अगले 5 साल में BSIV वाहनों को बैन करने की योजना, जिन गाड़ियों में वक्त बाकी उनका क्या होगा?
BS4 Vehicle Ban: दिल्ली एनसीआर में गाड़ी मालिकों के लिए एक बड़ा पॉलिसी बदलाव हो सकता है. दरअसल कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट के द्वारा बनाई गई एक एक्सपर्ट कमिटी ने एक ड्राफ्ट रोड मैप तैयार किया है. इसमें अगले 5 सालों में इस इलाके से BS-IV गाड़ियों को धीरे-धीरे हटाने का प्रस्ताव है. अगर यह प्रस्ताव लागू हो जाता है तो इससे उन लाखों गाड़ी मालिकों पर काफी असर पड़ सकता है जिनकी गाड़ियां अभी भी मौजूदा रजिस्ट्रेशन नियमों के तहत कानूनी तौर पर वैलिड हैं. आइए जानते हैं कि जिन गाड़ियों में वक्त अभी बाकी है उनका क्या होगा.
2031 तक BS-IV फेज आउट
ड्राफ्ट रोड मैप में ऐसा सुझाव दिया गया है कि 2026 और 2031 के बीच दिल्ली एनसीआर की सड़कों से सभी BS-IV गाड़ियों को पूरी तरह से हटा दिया जाना चाहिए. पूरी तरह बैन लगाने से पहले अधिकारी मौसम के हिसाब से सख्त पाबंदियां लगा सकते हैं. ऐसा सर्दियों के दौरान खास तौर से किया जाएगा जब हवा का प्रदूषण सबसे ज्यादा होता है. नवंबर 2025 से दिल्ली में BS-IV डीजल कमर्शियल गाड़ियों की एंट्री रोकने का प्रपोजल पहले से ही है. उस प्लान के तहत राजधानी में सिर्फ BS-IV, CNG और इलेक्ट्रिक कमर्शियल गाड़ियों को ही चलने दिया जाएगा.
उन गाड़ियों का क्या होगा जिनकी वैलिडिटी अभी भी बची है
अभी के नियमों के मुताबिक दिल्ली एनसीआर में पेट्रोल गाडियां 15 साल और डीजल गाड़ियां 10 साल के लिए वैलिड होती हैं. हालांकि अगर नया रोड मैप लागू होता है तो BS-IV गाड़ियों को उनकी लीगल लाइफ से पहले रिटायर करना पड़ सकता है. यानी कि अगर कोई BS-IV पेट्रोल गाड़ी 2019 में खरीदी गई तो वह आमतौर पर 2034 तक वैलिड रहती है. लेकिन अभी प्रपोज्ड फेज लेआउट के तहत इसे शायद सिर्फ 2031 तक ही चलने दिया जाएगा.
रीसेल वैल्यू पर असर
मालिकों के लिए सबसे बड़ी चिंताओं में से एक रीसेल वैल्यू है. अगर दिल्ली एनसीआर में BS-IV गाड़ियों को जल्दी रिटायर किया जाता है तो कई मलिक उन्हें उत्तर प्रदेश या राजस्थान जैसे पड़ोसी राज्य में बेचने की कोशिश कर सकते हैं. हालांकि आसपास के बाजारों में ऐसी गाड़ियों की ज्यादा सप्लाई से उनकी रिसेल कीमत में भी कमी आ सकती है.
रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल और स्क्रैपिंग
जब कोई गाड़ी अपनी 15 साल के 10 साल की लाइफ पूरी कर लेती है तो अगर सख्त रोड मैप लागू होता है तो BS-IV गाड़ियों के लिए रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल स्वीकार नहीं किया जा सकता. ऐसे मामले में गाड़ियों को मजबूरी में स्क्रैप किया जा सकता है. भारत की व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी के तहत पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप करने वाले मालिकों को नई गाड़ी खरीदने पर 4 से 6% की छूट, रोड टैक्स में 25% तक की छूट और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट जैसे बड़े फायदे मिल सकते हैं.
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