम मंदिर बनाया और उन पूर्वजों के सपनों को साकार किया जो मंदिर के लड़ते लड़ते मर गए

-🌹आपने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनाया और ज्ञानवापी सर्वे कराकर भोलेबाबा खोज लिए

-🌹जो संभल जिहादी चरमपंथ का गढ़ था, वहां की जामा मस्जिद ढांचे में सर्वे कराया ताकि हरिहर मंदिर के मुक्त होने का रास्ता बन सके

-🌹केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण कराया

-🌹उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर के महाकाल लोक बनवाया

-🌹पावागढ़ के महाकाली मंदिर के शिखर पर 500 साल बाद भगवा ध्वज स्थापित किया, जिसे मुगल आक्रांताओं ने तोड़ दिया था

-🌹कोयंबटूर में 112 फीट ऊंची आदियोगी शिव की प्रतिमा का अनावरण किया

-🌹सोमनाथ धाम परिवासर का जीर्णोद्धार कराया

-🌹जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाई व गुलमर्ग का शिव मंदिर, झेलम के रघुनाथ मंदिर, अनंतनाग का मार्तंड मंदिर, पाटन का शंकरगौरीश्वर मंदिर, श्रीनगर का पांड्रेथन मंदिर, अवंतीपुरा का अवंतिस्वामी व अवंतीश्वरा मंदिर का पुनरोद्धार कराया

-🌹अनंतनाग के मार्तण्ड सूर्य मंदिर में सदियों बाद पूजा कराई

-🌹उत्तराखंड के चार धाम केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री को जोड़ने वाली सड़कों के लिए चारधाम परियोजना शुरू

-🌹देवनागरी ऋषिकेश को रेलमार्ग से कर्णप्रयाग से जोड़ा

-🌹अंबाजी तीर्थ का पुनर्निमाण कराया

-🌹स्वदेश दर्शन के तहत 76 परियोजनाएं विकसित की

-🌹चोरी हुई 642 कलाकृतियां विदेश से वापस लाई गई

-🌹करतारपुर साहिब कॉरिडोर का उद्घाटन किया

-🌹वक्फ क़ानून बनाया

-🌹BJP शासित राज्यों में गौहत्या विरोधी क़ानून बना

-🌹BJP शासित राज्यों में धर्मांतरण विरोधी क़ानून बना

-🌹BJP शासित राज्यों में लव जिहाद विरोधी क़ानून बना

-🌹CAA क़ानून बनाकर विदेशों में प्रताड़ित हिंदुओं को भारत की नागरिकता दी

-🌹11 जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय बनाए

-🌹विदेशी नेताओं को फूल नहीं बल्कि गीता भेंट की

-🌹अन्य प्रधानमंत्रियों के विपरीत गर्व से माथे पर त्रिपुंड लगाकर मंदिर-मंदिर घूमे और छद्म सेक्युलरिज्म की जगह सनातनी सभ्यताओं को अपनाया

-🌹भारत मंडपम बनवाया जिसके बाहर भगवान नटराजन की प्रतिमा लगवाई

-🌹मुग़लिया और अंग्रेज ग़ुलामी के तमाम प्रतीक मिटाए

-🌹नया संसद भवन बनाया जिसमें सेंगोल स्थापित किया और प्राचीन अखंड भारत का मानचित्र लगाया

-🌹सरकारी कार्यक्रमों में वंदेमातरम अनिवार्य किया और कटा हुआ नहीं बल्कि पूर्ण वंदेमातरम बजाया

-🌹काला पानी के वीर समारक स्मारक स्थल बनाया

😡इसके बाद भी सोशल मीडिया का कट्टर हिंदू वर्ग आपकी कब्र खोदना चाहता है, आपकी सत्ता को उखाड़ फेंकना चाहता है और आपको हिंदू विरोधी और हिंदुओं में भी सवर्ण विरोधी घोषित कर चुका है और आपको हटाकर उन लोगों को सत्ता में लाने का रास्ता साफ कर रहा है😡

-🔥जो राम मंदिर का विरोध करते रहे

-🔥जो भगवान राम को काल्पनिक बताते थे

-🔥जो ज्ञानवापी और संभल सर्वे के विरोधी हैं

-🔥जो मुस्लिम वोट के कारण मंदिरों में पूजा करने नहीं जाते

-🔥जो 370 की बहाली की बात करते हैं

-🔥जो वक्फ क़ानून के विरोधी है

-🔥जो लव जिहाद और धर्मांतरण क़ानून के विरोधी हैं

❤️मोदी जी, गलती आपकी नहीं है. हम लोग हमेशा स्व एहसानफ़रामोश रहे हैं

❤️जब हम मनोकामनाएं पूर्ण न होने पर भगवान बदल लेते हैं तो आप तो फिर भी एक प्रधानमंत्री मात्र हो

❤️हमें आदत है हिंदू विरोधी सरकारों की और हम वैसी हिंदू विरोधी सरकारें और PM डिजर्व करते हैं, आपके जिस गर्वूट सनातनी प्रधानमंत्री नहीं

🩷खैर सब लोग ऐसे नहीं है, हम पूरी कोशिश करेंगे कि देश आपको खो न दे और आपकी जगह देश की सत्ता ऐसे लोगों को न मिले जो हिंदुओं मो ISIS और तालिबान जैसा बताते रहे हैं।

💕आपकी अपनी #NehaA💕

Tejraftarnews.in: अगर एक फिल्म सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि सच्चाई दिखाने की हिम्मत करे, तो असर भी बड़ा होता है। R. Madhavan की फिल्म धुरंधर यही साबित करती है। इस फिल्म में Ajit Doval जैसे किरदार से प्रेरित कहानी दिखाई गई है, जिसने देश की सुरक्षा के लिए पर्दे के पीछे रहकर बड़े-बड़े फैसले लिए।

फिल्म देखते ही कुछ लोगों की बेचैनी बढ़ जाना भी अपने आप में बहुत कुछ कह देता है। सवाल ये नहीं है कि फिल्म में क्या दिखाया गया, सवाल ये है कि सच्चाई सामने आने पर किन लोगों को तकलीफ हो रही है।

जब देशहित की बात होती है, तो कुछ लोग तिलमिला उठते हैं, और यही इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि कहानी कहीं न कहीं सच के करीब है।

डिस्क्लेमर: यह पोस्ट सोशल मीडिया पर उपलब्ध जानकारी और सामान्य धारणा के आधार पर बनाई गई है। इसका उद्देश्य किसी भी व्यक्ति, समुदाय या समूह की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है।

Tejraftarnews.in: *RSS की स्थापना भारत की आजादी से पहले 1925 में हुई, देश में हिन्दू तब भी थे ।*

   *लेकिन , वो RSS के साथ नहीं, महात्मा गाँधी के साथ चले।*

 

    *इस साथ के बदले गाँधी ने हिंदुओं की जमीन काट कर मुसलमानों को दे दी, वो जमीन जो हज़ारों साल से हिंदुओं की थी।*

    *क्षणिक आवेश के बाद शांत हुआ देश का हिन्दू तब भी गोडसे के साथ नहीं गया, नेहरू के साथ गया।*

*चार दशक बाद, 1980 में भाजपा बनी लेकिन देश का हिन्दू तब भी भाजपा के साथ नहीं था, इंदिरा के साथ था, राजीव के साथ था।* 

*तब संसद भवन/ राष्ट्रपति भवन में रोजा इफ्तार होता था,हिन्दू ने कोई ऐतराज नहीं किया।*

*हिन्दू तो अपने घर में माता को चूनर चढ़ा कर खुश था।* 

*हज के लिए सब्सिडी दी जा रही थी, हिन्दू तब अमरनाथ वैष्णो देवी की यात्रा में आतंकियों की गोली खा कर भी खुश था।*

*ट्रेनों में, पार्कों में, बसों में, सड़कों को घेर कर नमाज होती थी।*

*बेचारा हिन्दू खुद को बचा के कच्ची पगडंडी से घर-ऑफिस निकल जाता था।* 

*( दिल्ली में CAA,NRC के विरोध में महीनों धरना चला, हिन्दू १५-२० किमी चक्कर लगाकर घर आफिस जाता था लेकिन फ्री के चक्कर में केजरीवाल को जिताया। भीषण दंगों का दंश झेला !*

*पूरे देश में वक्फ की आड़ में अनगिनत मस्जिदें बन रही थीं, हिन्दू को कोई ऐतराज नहीं था।*

*वो तो तब अस्पताल मांग रहा था।* 

*जगह जगह मज़ारें बनाकर जमीन कब्जाई जा रही थी, हिन्दू उन्हीं मज़ारों पर माथा टेककर अपने बच्चों के लिए स्कूल मांग रहा था।*

*फिर एक दिन हिंदुओं ने अपने आराध्य श्रीराम जी का अपना एक मंदिर वापस मांग लिया।*

*लेकिन कुछ लोग रावण की तरह अभिमान में डूबे थे।* 

   *रावण ने कहा था सीता वापस नहीं करूँगा, ये राम और इसकी वानर सेना क्या ही कर लेगी।* 

    *कलयुग के रावणों को भी लगा, मन्दिर वापस नहीं करेंगे, ये काल्पनिक राम और इसकी वानर सेना क्या ही कर लेगी।* 

                                                                                                                                                                                        *बाबर ना तो अयोध्या में पैदा हुआ था और न अयोध्या में मरा था।*

*उसके नाम से मस्ज़िद देश में कहीं भी बन सकती थी।* 

*देश में हज़ारों लाखों मस्जिदों के बनने पर भी हिन्दू को ऐतराज नहीं था।* 

*उसे चाहिए था तो बस एक मंदिर, लेकिन उसे मिला क्या?* 

*माथे पर लगाने के लिए रामभक्तों के रक्त से सनी अयोध्या की मिट्टी, अर्चन के लिए खून से लाल सरयू का जल, अर्पण के लिए ट्रेन की बोगी में जली हुई रामभक्तों की लाशें।*

*अभी तक स्कूल अस्पताल नौकरी के सपनों में खोया बहुसंख्यक हिन्दू जिद पर अड़ गया।* *उसका स्वाभिमान जाग गया।*                                                                                                                                                           

   *वो उठ खड़ा हुआ, एकजुट हुआ और अपने ही देश में दोयम दर्जे का नागरिक बने रहने का अभिशाप एक झटके में उखाड़ फेंका।* 

*बात सिर्फ एक मंदिर की थी, आज वो अपना हर मन्दिर वापस लेने की जिद पकड़ बैठा है।* 

   *हिंदुओं ने वो कर दिखाया है, जो संसार की कोई भी सभ्यता नहीं कर पाई।*

       *न यहूदी अपने धार्मिक स्थल वापस ले पाए, न ईसाई और न पारसी।* 

*और ना ही मुसलमान यहूदियों या ईसाईयों से अपने धार्मिक स्थल वापस ले पाए !* 

*लेकिन हिंदुओं ने इनके जबड़े में हाथ डाल कर अपने आराध्य का घर वापस ले लिया।*      

                                                                                                                                                                                                                     *ये मदमस्त वानरों की टोली है,*

*इनके रास्ते में मत आओ,*

*भले ही आप राजनीति के सर्वोच्च पद पर हों या धर्म के।*

 

*ये राम की वानर सेना है, जो लड़ना भी जानती है और अब जीतना भी।*

*और हां अयोध्या तो झांकी है, अभी हिंदू राष्ट्र व मथुरा काशी बाकी है ।*

*भारत माता की जय*

*वंदे मातरम् - जय हिंद*

*इस संदेश को कम से कम पांच ग्रुप में जरूर भेजें*

*कुछ लोग नहीं भेजेंगे जो नहीं भेजेंगे वो वही हिंदू हैं जो उस वक्त भी हिंदुओं के साथ नहीं बल्कि विधर्मियों के साथ खड़े थे !* 

*लेकिन मुझे यकीन है आप जरूर भेजेंगे*

*जय जयश्री राम*

🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

*फॉरवर्डेड पोस्ट*

Tejraftarnews.in: मैया शेरावाली सबकी सुननेवाली

       (माता चन्द्रघंटा आराधना गीत)

   (मां भवानी के तृतीय रूप की आराधना)

              पंक्तियां

“चैत्र नवरात्रि में, मग्न लगता यह सारा सुंदर संसार,

जग के कण कण में शक्ति भक्ति की छाई है बहार।

माता चंद्रघंटा, अर्ध चन्द्र मस्तक पर शोभित है उनके,

जिसका आकार लगता, बड़ा ही सुंदर सलोना घंटाकार।

सारी दुनिया में हो रही , मैया के तृतीय रूप की पूजा, सोने जैसा रूप है मां का, लोग कर रहे जय जयकार।“

***********************************

            भक्ति गीत

हे मैया आदिशक्ति शेरावाली, तुम हो सबकी सुननेवाली,

दर से कोई लौटा नहीं खाली, सबका भाग्य जगा दो!

हे जग जननी, शुरू से अंधेरे में कुछ लोग भटक रहे,

इन सबके जीवन से मैया,, आज अंधेरा दूर भगा दो!

हे मैया आदिशक्ति …………….

नौ रूप में दर्शन देती हो, कोई रूप हमें दिखा दो,

भंवर में मेरी डोल रही नैया, इसको पार लगा दो!

कर लो स्वीकार पूजा मेरी, अपने चरण बिठा लो,

चरण रज अपना दे दो मां, रास्ता नया दिखा दो!

हे मैया आदिशक्ति…………….

सारी शक्ति समाई तुम में, नई ज्योति जला दो,

कांटे समेट लो सारे, राहों में नव फूल खिला दो!

धर्म पुण्य का कल्याण कर दो, मां देवी भवानी, जग से पाप अधर्म के सारे ही निशान मिटा दो!

हे मैया आदिशक्ति…………………

नवरात्रि का तीसरा दिन है, चन्द्रघंटा रूप तुम्हारा,

अपने चमत्कार की मैया, एक झलक दिखा दो।

बुराई भगा दो दुनिया से, और उसे बड़ी सजा दो,

कृष्णदेव की विनती है दर्द की कोई तो दवा दो!

हे मैया आदिशक्ति………………

Tejraftarnews.in: भुलक्कड़ हिन्दू ईद मनाएगा, मत्स्य जयंती भूल जाएगा।

आज का दिन साधारण नहीं है।

आज वह दिन है जब सृष्टि को बचाया गया था…

आज मत्स्य जयंती है।

लेकिन विडंबना देखिए —

न टीवी पर चर्चा,

न सोशल मीडिया पर उत्साह,

न ही हमारे जीवन में उसका स्थान।

क्या हम सच में अपने धर्म से इतने दूर हो चुके हैं?

पंचांग कहता है कुछ और…

हम आधुनिक कैलेंडर देखते हैं —

लेकिन हिंदू पंचांग कुछ और ही बताता है।

आज शुक्ल पक्ष की तृतीया है,

और यही वह पावन तिथि है

जिसे शास्त्रों में मत्स्य जयंती कहा गया है।

👉 और सबसे महत्वपूर्ण बात:

इसी के बाद आरंभ होता है हिंदू नव वर्ष (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा)

यानी आज केवल एक पर्व नहीं —

यह नए युग की दहलीज है।

जब सृष्टि डूब रही थी…

प्राचीन ग्रंथों में वर्णन मिलता है कि एक समय

पूरी सृष्टि प्रलय (महाविनाश) में डूबने वाली थी।

तभी एक छोटी सी मछली प्रकट हुई…

जिसने राजा मनु से कहा:

“मुझे बचाओ, मैं तुम्हें बचाऊँगा।”

यह कोई साधारण मछली नहीं थी —

यह स्वयं भगवान विष्णु का अवतार था।

शास्त्रों में प्रमाण

यह कथा केवल कहानी नहीं है,

बल्कि कई ग्रंथों में स्पष्ट रूप से वर्णित है:

 • श्रीमद्भागवत महापुराण (स्कंध 😎

 • मत्स्य पुराण

 • महाभारत (शांति पर्व)

इन ग्रंथों में बताया गया है कि:

👉 भगवान ने मत्स्य रूप धारण किया

👉 मनु को एक नौका बनाने को कहा

👉 सप्तऋषियों, बीजों और वेदों को उस नौका में सुरक्षित रखा

जब प्रलय आया,

तो वही मत्स्य रूप भगवान उस नौका को

अपनी सींग से बांधकर सुरक्षित ले गए।

इसका गहरा अर्थ

यह केवल “बचाने” की कहानी नहीं है।

👉 यह प्रतीक है:

 • ज्ञान (वेद) को बचाने का

 • धर्म को जीवित रखने का

 • सृष्टि के पुनर्निर्माण का

जब सब कुछ समाप्त हो रहा था,

तब भी धर्म नहीं मिटा।

लेकिन आज क्या हो रहा है?

आज हम:

 • विदेशी त्योहार याद रखते हैं

विदेशी अक्रताओं का त्योहारों को गले लगाते हैं 

 • लेकिन अपने शास्त्रीय पर्व भूल जाते हैं

 • हम “नया साल” 1 जनवरी को मनाते हैं

 • लेकिन असली नव संवत्सर भूल जाते हैं

👉 क्या यह केवल भूल है?

या हमारी जड़ों से दूर जाने का संकेत?

सच्चाई जो चुभती है

आज अगर आप 100 लोगों से पूछें:

“आज क्या है?”

तो शायद ही कोई कहेगा —

 ————— “आज मत्स्य जयंती है”

यह केवल अज्ञान नहीं,

यह हमारी संस्कृति की चुपचाप हो रही क्षति है।

नव वर्ष का संकेत (Hindu New Year) 

मत्स्य जयंती केवल एक स्मृति नहीं —

यह एक शुरुआत का संकेत है।

 —- इसके बाद आता है:

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा — हिंदू नव वर्ष

यानी:

 • नया समय

 • नई ऊर्जा

 • नया धर्मचक्र

    —— इसलिए यह दिन कहता है:

“पुराने अज्ञान को छोड़ो,

और नए ज्ञान के साथ आगे बढ़ो।”

    हमें क्या करना चाहिए? (What Needs To Be Done) 

आज के दिन:

 • भगवान विष्णु की पूजा करें

 • मत्स्य अवतार की कथा पढ़ें

 • अपने बच्चों को यह ज्ञान दें

 • और सबसे जरूरी —

     इस दिन को याद रखें

जब पूरी दुनिया डूब रही थी,

तब एक “मछली” ने सृष्टि को बचाया…

लेकिन आज,

जब हमारी संस्कृति डूब रही है,

तो क्या हम उसे बचाने के लिए तैयार हैं?

“जिस दिन भगवान ने सृष्टि को बचाया,

उसी दिन हम उसे भूल बैठे…

शायद यही कलियुग की सबसे बड़ी विडंबना है।”

आपसे विनम्र निवेदन है कि “धर्म सेतु” ई-बुक (order 👉 WhatsApp 9639902892) अवश्य मंगवाएँ तथा अपने बच्चों को इसका अध्ययन कराएँ।

यदि आपको अपनी संस्कृति के पुनर्जागरण हेतु मेरा यह प्रयास सराहनीय लगे, तो कृपया गुरु-दक्षिणा प्रदान करें। इससे मेरी इस यात्रा को आगे बढ़ाने में आपका अमूल्य सहयोग प्राप्त होगा। 🙏

Phone pe 👉: *दोपहर शाम की देश राज्यों से बड़ी खबरें*

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*1* देशभर में दिखा ईद का चांद: पीएम मोदी-राष्ट्रपति मुर्मू ने देशवासियों को दी मुबारकबाद, भाईचारे का संदेश भी दिया

https://whatsapp.com/channel/

*2* इसी मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को ईद की शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा कि ईद-उल-फितर की बहुत-बहुत बधाई। उन्होंने कहा कि यह दिन आपसी भाईचारे और दया की भावना को और मजबूत करे। सभी लोग खुश और स्वस्थ रहे

*3* देश में खुलेंगे 100 नए सैनिक, NCC का भी होगा विस्तार; राजनाथ सिंह का ऐलान

*4* भारत बिना आमने-सामने की जंग की तैयारी कर रहा, अनंत शस्त्र समेत 6 प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू, सरकार इन पर 2.19 लाख करोड़ खर्च करेगी

*5* ईरान और अमेरिका दोनों का दावा- जंग हम जीते, ट्रम्प बोले- दुश्मन की नेवी, एयरफोर्स, एयर डिफेंस खत्म; ईरान बोला- दुश्मनों में फूट पड़ी

*6* ईरानी सुप्रीम लीडर बोले- जंग में दुश्मन हारा, मुझे लगा था लोग सरकार के खिलाफ हो जाएंगे, लेकिन हमले के बावजूद देश एकजुट

*7* पश्चिम एशिया में चल रहे भीषण संघर्ष के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा है कि ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को धीरे-धीरे कम करने पर विचार किया जा रहा है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब इस्राइल और ईरान के बीच हमले लगातार बढ़ रहे हैं और हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।

*8* ईरान का हिंद महासागर में अमेरिकी बेस पर हमला, 3800 किमी दूर डिएगो गार्सिया पर 2 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, टारगेट को निशाना नहीं बना पाईं

*9* अमेरिका की ईरानी तेल खरीद पर 30 दिन की छूट, ग्लोबल मार्केट में 14 करोड़ बैरल तेल आएगा; भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रहेंगे

*10* कांग्रेस-RJD के लिए गले की फांस बने बागी विधायक, अभी तक नहीं लिया ऐक्शन; डर या मजबूरी? बिहार राज्यसभा चुनाव में 4 बागी विधायकों के गैरहाजिर रहने से महागठबंधन को हार का सामना करना पड़ा है

*11* पंजाब- मंत्री का नाम लेकर अफसर ने सुसाइड किया, आरोप- पिता के नाम पर टेंडर देने का दबाव डाला, ऑफिस बुलाकर मारपीट की; CM ने इस्तीफा लिया

https://whatsapp.com/channel/

*12* मथुरा में साधु की मौत पर हाईवे पर हंगामा, पथराव, गाड़ियां तोड़ीं, पुलिसकर्मी घायल; आरोप- गौतस्करों ने ट्रक से कुचलकर मारा

*13* ईद पर भोपाल में अमेरिका-इजराइल मुर्दाबाद के नारे, राजस्थान में लोगों ने काली पट्टी बांधी; बंगाल में 'बाबरी मस्जिद' की साइट पर पहली बार नमाज

*14* पंजाब के मंत्री लालजीत भुल्लर का इस्तीफा: वेयरहाउस डीएम ने सुसाइड से पहले वीडियो में लिया था नाम, जांच शुरू

*15* मौत को मात: आंध्र प्रदेश में धूं-धूं कर जली बस, बाल-बाल बचे विधायक और 36 यात्री, देर रात सभी यात्री नींद में थे तभी अचानक बस का पिछला टायर फट गया। देखते ही देखते चिंगारियों ने लपटों का रूप ले लिया। जैसे ही ड्राइवर को खतरे का अहसास हुआ, उसने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए बस रोकी और शोर मचाकर यात्रियों को जगाया।

*16* 60 साल में पहली बार अल-अक्सा मस्जिद ईद में बंद, ईरान में बाजार सूने; UAE, कतर और कुवैत में खुले मैदान में नमाज पर रोक

https://whatsapp.com/channel/

*17* MP-राजस्थान समेत 7 राज्यों में मार्च में सर्दी लौटी, पारा 10°C तक गिरा, कोहरा छाया; बंगाल-ओडिशा में ओला-बारिश और आंधी चलने का अलर्ट

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[21/03, 2:52 pm] +91 95615 37774: धुरंधर 2’ ने न केवल ब्लॉकबस्टर ओपनिंग की है बल्कि इसने 113 साल की हर हिंदी फिल्मों का रिकॉर्ड तोड़ने के साथ ही पुष्पा 2 को छोड़कर हर पैन इंडिया फिल्म के ओपनिंग डे को मात दे दी है. 'बाहुबली', 'KGF 2' और 'पुष्पा 2' जैसी ज़बरदस्त फ़िल्मों ने अपने रिलीज़ के पहले ही दिन 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया. अब, आखिरकार बॉलीवुड ने भी इतिहास रच दिया है. धुरंधर 2 के साथ हिंदी सिनेमा की फिल्म ने भी 100 करोड़ की ओपनिंग का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है.

#Dhurandhar2 #RanveerSingh #AdityaDhar #BoxOffice #ABPNews

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*1* देशभर में दिखा ईद का चांद: पीएम मोदी-राष्ट्रपति मुर्मू ने देशवासियों को दी मुबारकबाद, भाईचारे का संदेश भी दिया

*2* इसी मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को ईद की शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा कि ईद-उल-फितर की बहुत-बहुत बधाई। उन्होंने कहा कि यह दिन आपसी भाईचारे और दया की भावना को और मजबूत करे। सभी लोग खुश और स्वस्थ रहे

*3* देश में खुलेंगे 100 नए सैनिक, NCC का भी होगा विस्तार; राजनाथ सिंह का ऐलान

*4* भारत बिना आमने-सामने की जंग की तैयारी कर रहा, अनंत शस्त्र समेत 6 प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू, सरकार इन पर 2.19 लाख करोड़ खर्च करेगी

*5* ईरान और अमेरिका दोनों का दावा- जंग हम जीते, ट्रम्प बोले- दुश्मन की नेवी, एयरफोर्स, एयर डिफेंस खत्म; ईरान बोला- दुश्मनों में फूट पड़ी

*6* ईरानी सुप्रीम लीडर बोले- जंग में दुश्मन हारा, मुझे लगा था लोग सरकार के खिलाफ हो जाएंगे, लेकिन हमले के बावजूद देश एकजुट

*7* पश्चिम एशिया में चल रहे भीषण संघर्ष के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा है कि ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को धीरे-धीरे कम करने पर विचार किया जा रहा है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब इस्राइल और ईरान के बीच हमले लगातार बढ़ रहे हैं और हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।

*8* ईरान का हिंद महासागर में अमेरिकी बेस पर हमला, 3800 किमी दूर डिएगो गार्सिया पर 2 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, टारगेट को निशाना नहीं बना पाईं

*9* अमेरिका की ईरानी तेल खरीद पर 30 दिन की छूट, ग्लोबल मार्केट में 14 करोड़ बैरल तेल आएगा; भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रहेंगे

*10* कांग्रेस-RJD के लिए गले की फांस बने बागी विधायक, अभी तक नहीं लिया ऐक्शन; डर या मजबूरी? बिहार राज्यसभा चुनाव में 4 बागी विधायकों के गैरहाजिर रहने से महागठबंधन को हार का सामना करना पड़ा है

*11* पंजाब- मंत्री का नाम लेकर अफसर ने सुसाइड किया, आरोप- पिता के नाम पर टेंडर देने का दबाव डाला, ऑफिस बुलाकर मारपीट की; CM ने इस्तीफा लिया

*12* मथुरा में साधु की मौत पर हाईवे पर हंगामा, पथराव, गाड़ियां तोड़ीं, पुलिसकर्मी घायल; आरोप- गौतस्करों ने ट्रक से कुचलकर मारा

*13* ईद पर भोपाल में अमेरिका-इजराइल मुर्दाबाद के नारे, राजस्थान में लोगों ने काली पट्टी बांधी; बंगाल में 'बाबरी मस्जिद' की साइट पर पहली बार नमाज

*14* पंजाब के मंत्री लालजीत भुल्लर का इस्तीफा: वेयरहाउस डीएम ने सुसाइड से पहले वीडियो में लिया था नाम, जांच शुरू

*15* मौत को मात: आंध्र प्रदेश में धूं-धूं कर जली बस, बाल-बाल बचे विधायक और 36 यात्री, देर रात सभी यात्री नींद में थे तभी अचानक बस का पिछला टायर फट गया। देखते ही देखते चिंगारियों ने लपटों का रूप ले लिया। जैसे ही ड्राइवर को खतरे का अहसास हुआ, उसने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए बस रोकी और शोर मचाकर यात्रियों को जगाया।

*16* 60 साल में पहली बार अल-अक्सा मस्जिद ईद में बंद, ईरान में बाजार सूने; UAE, कतर और कुवैत में खुले मैदान में नमाज पर रोक

*17* MP-राजस्थान समेत 7 राज्यों में मार्च में सर्दी लौटी, पारा 10°C तक गिरा, कोहरा छाया; बंगाल-ओडिशा में ओला-बारिश और आंधी चलने का अलर्ट

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👉क्या तुम सेक्युलर हो ?

👉क्या तुम भी सभी धर्म, एक समान मानते हो ?

👉क्या तुम्हें समुदाय विशेष का विरोध करने वाले लोग नफरती लगते हैं ?

👉क्या तुम्हें लगता है कि भारत के मुसπमान लाचार हैं?

👉क्या तुम हिंदु-मुस्लिम वाली समस्या BJP या RSS की देन मानते हो ?

👉क्या तुम्हें लगता है कि Iπlam ही शांति का मजहब है?

👉क्या तुम लव जि€¶द, जमीन जि€¶द, जनसंख्या जि€¶द आदि को अफवाह मानते हो ?

👉 क्या तुम्हें लगता है कि इनके खिलाफ आवाज उठाने वाले संगठन या लोग, गुंडे हैं या नफरत फैला रहे हैं ?

अगर इनमें से किसी भी सवाल में तुम्हारी सहमति है, तो समझ लो बेटा की तुम इंसान के रूप में इस धरती के लिए केवल एक बोझ ही हो। क्योंकि तुम्हारे सोचने और महसूस करने की शक्ति क्षीण हो चुकी है।

जब तक हम सभी मिलकर गलत कामों का एकसाथ विरोध नहीं करेंगे तबतक इनकी सोच और कट्टरता को खत्म नहीं किया जा सकेगा।

इसीलिए दिमाग को रिसेट करो और इसे सुनो

Tejraftarnews.in 

Tejraftarnews.in: हिंदू नेता रमजान महीने में मस्जिद में नमाज़ भी पढ़ते हैं इफ्तार भी करते हैं पर मुसलमान नेता कभी भी चैत्र महीने में देवी की कभी पूजा नहीं करना कभी भंडारे में प्रसाद नहीं खाता ! यह अंतर बताता है मुसलमान इस्लाम के प्रति वफ़ादार है और हिंदू सनातन के प्रति बेईमान है !

कहीं भी नाश हो रहा है या प्राकृतिक आपदा आ रहा है तो वह सिर्फ और सिर्फ 

सेकुलर के कारण ही हो रहा है 

इसलिए सेकुलर सावधान हो जाओ सुधर जाओ अन्यथा अपनी बारी का इंतजार करो 

बता दे रहा हूं

🙏 जय श्री राम 🏹जय हनुमान जी 🙏

धर्म की जय हो अधर्मी का नाश हो🚩 सनातनी हिंदुओं सुधर जाओ अन्यथा प्रकृति के कोप से नहीं बच पाओगे चाहे जिस रूप में हो एक्सीडेंट के रूप में हो बाढ़ के रूप में हो सुखार के रूप में हो दुख बीमारी के रूप में हो संतानहीनता के रूप में हो अपाहिज हो बर्बाद हो जाओगे और हो भी रहा है बता दे रहा हूं, 

प्राणियों में सद्भावना हो विश्व का कल्याण हो वसुधैव कुटुंबकम

हर हर महादेव जय महाकाल🚩

विस्तृत ज्ञान के लिए पढ़ते रहिए मासिक पत्रिका :

*निखिल मंत्र विज्ञान*

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*महाराष्ट्र के ताज़ा धर्मांतरण विरोधी कानून की मुख्य बातें :*

✍🏽

*सख्त सजा :*

अवैध धर्म परिवर्तन के लिए 7 साल की कैद और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना।

*विशेष प्रावधान :*

यदि मामला नाबालिग, महिला, या अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) से संबंधित है, तो 7 साल की जेल और ₹5 लाख तक का जुर्माना हो सकता है।

*सामूहिक धर्मांतरण :*

सामूहिक धर्म परिवर्तन (दो या अधिक लोग) कराने पर 7 साल की कैद और 5 लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।

*विवाह के माध्यम से :*

शादी के लिए धर्म बदलना (लव जिहाद के आरोप) भी इस कानून के तहत अपराध है, जिसके लिए सख्त दंड निर्धारित किया गया है।

*प्रक्रिया :*

धर्मांतरण करने से पहले जिला मजिस्ट्रेट को सूचित करना अनिवार्य हो सकता है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह स्वैच्छिक है, और इसके उल्लंघन पर इसे अवैध माना जा सकता है।

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