जिले में पिछले वर्ष 5027 एमटी गेहूं खरीद का था लक्ष्य, इस बार मात्र 460 मीट्रिक टन

Apr 15, 2026 - 09:07
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जिले में पिछले वर्ष 5027 एमटी गेहूं खरीद का था लक्ष्य, इस बार मात्र 460 मीट्रिक टन
जिले के लिए पिछले वर्ष 5027 एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया था। वहीं इस बार मात्र 460 मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य विभाग ने निर्धारित किया है। इस बार लगभग 80 हजार हेक्टेयर में गेहूं का फसल हुआ है। किसान मजबूर होकर बिचौलियों के हाथ बेचने को तैयार होंगे। रबी विपणन सीजन को लेकर जिले में गेहूं खरीद प्रक्रिया की जा रही है। सहकारिता विभाग द्वारा किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने के लिए जिले में 275 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां 1 अप्रैल से खरीद कार्य जारी है। सरकार द्वारा निर्धारित 2285 रुपए प्रति क्विंटल की दर से किसानों को सीधे उनके बैंक खाते में भुगतान किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। अब तक जिले में कुल 1156 किसानों ने गेहूं बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है, जिनमें 386 रैयत किसान शामिल हैं। अब तक किसानों से 367 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। हालांकि जिले के लिए इस मात्र वर्ष 460 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जबकि पिछले वर्ष 5027 एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया था, इस बार मात्र 460 मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य विभाग ने निर्धारित किया है। जबकि लगभग 80 हजार हेक्टेयर में गेहूं का फसल हुआ है। जो किसान का पैक्स में गेहूं क्रय नहीं होगा, वह मजबूर होकर बिचौलियों के हाथ बेचने को तैयार होंगे। सहकारिता विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस बार खरीद प्रक्रिया को पहले से अधिक सुव्यवस्थित और किसान हितैषी बनाने का प्रयास किया गया है। सभी पैक्स और व्यापार मंडलों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित समर्थन मूल्य पर ही गेहूं की खरीद की जाए और किसी प्रकार की अनियमितता न हो। एमडी अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि यदि किसी भी क्रय केंद्र पर गड़बड़ी या शिकायत मिलती है तो संबंधित पैक्स के विरुद्ध सख्त जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। जिले में स्थापित ये सभी क्रय केंद्र 15 जून तक संचालित रहेंगे, जिससे किसानों को पर्याप्त समय मिल सके। प्रशासन की कोशिश है कि अधिक से अधिक किसान सरकारी केंद्रों पर ही अपनी उपज बेचें, ताकि उन्हें उचित मूल्य मिल सके और बिचौलियों की भूमिका कम हो। किसानों को पूरा लाभ मिले। यदि किसी भी क्रय केंद्र पर गड़बड़ी या शिकायत मिलती है तो संबंधित पैक्स के विरुद्ध सख्त जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। इस बार लक्ष्य सरकार द्वारा 460 एमटी ही लक्ष्य दिया गया है। - अनिल कुमार गुप्ता, पैक्स एमडी, समस्तीपुर

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