शिवहर DDC ब्रजेश कुमार के ठिकानों पर SVU की रेड:बेतिया के पैतृक घर पर कार्रवाई, करोड़ों की अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप
बिहार के प्रशासनिक महकमे में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब शिवहर के उप विकास आयुक्त (DDC) ब्रजेश कुमार के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने बड़ी कार्रवाई शुरू की। आय से अधिक संपत्ति के मामले में दर्ज कांड के बाद मंगलवार को बेतिया स्थित उनके पैतृक घर और पटना में मौजूद फ्लैट समेत कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। इस कार्रवाई के बाद न सिर्फ संबंधित जिलों में बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र में हलचल तेज हो गई है। अधिकारियों की टीम लगातार दस्तावेजों की जांच में जुटी हुई है। कई जिलों में एक साथ छापेमारी विशेष निगरानी इकाई की टीम ने एक साथ बेतिया, सीतामढ़ी और शिवहर में ब्रजेश कुमार के ठिकानों पर छापेमारी की। इसमें उनके आवासीय परिसरों के साथ-साथ कार्यालय भी शामिल हैं। पटना स्थित फ्लैट पर भी कार्रवाई जारी है। अधिकारियों ने घर के दस्तावेज, बैंक खातों से जुड़े कागजात, निवेश से संबंधित फाइलें और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया है। जांच टीम हर एक दस्तावेज को बारीकी से देख रही है, ताकि अवैध संपत्ति के सबूत जुटाए जा सकें। आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज विशेष निगरानी इकाई के एक अधिकारी के अनुसार, ब्रजेश कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(1)(b), 13(2) और 12 के तहत कांड संख्या-11/2026 दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया है कि ब्रजेश कुमार ने अपने सेवा काल के दौरान विभिन्न पदों पर रहते हुए लगभग 1 करोड़ 84 लाख 32 हजार 900 रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की है। यह संपत्ति उनके ज्ञात वैध आय के स्रोतों से कहीं अधिक बताई जा रही है। कोर्ट के आदेश पर चल रही कार्रवाई SVU की यह कार्रवाई विशेष न्यायाधीश, निगरानी, पटना द्वारा जारी तलाशी वारंट के आधार पर की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी ठिकानों पर एक साथ छापेमारी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी तरह के साक्ष्य को छिपाया या नष्ट न किया जा सके। छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिलने की संभावना जताई जा रही है, जो आगे की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। पहले भी विवादों में रह चुके हैं ब्रजेश कुमार ब्रजेश कुमार का नाम इससे पहले भी विवादों में आ चुका है। जब वे मुजफ्फरपुर में एसडीओ (पश्चिमी) के पद पर तैनात थे, तब भी उन पर गंभीर आरोप लगे थे। वर्ष 2021 में साहेबगंज थाना क्षेत्र के निवासी निपेंद्र कुमार सिंह ने निगरानी विभाग, मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री कार्यालय को लिखित शिकायत दी थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि ब्रजेश कुमार जनवितरण प्रणाली (PDS) की दुकानों के नवीकरण के नाम पर बिचौलियों के माध्यम से अवैध वसूली कर रहे हैं। PDS दुकानों से वसूली का आरोप शिकायत में कहा गया था कि PDS दुकानों के लाइसेंस नवीकरण के नाम पर प्रति दुकान 50 हजार से लेकर 2 लाख रुपये तक की वसूली की जा रही थी। हालांकि उस समय इन आरोपों पर क्या कार्रवाई हुई, यह स्पष्ट नहीं हो सका था। अब एक बार फिर आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्रवाई होने से पुराने आरोप भी चर्चा में आ गए हैं। प्रशासनिक हलकों में मची हलचल इस बड़ी कार्रवाई के बाद शिवहर, सीतामढ़ी और आसपास के जिलों के प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। ब्रजेश कुमार को एक सख्त और प्रभावशाली अधिकारी के रूप में जाना जाता रहा है, ऐसे में उनके खिलाफ इस तरह की कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच इस छापेमारी को लेकर चर्चा का माहौल गर्म है। स्थानीय लोगों में चर्चा का माहौल वहीं, आम लोगों के बीच भी इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। लोग इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई के रूप में देख रहे हैं, तो कुछ लोग इसे प्रशासनिक सिस्टम की सख्ती का संकेत मान रहे हैं। फिलहाल SVU की टीम जांच में जुटी हुई है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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