आज का 100 मुख्य समाचार पत्र ✉ *ये मोहम्मदन देवभूमि उत्तराखण्ड में क्या करना चाहते है* ममला गम्भीर लगता है,काफ़िरों इसको समझने की आवश्यकता है 😡
झालमुरी...पिछले 22 साल में गूगल पर आज सबसे ज्यादा सर्च किया गया। पिछले 24 घंटे में : ★ PM मोदी के झालमुरी वाले वीडियो पर इंस्टाग्राम पर 10 करोड़ व्यूज आ चुके हैं। ★ PM मोदी के झालमुरी वाले वीडियो पर फेसबुक पर 9 करोड़ व्यूज आ चुके हैं।
Tejraftarnews.in: 👉👉 मोदी जी - 2025 में भारत के कमर्शियल प्रिंटिंग मार्केट का साइज़ USD 36.5 बिलियन तक पहुँच गया। अनुमान है कि 2030 तक यह इंडस्ट्री USD 46.7 बिलियन तक पहुँच जाएगी, जो 2.80% (2026–2030 ) के CAGR से बढ़ेगी। इस ग्रोथ की मुख्य वजह ई-कॉमर्स सेक्टर, हाई-क्वालिटी पैकेजिंग की बढ़ती माँग और एडवांस्ड डिजिटल प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी को अपनाना है। कमर्शियल प्रिंटिंग के बदलते माहौल में, सस्टेनेबिलिटी अब सिर्फ़ एक चर्चा का विषय नहीं रह गई है; यह उन व्यवसायों के लिए एक अहम प्राथमिकता बन गई है जो अपनी प्रिंटिंग की क्वालिटी को बनाए रखते हुए पर्यावरण पर पड़ने वाले अपने असर को कम करने की कोशिश कर रहे हैं। इस क्षेत्र में सबसे बड़ी तरक्की में से एक है, कम-VOC (वोलाटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड्स) वाले वनस्पति तेल-आधारित इंक का बढ़ता इस्तेमाल। ये इंक न सिर्फ़ प्रिंटिंग के काम करने के तरीकों को बदल रहे हैं, बल्कि इंडस्ट्री के अंदर पर्यावरण के अनुकूल तरीकों को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।
कम-VOC वाले वनस्पति तेल-आधारित इंक के महत्व को समझना
पारंपरिक प्रिंटिंग इंक में अक्सर पेट्रोकेमिकल सॉल्वैंट्स होते हैं जो सूखने की प्रक्रिया के दौरान VOCs छोड़ते हैं, जिससे हवा में प्रदूषण फैलता है और सेहत को नुकसान पहुँचता है। VOCs का संबंध ओज़ोन बनने से है, जो हवा की क्वालिटी पर असर डालता है और कर्मचारियों में साँस से जुड़ी समस्याएँ पैदा कर सकता है।
दूसरी ओर, वनस्पति तेल-आधारित इंक, सोया, अलसी या अन्य वनस्पति तेलों जैसे दोबारा इस्तेमाल हो सकने वाले पौधों के स्रोतों से बनाए जाते हैं। इनकी प्राकृतिक बनावट VOCs के उत्सर्जन को काफ़ी हद तक कम कर देती है, जिससे काम करने का माहौल ज़्यादा साफ़ और सुरक्षित बनता है। इन इंक को अपनाना, सस्टेनेबिलिटी और कार्बन फुटप्रिंट को कम करने की वैश्विक मुहिम के पूरी तरह से अनुरूप है।
कमर्शियल प्रिंटिंग में इन्हें अपनाने के पीछे के फ़ायदे
1. पर्यावरण पर असर: वनस्पति तेल-आधारित इंक बायोडिग्रेडेबल होते हैं और कम ज़हरीले होते हैं, जिससे वे पर्यावरण के प्रति जागरूक व्यवसायों के लिए एक बेहतर विकल्प बन जाते हैं। इनके इस्तेमाल से नुकसानदायक उत्सर्जन का निकलना काफ़ी कम हो जाता है, जिससे हवा ज़्यादा साफ़ होती है और पर्यावरण में प्रदूषण कम होता है।
2. स्वास्थ्य और सुरक्षा: प्रिंटिंग सुविधाएँ जो कम-VOC वाली स्याही अपनाती हैं, उन्हें बेहतर इनडोर हवा की गुणवत्ता का लाभ मिलता है, जिससे कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य जोखिम कम हो जाते हैं। इसका मतलब है कि कर्मचारी कम बीमार पड़ते हैं और कार्यबल अधिक उत्पादक होता है।
3. नियामक अनुपालन: दुनिया भर की सरकारें VOC उत्सर्जन पर नियमों को सख्त कर रही हैं। वनस्पति तेल-आधारित स्याही को शामिल करके, कंपनियाँ पर्यावरणीय मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कर सकती हैं और भारी जुर्माने या प्रतिबंधों से बच सकती हैं।
4. प्रिंट की गुणवत्ता और प्रदर्शन: आधुनिक वनस्पति तेल-आधारित स्याही पारंपरिक स्याही के बराबर ही चमकीले रंग, स्पष्टता और स्थायित्व प्रदान करती हैं। फ़ॉर्मूलेशन में हुए नवाचारों ने सूखने के समय और चिपकने की क्षमता (adhesion) से जुड़ी चिंताओं को दूर कर दिया है, जिससे वे बड़े पैमाने पर व्यावसायिक उपयोग के लिए उपयुक्त बन गई हैं।
5. बेहतर ब्रांड छवि: जो कंपनियाँ टिकाऊ प्रिंटिंग प्रथाओं को अपनाती हैं, जिनमें कम-VOC वाली स्याही का उपयोग भी शामिल है, वे जिम्मेदार और प्रगतिशील संगठनों के रूप में अपनी प्रतिष्ठा बढ़ाती हैं। इससे ग्राहकों की वफ़ादारी बढ़ सकती है और पर्यावरण के प्रति जागरूक ग्राहक आकर्षित हो सकते हैं।
टिकाऊ व्यावसायिक प्रिंटिंग कार्यप्रवाहों में एकीकरण
वनस्पति तेल-आधारित स्याही को अपनाने के लिए मौजूदा कार्यप्रवाहों में सोच-समझकर एकीकरण की आवश्यकता होती है। यहाँ बताया गया है कि व्यवसाय सफलतापूर्वक यह बदलाव कैसे कर सकते हैं:
उपकरण की अनुकूलता का आकलन करें: हालाँकि कई आधुनिक प्रिंटिंग मशीनें (presses) वनस्पति तेल-आधारित स्याही का उपयोग कर सकती हैं, फिर भी अनुकूलता की पुष्टि करना आवश्यक है। स्याही के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए कुछ पुरानी मशीनों में समायोजन की आवश्यकता हो सकती है।
प्रशिक्षण और शिक्षा: कर्मचारियों को कम-VOC वाली स्याही के लाभों और उनके उपयोग के सही तरीकों के बारे में शिक्षित करना, उनके उचित उपयोग को सुनिश्चित करता है और उनकी प्रभावशीलता को अधिकतम करता है। सुरक्षा प्रथाओं और पर्यावरणीय प्रभाव के बारे में जागरूकता, स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।
विक्रेता के साथ साझेदारी: टिकाऊ उत्पादों के बारे में जानकारी रखने वाले स्याही आपूर्तिकर्ताओं के साथ सहयोग करने से, विशेष रूप से तैयार किए गए समाधान और निरंतर सहायता प्राप्त हो सकती है।
प्रक्रिया का अनुकूलन: सर्वोत्तम गुणवत्ता प्राप्त करने के लिए सूखने के समय और प्रिंट की गति में समायोजन करना आवश्यक हो सकता है। इन्फ्रारेड या UV क्यूरिंग जैसी सुखाने की तकनीकों का उपयोग करने से वनस्पति तेल-आधारित स्याही की दक्षता बढ़ सकती है।
अपशिष्ट प्रबंधन: पुनर्चक्रण और ज़िम्मेदार निपटान प्रक्रियाओं को लागू करना पर्यावरण-अनुकूल स्याही के उपयोग का पूरक है, जिससे समग्र पर्यावरणीय प्रभाव और भी कम हो जाता है।
चुनौतियाँ और विचारणीय बिंदु
कई लाभों के बावजूद, व्यवसायों को कुछ चुनौतियों का ध्यान रखना चाहिए:
लागत संबंधी प्रभाव: प्रारंभ में, वनस्पति तेल आधारित स्याही पारंपरिक स्याही की तुलना में अधिक महंगी हो सकती है। हालांकि, स्वास्थ्य संबंधी लागतों में कमी, नियामक दंडों में कमी और ब्रांड इक्विटी में सुधार से होने वाली दीर्घकालिक बचत अक्सर निवेश को उचित ठहराती है।
भंडारण और स्थिरता: इन स्याही को गुणवत्ता और शेल्फ लाइफ बनाए रखने के लिए विशिष्ट भंडारण स्थितियों की आवश्यकता हो सकती है।
प्रदर्शन में भिन्नता: कुछ मामलों में, वनस्पति तेल स्याही अलग-अलग सूखने का समय या प्रिंट गुण प्रदर्शित कर सकती हैं, जिससे कार्यप्रवाह में समायोजन आवश्यक हो जाता है।
उद्योग के रुझान और भविष्य की संभावनाएं
मुद्रण उद्योग में टिकाऊ सामग्रियों की मांग में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। स्याही प्रौद्योगिकी में प्रगति वनस्पति तेल आधारित विकल्पों के प्रदर्शन को लगातार बढ़ा रही है। उद्योग जगत की दिग्गज कंपनियां और लघु एवं मध्यम उद्यम, दोनों ही हरित पहलों के माध्यम से पर्यावरणीय प्रबंधन और व्यावसायिक विकास के दोहरे लाभों को पहचान रहे हैं।
इसके अलावा, टिकाऊ उत्पादों के प्रति उपभोक्ताओं की जागरूकता और पसंद कंपनियों को पर्यावरण-अनुकूल प्रिंटिंग समाधानों में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। उम्मीद है कि स्याही रसायन विज्ञान और प्रिंटिंग तकनीक में नवाचारों के समर्थन से कम वीओसी वाली वनस्पति तेल-आधारित स्याही का उपयोग एक मानक प्रक्रिया बन जाएगा।
निष्कर्ष
कम VOC वाले वनस्पति तेल-आधारित इंक (स्याही) की ओर बदलाव, स्थिरता और काम की बेहतरीन गुणवत्ता को मिलाकर कमर्शियल प्रिंटिंग में क्रांति ला रहा है। इन पर्यावरण-अनुकूल इंक को अपनाकर, कंपनियाँ प्रिंट की गुणवत्ता से समझौता किए बिना अपने पर्यावरण पर पड़ने वाले असर को कम कर सकती हैं, नियमों का पालन सुनिश्चित कर सकती हैं, और काम करने की जगह की सुरक्षा बढ़ा सकती हैं।
जैसे-जैसे कमर्शियल प्रिंटिंग का क्षेत्र लगातार विकसित हो रहा है, सबसे आगे रहने का मतलब है दूरदर्शी और ज़िम्मेदार तरीकों को अपनाना। वनस्पति तेल-आधारित इंक कंपनियों को एक हरित भविष्य में योगदान देने का एक ठोस और असरदार तरीका देते हैं, साथ ही वे बेहतरीन प्रिंटेड सामग्री भी उपलब्ध कराते हैं।
जो प्रिंटिंग पेशेवर सतत विकास लक्ष्यों के साथ तालमेल बिठाना चाहते हैं, उनके लिए कम VOC वाले वनस्पति तेल-आधारित इंक को अपने काम के तरीकों में शामिल करना और उनका इस्तेमाल करना अब सिर्फ़ एक विकल्प नहीं रह गया है—बल्कि यह एक ज़रूरी कदम बनता जा रहा है।
Tejraftarnews.in: प्रदीप कौर ढिल्लन और जसपाल सिंह सराय पति-पत्नी है और दोनों ट्रैवल ब्लॉगर भी हैं पूरी दुनिया घूमते हैं
प्रदीप कौर ढिल्लों ने ट्रैवल के दौरान अपने पति का एक फेस मसाज करता वीडियो इंस्टाग्राम पर डाला
तुरंत एक महिला ने उसे वीडियो को ट्विटर पर मधु किश्वर को टैग करते हुए कहा की दीदी यह देखो
क्योंकि सरदार जी की दाढ़ी थी और साइड से उनका चेहरा मोदी जी से मिलता-जुलता था उसके बाद कांग्रेस की तमाम चरित्रहीन घटिया महिला प्रवक्ताएं भी इसमें कूद पड़ी और मोदी जी के चरित्र हनन पर आ गई
अबे दो गलों तुम लोग कितना नीचता करोगे बे ?
अफसोस यह कि आजकल यह काँग्रेसिन महिलाएं ही ज्यादा नीचता कर रही हैं
कान्ग्रेसी महिलाएं ही चरित्र हनन पर उतर आई है
अभी कोई पलट कर इनको जवाब दे देगा तब यह लहंगा और घाघरा उठाकर विक्टिम कार्ड खेलने लगेंगी
और अलका लांबा एक बार मेरे साथ विक्टिम कार्ड खेल भी चुकी है
शर्म आनी तुम लोगों को
यह सब मोदी जी को बदनाम करने के लिए अगले स्टेज में अपनी मां या अपनी सगी बहन का वीडियो भी वायरल कर सकते हैं
Tejraftarnews.in: चुनाव से पहले 5000 लोगों को ट्रेन में भर-भरकर क्यों भेजा जा रहा पश्चिम बंगाल? ऐसी राजनीति के चाणक्य भी न समझ पाएंगे खेल!
पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले सूरत से जो तस्वीर सामने आई है, उसने राजनीति के जानकारों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है. उधना रेलवे स्टेशन से 'वोटर्स स्पेशल' ट्रेन के जरिए बड़ी संख्या में बंगाली मतदाताओं को उनके राज्य भेजा जा रहा है, ताकि वे अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें.
स्टेशन पर तिरंगा लहराते लोग, 'वंदे मातरम' और 'जय श्री राम' के नारे लगाते लोगों के समूह हो जिसने भी देखा, सब हैरान हो गए. राजनीतिक चाणक्य भी इस रणनीति को देखकर हैरान हो सकते हैं. करीब 1300 लोग पहली ट्रेन से रवाना हुए, जबकि कुल मिलाकर 5000 लोगों को चार ट्रेनों के जरिए भेजने की योजना है. सूरत से बंगाल क्यों भेजी जा रही 4 स्पेशल ट्रेन में 5000 वोटर, समझिए पूरी रणनीति!
*सूरत के उधना से पश्चिम बंगाल क्यों भेजी जा रही ट्रेन*
सूरत का उधना रेलवे स्टेशन इन दिनों देखने लायक हो गया है. जहां रोजाना सिर्फ कामकाजी भीड़ दिखती है, वहां अब हाथों में तिरंगा, मुंह पर वंदे मातरम और जय श्री राम के नारे गूंज रहे हैं. चार खास 'वोटर्स स्पेशल' ट्रेनें चलाई जा रही हैं. इनमें करीब 5000 बंगाली वोटर भरे जा रहे हैं. क्यों? क्योंकि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव ठीक दरवाजे पर हैं. सूरत में रहने वाले ये मजदूर सालों से अपने वोट का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे थे. काम की मजबूरी, महंगे टिकट और घर की दूरी. सब कुछ रुकावट बन गया था. लेकिन भाजपा की सूरत इकाई और बंगाली समुदाय ने मिलकर ऐसा प्लान बनाया कि अब कोई बहाना नहीं बचा. ट्रेन रवाना होते वक्त का नजारा दिल छू लेने वाला था. लोग एक-दूसरे को गले लगा रहे थे, बच्चे खुशी से नाच रहे थे और बुजुर्ग आंखों में आंसू लिए मुस्कुरा रहे थे. महिलाएं साड़ी संभालते हुए तिरंगा लहरा रही थीं. पूरा स्टेशन वंदे मातरम से गूंज उठा.
*रणनीति क्या है जो चाणक्य भी सोचकर रह जाएं?*
असल में सूरत में 2.5 लाख बंगाली रहते हैं. ज्यादातर हीरा पॉलिशिंग और कपड़ा मिलों में काम करते हैं. ये लोग उन बंगाल के इलाकों से हैं जहां भाजपा पहले से लड़ रही है. पार्टी ने महीनों पहले इन वोटरों की पूरी लिस्ट तैयार की. वोटर आईडी चेक की, सिर्फ असली लोगों को ट्रेन में जगह दी गई. चारों ट्रेनें पूरी तरह फ्री हैं - टिकट, खाना, पानी सब पार्टी उठा रही है. पहली ट्रेनें 18-20 अप्रैल के आसपास निकल चुकी हैं, बाकी 24 अप्रिल को रवाना होंगी. सीधे कोलकाता पहुंचकर वोटर अपने गांव जाएंगे.
*TMC ने क्यों कर दी शिकायत?*
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, टीएमसी ने इसे बिल्कुल पसंद नहीं किया. उन्होंने कहा कि पार्टी पैसे खर्च करके वोटर भेज रही है, जो चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है. TMC ने चुनाव आयोग से तुरंत कार्रवाई की मांग की. उनका आरोप है कि ये वोट खरीदने जैसा है. लेकिन भाजपा का जवाब साफ है - "हम टिकट खरीद रहे हैं, वोट नहीं. वोट तो लोग अपनी मर्जी से डालेंगे." दोनों तरफ बहस तेज हो गई है. कई पुराने राजनीतिक विश्लेषक कह रहे हैं कि इतने बड़े पैमाने पर प्रवासी वोटर भेजना शायद पहली बार हुआ है.
*हीरा-कपड़ा मजदूरों को मिला लाइफटाइम तोहफा*
सूरत का हीरा उद्योग रात-दिन चलता है. यहां काम करने वाले बंगाली मजदूर सुबह 7 बजे मशीन के आगे खड़े हो जाते हैं और रात 9 बजे तक नहीं हिलते. छुट्टी मिलती नहीं, परिवार बंगाल में छूटा रहता है. शादी-त्योहार-चुनाव सब पीछे छूट जाता था. अब ये ट्रेन उनके लिए सपने जैसी है. एक बुजुर्ग मजदूर ने कहा, "पहले तो टिकट का पैसा जुटाना मुश्किल था, अब तो छुट्टी भी नहीं मिलती थी. इस बार पूरा परिवार वोट डालने जाएगा." युवा लड़के-लड़कियां कह रहे हैं कि ममता दीदी के राज में बंगाल की हालत देखकर अब बदलाव चाहिए.
*5000 वोटर कितने गेमचेंजर साबित हो सकते हैं?*
पश्चिम बंगाल में 294 सीटें हैं. कई सीटों पर कुछ हजार वोटों से फैसला होता है. अगर ये 5000 वोटर ठीक उन इलाकों में पहुंचे जहां मुकाबला कड़ा है, तो नतीजा पलट सकता है. भाजपा ने दो अलग-अलग टीमें बनाई हैं - एक सूरत में वोटर तैयार करने के लिए, दूसरी बंगाल में स्वागत और मतदान करवाने के लिए. ट्रेन में सिर्फ वैरिफाइड वोटर हैं, कोई फर्जी नाम नहीं चला. पार्टी इसे 'सोनार बंगाल' बनाने का हथियार मान रही है.
*देशभक्ति का जज्बा और लोकतंत्र की जीत*
ट्रेन में चढ़ते वक्त कई लोग भावुक हो गए. वे कह रहे थे, "हम सूरत में रोटी कमाते हैं लेकिन दिल बंगाल में है. अब वोट देकर अपना फर्ज निभाएंगे." स्टेशन पर तिरंगा लहराते, नारे लगाते ये नजारे देखकर लगता है कि चुनाव सिर्फ सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि आम आदमी की आवाज भी है. चाहे कोई इसे रणनीति कहे या चाणक्य नीति, लेकिन हकीकत ये है कि हजारों मजदूर अब अपने अधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे.
*क्या होगा असली असर?*
अभी ट्रेनें रवाना हो रही हैं. 23 अप्रैल को पहले चरण का मतदान है, 29 अप्रैल को दूसरा. इन 5000 वोटरों के अलावा रेलवे ने भी स्पेशल ट्रेनें बढ़ा दी हैं. सूरत से बंगाल जाने वाली आम ट्रेनों में भी भीड़ बढ़ गई है. जानकार कहते हैं कि अगर ये वोटर ठीक से मतदान करते हैं तो कुछ सीटों पर फर्क साफ दिखेगा. बंगाल की सियासत में 'सूरत प्लान' अब सबसे हॉट टॉपिक बन गया है.
*आखिरकार ये पहल किसे फायदा पहुंचाएगी?*
देखा जाए तो ये पहल कई मायनों में अनोखी है. दूर बैठे मजदूर अब सोच रहे हैं कि उनका वोट मायने रखता है. एक महिला वोटर ने कहा, "घर की बहू-बेटियां पहले वोट नहीं डाल पाती थीं. इस बार पूरा परिवार जाएगा." चाहे राजनीति कुछ भी कहे, लेकिन स्टेशन पर जो उत्साह दिख रहा है, वो सच में लोकतंत्र की ताकत बता रहा है. _4 मई को नतीजे आएंगे तो पता चलेगा कि ये चार ट्रेनें कितना खेल बदल देंगी._
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वर्ष 1956: ईसाई मिशनरी गतिविधियों की जांच समिति की रिपोर्ट (भाग 1)
यह रिपोर्ट आदिवासी क्षेत्रों में धर्मांतरण विधियों, शिक्षा नियंत्रण और कथित राजनीतिक संलिप्तता के इर्द-गिर्द विवादित कथाओं, सामाजिक अशांति और मिशनरी गतिविधियों की समीक्षा करती है।
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साभार : "The Narratives World" : 17-अप्रैल-2026
मूल अंग्रेजी लेखक : श्रीमती प्रो. विद्या देशपांडे
हिंदी अनुवाद, आवश्यक संशोधन सहित संपादन : डॉ ओम प्रकाश आर्य सैनी, दयानंद कालोनी, लाडनूं जिला डीडवाना, राजस्थान !
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मध्य प्रदेश सरकार ने इस समिति की नियुक्ति की थी; बल्कि, ईसाई और गैर-ईसाई दोनों की शिकायतों के कारण ऐसा करना सरकार के लिए अनिवार्य हो गया था। सरकार के संज्ञान में बार-बार यह बात लाई गई कि अशिक्षित आदिवासियों का धर्मांतरण बलपूर्वक, धोखाधड़ी और धन के लालच से किया जा रहा था। दूसरी ओर, मिशनरियों ने आरोप लगाया कि स्थानीय अधिकारियों और गैर-ईसाइयों ने उन्हें परेशान किया। समिति को इस मामले की गहन जांच करने और सिफारिशें देने का काम सौंपा गया था। समिति को कुछ सरकारी फाइलों तक पहुंच प्रदान की गई थी। इसने 14 जिलों का दौरा किया, 77 केंद्रों का भ्रमण किया और लगभग 11360 लोगों से संपर्क किया। इसका गठन शंकाओं और विवादों को दूर करने और सद्भावना, मित्रता और शांति को बढ़ावा देने के लिए किया गया था। समिति इस बात से अवगत थी कि मिशनरियों ने शिक्षा और चिकित्सा सहायता के क्षेत्र में अच्छी सेवाएँ प्रदान की थीं, लेकिन लोगों को मिशनरियों द्वारा अपनाए गए तरीकों पर आपत्ति थी। इन तरीकों से समाज में तनाव और दरार पैदा हो गई थी। लोगों को किसी गुप्त राजनीतिक या धर्म-विरोधी मकसद का भी संदेह था। मिशनरी प्रयास दूरस्थ और दुर्गम वन क्षेत्रों में केंद्रित थे। धर्मांतरण बड़े पैमाने पर हो रहा था और इस गतिविधि के लिए विदेशी धन का उपयोग किया जा रहा था।
समस्या के विभिन्न पहलुओं को समझने में सहायता के लिए एक विस्तृत प्रश्नावली तैयार की गई थी। समिति के पास किसी को भी उपस्थित होने या मौखिक या लिखित रूप से कोई बयान देने के लिए बाध्य करने या शपथ दिलाने का कोई अधिकार नहीं था। इसका स्वरूप विवेकपूर्ण नहीं था। दृष्टिकोण और लहजा तटस्थ था। इसका उद्देश्य समस्या को विश्व इतिहास के व्यापक परिदृश्य के एक अभिन्न अंग के रूप में देखना था। प्रतिक्रिया उत्साहजनक रही; 55 ईसाई और 330 गैर-ईसाई संगठनों ने जवाब दिया। बाद में कैथोलिक चर्च ने अपना सहयोग वापस ले लिया और उच्च न्यायालय में याचिका दायर की, लेकिन याचिका खारिज कर दी गई।
समिति ने अशांति के कई अंतर्निहित कारणों की पहचान की: राजनीतिक एकीकरण से पहले, कुछ क्षेत्रों में दमन और कुशासन का प्रकोप था। जन- संख्या को एकीकरण के बाद तत्काल सुधार की उम्मीद थी। हालाँकि हालात स्थिर हो गए, लेकिन बताया जाता है कि मिशनरी गतिविधियाँ गुप्त रूप से जारी रहीं। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा राज्यों से प्राप्त रिपोर्ट से पता चला कि धर्म प्रचारकों की भूमिका निश्चित रूप से स्वस्थ और स्वीकार्य नहीं थी। स्वतंत्रता से पहले ही सरकार को उनकी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने के लिए मजबूर होना पड़ा था। एकीकरण के बाद, जाहिर तौर पर उन्हें लगा कि उनका प्रभाव कम हो जाएगा। वे शुरु -आती धर्मान्तरित लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहे थे। भयानक हिंदू द्रोही, समाज द्रोही, देश द्रोही, विदेशी दिशा निर्देशों और अगाध वैध और अवैध विदेशी धन से संचालित भयानक बदनाम और बदमाश ईसाई मिशनरी बिल्कुल भी नहीं चाहते थे कि सरकार किसी योजना के तहत उस क्षेत्र में स्कूल खोले। कैथोलिक पादरी ने तो यहाँ तक वचन दिया कि गतिविधियाँ केवल धर्म तक ही सीमित रहेंगी और उनमें कोई राजनीतिक भूमिका नहीं होगी।
मिशनरियों ने स्कूलों को खोलने को हिंदू प्रचार और धर्मांतरित लोगों को उनके मूल धर्म में वापस लाने के प्रयास के रूप में देखा। इसे मिशनरियों को धर्मांतरण और लोगों के उत्थान से रोकने का प्रयास माना गया। इसे गैर ईसाइयों ( इसके लिए 'मूर्तिपूजक' शब्द का प्रयोग किया गया है ) को स्कूलों से दूर रखने के प्रयास के रूप में भी बताया गया। यह बात फादर वर्मीयर ने एक पत्र में लिखी थी। निस्संदेह, मिशनरी विलय किए गए राज्यों में गुप्त रूप से अपना प्रचार कर रहे थे। उन्होंने जिन जिलों को निशाना बनाया, वे घने जंगलों से भरे थे और खनिजों से समृद्ध थे। वे आदिवासियों को अन्य समुदायों से अलग-थलग करना और राष्ट्रवादी तत्वों को बाहर रखना चाहते थे। 1938 में पाकिस्तान के साथ-साथ आदिवासी -स्तान की भयानक देशद्रोही मांग भी रखी गई थी। स्वतंत्रता के बाद, पूर्वी बंगाल को हैदराबाद से जोड़ने वाले एक गलियारे की मांग भी उठी।
स्वतंत्रता के बाद कांग्रेस की हिंजड़ी, तुर्कों और ईसाईयों के भयानक वोट भिखारी, भयानक हिंदू द्रोही, समाज द्रोही और देशद्रोही सरकारों के समय आदिवासी आंदोलन का प्रचार करना हमेशा से ही इन भयानक बदमाश और षड्यंत्रकारी मिशनरियों का उद्देश्य रहा था। वर्ष 1948 में ही अलग से झारखंड राज्य के लिए अनेकों हिंदू द्रोही और देशद्रोही तत्वों द्वारा प्रचार शुरू किया गया, जिसमें आदिवासी बहुल सभी क्षेत्र शामिल होते, जिन पर बड़ी संख्या में भयानक हिंदू द्रोही और देशद्रोही बदमाश ईसाई शासन कर सकते थे। यह बंगाल से हैदराबाद तक का गलियारा था। वे सभी राज्यों ( कुछ छोटे राज्य जिनका प्रशासन कुछ भयानक और खानदानी जरायमपेशा और स्वार्थी परिवारों द्वारा किया जाता था ) का विलय करना चाहते थे। ( यह क्षेत्र आदिवासी ईसाई बहुल क्षेत्र था, खासकर सरगुजा और जशपुर राज्य ) देशद्रोही, हिंजड़ी और भयानक बदमाश जवाहर लाल नेहरू की केंद्र सरकार द्वारा मध्य प्रदेश के बजाय बिहार में विलय कर दिए गए। बाद में जागरूक हिंदू जनता द्वारा तीव्र आंदोलन करने के कारण वर्ष 1948 में इनका पुनः मध्य प्रदेश में विलय कर दिया गया। इसके बावजूद, भयानक देशद्रोही और बदमाश मिशनरियों का मानना था कि केवल जनता को ही अपना राज्य चुनने का अधिकार होना चाहिए। यह एक तरह से लोकतंत्र का भयानक दुरुपयोग था। आंदोलन गुप्त रूप से चलाया गया।
स्पष्टतः, फरवरी 1941 में भी कैथोलिक पादरियों की अनुचित गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए बहुत सारे प्रतिबंध लागू थे। रेव टिग्गा पर इन प्रतिबंधों का उल्लंघन करने के लिए जुर्माना लगाया गया था। वह भयानक गुंडा बदमाश हमेशा विभाजनकारी राजनीतिक गतिविधियों में शामिल रहता था !;कई गैर-ईसाइयों ने स्कूलों में बच्चों को दी जाने वाली शिक्षा के धार्मिक स्वरूप पर सवाल उठाए। आदिवासी क्षेत्र में सरकारी स्कूल खोले गए; मिशनरियों ने इसका विरोध किया, क्योंकि वे भी स्कूल चला रहे थे। एक ओर मिशनरियों ने हर संभव सहयोग का वादा किया, वहीं दूसरी ओर वे झारखंड से जुड़े राजनीतिक आंदोलन और धर्म से इतर मामलों में भी सक्रिय रूप से शामिल थे। मिशनरियों ने स्थानीय अधिकारियों और गैर-सरकारी व्यक्तियों पर ईसाइयों को छात्रवृत्ति और रियायतें देने से इनकार करने का आरोप लगाया। इनमें से कोई भी मामला सही साबित नहीं हुआ। यह स्पष्ट था कि मिशनरी नहीं चाहते थे कि सरकार उन स्थानों पर स्कूल खोले जहाँ पहले से ही कैथोलिक स्कूल मौजूद थे। पिछड़े क्षेत्रों के कल्याण योजना से मिशनरियों की गतिविधियों को निश्चित रूप से झटका लगा। मिशन के अधिकारी हमेशा से इस क्षेत्र में ईसाई धर्म का प्रसार करना चाहते थे। ईसाइयों को देश में लाया गया, और बाद में प्रचारकों द्वारा उन्हें धर्मांतरण का कार्य सौंपा गया। चयनित लड़कों को हस्तशिल्प प्रशिक्षण या उच्च शिक्षा के लिए मिशनरी मुख्यालय भेजा जाता था। ये विद्यालय उन स्थानों पर खोले गए थे जहाँ धर्मांतरण की संभावना थी। विद्यालयों में केवल भावी धर्मांतरितों को ही प्रवेश दिया जाता था। नकद अनुदान भी दिए जाते थे; यदि कोई धर्मांतरित हो जाता था, तो उसे इसे चुकाने की कोई बाध्यता नहीं होती थी। कुछ मामलों में बल प्रयोग की भी सूचना मिली थी। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और आर्य समाज के सदस्य ऐसी गतिविधियों का मुकाबला करने के लिए एकजुट हुए। मिशनरियों द्वारा लगातार आपत्तिजनक तरीकों का इस्तेमाल किया गया।
भड़काऊ गीत गाए गए जिनमें हिंदू धर्म की निंदा की गई थी। जब मामले की सूचना पुलिस को दी गई, तो संबंधित धर्मगुरु ने बिना शर्त माफी मांगी।
धर्मांतरण का विरोध करने वालों को धमकाने का भी प्रयास किया गया। सभी आरोप पूरी तरह झूठे पाए गए; यहां तक कि एक ईसाई महिला शिक्षिका के साथ छेड़छाड़ का मामला भी झूठा था। ये सभी झूठे दावे प्रशासन और अधिकारियों को गुमराह करने और भावनाओं को भड़काने के लिए किए गए थे। ये आधारहीन और तुच्छ शिका -यतें थीं जिनका उद्देश्य सद्भाव को भंग करना था। जब एक पादरी चावल की तस्करी के मामले में संलिप्त पाया गया (पड़ोसी राज्यों को चावल के निर्यात पर प्रतिबंध था और अनाज की स्थिति संतोषजनक नहीं थी), तो मध्य प्रदेश में ईसाइयों के साथ किए जा रहे व्यवहार के बारे में विदेशों में ज़ोरदार प्रचार किया गया। पता चला कि तस्करी बड़े पैमाने पर चल रही थी। ऐसे मामलों में संलिप्त व्यक्तियों को दोषी पाया गया और उन्हें सज़ा भी सुनाई गई।अधिका -रियों पर उत्पीड़न और भेदभाव के जो आरोप लगाए गए थे, उन्हें राष्ट्रीय ईसाई परिषद का समर्थन प्राप्त था, लेकिन सभी आरोप पूरी तरह झूठे साबित हुए। यह स्पष्ट था कि यह आपत्तिजनक गतिविधियों को छिपाने का एक प्रयास था। स्थानीय लोग चर्च की धर्मविरोधी और समाजविरोधी गतिविधियों से असंतुष्ट थे। विशेष रूप से विदेशी मिशनरी आदिवासी क्षेत्रों में पैर जमाने की कोशिश कर रहे थे, जिसका लोगों ने विरोध किया। आधिकारिक जांच से यह बात स्पष्ट हो गई। धर्मांतरण करने वालों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ती गई; आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, 1948 में यह संख्या 4 थी। 1952 में यह बढ़कर 4,003 हो गई; 1953 में यह संख्या 877 थी; और 1954 में 233 थी। ये संख्याएँ केवल एक आदिवासी समुदाय, उरांव समुदाय से संबंधित हैं। ये आंकड़े सच्चाई बयां करते हैं। यह ध्यान देने योग्य है कि उस समय मध्य प्रदेश में लगभग 30 मिशन कार्यरत थे। उनकी गतिविधियाँ अनुसूचित जाति, जन -जाति और पिछड़े वर्ग तक ही सीमित थीं। बेशक, मिशनरियों ने धर्मांतरण के आरोपों का खंडन किया।
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Tejraftarnews.in: #12167
राज कांग्रेस का हो भाजपा का। चलती बजरी माफिया की ही है।
नागौर की रियांबड़ी तहसील में लूणी नदी पर गलत रिपोर्ट।
बूंदी के इंदरगढ़ तहसील में प्रशासन पर भारी है दबंग। दलित वर्ग के एसएन भारती को अपनी भूमि पर कब्जा नहीं मिल रहा।
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राजस्थान में राज कांग्रेस का हो या भाजपा करे दोनों ही दलों के राज में बजरी माफिया की ही चलती है। गत बार जब कांग्रेस का राज था, तब भाजपा के नेता सरकार पर बजरी माफिया से सांठगांठ होने का आरोप लगाते थे। अब जब भाजपा का शासन है तो कांग्रेस के नेता ऐसे ही आरोप लगाते हैं। नेताओं के आरोप अपनी जगह है, लेकिन हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने भी माना है कि राजस्थान और मध्यप्रदेश में बजरी माफियाओं का ही दबदबा है। इन दोनों राज्यों में बहने वाली चंबल नदी से बड़ी मात्रा में बजरी का अवैध खनन हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यदि सरकारों ने सख्त कार्यवाही नहीं की तो चंबल नदी पर अर्धसैनिक बलों की नियुक्ति की जाएगी। बजरी खनन की वजह से जलीय जीवों खासकर मगरमच्छों और घडिय़ाल को खतरा हो गया है। सुप्रीम कोर्ट की इस ताजा टिप्पणी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि लगाया जा सकता है कि सरकार पर बजरी माफियाओं का कितना प्रभाव है। बजरी माफियाओं का असर राजस्थान के नागौर जिले की रियांबड़ी तहसील में लूणी नदी पर भी देखने को मिला है। यूं तो लूणी नदी में हर वर्ष पानी की आवक बता कर बजरी के ठेके सरकार की ओर से दिए जा रहे है। जबकि ग्रामीणों का कहना है कि कई बार बरसात में नदी में पानी नहीं आता। भाजपा का शासन आने पर उम्मीद जताई गई थी कि बजरी के ठेके देने से पहले लूणी नदी की वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट ईमानदारी से तैयार करवाई जाएगी, लेकिन भाजपा के शासन में भी कांग्रेस के शासन की तरह रिपोर्ट तैयार हुई और लूणी नदी को पानी की आवक वाली मानते हुए बजरी के ठेके दिए गए। असल में नदी के पेटे से बजर�
Tejraftarnews.in: #12168
अमेरिका और ईरान के बीच हमले शुरू। तेल कीमत 7 प्रतिशत तक बढ़ी।
धरी रह गई शांति वार्ता। ऐसा अपमान पाकिस्तान ही सहन कर सकता है।
खामनेई के शव को सुपुर्द-ए-खाक होने का इंतजार।
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20 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर युद्ध शुरू हो गया है। हालांकि दोनों देशों ने 22 अप्रैल तक युद्ध विराम पर सहमति जताई थी, इसलिए दूसरे दौर की शांति वार्ता 20 अप्रैल को पाकिस्तान में प्रस्तावित है। लेकिन यह शांति वार्ता शुरू होती इससे पहले ही ईरान और अमेरिका ने एक दूसरे के जहाजों पर हमले और कब्जा करने का काम शुरू कर दिया है। ईरान के निकट होर्मुज मार्ग पर समुद्र में अमेरिका ने जो सैन्य घेराबंदी की उसके अंतर्गत अमेरिका ने ईरान के जहाजों पर फायरिंग की और ईरान का एक तेल टैंकर जब्त कर लिया। यह टैंकर क्रूड ऑयल लेकर चीन जा रहा था। अमेरिका की इस कार्यवाही के के जवाब में ईरान ने समुद्र में खड़े अमेरिका के युद्ध पोतों पर ड्रोन से हमले शुरू कर दिए है। यानी दोनों देशों के बीच युद्ध विराम खत्म होने से पहले ही युद्ध शुरू हो गया है। ईरान ने अब स्पष्ट कह दिया है कि पाकिस्तान में होने वाली शांति वार्ता में भाग नहीं लेंगे। ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध शुरू होने से क्रूड ऑयल की कीमतों में 7 प्रतिशत तक की वृद्धि हो गई है। अभी तक 97 डॉलर प्रति बैरल के भाव हो चुके हैं। माना जा रहा है कि कीमतों में और वृद्धि होगी। इसका असर शेयर बाजारों पर भी पड़ रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कह दिया है कि अब ईरान के पावर प्लांट और सार्वजनिक पुलों को मिट्टी में मिला दिया जाएगा। अमेरिका ने ईरान पर बड़े हमले की तैयारी कर ली है। वहीं खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले की तैयारी ईरान ने कर ली है। माना जा रहा है कि दूसरे दौर का युद्ध पहले दौर से ज्यादा भयानक होगा।
वार्ता धरी रह गई:
पाकिस्तान के इस्लामाबाद में 20 अप्रैल से ईरान और अमेरिका के बीच दूसरे दौर की वार्ता होनी थी। इसके लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर बेहद उत्साहित थे। इस्लामाबाद को सुरक्षित किले में तब्दील कर दिया गया। यहां तक कि इस्लामाबाद से सटे शहर रावलपिंडी में भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। पूरे इस्लामाबाद में लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया। पाकिस्तान को उम्मीद थी कि दोनों देशों के प्रतिनिधि मंडल एक बार फिर वार्ता के लिए इस्लामाबाद आएंगे, लेकिन दोनों देशों के बीच युद्ध शुरू हो जाने से अब शांति वार्ता की तैयारियां धरी रह गई है। हालांकि अमेरिका ने वार्ता में शामिल होने पर सहमति जताई है, लेकिन ईरान ने स्पष्ट तौर से मना कर दिया। अब जब दोनों देशों के बीच युद्ध भी शुरू हो चुका है तब शांति वार्ता के कोई मायने नहीं है। असल में पाकिस्तान बेवजह मध्यस्थ बना हुआ है। पाकिस्तान अपने आतंकी होने के दागों को छुपाने के लिए शांतिदूत बना हुआ है ।पहले ौर की वार्ता फेल होने और दूसरे दौर की वार्ता शुरू होने से पहले जो युद्ध शुरू हो गया है उसमें पाकिस्तान के अपमानजनक हालातों का सामना करना पड़ रहा है। असल में पाकिस्तान का किसी भी देश पर कोई प्रभाव नहीं है। पाकिस्तान मौजूदा समय में डोनाल्ड ट्रंप की कठपुतली बना हुआ है और ईरान का पाकिस्तान पर कोई भरोसा नहीं है ।
सुपुर्द-ए-खाक होने का इंतजार:
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई की मौत डेढ़ माह पहले अमेरिकी हमले में हो गई थी। तभी से खामेनेई का शव सुपुर्द ए खाक होने के इंतज़ार में है। ईरान के मौजूदा शासकों को उम्मीद थी कि दूसरे दौर की वार्ता के बाद खामेनेई के शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया जाएगा, लेकिन प्रतीत होता है कि अभी शव को सुपुर्द ए खाक होने का इंतजार करना पड़ेगा।
S.P.MITTAL BLOGGER ( 20-04-2026)
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To Contactt: अहमदाबाद के धंधुका मैं ऐसा आरोप है कि हिन्दुओं ने कई शांतिदूतों की दुकाने और घर आग के हवाले कर दीं..
फिर वही रंडी रोना कि समुदाय विशेष को टार्गेट काहे किया
धर्मेश भाई भरवाड़ से दो लोगों की सड़क पर कहा सुनी हुईं... झगड़ा बढ़ गया..
धर्मेश भाई की हत्या कर दी गयी...
अब क्या उन दो लोगों ने हत्या की.... नहीं
उनके पास भी हथियार पहले से नहीं था..
हाँ टोपी देख तत्काल उन दो का साथ देने इस इलाके के उनके बिरादर जुट गये... हथियार निकल आये.... और पूरी भीड़ द्वारा उस निहत्थे व्यक्ति को घेर कर मारा गया...
क्यों??
क्यों कि वो हिन्दू था...!
तो जब तुम भिड़ बने तो तुम्हारा भाई तंत्र जागा...
अब थोड़ा सा धर्मेश भाई के लिए हिन्दू जाग गया... तो क्या हो गया !
Tejraftarnews.in: मणि शंकर अय्यर 20 महीने तक कांग्रेस सरकार में पेट्रोलियम मंत्री थे.तब . राहुल.. सोनिया... मनमोहन जी वाली सरकार कैसे फैसले लेती थी सुनो...
आप लोगों ने ईरान-पाकिस्तान- इंडिया यानी IPI पाइपलाइन का नाम सुना होगा जिसे शांति पाइपलाइन कहकर कांग्रेस ने खूब प्रचारित किया था
खुद मनमोहन सिंह पाकिस्तान जाकर दस्तखत किए थे और इसमें यह प्रस्ताव था की ईरान से गैस और क्रूड की एक पाइपलाइन पाकिस्तान होते हुए राजस्थान तक आएगी......पाकिस्तान को इसके रॉयल्टी के बदले में गैस में से कुछ हिस्सा मिलेगा और पाकिस्तान भी इस परियोजना से सहमत था...
कुछ फाइनल हो गया था
फिर मणिशंकर अय्यर टेंडर निकालने के लिए सलाह लेने मनमोहन सिंह के पास में गए की किस कंपनी को खुदाई का टेंडर दिया जाए
तब मनमोहन सिंह ने मणिशंकर से कहा कि रहने दो अमेरिका के तीन मंत्रियों का हमारे पास फोन आ गया है और अमेरिका इस प्रस्ताव से खुश नहीं है.....
अमेरिका कह रहा है कि यह प्रोजेक्ट आप रद्द कर दो
इसलिए हमें यह प्रोजेक्ट रद्द करना पड़ेगा
और अमेरिका के आगे सरेंडर हो गए...
उसके बाद यह एक और किस्सा बता रहे हैं कि
म्यांमार के समुद्र तट पर गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया ( गेल ) ने गैस की खोज की...... उस गैस को भारत लाने के लिए पाइपलाइन बिछाने का प्रस्ताव रखा गया जो म्यांमार बांग्लादेश होते हुए पश्चिम बंगाल के हल्दिया तक लाना था
लेकिन उसमें भी कांग्रेस सरकार डर गई और वह प्रोजेक्ट चीन को दे दिया....
मतलब गैस भारत सरकार की कंपनी गेल ने अपना करोड़ो डालर खर्च करके खोजा....और अंत में वह गैस मनमोहन सरकार ने चीन को दे दिया
सोचो... कैसे चलती थी सरकार...... 🙂....
Tejraftarnews.in: साभार...
जब मैं लव_जिहाद की घटनाओं पर कुछ कहता या लिखता हूं तो लोग मोदी सरकार को या योगी सरकार को दोष देने लगते हैं...
यह लोग भूल गए कि अब जाकर मीडिया और समाज लव जिहाद की घटनाओं को अपराध की तरह ले रहा है वरना मनमोहन सरकार में लव जिहाद की घटनाएं और धर्मांतरण की घटनाएं बहुत सामान्य होती थी इन्हें अपराध नहीं माना जाता था..
मुंबई के एक कॉलेज के ग्राउंड में हर रोज #जाकिर_नाईक मजमा लगाता था और लाइव चैनल पर हिंदू लड़कों और लड़कियों को मुस्लिम बनाता था..
आप लोग #यूट्यूब पर देख सकते हैं सैकड़ो वीडियो मौजूद है यहां तक कि जब उसने एक #जैन लड़की को सबके सामने कलमा पढ़कर मुस्लिम बनाया था तब कई जैन मुनियों ने जब इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी तब भारत सरकार के उसे वक्त के मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा था कि भारत में हर एक बालीग को अपनी मर्जी से अपना धर्म चुनने का अधिकार है..
जब मोदी प्रधानमंत्री बने तब जाकिर नाईक पर शिकंजा कसा और वह भारत से भाग गया..
अभी पिछले साल वह पाकिस्तान में था और वहां मंच से और कई चैनल पर इंटरव्यू में बोला कि मुझे गर्व है कि मैं भारत में #6000हिंदुओं को कलमा पढ़कर मुस्लिम बनाया है और माशा अल्लाह मेरा टारगेट 1 लाख का था लेकिन मोदी सत्ता में आ गया और मुझे भारत छोड़ना पड़ा इंशाल्लाह मोदी कभी तो सत्ता से जाएगा और कांग्रेस आएगी फिर मैं वापस मुंबई जाकर अपने टारगेट को पूरा करूंगा...
मोदी सरकार में बीजेपी की तमाम राज्य सरकारों में यह बदलाव आया है कि अब लोग जबरदस्ती या फिर बहला फुसलाकर या लालच देकर या प्रेम की जाल में फंसा कर धर्म परिवर्तन को अपराध मानने लगे हैं।
लोग अब इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देने लगे हैं
अब सरकारे कार्यवाही कर रही हैं इन पर लगाम लगाया जा रहा है।
वरना ऐसा नहीं है कि कांग्रेस के दौर में हिंदुओं का #धर्म_परिवर्तन नहीं होता था बहुत बड़े लेवल पर होता था पूर्व प्रधानमंत्री #विश्वनाथ_प्रताप_सिंह के रिश्तेदार #श्याम_प्रताप_सिंह को मुस्लिम बनाया गया उसका नाम #उमर_गौतम रखा गया और यह उमर गौतम समाजवादी सरकारों में बड़े लेवल पर हिंदुओं का धर्मांतरण करवा रहा था योगी सरकार में उमर गौतम जेल में है...
विचार अवश्य करिएगा और जानकारी की सत्यता चेक कर लीजिए जाकर फिर अपने विचार रखिए स्वागत रहेगा आपका।
अवधेश प्रताप सिंह कानपुर उत्तर प्रदेश,9451221253
Tejraftarnews.in: बंगाल वालो ईस बार आप बहुत समजकर वोट करना अगर ईस बार गलती हुई या वोट करने से डर गये ??....तो आप को बांग्लादेश की जिहादि भीड की शरीया का सपना दिखा जायेगा डायन से??😰😡
बिहार वालो ने ईस virus से घुसने से बचा लिया विधानसभा मे ...
पर आप कहा भागोगे?? बांग्लादेश तो पुरा शरीया नरक ही है समज लेना जिससे चुसलीम कौम भी खुश नही है आज तो... आप कौनसी चीज हो??
झुट नेरॅटीव के चक्कर से दुर रहना और वोट राष्ट्रहित मे ही देना एक है तो सेफ है👏
ईस बार वोट के लिए बाहर नही निकले तो डायन तुम्हे अंदर ही अंदर शरीया कानुन मे फसा देगी यह बात याद रखना?😰
एक बार पाक याद करना वहा क्या स्थिती है और फीर ईराण अफगाण और बाकी अरब देश सोचना वहा क्या हाल है??कहने का मतलब कनवर्जन के बाद भी शांती नही है वहा??हर बात पर झुट बनाकर ही जीना पडता है और कब बाॅंब गिरेगा यह पता नही चलता??
बाकी आप समजदार हो
एक बार काश्मिर को भी याद करना जो डर गया वो समजो पलायन हो गया
[Tejraftarnews.in: *हिन्दुओं को भारत देश से भी मारकर खत्म करने हेतु इस हिन्दू विरोधी आजादी का खलनायक कौन कौन है ???*🌹
*भारत देश में हिन्दुओं के खिलाफ खतरनाक घिनौनी साजिश का पर्दाफाश -----*🌹
*हिन्दुओं का मुख्य गद्दार व विरोधी और भारत देश का मुख्य देशद्रोही कौन कौन है ?*🌹
*हिन्दुओं को भारत देश से भी मारकर खत्म करके भारत देश को इस्लामिक देश बनाने की खुलेआम साजिश किसकी किसकी है ???*🌹
*सन 1947 में हिन्दुओं को खत्म करने की घिनौनी साजिश में ही झूठी आजादी का नाटक करने वाले हिन्दुओं के मुख्य चार गद्दार -----*🌹
*01)- भारत पर शासन करने वाले अंग्रेज!*🌹
*02)- अंग्रेजों की सेना में नौकरी करने वाला और अंग्रेजों के कहने पर बहुसंख्यक हिन्दुओं को गुमराह करके क्रान्तिकारियों के खिलाफ भारत में अंग्रेजों और मुसलमानों के हित में झूठी आजादी की आन्दोलन चलाने वाला और देशद्रोही और मुसलमान से पैदा व ब्रह्मचर्य का प्रयोग करने वाला अय्याश सर्जेंट मोहनदास करमचंद गांधी उर्फ महात्मा गांधी!*🌹
*03)- अंग्रेजों का हितैषी और हिन्दू विरोधी और भारत देश का बटवारा करने वाला मो० अली जिन्ना!*🌹
*04)- अंग्रेजों के साथ खुलकर सहयोग करने वाला एडविना के साथ अय्याशी करने वाला और झूठा इतिहास गढ़कर अंग्रेजों के द्वारा जबरदस्ती थोपा फर्जी नेहरू खानदान का विदेशी घुसपैठिया हिन्दू विरोधी जिहादी जवाहर लाल नेहरू!*🌹
बनाम🌹
*01)- भारत को हर कीमत पर आजाद कराने हेतु देशभक्त क्रांतिकारी श्री वीर सावरकर जी !*🌹
*02)- देशभक्त क्रांतिकारी श्री वीर सावरकर के दिशा निर्देशन में आजाद हिन्द फौज का गठन जापान देश में करने वाले महान देशभक्त क्रांतिकारी श्री रास बिहारी बोस जी !*🌹
*03)- देशभक्त क्रांतिकारी श्री वीर सावरकर के दिशा निर्देशन में जापान देश में जाकर आजाद हिन्द फौज का नेतृत्व 4 जुलाई सन 1943 को देशभक्त क्रांतिकारी श्री रास बिहारी बोस से लेने वाले देशभक्त क्रांतिकारी नेताजी श्री सुभाष चन्द्र बोस जी !*🌹
*04)- अंग्रेजों की बनाई गई कांग्रेस में भी सबसे ज्यादा बहुमत पाने वाले देशभक्त श्री लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी!*🌹
*तुलना करो -----3 हिन्दू विरोधी गद्दार वो भी फर्जी हिन्दू मोहनदास करमचंद गांधी उर्फ महात्मा गांधी और विदेशी घुसपैठिया फर्जी हिन्दू जिहादी जवाहर लाल नेहरू और हिन्दू विरोधी मुस्लिम नेता मो० अली जिन्ना का साथ देने से केवल भारत देश , पाकिस्तान देश और बंग्लादेश को मिलाकर 6 करोड़ से ज्यादा हिन्दू मारे गये हैं। हिन्दुओं जागो !*🌹
*तुलना करो-----हिन्दुओं ने अपने 4 महान नेताओं का साथ धोखा किया और इन चार महान नेताओं का साथ नहीं देकर हिन्दुओं ने अपनी पैर पर कुल्हाड़ी मारा है। अगर हिन्दू मजबूती से वीर सावरकर और रास बिहारी बोस और नेताजी सुभाष चन्द्र बोस और लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी को अपना हर समय नेता मानता तो आज गुलामी से बद्तर जीवन न जीना पड़ता, हिन्दुओं जागो अपने सही नेताओं को पहचानों और अभी समय है एक हो जाओ !*🌹
*क्या हिन्दू विरोधी कांग्रेस ने भारत देश को एक इस्लामिक देश बना दिया है ?*🌹
*हिन्दुओं के विरोध में ही अंग्रेजों के द्वारा बनाई गई हिन्दू विरोधी कांग्रेस ने भारत देश का बटवारा धर्म के आधार पर यह कहके कराया गया था कि हिन्दू और मुसलमान एक साथ नहीं रह सकते हैं ! धर्म के आधार पर बटवारा के बाद मिले हिन्दुओं के मौजूदा भारत देश को संविधान के माध्यम से मुस्लिम राष्ट्र (इस्लामिक देश ) बना चुकी थी, बस घोषणा नहीं कर पाई थी।पूरा पढो---* 🌹
😠😠🤬🤬😡😡😡😡
*अनुच्छेद 25, 28, 30 (1950),*
*एचआरसीई अधिनियम (1951),*
*एचसीबी एमपीएल (1956),*
*धर्मनिरपेक्षता (1975)*
*अल्पसंख्यक अधिनियम (1992),*
*POW अधिनियम (1991),*
*वक्फ अधिनियम (1995),*
*राम सेतु शपथ पत्र (2007)।*
*मुस्लिम वक्फ बोर्ड क्यों है ?*🌹
*मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड क्यों है ?*🌹
*सभी हिन्दू विरोधियों बताओ कि ----- मुसलमानों के और ईसाईयों के लिए मनमानी धार्मिक शिक्षा प्राप्त करने और सरकारी वित्तीय सहायता क्यों है और हिन्दुओं के धार्मिक शिक्षा पर सरकारी मान्यता क्यों नहीं है ?*🌹
*विचार करो कि कांग्रेस को अपने 136 वर्ष के इतिहास में कभी बुर्के में,तीन तलाक में कोई अतिवाद नहीं पाया आखिर क्यों ?*🌹
*1) कांग्रेस की सरकार ने अनुच्छेद 25 द्वारा धर्मांतरण को वैध बनाया।*🌹
*2) कांग्रेस की सरकार ने अनुच्छेद 28 के माध्यम से हिंदुओं से धार्मिक शिक्षा छीन ली लेकिन अनुच्छेद 30 के माध्यम से मुस्लिमों और ईसाइयों को धार्मिक शिक्षा की अनुमति दी।*🌹
*3) कांग्रेस की सरकार ने हिन्दू कोड बिल के तहत तलाक कानून, दहेज कानून द्वारा हिंदू परिवारों को नष्ट कर दिया लेकिन मुस्लिम पर्सनल लॉ को नहीं छुआ। मुसलमानों को बहुविवाह की अनुमति दी ताकि वे अपनी जनसंख्या बढ़ाते रहें। कांग्रेस सरकार ने 1954 में विशेष विवाह अधिनियम बनाया ताकि मुस्लिम लड़के आसानी से हिन्दू लड़कियों से शादी कर सकें, ये कांग्रेस का ही बनाया लव जिहाद है।*🌹
*4) कांग्रेस की सरकार ने 1975 में आपातकाल लगाया,जबरदस्ती धर्मनिरपेक्षता शब्द संविधान में जोड़ा और जबरदस्ती भारत को धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र बना दिया।*🌹
*5) कांग्रेस की सरकार ने 1991 में अल्पसंख्यक आयोग कानून लेकर आई और घोषणा की कि मुसलमानों और ईसाईयों को अल्पसंख्यक बना दिया, समानता के कानून के तहत और धर्मनिरपेक्ष देश में बहुसंख्यक-अल्पसंख्यक नहीं हो सकता है।*🌹
*6) कांग्रेस यहीं नहीं रुकी और 1995 में उन्होंने मुसलमानों को किसी भी जमीन पर दावा करने, वक्फ अधिनियम के जरिए किसी भी हिन्दू की जमीन छीनने का अधिकार दे दिया और मुसलमानों को भारत का दूसरा सबसे बड़ा जमीन मालिक बना दिया।*🌹
*7) 2007 में कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में रामसेतु हलफनामे में भगवान श्री राम के अस्तित्व को झूठ और काल्पनिक बताया। जब देश इस्लामिक आतंकवाद से पीड़ित था उस समय कांग्रेस की सरकार ने उल्टा 2009 में निर्दोष हिन्दुओं को ही भगवान आतंकवादी बनाया और हिन्दू भी आतंकी हैं ये साबित करने हेतु झूठी कहानी गढ़ दिया!*🌹
*8) कांग्रेस की सरकार ने एचआरसीई अधिनियम 1951 लागू करके सभी मंदिरों और मंदिरों का पैसा हिन्दुओं से छीन लिया। कांग्रेस सरकार ने 1992 में, उन्होंने हिन्दुओं को हिन्दुओं के सभी हड़पे गये मठ व मंदिरों कानूनी तरीके से वापस लेने से रोक दिया और पूजा स्थल अधिनियम द्वारा 40000 मंदिर हिन्दुओं से छीन लिया। कांग्रेस के बनाये कानून से आज हिन्दुओं के पास अपनी धार्मिक शिक्षा नहीं है, कांग्रेस की सरकार हिन्दुओं के अधिकार छीनती रही और हिन्दुओं को पता भी नहीं लगा!*🌹
*9) हिन्दुओं के ऊपर अंग्रेजों ने ही खतरनाक घिनौनी साजिश करके झूठा इतिहास गढ़कर फर्जी कश्मीरी विदेशी घुसपैठिया को फर्जी नेहरू बनाकर हिन्दुओं पर थोपा था जो हिन्दुओं के लिये महाघातक सिद्ध हुआ!*🌹
*भारत देश में कुल उस समय एक लाख अंग्रेज थे, वीर सावरकर जी के निर्देश और कहने पर ही आजाद हिन्द फौज का नेतृत्व 4 जुलाई सन 1943 को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस रास बिहारी बोस से जापान देश में जाकर लिया था ! आजाद हिन्द फौज ने अकेले भारत में एक लाख अंग्रेजों में से 35000 अंग्रेजों को घेर घेर कर मार डाला था ! भारत की सेना में सन 1946 मुम्बई नेवी की बगावत ने भारत में बचे हुये अंग्रेजों को भयभीत और लाचार कर दिया था। मात्र भारतीय सेना और आजाद हिन्द फौज में तालमेल होने वाला था और अंग्रेजों को गिरफ्तार करके भारत के जंगलों में डाल दिया जाता इसीलिए सन 1945 में आजाद हिन्द फौज ने भारत देश को आजाद भी घोषित कर दिया था लगभग 11 देशों ने आजाद हिन्द फौज की सरकार को मान्यता भी दे दिया था । इसी के बाद अंग्रेजों ने तीन हिन्दू विरोधी गद्दार जो ब्रह्मचर्य के प्रयोग करने वाला हिन्दू विरोधी शैतान व हैवान अय्याश सर्जेंट मोहनदास करमचंद गांधी उर्फ महात्मा गांधी दूसरा हिन्दू विरोधी भारत देश का बटवारा कराने वाला मो० अली जिन्ना तीसरा अंग्रेजों का थोपा घुसपैठिया नेहरू खानदान का फर्जी कश्मीरी फर्जी नेहरू एडविना के साथ अय्याशी करने वाला भारत देश का बटवारा कराने वाला और देशद्रोही व हिन्दू विरोधी और अय्याश व जिहादी जवाहर लाल नेहरू ये तीनो भारत देश के देशद्रोही और हिन्दू विरोधियों को आगे करके अपनी शर्तों पर बटवारा किया था अंग्रेजों ने भारत देश को कमजोर करने हेतु ही हिन्दुओं के देश पर जबरदस्ती हिन्दू विरोधी जिहादी जवाहर लाल नेहरू को बिना बहुमत के ही मौजूदा भारत देश की सत्ता हस्तांतरण किया था जो हिन्दुओं के साथ महाधोखा था और जो अंग्रेजों की बहुसंख्यक हिन्दुओं के खिलाफ भविष्य में जिहाद करके पाकिस्तान और बंग्लादेश व अफगानिस्तान की तरह से भारत देश से सभी हिन्दुओं को मारकर खत्म करने हेतु ही खतरनाक घिनौनी साजिश का हिस्सा था, इसीलिए हिन्दुओं के खिलाफ बनी अंग्रेजों की बनाई गई हिन्दू विरोधी कांग्रेस दिन रात भारत देश से सभी हिन्दुओं को बाट कर काटने के काम में दिन रात लगी है।*🌹
*हिन्दुओं के विरोध में ही अंग्रेजों ने कांग्रेस का गठन करवाया था हिन्दू विरोधी कांग्रेस भारत देश को दारुल ए इस्लाम बनाना चाहती है इसीलिए कांग्रेस ने हिन्दू विरोधी और इस्लामिक शरिया कानून बनाकर गजवाहिन्द करके हिन्दुओं को भारत देश में जातियों में बाटकर पाकिस्तान व बंग्लादेश और अफगानिस्तान की तरह से भारत देश से भी मारकर खत्म करना चाहती है, कांग्रेस के इस हिन्दू विरोधी साजिश को भारत की न्यायपालिका भी पूरी तरह से जानती है लेकिन भारत की हिन्दू विरोधी न्यायपालिका हर काम हिन्दू विरोध में ही करती रहती है----------- सोचो भारत देश को इस्लामिक देश बनाने हेतु ही हिन्दू विरोधी कांग्रेस के द्वारा बनाये गये भारत के संविधान में आखिर खुलेआम हिन्दू विरोधी कानून क्यों है और भारत देश को इस्लामिक देश बनाने हेतु ही हिन्दू विरोधी कांग्रेस के द्वारा बनाये गये भारत देश में सेकुलरिज्म और बराबरी व समानता के कानून के खिलाफ खुलेआम इस्लामिक शरिया कानून क्यों लागू है ?*🌹
*हिन्दू विरोधी सुप्रीम कोर्ट क्यों है ???*🌹
*भारत देश को इस्लामिक देश बनाने हेतु ही हिन्दू विरोधी कांग्रेस के द्वारा बनाये गये भारत के संविधान में आखिर हिन्दू विरोधी कानून को सुप्रीम कोर्ट ने खत्म क्यों नहीं किया और भारत देश को इस्लामिक देश बनाने हेतु ही हिन्दू विरोधी कांग्रेस के द्वारा बनाये गये भारत देश में सेकुलरिज्म और बराबरी व समानता के कानून के खिलाफ खुलेआम इस्लामिक शरिया कानून को सुप्रीम कोर्ट ने खत्म क्यों नहीं किया ?*🌹
*गुमराह हिन्दुओं जागो और सही इतिहास को जानों और झूठे इतिहास का खुलकर विरोध करो-----*🌹
*जागो हिन्दुओं जागो और सही इतिहास खोजो-----*🌹
*संसार के लोगों बताओ कि -------- ईसा मसीह के पिता यूसुफ जो यहूदी थे वो बढ़ई थे तो बताओ बढ़ी उनकी जाति थी या बढ़ई का काम उनका पेशा था या बढ़ई का काम उनका रोजगार था या बढ़ई का काम उनका जीवीकोपार्जन का साधन था !*🌹
*जागो हिन्दुओं जागो और सही इतिहास खोजो-----*🌹
*गुमराह व मूर्ख हिन्दू समाज के हिन्दुओं ने विरोधी महात्मा गांधी और हिन्दू विरोधी जवाहर लाल नेहरू और हिन्दू विरोधी फर्जी गांधी खानदान को अपना नेता मान कर बराबर सजा भुगत रहा है !*🌹
*गुमराह व मूर्ख हिन्दू समाज के हिन्दुओं ने कभी भी देशभक्त हिन्दू हितैषी वीर सावरकर जी और देशभक्त हिन्दू हितैषी नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जी और देशभक्त हिन्दू हितैषी रास बिहारी बोस जी और सरदार वल्लभ भाई पटेल जी आदि हिन्दू हितैषी के साथ नहीं खड़ा हो पाया इसीलिए आज तक भारत के संविधान में मुसलमानों के लिये हिन्दुओं के विरोध में इस्लामिक शरिया कानून और सेकुलरिज्म व समानता के कानून के खिलाफ बनाये गये हिन्दू विरोधी कानून के आधार पर हर तरह की सजा भुगत रहा है!*🌹
*जागो हिन्दुओं जागो-----*🌹
*सनातनी हिन्दू हित में और देश हित में वीर सावरकर और नेताजी सुभाष चन्द्र बोस और रास बिहारी बोस और सरदार वल्लभ भाई पटेल जी देश हित में एक साथ थे केवल दिखावे के लिये अलग थे इसलिए अंग्रेज और अन्य सभी कांग्रेस के लोग इनसे भयभीत रहते थे।*🌹
*फर्जी नेहरू खानदान मोतीलाल उत्तर प्रदेश के जिला - इलाहाबाद के क्षेत्र मीरगंज कोठे की पैदाइश फर्जी जवाहर लाल नेहरू अली खान और निजारी इस्माइल मुसलमान और मुसलमान की औलाद मोहनदास करमचंद गांधी उर्फ महत्मा गांधी और अछूत व दलित नहीं बल्कि ऊंची जाति के महार जाति के डा० भीमराव रामजी अम्बेडकर व मो० अली जिन्ना चारों एक घिनौनी साजिश के तहत हिन्दुओं को कमजोर करने हेतु ही अंग्रेजों द्वारा झूठे इतिहास के बल पर प्लांट किए गये थे, अंग्रेज वीर सावरकर से भयभीत क्यों थे क्योंकि वीर सावरकर के दिशा निर्देश में रासविहारी बोस जापान देश में आजाद हिन्द फौज का गठन कर रहे थे अंग्रेज लोग जानते थे कि वीर सावरकर के नेतृत्व में जापान में आजाद हिन्द फौज का गठन हो रहा है लेकिन अंग्रेज लोग इस बात को छिपाते थे , अंग्रेजों को पता था अगर भारत के लोगों को इस सच का पता लग जायेगा तो भारत देश में सभी सनातनी हिन्दू एकजुट होकर अंग्रेजों की सत्ता वीर सावरकर के नेतृत्व में उखाड़ देगी इसलिए भयभीत अंग्रेजों ने वीर सावरकर को फांसी नहीं देकर बन्दी बनाकर शारिरिक प्रताड़ना दिया लेकिन वीर सावरकर कठोर यातना भोगते रहे। वीर सावरकर से जब नेताजी सुभाष चन्द्र बोस मिलने गये तब वीर सावरकर जी ने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जी को निर्देश दिया जाकर जापान में आजाद हिन्द फौज का नेतृत्व करो और वीर सावरकर के निर्देश के बाद भारत के लोगों को आजाद कराने हेतु ही नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने ही जापान देश में जाकर रास बिहारी बोस से आजाद हिन्द फौज का नेतृत्व दिनांक - 4 जुलाई सन 1943 ई० को ही नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जी ने लिया था । आजाद हिन्द फौज ने उस समय भारत में टोटल एक लाख अंग्रेजों में से 35000 हजार अंग्रेजों को अकेले मार डाला था आजाद हिन्द फौज के उकसावे पर जब भारत की सेना में सन 1946 में बगावत हुई उससे अंग्रेज भयभीत और असहाय हो गये थे आजाद हिन्द फौज और भारत की पचीस लाख सैनिक में मेलजोल बढ़ रहा था और भारतीय सैनिकों में अंग्रेजों के खिलाफ बगावती सुर तेज हो रहि था इसी से अंग्रेजों ने अपने पालतू दलालों को अपनी मनमाने तरीके से सत्ता दे दिया था और भारत की सत्ता लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल को बहुमत के बाद भी नहीं देकर सनातनी हिन्दू विरोधी जिहादी जवाहर लाल नेहरू को दिया और संविधान में जानबूझकर कांग्रेस ने मुसलमानों के लिये इस्लामिक शरिया कानून बनाया और सोचो आजादी के बाद मिले भारत देश में हिन्दुओं के देश में हिन्दुओं के खिलाफ कानून बनवाया ताकि सनातनी हिन्दू लोग जातिवाद और ऊंची नीची में बटते रहें और भारत देश से भी सभी सनातनी हिन्दू लोगों को मारकर खत्म किया जा सके ।*🌹
*मुगलों के बाद भारत देश में अपनी सत्ता मजबूत करने के लिये ही उस समय भारत में केवल एक लाख अंग्रेजों ने ही हिन्दुओं को कमजोर करने हेतु सन 1901 में 2385 जातियों में हिन्दुओं को बाटा और फिर सन 1931 में 4114 जातियों में हिन्दुओं को बाटा और कांग्रेस और वामपंथियों और हिन्दू विरोधी लोगों ने झूठा इतिहास लिखाकर और बताकर जातियों में बाटने का आरोप निर्दोष ब्रह्मणों पर लगाया गया !*🌹
*मुगलों के बाद भारत देश में अपनी सत्ता मजबूत करने के लिये ही उस समय भारत में केवल एक लाख अंग्रेजों ने हिन्दुओं के बड़े धार्मिक स्थल के मंदिरों पर हिन्दुओं से मंदिरों में दर्शन करने पर टैक्स वसूला और हिन्दू तीर्थ यात्रियों को चार श्रेणियों में बाटा और तीन श्रेणी के लोगों पर अलग अलग टैक्स वसूला लेकिन गरीब और चौथी श्रेणी के लोगों को चान्डाल घोषित करके मंदिरों में दर्शन करने से अंग्रेजों ने रोका लेकिन एक घिनौनी साजिश कर के अंग्रेजों ने वामपंथी लोगों और सनातनी हिन्दू विरोधी लोगों के साथ मिलकर मंदिरों में दर्शन करने का आरोप निर्दोष ब्राह्मणों पर लगाकर बिना वजह झूठ के आधार आज तक ब्राह्मणों को बदनाम किया जाता है और अंग्रेजों ने वामपंथियों और सनातनी हिन्दू विरोधियों के साथ मिलकर हिन्दुओं को बाटकर कमजोर करने की घिनौनी साजिश करके धार्मिक स्थल के श्रेणी में चान्डाल घोषित जातियों को अछूत बनाया गया और झूठे इतिहास के बल पर ही निर्दोष इस मामले में भी निर्दोष ब्राह्मणों को ही बदनाम किया गया !*🌹
*उस समय भारत में एक लाख अंग्रेजों ने अपनी सत्ता को भारत देश जैसे बड़े देश की सम्पन्नता को लूटने के लिए ही अपने हित में भारत देश में अपनी सत्ता मजबूत करने हेतु और भारत देश को हर तरह से लूटने की नियत से ही भारत को आजाद कराने की लड़ाई लड़ रहे क्रान्तिकारियों को अपराधी और आतंकी के रूप में बदनाम करने हेतु तथा हिन्दुओं को बाटकर धार्मिक और जातिवाद और छूआछूत व भाषा और क्षेत्र में बाटकर कमजोर करने और देश की आजादी की लड़ाई लड़ रहे देशभक्त क्रांतिकारियों को किसी भी तरह से मारकर खत्म करने हेतु ही एक घिनौनी साजिश करके ही सनातनी हिन्दुओं के विरोध में ही कांग्रेस का गठन करवाया था।*🌹
*हिन्दुओं विचार करो कि आखिर अंग्रेजों की बनाई गई सनातनी हिन्दू विरोधी कांग्रेस में केवल अंग्रेजों के दलालों और मुखबिरों की ही क्यों चलती थी ? अंग्रेजों के द्वारा बनाई गई कांग्रेस में केवल हिन्दू विरोधी विदेशी घुसपैठिया संदिग्ध जिहादी जवाहर लाल नेहरू और हिन्दू विरोधी मोहनदास करमचंद गांधी उर्फ महात्मा गांधी की ही अंग्रेजों के कारण चलती थी इस तरह से कांग्रेस अंग्रेजों के कहने पर ही भारत देश में झूठा आन्दोलन चलाकर अंग्रेजों के साथ सत्ता सुख भोगते थे, भारत देश के हिन्दुओं जागो और सही इतिहास खोजो सब मिलेगा। आजादी की लड़ाई महात्मा गांधी और फर्जी नेहरू जवाहर लाल नेहरू की कांग्रेस नहीं लड़ती थी बल्कि हिन्दुओं को कमजोर करने और गुमराह करने का काम कांग्रेस ने सदा ही किया था याद रखो कांग्रेस अंग्रेजों का ही संगठन था। इस तरह से नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के डर से भाग रहे अंग्रेजों ने अपना राज खतम होने की खुन्नस में भारत को बर्बाद करने के लिए ही अंग्रेजों के साथ सत्ता सुख भोग रहे अंग्रेजों के चहेतों मो० अली जिन्ना और मोहनदास करमचंद गांधी और जवाहर लाल नेहरू तथा डा० भीमराव रामजी अम्बेडकर का अपने मनमाफिक उपयोग किया था। मूरख हिन्दू आज तक नहीं समझ पाया और आपस में लड़ रहा है। जाति व्यवस्था किसने बनाया अंग्रेजों ने, ऊंच-नीच व्यवस्था किसने बनाया अंग्रेजों ने , हिन्दुओं से कमाई वाले सभी मंदिरों की कमाई किसने छीना अंग्रेजों ने और हिन्दू विरोधी कांग्रेस की सरकार के जवाहर लाल नेहरू के द्वारा बनाई गई सन् 1951 में कानून ने, लेकिन भारत का हिन्दू वामपंथियों और सनातनी हिन्दू विरोधी लोगों के झूठे इतिहास पर इनका दोष निर्दोष ब्राह्मणों को देता है। जबकि आजादी के पहले और आजादी के बाद भी भारत देश में 565 रियासतों में से 444 रियासतें P.D.A./पिछड़ा/दलित/मुसलमानों के पास थी तो जिनको आज दलित बनाये हो उनका उत्पीड़न के जिम्मेदार भी ये 444 रियासतों के P.D.A./पिछड़ा/दलित/मुसलमान शासक क्यों नहीं हैं?*🌹
*नोट- इस सन्देश को बार बार जरूर शेयर करें।*🌹
Tejraftarnews.in: एक लाइन का प्रचार -
“कांग्रेस और विपक्ष ने
महिला आरक्षण रोक दिया”
2029 तक सभी चुनावों में
विपक्ष को धूल चटा देगा -
यह बात राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा ने नारी शक्ति वंदन बिल के गिरने के बाद खुद कही कि हमने “महिला आरक्षण” रोक दिया - साथ में जो भी स्पष्टीकरण दिया, वो किसी काम का नहीं है, बस मुख्य बिंदु यह है कि कांग्रेस ने महिला आरक्षण रोका जिसमें अन्य विपक्षी दलों ने भी साथ दिया -
किसी को इस बात से मतलब नहीं है कि कांग्रेस ने परिसीमन से साथ जोड़ने के कारण यह बिल रोका, सत्य तो यह याद रहेगा महिलाओं को कि उनके अधिकार पर कांग्रेस और विपक्ष ने डाका डाला-
महिलाओं को संसद और विधानसभाओं की सीटों में 33% आरक्षण देने का बिल लोकसभा ने 19 सितंबर 2023 को सर्वसम्मति से पारित किया था और राज्यसभा में यह 21 सितंबर को सर्वसम्मति से पारित हुआ -राष्ट्रपति ने इसे 28 सितंबर को साइन किया - जो बिल विपक्ष की सहमति से पारित हुआ उसके अनुसार यह बिलकुल साफ़ था कि “यह महिला आरक्षण पहले परिसीमन के बाद लागू होगा जिस पर 2026 तक रोक लगी हुई थी -
ऐसे में कांग्रेस और विपक्षी दलों का यह विलाप कि अब महिला आरक्षण को परिसीमन के साथ क्यों जोड़ा गया, संसद की अवमानना है और ऐसा करके समूचा विपक्ष 2023 के अपने ही समर्थन से पारित बिल के प्रावधानों से मुकर गया -
अब विपक्ष कुछ भी कहता रहे लेकिन सच तो जनता के सामने खुद विपक्ष ने रख दिया कि हमने महिला आरक्षण रोक दिया -
राहुल गांधी ने कहा सरकार वर्तमान 543 की संख्या पर ही 33% महिला आरक्षण तत्काल लागू करे, कांग्रेस इसका पूरा समर्थन करेगी
लोकसभा में 543 की संख्या कब तय हुई थी, उसका इल्म नहीं है राहुल गांधी को - यह संख्या 1971 की जनगणना के आधार पर तय हुई थी - परिसीमन को पहले 1976 में और फिर 2001 में 25 - 25 वर्ष के लिए रोक दिया गया था और यह अवधि अब 2026 में समाप्त हुई जिसके बाद पहला परिसीमन होना है -
क्या राहुल गांधी चाहता है आरक्षण 1971 की 543 सीटों पर दिया जाए जब भारत की जनसंख्या 54 करोड़ 79 लाख थी जो अब बढ़ कर 140 करोड़ के पार है - ये आज की जनता को कैसे बराबरी का अधिकार दे सकता है - और फिर 543 में 33% महिलाओं के सीट का मतलब है 180 सीट महिलाओं की हो जाएंगी - राहुल गांधी के खाली दिमाग ने इसका ख्याल नहीं किया कि ऐसा करने से कहीं उसकी रायबरेली की सीट भी महिला कोटे में न चली जाए -
लोकसभा की सीटें जनसंख्या के आधार पर ही तय होनी चाहिए - आज देश में 127 सीट हैं जहां 20 लाख से ज्यादा वोटर हैं - सीटों में वोटरों का संतुलन किस कदर बिगड़ा हुआ है उसका अनुमान इस बात से लगता है कि सबसे ज्यादा वोटर किस सीट पर हैं और सबसे कम किस सीट पर -
सबसे अधिक वोटर वाली सीट -
-मल्काजगिरी (तेलंगाना) - 37.80 लाख;
-बेंगलुरु उत्तर (कर्नाटक) - 32.15 लाख;
-गाजियाबाद (उ प्र) - 29.48 लाख;
-गौतमबुद्ध नगर (उ प्र) - 26.81 लाख; और
पश्चिमी दिल्ली - 25.92 लाख
ये उन 127 सीटों में शामिल हैं जहां वोटर 20 लाख से ज्यादा हैं -
सबसे कम वोटर वाली सीट -
-लक्षद्वीप - 58 हजार;
-दमन और दीव - 1.34 लाख;
-लद्दाख - 1.90 लाख;
-दादरा नगर हवेली - 2.83 लाख; और
अंडमान निकोबार - 3.15 लाख
सीटों में वोटरों का ऐसा अनुपात किसी दृष्टि से उचित नहीं है और इसके लिए परिसीमन जरूरी है लेकिन विपक्ष ने आंखे और दिमाग बंद कर लिए क्योंकि महिला आरक्षण रोकना था
(सुभाष चन्द्र)
Tejraftarnews.in: साभार....
आपने देखा होगा कि पाकिस्तान की एजेंसी #आईएसआई ने भारत में अपने सभी एजेंट को #टीसीएस_धर्मांतरण_गैंग की मुखिया #निदा_खान के बचाव में उतार दिया है
और बचाव में यह लोग क्या दलीलें दे रहे हैं की निदा खान एचआर मैनेजर नहीं थी निदा खान नेतृत्व के पद पर नहीं थी
अबे दोगलों अगर निदा खान एचआर मैनेजर नहीं थी तो क्या उससे उसके गुनाह खत्म हो गए ?
कल ही भोपाल में एक हिजड़े #जस्सी_खान को पकड़ा गया यह हिजड़ा नाबालिक हिंदू लड़कियों को अपने जाल में फसाता था उनकी मुस्लिम लड़कों से दोस्ती करवा कर उन्हें मुस्लिम बनाता था...
तो गधों यह हिजड़ा तो पढ़ा लिखा भी नहीं था फिर भी अपने #गजवा_ए_हिन्द के एजेंडे में लगा हुआ है।
उधर मुरादाबाद में कक्षा 12वीं में पढ़ने वाली तीन मुस्लिम लड़कियां अपने साथी हिंदू लड़की के धर्मांतरण में जोर-शोर से लगी थी उसे जबरदस्ती गाय का मांस खिलाती थी उसे जबरदस्ती बुर्का पहनाती थी फिर जब सीसीटीवी वायरल हुआ और लड़की की माँ ने पुलिस में शिकायत किया फिर FIR दर्ज हुई तब तीनों मुस्लिम लड़कियां इलाहाबाद हाईकोर्ट गई कि हम नाबालिक हैं हम पढ़ रहे हैं हमारे खिलाफ #एफआईआर रद्द कर दीजिए तो इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 11 पन्ने के विस्तृत आदेश में कहा अगर तुम 12वीं क्लास में हो और अपने साथी हिंदू लड़की के धर्मांतरण में लगी हो तब तुम्हारा गुनाह और भी ज्यादा खतरनाक है क्योंकि जिस उम्र में तुम्हें पढ़ना चाहिए इस उम्र में तुम लोग यह सब काम कैसे कर सकती हो? 12वीं क्लास में तुम लोगों के दिमाग में इतना जहर और इतनी प्लानिंग कैसे आ गई कि तुम्हें अपने साथी हिंदू लड़कियों को मुस्लिम बनाना है?
और इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने से मना किया इतना ही नहीं उनके गिरफ्तारी पर लगी निचली अदालत की रोक को भी हटा दिया कि उनकी तुरंत गिरफ्तारी होनी चाहिए,तो गधों वो तीनो लड़कियां मात्र 12 में पढ़ती थी वह कोई एचआर मैनेजर नहीं थी फिर भी वह हिंदू लड़कियों के धर्मांतरण में लगी थी...
पूरा #जिहादी_इकोसिस्टम टीसीएस जिहाद को बचाने में लग गया है दलीलें भी क्या दी आ रही है की निदा खान गर्भवती है निदा खान HR मैनेजर नहीं थी ब्ला ब्ला
निदा खान एचआर मैनेजर हो या न हो कुछ भी हो लेकिन उसने जो किया है वह एक संगीन जुर्म है..
और सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि जब एक #दलित लड़के ने टीसीएस नासिक के अंदर क्या चल रहा है उसकी शिकायत पुलिस को दिया तब पुलिस यह मानने को तैयार नहीं थी फिर उच्च अधिकारियों ने जब अपने बड़े अधिकारियों से बात किया तब यह तय हुआ कि इतने बड़े ग्रुप पर यानी टाटा ग्रुप पर हाथ डालना के पहले पुख्ता सबूत जुटाना जरूरी है
क्योंकि अगर टाटा ग्रुप पर बिना सबूत के हाथ डाला गया तो इससे बहुत बड़ा बवाल खड़ा होगा पूरे भारत के बड़े-बड़े बिजनेस समूह #महाराष्ट्र_सरकार पर हमलावर हो जाएंगे और महाराष्ट्र की जो उद्योग नीति है उसको बदनाम करेंगे
तब उन्होंने 7 महिला पुलिस कर्मियों को कई महीनो तक टाटा ग्रुप में नौकरी पर रखवाया उसमें से कुछ सफाई कर्मचारी के रूप में लगी कुछ अलग-अलग काम कर रही थी और उन्होंने सैकड़ो एविडेंस जुटाए वीडियो बनाएं फिर जब पुख्ता सबूत मिला तब जाकर टीसीएस नासिक पर छापा मारा गया...
"निवेदन करूंगा पूरा लेख समय निकालकर पढ़े समझें फिर कोई प्रतिक्रिया दें और उचित लगे तो अन्य सनातनी बंधुजनों से साझा अवश्य करें क्योंकि जानकारी होगी तभी सजगता और बचाव संभव होगा समस्या से।राम राम रहेगी आप सभी को!"
अवधेश प्रताप सिंह कानपुर उत्तर प्रदेश,9451221253
Tejraftarnews.in: अब तक की नारे बाजीबयान बाजी पब्लिक रैली के नारे भाषण और लोकसभा में गुंडागिरी दादागिरी से
ये साबित हो ही गया है कि कोंग्रेस ये एक राजनीतिक पक्ष नहीं है बल्कि एक भयानक देश द्रोही आतंकी संगठना है जो हिंदुस्तान से हिन्दू को खत्म करना चाहता है। देस के हर जगह आतंक अराजकता दंगा फसाद लुट मार हिन्दुओं का नरसंहार करना चाहती है। ये एक पाकिस्तानी चिस्लामी गजवा हिंद षड्यंत्र का हिस्सा है।
अब समय आया है कि कोंग्रेस और उसके सहयोगी समर्थक साथीदार विपक्ष इनको आतंकवादी देशद्रोही संगठन घोषित करे ।
इनके सारे पदाधिकारी योंको देश द्रोह बौर आतंक वाद अराजकता फैलाने के जुल्म में तुरंत आजीवन कारा वास की सजा दी जाय।
इनके नेता और पार्टी पर किसी भी चुनाव में लगने पर ban रोक लगा दी जय।
हर जागरूक नागरिक इसे 10 हिन्दू को भेज कर आतंकी अराजकता वादी देश द्रोही कोंग्रेस और वाम पंथी विपक्ष संगठन को चुनाव में सहभागी होने से रोके । देशव्यापी
आतंकवादी देशद्रोही कोंग्रेस मुक्त भारत अभियान चलाए ।
जय हिंद
जय भारत
🔱🕉️🚩
Tejraftarnews.in: ✨ ✨
*BJP की पश्चिम बंगाल में सरकार बनते ही निम्न कार्य किए जाने की घोषणा*
👇
*👉1. सिंडीकेट का समूल खात्मा*
*👉2. कट मनी वसूलने वाले गुंडे सीधे जेल में*
*👉3. महिलाओं को 3000/ रुपए महीना*
*👉4. सरकारी कर्मचारियों को 7th पे कमीशन दिया जाएगा*
*👉5. बांग्लादेशी रोहिंग्या मुसलमानों को चिन्हित कर देश से बाहर कर दिया जाएगा*
*👉6. सरकारी नौकरियों में निष्पक्ष पारदर्शी भर्ती शुरू की जाएगी*
*👉7. पश्चिम बंगाल में उद्योगों को लगाने के लिए समुचित माहौल बनाया जाएगा*
*👉8. सरकारी जमीनों के "वक्फ" द्वारा अवैध कब्जे खत्म किए जाएंगे*
Tejraftarnews.in: एक लाइन का प्रचार -
“कांग्रेस और विपक्ष ने
महिला आरक्षण रोक दिया”
2029 तक सभी चुनावों में
विपक्ष को धूल चटा देगा -
यह बात राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा ने नारी शक्ति वंदन बिल के गिरने के बाद खुद कही कि हमने “महिला आरक्षण” रोक दिया - साथ में जो भी स्पष्टीकरण दिया, वो किसी काम का नहीं है, बस मुख्य बिंदु यह है कि कांग्रेस ने महिला आरक्षण रोका जिसमें अन्य विपक्षी दलों ने भी साथ दिया -
किसी को इस बात से मतलब नहीं है कि कांग्रेस ने परिसीमन से साथ जोड़ने के कारण यह बिल रोका, सत्य तो यह याद रहेगा महिलाओं को कि उनके अधिकार पर कांग्रेस और विपक्ष ने डाका डाला-
महिलाओं को संसद और विधानसभाओं की सीटों में 33% आरक्षण देने का बिल लोकसभा ने 19 सितंबर 2023 को सर्वसम्मति से पारित किया था और राज्यसभा में यह 21 सितंबर को सर्वसम्मति से पारित हुआ -राष्ट्रपति ने इसे 28 सितंबर को साइन किया - जो बिल विपक्ष की सहमति से पारित हुआ उसके अनुसार यह बिलकुल साफ़ था कि “यह महिला आरक्षण पहले परिसीमन के बाद लागू होगा जिस पर 2026 तक रोक लगी हुई थी -
ऐसे में कांग्रेस और विपक्षी दलों का यह विलाप कि अब महिला आरक्षण को परिसीमन के साथ क्यों जोड़ा गया, संसद की अवमानना है और ऐसा करके समूचा विपक्ष 2023 के अपने ही समर्थन से पारित बिल के प्रावधानों से मुकर गया -
अब विपक्ष कुछ भी कहता रहे लेकिन सच तो जनता के सामने खुद विपक्ष ने रख दिया कि हमने महिला आरक्षण रोक दिया -
राहुल गांधी ने कहा सरकार वर्तमान 543 की संख्या पर ही 33% महिला आरक्षण तत्काल लागू करे, कांग्रेस इसका पूरा समर्थन करेगी -
लोकसभा में 543 की संख्या कब तय हुई थी, उसका इल्म नहीं है राहुल गांधी को - यह संख्या 1971 की जनगणना के आधार पर तय हुई थी - परिसीमन को पहले 1976 में और फिर 2001 में 25 - 25 वर्ष के लिए रोक दिया गया था और यह अवधि अब 2026 में समाप्त हुई जिसके बाद पहला परिसीमन होना है -
क्या राहुल गांधी चाहता है आरक्षण 1971 की 543 सीटों पर दिया जाए जब भारत की जनसंख्या 54 करोड़ 79 लाख थी जो अब बढ़ कर 140 करोड़ के पार है - ये आज की जनता को कैसे बराबरी का अधिकार दे सकता है - और फिर 543 में 33% महिलाओं के सीट का मतलब है 180 सीट महिलाओं की हो जाएंगी - राहुल गांधी के खाली दिमाग ने इसका ख्याल नहीं किया कि ऐसा करने से कहीं उसकी रायबरेली की सीट भी महिला कोटे में न चली जाए -
लोकसभा की सीटें जनसंख्या के आधार पर ही तय होनी चाहिए - आज देश में 127 सीट हैं जहां 20 लाख से ज्यादा वोटर हैं - सीटों में वोटरों का संतुलन किस कदर बिगड़ा हुआ है उसका अनुमान इस बात से लगता है कि सबसे ज्यादा वोटर किस सीट पर हैं और सबसे कम किस सीट पर -
सबसे अधिक वोटर वाली सीट -
-मल्काजगिरी (तेलंगाना) - 37.80 लाख;
-बेंगलुरु उत्तर (कर्नाटक) - 32.15 लाख;
-गाजियाबाद (उ प्र) - 29.48 लाख;
-गौतमबुद्ध नगर (उ प्र) - 26.81 लाख; और
पश्चिमी दिल्ली - 25.92 लाख
ये उन 127 सीटों में शामिल हैं जहां वोटर 20 लाख से ज्यादा हैं -
सबसे कम वोटर वाली सीट -
-लक्षद्वीप - 58 हजार;
-दमन और दीव - 1.34 लाख;
-लद्दाख - 1.90 लाख;
-दादरा नगर हवेली - 2.83 लाख; और
अंडमान निकोबार - 3.15 लाख
सीटों में वोटरों का ऐसा अनुपात किसी दृष्टि से उचित नहीं है और इसके लिए परिसीमन जरूरी है लेकिन विपक्ष ने आंखे और दिमाग बंद कर लिए क्योंकि महिला आरक्षण रोकना था
(सुभाष चन्द्र)
“मैं वंशज श्री राम का)
21/04/2026
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Tejraftarnews.in: कांग्रेस ने महिलाओं के हक छीने
महिलाओं के सशक्तिकरण की थोथी बात करने वाली कांग्रेस का रिकॉर्ड एक अलग ही कहानी बताता है। बार - बार ऐसे मौके आए जब कांग्रेस ने महिलाओं के हितों को नज़रअंदाज़ किया।
● महिला आरक्षण बिल को पास करने के कई मौके होने के बावजदू दशकों तक टालते रहे।
● Rajiv Gandhi के समय शाह बानो केस में एक महिला के कानूनी अधिकारों को वोट बैंक की राजनीति के आगे रख दिया गया।
● पार्टी के अदंर सत्ता सरंचना आज भी ज्यादातर पुरुष प्रधान रही है।
● नेतृत्व के मौके अधिकतर राजनीतिक परिवारों की महिलाओं को मिले, जबकि जमीनी स्तर की महिलाएं पीछे रह गईं।
● कांग्रेस ने Triple Talaq खत्म करने का विरोध किया, जिससे मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों से ज्यादा वोट बैंक को प्राथमिकता दी गई।
#महिला_विरोधी_कांग्रेस
#AntiWomenAlliance
#MahilaVirodhiCongress
Tejraftarnews.in: बहुत भयंकर परिस्थिति आने वाली है हिन्दू को खत्म करने बकी गजवा हिंद की साजिश जिहादी, मुल्ले चिस्लामि वामपंथी यो ने अमल में लाया जा रहा है। रोज एक ना एक हिन्दू मारा जा रहा है , हजारों हिन्दू लड़कियां गायब हो रही है , लव जिहाद का शिकार हो रही है हिन्दू परिवार समाज को झूठी अफवाह से तोड़ा जा रहा है , हिन्दू हिन्दू में भी नफरत की आग फैलाई जा रही है।
हिन्दू समाज ने एक होकर मुल्लाओंका सम्पूर्ण बहिष्कार करना अब अति आवश्यक है।
१. किसी भी मुल्ल्ला से सब्जी फल मास मच्छी ब्रेड या किसी भी प्रकार के खाने की सामग्री न खरीदे।
२.किसी भी मुल्ले से कोईभी सेवा न के जैसे बाल काटनेवाले, जिम वाले,टायर वाले,गैरेज वाले भंगार वाले, प्लम्बर, बांध काम साहित्य ग्रिल वाले, एल्यूमीनियम दवाजे खिड़कियां, टाइल्स, कड़िया मुल्ले से कोइ भी काम या खरीदारी ना करे।
४.अपने रहिवासी क्षेत्र में बसे हिन्दू प्लम्बर ,ग्रिल वाले इलेक्ट्रिशियन, कड़िया, दुकानदार की सूची बनाए। ये सूची अपने मंदिर सोसाइटी में लगाए।
५. कोईभी मुल्ले को अपना घर दुकान ना बेचे।कोईभी मुल्ले को अपना घर किराए पर ना दे।
4. कोई भी मुल्ले को अपने दफ्तर में कार्यालय में फैक्ट्री में होटल रेस्टोरेंट में काम न दे। कोई भी मुल्ले को नौकरी न दे।
5. कोई भी मुल्ले को अपने घर या सोसाइटी में न बुलाए।न उनके घर में जाए
6. कोई भी मुल्ले ने दोस्ती नाता या संबंध ना बनाए। अपने घर परिवार के सारे सदस्य को ये नियम का पालन करने बोले।
7. घर के महिला सदस्य लडकी लड़के के को लव जिहाद, जहर जिहाद गजवा हिंद हिंद षड्यंत्र के बारे में पूरी जानकारी दे।
8. कश्मीर फाइल ,केरल फाइल, धुरंधर जैसे फिल्म जरूर दिखाए।
9. सारे परिवार मंगलवार या शनिवार एक होकर कोई मंदिर के जाए। वाह वंदे मातरम और हिन्दू देवता का सामूहिक स्तोत्र मंत्र आरती भजन कीर्तन में अवश्य भाग ले ।
10. हिन्दू त्यौहार को सभी हिन्दू परिवार, मुहल्ले के हिन्दू रहिवासी एक होकर मनाए।
११ हर एक हिन्दू RSS, भाजपा, विश्व हिन्दू परिषद, सनातन धर्म, गायत्री परिवार जैसे कट्टर हिंदू वादी संगठन से जुड़े और उनके साप्ताहिक दैनिक सभा में अवश्य जागृत कार्य करे।
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Tejraftarnews.in: अब तक की नारे बाजीबयान बाजी पब्लिक रैली के नारे भाषण और लोकसभा में गुंडागिरी दादागिरी से
ये साबित हो ही गया है कि कोंग्रेस ये एक राजनीतिक पक्ष नहीं है बल्कि एक भयानक देश द्रोही आतंकी संगठना है जो हिंदुस्तान से हिन्दू को खत्म करना चाहता है। देस के हर जगह आतंक अराजकता दंगा फसाद लुट मार हिन्दुओं का नरसंहार करना चाहती है। ये एक पाकिस्तानी चिस्लामी गजवा हिंद षड्यंत्र का हिस्सा है।
अब समय आया है कि कोंग्रेस और उसके सहयोगी समर्थक साथीदार विपक्ष इनको आतंकवादी देशद्रोही संगठन घोषित करे ।
इनके सारे पदाधिकारी योंको देश द्रोह बौर आतंक वाद अराजकता फैलाने के जुल्म में तुरंत आजीवन कारा वास की सजा दी जाय।
इनके नेता और पार्टी पर किसी भी चुनाव में लगने पर ban रोक लगा दी जय।
हर जागरूक नागरिक इसे 10 हिन्दू को भेज कर आतंकी अराजकता वादी देश द्रोही कोंग्रेस और वाम पंथी विपक्ष संगठन को चुनाव में सहभागी होने से रोके । देशव्यापी
आतंकवादी देशद्रोही कोंग्रेस मुक्त भारत अभियान चलाए ।
जय हिंद
जय भारत
🔱🕉️🚩
Tejraftarnews.in: *लेंसकार्ट को महंगा पड़ा बिंदी, तिलक विवाद! शेयर बाजार में झट से डूबे 4500 करोड़*
*TCS के बाद लेंसकार्ट का नंबर! ड्रेस कोड पॉलिसी पर मचा बवाल*
* पहले TCS नासिक में धर्म परिवर्तन के आरोपों ने खलबली मचाई और अब चश्मा बनाने वाली दिग्गज कंपनी 'लेंसकार्ट' के ड्रेस कोड ने सोशल मीडिया का पारा गर्म कर दिया है.
*बाजार में चश्मा बेचकर लोगों की नजर साफ करने वाले लेंसकार्ट की अपनी 'पॉलिसी' पर अब लोगों की नजरें टेढ़ी हो गई हैं.*
* कंपनी का एक ड्रेस कोड वाला कागज क्या लीक हुआ, मानों भूचाल आ गया.
* इस कागज में लिखा था कि ऑफिस में हिजाब तो चलेगा, लेकिन माथे पर बिंदी, तिलक या कलाई पर कलावा बांधकर आने की सख्त मनाही है.
* इस तथाकथित 'फरमान' में साफ लिखा था कि अगर हिजाब पहनना है तो उसका रंग काला होना चाहिए, पर माथे पर सजी बिंदी या क्लचर को नो-एंट्री दी गई थी.
* कलावा यानी धार्मिक धागा बांधकर आने वालों को भी उसे उतारने की हिदायत दी गई थी.
*ड्रेस कोड विवाद के कारण सुर्खियों में आई कंपनी लेंसकार्ट के शेयरों में आज कारोबार के दौरान करीब चार फीसदी से ज्यादा गिरावट आई। स्टॉक मार्केट में तेजी के बावजूद इस आईवियर रिटेल कंपनी के शेयरों में गिरावट आई है.*
Tejraftarnews.in: *पुनः लिखता हूँ*
"कटने तक ऐसे ही सभी हिन्दू मस्त रहे"
कसाई जिस मुर्गे को काटने के लिए पिंजरे से निकालता है वही चिखता है। बाकी के मुर्गे दाना खाने में मस्त रहते हैं।
वैसे ही मस्त वे सभी हिन्दू है जिन्हें काटने के लिए अभी तक निकाला नही गया है।
एक एक कर सबकी बारी आयेगी,
तबतक ऐसे ही मस्त रहे और हिन्दू मुस्लिम भाईचारा को मजबूत करते रहिए
Tejraftarnews.in: संस्कृत सीखो सनातन संस्कृति बचाओ
संस्कृत एक विश्व भाषा है
संस्कृत दुनिया के 80,% भाषा ओ का उद्गम स्त्रोत है।
संस्कृत भाषा ज्ञान विज्ञान अध्यात्म का भंडार है। तन मन ऐश्वर्य समृद्धि आत्म विकास सिखाने वाली गुरू किल्ली चाबी है।
सनातन धर्म का विनाश तभी से चालू हो गया जब नईं पीढ़ी को संस्कृत भाषा से दूर रखा गया। आजादी के बाद
कोई भी स्कूल और कॉलेज के पाठ्य क्रम से संस्कृत का पूरा उच्चाटन किया गया । नई पीढ़ी को अंग्रेजी और मातृ भाषा की शिक्षा अनिवार्य की गई ।
बिना संस्कृत भाषा कोई भी सनातन धर्म नहीं समझ सकता है। नई पीढ़ी के मन में को संस्कृत से और सनातन धर्म के प्रति नफरत डाल दी गईं।
संस्कृत का महत्व और ज्ञान सामान्य जन मानस तक पहुंच ने ही नहीं दिया। संस्कृत हिंदुस्तान के सारे भाषा ओंको बल्कि दुनियां के बहुत सारे भाषा का उगम स्थान है । संस्कृत भारत का अमूल्य खजाना है जिसे हम भूल गए है।
यही कारण है सनातन धर्म के विनाश का।
जब तक संस्कृत का अध्यापन पाठशाला और महाविद्यालय में अनिवार्य नहीं किया जाता सनातन धर्म का विनाश निश्चित है ।
विदेश में जर्मन फ्रांस नीदरलैंड में संस्कृत भाषा के अदभुत रहस्यों को उजर कर रहे है और हम सनातन हिन्दू संस्कृत से नफ़रत। ये बदलना होगा ।
संस्कृत की शिक्षा को अनिवार्य करने
क्या हम सरकार पर दबाव डाल सकते है ? हर एक हिन्दू अपने बेटे बेटियों को और खुद संस्कृत का अध्ययन करे । संस्कृत जाएंगे तो सनातन धर्म को जानेंगे।
सहमत है तो 10 सनातनी yo को भेजे। हिन्दू जनता जनमत को जागृत कर के और सरकार को संस्कृत शिक्षा अनिवार्य करने दबाव डाले . सनातन धर्म के हरेक मंदिरोंमे आश्रमों में और हिंदू स्कूल महाविद्यालय यो में संस्कृत को बढ़ावा देने की योजना बननी चाहिए . संस्कृत सीखने और सिखाने शिष्य वृत्ति,सरकारी अनुदान और मंदिरोंका निधि संस्कृत और सनातन संस्कृति बचाने और बढ़ाने में ही लगनी चाहिए।
अगर सहमत है हो 10 हिन्दुओं को सही भेजो
जय श्री कृष्ण
जय श्री राम
जय हो सनातन भारत
🪷🕉️🚩🔱
Tejraftarnews.in: *मजार में इतना पैसा कहां से?*
*"प्रेम मंदिर" जी हां !*
*अकेले कृपालु जी ने अपने बूते जो प्रेम मंदिर बनाया है वृंदावन में आज अगर बनाना चाहें तो 10 ताजमहल के बराबर एक प्रेम मंदिर की कीमत है।*
*जबकि प्रेम मंदिर में निशुल्क दर्शन होता है!*
*अजमेर दरगाह में आतंकवादी- आतंकी कार्यवाही करने के बाद मीटिंग करने भी जाते हैं .वहां दो बार बड़े सेक्स स्कैंडल हो चुका है और प्रतिदिन करोड़ों में पैसे आते हैं. उन्होंने एक हाल भी ढंग का नहीं बनाया !
*तो इतने पैसे कहां जा रहा है?*
*कहां उपयोग हो रहा है?*
*भारत के विरुद्ध कौन सी साजिश रची जा रही है?*
*क्या भारत सरकार को यह देखने का हक नहीं है?*
*क्या भारत सरकार से भी बड़ा संविधान से भी बड़ा, नियम कानून से भी बड़ा -अजमेर का सस्पेक्टेड दरगाह है?*
*हम और हमारी सरकार कब तक देश निष्ठा के संदिग्धों को, स्वच्छंद कार्यवाही नि: शुल्क करने की छूट देकर आत्मघाती कार्यवाही करते रहेंगे और क्यों?*
Tejraftarnews.in: *हिन्दुओं बताओ तो बताओ तो संविधान के अनुसार भी कहां है भारत हिन्दुओं का देश ???* 🔥🔥🔥
*हिन्दुओं बताओ तो ------------ हिन्दुओं के विरोध में अंग्रेजों के द्वारा बनाई गई हिन्दू विरोधी कांग्रेस का भारत को इस्लामिक देश बनाने हेतु पाकिस्तान और बंग्लादेश की तरह से भारत देश से भी सभी हिन्दुओं को जातिवाद में बाटकर कमजोर करके फिर मारकर खत्म करने हेतु खौफनाक खतरनाक जिहाद हिन्दुओं के खिलाफ क्यों चला रही है ???*🔥
*हिन्दुओं बताओ तो भारत देश में सेकुलरिज्म है तो बराबरी व समानता के कानून के खिलाफ हिन्दू विरोधी कांग्रेस के द्वारा भारत के संविधान में हिन्दू विरोधी कानून और खुलेआम भारत को इस्लामिक देश बनाने हेतु इस्लामिक शरिया कानून को हिन्दू विरोधी सुप्रीम कोर्ट ने खत्म क्यों नहीं किया ???*🔥
*भारत में हिन्दुओं को कमजोर करने हेतु फर्जी कश्मीरी संदिग्ध जवाहर लाल नेहरू ने हिन्दुओं को भारत से खत्म करने हेतु गजवाहिन्द करने हेतु बटवारा के बाद मिले हिन्दुओं के ही देश में भारत देश में हिन्दुओं को बराबर बराबर बाटकर कमजोर करने हेतु हिन्दू विरोधी फर्जी कश्मीरी जवाहर लाल नेहरू ने और हिन्दू विरोधी कांग्रेस ने भारत के संविधान में घिनौने तरीके से कानून बनवाया है !* 🔥🔥🔥
*सनातनी हिन्दुओं बताओ कि भारत देश भी क्या केवल मुसलमानों का ही देश साबित है ?* 🔥🔥🔥
*इसे पूरा पढ़ो-----* 🔥🔥🔥
*जब आप हिन्दू लोग हम सभी मुसलमानों के लिए लिए मेहनत कमा रहे हो तो हम मुसलमान लोग भविष्य की चिंता क्यों करें।* 🔥
*अग्रवाल साहब ने अपने नौकर अब्दुल से पूछा- मेरे पास 2 बच्चे हैं, मुझे उनके भविष्य की चिंता होती है, लेकिन तुम्हारे 12 हैं फिर भी तुम्हें चिंता नहीं होती।* 🔥
*अब्दुल्ला- मालिक, 25 साल बाद मेरे 12 बेटे मिलकर आपकी इस दुकान पर कब्जा कर लेंगे।* 🔥
*अब्दुल्ला बोला- आप लोग तो हमारे लिए ही तो कमा रहे हैं तो भविष्य की चिन्ता क्यूं करुंगा।* 🔥
*सियालकोट, लाहौर, गुजराँवाला, करांची पूरे पाकिस्तान में जो हिन्दू सेठो और हिन्दू लोगों ने बड़ी बड़ी हवेलियां दुकान आदि सम्पदा जोड़ तोड़ कर बनवाया था वो सब हम मुसलमानों के लिए ही तो था वो सब हम मुसलमान लोगों ने ले लिया और जो भी भारत में या कहीं भी हिन्दू लोग जो घर व धन सम्पदा बना रहे हैं वो भी हम सभी मुसलमान लोगों के लिए ही है और वो सब भी हम सभी मुसलमान लोग भविष्य में ले लेंगे।* 🔥
*अब्दुल्ला बोला- मतलब साफ है सेठ जी मधु मक्खी दिन रात मेहनत करके फूल व फलों से रस चूसकर शहद के लिए पराग कण बटोर कर मधु मक्खी छत्ता लगाती है तो एक दिन उसे। मधु मक्खी के छत्ता से शहद निकालकर एक आदमी निकालकर सब ले जाता है और मधुमक्खियों को कुछ नहीं मिलता है उसी तरह से हिन्दू लोग दिन रात मेहनत करके मकान व कोठी, धन व सम्पदा बना रहे हैं एक दिन हम सब मुसलमान लोग हिन्दुओं से छीन लेंगे।* 🔥
*भारत देश बहुसंख्यक हिन्दू होकर क्या कर पाये आजाद भारत के सभी कायर हिन्दू कश्मीर में लाखों हिंदुओं को मारा व लड़कियों और औरतों को खुलेआम ब्लात्कार और किया गया वो मारा गया तथा लाखों हिंदुओं को कश्मीर से हम मुसलमानों ने भगा दिया आज भी टैन्ट में रहने को मजबूर कश्मीरी हिन्दू ।* 🔥
*जवाहर लाल नेहरू ने संविधान में सेकुलरिज्म शब्द बड़ी चालाकी से केवल हिन्दुओं के लिए रखा है। हमारे चाचा जवाहर लाल नेहरू ने हम मुसलमानों के लिए मुस्लिम वक्फ बोर्ड बनाया और हमारी इन्दिरा गांधी ने हम मुसलमानों के लिए मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड बनाया ताकि हम मुसलमानों को एक सरकार की देखरेख में जिहाद कर सकें और हमारे मदरसे को सरकार संरक्षण व अनुदान देती है हमारे मौलवी आदि को सरकार वेतन भी देती है हिन्दुओं के मंदिरों की आय पर टैक्स लगाया है ताकि हमारा पोषण हिन्दुओं के मंदिरों के टैक्स से प्राप्त धन से हो। बताओ संविधान के अनुसार भी कहां है भारत हिन्दुओं का देश ?* 🔥
*जब सभी हिन्दू हम मुसलमानों के लिए दिन रात मेहनत करके काम कर रहे हैं तो हम मुसलमान लोग भविष्य की चिन्ता क्यों करें !* 🔥
*आजाद भारत देश में भी कश्मीर में कश्मीरी हिन्दुओं ने हमारे लिए ही तो बड़े-बड़े हवेली मकान दुकान सब बनवाये थे और अन्त में हमने ले लिया था भारत में बहुसंख्यक हिन्दू होकर क्या कर पाये?* 🔥
*हिन्दू लोग जी तोड़ मेहनत करके जो भी धन सम्पदा मकान व कोठी आदि बना रहे हैं वो सब हम मुसलमानों के लिये ही तो बना रहे हैं निश्चित ही एक दिन वो सब हम मुसलमानों का ही होगा।* 🔥
*अंग्रेजों के द्वारा बनाई गई कांग्रेस के फर्जी कश्मीरी व फर्जी नेहरू खानदान का जवाहर लाल नेहरू जो फर्जी आजादी का नायक बनकर हिन्दुओं को गुलाम बनाने हेतु संविधान में हिन्दू विरोधी कानून क्यों बनाया था ?* 🔥
*कब तक हिन्दू फर्जी आजादी का नायक और एडविना के साथ ऐय्याशी करने वाले जवाहर लाल नेहरू और छोटी छोटी लड़कियों और दूसरे की औरतों के साथ नग्न सोने वाला अपनी ऐय्याशी को ब्रम्हचर्य का प्रयोग नाम देता था उस अंग्रेजों की सेना में नौकरी करने वाले अंग्रेजों के जासूस व दलाल मोहनदास करमचंद गांधी उर्फ महात्मा गांधी को मानेगा ?* 🔥
*कांग्रेस ने भारत देश का बटवारा ये कह के कराया कि भारत देश में हिन्दू और मुसलमान एक साथ नहीं रह सकते हैं तो पाकिस्तान को ज्यादा हिस्सा लेने के बाद भी भारत के मुसलमानों को पाकिस्तान क्यों नहीं भेजा गया ???*🔥
*हिन्दुओं के विरोध में बनाई गई हिन्दू विरोधी कांग्रेस के द्वारा भारत देश का धर्म के आधार पर बटवारा के बाद हिन्दुओं को हिस्सा में मिले हिन्दुओं के देश में धर्मनिरपेक्ष कानून तथा बराबरी व समानता के कानून के खिलाफ हिन्दू विरोधी कानून और भारत देश को दारुल ए इस्लाम बनाने हेतु भारत के संविधान में खुलेआम इस्लामिक शरिया कानून क्यों है ???*🔥
*हिन्दुओं के विरोध में ही अंग्रेजों के द्वारा बनाई गई हिन्दू विरोधी कांग्रेस ने भारत देश का बटवारा धर्म के आधार पर यह कहके कराया गया था कि हिन्दू और मुसलमान एक साथ नहीं रह सकते हैं ! धर्म के आधार पर बटवारा के बाद मिले हिन्दुओं के मौजूदा भारत देश को संविधान के माध्यम से मुस्लिम राष्ट्र (इस्लामिक देश ) बना चुकी थी, बस घोषणा नहीं कर पाई थी।पूरा पढो---* 🌹
😠😠🤬🤬😡😡😡😡
*अनुच्छेद 25, 28, 30 (1950)।*🔥
*एचआरसीई अधिनियम (1951)।*🔥
*एचसीबी एमपीएल (1956)।*🔥
*धर्मनिरपेक्षता (1975)*🔥
*अल्पसंख्यक अधिनियम (1992)।*🔥
*POW अधिनियम (1991)।*🔥
*वक्फ अधिनियम (1995)।*🔥
*राम सेतु शपथ पत्र (2007)।*🔥
*मुस्लिम वक्फ बोर्ड क्यों है ?।*🔥
*मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड क्यों है ?।*🔥
*अनुच्छेद 370 और बिना संसद में पास कराये फर्जी 35 ए कांग्रेस ने जम्मू कश्मीर में लगाया ताकि जिहादी पाकिस्तानी भारत के जम्मू कश्मीर की लड़की से शादी करके जम्मू कश्मीर की नागरिकता प्राप्त कर सकें लेकिन भारत के लोग जम्मू कश्मीर की नागरिकता किसी भी प्रकार से नहीं प्राप्त कर सकते थे आखिर कांग्रेस और पाकिस्तान दोनों को जिहादी पाकिस्तानी को नागरिकता देने वाला कानून जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 और फर्जी 35 ए क्यों चाहिए ?*🔥
*सभी हिन्दू विरोधियों बताओ कि ----- मुसलमानों के और ईसाईयों के लिए मनमानी धार्मिक शिक्षा प्राप्त करने और सरकारी वित्तीय सहायता क्यों है और हिन्दुओं के धार्मिक शिक्षा पर सरकारी मान्यता क्यों नहीं है ?*🔥
*विचार करो कि हिन्दू विरोधी कांग्रेस को हिन्दू महिलाओं के घूंघट और पर्दाप्रथा गलत लगा और हिन्दू महिलाओं को आजादी के नाम पर राजनीति तो किया लेकिन हिन्दू विरोधी कांग्रेस को अपने 136 वर्ष के इतिहास में कभी बुर्के में , हलाला , मुताह , तीन तलाक में कोई कुप्रथा व अतिवाद नहीं पाया आखिर क्यों ?*🔥
*हिन्दुओं बताओ तो भारत देश में सेकुलरिज्म है तो बराबरी व समानता के कानून के खिलाफ हिन्दू विरोधी कांग्रेस के द्वारा भारत के संविधान में हिन्दू विरोधी कानून और खुलेआम भारत को इस्लामिक देश बनाने हेतु इस्लामिक शरिया कानून को हिन्दू विरोधी सुप्रीम कोर्ट ने खत्म क्यों नहीं किया ???*🔥
*1)- कांग्रेस की सरकार ने अनुच्छेद 25 द्वारा धर्मांतरण को वैध बनाया।*🔥
*2)- कांग्रेस की सरकार ने अनुच्छेद 28 के माध्यम से हिंदुओं से धार्मिक शिक्षा छीन ली लेकिन अनुच्छेद 30 के माध्यम से मुस्लिमों और ईसाइयों को धार्मिक शिक्षा की अनुमति दी।*🔥
*3)- कांग्रेस की सरकार ने हिन्दू कोड बिल के तहत तलाक कानून, दहेज कानून द्वारा हिन्दू परिवारों को नष्ट कर दिया लेकिन मुस्लिम पर्सनल लॉ को नहीं छुआ। मुसलमानों को बहुविवाह की अनुमति दी ताकि वे अपनी जनसंख्या बढ़ाते रहें। कांग्रेस सरकार ने 1954 में विशेष विवाह अधिनियम बनाया ताकि मुस्लिम लड़के आसानी से हिन्दू लड़कियों से शादी कर सकें, ये कांग्रेस का ही बनाया लव जिहाद है।*🔥
*4)- कांग्रेस की सरकार ने 1975 में आपातकाल लगाया,जबरदस्ती धर्मनिरपेक्षता शब्द संविधान में जोड़ा और जबरदस्ती भारत को धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र बना दिया, धर्मनिरपेक्ष देश में सबके लिए समानता और बराबरी का कानून होना चाहिये लेकिन हिन्दू विरोधी कांग्रेस ने भारत के संविधान में हिन्दू विरोधी कानून और भारत देश को इस्लामिक देश बनाने और हिन्दुओं को बांटकर कमजोर करके मार कर खत्म करने हेतु हिन्दू विरोधी कांग्रेस सत्ता से दूर रहकर भी भारत के संविधान के माध्यम से हिन्दुओं को खत्म करने हेतु जिहाद चला रही है।।*🔥
*5)- कांग्रेस की सरकार ने 1991 में अल्पसंख्यक आयोग कानून लेकर आई और घोषणा की कि मुसलमानों और ईसाईयों को अल्पसंख्यक बना दिया, समानता के कानून के तहत और धर्मनिरपेक्ष देश में बहुसंख्यक-अल्पसंख्यक नहीं हो सकता है।*🔥
*6)- हिन्दू विरोधी कांग्रेस यहीं नहीं रुकी और 1995 में उन्होंने मुसलमानों को किसी भी जमीन पर दावा करने, मुस्लिम वक्फ बोर्ड अधिनियम के जरिए किसी भी हिन्दू की जमीनों, हिन्दुओं के मठ और मंदिरों और उसकी जमीनों को खुलेआम छीनने का अधिकार दे दिया और मुसलमानों को भारत देश का दूसरा सबसे बड़ा जमीन मालिक बना दिया।*🔥
*7)- 2007 में हिन्दू विरोधी कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में रामसेतु हलफनामे में भगवान श्री राम के अस्तित्व को झूठ और काल्पनिक बताया। जब देश इस्लामिक आतंकवाद से पीड़ित था उस समय कांग्रेस की सरकार ने उल्टा 2009 में निर्दोष हिन्दुओं को ही भगवान आतंकवादी बनाया और हिन्दू भी आतंकी हैं ये साबित करने हेतु झूठी कहानी गढ़ दिया!*🔥
*8)- कांग्रेस की सरकार ने एचआरसीई अधिनियम 1951 लागू करके सभी मंदिरों और मंदिरों का पैसा हिन्दुओं से छीन लिया। कांग्रेस सरकार ने 1992 में, उन्होंने हिन्दुओं को हिन्दुओं के सभी हड़पे गये मठ व मंदिरों कानूनी तरीके से वापस लेने से रोक दिया और पूजा स्थल अधिनियम द्वारा 40000 मंदिर हिन्दुओं से छीन लिया। कांग्रेस के बनाये कानून से आज हिन्दुओं के पास अपनी धार्मिक शिक्षा नहीं है, कांग्रेस की सरकार हिन्दुओं के अधिकार छीनती रही और हिन्दुओं को पता भी नहीं लगा!*🔥
*9)- से सनातनी हिन्दुओं जागो और सही इतिहास खोजों र झूठे इतिहास का पर्दाफाश करो ! हिन्दुओं सोचो हिन्दुओं के ऊपर अंग्रेजों ने ही खतरनाक घिनौनी साजिश करके झूठा इतिहास गढ़कर फर्जी कश्मीरी विदेशी घुसपैठिया को फर्जी नेहरू बनाकर हिन्दुओं पर थोपा था जो हिन्दुओं के लिये महाघातक सिद्ध हुआ!*🔥
*नोट- इस सन्देश को जरूर बार बार शेयर करें।* 🔥
Tejraftarnews.in: `किन्नर.... जिहाद.....`
हिंदू लड़की.... पैसा 🚨
*जी हाँ.. मध्य प्रदेश में* जिहाद का एक और खौफनाक चेहरा निकलकर सामने आया है...
*जहाँ जिहादियों ने अपनी मदद के लिए* एक जस्सी नाम के किन्नर से पैसे के बदले लड़की की डील की...
*जस्सी अपने जाल में नाबालिक लड़कियों को फंसाती थी* और उन्हें मुस्लिम लड़कों से मिलवाकर उनके साथ संबंध बनवाती थी..
*जिसकी बाकायदा वीडियो बनाई जाती* और फिर वीडियो दिखा ब्लैकमेल कर लड़की का धर्म परिवर्तन करा कर *उसे बाहर भेज दिया जाता...*
*लेकिन MP पुलिस ने* अब धर्मांतरण और रेप का
मास्टरमाइंड भोपाल से गिरफ्तार कर लिया हैं *जस्सी किन्नर* के चंगुल में थीं 3 नाबालिग, अब लव जिहाद गैंग के खुलेंगे राज...
*अशोकनगर पुलिस ने इस साजिश के मुख्य सूत्रधार* 'जस्सी किन्नर' को भोपाल से गिरफ्तार कर लिया है...
मध्यप्रदेश के पिपरई में तीन नाबालिक सहेलियों के *धर्मांतरण और लव जिहाद के मामले में* अशोकनगर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है।
*पुलिस ने सनसनीखेज मामले में पहली गिरफ्तारी करते हुए साजिश की सूत्रधार 'जस्सी किन्नर' को गिरफ्तार किया...*
*इसने ही नाबालिकों को* मुस्लिम लड़कों से मिलवाया और बुर्का पहनाने से लेकर धर्म परिवर्तन भी करवाया।
*कोर्ट ने किन्नर को पुलिस रिमांड पर भेज दिया ⚡*
Tejraftarnews.in: *सुबह की देश राज्यों से बड़ी खबरें*
*22- अप्रैल - बुधवार*
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*US-ईरान संघर्ष: ट्रंप ने बढ़ाया सीजफायर, पर जारी रहेगी नाकाबंदी, अब ईरान के प्रस्ताव का इंतजार*
*1* खड़गे बोले-मोदी आतंकवादी, बाद में कहा- ऐसा नहीं बोला, मेरा मतलब था मोदी लोगों और विपक्षी पार्टियों को डराते-धमकाते हैं
*2* 'यह जुबान का फिसलना नहीं, सोची-समझी साजिश'; PM मोदी को आतंकवादी कहने पर BJP आगबबूला
*3* खरगे ने सारी हदें पार कर दीं', पीएम पर विवादित बयान को लेकर शाह का कांग्रेस अध्यक्ष पर हमला
*4* कांग्रेस का पीएम के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस, आरोप- राष्ट्र के नाम संबोधन में विपक्षी सांसदों के वोट पर सवाल उठाए, कार्रवाई की मांग
*5* तारीख- 22 अप्रैल 2025, जगह- जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में स्थित पर्यटन का केंद्र बायसरन घाटी, समय- दोपहर करीब ढाई बजे। इस दिन, जगह और घड़ी को आज भले ही एक साल पूरा हो गया है, लेकिन यह दिन लोगों के जहन में एक ऐसी बुरी घटना की दुखद याद छोड़ गया, जिसे सोचकर आज भी सिहरन दौड़ जाती है
*6* पहलगाम में बीते साल हुई उस घटना के बाद भारत ने न सिर्फ आतंकियों के पनाहगाह देश- पाकिस्तान पर जबरदस्त पलटवार कर उसके आतंकी ठिकानों को बर्बाद कर दिया, बल्कि पहलगाम में हमलों को अंजाम देने वाले आतंकियों को भी खोजकर मार गिराया। इतना ही नहीं सुरक्षाबलों ने इसके बाद से ही जम्मू-कश्मीर के पर्यटन केंद्रों को सुरक्षा के किलों में तब्दील कर दिया है।
*7* सेना का रिटायर्ड कर्मचारी डिफेंस कैंटीन से लाकर ऊंची कीमत में बेच रहा था शराब, अबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई
*8* MP के पीथमपुर में केमिकल वेस्ट कंपनी में भीषण आग, रेलवे-डिफेंस सप्लायर कंपनियां भी जलीं; धमाकों से दहशत, देर रात तक आग बेकाबू
*9* केरलम में पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट, 13 की मौत, 10 शव बरामद, 3 लोगों के शरीर के हिस्से बिखरे मिले; 40 मजदूर काम कर रहे थे
*10* गुजरात में फूड पॅाइजनिंग से 200 लोग बीमार, 59 को अस्पताल में भर्ती, शादी में आम का जूस पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ी
*11* संयुक्त राष्ट्र का भरोसा: वैश्विक संकट के बावजूद भारत की स्थिति मजबूत, इस साल 6.4 फीसदी रहेगी आर्थिक वृद्धि दर
*12* US में ही औंधे मुंह गिरे ट्रंप! दो तिहाई लोगों को पसंद नहीं स्वभाव-कामकाज; पार्टी भी दो फाड़; सर्वे रिपोर्ट
*13* हारे हुए लोग कैसे युद्ध की शर्तें तय कर सकते हैं; ईरान ने ट्रंप और US का उड़ाया मजाक
*14* IPL- अभिषेक के शतक से हैदराबाद की लगातार तीसरी जीत, दिल्ली को 47 रन से हराया; ईशान मलिंगा ने 4 विकेट झटके
*15* आज का मौसम, 22 अप्रैल: भीषण गर्मी और लू के बीच होगी बारिश, IMD का कई राज्यों में अलर्ट।
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Tejraftarnews.in: जिहाद का सॉफ्टवेयर _जिहाद never sleeps_
मुस्लिम जिहादी बड़ी-बड़ी कंपनियों में नौकरी के लिए नहीं आया, मुस्लिम जिहादी बड़ी- बड़ी कंपनियों में पैसा कमाने के लिए नहीं आया, यह पैसा तो बोनस है उस जिहादी के लिए! मुस्लिम जिहादी जकात कमेटी की नौकरी करने के लिए आया है, जकात क्या है आप गूगल पर सर्च कर लीजिए। देखे इस वीडियो को आपके होश उड़ जाएंगे
अब्दुल आपकी कंपनी में नौकरी करने के लिए नहीं आया, अब्दुल के मक़सद कुछ और है, जिहाद हर मुसलमान का उत्तर दायित्व है, यदि वह जिहादी अत्याचारों से गैर मुसलमानों का उत्पीड़न नहीं करेगा तो उसे इस्लाम से बहिष्कृत कर दिया जाता है ___ऐसे वीडियो संदेशों को भी Fwd करके हिन्दुओं को जिहादी तत्वों की दरिंदगी को समझाए और जागरुक करें जिससे वह सुरक्षित रहने के लिए सतर्क रहते हुए आक्रमक बने __
Tejraftarnews.in: 🚩‼️ओ३म्‼️🚩
🕉️🙏नमस्ते जी
दिनांक - २२ अप्रैल २०२६ ईस्वी
दिन - - बुधवार
🌒 तिथि षष्ठी ( २२:४९ तक तत्पश्चात सप्तमी )
🪐 नक्षत्र - आर्द्रा ( २२:१३ तक तत्पश्चात पुनर्वसु )
पक्ष - - शुक्ल
मास - - वैशाख
ऋतु - - बसंत
सूर्य - - उत्तरायण )
🌞 सूर्योदय - - प्रातः ५:४९ पर दिल्ली में
🌞 सूर्यास्त - - सायं १८:५१ पर
🌒 चन्द्रोदय -- ९:५९ पर
🌒 चन्द्रास्त - - २४:२५ पर
सृष्टि संवत् - - १,९६,०८,५३,१२७
कलयुगाब्द - - ५१२७
विक्रम संवत् - -२०८३
शक संवत् - - १९४८
दयानंदाब्द - २०२
🍀🍁🍀🍁🍀🍁🍀🍀
🕉️‼️ओ३म्‼️🚩
🔥वैदिक रीति से दाह-संस्कार करें ।
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मानव शरीर जीवन का आरम्भ गर्भाधान_संस्कार से होता है | सनातन वैदिक धर्म में गर्भाधान से लेकर अंत्येष्टि संस्कार तक सोलह संस्कार हैं... गर्भाधान संस्कार जो एक नितांत ही निजी गोपनीय संस्कार होता है...लेकिन शरीर का अंत अंत्येष्टि संस्कार से होता है जिसे हम अंतिम क्रिया कर्म कहते हैं,इस कार्य में कोई गोपनीयता नहीं बरती जाती यह एक सार्वजनिक संस्कार होता है इसके पीछे का रहस्य यही है कि काम क्रोध वासना में डूबे व्यक्ति मानक देह की नश्वरता का आत्मा अनुभूत प्रत्यक्ष कर सकें | इसी को नरमेध_यज्ञ कहा जाता है| अंतिम संस्कार को यज्ञ माना गया है तो अंतिम संस्कार में शामिल मनुष्य को इसका पुण्य भी मिलना चाहिए लेकिन वह तब ही मिलेगा जब हम वैदिक रीति से मृत शरीर का दाह संस्कार करेंगे लेकिन आज हम देखते हैं बहुसंख्यक हिंदुओं में वैदिक_रीति से दाह संस्कार नहीं होता| शव को जल्दी-जल्दी में ठिकाने लगा दिया जाता है शव को जलाना ही संस्कार मान लिया है बहुत कम घी , सामग्री उपयोग किया जाता है जिससे मृतक शरीर के अवशेष कीटाणु वातावरण में फैल जाते है पूर्णतया नष्ट नहीं हो पाते पर्यावरण का प्रदूषण होता है पुण्य के स्थान पर हम जाने अनजाने में पाप के भागी बन रहते हैं।
आलस्य ,अज्ञान के कारण आज हम सनातन वैदिक पद्धति से मानव शव का दाह संस्कार नहीं कर रहे हैं जिस पद्धति से हमारे पूर्वज करते थे | हमारे ऐतिहासिक ग्रंथ रामायण महाभारत में भी विधिवत अंत्येष्टि कर्म का ही वर्णन मिलता है |आइए हम आपको वैदिक अंत्येष्टि कर्म पद्धति से अवगत कराते हैं सबसे प्रथम श्मशान भूमि में को खोदकर #वेदी निर्मित की जाती थी | इसका औसत आकार आयताकार ७×४ होता था| मृतक के शरीर की मोटाई से उसकी गहराई निर्धारित की जाती थी सर की तरफ ऊंची पैरों की तरफ ढलान लिए बनाई जाती थी| इसके पश्चात गाय के गोबर से उसे लीप दिया जाता था| लेकिन आज हम देखते हैं जमीन पर ऊपर रखकर ही दाह संस्कार कराया जा रहा है जो वैज्ञानिक तौर पर उचित नहीं है आवश्यक अधिकतम ११०० डिग्री सेल्सियस तापमान उत्पन्न नहीं हो पाता है | दहन_दक्षता Burning_effecinecy कम होने से कार्बन_डाइऑक्साइड ज्यादा उत्सर्जित होती है फलस्वरूप ज्यादा प्रदूषण होता है हमारे पूर्वजों ने इस तथ्य को अरबो वर्ष पहले भाप लिया था इस कारण वह जमीन के अंदर यज वेदी खोदकर दाह संस्कार करते थे| विश्व_स्वास्थ्य_संगठन की जैव अपशिष्ट निपटारे के संबंध में जो गाइड लाइन है उनका पालन सैकड़ों हजारों वर्षों से कर रहे हैं हमारे पूर्वज लेकिन अब हम नहीं कर रहे हैं हम तब ही कर पाएंगे जब वैदिक रीति से दाह संस्कार दोबारा प्रचारित प्रसारित होंगे| हमारे श्मशान गांव की दक्षिण_दिशा में होते थे इसका कारण यह था कि दक्षिण दिशा से मौसमी हवाएं बहुत कम चलती हैं जिससे कम से कम दुर्गंधी गांव की ओर आएगी|
अब हम संस्कार पक्ष पर आपको बतलाते हैं मृतक के शरीर के वजन के बराबर गाय का घी तथा वजन से दुगनी सामग्री इस्तेमाल की जाती थी| चंदन, बड, आम पलास की लकड़ी इस्तेमाल की जाती थी गोबर के उपले कंडे उपला का प्रयोग वर्जित था | चार मनुष्य चिता के चारों ओर खड़े होकर यजुर्वेद के १२१ मंत्रों से आहुति देते थे तब तक यह कार्यक्रम चलता था जब तक मानव-देह भसम होकर पंचतत्व में विलीन नहीं हो जाती थी | आज हम मानव शरीर को भस्म होने से पूर्व भी श्मशान भूमि को छोड़ देते हैं यह उस मृतक के शव का अपमान तिरस्कार है| इस बात के पीछे एक मनोवैज्ञानिक रहस्य है कि मनुष्य जितना अधिक श्मशान में समय गुजारेगा वैराग्य की भावना इतनी प्रबल होगी उसके विकार उतने ही नष्ट होंगे सो यह फलदायक था|
बहुत से बुद्धिजीवी कहेंगे भाई यदि इस रीति से संस्कार करें तो आज के जमाने में ५०००० से लेकर १००००० रुपए तक खर्च आएगा , धनराशि कौन वहन करेगा? हम पूछते हैं मृतक अपने पीछे करोड़ों लाखों की जायदाद छोड़ जाता है अपने जीवन में वह इस धरती को कितना प्रदूषित करता है मलमूत्र के माध्यम से अपनी कार से लाखों रुपए का पेट्रोल फूक देता है |क्या वह अपने जीते जी दाह संस्कार के संबंध में कुछ रुपयों की व्यवस्था नहीं कर सकता?| जिससे उसका यह मानव चोला सम्मान सहित देवों में विलीन हो जाए जिस के सहयोग से उसने अकूत धन संपदा एकत्रित की है| उसके संबंधियों का भी तो कुछ दायित्व बनता है जो उसकी संपत्ति के उत्तराधिकारी बनते हैं| रही बात गरीब व्यक्ति की तो उसके लिए समाज व्यवस्था सहयोग करें मानव दाह संस्कार यज्ञ में शामिल होने वाले घी सामग्री आदि अपने सामर्थ्य अनुसार दे तभी तो पुण्य मिलेगा|
आज हम दुर्भाग्य से वैदिक विधि से दाह संस्कार पर कम धनराशि खर्च कर रहे हैं इसके पश्चात होने वाले गायत्री, मृतक श्राद्ध, मृतक भोज, अस्थि विसर्जन( मां तुल्य जीवनदायिनी नदियों को प्रदूषित करना) जैसी अवैदिक परंपराओं पर ज्यादा धनराशि खर्च कर रहे हैं व पाखंडी लोगों का शिकार हो रहे हैं |यह सब अवैदिक परंपराएं महाभारत काल के पश्चात चली हैं जिनका कोई वैज्ञानिक ,आध्यात्मिक ठोस आधार नहीं है| रामायण महाभारत आदि ऐतिहासिक धर्म ग्रंथों में मृतक दाह संस्कार के पश्चात हवन अग्निहोत्र दाह संस्कार स्थल के पास ही नदियों में स्नान का उल्लेख तो मिलता है लेकिन मृतक की भस्मी हड्डियां आदि को गंगा आदि नदियों में प्रवाहित करने का कोई उल्लेख नही
ऐसा प्रतीत होता है नदियों में अस्थि प्रवाहित करने की अवैदिक परंपरा महाभारत काल से भी लगभग ३००० वर्ष पश्चात आई... अर्थात जैन , बौद्ध धर्म जैसे संप्रदायों के भारतवर्ष में अस्तित्व में आने के पश्चात|
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🕉️🚩आज का वेद मंत्र 🕉️🚩
🌷ओ३म् स्वस्तिरिद्धि प्रपथे श्रेष्ठा रेक्णस्वत्यभि या वाममेति। सा नो अमा सो अरणे नि पातु स्वावेशा भवतु देवगोपा: (ऋग्वेद १०|६३|१६)
💐अर्थ :- जो पृथ्वी उत्तम गुण वाली, उत्तमोत्तम धन - धान्य से युक्त है, अच्छे मार्ग के लिए कल्याणकारी ही होती है, वही पृथ्वी हमारे लिए, हमारे यज्ञ के लिए, हमारे सुन्दर निवास के लिए, घर में वा वन में रक्षा करें तथा परमात्मा द्वारा रक्षित हमारा सदा कल्याण करती रहें।
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🔥विश्व के एकमात्र वैदिक पञ्चाङ्ग के अनुसार👇
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🙏 🕉🚩आज का संकल्प पाठ 🕉🚩🙏
(सृष्ट्यादिसंवत्-संवत्सर-अयन-ऋतु-मास-तिथि -नक्षत्र-लग्न-मुहूर्त) 🔮🚨💧🚨 🔮
ओ३म् तत्सत् श्री ब्रह्मणो दिवसे द्वितीये प्रहरार्धे श्वेतवाराहकल्पे वैवस्वते मन्वन्तरे अष्टाविंशतितमे कलियुगे
कलिप्रथमचरणे 【एकवृन्द-षण्णवतिकोटि-अष्टलक्ष-त्रिपञ्चाशत्सहस्र- एकशत सप्तविंशति:( १,९६,०८,५३,१२७ ) सृष्ट्यब्दे】【 द्विसहस्रत्र्यशीतितम: ( २०८३) वैक्रमाब्दे 】 【 द्वियधिकद्विशतम् ( २०२) दयानन्दाब्दे, सिद्धार्थ -संवत्सरे, रवि- उत्तरायणे , बंसत -ऋतौ, वैशाख - मासे, शुक्ल - पक्षे , षष्ठम्यां
तिथौ, आर्द्रा नक्षत्रे, बुधवासरे
, शिव -मुहूर्ते, भूर्लोके जम्बूद्वीपे, आर्यावर्तान्तर भगते, भारतवर्षे भरतखंडे...प्रदेशे.... जनपदे...नगरे... गोत्रोत्पन्न....श्रीमान .( पितामह)... (पिता)...पुत्रोऽहम् ( स्वयं का नाम)...अद्य प्रातः कालीन वेलायाम् सुख शांति समृद्धि हितार्थ, आत्मकल्याणार्थ,रोग,शोक,निवारणार्थ च यज्ञ कर्मकरणाय भवन्तम् वृणे
🍁🍀🍁🍀🍁🍀🍁
Tejraftarnews.in: नेस्कोमध्ये घटना घडली…पण त्यानंतर जे घडलं, ते अधिक धक्कादायक होतं.
गोरेगाव नेस्कोमधील म्युझिक कॉन्सर्ट दरम्यान ड्रग्स सेवन केल्यामुळे २ व्यक्तींचा मृत्यू झाला ही
घटना दुर्दैवी आहेच. पण अशा वेळी अपेक्षित असतं ते संवेदनशीलतेचं भान, जबाबदारीची जाणीव आणि परिस्थितीचं गांभीर्य.
पण झाल काय तर.. घटनेला संधी समजून नेते मंडळी कॅमेरा समोर आले.. सरकारवर टीका करायला सुरुवात केली..
त्यांना टीव्हीवर तुम्ही देखील बघितलच असेल
त्यात काँग्रेसच्या वर्षा गायकवाड , उद्धवसेनेचे काही नेते
मीडिया समोर येऊन काहीही बरळू लागले
हे सर्व बोलताना, टीका करताना त्यांनी आपल्या भूतकाळात डोकावून पाहिलं तर बरं झालं असतं,
त्यांच्या सत्ताकाळात राज्यात ड्रग्स माफियांचा मोठा प्रभाव होता हे आपल्याला माहितीच आहे
कोणी सापडले तरी त्यांच्यावर वरवर कारवाई व्हायची
एखादा पेडलर पकडला जायचा, काही दिवसांनी जामिनावर बाहेर यायचा आणि पुन्हा तेच जाळं सुरू व्हायचं.
ड्रग्स नेटवर्कच्या मुळावर घाव घालण्याची इच्छाशक्ती त्यांची नव्हतीच
कदाचित त्यांचे हफ्ते बंद झाले असते
असो...
देवेंद्रजी मुख्यमंत्री झाल्यानंतर त्यांनी सुरुवातीलाच अमली पदार्थांविरोधात Zero Tolerance Policy जाहीर केली.
तरुण पिढी ही आपली खरी संपत्ती आहे, आणि ती नशेमुळे उद्ध्वस्त होत असेल तर ते कदापि स्वीकारार्ह नाही ही स्पष्ट भूमिका त्यांनी घेतली.
यानंतर कारवाईची पद्धतच बदलली..
केवळ पेडलरवर कारवाई करून थांबण्याऐवजी संपूर्ण ड्रग्स नेटवर्क मोडून काढण्यावर भर दिला गेला.
MCOCA अंतर्गत कठोर कारवाईमुळे आरोपींना सहज जामीन मिळणं कठीण झालं.
प्रत्येक पोलीस ठाण्यात Anti-Narcotics Cell स्थापन करून स्थानिक पातळीवर तात्काळ कारवाईची यंत्रणा उभी करण्यात आली.
मुंबईतील वरळी, घाटकोपर, कांदिवली, वांद्रे, धारावी यांसारख्या भागांत मोठ्या प्रमाणावर छापे टाकून कोट्यवधींचे अमली पदार्थ जप्त करण्यात आले.
ड्रग्सच्या बदलत्या स्वरूपाचा विचार करून सायबर मॉनिटरिंगलाही बळकटी देण्यात आली.
सोशल मीडिया आणि डिजिटल प्लॅटफॉर्मवरून होणाऱ्या व्यवहारांवर लक्ष ठेवण्यात येतं
ड्रग्स माफियांच्या आर्थिक मुळावर घाव घालण्यासाठी त्यांच्या मालमत्तांवर जप्तीची कारवाई सुरू झाली. एवढंच नाही, तर या साखळीत सहभागी असलेल्या कुरिअर नेटवर्कलाही जबाबदार धरून त्यांचं संपूर्ण जाळंच तोडलं जात..
याची उदाहरण सांगायचे झाले तर..
नाशिकमधील ललित पाटील प्रकरण
तोच उबाठा गटाचा नाशिक शहर प्रमुख त्याने त्याच्या भावासोबत मिळून कोरोनाकाळात जेव्हा उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री होते तेव्हा ड्रग्स चा कारखानाच सुरू केला. आणि हे कारखाने केवळ नाशिक मध्ये नव्हते तर महाराष्ट्रभर बंद पडलेल्या कारखान्यांची चैन तयार करून सोलापूर ते सांगली, पुणे, विदर्भ, मराठवाडा अश्या प्रत्येक ठिकाणी हे कारखाने सुरू केले गेले होते. पोलिसांना ह्या ललित पाटील वर साधी FIR दाखल करण्यास मनाई होती, का त्याच्यात एवढी हिंमत आली, कशी झाली हे वेगळं सांगण्याची गरज नाही.. देवाभाऊ गृहमंत्री झाल्यावर पोलिसांना फ्रि हॅंड दिला गेला आणि ललित पाटीलचे कच्चे चिठ्ठे समोर आले. त्या २.५ वर्षात जे काही ड्रग्सची निर्मिती झाली किंवा नेटवर्क तयार केलं गेलं ते आजवर तोडायचे काम पोलिस करत आहेत. देवाभाऊ विधानसभेत बोलले होते ते किती दुरदर्शी होते हे आज लक्षात येतय.. देवाभाऊ बोलले होते.. आज सरकारी अधिकाऱ्यांमध्ये भिती नाही, बदल्यांसाठी भरमसाठ बोल्या लागताय आज नाही तर उद्या उध्दव ठाकरेंचे सरकार जाईल पण ही व्यवस्था पुन्हा शिस्तीत आणायला अनेक वर्ष जातील. उध्दव ठाकरेंच्या काळात ललित पाटील ला ड्रग्स कारखाने उभारण्यासाठी मिळालेले मोकळे रान आजही अनेकांची युवकांची घरे उधवस्त होत आहे.
नवीन पिचकर प्रकरण आठवत असेल हा तोच जो ऑस्ट्रेलियात पळून गेला होता तिथून तो त्याचे नेटवर्क चालवण्याचा प्रयत्न करत होता पण त्याला महाराष्ट्र पोलिसांनी ऑस्ट्रेलियात जावून पकडून आणले.
त्याला मदत करणाऱ्या अधिकाऱ्याची जेलवारी करण्यात आली ,२ पोलिसांना बडतर्फ केले..
देवाभाऊंच्या कचाट्यातून कोणाचीही सुटका नाही हे यातून स्पष्ट संदेश मिळाला...
राहिलं नेस्को प्रकरणाचे तर आता पर्यंत ६ आरोपींना ताब्यात घेतलं आहे पोलीस पुढचा तपस करत आहेत यातही कोणाला सोडलं जाणार नाही.
आज हा ड्रग्सचा मुद्दा मोठा वाटतोय, पण तो अचानक निर्माण झालेला नाहीये.. तो काँग्रेस आणि त्यानंतर उद्धव ठाकरेंच्या निष्क्रियतेचा परिणाम आहे
आणि तेच आज देवेंद्रजी उध्वस्त करत आहेत..
यात नागरिकांनाही सहभागी करून घेण्यात आलं..
1933 ही हेल्पलाइन सुरू करून सामान्य लोकांनाही माहिती देण्यासाठी प्रोत्साहित केलं जात आहे.
शाळा, महाविद्यालये आणि सामाजिक कार्यक्रमांमधून जनजागृती केली जात आहे, जेणेकरून तरुण पिढी या विळख्यात अडकणार नाही.
Anti-Drug Task Force स्थापन करून या कारवाईला अधिक वेग आणि प्रभाव दिला गेला आहे.
त्यामुळे अशा परिस्थितीत, टीका करणाऱ्यांनी आत्मपरीक्षण केलं तर उत्तम राहील
कारण एक गोष्ट तर स्पष्ट आहे,
महाराष्ट्र ड्रग्समुक्त केल्याशिवाय
देवाभाऊंचा बुलडोझर तर थांबणार नाही
#DevendraFadnavis #ShivsenaUBT #NescoDrugsParty #MaharashtraPolitics
Tejraftarnews.in: जर्मनी के ड्युसबर्ग (मोर्स शहर) स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा में 19-20 अप्रैल 2026 के सप्ताहांत में हुई हिंसक झड़प के दृश्य वास्तव में बेहद चौंकाने वाले हैं।
इस घटना से जुड़ी मुख्य बातें, जो सामने आई हैं:
हिंसा का कारण: प्राथमिक रिपोर्टों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह झड़प गुरुद्वारे के प्रबंधन (management) और गोलाक (दान पेटी/Guru's fund) पर नियंत्रण को लेकर दो गुटों के बीच हुए विवाद के कारण शुरू हुई।
प्रशासन पर कब्जे का प्रयास: आरोप है कि हालिया चुनाव हारने वाली पिछली प्रबंधन समिति ने जबरदस्ती गुरुद्वारे के प्रशासन पर फिर से कब्जा करने की कोशिश की, जिससे मौजूदा समिति के साथ हाथापाई हुई।
हथियारों का इस्तेमाल: वायरल वीडियो में दिख रहा है कि लोग कृपाण और चाकू लिए हुए हैं और एक-दूसरे पर हमला कर रहे हैं। रिपोर्टों में पेपर स्प्रे का इस्तेमाल और एक बंदूक (संभवतः खाली कारतूस वाली) चलने का भी दावा किया गया है।
11 लोग घायल: इस खूनी संघर्ष में कम से कम 11 लोग घायल हुए, जिन्हें सिर और शरीर पर चोटें आईं।
पुलिस कार्रवाई: भारी पुलिस बल, जिसमें स्पेशल टास्क फोर्स (SEK) और हेलीकॉप्टर शामिल थे, को मौके पर बुलाना पड़ा। पुल
Tejraftarnews.in: *सुबह की देश राज्यों से बड़ी खबरें..*
*22 - अप्रैल - बुधवार*
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*US-ईरान संघर्ष: ट्रंप ने बढ़ाया सीजफायर, पर जारी रहेगी नाकाबंदी, अब ईरान के प्रस्ताव का इंतजार*
*1* खड़गे बोले-मोदी आतंकवादी, बाद में कहा- ऐसा नहीं बोला, मेरा मतलब था मोदी लोगों और विपक्षी पार्टियों को डराते-धमकाते हैं
*2* 'यह जुबान का फिसलना नहीं, सोची-समझी साजिश'; PM मोदी को आतंकवादी कहने पर BJP आगबबूला
*3* खरगे ने सारी हदें पार कर दीं', पीएम पर विवादित बयान को लेकर शाह का कांग्रेस अध्यक्ष पर हमला
*4* कांग्रेस का पीएम के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस, आरोप- राष्ट्र के नाम संबोधन में विपक्षी सांसदों के वोट पर सवाल उठाए, कार्रवाई की मांग
*5* तारीख- 22 अप्रैल 2025, जगह- जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में स्थित पर्यटन का केंद्र बायसरन घाटी, समय- दोपहर करीब ढाई बजे। इस दिन, जगह और घड़ी को आज भले ही एक साल पूरा हो गया है, लेकिन यह दिन लोगों के जहन में एक ऐसी बुरी घटना की दुखद याद छोड़ गया, जिसे सोचकर आज भी सिहरन दौड़ जाती है
*6* पहलगाम में बीते साल हुई उस घटना के बाद भारत ने न सिर्फ आतंकियों के पनाहगाह देश- पाकिस्तान पर जबरदस्त पलटवार कर उसके आतंकी ठिकानों को बर्बाद कर दिया, बल्कि पहलगाम में हमलों को अंजाम देने वाले आतंकियों को भी खोजकर मार गिराया। इतना ही नहीं सुरक्षाबलों ने इसके बाद से ही जम्मू-कश्मीर के पर्यटन केंद्रों को सुरक्षा के किलों में तब्दील कर दिया है।
*7* सेना का रिटायर्ड कर्मचारी डिफेंस कैंटीन से लाकर ऊंची कीमत में बेच रहा था शराब, अबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई
*8* MP के पीथमपुर में केमिकल वेस्ट कंपनी में भीषण आग, रेलवे-डिफेंस सप्लायर कंपनियां भी जलीं; धमाकों से दहशत, देर रात तक आग बेकाबू
*9* केरलम में पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट, 13 की मौत, 10 शव बरामद, 3 लोगों के शरीर के हिस्से बिखरे मिले; 40 मजदूर काम कर रहे थे।
*10* गुजरात में फूड पॅाइजनिंग से 200 लोग बीमार, 59 को अस्पताल में भर्ती, शादी में आम का जूस पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ी
*11* संयुक्त राष्ट्र का भरोसा: वैश्विक संकट के बावजूद भारत की स्थिति मजबूत, इस साल 6.4 फीसदी रहेगी आर्थिक वृद्धि दर
*12* US में ही औंधे मुंह गिरे ट्रंप! दो तिहाई लोगों को पसंद नहीं स्वभाव-कामकाज; पार्टी भी दो फाड़; सर्वे रिपोर्ट
*13* हारे हुए लोग कैसे युद्ध की शर्तें तय कर सकते हैं; ईरान ने ट्रंप और US का उड़ाया मजाक
*14* IPL- अभिषेक के शतक से हैदराबाद की लगातार तीसरी जीत, दिल्ली को 47 रन से हराया; ईशान मलिंगा ने 4 विकेट झटके
*15* आज का मौसम, 22 अप्रैल: भीषण गर्मी और लू के बीच होगी बारिश, IMD का कई राज्यों में अलर्ट
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Tejraftarnews.in: *22 अप्रैल 2025 1:55 दोपहर के पुलगामा अटैक हुआ था। इन मुसलमान जिहादियों*
*लोगों का धर्म पूछकर कि हिंदू है*
*इन मुसलमान जिहादियों ने हिंदुओं का पेंट उतार कर देखा काटा हुआ* *मुसलमान है कि पूरा हिंदू*
*हिंदुओं उनको नग्न अवस्था में पुलवामा कश्मीर की जमीन पर नाक रगड़वाई*
*और कहाँ के मुसलमान का कलमा पढ़ो 28 हिंदू आदमियों को गोली मार दी जैसे कश्मीरी पंडितों को मारा था।*
Tejraftarnews.in: 🔥
मशहूर IT कम्पनी "#Mphasis" के सीनियर क्वालिटी अश्योरेंस इंजीनियर ज़ुबैर हंगरगेकर को महाराष्ट्र ATS ने अल-कायदा से जुड़े होने और आतंकी हमलों की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है
ऐसे में क्या देश अब कभी भी ऐसे उच्च शिक्षित, और प्रतिष्ठित कंपनियों तथा उच्च सरकारी पदों पर काम करने वाले #मुसलमानों पर भरोसा कर पायेगा
ज़ुबैर सोलापुर में एक समृद्ध परिवार में पैदा हुआ, जहाँ उसे जीवन की हर सुविधा और बेहतरीन शिक्षा मिली। अपने स्कूल और कॉलेज जीवन में लगातार टॉप किया, बीटेक की डिग्री हासिल की और आईटी क्षेत्र में वरिष्ठ गुणवत्ता आश्वासन इंजीनियर के रूप में पुणे में काम किया।ज़ुबैर की एक ही पत्नी और दो बच्चे हैं, जो उनके पुणे के आवास पर रहते हैं।
उसके #लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, उसने 15 से अधिक वर्षों तक ETL, BI टेस्टिंग और पायथन आधारित ऑटोमेशन में योगदान दिया।
गत 7 अक्टूबर को पुणे में महाराष्ट्र ATS ने कई स्थानों पर छापे मारे, जिसमें कोंढवा, खड़क, वानवड़ी, खडकी और भोसरी जैसे इलाके शामिल थे। इस दौरान 19 लैपटॉप और 40 मोबाइल फोन मुख्य रूप से "ज़ुबैर हंगरगेकर" और अन्य 18 संदिग्धों के घरों और कार्यस्थलों से बरामद किए गए थे।
लगभग तीन सप्ताह की निगरानी और #फॉरेंसिक जांच के बाद, 27 अक्टूबर को, पुणे के कोंढवा इलाके से ज़ुबैर को गिरफ्तार किया गया। उन पर अल-कायदा से संबंध रखने और नवयुवकों को आतंकी विचारधारा के लिए रैडिकलाइज करने का आरोप हैं।
उसके आवास पर छापे के दौरान #आतंकवादी प्रचार सामग्री, डिजिटल लिटरेचर और रैडिकलाइजेशन उद्देश्यों के लिए उपयोग किए जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए। उसे अनधिकृत गतिविधि अधिनियम (UAPA) के तहत गिरफ्तार किया गया और 4 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
#ATS के अनुसार, ज़ुबैर महाराष्ट्र के कई शहरों में आतंकी हमलों की योजना बना रहा था। छापे से पहले और बाद में कई अन्य संदिग्धों को भी रेलवे स्टेशनों पर रोका गया, जिनमें पुणे रेलवे स्टेशन से चेन्नई एक्सप्रेस में चार लोगों को गिरफ्तार करना शामिल है।
—एक ओर बहुराष्ट्रीय कंपनी का एक सफल पेशेवर और परिवारिक व्यक्ति, तो दूसरी ओर एक आतंकी नेटवर्क के संचालक के रूप में
ज़ुबैर हंगरगेकर का मामला भारतीय समाज के लिए एक चेतावनी है आतंकवाद जो राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
✍️✍️Manoj Kumar
Tejraftarnews.in: राहुल गांधी 26 साल से
कथित रूप से ब्रिटिश
नागरिक होकर संसद में बैठा है -
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने
उसे स्थायी रूप से बैठने
का प्रबंध कर दिया -
कितने वर्षों से राहुल गांधी की ब्रिटिश नागरिकता का मामला लटका हुआ है और हद तो तब हो गई थी जब मार्च में लखनऊ के MP/MLA कोर्ट ने 27 घंटे की सुनवाई के बाद विग्नेश शिशिर की याचिका यह कह कर खारिज कर दी कि वह उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं है - क्या मज़ाक बना दिया था कानून का - जब अधिकार क्षेत्र में नहीं था तो 27 घंटे सुनवाई क्यों की -
कल इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी कहा है कि ट्रायल कोर्ट को देखना चाहिए था कि आरोपों से प्रथम दृष्टया अपराध बनता है या नहीं लेकिन ऐसा नहीं किया गया - फिर ऐसे जज पर क्या कार्रवाई नहीं की जानी जाए ? इतना गंभीर मामला और इस तरह लापरवाही से उड़ा दिया -क्या कोई सांठगांठ थी राहुल गांधी के साथ ?
अब याचिकाकर्ता शिशिर ने ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट में अपील की और हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय से संबंधित दस्तावेज़ जमा करने को कहा - गृह मंत्रालय ने सारे दस्तावेज़ 6 अप्रैल, को कोर्ट में पेश किए लेकिन उसके पहले ही साफ़ कर दिया कि वे गोपनीय दस्तावेज़ हैं और बंद कमरे में दिए जाएंगे -
कल हाई कोर्ट के जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने राहुल गांधी के खिलाफ कथित ब्रिटिश नागरिकता छिपाने के मामले में केस दर्ज करने के आदेश दिए - कोर्ट ने कहा - प्रथमद्रष्टया यह एक संज्ञेय अपराध (Cognizable Offence) बनता है, इसलिए जांच जरूरी है और केस दर्ज होने के बाद राज्य सरकार चाहे तो केंद्रीय जांच एजेंसी को जांच सौंप सकती है -
हाई कोर्ट के फैसले से राहुल गांधी का अभी कई वर्षों तक सांसद बने रहना तय हो गया (अगर चुनाव हार न जाए) - केंद्र सरकार ने जब सारे दस्तावेज़ आपके सामने रख दिए और उन्हें देख ही तो कोर्ट को लगा होगा कि राहुल गांधी की नागरिकता तो ब्रिटिश है और तब ही तो कहा कि यह प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध है - मतलब सरकार के गोपनीय दस्तावेज़ों में राहुल के ब्रिटिश नागरिक होने के सबूत रहे होंगे - तो फिर हाई कोर्ट को स्वयं ही उसे ब्रिटिश नागरिक घोषित कर देना चाहिए था लेकिन आदेश दिए जांच के -
CBI जांच में क्या होगा - वही होगा जो अन्य मामलों में हो रहा है - 8 - 8 या 10 -10 साल से हो रहा है;
-CBI समन करेगी, जाएगा नहीं या कोर्ट में चुनौती देगा, लोअर कोर्ट, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक;
-अगर जांच पूरी भी हो गई तो चार्जशीट दायर होगी - उसे रद्द कराने के लिए फिर सभी कोर्ट्स में जाएगा;
-ट्रायल कोर्ट ने अगर समन जारी कर दिए तो उन्हें भी चुनौती देगा हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जहाँ 3 - 4 साल निकल जाएंगे - याद होगा सेना के अपमान के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के समन पर स्टे लगाया हुआ है और अभी 5 महीने की तारीख तय की हुई है 22 अप्रैल लेकिन उस दिन भी सुनवाई नहीं होगी क्योंकि बेंच के एक जज शबरीमला की सुनवाई में बैठे हैं जिसकी अंतिम सुनवाई 22 अप्रैल को होनी हैं;
-अगर अंत में सजा भी हो गई तो हाई कोर्ट से स्टे कराने के लिए अपील करेगा - वहां से बात नहीं बनी तो सुप्रीम कोर्ट तो है ही, जहाँ कोई गवई जैसा कांग्रेस परिवार के प्रति समर्पित जज सजा पर रोक लगा देगा और शायद रंजन गोगोई की तरह कह दे कि अगर ब्रिटिश कंपनी की फाइल में लिखा है तो साबित नहीं होता वो ब्रिटिश नागरिक है -
कहने का तात्पर्य यह है सरकार के दस्तावेज़ों के आधार पर ही हाई कोर्ट को राहुल गांधी की ब्रिटिश नागरिकता पर निर्णय दे देना चाहिए था क्योंकि सारे तथ्य सरकार ने कोर्ट के सामने रख दिए थे - अब CBI जांच को बीच में डाल कर केस को लंबा खींच दिया जिससे राहुल गांधी मौज लेता रहेगा -
(सुभाष चन्द्र)
“मैं वंशज श्री राम का)
18/04/2026
@followers
Tejraftarnews.in: आप जिस महिला को इस चित्र में देख रहे हैं उनका नाम आफरीन अली है। विवाह पूर्व इनका नाम अपरूपा पोद्दार था और इनका जन्म एक हिन्दू SC परिवार में हुआ था। पर 2007 में रिशड़ा से TMC councillor मोहम्मद शाकिर अली से विवाह के बाद इन्होंने अपना धर्म परिवर्तन कर इस्लाम अपना लिया और अपना नाम भी बदल कर आफरीन अली कर लिया था (IANS की रिपोर्ट में यह बात प्रकाशित हुई थी और यह रिपोर्ट अभी भी ऑनलाइन उपलब्ध है)। पर 2014 के लोकसभा चुनावों में ममता बनर्जी ने इन्हें आरामबाग (SC) सीट से तृणमूल कांग्रेस का प्रत्याशी बना दिया। अपरूपा पोद्दार ने चुनाव में दोनों नामों का प्रयोग किया - Aparoopa Poddar aka Afrin Ali. लक्ष्य था सीट के 30% SC वोट और 17% मुस्लिम वोटों को साधना। अपरूपा पोद्दार 54.94% वोटों के साथ इस क्षेत्र से लोकसभा सांसद निर्वाचित हुईं।
उस समय यह एक बड़े विवाद का विषय बन गया और सी.पी.एम. सहित विपक्षी दलों ने इसके खिलाफ शिकायत भी दर्ज करवाई, क्योंकि संविधान के अनुसार अनुसूचित जाति से आने वाला कोई भी व्यक्ति यदि इस्लाम या क्रिश्चियनिटी अपना लेता है तो उसे SC नहीं माना जायेगा और जो सुविधायें SC जातियों के लोगों को मिलती हैं, वो सुविधायें उसे मिलनी बंद हो जायेंगी। तब अपरूपा पोद्दार इस बात से साफ मुकर गईं कि उन्होंने विवाह के बाद इस्लाम अपना लिया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने सिर्फ अपना नाम बदल कर आफरीन अली किया है, धर्म नहीं बदला। है न कमाल की बात! कभी सुना है आपने ऐसा कि शादी के बाद किसी महिला ने धर्म परिवर्तित नहीं किया पर नाम मुसलमानों वाला रख लिया? इस तरह की धांधली सिर्फ ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ही कर सकती है।
आज यह बात मैंने यह बताने के लिए रखी कि किस तरह इस्लाम और क्रिश्चियनिटी को अपना चुके लोग हिन्दू SC समुदाय के लोगों का हक़ मार रहे हैं।
बहरहाल, 2019 में आफरीन अली उर्फ अपरूपा पोद्दार को ममता बनर्जी ने फिर से आरामबाग से टिकट दिया और आफरीन अली जीतीं, पर इस बार उनका वोट शेयर 54.94% से घट कर रह गया 44.14% और वो बड़ी मुश्किल से बीजेपी प्रार्थी तपन राय से 0.08% मतों के अंतर से जीतीं। इसकी वजह से 2024 में ममता बनर्जी को इन पर विश्वास नहीं रहा और उन्होंने यहाँ से मिताली बाग को टिकट दे दिया। यह अलग बात है कि मिताली भी बीजेपी प्रत्याशी से मात्र 0.41% वोटों के अंतर से जीतीं।
Tejraftarnews.in: *पश्चिम बंगाल की प्रयोगशाला: तुष्टीकरण की राजनीति से धार्मिक ध्रुवीकरण का उदय*
पश्चिम बंगाल का राजनीतिक परिदृश्य इस समय एक "स्टिकी विकेट" पर है। जहाँ मुख्यधारा का मीडिया इसे तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच की सीधी लड़ाई के रूप में देख रहा है, वहीं सतह के नीचे एक बड़ा बदलाव हो रहा है। ममता बनर्जी के सामने इस वक्त सबसे बड़ा संकट भाजपा से नहीं, बल्कि उनके अपने सबसे मजबूत 'मुस्लिम वोट बैंक' में लग रही सेंध से है।
यह समझने के लिए कि टीएमसी इस संकट का सामना क्यों कर रही है, हमें बंगाल के तुष्टीकरण के इतिहास को समझना होगा।
*कांग्रेस का दौर: तुष्टीकरण की नींव*
1951 में पश्चिम बंगाल में मुस्लिम आबादी *19.4%* थी। उस समय कांग्रेस ने इस वोट बैंक को साधने के लिए "सिम्पेथी" और विशेष दर्जे का सहारा लिया।
- *कानूनी भेदभाव:* जहाँ एक तरफ हिंदू विवाह कानूनों को संहिताबद्ध (Codify) और आधुनिक बनाया गया, वहीं इस्लामिक कानूनों को जानबूझकर नहीं छुआ गया ताकि एक अलग पहचान बनी रहे।
- *वक्फ का राजनीतिकरण:* वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को राजनीतिक संरक्षण का जरिया बनाया गया, जिससे धार्मिक संस्थानों पर पार्टी की पकड़ बनी रहे।
- *अनुच्छेद 44 की अनदेखी:* संविधान में समान नागरिक संहिता (UCC) के निर्देश के बावजूद, कांग्रेस ने इसे ठंडे बस्ते में रखा और मदरसों की फंडिंग व इमामों के भत्ते जैसी योजनाओं को प्राथमिकता दी।
*वामपंथी शासन: आर्थिक पहचान के पीछे का एजेंडा*
1970 के दशक में जब वामपंथियों (CPI-M) का उदय हुआ, तो उन्होंने खुद को नास्तिक बताया, लेकिन उनका निशाना केवल सनातन धर्म था।
तौसीफ अहमद मलिक की किताब, *'Electoral Preferences of Muslims in West Bengal'* के अनुसार, वामपंथियों ने *भूमि सुधारों* के जरिए ग्रामीण मुसलमानों को जमीन देकर एक स्थायी वोट बैंक तैयार किया। इसके साथ ही, 1989 में एक सर्कुलर के जरिए पाठ्यपुस्तकों से मुस्लिम आक्रमणकारियों द्वारा मंदिरों को तोड़े जाने जैसे ऐतिहासिक तथ्यों को हटाने का निर्देश दिया गया, ताकि अल्पसंख्यक भावनाओं को ठेस न पहुंचे।
*तृणमूल कांग्रेस: तुष्टीकरण का नया स्तर*
इस्लामिक इतिहास में मास्टर डिग्री रखने वाली ममता बनर्जी ने इस राजनीति को एक नए स्तर पर पहुँचाया:
1.*OBC आरक्षण:* 34 मुस्लिम समुदायों को ओबीसी श्रेणी में डालने की कोशिश की गई (जिसे 2024 में कोलकाता हाई कोर्ट ने असंवैधानिक घोषित कर दिया)।
2.*भाषाई कार्ड:* जिन जिलों में 10% से अधिक उर्दू भाषी थे, वहाँ उर्दू को दूसरी आधिकारिक भाषा घोषित किया गया।
3.*इमाम भत्ता:* मौलानाओं और मुअज्जिनों के मासिक भत्ते में लगातार वृद्धि की गई।
आज बंगाल में मुस्लिम आबादी **30-33%** के करीब होने का अनुमान है। इस बड़ी आबादी को अब लगने लगा है कि उन्हें 'सेकुलर' पार्टियों के संरक्षण के बजाय अपनी खुद की राजनीतिक पहचान की जरूरत है।
*धार्मिक पार्टियों का उदय: नए प्रतिद्वंद्वी*
ममता बनर्जी के एकाधिकार को अब 'पॉलिटिकल इस्लाम' की नई पार्टियां चुनौती दे रही हैं, जो करीब 50 से 60 सीटों का समीकरण बिगाड़ सकती हैं:
- *इंडियन सेकुलर फ्रंट (ISF):* अब्बास सिद्दीकी द्वारा स्थापित इस पार्टी ने भंगर सीट जीतकर अपनी ताकत दिखा दी है। सिद्दीकी अपने कट्टरपंथी बयानों के लिए चर्चा में रहे हैं।
- *आम जनता उन्नयन पार्टी:* पूर्व टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर की यह पार्टी बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण जैसे मुद्दों पर चुनाव लड़ रही है।
- *AIMIM:* ओवैसी की पार्टी अब बंगाल के मुसलमानों को यह समझा रही है कि वे केवल भाजपा का डर दिखाकर टीएमसी के बंधुआ मजदूर न बनें।
*निष्कर्ष: क्षेत्रीय से धार्मिक राजनीति की ओर*
पश्चिम बंगाल इस समय एक 'पॉलिटिकल लेबोरेटरी' बन चुका है। यदि यहाँ 'क्षेत्रीय/सेकुलर' पार्टियों को हटाकर 'धार्मिक' पार्टियों का प्रयोग सफल होता है, तो इसका अगला चरण उत्तर प्रदेश, पंजाब (ईसाई पार्टियों के रूप में) और दक्षिण भारत में देखने को मिलेगा।
भारत अब क्षेत्रीय पहचान की राजनीति से हटकर *धार्मिक पहचान की राजनीति* की ओर बढ़ रहा है। क्षेत्रीय दलों का स्थान अब धार्मिक दल ले रहे हैं, जिसका भारतीय लोकतंत्र पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ना निश्चित है।
Tejraftarnews.in: जिहादी जब फंस जाए तो ....ये प्रेग्नेंट है से लेकर उसकी बीवी तो सुंदर है तक की कहानी.....
जानिए नासिक TCS कांड में जिहादी गैंग के कुकर्मों को धो-पोंछने के लिए क्या तर्क दे रही ‘जमात’, अम्मी-बहन-मौलाना सबको किया एक्टिव ‼️
नासिक TCS कांड में मुस्लिम गैंग को बचाने के लिए नई 'जमात' एक्टिव
नासिक TCS कांड को लेकर पिछले दिनों पूरे देश में हल्ला मचा, लेकिन वामपंथियों की कान में जूं तक नहीं रेंगी ‼️
उन्होंने पहले इस मामले में लंबे समय तक चुप्पी साधे रखी और फिर जब बोले तो सीधा चुस्लिम आरोपितों के बचाव पर उतर आए ‼️
अब स्थिति यह है कि इस मामले को दबाने के लिए एक नई जमात को एक्टिव किया गया है जो इस खबर में नए-नए एंगल लाकर लोगों को भ्रमित कर रही है‼️
कैसे आइए बताते हैं ⁉️
अभी तक मीडिया में आप हिंदू पीड़ितों के साथ हुए अत्याचार की खबरों को पढ़ रहे थे मगर अब इस केस को ऐसा बनाया जा रहा है कि आपके मन में या तो चुस्लिमों आरोपितों की पीड़ित वाली छवि बने या फिर आपको ये लगे कि कहीं हिंदू ही इस मामले को बेवजगह तूल देकर किसी बेचारे को फँसा तो नहीं रहे है ‼️
प्रेग्नेंसी और संवेदना का पुराना खेल: निदा खान और सफूरा जरगर का ‘विक्टिम’ कनेक्शन
नासिक कांड में कथित तौर पर निदा खान को HR हेड कहा जा रहा है, जिसकी भूमिका सबसे संदिग्ध मानी जा रही है‼️
आरोप है कि निदा खान न केवल इस पूरे गिरोह की जानकारी रखती थी, बल्कि जब पीड़ित हिंदू महिलाओं ने उसके पास शिकायतें भेजीं, तो उसने कोई एक्शन लेने के बजाय उन्हें यह कहकर चुप करा दिया कि ‘ऑफिसों में यह सब चलता है ‼️ अब जब पुलिस का शिकंजा कसा, तो निदा खान फरार हो गई और अचानक कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए ‘प्रेग्नेंसी’ का तर्क सामने रख दिया। सोशल मीडिया पर एक विशेष जमात ने तुरंत यह शोर मचाना शुरू कर दिया कि एक ‘गर्भवती महिला’ को पुलिस और मीडिया परेशान कर रहा है‼️
यह ठीक वैसा ही नैरेटिव है जैसा 2020 के दिल्ली हिंदू विरोधी दंगों के समय देखा गया था। उस वक्त मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल सफूरा जरगर ने भी जेल से बचने के लिए अपनी प्रेग्नेंसी का हवाला दिया था। तब भी लिबरल गिरोह ने छाती पीटते हुए सफूरा को ‘बेचारी छात्रा’ और ‘स्कॉलर’ बताया था, जबकि उस पर UAPA जैसी गंभीर धाराओं के तहत सांप्रदायिक हिंसा भड़काने का आरोप था ‼️
निदा खान हो या सफूरा, ये लोग जानते हैं कि भारतीय समाज में प्रेग्नेंसी एक संवेदनशील विषय है, इसलिए वे अपने अपराधों की गंभीरता को कम करने के लिए इसे ढाल की तरह इस्तेमाल करते हैं ‼️
‘मेरी बहू सुंदर है तो बेटा क्यों भटकेगा ⁉️’: आरोपित की अम्मी का इमोशनल ड्रामा
नासिक TCS कांड के मुख्य आरोपित दानिश शेख की गिरफ्तारी के बाद उसकी अम्मी का एक इंटरव्यू वायरल हो रहा है जिसमें वह फूट-फूटकर रोते हुए अपने बेटे को ‘बेगुनाह’ साबित करने पर तूली है। आरोपित की अम्मी ने तर्क दिया कि उनका बेटा बहुत अच्छा इंसान है और उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है‼️
सबसे अजीबोगरीब दलील जो उन्होंने दी, वो यह थी कि ‘मेरी बहू इतनी सुंदर है, मेरा बेटा किसी और के पीछे क्यों जाएगा?’ यह तर्क देकर उन्होंने उन सभी महिलाओं के आरोपों को सिरे से खारिज करने की कोशिश की जिन्होंने दानिश पर गंभीर यौन शोषण और रेप के आरोप लगाए हैं‼️
इस तरह से मुतलमान पूरे परिवार के साथ लव जिहाद के एजेंडे पर काम कर रहा है और मूर्ख हिन्दू जाति के नाम पर लड़ रहा है अरे मूर्खों अगर तुम हिन्दू बने रहे तब तो जाति रहेगी। अब यह मत कहना कि अब तक हिन्दू बने रहे तो आगे भी कोई हमे खत्म नही कर सकता। इसी गलतफहमी में 52 देश भी थे जो आज पूर्णतया इस्लामिक हो चुके हैं ‼️
उन देशों के इतिहास को न देख सको तो भारत के ही राज्य देख लो , कश्मीर हो या कलकत्ता सभी जगह हिन्दू मात्र नाम के बचे हैं‼️
समय रहते चेत जाओ नही तो इतिहास के पन्नो में अपने घमण्ड को समेटे मिलोगे ‼️
Tejraftarnews.in: *हमको अगर भाजपा महीना का पचास हजार रुपया भी देने को कहे फिर भी भाजपा नहीं आनी चाहिए |*
यह शब्द बंगाल के एक मुस्लिम बहुल बस्ती की बुजुर्ग महिला के हैं |
*अब यह शब्द उन हिंदुओं को सुनने चाहिए जो...*
प्याज टमाटर के लिए
भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने की बात कर रहे हैं |
👽
*सबका साथ सबका विकास* कहने वाली भाजपा को भी इससे सीखना चाहिए।
अब भाजपा की नीति भी *जिसका साथ उसका विकास* की होनी चाहिए।
Tejraftarnews.in: *गुजरात के खेड़ा से एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आ रही है*
एक मुस्लिम व्यक्ति परवेज अनवर खान ने एक दलित हिंदू नाबालिक लड़की को अपने प्रेम जाल में फसाया
और उसके साथ उसने संबंध बनाए और संबंध की रिकॉर्डिंग कर ली
अब उस रिकॉर्डिंग पर वह ब्लैकमेल करके अपने रिश्तेदार माहिर पठान फिर फैजान पठान तौफीक पठान साहिल पठान अयान पठान मोईन पठान और और सलमान आरिफ पठान यानी 9 दरिंदों ने 3 साल तक क्लिप को वायरल करने की धमकी देकर उस दलित हिंदू लड़की के साथ बलात्कार करते रहे
जब उस दलित हिंदू लड़की को कुछ प्रॉब्लम हुई और उसके घर वाले एक लेडी डॉक्टर के पास ले गए तब जांच में लेडी डॉक्टर को कुछ शक हुआ उसके बाद जब उस लड़की से पूछताछ की गई तब वह रोने लगी और पूरी घटना बताई
इसमें अभी तक सात आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं
परवेज अनवर खान (मुख्य आरोपी)
माहिर पठान
फैजान पठान
तौफीक पठान
साहिल पठान (फरार)
अयान पठान
मोइन पठान
मारूफ पठान
सलमान आरिफ खान पठान
सच में अब यह बहुत ज्यादा होता जा रहा है अब सिर्फ सरकारों के भरोसे हमें बैठना होगा या कुछ और करना होगा
Tejraftarnews.in: यूपी के बरेली स्थित नवाबगंज थाने कस्बा चौकी पर तैनात चौकी इंचार्ज सुनील कुमार पर गंभीर आरोप लगे हैं। एक महिला ने एसएसपी के समक्ष पेश होकर शिकायत कर कहा कि दरोगा ने उसके प्रेमी को 1.50 लाख रुपये की रिश्वत लेकर बिना कार्रवाई छोड़ दिया। आरोप है कि दरोगा ने फोन पर उससे अश्लील बातें कीं और कहा कि तुम्हारे जैसी चाहने वाली मिल जाए तो नौकरी छोड़ दूं। एसएसपी अनुराग आर्य ने दरोगा को निलंबित कर मामले में जांच सीओ प्रथम आशुतोष शिवम को दी है।
Tejraftarnews.in: भाई ने बनाए संबंध, बहन ने डाला धर्मांतरण का दबाव ? अब नहीं मिल रहा निदा खान का ठिकाना!
TCS नासिक में जबरन कन्वर्जन और यौन उत्पीड़न का बड़ा मामला सामने आया है।
मुख्य आरोपी निदा खान फरार है और पुलिस ने HR हेड समेत 7 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।
आईटी दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की नासिक ब्रांच में जबरन धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न का एक गंभीर मामला सामने आया है।
इस मामले में मुख्य आरोपी निदा खान कथित तौर पर पिछले एक हफ्ते से पुलिस की गिरफ्त से बाहर है और उसका पति उसकी लोकेशन को लेकर पुलिस को गुमराह कर रहा है।
Tejraftarnews.in: यूपी के कानपुर में पुलिस विभाग से चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। दो से पांच दिनों की छुट्टी लेकर लंबे समय से गैरहाजिर चल रहे पुलिसकर्मियों पर शिकांजा कसा गया है। इसमें 12 ऐसे पुलिसकर्मी हैं जो 152 दिनों से लापता हैं जिन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं, पांच पुलिसकर्मी एक महीने से अनुपस्थित हैं, जिन्हे रडार पर रखा गया है। जल्द ही इन पर कार्रवाई की जाएगी। लंबे समय से गैरहाजिर चल रहे पुलिसकर्मियों को नोटिस भी भेजी गई, लेकिन नोटिस का कोई जवाब नहीं आया। विभाग की तरफ से गैरहाजिर चल रहे पुलिसकर्मियों को एक बार फिर से नोटिस जारी गई है। डीसीपी मुख्यालय दिनेश त्रिपाठी का कहना है कि कई बार पुलिसकर्मी कम दिनों का अवकाश लेकर जाते हैं और इसके बाद बिना बताए अवकाश का समय बढ़ा लेते हैं।
#kanpur #kanpurpolice
[Tejraftarnews.in: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। सरायमीर थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर अभिषेक सिंह को एंटी करप्शन टीम ने 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई शिकायत मिलने के बाद योजनाबद्ध तरीके से की गई।
पीड़ित अवनीश राय, जो बिलरियागंज थाना क्षेत्र के गंगापुर गांव के निवासी हैं, ने आरोप लगाया था कि सब इंस्पेक्टर ने एक मुकदमे से उनका नाम हटाने के एवज में 1 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। लगातार दबाव बनाए जाने के बाद पीड़ित ने एंटी करप्शन यूनिट से संपर्क किया और पूरे मामले की जानकारी दी।
शिकायत के आधार पर टीम ने जाल बिछाया और पीड़ित को केमिकल लगे नोट सौंपे। जैसे ही सब इंस्पेक्टर ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, मौके पर मौजूद टीम ने तुरंत उन्हें पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
Tejraftarnews.in: इंदौर पुलिस की कार्यशैली पर एक बार फिर से सवाल खड़ा हुआ है। लसूड़िया थाने में पदस्थ एक एसआई समेत कुल पांच पुलिसकर्मी एक बिजनेसमैन के घर में चोरों की तरह घुसे थे। घटना का सीसीटीवी वीडियो सामने आया है। व्यापारी का आरोप है कि पुलिसकर्मियों के घर में घुसने के बाद 22 तोला सोना कवर्ड से गायब है। इसके बाद एसआई समेत पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है।
घटना की शुरुआत 1 अप्रैल से हुई थी। आरोप है कि लसूड़िया थाने में पदस्थ एसआई संजय विश्नोई के साथ रणवीर कुशवाह, प्रणीत भदौरिया, दिनेश गुर्जर और दीपेंद्र मिश्रा ने मिलकर इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। कारोबारी गौरव जैन का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट भी की और उन्हें अवैध रूप से हिरासत में लेकर ग्वालियर तक ले गए। वहां एक निजी गेस्ट हाउस में उन्हें रिटायर्ड एसीपी से जुड़े लोगों के हवाले कर दिया, जहां उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। इतना ही नहीं पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि एक पुलिसकर्मी ने उनसे जबरन पैसे भी वसूले। गौरव के अनुसार कुल 27 हजार रुपये उनसे लिए गए जिसमें 10 हजार रुपये होटल में क्यूआर कोड के माध्यम से जमा करवाए गए जबकि 17 हजार रुपये उनके बेटे के खाते में ट्रांसफर करवाए गए।
व्यवसायी का कहना है कि वह पिछले करीब एक साल से इस मामले की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों से कर रहे थे लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार 16 अप्रैल को उन्होंने पूरे मामले से जुड़ी रिकॉर्डिंग और सबूतों के साथ पुलिस कमिश्नर और डीसीपी को शिकायत सौंपी जिसके बाद मामला गंभीरता से लिया गया और जांच शुरू की गई। कारोबारी का एक रिटायर्ड एसीपी के साथ प्रॉपर्टी का विवाद चल रहा है। #MPKiBaat #indore #indorepolice #businessman #GoldMissing #policeenterslikethief #indorenewsupdates #indorenews #MPNews
Tejraftarnews.in: ब्रेकिंग फर्रुखाबाद
फर्रुखाबाद जिला अधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी का तबादला
विशेष सचिव लोक निर्माण विभाग बनाए आशुतोष कुमार द्विवेदी
डॉ अंकुर लाठर बनाई गई जिलाधिकारी फर्रुखाबाद
तेज तर्रार महिला अधिकारी डॉ अंकुर लाठर 2016 बैच की आईएएस अधिकारी हैं
एम्स से एमबीबीएस करने के बाद यूपीएससी की तैयारी की,77वीं रैंक लाकर आईएएस अधिकारी बनी
Tejraftarnews.in: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का ये फैसला ऐतिहासिक है कि SC and ST (PoA) Act 1989 के अंतर्गत अपराध के लिए valid caste certificate होना चाहिए, केवल oral कथन पर्याप्त नहीं…
क्या केन्द्र सरकार इस फ़ैसले को पूरे देश में लागू करवा सकती है!??
शायद वोटबैंक की राजनीति पर इस फ़ैसले से नकारात्मक असर पड़ेगा इसलिए केन्द्र सरकार इस फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज तो करा सकती है मगर देश में लागू करने के लिए .01 % भी इच्छुक नहीं होगी…
Tejraftarnews.in: 'वो फिल्मों में नहीं आएगा', 4500 की नौकरी कर रहा है अक्षय कुमार का बेटा, गांव जाकर सीखता है काम
अक्षय कुमार ने अपने बेटे आरव को लेकर भी खुलासा किया कि उनके बेटे आरव को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं है, वो फैशन में अपना करियर बना रहे हैं. अभिनेता ने बताया-मेरा बेटा भी मेरी तरह फिटनेस फ्रीक है. वो लंबा भी है और बहुत फोक्सड है. उसे पता है लाइफ में क्या करना है. आरव की फिल्मों में आने की कोई प्लानिंग नहीं है, उसे फैशन में अपना करियर बनाना है. दिलचस्प बात ये है कि वो आज भी 4500 रुपये की नौकरी कर रहा है और गांवों में जाकर फैशन सीख रहा है. मसलन, वो कपड़ों के प्रिंट्स वगैरह सीख रहा है. मैं उसे बहुत ज्यादा उपदेश नहीं देता. बता दें, अक्षय कुमार कुमार के बेटे का जन्म 2002 में हुआ था. उन्हें लाइमलाइट में रहना बिल्कुल पसंद नहीं है. जहां स्टार किड्स आमतौर पर बॉलीवुड में डेब्यू की तैयारी करते हैं, वहीं Aarav Bhatia डिफरेंट पेशे को लेकर फोक्सड हैं, वो फैशन में अपना करियर बनाना चाहते हैं.
#AkshayKumar #AaravKumar #Bollywood #Celebs
Tejraftarnews.in: *ब्रेकिंग न्यूज़*
*लखनऊ में अवैध साम्राज्य पर कब गरजेगा बाबा का बुलडोजर?*
मुस्कुराइए कि आप लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के साथ हैं,लेकिन हुसैनाबाद की हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। शहर के ऐतिहासिक इलाके में बिल्डरों की मनमानी और एलडीए की 'मेहरबानी' से अवैध निर्माण का अंबार खड़ा हो गया है।
कोनेश्वर् चौराहा, एचपी पेट्रोल पम्प के पीछे, हुसैनाबाद। मानकों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से किया जा रहा अवैध निर्माण। आरोप है कि एलडीए के जिम्मेदार अधिकारियों के मौन संरक्षण में बिल्डर अपनी मनमानी कर रहे हैं।
सुरक्षा पर खतरा: पेट्रोल पम्प के ठीक पीछे बिना एनओसी और बिना मानक पूरा किए बन रही यह इमारत किसी बड़े हादसे को दावत दे रही है। एलडीए की फाइलों में कागजी कार्रवाई तो बहुत होती है, लेकिन धरातल पर निर्माण का फलना-फूलना कई सवाल खड़े करता है। क्या मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बावजूद इस अवैध निर्माण पर 'बाबा का बुलडोजर' चलेगा? या फिर रसूखदार बिल्डर के आगे विभाग नतमस्तक रहेगा?
*पत्रकार अली जै़दी*
Tejraftarnews.in: उरई में उतरने वाला है मस्ती का तूफान – तैयार हो जाइए!
उरई शहरवासियों… हो जाइए अलर्ट!
कल से आपके शहर में शुरू होने जा रहा है ऐसा धमाकेदार मेला, जो ना सिर्फ जेब पर हल्का पड़ेगा बल्कि दिल को भी कर देगा गार्डन-गार्डन!
पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रदर्शनी एवं मेला का भव्य शुभारंभ 22 अप्रैल 2026, शाम 5 बजे, टाउन हॉल (नगर पालिका के सामने) पर होने जा रहा है।
ये मेला नहीं, पूरा एंटरटेनमेंट का महासंग्राम है!
जहां हर कदम पर मिलेगा रोमांच, मस्ती और धमाका—वो भी सबसे सस्ते दामों में!
आसमानी झूला – दिल की धड़कनें बढ़ाने वाला!
ब्रेकडांस & टोरा-टोरा – चक्कर पे चक्कर, मज़ा ही मज़ा!
बच्चों की ट्रेन – नन्हों की सबसे बड़ी खुशी!
नाव झूला – परिवार संग यादगार पल!
घर-गृहस्थी का सामान – दाम इतने कम कि यकीन करना मुश्किल!
कपड़े, चूड़ियां, सजावटी आइटम – शॉपिंग का सुनहरा मौका!
पिज्जा, आइसक्रीम और लजीज खाने की भरमार!
हर उम्र के लोगों के लिए फुल ऑन धमाका – यही है इस मेले की पहचान!
इस मेले के ठेकेदार संतोष गुप्ता (कालपी) एक बार फिर उरई में लेकर आए हैं रोमांच, रौनक और रफ्तार से भरा सबसे बड़ा मेला, जहां हर गली-कोने में दिखेगी खुशियों की बहार।
तो सुन लो उरई वालों… मौका है शानदार, एंट्री है दमदार!
परिवार, दोस्तों और बच्चों के साथ पहुंचिए और बना डालिए यादगार पल!
क्राइम रिपोर्टर जालौन
सोनू महाराज
कालपी उरई जालौन
Tejraftarnews.in: भाजपा नेत्री अंजू कुमारी के जन्मदिन पर अभिषेक सिंह राठौर ने दी शुभकामनाएं, कहा– 'बेटियां देश की शान और भविष्य हैं'
संजय कुमार राठौर सह संपादक अमरेश दर्पण
रांची: आज हमारी पार्टी की सक्रिय सदस्य अंजू कुमारी के जन्मदिवस के शुभ अवसर पर भाजपा रांची महानगर नेता अभिषेक सिंह राठौर ने उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं एवं हार्दिक बधाई दी।
इस अवसर पर अभिषेक सिंह राठौर ने कहा, _"बेटियां हमारे देश की शान हैं, मान हैं और देश का भविष्य भी हैं। आज के समय में बेटियां हर क्षेत्र में कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं — चाहे राजनीति हो, समाज सेवा हो या कोई अन्य सेक्टर। फाइटर जेट उड़ाने से लेकर जल सेना, थल सेना एवं वायु सेना तक, हर जगह बेटियां अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं।"_
उन्होंने आगे कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' के संकल्प को साकार करते हुए हमें बेटियों को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
इस दौरान पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं ने भी अंजू कुमारी को जन्मदिन की बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
Tejraftarnews.in: ब्रेकिंग
मोतिहारी
✍️होटल सूर्या में हुई छापेमारी.... शराब के नशे में मैनेजर सहित तीन गिरफ्तार....शराब की खाली और भरी कई बोतल बरामद.... छतौनी थाना क्षेत्र के होटल सूर्या का है मामला.....सदर एसडीएम के छापेमारी में होटल में शराब पीने का हुआ है खुलासा।
Tejraftarnews.in: *नवानगर टीआई से नहीं संभल रही कुर्सी! क्षेत्र में बढ़ते अपराध,अवैध कारोबार दे रहे संकेत*
*सीकेडी कारोबारी मांग रहे लंबे कार्यकाल की दुआ? नजराना लेकर धृतराष्ट्र बना कारखास*
*अनोखी आवाज़,उत्तम दुबे* नवानगर टीआई से अब कुर्सी नहीं संभल रही है,क्योंकि क्षेत्र में बढ़ते अपराध,नशे के कारोबार डीजल,कोयला और कबाड़,इस बात के चीख-चीख कर संकेत दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर साहब की कुर्सी की सलामती और लंबे कार्यकाल के लिए इन गतिविधियों में संलिप्त कारोबारी सुबह-शाम दुआ मांग रहे हैं। इनकी ये दुआ कितनी सार्थक होगी यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा लेकिन नवानगर टीआई की कार्यप्रणाली से आम जनमानस में भारी आक्रोश व्याप्त हो रहा है। वहीं साहब का कारखास हैं कि नजराना लेकर धृतराष्ट्र बना बैठा हैं।
*थाने के बगल से रेत और बोल्डर हर दिन हो रहा पार*
यूं तो यह चर्चा आम हैं कि टीआई ज्यादा से ज्यादा समय थाने में बिताते है लेकिन शाम ढलते ही थाने के सामने से बेखौफ होकर रेत व बोल्डर माफिया ट्रैक्टरों से रेत व बोल्डर परिवहन करते हैं। ऐसे में साहब की नजरे उनकी ओर न जाना,अपने आप में कई सवाल खड़े करता हैं। साथ ही क्षेत्र में पहले से ही डीजल,कोयला,कबाड़ माफिया सक्रिय हैं । टीआई अनिल पटेल के कुर्सी संभालने के बाद आम जनमानस में यह उम्मीद जगी थी कि ये अंकुश लगाएंगे लेकिन आम जनमानस की उन उम्मीदों पर साहब खरे नहीं उतरे। नियंत्रण की बजाय यह कारोबार दुगुनी रफ्तार पकड़ लिया।
*आम जनमानस में भारी आक्रोश*
नवानगर थाना क्षेत्र में न सिर्फ नशा बल्कि सीकेडी के कारोबारी इन दिनों बेखौफ हो गए हैं। आये दिन शहर में चोरियां हो रही हैं, कही कबाड़ी किसी की हत्या कर दे रहे हैं। तो कही ठग रोजगार के नाम पर बेरोजगार युवाओं से ठगी कर रहे हैं साथ ही शहर में खुले दर्जनों स्पा सेंटर भी टीआई के लिए बड़ी चुनौती हैं। लेकिन ऐसे लोगों पर सख्त कार्यवाही के बजाय मामले में लीपापोती की जाती हैं। साहब के इसी रवैये के कारण जनता का आक्रोश बढ़ता जा रहा हैं। समय रहते यदि साहब ने अपने काम करने के तौर तरीके नहीं बदले तो वो दिन दूर नहीं जब जनता सड़क पर आ जाए। हालांकि कायदे से तो साहब को अपने कारखास के बढ़ती महत्वाकांक्षाओं पर भी नियंत्रण लगाने की आवश्यकता है।
अनोखी आवाज़...जनता की आवाज़ बुलंद करने को संकल्पित
Tejraftarnews.in: पकड़ीदयाल अनुमण्डल की समीक्षात्मक बैठक — विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा एवं आवश्यक निर्देश
आज दिनांक 21 अप्रैल 2026 को जिलाधिकारी, पूर्वी चम्पारण की अध्यक्षता में पकड़ीदयाल अनुमण्डल अन्तर्गत पताही पूर्वी ग्राम पंचायत के पंचायत सरकार भवन में अनुमण्डल स्तरीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अपर समाहर्त्ता, उप विकास आयुक्त, अनुमण्डल पदाधिकारी सहित मधुबन, फेनहारा, पकड़ीदयाल, पताही एवं तेतरिया प्रखण्डों के वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा में पाया गया कि पाँचों प्रखण्डों में किस्तों के भुगतान के हजारों मामले लंबित हैं। सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारियों को नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित करने तथा द्वितीय किस्त के बाद भी निर्माण न करने वाले लाभुकों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया। तृतीय किस्त प्राप्त करने के बाद भी सैकड़ों आवास अपूर्ण पाए गए, जिनके शत-प्रतिशत पूर्णता हेतु सख्त निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना (2018-19 से 2025-26) में पाँचों प्रखण्डों की पूर्णता दर 82 से 94 प्रतिशत के बीच पाई गई। मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास सहायता योजना में भी कुछ आव
Tejraftarnews.in: *‼️झूठी प्रसिद्ध पाने के लिए आदमी किस हद तक गिर जाता है आज देखकर लगा कि राजनीति कितनी ओछि होती जा रही है* *‼️पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ख़ुद को Down to* *earth दिखाने का फिर एक ढोंग रचा, अपने ही SPG कमांडो की वर्दी उतरवाई फिर उसको* *। ‼️झालमुड़ी की दुकान पर बैठाया और फिर उससे झालमुड़ी खरीदकर खाई, और जनता में दिखाता है कि हम जनता के बीच जाकर गरीब आदमी की दुकान से खरीददारी कर झालमुड़ी खाकर नास्ता किया*
*‼️SPG कमांडो भी मन ही मन सोंच रहा होगा कि कहीं सच में न ये आदमी हमसे सड़क पर पकोड़ा/ झालमुड़ी बिकवाने पर न मजबूर कर दे*
*‼️वाह रे ज़ुमलेबाज प्रधानमंत्री अब आपकी असलियत जनता और देश की महिलाएं जान चुकी हैं तुम्हारे पास देश की जनता को देने के लिए कुछ नहीं सिवाय धोखा और लॉलीपॉप के*
Tejraftarnews.in: 🙏परशुराम वाणी(परशुराम की✍️कलम से)👉समूह के सभी परम आदरणीय बुद्धिजीवों का एक बार फिर से नंदन के साथ अभिनंदन है🙏प्यारे साथियों,मैंने एक हीरे-मोतियों की माला बनाई है,जिसमें एक-एक मनका चुन-चुन कर जोड़ा है,समूह बनाने का उद्देश्य निस्वार्थ समाज सेवा एवं एक दूसरे की मदद करना ही मात्र लक्ष्य है🙏जुड़े रहे,बने रहे(परशुराम की✍️कलम से🙏)
Tejraftarnews.in: लखनऊ ब्रेकिंग न्यूज़
सील बिल्डिंग को बिल्डर ने खोला LDA की कार्रवा ई बनी मज़ाक
लखनऊ विकास प्राधिकरण के प्रवर्तन ज़ोन 6 थाना कैसरबाग क्षेत्र ओडियन के बगल मे एक बार फिर LDA को मिली बड़ी चुनौती
LDA द्वारा व्यावसायिक निर्माण को किया गया था बिल्डर द्वारा का बनाया गया मज़ाक सीलिंग हटाकर निर्माण जारी
*क्या आप ऊपर केहिस्से में मेंफिनि शिंग हुआ डीलिंग का खेल*
लखनऊ विकास प्राधिकरण के प्रवर्तन ज़ोनो मे इस वक़्त बड़े धांधली के मामले सामने आ रहे हैं प्रवर्तन ज़ोनो मे LDA द्वारा सील किए गए निर्माण कुछ दिन बाद हि सीलिंग खोलकर निर्माण को पूरा करवाया जा रहा है ऐसा लगता है सीलिंग के बाद डील मजबूत की जा रही है
क्या इस निर्माण पर दुबारा चलेगा विभाग का हंटर या प्रवर्तन टीम का मिलेगा पूरा संरक्षण दबंग बिल्डर पूर्व में नाका विजय नगर में सील तोड़कर के कर चुका है निर्माण।
खुद को बताता lda vc का रिश्तेदार_यह स्थिति तब उत्पन्न हो रही है जब मंडल आयुक्त और एलडीए उपाध्यक्ष द्वारा अवैध निर्माण के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश पूर्व में जारी किए जा चुके हैं। ऐसे में इन निर्देशों की अवहेलना न केवल प्रशासनिक अनुशासन पर प्रश्नचिह्न लगाती है, बल्कि शासन की मंशा पर भी , कानूनी दृष्टिकोण से देखें तो उत्तर प्रदेश शहरी नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 के अंतर्गत किसी भी अवैध निर्माण को ध्वस्त करना अथवा सील करना प्राधिकरण की वैधानिक जिम्मेदारी है। यदि सीलिंग के पश्चात भी निर्माण कार्य जारी रहता है, तो यह न केवल अधिनियम का उल्लंघन है, बल्कि संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी निर्धारित करता है इसके अतिरिक्त, सील तोड़कर निर्माण कार्य करना भारतीय दंड संहिता की धाराओं के अंतर्गत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आ सकता है। ऐसी स्थिति में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई
इस पूरे प्रकरण में सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि आखिर किसके संरक्षण में सील तोड़कर निर्माण कार्य पुनः प्रारंभ किया जा रहा है। यदि यह स्थिति यथावत बनी रहती है, तो यह न केवल कानून के शासन (Rule of Law) के सिद्धांत को कमजोर करेगा, बल्कि शहरी नियोजन व्यवस्था को भी प्रभावित करेगा।_
Tejraftarnews.in: *वाराणसी*
*वाराणसी जो की कहा गया है मोदी जी का सांसद क्षेत्र कुछ दिन पहले एक ऐसा कानून बना था जिसमें ये था दारू की दुकान सिटी से 15 किलोमीटर की दूरी पर रहेगी लेकिन आप इस फोटो को देख सकते हैं ये चेतगंज चौराहे पर ठेका खोला गया है और उसी जगह कई परिवार अगल-बगल रहता है ऊपर में बिकती है दारू और नीचे बैठकर पीने का बना हुआ है जिसके कारण वहां से कोई भी परिवार आना जाना नहीं चाहता है और आए दिन होती है लड़ाई अगर इसी तरह चलता रहा तो इस ठेके पर बड़ी दुर्घटना होने की भी संभावना है अगर बड़ी दुर्घटना होती है इस ठेके पर तो उसका जिम्मेदार आखिर से कौन रहेगा क्योंकि बीच रोड में खुलेआम दारू बेचा और पिलाया जा रहा है अब तो देखने वाली बात ये होगी कि मेरी छोटी सी पहल से क्या चेतगंज थाना इस ठेके पर कोई कठोर कार्रवाई करता है या नहीं*
वाराणसी से खुर्शीद आलम की ग्राउंड रिपोर्ट
Tejraftarnews.in: *ब्रेकिंग न्यूज़*
*लखनऊ में अवैध साम्राज्य पर कब गरजेगा बाबा का बुलडोजर?*
मुस्कुराइए कि आप लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के साथ हैं,लेकिन हुसैनाबाद की हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। शहर के ऐतिहासिक इलाके में बिल्डरों की मनमानी और एलडीए की 'मेहरबानी' से अवैध निर्माण का अंबार खड़ा हो गया है।
कोनेश्वर् चौराहा, एचपी पेट्रोल पम्प के पीछे, हुसैनाबाद। मानकों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से किया जा रहा अवैध निर्माण। आरोप है कि एलडीए के जिम्मेदार अधिकारियों के मौन संरक्षण में बिल्डर अपनी मनमानी कर रहे हैं।
सुरक्षा पर खतरा: पेट्रोल पम्प के ठीक पीछे बिना एनओसी और बिना मानक पूरा किए बन रही यह इमारत किसी बड़े हादसे को दावत दे रही है। एलडीए की फाइलों में कागजी कार्रवाई तो बहुत होती है, लेकिन धरातल पर निर्माण का फलना-फूलना कई सवाल खड़े करता है। क्या मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बावजूद इस अवैध निर्माण पर 'बाबा का बुलडोजर' चलेगा? या फिर रसूखदार बिल्डर के आगे विभाग नतमस्तक रहेगा?
*पत्रकार अली जै़दी*
Tejraftarnews.in: वेस्टर्न हाक
खबर मुंडन की कलम से उगलता सच
सहारनपुर
इतिहास लिखा गया ज़ब मुस्लिम समुदाय पीड़ित था नगर निगम सहारनपुर मे वोट से जीते जनप्रतिनिधि खामोश थे तमाशा देख रहे थे तब सिख समाज का नौजवान मुसलमानो के लिए सड़क पर धक्के खा रहा था यह इतिहास मे दर्ज होगा
पैसे ओर चालाकी से सपा मुखिया से कोई विधानसभा का टिकट ले आये लेकिन हक तो अभिषेक टिंकू अरोड़ा का बनता है
जिसका कोई नहीं उसका टिंकू अरोड़ा
सहारनपुर नगर निगम द्वारा जन्म मृत्यु विभाग को तीन जोनल में बांटने के फैसले के खिलाफ पार्षदों ने अपर नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा है। पार्षदों का आरोप है कि मुस्लिम इलाकों के वार्डों को एक ही जोन में शिफ्ट कर दिया गया है, जिससे लोगों को जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में परेशानी हो रही है।
*पार्षदों की मांगें:*
- जोनल ऑफिस को पास में बनाने का कार्य किया जाए
- जन्म प्रमाण पत्र को सुचारू रूप से बनने देने का काम किया जाए
- नगर निगम के फैसले को वापस लिया जाए
*पार्षदों का आरोप:*
- भाजपा के शीर्ष नेता ने एस आई आर को प्रभावित करने के लिए जन्म प्रमाण पत्र पर रोक लगवाई थी
- नगर निगम का फैसला पक्षपातपूर्ण है और लोगों को परेशान करने के लिए किया गया है
-
रिपोर्ट इरशाद खान मुंडन मुख्य सम्पादक वेस्टर्न हाक
Tejraftarnews.in: वेस्टर्न हाक
खबर मुंडन की कलम से उगलता सच
खबर वायरल वीडियो के आधार पर सरकार को आर्थिक चोट देने वाले आर्थिक आंतकवादियों के विरुद्ध
सहारनपुर
सहारनपुर पुलिस ने हाल ही में स्टोन क्रेशर कारोबारियों से रंगदारी वसूलने वाले गिरोह को पकड़ा है।
*1. रंगदारी का मामला: सच है*
बेहट थाना क्षेत्र में पुलिस ने प्रिंस, ईश्वरपाल और सुरेंद्र नाम के 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 30 लाख रु नकद और जबरन साइन कराई गई पार्टनरशिप डीड मिली। शिकायत यमुनानगर के करण सिंह और असलमपुर बरथा के रणवीर सिंह ने दी थी कि जान से मारने की धमकी देकर स्टोन क्रेशर में हिस्सेदारी मांगी गई। आरोपी खुद को खनन माफिया से जुड़ा बताकर डराते थे और सोशल मीडिया पर ब्लैकमेल भी करते थे। 867b
*2. अवैध खनन का दूसरा पहलू: वो भी सच है*
आपने जो कहा कि कई स्टोन क्रेशर वाले बिना नंबर-नेमप्लेट के डंपर से रातभर अवैध खनन कर रहे हैं — प्रशासन की जांच में ये बात सामने आ चुकी है।
- *फरवरी 2026*: असलमपुर बरथा के पास यूपी-हरियाणा सीमा पर यमुना नदी से 14,392 घन मीटर अवैध खनन पकड़ा गया। हरियाणा के अज्ञात स्टोन क्रेशर मालिकों पर केस दर्ज हुआ। इससे सरकार को भारी राजस्व हानि हुई।
- *अगस्त 2025*: डीएम के निर्देश पर ड्रोन निगरानी से 3 बड़े स्टोन क्रेशरों पर डेढ़ करोड़ रु से ज्यादा जुर्माना लगा। शिवा स्टोन क्रेशर पर 1.29 करोड़ और शिव स्टोन क्रेशर पर 1.26 करोड़ का जुर्माना। लाइसेंस रद्द किए गए और गैंगस्टर एक्ट लगाने की तैयारी है। c71516e1
*तो कार्रवाई क्यों नहीं दिखती?*
कार्रवाई हो तो रही है, पर 2 दिक्कतें हैं:
1. *“पकड़ में आने के बाद ही एक्शन”*: खनन निरीक्षक ने खुद माना कि व्यापक पैमाने पर खनन और मीडिया में चर्चा के बाद ही प्रशासन सक्रिय होता है।
2. *रात का खेल*: जैसा आपने कहा — कलसिया से पुरानी चुंगी नवाबगंज तक रात में डंपर चलते हैं। ये लोकल लेवल पर पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत या लापरवाही का नतीजा होता है। 30 लाख रंगदारी वसूलने वाले पकड़े गए, पर रात में चलने वाले बिना नंबर के डंपर किसके हैं — ये जांच का विषय है। पुलिस अभी गिरोह के अन्य साथियों की तलाश कर रही है। c715867b
*“आर्थिक आतंकवादी” वाला एंगल*
राजस्व की चोरी सीधे सरकार यानी जनता के पैसे की चोरी है। 14,392 घन मीटर RBM अवैध खनन हुआ। एक-एक क्रेशर पर करोड़ों का जुर्माना लग रहा है, मतलब नुकसान कितना बड़ा है। इसलिए इसे “आर्थिक अपराध” ही माना जाता है और गैंगस्टर एक्ट तक लगाया जा रहा है। 4d6316e1
*इनके विरुद्ध कौन बोलेगा?*
1. *शिकायत*: आप CM हेल्पलाइन 1076, DGP यूपी 9454402501, या CUG नंबर पर बेहट/सहारनपुर DM-SSP को रात में चलने वाले डंपरों की लोकेशन के साथ सूचना दे सकते हैं। ड्रोन सर्वे का इस्तेमाल अब हो रहा है, तो वीडियो सबूत मजबूत रहता है।
2. *खनन विभाग*: जिला खनन अधिकारी सहारनपुर के पास सीधे शिकायत — अवैध खनन पर खान एवं खनिज अधिनियम 1957 के तहत FIR होती है।
3. *मीडिया*: फरवरी वाला केस सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद ही दर्ज हुआ। 16e14d63c715
रंगदारी करने वाला भी अपराधी है और अवैध खनन करके राजस्व लूटने वाला भी। दोनों पर कानून अलग-अलग धाराओं में चलता है। पुलिस ने एक तरफ कार्रवाई शुरू कर दी है, दूसरी तरफ रात में चल रहे खेल पर नजर रखने के लिए जनता की सूचना जरूरी है।
आपके पास अगर किसी खास डंपर का नंबर, फोटो या टाइमिंग है तो बेहट थाना 01331-272333 या डायल 112 पर दें। कार्रवाई का दबाव तभी बनता है जब सबूत के साथ शिकायत जाए।
*स्टोरी: "
बिना नाम के चलते कानून"*
सहारनपुर की सुबह। अलार्म से पहले ही धरती कांपती है।
वो आते हैं। बिना नाम के, बिना पहचान के।
पीछे लिखा है "BLOW HORN", पर नंबर प्लेट की जगह खाली है। साइड के शीशे पर इतनी काली फिल्म कि अंदर कौन है, कोई नहीं जानता। ये डंपर हैं। शहर में नो-एंट्री लगी है, पर इन्हें किसने रोका?
4-5 थाने पार करके ये सीना तान के गुजरते हैं। सुप्रीम कोर्ट का आदेश कहता है: नंबर प्लेट जरूरी है, काली फिल्म बैन है। पर यहां कागज के कानून सड़क पर हार जाते हैं।
कल फिर एक्सीडेंट हुआ था। एक परिवार उजड़ गया। पूछा गया - गाड़ी कौन सी थी? जवाब मिला - पता नहीं, नंबर ही नहीं था।
खनन अधिकारी फाइलों में सो रहे हैं। और सड़कों पर माफिया राज कर रहा है।
सवाल सिर्फ इतना है: जब प्रतिबंध है, तो ये किसकी इजाजत से चल रहे हैं?
जब तक हम चुप रहेंगे, ये बिना नाम के चलते रहेंगे।
*सहारनपुर बोल रहा है। क्या लखनऊ सुनेगा?*
रिपोर्ट शादाब चौधरी / इरशाद खान मुंडन मुख्य सम्पादक वेस्टर्न हाक
T: *नवानगर टीआई से नहीं संभल रही कुर्सी! क्षेत्र में बढ़ते अपराध,अवैध कारोबार दे रहे संकेत*
*सीकेडी कारोबारी मांग रहे लंबे कार्यकाल की दुआ? नजराना लेकर धृतराष्ट्र बना कारखास*
*अनोखी आवाज़,उत्तम दुबे* नवानगर टीआई से अब कुर्सी नहीं संभल रही है,क्योंकि क्षेत्र में बढ़ते अपराध,नशे के कारोबार डीजल,कोयला और कबाड़,इस बात के चीख-चीख कर संकेत दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर साहब की कुर्सी की सलामती और लंबे कार्यकाल के लिए इन गतिविधियों में संलिप्त कारोबारी सुबह-शाम दुआ मांग रहे हैं। इनकी ये दुआ कितनी सार्थक होगी यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा लेकिन नवानगर टीआई की कार्यप्रणाली से आम जनमानस में भारी आक्रोश व्याप्त हो रहा है। वहीं साहब का कारखास हैं कि नजराना लेकर धृतराष्ट्र बना बैठा हैं।
*थाने के बगल से रेत और बोल्डर हर दिन हो रहा पार*
यूं तो यह चर्चा आम हैं कि टीआई ज्यादा से ज्यादा समय थाने में बिताते है लेकिन शाम ढलते ही थाने के सामने से बेखौफ होकर रेत व बोल्डर माफिया ट्रैक्टरों से रेत व बोल्डर परिवहन करते हैं। ऐसे में साहब की नजरे उनकी ओर न जाना,अपने आप में कई सवाल खड़े करता हैं। साथ ही क्षेत्र में पहले से ही डीजल,कोयला,कबाड़ माफिया सक्रिय हैं । टीआई अनिल पटेल के कुर्सी संभालने के बाद आम जनमानस में यह उम्मीद जगी थी कि ये अंकुश लगाएंगे लेकिन आम जनमानस की उन उम्मीदों पर साहब खरे नहीं उतरे। नियंत्रण की बजाय यह कारोबार दुगुनी रफ्तार पकड़ लिया।
*आम जनमानस में भारी आक्रोश*
नवानगर थाना क्षेत्र में न सिर्फ नशा बल्कि सीकेडी के कारोबारी इन दिनों बेखौफ हो गए हैं। आये दिन शहर में चोरियां हो रही हैं, कही कबाड़ी किसी की हत्या कर दे रहे हैं। तो कही ठग रोजगार के नाम पर बेरोजगार युवाओं से ठगी कर रहे हैं साथ ही शहर में खुले दर्जनों स्पा सेंटर भी टीआई के लिए बड़ी चुनौती हैं। लेकिन ऐसे लोगों पर सख्त कार्यवाही के बजाय मामले में लीपापोती की जाती हैं। साहब के इसी रवैये के कारण जनता का आक्रोश बढ़ता जा रहा हैं। समय रहते यदि साहब ने अपने काम करने के तौर तरीके नहीं बदले तो वो दिन दूर नहीं जब जनता सड़क पर आ जाए। हालांकि कायदे से तो साहब को अपने कारखास के बढ़ती महत्वाकांक्षाओं पर भी नियंत्रण लगाने की आवश्यकता है।
अनोखी आवाज़...जनता की आवाज़ बुलंद करने को संकल्पित
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