क्यों गई लखीसराय डीएम मिथलेश मिश्र की कुर्सी:JDU-BJP के 2 नेताओं के पावर गेम में फंसे IAS, EOU की हुई एंट्री

Apr 11, 2026 - 08:59
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क्यों गई लखीसराय डीएम मिथलेश मिश्र की कुर्सी:JDU-BJP के 2 नेताओं के पावर गेम में फंसे IAS, EOU की हुई एंट्री
7 अप्रैल 2026 को IAS अधिकारी मिथिलेश मिश्र को लखीसराय DM पद से हटाया गया। सरकार ने उनकी जगह उनसे जूनियर और बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी नीरज कुमार को एडीशनल चार्ज दिया है। नीरज लखीसराय के एडीएम हैं। सत्ता के गलियारे में चर्चा है कि मिथिलेश मिश्र की कुर्सी जदयू और भाजपा के दो बड़े नेताओं के पावर गेम में गई है। एक सांसद ललन सिंह तो दूसरे डिप्टी सीएम विजय सिन्हा हैं। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में जानिए, मिथिलेश मिश्र क्यों हटाए गए? EOU की एंट्री के साथ ही उनकी मुसीबत कैसे बढ़ने वाली है? सबसे पहले जानिए, क्यों हटाए गए मिथिलेश मिश्र? लखीसराय में दो विधानसभा सीट (सूर्यगढ़ा और लखीसराय) हैं। जिले में धान खरीद का टारगेट 47,235 टन था। मिथिलेश ने 55,233 टन धान खरीद कराई। विजय सिन्हा के क्षेत्र लखीसराय से 25,754 टन से ज्यादा धान लिए। वहीं, जदयू विधायक रामानंद मंडल के क्षेत्र सूर्यगढ़ा से 21,467 टन धान लिए। रामानंद जदयू सांसद और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के करीबी हैं। अतिरिक्त 8 हजार टन धान खरीदने का टारगेट सेट किया तो विजय सिन्हा के इलाके के पैक्सों को अधिक और रामानंद के इलाके के पैक्सों को कम या जीरो लक्ष्य मिला। बात यहीं से बिगड़ी। लखीसराय विधानसभा क्षेत्र में आने वाले प्रखंडों में धान खरीद सूर्यगढ़ा विधानसभा क्षेत्र में आने वाले प्रखंडों में धान खरीद मिथिलेश मिश्र पर लगे कौन से आरोप? जांच में क्या मिला? सहकारिता विभाग की जांच रिपोर्ट में मिथिलेश के खिलाफ चीजें पाई गईं। विभाग ने पाया कि धान खरीद के लिए टारगेट आवंटन समान अनुपात में नहीं किया गया। इसके पीछे कोई वजह भी नहीं थी। कुछ पैक्स समितियों को जरूरत से ज्यादा टारगेट दिया गया था। वहीं, कई समितियों को धान खरीद का लक्ष्य नहीं मिला। संतोषजनक जवाब नहीं दे सके मिथिलेश सहकारिता विभाग ने इस मामले में मिथिलेश मिश्र से स्पष्टीकरण मांगा था। उन्होंने 24 मार्च 2026 को जवाब भेजा। विभागीय समीक्षा में यह जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। जांच और मिथिलेश के जवाब में अंतर मिला। मुंगेर लोकसभा क्षेत्र में आता है लखीसराय 1. लखीसराय: लखीसराय जिले का मुख्य विधानसभा क्षेत्र 2. सूर्यगढ़ा: लखीसराय जिले का महत्वपूर्ण हिस्सा 3. मोकामा : पटना जिले का टाल क्षेत्र 4. बाढ़ : पटना जिले का अनुमंडल क्षेत्र 5. मुंगेर: मुंगेर शहर और आसपास का क्षेत्र 6. जमालपुर: प्रसिद्ध रेल इंजन कारखाने वाला क्षेत्र लखीसराय जिलाधिकारी का क्षेत्राधिकार लखीसराय जिला के अंतर्गत दो विधानसभा सीटे हैं। पहला लखीसराय और दूसरा सूर्यगढ़ा। लखीसराय विधानसभा सीट से विजय सिन्हा विधायक बने हैं। वहीं, सूर्यगढ़ा सीट से जदयू के रामानंद मंडल जीते हैं। लखीसराय विधानसभा सीट मुंगेर लोकसभा क्षेत्र में आता है। यहां से सांसद ललन सिंह हैं। अब इस इलाके के 2 महत्वपूर्ण चेहरों को जानिए 1- सांसद ललन सिंह, उर्फ राजीव रंजन सिंह: ललन सिंह मुंगेर संसदीय सीट से सांसद हैं। जदयू के सबसे ताकतवर नेताओं में से एक हैं। 2- उप-मुख्यमंत्री विजय सिन्हा: विजय सिन्हा बिहार के उप-मुख्यमंत्री हैं। भाजपा के ताकतवर नेता हैं। लखीसराय विधानसभा से जीते हैं। कहा जाता है कि इनकी सहमति के बिना बड़े अधिकारियों का इस जिला में पोस्टिंग पाना कठिन है। ईओयू की एंट्री से बड़ी मिथिलेश मिश्र की परेशानी आईएएस मिथिलेश के खिलाफ चल रही जांच में ईओयू (आर्थिक अपराध इकाई) की एंट्री हो गई है। गुरुवार को ईओयू की टीम ने लखीसराय समाहरणालय के फाइल खंगाले। इससे मिथिलेश की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। ईओयू की पांच सदस्यीय टीम ने यहां डेरा डाल दिया है। अधिकारी फाइलों, टेंडर प्रक्रिया, भुगतान और प्रशासनिक निर्णयों से जुड़े दस्तावेजों को खंगाल रहे हैं। जानकारी के मुताबिक जांच का दायरा काफी व्यापक स्तर पर है। इसमें हथियारों के लाइसेंस जारी करने से लेकर बाढ़ आपदा के दौरान किए गए टेंडर, विभिन्न विभागों में हुए भुगतान और सांस्कृतिक आयोजनों पर खर्च तक शामिल है।

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Admin तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला