आज सुबह का मुख्य उद्देश्य भारत के सभी राजनीतिक सलाहकार परिषद राशिफल और पंचांग प्रकाशित स्थल बन गई

सभी मिलाकर सुबह तक के राशिफल और पंचांग शास्त्र अनुसंधान केन्द्र शासित प्रदेश सरकार और यह नियंत्रण कार्यक्रम आयोजित किए

May 17, 2026 - 08:51
Updated: 2 hours ago
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आज सुबह का मुख्य उद्देश्य भारत के सभी राजनीतिक सलाहकार परिषद राशिफल और पंचांग प्रकाशित स्थल बन गई
आज का राशिफल जितेंद्र कुमार

Tejraftarnews.in: *🚩पुरुषोत्तम मास की बधाई🚩*

*┈┉══════❀((""ॐ""))❀══════┉┈*

*🗓आज का पञ्चाङ्ग एवम् राशिफल 🗓*

*🌻 रविवार, १७ मई २०२६🌻*

 

*सूर्योदय: 🌅 ०५:25

*सूर्यास्त: 🌄 १8:35

*चन्द्रोदय: 🌝 ❌❌❌*

*चन्द्रास्त: 🌜 १९:५५*

*अयन 🌖 उत्तरायण*

*ऋतु: ☀️ग्रीष्म*

*शक सम्वत: 👉 १९४८ (पराभव)*

*विक्रम सम्वत: 👉 २०८३ (रौद्र)*

*युगाब्द (कलि संवत) 👉 ५१२७*

*मास 👉 ज्येष्ठ (अधिक)*

*पक्ष 👉 शुक्ल*

*तिथि 👉 प्रतिपदा (२१:४०+ से द्वितीया)*

*नक्षत्र 👉 कृतिका (१४:३२ से रोहिणी)*

*योग 👉 शोभन (०६:१५ से अतिगंड, २६:००+ से सुकर्मा)*

*प्रथम करण 👉 किंस्तुघ्न (११:३६ तक)*

*द्वितीय करण 👉 बव (२१:४० तक)*

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*॥ गोचर ग्रहा: ॥*

*🌖🌗🌖🌗*

*सूर्य 🌟 वृषभ*

*चंद्र 🌟 वृषभ*

*मंगल 🌟 मेष (उदित, पूर्व, मार्गी)*

*बुध 🌟 वृषभ (अस्त, पूर्व , मार्गी)*

*गुरु 🌟 मिथुन (उदित, पूर्व, मार्गी)*

*शुक्र 🌟 मिथुन (उदित, पूर्व, मार्गी)*

*शनि 🌟 मीन (उदित, पूर्व, मार्गी)*

*राहु 🌟 कुम्भ*

*केतु 🌟 सिंह*

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*शुभाशुभ मुहूर्त विचार*

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*अभिजित मुहूर्त 👉 ११:५७ से १२:५०*

*अमृत काल 👉 १२:२६ से १३:५०*

*विजय मुहूर्त 👉 १४:३६ से १५:२९* 

*गोधूलि मुहूर्त 👉 १९:०१ से १९:२२*

*सायाह्न सन्ध्या 👉 १९:०२ से २०:०६*

*निशिता मुहूर्त 👉 २४:०२+ से २४:४५+*

*ब्रह्म मुहूर्त 👉 २८:१९+ से २९:०२+*

*राहुकाल 👉 १७:२२ से १९:०२* 

*गुलिक काल 👉 १५:४३ से १७:२२*

*यमगण्ड 👉 १२:२३ से १४:०३*

*दुर्मुहूर्त 👉 १७:१६ से १८:०९*

*वर्ज्य 👉 २८:३२+ से २९:५६+*

*आडल योग 👉 १४:३२ से २९:४५+*

*होमाहुति 👉 सूर्य*

*दिशा शूल 👉 पश्चिम*

*नक्षत्र शूल 👉 पश्चिम (१४:३२ से पूर्ण रात्रि )*

*राहु काल वास 👉 उत्तर*

*अग्निवास 👉 पृथ्वी*

*चन्द्रवास 👉 दक्षिण*

*शिववास 👉 श्मशान में (२१:४० से गौरी के साथ)*

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*☄चौघड़िया विचार☄*

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*॥ दिन का चौघड़िया ॥*

*१ - उद्वेग २ - चर*

*३ - लाभ ४ - अमृत*

*५ - काल ६ - शुभ*

*७ - रोग ८ - उद्वेग*

*॥ रात्रि का चौघड़िया॥*

*१ - शुभ २ - अमृत*

*३ - चर ४ - रोग*

*५ - काल ६ - लाभ*

*७ - उद्वेग ८ - शुभ*

*नोट👉 दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।*

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*शुभ यात्रा दिशा*

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*(पूर्व) दलिया या पान का दाल का सेवन करके यात्रा करें*

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*तिथि विशेष*

*🗓📆🗓📆* 

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 *पुरूषोत्तम मास प्रारंभ, अधिकमास प्रारंभ, अधिक ज्येष्ठ शुक्ल प्रतिपदा, विश्व दूरसंचार दिवस, अधिक चन्द्र दर्शन, इष्टि आदि*

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*आज जन्मे शिशुओं का नामकरण*

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*आज १४:३२ तक जन्मे शिशुओं के नाम कृतिका नक्षत्र के अनुसार क्रमशः (अ, इ, उ, ए) नामाक्षर से रखना शास्त्र सम्मत है॥*

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*उदय लग्न मुहूर्त*

*वृषभ - ०४:४१ से ०७:३९*

*मिथुन - ०७:३९ से ०९:५३*

*कर्क - ०९:५३ से १२:०९*

*सिंह - १२:०९ से १४:२१*

*कन्या - १४:२१ से १६:३१*

*तुला - १६:३१ से १८:४६*

*वृश्चिक - १८:४६ से २१:०२*

*धनु - २१:०२ से २३:०७*

*मकर - २३:०७ से २४:५४+*

*कुम्भ - २४:५४+ से २६:२७+*

*मीन - २६:२७+ से २७:५७+*

*मेष - २७:५७+ से २९:३७+*

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*पञ्चक रहित मुहूर्त*

*शुभ मुहूर्त - ०५:४५ से ०७:३९*

*रोग पञ्चक - ०७:३९ से ०९:५३*

*शुभ मुहूर्त - ०९:५३ से १२:०९*

*मृत्यु पञ्चक - १२:०९ से १४:२१*

*अग्नि पञ्चक - १४:२१ से १४:३२*

*शुभ मुहूर्त - १४:३२ से १६:३१*

*रज पञ्चक - १६:३१ से १८:४६*

*शुभ मुहूर्त - १८:४६ से २१:०२*

*चोर पञ्चक - २१:०२ से २१:४०*

*शुभ मुहूर्त - २१:४० से २३:०७*

*रोग पञ्चक - २३:०७ से २४:५४+*

*शुभ मुहूर्त - २४:५४+ से २६:२७+*

*मृत्यु पञ्चक - २६:२७+ से २७:५७+*

*रोग पञ्चक - २७:५७+ से २९:३७+*

*शुभ मुहूर्त - २९:३७+ से २९:४५+*

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⭕नोट- पंचांग में जहां कहीं भी समय के साथ उपर्युक्त 👉(➕) चिन्ह का प्रयोग किया जा रहा है वहां उसका आशय अगले दिवस के समय के लिये समझा जाये॥😊🙏🏻

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*आज का सुविचार*

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*सब अच्छे होते हैं,बस समय आने पर पता चलता है कौन अपना था॥😊🙏🏻✅*

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*आज का राशिफल*

*🐐🐂💏💮🐅👩*

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*मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)*

*आज किस्मत आपके अधूरे सपनों को पूरा करने के मूड में नजर आ रही है। रुके हुए काम पूरे होने से मन खुशी से भर जाएगा। पैसों से जुड़ी परेशानियां धीरे-धीरे खत्म होती दिखाई देंगी। सामाजिक क्षेत्र में आपकी लोकप्रियता बढ़ेगी और आपकी सोच लोगों को आकर्षित करेगी। घर की सजावट या रेनोवेशन का प्लान मन में उत्साह जगा सकता है। संतान की तरक्की देखकर दिल गर्व से भर उठेगा।*

*वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)*

*आज सेवा और दान-पुण्य के कामों में मन खूब लगेगा। पुराने साथी से मुलाकात बीती यादों को ताजा कर सकती है। वैवाहिक जीवन में चल रही दूरियां खत्म होकर रिश्तों में मिठास लौटेगी। रुका हुआ पैसा वापस मिलने से राहत मिलेगी। परिवार के मामलों को घर तक ही सीमित रखें, क्योंकि बाहरी लोगों की दखल परेशानी बढ़ा सकती है। आपकी मेहनत आपको सफलता की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।*

*मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)*

*आज का दिन लाभ और खुशियों से भरा रहेगा। जीवनसाथी के साथ बिताए गए रोमांटिक पल आपके रिश्ते को और मजबूत करेंगे। सेहत में सुधार आने से मन हल्का महसूस करेगा। पुरानी गलती से मिली सीख आज आपको सही दिशा दिखाएगी। विवादों से दूरी बनाकर रखें और वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। भाई-बहनों के साथ कोई महत्वपूर्ण चर्चा भविष्य के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।*

*कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)*

*आज तरक्की की नई राहें आपके सामने खुल सकती हैं। दोस्तों का सहयोग आपको हर मुश्किल से बाहर निकाल देगा। अविवाहित लोगों के जीवन में प्यार की नई दस्तक दिल को खुश कर सकती है। सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी, लेकिन जल्दबाजी नुकसान भी दे सकती है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को बड़ा मौका मिलने के संकेत हैं। मां की सलाह आज आपके लिए बेहद खास साबित होगी।*

*सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)*

*आज कुछ उलझनें आपका ध्यान भटका सकती हैं, लेकिन धैर्य से काम लेंगे तो सफलता जरूर मिलेगी। लंबे समय से रुके कामों को पूरा करने का सही समय आ गया है। भगवान की भक्ति में मन लगने से मानसिक शांति मिलेगी। जरूरतमंद की मदद करके आपको आत्मिक संतोष मिलेगा। पार्टनरशिप में कोई बड़ा कदम उठाने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करना जरूरी होगा। पैसों के मामलों में सावधानी बनाए रखें।*

*कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)*

*आज आय और खर्च के बीच संतुलन बनाना बेहद जरूरी रहेगा। बढ़ते खर्च आपको थोड़ा परेशान कर सकते हैं, लेकिन समझदारी से स्थिति संभल जाएगी। नौकरी बदलने की सोच रहे लोगों को नया ऑफर मिल सकता है। माता-पिता की सेवा और आशीर्वाद आपके लिए भाग्य के द्वार खोल सकते हैं। कुछ नया करने की आपकी कोशिश रंग लाएगी और आत्मविश्वास बढ़ाएगी।*

*तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)*

*आज आलस्य छोड़कर आगे बढ़ेंगे तो सफलता आपके कदम चूमेगी। जरूरत के हिसाब से खर्च करना ही समझदारी होगी, वरना बाद में आर्थिक दबाव महसूस हो सकता है। जीवनसाथी नौकरी के सिलसिले में यात्रा पर जा सकते हैं। आपकी कला और प्रतिभा लोगों को प्रभावित करेगी। किसी विरोधी के सामने अपनी निजी या जरूरी बातें शेयर करने से बचें।*

*वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)*

*आज कमाई और खुशियों दोनों में बढ़ोतरी होने के संकेत हैं। घर की सजावट या नई खरीदारी मन को उत्साहित करेगी। परिवार में चल रही गलतफहमियां बातचीत से दूर हो सकती हैं। लंबे समय से रुका हुआ काम पूरा होने से राहत मिलेगी। विवादों से दूरी बनाए रखें और शांत रहना ही आपके लिए फायदेमंद रहेगा। घर में किसी शुभ कार्य की तैयारी माहौल को खुशनुमा बना सकती है।*

*धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)*

*आज सकारात्मक ऊर्जा आपके हर काम में दिखाई देगी। दोस्तों और परिवार का साथ आपको नई ताकत देगा। लंबी यात्रा की योजना बन सकती है, जो यादगार साबित होगी। बोलने से पहले शब्दों को तौलना जरूरी रहेगा, वरना रिश्तों में तनाव आ सकता है। मां की दी गई जिम्मेदारी को गंभीरता से लें। दूसरों की बातों में आकर कार्यक्षेत्र में विवाद खड़ा हो सकता है।*

*मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)*

*आज आप अपने अधूरे कामों को पूरा करने के लिए पूरी ताकत लगा देंगे। समाज सेवा और परोपकार के कार्यों से आपकी छवि और निखरेगी। भाई-बहनों का सहयोग आपको हर कदम पर मिलेगा। पुरानी गलती से मिली सीख आज बड़ी परेशानी से बचा सकती है। प्रेम जीवन में साथी के साथ बिताया गया समय रिश्तों में नई मिठास घोल देगा।*

*कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)*

*आज का दिन थोड़ा संतुलन और धैर्य मांग सकता है। अचानक आए खर्च आपके बजट को बिगाड़ सकते हैं, इसलिए सोच-समझकर खर्च करें। छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करना परिवार में तनाव बढ़ा सकता है। कोई बड़ा फैसला लेने से पहले पूरी तरह सोच-विचार जरूर करें। किसी अनजान व्यक्ति पर जरूरत से ज्यादा भरोसा करना नुकसानदायक हो सकता है। मन की उलझनों को शांत दिमाग से सुलझाने की कोशिश करें।*

*मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)*

*आज आर्थिक मामलों में भाग्य आपका पूरा साथ देगा। बिजनेस में अच्छी कमाई होने से मन प्रसन्न रहेगा और पार्टनरशिप भी शानदार चलेगी। व्यापार को नए स्तर तक ले जाने की आपकी कोशिश सफल हो सकती है। रुका हुआ पैसा मिलने की संभावना है। दोस्तों और परिवार के साथ बिताया गया समय दिन को यादगार बना देगा। धार्मिक और मनोरंजन से जुड़े कार्यों में मन खूब लगेगा।*

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Tejraftarnews.in: 🚩🌺🚩🌺🚩🌺🚩🌺🚩🌺

*🚩🕉️श्रेष्ठ विचारों की रोशनी: सत्संग और विवेक का उदय*

*🚩🌺ढूंढ रहा हूं अपना अस्तित्व, समय के अंधकार में,* 

*🌺दिखाई दी है रोशनी, आप सभी के विचार में।”*

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*🚩🕉️मानव जीवन की यात्रा केवल वर्षों को गिनने या सांसारिक उत्तरदायित्वों को पूरा करने का नाम नहीं है। यह यात्रा मूलतः अपने वास्तविक स्वरूप को जानने की है। जब व्यक्ति जीवन के एक लंबे पड़ाव को पार कर लेता है, तो अक्सर सांसारिक कोलाहल के पीछे एक मौन गहराने लगता है। इसी मौन और एकांत के बीच उठती है अंतरात्मा की वह पुकार, जिसे कवि ने इन शब्दों में पिरोया है— “ढूंढ रहा हूं अपना अस्तित्व, समय के अंधकार में, दिखाई दी है रोशनी, आप सभी के विचार में।”*

*🚩🕉️यह पंक्तियां किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उस हर साधक की यात्रा हैं जो जीवन के सांध्यकाल में या वैचारिक ठहराव के क्षणों में अपने 'अस्तित्व' के वास्तविक मायनों को तलाश रहा है।*

*🚩🕉️समय का अंधकार और मोहभंग*

*🚩🕉️सनातन धर्म में जिसे हम 'समय का अंधकार' या अनिश्चितता कहते हैं, वह वास्तव में अज्ञान (अविद्या) का पर्दा है। जब संसार की नश्वरता का बोध होने लगता है, तो बाहरी चमक-दमक फीकी पड़ने लगती है। अर्जुन को कुरुक्षेत्र के मैदान में इसी वैचारिक अंधकार और विषाद ने घेरा था। वह अपने अस्तित्व, कर्तव्य और पहचान को लेकर भ्रमित हो गए थे।*

*🚩🕉️श्रीमद्भगवद्गीता (अध्याय 2, श्लोक 7) में अर्जुन भगवान कृष्ण से कहते हैं:-*

*🚩🕉️कार्पण्यदोषोपहतस्वभावः पृच्छामि त्वां धर्मसम्मूढचेताः।*

 *यच्छ्रेयः स्यान्निश्चितं ब्रूहि तन्मे शिष्यस्तेऽहं शाधि मां त्वां प्रपन्नम्॥*

 

*🚩🕉️अर्थात्, "मैं कायरता रूपी दोष से ग्रस्त हो चुका हूँ और मेरा चित्त कर्तव्य के विषय में भ्रमित है। मैं आपसे पूछ रहा हूँ कि जो मेरे लिए निश्चित रूप से कल्याणकारी हो, वह मुझे बताएं। मैं आपका शिष्य हूँ, आपकी शरण में हूँ, मुझे शिक्षा दें।"*

*🚩🕉️जब जीवन की पुरानी भूमिकाएं जैसे व्यवसाय, पद या सक्रिय सामाजिक दायित्व समाप्त होने लगती हैं, तो व्यक्ति को लगता है कि वह अंधकार में खो रहा है। लेकिन सनातन दर्शन कहता है कि यह अंधकार अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। यह 'नेति-नेति' (यह भी मैं नहीं हूँ, वह भी मैं नहीं हूँ) की वह अवस्था है जहां मनुष्य अपने मिथ्या अहंकार को छोड़कर वास्तविक 'स्व' की खोज में निकलता है।*

*🚩🕉️श्रेष्ठ विचारों की रोशनी: सत्संग का महत्व*

 *🚩🕉️दूसरी पंक्ति कहती है— “दिखाई दी है रोशनी, आप सभी के विचार में।”* 

*🚩🕉️सनातन परंपरा में विचारों के इस आदान-प्रदान और ज्ञानमयी संगति को 'सत्संग' कहा गया है। जब विवेकशील और अनुभवी आत्माएं एक साथ बैठती हैं, तो उनके विचारों के मंथन से जो प्रकाश निकलता है, वह अज्ञान के अंधकार को काट देता है।*

**गोस्वामी तुलसीदास जी ने श्रीरामचरितमानस (बालकांड) में सत्संग की महिमा गाते हुए लिखा है:*  

*🚩🕉️मंजन फल पेखिअ ततकाला। काक होहिं पिक बकउ मराला॥*

 *🚩🕉️सुनि आचरज करै जनि कोई। सतसंगति महिमा नहिं गोई।*

 *🚩🕉️बिनु सतसंग बिबेक न होई। राम कृपा बिनु सुलभ न सोई॥*

*🚩🕉️अर्थात्, सत्संग के बिना विवेक (सही-गलत और नश्वर-शाश्वत का भेद करने की क्षमता) उत्पन्न नहीं होता। जब हम दूसरों के सात्विक विचारों, शास्त्रों के वचनों और गुरुओं के अनुभवों को सुनते हैं, तो हमारे भीतर सोया हुआ ज्ञान जाग्रत हो उठता है। विचार ही वह मशाल हैं जो 'समय के अंधकार' को चीरकर हमें मार्ग दिखाते हैं।*

*🚩🕉️अस्तित्व की वास्तविक खोज: 'अहं ब्रह्मास्मि'*

*🚩🕉️सनातन धर्म हमें सिखाता है कि जिस अस्तित्व को हम बाहर ढूंढ रहे हैं, वह कहीं दूर नहीं, बल्कि हमारे भीतर ही स्थित है। उपनिषदों का महावाक्य कहता है—'तत् त्वम् असि' वह परमात्मा तुम्हीं हो) और 'अहं ब्रह्मास्मि' अर्थात मैं ही ब्रह्म हूँ।*

*🚩🕉️अंधकार केवल तब तक रहता है जब तक हम अपनी पहचान बाहरी शरीर, अतीत की उपलब्धियों या सांसारिक संबंधों से जोड़कर देखते हैं। जैसे ही हम श्रेष्ठ विचारों और वेदांत के प्रकाश में उतरते हैं, हमें समझ आता है कि आत्मा अजर, अमर और शाश्वत है। समय बदल सकता है, परिस्थितियां धुंधली हो सकती हैं, लेकिन भीतर बैठा हुआ दृष्टा (साक्षी भाव) कभी नहीं बदलता।*

*🚩🕉️कठोपनिषद् (1.3.14) में ऋषियों ने साधक को जगाते हुए कहा है -* 

*🚩🕉️उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत।*

 *क्षुरस्य धारा निशिता दुरत्यया दुर्गं पथस्तत्कवयो वदन्ति॥*

*🚩🕉️अर्थात्, "उठो, जागो और श्रेष्ठ महापुरुषों के पास जाकर उस ज्ञान को जानो। बुद्धिमान लोग कहते हैं कि यह मार्ग छुरे की पैनी धार पर चलने के समान कठिन है।" परंतु, जब समाज और सुविज्ञ जनों के विचारों की रोशनी साथ हो, तो यह दुर्गम मार्ग भी सुगम हो जाता है।*

 

*🚩🕉️प्रकाश की ओर बढ़ते कदम*

*🚩🕉️यह पंक्तियां इस बात का जीवंत प्रमाण हैं कि सजगता और सत्य की खोज की कोई उम्र या सीमा नहीं होती। 'समय के अंधकार' को स्वीकार करना और फिर 'विचारों की रोशनी' का स्वागत करना, एक उच्च आध्यात्मिक चेतना का लक्षण है।*

*🚩🕉️हम संदेश के साथ समाप्त होता है कि जब भी जीवन में दिशाएं धुंधली लगने लगें, तो घबराने के बजाय श्रेष्ठ विचारों, शास्त्रों के स्वाध्याय और सत्संग की शरण लेनी चाहिए। यही वह शाश्वत प्रकाश है जो सदियों से मानव जाति का मार्गदर्शन करता आया है—🚩🕉️“तमसो मा ज्योतिर्गमय” - हे प्रभु, मुझे अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो।*

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*🚩🕉️हृदय की मधुरता, उदारता और विनम्रता — जीवन की वास्तविक ऊँचाई*

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*🚩🕉️किसी व्यक्ति के जीवन की उचाइयां मापने के तीन पैमाने हैं ह्रदय की मधुरता, उदारता और विनम्रता !! मनुष्य अपने को चतुर समझता है, इसमें कुछ गलत नहीं है, मगर पछतावे की बारी तब आती है जब वो दूसरों को मूर्ख समझता है*

*🚩🕉️मनुष्य जीवन में सफलता को प्रायः धन, पद और प्रतिष्ठा से मापा जाता है। किंतु सनातन धर्म के ऋषि-मनीषियों ने सदैव यही कहा कि जीवन की वास्तविक ऊँचाई बाहरी उपलब्धियों में नहीं, अपितु आंतरिक गुणों में निहित है। हृदय की मधुरता, उदारता और विनम्रता — ये तीन पैमाने हैं जिनसे किसी मनुष्य के जीवन का सच्चा मूल्यांकन होता है।* 

*🚩🕉️और इन्हीं से जुड़ा एक कटु सत्य भी है — मनुष्य स्वयं को चतुर समझे तो यह स्वाभाविक है, परंतु जब वह दूसरों को मूर्ख समझने लगे, तभी से उसके पतन का द्वार खुलता है।*

*🚩🕉️हृदय की मधुरता — प्रेम का स्वरूप*

*🚩🕉️तुलसीदासजी ने रामचरितमानस में लिखा है — "मधुर वचन है औषधी, कटु वचन है तीर।"*

*🚩🕉️हृदय की मधुरता का अर्थ केवल मीठा बोलना नहीं है, यह तो उस भाव की अभिव्यक्ति है जो भीतर से निर्मल हो। जब हृदय करुणा और प्रेम से भरा होता है, तब वाणी, व्यवहार और दृष्टि — सब में मधुरता स्वतः प्रकट होती है।*

*🚩🕉️भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में कहा है-- "अद्वेष्टा सर्वभूतानां मैत्रः करुण एव च।"- *(भगवद्गीता, 12.13)*

*🚩🕉️अर्थात् जो किसी भी प्राणी से द्वेष नहीं रखता, जो सबका मित्र और करुणामय है — वही दिव्य पुरुष है। हृदय की मधुरता ईश्वर का सबसे सुंदर वरदान है। जिस व्यक्ति का हृदय मधुर है, वह न केवल स्वयं सुखी रहता है, अपितु अपने समीप आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को भी शांति और आनंद देता है।*

*🚩🕉️उदारता — महानता की पहचान*

*🕉️उपनिषदों में कहा गया है — "तेन त्यक्तेन भुञ्जीथाः।" (ईशावास्योपनिषद्, मंत्र 1)*

*🚩🕉️अर्थात् त्याग के भाव से ही भोग करो। यह उदारता का मूल दर्शन है। उदार व्यक्ति वह नहीं जो केवल धन बाँटे, बल्कि वह है जो अपना समय, अपनी ऊर्जा, अपना ज्ञान और अपनी सहानुभूति भी दूसरों के साथ बाँटे।*

*🚩🕉️महाभारत के अनुशासन पर्व में भीष्म पितामह युधिष्ठिर को उपदेश देते हुए कहते हैं —"दानं भोगो नाशस्तिस्रो गतयो भवन्ति वित्तस्य।"*

*🚩🕉️अर्थात् धन की तीन गतियाँ होती हैं — दान, भोग और नाश। जो दान नहीं करता, भोग नहीं करता, उसका धन नष्ट हो जाता है। उदारता वह गुण है जो मनुष्य को देवताओं की श्रेणी में ले जाता है। कर्ण का संपूर्ण जीवन इसी उदारता की महागाथा है। उसने जीवन में सब कुछ खोया, किंतु दानवीरता का व्रत कभी नहीं छोड़ा।*

*🚩🕉️विनम्रता — ज्ञान का आभूषण*

*🚩🕉️विनम्रता वह गुण है जो महान को और महान बनाता है। श्रीमद्भागवत में कहा गया है —"विद्या ददाति विनयम्।"*

*🚩🕉️सच्चा ज्ञान सदैव विनम्रता लाता है। जो जितना अधिक जानता है, वह उतना ही अधिक नम्र होता है — जैसे फलों से लदा वृक्ष नीचे झुकता है। भगवान श्रीराम इसके सर्वोत्तम उदाहरण हैं। अयोध्या के राजकुमार होते हुए, सर्वगुण संपन्न होते हुए भी उनके व्यवहार में सदैव विनम्रता थी। उन्होंने केवट को, शबरी को, वनवासियों को वही सम्मान दिया जो किसी राजर्षि को दिया जाता है।*

*🚩🕉️गीता में भगवान कृष्ण कहते हैं — "अमानित्वमदम्भित्वमहिंसा क्षान्तिरार्जवम्।" (भगवद्गीता, 13.7)*

*🚩🕉️अर्थात् मान न चाहना, दंभ न करना, अहिंसा, क्षमा और सरलता — ये सब दैवीय संपदा के लक्षण हैं।*

*🚩🕉️चतुराई और अहंकार — पतन का मार्ग*

*🚩🕉️अब आता है वह पक्ष जो इस चिंतन का केंद्रबिंदु है। मनुष्य यदि स्वयं को बुद्धिमान और सक्षम समझे — यह न केवल स्वाभाविक है, अपितु आत्मविश्वास का प्रतीक भी है। किंतु जब यही चतुराई दूसरों को तुच्छ और मूर्ख समझने में परिणत हो जाए, तब वह अहंकार का रूप ले लेती है।*

*🚩🕉️रामचरितमानस में गोस्वामी तुलसीदासजी ने रावण के पतन का मूल कारण यही बताया — "कहँ लगि कहौं दसानन बाहुबली। ब्रह्मा बिष्नु सदासिव सन जिन्ह मिली।"*

*🚩🕉️रावण में असाधारण विद्वत्ता थी, असीम शक्ति थी — किंतु वह सबको अपने से हीन समझता था। उसी अहंकार ने उसे नष्ट किया। भगवान श्रीकृष्ण ने भी गीता में स्पष्ट कहा — "अहंकारं बलं दर्पं कामं क्रोधं च संश्रिताः।"**

  *(भगवद्गीता, 16.18)*

*🚩🕉️जो अहंकार, बल के मद, दर्प और काम-क्रोध में डूबे रहते हैं, वे आसुरी स्वभाव को प्राप्त होते हैं।*

*🚩🕉️दूसरों को मूर्ख समझना वस्तुतः अपनी ही मूर्खता का प्रमाण है। क्योंकि जो व्यक्ति दूसरों के भीतर की संभावनाओं को नहीं देख सकता, वह वास्तव में दृष्टिहीन है — चाहे उसकी आँखें खुली हों।*

*🚩🕉️सनातन धर्म हमें सिखाता है कि जीवन की वास्तविक सफलता बाहर नहीं, भीतर है। हृदय में मधुरता हो तो संसार स्वर्ग बन जाता है। उदारता हो तो जीवन सार्थक हो जाता है। विनम्रता हो तो ज्ञान पूर्ण होता है। और जो व्यक्ति इन तीनों गुणों को धारण करता है, वह कभी दूसरों को तुच्छ नहीं समझता — क्योंकि उसे पता होता है कि हर मनुष्य में वही परमात्मा का अंश है जो उसमें है।*

*🚩🕉️"ईश्वरः सर्वभूतानां हृद्देशेऽर्जुनतिष्ठति।"* 

 *(भगवद्गीता, 18.61)*

*🚩🕉️जिस दिन यह बोध हो जाए, उस दिन न कोई मूर्ख रहता है, न कोई तुच्छ — और तभी मनुष्य जीवन की सच्ची ऊँचाई को स्पर्श करता है।*

🚩🕉️🚩🕉️🚩🕉️🚩🕉️🚩🕉️

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*♨️ आज का प्रेरक प्रसंग ♨️*

             *!! बरगद का पेड़ !!*

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किसी गांव में बरगद का एक पेड़ बहुत वर्षों से खड़ा था। गांव के सभी लोग उसकी छाया में बैठते थे, गांव की महिलाएं त्यौहारों पर उस वृक्ष की पूजा किया करती थीं। ऐसे ही समय बीतता गया और कई वर्षों बाद वृक्ष सूखने लगा। उसकी शाखाएं टूटकर गिरने लगीं और उसकी जड़ें भी अब कमजोर हो चुकी थीं। गांव वालों ने विचार किया कि अब इस पेड़ को काट दिया जाये और इसकी लकड़ियों से गृहविहीन लोगों के लिए झोपड़ियों का निर्माण किया जाये।

गांव वालों को आरी-कुल्हाड़ी लाते देख, बरगद के पास खड़ा एक वृक्ष बोला- “दादा! आपको इन लोगों की प्रवृत्ति पर जरा भी क्रोध नहीं आता, ये कैसे स्वार्थी लोग हैं, जब इन्हें आपकी आवश्यकता थी तब ये आपकी पूजा किया करते थे, लेकिन आज आपको टूटते हुए देखकर काटने चले हैं।”

बूढ़े बरगद ने जवाब दिया- “नहीं बेटे! मैं तो यह सोचकर बहुत प्रसन्न हूँ कि मरने के बाद भी मैं आज किसी के काम आ सकूंगा।” 

*शिक्षा:-*

परोपकारी व्यक्ति सदा दूसरों के प्रति करुणा का भाव रखते हैं तथा उनकी ख़ुशी और उनके सुख में अपना सुख समझते हैं..!!

*सदैव प्रसन्न रहिये - जो प्राप्त है, पर्याप्त है।*

*जिसका मन मस्त है - उसके पास समस्त है।।*

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*♨️ आज का प्रेरक प्रसंग ♨️*

            *!! हंस और काग !!*  

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पुराने जमाने में एक शहर में दो ब्राह्मण पुत्र रहते थे, एक गरीब था तो दूसरा अमीर। दोनों पड़ोसी थे। गरीब ब्राह्मण की पत्नी उसे रोज़ ताने देती झगड़ती।

एक दिन ग्यारस के दिन गरीब ब्राह्मण पुत्र झगड़ों से तंग आ जंगल की ओर चल पड़ता है ये सोच कर कि जंगल में शेर या कोई मांसाहारी जीव उसे मार कर खा जायेगा, उस जीव का पेट भर जायेगा और मरने से वो रोज की झिक झिक से मुक्त हो जायेगा।

जंगल में जाते उसे एक गुफ़ा नज़र आती है। वो गुफ़ा की तरफ़ जाता है। गुफ़ा में एक शेर सोया होता है और शेर की नींद में ख़लल न पड़े इसके लिये हंस का पहरा होता है।

हंस ज़ब दूर से ब्राह्मण पुत्र को आता देखता है तो चिंता में पड़ सोचता है... ये ब्राह्मण आयेगा शेर जगेगा और इसे मार कर खा जायेगा... ग्यारस के दिन मुझे पाप लगेगा... इसे बचायें कैसे?

उसे उपाय सुझता है और वो शेर के भाग्य की तारीफ़ करते कहता है। ओ जंगल के राजा... उठो, जागो आज आपके भाग्य खुले हैं, ग्यारस के दिन खुद विप्रदेव आपके घर पधारे हैं, जल्दी उठें और इन्हें दक्षिणा दें रवाना करें... आपका मोक्ष हो जायेगा... ये दिन दुबारा आपकी जिंदगी में शायद ही आये, आपको पशु योनी से छुटकारा मिल जायेगा।

शेर दहाड़ कर उठता है, हंस की बात उसे सही लगती है और पूर्व में शिकार हुए मनुष्यों के गहने थे, वे सब के सब उस ब्राह्मण के पैरों में रख, शीश नवाता है, जीभ से उनके पैर चाटता है।

हंस ब्राह्मण को इशारा करता है, विप्रदेव ये सब गहने उठाओ और जितना जल्द हो सके वापस अपने घर जाओ... ये सिंह है.. कब मन बदल जाय!

ब्राह्मण बात समझता है, घर लौट जाता है। पडौसी अमीर ब्राह्मण की पत्नी को जब सब पता चलता है तो वो भी अपने पति को जबरदस्ती अगली ग्यारस को जंगल में उसी शेर की गुफा की ओर भेजती है। अब शेर का पहेरादार बदल जाता है। नया पहरेदार होता है ""कौवा""

जैसे कौवे की प्रवृति होती है वो सोचता है... बढीया है। ब्राह्मण आया.. शेर को जगाऊं.. शेर की नींद में ख़लल पड़ेगी, गुस्साएगा, ब्राह्मण को मारेगा तो कुछ मेरे भी हाथ लगेगा, मेरा पेट भर जायेगा।

ये सोच वो कांव.. कांव.. कांव.. चिल्लाता है। शेर गुस्सा हो जगता है। दूसरे ब्राह्मण पर उसकी नज़र पड़ती है, उसे हंस की बात याद आ जाती है.. वो समझ जाता है कौवा क्यूं कांव.. कांव कर रहा है।

वो अपने पूर्व में हंस के कहने पर किये गये धर्म को खत्म नहीं करना चाहता.. पर फिर भी नहीं शेर, शेर होता है जंगल का राजा...

वो दहाड़ कर ब्राह्मण को कहता है.. "हंस उड़ सरवर गये और अब काग भये प्रधान... थे तो विप्रा थांरे घरे जाओ... मैं किनाइनी जिजमान"

अर्थात् हंस जो अच्छी सोच वाले अच्छी मनोवृत्ति वाले थे उड़ के सरोवर यानि तालाब को चले गये हैं और अब कौवा प्रधान पहरेदार है जो मुझे तुम्हें मारने के लिये उकसा रहा है। मेरी बुद्धि घूमें उससे पहले ही.. हे ब्राह्मण, यहां से चले जाओ.. शेर किसी का जजमान नहीं हुआ है.. वो तो हंस था जिसने मुझ शेर से भी पुण्य करवा दिया।

दूसरा ब्राह्मण सारी बात समझ जाता है और डर के मारे तुरंत प्राण बचाकर अपने घर की ओर भाग जाता है...

*शिक्षा:-*

कोई किसी का दु:ख देख दु:खी होता है और उसका भला सोचता है... वो हंस है और जो किसी को दु:खी देखना चाहता है, किसी का सुख जिसे सहन नहीं होता... वो कौवा है।

जो आपस में मिलजुल, भाईचारे से रहना चाहते हैं, वे हंस प्रवृत्ति के हैं। और जो झगड़े कर एक दूजे को मारने लूटने की प्रवृत्ति रखते हैं, वे कौवे की प्रवृति के हैं।

अपने आस पास छुपे बैठे कौवौं को पहचानों, उनसे दूर रहो और जो हंस प्रवृत्ति के हैं, उनका साथ करो... इसी में आपका व हम सबका कल्याण छुपा है..!!  

*सदैव प्रसन्न रहिये - जो प्राप्त है, पर्याप्त है।*

*जिसका मन मस्त है - उसके पास समस्त है।।*

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      *🔥 आज की प्रेरणा प्रसंग 🔥*

           *🌹 गिलियन लिन 🌹*

आपने फिल्म "तारे ज़मीन पर" (2007) ज़रूर देखी होगी। इस फिल्म ने हमें सिखाया कि हर बच्चा अलग होता है, उसकी अपनी विशिष्टता होती है। यह कहानी एक ऐसे बच्चे की थी जो पढ़ाई में कठिनाइयों से जूझता है, लेकिन कला में उसका मन बसता है। फिल्म का मूल संदेश यही था कि बच्चों की क्षमताओं को समझा जाए, उन्हें उनकी विशेषताओं के साथ अपनाया जाए।

ऐसी ही एक सच्ची कहानी है – गिलियन लिन की, जो आगे चलकर दुनिया की प्रसिद्ध कोरियोग्राफर बनीं।

गिलियन सात साल की एक बच्ची थी। वह कक्षा में शांत बैठ ही नहीं पाती थी। उसका ध्यान हमेशा भटकता रहता, वह अपने ख्यालों में खोई रहती। शिक्षक उसकी इस आदत से परेशान थे। उन्हें लगता था कि वह अनुशासनहीन है, इसलिए उसे बार-बार डांट पड़ती, सज़ा भी मिलती। गिलियन की परेशानी यहीं खत्म नहीं होती। जब वह घर जाती, वहां भी उसे डांट ही सुननी पड़ती। नतीजा यह हुआ कि वह न स्कूल में खुश थी, न घर पर। उसके रिजल्ट खराब आते, उसका आत्मविश्वास गिरता जा रहा था।

एक दिन स्कूल के प्रिंसिपल ने उसकी माँ को बुलाया। माँ को पहले से अंदेशा था कि कुछ गंभीर बात होगी। वह गिलियन को बाहर बेंच पर बैठा कर प्रिंसिपल के कमरे में गईं। वहाँ शिक्षक और प्रिंसिपल ने माँ से कहा कि गिलियन में "कोई मानसिक समस्या" हो सकती है और उसे किसी अच्छे डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

उसी समय एक बुजुर्ग शिक्षक जो मीटिंग में मौजूद थे, चुपचाप बाहर गिलियन के पास गए। उन्होंने थोड़ी देर उससे बातें कीं, फिर उठते हुए बोले, “मैं अभी आता हूँ।” और जाते-जाते कमरे में रखे एक रेडियो को चालू कर दिया, जिससे मधुर संगीत बजने लगा।

इसके बाद वह बुजुर्ग शिक्षक बाकी सभी को कमरे के बाहर ले गए और कहा, “एक बार अंदर झाँककर देखिए।” कमरे में झाँकते ही सभी लोग स्तब्ध रह गए। गिलियन वहाँ अकेली थी, लेकिन संगीत की धुन पर पूरे मनोयोग से, आत्मविश्वास और खूबसूरती से नृत्य कर रही थी।

बुजुर्ग शिक्षक मुस्कुराते हुए बोले, “गिलियन बीमार नहीं है, वह एक डांसर है। उसे डॉक्टर नहीं, एक डांस स्कूल चाहिए।”

गिलियन की माँ ने उसी दिन निर्णय लिया और उसे एक डांस स्कूल में भर्ती करा दिया। पहले ही दिन जब वह डांस क्लास से घर लौटी, तो दौड़ती हुई अपनी माँ से लिपट गई और बोली, “माँ, वहाँ सब बच्चे मेरे जैसे हैं… कोई भी एक जगह बैठा नहीं रहता!”

वह बच्ची आगे चलकर दुनिया की महान कोरियोग्राफर बनीं – गिलियन लिन, जिन्होंने मशहूर ब्रॉडवे म्यूज़िकल्स “Cats” और “The Phantom of the Opera” को कोरियोग्राफ किया।

> *शिक्षा 👉* *हर बच्चा एक अनमोल रत्न है। हमें चाहिए कि हम उनके दोष नहीं, उनकी विशेषताओं को देखें। हर बच्चे की अपनी एक भाषा होती है – कोई शब्दों में अभिव्यक्त होता है, कोई रंगों में, कोई सुर में, और कोई अपने पैरों की थाप में।*

गिलियन जैसे कई बच्चे हमारे आस-पास हैं। ज़रूरत है उन्हें समझने, अपनाने और सही दिशा देने की। आप भी अपने बच्चे के अंदर छिपी कला को पहचानिए – क्योंकि वही उसकी असली उड़ान है..!!

*सदैव प्रसन्न रहिये - जो प्राप्त है, पर्याप्त है।*

*जिसका मन मस्त है - उसके पास समस्त है।।*

Tejraftarnews.in: *राधे - राधे ॥ आज का भगवद् चिंतन ॥* 

                    17 मई 2026

    🌟 || पुरुषोत्तम मास महिमा || 🌟

पुरुषोत्तम मास स्वयं पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान श्रीहरि का ही स्वरूप है। इस मल मास को स्वयं भगवान ने अपना लोक मंगलकारी नाम प्रदान करके पुरुषोत्तम मास बनाकर कलिकाल में लोकमंगल हेतु प्रतिष्ठित किया है। इस पावन मास में किया गया कोई भी सद्कर्म निश्चित ही अक्षय पुण्य फल प्रदायक हमारे शास्त्रों में बताया गया है। इस मास की एक विशेषता यह भी है, कि इसमें किया गया न्यून पुण्य कर्म भी अनंत गुना अधिक फलदायी होता है इसीलिए इसको *अधिक मास* के नाम से भी जाना जाता है।

यत्किञ्चित्कुरुते धर्मं पुरुषोत्तममासके। 

 तदक्षयं भवेत्सर्वं न अत्र कार्या विचारणा॥

मास पर्यंत इस पावन अवधि में यथा सामर्थ्य किसी श्रेष्ठ नियम का निष्ठापूर्वक पालन करके इस सौभाग्यशाली अवसर का लाभ लेकर अपने स्वयं के कल्याण के साथ-साथ अपने पितरों व पूर्वजों की सद्गति मार्ग भी प्रशस्त कर सकते हैं। इस पावन पुरुषोत्तम मास में प्रभु नाम का जप, कीर्तन, सुमिरण, दान, गंगा स्नान व दीपदान के साथ-साथ श्रीमद्भागवत, श्रीराम चरित मानस, श्रीमद्भगवद्गीता सहित अन्य सद्ग्रंथों का यथा संभव पाठ करते हुए इस समय को सफल करते हुए अपने जीवन को सार्थक करें।🖋️

      

             *जय श्री राधे कृष्णा जी*    

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: *शनिवार,  मई 2026 के मुख्य समाचार*

🔶चीन को रिझाने चले ट्रंप को रूस की सलाह, शांति चाहते हो तो Pak नहीं भारत चुनो

🔶MP हाईकोर्ट ने धार भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना: अयोध्या केस को फैसले का आधार बनाया; मुस्लिमों को नमाज की इजाजत देने का आदेश खारिज

🔶पेट्रोल-डीजल कीमतों में वृद्धि, कांग्रेस बोली- चुनाव खत्म, वसूली शुरू: राहुल ने कहा- ₹3 का झटका आया, बाकी वसूली किस्तों में; अखिलेश बोले- साइकिल ही विकल्प

🔶NEET पेपर लीक का मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी गिरफ्तार, छात्रों से वसूले लाखों रुपये

🔶भारत-UAE रिश्तों को मिली नई मजबूती: पीएम मोदी और अल नाहयान की बैठक, LPG सप्लाई समेत कई MoU पर साइन

🔶UAE के बाद नीदरलैंड पहुंचे PM मोदी, प्रवासी भारतीयों ने किया जोरदार स्वागत

🔶रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, पहली बार डॉलर के मुकाबले गिरकर 96.07 पर पहुंचा

🔶सुप्रीम कोर्ट बोला- दो एयरलाइन का किराया अलग-अलग क्यों:एक एयरलाइन ₹8000 चार्ज करती है, दूसरी ₹18000; सरकार से कहा- लोगों को थोड़ी राहत दें

🔶एम्स्टर्डम में पीएम मोदी, नीदरलैंड के राजा और प्रधानमंत्री से करेंगे मुलाकात; ऊर्जा और प्रौद्योगिकी पर होगी चर्चा

🔶वाशिंगटन में हुई सफल बातचीत: इस्राइल-लेबनान के बीच 45 दिन तक बढ़ा युद्धविराम

🔶'पसंदीदा शहर चुनने का मौका, 15 मिनट अतिरिक्त समय...', NEET परीक्षा को लेकर धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा एलान, अब 21 जून को होगा एग्जाम

🔶'अगले साल से कंप्यूटर बेस्ड होगा NEET एग्जाम', शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान बोले- अब गड़बड़ी नहीं होगी

🔶पेट्रोल-डीजल के बाद गैस की कीमतों में हुई बढ़ोतरी, CNG दो रुपये हुई महंगी; आम जनता की जेब पर महंगाई की दोहरी मार

🔶मानसून के फिर से जल्दी आने की उम्मीद, 26 मई के आसपास केरल में देगा दस्तक : मौसम विभाग

🔶ईरान होर्मुज का रक्षक, सभी के लिए खुला, केवल उन देशों के लिए बंद जो ईरान के साथ युद्ध में: अराघची

🔶'राष्ट्र प्रथम' के संकल्प के साथ प्रधानमंत्री के आह्वान को राजस्थान चैंबर का पूर्ण समर्थन, 'आत्मनिर्भर भारत' को मजबूती देगा प्रदेश का व्यापार जगत

🔶फर्जी लोग काला कोट पहनकर घूम रहे हैं, CBI कुछ करे; CJI सूर्यकांत को आया गुस्सा

🔶भीलवाड़ा में भीषण सड़क हादसा: ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मियों समेत 3 की मौत

🔶नासिक TCS केस 5 आरोपियों की बेल याचिका खारीज

🔶दिल्ली में 2027 से सिर्फ ई-ऑटो का रजिस्ट्रेशन, वायु प्रदूषण को लेकर CAQM का बड़ा फैसला 

🔷'बार-बार खुद को साबित नहीं करूंगा': 2027 विश्वकप पर कोहली की दो टूक; भरोसा रखो, या साफ मना करो?

🔷IPL 2026: CSK को करारा झटका, मार्श के तूफान में बिखरी टीम; 7 विकेट से हराया, प्लेऑफ समीकरण बिगड़े

       *आपका दिन शुभ और मंगलमय हो सुप्रभात..!!*

                             जय हो🙏

Tejraftarnews.in: *💁🏻‍♂️सुबह की देश राज्यों से बड़ी खबरें*

       *17- मई - रविवार*

                      👇

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*1* तकनीक, शिक्षा, सेहत और खनिज, नीदरलैंड दौरे पर PM मोदी की मौजूदगी में 17 बड़े फैसले; सेमीकंडक्टर पर भी साझेदारी

*2* PM मोदी ने डच कंपनियों को दिया भारत में निवेश का न्योता,बोले-भारत अब दुनिया की ग्रोथ का इंजन

*3* NEET विवाद: राहुल का केंद्र पर बड़ा हमला, कहा- पेपर लीक गठजोड़ का नतीजा, शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग

*4* CBSE: सीबीएसई का बड़ा फैसला, क्लास 9-10 के लिए तीन भाषाएं अनिवार्य; कक्षा नौ के लिए एक जुलाई से होगा लागू

*5* नीट-यूजी पेपर लीक: एनटीए से जुड़े सरकारी अधिकारी तक पहुंची सीबीआई जांच की आंच, लाखों रुपये में बंटे थे सवाल

*6* गढ़चिरौली में CRPF और पुलिस का ऑपरेशन अंतिम प्रहार: 8 नक्सली गिरफ्तार, 5 ने डाले हथियार; अब रिकॉर्ड में कोई भी वांटेड माओवादी नहीं

*7* सरकार बोली-चुनाव आयुक्त के चयन पैनल में जज जरूरी नहीं, SC से कहा- संविधान में ऐसा प्रावधान नहीं, जज को शामिल करना संसद का फैसला

*8* केंद्रीय मंत्री बंदी संजय बोले-बेटे को पुलिस के हवाले किया, पुलिस बोली- सरेंडर नहीं, हमने पकड़ा; POCSO मामले में लुकआउट नोटिस जारी हुआ था

*9* जनसंख्या बढ़ाने के लिए 'कैश ऑफर'! आंध्र प्रदेश में तीसरा बच्चा होने पर मिलेंगे 30 हजार, चौथे बच्चे पर 40 हजार रुपये, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू का बड़ा ऐलान

*10* चांदी के आयात पर सरकार ने पाबंदी लगाई, अब विदेश से मंगाने के लिए लाइसेंस जरूरी; 3 दिन पहले इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाई थी

*11* दिल्ली - 128 करोड़ के जीएसटी घोटाले में छह गिरफ्तार, 50 फर्जी कंपनियों का सिंडिकेट बेनकाब; 51 लाख रुपये जब्त

*12* कोई घूस लेते पकड़ा गया तो सीधा जेल भेजो, शुभेंदु अधिकारी का बंगाल पुलिस को निर्देश

*13* महाराष्ट्र के अमरावती-वर्धा में तापमान 46°C, देश में सबसे गर्म, गुजरात के जंगल सफारी में जानवरों के लिए AC; राजस्थान में आज से फिर हीटवेव

*14* IPL-गुजरात 5 जीत के बाद हारी, कोलकाता 29 रन से जीती, एलन ने 93 रन बनाए; गिल के 85 रन काम नहीं आए

*15* इस बार केरलम में जल्दी पहुंचेगा मानसून, उत्तर भारत को अभी राहत नहीं; दिल्ली-NCR और पंजाब में लू का अलर्ट

*16* ईरान होर्मुज के लिए जल्द नया ट्रैफिक सिस्टम लाएगा, कहा- खास सर्विस के लिए टैक्स लगेगा; UAE और ओमान पर हमले की धमकी

*17* ट्रम्प के बाद अब पुतिन भी चीन जाएंगे, चीनी मीडिया बोली- यह ट्रम्प के दौरे से ज्यादा अहम, अमेरिकी राष्ट्रपति की यात्रा दिखावटी थी

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Frequently Asked Questions

बहुत एक्टिव

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