30 मार्च 2026 का 100 मुख्य समाचार जो इस तरीके से बताया जा रहा है कि आज पूरे देश में पैसों की बढ़ती जा रही है
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Tejraftarnews.in: *पीएम मोदी की 'मन की बात 132वें एपिसोड में बोले प्रधानमंत्री- वैश्विक तनाव के बीच भारत शांति का पक्षधर*
March 30, 2026
*नई दिल्ली :* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' के 132वें एपिसोड के जरिए राष्ट्र को संबोधित किया। इस बार प्रधानमंत्री का संबोधन ऐसे समय में हुआ है जब मध्य पूर्व में युद्ध की स्थिति बनी हुई है और वैश्विक तनाव चरम पर है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत में ही दुनिया के मौजूदा हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि 'हमारे पड़ोस में भीषण युद्ध चल रहा है'। उन्होंने शांति और कूटनीति पर जोर देते हुए भारत के उस संकल्प को दोहराया जिसमें युद्ध के बजाय संवाद को प्राथमिकता दी जाती है।
वैश्विक युद्ध और भारत की शांति की अपीलप्रधानमंत्री ने ईरान-इजरायल और रूस-यूक्रेन जैसे संघर्षों की ओर इशारा करते हुए कहा कि आज दुनिया के कई हिस्सों में अस्थिरता का माहौल है। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना में विश्वास रखता है और हमारा प्रयास है कि बातचीत के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकले। पीएम मोदी ने बताया कि वैश्विक संकट के इस दौर में भी भारत अपनी अर्थव्यवस्था और विकास की गति को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को और मजबूत करें ताकि किसी भी अंतरराष्ट्रीय संकट का असर हमारे देश पर कम से कम पड़े। जेवर एयरपोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर की नई उड़ानसंबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने हाल ही में उद्घाटन किए गए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का भी जिक्र किया। उन्होंने इसे भारत के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का गौरव बताया और कहा कि ऐसे प्रोजेक्ट्स देश की प्रगति की नई कहानी लिख रहे हैं।पीएम मोदी ने बताया कि कैसे जेवर एयरपोर्ट के माध्यम से न केवल कनेक्टिविटी बढ़ेगी, बल्कि यह युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर भी पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब 'एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट' वाले राज्य के रूप में दुनिया के नक्शे पर उभर रहा है।
*त्योहारों की शुभकामनाएं और सामाजिक सरोकार*
चूंकि आज रविवार है और राम नवमी एवं अन्य त्योहारों का समय करीब है, प्रधानमंत्री ने देशवासियों को पर्वों की ढेरों शुभकामनाएं दीं। उन्होंने 'मन की बात' में जल संरक्षण, स्वच्छता अभियान और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपनी मुहिम को जारी रखा। पीएम ने कुछ ऐसे स्थानीय नायकों की कहानियां भी साझा कीं, जो अपने छोटे-छोटे प्रयासों से समाज में बड़ा बदलाव ला रहे हैं। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी ऊर्जा का उपयोग देश के नवनिर्माण और सामाजिक कुरीतियों को दूर करने में करें।
*लोकतंत्र की शक्ति और मतदान का महत्व*
प्रधानमंत्री ने आगामी चुनावों और मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने नए मतदाताओं, विशेषकर युवाओं से आग्रह किया कि वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें और सुनिश्चित करें कि उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज हो। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती नागरिकों की जागरूकता में ही निहित है। 132वें एपिसोड के अंत में प्रधानमंत्री ने देशवासियों को सुरक्षित रहने और देश के विकास में अपना योगदान देते रहने का आह्वान किया।
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*1* पश्चिम एशिया के युद्ध से हम सब मिलकर निपटेंगे, अफवाहों पर ध्यान ना दे,'मन की बात' में बोले पीएम मोदी
*2* मोदी बोले-जंग के चलते दुनिया में पेट्रोल-डीजल का संकट, भारत चुनौती से निपट रहा, अफवाहों में न आएं; सरकार की जानकारी पर भरोसा करें
*3* मैं आज 'मन की बात' के माध्यम से सभी देशवासियों से फिर यह आग्रह करूंगा कि हमें एकजुट होकर इस चुनौती से बाहर निकलना है। जो लोग इस विषय पर भी राजनीति कर रहे हैं, उन्हें राजनीति नहीं करनी चाहिए। यह देश के 140 करोड़ देशवासियों के हित से जुड़ा विषय है, इसमें स्वार्थ भरी राजनीति का कोई स्थान नहीं है। ऐसे में जो भी लोग अफवाह फैला रहे हैं, वे देश का बहुत बड़ा नुकसान कर रहे हैं।
*4* पीएम मोदी ने कहा वर्तमान में हमारे पड़ोस में एक माह से भीषण युद्ध चल रहा है | हमारे लाखों परिवारों के सगे-संबंधी इन देशों में रहते हैं, खासतौर पर खाड़ी देशों में काम करते हैं। मैं खाड़ी देश का बहुत आभारी हूँ, वे ऐसे एक करोड़ से ज्यादा भारतीयों को वहाँ पर हर प्रकार की मदद दे रहे हैं।
*5* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज केरल दौरे पर रहेंगे, जहां वे विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए उम्मीदवारों के समर्थन में पलक्कड़ में रैली और त्रिशूर में रोड शो करेंगे। इस दौरे को चुनावी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इसमें भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है।
*6* LDF-UDF ने वर्षों तक किया सत्ता का व्यापार': केरल मे PM मोदी का विपक्ष पर हमला, कहा- लोगों से किए खोखले दावे
*7* मोदी बोले- केरल स्वार्थी राजनीति के दो मुखौटों में फंसा, LDF-UDF दोनों भ्रष्टाचारी, इन्हें भाजपा से डर; सत्ता में आते ही काले कारनामे खुल जाएंगे
*8* केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम में घुसपैठ के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि भाजपा सरकार ने पिछले दस वर्षों में असम में घुसपैठ को रोका है, लेकिन यह काफी नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रत्येक अवैध अप्रवासी को उनके देश वापस भेजा जाना चाहिए
*9* अमित शाह ने चुनावी रैली में कहा, ''अगर भाजपा बोडोलैंड के युवाओं, आदिवासियों से बात कर सकती है, तो कांग्रेस क्यों नहीं कर पाई?'' उन्होंने कहा, "भाजपा के कारण असम आतंकवाद से मुक्त है; कांग्रेस शासन के दौरान गोलीबारी और बम विस्फोट होते थे; पिछले 10 वर्षों में कई दौर की बातचीत के बाद 10,000 युवाओं ने हथियार डाले और शांति कायम हुई
*10* सत्ता में आए तो बुजुर्गों को हर महीने 1250 रुपए की सहायता, महिलाओं को व्यवसाय के लिए 50 हज़ार, कांग्रेस ने असम के लोगों से किए पांच वादे
*11* लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुजरात में दलित और आदिवासी समुदायों के खिलाफ बढ़ते अत्याचार को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में नफरत, भेदभाव और हिंसा का माहौल लगातार गहराता जा रहा है।
*12* राहुल गांधी ने हाल ही में गुजरात से आए दलित और आदिवासी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कई पीड़ितों की आपबीती सुनी। उन्होंने बताया कि कुछ मामलों में लोगों को इतनी बेरहमी से पीटा गया कि उनके शरीर में कई फ्रैक्चर हो गए, वहीं एक अन्य मामले में व्यक्ति को जिंदा जला दिया गया।
*13* कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भाजपा पर साधा निशाना, कहा- केरल में शून्य सीट वाली पार्टी को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं
*14* खात्मे के कगार पर नक्सलवाद: दस साल में 10,000 से ज्यादा माओवादियों का आत्मसमर्पण, अर्बन नक्सल पर भी नकेल
*15* अयोध्या में एकादशी के पावन अवसर पर होने वाली पंचकोसी परिक्रमा में रविवार को लाखों श्रद्धालुओं की आस्था उमड़ पड़ी। सुबह से ही लंबी कतारें परिक्रमा मार्ग पर देखने को मिलीं। आसपास के जिलों के साथ-साथ बड़ी संख्या में बिहार से भी श्रद्धालु पहुंचकर परिक्रमा में शामिल हुए।
*16* हिमाचल समेत 7 राज्यों में ओले गिर सकते हैं, राजस्थान में 2 दिन आंधी-बारिश का अलर्ट; जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी, सड़क बंद
*17* महाराष्ट्र में मौसम ने मारी पलटी; भीषण गर्मी के बीच 6 दिनों तक भारी आंधी-बारिश! किसानों-मछुआरों के लिए आई गाइडलाइन
*18* संकट के बीच भारत ने श्रीलंका को दिया 38000 मीट्रिक टन पेट्रोल-डीजल, विपक्ष ने भी कहा- धन्यवाद
*19* अमेरिका में ट्रम्प के खिलाफ 80 लाख लोगों का मार्च, 3,300 जगह प्रदर्शन, ईरान वॉर और महंगाई को लेकर पद से हटाने की मांग
*20* ईरान जंग पर पाकिस्तान की 3 देशों के साथ मीटिंग, सऊदी-तुर्किये और मिस्र के विदेश मंत्री इस्लामाबाद पहुंचे, अमेरिका ने 3500 सैनिक मिडिल ईस्ट भेजे
*21* दुकानें और हाईवे बंद, शादियों पर भी रोक... पाकिस्तान ने लगा दिया स्मार्ट लॉकडाउन, तेल संकट के बीच शहबाज सरकार का फैसला
*22* एक तरफ बातचीत तो दूसरे ओर जमीनी हमले की साजिश रच रहा अमेरिका, ईरान ने खूब लताड़ा।
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Tejraftarnews.in: , : *🙏श्री गणेशाय नम:🙏* :
‼️ *जय माता दी* ‼️
,,*ॐ नमो कुलदेवत*,,
*रात्र ■ कथा*
/// *मलमूत्र की कोठरी* ///
राजा परीक्षित की मृत्यु का एक दिन शेष था पर राजा का शोक और मृत्यु का भय कम नहीं हुआ तो शुकदेव ने राजा को एक कथा सुनाई-'एक राजा जंगल में शिकार खेलने गया और रास्ता भटक गया। उसे एक झोपड़ी नजर आई जिसमें एक बीमार बहेलिया रहता था। उसने झोपड़ी में ही एक ओर मल-मूत्र त्यागने का स्थान बना रखा था और खाने के लिए जानवरों का मांस झोपड़ी की छत पर टांग रखा था। वह बहुत छोटी, दुर्गंधयुक्त झोपड़ी थी
राजा ने विवशतावश बहेलिए से झोपड़ी में रातभर ठहरा लेने की प्रार्थना की।
बहेलिया बोला-'मैं भटके हुए राहगीरों को अक्सर ठहराता रहा हूँ पर दूसरे दिन वे झोपड़ी से जाना नहीं चाहते मैं अब इस झंझट में नहीं पड़ना चाहता, इसलिए आपको नहीं ठहरा सकता।' राजा ने उसे वचन दिया कि वह ऐसा नहीं करेगा। किन्तु सुबह उठते-उठते उस झोपड़ी की गन्ध में राजा ऐसा रच-बस गया कि वहीं रहने की बात सोचने लगा उसका बहेलिए से कलह भी हुआ
शुकदेव ने परीक्षित से पूछा-'क्या उस राजा के लिए यह झंझट उचित था?' परीक्षित ने कहा- 'वह तो बड़ा मूर्ख था जो राज-काज भूल कर दिए हुए वचन को तोड़ते हुए अधिक समय तक झोपड़ी में रहना चाहता था आखिर वह राजा कौन था?'
शुकदेव ने कहा-'वह और कोई नहीं, तुम स्वयं हो इस मल-मूत्र की कोठरी यानी देह में जितना समय तुम्हारी आत्मा को रहना जरूरी था, वह अवधि पूरी हो गई। अब इसे दूसरे लोक को जाना है। क्या अब भी मरने का शोक करना उचित है?' परीक्षित ने मृत्यु के भय को भुलाते हुए मानसिक रूप से निर्वाण की तैयारी कर ली और अन्तिम दिन का कथा-श्रवण पूरे मन से किया...
*`पुण्य लाभ के लिए इस पोस्ट को कृपया औरो को भी अवश्य भेजिए`*
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,, *`पंडित.संजय शास्त्री`* ,,
Tejraftarnews.in*
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*ASTROLOGY*
*नाम*
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*एक बार सेवा का मोका दे*
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Tejraftarnews.in: 🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक - 30 मार्च 2026*
🌤️ *दिन - सोमवार*
🌤️ *विक्रम संवत - 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत - 1948*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - वसंत ऋतु*
🌤️ *मास - चैत्र*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - द्वादशी सुबह 07:09 तक तत्पश्चात त्रयोदशी*
🌤️ *नक्षत्र - मघा दोपहर 02:48 तक तत्पश्चात पूर्वाफाल्गुनी*
🌤️ *योग - शूल शाम 04:51 तक तत्पश्चात गण्ड*
🌤️*राहुकाल - सुबह 08:06 से सुबह 09:39 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:35*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:51*
👉 *दिशाशूल - पूर्व दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - श्री वामन द्वादशी, मदन द्वादशी,अनंग त्रयोदशी, सोम प्रदोष व्रत*
💥 *विशेष - द्वादशी को पूतिका (पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *हनुमानजी प्रणाम मंत्र* 🌷
➡ *02 अप्रैल 2026 गुरुवार को हनुमान जन्मोत्सव है ।*
🙏🏻 *मैं जब भी कभी हनुमानजी की मूर्ति के सामने खड़ा होता हूँ तो यही बोलता हूं -*
🌷 *सुमिरि पवनसुत पावन नाम , अपने वश करि राखे राम ।*
🙏🏻 *हे हनुमानजी, आपने रामनाम का ऐसा तो सुमिरन किया कि रामजी को ही आपने अपने वश में कर लिया ।*
🌳 *आप भी कभी जाओ तो ये बोलना क्योंकि हनुमानजी को जप बहुत अच्छा लगता है । हनुमानजी के आगे कोई*
🙏🏻 *सिंदूर और चोला न चढ़ाये, नारियल न रखें तो हनुमानजी नाराज नहीं होंगे पर ये बोल दे कि हनुमानजी आपको भगवान का नाम कितना प्यारा लगता है ।*
🌷 *सुमिरि पवनसुत पावन नाम , अपने वश करि राखे राम । हनुमानजी राजी होंगे ।*
🙏🏻 *- श्री सुरेशानंदजी Mumbai 3rd March'2012*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌷 *हनुमान जन्मोत्सव पर दीप दान महिमा* 🌷
🙏🏻 *गेहूँ, तिल, उड़द, मूंग और चावल.. इन पाँचों के आटे से मिलाकर दिया बनाया जाये और वो जलाकर हनुमानजी के नाम से मंदिर में, पीपल या बड के पेड़ या घर में ही रखा जाये तो बड़ा शुभ माना जाता है |*
🌷 *इससे मनोरथों की सिद्धि होती है|* 🌷
🙏🏻 *भक्ति बढ़ाने की भावना से हनुमानजी की राम भक्ति सच्ची है तो मेरी भी मेरे अराध्य के चरणों में, मेरे सद्गुरु के चरणों में मेरी भक्ति सच्ची हो, दृढ हो | मेरा जीवन उपासनामय हो | मैं इच्छानिवृति का रास्ता कभी न छोडू, मैं गुरु की उपासना का रास्ता कभी न छोडू | मेरी भक्ति में दृढ़ता है इसलिए हनुमानजी की जयंती को हनुमान के नाम से पाँच अन्न का आटा मिलाकर अगर दीपक बनाया जाये और हनुमानजी के नाम से जलाया जाय तो बड़ा शुभ माना जाता है | सरसों का तेल के और घी का भी दिया कर सकते हैं |*
💥 *विशेष - 02 अप्रैल 2026 गुरुवार को हनुमान जन्मोत्सव है ।*
🙏🏻 *- Shri Sureshanandji Vapi 24th April' 2013*
📖 *सनातन पंचांग संपादक ~ अंजनी निलेश ठक्कर*
📒 *सनातन पंचांग प्रकाशित स्थल ~ सुरत शहर (गुजरात)*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🙏🏻🌷🌻🌹🍀🌺🌸🍁💐🌷🙏🏻
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*⚜️ आज का राशिफल ⚜️*
*दिनांक : 30 मार्च 2026*
🐐🐂💏💮🐅👩
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मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज के दिन आप कार्य-व्यवसाय में असहयोग की स्थिति बनने पर उग्र हो सकते है। सहयोगी आवश्यक कामो में लापरवाही दिखाएंगे। सभी महत्त्वपूर्ण निर्णय आपको स्वयं ही लेने पड़ेंगे जिससे कुछ समय के लिए असमंजस की स्थिति बनेगी फिर भी इससे किसी वरिष्ठ के सहयोग से बाहर निकल सकेंगे। धन लाभ आज आवश्यकता अनुसार लेकिन प्रयत्न करने पर ही होगा। आज आप पुरानी स्मृतियां ताजा होने से कुछ समय के लिए काल्पनिक दुनिया मे भी खोये रहेंगे। दाम्पत्य जीवन मे अहम के कारण खटास आ सकती है।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आपका आज का दिन भी विषम परिस्थितियों वाला रहेगा। दिन के आरंभ में ही कोई अशुभ समाचार मिलने से मन हताश रहेगा। कार्य व्यवसाय में से भी आज निराशा ही हाथ लगेगी। ध्यान रहे आज धन लाभ के लिए किसी के सहयोग एवं मार्गदर्शन की आवश्यकता पड़ेगी इसलिए रूखे व्यवहार से बचें आज आप केवल व्यवहारिकता के बल पर ही लाभ कमा सकते है। घर मे भी किसी सदस्य के हाथ नुकसान होने की संभावना है इसको अनदेखा करना ही बेहतर रहेगा अन्यथा पहले से ही उग्र वातावरण अधिक गंभीर हो सकता है।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज का दिन आपको आर्थिक रूप से सबल बनाने में सहयोग करेगा। व्यवसाय में प्रतिस्पर्धा आज कुछ कम रहेगी जिसका फायदा अवश्य उठाएंगे। नौकरी पेशा जातको को अधिकारी वर्ग का प्रोत्साहन मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। आज आप स्वयं के कार्य के साथ ही परिचितों के कार्यो में भी सहयोग करेंगे। घर एवं बाहर के लोग आपकी प्रसंशा अवश्य करेंगे। सरकारी अथवा पैतृक संबंधित मामलों में विजय के साथ ही भविष्य के लिए लाभ सुनिश्चित होगा। गृहस्थ जीवन मे थोड़ा उतार चढ़ाव लगा रहेगा फिर भी संतोष की अनुभूति होगी।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज के दिन आप किसी ना किसी उलझन में फंसे रहेंगे। दिन का अधिकांश समय अनर्गल कार्यो में बर्बाद होगा। लोग आपके मन के विपरीत कार्य करवाने को बाध्य करेंगे जिसमें निकट भविष्य में हानि ही होगी। कार्य व्यवसाय में देरी के कारण सौदे निरस्त हो सकते है। आज किसी पारिवारिक सदस्य के गलत आचरण के कारण सम्मान में कमी आने की भी संभावना है। क्रोध पर नियंत्रण अतिआवश्यक है वरना उलझने कम होने की जगह ज्यादा गंभीर बनेंगी। धन लाभ आकस्मिक लेकिन अल्प मात्रा में ही होगा।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज के दिन आपकी मनोवृति सुखोपभोग की अधिक रहेगी जिस वजह से कार्य क्षेत्र पर पूर्ण ध्यान नही दे पाएंगे फिर भी आज धन लाभ के अवसर मिलते रहेंगे। जिस भी कार्य को करने का मन बनाएंगे उनके निर्णय आरंभिक व्यवधान के बाद आपके ही पक्ष में रहेंगे। सरकारी कार्यो भी आज किसी के सहयोग मिलने से आगे बढ़ेंगे। सार्वजनिक कार्यो में अरुचि रहेगी। लंबी धार्मिक तीर्थ स्थानों की यात्रा के प्रसंग बन सकते है। पारिवारिक वातावरण लगभग सामान्य ही रहेगा। संतानो के ऊपर खर्च होगा।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज के दिन आप अधिकांश कार्यो में लापरवाही दिखाएंगे जिससे उचित लाभ मिलने में विलंब के साथ ही कमी भी आएगी। स्वयं का काम छोड़ अन्य लोगो के कार्य मे रुचि लेना हानि कराएगा। किसी के झगड़े में टांग ना अड़ाए मान हानि हो सकती है। आर्थिक उलझने किसी के टोकने पर ही परेशान करेंगी अन्य समय इनको लेकर भी बेपरवाह ज्यादा रहेंगे। घर मे किसी सदस्य के मनमाने व्यवहार के कारण माहौल थोड़ा गरम हो सकता है। शारीरिक स्फूर्ति आज कम रहेगी।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज का दिन आपको आकस्मिक धन लाभ कराएगा। आज जिन कार्यो अथवा व्यवहारों से उम्मीद नही रहेगी उनसे भी आकस्मिक लाभ होने की संभावना है। व्यवहार में थोड़ी चंचलता रहने से आस-पास के लोग असहज अनुभव करेंगे फिर भी मसखरा स्वभाव आपकी उदंडता पर पर्दा डालेगा। पारिवारिक सदस्य तीर्थ स्थल की यात्रा पर जाने की योजना बनाएंगे इसके लिए अधिक खर्च भी करना पड़ेगा। आज सामर्थ्य से अधिक खर्च करने पर आर्थिक उलझनों में पड़ सकते है। कार्य व्यवसाय में शुरुआती मंदी के बाद गति आएगी धन लाभ प्रचुर मात्रा में होगा।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज का दिन आपके लिए विशेष शुभ रहेगा। धन लाभ के साथ-साथ संबंधों में भी निकटता का अहसास होगा। व्यवसाय क्षेत्र पर भी सहयोगी वातावरण मिलने से निश्चित समय पर कार्य पूर्ण कर लेंगे। पूर्व नियोजित कार्यो के अलावा भी अन्य आय के स्त्रोत्र बनेंगे। आज आपके व्यवहार से कुछ ऐसे संबंध बनेंगे जिनसे लंबे समय तक लाभ प्राप्त किया जा सकेगा। घर मे अविवाहितों के लिए रिश्ते आएंगे लेकिन पक्के होने में संशय रहेगा। मनपसंद भोजन वस्त्र एवं अन्य सुख मिलने से प्रसन्नचित रहेंगे।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज का दिन भी आपके लिए लाभदयक रहेगा फिर भी ध्यान रखें आज किसी के गलत मार्गदर्शन अथवा गलतफहमी में पड़ने से लाभ के अवसर किसी अन्य के पास भी जा सकते है। धन लाभ भी आपके परिश्रम की तुलना में अधिक हो सकता है परंतु इसके लिए कार्य क्षेत्र पर अनर्गल बातो को छोड़ लक्ष्य को केंद्रित रकह कार्य करें। दैनिक उपभोग के खर्च आसानी से निकल जाएंगे। आज कोई आपकी भावुकता का गलत फायदा भी उठा सकता है। आंख बंद कर किसी पर विश्वास ना करें। लंबी यात्रा की योजना बनेगी।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आपका आज का दिन भी अशुभ रहने से अधिक सावधानी बरतने की सलाह है। सेहत का आज विशेष ध्यान रखें परिवार में बीमारी का प्रकोप अथवा अन्य आकस्मिक दुर्घटना होने की संभावना है। दवाओं पर भी आज अतिरिक्त खर्च करना पड़ सकता है। भोजन की असंयमितता पेट खराबी का कारण बनेगी। कार्य व्यवसाय से भी आज किसी की खुशामद के बाद ही लाभ के योग बन पाएंगे। पारिवारिक वातावरण आज अस्त-व्यस्त अधिक रहेगा। विद्यार्थी वर्ग पढ़ाई में आना-कानी करेंगे।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज आप कार्यो में व्यस्त रहने के बाद भी दिन का भरपूर आनंद उठाएंगे। मन इच्छित कार्य होने से हास-परिहास का वातावरण बना रहेगा। कार्य-व्यवसाय में थोड़ा अधिक परिश्रम करना पड़ेगा लेकिन इसका उचित लाभ भी अवश्य मिलेगा। कार्य स्थल पर लोगो को आपकी कार्य शैली पसंद आएगी अधिकारी वर्ग भी आप पर कृपा दृष्टि बनाये रखेंगे। आपकी आवश्यकता लोगो को आज अधिक रहने से सम्मान के साथ धन लाभ के अवसर भी मिलते रहंगे। गृहस्थ में पूर्ण ध्यान नही देने से किसी की नाराजगी देखनी पड़ेगी लेकिन कुछ समय के लिए ही।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज का दिन मिश्रित फलदायी रहेगा। दिन के आरंभ में दैनिक कार्यो को पूर्ण करने की जल्दी में कुछ हानि हो सकती है। इसके बाद का समय अधूरे कार्यो को पूर्ण करने में बीतेगा मध्यान तक परिश्रम का फल ना मिलने से निराशा रहेगी परन्तु संध्या के समय धन की आमद होने लगेगी व्यवसाय में आज विस्तार ना करें निवेश भी सोच समझ कर ही करें। नौकरी पेशा जातक कार्यभार बढ़ने से थकान अनुभव करेंगे। घर मे मांगलिक आयोजन हो सकता है। कुछ मतभेद के बाद भी शांति बनी रहेगी।
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Tejraftarnews.in: 3️⃣0️⃣❗0️⃣3️⃣❗2️⃣0️⃣2️⃣6️⃣
*♨️ आज का प्रेरक प्रसंग ♨️*
*!! सपने और हकीकत !!*
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बहुत समय पहले की बात हैं, एक व्यक्ति था जो बेहद आलसी और साथ ही साथ गरीब भी था। वह कुछ भी मेहनत नहीं करना चाहता था। लेकिन अमीर बनने का सपना देखता रहता था। वह भिक्षा मांगकर अपना गुजारा करता था।
एक सुबह उसे भिक्षा के रूप में दूध से भरा एक घड़ा मिला। वह बहुत प्रसन्न हुआ और दूध का घड़ा लेकर घर चला गया।
उसने दूध को उबाला, उसमें से कुछ दूध पिया और बचा हुआ दूध, एक बर्तन में डाल दिया। दूध को दही में बदलने के लिए उसने बर्तन में थोड़ा सा दही डाला। इसके बाद वह सोने के लिए लेट गया। वह सोते समय दही के बर्तन के बारे में सोचने लगा।
उसने सोचा, “सुबह तक दूध दही बन जायेगा। मैं दही को मथकर उससे मक्खन बना लूंगा। फिर मक्खन को गर्म करके उससे घी बना लूंगा। फिर घी को बाजार में जाकर उसे बेच दूँगा और कुछ पैसे कमा लूंगा। उस पैसे से मैं एक मुर्गी खरीदूंगा। मुर्गी अंडे देगी, उन अंडो से बहुत सारे मुर्गे मुर्गी पैदा होंगे। फिर ये मुर्गियां सैकड़ों अंडे देगी और मेरे पास जल्द ही एक पोल्ट्री फार्म होगा।” वह कल्पना में डूबा रहा।
फिर उसने सोचा, “मैं सारी मुर्गियां बेच दूंगा और फिर कुछ गाय भैंस खरीद लूंगा और दूध की डेयरी खोल दूंगा। शहर के सभी लोग मुझसे दूध खरीदने आएंगे और मैं बहुत जल्दी ही अमीर हो जाऊंगा। फिर में अमीर परिवार की खूबसूरत लड़की से शादी कर कर लूंगा। फिर मेरा एक सुंदर सा बेटा होगा। अगर वह कोई शरारत करेगा तो मुझे बहुत गुस्सा आएगा और उसे सबक सिखाने के लिए मैं उसे डंडे से ऐसे मारूंगा।”
यह सोचने के दौरान उसने बिस्तर के बगल में पड़ा डंडा उठाया और मारने का नाटक करने लगा। यही डंडा उसके दूध के बर्तन में लग गया और दूध का बर्तन टूट गया, इससे सारा दूध जमीन पर फैल गया।
बर्तन की आवाज सुनकर उस आदमी की नींद उड़ गई। फैला हुआ दूध देखकर उसने अपना सिर पकड़ लिया।
*शिक्षा:-*
सपने देखो, लेकिन खाली सपने देखने से कुछ नहीं होगा। हमें कड़ी मेहनत करनी होगी। कुछ भी जिंदगी में आसानी से नहीं मिलता हैं। हमारी जिंदगी को बेहतरीन बनाने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। क्योंकि कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नहीं है।
अगर आप केवल सपने ही देखते रहते हैं उनको साकार करने के लिए कोई कदम नहीं उठाते हैं, तो ऐसा करके आप खुद को धोखा दे रहे हैं। इसलिए पहले खुद का 100% दीजिए, फिर सफलता खुद आपके कदम चूमने आएगी।
*सदैव प्रसन्न रहिये - जो प्राप्त है, पर्याप्त है।*
*जिसका मन मस्त है - उसके पास समस्त है।।*
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Tejraftarnews.in: .. *जय श्री राम*
*सोमवार, 30 मार्च 2026 के मुख्य समाचार*
🔶ईरान जंग में भारत बना संकटमोचक: श्रीलंका को भेजा 38000 टन पेट्रोलियम, राजपक्षे ने PM मोदी को किया धन्यवाद
🔶ईरान की अमेरिका को सीधी चेतावनी! “Welcome to Hell”, जमीनी हमला हुआ तो ताबूत में लौटेंगे सैनिक
🔶अमेरिका से यूरोप तक ट्रंप के खिलाफ ‘नो किंग्स’ आंदोलन, ईरान के समर्थन में सड़कों पर उतरे लाखों लोग
🔶नेपाल PM का Gen-Z आंदोलन पर बड़ा फैसला, 27 शहीद छात्रों के परिवारों को दी सरकारी नौकरी
🔶इजराइल के केमिकल प्लांट पर ईरान का मिसाइल हमला : जहरीले रिसाव की चेतावनी, आसमान मे छाया काला धुंवा
🔶पंजाब के मलेरकोटला में 2 आतंकी गिरफ्तार: पंजाब और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दबोचा, 5 साल से गांव शेरवानी कोटे में करते थे मजदूरी
🔶बंगाल के लिए कांग्रेस की पहली लिस्ट, 284 नाम: लोकसभा चुनाव हारे अधीर रंजन को बहरामपुर से टिकट; पीएम केरल में बोले- LDF-UDF दोनों भ्रष्टाचारी
🔶सरकार का बड़ा फैसला: राशन वाला केरोसीन अब पेट्रोल पंप पर भी मिलेगा
🔶Bihar: आज एमएलसी पद से इस्तीफा देंगे नीतीश कुमार, जेडीयू MLA का बड़ा बयान; बिहार में मजबूत होगी BJP की भूमिका
🔶अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच बढ़ता टकराव: अफगान सरकार का आरोप- PAK की गोलाबारी में एक की मौत, 16 घायल
🔶बड़ी डील की तैयारी में भारत: PM की न्यूजीलैंड यात्रा जल्द, FTA पर हो सकता है साइन
🔶अमेरिका-ईरान युद्ध में 'बिचौलिया' बनने पर गदगद पाकिस्तान, बोला- चीन भी है साथ
🔶नियम तोड़े तो ड्राइविंग लाइसेंस होगा निलंबित, 10 हजार तक का जुर्माना भी पड़ सकता है भरना, देश में कहीं से बनवा सकेंगे DL
🔶पश्चिम एशिया संकट के बीच रूस ने पेट्रोल निर्यात पर रोक की तैयारी शुरू की
🔶अमित शाह ने जारी किया टीएमसी सरकार के खिलाफ ‘अभियोगनामा’, 35 पन्नों की चार्जशीट से बड़ा हमला
🔶मन की बात : प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षा में नवाचार पर दिया जोर, बेंगलुरु के 'अन्वेषण' पहल की सराहना की
🔶पश्चिम एशिया युद्ध से उत्पन्न संकट में स्वार्थी राजनीति न करें,अफवाहें न फैलाएं - मोदी
🔶तमिलनाडु चुनाव: पेरम्बूर और त्रिची पूर्व से लड़ेंगे विजय, TVK ने जारी की उम्मीदवारों की सूची
🔶'कांग्रेस राजनीति के लिए 1 करोड़ भारतीयों की जान खतरे में डाल रही'- पलक्कड़ रैली में बरसे पीएम मोदी
🔶पंजाब- बरनाला में जैक से उठाई जा रही बिल्डिंग गिरी: अंदर सो रहे 3 लोगों की मलबे में दबकर मौत; VIDEO सामने आया
🔶कोडरमा में जंगली हाथी का कहर: महुआ चुनने गई महिला की मौत, 4 दिनों में 3 लोगों की खा गए जिंदगी
🔷IPL 2026 : MI ने KKR को 6 विकेट से हराया, रोहित-रिकलटन की दमदार पारी ने दिलाई जीत
*आपका दिन शुभ और मंगलमय हो सुप्रभात..!!*
जय हो🙏
Tejraftarnews.in: 🪔🪔🪔 ⚜🕉⚜ 🪔🪔🪔
*🙏ॐ श्रीगणेशाय नम:🙏*
*🙏शुभप्रभातम् जी🙏*
*इतिहास की 30 मार्च 2025 तक की मुख्य घटनाओं सहित पञ्चांग - मुख्यांश...*
*📝आज दिनांक 👉*
*📜 30 मार्च 2026*
*सोमवार*
*🏚नई दिल्ली अनुसार🏚*
*🇮🇳शक सम्वत-* 1948
*🇮🇳विक्रम सम्वत-* 2083
*🇮🇳मास-* चैत्र
*🌓पक्ष-* शुक्लपक्ष
*🗒तिथि-* द्वादशी - 07:11 तक
*🗒पश्चात्-* त्रयोदशी
*🌠नक्षत्र-* मघा - 14:4 तक
*🌠पश्चात्-* पूर्वाफाल्गुनी
*💫करण-* बालव - 07:11 तक
*💫पश्चात्-* कौलव
*✨योग-* शूल - 16:50 तक
*✨पश्चात्-* गण्ड
*🌅सूर्योदय-* 06:14
*🌄सूर्यास्त-* 18:37
*🌙चन्द्रोदय-* 16:11
*🌛चन्द्रराशि-* सिंह - दिनरात
*🌞सूर्यायण -* उत्तरायण
*💡अभिजित-* 12:01 से 12:50
*🤖राहुकाल-* 07:47 से 09:20
*🎑ऋतु-* वसन्त
*⏳दिशाशूल-* पूर्व
*✍विशेष👉*
*_🔅आज सोमवार को 👉 चैत्र सुदी द्वादशी 07:11 तक पश्चात् त्रयोदशी शुरू, श्री श्यामबाबा द्वादशी , श्री मदन द्वादशी , श्री वामन द्वादशी , सोम प्रदोष व्रत , हरि दमनोत्सव , अनंग त्रयोदशी व्रत (कुछ पंचांग में कल मंगलवार को भी), सर्वदोषनाशक रवियोग 14:48 से , मूल संज्ञक नक्षत्र 14:48 तक , श्री जयाजी महाराज यात्रा हीरपुर (मूर्तिजापुर) , श्री महादेव यात्रा सिंदखेड़ (अकोला) , श्री अवलियाबा जयंती उमरामोथा (वाशिम) , श्री महावीर जयन्ती (जैन , पंचांगभेद से कल मंगलवार को भी) , गुरू श्री हर किशन सिंह पुण्य दिवस (तारीखानुसार) , श्री राज कुमार डोरेन्द्र सिंह स्मृति दिवस , श्री श्यामजी कृष्ण वर्मा स्मृति दिवस , राजस्थान स्थापना दिवस व अंतर्राष्ट्रीय शून्य अपशिष्ट दिवस।_*
*_🔅कल मंगलवार को 👉 चैत्र सुदी त्रयोदशी 06:58 तक पश्चात् चतुर्दशी शुरु , मीनाक्षी कल्याणम् , शिव नृसिंह दमनकोत्सव (महानिशीय काल में) , दमनक चतुर्दशी (सायान्हव्यापिनी) , अनंग त्रयोदशी व्रत (पंचांगभेद) , सूर्य रेवती नक्षत्र में 20:08 पर , श्री महावीर जयन्ती (जैन , पंचांगभेद से आज)।_*
*🎯आज की वाणी👉*
🌹
*कांश्चिदर्थान् नरः प्राज्ञो*
*लघुमूलान् महाफलान्।*
*क्षिप्रमारभते कर्तुं न*
*विघ्नयति तादृशान् ।।*
★महाभारतम् उद्योगपर्व ३४-२२
*अर्थात्👉*
_जिनका मूल (साधन) छोटा और फल महान् हो, बुद्धिमान् पुरुष उनको शीघ्र ही आरम्भ कर देता है, वैसे कामों में वह विघ्न नहीं आने देता।_
🌹
*30 मार्च की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ👉*
1814 – नेपोलियन बोनापोर्ट को हराने के बाद ब्रिटेन की सेना ने पेरिस की ओर कूच किया।
1822 – फ्लोरिडा अमेरिकी गणराज्य में शामिल हुआ।
1842 – बेहोशी की दवा के रूप में ईथर का पहली बार इस्तेमाल हुआ।
1856 – रूस ने पेरिस शांति समझौते पर हस्ताक्षर कर क्रीमिया युद्ध के समाप्ति की घोषणा की।
1858 – हैमेन एल. लिपमेन ने इरेजर के साथ जुड़ी पेंसिल का पहला पेटेंट रजिस्टर किया।
1867 – अमेरिका ने 72 लाख डॉलर में अलास्का को रूस से खरीदा।
1919 – बेल्जियम की सेना ने जर्मनी के डुसेलडॉफ शहर पर कब्जा किया।
1919 – महात्मा गाँधी ने रॉलेक्ट एक्ट के विरोध की घोषणा की।
1945 – सोवियत संघ ने आस्ट्रिया पर आक्रमण किया।
1949 – राजस्थान राज्य का गठन हुआ और जयपुर को उसकी राजधानी बनाया गया।
1950 – मर्रे हिल ने फोटो ट्रांजिस्टर का अविष्कार किया।
1963 – फ्रांस ने अल्जीरिया के इकर क्षेत्र में भूमिगत परमाणु परीक्षण किया।
1981 – अमेरिका के राष्ट्रपति रीगन वॉशिंगटन के एक होटल के पास से गुजर रहे थे, उसी दौरान ताबड़तोड़ छह गोलियां चल गईं। जिसकी आखिरी गोली रीगन की छाती में लगी।
1982 – नासा के अंतरिक्ष यान कोलंबिया ने एसटीएस-3 मिशन पूरा कर पृथ्वी पर वापसी की।
1992 – प्रसिद्ध फिल्मकार सत्यजीत रे को मानद ऑस्कर अवार्ड से सम्मानित किया गया।
1998 – चीन के उत्तरी हिस्से शिनदोंग में भेंड़ की हड्डी पर उत्कीर्ण 3000 साल पुरानी कुछ शब्दावलियां प्राप्त हुईं।
2003 - पाकिस्तान के कहुटा परमाणु संयंत्र पर 2 वर्षों के लिए प्रतिबंध लगा।
2004 - ताइवान के राष्ट्रपति शेन शुवी बियान राष्ट्रपति पद के लिए भारत के साथ शांति प्रक्रिया से हटने की धमकी दी।
2006 - ईरान पर बर्लिन में बैठक का आयोजन।
2006 – ब्रिटेन में आतंकवाद निरोधक कानून प्रभाव में आया।
2008 - रिलायंस एनर्जी लिमिटेड को 400 किलोवाट उच्च वोल्टेज विद्युत ट्रांसमिशन के लिए लगभग 1200 करोड़ रुपये के ठेके मिले।
2008 - इस्रायल में चेतावनी के साथ अरब लीग सम्मेलन सम्पन्न।
2010 - 15 साल पहले पंजाब के मुख्यमंत्री बेअंत सिंह को मानव बम से उड़ाने के मामले में सह आरोपी आतंकी परमजीत सिंह भ्योरा को बुड़ैल जेल में विशेष कोर्ट में स्पेशल जज रवि कुमार सोंधी ने आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई।
2012 – मंदी में फंसे स्पेन के बजट में 27 अरब यूरो की कटौती की गई।
2019 - बारामूला में आतंकियों ने एक नागरिक को गोली मारी , सीआरपीएफ चौकी पर हमला किया तथा नियंत्रण रेखा से सटे कृष्णा घाटी और मनकोट सेक्टर में गोलाबारी की।
2019 - अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का समर शेड्यूल जारी हुआ , 8 नई फ्लाइट्स हुई शामिल।
2020 - भारतीय रिज़र्व बैंक 10 सरकारी बैंकों का समेकन 4 बड़े बैंकों में करेगा की घोषणा हुई , यह 1 अप्रैल, 2020 से लागू होगा।
2020 - अमेरिका ने ईरान पर लगाए गए चार परमाणु प्रतिबंधों को रीन्यू किया। ईरान पर परमाणु कार्यक्रम के निर्माण को रोकने के लिए यह प्रतिबंध लगाए गए थे।
2021 - डॉक्टर एस जयशंकर ताजिकिस्तान के दुशाम्बे में नौवें हार्ट ऑफ एशिया- इस्तांबुल प्रोसेस मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में हिस्सा लिया।
2021 - अफ़ग़ान शांति वार्ता: भारत, पाकिस्तान, ईरान की मौजूदगी में बातचीत शुरू हुई।
2021 - फ्रांसीसी नौसैनिक जहाज टोनरे (उभयचर युद्धपोत) और सरकोफ (फ्रिगेट क्लास शिप) दो दिन की सद्भावना यात्रा पर कोचीन पोर्ट ट्रस्ट पहुंचे।
2022 - भारतीय और फ्रांसीसी नौसेनाओं के बीच द्विपक्षीय नौसेना अभ्यास का 20वां संस्करण- 'वरुण' अरब सागर में शुरु हुआ।
2022 - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्रीलंका की मेजबानी में पांचवें बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लिया।
2022 - भारत ने ओडिशा के बालासोर तट से मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाले मिसाइल सिस्टम के दो सफल परीक्षण किए।
2023 - इंदौर में मंदिर की छत धंसने से लगभग 30 की मौत हुई।
2023 - दूसरी जी-20 शेरपा बैठक केरल के कुमारकोम में शुरू हुई।
2023 - पहली G20 आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्य समूह (DRR WG) की बैठक गांधीनगर में शुरू हुई।
2023 - प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 'प्रथम मर्चेंट नेवी ध्वज' धारण करने के साथ ही सप्ताह भर के राष्ट्रीय समुद्री समारोह का शुभारंभ हुआ।
2025 – म्यांमार भूकंप के बाद राहत कार्य जारी रहे, 1,600 से अधिक लोगों की मौत व लगभग 3400 घायल और हजारों लापता होने की पुष्टि हुई।
2025 – टोंगा (किंगडम ऑफ टोंगा / Kingdom of Tonga) के पास 7.1 तीव्रता का भूकंप आया।
*30 मार्च को जन्मे व्यक्ति👉*
1812 - हरिचाँद ठाकुर मतुआ महासंघ के संस्थापक थे (मतभेद)।
1853 - विन्सेंट वैन गो - नीदरलैण्ड के प्रसिद्ध चित्रकारों में से एक थे।
1899 - सीरिल रैडक्लिफ़ - एक ब्रिटिश वकील थे जिन्होंने भारत-पाकिस्तान विभाजन की रेखा तैयार की थी।
1908 – फिल्म अभिनेत्री देविका रानी का विशाखापत्तनम में जन्म।
1997 - यशस्विनी सिंह देसवाल - ओलंपिक एथलीट (एक भारतीय शूटर)।
*30 मार्च को हुए निधन👉*
1664 - गुरु हर किशन सिंह - सिक्खों के आठवें गुरु।
1930 - श्यामजी कृष्ण वर्मा क्रान्तिकारी , अध्यवसायी एवं कई क्रान्तिकारियों के प्रेरणास्रोत थे।
2002 - आनंद बख्शी, भारतीय गीतकार।
2005 – मशहूर कार्टूनिस्ट और लेखक ओ वी विजयन का निधन।
2006 – हिन्दी गद्यकार, उपन्यासकार, व्यंग्यकार व पत्रकार मनोहर श्याम जोशी का निधन।
2018 - राज कुमार डोरेन्द्र सिंह - मणिपुर के भूतपूर्व पाँचवें मुख्यमंत्री थे।
2020 - अमेरिकी फुटबॉल कोच फ्रैंक मैलोनी (79) का मस्तिष्क कैंसर से निधन हुआ।
2021 – प्रसिद्ध टीवी पत्रकार रोहित सरदाना (41) का निधन हुआ।
2021 – तमिल फिल्म निर्देशक के. वी. आनंद (54) का निधन हुआ।
2022 – रोमन कैथोलिक बिशप मैथ्यू चेरीयनकुन्नेल (89) का निधन हुआ।
2023 – राजस्थान के वरिष्ठ राजनेता सुजान सिंह बुंदेला (82) का निधन हुआ।
2025 – मेघालय हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश तरुण अग्रवाल (63) का निधन हुआ।
*30 मार्च के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव👉*
🌟 श्री जयाजी महाराज यात्रा हीरपुर (मूर्तिजापुर)।
🌟 श्री महादेव यात्रा सिंदखेड़ (अकोला)।
🌟 श्री अवलियाबा जयंती उमरामोथा (वाशिम)।
🌟 श्री महावीर जयन्ती (जैन , पंचांगभेद से कल मंगलवार को भी)।
🌟 गुरू श्री हर किशन सिंह पुण्य दिवस (तारीखानुसार)।
🌟 श्री राज कुमार डोरेन्द्र सिंह स्मृति दिवस।
🌟 श्री श्यामजी कृष्ण वर्मा स्मृति दिवस।
🌟 राजस्थान स्थापना दिवस।
🌟 अंतर्राष्ट्रीय शून्य अपशिष्ट दिवस।
*कृपया ध्यान दें जी👉*
*यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना, तिथि या अन्य त्रुटि के लिए मेरी कोई जिम्मेदारी नहीं है।*
🌻आपका दिन *_मंगलमय_* हो जी ।🌻
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Tejraftarnews.in
: गुना मध्य प्रदेश से बड़ी भयावाह घटना सामने आ रही है
यहां यास्मीन खान एक ब्यूटी पार्लर चलाती थी और उसकी ब्यूटी पार्लर में कई हिंदू लड़कियां ब्यूटीशियन का काम सीखने आती थी
यासमीन खान उन्हें कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश करती थी और उसके बाद वही उसका पति शरीफ खान उन हिंदू लड़कियों का बलात्कार करता था और वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल भी करता था
और यास्मीन खान बाहर पहरेदारी करती थी
असल में यह इतने रेडिकलाइज हो गए थे क्योंकि उन्हें बताया गया था कि काफिरों की लड़कियों का बलात्कार करने से या बलात्कार करने में हेल्प करने मदद करने से सीधे जन्नत की प्राप्ति होती है
सोचिए जब हमारे और आपके आसपास ऐसे लोग हैं तो आने वाला भारत कितना खतरनाक होगा
Tejraftarnews.in: आपको शायद ध्यान भूल गया होगा।
कांग्रेस शासन में 30 जुलाई, 2012 को रात में करीब 2.35 बजे के करीब उत्तरी ग्रिड फेल हो गया। इससे दिल्ली समेत नौ राज्य के लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ा। करीब 35 करोड़ लोग इससे प्रभावित हुए थे। फिर 24 घंटे के अंदर दोबारा 31 जुलाई, 2012 को रात के 1 बजे मंगल के दिन अचानक भयंकर बिजली कटौती से पूरा हिंदुस्तान ठप पड़ गया। इस बार पूर्वी और उत्तर पूर्वी क्षेत्रीय, दो ग्रिड्स फेल हो गए थे। इससे देश के 20 राज्य में करीब 62 करोड़ लोग प्रभावित हुए थे। दिल्ली, बिहार, ओडिशा, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश को भयंकर समस्या का सामना करना पड़ा था।
उस समय ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे जिन्हें इस घटना के बाद दण्ड देने की बजाय कांग्रेस ने प्रमोशन करके देश का गृहमंत्री बना दिया था
ऐसे चलती थी सोनिया के राज में सरकार।
Tejraftarnews.in: 🛑
वेश्या को हम पापी कहते हैं। और वेश्या आ जाए तो हमारे मन में तत्क्षण निंदा आ जाती है। लेकिन सैनिक को...सैनिक क्या कर रहा है? सैनिक भी शरीर बेच रहा है रोटी के लिए,--ओशो
अगर वेश्या और सेनिक दोनों में चुनना हो तो वेश्या बेहतर है। क्योंकि वेश्या सिर्फ अपने शरीर को बेच रही है,किसी दूसरे के शरीर की हत्या नहीं कर रही। सैनिक अपने शरीर को बेच रहा है दूसरे की हत्या करने के लिए। लेकिन वेश्या अपमानित है और सैनिक सम्मानित है। वेश्या से किसी को क्या बड़ा नुकसान पहुंचा है?
सैनिक को हम तैयार इस तरह करते हैं कि उसमें कोई मानवीय गुण न रह जाए। सैनिक का सारा प्रशिक्षण ऐसा है कि उसके भीतर मस्तिष्क न रह जाए, हृदय न रह जाए; वह यंत्र हो जाए। इसलिए हम सालों तक उससे कोई और काम नहीं लेते। हम क्या करवाते हैं? हम उसको लेफ्ट-राइट परेड करवाते रहते हैं। घंटों--बाएं घूमो, दाएं घूमो; बाएं घूमो, दाएंघूमो; बायां पैर ऊंचा करो, दायां नीचा करो! हम क्या करवा रहे हैं उससे? वर्षों तक हम उससे यह क्यों करवा रहे हैं?
इसके पीछे एक पूरा मनोविज्ञान है। क्योंकि जो आदमी वर्षों तक बाएं घूमो, दाएं घूमो करता रहेगा, वह धीरे-धीरे कंडीशंड हो जाएगा। आज्ञा, और उसके भीतर कोई विचार नहीं उठेगा, कृत्य। आज्ञा और कृत्य के भीतर विचार नहीं होगा। बाएं घूमो! तो सैनिक सोचता नहीं कि मैं घूमूं या नघूमूं? या कि घूमने का कोई लाभ है? या क्यों व्यर्थ घुमा रहे हो? न, इस सबकी सुविधा उसे नहीं है। उसे सिर्फ घूमना है। तो जब उससे कहा जाता है: गोली चलाओ! तो वह चलाता है। तब वह सोच नहीं सकता कि मैं क्यों चलाऊं? या सामने जिसे मैं मार रहा हूं, उसे मारना जायज है? या मैं कौन हूं जो उसे मारूं? और मैं क्या पा रहा हूं मार कर?
कोई सौ रुपए, दो सौ रुपए की महीने की नौकरी पा रहा है एक सैनिक। अपनी रोटी के लिए वह हत्या का धंधा कर रहा है। वह हजार लोगों को काट सकता है। जिस आदमी ने हिरोशिमा पर एटम गिराया, उससे बाद में जब पूछा गया, तो उसने कहा कि मैंने तो सिर्फ आज्ञा का पालन किया, मेरा और कोई जिम्मा नहीं है। जब उस आदमी से पूछा गया कि तुम रात सो सके हिरोशिमा पर एटम गिरा कर? तो उसने कहा, मैं बिलकुल आनंद से सोया, क्योंकि मैं अपना काम पूरा कर आया था। डयूटी पूरी हो गई थी, फिर मैं सो गया।
वहां एक लाख बीस हजार आदमी जल कर राख हो गए--इस आदमी के गिराने से। अगर यह आदमी सोचे कि मैं पा क्या रहा हूं--तीन सौ रुपए महीना, कि पांच सौ रुपए महीना--कि मैं रोटी ही तो कमा रहा हूं, रोटी तो भिखमंगे भी सड़क पर भीख मांग कर कमा लेते हैं, तो मैं एक लाख बीस हजार आदमियों की हत्या करने का रोटी कमाने के लिए कारण बनूं? तो शायद यह आदमी कहे कि नहीं, यह आज्ञा मानने से मैं इनकार करता हूं। लेकिन यह मौका नहीं आएगा। अगर हम किसी आदमी को सीधा एटम बम गिराने भेज दें तो आएगा। इसलिए वर्षों हम इसको लेफ्ट-राइट कराते हैं, इसके सोचने की क्षमता को मारते हैं, इसके भीतर बुद्धि को क्षीण करते हैं। यह यंत्रवत हो जाता है।
विलियम जेम्स मजाक में कहा करता था कि एक दिन ऐसा हुआ कि वह एक होटल में बैठ कर अपने मित्रों से कुछ बात कर रहा था। बड़ा मनोवैज्ञानिक था अमरीका का और वह कह रहा था कि आदमी कैसे संस्कारित, कंडीशंड हो जाता है। और तभी एक रिटायर्ड सैनिक सड़क से गुजर रहा था अंडे अपने सिर पर लिए। और विलियम जेम्स ने एक जिंदा उदाहरण देने के लिए चिल्ला कर कहा, अटेंशन! सावधान!
वह आदमी, जो कि रिटायर्ड था कोई दस साल से,उसकी अंडे की टोकरी नीचे गिर गई और वह अटेंशन खड़ा हो गया। जब वह खड़ा हो गया, तब उसे समझ में आया कि अरे! बहुत नाराज हुआ और उसने कहा, क्या मजाक करते हैं, सब अंडे फूट गए।
पर विलियम जेम्स ने कहा कि तुम्हें हक था, तुमअटेंशन न करते। पर उसने कहा कि वह हक तो हम खो चुके। दस साल हो गए छोड़े हुए नौकरी, लेकिन यंत्रवत। तुमने कहा तो सोचने का मौका ही नहीं रहा कि...। नहीं करने का सवाल ही नहीं उठता। और हमने किया, यह कहना ठीक नहीं है;अटेंशन हो गया--यंत्रवत।
तो सैनिक की तैयारी है यंत्रवत।
मनुष्य का जो सर्वाधिक पतन हो सकता है, वह यंत्र है। पशु मनुष्य का पतन नहीं है, बड़ा पतन नहीं है। आदमी दो सीढ़ियां नीचे गिर सकता है; आदमी चाहे तो पशु हो सकता है। लेकिन पशु की भी एक गरिमा है। क्योंकि पशु भी सोचता तो है थोड़ा; पशु भी अनुभव तो करता है थोड़ा; पशु भी निर्णय तो लेता है कभी। आपका कुत्ता है; उसे भूख भी लगी हो, लेकिन आप बेमन से दुतकार कर रोटी डाल दें, तो वह भी रोटी खाने को तैयार नहीं होगा। वह जो दुतकारा है, वह दीवार बन गया। वह तैयार नहीं होगा। वह भी कुछ अनुभव करता है, कुछ सोचता है, कुछ निर्णय लेता है। उससे भी बड़ा पतन है यंत्रवत हो जाना। तब कोई निर्णय का सवाल ही नहीं रहता।
इसलिए लाओत्से कहता है, सैनिक अनिष्ट का साधन है। क्योंकि वह मनुष्य की अधिकतम पतन की अवस्था है। यह तो बड़ी बुरी बात लाओत्से कह रहा है। क्योंकि फिर क्या होगा हमारे सेनापतियों का? हमारे नेपोलियन, हमारे सिकंदर, हमारा सारा इतिहास तो सैनिकों का इतिहास है। इतिहास में जो चमकदार नाम हैं, वे सैनिकों के नाम हैं।
लेकिन हमारा सारा इतिहास हिंसा का इतिहास है। और हमारा सारा इतिहास आदमियत का नहीं है; हमारा सारा इतिहास, आदमी अभी भी पशु है, इस बात का इतिहास है। स्वभावतः, उसमें सैनिक श्रेष्ठ मालूम पड़ता है। उसमें सैनिक के तगमे चमकते हैं। उसकी बांहों पर लगी रंगीन पट्टियांइंद्रधनुष बन जाती हैं--पूरे इतिहास पर।
लाओत्से कहता है, सैनिक अनिष्ट के औजार हैं;क्योंकि व्यवसायी हिंसक हैं वे। इससे तो गैर-व्यवसायी हिंसक भी ठीक हैं। अगर कोई आदमी आपका अपमान करे और आप क्रोध से भर जाएं, तो इस क्रोध में भी एक गरिमा है। लेकिन व्यवसायी हिंसक क्रोध से भी नहीं भरता और हत्या करता है। सैनिक को क्रोध का कोई कारण नहीं है। वह सिर्फ धंधे में है, वह अपना काम कर रहा है।
सैनिक और वेश्या में बड़ी निकटता है। वेश्या शरीर को दे देती है बिना किसी भाव के। कोई प्रेम नहीं है, कोई घृणा नहीं है; बड़ी तटस्थता है। इसीलिए तो पैसे पर शरीर को बेचा जा सकता है। वेश्या को हम सब पापी कहते हैं। लेकिन वेश्या का कसूर क्या है? कि वह अपने शरीर को पैसे पर बेच रही है,यही कसूर है न! सैनिक क्या कर रहा है? वह भी अपने शरीर को पैसे पर बेच रहा है। और अगर दोनों में चुनना हो तो वेश्या बेहतर है। क्योंकि वेश्या सिर्फ अपने शरीर को बेच रही है,किसी दूसरे के शरीर की हत्या नहीं कर रही। सैनिक अपने शरीर को बेच रहा है दूसरे की हत्या करने के लिए। लेकिन वेश्या अपमानित है और सैनिक सम्मानित है। वेश्या से किसी को क्या बड़ा नुकसान पहुंचा है?
विचारशील लोग कहते हैं कि वेश्याओं के कारण बहुत से परिवार बचे हैं; नुकसान तो किसी को पहुंचा नहीं। असल में, वेश्याएं न हों, तो सतियों का होना बहुत मुश्किल हो जाए। वहां वेश्या है, तो घर में पत्नी सती बनी रहती है। और पत्नी भी बहुत डरती नहीं पुरुष के वेश्या के पास जाने से;पत्नी डरती है पड़ोसिन के पास जाने से। क्यों? क्योंकि वेश्या से कोई खतरा नहीं है; क्योंकि कोई लगाव नहीं है, कोईइनवाल्वमेंट नहीं है। पुरुष जाएगा और आ जाएगा। वेश्या के पास जाना एक बिलकुल तटस्थ प्रक्रिया है। वह पैसे का ही संबंध है। लेकिन पड़ोसिन के पास अगर पुरुष चला जाएगा तो लौटना फिर आसान नहीं है। क्योंकि पैसे का संबंध नहीं है;भाव का संबंध बन जाएगा।
इसलिए वेश्याओं से किसी को कोई चिंता नहीं है। पुराने राजा-महाराजाओं की औरतें पास में बैठ कर, और वेश्याओं को राजा नचाता रहता, और वे भी देखती रहतीं। उससे कोई अड़चन न थी। क्योंकि उससे सती होने में कोई बाधा नहीं पड़ती। बल्कि जो लोग समाज की गहराई में खोज करते हैं, वे कहते हैं, उससे सुविधा बनती है। सुविधा यह बनती है कि समाज व्यवस्थित चलता जाता है। कुछ स्त्रियों के शरीर बिकते रहते हैं; समाज का घाव सब तरफ नहीं फूटता, कुछ स्त्रियां उस घाव को अपने ऊपर ले लेती हैं। वह जो बीमारी सब तरफ फैल जाती, वह सब तरफ नहीं फैलती; उसकी धाराएं बन जाती हैं।
जैसे हमारे घर का गंदा पानी नालियों से बह जाता है। तो नालियां आपके घर की सफाई के लिए जरूरी हैं; नहीं तो पूरी सड़कों पर पानी फैल जाएगा। वे वेश्याएं नालियों का काम कर जाती हैं। और जो गंदगी घर-घर में इकट्ठी होती है, वह वहां से बह जाती है। जब तक घर में गंदगी होती है, तब तक वेश्या रहेगी। जिस दिन घर का संबंध ही पति और पत्नी का प्रेम का गहन संबंध हो जाएगा, कोई गंदगी पैदा न होगी, तभी वेश्या मिटेगी। नहीं तो वेश्या मिटाई नहीं जा सकती। क्योंकि वह जरूरत है।
लेकिन वेश्या को हम पापी कहते हैं। और वेश्या आ जाए तो हमारे मन में तत्क्षण निंदा आ जाती है। लेकिन सैनिक को...सैनिक क्या कर रहा है? सैनिक भी शरीर बेच रहा है रोटी के लिए, और साथ में दूसरे के शरीरों की भी हत्या कर रहा है।
लाओत्से कहता है, "सैनिक अनिष्ट के औजार होते हैं। और लोग उनसे घृणा करते हैं।'
लेकिन इसे थोड़ा हम समझ लें, कि लोग साधारणतः सैनिक से घृणा करते हैं; साधारणतः पुलिसवाले को कोई अच्छी नजर से नहीं देखता। जब तक आप सुरक्षित हैं और शांत हैं और जिंदगी में कोई तकलीफ नहीं, तो पुलिस को और सैनिक को कोई अच्छी नजर से नहीं देखता। लेकिन जैसे ही तकलीफ होती है, वैसे ही पुलिस ही आपका रक्षक हो जाता है। जैसे ही बेचैनी फैलती है, युद्ध की आशंका होती है, सैनिक ही आपका सब कुछ हो जाता है। इसलिए सैनिक सदा उत्सुक रहते हैं कि युद्ध चलता रहे। और पुलिसवाला भी सदा उत्सुक रहता है कि कुछ उपद्रव होता रहे। क्योंकि जब उपद्रव होता है,तभी वह सम्मानित है। जैसे ही उपद्रव खोया, वह खो जाता है।
अभी आपने देखा, हिंदुस्तान-पाकिस्तान का थोड़े दिन युद्ध हुआ, तो सेनापतियों के नाम अखबारों में सुर्खियांबन गए। धीरे-धीरे अब कम होते जा रहे हैं वे नाम, लेकिन अभी भी चल रहे हैं। साल, छह महीने कोई उपद्रव न हुआ,आप भूल जाएंगे कि कौन है सेनापति।
सैनिक की प्रतिष्ठा तभी है, जब उपद्रव चल रहा हो;अन्यथा लोग घृणा करते हैं। क्योंकि लोग भी भीतर अनुभव तो करते हैं कि यह हिंसा का व्यवसाय, यह हत्या का धंधा, सब तरह से गलत है। फिर भी कभी-कभी हम इसे ठीक मानते हैं। अगर एक आदमी किसी की हत्या कर दे तो वह अपराधी है और फांसी की सजा होती है। और एक आदमी युद्ध में हजारों की हत्या कर दे तो सम्मानित होता है। मरने की बात तो एक ही है; मारने की बात तो एक ही है। लेकिन कभी वही अपराध है, और कभी वही सम्मान बन जाता है। तो गहरे में तो हम जानते हैं कि सैनिक कोई शुभ लक्षण नहीं है।
इसलिए लाओत्से कहता है, "और लोग उनसे घृणा करते हैं। ताओ से युक्त धार्मिक पुरुष उनसे बचता है।'
हमने सुना है कि धार्मिक पुरुष वेश्या से बचता है। लेकिन कभी आपने यह भी सुना कि धार्मिक पुरुष सैनिक से बचता है? नहीं, आपके खयाल में नहीं होगा। लेकिन लाओत्से ठीक कह रहा है। वेश्या से भी ज्यादा सैनिक से बचना जरूरी है धार्मिक पुरुष का। क्योंकि सैनिक का प्रयोजन ही एक है कि आदमी अभी आदमी नहीं हुआ, इसलिए उसकी जरूरत है। वह सबूत है हमारे पशु होने का।
आपके लिए जेल की जरूरत है, सिपाही की जरूरत है, अदालत की जरूरत है, मजिस्ट्रेट की जरूरत है। ये सब प्रतीक हैं हमारे चोर-बेईमान होने के। मजिस्ट्रेट अकड़ कर अपनी कुर्सियों पर बैठे हुए हैं; वे हमारी बेईमानी के प्रतीक हैं। उनकी कोई जरूरत नहीं है, जिस दिन हम बेईमान नहीं हैं। सैनिक खड़ा है चौरस्ते पर; वह आपके चोर होने का,धोखेबाज होने का, नियमहीन होने का सबूत है। अगर वह चौरस्ते पर नहीं है तो आप फिर फिक्र करने वाले नहीं हैं कि आप कार कैसी चला रहे हैं--बाएं जा रहे हैं, कि दाएं जा रहे हैं,कि क्या कर रहे हैं। वह वहां खड़ा है; वह आपके भीतर जो गलत है, उसका प्रतीक है। जिस दिन आदमी बेहतर होगा, उस दिन पुलिसवाले की चौरस्ते पर कोई जरूरत नहीं होनी चाहिए। जिस दिन आदमी सच में ही आदमी होगा, उस दिन अदालतें खो जानी चाहिए।
मगर हम देखते हैं, हमारे राज्यों में अदालत का जो मकान होता है, वह सबसे शानदार होता है। हाईकोर्ट जाकर देखते हैं! पीछे आने वाला आदमी इतिहास में लिखेगा कि कैसे अपराधी लोग रहे होंगे कि अदालतों के इतने-इतने बड़े मकान बनाते थे! अदालतों के इतने-इतने बड़े मकान बनाने की जरूरत क्या है? अदालत कोई गौरव है? कि अदालत कोई कलात्मक कृति है? कि अदालत कोई संस्कृति का प्रतीक है?अदालत तो हमारे भीतर वह जो पशु छिपा है, उसकी जरूरत है।
लेकिन कोई आदमी अगर जस्टिस हो जाए, चीफ जस्टिस हो जाए, तो हम समझते हैं और क्या होने जैसा बचता है! फलां आदमी चीफ जस्टिस हो गया! उसे पता नहीं कि वह दूसरा छोर है हमारे चोरों, अपराधियों, हत्यारों का; और उनके ऊपर ही खड़ा है। जिस दिन वे खो जाएंगे, वह भी खो जाएगा।
कानून बताता है कि लोग अच्छे नहीं हैं। जितना ज्यादा कानून, उतना बुरा समाज! जितनी ज्यादा कानून की जरूरत, उतना बेहूदा समाज! कानून बढ़ते जाते हैं हमारे रोज,तो उससे डर लगता है कि कहीं आदमी और बुरा तो नहीं होता जाता है! क्योंकि कल दस कानून थे तो आज बीस हैं, कल तीस हो जाते हैं। कानून रोज बढ़ते जाते हैं। बढ़ता हुआ कानून बताता है कि आदमी बिगड़ते चले जाते हैं।
लाओत्से कहता है, ताओ से युक्त धार्मिक पुरुष सैनिक से भी बचता है। क्योंकि सैनिक, आदमी के पीछे,अतीत की घटना है; पशुओं से संघर्ष की घटना है। सैनिक,आदमी का भविष्य नहीं है, अतीत है। और भविष्य में सैनिक नहीं होना चाहिए।
"सज्जन असैनिक जीवन में वामपक्ष अर्थात शुभ के लक्षण की ओर झुकता है।'
चीन में वामपक्ष को शुभ का लक्षण, प्रतीक माना जाता है।
"सज्जन असैनिक जीवन में वामपक्ष, शुभ के लक्षण की ओर झुकता है; लेकिन युद्ध के मौकों पर वह दक्षिणपक्षअर्थात अशुभ के लक्षण की ओर झुक जाता है।'
आप साधारणतः हत्या पसंद नहीं करते, लेकिन युद्ध के समय में पसंद करते हैं। पसंद ही नहीं करते, जो जितनी ज्यादा हत्या कर आए उसे उतना सम्मानित करते हैं। हत्यारा आदृत हो जाता है। साधारण जीवन में आप हत्या के विरोधी हैं; युद्ध के समय आपका सारा रुख बदल जाता है। आप और ही तरह के आदमी हो जाते हैं।
तो लाओत्से कहता है कि शांत जीवन में सज्जन आदमी शुभ की तरफ होता है, अशांत और युद्ध के क्षणों में वह भी अशुभ की ओर झुक जाता है। अशुभ तो अशुभ रहते ही हैं, युद्ध के समय में जो सज्जन थे वे भी अशुभ की ओर झुक जाते हैं।
इसलिए युद्ध का समय मनुष्य के जीवन में, समाज के जीवन में, धर्म की दृष्टि से पतन का समय है। युद्ध के समय में बहुत सी बुराइयां सहज स्वीकृत हो जाती हैं, जिनका हम कभी वैसे खयाल भी नहीं करते। पिछले महायुद्ध में ऐसा हुआ कि जब हजारों सैनिक अपने घरों को छोड़ कर युद्ध पर गए। तो जैसा भारत में हुआ कि स्टेशन-स्टेशन पर हम सैनिक का स्वागत करने लगे, फूलमालाएं पहनाने लगे, मिठाइयां भेंट करने लगे, कि स्वेटर और कपड़े और ऊनी कपड़े भेंट करने लगे--कुछ हम भेंट करने गए। लेकिन आपको शायद पता न हो कि पिछले महायुद्ध में स्त्रियों ने, लड़कियों ने सैनिकों को जाकर स्टेशनों पर अपने शरीर भी भेंट किए। एक लिहाज से तो अगर भेंट ही करना हो, तो क्या स्वेटर भेंट कर रहे हैं! स्त्रियों ने अपने शरीर भी भेंट किए; क्योंकि जो मरने-मारने जा रहा है, उसे सब कुछ दिया जाए। जो स्त्रियां कभी सोच भी नहीं सकती थीं--क्योंकि वे साधारण स्त्रियां थीं, कोई वेश्याएं नहीं थीं--जो सोच भी नहीं सकती थीं किसी पुरुष का संसर्ग,उन्होंने अनजान, अपरिचित लोगों को शरीर दिए। क्या हुआ?
युद्ध सारे मूल्यों को उलटा देता है। जो मूल्य कल तक प्रतिष्ठित थे वे नीचे गिर जाते हैं, और जो अप्रतिष्ठित थे वे ऊपर आ जाते हैं। युद्ध एक उत्पात की स्थिति है। इसलिए जितने ज्यादा युद्ध होते हैं, समाज की गति धर्म की ओर उतनी ही कम हो जाती है।
पिछले पांच हजार साल में पंद्रह हजार युद्ध हुए। हिसाब लगा कर देखा जाए तो ऐसा दिन खोजना मुश्किल है,जब जमीन पर कहीं न कहीं युद्ध न हो रहा हो। युद्ध हो ही रहा है, युद्ध चल ही रहा है। कहीं न कहीं हम आदमी को मार रहे हैं, और मर रहे हैं। आदमी मरने और मारने के लिए है?
फिर हम बड़े-बड़े लक्ष्य खड़े करते हैं। और उन लक्ष्यों के कारण ही सज्जन पुरुष भी युद्ध में सैनिक की तरफ झुक जाता है। तब हिंसा छिप जाती है। इसे थोड़ा ठीक से समझ लें। क्योंकि हमारे जीवन की व्यवस्था का बहुत नाजुक पहलू है कि जब भी हमें बुराई करनी होती है, तो हम बहुत अच्छे, रंगीन पर्दों की ओट में उसे छिपा देते हैं। क्योंकि बुराई को सीधा करना मुश्किल है। और अगर हम बड़े नारे लगाएं और बड़ी आदर्शों की बात करें, तो फिर बुराई करना आसान हो जाती है। इसलिए कोई भी युद्ध बिना आदर्श के नहीं होता। यह कहा जा सकता है कि जब तक दुनिया में आदर्श हैं, युद्ध से बचना मुश्किल है। आदर्श बदल जाते हैं, लेकिन युद्ध नहीं बदलता, युद्ध जारी रहता है। आदर्श की आड़ में बुरा करना कितना आसान है, इसे थोड़ा खयाल करें।
अगर आप एक मस्जिद जला रहे हैं, और यह धार्मिक कृत्य समझ में आए; या एक मंदिर तोड़ रहे हैं, और यह जेहाद हो; तो फिर मंदिर को तोड़ने में, आग लगाने में, निर्दोष पुजारी को काट डालने में आपके मन में जरा भी ग्लानि न होगी। क्यों? क्योंकि जो आप कर रहे हैं, वह दिखाई ही नहीं पड़ता; आदर्श दिखाई पड़ता है। मुसलमानों ने इतने मंदिर जला डाले, इतनी मूर्तियां तोड़ डालीं, इतने निर्दोष लोगों की हत्या कर दी--जेहाद! उनका धर्मगुरु उनसे कह रहा है कि यह धर्मयुद्ध है! अगर जीते, तो यहीं सुख पाओगे। अगर मर गए युद्ध में, तो स्वर्ग में, बहिश्त में परमात्मा का आशीर्वाद मिलेगा। तो फिर आसान है मामला। अगर कुरान हाथ में हो, बाइबिल हाथ में हो, या गीता हाथ में हो, तो छुरा भोंकना बहुत आसान है। क्यों? क्योंकि छुरा फिर छोटी चीज हो जाती है; बड़ी चीज कुरान, बड़ी चीज बाइबिल। अब कोई डर नहीं है। अब किया जा सकता है।
अभी हमारे मुल्क में आजादी के बाद लाखों लोग काटे गए। हिंदुओं ने काटे, मुसलमानों ने काटे। जिन्होंने काटे, वह हम ही लोग थे। कभी सोच भी नहीं सकते थे कि यह आदमी, जो दुकान करता है, स्कूल में मास्टरी करता है, या पढ़ता है, या लकड़ी काटता है, या घास बेचता है, यह आदमी कभी हत्या करेगा! इसको कभी कोई सोच भी नहीं सकता था। इसी ने हत्या की। और यह कैसे कर सका? क्योंकि इसकी हमने कभी कल्पना भी न की थी कि यह आदमी किसी को काट भी सकता है। इसने काटा। क्या हुआ?
बड़ा आदर्श! फिर आदमी के पागल होने में कठिनाई नहीं होती। युद्ध आदर्शों की आड़ में चलते हैं।
दूसरा महायुद्ध चला। हिटलर लड़ा रहा था अपने लोगों को, क्योंकि सारी दुनिया में श्रेष्ठ मनुष्य पैदा करना है, सुपर मैन, महामानव पैदा करना है। तो जर्मन खून में उसने लहर भर दी। जर्मन खून इस आदर्श के पीछे दीवाना हो गया कि ठीक, सारी पृथ्वी को स्वर्ग बना देंगे, नार्डिक जाति को बचा लेंगे, जो श्रेष्ठतम है उसी को बचने देंगे, निकृष्ट को विदा कर देंगे। एक सर्जिकल आपरेशन था, एक गलत को हटा देना है, ठीक को स्थापित करना है। यह बड़ा ऊंचा लक्ष्य था। इसके लिए कोई मरे-मारे, सब उचित था। तो जर्मन लड़ रहे थे।
इंग्लैंड, अमरीका और रूस इसलिए लड़ रहे थे कि दुनिया को फासिज्म से बचाना है, नाजिज्म से बचाना है। यह फासिज्म हत्या है लोकतंत्र की, फासिज्म हत्या है समाजवाद की, फासिज्म हत्या है स्वतंत्रता की; इससे बचाना है। तो इंग्लैंड का जवान लड़ रहा था, अमरीका का जवान लड़ रहा था, रूस का जवान लड़ रहा था--कि दुनिया एक गर्त में जा रही है पाप के, उससे उसे बचाना है।
बड़े आदर्श! आदमी फिर कुछ भी कर सकता है। आदर्श न हो, नग्न सत्य सामने हो, तो युद्ध आदमी कर नहीं सकता। इसलिए कोई युद्ध सीधा नहीं होता। सिद्धांत, शास्त्र, आइडियोलाजी जरूरी है बीच में।
इसलिए जब तक दुनिया में आदमी सिद्धांतों में बटे हैं, तब तक कोई न कोई युद्ध कभी भी करवाया जा सकता है। और जब तक दुनिया में लोग कहते हैं कि मेरा विचार ठीक और तुम्हारा गलत, तब तक कभी भी तलवार निकाली जा सकती है। क्योंकि आखिरी निर्णय कैसे हो कि किसका विचार ठीक? तर्क निर्णय नहीं कर पाता। वर्षों लग जाते हैं और तर्क से कुछ सिद्ध नहीं होता। तलवार जल्दी सिद्ध कर देती है। जो हार जाता है उसका सिद्धांत गलत, और जो जीत जाता है उसका सिद्धांत सही।
यह हैरानी की बात है। आपने सूत्र सुना होगा, हम तो अपने राष्ट्र का प्रतीक बना रखे हैं उस सूत्र को: सत्यमेव जयते, सत्य सदा जीतता है। लेकिन हालत उलटी दिखती है। जो जीत जाता है, वह सत्य मालूम पड़ता है; जो हार जाता है, वह असत्य मालूम पड़ता है। सत्य सदा जीतता है, इसका तो कुछ पक्का पता नहीं चलता। लेकिन जो जीत जाता है, उसको आप असत्य नहीं कह सकते, इतना पक्का है। वह सत्य हो जाता है।
थोड़ा सोचें। अगर हिटलर जीत जाता दूसरे महायुद्ध में, तो चर्चिल, स्टैलिन, रूजवेल्ट कहां होते आज? उनकी गिनती पागलों में होती। स्टैलिन, रूजवेल्ट, चर्चिल जीत गए, हिटलर हार गया, तो हिटलर की गिनती पागलों में है। हालांकि दोनों ही पागल हैं। जो जीत जाए, वह लगता है ठीक, जो हार जाए, वह पागल। असल में, बिना पागल हुए राजनीतिज्ञ होना मुश्किल है। थोड़े नट-बोल्ट भीतर ढीले होने ही चाहिए, तो ही आदमी को राजनीति का बुखार चढ़ता है। फिर उसमें जो बड़े पागल होते हैं, वे जीत जाते हैं; जो छोटे रहते हैं, वे हार जाते हैं। पर जो हार जाते हैं, वे इतिहास नहीं बनाते; जो जीत जाते हैं, वे इतिहास बनाते हैं।
इसलिए सब इतिहास झूठा है। क्योंकि हारा हुआ आदमी तो बना ही नहीं पाता। थोड़ा सोचें कि रावण जीत जाता और राम हार गए होते। रामायण होती आपके पास? कभी नहीं हो सकती थी। क्योंकि रावण ने कोई वाल्मीकि खोजा होता, कोई तुलसीदास रावण को मिले होते, सारी कथा और होती! सारी कथा और होती; क्योंकि जो जीत जाता है, उसके इर्द-गिर्द चापलूस इकट्ठे होते हैं, कवि इकट्ठे होते हैं, खुशामदखोर इकट्ठे होते हैं, वे इतिहास रचते हैं। जो हार जाता है, उसकी तरफ तो कोई हाथ उठाने को भी राजी नहीं रह जाता। तो इसलिए इतिहास सब झूठा है। इतिहास सच हो नहीं सकता; क्योंकि कौन बनाता है, इस पर निर्भर करता है।
स्टैलिन ने सारे रूस को निर्मित किया। और स्टैलिन के मरते ही ख्रुश्चेव ने स्टैलिन के नाम को इतिहास से मिटा दिया। रूस की इतिहास की किताबों में स्टैलिन का नाम नहीं है अब। फोटो नहीं है। जिन जगह पर स्टैलिन की फोटो लेनिन के साथ थी, वहां-वहां लेनिन की बची है फोटो, स्टैलिन की काट दी गई। आपको पता हो, न हो, लेनिन की कब्र--कब्र नहीं कहना चाहिए--लेनिन की जहां समाधि है, जहां उसकी लाश रखी है अभी भी, क्रेमलिन के चौराहे पर, उसके बगल में ही स्टैलिन की लाश भी रखी गई थी। फिर जब ख्रुश्चेव ताकत में आया, तो वह लाश वहां से हटवा दी गई। इतिहास से नाम काट दिया गया। रूस के बच्चे स्कूल में, रूस के बच्चों को पता ही नहीं कि स्टैलिन भी हुआ है।
अब बड़ा कठिन है। यही काम स्टैलिन ने किया था। जब स्टैलिन ताकत में आया, तो जहां-जहां ट्राटस्की के चित्र थे, वे हटा दिए गए। क्योंकि लेनिन के बाद नंबर दो की ताकत का आदमी ट्राटस्की था। तो जगह-जगह उसके चित्र थे, किताबों में उल्लेख था, अखबारों में उल्लेख था, इतिहास में उल्लेख था। वह सब जगह से पोंछ दिया गया। जो स्टैलिन ने ट्राटस्की के लिए किया था, वह ख्रुश्चेव ने स्टैलिन के लिए किया। और अब जो हैं, वे ख्रुश्चेव के साथ वही कर रहे हैं। इतिहास का तय करना बहुत मुश्किल है। हजार साल बाद जिनके हाथ में किताबें लगेंगी, जिनमें स्टैलिन का नाम भी न होगा, वे कैसे समझेंगे कि स्टैलिन ने क्या किया था? या जो किताबें होंगी, उनमें लिखा होगा कि स्टैलिन पागल था, विक्षिप्त था, हत्यारा था। तो वे यही समझेंगे।
अंग्रेजों ने शिवाजी के लिए लिखा है कि वह लुटेरा था। अगर अंग्रेज हिंदुस्तान में बने रहते तो शिवाजी लुटेरे रहते; कोई और उपाय नहीं था। अंग्रेज चले गए तो शिवाजी अब लुटेरे नहीं हैं; अब शिवाजी की हम जगह-जगह मूर्तियां खड़ी कर रहे हैं। अब शिवाजी महाराष्ट्र-नायक हैं।
पर बड़ी कठिनाई है, कौन सच कह रहा है? कौन इतिहास बना रहा है? जो जीतता चला जाता है, वह इतिहास बनाता चला जाता है। हार सब पोंछ देती है।
लाओत्से कहता है कि सज्जन आदमी भी युद्ध के क्षण मे
Tejraftarnews.in: तश्वीर को गौर से देखें...
इन चेहरों को तो आप पहचानते ही होंगे
तश्वीर में आपको सुनील दत्त दिख रहे होंगे
और उनके साथ में @तंकी सरगना दाऊद इब्राहिम भी...
अगर सुनील दत्त सिर्फ एक अभिनेता होता
मान लिया जाता कि डर या जो दाऊद गैंग का दबदबा बॉलीवुड में था उसके चलते दाऊद के साथ बैठना पड़ा होगा
पर सत्ता में बैठी पार्टी का बड़ा चेहरा...
एक सांसद... कोंग्रेसी प्रचारक... गाँधी कुनबे का ख़ास सुनील दत्त अगर दाऊद के साथ ऐसे सार्वजनिक समरोहों में बैठता था
तो आप समझें दाऊद के कांग्रेस से कितने गहरे रिश्ते थे...
Tejraftarnews.in: 🛑
1. एक बेटी का जाना = 152 हिंदुओं का अंत
जब एक हिंदू लड़की का धर्म परिवर्तन होता है, तो वह केवल एक व्यक्ति नहीं घटता। अगले 50 वर्षों के चक्र में, उस एक लड़की के माध्यम से होने वाली हिंदू वंश वृद्धि रुक जाती है, जिससे लगभग 152 संभावित हिंदू जनसंख्या का नुकसान होता है। इसके विपरीत, दूसरे पक्ष में यह संख्या 413 तक बढ़ जाती है। यह कोई संयोग नहीं, बल्कि एक सुनियोजित 'जनसंख्या युद्ध' है।
2. 50,000 का 'हंटिंग बजट' और महंगे गिफ्ट्स
लड़कियों को समझना होगा कि जो लड़के खुद ढंग का रोजगार नहीं करते, उनके पास महंगे आईफोन, ब्रांडेड कपड़े और रेस्टोरेंट के बिल भरने के पैसे कहाँ से आते हैं?
* फंडिंग का खेल: यह एक निवेश (Investment) है। जब तक शिकार जाल में नहीं फंसता, तब तक पीछे बैठी ताकतें 'हंटिंग बजट' के रूप में फंड मुहैया कराती हैं।
* उदारता का ढोंग: वह उदारता, वह महंगे गिफ्ट और वह 'केयरिंग' स्वभाव केवल निकाह या धर्मांतरण तक सीमित है। जैसे ही उद्देश्य पूरा होता है, वह 'राजकुमार' गायब हो जाता है और सामने आती है कबीलाई मानसिकता वाली वह सच्चाई जहाँ औरत केवल एक 'खेत' (मजहबी शब्दावली के अनुसार) बनकर रह जाती है।
3. एकतरफा 'मोहब्बत' का सच
कभी गौर किया है कि किसी भी मुस्लिम देश में या यहाँ भी, किसी हिंदू युवक के साथ मुस्लिम लड़की की शादी को 'मोहब्बत' की तरह स्वीकार क्यों नहीं किया जाता? वहां सीधा परिणाम हिंसा या मौत होता है। जबकि भारत में हर रोज हजारों हिंदू बेटियां 'लव जिहाद' का शिकार हो रही हैं। यह प्यार नहीं, बल्कि आतंकवाद से भी खतरनाक जिहाद है क्योंकि यह बिना गोली चलाए आपके वंश को समाप्त कर रहा है।
4. बेटियों के लिए सीधी चेतावनी: पहचानिए उस 'जाल' को
* शुरुआती लक्षण: अपनी पहचान छिपाना, कलावा पहनना या हिंदू नाम बताना।
* भावनात्मक शोषण: आपके धर्म की बुराई करना और अपने मजहब को 'तर्कसंगत' बताकर पेश करना।
* शादी के बाद का नरक: याद रखिए, जो लड़का आज आपके लिए अपने माता-पिता से 'लड़ने' का नाटक कर रहा है, कल वही आपको बुर्के और चारदीवारी में कैद करने के लिए उन्हीं के साथ खड़ा होगा।
अभिभावकों के लिए संदेश: मौन तोड़िए!
अपने बच्चों से खुलकर बात करें। उन्हें इतिहास और वर्तमान की कड़वी हकीकत समझाएं। 'सेकुलरिज्म' के झूठे चश्मे को उतारकर उन्हें बताइए कि उनकी एक गलती न केवल उनका जीवन बर्बाद करेगी, बल्कि उनके पूर्वजों के गौरव और आने वाली पीढ़ियों के अस्तित्व को भी मिटा देगी।
जागिए! इससे पहले कि आपके घर की लक्ष्मी किसी और के एजेंडे का हिस्सा बन जाए।
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Tejraftarnews.in: सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों की अब खैर नहीं है। केंद्र सरकार ने सरकारी परिसरों पर अवैध रूप से कब्जा करने वालों के लिए कड़े दंड का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत कहा गया है कि पहले महीने में संबंधित संपत्ति के लाइसेंस शुल्क का 40 गुना जुर्माना देना होगा, जो इसके बाद हर महीने 10 प्रतिशत की दर से बढ़ता जाएगा।
केंद्र सरकार का यह प्रावधान जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2026 का हिस्सा है, जिसे वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने शुक्रवार को लोकसभा में पेश किया।प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक गैर-आवासीय भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करते पाया जाता है, तो उसे छह महीने तक की जेल या भूमि के मूल्य का हर वर्ष के हिसाब से पांच प्रतिशत तक का जुर्माना या दोनों सजा दी जा सकती है।
यह कदम सरकारी परिसरों और भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का रास्ता प्रशस्त करेगा।
प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य सरकारी जमीन और भवनों पर अवैध कब्जे को रोकने के लिए कानूनी ढांचे को काफी मजबूत करना है, जिसमें आवासीय और गैर-आवासीय संपत्तियों के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं।
विधेयक में कहा गया है कि ऐसे अपराधियों को दोषी ठहराने वाले मजिस्ट्रेट को कानून के तहत अन्य कार्रवाइयों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना त्वरित बेदखली का आदेश देने का भी अधिकार होगा।
Tejraftarnews.in: मित्रों,आप को यह जानकार आश्चर्य होगा कि लोक सभा में विपक्ष के नेता,मंदबुद्धि, देश द्रोही ,लुटेरे और हिंदू विरोधी ने 2014 से लेकर फरवरी 2026 तक 260 विदेश यात्राएं की।
देखने वाली बात यह है कि इसके पास इन यात्राओं के लिए इतना पैसा कंहा से आता है?
कौन देता है?
और क्यों?
पूछता है भारत!!!!
आश्चर्य तो इस बात का है कि यह ऐसे ऐसे देशों में जाता है जिन देशों से हमारे देश के किसी प्रकार के संबंध नहीं है।जैसे कोलंबिया
ऐसा देश जो कोकेन और दूसरे नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए जाना जाता है।क्या राहुल गांधी के ड्रग सिंडिकेट से कोई रिश्ता है या क्या सिंडिकेट का सदस्य है।
देश को बताना चाहिए।
मित्रों,संसदीय प्रणाली में विपक्ष के नेता का उतना ही महत्व होता है,उतनी ही जिम्मेदारी होती है जितनी की सत्तारूढ़ दल के नेता की।किंतु इस व्यक्ति ने प्रधानमंत्री की कुर्सी के लोभ में अपनी पार्टी को तो डूबो दिया साथ ही साथ देश को भी डुबोना चाहता है।और आय दिन देश विरोधी गतिविधियों में लगा रहता है।
मित्रों,अब समय आ गया है कि इस परिवार और इनकी पार्टी से देश को मुक्त कराया जाए और देश को खुशहाल,समृद्ध ,सुदृढ़ और शांतिप्रिय बनाया जाय।
जय हिन्द।
Tejraftarnews.in: अब कहानी साफ़ हुई -
मणिपुर में कांग्रेस की क्या
खिचड़ी पकी थी और क्यों
मोदी को मणिपुर भेजना
चाहती थी कांग्रेस -
कांग्रेस का हीरो है मैथ्यू -
मणिपुर की हिंसा किसी विशेष वजह से नहीं थी बल्कि कांग्रेस की विदेशी शक्तियों के साथ मिलकर रची हुई साजिश प्रतीत होती थी - आखिर क्यों कांग्रेस के बड़े बड़े नेता प्रधानमंत्री मोदी को मणिपुर जाने की जिद करते थे और क्यों यूरोप के देश भी मणिपुर में रूचि दिखा रहे थे, यह भी याद रहे राहुल गांधी भी उन दिनों बेल्जियम जाकर यूरोपीय यूनियन के नेताओं से मणिपुर पर चर्चा करने गया था - उसका मुख्य कारण था मणिपुर की घाटियों में घात लगा कर बैठे कुकी मोदी की हत्या करने में सक्षम थे - अब मामला साफ़ होता नज़र आया है -
NIA ने CIA के मिशनरी अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक को मणिपुर म्यांमार सीमा पर कुकी ईसाइयों को भारतीय सुरक्षाबलों से लड़ने की ट्रेनिंग देने के आरोप में पकड़ा है - वैनडाइक को कोलकाता हवाई अड्डे पर आव्रजन ब्यूरो ने हिरासत में लिया, जबकि तीन-तीन यूक्रेनी नागरिकों को लखनऊ और दिल्ली के हवाई अड्डों पर हिरासत में लिया गया। ये सभी पर्यटक वीजा पर भारत में दाखिल हुए, गुवाहाटी पहुंचे, फिर मिजोरम गए और बिना अनुमति के प्रतिबंधित क्षेत्र (परमिट) में प्रवेश कर गए - प्रतिबंधित क्षेत्र का उल्लंघन करने वाला पर्यटक, ऐसा कभी-कभार हो ही जाता है - लेकिन एनआईए का कहना है कि वे म्यांमार में विद्रोही समूहों को पूर्वोत्तर भारत में हमले करने के लिए प्रशिक्षित करने गए थे -
यह सभी कट्टर क्रिश्चियन है जो कुकी ईसाइयों को भारत सरकार से लड़ने के लिए आतंकवादी ट्रेनिंग दे रहे थे और यह म्यांमार में इनका आतंकवादी ट्रेनिंग कैंप चल रहा है -
इन्होंने यूरोप के कई देशों से ड्रोन के पार्ट इंपोर्ट किया और म्यांमार में बाकायदा इन्होंने ड्रोन असेंबली फैक्ट्री लगाई थी जहां ड्रोन को असेंबल कर कुकी आतंकियों को ट्रेनिंग देते थे -
अमेरिका की कुख्यात संस्था सीआईए कई तरीके से काम करती है
जैसे अगर किसी देश की सरकार अमेरिकी हितों के खिलाफ हो तो उसे सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए भी अपने लोगों को भेजती है जैसे उन्होंने बांग्लादेश में किया - अब मैथ्यू के पीछे मणिपुर और अन्य भारतीय राज्यों में कहां कहां बलवा पैदा करने के लिए कौन था, कह नहीं सकते लेकिन जाहिर कुछ विदेशी शक्तियां निश्चित रूप से थी -
उसने यूक्रेन में भी वहां के नागरिकों को ट्रेनिंग दी थी और रूस में भी वहां के नागरिकों को ट्रेनिंग दिया है उसके बाद यह भारत में टूरिस्ट वीजा पर आया और मणिपुर होते हुए म्यांमार में उसने कई कुकी ट्रेनिंग कैंप चलाएं -
कितने बड़े खतरे हैं देश के सामने जिनसे साधारण मानव का जीवन खतरे में पड़ सकता है लेकिन हमारे देश में कुछ संकीर्ण मानसिकता के लोग छोटी मोटी बातों पर अटके रहते हैं - अब और कुछ नहीं तो दो दिन की गैस की लाइन से परेशान हो गए जबकि 12 साल से कभी कोई लाइन नहीं देखी लेकिन जो लाइन देखी, वो थी लगातार होने वाले बम धमाकों की, वो याद नहीं - और तो और इतने गंभीर विषय पर भी एक दो तो लिख ही देंगे “जू जी छी लौल बैक”
NIA और अन्य सुरक्षा एजेंसियां सतर्क न हो तो देश को कुछ भी अहित हो सकता है - एजेंसियां कोई न कोई रोज साजिश बेनकाब कर रही हैं - कल खबर थी दिल्ली से अमृतसर तक सेना की मूवमेंट पर नज़र रखने की पाकिस्तानी साजिश बेनकाब की गई - आज खबर है अल-फलाल यूनिवर्सिटी नेटवर्क ध्वस्त होने के बाद जैश ने एक बार फिर रची थी बड़े हमले की साजिश -
आज दुनिया भर में तेल और गैस का संकट है लेकिन फिर भी हम बहुत हद तक बचे हुए हैं, कम से कम इतना तो समझना ही चाहिए -.
[30/03, 6:19 am] +91 88061 49324: ये पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा हिन्दू भाइयों तक पहुंचा दो 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻
शायद आपका एक प्रयास किसीका धर्म या किसी की जान बचा सकता है
यह 5 साल पहले आए था
अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA की टूलकिट भारत के विरुद्ध भारत को अनेकों टुकड़ों में बाटने के लिए दिन रात काम कर रहा है और हिन्दू आज भी बस मनोरंजन और सेक्युलर की अफ़ीम चाटे गेहरी नींद में सोया है रेलियां और झंडे लगा के आप अपनी आने वाली पीढ़ी को नहीं बचा पाओगे.
JEETUDEHATI: हिंदू संतों को "नकली बाबा" क्यों कहा जाता है, लेकिन मौलवियों का सम्मान किया जाता है।
जब कोई हिंदू संत बोलता है - तो उसका मज़ाक उड़ाया जाता है।लेकिन जब कोई मौलवी बोलता है - तो उसका सम्मान किया जाता है, यहाँ तक कि उससे डर भी लगता है।यह दोहरा मापदंड रातोंरात नहीं हुआ।
यह वर्षों के मीडिया दुष्प्रचार, राजनीतिक चुप्पी और चुनिंदा आक्रोश का नतीजा है।
आइए इसे बिंदुवार समझते हैं।
1. मीडिया हिंदू संतों को "हास्य सामग्री" के रूप में दिखाता है
टीवी शो और कॉमेडी स्किट में अक्सर साधुओं को नाचते, नाटक करते या लोगों को बेवकूफ बनाते हुए दिखाया जाता है।
कुछ को तो ड्रग्स, महिलाओं और घोटालों के साथ भी दिखाया जाता है -जिससे ऐसा लगता है कि सभी साधु नकली हैं।लेकिन क्या आपने कभी राष्ट्रीय टीवी पर किसी मौलवी का इस तरह मज़ाक उड़ाते देखा है?
नहीं।क्योंकि मीडिया को प्रतिक्रिया का डर होता है।लेकिन हिंदुओं के साथ - कोई परिणाम नहीं होता।
2. बॉलीवुड इस छवि को फैलाने में मदद करता है
फ़िल्मों में:
- हिंदू संत = खलनायक, धोखेबाज़, जोकर
- मुस्लिम मौलवी = बुद्धिमान, मृदुभाषी, आध्यात्मिक
- ईसाई पुजारी = नेक, मददगार, नैतिक मार्गदर्शक
यह सिर्फ़ "संयोग" नहीं है -यह एक कथात्मक युद्ध है, जिसका उद्देश्य एक संस्कृति को बदनाम करना और दूसरी को महिमामंडित करना है।
3. चुनिंदा राजनीतिक चुप्पी
अगर कोई साधु कुछ विवादास्पद कहता है, तो राजनेता उसकी निंदा करने के लिए दौड़ पड़ते हैं।लेकिन अगर कोई मौलवी कुछ खतरनाक या अतिवादी कह दे?चुप्पी।
कोई एफआईआर नहीं। कोई ट्वीट नहीं। कोई मीडिया बहस नहीं।यह धर्मनिरपेक्षता नहीं है।यह भय-आधारित पूर्वाग्रह है।
4. मंदिरों को निशाना बनाया जाता है, मदरसों को संरक्षण दिया जाता है।
ईडी, आईटी और पुलिस के छापे अक्सर मंदिरों और आश्रमों पर पड़ते हैं।उनकी ज़मीन, दान और संपत्तियों पर सवाल उठाए जाते हैं।लेकिन मदरसे? ज़्यादातर अछूते।
गंभीर आरोप लगने पर भी -कोई तात्कालिकता नहीं। कोई सुर्खियाँ नहीं। कोई आक्रोश नहीं।
5. शैक्षिक पूर्वाग्रह बचपन से ही शुरू हो जाता है।
स्कूल की किताबों में, आप इनके बारे में पढ़ेंगे:
- अब्राहमिक पैगम्बर और उनका दर्द
- बुद्ध और महावीर की शांति
- लेकिन आदि शंकराचार्य, ऋषि वाल्मीकि या स्वामी विवेकानंद के बारे में बहुत कम।
बच्चे यह सोचकर बड़े होते हैं:“हिंदू संत पुराने ज़माने के हैं। विदेशी संत आधुनिक हैं।”यह सूक्ष्म बीज आगे चलकर पूर्वाग्रह में बदल जाता है।
6. सोशल मीडिया पर गालियाँ ज़्यादातर हिंदुओं के खिलाफ होती हैं
एक साधु सनातन धर्म की बात करता है = "अंधभक्त", "नकली बाबा", "आरएसएस एजेंट"एक मौलवी बोलता है = "अल्पसंख्यकों की आवाज़", "धार्मिक अधिकार", "अभिव्यक्ति की आज़ादी"
यह अंतर क्यों?क्योंकि हिंदुओं की आवाज़ें आसान निशाना होती हैं।और दुख की बात है कि कुछ हिंदू भी झूठ पर यकीन कर लेते हैं।
7. असली धोखेबाज़ी होती है - लेकिन सिर्फ़ हिंदू ही सुर्खियाँ बनते हैं
हाँ, कुछ नकली बाबाओं का पर्दाफ़ाश हुआ है।लेकिन सुर्खियों में दिखाए गए हर एक हिंदू धोखेबाज़ी के लिए,विभिन्न समुदायों में 10 अन्य लोग इससे भी बदतर कर रहे हैं - जिन्हें राष्ट्रीय मीडिया में कोई कवरेज नहीं मिलता।इसलिए औसत भारतीय सोचने लगता है:"सिर्फ़ हिंदू साधु ही अपराधी होते हैं।"
8. हमारे संत ईश्वर-पुरुष नहीं थे - वे राष्ट्र-निर्माता थे।
- स्वामी विवेकानंद, जिन्होंने विश्व स्तर पर भारत की आत्मा को जागृत किया।
- ऋषि दयानंद, जिन्होंने अंधविश्वासों और औपनिवेशिक मानसिकता के जाल से संघर्ष किया।
- श्री अरबिंदो, जिन्होंने धर्म के माध्यम से स्वतंत्रता की प्रेरणा दी।
- आज के सच्चे आध्यात्मिक नेताओं से, जो योग, ध्यान और शांति का प्रचार कर रहे हैं...वे नकली बाबा नहीं हैं।वे भारत के स्तंभ हैं।
9. दुनिया हिंदू संतों से क्यों डरती है?
क्योंकि वे धर्मांतरण, भय या हिंसा नहीं सिखाते।वे सिखाते हैं:
- "अहं ब्रह्मास्मि" - आप दिव्य हैं।
- "वसुधैव कुटुम्बकम" - पूरा विश्व एक परिवार है।
- "धर्म" - धर्म नहीं, बल्कि ब्रह्मांडीय व्यवस्था।
यह स्वतंत्रता-आधारित दर्शन उन लोगों को डराता है जो नियंत्रण पर निर्भर रहते हैं।
तो आप क्या कर सकते हैं?
- हमारे संतों का मज़ाक उड़ाने वाले मीम्स फ़ॉरवर्ड करना बंद करें
- असली इतिहास पढ़ें, व्हाट्सएप फ़ॉरवर्ड नहीं
- अपने बच्चों को हिंदू प्रतीकों के बारे में गर्व से सिखाएँ
- कहानियों पर सवाल उठाएँ - उन्हें आँख मूँदकर न अपनाएँ
- धर्म की रक्षा करने वाली सच्ची हिंदू आवाज़ों का समर्थन करें..हिंदू संत सम्मान के पात्र हैं - उपहास के नहीं।
उन्होंने हमें पहचान, संस्कृति, मूल्य और ज्ञान दिया।अगर उनका मज़ाक उड़ाया जाता है - तो आपका मज़ाक उड़ाया जा रहा है।
🔴
Tejraftarnews.in: 🚨 #BREAKING 🇮🇷
#Iran की नई मुसीबत आसमानी हमलों से कहीं ज्यादा अब जमीन पर गहराता जल संकट हो सकता है!
🔴 रिपोर्ट्स के मुताबिक:
▪️ मशहद का जल सिस्टम लगभग ठप होने की कगार पर है और 4 बड़े बांध प्रभावी रूप से बंद हो चुके हैं।
▪️ देश में करीब 53% डैम क्षमता खाली
▪️वहीं हफ्तकेल में 10,000 m³ का जलाशय नष्ट होने की खबर है
▪️ तेहरान की जल एजेंसी को भी नुकसान की खबर है
👉 युद्ध के पहले से हीं ईरान जल संकट झेल रहा है और यह 60 साल के सबसे बड़े जल संकट का सामना कर रहा है।
Tejraftarnews.in
: ईरान इस अमेरिका और इज्राईल के साथ महायुद्ध में बहुत भयानक रूप से चुका है और अभी भी निरंतर पिट ही रहा है परन्तु बिल्कुल भी हार नहीं मान रहा है और फिर भी भयानक तरीके से अभी भी संपूर्ण शक्ति से लड़ रहा है।
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शोध एवं लेखन : दिलीप कुमार पाण्डेय, कानपुर, उत्तर प्रदेश !
आवश्यक संशोधन सहित संपादन : डॉ ओम प्रकाश आर्य !
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मंदबुद्धि और भयानक मानसिक रोगी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप विश्व में अपनी भयानक थू-थू करवा रहा है। नेतन्याहू फुल मज़े ले रहा है परन्तु भारत को इस महायुद्ध से क्या क्या शिक्षा लेनी चाहिए और ट्रंप को धन्यवाद और आभार क्यों कहना चाहिए ? हर महायुद्ध विश्व को बहुत कुछ नया सिखा कर जाता है और अमेरिका इज्राइल ईरान युद्ध में निश्चित रूप से बहुत कुछ सीखने लायक है !
१) प्रत्येक आक्रमण का एक प्रत्युत्तर होता है : विश्व की भयानकतम इंटेलिजेंस एजेंसी इज्राइल की मोसाद ने एक रणनीति बनाई थी कि शत्रु को परास्त करना हो तो पहले नेता को ही समाप्त कर दो ! दिसंबर, 2024 में लेबनान में सीधे उसके नेता नसरल्लाह को मारकर हिजबुल्ला को हरा दिय । इसके बाद जून 2025 में ईरान के 25 कमांडरों को एक साथ मारकर भयानक चोट दी कि ईरान 18 घंटे तक कोई प्रतिक्रिया ही नहीं दे पाया । लेकिन आखिरकार ईरान ने इसका काउंटर ढूंढ निकाला । ईरान ने अपनी पूरी शक्ति को विकेंद्रीकृत कर दिया यानी पहले केंद्रीय कमांड थी और चूंकि केंद्रीय कमांड समाप्त हुई तो शक्ति भी समाप्त । अब ईरान ने अपने हर प्रांत में अलग कमांड बना दी और सबको मिसाइलों के भंडार देकर टारगेट दे दिया और ये बता दिया कि युद्ध शुरू हो तो वांछित लक्ष्यों को हिट करते रहो, किसी को किसी से कोई आदेश लेने की जरूरत भी नहीं है । यही वजह है कि इस बार ईरान की सेना ने अमेरिका और इज्राईल द्वारा आक्रमण होने के आधे घंटे में ही प्रत्याक्रमण शुरू कर दिया जबकि इज्राएल ने आक्रमण में खामेनई समेत 48 कमांडरों मार गिराया था।
२ ) मिलिट्री जनरल का सुझाव राजनीतिक नेता को बल
सदैव ही मानना चाहिए : अमेरिका के 22वें Chairman of the Joint Chiefs of Staff डैन केक ने ट्रंप से कहा था कि हम ईरान में टेक्टिकल टारगेट्स को हिट कर सकते हैं लेकिन सत्ता परिवर्तन नहीं कर सकते हैं । सत्ता परिवर्तन करने के लिए ईरान में 2 लाख की फौज उतारनी होगी और इसमें 15 हजार सैनिकों की बलि चढ़ेगी । ट्रंप ने इन बातों पर ध्यान नहीं दिया और अब अमेरिका सत्ता परिवर्तन के अपने खुद के बनाए टारगेट को पूरा नहीं कर पा रहा है । 80 हजार से ज्यादा धमाके ईरान में किए गए हैं । टारगेट ना पूरा कर पाने का मतलब साफ है कि अमेरिका युद्ध पर बहुत पैसा खर्च करके भी नुकसान में ही है क्योंकि उसके हाथ में कहने के लिए अभी भी कुछ नहीं है !
3 ) एक ध्रुवीय से बहुध्रुवीय बन रही दुनिया : रूस की ताकत, यूक्रेन में समाप्त हो रही है और अब अमेरिका ईरान में फंस चुका है । युद्ध की शुरुआत में ही अमेरिका को पहला धक्का उस वक्त लगा जब हॉरिज़ोन रडार को ईरान ने नष्ट कर दिया । दुनिया में ऐसे सिर्फ 5 रडार हैं जो 5000 किलोमीटर तक इंटरसेप्ट कर सकते हैं । इस रडार के नष्ट होने के बाद इजराइल में अरली वॉर्निंग सिस्टम जो पहले 15 मिनट था वो सिर्फ 2 मिनट ही रह गया ! इसके अलावा 3 थाड बैटरी, 5 एफ 15, 3 एफ 16 युद्धक विमान भी गिराए जा चुके हैं । अमेरिका के एक डिस्ट्रॉयर और दो एयरक्राफ्ट कैरियर भी हिट हो चुके हैं जिनको भारी मरम्मत के लिए भेजा गया है ! ईरान चाइना के सैटेलाइट की मदद से सटीक टारगेट हिट कर रहा है जो भारत के लिए भी आगे जाकर चिंता का विषय बनेगा ।
4 ) इजराइल विक्टिम कार्ड खेलने पर ज्यादा ज़ोर दे रहा है : यहूदी मस्तिष्क सदैव की तरह तेज़ी से काम कर रहा है। जहां धारणा और छवि का टकराव
होता है वहां स्वयं को शक्तिशाली प्रदर्शित करने के लिए इजराइल ने समस्त तैयारी कर ली हैं । इजराइल ने अपनी सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरे तक बंद कर दिए हैं ताकि उसकी तबाही दुनिया में कोई ना देख सके । दूसरी तरफ वो बार बार ये दोहरा रहा है कि ईरान की मौजूदगी ही उसके आस्तित्व पर खतरा है । लेकिन दूसरी तरफ उसका प्रचार तंत्र मिडिल ईस्ट के देशों में गुस्सा भड़का रहा है कि देखो ईरान कितना खतरनाक है सबके लिए ।
5 ) हमें ट्रंप को थैंक्यू क्यों बोलना चाहिए ? : जब भारत ने परमाणु टेस्ट किया तो फिर जवाब में पाकिस्तान ने भी परमाणु टेस्ट कर दिया । तो फिर दुनिया को यह पता चला कि पाकिस्तान ने कैसे मक्कारी से चोरी से परमाणु बम बनाया है । ठीक इसी तरह किसी भी इस्लामिक मुल्क का ज्यादा ताकतवर होना सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संदर्भों में भारत के लिए फायदेमंद नहीं है । अब ईरान जो कि मूल रूप से आर्यों का स्थान है । आर्यन से ईरान बना है । ये साबित कर रहा है कि उसके पास एक स्तर की बुद्धिमत्ता और युद्ध लड़ने की ताकत है । ईरान का एक्सपोज़ होना भी जरूरी था जिसको लगातार बहुत कम आंका जा रहा था... इसीलिए धन्यवाद डोनाल्ड ट्रम्प !
🙏🙏✍️✍️🇮🇳🇮🇳🇺🇲🇺🇲🇮🇱🇮🇱👹👹🐉🐉👺👺🕉️🕉️🚩🚩
Tejraftarnews.in: दुनिया इस समय एक बड़े भ्रम में जी रही है। टीवी स्क्रीन पर इस्लामाबाद की मीटिंग्स दिख रही हैं,
हेडलाइन्स में पाकिस्तान “मध्यस्थ” बनकर उभर रहा है। वॉर रोकने वाला चौधरी।। 🔥
विपक्ष और मोदी विरोधी कह रहे हैं कि -"देखो-देखो - किसी ने मोदी को नहीं पूछा, भारत को नहीं पूछा।"
मलतब वो खुश हैं, कपड़े फाड़ कर नाच रहे हैं कि भारत को नहीं पूछा। 🤔
हम मोदी, राहुल और बाकी सब नेताओं समेत किसी भी सूरमा को देश से ऊपर नहीं रखते। देश का फिलहाल क्या जिओ पॉलिटकल स्टेटस है। आइए इसका निष्पक्ष विश्लेषण करते हैं।
पाकिस्तान की खुशी में शामिल अति प्रसन्न लोगों को बता दूँ कि इतिहास हमेशा कैमरे के सामने नहीं, बल्कि बंद कमरों में लिखा जाता है। और इस बार भी वही हो रहा है।🔥
जब युद्ध की आंच तेज हो रही थी, तब सबसे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने सीधे भारत के प्रधानमंत्री मोदी से बात की। यह कोई औपचारिक कॉल नहीं थी, यह भरोसे का संकेत था। कूटनीति की दुनिया में सीधी बातचीत सिर्फ उन्हीं से होती है जिन पर भरोसा किया जा सके।
उधर दिल्ली में एक और खामोश हलचल चल रही थी।
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर एक साथ दो मोर्चों पर सक्रिय थे— एक तरफ ईरान के राजदूत से गहन बातचीत, दूसरी तरफ ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से लगातार संवाद। यह “डिप्लोमेसी” है। यह “संतुलन की कला” है।
अब सवाल उठता है — आखिर इस पूरे संकट में असली ताकत किसके पास है? क्या उस भिखारी देश के पास जो सिर्फ बातचीत का अड्डा बन रहा है? या वह देश जो हर पक्ष के साथ भरोसे का रिश्ता बनाए हुए है?
हक़ीक़त यह है कि भारत आज उस मुकाम पर खड़ा है
जहाँ से वह हर दिशा में प्रभाव डाल सकता है। ईरान के साथ उसके सैकड़ों साल पुराने संबंध हैं। ईरान युद्ध के समय मानवीय मदद के लिए भारत का शुक्रिया अदा कर रहा है। भारत का तेल नहीं रोक रहा।❤️
और अमेरिका!! वो चाहे कितना भी बड़ा दादा हो, लेकिन फिलहाल वो भारत को सीधे आँख नहीं दिखा सकता। वो ही क्या, विश्व का कोई भी देश भारत को नाराज़ करना नहीं चाहता। वैश्विक मंचों पर भारत का कद लगातार बढ़ रहा है। खाड़ी देशों में 90 लाख से ज्यादा भारतीय काम कर रहे हैं, जिनकी मेहनत भारत की अर्थव्यवस्था को ताकत देती है। 🔥
दूसरी तरफ पाकिस्तान है— जो खुद क्षेत्रीय और सरहदी समीकरणों में उलझा हुआ है। उसके संबंध सऊदी अरब के साथ हैं, जो ईरान के खिलाफ खड़ा है। अफगानिस्तान से उसका वॉर चल रहा है। ऐसे में क्या वह सच में निष्पक्ष मध्यस्थ बन सकता है? या वह सिर्फ एक कठपुतली है, जो बस दूसरों की बात आगे बढ़ा रहा है?
भारत ने हमेशा एक बात साफ रखी है—हम सौदेबाजी करने वाले बिचौलिये नहीं हैं। भारत की कूटनीति शोर नहीं करती,पर असर गहरा छोड़ती है। 🔥
इस युद्ध का एक और पहलू है—आर्थिक। 💲
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़ी मात्रा में आयात पर निर्भर है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अस्थिरता सीधे भारत की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करती है। यानी भारत के लिए यह सिर्फ अंतरराष्ट्रीय मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हित का प्रश्न है।
यही कारण है कि भारत इस पूरे संकट में “दिखने” से ज्यादा “करने” पर विश्वास कर रहा है।
जहाँ पाकिस्तान सुर्खियों में है, वहीं भारत समीकरण बना रहा है। असली ताकत वही होती है जिसे हर पक्ष सुनना चाहता है। और आज की दुनिया में अगर कोई देश इस स्थिति में है— तो वह अपना भारत है। 🔥
बाकी रोने वालों का क्या है। वो पहले भी रोते थे। आगे भी रोते रहेंगे। कमैंट्स बॉक्स में सबूत देख लेना। 😃
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Mukesh Joshi ✍️❤️
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देश की बुराई सुन कर खुश होने वालों को मेरी ये पोस्ट कड़वी लगेगी। मगर सच को सच लिखना ही मेरा शौक है। आप बर्दाश्त कर सकें तो ही मुकेश जोशी को फॉलो करें। 💀🔥✍️
Tejraftarnews.in: #AajKaLangdaTyagi
क्या आपने विशाल भारद्वाज की फिल्म ओमकारा देखी है?
अगर नहीं देखी तो ज़रूर देख लीजिये। क्योंकि जो कुछ आज राजनीति में चल रहा है, उसे समझने के लिए इससे बेहतर उदाहरण शायद ही मिले।
यह फिल्म शेक्सपियर के ऑथेलो पर आधारित है — एक ऐसी कहानी जो इंसानी दिमाग की गहराइयों में उतरती है। यह बताती है कि जलन, कुढ़न और जरूरत से ज्यादा महत्वाकांक्षा इंसान को किस हद तक गिरा सकती है।
ओमकारा का किरदार लंगड़ा त्यागी इसी मानसिकता का प्रतिनिधि है। वह अपने नेता के साथ रहता है, खुद को उसका सबसे भरोसेमंद आदमी मानता है, और हर मंच पर उसकी तारीफ करता है।
लेकिन जैसे ही उसे एहसास होता है कि उसे वो जगह नहीं मिलने वाली जिसकी उसे उम्मीद थी…
वहीं से शुरू होता है उसका असली चेहरा — षड्यंत्र, अफवाह और विश्वासघात।
2.
ओमकारा सिर्फ एक फिल्म नहीं है… यह इंसानी मन की anatomy है।
लंगड़ा त्यागी की सबसे बड़ी समस्या यह नहीं थी कि उसे मौका नहीं मिला।
उसकी समस्या यह थी कि वह खुद को उस जगह के लायक समझता था, जहाँ वह था ही नहीं।
जब उसे बाहर कर दिया गया, तो उसने खुद को सुधारने की कोशिश नहीं की…
उसने सिस्टम को गिराने की कोशिश की।
आज भी कुछ लोग वही कर रहे हैं।
जो कल तक सबसे बड़े समर्थक थे, वही आज सबसे बड़े आरोप लगाने वाले बन गए हैं।
3.
राजनीति में असली खतरा विरोधी नहीं होता…
बल्कि वो होता है जो अंदर बैठकर खुद को “अगला नेता” मान चुका होता है।
ओमकारा का लंगड़ा त्यागी यही सोचता था।
उसे लगता था कि जब समय आएगा, तो वही अगला बाहुबली बनेगा।
लेकिन पार्टी को पता था कि वह न वफादार है, न स्थिर।
और जब उसे नज़रअंदाज़ किया गया…
तो उसकी पूरी “वफादारी” दो सेकंड में खत्म हो गई।
आज के घटनाक्रम को देखिए…
कहानी वही है, किरदार बदल गए हैं।
4.
कई बार लोग विचारधारा से नहीं,
अपनी महत्वाकांक्षा से जुड़े होते हैं।
जब तक उन्हें लगता है कि सिस्टम उन्हें ऊपर ले जाएगा,
वे सबसे ज़्यादा वफादार दिखते हैं।
लेकिन जैसे ही उन्हें लगता है कि रास्ता बंद हो गया है…
वही लोग सबसे ज़्यादा ज़हर फैलाते हैं।
ओमकारा में भी यही हुआ था।
और आज भी वही हो रहा है।
5.
लंगड़ा त्यागी को सिर्फ एक चीज़ चाहिए थी —
मान्यता।
वह चाहता था कि उसे वही सम्मान मिले जो वह खुद को देता था।
लेकिन सिस्टम ने उसे पहचान लिया।
और यही उसकी सबसे बड़ी हार थी।
जब सिस्टम ने उसे reject किया,
तो उसने सिस्टम को ही बदनाम करना शुरू कर दिया।
आज कुछ लोग बिल्कुल यही कर रहे हैं।
6.
अगर आपको समझना है कि आज क्या हो रहा है,
तो बस एक काम कीजिए।
पिछले 25–30 साल के बयान उठाइए।
पुराने इंटरव्यू देखिए।
ट्वीट्स पढ़िए।
फिर आज के बयान देखिए।
आपको खुद समझ आ जाएगा कि बदलाव विचारों में नहीं है…
बदलाव सिर्फ स्थिति में है।
7.
इंसान की सबसे बड़ी कमजोरी क्या है?
उसका अहंकार।
जब उसे लगता है कि वह “हकदार” है…
तो वह किसी भी हद तक जा सकता है।
ओमकारा में लंगड़ा त्यागी इसी अहंकार का प्रतीक है।
और आज भी कुछ लोग उसी रास्ते पर चल रहे हैं —
जहाँ अंत सिर्फ विनाश है।
8.
कल तक जो लोग मंच पर खड़े होकर तारीफ कर रहे थे,
आज वही लोग सवाल उठा रहे हैं।
यह बदलाव नहीं है…
यह प्रतिक्रिया है।
कुर्सी न मिलने की प्रतिक्रिया।
ओमकारा में भी यही हुआ था —
और आज भी वही हो रहा है।
9.
लंगड़ा त्यागी अकेला नहीं था।
उसने अपने जैसे और लोगों को भी साथ जोड़ लिया था।
जो अंदर ही अंदर जले हुए थे,
जो मौके का इंतजार कर रहे थे…
और फिर मिलकर उन्होंने अफवाहों का जाल बुन दिया।
आज भी कुछ ऐसा ही दिख रहा है —
coordinated narrative, planned attacks, repeated patterns।
10.
कुछ लोग आज भी वही खेल खेल रहे हैं —
पहले नज़दीक रहो,
फिर उम्मीद बनाओ,
फिर कुर्सी न मिले तो सिस्टम को ही गिराने लगो।
ओमकारा का लंगड़ा त्यागी fictional था…
लेकिन उसकी मानसिकता आज भी जिंदा है।
11
राजनीति में हर आवाज़ सच्चाई नहीं होती।
कुछ आवाज़ें सिर्फ निराशा की होती हैं।
और जब निराशा गुस्से में बदलती है…
तो वह अफवाह बन जाती है।
ओमकारा यही सिखाती है।
और आज का समय भी।
12
अगर आपको समझना है कि असल में क्या चल रहा है,
तो ज़्यादा मेहनत मत कीजिए।
ओमकारा देखिए।
फिर पुराने बयान पढ़िए।
फिर आज के ट्वीट्स देखिए।
सब कुछ साफ हो जाएगा।
और अंत में एक ही बात कानों में गूंजेगी —
“जिनके घर शीशों के बने होते हैं,
वो दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंका करते जानी।”
13.
हर इंसान की एक महत्वाकांक्षा होती है…
लेकिन हर महत्वाकांक्षा सही नहीं होती।
ओमकारा का लंगड़ा त्यागी भी खुद को अगले स्तर का नेता मान चुका था।
उसे लगता था कि अब उसकी बारी है।
लेकिन सिस्टम ने उसे पहचान लिया —
कि न उसमें स्थिरता है, न वफादारी।
और जैसे ही उसे दरकिनार किया गया…
उसकी सारी वफादारी धूल में मिल गई।
आज भी कुछ लोग उसी मोड़ पर खड़े हैं।
14.
सबसे खतरनाक लोग वो नहीं होते जो खुलकर विरोध करते हैं…
सबसे खतरनाक वो होते हैं जो जरूरत से ज़्यादा वफादार दिखते हैं।
ओमकारा का लंगड़ा त्यागी इसी category में आता है।
वो हर जगह अपने नेता के लिए खड़ा रहता है, हर बात में समर्थन करता है।
लेकिन अंदर ही अंदर उसकी अपनी कहानी चल रही होती है —
एक दिन खुद बाहुबली बनने की।
जब वह सपना टूटता है…
तो वही व्यक्ति सबसे बड़ा षड्यंत्रकारी बन जाता है।
15.
सत्ता के खेल में असली परीक्षा तब होती है जब आपको कुछ नहीं मिलता।
जब सब कुछ मिल रहा होता है, तब वफादार रहना आसान है।
लेकिन जब आपको नजरअंदाज किया जाता है…
तब आपका असली चरित्र सामने आता है।
ओमकारा में भी यही हुआ था।
और आज भी वही दिख रहा है —
जहाँ निराशा, षड्यंत्र में बदल रही है।
16.
लंगड़ा त्यागी का सबसे बड़ा हथियार तलवार नहीं था…
उसका सबसे बड़ा हथियार था — कहानी।
वो झूठ और अफवाहों की ऐसी कहानी गढ़ता है
जिस पर लोग यकीन करने लगते हैं।
आज भी कुछ लोग यही कर रहे हैं —
narrative बनाओ, उसे बार-बार दोहराओ,
और धीरे-धीरे उसे सच बना दो।
ओमकारा हमें यही चेतावनी देती है।
17.
कई लोग खुद को सिस्टम से बड़ा समझने लगते हैं।
उन्हें लगता है कि सिस्टम उनके बिना अधूरा है,
और अगला कदम उन्हीं के लिए तय है।
लेकिन सिस्टम हमेशा व्यक्ति से बड़ा होता है।
ओमकारा में भी सिस्टम ने लंगड़ा त्यागी को reject किया…
और वहीं से उसकी गिरावट शुरू हुई।
आज भी कुछ लोग वही गलती दोहरा रहे हैं।
18.
विश्वासघात कभी अचानक नहीं होता…
वह धीरे-धीरे पनपता है।
पहले उम्मीद बनती है,
फिर उम्मीद हक में बदलती है,
और जब हक पूरा नहीं होता —
तो वही उम्मीद गुस्से में बदल जाती है।
ओमकारा का लंगड़ा त्यागी इसी प्रक्रिया से गुजरता है।
और आज की राजनीति में भी यही pattern साफ दिखता है।
19.
अगर आप ध्यान से देखें तो हर चीज़ एक pattern में चल रही है।
पहले समर्थन,
फिर उम्मीद,
फिर निराशा,
और फिर अचानक हमला।
ओमकारा की कहानी भी यही थी।
आज भी वही pattern दोहराया जा रहा है —
बस माध्यम बदल गया है, अब मंच सोशल मीडिया है।
20.
कहानी बहुत simple है…
बस समझने की जरूरत है।
ओमकारा देखिए —
लंगड़ा त्यागी को समझिए।
फिर आज के बयान, ट्वीट्स और इंटरव्यू देखिए।
आपको समझ आ जाएगा कि
यह विचारधारा की लड़ाई नहीं है…
यह महत्वाकांक्षा की लड़ाई है।
और अंत में वही पुरानी बात याद आती है —
“जिनके घर शीशों के बने होते हैं,
वो दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंका करते जानी।”
Tejraftarnews.in: * देश राज्यों से बड़ी खबरें*
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*1* पश्चिम एशिया के युद्ध से हम सब मिलकर निपटेंगे, अफवाहों पर ध्यान ना दे,'मन की बात' में बोले पीएम मोदी
*2* मोदी बोले-जंग के चलते दुनिया में पेट्रोल-डीजल का संकट, भारत चुनौती से निपट रहा, अफवाहों में न आएं; सरकार की जानकारी पर भरोसा करें
*3* मैं आज 'मन की बात' के माध्यम से सभी देशवासियों से फिर यह आग्रह करूंगा कि हमें एकजुट होकर इस चुनौती से बाहर निकलना है। जो लोग इस विषय पर भी राजनीति कर रहे हैं, उन्हें राजनीति नहीं करनी चाहिए। यह देश के 140 करोड़ देशवासियों के हित से जुड़ा विषय है, इसमें स्वार्थ भरी राजनीति का कोई स्थान नहीं है। ऐसे में जो भी लोग अफवाह फैला रहे हैं, वे देश का बहुत बड़ा नुकसान कर रहे हैं।
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*4* पीएम मोदी ने कहा वर्तमान में हमारे पड़ोस में एक माह से भीषण युद्ध चल रहा है | हमारे लाखों परिवारों के सगे-संबंधी इन देशों में रहते हैं, खासतौर पर खाड़ी देशों में काम करते हैं। मैं खाड़ी देश का बहुत आभारी हूँ, वे ऐसे एक करोड़ से ज्यादा भारतीयों को वहाँ पर हर प्रकार की मदद दे रहे हैं।
*5* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज केरल दौरे पर रहेंगे, जहां वे विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए उम्मीदवारों के समर्थन में पलक्कड़ में रैली और त्रिशूर में रोड शो करेंगे। इस दौरे को चुनावी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इसमें भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है।
*6* LDF-UDF ने वर्षों तक किया सत्ता का व्यापार': केरल मे PM मोदी का विपक्ष पर हमला, कहा- लोगों से किए खोखले दावे
*7* मोदी बोले- केरल स्वार्थी राजनीति के दो मुखौटों में फंसा, LDF-UDF दोनों भ्रष्टाचारी, इन्हें भाजपा से डर; सत्ता में आते ही काले कारनामे खुल जाएंगे
*8* केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम में घुसपैठ के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि भाजपा सरकार ने पिछले दस वर्षों में असम में घुसपैठ को रोका है, लेकिन यह काफी नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रत्येक अवैध अप्रवासी को उनके देश वापस भेजा जाना चाहिए
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*9* अमित शाह ने चुनावी रैली में कहा, ''अगर भाजपा बोडोलैंड के युवाओं, आदिवासियों से बात कर सकती है, तो कांग्रेस क्यों नहीं कर पाई?'' उन्होंने कहा, "भाजपा के कारण असम आतंकवाद से मुक्त है; कांग्रेस शासन के दौरान गोलीबारी और बम विस्फोट होते थे; पिछले 10 वर्षों में कई दौर की बातचीत के बाद 10,000 युवाओं ने हथियार डाले और शांति कायम हुई
*10* सत्ता में आए तो बुजुर्गों को हर महीने 1250 रुपए की सहायता, महिलाओं को व्यवसाय के लिए 50 हज़ार, कांग्रेस ने असम के लोगों से किए पांच वादे
*11* लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुजरात में दलित और आदिवासी समुदायों के खिलाफ बढ़ते अत्याचार को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में नफरत, भेदभाव और हिंसा का माहौल लगातार गहराता जा रहा है।
*12* राहुल गांधी ने हाल ही में गुजरात से आए दलित और आदिवासी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कई पीड़ितों की आपबीती सुनी। उन्होंने बताया कि कुछ मामलों में लोगों को इतनी बेरहमी से पीटा गया कि उनके शरीर में कई फ्रैक्चर हो गए, वहीं एक अन्य मामले में व्यक्ति को जिंदा जला दिया गया।
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*13* कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भाजपा पर साधा निशाना, कहा- केरल में शून्य सीट वाली पार्टी को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं
*14* खात्मे के कगार पर नक्सलवाद: दस साल में 10,000 से ज्यादा माओवादियों का आत्मसमर्पण, अर्बन नक्सल पर भी नकेल
*15* अयोध्या में एकादशी के पावन अवसर पर होने वाली पंचकोसी परिक्रमा में रविवार को लाखों श्रद्धालुओं की आस्था उमड़ पड़ी। सुबह से ही लंबी कतारें परिक्रमा मार्ग पर देखने को मिलीं। आसपास के जिलों के साथ-साथ बड़ी संख्या में बिहार से भी श्रद्धालु पहुंचकर परिक्रमा में शामिल हुए।
*16* हिमाचल समेत 7 राज्यों में ओले गिर सकते हैं, राजस्थान में 2 दिन आंधी-बारिश का अलर्ट; जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी, सड़क बंद
*17* महाराष्ट्र में मौसम ने मारी पलटी; भीषण गर्मी के बीच 6 दिनों तक भारी आंधी-बारिश! किसानों-मछुआरों के लिए आई गाइडलाइन
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*18* संकट के बीच भारत ने श्रीलंका को दिया 38000 मीट्रिक टन पेट्रोल-डीजल, विपक्ष ने भी कहा- धन्यवाद
*19* अमेरिका में ट्रम्प के खिलाफ 80 लाख लोगों का मार्च, 3,300 जगह प्रदर्शन, ईरान वॉर और महंगाई को लेकर पद से हटाने की मांग
*20* ईरान जंग पर पाकिस्तान की 3 देशों के साथ मीटिंग, सऊदी-तुर्किये और मिस्र के विदेश मंत्री इस्लामाबाद पहुंचे, अमेरिका ने 3500 सैनिक मिडिल ईस्ट भेजे
*21* दुकानें और हाईवे बंद, शादियों पर भी रोक... पाकिस्तान ने लगा दिया स्मार्ट लॉकडाउन, तेल संकट के बीच शहबाज सरकार का फैसला
*22* एक तरफ बातचीत तो दूसरे ओर जमीनी हमले की साजिश रच रहा अमेरिका, ईरान ने खूब लताड़ा।
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*1* पश्चिम एशिया के युद्ध से हम सब मिलकर निपटेंगे, अफवाहों पर ध्यान ना दे,'मन की बात' में बोले पीएम मोदी
*2* मोदी बोले-जंग के चलते दुनिया में पेट्रोल-डीजल का संकट, भारत चुनौती से निपट रहा, अफवाहों में न आएं; सरकार की जानकारी पर भरोसा करें
*3* मैं आज 'मन की बात' के माध्यम से सभी देशवासियों से फिर यह आग्रह करूंगा कि हमें एकजुट होकर इस चुनौती से बाहर निकलना है। जो लोग इस विषय पर भी राजनीति कर रहे हैं, उन्हें राजनीति नहीं करनी चाहिए। यह देश के 140 करोड़ देशवासियों के हित से जुड़ा विषय है, इसमें स्वार्थ भरी राजनीति का कोई स्थान नहीं है। ऐसे में जो भी लोग अफवाह फैला रहे हैं, वे देश का बहुत बड़ा नुकसान कर रहे हैं।
*4* पीएम मोदी ने कहा वर्तमान में हमारे पड़ोस में एक माह से भीषण युद्ध चल रहा है | हमारे लाखों परिवारों के सगे-संबंधी इन देशों में रहते हैं, खासतौर पर खाड़ी देशों में काम करते हैं। मैं खाड़ी देश का बहुत आभारी हूँ, वे ऐसे एक करोड़ से ज्यादा भारतीयों को वहाँ पर हर प्रकार की मदद दे रहे हैं।
*5* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज केरल दौरे पर रहेंगे, जहां वे विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए उम्मीदवारों के समर्थन में पलक्कड़ में रैली और त्रिशूर में रोड शो करेंगे। इस दौरे को चुनावी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इसमें भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है।
*6* LDF-UDF ने वर्षों तक किया सत्ता का व्यापार': केरल मे PM मोदी का विपक्ष पर हमला, कहा- लोगों से किए खोखले दावे
*7* मोदी बोले- केरल स्वार्थी राजनीति के दो मुखौटों में फंसा, LDF-UDF दोनों भ्रष्टाचारी, इन्हें भाजपा से डर; सत्ता में आते ही काले कारनामे खुल जाएंगे
*8* केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम में घुसपैठ के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि भाजपा सरकार ने पिछले दस वर्षों में असम में घुसपैठ को रोका है, लेकिन यह काफी नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रत्येक अवैध अप्रवासी को उनके देश वापस भेजा जाना चाहिए
*9* अमित शाह ने चुनावी रैली में कहा, ''अगर भाजपा बोडोलैंड के युवाओं, आदिवासियों से बात कर सकती है, तो कांग्रेस क्यों नहीं कर पाई?'' उन्होंने कहा, "भाजपा के कारण असम आतंकवाद से मुक्त है; कांग्रेस शासन के दौरान गोलीबारी और बम विस्फोट होते थे; पिछले 10 वर्षों में कई दौर की बातचीत के बाद 10,000 युवाओं ने हथियार डाले और शांति कायम हुई
*10* सत्ता में आए तो बुजुर्गों को हर महीने 1250 रुपए की सहायता, महिलाओं को व्यवसाय के लिए 50 हज़ार, कांग्रेस ने असम के लोगों से किए पांच वादे
*11* लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुजरात में दलित और आदिवासी समुदायों के खिलाफ बढ़ते अत्याचार को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में नफरत, भेदभाव और हिंसा का माहौल लगातार गहराता जा रहा है।
*12* राहुल गांधी ने हाल ही में गुजरात से आए दलित और आदिवासी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कई पीड़ितों की आपबीती सुनी। उन्होंने बताया कि कुछ मामलों में लोगों को इतनी बेरहमी से पीटा गया कि उनके शरीर में कई फ्रैक्चर हो गए, वहीं एक अन्य मामले में व्यक्ति को जिंदा जला दिया गया।
*13* कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भाजपा पर साधा निशाना, कहा- केरल में शून्य सीट वाली पार्टी को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं
*14* खात्मे के कगार पर नक्सलवाद: दस साल में 10,000 से ज्यादा माओवादियों का आत्मसमर्पण, अर्बन नक्सल पर भी नकेल
*15* अयोध्या में एकादशी के पावन अवसर पर होने वाली पंचकोसी परिक्रमा में रविवार को लाखों श्रद्धालुओं की आस्था उमड़ पड़ी। सुबह से ही लंबी कतारें परिक्रमा मार्ग पर देखने को मिलीं। आसपास के जिलों के साथ-साथ बड़ी संख्या में बिहार से भी श्रद्धालु पहुंचकर परिक्रमा में शामिल हुए।
*16* हिमाचल समेत 7 राज्यों में ओले गिर सकते हैं, राजस्थान में 2 दिन आंधी-बारिश का अलर्ट; जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी, सड़क बंद
*17* महाराष्ट्र में मौसम ने मारी पलटी; भीषण गर्मी के बीच 6 दिनों तक भारी आंधी-बारिश! किसानों-मछुआरों के लिए आई गाइडलाइन
*18* संकट के बीच भारत ने श्रीलंका को दिया 38000 मीट्रिक टन पेट्रोल-डीजल, विपक्ष ने भी कहा- धन्यवाद
*19* अमेरिका में ट्रम्प के खिलाफ 80 लाख लोगों का मार्च, 3,300 जगह प्रदर्शन, ईरान वॉर और महंगाई को लेकर पद से हटाने की मांग
*20* ईरान जंग पर पाकिस्तान की 3 देशों के साथ मीटिंग, सऊदी-तुर्किये और मिस्र के विदेश मंत्री इस्लामाबाद पहुंचे, अमेरिका ने 3500 सैनिक मिडिल ईस्ट भेजे
*21* दुकानें और हाईवे बंद, शादियों पर भी रोक... पाकिस्तान ने लगा दिया स्मार्ट लॉकडाउन, तेल संकट के बीच शहबाज सरकार का फैसला
*22* एक तरफ बातचीत तो दूसरे ओर जमीनी हमले की साजिश रच रहा अमेरिका, ईरान ने खूब लताड़ा।
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Tejraftarnews.in: प्रिय zen z
1980 में रिलीज हुई फिल्म कुर्बानी का यह ट्रेलर देख लेना
उस वक्त हर एक फिल्म में शुरुआत के पहले यह सब चीज जरूर दिखाई जाती थी ताकि इंदिरा गांधी की नजरों में नंबर बढ़ाया जा सके
सूचना प्रसारण मंत्री विद्या चरण शुक्ला ने चमचागिरी की हद कर दिया था
उस वक्त संजय गांधी का निधन हुआ था और सारे फिल्मकार फिल्म के कास्ट के पहले इस तरह की चीज दिखाने के लिए मजबूर कर दिए गए थे
और यह आदेश उसे वक्त के सूचना प्रसारण मंत्री विद्या चरण शुक्ल ने दिया
Tejraftarnews.in: आपको शायद यह घटना याद ही न हो।
अखिलेश यादव के राज में मुसलमान के हौसले इतने बुलंद थे और उन्हें इस बात का इतना विश्वास था कि वह चाहे कुछ भी करेंगे अखिलेश यादव और आजम खान उन्हें बचा लेंगे और उन्हें कोई सजा नहीं होगी
और इसी गुमान के चलते मुसलमानो की भीड़ ने 6 जुलाई 2011 को मुरादाबाद में डीआईजी अशोक कुमार की मोब लिंचिंग कर दी थी
और जब मुसलमान को यकीन हो गया कि यह मर गए हैं तब उन्हें छोड़ा
अशोक कुमार इस गंभीर पिटाई से 12 दिन कोमा में चले गए थे उनके कान के दोनों पर्दे फट गए उनकी एक आंख की रोशनी चली गई उन्हें एक दो जगह नहीं बल्कि कल 13 जगह फ्रैक्चर हुआ उनकी आठ पसलियां टूट गई थी
हुआ यह था यह अफवाह फैली कि किसी ने कुरान की बेइज्जती की है और इसी अफवाह पर मुसलमान की भारी भीड़ डीआईजी कार्यालय में पहुंचती है और डीआईजी अशोक कुमार सिंह को ऑफिस से खींचकर पीट पीट कर अधमरा कर देती है पुलिस की तमाम गाड़ियों में आग लगा देती है
वहां कई पुलिस वाले थे जिनके पास 9 MM पिस्टल से लेकर AK 47 जैसे हथियार भी थे लेकिन किसी ने गोली इसलिए नहीं चलाई क्योंकि अखिलेश राज में यह कहा गया था कि मुस्लिम चाहे कुछ भी करें डीआईजी की भी हत्या क्यों ना करें उनके ऊपर गोली क्या लाठी चलाना भी अपराध है
और इसी डर में पुलिस वालों ने चुपचाप डीआईजी की माब लिंचिंग देखते रहे
और इस घटना के बाद आरोपियों को बचाने के लिए अखिलेश यादव और आजम खान ने पूरी कोशिश किया आजम खान ने तो यहां तक कहा कि हम मुस्लिम को कुरान को बेहतरीन किताब मानते हैं तो अगर कुरान के नाम पर मुसलमान का गुस्सा भड़का तो यह स्वाभाविक है
अखिलेश यादव ने भी ऐसे ही कुछ बातें कही थी और मामले में ना तो ठीक से पैरवी किया ना कोई मजबूत सरकारी वकील रखा
योगी जी के सत्ता में आने के बाद डीआईजी अशोक कुमार सिंह के मोब लिंचिंग की पूरी फाइल फिर से खोली गई
नए सिरे से वीडियो एविडेंस सारे एविडेंस बताए गए मजबूत सरकारी वकील रखा गया और कल इस घटना में 16 आरोपियों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई तीन आरोपियों को 30 साल की सजा सुनाई और चार आरोपी मर चुके थे
इसीलिए मैं कहता हूं कि अगर अखिलेश यादव यानी समाजवादी पार्टी फिर से यूपी की सत्ता में आई तब मुसलमान के हौसले इतने बुलंद हो जाएंगे कि जब वह डीआईजी को मोब लिंचिंग करके मार दे सकते हैं तो हिंदुओं तुम साधारण लोगों की क्या औकात है।
Tejraftarnews.in: गडकरी sir के विरुद्ध अनावश्यक बवाल का जवाब :::: ---
आप के ख्याल में भारत में हिंदू गाय 🐄 का मीट नहीं खाते क्या? । बीफ विरोधी भावना गंगा किनारे के आसपास के क्षेत्रों में ज़्यादा है और वो बस एक ड्रामा मात्र है— आप आगे पढ़ते जाइए और गूगल इत्यादि पर आगे लिखे हुए तथ्य compare कीजिए । :—- [{1640में मुगलों ने तिरुपति मंदिर घेर लिया था;; यह घेरा 5 साल चला । तिरुपति मंदिर 34 स्क्वायर किलोमीटर के क्षेत्र में है और उसमे हजारों लाखों गुना ज़्यादा पैसा और क्षेत्रफल है सोमनाथ और अयोध्या और कुरुक्षेत्र की बजाय । उस स्थिति में सारा दक्षिण + मध्य भारत + कुछ कुछ उत्तर भारतीय लोगों ने जिनमे हर वर्ग हर जाति के हिंदू थे— उन्होंने फ़ैसला किया था कि चाहे जो मर्जी खाना पड़े— मंदिर का कुछ नहीं बिगाड़ने देना है ;; और अंदर मौजूद ओरतों बच्चों लड़कियों की इज्जत नहीं लुटने देनी है; तब मंदिर परिसर में मौजूद सभी जानवरों का मीट खाया गया और पाँच साल चले घेरे ➰ में मुगलों के पैर उखाड़े गए । उत्तर भारत में तो सारे मंदिरों को तहस नहस कर के चारों तरफ़ की स्त्रियों बच्चों को मुगलों ने इस्तांबुल मक्का मदीना बग़दाद की मार्केट में बेचा । उनकी हार दक्षिण भारत में ही शुरू हुई थी । तब शिवाजी 15 वर्ष के थे । चमकौर गढ़ी के युद्ध में भी घेरा लंबे समय तक चला था और गुरु गोविंद सिंग ने मांसाहार allow कर दिया था;; तभी थोड़े से सैनिक मुगलों की बड़ी फौज को हराने में सफल हुए । इन घटनाओं के बाद युद्ध काल के लिएजो हिंदू बच्चे+ बौद्ध बच्चे— शिवाजी शेर 🦁; गुरु गोविंद सिंह और लच्छित बोरफ़ुकन ने तैयार किए— उन्हें मांसाहार की ट्रेनिंग भी दी । उस समय माँ बहन की इज्जत इज्जत को मांसाहार से ऊपर स्थान दिया गया । अविमुक्तेश्वरानंद वाली पीठ और कई हिंदू पीठ जिन्होंने ओरंगजेब से अपना जज़िया माफ करवा लिया था और अल्लाह उपनिषद भी चमचागिरी के लिए लिखा— वो जगह जगह गए और दक्षिण भारत पंजाब असम के क्षेत्रों में उन्होंने प्रवचन भी दिए कि गाय का मीट और मांसाहार से बेहतर है— आप लोग मुस्लिम बन जाओ ( असम के अहोम साम्राज्य की सेनाएँ जिन्होंने सराय घाट की लड़ाई में ओरंगजेब को आख़िरकार पराजित करके दम लिया— वो बौद्ध सेनाये थी) । लेकिन इन converted;; अल्लाह उपनिषद लिख के गौतम बुद्ध; कृष्ण; राम को मुहम्मद का बेटा साबित करने वाली [ अविमुकतेशव्रनंद वाली पिठ ) जो हिन्दू से मुस्लिम जज़िया माफ करवाने के चक्कर मे पहले मुस्लिम बनी फिर 14 अगस्त की रात को फिर से आर्य समाज तरीके से हिन्दू बन गयी जो गंगा किनारे रहती है— उनकी किसी ने नहीं सुनी । और चारों तरफ़ से मुग़लों का साम्राज्य घिर गया था । 1707 के बाद दिल्ली की गद्दी पर जो भी मुग़ल सम्राट बैठा उनके बारे में कहावत है— “ बादशाह सिर्फ़ लाल क़िले से पालम तक । “ तो माननीय ये सारा जातिवाद ऊँच नीच; ग़ैर क्षत्रियता इन converted गंगा किनारे वाले अविमुक्तेश्वरानंद आदि पीठ की फेलाई हुए है जो कि ये जिन्नाह अल्लामा इक़बाल के समर्थक थे और वो दोनों भी converted ब्राह्मण थे । up बिहार बंगाल में ही शुरू में पाकिस्तान बनना था क्योंकि उधर ही सबसे ज़्यादा सीट मुस्लिम लीग को 1946 में आई थी । जहाँ आज पाकिस्तान है उधर मुस्लिम लीग की हार हुई थी । आप नए लड़के स्वाध्याय तो करते नहीं । अंबेडकर जी की किताबे ही पढ़ लीजिए । गंगा किनारे की ओरंगजेब की चमची converted ब्राह्मण पीठों को जब लगा कि अब पाकिस्तान जाना पड़ेगा तो 14 अगस्त की रात को ही वो फिर से वापस हिंदू बन गए । शायद आप बात का उद्देश्य समझ गए होंगे । अविमुक्तेश्वरानंद वैसे ही नहीं कहता कि— •••••योगी मोदी के टाइम से ज़्यादा इज़्ज़त तो हमारी मुगलों के टाइम में थी ••••••ये गंगा किनारे के ब्राह्मण सारी दुनिया के ब्राह्मणों के ठेकेदार नहीं है । मुगलों के टाइम कन्वर्ट होकर इन्होंने जो गुंडागर्दी मचाई— वो हद से परे है । बस बहुत हो गया ।}] @@@ sawal question प्रश्न नितिन गडकरी Buffalo Meat के नाम पर Cow Meat बेचते है, Carvan रिपोर्ट में खुलासा, महाराष्ट्र में बीफ से भड़ा ट्रक पकड़ा गया, तो गडकरी के कंपनी ने कहा की ये भैंस का मीट है, लेकिन टेस्ट में पता चला कि ये गाय का मीट है, आप क्या कहना चाहेंगे.. — असलीसिखआंदोलन कौर निर्मलजीत और 43 अन्य लोगों के साथ.
— वाल्मीकि चक्रवर्ती अंबेडकर अशोक और 79 अन्य लोगों के साथ.
Tejraftarnews.in: यह अभी का न्यूजीलैंड है, कोई युद्धग्रस्त इलाका नहीं।
वहाँ डेढ़ साल से रह रही एक भारतीय महिला का कहना है:
• डीज़ल की कीमत पहले कभी 1.8 डॉलर से ऊपर नहीं गई थी: अब 2.89 डॉलर है।
• पेट्रोल की कीमत पहले 1.5-2.1 डॉलर के बीच थी: अब 3.16 डॉलर है।
• सामान्य पेट्रोल का स्टॉक खत्म हो गया है।
• वैश्विक तनाव बढ़ने (अमेरिका-इज़राइल-ईरान) से स्थिति और बिगड़ रही है।
वैश्विक संघर्ष आम लोगों को इतनी तेज़ी से प्रभावित करते हैं।
लेकिन अब भारत को देखिए 🇮🇳 👇
✔️ कहीं भी ईंधन की कमी नहीं
✔️ वैश्विक स्तर पर कीमतों में उछाल के बावजूद कीमतें स्थिर रहीं
✔️ सरकार ने नागरिकों की सुरक्षा के लिए उत्पाद शुल्क घटाया
✔️ मजबूत आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन यह सब मोदी सरकार की बदौलत है, जिसने अन्य देशों के संघर्ष के बीच भारत को स्थिर बनाए रखा है। विदेशों में कमी से लेकर देश में स्थिरता तक, अंतर स्पष्ट है।
Tejraftarnews.in: यह ऑस्ट्रेलिया में रह रहे और भारतीयों की वीडियो देखिए
कैसे ऑस्ट्रेलिया में पेट्रोल डीज़ल के रेटो पर बेतहाशा तेजी आई है
विदेशों में रह रहे भारतीय खुद वीडियो बना कर भेज रहे है की देखिए विदेशों में पेट्रोल डीज़ल गैस के रेट बढ़ने से उनको भी परेशानी हो रही है
और यहां कांग्रेस, गांधी परिवार और उनका इको सिस्टम भारत में अफवाहें फैलाने का काम कर रहा है उनको भड़काने का काम कर रहा है
ऐसा गंदा नीच विपक्ष किसी और देश में नहीं है
Tejraftarnews.in: देखिए अमेरिका में भी पेट्रोल डीज़ल के प्राइस आसमान छू रहे है
अमेरिका में रह रहे हिंदुस्तानी वहां से वीडियो बना कर भेज रहे है
अभी अमेरिका में खुद क्रूड ऑयल के बहुत बड़े भंडार है वेनेज़ुएला में दुनिया के सबसे बड़े क्रूड ऑयल के भंडार है जो की अमेरिका के ही कब्जे में है फिर भी अमेरिका में पेट्रोल डीज़ल के प्राइस में बेतहाशा वृद्धि हुई है
और इधर कांग्रेसी गुलाम चमचे और उनके आका दिन रात पीएम मोदी को गालियां निकाल रहे है
खुद देखिए इस वीडियो को
Tejraftarnews.in: . *जय श्री राम*
*सोमवार, 30 मार्च 2026 के मुख्य समाचार*
🔶ईरान जंग में भारत बना संकटमोचक: श्रीलंका को भेजा 38000 टन पेट्रोलियम, राजपक्षे ने PM मोदी को किया धन्यवाद
🔶ईरान की अमेरिका को सीधी चेतावनी! “Welcome to Hell”, जमीनी हमला हुआ तो ताबूत में लौटेंगे सैनिक
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🔶अमेरिका से यूरोप तक ट्रंप के खिलाफ ‘नो किंग्स’ आंदोलन, ईरान के समर्थन में सड़कों पर उतरे लाखों लोग
🔶नेपाल PM का Gen-Z आंदोलन पर बड़ा फैसला, 27 शहीद छात्रों के परिवारों को दी सरकारी नौकरी
🔶इजराइल के केमिकल प्लांट पर ईरान का मिसाइल हमला : जहरीले रिसाव की चेतावनी, आसमान मे छाया काला धुंवा
🔶पंजाब के मलेरकोटला में 2 आतंकी गिरफ्तार:पंजाब और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दबोचा, 5 साल से गांव शेरवानी कोटे में करते थे मजदूरी
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🔶बंगाल के लिए कांग्रेस की पहली लिस्ट, 284 नाम:लोकसभा चुनाव हारे अधीर रंजन को बहरामपुर से टिकट; पीएम केरल में बोले- LDF-UDF दोनों भ्रष्टाचारी
🔶सरकार का बड़ा फैसला: राशन वाला केरोसीन अब पेट्रोल पंप पर भी मिलेगा
🔶Bihar: आज एमएलसी पद से इस्तीफा देंगे नीतीश कुमार, जेडीयू MLA का बड़ा बयान; बिहार में मजबूत होगी BJP की भूमिका
🔶अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच बढ़ता टकराव: अफगान सरकार का आरोप- PAK की गोलाबारी में एक की मौत, 16 घायल
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🔶बड़ी डील की तैयारी में भारत: PM की न्यूजीलैंड यात्रा जल्द,FTA पर हो सकता है साइन
🔶अमेरिका-ईरान युद्ध में 'बिचौलिया' बनने पर गदगद पाकिस्तान, बोला- चीन भी है साथ
🔶नियम तोड़े तो ड्राइविंग लाइसेंस होगा निलंबित, 10 हजार तक का जुर्माना भी पड़ सकता है भरना, देश में कहीं से बनवा सकेंगे DL
🔶पश्चिम एशिया संकट के बीच रूस ने पेट्रोल निर्यात पर रोक की तैयारी शुरू की
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🔶अमित शाह ने जारी किया टीएमसी सरकार के खिलाफ ‘अभियोगनामा’, 35 पन्नों की चार्जशीट से बड़ा हमला
🔶मन की बात : प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षा में नवाचार पर दिया जोर, बेंगलुरु के 'अन्वेषण' पहल की सराहना की
🔶पश्चिम एशिया युद्ध से उत्पन्न संकट में स्वार्थी राजनीति न करें,अफवाहें न फैलाएं - मोदी
🔶तमिलनाडु चुनाव: पेरम्बूर और त्रिची पूर्व से लड़ेंगे विजय, TVK ने जारी की उम्मीदवारों की सूची
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🔶'कांग्रेस राजनीति के लिए 1 करोड़ भारतीयों की जान खतरे में डाल रही'- पलक्कड़ रैली में बरसे पीएम मोदी
🔶पंजाब- बरनाला में जैक से उठाई जा रही बिल्डिंग गिरी:अंदर सो रहे 3 लोगों की मलबे में दबकर मौत; VIDEO सामने आया
🔶कोडरमा में जंगली हाथी का कहर: महुआ चुनने गई महिला की मौत, 4 दिनों में 3 लोगों की खा गए जिंदगी
🔷IPL 2026 : MI ने KKR को 6 विकेट से हराया, रोहित-रिकलटन की दमदार पारी ने दिलाई जीत
Tejraftarnews.in
*आप का दिन शुभ और मंगलमय हो सुप्रभात....!*
जय हो🙏
Tejraftarnews.in: साभार...
कोई पत्रकार राहुल से नहीं पूछता कि राहुल जी जब तक नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री नहीं बने थे तब तक आप की नानी आपकी दोनों मौसी दोनों मौसी के पति बच्चे यानी आप का इटली का पूरा खानदान दिल्ली में रहता था उनको 5 सरकारी बंगले किस हैसियत से अलॉट किए गए थे और वह किस हैसियत से तमाम सरकारी कार्यक्रम में शामिल होते थे ??
… और नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के 15 दिन के बाद यह पूरा माइनों खानदान किसी चोर की तरह इटली क्यों चला गया ??
… आज राहुल नानी से मिलने के बहाने बार-बार इटली आते हैं लेकिन कभी 10 साल कांग्रेस के सत्ता के दौरान और उसके पहले जब राजीव प्रधानमंत्री था तब यह धूर्त इटली नहीं जाते थे क्योंकि सोनिया के मायके का पूरा खानदान दिल्ली में रहता था और लुटियंस जोन में पांच बंगले उन्हें रहने को दिए गए थे...
… यहां तक कि सोनिया के बचपन का दोस्त क्वात्रोची भी सोनिया के साथ रहता था...
… सोनिया की मां पाउलो माइनो सरकारी कार्यक्रम में भाग लेती थी राष्ट्रपति भवन में कई सरकारी कार्यक्रम में शामिल होती थी पूरी सरकारी मशीनरी उनके आगे पीछे घूमती थी..
… सोनिया की तीन बहने हैं जिसमें से दो बहने तो भारत में ही रहती थी और एक बहन का रोम और मिलान में बहुत बड़ा एंटीक स्टोर है और कई पुरातत्वविद ने इस बात का खुलासा किया था कि भारत से कई म्यूजियम में दुर्लभ चीजों को प्रदर्शनी के बहाने विदेश ले जाया जाता था और फिर वहां बड़े नाटकीय ढंग से उन्हें चोरी हुआ दिखा दिया जाता था..
… इस तरह से भारत की तमाम बेशकीमती दुर्लभ मूर्तियां तमाम #आर्टीफैक्ट्स विदेशों में प्रदर्शनी के बहाने ले जाए गए और वहां चोरी की नौटंकी बता कर सोनिया की बहन के स्टोर में पहुंचा दिया गया था..
अब इसे गोदी मीडिया कहे या सोनिया मीडिया ?
निर्णय आप स्वयं ही कर लें सभी को राम राम रहेगी।।।।
अवधेश प्रताप सिंह कानपुर उत्तर प्रदेश,9451221253
Tejraftarnews.in: वामन द्वादशी विशेष
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भगवान विष्णु को समर्पित पवित्र वामन द्वादशी प्रति वर्ष 2 बार मनाई जाती है। साल 2026 में वामन द्वादशी का पहला व्रत रविवार 29 मार्च को पड़ रहा है। एक चैत्र माह की शुक्ल द्वादशी तिथि को, और दूसरी बार भाद्रपद माह में शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को। विष्णु जी के दस अवतारों में से वामन उनका पांचवां अवतार है। वामन द्वादशी का व्रत जातक के शत्रुओं का नाश करने वाला होता है। ऐसा माना जाता है कि यदि इस दिन श्रावण नक्षत्र हो, तो इस व्रत का महत्व कई गुना अधिक हो जाता है। भक्तों को इस दिन उपवास रखकर भगवान वामन की स्वर्ण प्रतिमा बनवा कर पंचोपचार करना चाहिए, और विधि-विधान से भगवान विष्णु के इस स्वरूप का पूजन करना चाहिए।
इस व्रत के फलस्वरूप श्री हरि अपने भक्तों को जीवन में संपूर्ण सुख व वैभव प्रदान करते हैं, और मरणोपरांत अपने निज धाम वैकुंठ धाम जाने का वरदान देते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस द्वादशी तिथि पर श्री हरि के वामन अवतार की पूजा करने से मनुष्य के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। कहा जाता है कि यदि आप प्रतिदिन भगवान वामन को अर्पित किए हुए शहद का सेवन करते हैं, तो हर प्रकार के रोगों से मुक्ति मिलेगी। वामन द्वादशी पूजन व व्रत से व्यावसायिक सफलता मिलती है व पारिवारिक क्लेश दूर होता है।
वामन द्वादशी का महत्त्व
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वामन द्वादशी के दिन अनुष्ठानों को आरंभ करने का सबसे आदर्श तरीका ब्राह्मणों को दही, चावल, और भोजन दान करना है क्योंकि इसे वामन द्वादशी के दिन अत्यधिक शुभ माना जाता है।
भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए, भक्त इस दिन उपवास के साथ-साथ पूजा और अन्य अनुष्ठान भी करते हैं। विष्णु सहस्रनाम और अन्य विभिन्न मंत्रों का पाठ किया जाता है। पढ़े विष्णु मंत्र भगवान विष्णु के नाम का 108 बार पाठ करते हुए, भक्त भगवान को अगरबत्ती, दीपक और फूल चढ़ाते हैं। भक्त शाम को वामन कथा सुनते हैं और फिर भगवान की आरती और भोग अर्पित करने के बाद, वे भक्तों को प्रसाद वितरित करते हैं।
वामन द्वादशी की पूजा विधि
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इस दिन भगवान विष्णु को उनके वामन रूप में पूजा जाता है। इस दिन उपासक को सूर्योदय से पहले उठना चाहिए। नित्यक्रिया के बाद स्नान कर और फिर भगावन विष्णु का ध्यान कर दिन की शुरुआत करनी चाहिए। उसके बाद, दिन की शुरुआत में आपको वामन देव की सोने या मिट्टी से बनी हुई प्रतिमा की पंचोपचार या षोडशोपचार पूजा करनी चाहिए।
इस दिन उपवास का भी विशेष महत्व है, इसलिए भक्त भगवान विष्णु के अवतार वामन देव को प्रसन्न करने के लिए उपवास भी रखते हैं। इस दिन पूजा करने का सबसे उत्तम समय श्रवण नक्षत्र में होता है। इस नक्षत्र में भगवान वामन देव की सोने या मिट्टी से बनी प्रतिमा के सामने बैठकर वैदिक रीति-रिवाजों से पूजा की जानी चाहिए।
इस दौरान भगवान वामन देव की व्रत कथा को पढ़ना या सुनना चाहिए। कथा के समापन के बाद भगवान को भोग लगाकर प्रसाद वितरित करना चाहिए, और फिर ही उपवास खोलना लाभकारी होगा।
ऐसा माना जाता है कि इस दिन चावल, दही और मिश्री का दान करने से अधिक लाभ प्राप्त होता है। इस दिन भक्त वामन देव की पूजा पूरे वैदिक विधि और मंत्रों के साथ करते हैं, तो उनके जीवन की सभी समस्याओं का निवारण हो जाता है, अर्थात भगवान वामन अपने उपासकों की हर मनोकामना पूरी करते हैं।
वामन द्वादशी कथा
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गुरु माँ निधि जी श्रीमाली के अनुसार अत्यंत बलशाली दैत्य राजा बलि ने इंद्रदेव से देवलोक छीन लिया था। तब इंद्रदेव सभी देवताओं के साथ भगवान विष्णु से मदद मांगने पहुंचे क्योंकि उन्हें डर था कि राजा महाबली परम शासक बन सकते हैं। भगवान विष्णु ने सबको विश्वास दिलाया कि वो जल्द ही इस समस्या का समाधान ढूढेंगे और उनको देवलोक वापस दिलवाएंगे। इसके बाद भगवान विष्णु ने वामन के रूप में धरती पर पांचवां अवतार लिया। असुर राज बलि प्रह्लाद के पौत्र भी हैं इसलिए वो दयालु असुर के नाम से भी जाने जाते हैं। वामन देव बौने ब्राह्मण के वेश में बली के पास गये और उससे रहने के लिए तीन कदम भूमि मांगी। राजा बलि के द्वार पर जो कोई भी जाता था वो उसे कभी खाली नहीं भेजते थे। बलि ने गुरु शुक्राचार्य की चेतावनी के बावजूद वामन देव को वचन दे डाला। वामन देव ने अपना आकार इतना बड़ा कर लिया कि पहले ही कदम में पूरा भूलोक (पृथ्वी) नाप लिया। दूसरे कदम में सारा देव लोक ले लिया। जब तीसरे कदम की बारी आई तो भूमि समाप्त हो गई थी लेकिन वचन के पक्के राजा बलि ने अपना वादा पूरा करने के लिए अपना सिर प्रस्तुत कर दिया। ये देखकर वामन देव बहुत खुश हुए और बलि को पाताल लोक देने का निश्चय किया। वामन देव ने बलि के सिर पर अपना पैर रखा, जिससे राजा बलि पाताल लोक में पहुंच गए।
वामन द्वादशी के दान और उपाय
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दही और मिश्री का भोग👉 इस दिन वामन देव को दही और मिश्री का भोग लगाना चाहिए. भगवान विष्णु को पीला रंग विशेष रूप से प्रिय है इसलिए दही मिश्री में थोड़ी से केसर मिला देना चाहिए।
भोग के लिए लड्डू 👉 वामन द्वादशी के दिन भगवान वामन की पूजा के समय भोग के लिए 52 पेड़े या लड्डू रखें. इससे भगवान वामन प्रसन्न होंगे. इससे मन को शांति मिलती है।
कांसे के बर्तन में दीपक जलाएं👉 वामन द्वादशी के दिन भगवान वामन की कृपा पाने के लिए इस दिन कांसे के बर्तन में घी का दीया जलाएं. ऐसा करने से गृह क्लेश से मुक्ति मिलती है।
उन्नति के लिए उपाय👉 वामन द्वादशी के दिन कारोबार में उन्नति और नौकरी में प्रमोशन के लिए भगवान वामन को नारियल पर यज्ञोपवीत लपेटकर चढ़ाएं।
दही का दान 👉 आर्थिक उन्नति के लिए वामन द्वादशी के दिन पूजा करने के बाद दही का दान दें. ऐसा करना शुभ माना जाता है, इससे आर्थिक उन्नति होती है।
वामन का अभिषेक 👉 वामन द्वादशी पूजा के दिन भगवान वामन की मूर्ति पर दक्षिणावर्ती शंख में दूध डालकर भगवान वामन का अभिषेक करें. अगर आप इस दिन ऐसा करेंगे तो आपको भगवान का मनोवांछित फल मिलता है।
स्वस्थ और निरोगी काया 👉 स्वस्थ और निरोगी रहने के लिए वामन द्वादशी के दिन भगवान को शहद चढ़ाकर उसका नित्य सेवन करना चाहिए. इसके अलावा शारीरिक कष्टों से भी मुक्ति मिलती है।
पयोव्रत अनुष्ठान👉 अगर आपको बेटे की चाह है तो इस दिन पुत्र प्राप्ति के लिए इस दिन पयोव्रत अनुष्ठान कर सकते हैं।
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Tejraftarnews.in: *हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने के लिए श्रद्धा और भक्ति के साथ निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं:-*
1. हनुमान चालीसा का नियमित पाठ
हनुमान जी को प्रसन्न करने का सबसे सरल और प्रभावशाली तरीका प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करना है। विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को इसका पाठ करने से संकटों का नाश होता है।
2. श्री राम नाम का जाप
हनुमान जी भगवान श्री राम के परम भक्त हैं। माना जाता है कि जहाँ "राम" नाम का जाप होता है, हनुमान जी वहाँ अदृश्य रूप में उपस्थित रहते हैं। राम नाम का निरंतर स्मरण उनकी कृपा पाने का सबसे सुगम मार्ग है।
3. सुंदरकांड का पाठ
विशेष मनोकामनाओं की पूर्ति और मानसिक शांति के लिए शनिवार या मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
4. सिंदूर और चोला अर्पण
* हनुमान जी को सिंदूर अत्यंत प्रिय है। मंगलवार के दिन उन्हें सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करने से वे शीघ्र प्रसन्न होते हैं।
* उन्हें चोला चढ़ाना भी विशेष कृपा का कारक बनता है।
5. विशेष भोग
* हनुमान जी को बेसन के लड्डू, बूंदी या मलाई वाले पान का भोग लगाना शुभ माना जाता है।
6. आचरण में पवित्रता
हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी हैं, इसलिए उनकी साधना करने वाले भक्त को अपने मन, वचन और कर्म में पवित्रता रखनी चाहिए। मांस, मदिरा और अनैतिक कार्यों से दूर रहकर ही उनकी पूर्ण कृपा प्राप्त की जा सकती है..!!
*🙏🏼🙏🏾🙏🏽जय श्री राम*🙏🏻🙏🙏🏿
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