शेयर बाजार में 22 महीने की सबसे बड़ी गिरावट:सेंसेक्स 2497 अंक गिरकर 74,207 पर आया, निफ्टी 776 अंक टूटा; अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध वजह

Mar 21, 2026 - 14:35
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शेयर बाजार में 22 महीने की सबसे बड़ी गिरावट:सेंसेक्स 2497 अंक गिरकर 74,207 पर आया, निफ्टी 776 अंक टूटा; अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध वजह
शेयर बाजार में आज यानी 19 मार्च को 22 महीने की सबसे बड़ी गिरावट रही। सेंसेक्स 2497 अंक (3.26%) गिरकर 74,207 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में भी 776 अंक (3.26%) की गिरावट रही, यह 23,002 पर आ गया है। बैंकिंग-ऑटो शेयर्स में आज सबसे ज्यादा बिकवाली रही। इससे पहले 4 जून 2024 को सेंसेक्स 5.74% गिरा था। जियोपॉलिटिकल तनाव और जंग जैसी स्थिति में महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है। इससे कंपनियों का मुनाफा कम हो सकता है। ऐसे में निवेशक उनके शेयर बेचना शुरू कर देते हैं और इसे सुरक्षित जगह निवेश करते हैं। इससे बाजार में गिरावट आती है। बाजार गिरने की 3 बड़ी वजहें… HDFC बैंक के चेयरमैन का इस्तीफा, शेयर 5% गिरा HDFC बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर अतनु चक्रवर्ती ने बुधवार देर रात अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस वजह से आज इसके शेयर में 5.11% की गिरावट रही। ये 43 रुपए गिरकर 800 रुपए पर आ गया है। चक्रवर्ती ने बैंक के कामकाज के तौर-तरीकों पर सवाल उठाए हैं। अपने इस्तीफे की वजह बताते हुए लिखा- "पिछले दो साल के दौरान मैंने बैंक के भीतर कुछ ऐसी घटनाओं और तौर-तरीकों को देखा है, जो मेरे व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता से मेल नहीं खाते। चक्रवर्ती के जाने के बाद रिजर्व बैंक की मंजूरी से केकी मिस्त्री को 19 मार्च 2026 से तीन महीने के लिए अंतरिम चेयरमैन नियुक्त किया गया है। केकी मिस्त्री फिलहाल बैंक के बोर्ड में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में काम कर रहे थे। निवेशकों की वेल्थ एक दिन में 13 लाख करोड़ रुपए घटी BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन कल के 439 लाख करोड़ रुपए से घटकर आज 426 लाख करोड़ रुपए पर आ गया है। यानी सिर्फ एक दिन में निवेशकों की वेल्थ में 13 लाख करोड़ रुपए की कमी दर्ज की गई है। ईरान जंग के शुरू होने के बाद से सेंसेक्स 9% टूटा अब ग्लोबल मार्केट और क्रूड ऑयल का हाल जानें… 1. एशियाई बाजार में गिरावट 2. अमेरिकी बाजार में 18 मार्च को गिरावट रही 3. क्रूड की कीमतें 6% बढ़कर 114 डॉलर प्रति बैरल के पार निकली अमेरिका और इजराइल की ईरान के साथ जारी जंग के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। फारस की खाड़ी से होने वाली सप्लाई रुकने की वजह से ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट के दाम आज 6% से ज्यादा बढ़कर 114 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गए है। वहीं इंडियन बास्केट की कीमतें 146 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। तीन बड़े बेंचमार्क के आधार पर पहचाना जाता है कच्चा तेल दुनिया भर में कच्चा तेल मुख्य रूप से तीन बड़े बेंचमार्क के आधार पर पहचाना और बेचा जाता है, जिन्हें ब्रेंट, WTI और OPEC बास्केट कहते हैं। ब्रेंट क्रूड उत्तरी सागर (यूरोप) के समुद्री कुओं से निकलता है और दुनिया का दो-तिहाई तेल कारोबार इसी के भाव पर टिका है। वहीं WTI अमेरिका के जमीनी इलाकों से निकलता है और अपनी शुद्धता के कारण अमेरिकी बाजार का मुख्य मानक है। OPEC बास्केट सऊदी अरब, ईरान और इराक जैसे खाड़ी देशों के संगठन (OPEC) द्वारा उत्पादित अलग-अलग कच्चे तेलों का एक औसत मिश्रण है। इंडियन बास्केट क्या है? भारत किसी एक देश या एक ही तरह का तेल नहीं खरीदता, बल्कि कई देशों जैसे इराक, सऊदी अरब, रूस, UAE से अलग-अलग वैरायटी का तेल खरीदता हैं। इन सभी अलग-अलग तरह के तेलों की कीमतों का जो औसत निकाला जाता है, उसे ही 'इंडियन बास्केट' कहते हैं। सेंसेक्स कल 633 अंक चढ़कर 76,704 पर बंद हुआ था शेयर बाजार में कल यानी 18 मार्च को तेजी रही थी। सेंसेक्स करीब 633 अंक (0.83%) चढ़कर 76,704 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में भी 197 अंक (0.83%) की तेजी रही, यह 23,778 के स्तर पर पहुंच गया है। आज IT और रियल्टी शेयरों में खरीदारी दिखी।

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Admin तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला