वर्ल्ड में होने वाली सारी प्रक्रियाओं पर रोक लगता है वर्ल्ड की सारी जहाज का पानी सिर्फ जो भी है उसके बारे में अधिक जानकारी इस न्यूज़ के लिए
बिहार के लिटी चोखा और बंगाल की झालमुड़ी की अपार सफलता के बाद. . पंजाब में अमृतसरी कुलचे और छोले भटूरे. . .
[17/05, 2:50 am] +91 87870 48603: नई दिल्ली : रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच संवाद स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। लेकिन अगर दोनों देश लंबे समय तक मध्यस्थ चाहते हैं तो भारत यह भूमिका निभा सकता है। लावरोव ने भारत के व्यापक कूटनीतिक अनुभव की तारीफ की।
यह बयान नई दिल्ली में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान दिया गया। लावरोव ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान तत्काल और जरूरी मुद्दों पर अमेरिका-ईरान के बीच संवाद बनाने में मदद कर रहा है, लेकिन पश्चिम एशिया में स्थायी शांति और ईरान तथा अरब देशों के बीच दीर्घकालिक समाधान के लिए भारत बेहतर विकल्प है।
भारत की “विशाल कूटनीतिक अनुभव और अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा” का जिक्र करते हुए लावरोव ने कहा कि दिल्ली इस भूमिका को प्रभावी ढंग से निभा सकती है। यह बयान ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है और अमेरिका-ईरान के बीच सीधी बातचीत की कोशिशें जारी हैं।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस बयान का स्वागत किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि रूस का यह समर्थन भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को दर्शाता है। पाकिस्तान की भूमिका को सीमित बताते हुए लावरोव ने भारत को प्राथमिकता दी, जो दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संतुलन को भी प्रभावित कर सकता है।
यह घटनाक्रम भारत की “वसुदैव कुटुंबकम” नीति और बहुपक्षीय कूटनीति की सफलता को रेखांकित करता है। #bharatidea
[17/05, 2:50 am] +91 87870 48603: सम्भल (उत्तर प्रदेश) : सम्भल जिले की 31 वर्षीय अमीना ने टीएमयू अस्पताल में एक दुर्लभ प्रसव का कीर्तिमान रच दिया है। उन्होंने पांच दिनों के अंतराल में क्वाड्रुपलेट्स (चार बच्चे) को जन्म दिया, जिसमें दो लड़के और दो लड़कियां शामिल हैं। यह चौगुना प्रसव न केवल परिवार के लिए खुशी का विषय बना है, बल्कि चिकित्सा क्षेत्र में भी चर्चा का केंद्र बन गया है।
अमीना दो साल पहले मुहम्मद अलीम से विवाहित हुई थीं। यह उनकी पहली गर्भावस्था थी। डॉक्टरों के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान जटिलताओं के कारण बच्चे अलग-अलग दिनों में पैदा हुए। पहले दिन दो बच्चों का जन्म हुआ, उसके बाद अगले दिनों में शेष दो बच्चों ने जन्म लिया। पूरी प्रक्रिया में मां और बच्चों की सेहत पर नजर रखी गई। टीएमयू अस्पताल के चिकित्सकों की टीम ने सतर्कता से इस चुनौतीपूर्ण प्रसव को सफलतापूर्वक सम्पन्न किया।
सभी नवजात स्वस्थ हैं और वर्तमान में नवजात शिशु देखभाल इकाई (NICU) में निगरानी में रखे गए हैं।
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[17/05, 2:50 am] +91 87870 48603: जोगबनी-रानी (बिहार-नेपाल सीमा) : नेपाल सरकार ने जोगबनी-रानी सीमा मार्ग से पर्यटकों को ले जाने वाले भारतीय रिक्शों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। वर्षों से इस मार्ग पर संचालित हो रहे भारतीय रिक्शा चालकों की आजीविका बुरी तरह प्रभावित हुई है। सैकड़ों ड्राइवर बेरोजगारी की कगार पर पहुंच गए हैं।
नेपाल में नई सरकार बनने के बाद सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। अब नेपाल प्रवेश के लिए पहचान पत्र अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही भारतीय वाहनों के लिए ऑनलाइन कस्टम्स और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम शुरू किया जा रहा है। इस प्रणाली से भारतीय वाहनों की एंट्री, स्टे अवधि और एग्जिट की रीयल-टाइम निगरानी की जाएगी। नियम के अनुसार भारतीय पर्यटक वाहन एक साल में अधिकतम 30 दिन नेपाल में रह सकते हैं।
स्थानीय रिक्शा चालकों ने बताया कि पहले वे जोगबनी से रानी तक पर्यटकों को आसानी से ले जाते थे, लेकिन अब अचानक रोक लगने से उनकी रोजी-रोटी छिन गई है। सीमा व्यापार और पर्यटन पर भी असर पड़ा है।
नेपाल के इस एकतरफा कदम से दोनों देशों के बीच सीमा क्षेत्र में तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। बिहार के अररिया और पूर्णिया जिलों के लोग इस फैसले से नाराज हैं।
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[17/05, 2:50 am] +91 87870 48603: यदि हमारे राजनेताओं के बच्चे राजनीतिक करियर में सीधे कदम रखने के बजाय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते, तो शायद वे उन लाखों छात्र-छात्राओं की पीड़ा और हताशा को समझ पाते, जो परीक्षा का पेपर लीक होने पर हर बार टूट जाते हैं। भारत में आज करोड़ों युवा अपनी पूरी जवानी इन परीक्षाओं को समर्पित कर रहे हैं। वे कोचिंग संस्थानों में दिन-रात एक कर देते हैं, परिवार की आर्थिक स्थिति को तनाव में डालते हैं, सामाजिक जीवन, दोस्ती, शौक और यहां तक कि परिवार के साथ समय बिताने का मौका भी छोड़ देते हैं। सिर्फ एक बेहतर भविष्य की उम्मीद में। लेकिन जब पेपर लीक हो जाता है, तो सारा सपना चूर-चूर हो जाता है। यह सिर्फ एक पेपर का लीक नहीं, बल्कि हजारों युवाओं के जीवन का विश्वासघात है।
परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित होने के बाद भी परिणाम घोषित होने में महीनों या कभी-कभी वर्षों का इंतजार करना पड़ता है। और जब परिणाम आ भी जाते हैं, तो भर्ती प्रक्रिया इतनी धीमी गति से चलती है कि उम्मीदवार अनिश्चितता की काली छाया में फंसकर रह जाते हैं। एक छात्र जो NEET, UPSC, SSC, बैंकों की परीक्षाओं या राज्य स्तर की किसी भी बड़ी भर्ती की तैयारी करता है, उसे पता होता है कि उसकी उम्र के सबसे कीमती वर्ष बस यूं ही बर्बाद हो रहे हैं। कोचिंग फीस, किताबें, टेस्ट सीरीज, यात्रा और रहन-सहन का खर्च – सब कुछ लाखों रुपये में चला जाता है। कई परिवार अपनी सारी जमा पूंजी लगा देते हैं। माता-पिता रात की नींद हराम कर लेते हैं। लेकिन जब सिस्टम ही धोखा देता है, तो इस पूरे निवेश पर पानी फिर जाता है।
हाल ही में NEET परीक्षा का पेपर लीक इसका ज्वलंत उदाहरण बन गया है। लाखों छात्रों ने महीनों की तैयारी के बाद परीक्षा दी, लेकिन पेपर लीक होने के कारण पूरा प्रक्रिया ठप हो गई। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस पूरे मामले में जिम्मेदारी और जवाबदेही का कोई मतलब नहीं समझते नजर आए। उन्होंने न तो तुरंत इस्तीफा देने की बात की, न ही सिस्टम में गहरी सड़ांध को स्वीकार किया। जब पूरे राष्ट्र की एक पूरी पीढ़ी का भविष्य दांव पर लगा हो, तब भी अगर मंत्रीगण चुप्पी साधे रहें या सिर्फ बयानबाजी करते रहें, तो यह कितनी बड़ी लापरवाही है? यह सिर्फ एक परीक्षा नहीं, बल्कि देश के भविष्य की नींव को हिला देने वाली घटना है।
दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि पेपर लीक अब कोई असामान्य घटना नहीं रह गई है। हर साल किसी न किसी बड़ी परीक्षा – चाहे राष्ट्रीय स्तर की हो या राज्य स्तर की – में लीक और अनियमितताएं सामने आती रहती हैं। बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, झारखंड – हर जगह यह कहानी दोहराई जाती है। कभी SSC, कभी बैंक की परीक्षा, कभी टीईटी या फिर NEET जैसी मेडिकल प्रवेश परीक्षा। असली समस्या यह है कि परीक्षा माफिया अब सिस्टम की नसों में घुस चुके हैं। ये माफिया सिर्फ पैसे कमाने के लिए नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क के साथ काम करते हैं। अंदरूनी लोग – चाहे वे प्रशासन में हों, प्रिंटिंग प्रेस से जुड़े हों या परीक्षा आयोजक संस्थाओं में – इनका संरक्षण करते हैं। पेपर पहले से तैयार कर लिया जाता है, फिर व्हाट्सएप, टेलीग्राम या अन्य माध्यमों से बेच दिया जाता है। लाखों रुपये में डील हो जाती है। नतीजा? मेरिट की हत्या और ईमानदार छात्रों का भरोसा टूटना।
राजनीतिक दल इस मुद्दे पर एक-दूसरे पर आरोप लगाने में व्यस्त रहते हैं। विपक्ष सत्ता पक्ष पर हमला करता है, सत्ता पक्ष पुरानी घटनाओं का हवाला देकर बचाव करता है। लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकालता। कोई ठोस कानून नहीं लाता, कोई स्वतंत्र जांच एजेंसी को पूरी छूट नहीं देता, और न ही डिजिटल प्रक्रिया को पूरी तरह लागू करने की दिशा में तेजी से काम करता है। राजनीतिक नेता आम छात्रों के संघर्ष को समझ ही नहीं सकते क्योंकि उनके अपने बच्चे इन लड़ाइयों से दूर रहते हैं। उनके बच्चे विदेशी विश्वविद्यालयों में पढ़ते हैं, या फिर बिना किसी प्रतियोगी परीक्षा के सीधे राजनीति या व्यवसाय में आ जाते हैं। वे नहीं जानते कि रातों की नींद उड़ जाना, लगातार दबाव में जीना, परिवार की उम्मीदों को कंधे पर उठाए रखना, और फिर एक लीक या अनियमितता के कारण सब कुछ बर्बाद होते देखने का क्या मतलब है।
छात्रों पर इसका मानसिक प्रभाव कितना गहरा होता है, यह कल्पना से परे है। कई छात्र डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं। कुछ तो आत्महत्या जैसा कदम उठा लेते हैं। परिवार टूट जाता है। आर्थिक रूप से तो पूरा परिवार कर्ज में डूब जाता है। भावनात्मक रूप से छात्र खुद को असफल समझने लगता है, जबकि असल में सिस्टम ने उसे धोखा दिया है। ये युवा देश के भविष्य हैं। अगर इनका भरोसा टूटता रहेगा, तो देश की प्रगति कैसे होगी? इंजीनियरिंग, मेडिसिन, प्रशासन, शिक्षण – हर क्षेत्र में योग्य और ईमानदार लोग कैसे आएंगे?
छात्र कोई एहसान नहीं मांग रहे हैं। वे सिर्फ निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही चाहते हैं। वे एक ऐसे सिस्टम की मांग कर रहे हैं जिसमें परीक्षा आयोजन पूरी तरह डिजिटल और सुरक्षित हो। जहां प्रश्न पत्र अंतिम समय में तैयार हों, AI प्रॉक्टरिंग हो, बायोमेट्रिक सत्यापन हो, और किसी भी अनियमितता पर तुरंत सख्त कार्रवाई हो। परीक्षा माफिया पर लाइफ इम्प्रिजनमेंट या भारी जुर्माने जैसे कड़े कानून बनाए जाएं। शिक्षा मंत्रालय और NTA जैसी संस्थाओं को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त रखा जाए। परिणाम घोषणा और भर्ती प्रक्रिया को तेज किया जाए ताकि छात्र वर्षों तक अनिश्चितता में न फंसें।
राजनीतिक वर्ग को समझना होगा कि छात्र कोई वोट बैंक नहीं, बल्कि राष्ट्र की रीढ़ हैं। उनके सपने कोई आंकड़ा या चुनावी मुद्दा नहीं हैं। ये सपने आशा, त्याग, रात-रात भर की मेहनत और दृढ़ संकल्प पर टिके हैं। अगर सिस्टम इन सपनों की रक्षा नहीं करेगा, तो यह सिर्फ छात्रों का नहीं, पूरे देश का विश्वासघात होगा।
आज समय है कि हम सब मिलकर आवाज उठाएं। छात्र, अभिभावक, शिक्षाविद्, मीडिया और जागरूक नागरिक – सभी को इस मुद्दे पर एकजुट होना चाहिए। सरकार को जवाबदेह ठहराया जाए। शिक्षा मंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक हर किसी को इस दर्द को महसूस करना चाहिए। जब तक परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता नहीं आएगी, तब तक युवा पीढ़ी का भविष्य अंधकारमय रहेगा।
अंत में, एक बात साफ है – छात्रों का सपना कोई राजनीतिक खेल नहीं है। यह एक जीवन है, जो आशा पर टिका है। इस सपने को धोखा नहीं, बल्कि संरक्षण चाहिए। सिस्टम को बदलना होगा। जवाबदेही तय करनी होगी। तभी हम एक ऐसे भारत का निर्माण कर पाएंगे जहां हर योग्य युवा को उसका हक मिले, जहां मेहनत का फल मिले और जहां सपने टूटने नहीं, बल्कि पूरे होने का मौका पाएं।
#bharatidea
[17/05, 2:50 am] +91 87870 48603: बंगाल में OBC विवाद का विश्लेषण: कानूनी, राजनीतिक और सामाजिक आयाम
पश्चिम बंगाल में 77 समुदायों (जिनमें से 75 मुस्लिम समूह) के OBC दर्जे को रद्द करने का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में है। हाल ही में सुवेंदु सरकार (BJP-नीत) ने कोलकाता हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर चुनौती वापस ले ली है, जिससे ये समुदाय राज्य OBC सूची से बाहर हो जाएंगे। यह फैसला 2010-2012 के बीच लेफ्ट और TMC सरकारों द्वारा किए गए OBC विस्तार पर आधारित है।
पृष्ठभूमि और हाईकोर्ट का फैसला :
मई 2024 में कलकत्ता हाईकोर्ट ने 2010 के बाद जारी सभी OBC प्रमाणपत्र रद्द कर दिए। कोर्ट ने पाया कि 77 समुदायों (75 मुस्लिम) को शामिल करने में सामाजिक-आर्थिक पिछड़ापन का कोई ठोस सर्वे या डेटा नहीं था। हाईकोर्ट ने Backward Classes Commission द्वारा उचित प्रक्रिया का पालन न करने पर सख्त टिप्पणी की। कुछ मामलों में समुदायों को शामिल करने की प्रक्रिया 24 घंटे से भी कम समय में पूरी हो गई थी।
सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामला :
TMC सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। SC ने कई बार राज्य से quantifiable data मांगा, लेकिन प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। अब नई सरकार ने अपील वापस लेने का फैसला किया है, जो हाईकोर्ट के फैसले को लागू करने का स्पष्ट संकेत है। साथ ही, 2011 के बाद जारी SC/ST/OBC प्रमाणपत्रों की री-वेरिफिकेशन शुरू की जा रही है, ताकि फर्जी प्रमाणपत्रों को रोका जा सके।
राजनीतिक आयाम :
TMC का पक्ष : ममता बनर्जी सरकार ने इसे मुस्लिम समुदायों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के रूप में देखा। 2010-2012 में OBC-A (अधिक पिछड़े) और OBC-B श्रेणियों में बड़े पैमाने पर मुस्लिम समूह शामिल किए गए, जिससे OBC quota में मुस्लिमों की संख्या काफी बढ़ गई। TMC इसे अल्पसंख्यक कल्याण बताती है।
BJP का पक्ष : इसे वोट बैंक तुष्टिकरण और असली हिंदू OBC समुदायों (यादव, कुर्मी आदि) के हक की हनन के रूप में देखा जाता है। BJP का तर्क है कि आरक्षण का दुरुपयोग करके TMC ने मुस्लिम वोट सुरक्षित किए, जबकि गरीब हिंदू पिछड़े वर्ग नौकरियों और शिक्षा से वंचित रहे।
-वास्तविकता : भारत में कई मुस्लिम समुदाय (जैसे अंसारी, कुरैशी आदि) पहले से OBC सूची में हैं, लेकिन बड़े पैमाने पर बिना डेटा के शामिल करना कानूनी और नैतिक रूप से विवादास्पद है।
प्रभाव और चुनौतियां
1. आरक्षण पर असर : 17% OBC quota प्रभावित होगा। असली पिछड़ों को लाभ मिल सकता है, लेकिन प्रभावित 75 समुदायों में पहले से लाभ ले चुके छात्रों/नौकरियों वाले लोगों के लिए अनिश्चितता बढ़ेगी।
2. सामाजिक तनाव : यह मुद्दा हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण को बढ़ावा दे सकता है। जबकि कोर्ट का फैसला merit-based और data-driven आरक्षण की वकालत करता है।
3.भविष्य : नई सरकार को Backward Classes Commission के माध्यम से नए सर्वे कर उचित OBC लिस्ट तैयार करनी होगी। NCBC (National Commission for Backward Classes) ने भी कुछ समुदायों को केंद्रीय सूची से बाहर करने की सिफारिश की है।
#bharatidea
[17/05, 2:50 am] +91 87870 48603: नई दिल्ली: टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा तमिलनाडु के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अधिकारी के. अन्नामलाई को आंध्र प्रदेश से राज्यसभा भेजने की तैयारी कर रही है। यह कदम भाजपा के लिए तमिलनाडु में बड़ा गेम चेंजर साबित हो सकता है।
एनडीए सहयोगियों के बीच सीट शेयरिंग फॉर्मूले के तहत आंध्र प्रदेश में जून में खाली होने वाली चार राज्यसभा सीटों में से एक भाजपा को मिलने जा रही है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने भाजपा और जन सेना को एक-एक सीट देने पर सहमति जताई है। भाजपा की केंद्रीय नेतृत्व अन्नामलाई के नाम पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
अन्नामलाई ने हाल ही में 2026 तमिलनाडु विधानसभा चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था। उनकी राष्ट्रीय छवि, आक्रामक अंदाज और हिंदुत्ववादी एजेंडा उन्हें दक्षिण भारत में भाजपा का चेहरा बनाता है। आंध्र से राज्यसभा जाने के बाद वे संसद में सक्रिय रहते हुए तमिलनाडु में पार्टी का विस्तार कर सकेंगे।
यह फैसला भाजपा की रणनीति को दर्शाता है कि वह दक्षिण राज्यों में युवा और आक्रामक नेताओं को तरजीह दे रही है। अन्नामलाई के राज्यसभा पहुंचने पर वे केंद्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
#bharatidea
[17/05, 2:50 am] +91 87870 48603: सेक्युलरीज्म का मकड़जाल
कोलकाता से एक शुभ समाचार आ रहा है. सड़कों पर नमाज़ पढ़ने को रोक दिया है. कुछ साल पहले हरियाणा के गुड़गांव में सड़कों और पार्को में नमाज पढ़ने वालों की भीड़ जुटने लगी थी. स्थानीय निवासियों ने बहुत कठिनाई से इसे बन्द करवाया.
कुछ साल पहले सूचना आई कि दक्षिण भारत में 1500 साल पुराने मन्दिर को ही वक्फ की सम्पत्ति घोषित कर दिया गया। सत्य यह है कि 1500 साल पहले इस्लाम था ही नहीं।
पुरे भारत में अनेक मस्जिद पीर की मजार, दरगाह और ईदगाह मिल जाएंगी जो रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड या मुख्य सड़क की जगह को घेर कर पिछले 75 साल मे बनाई गई हैं। यदि भारत के कानून का धर्म या मजहब से कुछ लेना देना नहीं है तो फिर इस तरह के मन्दिर मस्जिद हटाने चाहिएं.मजारों और मस्जिदों के लिए नियम बदल दिए जाते हैं. यह एक तरफा सेक्युलरिज्म बेहद खतरनाक है.
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सऊदी अरब जैसे देश में सड़कें इत्यादि बनवाने के लिए खुलेआम मस्जिद तुड़वाया जाता है। एक बार सऊदी अरब के सुल्तान को अपना महल बनाना था उसके लिए उसे जगह चाहिए थी तो उसने कहा कि .... बिलाल.मस्जिद को तोड़ डालो, महल बनाने के लिए..।
इस मस्जिद में पैगम्बर मुहम्मद नमाज पढ़ते थे ..!
जब सऊदी अरब में ""पैगम्बर मुहम्मद के मस्जिद"" को तोड़कर दूसरी जगह बनवाया जा सकता है तो भारत मे क्यों सेक्युलरिज़्म के नाम पर कब्जे हो रहे हैं?
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मुज़फ़्फ़रपुर रेलवे स्टेशन प्लेटफॉर्म न.4पर बनी जीन्नात(जीन्न) मस्जिद है। कहतें है ये मस्जिद रातों रात बना मिला था। प्लेटफार्म न. 4 पर L शेप मे ट्रेक बना है और ट्रेन घुम कर स्टेशन पंहुचती है? मुस्लिम आबादी यहां से कम से कम 1.5 कि.मी दुर है।इस मस्जिद के आसपास कोई बस्ती/मोहल्ला नही है जहां के लोग सदा यहां नमाज पढ़ते हो।पर सुबह 4 बजे तक के भी नमाज मे मस्जिद भड़ी रहती है।
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फरवरी 2018 मे मुजफ्फरनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनी मस्जिद हटाई गई। इसके लिए एक फ्लाई ओवर का का निर्माण 10 साल से रुका हुआ था। उसके कारण सड़क एक्सीडेंट मे लगभग 80 मौते हो चुकी थी। इस मस्जिद की वजह से हाईवे पर रेलवे लाइन के ऊपर बना फ्लाईओवर अधर में था। इसके लिए सरकार को 35 लाख रुपए मुआवजा देना पड़ा था।
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इन्दिरा गांधी हवाई अड्डा -हवाई अड्डे के टी-2 रनवे नं 10 व 28 पर बनी पीर रोशन खान व काले खान की मजार का रख-रखाव ही नहीं मुस्लिम श्रद्धालुओं को वहां दर्शन कराने के लिए जी.एम.आर. कंपनी अपने वाहन व अन्य सुविधाएं देती है मजारों के कारण रनवे को 'शिफ्ट' किया गया। इसी के विपरीत यहाँ बने हिन्दू पूजा स्थल जो इन गाँवों के निवासियों के पूर्वजों के स्मृतिस्थल थे उनके आने जाने के रास्ते बन्द कर दिए गए।
🪀
[17/05, 2:50 am] +91 87870 48603: नालंदा विश्वविद्यालय
को क्यों जलाया गया था..? जानिए
सच्चाई ...??
एक सनकी और चिड़चिड़े स्वभाव वाला तुर्क
मियां लूटेरा था ....बख्तियार खिलजी. इसने
११९९ इसे जला कर पूर्णतः नष्ट कर दिया।
उसने उत्तर भारत में बौद्धों द्वारा शासित
कुछ क्षेत्रों पर कब्ज़ा कर लिया था.
एक बार वह बहुत बीमार पड़ा उसके हकीमों ने
उसको बचाने की पूरी कोशिश कर ली ...
मगर वह ठीक नहीं हो सका.
किसी ने उसको सलाह दी...
नालंदा विश्वविद्यालय के आयुर्वेद विभाग के
प्रमुख आचार्य राहुल श्रीभद्र
जी को बुलाया जाय और उनसे भारतीय
विधियों से इलाज कराया जाय
उसे यह सलाह पसंद नहीं थी कि कोई भारतीय
वैद्य ...
उसके हकीमों से उत्तम ज्ञान रखते हो और
वह किसी काफ़िर से .उसका इलाज करवाए
फिर भी उसे अपनी जान बचाने के लिए
उनको बुलाना पड़ा
उसने वैद्यराज के सामने शर्त रखी...
मैं तुम्हारी दी हुई कोई दवा नहीं खाऊंगा...
किसी भी तरह मुझे ठीक करों ...
वर्ना ...मरने के लिए तैयार रहो.
बेचारे वैद्यराज को नींद नहीं आई... बहुत
उपाय सोचा...
अगले दिन उस सनकी के पास कुरान लेकर
चले गए..
कहा...इस कुरान की पृष्ठ संख्या ... इतने से
इतने तक पढ़ लीजिये... ठीक हो जायेंगे...!
उसने पढ़ा और ठीक हो गया ..
जी गया...
उसको बड़ी झुंझलाहट
हुई...उसको ख़ुशी नहीं हुई
उसको बहुत गुस्सा आया कि ... उसके
मुसलमानी हकीमों से इन भारतीय
वैद्यों का ज्ञान श्रेष्ठ क्यों है...!
बौद्ध धर्म और आयुर्वेद का एहसान मानने
के बदले ...उनको पुरस्कार देना तो दूर ...
उसने नालंदा विश्वविद्यालय में ही आग
लगवा दिया ...पुस्तकालयों को ही जला के
राख कर दिया...!
वहां इतनी पुस्तकें थीं कि ...आग
लगी भी तो तीन माह तक पुस्तकें धू धू करके
जलती रहीं
उसने अनेक धर्माचार्य और बौद्ध भिक्षु मार
डाले.
आज भी बेशरम सरकारें...उस नालायक
बख्तियार खिलजी के नाम पर रेलवे स्टेशन
बनाये पड़ी हैं... !
उखाड़ फेंको इन अपमानजनक नामों को...
मैंने यह तो बताया ही नहीं... कुरान पढ़ के वह
कैसे ठीक हुआ था.
हम हिन्दू किसी भी धर्म ग्रन्थ को जमीन पर
रख के नहीं पढ़ते...
थूक लगा के उसके पृष्ठ नहीं पलटते
मिएँ ठीक उलटा करते हैं..... कुरान के हर पेज
को थूक लगा लगा के पलटते हैं...!
बस...
वैद्यराज राहुल श्रीभद्र जी ने कुरान के कुछ
पृष्ठों के कोने पर एक दवा का अदृश्य लेप
लगा दिया था...
वह थूक के साथ मात्र दस बीस पेज चाट
गया...ठीक हो गया और उसने इस एहसान
का बदला नालंदा को नेस्तनाबूत करके दिया
आईये अब थोड़ा नालंदा के बारे में भी जान
लेते है
यह प्राचीन भारत में उच्च्
शिक्षा का सर्वाधिक महत्वपूर्ण और
विख्यात केन्द्र था। महायान बौद्ध धर्म के
इस शिक्षा-केन्द्र में हीनयान बौद्ध-धर्म के
साथ ही अन्य धर्मों के तथा अनेक देशों के
छात्र पढ़ते थे। वर्तमान बिहार राज्य में
पटना से 88.5 किलोमीटर दक्षिण--पूर्व
और राजगीर से 11.5 किलोमीटर उत्तर में
एक गाँव के पास अलेक्जेंडर कनिंघम
द्वारा खोजे गए इस महान बौद्ध
विश्वविद्यालय के भग्नावशेष इसके प्राचीन
वैभव का बहुत कुछ अंदाज़ करा देते हैं। अनेक
पुराभिलेखों और सातवीं शती में भारत भ्रमण
के लिए आये चीनी यात्री ह्वेनसांग
तथा इत्सिंग के यात्रा विवरणों से इस
विश्वविद्यालय के बारे में विस्तृत
जानकारी प्राप्त होती है। प्रसिद्ध
चीनी यात्री ह्वेनसांग ने 7वीं शताब्दी में
यहाँ जीवन का महत्त्वपूर्ण एक वर्ष एक
विद्यार्थी और एक शिक्षक के रूप में व्यतीत
किया था। प्रसिद्ध 'बौद्ध सारिपुत्र'
का जन्म यहीं पर हुआ था।
स्थापना व संरक्षण
इस विश्वविद्यालय की स्थापना का श्रेय
गुप्त शासक कुमारगुप्त प्रथम ४५०-४७०
को प्राप्त है। इस विश्वविद्यालय को कुमार
गुप्त के उत्तराधिकारियों का पूरा सहयोग
मिला। गुप्तवंश के पतन के बाद भी आने वाले
सभी शासक वंशों ने इसकी समृद्धि में
अपना योगदान जारी रखा। इसे महान सम्राट
हर्षवर्द्धन और पाल
शासकों का भी संरक्षण मिला। स्थानिए
शासकों तथा भारत के विभिन्न क्षेत्रों के
साथ ही इसे अनेक विदेशी शासकों से
भी अनुदान मिला।
स्वरूप
यह विश्व का प्रथम पूर्णतः आवासीय
विश्वविद्यालय था। विकसित स्थिति में इसमें
विद्यार्थियों की संख्या करीब १०,००० एवं
अध्यापकों की संख्या २००० थी। इस
विश्वविद्यालय में भारत के विभिन्न
क्षेत्रों से ही नहीं बल्कि कोरिया, जापान,
चीन, तिब्बत, इंडोनेशिया, फारस
तथा तुर्की से भी विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण
करने आते थे। नालंदा के विशिष्ट
शिक्षाप्राप्त स्नातक बाहर जाकर बौद्ध
धर्म का प्रचार करते थे। इस विश्वविद्यालय
की नौवीं शती से बारहवीं शती तक
अंतरर्राष्ट्रीय ख्याति रही थी।
परिसर
अत्यंत सुनियोजित ढंग से और विस्तृत क्षेत्र
में बना हुआ यह विश्वविद्यालय स्थापत्य
कला का अद्भुत नमूना था।
इसका पूरा परिसर एक विशाल दीवार से
घिरा हुआ था जिसमें प्रवेश के लिए एक मुख्य
द्वार था। उत्तर से दक्षिण की ओर
मठों की कतार थी और उनके सामने अनेक
भव्य स्तूप और मंदिर थे। मंदिरों में बुद्ध
भगवान की सुन्दर मूर्तियाँ स्थापित थीं।
केन्द्रीय विद्यालय में सात बड़े कक्ष थे और
इसके अलावा तीन सौ अन्य कमरे थे। इनमें
व्याख्यान हुआ करते थे। अभी तक खुदाई में
तेरह मठ मिले हैं। वैसे इससे भी अधिक मठों के
होने ही संभावना है। मठ एक से अधिक मंजिल
के होते थे। कमरे में सोने के लिए पत्थर
की चौकी होती थी। दीपक, पुस्तक
इत्यादि रखने के लिए आले बने हुए थे।
प्रत्येक मठ के आँगन में एक कुआँ बना था।
आठ विशाल भवन, दस मंदिर, अनेक
प्रार्थना कक्ष तथा अध्ययन कक्ष के
अलावा इस परिसर में सुंदर बगीचे तथा झीलें
भी थी।
प्रबंधन
समस्त विश्वविद्यालय का प्रबंध
कुलपति या प्रमुख आचार्य करते थे
जो भिक्षुओं द्वारा निर्वाचित होते थे।
कुलपति दो परामर्शदात्री समितियों के
परामर्श से सारा प्रबंध करते थे। प्रथम
समिति शिक्षा तथा पाठ्यक्रम संबंधी कार्य
देखती थी और द्वितीय समिति सारे
विश्वविद्यालय की आर्थिक
व्यवस्था तथा प्रशासन की देख--भाल
करती थी। विश्वविद्यालय को दान में मिले
दो सौ गाँवों से प्राप्त उपज और आय
की देख--रेख यही समिति करती थी। इसी से
सहस्त्रों विद्यार्थियों के भोजन, कपड़े
तथा आवास का प्रबंध होता था।
आचार्य
इस विश्वविद्यालय में तीन श्रेणियों के
आचार्य थे जो अपनी योग्यतानुसार प्रथम,
द्वितीय और तृतीय श्रेणी में आते थे।
नालंदा के प्रसिद्ध आचार्यों में शीलभद्र,
धर्मपाल, चंद्रपाल, गुणमति और
स्थिरमति प्रमुख थे। 7वीं सदी में ह्वेनसांग
के समय इस विश्व विद्यालय के प्रमुख
शीलभद्र थे जो एक महान आचार्य, शिक्षक
और विद्वान थे। एक प्राचीन श्लोक से
ज्ञात होता है, प्रसिद्ध भारतीय गणितज्ञ
एवं खगोलज्ञ आर्यभट भी इस
विश्वविद्यालय के प्रमुख रहे थे। उनके लिखे
जिन तीन ग्रंथों की जानकारी भी उपलब्ध है
वे हैं: दशगीतिका, आर्यभट्टीय और तंत्र।
ज्ञाता बताते हैं, कि उनका एक अन्य ग्रन्थ
आर्यभट्ट सिद्धांत भी था, जिसके आज मात्र
३४ श्लोक ही उपलब्ध हैं। इस ग्रंथ
का ७वीं शताब्दी में बहुत उपयोग होता था।
प्रवेश के नियम
प्रवेश परीक्षा अत्यंत कठिन होती थी और
उसके कारण
प्रतिभाशाली विद्यार्थी ही प्रवेश पा सकते
थे। उन्हें तीन कठिन
परीक्षा स्तरों को उत्तीर्ण करना होता था।
यह विश्व का प्रथम ऐसा दृष्टांत है। शुद्ध
आचरण और संघ के नियमों का पालन
करना अत्यंत आवश्यक था।
अध्ययन-अध्यापन पद्धति
इस विश्वविद्यालय में आचार्य
छात्रों को मौखिक व्याख्यान
द्वारा शिक्षा देते थे। इसके अतिरिक्त
पुस्तकों की व्याख्या भी होती थी।
शास्त्रार्थ होता रहता था। दिन के हर पहर
में अध्ययन तथा शंका समाधान
चलता रहता था।
अध्ययन क्षेत्र
यहाँ महायान के प्रवर्तक नागार्जुन,
वसुबन्धु, असंग तथा धर्मकीर्ति की रचनाओं
का सविस्तार अध्ययन होता था। वेद, वेदांत
और सांख्य भी पढ़ाये जाते थे। व्याकरण,
दर्शन, शल्यविद्या, ज्योतिष, योगशास्त्र
तथा चिकित्साशास्त्र भी पाठ्यक्रम के
अन्तर्गत थे। नालंदा कि खुदाई में मिलि अनेक
काँसे की मूर्तियोँ के आधार पर कुछ
विद्वानों का मत है कि कदाचित् धातु
की मूर्तियाँ बनाने के विज्ञान
का भी अध्ययन होता था। यहाँ खगोलशास्त्र
अध्ययन के लिए एक विशेष विभाग था।
पुस्तकालय
नालंदा में सहस्रों विद्यार्थियों और
आचार्यों के अध्ययन के लिए, नौ तल का एक
विराट पुस्तकालय था जिसमें ३ लाख से
अधिक पुस्तकों का अनुपम संग्रह था। इस
पुस्तकालय में सभी विषयों से संबंधित पुस्तकें
थी। यह 'रत्नरंजक' 'रत्नोदधि' 'रत्नसागर'
नामक तीन विशाल भवनों में स्थित था।
'रत्नोदधि' पुस्तकालय में अनेक अप्राप्य
हस्तलिखित पुस्तकें संग्रहीत थी। इनमें से
अनेक
पुस्तकों की प्रतिलिपियाँ चीनी यात्री अपने
साथ ले गये थे। ⚠️
🪀
[17/05, 2:50 am] +91 87870 48603: 🔴 कल्पना कीजिए कि..
... अचानक से सारे सर्वर्स, ई-बुक्स, सर्च इंजन्स और डाटा बैक अप्स आदि नष्ट हो जाएं तो क्या होगा?
ऐसा ही कुछ हुआ था वर्ष 1193 में जब भारत में बख्तियार खिलजी द्वारा नालंदा विश्वविद्यालय को तबाह कर दिया था...
प्रमाण हैं कि उस समय विश्वविद्यालय के पुस्तकालय में करीब 80 लाख पुस्तकें थीं और वे भी हस्तलिखित...
लगातार 3 से 6 महीनों तक आग जलती रही थी... पुस्तकों और नालंदा विश्वविद्यालय को जलाकर ख़ाक़ कर दिया गया था... क्योंकि वह एक काफ़िर संस्थान था...
सदियों में अर्जित किया गया सनातनी ज्ञान एक झटके में राख़ मे तब्दील हो गया था... ऐसा तक्षशिला और विक्रमशिला समेत कई विश्वविद्यालयों के साथ भी किया गया था...
भविष्यदृष्टा स्पष्ट रूप से देख रहे हैं कि आज से बस कुछ ही साल बाद फिर से ठीक वैसे ही नज़ारे पेश आने वाले हैं...
इस बार कुछ भी नहीं बचेगा... इसलिए नौकरी, मकान, संपत्ति आदि बनाने के साथ-साथ उसकी रक्षा के प्रयत्न भी किए जाने चाहिए...
🪀
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[17/05, 2:50 am] +91 87870 48603: केरल में कांग्रेस मुस्लिम लीग के की समर्थन से सरकार बनने की घोषणा के बाद गांव-गांव और गलियों में जुलूस निकाले जा रहे हैं।
वहीं, एक वीडियो में हिंदुओं को नाम लेकर काटने की धमकी दिए जाने का दावा किया जा रहा है।
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[17/05, 2:50 am] +91 87870 48603: *मथुरा में बांके बिहारी मंदिर की 12 एकड़ जमीन पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रातों-रात अवैध रूप से कब्रिस्तान के लिए मुस्लिम ट्रस्ट को दे दी थी।*
*माननीय न्यायालय ने कहा कि यह *मामला दुनिया में अपनी तरह का *अनूठा मामला है, जहां एक हिंदू मंदिर की भूमि को बिना किसी वैध कारण के अचानक दूसरे समूह को हस्तांतरित कर दिया गया था।*
*कल्पना कीजिए कि अगर ऐसा नेता दोबारा सत्ता में आ जाए तो क्या होगा और कितने अन्यायपूर्ण कार्य होंगे?*
*अब जाकर न्याय की जीत हुई है और इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया।*
*कोर्ट द्वारा बांके बिहारी मंदिर के भूमि को सही तरीके से वापस लौटा दिया गया है..!!*
[17/05, 2:50 am] +91 87870 48603: इतिहास जो छिपाया गया है –
9 सितम्बर 1947 की मध्यरात्रि को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वारा सरदार पटेल को सूचना दी गई कि 10 सितम्बर को संसद भवन उड़ा कर एवं सभी मन्त्रियों की हत्या कर के लाल किले पर पाकिस्तानी झण्डा फहराने की दिल्ली के मुसलमानों की योजना है।
सूचना क्यों कि संघ की ओर से थी, इसलिये अविश्वास का प्रश्न नहीं था। पटेल तुरंत हरकत में आए और सेनापति आकिन लेक को बुला कर सैनिक स्थिति के बारे में पूछा।
उस समय दिल्ली में बहुत ही कम सैनिक थे। आकिन लेक ने कहा कि आस-पास के क्षेत्रों में तैनात सैनिक टुकड़ियों को दिल्ली बुलाना भी खतरे से खाली नहीं है। कुल मिला कर आकिन लेक का तात्पर्य था कि यह इतनी जल्दी भी नहीं किया जा सकता, इसके लिये समय चाहिए। यह सारी वार्ता वायसराय माउंटबैटन के सामने ही हो रही थी, लेकिन पटेल तो पटेल ही थे। उन्होंने आकिन लेक को कहा-“विभिन्न छावनियों को संदेश भेजो, उनके पास जितनी जितनी भी टुकड़ियाँ फालतू हो सकती हैं, उन्हें तुरंत दिल्ली भेजें।” आखिर ऐसा ही किया गया।
उसी दिन शाम से टुकड़ियाँ आनी शुरू हो गई। अगले दिन तक पर्याप्त टुकड़ियाँ दिल्ली पहुँच चुकी थीं।
*सैनिक कार्यवाही*
सैनिक कार्यवाही आरम्भ हुई। दिल्ली के जिन-जिन स्थानों के बारे में संघ ने सूचना दी थी, उन सभी स्थानों पर एक साथ छापे मारे गये और हर जगह से बड़ी मात्रा में शस्त्रास्त्र बरामद हुए। पहाड़गंज की मस्जिद, सब्ज़ी मंडी मस्जिद तथा मेहरौली की मस्जिद से सब से अधिक शस्त्र मिलेl अनेक स्थानों पर मुसलमानों ने स्टेन गनों तथा ब्रेन गनों से मुकाबला किया, लेकिन सेना के सामने उन की एक न चली। सब से कड़ा मुकाबला हुआ सब्जी मण्डी क्षेत्र में स्थित ‘काकवान बिल्डिंग’ में। इस एक बिल्डिंग पर कब्जा करने में सेना को चौबीस घण्टों से भी अधिक समय लगा।
मेहरौली की मस्जिद से भी स्टेनगनों व ब्रेनगनों से सेना का मुकाबला किया गया। चार-पाँच घंटे के लगातार संघर्ष के बाद ही सेना उस मस्जिद पर कब्जा कर सकी।
*तत्कालीन काँग्रेस अध्यक्ष आचार्य कृपलानी के अनुसार*
“मुसलमानों ने हथियार एकत्र कर लिए थे। उन के घरों की तलाशी लेने पर बम, आग्नेयास्त्र और गोला बारूद के भण्डार मिले थे। स्टेनगन, ब्रेनगन, मोर्टार और वायर लेस ट्रांसमीटर बड़ी मात्रा में मिले। इन को गुप्तरूप से बनाने वाले कारखाने भी पकड़े गए।
अनेक स्थानों पर घमासान लड़ाई हुई, जिस में इन हथियारों का खुल कर प्रयोग हुआ। पुलिस में मुसलमानों की भरमार थी। इस कारण दंगे को दबाने में सरकार को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। इन पुलिस वालों में से अनेक तो अपनी वर्दी व हथियार लेकर ही फरार हो गए और विद्रोहियों से मिल गए। शेष जो बचे थे, उन की निष्ठा भी संदिग्ध थी। सरकार को अन्य प्रान्तों से पुलिस व सेना बुलानी पड़ी।” (कृपलानी, गान्धी, पृष्ठ 292-293)
*मुसलमान सरकारी अधिकारी थे योजनाकार*
दिल्ली पर कब्जा करने की योजना बनाने वाले कौन थे ये लोग? ये कोई सामान्य व्यक्ति नहीं थे। इन में बड़े – बड़े मुसलमान सरकारी अधिकारी थे, जिन पर भारत सरकार को बड़ा विश्वास था। इन में उस समय के दिल्ली के बड़े पुलिस अधिकारी तथा दिल्ली विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी थे, जो कि मुसलमान थे।
एक-एक पहलू को अच्छी तरह सोच-विचार करके लिख लिया गया था और वे लिखित कागज-पत्र विश्वविद्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी की ही कोठी में एक तिजोरी में सुरक्षित रख लिए गए थे।
उन दिनों मुसलमान बन कर मुस्लिम अधिकारियों की गुप्तचरी करने वाले संघ के स्वयंसेवकों को इस की जानकारी मिल गई और उन्होंने संघ अधिकारियों को सूचित किया। संघ अधिकारियों ने योजना के कागजात प्राप्त करने का दायित्व एक खोसला नाम के स्वयंसेवक को सौंपा।
खोसला ने उपयुक्त स्वयंसेवकों की एक टोली तैयार की और सभी मुसलमानी वेश में रात को विश्वविद्यालय के उस अधिकारी की कोठी पर पहुँच गए। मुस्लिम नेशनल गार्ड के कार्यकर्ता वहाँ पहरा दे रहे थे। खोसला ने उन्हें ‘वालेकुम अस्सलाम’ किया और कहा – “हम अलीगढ़ से आए हैं। अब यहाँ पहरा देने की हमारी ड्यूटी लगी है। आप लोग जाकर सो जाओ।” वे लोग चले गए।
*कोठी से तिजोरी ही उठा लाए*
खोसला के लोग कोठी से उस तिजोरी को ही निकाल कर ट्रक पर रख कर ले गए। उस में से वे कागज निकाल कर देखे गए तो सब सन्न रह गए।
नई दिल्ली में आजकल जो संसद सदस्यों की कोठियाँ हैं, इन्हीं में से ही किसी कोठी में रात को कुछ स्वयंसेवक सरकारी अधिकारियों की बैठक बुलाई गई और दिल्ली पर कब्जे की उन कागजों में अभिलिखित योजना पर मन्थन किया गया। इसी मन्थन में से यह बात सामने आई कि यह योजना इतने बड़े और व्यापक स्तर की है कि हम संघ के स्तर पर उस को विफल नहीं कर सकते। इसे सेना ही विफल कर सकती है। अतः इस की सूचना हमें सरदार पटेल को देनी चाहिए। फलतः उस बैठक से ही दो - तीन कार्यकर्ता रात्रि को एक बजे के लगभग सीधे सरदार पटेल की कोठी पर पहुँचे तथा उन्हें जगा कर यह सारी जानकारी दी। पटेल बोले – “अगर यह सच न हुआ तो?” कार्यकर्ताओं ने उत्तर दिया - “आप हमें यहीं बिठा लीजिए तथा अपने गुप्तचर विभाग से जाँच करा लीजिए। अगर यह सच साबित न हुआ तो हमें जेल में डाल दीजिए।” इस के बाद सरदार हरकत में आए।
कल्पना करें कि यदि सरदार पटेल संघ की उक्त सूचना पर विश्वास न करते अथवा वे आकिन लेक की बातों में आ जाते तो भारत सरकार को भाग कर अपनी राजधानी लखनऊ, कलकत्ता या मुम्बई में बनानी पड़ती और परिणाम स्वरूप आज पाकिस्तान की सीमा दिल्ली तक तो जरूर ही होती।
*साभार : पुस्तक : ”विभाजनकालीन भारत के साक्षी” (पृष्ठ संख्या 92-93)*
*लेखक - श्री कृष्णानन्द सागर जी*
[17/05, 2:50 am] +91 87870 48603: 🛕🔥🚩
बंगाल में शरण पाए भीखमंगे रोहिंग्या ही रोहिंग्या वाहिनी बना कर कर भद्र लोक से वसूली करते थे किसके दम पर? वही ममता डायन? डायन ने एक चुनावी सभा में कहा भी था वे तो मेरी वजह से चुप हैं वरना उन्हें तुम लोग को खत्म करने में एक मिनट भी नहीं लगेगा। जब भी कहीं आपको टीएमसी गुंडे पढ़ने को मिल जाए तो उसमें बंगाली हिंदू बहुत ही कम थे बल्कि ये रोहिंग्या ही थे। बंगाल के शहरों में इन्होंने 18000 छोटे छोटे टोल टैक्स बूथ बना रखे थे जहां ऑटो, कार, बस वालों से ये अवैध वसूली करते थे और पुलिस निस्हाय देखती रहती रहती थी। छोटे छोटे कस्बों में सब्जी, मछली बेचने वाले लोगों तक से ये दस बीस रुपए की वसूली करते थे। न जाने कितने ही मंदिरों को इस वाहिनी ने बंद करवा दिया था और यह ममता बस अपनी सत्ता प्रेम और भतीजे की दबंगई की चलते चुप थी। ऐसे ऐसे भी वाकया सुनने को मिल रहा है कि बंगाली हिंदू शादी करते थे पर सुहाग रात मनाने के लिए ये गुंडे उठा ले जाते थे। ( सोचिए ऐसी कोई घटना किसी मुस्लिम महिला के साथ हुई?) ऐसा नरकीय नरकीय जीवन जीने को अभिशप्त थे। लड़कियां अपने बलात्कार या छेड़खानी का FIR कराने पुलिस स्टेशन जाती तो उनसे खुद पुलिस वाले कहते कि परिवार प्यारा नहीं है क्या। आर जी कर और संदेश खाली तो इसलिए सामने आया की पीड़िता और उसके परिवार वाले लोगों ने हिम्मत दिखाया। ये जो वहां तीस प्रतिशत जुलाहे है जिन्होंने कभी वाम दल और फिर इस डायन को अजेय बना दिया था। और इस बार भी अगर चुनाव आयोग सख्ती से काम नहीं लेता तो ये तीस प्रतिशत सत्तर प्रतिशत वालों में से बहुतों को बूथ तक पहुंचने ही नहीं देते। इन्हीं वाम गुंडों के विरुद्ध ही कभी ममता आई थी पर वह खुद ही इन गुंडों को पाल बैठी और सत्ता के लालच में यह और इसके भतीजे ने जघन्य अपराध किया वह भुला नहीं जा सकता। तुष्टीकरण की जो राजनीति जो हो रही है उसके चलते बंगाल की तरह सब एक दिन समझेंगे। विडंबना है शरणार्थी ही यहां आकर लोगों का भाग्य, भविष्य और जीवन तय कर रहे हैं। शायद विडंबना नहीं यह दौर ही ऐसा है लन्दन, बर्लिन, पेरिस की सड़कों पर ये शरणार्थी ही आए दिन उत्पात मचा रहे हैं और सब जगह के भद्र जन आधुनिकता और भौतिक सुखों के खूब दोहन के चलते संततियां जन्माना ही भूल गए हैं और वे जोंबी ऊपर वाले के सहारे पांच पांच आठ बच्चे उपजा पूरे विश्व को अपनी गिरफ्त में ले रहे हैं। अभी सत्तर हो तो बच गए पर यही हाल रहा तो नहीं बचोगे, शादी करेंगे तुम्हारे बच्चे और सुहाग रात मनाएंगे वे। पढ़ लिख कर डॉक्टर बनेंगे तुम्हारे बच्चे और जीने के लिए जजिया वसूलेंगे वे। अभी भी समय है चेतो।
हां कुछ चमन .... कहते हैं कि लगता है अधिकारी का पी ए कुछ जान गया था? तो क्या माधवराव सिंधिया और राजेश पायलट भी बहुत कुछ जानते थे? ये वही क्लिव है जो पुलवामा घटना में पहले आतंकियों की आलोचना करने और पाकिस्तान को विश्व पटल पर बेनकाब करने के बदले ये सवाल करने लगते हैं कि वे कहां से आए और इनके इसी बयान को दिखा कर पाकिस्तान बार बार बच निकलता है। खैर, देर आए दुरुस्त आए। वीडियो, रील के माध्यम से खुशी का इजहार कर रही औरतों के चेहरे को पढ़िए। यह मात्र चुनाव जीतने की खुशी नहीं हैं बल्कि यह अपने मिटते अस्तित्व के पुनर्जीवित होने की खुशी है।
बंगाल में जो तुमने शक्ति दिखाई है वही है तुम्हारी असली शक्ति। अपनी शक्ति पहचानो महावीर। इसी शक्ति का भान कराने के लिए ही हेडगेवार ने भगवे झंडे तले सबको लाने का प्रण किया था कि दुबारा मोपला की तरह तुम्हें गाजर मूली की तरह न काटा जाए।
[17/05, 2:50 am] +91 87870 48603: 👆खातून दक्षिण भारतीय मु@ स्लम हैं
केरला से...
अभी हाल में ये एक स्थानीय शिव मंदिर गयीं.... पारम्परिक दक्षिण भारतीय हिन्दू भेषभूसा में...
दीप प्रज्वालित किया.... हाथ जोड़े..
इसका वीडियो बना सोशल मीडिया एकाउंट पर डाला...
किसी एक हिन्दू द्वारा इनके विडियो पर कोई आपत्ति नहीं की गयी...
न किसी ने ये कहा कि कन्वर्ट हो जाओ...
लेकिन इनके अपने कौम को दर्द हो गया...
बड़ी गा@ लियां पड़ी...इसे
काहे भाई नेताओं को इफ्तारी की हड्डी चु सवा दोगे.... और जो मिले उसी को दीन पकड़ाने की कोसिस करोगे...
पर एक लड़की मंदिर चली गयी तो पेट में दर्द...
किसी ने न बुलाया... न बुलाने का शौक
हाँ उसका मन किया गयी
रोक पाओ रोक लो बिलकुल!!
[17/05, 2:56 am] +91 87870 48603: ,*रात्रि ■ कथा*
‼️🚩जय शनिदेव🚩‼️
एक समय में स्वर्गलोक में सबसे बड़ा कौन के प्रश्न पर नौ ग्रहों में वाद-विवाद हो गया। निर्णय के लिए सभी देवता देवराज इन्द्र के पास पहुंचे और बोले- हे देवराज, आपको निर्णय करना होगा कि हममें से सबसे बड़ा कौन है? देवताओं का प्रश्न सुन इन्द्र उलझन में पड़ गए, फिर उन्होंने सभी को पृथ्वीलोक में राजा विक्रमादित्य के पास चलने का सुझाव दिया।
सभी ग्रह भू-लोक राजा विक्रमादित्य के दरबार में पहुंचे। जब ग्रहों ने अपना प्रश्न राजा विक्रमादित्य से पूछा तो वह भी कुछ देर के लिए परेशान हो उठे क्योंकि सभी ग्रह अपनी-अपनी शक्तियों के कारण महान थे किसी को भी छोटा या बड़ा कह देने से उनके क्रोध के प्रकोप से भयंकर हानि पहुंच सकती थी.
अचानक राजा विक्रमादित्य को एक उपाय सूझा और उन्होंने विभिन्न धातुओं जैसे सोना, चांदी, कांसा, तांबा, सीसा, रांगा, जस्ता, अभ्रक व लोहे के नौ आसन बनवाएं सबसे आगे सोना और सबसे पीछे लोहे का आसन रखा गया उन्होंने सभी देवताओं को अपने-अपने आसन पर बैठने को कहाउन्होंने कहा- जो जिसका आसन हो ग्रहण करें, जिसका आसन पहले होगा वह सबसे बड़ा तथा जिसका बाद में होगा वह सबसे छोटा होगा।
चूंकि लोहे का आसन सबसे पीछे था इसलिए शनिदेव समझ गए कि राजा ने मुझे सबसे छोटा बना दिया है इस निर्णय से शनि देव रुष्ट होकर बोले- हे राजन, तुमने मुझे सबसे पीछे बैठाकर मेरा अपमान किया है तुम मेरी शक्तियों से परिचित नहीं हो
सूर्य एक राशि पर एक महीने, चन्द्रमा दो महीने दो दिन, मंगल डेढ़ महीने, बुध और शुक्र एक महीने, बृहस्पति तेरह महीने रहते हैं, लेकिन मैं किसी भी राशि पर ढ़ाई वर्ष से लेकर साढ़े सात वर्ष तक रहता हूं बड़े-बड़े देवताओं को मैंने अपने प्रकोप से पीड़ित किया है अब तू भी मेरे प्रकोप से सावधान रहना.
इस पर राजा विक्रमादित्य बोले- जो कुछ भाग्य में होगा देखा जाएगा।
इसके बाद अन्य ग्रहों के देवता तो प्रसन्नता के साथ चले गए, परन्तु शनिदेव बड़े क्रोध के साथ वहां से विदा हुए कुछ समय बाद जब राजा विक्रमादित्य पर साढ़े साती की दशा आई तो शनिदेव ने घोड़े के व्यापारी का रूप धारण किया और बहुत से घोड़ों के साथ विक्रमादित्य की नगर पहुंचे.
राजा विक्रमादित्य उन घोड़ों को देखकर एक अच्छे-से घोड़े को अपनी सवारी के लिए चुनकर उस पर चढ़े राजा जैसे ही उस घोड़े पर सवार हुए वह बिजली की गति से दौड़ पड़ा तेजी से दौड़ता हुआ घोड़ा राजा को दूर एक जंगल में ले गया और फिर वहां राजा को गिराकर गायब हो गया।
राजा अपने नगर लौटने के लिए जंगल में भटकने लगा पर उसे कोई रास्ता नहीं मिला राजा को भूख प्यास लग आई बहुत घूमने पर उन्हें एक चरवाहा मिला राजा ने उससे पानी मांगा पानी पीकर राजा ने उस चरवाहे को अपनी अंगूठी दे दी और उससे रास्ता पूछकर जंगल से निकलकर पास के नगर में चल दिए।
नगर पहुंच कर राजा एक सेठ की दुकान पर बैठ गए राजा के कुछ देर दुकान पर बैठने से सेठ की बहुत बिक्री हुई सेठ ने राजा को भाग्यवान समझा और उसे अपने घर भोजन पर ले गया सेठ के घर में सोने का एक हार खूंटी पर लटका हुआ था राजा को उस कमरे में छोड़कर सेठ कुछ देर के लिए बाहर चला गया तभी एक आश्चर्यजनक घटना घटी।
राजा के देखते-देखते खूंटी सोने के उस हार को निगल गई सेठ ने जब हार गायब देखा तो उसने चोरी का संदेह राजा पर किया और अपने नौकरों से कहा कि इस परदेशी को रस्सियों से बांधकर नगर के राजा के पास ले चलो राजा ने विक्रमादित्य से हार के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि खूंटी ने हार को निगल लिया इस पर राजा क्रोधित हुए और उन्होंने चोरी करने के अपराध में विक्रमादित्य के हाथ-पांव काटने का आदेश दे दिया सैनिकों ने राजा विक्रमादित्य के हाथ-पांव काट कर उन्हें सड़क पर छोड़ दिया।
कुछ दिन बाद एक तेली उन्हें उठाकर अपने घर ले गया और उसे कोल्हू पर बैठा दिया राजा आवाज देकर बैलों को हांकता रहता इस तरह तेली का बैल चलता रहा और राजा को भोजन मिलता रहा शनि के प्रकोप की साढ़े साती पूरी होने पर वर्षा ऋतु प्रारंभ हुई एक रात विक्रमादित्य मेघ मल्हार गा रहा था, तभी नगर की राजकुमारी मनभावनी रथ पर सवार उस घर के पास से गुजरी उसने मल्हार सुना तो उसे अच्छा लगा और दासी को भेजकर गाने वाले को बुला लाने को कहा।
दासी लौटकर राजकुमारी को अपंग राजा के बारे में सब कुछ बता दिया राजकुमारी उसके मेघ मल्हार से बहुत मोहित हुई और सब कुछ जानते हुए भी उसने अपंग राजा से विवाह करने का निश्चय किया।
राजकुमारी ने अपने माता-पिता से जब यह बात कही तो वह हैरान रह गए उन्होंने उसे बहुत समझाया पर राजकुमारी ने अपनी जिद नहीं छोड़ी और प्राण त्याग देने का निश्चय कर लिया आखिरकार राजा-रानी को विवश होकर अपंग विक्रमादित्य से राजकुमारी का विवाह करना पड़ा विवाह के बाद राजा विक्रमादित्य और राजकुमारी तेली के घर में रहने लगे।
उसी रात स्वप्न में शनिदेव ने राजा से कहा- राजा तुमने मेरा प्रकोप देख लिया मैंने तुम्हें अपने अपमान का दंड दिया है राजा ने शनिदेव से क्षमा करने को कहा और प्रार्थना की- हे शनिदेव, आपने जितना दुःख मुझे दिया है, अन्य किसी को न देना।
शनिदेव ने कहा- राजन, मैं तुम्हारी प्रार्थना स्वीकार करता हूं जो कोई स्त्री-पुरुष मेरी पूजा करेगा,
कथा सुनेगा, जो नित्य ही मेरा ध्यान करेगा, चींटियों को आटा खिलाएगा वह सभी प्रकार के कष्टों से मुक्त होता रहेगा तथा उसके सब मनोरथ पूर्ण होंगे यह कहकर शनिदेव अंतर्ध्यान हो गए.
प्रातःकाल राजा विक्रमादित्य की नींद खुली तो अपने हाथ-पांव देखकर राजा को बहुत खुशी हुई उन्होंने मन ही मन शनिदेव को प्रणाम किया राजकुमारी भी राजा के हाथ-पांव सलामत देखकर आश्चर्य में डूब गई तब राजा विक्रमादित्य ने अपना परिचय देते हुए शनिदेव के प्रकोप की सारी कहानी सुनाई।
इधर सेठ को जब इस बात का पता चला तो दौड़ता हुआ आया और राजा विक्रमादित्य के चरणों में गिरकर क्षमा मांगने लगा राजा विक्रमादित्य ने उसे क्षमा कर दिया क्योंकि वह जानते थे कि यह सब तो शनिदेव के प्रकोप के कारण हुआ था सेठ राजा विक्रमादित्य को पुन: को अपने घर ले गया और उसे भोजन कराया भोजन करते समय वहां एक आश्चर्य घटना घटी सबके देखते-देखते उस खूंटी ने हार उगल दिया सेठ ने अपनी बेटी का विवाह भी राजा के साथ कर दिया और बहुत से स्वर्ण आभूषण, धन आदि देकर राजा को विदा किया.
राजा विक्रमादित्य राजकुमारी मनभावनी और सेठ की बेटी के साथ अपने नगर वापस पहुंचे तो नगरवासियों ने हर्ष के साथ उनका स्वागत किया। अगले दिन राजा विक्रमादित्य ने पूरे राज्य में घोषणा कराई कि शनिदेव सब ग्रहों में सर्वश्रेष्ठ हैं प्रत्येक स्त्री-पुरुष शनिवार को उनका व्रत करें और व्रतकथा अवश्य सुनें राजा विक्रमादित्य की घोषणा से शनिदेव बहुत प्रसन्न हुए शनिवार का व्रत करने और कथा सुनने से शनिदेव की अनुकंपा बनी रहती है और जातक के सभी दुख दूर होते हैं.
🙏🙏🙏🙏🕉️🙏🙏🙏🙏🚩
[17/05, 2:56 am] +91 87870 48603: माता अंजनि पूर्व जन्म में देवराज इंद्र के दरबार में अप्सरा पुंजिकस्थला थीं। बालपन में वे अत्यंत सुंदर और स्वभाव से चंचल थी एक बार अपनी चंचलता में ही उन्होंने तपस्या करते एक तेजस्वी ऋषि के साथ अभद्रता कर दी।
गुस्से में आकर ऋषि ने पुंजिकस्थला को श्राप दे दिया कि जा तू वानर की तरह स्वभाव वाली वानरी बन जा, ऋषि के श्राप को सुनकर पुंजिकस्थला ऋषि से क्षमा याचना मांगने लगी, तब ऋषि ने दया दिखाई और कहा कि तुम्हारा वह रूप भी परम तेजस्वी होगा।
तुमसे एक ऐसे पुत्र का जन्म होगा जिसकी कीर्ति और यश से तुम्हारा नाम युगों-युगों तक अमर हो जाएगा, इस तरह अंजनि को वीर पुत्र का आशीर्वाद मिला।
ऋषि के श्राप से त्रेता युग में अंजनि को नारी वानर के रूप में धरती पर जन्म लेना पड़ा। इंद्र की हजारों सुंदर अप्सरा में से एक थीं अंजनि यानी अप्सरा पुंजिकस्थला।
इंद्र ने जब उन्हें मनचाहा वरदान मांगने को कहा, तब उन्होंने हिचकिचाते हुए उनसे कहा कि उन पर एक तपस्वी साधु का श्राप है, अगर हो सके तो उन्हें उससे मुक्ति दिलवा दें। इंद्र ने कहा कि वह उस श्राप के बारे में बताएं, क्या पता वह उस श्राप से उन्हें मुक्ति दिलवा दें।
तब पुंजिकस्थला ने बताया, किशोरावस्था में जब मैं खेल रही थी तो मैंने एक वानर को तपस्या करते देखा, मेरे लिए यह एक बड़ी आश्चर्य वाली घटना थी, इसलिए मैंने उस तपस्वी वानर पर फल फेंकने शुरू कर दिए, बस यही मेरी गलती थी क्योंकि वह कोई आम वानर नहीं बल्कि एक तपस्वी साधु थे।
मैंने उनकी तपस्या भंग कर दी और क्रोधित होकर उन्होंने मुझे श्राप दे दिया कि जब भी मुझे किसी से प्रेम होगा तो मैं वानर बन जाऊंगी। मेरे बहुत गिड़गिड़ाने और माफी मांगने पर उस साधु ने कहा कि मेरा चेहरा वानर होने के बावजूद उस व्यक्ति का प्रेम मेरी तरफ कम नहीं होगा’।
अपनी कहानी सुनाने के बाद पुंजिकस्थला ने कहा कि अगर इंद्र देव उन्हें इस श्राप से मुक्ति दिलवा सकें तो वह उनकी बहुत आभारी होंगी। इंद्र देव ने उन्हें कहा कि इस श्राप से मुक्ति पाने के लिए धरती पर जाकर वास करना होगा, जहां वह अपने पति से मिलेंगी। शिव के अवतार को जन्म देने के बाद अंजनि को इस श्राप से मुक्ति मिल जाएगी।
इंद्र की बात मानकर पुंजिकस्थला अंजनि के रूप में धरती पर चली आईं, उस शाप का प्रभाव शिव के अंश को जन्म देने के बाद ही समाप्त होना था। वह एक शिकारन के तौर पर जीवन यापन करने लगीं। जंगल में उन्होंने एक बड़े बलशाली युवक को शेर से लड़ते देखा और उसके प्रति आकर्षित होने लगीं, जैसे ही उस व्यक्ति की नजरें अंजनि पर पड़ीं, अंजनि का चेहरा वानर जैसा हो गया।
अंजनि जोर-जोर से रोने लगीं, जब वह युवक उनके पास आया और उनकी पीड़ा का कारण पूछा तो अंजनि ने अपना चेहरा छिपाते हुए उसे बताया कि वह बदसूरत हो गई हैं। अंजनि ने उस बलशाली युवक को दूर से देखा था लेकिन जब उसने उस व्यक्ति को अपने समीप देखा तो पाया कि उसका चेहरा भी वानर जैसा था।
अपना परिचय बताते हुए उस व्यक्ति ने कहा कि वह कोई और नहीं वानर राज केसरी हैं जो जब चाहें इंसानी रूप में आ सकते हैं। अंजनि का वानर जैसा चेहरा उन दोनों को प्रेम करने से नहीं रोक सका और जंगल में केसरी और अंजना(अंजनि) ने विवाह कर लिया।
केसरी और अंजना ने विवाह कर लिया पर संतान सुख से वंचित थे। अंजना अपनी इस पीड़ा को लेकर मतंग ऋषि के पास गईं, तब मंतग ऋषि ने उनसे कहा-पंपा सरोवर के पूर्व में नरसिंह आश्रम है, उसकी दक्षिण दिशा में नारायण पर्वत पर स्वामी तीर्थ है वहां जाकर उसमें स्नान करके, बारह वर्ष तक तप एवं उपवास करने पर तुम्हें पुत्र सुख की प्राप्ति होगी।
अंजना(अंजनि) ने मतंग ऋषि एवं अपने पति केसरी से आज्ञा लेकर तप किया था बारह वर्ष तक केवल वायु पर ही जीवित रही, एक बार अंजना ने “शुचिस्नान” करके सुंदर वस्त्राभूषण धारण किए। तब वायु देवता ने अंजना की तपस्या से प्रसन्न होकर उस समय पवन देव ने उसके कान में प्रवेश कर उसे वरदान दिया, कि तुम्हारे यहां सूर्य, अग्नि एवं सुवर्ण के समान तेजस्वी, वेद-वेदांगों का मर्मज्ञ, विश्वन्द्य महाबली पुत्र होगा।
इस आ शीष के बाद वे शिव की आराधना और तपस्या में लीन रही तब प्रसन्न होकर शिव ने उन्हें वरदान मांगने को कहा, अंजना ने शिव को कहा कि साधु के श्राप से मुक्ति पाने के लिए उन्हें शिव के अवतार को जन्म देना है, इसलिए शिव बालक के रूप में उनकी कोख से जन्म लें।
‘तथास्तु’ कहकर शिव अंतर्ध्यान हो गए। इस घटना के बाद एक दिन अंजना शिव की आराधना कर रही थीं और दूसरी तरफ अयोध्या में अयोध्या के महाराज दशरथ, अपनी तीन रानियों के कौशल्या, सुमित्रा और कैकेयी साथ पुत्र रत्न की प्राप्ति के लिए, श्रृंगी ऋषि को बुलाकर 'पुत्र कामेष्टि यज्ञ' के साथ यज्ञ कर रहे थे।
यज्ञ की पूर्णाहुति पर स्वयं अग्नि देव ने प्रकट होकर श्रृंगी को खीर का एक स्वर्ण पात्र (कटोरी) दिया और कहा "ऋषिवर! यह खीर राजा की तीनों रानियों को खिला दो। राजा की इच्छा अवश्य पूर्ण होगी।" जिसे तीनों रानियों को खिलाना था लेकिन इस दौरान एक चमत्कारिक घटना हुई, एक पक्षी उस खीर की कटोरी में थोड़ी सी खीर ले गया और तपस्या में लीन अंजना के हाथ में गिरा दिया। अंजना ने शिव का प्रसाद समझकर उसे ग्रहण कर लिया।
तब हनुमान जी (वानर मुख वाले हनुमान जी) का जन्म त्रेता युग में अंजना के पुत्र के रूप में, चैत्र शुक्ल की पूर्णिमा की महानिशा में हुआ।
अंजना( अंजनि) के पुत्र होने के कारण ही हनुमान जी को आंजनेय नाम से भी जाना जाता है जिसका अर्थ होता है 'अंजना द्वारा उत्पन्न'।
उनका एक नाम पवन पुत्र भी है। जिसका शास्त्रों में सबसे ज्यादा उल्लेख मिलता है। शास्त्रों में हनुमानजी को वातात्मज भी कहा गया है, वातात्मज यानी जो वायु से उत्पन्न हुआ हो। इस तरह माता अंजनि ने सिर्फ बजरंगबली को जन्म देने के लिए पृथ्वी पर अवतरण लिया
[17/05, 3:24 am] +91 70096 01294: *सूर्य देव को अर्घ्य वैज्ञानिक एवं ज्योतिषीय लाभ*
सूर्य को जल देना पुरानी परम्परा है, परन्तु किसी ने यह जानने का प्रयास किया की क्यूँ दिया जाता है सूर्य को जल? और क्या प्रभाव होता है इससे मानव शरीर पर?
पूरी जानकारी के लिए कृपया अंत तक पढ़े, थोडा समय लग सकता है, परन्तु जानकारी महत्वपूर्ण है।
सूर्य देव अलग अलग रंग अलग अलग आवर्तियाँ उत्पन्न करते हैं, अंत में इसका उल्लेख करूँगा, मानव शरीर रासायनिक तत्वों का बना है, रंग एक रासायनिक मिश्रण है।
जिस अंग में जिस प्रकार के रंग की अधिकता होती है शरीर का रंग उसी तरह का होता है, जैसे त्वचा का रंग गेहुंआ, केश का रंग काला और नेत्रों के गोलक का रंग सफेद होता है।
शरीर में रंग विशेष के घटने-बढने से रोग के लक्षण प्रकट होते हैं, जैसे खून की कमी होना शरीर में लाल रंग की कमी का लक्षण है।
सूर्य स्वास्थ्य और जीवन शक्ति का भण्डार है| मनुष्य सूर्य के जितने अधिक सम्पर्क में रहेगा उतना ही अधिक स्वस्थ रहेगा।
जो लोग अपने घर को चारों तरफ से खिडकियों से बन्द करके रखते हैं और सूर्य के प्रकाश को घर में घुसने नहीं देते वे लोग सदा रोगी बने रहते हैं।
जहां सूर्य की किरणें पहुंचती हैं, वहां रोग के कीटाणु स्वत: मर जाते हैं और रोगों का जन्म ही नहीं हो पाता। सूर्य अपनी किरणों द्वारा अनेक प्रकार के आवश्यक तत्वों की वर्षा करता है और उन तत्वों को शरीर में ग्रहण करने से असाध्य रोग भी दूर हो जाते हैं।
सूर्य पृथ्वी पर स्थित रोगाणुओं 'कृमियों' को नष्ट करके प्रतिदिन रश्मियों का सेवन करने वाले व्यक्ति को दीर्घायु भी प्रदान करता है।
सूर्य की रोग नाशक शक्ति के बारे में अथर्ववेद के एक मंत्र में स्पष्ट कहा गया है कि सूर्य औषधि बनाता है, विश्व में प्राण रूप है तथा अपनी रश्मियों द्वारा जीवों का स्वास्थ्य ठीक रखता है।
अथर्ववेद में कहा गया है कि सूर्योदय के समय सूर्य की लाल किरणों के प्रकाश में खुले शरीर बैठने से हृदय रोगों तथा पीलिया के रोग में लाभ होता है।प्राकृतिक चिकित्सा में आन्तरिक रोगों को ठीक करने के लिए भी नंगे बदन सूर्य स्नान कराया जाता है।
आजकल जो बच्चे पैदा होते ही पीलिया रोग के शिकार हो जाते हैं उन्हें सूर्योदय के समय सूर्य किरणों में लिटाया जाता है जिससे अल्ट्रा वायलेट किरणों के सम्पर्क में आने से उनके शरीर के पिगमेन्ट सेल्स पर रासायनिक प्रतिक्रिया प्रारम्भ हो जाती है।
और बीमारी में लाभ होता है, डाक्टर भी नर्सरी में कृत्रिम अल्ट्रावायलेट किरणों की व्यवस्था लैम्प आदि जला कर भी करते हैं।
सूर्य को कभी हल्दी या अन्य रंग डाल कर जल दिया जाता है, जल को हमेशा अपने सर के ऊपर से सूर्य और अपने हिर्दय के बीच से छोड़ना चाहिए।
ध्यान रहे की सुर्य चिकित्सा दिखता तो आसान है पर विशेषज्ञ से सलाह लिये बिना ना ही शुरू करें।
जैसा की हम जानते हैं कि सूर्य की रोशनी में सात रंग शामिल हैं .. और इन सब रंगो के अपने अपने गुण और लाभ है ...
1. लाल रंग:-- यह ज्वार, दमा, खाँसी, मलेरिया, सर्दी, ज़ुकाम, सिर दर्द और पेट के विकार आदि में लाभ कारक है।
2. हरा रंग:-- यह स्नायुरोग, नाडी संस्थान के रोग, लिवर के रोग, श्वास रोग आदि को दूर करने में सहायक है।
3. पीला रंग:-- चोट ,घाव रक्तस्राव, उच्च रक्तचाप, दिल के रोग, अतिसार आदि में फ़ायदा करता है
4. नील रंग:-- दाह, अपच, मधुमेह आदि में लाभकारी है।
5. बैंगनी रंग:-- श्वास रोग, सर्दी, खाँसी, मिर् गी ..दाँतो के रोग में सहायक है।
6. नारंगी रंग:-- वात रोग . अम्लपित्त, अनिद्रा, कान के रोग दूर करता है।
7. आसमानी रंग:-- स्नायु रोग, यौनरोग, सरदर्द, सर्दी- जुकाम आदि में सहायक है।
सुरज का प्रकाश रोगी के कपड़ो और कमरे के रंग के साथ मिलकर रोगी को प्रभावित करता है।अतः दैनिक जीवन मे हम अपने जरूरत के अनुसार अपने परिवेश एवम् कपड़ो के रंग इत्यादि मे फेरबदल करके बहुत सारे फायदे उठा सकते हैं।
सूर्य देव को अर्घ्य ज्योतिषीय दृष्टिकोण
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इस संसार में भगवान सूर्य को प्रत्यक्ष देव कहा जाता है क्योंकि हर व्यक्ति इनके साक्षात दर्शन कर सकता है। रविवार भगवान सूर्य का दिन माना जाता है और सप्तमी तिथि के देवता भी भगवान सूर्य है। अगर सप्तमी तिथि रविवार के दिन पड़े तो उसका अति विशेष महत्व होता है इस दिन सूर्य देव की उपासना का विशेष महत्व है। रविवारीय सप्तमी भानु सप्तमी या सूर्य सप्तमी कहलाती है।
रविवार तथा सप्तमी तिथि को भगवान सूर्य को अर्घ्य देने का भी विशेष महत्व है। भगवान सूर्य कि कृपा पाने के लिए तांबे के पात्र में लाल चन्दन,लाल पुष्प, अक्षत डालकर प्रसन्न मन से सूर्य मंत्र का जाप करते हुए उन्हें जल अर्पण करना चाहिए।
श्री सूर्यनारायण को तीन बार अर्घ्य देकर प्रणाम करना चाहिए। इस अर्घ्य से भगवान सूर्य प्रसन्न होकर अपने भक्तों की हर संकटो से रक्षा करते हुए उन्हें आरोग्य, आयु, धन, धान्य, पुत्र, मित्र, तेज, यश, कान्ति, विद्या, वैभव और सौभाग्य को प्रदान करते हैं । भगवान सूर्य देव कि कृपा प्राप्त करने के लिए जातक को प्रतिदिन सूर्योदय से पूर्व ही शैया त्याग कर शुद्ध, पवित्र जल से स्नान के पश्चात उगते हुए सूर्य को अर्ध्य देना चाहिए।
भगवान सूर्य सबसे तेजस्वी और कांतिमय माने गए हैं। अतएवं सूर्य आराधना से ही व्यक्ति को सुंदरता और तेज कि प्राप्ति भी होती है । ह्रदय रोगियों को भगवान सूर्य की उपासना करने से विशेष लाभ होता है। उन्हें आदित्य ह्रदय स्तोत्र का नित्य पाठ करना चाहिए। इससे सूर्य भगवान प्रसन्न होकर अपने भक्तों को निरोगी और दीर्घ आयु का वरदान देते है।
सूर्य भगवान की कृपा पाने के लिए जातक को प्रत्येक रविवार अथवा माह के किसी भी शुक्ल पक्ष के रविवार को गुड़ और चावल को नदी अथवा बहते पानी में प्रवाहित करना चाहिए । तांबे के सिक्के को भी नदी में प्रवाहित करने से भी सूर्य भगवान की कृपा बनी रहती है। रविवार के दिन स्वयं भी मीठा भोजन करें एवं घर के अन्य सदस्यों को भी इसके लिए प्रेरित करें। हाँ भगवान सूर्यदेव को उस दिन गुड़ का भोग लगाना कतई न भूलें ।
ज्योतिषशास्त्र में सूर्य को राजपक्ष अर्थात सरकारी क्षेत्र एवं अधिकारियों का कारक ग्रह बताया गया है। व्यक्ति कि कुंडली में सूर्य बलवान होने से उसे सरकारी क्षेत्र में सफलता एवं अधिकारियों से सहयोग मिलता है। कैरियर एवं सामाजिक प्रतिष्ठा में उन्नति के लिए भी सूर्य की अनुकूलता अनिवार्य मानी गयी है।
यह ध्यान रहे कि सूर्य भगवान की आराधना का सर्वोत्तम समय सुबह सूर्योदय का ही होता है। आदित्य हृदय का नियमित पाठ करने एवं रविवार को तेल, नमक नहीं खाने तथा एक समय ही भोजन करने से भी सूर्य भगवान कि हमेशा कृपा बनी रहती है।
यदि किसी व्यक्ति के पास आपका पैसा फँसा हो तो आप नित्य उगते हुए सूर्य को ताम्बे के पात्र में गुड, अक्षत, लाल चन्दन लाल फूल और लाल मिर्च के 11 दाने डालकर अर्ध्य दें और सूर्यदेव से मन ही मन अपने फंसे हुए धन को प्राप्त करने के लिए प्रार्थना करें, इस उपाय से तेज और यश की प्राप्ति होती है, आत्मविश्वास बढ़ता है और फँसा हुआ धन में अड़चने समाप्त होने लगती है।
मनोवांछित फल पाने के लिए निम्न मंत्र का उच्चारण करें।
ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा।।
भगवान सूर्य के किसी भी आसान और सिद्ध मंत्र का जाप श्रद्धापूर्वक अवश्य ही करें।
ॐ घृणि सूर्याय नम:।।
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय नम:।।
ॐ ह्रीं घृणि सूर्य आदित्य श्रीं ओम्।
ॐ आदित्याय विद्महे मार्तण्डाय धीमहि तन्न सूर्य: प्रचोदयात्।
ऊं घृणिं सूर्य्य: आदित्य:
ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा।।
ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर:।
ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ।
ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः।
निम्न मंत्रो का किसी भी कृष्ण पक्ष के प्रथम रविवार से आरम्भ करे सूर्योदय काल इसके लिये सर्वोत्तम है लाल ऊनि आसान पर सूर्याभिमुख बैठ कर मानसिक जप करना सर्वोत्तम है इसके प्रभाव से व्यक्ति में सूर्य जैसे गुण आते है, चेहरे पर कांति आती है।आकर्षण बढ़ता है नेत्र रोगों में में लाभकारी है तथा कुंडली मे सूर्य के अशुभ फलों में कमी आती है।
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Home #Vastu Dosh Nivaran: नए साल से पहले घर में कर लें ये बदलाव, खत्म हो जाएगा वास्तु दोष!
Vastu Dosh kaise dur kare: हिंदू धर्म में वास्तु शास्त्र बेहद #महत्वपूर्ण माना गया है. वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर आप अपने घर में चीजों के रख-रखाव पर विशेष ध्यान देते हैं तो इससे आपके घर में #सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है. ऐसे में चलिए जानते हैं कि घर का वास्तु #दोष खत्म करने के लिए आपको अपने घर में क्या बदलाव करने चाहिए.
Home #Vastu Dosh Nivaran: नए साल से पहले घर में कर लें ये बदलाव, खत्म हो जाएगा वास्तु दोष!
घर का वास्तु दोष कैसे दूर करें?
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Vastu Dosha Remedies: #हिंदू धर्म में वास्तु शास्त्र का विशेष महत्व माना जाता है. घर के अंदर रखी हर एक चीज को #वास्तु नियमों के द्वारा रखना अनिवार्य होता है. घर में वास्तु नियमों का पालन न करने पर आर्थिक तंगी और सेहत संबंधी #समस्याओं का सामना करना पड़ता है. अक्सर लोग अपने घर को वास्तु को ध्यान में रखकर तो बनवा लेते हैं, लेकिन घर की चीजों को वास्तु के मुताबिक नहीं रखते, जिससे व्यक्ति को जीवन में बहुत सी #परेशानियों का करना पड़ता है. अगर आप भी चाहते हैं कि आने वाले नए साल में आपके घर में धन की देवी लक्ष्मी जी का वास हो और आपको आर्थिक लाभ मिले, तो आपको अपने घर में कुछ बदलाव करने चाहिए.
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वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर आप अपने घर में कुछ बदलाव करते हैं तो इससे आपके घर में मौजूद #नकारात्मकता खत्म होती है और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है. ऐसे में चलिए जानते हैं कि घर का वास्तु दोष खत्म करने के लिए आपको अपने घर में क्या बदलाव करने हैं.
तिजोरी का मुंह किधर रहना चाहिए?
वास्तु के अनुसार, आपको अपने घर की तिजोरी को उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में ही रखना चाहिए. उत्तर या #उत्तर-पूर्व दिशा को धन के देवता कुबेर और धन की देवी मां लक्ष्मी की दिशा माना गया है. ऐसे में इस दिशा में तिजोरी रखने से आपको काफी लाभ मिल सकता है.
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वास्तु के अनुसार घर में कौन सी चीजें रखनी चाहिए?
घर में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने के लिए आपको घर के #ईशान कोण में प्रकृति से जुड़ी तस्वीरें जैसे उगता सूरज या नदियों की तस्वीर लगानी चाहिए. इसी के साथ रसोई के अग्नि कोण में #लाल रंग का बल्ब लगाना चाहिए. इससे आपको बेहतर परिणाम देखने को मिलते हैं.
नमक से वास्तु दोष कैसे दूर करें?
आप आपके घर में #नकारात्मकता है, तो इसके लिए रोजाना पानी में थोड़ा-सा नमक मिलाकर पूरे घर में उससे पोछा लगाएं. ऐसा करने से नकारात्मकता दूर होती है और #सकारात्मकता बढ़ती है. इसके अलावा, शाम के समय घर के हर कोने में नमक रख दें और अगले दिन सुबह इसे बाहर फेंक देना चाहिए. ऐसा करने से नेगेटिव एनर्जी से छुटकारा मिल सकता है.
वास्तु के इन नियमों का रखें ध्यान
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में #गोल किनारों वाला फर्नीचर रखना शुभ माना जाता है. साथ ही टूटी-फूटी चीजों, बंद या खराब घड़ी, कबाड़ या फिर फिजूल की चीजों को घर से बाहर कर देना चाहिए, क्योंकि ये चीजें नेगेटिव एनर्जी को बढ़ावा देती हैं.
वास्तु दोष मिटाने के लिए क्या करना चाहिए?
वास्तु दोष को दूर करने के लिए नीचे बताए गए उपाय भी किए जा सकते हैं:-
घर के ईशान कोण में उड़ते पक्षी, उगते सूरज या नदियों की #फोटो लगाएं.
घर के अग्निकोण में लाल बल्ब लगाना चाहिए.
घर के अग्निकोण में भगवान गणेश की फोटो लगानी चाहिए.
घर के ईशान कोण में #तुलसी और केले का पौधा लगाना चाहिए.
घर के वायव्य कोण पर दीपक जलाकर रखना चाहिए.
घर के मुख्य द्वार पर #स्वास्तिक का चिह्न बनाना चाहिए.
घर में मुख्य द्वार पर घोड़े की नाल टांगनी चाहिए.
घर के उत्तर-पूर्व कोने में कलश रखना चाहिए.
घर में रोजाना कपूर जलाना चाहिए.
घर में सुंदरकांड या रामायण का पाठ करें.
टॉयलेट या बाथरूम के एक कोने में कटोरी में नमक रखें.
टॉयलेट या बाथरूम में नीले रंग की बाल्टी रखनी चाहिए
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[17/05, 3:24 am] +91 70096 01294: *🌹सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए हर रविवार को करें इस चालीसा का पाठ, जीवन में सुख-समृ्द्धि की*
*होगी प्राप्ति🌹*
💐💐💐💐💐💐💐💐💐
*🌞श्री सूर्य चालीसा, सूर्य देव का प्रसिद्ध भजन है. इसका पाठ करने से जातक के जीवन में सुख-समृद्धि बुरी दृष्टि नहीं पड़ती है. अगर किसी की कुंडली में सूर्य देव सकारात्मक विराजमान हों तो ऐसे लोगों को समाजिक प्रतिष्ठा प्राप्त होती है.*
*वहीं इन लोगों के अंदर लीडरशिपक्वालिटी होती है. ऐसे में हम आपको यहां ऐसे चालीसा के बारे में बताने जा रहे हैं जिसका पाठ करने से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं. साथ ही सूर्य देव का आशीर्वाद प्राप्त होती है.*
*☀️क्यों पढ़ें सूर्य चालीसा?*
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सूर्य चालीसा पढ़ने से लंबी उम्र, आरोग्य, धन-संपत्ति, मान-सम्मान, आत्मविश्वास तरक्की मिलती है, साथ ही यह शारीरिक-मानसिक कष्टों अकाल मृत्यु के भय को दूर करती है, कुंडली में सूर्य को मजबूत करती है जीवन में सुख-शांति लाती है. यह पाठ खासकर आज यानी रविवार को करने से विशेष लाभ मिलता है, क्योंकि यह सूर्य देव की पूजा का दिन होता है इससे नौकरी, पिता से संबंध उच्च शिक्षा में भी सफलता मिलती है.
*☀️सूर्य चालीसा पढ़ने के मुख्य लाभ*
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*🚩आरोग्य दीर्घायु:-* शारीरिक मानसिक रोगों से मुक्ति मिलती है लंबी उम्र का वरदान मिलता है.
*🚩धन समृद्धि:-* धन-धान्य, संपत्ति ऐश्वर्य की वृद्धि होती है.
*🚩मान-सम्मान यश:-* समाज में मान-प्रतिष्ठा, यश कीर्ति बढ़ती है, जिससे आत्मविश्वास में वृद्धि होती है.
*🚩करियर शिक्षा:-* उच्च शिक्षा में सफलता, सरकारी नौकरी कार्यक्षेत्र में विस्तार होता है.
*🚩कुंडली में सूर्य को मजबूत करना:-* कमजोर या पीड़ित सूर्य को बल मिलता है, जिससे जीवन में शुभ फल प्राप्त होते हैं.
*🚩#ऊँ_सूर्याय_नम:🚩*
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🙏 *!! श्रीहरि !!* 🙏
🌤️ *दिनांक - 17 मई 2026*
🌤️ *दिन - रविवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - ग्रीष्म ॠतु*
🌤️ *मास - अधिक ज्येष्ठ*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - प्रतिपदा रात्रि 09:40 तक तत्पश्चात द्वितीया*
🌤️ *नक्षत्र - कृत्तिका दोपहर 02:32 तक तत्पश्चात रोहिणी*
🌤️ *योग - शोभन सुबह 06:15 तक तत्पश्चात अतिगण्ड*
🌤️*राहुकाल - शाम 05:32 से शाम 07:10 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:01*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:09*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- अधिक ज्येष्ठ मास प्रारंभ,चंद्र-दर्शन (रात्रि 07:02 से रात्रि 07:50 तक)*
💥 *विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा पेठा) न खाएं क्योकि यह धन का नाश करने वाला है (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *अमिट पुण्य अर्जित करने का अवसर-पुरुषोत्तम मास* 🌷
➡️ *17 मई से 15 जून तक पुरुषोत्तम/अधिक मास*
🙏🏻 *अधिक मास में सूर्य की सक्रांति (सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश) न होने से इसे ‘मल मास’ (मलिन मास) कहा गया है। स्वामीरहित होने से यह मास देव-पितर आदि की पूजा तथा मंगल कर्मों के लिए त्याज्य माना गया। इससे लोग इसकी घोर निंदा करने लगे।*
🙏🏻 *मल मास ने भगवान को प्रार्थना की, भगवान बोले- “मल मास नहीं, अब से इसका नाम पुरुषोत्तम मास होगा। इस महीने जो जप, सत्संग, ध्यान, पुण्य आदि करेंगे, उन्हें विशेष फायदा होगा। अंतर्यामी आत्मा के लिए जो भी कर्म करेंगे, तेरे मास में वह विशेष फलदायी हो जायेगा। तब से मल मास का नाम पड़ गया ‘पुरुषोत्तम मास’।”*
💥 *विशेष लाभकारी*
🙏🏻 *अधिक मास में आँवला और तिल के उबटन से स्नान पुण्यदायी है और स्वास्थ्य प्रसन्नता में बढ़ोतरी करने वाला है अथवा तो आँवला, जौ तिल का मिश्रण बनाकर रखो और स्नान करते समय थोड़ा मिश्रण बाल्टी में डाल दिया। इससे भी स्वास्थ्य और प्रसन्नता पाने में मदद मिलती है। इस मास में आँवले के पेड़ के नीचे बैठकर भोजन करना अधिक प्रसन्नता और स्वास्थ्य देता है।*
🙏🏻 *आँवले व पीपल के पेड़ को स्पर्श करने से स्नान करने का पुण्य होता है, सात्त्विकता और प्रसन्नता की बढ़ोतरी होती है। इन्हें स्नान करने के बाद स्पर्श करने से दुगुना पुण्य होता है। पीपल और आँवला सात्विकता के धनी हैं।*
🙏🏻 *इस मास में धरती पर (बिस्तर बिछाकर) शयन व पलाश की पत्तल पर भोजन करे और ब्रह्मचर्य व्रत पाले तो पापनाशिनी ऊर्जा बढ़ती है और व्यक्तित्व में निखार आता है। इस पुरुषोत्तम मास को कई वरदान प्राप्त हैं और शुभ कर्म करने हेतु इसकी महिमा अपरम्पार है।*
❌ *अधिक मास में वर्जित* ❌
➡️ *पुरुषोत्तम मास व चतुर्मास में नीच कर्मों का त्याग करना चाहिए। वैसे तो सदा के लिए करना चाहिए लेकिन आरम्भ वाला भक्त इन्हीं महीनों में त्याग करे तो उसका नीच कर्मों के त्याग का सामर्थ्य बढ़ जायेगा। इस मास में शादी-विवाह अथवा सकाम कर्म एवं सकाम व्रत वर्जित हैं। जैसे कुएँ, बावली, तालाब और बाग़ आदि का आरम्भ तथा प्रतिष्ठा, नवविवाहिता वधू का प्रवेश, देवताओं का स्थापन (देव-प्रतिष्ठा), यज्ञोपवीत संस्कार, नामकरण, मकान बनाना, नये वस्त्र एवं अलंकार पहनना आदि। इस मास में किये गये निष्काम कर्म कई गुना विशेष फल देते हैं।*
✅ *अधिक मास में करने योग्य* ✅
➡️ *जप, कीर्तन, स्मरण, ध्यान, दान, स्नान आदि तथा पुत्रजन्म के कृत्य, पितृस्मरण के श्राद्ध आदि एवं गर्भाधान, पुंसवन जैसे संस्कार किये जा सकते हैं।*
🙏🏻 *देवी भागवत के अनुसार यदि आदि की सामर्थ्य न हो तो संतों-महापुरुषों की सेवा (उनके दैवी कार्य में सहभागी होना) सर्वोत्तम है। इससे तीर्थ, तप आदि के समान फल प्राप्त होता है। इस माह में दीपकों का दान करने से मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। दुःख-शोकों का नाश होता है। वंशदीप बढ़ता है, ऊँचा सान्निध्य मिलता है, आयु बढ़ती है। इस मास में गीता के 15वें अध्याय का अर्थसहित प्रेमपूर्वक पाठ करना चाहिए। भक्तिपूर्वक सदगुरु से अध्यात्म विद्या का श्रवण करने से ब्रह्महत्याजनित पाप नष्ट हो जाते हैं तथा दिन प्रतिदिन अश्वमेध यज्ञ का फल प्राप्त होता है। निष्काम भाव से यदि श्रवण किया जाय तो जीव मुक्त हो जाता है।*
🌷 *व्रत विधि* 🌷
🙏🏻 *भगवान श्रीकृष्ण इस मास की व्रत विधि एवं महिमा बताते हुए कहते हैं- “इस मास में मेरे उद्देश्य से जो स्नान (ब्राह्ममुहूर्त में उठकर भगवत्स्मरण करते हुए किया गया स्नान), दान, जप, होम, गुरु-पूजन, स्वाध्याय, पितृतर्पण, देवार्चन तथा और जो भी शुभ कर्म किये जाते हैं, वे सब अक्षय हो जाते हैं। जो प्रमाद से इस मास को खाली बिता देते हैं, उनका जीवन मनुष्यलोक में दारिद्र्य पुत्रशोक तथा पाप के कीचड़ से निंदित हो जाता है, इसमें संदेह नहीं।*
🙏🏻 *शंख की ध्वनि के साथ कपूर से आरती करें। ये न हों तो रूई की बाती से ही आरती कर लें। इससे अनंत फल की प्राप्ति होती है। चंदन, अक्षत और पुष्पों के साथ ताँबे के पात्र में पानी रखकर भक्ति से प्रातःपूजन के पहले या बाद में अर्घ्य दें।*
🙏🏻 *पुरुषोत्तम मास का व्रत दारिद्र्य, पुत्रशोक और वैधव्य का नाशक है। इसके व्रत से ब्रह्महत्या आदि सब पाप नष्ट हो जाते हैं।*
🌷 *विधिवत सेवते यस्तु पुरुषोत्तममादरात्।*
*कुलं स्वकीयमुद्धृत्य मामेवैष्यत्यसंशयम्।।*
🙏🏻 *पुरुषोत्तम मास के आगमन पर जो व्यक्ति श्रद्धा-भक्ति के साथ व्रत, उपवास, पूजा आदि शुभ कर्म करता है, वह निःसंदेह अपने समस्त परिवार के साथ मेरे लोक में पहुँचकर मेरा सान्निध्य प्राप्त कर लेता है।*
🙏 *नारायण नारायण* 🙏
📖 *सनातन पंचांग संपादक ~ अंजनी निलेश ठक्कर*
📒 *सनातन पंचांग प्रकाशित स्थल ~ सुरत शहर (गुजरात)*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
[17/05, 5:02 am] +91 94583 58022: *राधे - राधे ॥ आज का भगवद् चिंतन ॥*
*१७.०५.२०२६*
🧑🧑🧒🧒*|| परिवार एक मंदिर ||*🧑🧑🧒🧒
परिवार मनुष्य जीवन की सबसे प्रमुख और सबसे प्रथम इकाई होती है, जिसमें माता-पिता के रूप में स्वयं वो निराकार ब्रह्म, साकार रूप में विराजमान रहता है। मानव जीवन के संस्कारों की प्रथम पाठशाला का नाम ही परिवार है। संस्कारों से परवरिश और परवरिश से परिवार का परिचय मिल जाता है। एक आदर्श परिवार के बिना एक आदर्श जीवन का निर्माण कदापि संभव ही नहीं।
माता-पिता की सेवा ही समस्त देवी-देवताओं की सेवा मानी गई है। सच ही कहा गया है कि *जिस घर में माँ-बाप हँसते हैं, उसी घर में भगवान बसते हैं।* एक लकड़ी अकेले आसानी से टूट जाती है और उन्हीं लकड़ी को जब बंडल बनाकर तोड़ने लगते हैं तो बहुत मुश्किल और कठिन हो जाता है।
इसी प्रकार जब हम अकेले पड़ जाते हैं तो कोई भी आसानी से हमें तोड़ सकता है, लेकिन एक होते ही तोड़ने वाला स्वयं टूट जाता है। परस्पर प्रेम, सम्मान, समर्पण और सहयोग की भावना के साथ-साथ कर्त्तव्यनिष्ठा से ही मकान घर और घर परिवार बनता है। आज की इस सदी में हम इकट्ठे होकर न रह सकें कोई बात नहीं लेकिन कम से कम एक होकर अवश्य रह सकते हैं। परिवार के साथ रहें, संस्कार के साथ रहें।
🙏 *जय श्री राधे कृष्ण* 🙏
[17/05, 5:02 am] +91 94583 58022: 🌹*सुप्रभात*🌹
🌹*राधे राधे*🌹
*यह कहानी भरोसे और धैर्य की है। अक्सर जब हमारे जीवन में दुख आता है, तो हम सबसे पहले ईश्वर पर अपना विश्वास खो देते हैं।*
*एक छोटे से कस्बे में माधव नाम का एक व्यक्ति रहता था। वह श्री कृष्ण का बहुत बड़ा भक्त था और हर दिन घंटों मंदिर में प्रार्थना करता था। लेकिन एक समय ऐसा आया जब माधव पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उसका व्यापार ठप हो गया, परिवार बीमार रहने लगा और घर में दरिद्रता छा गई।*
*माधव ने बहुत प्रार्थना की, लेकिन उसे लगा कि उसकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा है। अंत में, क्रोध और निराशा में भरकर उसने कृष्ण की मूर्ति के सामने खड़े होकर कहा:*
*"हे माधव! मैंने जीवन भर आपकी सेवा की, पर जब मुझे आपकी सबसे ज्यादा जरूरत थी, आपने मेरा साथ छोड़ दिया। आज से मैं प्रार्थना करना छोड़ता हूं। आप मेरी पुकार नहीं सुनते, तो मैं भी आपको नहीं मानूंगा।"*
*उसने मंदिर जाना बंद कर दिया और भगवान से पूरी तरह नाता तोड़ लिया।*
*कुछ दिनों बाद, माधव एक भारी सामान लेकर शहर से लौट रहा था। अचानक तेज बारिश होने लगी और उसका बैलगाड़ी का पहिया कीचड़ में धंस गया।वह अकेला था, रात काली थी और कोई मदद के लिए नहीं था। वह हताश होकर रोने लगा।*
*तभी अंधेरे में एक साधारण सा अजनबी हाथ में लालटेन लिए आया। उसने बिना कुछ पूछे मुस्कुराते हुए माधव की मदद की। उस अजनबी ने अकेले ही पहिए को कीचड़ से बाहर धकेल दिया। माधव चकित रह गया कि एक दुबले-पतले व्यक्ति ने इतना भारी काम कैसे कर दिया।*
*रास्ते भर वह अजनबी माधव से बातें करता रहा। उसने माधव से कहा:*
_*भाई, कभी-कभी माली पेड़ों को काटता- छाँटता है ताकि वे और बेहतर बढ़ सकें। इसका मतलब यह नहीं कि माली पेड़ का दुश्मन है।*_
*जब माधव अपने घर पहुंचा, तो उसने उस अजनबी को धन्यवाद देने के लिए पीछे मुड़कर देखा, लेकिन वहां कोई नहीं था। तभी उसे घर के अंदर से अपनी पत्नी की आवाज सुनाई दी कि एक चमत्कार हुआ है—अस्पताल से खबर आई थी कि उसके बीमार बेटे की तबीयत अचानक ठीक हो गई है और एक पुराने मित्र ने उसका सारा कर्ज चुकाने का संदेश भेजा है।*
*माधव को तुरंत उस अजनबी की बातें याद आईं। उसे अहसास हुआ कि जब वह क्रोध में भगवान को कोस रहा था, तब भी भगवान अदृश्य रूप में उसकी बाधाएं दूर कर रहे थे।*
कथा की सीख*
_*अदृश्य कृपा: भगवान हमारी प्रार्थनाएं तब भी सुनते हैं जब हमें लगता है कि वे मौन हैं। उनकी मदद अक्सर शांत और अप्रत्यक्ष होती है।*_
_*धैर्य का फल: भक्ति का अर्थ केवल मांगना नहीं, बल्कि कठिन समय में भी धैर्य रखना है।*_
_*विश्वास की शक्ति: प्रार्थना छोड़ देने से समस्या हल नहीं होती, बल्कि विश्वास बनाए रखने से समाधान के रास्ते खुलते हैं।*_
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[17/05, 5:02 am] +91 94583 58022: 1️⃣7️⃣❗0️⃣5️⃣❗2️⃣0️⃣2️⃣6️⃣
*li.तीन-शिक्षाऐं.li*
एक गाँव में एक निर्धन व्यक्ति रहता था। बचपन में उसे पढ़ने-लिखने का अवसर नहीं मिला। उसके दूसरे साथी पढ़-लिख गए। जब वह जवान हुआ तो उसे अपने साथियों को देखकर बहुत दुख हुआ। वह सोचने लगा कि यदि वह पढ़ा होता तो आज दूसरे लोगों की भाँति विचारवान होता। एक दिन वह व्यक्ति गाँव के शिक्षक के पास गया । शिक्षक को दंडवत् प्रणाम करके बोला, “गुरुजी, मैं बचपन में पढ़-लिख नहीं सका, अतः मूर्ख रह गया हूँ। अब आप ही मुझे ज्ञान दीजिए ।”
गुरुजी बोले, “ज्ञान हमेशा सुपात्र को ही दिया जाता है। मैं तुम्हारी परीक्षा लूँगा। तुम एक साल तक मेरे घर में रहो और खेती का काम करो ।”
निर्धन व्यक्ति ने गुरुजी की बात मान ली। वह साल-भर तक गुरुजी की सेवा में लगा रहा । गुरुजी उससे बहुत प्रसन्न हुए। साल बीत जाने पर उन्होंने उसे अपने पास बुलाया और कहा, “शिष्य, मैं तुमसे बहुत प्रसन्न हूँ। मैं तुम्हें तीन शिक्षाएँ देता हूँ--"
निर्धन व्यक्ति ने कहा, “गुरुजी, आप कृपा करके अवश्य ही वे शिक्षाएँ दीजिए।”
गुरुजी ने उस आदमी को शिक्षाएँ देते हुए कहा, “शिष्य, पहली शिक्षा यह है कि घी बहुत सारवान वस्तु है। दूसरी शिक्षा यह है कि राजा को रात में नहीं सोना चाहिए और तीसरी शिक्षा यह है कि स्त्री जब उच्छृंखल हो जाए तो उसे दंड देना चाहिए।”
गुरुजी ये तीनों शिक्षाएं देकर मौन हो गए। निर्धन व्यक्ति उन शिक्षाओं को याद करके गुरुजी के चरण छूकर अपने घर लौट आया। उसने विचार किया कि वह दूसरे लोगों को ये शिक्षाएँ देगा और धन कमाएगा। ऐसा सोचकर वह देशाटन को निकल पड़ा। वह जहाँ भी जाता, लोगों को अपनी शिक्षाएँ खरीदने को कहता। किंतु किसी ने भी उसकी शिक्षाएं नहीं खरीदीं । लोग उसकी बातें सुनते और उसकी हँसी उड़ाते हुए चले जाते ।
अपने इस हाल पर निर्धन व्यक्ति बहुत दुखी हुआ। वह सोचने लगा कि इस प्रकार तो वह भूखों ही मर जाएगा, अतः उसे राजा के पास जाना चाहिए। वह राज-दरबार में चला गया। उसने राजा से कहा कि उसके पास बहुत कीमती तीन शिक्षाएँ हैं। राजा ने उससे शिक्षाएँ बताने के लिए कहा। निर्धन व्यक्ति ने अपनी तीनों शिक्षाएं राजा को बता दीं। राजा बोला, “मैं तुम्हारी इन शिक्षाओं की परीक्षा करके देखूंगा। यदि ये सच हुईं तो तुम्हें बहुत इनाम दूँगा। तुम तब तक दरबार में ही रहो ।”
राजा निर्धन व्यक्ति की शिक्षाओं की परीक्षा करने लगा। पहली शिक्षा तो कुछ दिनों में ही सच हो गई । राजा शुद्ध घी खाकर और व्यायाम करके जल्दी ही स्वस्थ हो गया। अब दूसरी शिक्षा की बारी थी। राजा ने रात में सोना बंद कर दिया। वह वेश बदलकर राजधानी की गलियों में घूमने लगा। एक रात उसे एक स्त्री के रोने की आवाज सुनाई दी। वह उस स्त्री के पास गया और पूछा, “तुम कौन हो और किस दुख के कारण रो रही हो ?”
स्त्री ने उत्तर दिया, “मैं इस नगर की देवी हूँ। कल आधी रात के समय इस राज्य का राजा मर जाएगा । मेरे दुख का यही कारण है।”
राजा ने नगर-देवी के समक्ष हाथ जोड़ते हुए कहा, “देवी, मैं ही इस राज्य का राजा हूँ, आप मुझे बताइए कि मेरे प्राण किस प्रकार बच सकते हैं ?”
देवी बोली, “राजन्! काल एक नाग के रूप में तुम्हें डसने आएगा। तुम अपने महल के दक्षिणी द्वार पर दो तालाब खुदवा लो। उनमें से एक तालाब में दूध भरवा दो और दूसरे में गन्ने का रस। उसके बाद रात होते ही उन तालाबों के पास बैठकर भगवान का भजन करने लगो ।”
इतना कहकर देवी अंतर्ध्यान हो गई। राजा महल में लौट आया। उसने सुबह होते ही तालाब खुदवा लिए और उनमें दूध तथा गन्ने का रस भरवा दिया। शाम होते ही वह तालाबों के किनारे बैठ कर भजन करने लगा।
आधी रात के समय काल-देवता नाग का रूप लेकर राजा को डसने आया। उसे पहले दूध का तालाब दिखाई दिया। उसने प्रसन्न होकर दूध पिया। उसके बाद उसे गन्ने के रस वाला तालाब दिखाई दिया। उसने मन भर कर गन्ने का रस भी पिया। इसके बाद काल-देवता वहीं सो गया। जब उसकी आंखें खुलीं तो सुबह होने वाली थी। वह राजा पर बहुत प्रसन हो गया। उसने राजा से कहा, “मैं रात को तुम्हें डसने आया था किंतु अब तुम्हारी मृत्यु नहीं होगी । मैं तुम पर बहुत प्रसन्न हूँ। तुम मुझसे मनचाहा वर माँगो !”
राजा ने काल-देवता को प्रणाम करके कहा, “हे देव, मुझे आप पशु-पक्षियों और कीट-पतंगों की बोली समझने का वरदान दीजिए ।”
काल-देवता ने कहा, “ऐसा ही होगा, किंतु एक शर्त है--यदि तुम किसी से इस रहस्य को कहोगे तो तुम्हारी मृत्यु हो जाएगी।” इसके बाद काल-देवता चला गया।
राजा ने निर्धन व्यक्ति की दूसरी शिक्षा की भी परीक्षा कर ली थी। अब तीसरी शिक्षा की बारी थी।
एक दिन राजा और रानी खाना खा रहे थे। अचानक राजा की थाली से चावल का एक दाना नीचे गिर गया। कुछ देर बाद एक चींटी और एक मक्खी आ गए तथा दाना लेने के लिए झगड़ने लगे। चींटी बोली, “हे मक्खी, तुम तो पंखवाली हो। उड़कर किसी दूसरी जगह भी जा सकती हो । यह दाना मुझे खाने दो ।”
मक्खी ने कहा, “मैं नहीं जाऊंगी। यह दाना मेरे हिस्से में आया है। मैं इसे अवश्य लूँगी। तुम कहीं और चली जाओ ।”
चींटी और मक्खी के वार्तालाप को सुनकर राजा को बहुत जोर से हँसी आ गई। उसने चावल के उस दाने के पास ही एक दूसरा दाना गिरा दिया। चींटी और मक्खी एक-एक दाना लेकर चली गई। राजा हँसते हुए भोजन करने लगा।
रानी ने राजा से कहा, “हे राजा, आप चींटी और मक्खी को देखकर इतनी जोर से क्यों हँसे ? फिर आपने थाली से चावल का दूसरा दाना क्यों गिराया ? क्या आप उनकी बोली समझते हैं ? मुझे यह रहस्य बताइए ।”
यदि राजा, रानी को रहस्य बताता तो उसकी मृत्यु हो जाती। अतः वह कुछ नहीं बोला। उसे चुप देखकर रानी नाराज हो गई । उसने राजा से रहस्य बताने के लिए फिर कहा । तब राजा बोला, “रानी, सारी बातें बताने योग्य नहीं होतीं। मैं तुम्हें यह रहस्य नहीं बता सकता ।”
रानी इस उत्तर से संतुष्ट नहीं हुईं। उसका क्रोध और भी बढ़ गया। वह बिना कुछ कहे नदी में डूबने के लिए चल दी। राजा अपनी रानी को बहुत प्रेम करता था। वह भी उसके पीछे-पीछे चल दिया। जब दोनों नदी के किनारे पहुँचे तो दूसरे किनारे पर एक लोमड़ अपनी पत्नी लोमड़ी को मार रहा था और कहता जा रहा था, “क्या तुम समझती हो कि तुम जो भी कहोगी, मैं वही करूँगा ? क्या तुमने मुझे इस देश का राजा समझा है जो अपनी रानी के मोह में अंधा होकर उसके पीछे-पीछे चला आ रहा है। यदि उसका यही हाल रहा तो एक दिन वह अवश्य ही मर जाएगा।”
यह सुनकर राजा की आंखें खुल गईं। वह रानी को नदी तट पर ही छोड़कर राजमहल लौट आया। जब रानी ने देखा कि राजा भी उस पर गुस्सा हो गया है और वह उसे नहीं मनाएगा तो वह भी लौट आई।
राजा ने उस निर्धन व्यक्ति को दरबार में बुलाया और कहा, “तुम्हारी तीनों शिक्षाएं सही हैं। अब मैं तुम्हें इनाम दूंगा ।”
राजा ने निर्धन व्यक्ति को बहुत-सा धन दिया। वह निर्धन व्यक्ति धनी होकर अपने गाँव लौट आया..!!
*🙏🙏🏿🙏🏻जय श्री कृष्ण*🙏🏾🙏🏽🙏🏼
[17/05, 5:02 am] +91 94583 58022: 1️⃣7️⃣❗0️⃣5️⃣❗2️⃣0️⃣2️⃣6️⃣
🌹🚩*आयुर्वेदिक दोहे ∥*
१Ⓜदही मथें माखन मिले, केसर संग मिलाय, होठों पर लेपित करें, रंग गुलाबी आय..
२Ⓜबहती यदि जो नाक हो, बहुत बुरा हो हाल, यूकेलिप्टिस तेल लें, सूंघें डाल रुमाल..
३Ⓜअजवाइन को पीसिये , गाढ़ा लेप लगाय, चर्म रोग सब दूर हो, तन कंचन बन जाय..
४Ⓜअजवाइन को पीस लें , नीबू संग मिलाय, फोड़ा-फुंसी दूर हों, सभी बला टल जाय..
५Ⓜअजवाइन-गुड़ खाइए, तभी बने कुछ काम, पित्त रोग में लाभ हो, पायेंगे आराम..
६Ⓜठण्ड लगे जब आपको, सर्दी से बेहाल, नीबू मधु के साथ में, अदरक पियें उबाल..
७Ⓜअदरक का रस लीजिए. मधु लेवें समभाग, नियमित सेवन जब करें, सर्दी जाए भाग..
८Ⓜरोटी मक्के की भली, खा लें यदि भरपूर, बेहतर लीवर आपका, टी.बी भी हो दूर..
९Ⓜगाजर रस संग आँवला, बीस औ चालिस ग्राम, रक्तचाप हिरदय सही, पायें सब आराम..
१०Ⓜशहद आंवला जूस हो, मिश्री सब दस ग्राम, बीस ग्राम घी साथ में, यौवन स्थिर काम..
११Ⓜचिंतित होता क्यों भला, देख बुढ़ापा रोय, चौलाई पालक भली, यौवन स्थिर होय..
१२Ⓜलाल टमाटर लीजिए, खीरा सहित सनेह, जूस करेला साथ हो, दूर रहे मधुमेह..
१३Ⓜप्रातः संध्या पीजिए, खाली पेट सनेह, जामुन-गुठली पीसिये, नहीं रहे मधुमेह..
१४Ⓜसात पत्र लें नीम के, खाली पेट चबाय, दूर करे मधुमेह को, सब कुछ मन को भाय..
१५Ⓜसात फूल ले लीजिए, सुन्दर सदाबहार, दूर करे मधुमेह को, जीवन में हो प्यार..
१६Ⓜतुलसीदल दस लीजिए, उठकर प्रातःकाल, सेहत सुधरे आपकी, तन-मन मालामाल..
१७Ⓜथोड़ा सा गुड़ लीजिए, दूर रहें सब रोग, अधिक कभी मत खाइए, चाहे मोहनभोग.
१८Ⓜअजवाइन और हींग लें, लहसुन तेल पकाय, मालिश जोड़ों की करें, दर्द दूर हो जाय..
१९Ⓜऐलोवेरा-आँवला, करे खून में वृद्धि, उदर व्याधियाँ दूर हों,जीवन में हो सिद्धि..
२०Ⓜदस्त अगर आने लगें, चिंतित दीखे माथ, दालचीनि का पाउडर, लें पानी के साथ..
२१Ⓜमुँह में बदबू हो अगर, दालचीनि मुख डाल, बने सुगन्धित मुख, महक, दूर होय तत्काल..
२२Ⓜकंचन काया को कभी, पित्त अगर दे कष्ट, घृतकुमारि संग आँवला, करे उसे भी नष्ट..
२३Ⓜबीस मिली रस आँवला, पांच ग्राम मधु संग, सुबह शाम में चाटिये, बढ़े ज्योति सब दंग..
२४Ⓜबीस मिली रस आँवला, हल्दी हो एक ग्राम, सर्दी कफ तकलीफ में, फ़ौरन हो आराम..
२५Ⓜनीबू बेसन जल शहद, मिश्रित लेप लगाय, चेहरा सुन्दर तब बने, बेहतर यही उपाय..
२६.Ⓜमधु का सेवन जो करे, सुख पावेगा सोय, कंठ सुरीला साथ में, वाणी मधुरिम होय.
२७.Ⓜपीता थोड़ी छाछ जो, भोजन करके रोज, नहीं जरूरत वैद्य की, चेहरे पर हो ओज..
२८Ⓜठण्ड अगर लग जाय जो नहीं बने कुछ काम, नियमित पी लें गुनगुना, पानी दे आराम..
२९Ⓜकफ से पीड़ित हो अगर, खाँसी बहुत सताय, अजवाइन की भाप लें, कफ तब बाहर आय..
३०Ⓜअजवाइन लें छाछ संग, मात्रा पाँच गिराम, कीट पेट के नष्ट हों, जल्दी हो आराम..
३१Ⓜछाछ हींग सेंधा नमक, दूर करे सब रोग, जीरा उसमें डालकर, पियें सदा यह भोग..।
*🌹🚩आरोग्य ज्ञान विकास*
[17/05, 5:07 am] +91 94583 58022: विश्व दूरसंचार दिवस आज
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संचार जीवन के लिए बेहद आवश्यक है आज के समय में तो संचार जीवन का पर्याय बन गया है। एक समय था जब किसी तक अपनी बात पहुंचान के लिए काफी सोचना समझना पड़ता था। यदि कोई बहुत जरुरी संदेश हो तभी वो किसी और तक पहुंचाया जाता था। आम आदमी तो किसी भी तरह का संदेश पहुंचाने की सोच भी नहीं सकता था। कभी राजा के सैनिक, दूत उनके संदेश लेकर दूसरे राज्य जाने में महीनों, सालों लगा देते थे वहीं आज स्थित बदल गई है। आज सालों तक में पहुंचने वाली बात एक क्षण में पहुंच जाती है।
क्या आप जानते हैं कि दूरसंचार क्या होता है?
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केबल, टेलीग्राफ या प्रसारण के माध्यम से दूरी पर होने वाले संचार को दूरसंचार कहते हैं। दूसरे शब्दों में, यह संकेतों, संदेशों, शब्दों, लेखों, चित्रों और ध्वनियों या किसी भी प्रकार की जानकारी का प्रसारण है। प्रौद्योगिकी के बिना संचार में शामिल पक्षों के बीच सूचना का आदान-प्रदान संभव नहीं है।
क्या आप जानते हैं कि संचार शब्द लैटिन शब्द 'कम्युनिकेशियो' से लिया गया है, जिसका अर्थ है सूचना के आदान-प्रदान की सामाजिक प्रक्रिया? चूंकि संचार में विभिन्न प्रौद्योगिकियां शामिल होती हैं, इसलिए दूरसंचार शब्द का प्रयोग बहुवचन रूप में किया जाता है।
इतिहास
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विश्व दूरसंचार दिवस 17 मई, 1865 को अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) की स्थापना की स्मृति में मनाया जाता है।
17 मई, 1969 को पहली बार विश्व दूरसंचार दिवस वार्षिक रूप से मनाया जाने लगा, जो आईटीयू की स्थापना और 1865 में पहले अंतर्राष्ट्रीय टेलीग्राफ कन्वेंशन पर हस्ताक्षर की याद दिलाता है। इसे 1973 में मलागा-टोरेमोलिनोस में पूर्णाधिकार सम्मेलन द्वारा स्थापित किया गया था।
नवंबर 2005 में, सूचना समाज पर विश्व शिखर सम्मेलन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा से 17 मई को विश्व सूचना समाज दिवस घोषित करने का आह्वान किया। मार्च 2006 में, महासभा ने एक प्रस्ताव पारित किया कि विश्व सूचना समाज दिवस प्रत्येक वर्ष 17 मई को मनाया जाएगा। अतः, 17 मई, 2006 को पहला विश्व सूचना समाज दिवस मनाया गया।
नवंबर 2006 में, तुर्की के अंताल्या में आयोजित आईटीयू पूर्णाधिकार सम्मेलन ने 17 मई को विश्व दूरसंचार और सूचना समाज दिवस को एक साथ मनाने का निर्णय लिया। इस विषय को परिषद द्वारा प्रतिवर्ष अपनाया गया और संचार को बेहतर बनाने के लिए विचारों और विधियों का आदान-प्रदान करके इसे मनाया जाता है।
हम इस तथ्य को नजरअंदाज नहीं कर सकते कि टेलीफोन, रेडियो और कंप्यूटर के उपयोग से हुए आधुनिकीकरण ने लोगों को करीब लाया है। किसी भी क्षेत्र में विकास के लिए यह आवश्यक है कि सूचना का प्रसार विश्व भर में हो। इसलिए, विश्व दूरसंचार और सूचना समाज दिवस संचार के विकास और सूचना के विश्व भर में प्रसार को समर्पित है।
महत्व:
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हर साल विश्व दूरसंचार और सूचना समाज दिवस मनाया जाता है ताकि इंटरनेट और अन्य सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) के उपयोग से समाज और अर्थव्यवस्थाओं को होने वाले लाभों के बारे में जागरूकता फैलाई जा सके और डिजिटल विभाजन को पाटने की रणनीतियों पर चर्चा की जा सके। इस आयोजन के कुछ प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार हैं:
प्रभावशीलता बढ़ाएँ
सहयोग को प्रोत्साहित करें
अपने कार्यस्थल में लचीलापन लाएं
समय कम करें
आमने-सामने की बातचीत बंद करें
व्यवसाय के संचार खर्चों में वृद्धि करें
हम इस तथ्य को नजरअंदाज नहीं कर सकते कि टेलीफोन, रेडियो और कंप्यूटर के उपयोग से हुए आधुनिकीकरण ने लोगों को करीब लाया है। किसी भी क्षेत्र में विकास के लिए यह आवश्यक है कि सूचना का प्रसार विश्व भर में हो। इसलिए, विश्व दूरसंचार और सूचना समाज दिवस संचार के विकास और सूचना के विश्व भर में प्रसार को समर्पित है।
[17/05, 5:50 am] +91 97692 90556: . *जय श्री राम*
*रविवार, 17 मई 2026 के मुख्य समाचार*
🔶मेजर जनरल बक्शी की गंभीर चेतावनीः कहा- “यह युद्ध रुकने वाले नहीं...नई महाभारत की ओर दुनिया, भारत हर परिस्थिति के लिए रहे तैयार”
https://whatsapp.com/channel/0029Vb3NVTT3mFY4cHm5wf07
🔶चीन दौरे के बाद बदले ट्रंप के सुर: ताइवान को दो टूक संदेश, बोले-आपके लिए 9500 मील दूर जाकर जंग नहीं लड़ेंगे
🔶इजराइली हमले से फिर दहला गाजा, हमास के सैन्य प्रमुख अल-हद्दाद सहित 7 फिलीस्तीनियों की मौत
🔶NEET paper leak case: CBI के हाथ बड़ी सफलता, प्रश्नपत्र तैयार करने वाली टीचर ने ही लीक था पेपर, गिरफ्तार
🔶ISIS के दूसरे सबसे बड़े कमांडर Abu-Bilal al-Minuki ढेर, US-Nigeria जॉइंट ऑपरेशन में बड़ी कामयाबी
https://whatsapp.com/channel/0029Vb3NVTT3mFY4cHm5wf07
🔶नीदरलैंड्स में बोले PM मोदी - दुनिया में वक्त बदला पर भारतीयों के संस्कार नहीं बदले
🔶नीदरलैंड्स ने लौटाईं 1000 साल पुरानी कॉपर प्लेट्स, PM मोदी बोले- हर भारतीय के लिए खुशी का पल
🔶सरकार बोली-चुनाव आयुक्त के चयन पैनल में जज जरूरी नहीं:SC से कहा- संविधान में ऐसा प्रावधान नहीं, जज को शामिल करना संसद का फैसला होगा
🔶केंद्रीय मंत्री बंदी संजय बोले-बेटे को पुलिस के हवाले किया:पुलिस बोली- सरेंडर नहीं, हमने पकड़ा; POCSO मामले में लुकआउट नोटिस जारी हुआ था
https://whatsapp.com/channel/0029Vb3NVTT3mFY4cHm5wf07
🔶हाईकोर्ट के फैसले के बाद भोजशाला में हनुमान-चालीसा पाठ हुआ:मां वाग्देवी की पूजा हुई, श्रद्धालु बोले- सालों बाद बिना रोक-टोक दर्शन हो रहे
🔶'डार्लिंग तुम्हारे लिए पेपर आउट किया, आकर मिलो':लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने छात्रा को कॉल करके मिलने का दबाव बनाया; गिरफ्तार
🔶 *सेना प्रमुख बोले- पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देना बंद करे:तय करे कि दुनिया के नक्शे पर बने रहना है या इतिहास बनना है*
🔶बंगाल के आसनसोल में पुलिस चौकी में तोड़फोड़-पथराव:पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी; लाउडस्पीकर की आवाज कम करने के निर्देश के बाद हंगामा
https://whatsapp.com/channel/0029Vb3NVTT3mFY4cHm5wf07
🔶 *आंध्र प्रदेशः तीसरे बच्चे पर 30 हजार, चौथे पर 40 हजार रुपए देगी सरकार: चंद्रबाबू नायडू-बोले राज्य में जन्म दर बढ़ाने की जरूरत, कम जनसंख्या से अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ा*
🔶9वीं-10वीं में 3 भाषाएं पढ़नी होंगी, CBSE का नोटिफिकेशन जारी:1 जुलाई से लागू होगा; इस साल10वीं में थर्ड लैंग्वेज का पेपर नहीं होगा
🔶PM मोदी बोले- विदेश यात्राओं पर टैक्स की खबरें गलत:विदेश जाने पर रोक नहीं; 5 दिन पहले कहा था- विदेश यात्राओं से बचें
🔶देश में पहली बार पकड़ी गई 'जिहादी ड्रग', NCB ने जब्त की 182 करोड़ की कैप्टागॉन, गृह मंत्री अमित शाह ने दी बधाई
https://whatsapp.com/channel/0029Vb3NVTT3mFY4cHm5wf07
🔶'ईरान के पास नहीं हो सकता परमाणु हथियार', चीन दौरे के बाद ट्रंप का दावा; चिनफिंग ने होर्मुज खोलने पर जताई सहमति
🔶‘सिक्किम में मुझे जो अपनापन मिला, वह मेरी यादों का हिस्सा बनकर रहेगा’ पीएम मोदी ने सिक्किम राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी
🔶प्रतीक की अस्थियां विसर्जित, अपर्णा फूट-फूटकर रोईं:हरिद्वार में बेटी ने कलश माथे से लगाया, 'आई लव पापा' का कार्ड प्रवाहित किया
🔷248 चेज नहीं कर पाई गुजरात, KKR ने 29 रनो से हराकर रोका शुभमन की सेना का 'विजयरथ', गिल-सुदर्शन की फिफ्टी बेकार
https://whatsapp.com/channel/0029Vb3NVTT3mFY4cHm5wf07
*आप का दिन शुभ और मंगलमय हो सुप्रभात....!*
जय हो🙏
[17/05, 6:24 am] +91 70096 01294: **कुंडली फलादेश मे नवांश*
समस्त ग्रहो के नवांश मे सूर्य फल
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सूर्य के नवांश मे सूर्य फल👉 जातक अभिमानी, कम सुखी, कलह प्रिय, ढीढ, चालक, प्रभावहीन, पराधीन, अनेक रोगो से ग्रस्त होता है।
चंद्र के नवांश मे सूर्य फल👉 जातक
निपुण, ज्ञानी, पुत्रवान, यशस्वी, धनवान, उच्च अधिकारियो का प्रिय, स्व पक्ष मे प्रधान होता है।
मंगल के नवांश मे सूर्य फल👉 जातक दरिद्र, रोगी, अपमानित, दीन-दुःखी, वायु रोग से पीड़ित, पाप कर्म मे रत, स्रियो का उपपति होता है।
बुध के नवांश मे सूर्य फल👉 जातक वात रोगी, शत्रुहंता, पुत्री से विशेष स्नेह करने वाला, सहज सुखी, भोग सुख में लिप्त रहने वाला होता है।
गुरु के नवांश मे सूर्य फल👉 जातक सत्यवादी, धनवान, तप मे अनुरक्त, आस्तिक, पुरूषार्थी, जितेन्द्रिय, सर्व सुख सम्पन्न होता है।
शुक्र के नवांश मे सूर्य फल👉 जातक वाहन युक्त, कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाला, बन्धुजनो मे प्रधान, विवेकी, धार्मिक, साहसी, शत्रु पक्ष को जीतने वाला होता है।
शनि के नवांश मे सूर्य फल👉 जातक पराजित, निर्धन, अल्प शांति वाला (अधीर) कामी, बंधुओ से रहित, दुष्ट, दुर्गति को प्राप्त, रोगी होता है।
सूत्र👉 यदि जन्मांग मे उच्च का सूर्य नवांश मे नीच का हो, तो राज पुत्र भी निर्धनता और दरिद्रता को प्राप्त होता है। (राजयोग भंग होता है।) यदि नवांश का सूर्य शक्तिशाली हो, तो जातक मनोहर, विचित्र माला और आभूषणो से युक्त, सुखी, शांतचित्त, निरोगी सुशील होता है। यदि सूर्य का नवांश या सूर्य नवांश मे बलहीन हो, तो जातक का प्रियजनो से वियोग होता है। जातक विष, अग्नि, शस्त्र, ज्वर, पित्त से पीड़ित, माता-पिता का अपमान करने वाला है।
समस्त ग्रहो के नवांश मे चंद्र फल
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सूर्य के नवांश मे चंद्र फल👉 जातक दुष्ट, चंचल, आचार भ्रष्ट, पापी, अल्प या नष्ट बुद्धि, शत्रु से पराजित होता है।
चंद्र के नवांश मे चंद्र फल👉 जातक रूपवान, सुभग, सुशील, स्त्री का सम्मान करने वाला, सर्वगुण सम्पन्न, विद्या विनित, मनुष्यो को प्रिय होता है।
मंगल के नवांश मे चंद्र फल👉 जातक नेत्र रोगी, दुबला, रोगी, अल्प साहसी, असफल, प्रेमी, अभागा होता है।
बुध के नवांश मे चंद्र फल👉 जातक सौम्य, सुखी देव, गुरु मे आसक्त, धनवान, यथार्थ ज्ञान मे पंडित, प्रसन्नचित्त गरिमायुक्त होता है।
गुरु के नवांश मे चंद्र फल👉 जातक नीतिज्ञ, सत्यवादी, विद्या विनित, मित्रो मे श्रेष्ठ, गुरुजनो और विद्वानो का कृपा भाजक होता है। रोग एवम भय व्याप्त रहता है।
शुक्र के नवांश मे चंद्र फल👉 जातक बहुत अधिक धनवान, पुण्य कमाने वाला, आथित्य प्रेमी, सुन्दर होता है।
शनि के नवांश मे चंद्र फल👉 जातक नवीन उपाधि प्राप्तक, अत्यंत कठोर बोलने वाला, विकृत स्वभाव वाला, पर धन लोभी, व्यसनी होता है।
सूत्र👉 चंद्र का नवांश या चंद्र नवांश मे चंद्र बलवान हो, तो जातक पुत्र, और वाहन से युक्त, सुकुमार देह वाला, निरोगी, सर्वकला सम्पन्न होता है। चंद्र का नवांश या चंद्र नवांश मे चन्द्रमा बलहीन होने पर जातक नीतिहीन, दुष्ट, भीरु, दुःखी, कृतघ्न राजा से दण्डित होता है।
समस्त ग्रहो के नवांश मे मंगल फल
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सूर्य के नवांश मे मंगल फल👉 जातक लोभी, बुरी स्त्री के वशीभूत या युवती से धायल, अधिक खाने वाला, भूक्कड़, अल्प सुखी, हृदय रोगी, धूर्त होता है।
चंद्र के नवांश मे मंगल फल👉 जातक सुन्दर, सुख और सम्मान से युक्त, मित्र, ब्राह्मण, अथिति का सत्कार करने वाला, शांत, स्त्री सम्मानी, भाइयो का हितैषी होता है।
मंगल के नवांश मे मंगल फल👉 जातक महा हिंसक, तलवार आदि के युद्ध मे निपुण, विकृत, दुराचारी, सज्जनो और साधुओ से द्वेषीला होता है।
बुध के नवांश मे मंगल फल👉 जातक विद्वानो का पूजक, धैर्यवान, धनवान, उदार, साहसी, सुभग, साधु स्वभाव वाला, सुखी, सौभाग्यशाली होता है।
गुरु के नवांश मे मंगल फल👉 जातक विभिन्न प्रकार के अन्न-पान करने वाला, रण कुशल, शूरवीर, साहसी, द्वीपो मे विचरण करने वाला, वाहन सुख वाला होता है।
शुक्र के नवांश मे मंगल फल👉
जातक प्रेम का लोभी, रतिक्रीड़ा प्रेमी, सुभाषी, मित्र व गुरु से प्रीतिवान, सुधर्म मे रत, बहुत से नोकरो युक्त होता है।
शनि के नवांश मे मंगल फल👉 जातक बहुत से पापो मे रत, गुप्त व नेत्र रोगी, आलोचक, दुष्ट, स्त्री विहीन, व्यर्थ बोलने और तर्क करने वाला होता है।
सूत्र👉 यदि मंगल का नवांश बलि हो, तो जातक ब्राह्मण-देव पूजक, शूर, कीर्तिवान, स्त्रियो को आश्रय देने वाला, विद्या प्राप्त नृप तुल्य होता है। मंगल का नवांश बलहीन होने पर जातक रोगी, पीड़ित, शत्रुओं से हानि और दुःख मित्रो से अपमानित होता है।
समस्त ग्रहो के नवांश मे बुध फल
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सूर्य के नवांश मे बुध फल👉 जातक पापी, विकृत, स्त्री सुख से हीन, कलह प्रिय, जुआरी, चोर, दुराचारी, दुश्चरित्र हतोत्साहित होता है।
चंद्र के नवांश मे बुध फल👉 जातक सुन्दर मुख, उदार चेष्टा वाला, शत्रुओ पर विजयी, ख्याति प्राप्त, मित्र और स्त्रियो का सम्मान करने वाला होता है।
मंगल के नवांश मे बुध फल👉 जातक रक्त रोगी, दुःखी शरीर, कुतर्क करने वाला, मित्रो का अनिष्ट करने वाला, राजा से पीड़ित, द्वेषी, दुष्ट होता है।
बुध के नवांश मे बुध फल👉 जातक सौम्य, सुरूप, सुभग, ऐश्वर्यशाली, देवता ब्राह्मण का सम्मान करने वाला, प्रसन्न चित्त, अतिथि प्रिय, सबका प्रिय होता है।
गुरु के नवांश मे बुध फल👉 जातक अनेक प्रकार से से धनी, प्रतापी, सुमित्रो से युक्त, सुशील, सदाचारी होता है।
शुक्र के नवांश मे बुध फल👉 जातक विविध धनो से युक्त, इच्छित पुत्र संतति वाला, विद्वानो का पूजक, मित्रवान, हमेशा उदार चेष्टा वाला होता है।
शनि के नवांश मे बुध फल👉 जातक निरोगी, कुशिल्पी, धर्म विरोधी, आधार हीन, दूसरो की स्त्री मे आसक्त, गुण हीन, पर धन लोभी होता है।
सूत्र👉 नवांश मे बुध प्रबल होने पर जातक पवित्र, क्षमा व सत्य मे रत, कृतज्ञ, धन वैभव सर्व सुख संपन्न होता है। नवांश मे बुध निर्बल होने पर जातक कठोर बोलने वाला, विमुक्त देह, भाइयो का अहित करने वाला, घृणित, दुश्चरित्र, निंदनीय, क्रूर, निर्दयी होता है।
समस्त ग्रहो के नवांश मे गुरु फल
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सूर्य के नवांश मे गुरु फल👉 जातक नौकर, दास, कुकर्मी, अति दुष्ट, धन विहीन, भीरु, क्रोधी (प्रचण्ड) होता है।
चंद्र के नवांश मे गुरु फल👉 जातक सुभग, मनोहर, अथिति प्रेमी, मनुष्यो से प्रेम करने वाला, प्रसन्नचित्त, स्त्रियो का हित चाहने वाला हॉता है।
मंगल के नवांश मे गुरु फल👉 जातक मुख रोग से पीड़ित, भयभीत रहने वाला (भीरु) अति दुष्ट, व्यसनी, खुले मे आम पाप करने वाला होता है।
बुध के नवांश मे गुरु फल👉 जातक दयावान, मनोहर, धर्म मे रत, धनवान, सुन्दर वेश धारण करने वाला, शास्त्रार्थ (साहित्यिक , वादविवाद) निपुण होता है।
गुरु के नवांश मे गुरु फल👉 जातक राजा के समान सुखी, धनवान, स्त्री-पुत्र से सुखी, शस्त्रार्थ करने मे माहिर, सुरुचि संपन्न, सुयोग्य लोगो से युक्त होता है।
शुक्र के नवांश मे गुरु फल👉 जातक सुखी, यशस्वी, तेजस्वी, कृतज्ञ, पुण्यात्मा, धार्मिक आस्था युक्त, गुणवान, सदाचारी होता है।
शनि के नवांश मे गुरु फल👉 जातक आंख, नाक, कान रोग से रोगी, व्यसनी, अल्पबुद्धि, आपदाग्रस्त, धन विहीन, प्रतापहीन, राजा से पीड़ित होता है।
सूत्र👉 नवांश मे गुरु के बलहीन होने पर जातक भयभीत, दुःखी, पापी, दीन, बुद्धि विहीन, सुखहीन, अज्ञात भय (भूत-प्रेत) से पीड़ित, शोकयुक्त होता है। यदि नवांश मे गुरु वर्गोत्तम या मित्रक्षेत्री हो, तो जातक सद्चरित्र, जीवन साथी के प्रति निष्ठावान होता है। यदि नवांश मे स्वराशिस्थ या उच्चराशिस्थ हो, तो दो या तीन या अधिक प्रणय (विवाह) होते है।
समस्त ग्रहो के नवांश मे शुक्र फल
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सूर्य के नवांश मे शुक्र फल👉 जातक व्याकुल, भीरु, निष्क्रिय, अल्प शक्ति वाला, ठग, सुख हीन, आडम्बर करने वाला, षड्यंत्रकारी, शत्रुओ से भयभीत रहता है।
चंद्र के नवांश मे शुक्र फल👉 जातक पुत्रवान, सुन्दर सुशील पत्नी वाला, धन-धान्य प्राप्त करने वाला, निर्बल शत्रु वाला, बंधुओ से प्रेम करने वाला होता है।
मंगल के नवांश मे शुक्र फल👉 जातक ईर्ष्यालु, रक्त रोगी, द्वेषी, असामाजिक तत्वो और सरकार से पीड़ित, बईमान होता है। यदि जन्मांग या नवांश मे मंगल और शुक्र युति हो या आपस मे दृष्टि योग या शुक्र मंगल के नवांश मे हो, तो जातक भग चुम्बन करता है या मुख से रति करता है।
बुध के नवांश मे शुक्र फल👉 जातक उत्कृष्ट बुद्धिमान, धार्मिक, तीर्थ स्थान मे आश्रय लेने वाला, देव-गुरु भक्त, अथिति प्रिय, नियमित जीवन व्यापन करने वाला होता है।
गुरु के नवांश मे शुक्र फल👉 जातक देव ब्राह्मणो का सम्मान करने वाला, विवेकी, ज्योतिष शास्त्र जानने का इच्छुक, नृप प्रिय, भाईओ से प्रेम रखने वाला होता है।
शुक्र के नवांश मे शुक्र फल👉 जातक आध्यात्म विद्या मे रत, स्वधर्मी, बुद्धिमान, शत्रुओ को जीतने वाला, शत्रु भय मुक्त, व्रत शील होता है।
शनि के नवांश मे शुक्र फल👉 जातक रोगी, दुःखी, दरिद्र, पत्नी और पुत्र से त्यागा हुआ, पीड़ित, नीचजनो से सम्बन्ध रखने वाला होता है
सूत्र👉 शुक्र के नवांश या शुक्र नवांश मे बलवान (स्वक्षेत्री, उच्च, मित्रक्षेत्री, वर्गोत्तम) होने पर जातक शत्रुहंता, यज्ञ प्रिय, दान दाताओ मे प्रसिद्ध, दोष मुक्त, कुल या समुदाय मे प्रधान होता है। शुक्र नवांश बलहीन होने पर जातक अज्ञात भय से पीड़ित, क्रूर, मिथ्यावादी, झगड़ालू, सत्य धन से विहीन, द्वेषी, मित्रहीन होता है। जन्मांग या नवांश में शुक्र शनि से युत या दृष्ट या शनि के नवांश मे हो, तो जातक अप्राकृतिक मैथुनी (मुख, गुदा, पशु, सम लैंगिक आदि) होता है।
समस्त ग्रहो के नवांश मे शनि फल
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सूर्य के नवांश मे शनि फल👉 जातक तीव्र क्रोधी, हिंसक, नष्ट, अच्छे लोगो से रहित, द्वेषी, तुनुक मिजाजी, विध्वंशकारी, अपमानित होता है।
चंद्र के नवांश मे शनि फल👉 जातक सुन्दर स्त्री वाला, शास्त्रो मे अनुरक्त, यज्ञ करने कराने वाला, दान शील, जितेन्द्रिय, विज्ञान अनुसन्धानी, मन्त्र विद्या मे श्रेष्ट होता है।
मंगल के नवांश मे शनि फल👉 जातक अश्लील भाषी, पर निंदक, पराई स्त्री मे आसक्त, ठगी करने वाला, विधर्मी, मित्र विहीन, कुवेशी (मैले वस्त्र पहिनने वाला) होता है।
बुध के नवांश मे शनि फल👉 जातक सुख व भोग से तृप्त, सुन्दर, शुभ लाभ से युक्त, विधिज्ञ (क़ानूनवेत्ता, वकील) अथिति प्रिय, यज्ञ करने वालो मे प्रधान (यज्ञाचार्य) होता है।
गुरु के नवांश मे शनि फल👉 जातक धर्म मर्मज्ञ, शास्त्रो के मनन चिन्तन मे रत, विद्या या ज्योतिष ज्ञाता, विवेकी, प्रसन्नचित्त, प्रचुर अन्न दान करने वाला होता है।
शुक्र के नवांश मे शनि फल👉 जातक तीर्थो का आश्रय लेने वाला, इष्टधर्मी, गुरुजनो का कृपापात्र, बुद्धिमान, विद्वान्, इष्ट मतिवाला, मनोहर होता है।
शनि के नवांश मे शनि फल👉 जातक दानी, भोगी, सुन्दर पत्नी का उपभोग वाला, हमेशा सुखी, शत्रु से विजयी, स्थिर, उदार, साहसी होता है।
सूत्र👉 मतान्तर - नवांश मे शनि बलहीन हो, तो जातक बहुत से शस्त्र युक्त, पूर्व उम्र मे हिंसक, धन-धान्य संपन्न, कल्याणप्रद, विविध विषय का ज्ञाता होता है।
क्रमश:...
अगले लेख में हम मानसागरी अनुसार नवांश फल के विषय मे चर्चा करेंगे।
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*में आपका स्वागत है।**
*संपर्क सूत्र!*
*पंडित अमन कालिया भारद्वाज।*
📞 *7009601294*
[17/05, 6:33 am] +91 82870 10898: Trump has issued orders to set fire to India and overthrow the government. The country is moving towards danger. The information given below should reach every Indian within 24 hours. What is 'Operation 37'? Why is India facing such a big threat today? It is really true. 'Operation 37' of the country's enemies and traitors has started with the aim of overthrowing the Modi government. The US President has given 12 months time to CIA and Deep State to remove Modi. The traitors have already planned to divide people on caste and regional lines, disturb public peace through misleading movements and use false allegations like fake voting as an excuse. The case of Jagdish Dhankhar is an example of this. Their aim is to break at least 37 BJP MPs and create divisions in the BJP – sometimes in the name of tax, sometimes in the name of reservation, sometimes through compromised farmer leaders. The Hindu protests in South India and Maharashtra, as well as the statements of some leaders about eating beef on Janmashtami, are further examples of this.
Especially a deliberate attempt is being made to divide Hindus. Apart from this, efforts are being made to provoke Pakistan and drag India into a long war like Ukraine-Russia dispute, which is ruining the economy.
If the opposition, the deep state and Trump fail to remove Modi within 12 months, then it is safe to say that they will not hesitate to launch a lethal attack on him because India's progress is leading to America's decline. Today America does not want to see India's development.
India is going through its most difficult times. Hindus should become more united to save the country and themselves. The other party will never be with you, because their aim is to complete Ghazwa-e-Hind.
Hindus, wake up, unite, be careful, and keep your relatives, friends and neighbors also careful.
Please read this and forward it to your friends, groups, acquaintances and all their contacts. Everyone should ensure that it reaches at least 1,000 people. The domino effect of your efforts will be that in one week it will reach 100 million people, and in three weeks it will reach 1 billion people. 👍👍
[17/05, 6:47 am] +91 76075 38239: Please Everyone Max Repost
सुबह से मन विचलित है उलझन में है,,सोच सोचकर
परेशान है कि मोदीजी को कुछ हो गया तो?
लेकिन देश की इस बेटी ने मेरे साथ करोड़ों लोगों के मन की बात कह दी
माना कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है लेकिन हमारे लिए
आपकी सुरक्षा भी जरूरी है
क्योंकि देशप्रेमी बहुत है,, कमी दुश्मनों की भी नहीं है
आपकी अपील पर हम ईंधन बचा लेंगे,कम में गुजारा भी कर लेंगे लेकिन आप अपनी सिक्योरिटी से समझौता मत करिए
आप सिर्फ एक प्रधानमंत्री नहीं है आप देश की उम्मीद है,, विश्वास है,,हौसला है,,हिम्मत है,,और सहारा है
आप वो छत है जो भारत को कड़ी धूप और बारिश
में रक्षा की छांव देती है!
Please मोदीजी हमारी विनती का स्वीकार कर
अपनी सुरक्षा वापस बढ़ा दीजिए।
[17/05, 7:19 am] +91 97692 90556: . 🚩 जय श्री राम 🚩
*17 मई, रविवार सुबह तक के मुख्य समाचार*
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https://whatsapp.com/channel/0029Vb3NVTT3mFY4cHm5wf07
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🔸 *आज से 15 जून तक अधिकमास यानी पुरुषोत्तम मास*, इस अवधि में नहीं होंगे विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, जनेऊ जैसे मांगलिक कार्य, भगवान विष्णु -शिव की आराधना, पूजा-पाठ, दान-पुण्य व कथा-श्रवण का रहेगा महत्व
https://whatsapp.com/channel/0029Vb3NVTT3mFY4cHm5wf07
🔸 *राजस्थान मौसम अपडेट:* राज्य मे गर्मी से थोड़ी राहत, पर बढ़ी उमस, कल उदयपुर में दिन में तापमान 40 और रात को 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज, दिन में चित्तौड़गढ@42.4, राजसमंद@38.8
🔸 प्रतापगढ़ के धमोतर थाना क्षेत्र में *ट्रेलर ने बाइक को मारी टक्कर*, 3 युवकों की मौत, 30 फीट दूर उछल कर गिरे, किसी की भी नहीं हो पाई पहचान
🔸 उदयपुर में ब्रह्मपोल मस्जिद के पास *निगम की संपत्ति को कराया कब्जा मुक्त*, बंद पड़े कमरों में बोर्ड, झंडे और सामान रखकर बाहर से लगा दिया था ताला
https://whatsapp.com/channel/0029Vb3NVTT3mFY4cHm5wf07
🔸 *चांदी के आयात पर सरकार ने लगाई पाबंदी,* आदेश तत्काल प्रभाव से लागू
🔸 *बंगाल में बुलडोजर एक्शन*, हावड़ा स्टेशन के बाहर JCB चलाकर आधी रात में हटाया गया अतिक्रमण
🔸आंध्र प्रदेश में *ज्यादा बच्चा पैदा करने वालों को सरकार का तोहफा*, मिलेंगे हजारों रुपये
🔸 एमपी: धार में *भोजशाला में साल भर पूजा कर सकेंगे हिंदू*, टाइटल से 'मस्जिद' शब्द हटा
https://whatsapp.com/channel/0029Vb3NVTT3mFY4cHm5wf07
🔸 महाराष्ट्र: *मराठा आरक्षण को लेकर मनोज जरांगे का अल्टीमेटम*, 30 मई से भूख हड़ताल का ऐलान
🔸*'तूफान से पहले की शांति*', मध्य-पूर्व में तनाव के बीच ट्रंप की युद्धपोतों वाली रहस्यमयी पोस्ट वायरल
🔸 थाईलैंड: बैंकाक में *ट्रेन ने पब्लिक बस को मारी जोरदार टक्कर*, 8 लोगों की मौत
🔸 सीबीएसई: *अब 9वीं-10वीं में तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य*, 1 जुलाई से लागू होगा नियम
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🔸 *अजब गजब न्यूज़*: हैदराबाद के नेन्नल में एक बैंक में घुसा चोर, नोट उड़ाने का था इरादा, पूरी रात बैंक में चोर ने की मेहनत, कभी लॉकर खींचा, कभी तोड़ा, कभी पकड़ा माथा, हालत ऐसी कि चोरी कम, जिम में वर्कआउट लगने लगा ज्यादा, पर लाख कोशिशों के बाद भी नहीं हाथ लगा एक भी रुपया, चोर मानसिक रूप से इतना गया टूट कि जाते-जाते बैंक को देकर गया फीडबैक, बैंक है बहुत सुरक्षित, नहीं मिला एक भी रुपया, इसलिए मुझे मत पकड़ना, सुबह बैंक कर्मचारी पहुंचे तो अंदर का हाल देखकर उनके उड़े होश, लेकिन पैसे और लॉकर सुरक्षित देख उनमें फिर आया जोश, पुलिस आई, सीसीटीवी में दिखी चोर की पूरी रात की मेहनत, बोले लोग- इतनी मेहनत अगर सरकारी नौकरी की तैयारी में कर लेता तो आज बैंक लूटने नहीं, बैंक में होता बैठा, पूरी रात मेहनत की, फिर भी हाथ लगा ना माल, जाते-जाते चोर रिव्यू दे गया ‘सिक्योरिटी है कमाल!’
🔸 उदयपुर में *घर में चला रहा था जुए का अड्डा*, मुख्य आरोपी समेत 16 गिरफ्तार, सूरजपोल के अस्थल मंदिर के पीछे की घटना
🔹 *आईपीएल 2026*: कोलकाता ने गुजरात को 29 रनो से दी मात, आज दो मैच, पहले में बेंगलुरु-पंजाब और दूसरे में राजस्थान-दिल्ली की भिड़ंत
*आपका दिन शुभ और मंगलमय हो, NEWS HEADLINES की तरफ से सुप्रभात*🙏🏽🙏🏽
https://whatsapp.com/channel/0029Vb3NVTT3mFY4cHm5wf07
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[17/05, 7:26 am] +91 94373 28610: *सुबह की देश राज्यों से बड़ी खबरें*
https://whatsapp.com/channel/0029Vb3NVTT3mFY4cHm5wf07
*17- मई - रविवार*
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*1* तकनीक, शिक्षा, सेहत और खनिज, नीदरलैंड दौरे पर PM मोदी की मौजूदगी में 17 बड़े फैसले; सेमीकंडक्टर पर भी साझेदारी
https://whatsapp.com/channel/0029Vb3NVTT3mFY4cHm5wf07
*2* PM मोदी ने डच कंपनियों को दिया भारत में निवेश का न्योता,बोले-भारत अब दुनिया की ग्रोथ का इंजन
*3* NEET विवाद: राहुल का केंद्र पर बड़ा हमला, कहा- पेपर लीक गठजोड़ का नतीजा, शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग
*4* CBSE: सीबीएसई का बड़ा फैसला, क्लास 9-10 के लिए तीन भाषाएं अनिवार्य; कक्षा नौ के लिए एक जुलाई से होगा लागू
*5* नीट-यूजी पेपर लीक: एनटीए से जुड़े सरकारी अधिकारी तक पहुंची सीबीआई जांच की आंच, लाखों रुपये में बंटे थे सवाल
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*6* गढ़चिरौली में CRPF और पुलिस का ऑपरेशन अंतिम प्रहार: 8 नक्सली गिरफ्तार, 5 ने डाले हथियार; अब रिकॉर्ड में कोई भी वांटेड माओवादी नहीं
*7* सरकार बोली-चुनाव आयुक्त के चयन पैनल में जज जरूरी नहीं, SC से कहा- संविधान में ऐसा प्रावधान नहीं, जज को शामिल करना संसद का फैसला
*8* केंद्रीय मंत्री बंदी संजय बोले-बेटे को पुलिस के हवाले किया, पुलिस बोली- सरेंडर नहीं, हमने पकड़ा; POCSO मामले में लुकआउट नोटिस जारी हुआ था
*9* जनसंख्या बढ़ाने के लिए 'कैश ऑफर'! आंध्र प्रदेश में तीसरा बच्चा होने पर मिलेंगे 30 हजार, चौथे बच्चे पर 40 हजार रुपये, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू का बड़ा ऐलान
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*10* चांदी के आयात पर सरकार ने पाबंदी लगाई, अब विदेश से मंगाने के लिए लाइसेंस जरूरी; 3 दिन पहले इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाई थी
*11* दिल्ली - 128 करोड़ के जीएसटी घोटाले में छह गिरफ्तार, 50 फर्जी कंपनियों का सिंडिकेट बेनकाब; 51 लाख रुपये जब्त
*12* कोई घूस लेते पकड़ा गया तो सीधा जेल भेजो, शुभेंदु अधिकारी का बंगाल पुलिस को निर्देश
*13* महाराष्ट्र के अमरावती-वर्धा में तापमान 46°C, देश में सबसे गर्म, गुजरात के जंगल सफारी में जानवरों के लिए AC; राजस्थान में आज से फिर हीटवेव
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*14* IPL-गुजरात 5 जीत के बाद हारी, कोलकाता 29 रन से जीती, एलन ने 93 रन बनाए; गिल के 85 रन काम नहीं आए
*15* इस बार केरलम में जल्दी पहुंचेगा मानसून, उत्तर भारत को अभी राहत नहीं; दिल्ली-NCR और पंजाब में लू का अलर्ट
*16* ईरान होर्मुज के लिए जल्द नया ट्रैफिक सिस्टम लाएगा, कहा- खास सर्विस के लिए टैक्स लगेगा; UAE और ओमान पर हमले की धमकी
*17* ट्रम्प के बाद अब पुतिन भी चीन जाएंगे, चीनी मीडिया बोली- यह ट्रम्प के दौरे से ज्यादा अहम, अमेरिकी राष्ट्रपति की यात्रा दिखावटी थी
https://whatsapp.com/channel/0029Vb3NVTT3mFY4cHm5wf07
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[17/05, 7:52 am] +91 92570 38122: एक एक्टर हमेशा एक्टर ही रहेगा
जैसे एक कॉमेडियन हमेशा कॉमेडियन ही रहेगा
जिसका उदाहरण पंजाब और यूक्रेन है
मुख्यमंत्री कार्यालय में कई कक्ष बने होते हैं जिसमें एक डाइनिंग कक्ष होता है जहां पर आप बैठकर भोजन कर सकते हैं
लेकिन एक एक्टर को एक्टिंग करनी है वीडियो बनाना है रिल्स बनाना है तो वह उस टेबल पर भी भोजन कर सकता है जिस केवल पर उसे काम करना होता है
अभी तो यह शुरुआत है आगे आगे देखिए क्या होता है
[17/05, 7:52 am] +91 92570 38122: भोजशाला पर हाई कोर्ट के फैसले पर कांग्रेस के पेट में मरोड़ होने लगा
कांग्रेस को इस बात का दुख है की भोजशाला को हिंदू मंदिर क्यों बताया उसे मस्जिद क्यों नहीं बताया
अब कांग्रेस कह रही है कि मुस्लिम पक्ष को निश्चित तौर पर सुप्रीम कोर्ट जाएगा क्योंकि हाई कोर्ट ने मुसलमान के साथ गलत किया है
इसीलिए मैं बार-बार कहता हूं कि जो हिंदू कांग्रेस का समर्थक है वह हिंदू हो सकता है क्या
[17/05, 7:52 am] +91 92570 38122: यह कांग्रेसी चमचे भूल जाते हैं की 10 साल मनमोहन सरकार के समय में 40 बार डीजल और पेट्रोल की कीमत बढ़ाई गई
और गैस सिलेंडर पर राशन कोटा सिस्टम लगा दिया गया यानी साल में सिर्फ 6 सिलेंडर ही मिलेंगे बाकी के सिलेंडर आपको तीन गुने कीमत पर मिलेंगे
जब 2004 में मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बने थे तब पेट्रोल की कीमत ₹36 थी और मात्र 10 साल में मनमोहन सिंह ने ₹36 को 76 रुपए तक पहुंचा दिया
यानी दोगुनी से भी ज्यादा महंगा कर दिया और नरेंद्र मोदी जी के समय में 10 साल में सिर्फ 3 बार डीजल और पेट्रोल के रेट में बदलाव हुआ जिसमें से एक बार 8 रुपये कम किया गया और 2 बार बढ़ाया गया
[17/05, 7:52 am] +91 92570 38122: आज भले ही लोग नीतीश कुमार के बेटे की शारीरिक हालत का मजाक उड़ा रहे हो,
लेकिन फिर भी ये शख्स बिरला इंस्टीट्यूड ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT) से निकला इंजीनियर है,
कम से कम चारा चोर के बेटे की तरह 7 वी फेल तो नहीं है,
आज ये शारीरिक क्षमता से भले ही कैसे भी हो लेकिन व्यवहार के कोमल,ओर सभ्य पुरुष तो है....!
[17/05, 7:52 am] +91 92570 38122: प्रधानमंत्री के आवाहन के पश्चात् भारत का फॉरेन रिजर्व एक सप्ताह में ही 6.295 अरब डॉलर बढ़ गया जो कि पिछले 2 महीने से लगातार कम हो रहा था और 728 अरब डॉलर से 690 पर आ गया था अब वापस 696 अरब डॉलर पर पहुंच गया है एवं सोने का भण्डार भी 120 अरब डॉलर पहुँच गया है
यह हम सब भारतीयों की ताकत है अगर हम भारतीय प्रधानमंत्री जी के आवाहन को एक वर्ष तक अपना लें तो भारत का फॉरेन रिजर्व 1000 अरब डॉलर के आसपास पहुंच जाएगा एवं रुपए की स्थिति और मजबूत हो जाएगी जो देश को भविष्य में मजबूती की ओर बढ़ाएगी इसलिए देशहित में प्रधानमंत्री जी के आवाहन का पालन करें
धन्यवाद
[17/05, 7:52 am] +91 92570 38122: 90 के दशक में अटल जी ने कहा था कि आपको भाजपा से लड़ना है आप बीजेपी से लड़िये
आप भगवान राम से मत लड़िये
लेकिन विपक्ष ने अटल जी की सलाह नहीं मानी और यह भगवान राम से लड़ते रहे
और आज भी विपक्ष भगवान राम से ही लड़ रहा है हिंदुओं से ही लड़ रहा है
[17/05, 7:52 am] +91 92570 38122: यह कांग्रेस के बड़े नेता पूर्व मंत्री पूर्व सांसद हुसैन दलवाई है
यह कह रहे हैं कि भारत से सनातन धर्म खत्म होना चाहिए स्टालिन ने जो कहा वह बिल्कुल सच कहा सनातन धर्म हर हाल में मिटना चाहिए
सोचिए कांग्रेस को मोदी से लड़ना है और कांग्रेस सनातन और हिंदू धर्म से लड़ रही है
फिर जब नतीजे आएंगे तब राहुल सहित पूरी कांग्रेस घाघरा और लहंगा उठा कर वोट चोरी वोट चोरी चिल्लाएंगे
[17/05, 7:52 am] +91 92570 38122: 16 मई 2014
यानी ठीक आज का दिन जब राहुल गांधी की पहली हार हुई थी और यह हर 12 साल में बढ़ते बढ़ते शतक बन गया
😂😂
2014 लोकसभा चुनाव मनमोहन सरकार की देखरेख में हुए थे
और उस वक्त 80% राज्यों में या तो कांग्रेस सत्ता में थी या विपक्षी दल सत्ता में थे
सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश और बिहार में भी विपक्षी दल सत्ता में थे
मोदी जी गुजरात के मुख्यमंत्री थे फिर भी पूरे भारत में कांग्रेस का सफाया हो गया
लेकिन ने एक बार भी नहीं कहा कि मनमोहन सिंह ने साजिश करके मोदी को जिताया है
मनमोहन सिंह ने वोट चोरी करके मोदी को जिताया है मनमोहन सिंह ने ईवीएम में सेटिंग करवा कर मोदी को जिताया है
[17/05, 7:52 am] +91 92570 38122: आज डीजल पेट्रोल ₹3 बढ़ाने पर चमचे इस तरह से छाती पीट रहे हैं जैसे इनकी वो हो गई
मनमोहन सिंह सीधे ₹14 बढाते थे और 7.50 रुपये तो उन्होंने तीन बार बढ़ाये
फिर शाम को नेशनल चैनल पर रहते थे की देशवासियों पैसे पेड़ पर नहीं उगते पेट्रोल और डीजल के रेट बढ़ना जरूरी है
उसके बाद सारे कांग्रेसी दोगले पेट्रोल और डीजल महंगा होने के फायदे बताते थे
[17/05, 7:52 am] +91 92570 38122: आज कांग्रेसी 3 डीजल और पेट्रोल की कीमत बढ़ने पर ये लहंगा और घाघरा उठाकर डांस कर रही है
मनमोहन सिंह ने एक झटके में डीजल और पेट्रोल की कीमत 15 ₹15 1 बढ़ाये थे
तथा गैस सिलेंडर पर कोटा सिस्टम लगा दिया यानी साल में सिर्फ 6 सिलेंडर मिलेंगे उसके बाद का सिलेंडर अगर आपको चाहिए तो तीन गुने कीमत पर मिलेगा
उसके बाद मनमोहन सिंह जो उसे वक्त प्रधानमंत्री थे वह विस्तार से बता रहे हैं कि डीजल और पेट्रोल की कीमत तथा रसोई गैस की कीमत क्यों बढ़नी जरूरी है
● 80% गैस और तेल हम बाहर से इंपोर्ट करते हैं
● सरकार अब बोझ नहीं सह सकती
●पैसे पेड़ पर नहीं उगते
कांग्रेसीयो यह वीडियो देख लेना
[17/05, 8:09 am] +91 94263 33321: _*।। पुरुषोत्तम मास महिमा ।।*_
पुरुषोत्तम मास स्वयं पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान श्रीहरि का ही स्वरूप है। इस मल मास को स्वयं भगवान ने अपना लोक मंगलकारी नाम प्रदान करके पुरुषोत्तम मास बनाकर कलिकाल में लोकमंगल हेतु प्रतिष्ठित किया है। इस पावन मास में किया गया कोई भी सद्कर्म निश्चित ही अक्षय पुण्य फल प्रदायक हमारे शास्त्रों में बताया गया है। इस मास की एक विशेषता यह भी है, कि इसमें किया गया न्यून पुण्य कर्म भी अनंत गुना अधिक फलदायी होता है इसीलिए इसको *अधिक मास* के नाम से भी जाना जाता है।
*यत्किञ्चित्कुरुते धर्मं पुरुषोत्तममासके।*
*तदक्षयं भवेत्सर्वं न अत्र कार्या विचारणा॥*
मास पर्यंत इस पावन अवधि में यथा सामर्थ्य किसी श्रेष्ठ नियम का निष्ठापूर्वक पालन करके इस सौभाग्यशाली अवसर का लाभ लेकर अपने स्वयं के कल्याण के साथ-साथ अपने पितरों व पूर्वजों की सद्गति मार्ग भी प्रशस्त कर सकते हैं। इस पावन पुरुषोत्तम मास में प्रभु नाम का जप, कीर्तन, सुमिरण, दान, गंगा स्नान व दीपदान के साथ-साथ श्रीमद्भागवत, श्रीरामचरितमानस, श्रीमद्भगवद्गीता सहित अन्य सद्ग्रंथों का यथा संभव पाठ करते हुए इस समय को सफल करते हुए अपने जीवन को सार्थक करें।
*आज का दिन शुभ मंगलमय हो।*
[17/05, 8:10 am] +91 94263 33321: *🛕 विशेष ज्ञानामृत 🛕*
*17 मई से 15 जून तक पुरुषोत्तम मास नहीं किए जाएंगे मांगलिक कार्य -*
17 मई से पुरुषोत्तम मास आरंभ हो रहा है जो 15 जून तक
रहेगा । अतः इस महीने में सभी मांगलिक काम बिवाह, गृहप्रवेश आदि बंद हो जाते हैं।
आइए इस विषय पर एक सूक्ष्म चिंतन करें -
हिंदू धर्म में पुरुषोत्तम मास (अधिक मास या मलमास) को आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है, लेकिन सांसारिक मांगलिक कार्यों (जैसे विवाह, गृह प्रवेश) के लिए इसे वर्जित माना गया है। इसके शास्त्रीय कारण प्रमुख रूप से पौराणिक कथाओं और ज्योतिषीय गणना पर आधारित हैं: -
१. पौराणिक कारण स्वामी विहीन मास
2.
अधिपति विहीन मास
शास्त्रों के अनुसार, सौर वर्ष और चंद्र वर्ष में अंतर (लगभग 11 दिन) को पाटने के लिए हर तीसरे वर्ष एक अतिरिक्त महीना आता है। भारतीय ज्योतिष में बारह महीनों के बारह देवताओं (जैसे सूर्य, विष्णु, शिव) को स्वामी माना गया है। चूँकि यह अतिरिक्त मास (अधिक मास) होता है, इसलिए इसका कोई स्वामी देवता नहीं था।
*'मल मास' कहलाना:* स्वामी न होने के कारण इसे पहले 'मल मास' या 'अशुद्ध मास' माना जाता था, जिससे इसमें कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता था।
पुरुषोत्तम मास का नाम: पौराणिक कथा के अनुसार, जब मल मास की दुर्दशा हुई, तो वह भगवान विष्णु के पास गया। विष्णु जी ने कहा, "अब से मैं इस महीने का स्वामी हूँ और इसे 'पुरुषोत्तम मास' के रूप में जाना जाएगा,"। हालाँकि, इसका स्वभाव 'मलमास' वाला ही रहा, जिससे मांगलिक कार्य वर्जित माने गए।
२. ज्योतिषीय कारण .....
सूर्य संक्रांति का अभाव
संक्रांति न होना
ज्योतिषीय दृष्टि से, जब किसी महीने में सूर्य राशि परिवर्तन नहीं करते (सूर्य संक्रांति नहीं होती), तो उसे 'मलमास' या 'खरमास' कहा जाता है। पुरुषोत्तम मास में सूर्य किसी भी राशि में प्रवेश नहीं करते।
शुभता की कमी - ज्योतिष में शुभ कार्यों के लिए सूर्य की संक्रांति का होना अत्यंत आवश्यक माना गया है। चूँकि इस महीने में यह प्रक्रिया नहीं होती, इसलिए इसे मांगलिक कार्यों के लिए दोषपूर्ण या 'अशुभ' (अशुद्ध) समय माना जाता है।
३. आध्यात्मिक कारण..... पूजा-साधना के लिए समर्पित -*
4. कर्मकांड का विराम -शास्त्रों के अनुसार, पुरुषोत्तम मास का उद्देश्य सांसारिक सुख-सुविधाओं की शुरुआत करने के बजाय स्वयं को भगवान विष्णु की पूजा, दान, व्रत, और धर्म-कर्म (जैसे भगवद्गीता, भागवत कथा, तुलसी पूजन) में लगाना है।
सात्विक ऊर्जा: यह महीना मानसिक और आध्यात्मिक शुद्धि के लिए होता है। माना जाता है कि इस दौरान किए गए सकाम कर्म (कामना पूर्ति के लिए काम) का फल अच्छा नहीं होता, जबकि निष्काम पूजा का फल हजार गुना मिलता है।
पुरुषोत्तम मास में वर्जित मुख्य कार्य (१७ मई - १५ जून २०२६):
विवाह, सगाई
गृह प्रवेश
मुंडन संस्कार
यज्ञोपवीत (जनेऊ) संस्कार
नया व्यवसाय शुरू करना या कीमती संपदा खरीदना
निष्कर्ष ....
पुरुषोत्तम मास में मांगलिक कार्यों के बंद होने का मुख्य कारण स्वामी का अभाव और सूर्य संक्रांति का न होना है, जिसके कारण इसे विशुद्ध रूप से ईश्वर की आराधना के लिए ही उपयुक्त माना जाता है।
[17/05, 8:31 am] +91 63052 90836: *काले कलूटे कन्वर्टेड ईसाई विजय को तमिलनाडु की 90% हिंदू जनता वोट देके जिताए ताकि वो वहा का उद्धार कर सके ,,पर..*
वो हमे हर समय मिटाने की *योजना* बना रहे
कोई *मोहम्मद यूसुफ* से *दीलीप कुमार* बन जाता है तो कोई *जोसे फ विजय* से *विजय* बन जाता
ना ही हम तब पहचान पाए
ना ही हम आज पहचान पा रहे
और जो हमे *मिटाने* में लगे
हम उन सबसे *भाईचारा* निभाते घूम रहें..👆😡
*दिलीप कुमार उर्फ यूसुफ खान पाकिस्तान का टॉप का ISI एजेंट था जो हिंदुस्तान की खुफिया जानकारी पाकिस्तान को देता था जिसमें नेहरू का उसे खुला समर्थन था 👆😡,, प्रख्यात सनातनी विचारक सतीश चंद्र मिश्रा की indix ऑनलाइन की ये रिपोर्ट देखे और सच जाने..*👆😡
🙏🏍️🚩⚔️🏇🏼
*(स्टालिन की सेक्सी बेटी को कल ही पेला हु,खुदा कसम पलंग टूट गया)*
[17/05, 8:34 am] +91 90393 48095: *इंडी गठबंधन और चमचों ने प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्राओं का मज़ाक उड़ाया था। अब वही यात्राएँ भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मज़बूत कर रही हैं।*
*UAE भारत में तीस मिलियन बैरल क्रूड ऑइल स्टोर करेगा*
*• ये उसका आपातकालीन रिजर्व होगा*
*• UAE इसका किराया भारत को देगा*
*• भारत भी इसका उपयोग आपातकाल में करने के लिए स्वतंत्र होगा*
*इसी के लिए कहा गया है "आम के आम गुठलीयों के भी दाम"*
[17/05, 8:54 am] +91 97692 90556: https://whatsapp.com/channel/0029Vb3NVTT3mFY4cHm5wf07
𝐌𝐨𝐫𝐧𝐢𝐧𝐠 𝐍𝐞𝐰𝐬 𝟏𝟕-𝟎𝟓-𝟐𝟎𝟐𝟔
🪯
🎙️India and Netherlands elevate their ties to strategic partnership, following talks between Prime Minister Narendra Modi and his Dutch counterpart Rob Jetten.
🎙️Prime Minister Modi to reach Gothenburg today on a two-day visit to Sweden; To hold talks with his Swedish counterpart Ulf Kristersson.
🎙️Archaeological Survey of India allows Hindus unrestricted access to Bhojshala temple after Madhya Pradesh High Court verdict.
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🎙️Government imposes curbs on import of silver; Moves it to ‘restricted’ category.
🎙️Delhi Government decides to reduce Value Added Tax on Aviation Turbine Fuel in National Capital from 25 percent to 7 percent.
🎙️ In Badminton, Indian duo of Satwiksairaj Rankireddy and Chirag Shetty to face Indonesian pair in Men's Doubles final of Thailand Open in Bangkok today.
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🌍 US-Iran Tensions: डोनाल्ड ट्रंप की हत्या पर ₹558 करोड़ के इनाम का प्रस्ताव ईरानी संसद में पेश किया जाएगा।
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🌍 केंद्रीय मंत्री बंदी संजय के बेटे की गिरफ्तारी पर रोक नहीं, POCSO केस में कोर्ट ने अंतरिम जमानत पर फैसला टाला।
🌍 Army Chief: ‘पाकिस्तान तय करे कि वह भूगोल का हिस्सा बनना चाहता है या इतिहास का’, सेना प्रमुख की चेतावनी।
🌍 Bengal: ममता बनर्जी के 15 साल के शासन को लेकर विपक्ष के निशाने तेज, कई मुद्दों पर सरकार घिरी।
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*विष्णु शंकर जैन* का बहुत बहुत धन्यवाद जो हिन्दू मंदिरो की अस्मिता बचाने की लड़ाई लड़ रहे है🙏
हमारे देश में *विष्णु शंकर जैन* जेसा वकील साहब चाहिए देशवासियों के लिए काम करें हिन्दू धर्म के साथ खड़े हैं 🇮🇳
जय श्री राम🚩
इंदौर हाई कोर्ट ने ASI सर्वे के आधार पर धार भोजशाला के हिंदू मंदिर और संस्कृत शिक्षा केंद्र स्वरूप को माना।
साथ ही मां सरस्वती की प्रतिमा वापस लाने पर सरकार को विचार करने को कहा।
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