*16 मई 2014 भारतवर्ष का ऐतिहासिक दिवस । विनम्र निवेदन इस अद्वितीय विडियो को यथासंभव सांझा किजिए ।*
*दिग्विजय सिंह* *कभी गौ मांस खाने की बकालत करता था कभी सुंदर महिला को टंच माल भी कहता है सनातन धर्म का घोर बिरोधी* *राहुल गाँधी का खास चमचा भी है*
[17/05, 8:44 pm] +91 88796 34134: लव जेहाद में फंसी विधायक रूमी नेत्री की हालत
आज आपको असम की विधायक रूमी नाथ की कहानी बताते हैं।
असम में एक बड़े प्रतिष्ठित डॉक्टर थे राकेश कुमार सिंह इलाके के लोग उनका बहुत सम्मान करते थे क्योंकि वह क्षमतानुसार सब की सहायता करते थे।
डॉक्टर साहब की पत्नी थी रूमी नाथ जिससे उन्हें 2 वर्ष की बेटी थी।
उन दिनों असम के एक मंत्री अहमद सिद्दीकी का डॉक्टर साहब से जान पहचान हुई और अहमद सिद्दीकी का डॉक्टर साहब के घर आना जाना शुरु हुआ।
अहमद सिद्दीकी ने डॉक्टर साहब की प्रतिष्ठा का राजनितिक लाभ उठाने हेतु उनकी पत्नी रूमी नाथ को टिकट दिलवाकर MLA का चुनाव लड़वाने का सुझाव दिया।
अहमद सिद्दीकी यह जानता था की महिला होने के कारण और डॉ राकेश सिंह की प्रतिष्ठा और सम्मान के कारण क्षेत्र के अधिकांश वोट डॉक्टर राकेश सिंह की पत्नी रूमी नाथ को ही मिलेंगे और महिला उम्मीदवार होने के नाते महिला वोट तो रूमी नाथ को मिलने ही थे,
और जब चुनाव परिणाम आया तो आशानुरूप रूमी नाथ चुनाव जीत गई।
लव जेहादी अहमद सिद्दीकी का असली रूप अब सामने आया।
अब अहमद सिद्दीकी का रूमी नाथ से प्रतिदिन से मिलना होता और धीरे धीरे अहमद सिद्दीकी ने रूमी नाथ का ब्रेनवाश करना शुरू किया।
अहमद सिद्दीकी ने रुमि का परिचय एक बांग्लादेशी मुस्लिम युवक जैकी ज़ाकिर से करवाया और उस युवक से रुमी को प्रेम जाल में फसाने को कहा।
अब ज़ाकिर ने रोज़ रूमी से मिलने-जुलने का सिलसिला शुरू किया। कुछ समय बाद रूमी नाथ पूरी तरह से अहमद सिद्दीकी और जैकी ज़ाकिर के लव जेहाद के चंगुल में फंस गई।
इसके बाद अहमद सिद्दीकी ने एक दिन रूमी नाथ को अपने बंगले पर बुलाया और वहां पानी में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाने के बाद उसका सामूहिक ब्लात्कार किया, वीडियो बनवाया और उसी को दिखाकर ब्लैकमेल कर धर्म परिवर्तन करवा कर उसे इस्लाम कबूल करवाया और उसका नया नाम रखा गया रबिया सुल्ताना।
रूमी नाथ ने बिना डॉक्टर राकेश सिंह को कुछ बताये, बिना अपनी 2 वर्ष कि बेटी की चिंता किए, बिना डिवोर्स लिए उस बांग्लादेशी युवक ज़ाकिर से निकाह कर लिया।
अहमद सिद्दीकी जानता था कि मामला संवेदनशील है अतः उसने रूमी नाथ और और उस बांग्लादेशी युवक ज़ाकिर को बांग्लादेश भिजवा दिया।
रूमी नाथ के पिता और पति दोनों प्रतिष्ठित व्यक्ति थे उन्होंने इस विषय को उठाया भी किंतु रूमी नाथ खुद एक विधायक थी, अतः कुछ ना हो सका।
रूमीनाथ के पिता और उसके पति डॉ राकेश सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अहमद सिद्दीकी का नाम लिया और लोगों से अपने बच्चों बहु बेटियों को जिहादियों से दूर रखने को कहा।
कुछ दिनों बाद अहमद सिद्दीकी ने बांग्लादेश स्थित भारतीय दूतावास को चिट्ठी लिखकर जैकी जाकिर को वीजा देने को कहा, जिसके बाद रूमीनाथ से रुबिया सुल्ताना बनी रूमी अपने नए मुस्लिम बंगलादेशी शौहर को साथ लेकर वापस भारत आ गई और अपने क्षेत्र में अलग घर लेकर रहने लगी।
डॉ राकेश सिंह इस अपमान को सहन नहीं कर पाए और अपनी 2 साल की बच्ची को लेकर उत्तर प्रदेश के अपने गांव गोरखपुर चले गए और रूमी नाथ के घर वालों ने उससे सारे संबंध तोड़ लिए।
रूमीनाथ और जाकिर 2 साल तक साथ रहे जिससे रूमी को एक लड़की हुई और फिर जैसा कि हमेशा से होता है शांतिदूत जाकीर ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया।
रुमी के साथ रोज मार पिटाई होती, उसे प्रताड़ित किया जाता, शांतिदूत उसके साथ सामूहिक ब्लात्कार करते और जाकिर उससे उसके सारे पैसे छीन लेता।
जिससे त्रस्त होकर रूमी नाथ ने ज़ाकिर के खिलाफ पुलिस में शिकायत करी और उसके बाद वो जाकिर से अलग हो गई।
अब रुमी को अपनी विधायकी और छवि का ख्याल आया और उसने इस्लाम को त्याग कर पुनः हिंदू धर्म स्वीकार किया।
किंतु अब तक उसे जिहादियों की संगत में नशा, अपराध और सभी गलत कामों की लत लग चुकी थी।
कभी वो सीधी साधी गृहणी रुमिनाथ अब पूरे भारत में सक्रिय एक अंतर्राष्ट्रीय कार चोरी करने वाले रैकेट की एक्टिव सदस्य बन चुकी थी।
जो पूरे भारत से चोरी की जा रही महंगी गाड़ियां को अवैध रूप से असम में बेचने का गोरखधंधा चलाती थी।
इस सबके बीच चुनाव आए और क्योंकि इस बार रूमी के साथ उसके पहले पति डॉ राकेश सिंह की प्रतिष्ठा नहीं थी और अपने पहले पति और 2 वर्षीय बेटी को छोड़कर इस्लाम कुबूल करने,
जाकिर से निकाह कर उसके साथ भागने के कारण जिन लोगों ने उसे पिछली बार वोट देकर उसे विजयी बनाया थथा उन लोगों ने इस बार उससे अपना समर्थन वापस ले लिया और परिणाम स्वरुप रूमीनाथ बुरी तरह से चुनाव हार गई।
रूमी नाथ अब ज़ाकिर से पैदा हुई अपनी बेटी को लेकर अपने पिता और घर वालों के पास गयी किंतु उन्होंने उसे स्वीकारने से मना कर दिया।
अब तक रुमीनाथ कार चोरी के रैकेट वाले केस में बुरी तरह से फंस चुकी थी और उसके बाद उसे पुलिस द्वारा अरेस्ट कर लिया गया।
ये थी कहानी एक हिन्दू गृहिणी रूमी नाथ की जो जिहादी अहमद सिद्दीकी के इशारे पर विधायक बनी, फिर अपने पिता, घरवालों, अपने पति अपनी 2 वर्षीय बेटी को बिना बताए बिना डिवोर्स दिए उन्हें त्यागकर, अवैध सम्बन्धों और लव जिहाद में अंधी होकर राबिया सुल्ताना बनी और शांतिदूत ज़ाकिर की बीवी बन अपने घरवालों को छोड़कर बंग्लादेश भाग गई।
बाद में उसके उसी प्रेमी जाकिर ने रोज़ उससे उसके पैसे छीनने शुरू किये, सामूहिक ब्लात्कार कराया, प्रतिदिन उसकी पिटाई-कुटाई चालु की, उसके बाद रूमी उससे अलग होकर अपराध की दुनिया में घुस कार चोरी के रैकेट की सदस्य बनी फिर चुनाव भी हारी, घरवालों ने मुंह फेर लिया और आज जेल में है।
इस लेख को सोशल मीडिया में हर हिन्दू इतना प्रचारित करे कि हिन्दू समाज की लड़कियों को सच्चाई का पता चले। उनके जीवन की रक्षा करना हर हिन्दू का कर्त्तव्य हैं।
जिस भाई को यह पोस्ट फेंक लगती हो वह नीचे दिए गए लिंक पर जाकर इस खबर की सत्यता जान सकते हैं दैनिक भास्कर का लिंक
video: rumeenath love story https://share.google/kaAhZiW6BWssiJWys
@topfans
[17/05, 8:47 pm] +91 97777 19711: मां गंगा… सिर्फ एक नदी नहीं, करोड़ों भारतीयों की आस्था और जीवनधारा हैं। 🌊🇮🇳
दशकों तक प्रदूषण और उपेक्षा झेलने के बाद 2014 में मोदी सरकार ने दुनिया के सबसे बड़े नदी संरक्षण अभियानों में से एक, “नमामि गंगे” अभियान की शुरुआत की।
सीवेज ट्रीटमेंट, घाटों का आधुनिकीकरण, रिवरफ्रंट विकास, वनीकरण और जैव विविधता संरक्षण पर बड़े स्तर पर काम हुआ।
आज गंगा के कई हिस्सों में स्वच्छता बेहतर हुई है और जलीय जीवन की वापसी उम्मीद की नई तस्वीर पेश कर रही है। 🐬
ये सिर्फ सफाई अभियान नहीं, भारत की आस्था और विरासत को संरक्षित करने का संकल्प है।
[17/05, 8:54 pm] +91 88796 34134: ये खातून दक्षिण भारतीय मुस्लिम हैं केरलम से, अभी हाल में ये एक स्थानीय शिव मंदिर गयीं..
पारम्परिक दक्षिण भारतीय हिन्दू भेषभूसा में, दीप प्रज्वालित किया हाथ जोड़े, इसका वीडियो बना सोशल मीडिया एकाउंट पर डाला...
किसी एक हिन्दू द्वारा इनके विडियो पर कोई आपत्ति नहीं की गयी, न किसी ने ये कहा कि कन्वर्ट हो जाओ..!
लेकिन इनकी अपनी कौम वालों को दर्द हो गया, बड़ी गालियां पड़ीं इसे, एक लड़की मंदिर चली गयी तो पेट में दर्द हो गया, किसी ने न बुलाया... न बुलाने का शौक, हाँ उसका मन किया तो गई..!!
[17/05, 9:39 pm] +91 63996 23108: केरल में "फर्जी वोट" और SIR को लेकर जो बहस चल रही है, उसका सार ये है:
1. *केरल में फर्जी वोट के आरोप क्या हैं?*
2024 लोकसभा चुनाव के बाद त्रिशूर सीट से बीजेपी के सुरेश गोपी की जीत पर विवाद हुआ था: 75e2
- *कांग्रेस का आरोप*: बीजेपी ने 60,000 फर्जी मतदाता जोड़े। त्रिशूर के 1200 बूथों में से 37 की जांच में हर बूथ पर 20-30 फर्जी वोटर मिले।
- *तरीका*: एक ही पते पर 9 वोटर ID, एक ही बूथ पर 280 आवेदन एक साथ, दूसरे जिलों और प्रवासी मजदूरों के नाम जोड़े गए। पते के प्रमाण के लिए सिर्फ पोस्टकार्ड इस्तेमाल हुआ।
- *बीजेपी का जवाब*: केरल बीजेपी उपाध्यक्ष बी. गोपालकृष्णन ने कहा था - "जहां जीत की संभावना होगी, हम जम्मू-कश्मीर से लोगों को लाकर एक साल तक ठहराएंगे और वोट डलवाएंगे"। इससे विवाद और बढ़ा। 75e21925
2. *SIR लागू होने पर क्या होगा?*
SIR = Special Intensive Revision, यानी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण।
- *कांग्रेस/विपक्ष का दावा*: SIR का इस्तेमाल करके बीजेपी "वोट चोरी" कर रही है - असली वोटर के नाम काट रही है और फर्जी नाम जोड़ रही है। बिहार, बंगाल में ऐसा हुआ, केरल में भी होगा।
- *शि थरूर का पॉइंट*: केरल में CPM पर लंबे समय से एक व्यक्ति के नाम 2-3-4 बूथों पर दर्ज कराने का आरोप रहा है। SIR में ऐसे डुप्लीकेट नाम हटे तो कांग्रेस को फायदा मिल सकता है।
- *तथ्य*: केरल और तमिलनाडु में SIR के दौरान बहुत कम अपीलें आईं, जबकि पश्चिम बंगाल में 34 लाख लोगों ने अपील की। f2a3b98b4899
3. *क्या केरल में "पश्चिम बंगाल जैसी बीजेपी" आ सकती है?*
फिलहाल केरल में बीजेपी तीसरी ताकत बनने की कोशिश कर रही है: 34e7
- *2024 में*: त्रिशूर सीट बीजेपी ने जीती, ये केरल में पहली लोकसभा सीट थी। तिरुवनंतपुरम में दूसरे नंबर पर रही।
- *2025 निकाय चुनाव*: तिरुवनंतपुरम मेयर पद बीजेपी ने पहली बार जीता।
- *रणनीति*: बीजेपी अब सिर्फ हिंदू वोट बैंक तक सीमित नहीं है। ईसाई समुदाय को "स्नेह यात्रा" और चर्च से संवाद से साधने की कोशिश कर रही है। 19251c4334e7
लेकिन केरल की राजनीति अभी भी LDF और UDF के बीच बंटी है। मुस्लिम वोट बैंक तक बीजेपी की पहुंच मुश्किल है। 34e7
SIR से डुप्लीकेट/फर्जी नाम हटने पर मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है। लेकिन "पश्चिम बंगाल जैसी स्थिति" मतलब बीजेपी का सीधा मुकाबला LDF से, ये अभी दूर की बात है। केरल में अल्पसंख्यक वोटरों का रुख तय करेगा। 34e7
---
*संक्षेप में*: केरल में फर्जी वोट के आरोप लगे हैं, खासकर त्रिशूर में। SIR लागू होने पर डुप्लीकेट वोटर हटेंगे, जिससे समीकरण बदल सकते हैं। बीजेपी का प्रभाव बढ़ रहा है, लेकिन 2026 विधानसभा चुनाव में LDF-UDF-BJP के बीच त्रिकोणीय मुकाबला ज्यादा संभावना है।
अगर तुम चाहो तो मैं 2026 केरल चुनाव के लिए बीजेपी की सीट-वार स्थिति का ब्रेकडाउन निकाल दूँ?
[17/05, 9:47 pm] +91 96641 65596: *🚀 भारतीय वायु सेना की बड़ी जीत: चीन की सबसे 'खतरनाक' मिसाइल का राज अब भारत के पास! 🇮🇳*
क्या आप जानते हैं कि युद्ध सिर्फ आसमान में लड़ाकू विमानों से नहीं, बल्कि बंद कमरों में 'इलेक्ट्रॉनिक कोडिंग' से भी जीता जाता है? भारतीय वायु सेना (IAF) के हाथ एक ऐसा 'खजाना' लगा है जिसने पड़ोसी देशों की रातों की नींद उड़ा दी है! 🤫✈️
🔶मई 2025 के 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारत ने पंजाब के होशियारपुर के पास से चीन की सबसे एडवांस PL-15E Beyond-Visual-Range (BVR) मिसाइलें बरामद की हैं। ये वही मिसाइलें हैं जिन्हें पाकिस्तान अपने जेएफ-17 (JF-17) और जे-10सी (J-10CE) विमानों में लगाकर भारत को आंखें दिखाता था।
🔶अब हमारे डिफेंस एक्सपर्ट्स ने इन मिसाइलों को पूरी तरह 'डिकोड' कर लिया है। इसका मतलब क्या है? आसान भाषा में समझिए:
1️⃣ मिसाइल होगी 'अंधी' और 'बहरी': भारत ने इस मिसाइल के 'फ्रीक्वेंसी-हॉपिंग' और रडार सीकर का राज जान लिया है। अब हमारे राफेल, सुखोई-30MKI और तेजस के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम इन मिसाइलों को हवा में ही जैम (Jam) कर देंगे।
2️⃣ असली रेंज का खुलासा: कागजों पर चीन इस मिसाइल की मारक क्षमता बहुत ज्यादा बताता था, लेकिन लैब टेस्टिंग में इसकी असली ताकत और कमियों का पता चल गया है।
3️⃣ पायलट अब और भी सुरक्षित: अब भारतीय पायलटों को पता है कि इस मिसाइल से बचने के लिए कब और कैसा पैंतरा (Maneuver) बदलना है।
🔶यह सिर्फ एक हथियार की बरामदगी नहीं है, बल्कि यह चीन और पाकिस्तान के पूरे एयर-कॉम्बैट प्लान पर पानी फेरने जैसा है। हमारे स्वदेशी EW (Electronic Warfare) सूट अब पहले से कहीं ज्यादा घातक हो चुके हैं। 🛠️📡
👉भारत की इस बड़ी कामयाबी पर आप क्या कहना चाहेंगे? क्या आपको लगता है कि स्वदेशी तकनीक (जैसे तेजस और अस्त्र मिसाइल) आने वाले समय में पूरी दुनिया में भारत का डंका बजाएगी? 🇮🇳👇
*IndianAirForce DefencingIndia IAF PL15E OperationSindoor Rafale Tejas AatmanirbharBharat*
[17/05, 10:13 pm] +91 99192 59547: *डेमोग्राफी*.*मै.ज्यादा पढ़ा लिखा,बुद्धिमान नहीं हूं लेकिन भविष्य की तस्वीर आपको भेज रहा हूं कृपया अवश्य पढ़ना,
पहली प्राथमिकता क्या हो?
— विकास या जहरीले इस्लामिक कीड़ों की सफाई । 🧐🧐🧐
*🌍 डेमोग्राफी का खतरनाक खेल*
भारत में मुस्लिम आबादी ३५ %++ हैं और ज्यादातर मदरसे में पढ़े हैं.
इसलिए २० साल बाद
गृहयुद्ध,
नरसंहार,
हत्या,
बलात्कार और
विभाजन
निश्चित है।
लव जिहाद,
लैंड जिहाद,
ड्रग जिहाद,
घुसपैठ जिहाद,
धर्मांतरण जिहाद,
जनसंख्या जिहाद
– ये सब भारत की डेमोग्राफी को तेजी से बदल रहे हैं।
और यदि कठोर कानून तत्काल लागू नहीं किया गया तो २० वर्ष बाद या तो कन्वर्ट होना पड़ेगा।
या भागना पड़ेगा
जैसे:
यश चोपड़ा,
प्रेम चोपड़ा,
सुनील दत्त,
देवानंद,
राज कपूर,
राजेन्द्र कुमार,
गुलजार,
मनमोहन सिंह,
खुशवंत सिंह,
मिल्खा सिंह,
इंद्र कुमार गुजराल,
राम जेठमलानी और
आडवाणी जी
की तरह
मकान,
दुकान,
खेत,
खलिहान,
उद्योग,
व्यापार
आदि सब छोड़कर भागना होगा।
यदि विकास करने से देश सुरक्षित होता तो विकास के मामले में
फ्रांस और
स्विट्जरलैंड
हमसे बहुत अधिक आगे है।
वर्ष १८०५ में अफ़गानिस्तान के प्रधानमंत्री पंडित नंदराम टिक्कू ने बहुत विकास किया था और १० साल बाद उन्हें खदेड़ दिया गया और आज वहाँ एक भी
हिंदू,
जैन,
बौद्ध,
सिक्ख
नहीं बचा।
यदि मठ- मंदिर गुरुद्वारा बनाने से
हिंदू,
जैन,
बौद्ध,
सिक्ख
सुरक्षित होते तो — अफ़गानिस्तान,
पाकिस्तान,
बांग्लादेश
में हज़ारों
मठ- मंदिर और
गुरुद्वारे
थे मगर जनसंख्या बढ़ी और सभी का नामोनिशान मिटा दिया गया।
यदि
गौशाला,
धर्मशाला,
गुरुकुल
बनाने से
हिंदू,
जैन,
बौद्ध,
सिक्ख
सुरक्षित होते तो
— अफ़गानिस्तान,
पाकिस्तान,
बांग्लादेश
में भी हज़ारों
गौशाला,
धर्मशाला और
गुरुकुल
थे जो जनसंख्या बढ़ते ही जमीन में दफन कर दिए गए।
यदि
कथा,
पूजा,
दान,
हवन,
ध्यान,
साधना करने से
हिंदू,
जैन,
बौद्ध,
सिक्ख
सुरक्षित होते तो — अफ़गानिस्तान,
पाकिस्तान,
बांग्लादेश में
हिंदू,
जैन,
बौद्ध,
सिक्ख
का नामोनिशान नहीं मिटता।
१०० वर्ष पहले विश्व की सबसे बड़ी भगवान बुद्ध की मूर्ति अफ़गानिस्तान में थी; लेकिन अब वहाँ न मूर्ति बची है और न बौद्ध।
१०० वर्ष पहले विश्व का सबसे बड़ा जैन मंदिर मुल्तान में था, लेकिन अब वहाँ मदरसा चलता है और न तो भगवान पार्श्वनाथ की मूर्ति है और न तो कोई जैन।
१०० वर्ष पहले विश्व का सबसे बड़ा शिव मंदिर गांधार (अफ़गानिस्तान) में था, लेकिन अब उसका नामोनिशान तक नहीं है।
न तो शिवलिंग बचा है और न ही शिवभक्त।
१०० वर्ष पहले विश्व का सबसे बड़ा विष्णु मंदिर कैकेय (पाकिस्तान) में था, लेकिन अब उसका नामोनिशान तक नहीं है। न तो भगवान विष्णु की मूर्ति बची है और न ही विष्णु भक्त।
वर्ष १९७१ में बांग्लादेश को बनवाने के लिए हमारे २० हज़ार सैनिकों ने बलिदान दिया था, लेकिन आज वहां से
हिंदू,
जैन,
बौद्ध,
सिक्ख
को अपना
मकान,
दुकान,
खेत,
खलिहान,
उद्योग,
व्यापार
छोड़कर भागना पड़ रहा है।
वर्ष १९९० में कश्मीर से हिंदुओं को अपना
मकान,
दुकान,
खेत,
खलिहान,
उद्योग,
व्यापार
सब छोड़कर भागना पड़ा और आज तक उन्हें अपनी सम्पत्ति तक वापस नहीं मिली।
*🗳️ नेता कर क्या रहे है…?*
वोटजीवी,
नोटजीवी और
सत्ताजीवी नेता
प्रतिदिन
आरोप- प्रत्यारोप,
तू-तू-मैं-मैं,
नूरा-कुश्ती,
बतोलेबाजी,
भाषणबाजी और
'तू चोर मैं सिपाही'
करते हैं:
लेकिन जब बात आवश्यक मुद्दों पर आती है, तो संसद में सभी राजनेता चुप्पी साध लेते हैं।
हिन्दू यदि अपना
मकान,
दुकान,
खेत,
खलिहान,
उद्योग,
व्यापार और
त्यौहार
बचाना चाहते हैं तो दल की गुलामी छोड़ो और अपने क्षेत्र के सांसद से मिलकर
— लव जिहाद,
लैंड जिहाद,
ड्रग जिहाद,
घुसपैठ जिहाद,
धर्मांतरण जिहाद और
जनसंख्या जिहाद रोकने के लिए कठोर कानून बनाने की मांग करिए।
हिन्दू यदि अपने बच्चों को सुरक्षित देखना चाहते हैं तो नेताओं की जय जयकार करने की बजाय अपने सांसद से मिलकर
समान शिक्षा,
समान नागरिक संहिता (UCC),
समान कर संहिता,
समान व्यापार संहिता,
समान जनसंख्या संहिता,
समान पुलिस संहिता,
समान न्याय संहिता,
समान प्रशासनिक संहिता
लागू करने की मांग करे।
*याद रखें :*
आज के नेता २० वर्ष बाद आपका
मकान,
दुकान,
खेत,
खलिहान,
उद्योग,
व्यापार और
त्यौहार
बचाने नहीं आएंगे.
लेकिन आज का कठोर कानून ही आपका धन, धर्म और परिवार को बचाएगा।
दो रास्ते चुनें
— चीन जैसा कठोर कानून (कोई जिहाद नहीं) और
इजरायल जैसा शक्ति का उपयोग (दुश्मन को कुचल दो)!
*अंतिम चेतावनी :*
अपने बच्चों को सुरक्षित देखना है?
अपना
घर
दुकान
त्यौहार
बचाना है तो जय जयकार बंद करो और अपने क्षेत्र के सांसद के पास जाओ।
कानून बनवाओ।
*नोट :* कृपया इस संदेश को कम से कम ५०० लोगों तक निरन्तर शेयर करे.
जब तक भारत में बढ़ते जिहाद को लेकर सरकार कठोर कानून लागू नहीं करती, चैन से ना बैठे!
90 करोड़ हिन्दू एक सशक्त कानून नहीं बनवा सकते हो ??
विचार करो। ये असली सच्चाई है!🧐🙏🧐🥳🥳
[17/05, 10:14 pm] +91 87083 69723: *क्या आप जानते है कि एक ऐसे कथावाचक जिनके पास पत्नी के "अस्थि विसर्जन" तक के लिए पैसे नहीं थे तब मंगलसूत्र बेचने की बात की थी।*
*यह जानकर सुखद आश्चर्य होता है कि पूज्यनीय रामचंद्र डोंगरे जी महाराज जैसे भागवताचार्य भी हुए हैं जो कथा के लिए एक रुपया भी नहीं लेते थे। "मात्र तुलसी पत्र" लेते थे।*
*जहाँ भी वे भागवत कथा कहते थे, उसमें जो भी दान दक्षिणा चढ़ावा आता था, उसे उसी शहर या गाँव में गरीबों के कल्याणार्थ दान कर देते थे। कोई ट्रस्ट बनाया नहीं और किसी को शिष्य भी बनाया नहीं।*
*अपना भोजन स्वयं बना कर ठाकुरजी को भोग लगाकर प्रसाद ग्रहण करते थे। डोंगरे जी महाराज कलयुग के दानवीर कर्ण थे।*
*उनके अंतिम प्रवचन में चौपाटी में एक करोड़ रुपए जमा हुए थे, जो गोरखपुर के कैंसर अस्पताल के लिए दान किए गए थे। स्वंय कुछ नहीं लिया।*
*डोंगरे जी महाराज की शादी हुई थी। प्रथम रात के समय उन्होंने अपनी धर्मपत्नी से कहा था, "देवी मैं चाहता हूं कि आप मेरे साथ 108 भागवत कथा का पारायण करें, उसके बाद यदि आपकी इच्छा होगी तो हम गृहस्थ आश्रम में प्रवेश करेंगे"*
*इसके बाद जहाँ जहाँ भी डोंगरे जी महाराज भागवत कथा करने जाते, उनकी पत्नी भी साथ जाती।108 भागवत कथा पूर्ण होने में करीब सात वर्ष बीत गए।*
*तब डोंगरे जी महाराज पत्नी से बोले, 'अब अगर आपकी आज्ञा हो तो हम गृहस्थ आश्रम में प्रवेश कर संतान उत्पन्न करें'।*
*इस पर उनकी पत्नी ने कहा, 'आपके श्रीमुख से 108 भागवत कथा श्रवण करने के पश्चात मैंने "गोपाल जी" को ही अपना पुत्र मान लिया है,*
*इसलिए अब हमें संतान उत्पन्न करने की कोई आवश्यकता नहीं है'। धन्य हैं ऐसे पति पत्नी, धन्य है उनकी भक्ति और उनका कृष्ण प्रेम।*
*डोंगरे जी महाराज की पत्नी आबू में रहती थीं और डोंगरे जी महाराज देश दुनिया में भागवत कथा रस बरसाते थे।*
*पत्नी की मृत्यु के पांच दिन पश्चात उन्हें इसका पता चला। वे अस्थि विसर्जन करने गए, उनके साथ मुंबई के बहुत बड़े सेठ थे "रतिभाई पटेल जी" थे।*
*उन्होंने बाद में बताया कि डोंगरे जी महाराज ने उनसे कहा था कि रति भाई मेरे पास तो कुछ है नहीं और अस्थि विसर्जन में कुछ तो लगेगा। क्या करें?*
*फिर महाराज आगे बोले थे, ऐसा करो, पत्नी का मंगलसूत्र और कर्णफूल पड़ा होगा उसे बेचकर जो मिलेगा उसे अस्थि विसर्जन क्रिया में लगा देते हैं।*
*सेठ रतिभाई पटेल ने यह बात रोते हुए बताई थी... जिन महाराजश्री के इशारे पर लोग कुछ भी करने को तैयार रहते थे, वह महापुरुष कह रहा था कि पत्नी के अस्थि विसर्जन के लिए पैसे नहीं हैं।*
*हम उसी समय मर क्यों न गए। फूट फूट कर रोने के अलावा मेरे मुँह से एक शब्द नहीं निकल रहा था।*
*सनातन धर्म ही सर्वोपरि है। ऐसे संत और महात्मा आप को केवल सनातन संस्कृति में ही मिलते है। हमारे देश में बहुत सी बातें हैं जो हम सभी तक पहुंच नहीं पायी।*
*ऐसे महान विरक्त महात्मा संत के चरणों में कोटि कोटि नमन भी कम है।*
*"राष्ट्रहित सर्वोपरि"*
*जय श्री राधे राधे 🌸🙏🏻*
ऐसी ही अनेकानेक संतो की वाणी पोस्ट पढ़ने के लिये फॉलो करें👇
गीताप्रेस(गीता वाटिका) एवं भगवत-प्राप्त संतों की अमृतमयी वाणी, निरंतर प्राप्त करने हेतु 🙏
🌿 कृपा कर चैनल को Follow करें, Like करें, Share करें एवं सक्रिय बने रहें 📿
🔗 चैनल से जुड़ें👇:
https://whatsapp.com/channel/0029Vb4NlqmAjPXOmhtbhN0G
https://whatsapp.com/channel/0029Vb7pYeRK5cDDTCwdDU2U
[17/05, 10:30 pm] +91 98202 28137: *West Bengal’s BJP govt to withdraw TMC govt’s petition in SC challenging Calcutta HC order cancelling OBC status to 75 Muslim and 2 Hindu communities*
* The Calcutta High Court, in its May 22, 2024 verdict, had struck down the inclusion of these 77 communities, 75 of which were Muslim communities and only two were Hindus, in the state’s OBC list.
* These inclusions were made between March 2010 and May 2012, first under the Left Front regime and later continued by the Trinamool Congress (TMC) government.
* The High Court had ruled that the reservations were granted primarily on religious grounds without proper surveys to establish social and educational backwardness, which violatied constitutional norms.
* The order had invalidated OBC certificates issued to members of these communities after 2010 and barred their use in appointments or admissions.
*Soon after the High Court verdict, the Mamata Banerjee government moved the Supreme Court, challenging the order.*
* According to a report by Anandabazar Patrika, the state government’s lawyer, Kunal Mimani, sent a formal letter to the Supreme Court Registrar on Thursday requesting the withdrawal of the case filed by the Mamata Banerjee government nearly two years ago.
* The state government has also urged the apex court to list the matter for urgent hearing so that permission for withdrawal can be granted.
* The inclusions by left and TMC govts had expanded West Bengal’s OBC list significantly. The Left Front added 42 Muslim communities, while the TMC added 35 more and later enacted a 2023 OBC Reservation Act covering all 77, taking the total OBC communities to 179 at one point.
*The High Court’s order led to prolonged litigation, including multiple stays, surveys, and counter-petitions. The Supreme Court had previously granted interim reliefs but the matter remained pending before the top court.*
*The West Bengal government ordered a massive re-verification of approximately 1.69 crore SC, ST, and OBC caste certificates issued since 2011 (under the former Mamata Banerjee-led TMC government). The drive was launched amid allegations of fake document processing and manipulation of inclusion criteria.*
[17/05, 10:30 pm] +91 98202 28137: *Why PM Modi visited Netherlands’ Afsluitdijk dam: The Dutch model Bharat may need*
* Prime Minister Narendra Modi’s visit to the iconic Afsluitdijk dam in the Netherlands during his official trip has drawn attention to a lesser-discussed but strategically important issue for India: long-term water management and climate resilience.
*Accompanied by Dutch Prime Minister Rob Jetten, PM Modi visited the massive barrier dam that has protected the Netherlands from floods for decades while also helping manage freshwater storage, inland waterways and renewable energy generation.*
* The visit was not merely symbolic. According to India’s ministry of external affairs, the Afsluitdijk project has direct relevance to Gujarat’s ambitious Kalpasar Project, a proposed mega freshwater reservoir and dam system across the Gulf of Khambhat that has been under study for decades.
*The Afsluitdijk is one of the Netherlands’ most famous engineering projects and a central pillar of the country’s centuries-long battle against water.*
* Originally completed around 80 years ago, the 32-kilometre-long barrier dam separates the North Sea from the IJsselmeer freshwater lake and protects large parts of the low-lying Netherlands from severe flooding.
* The structure also serves economic and environmental functions, including freshwater storage, navigation, transport connectivity and renewable energy generation.
* Now undergoing a major modernisation programme often referred to as “Afsluitdijk 2.0”, the project is being redesigned to withstand storms expected only once every 10,000 years.
* The upgraded system includes reinforced locks, improved water discharge systems, fish migration corridors and renewable energy technologies involving tidal flows, freshwater-saltwater interaction, solar and wind power.
*India’s growing interest in Dutch water engineering comes amid increasing concerns over climate change, urban flooding, water scarcity and extreme weather events.*
* Several Indian states, particularly coastal and drought-prone regions, are facing simultaneous risks of water shortages, salinity intrusion and flood disasters.
*For Gujarat, the proposed Kalpasar Project represents an attempt to address multiple challenges through a single mega infrastructure system.*
[17/05, 10:30 pm] +91 98202 28137: *स्वीडन की धरती पर गूंजी बंगाली धुन! PM मोदी के स्वागत में प्रवासी भारतीयों ने बांधा ऐसा समां, झूम उठे लोग*
* प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वीडन की यात्रा के दौरान गोथेनबर्ग में भारतीय डायस्पोरा द्वारा बंगाली संस्कृति से ओत-प्रोत स्वागत प्राप्त किया।
* समुदाय स्वागत कार्यक्रम में स्वीडिश प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन भी मौजूद रहे।
* महिलाएं पारंपरिक लाल-श्वेत साड़ियों में सजी, आरती थाल, पंखा और फूलों के साथ पीएम मोदी का स्वागत कर रही हैं। भारतीय झंडे लहराते नजर आए और पूरा माहौल सांस्कृतिक उत्सव का बना हुआ था।
*स्वीडिश पीएम इस समृद्ध सांस्कृतिक प्रदर्शन को करीब से देखते नजर आए।*
*'Mere Mitr, Aapka Hardik Swagat Hai': Sweden PM Ulf Kristersson Tweets In Hindi To Welcome PM Modi*
*After BJP's Bengal Victory, PM Modi Gets Grand Bengali-Style Reception in Sweden’s Gothenburg*
* The heartfelt welcome featured women in traditional attire performing lively dances and rituals, including elements reminiscent of aarti and folk expressions rooted in Bengali culture.
*Crowds of enthusiastic well-wishers, many waving Indian tricolours, lined the area to cheer the Prime Minister.*
[17/05, 10:30 pm] +91 98202 28137: *स्वीडन पहुंचे PM मोदी का एयरपोर्ट पर जोरदार स्वागत, हवा में स्वीडिश लड़ाकू विमानों ने किया 'सलाम'*
* नीदरलैंड के शिफोल एयरपोर्ट पर पीएम जेटन, प्रधानमंत्री मोदी के छोड़ने के लिए आए और उन्हें विदाई दी।
* नीदरलैंड का दौरा पूरा करने के बाद पीएम मोदी अब स्वीडन पहुंचे हैं।
* नरेंद्र मोदी का स्वीडन के पीएम उल्फ क्रिस्टर्सन ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
* इससे पहले स्वीडन के एयर स्पेस में स्वीडन में प्रवेश करते समय स्वीडिश ग्रिपेन लड़ाकू विमानों ने पीएम मोदी के विमान को एस्कॉर्ट किया।
*इससे पहले यूएई पहुंचने पर भी ऐसा ही नजारा दिखा था। जहां एफ16 जेट विमानों ने पीएम मोदी के विमान को सुरक्षा दी थी।*
*'Mere Mitr, Aapka Hardik Swagat Hai': Sweden PM Ulf Kristersson Tweets In Hindi To Welcome PM Modi*
*Gripen fighter jets escort PM Modi's plane as it enters Swedish airspace*
* Prime Minister Narendra Modi’s aircraft on Sunday received a ceremonial escort from Sweden’s Gripen fighter jets as it entered Swedish airspace en route to Gothenburg, the country’s second-largest city.
*His plane had earlier received a ceremonial escort from an F-16 fighter jet of the UAE, the first country on his ongoing five-nation official tour.*
[17/05, 10:37 pm] +91 87870 48603: शुभ संध्या,
*🦚आज का अमूल्य विचार🦚*
*किसी को समझने के लिए भाषा की हमेशा आवश्यकता नहीं होती...*
*कभी कभी उसका व्यवहार ही बहुत कुछ कह देता है !*
*ज़िंदगी की रेस में जो लोग आपको दौड़ कर नहीं हरा पाते,*
*वही लोग आपको तोड़ कर हराने की कोशिश करते हैं..*
*जिंदगी में सफलता का कोई शॉर्टकट रास्ता नहीं होता,*
*सफलता तब मिलती है जब हम रोज जीवन में थोड़ा-थोड़ा आगे बढ़ते हैं ,*
*इसलिए चाहे थोड़ा ही सही लेकिन निरंतर आगे बढ़ते रहिए ...*
*लोग बुरे नहीं होते बस जब आपके मतलब के नहीं होते तो बुरे लगने लगते हैं...*
*बातों को नजरअंदाज करने की काबिलियत हासिल करना मन की शांति प्राप्त करने का उत्तम तरीका है*
*जब खुद की नजरों से अपनी भी गलतियां नज़र आने लगे तो समझ लीजिए कि-*
*ज़िन्दगी सुधरने का मौका दे रही है...*
*निर्णय आपका,*
.*◆●आप स्वयम् विचार करें●◆*
☘️*||श्रीराम जय राम जय जय राम||*🌸
🙏🚩🙏
[17/05, 10:37 pm] +91 87870 48603: #विशेष :: हिंदुओं की आबादी 34% तो मुस्लिम आबादी 73% से बढ़ोतरी हो रही है.......
🚩आज दुनिया सिकुड़ती और आबादी बढ़ती ही जा रही है, लोग जनसंख्या विस्फोट से त्रस्त हैं, इसके कारण समस्याएँ खड़ी होने लगी हैं। लेकिन कुछ हैं, जो आँखें मूँदे हुए हैं। इस्लामिक जगत पूरे विश्व में अन्य समुदायों की तुलना में 150% ज्यादा प्रजनन कर रहा है। यह हम नहीं, दुनिया के सबसे ‘लिबरल’ देश अमेरिका का fact-tank प्यू रिसर्च सेंटर कह रहा है। अपनी इस रिपोर्ट में उसने चेतावनी दी है कि जहाँ दुनिया के बाकी बड़े मज़हब महज 11% (स्थानीय उपासना पद्धतियाँ) से लेकर 34-35% (ईसाई और हिंदुत्व) तक की दर से बढ़ रहे हैं, और बौद्ध मतावलंबी तो 0.3% से घट रहे हैं, वहीं इस्लाम 73% से ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है- वह भी ज्यादा बच्चे पैदा करके। दुनिया की जरूरतों के लिए वैसे ही कम पड़ रहे संसाधनों के बीच यह खबर अत्यंत निराशाजनक है।
★ 2050 तक 9 अरब हो जाएगी दुनिया की आबादी
🚩प्यू के शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि दुनिया की आबादी आने वाले 30 वर्षों में बढ़ कर 930 करोड़ के करीब होगी। यह 2010 के आँकड़े से 35% अधिक होगा।
🚩रिपोर्ट के आँकड़ों पर नज़र डालें तो कुछ मज़हब (यहूदी, बहाई आदि) दुनिया की औसत आबादी वृद्धि दर की आधी दर से अपनी आबादी बढ़ा रहे हैं। जबकि हिन्दू-ईसाई की आबादी औसत दर से ही बढ़ रही है। इसके उलट या यूँ कहें कि चिंताजनक स्थिति मुस्लिम समुदाय की है, जिनकी आबादी औसत दर की दोगुनी तेजी से बढ़ रही है।
🚩प्रतिशत के अलावा संख्या की बात करें तो भी ईसाई साल 2010 के 216 करोड़ से बढ़कर 2050 में 290 करोड़ हो जाएँगे। वहीं हिन्दू 2010 में 103 करोड़ से 2050 में 138 करोड़ तक पहुँचेंगे। जबकि मुस्लिम 2010 में महज 159 करोड़ की जनसंख्या के मुकाबले 2050 में 276 करोड़ के आस-पास होंगे।
★ क्या दुनिया इतनी आबादी झेल पाएगी?
🚩प्यू के अनुसार दुनिया की औसत fertility rate 2.5 के करीब है। fertility rate का अर्थ है किसी भी समुदाय या समूह में प्रति महिला कितने बच्चे पैदा होते हैं। दुनिया की आबादी स्थिर रखने के लिए ज्यादातर समाज शास्त्री मानते हैं कि आदर्श स्थिति में fertility rate 2.1 (2 के हल्का सा ऊपर) होना चाहिए- ताकि वे दो बच्चे आने वाले समय में अपने माँ-बाप की मृत्यु के उपरांत उनका स्थान लें और लम्बे समय में दुनिया पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
पूरे विश्व की औसत fertility rate 2.5 है। जो बढ़ती हुई आबादी को देखते हुए आदर्श दर से तो ज्यादा है, पर चिंताजनक स्तर पर नहीं है। यदि जनजागरण अभियान चला कर लोगों को बढ़ी आबादी के नुकसान के बारे में बताया जाए, और कुछ प्रतिशत युगलों (खासकर महिलाओं) को बच्चे पैदा न करने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाए, तो कुछ दशकों में 2.5 को 2.1 के पास तक खींच सकने की उम्मीद की जा सकती है। हिन्दुओं की fertility rate 2.4 है, यानी हिन्दू आबादी रोकथाम की ओर अग्रसर दिख रही है।
अब इस्लाम की ओर देखें तो मुस्लिमों की fertility rate 3.1 है- यानी दुनिया की जरूरत का 150%!! मतलब हर एक मुस्लिम युगल (पति-पत्नी) अपने बाद दो के बजाय तीन इंसान का बोझ दुनिया को दे जाता है।
(यहाँ गणितीय सरलता के लिए हम मुस्लिमों के बहु-विवाह सिद्धांत, जिसके अंतर्गत हर मुस्लिम पुरुष को इस्लाम 4 बीवियाँ तक रखने की इजाज़त देता है, को शामिल नहीं कर रहे। अगर करते तो गणितीय तौर पर यह आँकड़ा कहता कि एक मुस्लिम पुरुष और उसकी 4 पत्नियों की मृत्यु के बाद औसत तौर पर उनके 12 वंशज होते यानी मरे 5 और आए 12
🚩हिंदुओं के लिए ये चेतावनी है अगर नहीं संभले तो क्या हाल होगा इन आंकड़ों से देख सकते हैं, हर हिंदू को कम से कम 4 बच्चे तो पैदा करना चाहिए नहीं तो आगे जाकर अस्तित्व बचाना ही मुश्किल हो जायेगा।
#We_support_hindutava_unity
[17/05, 10:37 pm] +91 87870 48603: राष्ट्रीय सौर तिथि: भौमवासरे 27 बैसाख 1948
दिनांक: 17-05-2026
यह दर्शन मानव जीवन के सबसे महत्वपूर्ण और मौलिक मूल्यों पर प्रकाश डालता है। जीवन में कठिन समय हर किसी के हिस्से में आता है, ऐसे समय में हमारा वास्तविक धन क्या है, मार्गदर्शन अच्छी सोच है।
ईमानदारी का महत्व (विचारों और चरित्र की शुद्धता):
अपने विचारों और अपने स्वभाव के बारे में पारदर्शी होने का अर्थ है ईमानदार होना। जब हम दूसरों के साथ बिना किसी झूठ के, सरलता और सच्चाई के साथ व्यवहार करते हैं, तो वही हमारी असली ताकत बन जाती है। स्वभाव की यह ईमानदारी और विचारों की स्पष्टता सीधे सामने वाले के मन को छू जाती है।
विश्वास और सम्मान का निर्माण:
जो लोग अपने विचारों में ईमानदार होते हैं, उनकी वाणी और व्यवहार में एकरूपता होती है। ऐसे लोगों पर समाज और उनके आसपास के लोग आसानी से भरोसा कर लेते हैं। यह विश्वास एक दिन में नहीं बनता है, बल्कि हमारे निरंतर अच्छे स्वभाव से अर्जित होता है।
शरद ऋतु में आधार:
जिंदगी हमेशा एक जैसी नहीं रहती. उतार-चढ़ाव प्रकृति का नियम है। जब किसी व्यक्ति के जीवन में संकट या कठिनाई का समय (पड़ता समय) आता है, तो उसका धन या बाहरी चीजें काम नहीं आती हैं। लेकिन, लोगों के साथ उनका अर्जित अच्छा स्वभाव और ईमानदारी काम आती है।
जनता का सहयोग ही असली कमाई :
बुरे समय में हमारी मदद इस बात पर निर्भर करती है कि हम अच्छे समय में लोगों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं। जो व्यक्ति हमेशा ईमानदार रिश्ते निभाता है, वह कठिन परिस्थितियों में भी कभी अकेला महसूस नहीं करता। संकट के समय में उसे स्वत: ही ऐसे लोग मिलते हैं जो उसका समर्थन करते हैं, उसे धैर्य देते हैं और उसके साथ मजबूती से खड़े रहते हैं। ये लोग बिना किसी स्वार्थ के और केवल व्यक्ति के अच्छे स्वभाव के कारण मदद का हाथ बढ़ाते हैं।
निष्कर्ष:
संक्षेप में, यह विचार हमें अंदर और बाहर से स्वच्छ रहने के लिए प्रेरित करता है। बाहरी परिस्थितियाँ कैसी भी हों, हमारा अच्छा स्वभाव और ईमानदार सोच ही दुनिया में हमारी सबसे बड़ी सुरक्षा है। इस विचार का मुख्य सकारात्मक संदेश यह है कि यदि हम दुनिया के प्रति ईमानदार हैं, तो मुश्किल समय में दुनिया हमें कभी निराश नहीं करेगी।
#जय_श्री_गजानन #अमृतवाणी
#विचार_भावार्थ
[17/05, 10:37 pm] +91 87870 48603: 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
*📖✒️मैं स्पष्टीकरण से परे.✍️*
〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
"मैं कैसा हूँ?" हम इस प्रश्न का उत्तर खोजने में अपना आधा जीवन व्यतीत कर देते हैं। विडम्बना यह है कि इस प्रश्न का उत्तर हम स्वयं के बजाय दूसरों की नजरों में तलाशते हैं। लेकिन अनुभव के एक निश्चित बिंदु पर यह एहसास होता है कि दूसरा व्यक्ति मुझे अपने चश्मे से देखता है। तो फिर खुद को साबित करने की कोशिश क्यों करें?
आप हर किसी के लिए 'सज्जन' नहीं हो सकते, और आप हर किसी के लिए खलनायक नहीं हो सकते। किसी को मेरी बेबाकी 'ईमानदारी' लग सकती है, तो किसी को अहंकार. इससे मेरा स्वभाव नहीं बदलता, देखने वाले की सोच बदल जाती है।' मुझे इसलिए बुरा नहीं लगता कि किसी की राय ख़राब है, और मैं इस बात से आसमान नहीं झुकाता कि कोई ज़्यादा तारीफ कर देता है।
जिंदगी के सफर में कई लोगों से मुलाकात हुई। कोई प्यार से करीब आया तो कोई गलतफहमी के कारण दूर हो गया। शुरुआत में मैंने सोचा कि हर गलतफहमी को दूर किया जाना चाहिए, हर आलोचना का जवाब दिया जाना चाहिए। लेकिन अब मुझे एहसास हुआ कि जो भी समान विचार रखता है उसके लिए मैं भी वैसा ही बनने जा रहा हूं। मैं एक दर्पण की तरह हूँ; जैसे ही वह आगे आएगा, उसे प्रतिबिंब दिखाई देगा। तो फिर खुद को आईने में दोष क्यों दें?
खुद के प्रति ईमानदार रहना सबसे बड़ी बात है. जब हम रात को चुपचाप अपनी आँखें बंद कर लेते हैं, तो हमारा दिमाग हमसे क्या कहता है, यह महत्वपूर्ण है। अपनी नज़रों में सच्चा होना दुनिया की नज़रों में परफेक्ट होने से कहीं ज़्यादा ख़ुशी देता है। जो लोग मुझ पर विश्वास करते हैं उन्हें किसी स्पष्टीकरण की आवश्यकता नहीं है और जो लोग पूर्वाग्रही हैं उन्हें कभी विश्वास नहीं होगा।
मनुष्य को अपने अस्तित्व की खुशबू को बरकरार रखना चाहिए। गुलाब कभी यह नहीं सोचता कि उसकी खुशबू किसे पसंद है और किसे नहीं। उसका काम सिर्फ फलना-फूलना है. हमें भी इंसान बनकर जीना चाहिए. मैं उससे वैसे ही मिलूंगा जैसा वह हकदार है।'
✨✨✨✨💫✨✨✨✨
*©🎼श्रद्धधनेश_डेयरियां*
*✒️ संकलन : प्रवीण सर्वदे, कराड*
[17/05, 10:37 pm] +91 87870 48603: *वृंदावन से मथुरा जाने के बाद कृष्ण फिर कभी वृंदावन वापस नहीं लौटे।*
केवल दो बार वह राधा से मिले थे। एक कुरुक्षेत्र मे और दूसरी बार उस मूसल युद्ध के पहले की जिसमें शराब पीकर आपस में लड़ते हुए सभी यदुवंशी मर गये थे। प्रभास क्षेत्र यादवों का एक बहुत पवित्र स्थल था। ध्यान दीजिए कि विख्यात प्रथम शिवलिंग सोमनाथ प्रभास क्षेत्र में ही है। इस मंदिर का सुसज्जीकरण भी श्रीकृष्ण ने ही कराया था। इसके उत्तर में प्रभास का विस्तृतभू भाग है। इसी स्थान पर मैदान से थोड़ी दूर पर बहेलिये ने श्रीकृष्ण के पैर में बाण मारा था। यहां हर वर्ष एक पूजा समारोह होता था जिसमें यादव गणतंत्र के सभी लोग आबालवृद्ध भाग लेते थे। गोलोक जाने के पहले एक बार श्रीकृष्ण ने समस्त ब्रजवासियों को प्रभास तीर्थ में मिलने के लिए बुलाया था। वृंदावन से जाने के बाद राधा कृष्ण की यही दूसरी और अंतिम भेंट थी। रुक्मिणी भी आई थीं। इस पर सूरदास जी ने एक बहुत भावपूर्ण पद लिखा है.....
रुक्मणि राधा ऐसो भेंटी
बहुत दिनन की बिछुरी जइसे एक बाप की बेटी
इसका बाद राधा कृष्ण का आमना सामना हुआ। मिलते ही राधा ने कहो कृष्ण कैसे हो? कृष्ण हतप्रभ रह गए।अचकचाते हुए कहा क्या कहती हो राधा ?
मैं तुम्हारे लिए कृष्ण कब से हो गया?
मैं तो अब भी तुम्हारे लिए कान्हा ही हूं। राधा ने कहा नहीं कृष्ण अब तुम कान्हा नहीं रहे, बहुत बदल गये हो।
क्या बदलाव आ गया है मुझमें?
राधा- कोई एक हो तब न बताऊं। अगर तुम श्याम होते तो सुदामा के पास तुम जाते। सुदामा को तुम्हारे पास नहीं आना पड़ता।
तुम वनमाली थे। तुम्हारे गले में वनमाला शोभती थी। शायद तुम्हें नहीं मालूम हुआ होगा कि तुम्हारे लिए माला बनाने के लिए मैं और मेरी सखियां ललिता विशाखा अनुराधा कुसुम शैव्या आदि वृंदावन के सात वनों से फूल चुनती थीं। कितनी बार बाहों में खरोंच आई। ओढनियां फट जाती थी।घर पर मार पड़ती थी।पर जब तुम वही वनमाला पहन कर हंसते थे तो आत्मा तृप्त हो जाती थी। लगता था कि लोक परलोक दोनों बन गये। आज तुम्हारे गले की वह वनमाला कहां गई?
आज तुम्हारे गले में हीरे-जवाहरात जड़ित सोने की माला है। जिन हाथों में मुरली शोभायमान होती थी उन हाथों में सुदर्शन चक्र आ गया है। जब तुम मुरली बजाते थे तो मनुष्य क्या पशु पक्षी भी सुनने के लिए जुट जाते थे। आज उन्हीं हाथों से संहार कर रहे हो। लोग कहते हैं कि तुम भगवान हो और ऐसा तुमने भी गीता में कहा है...
मत्तम् परततरंनान्यत किंचिदस्ति धनंजय:
मयि सर्वमदिमश्रोतं सूत्रे मणिगणाइव।
पर मैंने तो तुम्हें ब्रह्म माना ही नहीं। तुम तो मेरे नंद के लाल मुरलीधर श्याम थे एक सामान्य ग्वाला। तुम्हारे इस रूप का तो पता ही नहीं था। तुमने ऊधौ को भेजा था हमें निर्गुण ज्ञान बताने के लिए। ऊधौ ने तो बताया ही होगा कि हमारा प्रेम क्या है और उनकी क्या गति।
कृष्ण सुनते रहे और तब कहा... लेकिन मैं तो तुम्हें अब भी याद करता हूं। तुम्हारी याद आती है तो आंखों आंसू निकलते हैं।
राधा- लेकिन मैं तो तुम्हें कभी याद नहीं करती। याद तो उसको किया जाता है जो कहीं दूर चला गया हो। तुम तो कभी मेरे हृदय से गये ही कहां थे जो याद करना पड़ता। रही मेरे न रोने की बात तो कान्हा मैं इस लिए नहीं रोई कि मेरी आंखों में बसे हुए तुम कहीं आंसुओं के साथ निकल न जाओ। भक्त का भाव देखकर भगवान विह्वल हो गए। बोले राधा तुम जीती मैं हारा।
राधा- याद रखना कृष्ण मेरे बिना अधूरे रहोगे। संसार में जहां भी तुम्हारी पूजा होगी मैं साथ रहूंगी। एक को छोड़कर (जगन्नाथ जी)। कोई ऐसा मंदिर नहीं होगा जहां मैं तुम्हारे साथ नहीं होऊंगी। हमेशा तुम्हारे नाम के पहले मेरा नाम लिया जाएगा ठीक उसी प्रकार जैसे पूर्व में प्रभु श्रीराम के पहले माँ सीता का नाम आया।
भगवान श्रीकृष्ण ने एवमस्तु कहा और एक अंतिम बात कही की राधा अब इस जीवन में मेरी तुम्हारी भेंट नहीं होगी पर मैं तुम्हें कुछ देना चाहता हूँ, जो भी इच्छा हो मांग लो। राधा ने कहा कन्हैया मुझे तो सब कुछ मिल चुका है और कुछ नहीं चाहिए। मेरा तुम्हारा प्यार अमर रहे। जब तक इस धराधाम पर एक भी प्राणी जीवित रहे मुझे तुम्हारे साथ याद करता रहे। परंतु कहते ही हो तो एक बार वही मुरली की तान एक बार और सुना दो।
भगवान भक्त की इस इच्छा को टाल न सके जबकि सर्वज्ञ सर्वशक्तिमान कृष्ण इसके भयावह परिणाम को जानते थे। फिर भी उन्होंने बहुत दिनों से संजोकर रखी हुई बांसुरी निकाली और एक अद्भुत अविस्मरणीय तान छेड़ दिया। सारा संसार तरंगित हो उठा। यद्यपि कृष्ण ने अनेकों बार मुरली बजाया था पर यह तान विलक्षण थी, अद्भुत शांति थी और हृदय के तार को झंकृत करने वाली थी। ऐसी धुन न कभी बजी थी और न कभी बजेगी।
सुध-बुध खोकर राधा बंशी की धुन सुनती हुई कृष्ण में ही समा गई।
साभार
[17/05, 10:37 pm] +91 87870 48603: *स्वामी श्री लोकेशानंद जी*
🙏🆚🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
*भाग - 503*
*खम्बा सिंह*
*एक सेठ जी का इकलौता बेटा वेश्यागामी हो गया था। और भी ऐसा कौन सा ऐब था, जो उस लड़के में नहीं था? तो सेठ उसकी चिंता से ही घिरा रहता था।*
*एक बार उस सेठ ने अपने बेटे की जन्मकुंडली एक ज्योतिषी को दिखाई।*
*ज्योतिषी ने कहा- आपका बेटा करोड़पति बनेगा।*
*सेठ ने कहा- इसमें बताने वाली कौन सी बात है? जब मैं ही करोड़पति हूँ, तो मेरा बेटा तो करोड़पति होगा ही।*
*ज्योतिषी बोला- नहीं नहीं, एक बार वह सारा धन खो देगा, फिर करोड़पति बनेगा।*
*सेठ ने सोचा कि यह तो सारा धन खो हो देगा, फिर धन इकट्ठा करके इसे देने से क्या लाभ?*
*सेठ ने अपना सारा कारोबार आदि बेच कर, सारा धन, हीरे, सोना आदि घर के आँगन में दबा दिया, उसके ऊपर एक खम्बा गड़वा दिया और बेटे के नाम एक चिठ्ठी छोड़ कर, खुद सन्यासी हो गया।*
*बेटा घर आया तो चिठ्ठी पढ़ी। उसमें लिखा था कि इतना इतना धन आदि श्री खम्बा सिंह से ले लेना।*
*अब उस बेटे के पास पैसे तो बचे नहीं थे, तो मित्र आदि भी अकेला छोड़ गए। हार कर वह खम्बा सिंह को ढूंढने लगा। ढूंढते ढूंढते आधा देश छान मारा। योंही बहुत समय बीत गया पर कोई खम्बा सिंह होता तब तो मिलता।*
*आखिर वह थक कर वापिस अपने घर आ गया। इतने में दरवाजे पर किसी संत ने आवाज लगाई।*
*संत बोले- आज रात मुझे यहाँ सोने दो।*
*लड़का बोला- भाग यहाँ से! मेरे पास कुछ नहीं है।*
*संत बोले- मुझे कुछ चाहिए नहीं। मेरे पास भोजन है। बल्कि तुम भी खा लेना।*
*लड़के ने सोचा- आज तक जो भी आया, खाने वाला ही आया। कोई खिलाने वाला तो पहली बार ही आया है।*
*लड़के ने संत को भीतर बुला लिया, दोनों ने भोजन किया।*
*संत ने पूछा- तुम लगते तो धनी हो, तब तुम्हारी ऐसी हालत कैसे हो गई?*
*लड़के ने सारी बात बताई और वह चिठ्ठी दिखाई। संत ने कहा कि मुझे अपना घर दिखाओ। लड़के ने आँगन का दरवाजा खोल दिया। संत ने देखा कि आँगन के बीचों बीच एक खम्बा गड़ा है।*
*संत ने पूछा- यह खम्बा यहाँ कब से गड़ा है?*
*लड़का बोला- यह तो मुझे भी नहीं मालूम। मैं कभी भीतर आया ही नहीं। मैंने भी आज ही देखा है।*
*संत ने कहा आओ यह खम्बा उखाड़ते हैं। खम्बा उखाड़ा तो धन मिल गया। इतने समय के संघर्ष से लड़का भी सुधर चुका था।*
*लोकेशानन्द कहता है कि तुम्हारा धन भी तुम्हारे आँगन में गड़ा है, भीतर गड़ा है, मन में गड़ा है। वह खम्बा सिंह है तुम्हारे भीतर, तुम खोज रहे हो बाहर। हो अरबपति, बने हो भिखारी। जिनको मित्र समझा, सब मतलब के साथी निकले। तुम संत को भीतर आने तो दो। उसके लिए अपने मन का दरवाजा तो खोलो। वह तुम्हें तुम्हारा गड़ा हुआ धन दिला देगा। तुम्हें ईश्वर से मिला देगा।*
*देर मत करो। अभी निर्णय करो।*
*यह तय करने में 'समय' न लगाओ कि 'आपको क्या करना है?'*
*वरना 'समय' तय कर लेगा कि 'आपका क्या करना है?'*
🙏🆚🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
[17/05, 10:37 pm] +91 87870 48603: *श्री अरविंद जब पहली दफा साधना में उतरे*, तो उनके गुरु ने उन्हें कहा कि विचार तुम्हारे भीतर चलेंगे बहुत, तुम एक छोटा सा काम ही करना, कि तुम विचारों को मक्खियां समझ लेना, कि मक्खियां तुम्हारे सिर के आसपास मंडरा रही हैं। और तुम उनकी फिक्र न करना, उनको शोरगुल मचाने देना। तुम समझना कि तुम बीच में खड़े हो और मक्खियां गज रही हैं चारों तरफ। श्री अरविंद तीन दिन तक वैसी अवस्था में बैठे रहे। पहले तो वे बहुत घबडाए, क्योंकि मक्खियां थोड़ी न थीं। एक—एक विचार अगर एक—एक मक्खी था, तो करोड़ों मक्खियां भिनभिनाने लगीं। पर संकल्प के व्यक्ति थे। उन्होंने कहा कि अगर मक्खियां ही मानना है, तो फिर चिंता क्या करनी है, बैठे रहना है। बैठे रहे, बैठे रहे; मक्खियां भिनभिनाती रहीं, न तो उनसे लड़े, न उनको भगाया, न हटाया।
धीरे— धीरे उन्होंने पाया, घंटों के बीतने के बाद, मक्खियों की भीड़ कम होती जा रही है। तब भरोसा बढा कि सिर्फ बैठने से भीड़ कम हो रही है, तो और बैठने से और भी कम हो जाएगी। तो फिर प्रसन्नता भी आ गई, आस्था भी आ गई, आशा भी आ गई, आत्मविश्वास भी बढ़ा। फिर वे बैठे ही रहे, फिर उन्होंने सोचा कि अब उठना उचित नहीं, क्योंकि उठने पर हो सकता है कि फिर इतनी भीड़ से गुजरना पड़े। तो बैठे ही रही। तो वे तीन दिन तक बिना खाए—पीए बैठे ही रहे। उन्होंने तय कर लिया कि जब तक आखिरी मक्खी न चली जाए, तब तक मैं बैठा ही रहूंगा। तीन दिन में आखिरी मक्खी भी चली गई। कोई विचार न रहा।
उस क्षण में सुना जाता है जीवन—संगीत, उस क्षण में भीतर का स्रोत प्रकट हो जाता है। जब आप होते हैं निर्विचार, तब संबंध हो जाता है हृदय के संगीत से। जब तक विचार से भरे हैं, तब तक कोलाहल रहेगा। पर यह कोलाहल, बहुत कठिन नहीं है इसको पार करना। सिर्फ उपेक्षा और इस कोलाहल में न उलझने की दृष्टि, और धीरे— धीरे अपने को शिथिल छोड़ते जाना भर जरूरी है।
बुद्ध ने कहा है, उपेक्षा से भीतर की तरफ चलना।
वह चल रहा है शोरगुल, चलने देना। जैसे एक बाजार से तुम गुजर रहे हो, तो ठीक है, बाजार है। तुम उसकी चिंता नहीं ले रहे हो। ऐसे ही तुम इस भीतर के बाजार से भी गुजरते वक्त परेशान मत होना। एक उपेक्षा का भाव रखना कि ठीक है, बाजार है। अब तक यही इकट्ठा किया है, वह है। तुम चुपचाप साक्षीभाव से भीतर की तरफ चलना और गहरे खोजना।
डरना मत, क्योंकि निश्चित ही स्रोत है। वह स्रोत अनेकों ने पाया है और तुम भी पा सकते हो। वह जिन्होंने पाया है, उनकी गवाही है कि पाया जा सकता है। वह तुम्हारे भीतर है, पर्त दर पर्त दबा है। बहुत पर्तें हो सकती हैं। लेकिन घबड़ाना मत और उसकी खोज जारी रखना। और कितना ही उपद्रव भीतर मालूम पड़े, तुम शांत बैठ कर उस उपद्रव को देखते रहना।
यह जो भीतर का जगत है, इस भीतर के जगत में विचारों को शिथिल छोड़ना और विचारों से अपने को शांति से अलग हटा लेना— यही एकमात्र प्रयोग है, सारे धर्मों, सारी व्यवस्थाओं, सारे योग, सारे तंत्रों में। एक ही महत्वपूर्ण बात है कि किसी तरह भीतर के कोलाहल की पर्त को पार करके आप उस जगह पहुंच जाएं, जहां भीतर शांति का झरना है। वह झरना आपके भीतर है। वह उतना ही आपके भीतर है, जितना बुद्ध के भीतर है, उससे रत्ती भर भी कम नहीं है। उस झरने से संपर्क स्थापित करने की बात है। और जिस दिन तुम इस स्रोत से संबंधित हो जाओगे, तुम्हारा जीवन श्रद्धा, आशा और प्रेम से भर जाएगा।
🌹❤️ओशो 🌹❤️
साधना--सूत्र
Bhagwan ♥️
[17/05, 10:37 pm] +91 87870 48603: *संस्कृति और धर्म में अंतर समझ लेना*।
धर्म तुम्हारा स्वानुभव है,
और संस्कृति दूसरों के द्वारा सिखायी गयी बातें हैं।
लाख कोई कितनी ही व्यवस्था से सिखा दे, दूसरे की सिखायी बात तुम्हें मुक्त नहीं करती, बंधन में डालती है।
तो जब मैं कहता हूं धर्म बगावत है,
विद्रोह है, तो मेरा अर्थ है—बगावत परंपरा से, बगावत संस्कार से, बगावत आध्यात्मिक गुलामी से।
लेकिन धार्मिक व्यक्ति अराजक नहीं हो जाता। धार्मिक व्यक्ति अगर अराजक हो जाता है तो इस संसार में फिर कौन लाएगा अनुशासन?
धार्मिक व्यक्ति तो परम अनुशासनबद्ध हो जाता है। लेकिन उसका अनुशासन दूसरे ढंग का है।
वह भीतर से बाहर की तरफ आता है। वह किसी के द्वारा आरोपित नहीं है।
वह स्वस्फूर्त है।
वह ऐसा है जैसे झरना फूटता है भीतर की ऊर्जा से। वह ऐसा है जैसे नदी बहती है जल की ऊर्जा से; कोई धक्के नहीं दे रहा है।
तुम ऐसे हो जैसे गले में किसी ने रस्सी बांधी और घसीटे जा रहे हो, और पीछे से कोई कोड़े मार रहा है तो चलना पड़ रहा है।
संस्कार से जीने वाला आदमी जबरदस्ती घसीटा जा रहा है,
बे—मन से घसीटा जा रहा है।
धार्मिक व्यक्ति नाचता हुआ जाता है। वह मृत्यु की तरफ भी जाता है तो नाचता हुआ जाता है।
तुम जीवन में भी घसीटे जा रहे हो। तुम हमेशा अनुभव करते रहते हो, जबरदस्ती हो रही है। तुम हमेशा अनुभव करते रहते हो, कुछ चूक रहे हैं; दूसरे मजा ले रहे हैं, दूसरे मजा भोग रहे हैं।
🪂🪂ओशो🪂🪂
[17/05, 10:37 pm] +91 87870 48603: सिर्फ 90 दिनों में भारत का 2 रुपये = 1 डॉलर होगा
पढ़ें और अमल करें
आप इसे अंधभक्ति कहें या कुछ भी कहें, लेकिन अगर आप ट्रंप के टैरिफ को थोड़ा प्रोत्साहन देना चाहते हैं, तो नरेंद्र मोदी का यह संदेश जरूर पढ़ें और आज से ही अपनाएँ।
नरेंद्र मोदी का देशवासियों के नाम संदेश
अगर भारत के 121 करोड़ लोगों में से केवल 10% लोग रोज़ 10 रुपये का जूस पिएँ, तो एक महीने में लगभग 3600 करोड़ रुपये बनते हैं...!!!
और अगर हम
कोका-कोला (जो स्वाद और रसायनों से बना है और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है),
पेप्सी-कोला आदि
पीते हैं, तो ये 3600 करोड़ रुपये भारत से बाहर चले जाते हैं...!
कोका-कोला और पेप्सी जैसी कंपनियाँ रोज़ 7000 करोड़ रुपये से अधिक लूट रही हैं...!!
हम आपसे निवेदन करते हैं कि
गन्ने का रस / नारियल पानी / आम / फलों का जूस आदि अपनाएँ और
भारत के 7000 करोड़ रुपये बचाकर अपने किसानों को दें...
तब किसान आत्महत्या नहीं करेंगे।
फलों के जूस का व्यवसाय 1 करोड़ लोगों को रोजगार देगा और 10 रुपये का जूस सिर्फ 5 रुपये में मिलेगा...
स्वदेशी अपनाएँ, राष्ट्र को मजबूत बनाएँ...
और इस संदेश को कम से कम 15 लोगों तक पहुँचाना न भूलें...
संदेश रुकना नहीं चाहिए...
नीचे विदेशी पेय और खाद्य उत्पादों की सूची दी गई है:
कोका-कोला मैगी फैंटा
गार्नियर रेवलॉन लोरियल हग्गीज़ पैम्पर्स
मेपिको लिब्रो लेविस
नोकिया मैकडॉनल्ड्स
कैल्विन क्लेन किटकैट
स्प्राइट नेस्ले
पेप्सी KFC
इनके कारण इन कंपनियों के बाज़ार मूल्य में गिरावट आई है।
आप जिस भी ग्रुप में हों, इस संदेश को भेजना न भूलें।
अगर कोलगेट नहीं होता, तो क्या भारत में पति-पत्नी साथ नहीं सोते थे?
अगर फेयर एंड लवली नहीं होती, तो क्या भारत की सभी महिलाएँ काली होतीं?
अगर स्कर्ट नहीं होती, तो क्या लड़कियाँ भारत में पढ़ती नहीं थीं?
अगर डिस्को नहीं होता, तो क्या भारत में संगीत नहीं था?
अगर पैंटीहोज नहीं होते, तो क्या सभी गंजे होते?
अगर अंग्रेज़ी नहीं होती, तो क्या भारत में कोई बुद्धिजीवी नहीं होता?
स्वदेशी अपनाओ, देश बचाओ!
अगर सभी भारतीय 90 दिनों तक कोई विदेशी वस्तु न खरीदें,
तो भारत दुनिया का दूसरा सबसे अमीर देश बन सकता है...
हमें मिलकर यह प्रयास करना चाहिए, क्योंकि यह देश हमारा है...!!!
हम चुटकुले फॉरवर्ड करते हैं, तो इस संदेश को भी इतना फॉरवर्ड करें कि पूरा भारत इसे पढ़े...
"और"
इसे एक आंदोलन बनाएँ...!!
देशभक्ति और जनजागृति लाने के लिए कृपया इस संदेश को पूरे भारत में फैलाएँ। इसमें सिर्फ 1 मिनट लगेगा।
[17/05, 10:37 pm] +91 87870 48603: सरकार ने भारतीय सेना को क्या दिया?
टाईम निकालकर एक बार पढ लेना वतन से प्यार है तो। इन 6 साल में सरकार ने सेना को दिया क्या है। इसके बाद पेट्रोल डीजल पर रोना बन्द हो जाएगा।
● 36 :- राफेल मल्टीरोल फाइटर : 59,000 करोड़
● 7 :- प्रोजेक्ट-17A क्लास युद्ध-पोत : 50,000 करोड़
● 5 :- एयर डिफेंस SAM S-400 : 39,000 करोड़
● 22 :- अपाचे AH-64 और 15 शिनूक : 3 अरब डॉलर
● पुर्जे और गोला बारूद : 3 अरब डॉलर
● 6 :- अरिहंत क्लास सबमरीन : 23,652 करोड़
● 1 :- अकुला II क्लास न्यूक्लियर अटैक पनडुब्बी : 3.3 अरब डॉलर
● बराक-8 MRSAM एयर डिफेंस : 2 अरब डॉलर
● 73 :- ALH ध्रुव : 14,151 करोड़
● 464 :- मेन बैटल टैंक T-90 MS : 13,448 करोड़
● 7.47 लाख :- AK-203 असॉल्ट राइफल : 12,280 करोड़
● LRSAM बराक-8 : 1.41 अरब डॉलर
● 2 :- 'आकाश - NG' SAM रेजिमेंट : 9,100 करोड़
● 2 :- मल्टी यूटिलिटी वेसल 'HSL' : 9,000 करोड़
● 4 :- P-8i 'Poseidon' : 1 अरब डॉलर
● 'NASAMS' SAM : 1 अरब डॉलर
● 2 :- प्रोजेक्ट '11356 युद्धपोत' : 950 मिलियन डॉलर
● 6 :- 'अपाचे AH-64' : 930 मिलियन डॉलर
● 113 :- AL-31FP इंजन, सुखोई के लिए : 7,739 करोड़
● 145 :- हॉवित्जर 'M777' : 5,000 करोड़
● 66 :- ग्रीन पाइन रडार : 4,577 करोड़
● 100 :- K-9 'वज्र' हॉवित्जर : 4,366 करोड़
● 1 :- ब्रम्होस डिवीजन : 4,300 करोड़
● 'स्काई कैप्चर' वायु रक्षा प्रणाली : 550 मिलियन डॉलर
● 2 :- 'तलवार क्लास' युद्धपोत : 500 मिलियन डॉलर
● 164 :- ‘Litening-4’ टारगेटिंग पॉड्स**
● 250 :- 'स्पाइस-2000' सटीक स्टैंड-ऑफ बम**
● Python 5, I-Derby ER air to air missiles**
(** वाली तीनों डील कुल मिलाकर 3500 करोड़ की है)
● 150 :- 'ATAGS 155mm हॉवित्जर : 3,364 करोड़
● 13 :- नेवल गन 127mm Mk45 : 470 मिलियन डॉलर
● 2 :- 'पिनाका MBRL' रेजिमेंट : 3,000 करोड़
● 1 :- C-17 'ग्लोबमास्टर' : 366 मिलियन डॉलर
● 10 :- IAI 'Eitan' सशस्त्र ड्रोन : 366 मिलियन डॉलर
● 4 :- 'GSRE क्लास' सर्वेक्षण पोत : 2,500 करोड़
● 28 :- 'डोर्नियर Do 228' : 2,428 करोड़
● 2 :- DSRV सपोर्ट वेसल : 2,050 करोड़
● 2 :- सबमरीन रेस्क्यू 'DSRV' : 1,900 करोड़
● 72,400 :- सिग सायर कॉम्बैट राइफल्स : 1,798 करोड़
● 1 :- महासागर निगरानी जहाज (P-11184) : 1,500 करोड़
● 7 :- L&T क्लास अपतटीय गश्ती पोत : 1,432 करोड़
● 114 :- धनुष हॉवित्जर : 1,300 करोड़
● NBC वाहन : 1,265 करोड़
● 240 :- KAB-1500 बम : 1254 करोड़
● 5000 :- मिलन 2T ATGM : 1,200 करोड़
● इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल ICV's : 1,125 करोड़
● 'उच्च क्षमता रेडियो रिले' (HCRR) : 1,092 करोड़
● 5,917 :- बैरेट्टा स्कार्पियो स्नाइपर राइफल 8.36mm : 982 करोड़
● 1,500 :- M95 MS बैरेट .50 BMG एंटी मटेरियल राइफल
● उन्नत टारपीडो डेको सिस्टम (ATDS) : 850 करोड़
● 1.86 लाख :- बुलेट प्रूफ जैकेट : 693 करोड़
● नेवल MRSAM : 93 मिलियन डॉलर
● 1 :- सर्वे ट्रेनिंग वेसल (STV) : 626 करोड़
● 22 :- 'हार्पून' मिसाइल : 81 मिलियन डॉलर
● 13 :- NAMICA 'ATGM' : 524 करोड़
● 1 :- DRDO प्रौद्योगिकी प्रदर्शन पोत : 365 करोड़
● 300 :- M-46 Towed 'सारंग' (45 Cal) अपग्रेड : 200 करोड़
● 1.58 लाख :- बुलेट प्रूफ हेलमेट : 180 करोड़
📌 डीएसी ने 2014 के बाद 4.28 लाख करोड़ से अधिक रक्षा सौदों को मंजूरी दी है.
● 6 :- 'SSN क्लास' परमाणु पनडुब्बी : 60,000 करोड़
● 83 :- LCA 'तेजस' : 49,797 करोड़
● 6 :- प्रोजेक्ट 75-I क्लास सबमरीन : 40,000 करोड़
● 938 :- एयर डिफेंस गन : 5 अरब डॉलर
● 4 :- लैंडिंग हेलीकाप्टर डॉक : 25,000 करोड़
● 111 :- नेवल यूटिलिटी हेलीकाप्टर : 21,738 करोड़
● 200 :- कामोव 'Ka 226-T' : 20,000 करोड़
● 104 :- K-30 Bhio वायु रक्षा प्रणाली : 2.66 अरब डॉलर
● 814 :- सेल्फ प्रोपेल्ड ट्रक माउंटेड हॉवित्जर : 2.5 अरब डॉलर
● 6 :- 'पिनाका MBRL' रेजिमेंट : 14,633 करोड़
● 22 :- 'प्रिडिएटर - B' ड्रोन : 2 अरब डॉलर
● 6 :- अगली पीढ़ी की मिसाइल पोत : 13,500 करोड़
● 24 :- मल्टीरोल नेवल एएसडब्ल्यू हेलीकाप्टर : 1.8 अरब डॉलर
● 16 :- ASW Shallow Water Crafts : 12,000 करोड़
● 244 :- एयर डिफेंस गन : 1.5 अरब डॉलर
● 1,276 :- VSHORADS एयर डिफेंस : 1.5 अरब डॉलर
● 3 :- 'S-5 क्लास' SSBN परमाणु पनडुब्बी : 10,000 करोड़
● 118 :- अर्जुन मार्क-II MBT : 6,600 करोड़
● 2 :- AWACS 'EL/W-2090' : 800 मिलियन डॉलर
● 6 :- अपतटीय पोत NGOPVs : 4,941 करोड़
● 3.5 लाख :- कार्बाइन : 4,607 करोड़
● 41,000 :- लाइट मशीनगन 'LMG' : 3,000 करोड़
● युद्धपोतों के लिए ब्रह्मोस : 3,000 करोड़
● 15 :- हल्के लड़ाकू हेलीकाप्टर (LCH) : 2,911 करोड़
● 3 :- ABG-क्लास कैडेट प्रशिक्षण शिप : 2,700 करोड़
● 1000 :- इंजन, T-72 MBT के लिए : 2,300 करोड़
● 150 :- बख्तरबंद लड़ाकू वाहन : 2,200 करोड़
● 100 :- टारपीडो : 2000 करोड़
● 93,895 :- CQB कार्बाइन : 553.33 मिलियन डॉलर
ये 50% भी नहीं प्रोजेक्ट काली और पहाड़ों पर गोरिल्ला युद्ध के लिए तैयार की गई एक कमांडो फोर्स ऐसे जाने कितने सीक्रेट प्रोजेक्ट है जिनकी जानकारी किसी को भी नहीं।
हजारों करोड़ रुपए बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन को दिए गए।
जिससे सीमा पर रोड बन रही है।
जिसकी वजह से चीन बौखलाया हुआ है।
1962 में युद्ध हारने की वजह ही ख़तम कर दी सरकार ने रोड प्रोजेक्ट पूरे करके। लगभग 85% रोड प्रोजेक्ट पूरे हो चुके है।
#डीजल पेट्रोल के लिए रोने वालो।
रूसी सहयोग से बनी भारतीय #सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल #ब्रह्मोस की लागत बीस करोड़ रूपए है.
यानि पांच मिसाइल दाग दीं तो एक अरब रूपया स्वाहा. एक #राफेल फाइटर जेट की कीमत साढ़े #सोलह अरब रूपए है..!!
रूस को ताजा दिए इक्कीस मिग 29 और बारह #सुखोई 30 लड़ाकू विमानों की कीमत साठ अरब रूपए है.
इसका #चालीस अरब रूपए भुगतान कर दिया गया है...!!
रूस से ही खरीदे जा रहे #मिसाइल रोधी सिस्टम S 400 की कीमत चालीस अरब रूपए है. #चिनूक, अपाचे ये सब मुफ्त नहीं मिले हैं इनपर अरबों खरबों खर्च हुआ है...!!
तोप का एक एक #गोला लाखों रूपए का है...छोटी से छोटी #मिसाइल भी एक #करोड़ से ऊपर की है...!!
मत भूलिए #कांग्रेस किस तरह सेना को #नंगा_बूचा छोड़ कर गई थी... #सैनिक फटे जूते पहने घूम रहे थे...न गोला #बारूद बचा था न #मनोबल...!!
सेना के बार बार चेताने पर भी सैन्य #साजोसामान नहीं खरीदा गया और रक्षा सौदों में #आपराधिक देरी हुई...!!
“बरसों पुराने लड़ाकू विमान उड़न #ताबूत कहलाये जाने लगे”
#डीजल_पेट्रोल पर मत रोओ, कम से कम #युद्धकाल में तो चुप रहो..पैदल चलो स्वस्थ्य रहोगे, घर बैठो #कोरोनावायरस से बचोगे,
#देश बचेगा तो तुम बचोगे और जब तुम बचोगे तभी डीजल पेट्रोल खरीद पाओगे...!!
#शत्रु तीन तरफ से सीमा पर घात लगाए बैठा है और तुम डीजल पेट्रोल के दामों पर कपड़े फाड़ रहे हो....!!
तुम्हें #पाकिस्तान और #चीन की गर्दन भी #मरोड़नी है और डीजल पेट्रोल भी चालीस रूपए लीटर चाहिए...!!
[17/05, 10:37 pm] +91 87870 48603: सिर्फ 90 दिनों में भारत में 2 रुपये = 1 डॉलर होगा
पढ़ें और पालन करें
चाहे हमें अंधभक्त कहो या कुछ भी कहो,
लेकिन अगर आप ट्रम्प के टैरिफ को थोड़ा प्रोत्साहन देना चाहते हैं, तो नरेंद्र मोदी का यह संदेश जरूर पढ़ें और आज से ही अमल करें।
नरेंद्र मोदी का देश के नाम संदेश
अगर भारत के 121 करोड़ लोगों में से केवल 10% लोग रोज 10 रुपये का जूस पिएं,
तो 1 महीने में लगभग 3600 करोड़ रुपये बनते हैं...!!!
और अगर हम...
कोका-कोला या (जो केवल स्वाद और केमिकल से बनता है और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है)
पेप्सी-कोला आदि पिएंगे,
तो यह भारत देश के 3600 करोड़ रुपये
देश के बाहर चले जाएंगे...!
कोका-कोला, पेप्सी जैसी कंपनियां रोजाना 7000 करोड़ रुपये से ज्यादा लूट रही हैं...!!
हम आपसे विनती करते हैं कि...
गन्ने का रस / नारियल पानी / आम / फलों का जूस आदि अपनाएं और
भारत के 7000 करोड़ रुपये बचाएं तथा यह पैसा हमारे देश के किसानों को दें...
तब किसान आत्महत्या नहीं करेंगे।
फलों के जूस का व्यापार 1 करोड़ लोगों को रोजगार देगा और 10 रुपये का एक गिलास जूस केवल 5 रुपये में मिलेगा...
स्वदेशी अपनाओ, राष्ट्र को मजबूत बनाओ...
और इस संदेश को कम से कम 15 लोगों तक पहुंचाना मत भूलिए...
यह संदेश रुकना नहीं चाहिए...
नीचे कुछ विदेशी खाने-पीने और उत्पादों की सूची दी गई है:
कोका-कोला, मैगी, फैंटा, गार्नियर, रेव्लॉन, लोरियल, हग्गीज, पैंपर्स, मामीपोको, लिब्रो, लेविस, नोकिया, मैकडॉनल्ड्स, कैल्विन क्लेन, किटकैट, स्प्राइट, नेस्ले, पेप्सी, KFC
इन कंपनियों के कारण विदेशी कंपनियों का बाजार बढ़ रहा है।
आप जिस भी ग्रुप में हों, यह संदेश भेजना मत भूलिए।
अगर कोलगेट नहीं होता, तो क्या भारत में पति-पत्नी साथ नहीं सोते?
अगर फेयर एंड लवली नहीं होती, तो क्या भारत की सारी महिलाएं काली ही रहतीं?
अगर स्कर्ट नहीं होती, तो क्या लड़कियां भारत में पढ़ती नहीं?
अगर डिस्को नहीं होता, तो क्या भारत में संगीत नहीं होता?
अगर अंग्रेजी नहीं होती, तो क्या भारत में कोई बुद्धिजीवी नहीं होता?
स्वदेशी अपनाओ, देश बचाओ!
अगर सभी भारतीय 90 दिनों तक कोई विदेशी वस्तु न खरीदें...
तो भारत दुनिया का दूसरा सबसे अमीर देश बन सकता है...
आओ, हम सब मिलकर यह प्रयास करें, क्योंकि यह देश हमारा है...!!!
हम मजाक वाले मैसेज फॉरवर्ड करते हैं,
तो इस संदेश को इतना फॉरवर्ड करें कि पूरा भारत इसे पढ़े...
"और"
इसे एक आंदोलन बनाएं...!!
देशभक्ति और जनजागरण के लिए कृपया इस संदेश को पूरे भारत में फैलाने की शुरुआत करें।
[17/05, 10:37 pm] +91 87870 48603: कल पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शिवेंदु अधिकारी मिथुन चक्रवर्ती के घर जाकर शुक्रिया अदा किया और उन्होंने कहा कि वह मिथुन चक्रवर्ती की मेहनत की वजह से मुख्यमंत्री बने हैं
जी हां ऐसे माहौल में जब ममता बनर्जी की हिटलर की सरकार तमाम भाजपा नेताओं पर जुल्म किया जैसे बाबुल सुप्रियो पर हमला हुआ और मात्र दो हमले में बाबुल सुप्रियो इतना डर गए कि भाजपा छोड़कर वह ममता बनर्जी की पार्टी में शामिल हो गए
ऐसे ही मिथुन चक्रवर्ती पर भी बंगाल में चार बार हमला हुआ लेकिन मिथुन चक्रवर्ती डरे नहीं डटे रहे लड़ते रहे
जबकि मिथुन चक्रवर्ती एक सफल होटल और रिसॉर्ट के व्यवसाई है
मोनार्क ग्रुप आफ होटल एंड रिजॉर्ट उनकी कंपनी है उनके पास मैसूर ऊटी सहित कई जगहों पर साथ फाइव स्टार होटल और तीन रिजॉर्ट है लेकिन उन्होंने अपने बिजनेस की चिंता ना करते हुए बंगाल में बदलाव के लिए खुद को समर्पित कर दिया और 2021 से लगातार मिथुन चक्रवर्ती बंगाल में ही रह रहे थे
और वहां जमीन पर उतरकर लगातार ममता बनर्जी की सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहे थे
ममता बनर्जी ने खुलेआम मिथुन चक्रवर्ती को कैबिनेट मंत्री की पेशकश किया था लेकिन ममता बनर्जी यह लालच में मिथुन चक्रवर्ती को डिगा नहीं सकी
और शिवेंदु अधिकारी का यह कहना कि वह मिथुन चक्रवर्ती की मेहनत से मुख्यमंत्री बने हैं यह काफी हद तक सही है।
🙏🚩
[17/05, 10:37 pm] +91 87870 48603: नेताओं की तरह
सूर्यकांत जी ने सफाई दी -
यह तो राजनेताओं का चलन है कि जहां उनके बयान की छीछलेदार होती, तो वे तुरंत सफाई देते हैं कि उनके बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया है भले ही वह बयान मीडिया के वीडियो में साफ़ सुनाई दे रहा हो - एक बात और कह देते हैं राजनेता कि उनके बयान से किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है तो उसके लिए मुझे खेद है -
चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने भी राजनेताओं की तरह पलटी खाई और सफाई दी कि “मीडिया के एक वर्ग द्वारा उनकी मौखिक टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया है” - उन्होंने कहा कि उनकी आलोचना देश के युवाओं के खिलाफ नहीं थी, बल्कि फर्जी डिग्री के सहारे विभिन्न पेशों में शामिल होने वाले लोगों के खिलाफ थी- लेकिन नेताओं की तरह बस “खेद” व्यक्त नहीं किया -
Live Law ने सूर्यकांत जी के बयान को इस भाषा में प्रकाशित किया था -
“There are youngsters like Cockroaches, who don’t get any employment and don’t have any place in the profession. Some of them become media, some of them become social media, some of them become RTI activist, some of them become other activists and they start attacking everyone”
इस बयान में कहीं यह स्पष्ट नहीं है कि आप केवल वकालत जैसे नोबल प्रोफेशन में फर्जी डिग्री धारकों की बात कर रहे हैं जैसा अब आप स्पष्टीकरण दे रहे हैं - आपने तो सारे बेरोजगार युवाओं को एक लाठी हाँक दिया था - विभिन्न पेशों में फर्जी डिग्रियों के सहारे घुसे लोगों की बात होती तो आप सभी की डिग्रियों की जांच की बात करते जबकि आपने केवल दिल्ली के सभी वकीलों की डिग्रियों की CBI से जांच की बात की -
अब सूर्यकांत जी स्पष्टीकरण दे रहे हैं कि “मुझे न केवल हमारे वर्तमान युवा और भविष्य के मानव संसाधन पर गर्व है, बल्कि भारत का हर युवा मुझे प्रेरित करता है और यह भी कहा कि हमारे युवा विकसित भारत के स्तम्भ हैं और वे देश के युवाओं का बहुत सम्मान और आदर करते हैं”
मैंने कल लिखा था कि सुप्रीम कोर्ट ने 10 अप्रैल 2023 को रिटायर्ड जस्टिस दीपक गुप्ता की अध्यक्षता में 8 सदस्यीय समिति बनाई थी 25 लाख वकीलों और जजों की डिग्रियों के सत्यापन के लिए और समिति को 31 अगस्त, 2023 तक रिपोर्ट देने को कहा था - मैंने यह भी बताया था कि कैसे मुझे सुप्रीम कोर्ट के CPIO ने रिपोर्ट के स्टेटस की जानकारी देने से मना करते हुए यहां तक कहा कि आपको तो सूचना मांगने का अधिकार ही नहीं है क्योंकि आप केस में पार्टी नहीं हो
क्या किसी को सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति की रिपोर्ट के बारे में सूचना मांगने का भी अधिकार नहीं है यदि वह केस में पार्टी नहीं है - इस तरह का उत्तर कोई “परजीवी” अधिकारी ही दे सकता है
करीब तीन साल से डी के गुप्ता समिति ने कोई अंतरिम रिपोर्ट भी नहीं दी है जबकि honorarium बराबर मिल रहा होगा - किसकी जेब से पैसा खर्च हो रहा है - पहले उस समिति से अभी तक सत्यापित की डिग्रियों की रिपोर्ट तो तलब कीजिए शायद उसमे ही दिल्ली के वकीलों की जानकारी निकल आए और CBI जांच की जरूरत ही न पड़े - और हां, डी के गुप्ता समिति को यथाशीघ्र काम पूरा करने के लिए कहा जाए
हो सकता है आपकी मंशा वह न रही हो जैसा मीडिया में बताया लेकिन नूपुर शर्मा को तो आपने जस्टिस परदीवाला के साथ पूरी तरह सोच समझ कर अपमानित किया था जबकि विदेशी शक्तियां तक उसके कथित बयान पर सरकार को घेर रही थी और आपने आग में घी डालने का काम किया नूपुर को सारे फसाद की जड़ बता कर - आप दोनों जज छोटे नहीं हो जाते अगर आप उससे अपने शब्दों के लिए अफ़सोस ही प्रकट कर देते -
चलिए आपने तो स्पष्टीकरण दे दिया लेकिन यह भी सत्य है कि कई बार जजों द्वारा अवांछनीय टिप्पणियां की जाती है को judicial decorum को शोभा नहीं देती -
(सुभाष चन्द्र)
“मैं वंशज श्री राम का)
17/05/2026
@followers
[17/05, 10:37 pm] +91 87870 48603: W⦿RLD UPDATES
🌍 रिपोर्ट- अमेरिका अगले हफ्ते ईरान पर दोबारा हमले की तैयारी में, 50 हजार सैनिक और युद्धपोत तैनात; ट्रम्प के फैसले का इंतजार।
🌍 US-Iran Tensions: डोनाल्ड ट्रंप की हत्या पर ₹558 करोड़ के इनाम का प्रस्ताव ईरानी संसद में पेश किया जाएगा।
🌍 US: नाइजीरिया में ISIS का दूसरा सबसे बड़ा कमांडर अबू-बिलाल अल-मिनुकी मारा गया, राष्ट्रपति ट्रंप ने दी जानकारी।
🌍 नीदरलैंड में PM मोदी का प्रवासी भारतीयों को संबोधन, बोले- भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब है और अब ग्लोबल ग्रोथ इंजन बनना चाहता है।
🌍 भारत में सूखा और भीषण गर्मी पड़ने की आशंका, मई-जून तक सक्रिय रह सकता है अल नीनो; कमजोर हो सकता है मानसून।
🌍 केंद्रीय मंत्री बंदी संजय के बेटे की गिरफ्तारी पर रोक नहीं, POCSO केस में कोर्ट ने अंतरिम जमानत पर फैसला टाला।
🌍 Army Chief: ‘पाकिस्तान तय करे कि वह भूगोल का हिस्सा बनना चाहता है या इतिहास का’, सेना प्रमुख की चेतावनी।
🌍 Bengal: ममता बनर्जी के 15 साल के शासन को लेकर विपक्ष के निशाने तेज, कई मुद्दों पर सरकार घिरी।
👍 Like | 🔁 Share | ✅ Follow
[17/05, 10:37 pm] +91 87870 48603: *💁🏻♂️ प्रशांत महासागर में बन रहा है सुपर एल नीनो — इतिहास का सबसे बड़ा होने की आशंका*
वैज्ञानिकों के अनुसार 2026-27 के दौरान एक शक्तिशाली El Niño विकसित हो सकता है, और इसके “Super El Niño” बनने की भी संभावना जताई जा रही है।
अगर यह बेहद मजबूत हुआ, तो दुनिया के कई हिस्सों में मौसम पर बड़ा असर पड़ सकता है।
🌍 संभावित प्रभाव:
📍 भारत → अधिक गर्मी, कमजोर या अनियमित मानसून, सूखे का खतरा, हल्की सर्दियां।
📍 ऑस्ट्रेलिया → सूखा, जंगलों में आग (Bushfire) का खतरा और हीटवेव।
📍 अमेरिका → दक्षिणी राज्यों में ज्यादा बारिश, उत्तरी हिस्सों में गर्म सर्दियां।
📍 पेरू और दक्षिण अमेरिका का पश्चिमी तट → भारी बारिश और बाढ़ का खतरा।
📍 अफ्रीका → पूर्वी अफ्रीका में ज्यादा बारिश, जबकि दक्षिणी अफ्रीका में सूखा बढ़ सकता है।
📍 यूरोप → अप्रत्यक्ष असर, कुछ क्षेत्रों में गर्म सर्दियां और असामान्य मौसम।
[17/05, 10:37 pm] +91 87870 48603: 👉 *मन की शांति वास्तव में जीवन की वह अमूल्य निधि है जिसके सामने दुनिया के तमाम भौतिक सुख और ऐश्वर्य फीके पड़ जाते हैं। जब हम 'ऐश्वर्य' शब्द का प्रयोग करते हैं, तो अक्सर हमारा ध्यान धन-दौलत, आलीशान महल या सुख-सुविधाओं की ओर जाता है, लेकिन गहराई से विचार करने पर समझ आता है कि इन सबका अंतिम उद्देश्य मन को संतुष्टि और शांति पहुँचाना ही है। यदि किसी व्यक्ति के पास संसार की हर सुख-सुविधा मौजूद हो, परंतु उसका मन अशांत, चिंतित या भयभीत हो, तो वह उन संसाधनों का आनंद कभी नहीं ले सकता। इसके विपरीत, एक शांत चित्त वाला व्यक्ति अभावों में भी उस आनंद का अनुभव कर लेता है जिसे बड़े-बड़े सम्राट तरसते हैं।*
*यह शांति केवल बाहरी शोर की अनुपस्थिति नहीं है, बल्कि यह हमारे भीतर का वह ठहराव है जो हमें विपरीत परिस्थितियों में भी अडिग रखता है। मन की शांति का अर्थ है अपने विचारों पर नियंत्रण होना और जीवन की आपाधापी के बीच खुद को संतुलित रखना। जब मन शांत होता है, तब हमारी निर्णय लेने की क्षमता स्पष्ट होती है और हम जीवन को उसकी समग्रता में देख पाते हैं। अशांत मन एक धुंधले दर्पण की तरह होता है जिसमें सत्य का प्रतिबिंब साफ नहीं दिखता, जबकि शांत मन उस निर्मल सरोवर के समान है जिसमें आकाश की गहराइयां स्पष्ट दिखाई देती हैं।*
*वास्तव में, मन की शांति ही वह वास्तविक स्वास्थ्य और वैभव है जो हमें भीतर से समृद्ध बनाता है। बाहरी सफलता अस्थायी हो सकती है, लेकिन आंतरिक शांति वह स्थायी संपत्ति है जिसे न कोई चुरा सकता है और न ही समय के साथ जिसकी चमक फीकी पड़ती है। यह हमें स्वयं से जोड़ती है और जीवन के प्रति एक कृतज्ञता का भाव पैदा करती है। जिस व्यक्ति ने अपने मन को जीत लिया और उसमें शांति स्थापित कर ली, उसने संसार का सबसे बड़ा साम्राज्य जीत लिया है, क्योंकि सच्चा ऐश्वर्य बाहर की वस्तुओं को इकट्ठा करने में नहीं, बल्कि भीतर की हलचल को थामने में निहित है।*
🪷आपका दिन मंगलमय हो।
[17/05, 10:37 pm] +91 87870 48603: *🚀 भारतीय वायु सेना की बड़ी जीत: चीन की सबसे 'खतरनाक' मिसाइल का राज अब भारत के पास! 🇮🇳*
क्या आप जानते हैं कि युद्ध सिर्फ आसमान में लड़ाकू विमानों से नहीं, बल्कि बंद कमरों में 'इलेक्ट्रॉनिक कोडिंग' से भी जीता जाता है? भारतीय वायु सेना (IAF) के हाथ एक ऐसा 'खजाना' लगा है जिसने पड़ोसी देशों की रातों की नींद उड़ा दी है! 🤫✈️
🔶मई 2025 के 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारत ने पंजाब के होशियारपुर के पास से चीन की सबसे एडवांस PL-15E Beyond-Visual-Range (BVR) मिसाइलें बरामद की हैं। ये वही मिसाइलें हैं जिन्हें पाकिस्तान अपने जेएफ-17 (JF-17) और जे-10सी (J-10CE) विमानों में लगाकर भारत को आंखें दिखाता था।
🔶अब हमारे डिफेंस एक्सपर्ट्स ने इन मिसाइलों को पूरी तरह 'डिकोड' कर लिया है। इसका मतलब क्या है? आसान भाषा में समझिए:
1️⃣ मिसाइल होगी 'अंधी' और 'बहरी': भारत ने इस मिसाइल के 'फ्रीक्वेंसी-हॉपिंग' और रडार सीकर का राज जान लिया है। अब हमारे राफेल, सुखोई-30MKI और तेजस के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम इन मिसाइलों को हवा में ही जैम (Jam) कर देंगे।
2️⃣ असली रेंज का खुलासा: कागजों पर चीन इस मिसाइल की मारक क्षमता बहुत ज्यादा बताता था, लेकिन लैब टेस्टिंग में इसकी असली ताकत और कमियों का पता चल गया है।
3️⃣ पायलट अब और भी सुरक्षित: अब भारतीय पायलटों को पता है कि इस मिसाइल से बचने के लिए कब और कैसा पैंतरा (Maneuver) बदलना है।
🔶यह सिर्फ एक हथियार की बरामदगी नहीं है, बल्कि यह चीन और पाकिस्तान के पूरे एयर-कॉम्बैट प्लान पर पानी फेरने जैसा है। हमारे स्वदेशी EW (Electronic Warfare) सूट अब पहले से कहीं ज्यादा घातक हो चुके हैं। 🛠️📡
👉भारत की इस बड़ी कामयाबी पर आप क्या कहना चाहेंगे? क्या आपको लगता है कि स्वदेशी तकनीक (जैसे तेजस और अस्त्र मिसाइल) आने वाले समय में पूरी दुनिया में भारत का डंका बजाएगी? 🇮🇳👇
*IndianAirForce DefencingIndia IAF PL15E OperationSindoor Rafale Tejas AatmanirbharBharat*
[17/05, 10:37 pm] +91 87870 48603: *आखिरी ,पेन, कहानी आपके दिल को रुला देगी लंबी है लेकिन मार्मिक है इसका लिंक भी साथ में बना है-पेरियासामी-पत्नी थंगम मौजूदा आज की कहानी - योगाचार्य कृष्ण मुरारी लाल अग्रवाल स्वामी जी द्वारा प्रदर्शित व्यक्तिगत रुला देने वाली कहानी 👇*
*मदुरै, मीनाक्षी मंदिर का प्रवेश द्वार।*
*व्यक्ति: पेरियासामी।*
*उम्र 60 वर्ष। हर रोज सुबह 6 बजे वह मंदिर के प्रवेश द्वार पर बैठते थे। उनके सामने एक छोटा सा कपड़ा बिछा होता, जिस पर पेन, पेंसिल, रबर और कंपास बॉक्स जैसी चीजें सजी होतीं। एक फुटपाथ की दुकान। लेकिन खास कोई धंधा नहीं।*
*पेरियासामी का एक नियम था। जब भी कोई बच्चा पेन मांगने आता, तो वह पहले पूछते:*
“*बेटा... क्या परीक्षा देने जा रहे हो?”*
“*हाँ दादा। आज गणित का पेपर है। मैं पेन भूल गया हूँ।”*
*तुरंत पेरियासामी एक अच्छी पेन चुनकर उसे देते।*
“*ये लो। यह लकी पेन है। जाओ, 100 में से 100 नंबर लाना।”*
“*कितने पैसे हुए दादा?”*
“*पैसे बाद में। पहले परीक्षा देकर आओ। फिर वापस आकर अपने नंबर बताना, तब पैसे देना।”*
*बच्चे हँसते हुए दौड़ जाते। वे कभी वापस नहीं आते, और पेरियासामी ने कभी किसी से पूछा भी नहीं।*
*उनकी पत्नी थंगम उन्हें डाँटती:*
“*क्या आप पागल हो गए हैं? एक पेन दस रुपये की आती है। अगर आप ऐसे मुफ्त में देते रहोगे, तो हम क्या खाएँगे? घर का किराया कौन देगा?”*
*पेरियासामी एक पुरानी डायरी निकालते। उसमें उन्होंने तारीख के अनुसार नोट लिखा था:*
“*12.03.2010 – रमेश – गणित की परीक्षा – पेन – बाकी”*
“*05.06.2011 – सुमति – हिंदी की परीक्षा – पेन – बाकी”*
“*18.09.2013 – मुरुगन – 10वीं बोर्ड परीक्षा – पेन – बाकी”*
*पूरी डायरी ऐसे ‘बाकी’ हिसाबों से भरी थी। गिनती की तो लगभग 3000 पेन। तीस हजार रुपये।*
“*देखो थंगम,” वह कहते, “यह कर्ज नहीं है, यह मेरा ‘निवेश’ है। एक दिन यह जरूर वापस आएगा।”*
*थंगम आह भरती:*
“*तुम्हारा यह निवेश मिट्टी में मिल जाएगा। अब तुम बूढ़े हो गए हो, अब कौन वापस आने वाला है?”*
*बीस साल बीत गए। पेरियासामी अब 80 वर्ष के हो चुके थे। आँखों से धुंधला दिखता था और सुनाई भी कम देता था। फिर भी आज भी वही मंदिर का दरवाजा, वही कपड़ा बिछाकर बैठते थे। लेकिन अब बच्चे जेल पेन और ऑनलाइन चीजें इस्तेमाल करते थे, इसलिए उनका धंधा बिल्कुल बंद था।*
*एक सुबह मंदिर के दरवाजे पर एक बड़ी गाड़ी आकर रुकी। लगभग 35 साल का एक आदमी बाहर निकला—सूट-बूट पहने, हाथ में फूलों का गुलदस्ता।*
*वह सीधे पेरियासामी के पास गया और उनके चरण छुए।*
“*दादा... मुझे पहचाना?”*
*पेरियासामी ने आँखें सिकोड़कर देखने की कोशिश की।*
“*बेटा... मैं अब बूढ़ा हो गया हूँ। मुझे ठीक से दिखाई नहीं देता।”*
“*दादा... 18 साल पहले... 10वीं बोर्ड की परीक्षा थी। गणित का पेपर। उस सुबह मैं रोता हुआ आया था। मेरी पेन टूट गई थी और मेरे पास पैसे नहीं थे। आपने मुझे एक पेन दी थी और कहा था—‘यह लकी पेन है, जाओ 100 नंबर लाना।’ आपने पैसे नहीं लिए थे।”*
*पेरियासामी को धुंधली याद आई।*
“*बेटा... तू...”*
“*मैं मुरुगन हूँ, दादा। मैंने उसी पेन से परीक्षा लिखी और 98 नंबर लाया। मैं पास हुआ, कॉलेज गया और आज मेरी अपनी सॉफ्टवेयर कंपनी है—‘पेन्ना टेक्नोलॉजीज़’। मेरी जिंदगी आपकी उस पेन से शुरू हुई थी।”*
*थंगम दरवाजे पर खड़ी यह सब सुन रही थी, उसकी आँखों से आँसू बह रहे थे।*
*मुरुगन ने एक लिफाफा निकाला।*
“*दादा... उस दिन मुझे आपको 10 रुपये देने थे। आज मैं ब्याज सहित वापस देता हूँ।”*
*अंदर दस लाख रुपये का चेक था।*
*पेरियासामी के हाथ काँपने लगे।*
“*बेटा... मुझे पैसे नहीं चाहिए। तू सफल हुआ, वही बहुत है।”*
“*नहीं दादा। यह पैसे नहीं हैं। यह आपका निवेश है—जो मुनाफे के साथ वापस आया है। अब आपको इस फुटपाथ पर बैठने की जरूरत नहीं। मैं आप दोनों की जिम्मेदारी लेता हूँ।”*
*अगले दिन अखबार में हेडलाइन थी:*
“*सॉफ्टवेयर उद्योगपति ने फुटपाथ पर बैठने वाले दादा को 10 लाख की गुरुदक्षिणा दी।”*
*यह खबर पढ़कर दूसरे दिन दूसरी गाड़ी आई।*
“*दादा, मैं सुमति हूँ। मैंने आपकी दुकान से हिंदी परीक्षा के लिए पेन ली थी। आज मैं हिंदी की शिक्षिका हूँ।”*
*फिर रमेश आया।*
“*दादा, मैं आज ऑडिटर हूँ। मेरी जिंदगी की पहली बैलेंस शीट आपकी पेन से लिखी गई थी।”*
*एक हफ्ते में तो मंदिर के दरवाजे पर जैसे शादी का माहौल बन गया। डॉक्टर, इंजीनियर, कलेक्टर, पुलिस अफसर—सब लाइन में आए, पेरियासामी के पैर छुए और फूल, फल और लिफाफे भेंट में दिए।*
*थंगम ने पुरानी डायरी निकाली। 3000 एंट्री थीं, 30,000 रुपये बाकी थे। लेकिन आज जो वापस आया था उसकी कीमत 3 करोड़ से भी ज्यादा थी।*
*पेरियासामी रो पड़े और बोले:*
“*थंगम... मैंने तुमसे कहा था न। यह कर्ज नहीं था। यह तो बीज थे। मैंने इन्हें बोया था और आज यह एक बड़ा जंगल बन गए हैं।”*
*आज मीनाक्षी मंदिर के प्रवेश द्वार पर एक बड़ी दुकान है:*
“*पेरियासामी पेन स्टोर।”*
*जिसका कोई किराया नहीं है, क्योंकि मुरुगन ने वह दुकान खरीद ली है।*
*दुकान में एक बोर्ड लगा है:*
“*यहाँ परीक्षा देने जाने वाले विद्यार्थियों के लिए पेन मुफ्त है। बस वापस आकर अपने नंबर बता देना। पैसे बाद में दे देना।”*
*उसके नीचे एक छोटी लाइन लिखी है:*
“*दस रुपये की एक पेन जिंदगी बदल सकती है। विश्वास रखिए।”*
*और आपको पता है आज वह दुकान कौन चलाता है?*
*मुरुगन—वही सॉफ्टवेयर कंपनी का मालिक। हफ्ते में दो बार वह अपना सूट उतारकर दुकान में बैठता है और बच्चों को पेन देता है:*
“*बेटा... यह लकी पेन है। जाओ, 100 में से 100 नंबर लाना।”*
*आप जो देते हैं, वह सिर्फ पेन नहीं होती—वह एक आशा होती है।*
*एक दिन वही आशा लौटकर आपके चरणों में झुकेगी।*
*उस दिन आपको समझ आएगा कि—*
*आप कभी गरीब नहीं थे।*
*आप सच में बहुत अमीर थे।*
[17/05, 10:38 pm] +91 87870 48603: *🌸🌾शाम की देश राज्यों से बड़ी खबरे...*
👇
*=======================================17/05/2026*
*1* नीदरलैंड्स से स्वीडन के लिए रवाना हुए पीएम मोदी, द्विपक्षीय व्यापार पर होगी चर्चा
*2* नीदरलैंड से 1000 साल पुराने तमिल दस्तावेज भारत आएंगे, मोदी की मौजूदगी में समझौता; टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप बनाने वाली डच कंपनी में भी डील
*3* त्रिवेंद्रम-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस के 2 कोच में आग लगी, गार्ड ने लोको पायलट को सूचना दी, 15 मिनट में 68 यात्री बाहर निकाले; सभी सुरक्षित
*4* संयुक्त राष्ट्र में भारत ने होर्मुज में जहाजों पर हो रहे हमलों को लेकर गहरी चिंता जताई है। भारत ने साफ कहा है कि व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना, नागरिक क्रू मेंबर्स की जान खतरे में डालना और समुद्री रास्तों की आवाजाही में रुकावट पैदा करना पूरी तरह अस्वीकार्य है
*5* अमित शाह का बड़ा बयान: कहा-सेवा क्षेत्र में भी नंबर वन बनेगा गुजरात, बंगलूरू जैसे टेक हब से होगी सीधी टक्कर
*6* एक देश-एक चुनाव: प्रस्ताव पर NDA के घटक दल ने रखी यह मांग; ECI को शक्ति देने वाले प्रावधान में भी हो परिवर्तन
*7* राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने के अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश को मिलाकर अब कुल जजों की संख्या 38 होगी। इस फैसले का उद्देश्य लंबित मामलों को तेजी से निपटाना और देश की न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करना है।
*8* दिल्ली-NCR में सीएनजी फिर महंगी, 48 घंटे में दूसरी बार बढ़े दाम , इधर बढ़े CNG के दाम, उधर कांग्रेस ने पीएम मोदी पर बोला हमला, बता दिया 'इन्फ्लेशन मैन'
*9* सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सरकारी नियंत्रण वाले मंदिरों के पुजारियों और कर्मचारियों के वेतन की समीक्षा के लिए न्यायिक आयोग बनाने की याचिका पर सुनवाई करेगा। याचिका में उन्हें कर्मचारी घोषित करने और सम्मानजनक वेतन देने की मांग की गई है
*10* NEET पेपर लीक केस में 9वां आरोपी कोर्ट में पेश, बॉटनी टीचर मंधारे 14 दिन की CBI कस्टडी में; नांदेड़ में कदम के फ्लैट पर छापा
*11* होर्मुज पार कर एक और LPG टैंकर भारत पहुंचा, 20 हजार टन गैस लेकर आया; जंग के बाद अब तक 15 भारतीय जहाज निकले
*12* गोमूत्र से भोजशाला की शुद्धि, गर्भगृह में अखंड ज्योत स्थापित, ASI की नई गाइडलाइन के बाद पहली बार मां वाग्देवी की आराधना
*13* UP: लखनऊ में पुलिस ने वकीलों पर किया लाठीचार्ज, अवैध चैंबरों पर बुलडोजर चलने का कर रहे थे विरोध, बढ़ा तनाव
*14* सालों तक गैंगरेप फिर ब्लैकमेल: जोधपुर में दो बहनों ने तंग आकर किया सुसाइड, बड़ी ने लगाई फांसी तो छोटी ने खाया जहर
*15* Vodafone Idea के लिए संजीवनी बनी AGR राहत: Q4 में 51,970 करोड़ का प्रॉफिट, 6 साल में पहली बार मुनाफा
*16* IPL में आज बेंगलुरु Vs पंजाब, धर्मशाला में बेंगलुरु को 15 साल से हरा नहीं पाया पंजाब; कोहली ने पिछले मैच में शतक लगाया
*17* IPL में आज दूसरा मुकाबला दिल्ली Vs राजस्थान, दोनों टीमों के लिए करो या मरो मैच; हेड-टु-हेड रिकॉर्ड बराबरी पर
*18* अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया में व्याप्त तनाव के बीच एक ऐसा पोस्ट किया है, जिसने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक एआई से बनाई गई तस्वीर साझा की, जिसमें वह 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' कैप पहनकर अमेरिकी नौसेना के एक एडमिरल के साथ युद्धपोत पर खड़े दिखाई दे रहे हैं
*19* इसके साथ ट्रंप ने लिखा, 'यह तूफान से पहले की शांति थी'। ट्रंप के इस संदेश को सीधे तौर पर ईरान के लिए चेतावनी माना जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ फिर से हवाई हमले शुरू करने के विकल्प पर चर्चा कर रहा है।
*20* कांगो और युगांडा में इबोला वायरस का कहर, WHO ने वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल किया घोषित
*======================================ALL INDIA NEWS.✍️*
[17/05, 10:51 pm] +91 87870 48603: विश्व के देशों की जनसंख्या देखें।
अमेरिका – 33.1 करोड़
रूस – 14.6 करोड़
जर्मनी – 8.5 करोड़
टर्की – 8.4 करोड़
यूके – 6.8 करोड़
फ्रांस – 6.5 करोड़
इटली – 6.1 करोड़
स्पेन – 4.7 करोड़
पोलैंड – 3.8 करोड़
रोमानिया – 1.9 करोड़
नीदरलैंड – 1.7 करोड़
ग्रीस – 1.7 करोड़
बेल्जियम – 1.2 करोड़
चेक रिपब्लिक – 1.1 करोड़
पुर्तगाल – 1.1 करोड़
स्वीडन – 1.0 करोड़
हंगरी – 1.0 करोड़
स्विट्ज़रलैंड – 0.9 करोड़
बुल्गारिया – 0.7 करोड़
डेनमार्क – 0.6 करोड़
यूरोप (लगभग) – 60 करोड़
ब्राज़ील – 21.2 करोड़
अर्जेंटीना – 4.5 करोड़
………………………………
कुल – 137.3 करोड़
………………………………
👉 अकेले भारत की जनसंख्या – 142 करोड़ !!
अब ज़रा विचार करें
कोविड-19 के दौरान जितना बोझ पूरा यूरोप, अमेरिका, रूस, ब्राज़ील और अर्जेंटीना मिलकर झेल रहे थे,
उतनी ही बड़ी ज़िम्मेदारी अकेले भारत सरकार निभा रही थी।
फिर भी भारत ने क्या किया?
🔹 दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे तेज़ टीकाकरण अभियान
🔹 भारत में बनी वैक्सीन ने 100+ देशों को जीवनदान दिया
🔹 प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत करोड़ों लोगों को मुफ्त राशन
🔹 जनता कर्फ्यू, समय पर लॉकडाउन और स्वास्थ्य ढांचे का तेज़ विस्तार
🔹 ऑक्सीजन, अस्पताल, बेड और दवाइयों की व्यवस्था युद्ध स्तर पर
🔹 “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना के साथ पूरी दुनिया की मदद
👉 142 करोड़ की आबादी वाले देश को संभालना कोई मज़ाक नहीं होता।
👉 हँसना और टिप्पणी करना आसान है, ज़िम्मेदारी निभाना कठिन।
❗ पप्पू मत बनिए, विचार करिए।
देश का मज़ाक न बनाएं, न ही बनने दें।
भारत ने कोविड काल में दुनिया के सामने एक मिसाल पेश की है।
👉 अंधभक्त से पहले मैं एक भारतीय हूं।
👉 और मुझे अपने देश, अपनी सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की नीयत व नेतृत्व पर पूरा विश्वास है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)