खालिदा जिया के सबसे बड़े बेटे बनेंगे बांग्लादेश के पीएम, जानें क्या करते हैं उनके बाकी बच्चे?
करीब दो दशक बाद बांग्लादेश की सत्ता में बड़ा बदलाव दर्ज हुआ है. आम चुनाव के नतीजों ने देश की राजनीति का नक्शा बदल दिया है और अब नजरें एक ऐसे चेहरे पर टिकी हैं, जो लंबे समय तक देश से बाहर रहा. खालिदा जिया के बड़े बेटे तारिक रहमान की जीत ने यह साफ कर दिया है कि सत्ता की कमान अब नई पीढ़ी के हाथ में जा सकती है, लेकिन सवाल यह भी है कि परिवार के बाकी सदस्य क्या करते हैं और उनकी भूमिका क्या रही है?
चुनाव नतीजों ने बदला सत्ता संतुलन
बांग्लादेश में हुए आम चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया है. 299 सीटों वाली संसद में पार्टी ने 209 सीटें जीतकर 150 के बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया. 286 सीटों के परिणाम घोषित हो चुके हैं और रुझानों से साफ है कि बीएनपी मजबूत स्थिति में है.
दूसरी ओर जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन को 70 सीटें मिली हैं. जमात प्रमुख शफीकुर रहमान ने ढाका-15 सीट से जीत दर्ज की. यह नतीजा इसलिए भी अहम है क्योंकि 2008 से 2024 तक देश में शेख हसीना और उनकी पार्टी आवामी लीग का शासन रहा था. करीब 20 साल बाद सत्ता में बदलाव हुआ है.
तारिक रहमान की वापसी और नई भूमिका
इस जीत के साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बड़े बेटे तारिक रहमान का प्रधानमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है. तारिक ने दो सीटों से चुनाव लड़ा और दोनों जगह जीत हासिल की. वे पिछले साल दिसंबर में करीब 17 साल बाद देश लौटे थे. लंबे समय तक वे लंदन में रहे और वहीं से पार्टी की गतिविधियों को संभालते रहे. तारिक रहमान बीएनपी के कार्यकारी अध्यक्ष हैं और अपने पिता, पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने प्रशासनिक सुधार, आर्थिक मजबूती और संस्थाओं को सशक्त बनाने का वादा किया.
यह भी एक बड़ा राजनीतिक तथ्य है कि बांग्लादेश में करीब 35 साल बाद कोई पुरुष प्रधानमंत्री बनने जा रहा है. 1988 में काजी जफर अहमद प्रधानमंत्री बने थे. उसके बाद 1991 से 2024 तक देश की राजनीति में शेख हसीना और खालिदा जिया का दबदबा रहा.
परिवार के बाकी सदस्य क्या करते हैं?
खालिदा जिया के दो बेटे थे. बड़े बेटे तारिक रहमान सक्रिय राजनीति में हैं और अब देश के संभावित प्रधानमंत्री माने जा रहे हैं. उनके छोटे बेटे आराफात रहमान कोको राजनीति में सक्रिय नहीं थे. वे खेल प्रबंधन और संगठन से जुड़े रहे. वे बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की डेवलपमेंट कमेटी के चेयरमैन भी रहे थे.
2015 में मलेशिया में हृदय गति रुकने से उनका निधन हो गया था. तारिक रहमान की पत्नी डॉ. जुबैदा रहमान पेशे से चिकित्सक हैं. उनकी एक बेटी जाइमा रहमान हैं, जो सार्वजनिक राजनीति से दूर रहती हैं. परिवार का राजनीतिक चेहरा फिलहाल तारिक ही हैं.
यह भी पढ़ें: दुनिया के किस देश में सबसे ज्यादा जंगल? जान लें टॉप-5 देशों के नाम
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0

