Fatty Liver Disease: फैटी लिवर को न समझें मामूली, सिरोसिस से लेकर कैंसर तक का है खतरा; एक्सपर्ट से जानें बचाव
Can Fatty Liver Turn Into Cancer: दिल्ली के डॉक्टरों ने एक बुज़ुर्ग मरीज में लिवर कैंसर का सफल इलाज कर एक अहम मिसाल पेश की है. 72 वर्षीय इस मरीज का इलाज बिना किसी ओपन सर्जरी या जनरल एनेस्थीसिया के, सिर्फ एक मिनिमली इनवेसिव, नॉन-सर्जिकल एंजियोग्राफिक प्रोसीजर के जरिए किया गया. डॉक्टरों के अनुसार, मरीज की लिवर की स्थिति काफी खराब थी, जिस वजह से उसे हाई-रिस्क माना गया और सर्जरी के लिए अयोग्य घोषित किया गया था।
श्रीनगर से दिल्ली पहुंचे इस मरीज को शुरुआती स्टेज के हेपेटोसेलुलर कार्सिनोमा, यानी लिवर कैंसर का पता चला था. जांच में सामने आया कि लिवर में करीब 8 सेंटीमीटर का बड़ा ट्यूमर मौजूद था और साथ ही उसे एडवांस्ड लिवर सिरोसिस भी था. डॉक्टरों ने पुष्टि की कि यह कैंसर लंबे समय से चली आ रही फैटी लिवर डिजीज की वजह से विकसित हुआ, जो अक्सर शुरुआती दौर में बिना किसी लक्षण के आगे बढ़ती रहती है.
मरीज को नहीं होता अंदाजा
डॉक्टरों ने बताया कि मरीज शराब का सेवन नहीं करता था और उम्र के हिसाब से फिट भी था. हालांकि, वर्षों तक असंतुलित खानपान, जिसमें जंक फूड और अनप्रोसेस्ड भोजन का अधिक सेवन शामिल था, जिसने फैटी लिवर की समस्या को जन्म दिया. समय के साथ यह स्थिति गंभीर होती चली गई और लिवर को स्थायी नुकसान पहुंचाते हुए आखिरकार कैंसर में बदल गई.
लक्षण नजरअंदाज करना खतरनाक
करीब तीन घंटे चली इस संयुक्त प्रक्रिया के बाद मरीज को तीन दिन के भीतर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. उसने ने कहा कि उसे कभी अंदाजा नहीं था कि फैटी लिवर कैंसर में बदल सकता है. बिना सर्जरी मिले इस इलाज ने उसे नई जिंदगी दी है. डॉक्टरों के मुताबिक, लिवर एक "साइलेंट ऑर्गन" है, जो तब तक संकेत नहीं देता जब तक नुकसान गंभीर न हो जाए। इसलिए लिवर से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है और समय पर जांच ही जान बचाने का सबसे बड़ा तरीका है.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
डॉ. संकेत मेहता सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट एसएसओ कैंसर सेंटर ने अपने वीडियो में बताया कि "फैटी लिवर को अक्सर लोग हल्के में ले लेते हैं, लेकिन जब यह बढ़ता है तो लिवर को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है और कैंसर का कारण भी बन सकता है. इस केस ने दिखाया कि सिर्फ लाइफस्टाइल से जुड़ी फैटी लिवर बीमारी भी सिरोसिस और कैंसर तक पहुंच सकती है." वे बताते हैं कि इसके मामले लगातार भारत में तेजी से बढ़ रहे हैं, क्योंकि डायबिटीज,मोटापा और खानपान को लेकर हम इतना ध्यान नहीं देते. वे बताते हैं कि अगर इसका पता शुरुआत में चल जाए, तो इसको रोका जा सकता है.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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