2021 में जीविका से जुड़ीं, 2024 में बनीं सीएसपी संचालक

Feb 16, 2026 - 09:09
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2021 में जीविका से जुड़ीं, 2024 में बनीं सीएसपी संचालक
भास्कर न्यूज| पूर्णिया पूर्णिया पूर्व प्रखंड के रानीपतरा की ममता कुमारी आज जीविका दीदियों के बीच ‘बैंक दीदी’ के नाम से जानी जाती हैं। जीविका समूह से जुड़कर उन्होंने न सिर्फ अपनी जिंदगी बदली, बल्कि 800 से अधिक महिलाओं को बैंकिंग सुविधा से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने की राह दिखाई। ग्रामीण इलाकों की महिलाओं को बैंक तक जाने में होने वाली परेशानी को देखते हुए ममता ने पहल की और उनके व्यक्तिगत बचत खाते खुलवाए। आज वे डोरस्टेप बैंकिंग सेवा देकर महिलाओं को जमा-निकासी, खाता खुलवाने और अन्य बैंकिंग सुविधाओं का लाभ दिला रही हैं। उनके इस कार्य के लिए जिला प्रशासन भी उन्हें सम्मानित कर चुका है। ममता बताती हैं कि वर्ष 2021 में वे श्वेता जीविका स्वयं सहायता समूह की सदस्य बनीं। बैठकों के दौरान उन्होंने महसूस किया कि कई महिलाओं के पास बैंक खाता नहीं है, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं और बचत में परेशानी होती है। कई बार सीएसपी संचालकों द्वारा ठगी की शिकायतें भी सामने आती थीं। इसी समस्या का समाधान खोजते हुए वर्ष 2024 में उन्होंने उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक के अधीन ग्राहक सेवा केंद्र (सीएसपी) का संचालन शुरू किया। 800 महिलाओं को बैंकिंग सेवा से जोड़ा। पहले घर चलाना था मुश्किल, आज हर महीने 20 हजार आय ममता बताती हैं कि जीविका से जुड़ने से पहले वे गृहिणी थीं और पारिवारिक स्थिति ऐसी थी कि घर चलाना भी मुश्किल हो रहा था। कुछ अलग करने की सोच के साथ उन्होंने बैंक मित्र बनने का निर्णय लिया। परीक्षा और इंटरव्यू के बाद चयन हुआ और सीएसपी संचालन शुरू किया। आज वे हर महीने 18 से 20 हजार रुपए तक की आमदनी कर रही हैं। वे कहती हैं, “सबसे बड़ी खुशी इस बात की है कि अब मैं आत्मनिर्भर हूं और अपने परिवार का सहारा बन सकी हूं। उन महिलाओं को भी बैंकिंग सुविधा दे पा रही हूं, जो वंचित थीं।

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Admin तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला