_भारत_में_बनेगा_रूस_का_घातक_टैंक_T-14_Armata___India-Russia_Deal___आत्मनिर्भर_भारत_की_छलांग
: *देश के 334 राजनीतिक दलों की मान्यता एक झटके में रद्द, जानें EC ने क्यों उठाया ये कदम*
चुनाव आयोग की कार्रवाई, पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल सूची से हटाए
देश में सिर्फ छह राष्ट्रीय दल, क्षेत्रीय पार्टियों की संख्या घटकर 67 शेष
आपत्ति दर्ज करने के लिए मिला 30 दिन का समय
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले भारत के चुनाव आयोग बड़ी कार्रवाई की है। चुनाव आयोग ने निर्वाचन प्रणाली की सफाई की बात करते हुए 334 राजनीतिक दलों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। देश में सिर्फ छह राष्ट्रीय दल हैं। इसके अलावा क्षेत्रीय पार्टियों की संख्या घटकर 67 रह गई है। बता दें कि भारत में राजनीतिक दलों का रजिस्ट्रेशन, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29ए के प्रावधानों के तहत निर्वाचन आयोग में किया जाता है। राजनीतिक दलों के रजिस्ट्रेशन के लिए जारी दिशानिर्देशों में यह प्रावधान है कि यदि कोई दल लगातार छह वर्षों तक चुनाव नहीं लड़ता है, तो उसे पंजीकृत दलों की सूची से हटा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29ए के तहत दल को रजिस्ट्रेशन के समय अपना नाम, पता, पदाधिकारियों के नाम आदि का विवरण देना होता है। इनमें किसी भी प्रकार का परिवर्तन होने पर उसे बिना विलंब निर्वाचन आयोग को सूचित करना अनिवार्य है। हालांकि आयोग के इस आदेश के खिलाफ 30 दिन के भीतर प्रभावित पक्ष की ओर से अपील की जा सकती। इससे पहले, जून 2025 में निर्वाचन आयोग ने राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को 345 दलों की जांच करने का निर्देश दिया था। मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने इसकी जांच की, इन दलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
प्रत्येक दल को व्यक्तिगत सुनवाई के माध्यम से अपना पक्ष रखने का अवसर प्रदान किया गया। इसके बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर पाया गया कि कुल 345 दलों में से 334 तय शर्तों का पालन नहीं कर रहे हैं। शेष मामलों को पुन: जांच के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को वापस भेजा गया है। आयोग ने सभी तथ्यों और मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की अनुशंसाओं पर विचार करने के बाद 334 दलों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया। यह प्रक्रिया राजनीतिक व्यवस्था को स्वच्छ करने और ऐसी पार्टियों को सूची से हटाने के उद्देश्य से संचालित की गई है, जिन्होंने 2019 के बाद से कोई भी लोकसभा या राज्य-केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभा या उपचुनाव नहीं लड़ा है और जिनका वास्तविक रूप से पता नहीं लगाया जा सका है। इस कदम राजनीतिक प्रणाली में शुद्धता लाने के मकसद से उठाया गया है। चुनाव आयोग की नई कार्रवाई के बाद अब देश में सिर्फ छह राष्ट्रीय पार्टियां रह गई हैं। उनमें देश की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), मुख्य विपक्षी कांग्रेस, अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप), मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बसपा), कॉम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माक्र्सवादी)और राष्ट्रीय पिपुल्स पार्टी (एनपीपी)।
बिहार में मतदाता सूची के मसौदे पर कोई दावा-आपत्ति नहीं
चुनाव आयोग ने शनिवार को कहा कि बिहार में मतदाता सूची के मसौदे को लेकर किसी भी राजनीतिक दल ने अब तक एक भी दावा या आपत्ति नहीं की है। मसौदा सूची पहली अगस्त को अपराह्न तीन बजे जारी की गई थी। आयोग ने कहा है कि शनिवार सुबह नौ बजे तक बिहार में मतदाता पंजीकरण अधिकारियों को किसी दल की ओर से कोई आपत्ति या दावा नहीं मिला है, लेकिन इस दौरान मतदाताओं की ओर से 7252 दावे और आपत्तियां जरूर मिली हैं।
: *हिमाचल में बंद होगा स्कूली बच्चों का मोबाइल फोन, मुख्य सचिव ने शिक्षा विभाग को दिए निर्देश*
बैठक के दौरान कहा, पाबंदी को गंभीरता से लागू करने की जरूरत
जनरल नॉलेज के साथ फोन को लेकर भी छात्रों को जागरूक करें टीचर
स्कूलों में बच्चों द्वारा मोबाइल फोन के इस्तेमाल के खिलाफ प्रदेश सरकार ने सख्त कदम उठाया है। इस संबंध में मुख्य सचिव ने एक बैठक के दौरान शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं और कहा है कि स्कूलों में बच्चों द्वारा यदि मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया जा रहा है, तो इसे पूरी तरह से बंद किया जाएगा। स्कूलों में बच्चे मोबाइल फोन लेकर नहीं आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि वैसे तो स्कूलों में बच्चों द्वारा मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पहले से पाबंदी है, मगर इसे गंभीरता से लागू करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में कई बार ऐसा हो जाता है कि बच्चे स्कूलों में मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे हों, ऐसी कुछ शिकायतें भी आई हैं। लिहाजा इन पर सख्ती बरतना जरूरी है। इस संबंध में मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं जिस पर शिक्षा विभाग सख्ती बरतने के लिए कदम उठाएगा। बच्चों में मोबाइल फोन की लत उनकी पढ़ाई में बाधा पहुंचाती है, ऐसे में स्कूलों में शिक्षकों द्वारा बच्चों को इसके कम प्रयोग के बारे में भी बताना चाहिए। साथ ही मोबाइल के सदुपयोग के बारे में भी उनको जागरूक करना चाहिए। कुछ ऐसे मामलों पर शिक्षक बच्चों को बताएंगे। उनको जनरल नॉलेज का पाठ पढ़ाने के साथ यह भी बताएंगे कि मोबाइल फोन का इस्तेमाल कब और क्यों किया जाना चाहिए, ताकि उनकी पढ़ाई पर इसका कोई असर न हो। मुख्य सचिव की ओर से बैठक में इस तरह के निर्देश दिए गए हैं, जिन पर सभी स्कूलों को अमल करने को कहा गया है। जहां पर बच्चे स्कूल में मोबाइल फोन लेकर आते हैं, उसको भी पूरी तरह से रोकने के लिए कहा है।
: *Amarnath Yatra : छड़ी मुबारक स्थापना के साथ बाबा बर्फानी की यात्रा संपन्न*
14500 फुट की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा में अमरनाथ यात्रा की प्रतीक ‘छड़ी मुबारक’ की स्थापना के साथ ही इस साल की अमरनाथ यात्रा का समापन हो गया। पारंपरिक तरीके से महंत दीपेंद्र गिरि की अगवाई में सैकड़ों साधुओं के साथ विशेष पूजा की गई।
इसके बाद भक्तों को साल के अंतिम दर्शन कराए गए। शनिवार को डेढ़ सौ श्रद्धालुओं, जिनमें अधिकतर सुरक्षा कर्मी ही थे, ने दर्शन किए। अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से शुरू हुई थी और भारी बारिश के कारण रास्ते खराब होने की वजह से तीन अगस्त से ही रोक दी गई थी। इस साल 38 दिनों के भीतर 4.20 लाख श्रद्धालुओं ने अमरनाथ गुफा में दर्शन किए, जबकि पिछले साल 5.10 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे थे।
[: *हिमाचल में अब सरकारी-रिटायर कर्मी मनरेगा से होंगे बाहर, जानिए पूरा मामला*
ग्रामीण विकास विभाग ने उपायुक्त, विकास अधिकारी बीडीओ को दिए निर्देश
अब नहीं कर पाएंगे काम, जॉब कार्ड जारी करने से पहले आवेदकों की वास्तविकता सत्यापित करेंगी पंचायतें
प्रदेश की पंचायतों में मनरेगा के तहत अब सरकारी और सेवानिवृत्त कर्मचारी काम नहीं कर पाएंगे। मनरेगा के तहत लाभार्थियों के रूप में स्थायी अनुबंध एवं सेवानिवृत्त कर्मचारी सहित सरकारी कर्मचारियों की पात्रता के संबंध में ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रदेश के सभी जिलों के उपायुक्त, विकास अधिकारियों और बीडीओ को दिए निर्देश जारी किए गए हैं। ग्रामीण विकास विभाग के सचिव की ओर से मनरेगा के तहत लाभार्थियों की पात्रता को लेकर आदेश जारी किए गए हैं। ग्रामीण विकास विभाग की ओर से जारी किए गए आदेशा में मनरेगा के तहत केवल उन्हीं लोगों को रोजगार दिया जाएगा, जो लोग आर्थिक रूप से सबसे कमजोर हैं या फिर कहीं भी काम नहीं करते।
ग्रामीण विकास विभाग को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत लाभार्थियों के रूप में स्थायी, संविदा और सेवानिवृत्त कर्मियों सहित सरकारी कर्मचारियों की पात्रता के संबंध में विभाग को विभिन्न स्पष्टीकरण प्राप्त हो रहे हैं। इसके बाद ग्रामीण विकास विभाग की ओर से मनरेगा के तहत लाभार्थियों की पात्रता को लेकर आदेश जारी किए गए हैं। ग्रामीण विकास विभाग की ओर से जारी किए गए आदेशों में कहा गया है कि भारत सरकार द्वारा जारी वार्षिक मास्टर सर्कुलर (2024-25) के अध्याय तीन के अनुसार जॉब कार्ड मनरेगा के तहत एक कानूनी अधिकार है और यह मजदूरी रोजगार और संबंधित लाभों का दावा करने का आधार बनता है। जॉब कार्ड जारी करना उन ग्रामीण परिवारों तक ही सीमित है, जिनके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक कार्य करने के लिए स्वेच्छा से काम करते हैं। ग्रामीण विकास विभाग की ओर से जारी किए गए निर्देशों में कहा गया है कि ग्राम पंचायतें जॉब कार्ड जारी करने से पहले आवेदकों की वास्तविकता को सत्यापित करें और सुनिश्चित करें कि केवल उन्हीं परिवारों को मनरेगा के दायरे में लाया जाए, जिनके पास पर्याप्त आजीविका का कोई वैकल्पिक स्रोत नहीं है। (एचडीएम)
जिनके पास नियमित आय नहीं, उन्हें काम
मनरेगा का उद्देश्य उन ग्रामीण परिवारों को मजदूरी रोजगार उपलब्ध कराना है, जिनके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक कार्य करने के लिए स्वेच्छा से आगे आते हैं, तथा इसका स्पष्ट ध्यान सामाजिक संरक्षण, आजीविका सुरक्षा और सामाजिक रूप से वंचित समूहों के सशक्तिकरण पर है। मनरेगा अधिनियम उन लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाया गया है, जिनके पास नियमित आय या रोजगार नहीं है।
: *भाजपा ‘मन’ की सुनेगी; कांग्रेस दिखाएगी ‘राहुल’ की बात, कांग्रेस मुख्यालय में आज दिखाई जाएगी वीडियो*
जनता को वोट चोरी से कराएंगे अवगत
जहां एक तरफ भारतीय जनता पार्टी के नेता व वर्कर रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात सुनेगी, तो वहीं कांग्रेस पार्टी रविवार को राहुल गांधी की वीडियो दिखाएगी जिसमें उन्होंने वोट चोरी का सच सामने लाया है। कांग्रेस पार्टी ने राष्ट्रीय स्तर पर राहुल गांधी का वीडियो पार्टी के नेताओं और वर्करों को दिखाने का निर्णय लिया है।
इसे लेकर हिमाचल कांग्रेस की अध्यक्ष प्रतिभा सिंह को भी निर्देश दिए गए हैं, जिन्होंने पार्टी मुख्यालय में एक कार्यक्रम रखा है। इस कार्यक्रम में शिमला के नेताओं व वर्करों को बुलाया गया है। क्योंकि यहां कांग्रेस पार्टी का कोई संगठन नहीं है इसलिए देखना होगा कि कितने लोग यहां पर आते हैं। अभी संगठन नहीं होने से कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से निष्क्रिय पड़ी है और लंबे समय के बाद पार्टी के मुख्यालय में कोई कार्यक्रम होने जा रहा है। कांगे्रस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने कहा कि उन्होंने सभी को यहां आने को कहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा संख्या में यहां लोग आएं और जानें कि राहुल गांधी ने वोट चोरी पर क्या खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि कांगे्रसजनों को इसके बारे में जानना जरूरी है।
प्रतिभा सिंह को सौंपी जिम्मेदारी
राहुल गांधी का चुनाव आयोग व भाजपा की पोल खोल की एक वीडियो प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में रविवार सुबह 11 बजे प्रदर्शित की जाएगी। इस मौके पर सभी को उपस्थिति रहने को कहा गया है। यहां यह भी देखना होगा कि इस कार्यक्रम के लिए सरकार की तरफ से कौन आता है। यह पार्टी का कार्यक्रम है और भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी प्रतिभा सिंह की है।
[: *रक्षाबंधन पर महिलाओं का कटा जीरो टिकट, एचआरटीसी की फ्री बस यात्रा का लाभ उठाने को दिखा क्रेज*
प्रदेश की महिलाओं ने रक्षाबंधन के मौके पर एचआरटीसी की फ्री बस यात्रा सुविधा का लाभ उठाया। सूर्य उदय से लेकर सूर्यास्त तक एचआरटीसी की बसों में महिलाओं को सफर मुफ्त था। निगम ने भी अपने सभी चालकों व परिचालकों को निर्देश दिए थे कि जहां पर भी महिलाएं यात्रा करने के लिए दिखें, बस रोकी जाए। इस दौरान जितनी भी महिलाओं ने एचआरटीसी की बसों में सफर किया, उनका बाकायदा टिकट काटा गया। इन सभी को जीरो टिकट दिया गया। इससे उनके सफर का आंकड़ा निगम के पास सामने आएगा।
निगम प्रबंधन ने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को कहा है कि वो अपने-अपने आंकड़े दें। अब इस बार यह आंकड़ा जुटाने में कोई दिक्कत परिवहन निगम को नहीं आएगी, क्योंकि कंडक्टरों के पास उपलब्ध मशीनों में उनका पूरा डाटा कलेक्ट हो गया है। एचआरटीसी ने महिलाओं को यह सुविधा हिमाचल की सीमा के भीतर दी थी। इसे लेकर कुछ विवाद सीमा क्षेत्रों में सामने आया है। यहां पर महिलाओं ने फ्री यात्रा की डिमांड की, लेकिन पंजाब व हरियाणा की सीमा में जा रही एचआरटीसी की बस में यह सुविधा नहीं थी। बहरहाल सोमवार तक यह पता चलेगा कि एचआरटीसी ने रक्षाबंधन के मौके पर अपनी बसों में कितनी महिलाओं को सफर करवाया।
: *अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खत्म कराई इन 2 देशों की 37 साल पुरानी जंग*
विवादित इलाके में ट्रांजिट कॉरिडोर बनाने पर भी सहमति
डोनाल्ड ने फिर अलापा भारत -पाकिस्तान सीजफायर का राग
अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अजरबैजान और आर्मेनिया के बीच में पिछले 37 साल से चली आ रही जंग को खत्म करवा कर समझौता करवा दिया है। दोनों देशों के नेताओं के बीच बैठे डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि दोनों देशों के बीच में विवादित इलाके में ट्रांजिट कॉरिडोर बनाने पर भी सहमति बनी है। इसके अलावा राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर को लेकर एक बार फिर से अपनी पीठ थपथपाई।
उन्होंने कहा कि दोनों परमाणु संपन्न देश एक बड़े संघर्ष में उलझे हुए थे। व्हाइट हाउस में अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव और आर्मेनियाई प्रधानमंत्री निकोल की मेजबानी कर रहे ट्रंप ने दोनों देशों के बीच में शांति और व्यापारिक समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए। इस दौरान कॉरिडोर का नाम ट्रंप रूट फॉर इंटरनेशनल पीस एंड प्रॉस्पेरिटी नाम दिया जाएगा। यह कॉरिडोर आर्मेनिया के इलाके से निकलता हुआ अजरबैजान को उसके नखचिवान इलाके को जोड़ेगा। इस दौरान अजरबैजान और आर्मेनिया दोनों देशों के नेताओं ने इस लंबी और खूनी जंग को खत्म करवाने का श्रेय राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी टीम को दिया। इसके अलावा उन्होंने इजरायल,पाकिस्तान, कंबोडिया की लिस्ट में शामिल होते हुए अमरीकी राष्ट्रपति के लिए शांति में नोबेल पुरस्कार की भी मांग की।
: *बहुत बड़ी भूल… भारत पर टैरिफ को लेकर भड़के अमरीका के पूर्व NSA, ट्रंप को सुनाया*
राष्ट्रपति ट्रंप के करीबी जॉन बोल्टन ने दी चेतावनी, भुगतने पड़ेंगे सबसे बुरे नतीजे
कहा, डोनाल्ड की नीतियों से भारत हमसे दूर होकर चीन-रूस के पास जा रहा
रशिया को कमजोर करने के लिए हिंदुस्तान पर लगाया गया एक्स्ट्रा टैरिफ कहीं उल्टा न पड़ जाए
पूर्व अमरीकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व साथी जॉन बोल्टन ने कहा है कि राष्ट्रपति द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ वाशिंगटन के लिए सबसे बुरे नतीजे लेकर आएगा। ट्रंप की नीतियों से अमरीका के लिए नई दिल्ली और दूर हो गया है और रूस व चीन से दूर करने के अमरीका के दशकों के प्रयास नाकाम हो गए हैं। उन्होंने कहा कि इस कदम का उलटा असर हुआ है, जिससे भारत के साथ संबंध तनावपूर्ण हुए हैं, जबकि चीन को इससे कोई फर्क नहीं पड़ा है और अमरीका का एक अहम लक्ष्य कमजोर हुआ है। बोल्टन ने रूसी तेल खरीदने के लिए नई दिल्ली पर लगाए गए भारी टैरिफ की ओर इशारा किया और ट्रंप पर भारत की बजाय चीन को तरजीह देने का आरोप लगाया। उन्होंने इसे एक संभावित ‘बड़ी भूल’ बताया। ट्रंप ने अप्रैल में चीन के खिलाफ एक संक्षिप्त व्यापार युद्ध छेड़ा था, लेकिन तब से उन्होंने इसे और बढ़ाने से परहेज किया है, क्योंकि एक समझौता लंबित है। उन्होंने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है।
बोल्टन ने कहा कि यह विडंबना ही है कि रूस को नुकसान पहुंचाने के इरादे से लगाया गया टैरिफ, भारत को रूस और चीन के और करीब ला सकता है और शायद उन्हें अमरीका के खिलाफ मिलकर बातचीत करने के लिए प्रेरित कर सकता है। उन्होंने कहा कि चीन के प्रति ट्रंप की नरमी और भारत पर भारी टैरिफ, भारत को रूस और चीन से दूर करने के दशकों पुराने अमरीकी प्रयासों को खतरे में डालते हैं। बोल्टन ने कहा कि बीजिंग के प्रति ट्रंप के नरम रुख को राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ समझौते के लिए उत्सुकता में अमरीकी रणनीतिक हितों की बलि चढ़ाने के रूप में देखा जा सकता है। उन्होंने लिखा कि ऐसा लगता है कि व्हाइट हाउस टैरिफ दरों और अन्य मानकों पर बीजिंग के साथ नई दिल्ली की तुलना में ज्यादा नरमी बरतने की ओर अग्रसर है। अगर ऐसा है, तो यह एक बहुत बड़ी भूल होगी। ट्रंप का अतिरिक्त टैरिफ अब तक भारत को रूसी तेल खरीदना बंद करने के लिए राजी करने में नाकाम रहा है। भारत ने साफ किया है कि राष्ट्रहित में जो फैसला होगा, वह हम लेते रहेंगे।
: *पैसा है ही ऐसा, उधार में दिए पैसे वापस मांगे, तो दोस्त ने मार दी गोली*
पैसा है ही ऐसा, जो अपनों को अपनों से बेगाना कर देता है। रिश्तों में दरार डाल देता है। दोस्ती टूटकर दुश्मनी में तबदील हो जाती है। एक ऐसा ही मामला सामने है, जिसमें उधार का पैसा मांगने पर दोस्त ने दोस्त को ही गोली मार दी। जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश में लखनऊ के काकोरी इलाके में शनिवार सुबह उधार में दिए पैसे वापस मांगने पर एक युवक ने अपने साथी को गोली मार दी। गोली लगने के बाद युवक को इलाज के लिए ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया है।
पुलिस ने बताया कि मोइनुद्दीनपुर थाना काकोरी निवासी अनिल कुमार गौतम (25) और गुड्डू उर्फ शैलेंद्र नशा आदि करते हैं। आज आरोपी गुड्डू के साथ एक अंकित नामक व्यक्ति आया हुआ था, जिससे अनिल ने अपने उधार के पैसे मांगने लगा। यह बात गुड्डू को अच्छी नहीं लगी। उसने कहा कि अंकित उसके साथ आया है। इससे अभी पैसे नहीं मांग सकते हो। इस बात को लेकर दोनों में कहासुनी होने लगी। इस बीच मामला इतना बढ़ गया कि आरोपी गुड्डू दौड़ता हुआ अपने घर गया और घर से पिता की लाइसेंसी बंदूक लाकर अनिल को गोली मार दी। गोली लगते ही अनिल गिर पड़ा और गुड्डू मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों के सहयोग से घायल अनिल को सीएचसी काकोरी ले गई। जहां से उसे ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया है। गोली अनिल के पीठ में लगी है। साथ ही जिस डबल बैरल 12 बोर लाइसेंसी बंदूक से गोली मारी गई है, उसका लाइसेंस आरोपी गुड्डू के पिता हरिराम के नाम पर है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर प्रयास शुरू कर दिया है।
: *शुभमन गिल की जर्सी खरीदने के लिए मची होड़, लगी इतने लाख की बोली*
रेड फॉर रूथ स्पेशल ऑक्शन में भारतीय कप्तान की शर्ट पर लगी सबसे बड़ी बोली
भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल का बल्ला इंग्लैंड में खूब बोला। पांच मैचों की सीरीज में उन्होंने 754 रन ठोके। वह एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय कप्तान बन गए। अब शुभमन गिल मैदान के बाहर भी छा गए हैं। अब रेड फॉर रूथ स्पेशल ऑक्शन में खिलाडिय़ों की जर्सी और कैप नीलाम की गई। इसमें शुभमन गिल की जर्सी सबसे महंगी बिकी।
शुभमन गिल की जर्सी 4600 ब्रिटिश पाउंड यानी लगभग साढ़े 5 लाख रुपए में नीलाम हुई। रविंद्र जडेजा और जसप्रीत बुमराह की जर्सी 4200 ब्रिटिश पाउंड (4.94 लाख रुपए) में बिकी। ऋषभ पंत की जर्सी 3400 ब्रिटिश पाउंड (4 लाख रुपए) और केएल राहुल की जर्सी 4000 ब्रिटिश पाउंड (4.70 लाख रुपए) में नीलाम हुई। इंग्लैंड के खिलाडिय़ों में जो रूट की जर्सी सबसे महंगी बिकी। यह 3800 ब्रिटिश पाउंड (4.47 लाख रुपए) में नीलाम हुई तो बेन स्टोक्स की जर्सी पर 3400 ब्रिटिश पाउंड (4 लाख रुपए) की बोली लगी।
: *मीर को 110 बीघा जमीन लौटाएगी हिमाचल सरकार, सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर लगेगी मुहर* 0
1100 करोड़ के फेरे से बाहर आने को कवायद तेज
नेरचौक मेडिकल कालेज की नींव को मजबूत बनाए रखने के लिए सरकार मीर बख्श को 110 बीघा जमीन दे रही है। इसके लिए नाचन, बल्ह और सुंदरनगर में भूमि का चयन कर लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 1100 करोड़ के फेर में फं सी सरकार ने इससे बाहर आने के लिए कवायद तेज कर दी है। मंडी प्रशासन द्वारा चयनित इस भूमि को लेने के लिए मीर बख्श ने भी मंजूरी दे दी है। भूमि चयन की यह प्रक्रिया राज्य सरकार द्वारा मंडी के एडीएम मदन कुमार की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्य कमेटी की कई दौर की बैठकों से होकर गुजरी है। इस कमेटी में एडीएम मदन कुमार, बल्ह एसडीएम स्मृतिका नेगी सहित मंडी अटार्नी ऑफि सर शामिल हैं। इन बैठकों के दौरान मीर बख्श के वकील आरएल चौधरी भी मौजूद रहे। मीर बक्श को प्रशासन द्वारा के स्थान पर जमीन दिखाई गई, लेकिन जब बात नहीं बनी, तो फि र सुप्रीम कोर्ट में केस जीतने वाले मीर बक्श से ही पसंद की जमीन की सूची मांग ली गई। इस सूची के आधार पर ही 110 बीघा जमीन मीर बख्श को दी जा रही है।
प्रशासनिक अमला ने इन भूमियों की निशानदेही करने के साथ ही आधिकारिक सूचना भी जारी कर दी है। मीर बक्श को दी जा रही भूमि में नेरचौक मेडिकल कालेज के पास ही 15 बीघा का इंतजाम किया गया है। इसके अलावा छात्र में कृषि विभाग का फ ॉर्म और हराबाग में एचपीएमसी का बगीचा भी शामिल किया गया है। प्रशासनिक अमले ने 110 बीघा जमीन उपलब्ध करवाने की सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। राजस्व विभाग के आलाधिकारियों सहित सरकार को फाइल मंजूरी के लिए भेज दी गई है। ऐसे में यही बताया जा रहा है कि मीर बक्श को उनकी पसंद की भूमि उपलब्ध करवा कर हिमाचल हाई कोर्ट सहित सुप्रीम कोर्ट को रिप्लाई फ ाइल किया जाएगा। मंडी एडीएम मदन कुमार ने बताया कि मीर बक्श को दी जाने वाली जमीन के सबंध में औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। मंजूरी मिलते ही भूमि दे दी जाएगी। बल्ह एसडीएम स्मृतिका नेगी ने बताया कि भूमि मुहैया करवाने की प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा है। हिमाचल हाई कोर्ट के आदेशों की अनुपालना की जा रही है। मीर ने झटिंगरी नकारी : मीर बख्श को प्रशासन ने झंटिंगरी में एक साथ ही 110 बीघा जमीन देने की पेशकश की थी, लेकिन मीर बक्श ने इस भूमि को लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद ही मंडी के कुछ अन्य स्थानों पर मीर बक्श को जमीन उपलब्ध करवाने के प्रस्ताव दिए गए, जिन्हें मीर बख्श ने स्वीकार कर लिया। मंडी में अब मीर बख्श को एक साथ नहीं, बल्कि टुकडों में जमीन देने की तैयारी की गई है। 29 सालों से हो रही कोर्ट कचहरी : मीर बख्श बीते 29 सालों से पुश्तैनी 110 बीघा जमीन के लिए कोर्ट कचहरी के चक्कर काट रहा है। साल 1996 में जमीन के लिए केस फाइल किया गया था। साल 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल सरकार की याचिका को 25000 जुर्माने के साथ खारिज किया था और उसके बाद से ही आमिर बख्श को जमीन उपलब्ध करवाने की आदेश दिए गए थे। इन्हीं आदेशों की अनुपालना के लिए मंडी प्रशासन जमीन चयनित कर रहा है। दंगों में मीर ने खोए हैं 20 परिजन : भारत पाक विभाजन के दौरान मीर बख्श ने 1947 में एक साथ 20 परिजन खो दिए थे। इसके बाद यह मान लिया गया कि मीर बख्श पाकिस्तान चला गया है और राज्य सरकार ने 110 बीघा भूमि पर नेरचौक मेडिकल कालेज, एसडीएम आफि स सहित कई अन्य विभागों के आफिस संचालित कर दिए। —(एचडीएम)
बख्श को मिलेगी पसंद की भूमि
मीर बख्श को पसंद की जमीन मिल रही है। मंडी के गडारी और छात्र में कृषि विभाग की 94 बीघा जमीन, भौर में सेरी क्लचर की 10 बीघा और छरखी में उद्योग विभाग की 35 बीघा जमीन देखी गई है। इस से ही मीर बक्श को 110 बीघा जमीन उपलब्ध करवाई जाएगी।
जमीन पसंद आबंटन का इंतजार
हिमाचल हाई कोर्ट के वकील आरएल चौधरी ने बताया कि मंडी प्रशासन के साथ हुई बैठकों में मीर बख्श ने जमीन लेने पर सहमति जता दी है। ऐसे में आबंटन का इंतजार किया जा रहा है।
: *पौंग में डूबा 80 वर्षीय बुजुर्ग, झील किनारे गए थे भेड-बकरियां चराने*
पुलिस थाना जवाली के अधीन पौंग झील में डूबने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई है। मृतक की पहचान उत्तम चन्द (80) निवासी चबुआ के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी अनुसार झोंका रतियाल पंचायत के गांव चबुआ का निवासी बुजुर्ग उत्तम चन्द शुक्रवार को झील किनारे भेड़-बकरियां चराने गया था तथा शाम को जब वह घर नहीं आया तो उसकी तलाश की गई लेकिन कोई पता नहीं चला।
आज शनिवार को बुजुर्ग का शव झील में तैरता हुआ मिला। आशंका जताई जा रही है कि बुजुर्ग का पैर फिसलने से वह झील के गहरे पानी में गिर होगा जिससे उसकी मौत हो गई है। जवाली पुलिस को सूचना दी गई तथा पुलिस मौका पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। एसपी नूरपुर अशोक रतन ने पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर केस दर्ज करके पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
[: *भटियात से लड़ेंगे भरमौरी, भरमौर से बेटे का लड़ाएंगे विधानसभा चुनाव*
हिमाचल के पूर्व मंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ एवं कद्दावर नेता ठाकुर सिंह भरमौरी ने एक बड़ा बयान दिया है। भरमौरी ने कहा कि उनके समर्थक और जनता उन पर भटियात से अगला चुनाव लडऩे का भारी दबाव डाल रही है। उन्होंने भरमौर विधानसभा क्षेत्र को लेकर भी एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अमित भरमौरी को उन्होंने जनता को सौंप दिया है और अब वह आगामी चुनाव लड़ेगा।
भरमौरी ने मुख्यमंत्री कार्यालय को गुमराह करने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने कहा कि तीन चार बार पार्टियां बदलने वालों को तवज्जो दी जा रही है, जबकि पार्टी के निष्ठावान व वरिष्ठ नेता को दरकिनार किया जा रहा है। भरमौरी ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि यहां यूं ही हस्तक्षेप जारी रहा, तो मुझे सोचना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भटियात विस क्षेत्र के लोग भी आग्रह कर रहे हैं कि अगला चुनाव आप यहां से लडि़ए। उन्होंने कहा कि अपने मित्रों के साथ सलाह करने के बाद अगला कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि अकेले मुख्यमंत्री कुछ नहीं कर सकते हैं। हम सभी को इक_े आगे बढ़ेंगे, तभी इलेक्शन के दौरान किए दस वादे पूरे होंगे। भरमौरी ने जनजातीय विकास मंत्री पर भी भाजपा समर्थित लोगों के काम करने का आरोप लगाया है।
: *आपदामुक्त हिमाचल के लिए शिमला में हवन यज्ञ*
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज सावन मास की पूर्णिमा पर राजभवन में हवन यज्ञ किया और शांति तथा सुरक्षा के लिए प्रार्थना की। उन्होंने हिमाचल प्रदेश और उत्तराखण्ड में लगातार हो रही प्राकृतिक आपदा से सुरक्षा और ऐसी घटनाओं की पुनर्वावृति न हो, इसके लिए आहूति डाली। लेडी गवर्नर श्रीमती जानकी शुक्ल और राजभवन के सभी कर्मियों ने हवन यज्ञ में भाग लिया।
राज्यपाल ने कहा, ‘‘हम हिमाचल के लोग धर्म को मानने वाले लोग हैं और हमारा यह अटूट विश्वास है कि इस तरह के आयोजन निश्चित तौर पर देवभूमि को प्राकृतिक प्रकोप से बचाने का काम करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि पिछले दो-तीन वर्षों से हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से काफी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों वह स्वयं भी मंडी जिले के सिरोज क्षेत्र गए थे और नुकसान का जायज़ा लिया था। इस आपदा में काफी जन-धन की हानि हुई है। उन्होंने कहा कि हवन के माध्यम से उन्होंने सभी पूण्य आत्माओं की शांति के लिए भी प्रार्थना की है। इसके बाद, मैत्री संस्था तथा राज्य रेडक्रॉस की महिलाओं ने राज्यपाल की कलाई में रक्षासूत्र बांधकर उनकी लम्बी आयु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। राज्यपाल ने कहा कि रक्षासूत्र की नन्ही डोर कलाई ही नहीं, आत्मा को भी जोड़ती है। उन्होंने स्नेह और विश्वास के इस पावन पर्व रक्षाबंधन की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल के सचिव श्री सी.पी. वर्मा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
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नशे के प्रयोग को लेकर प्रदेश की पंचायतों को रेड, येलो और ग्रीन तीन श्रेणियों में बांटा जाएगा। ऐसी पंचायतें, जिनमें चिट्टे की अधिक तस्करी और प्रयोग हो रहा है, उन्हें रेड श्रेणी में रखा जाएगा। जिन पंचायतों में भांग की तस्करी और प्रयोग अधिक हो रहा है, उन्हें येलो श्रेणी में रखा जाएगा। नो ड्रग पंचायत को ग्रीन श्रेणी में रखा जाएगा। प्रदेश सरकार के निर्देशों पर हिमाचल पुलिस ने पंचायतों के नशाें के आधार पर वर्गीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत किस जिले में कितने मामले दर्ज हैं, इसका डाटा भी जुटाया जा रहा है। पंचायत स्तर पर नशों की तस्करी और प्रयोग करने वालों का डाटा जुटाने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों, नायब तहसीलदार और नंबरदार से जानकारी हासिल की जा रही है। मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग को एंटी ड्रग स्ट्रेटजी के तहत आयोजित बैठक में नशों की तस्करी और उपयोग करने वालों का वास्तविक डाटा तैयार करने के निर्देश दिए थे ताकि नशा तस्करों से निपटने के लिए एनडीपीएस कमांडो फोर्स का गठन किया जा सके।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल भी प्रदेश में बढ़ती नशे की समस्या पर चिंता जता चुके हैं। प्रदेश में की जा रही ड्रग नेटवर्क मैपिंग के माध्यम से मिलने वालों आंकड़ों के आधार पर नशे में फंसे युवाओं को नशा मुक्ति केंद्रों तक पहुंचा कर समाज की मुख्य धारा में जोड़ने का भी प्रयास किया जाएगा।
: *चंबा-होली मार्ग पर ज्युरा माता मंदिर के समीप बोलेरो कैंपर दुर्घटनाग्रस्त, चालक की मौत*
चंबा-खड़ामुख-होली मार्ग पर ज्युरा माता मंदिर के पास बोलेरो कैंपर दुर्घटनाग्रस्त होने से चालक की मौत हो गई। *मृतक चालक की पहचान सुनील कुमार (22) पुत्र किशो राम निवासी कुलेठ ग्राम पंचायत किलोड़ (लिल्ह) के रूप में हुई है। शुक्रवार मध्यरात्रि ये दर्दनाक हादसा हुआ।* वाहन गिरने की आवाज सुन ग्रामीण मौके पर पहुंचे। साथ ही पुलिस और अग्निशमन विभाग को भी सूचित किया। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस, अग्निशमन की टीमों ने लापता चालक की तलाश में सर्च ऑपरेशन आरंभ किया। मध्यरात्रि तक तलाश करने पर भी चालक का कोई सुराग नहीं लगा। आखिरकार पुलिस ने रात 2:00 बजे रावी नदी में लापता चालक का शव बरामद किया और सड़क तक पहुंचाया। जिसके बाद शव को सिविल अस्पताल भरमौर पहुंचाया गया। जहां पर शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द किया गया।
पुलिस से मिली जानकारी अनुसार बोलेरो गाड़ी निजी जल विद्युत परियोजना में पांच वर्षों के लिए कांटेक्ट पर लगी थी। रोजमर्रा की तरह शुक्रवार रात को सुनील कुमार होली में कंपनी की शिफ्ट छोड़ वापस गरोला आ रहा था। ज्युरा माता मंदिर के समीप पहुंचने पर अचानक गाड़ी अनियंत्रित होकर 250 मीटर नीचे रावी नदी में जा गिरी। बताया जा रहा है कि चालक गरीब परिवार से संबंध रखता था। भरमौर थाना के प्रभारी बाबूराम ने कहा कि बीती रात बोलेरो कैंपर गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त होने से चालक की मौत हुई है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
: *चबा,60 लाख से खरीदी जाएगी ट्रॉमा केयर सेंटर के लिए आधुनिक मशीनरी*
चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा केयर सेंटर में 60 लाख की लागत से दस आधुनिक मशीनें स्थापित होंगी। इसके लिए शिमला में मेडिकल कॉरपोरेशन ने टेंडर भी अवार्ड कर दिया है। *मशीनों को खरीदने की औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। इसके बाद मरीजों को ट्रॉमा सेवाओं के लिए टांडा या शिमला नहीं जाना पड़ेगा*। 60 लाख से खरीदी जाने वाली मशीनों में एनस्थीसिया वर्कस्टेशन, कार्म, कॉटरी, सक्शन, टरनीक्विट, ऑटोक्लेव, मल्टीपारा मॉनिटर, ऑर्थो संबंधित औजार, डेफिब्रिलियेटर और बैटरी ऑप्रेटड ड्रिल शामिल हैं। एक्सरे व वेंटिलेटर की मशीनें पहले ही स्थापित की जा चुकी हैं।
जिले की पौने छह लाख आबादी मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निर्भर रहती है। यहां पर विशेषज्ञ सहित अन्य सभी सुविधाएं मरीजों को उपलब्ध हो जाती हैं लेकिन दुर्घटना सहित अन्य घटनाओं में घायल होने वाले मरीजों को ट्रॉमा केयर सेंटर की सेवाओं के लिए टांडा रेफर किया जाता है। ऐसे में प्रबंधन ने सरकार को इस समस्या से अवगत करवाया। जिसके परिणाम स्वरूप शिमला में मशीनों को खरीदने के टेंडर हो चुके हैं। जल्द ही बोर्ड चंबा के लिए मशीनें खरीद सकता है।
मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉक्टर मानिक सहगल ने बताया कि शिमला में मशीनों का टेंडर खुल चुका है। जल्द ही सरोल में संचालित ट्रॉमा केयर सेंटर में मरीजों को सेवाएं मिलना शुरू हो
: *तो भटियात हलके से चुनाव लड़ेंगे ठाकुर सिंह भरमौरी*
*दिग्गज कांग्रेस नेता के बयान से सियासी गलियारों में मची खलबली, अमित भरमौरी को भरमौर से इलेक्शन लड़वाने की चर्चाएं; कहा, भरमौर के लिए आंदोलन भी करूंगा*
हिमाचल में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष को लेकर चल रही कशमकश के बीच पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ नेता ठाकुर सिंह भरमौरी ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर एक बडा ब्यान दिया है। *भरमौरी ने कहा कि भटियात विस क्षेत्र के लोग उनसे आग्रह कर रहे है कि वह अगला चुनाव वहां से लडे। उन्होंने कहा कि वह अपने मित्रों से इस को लेकर सलाह करेंगे और जानने की उनकी क्या मंशा है। ठाकुर सिंह भरमौरी ने कहा कि अमित भरमौरी को पब्लिक के हवाले कर दिया है और अब वह फील्ड में है।* उन्होंने एलान किया कि अमित भरमौरी अगले इलेक्शन में भरमौर विधानसभा क्षेत्र से एमएलए केंडीडेट होंगे। भरमौरी ने कहा कि भरमौर विधानसभा क्षेत्र में अगर यूं ही हस्तक्षेप जारी रहा तो मुझे कुछ सोचना पडेगा, चंूकि लोग भी मुझे कंपेल कर रहे है। बकौल भरमौरी अगर वो मेरे से टकराते रहे कोई, पांच-पांच पार्टियां बदलने वाले लोग, उनको भी मैं छठी का दूध याद दिलाउंगा। भरमौरी ने कहा कि भरमौर विस क्षेत्र या जिला के अधिकारी गडबड करते है अथवा कानून के दायरे में काम नहीं करते है, तो उनके खिलाफ आंदोलन करूंगा। उन्हेांने कहा कि यह मैं, नहीं बल्कि मेरे लोग बन रहे है।
*विरोधी पक्ष की पंचायतों को मिल रहा पैसा*
ठाकुर सिंह भरमौरी ने कहा कि किन्नौर से मंत्री है और हमारी पीएसी के चेयरमैन है। बावजूद इसके वह भी जब यहां डिस्ट्रीब्यूशन करते है, उसमें विरोधी पक्ष के लोगों को पैसा देते है। उन्होंने कहा कि भरमौर ट्राईबल क्षेत्र में 31 पंचायतें है। उन्होंने आरोप लगाया कि पांगी और भरमौर में विरोधी पंचायतों को ही पैसा दे रहे है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी भी साफ कहते है कि हमारे हाथ में कुछ नहीं है।
*भरमौरी का आरोप, उद्घाटन शिलान्यास पट्टिकाएं कर दी गायब*
ठाकुर सिंह भरमौरी ने कहा कि पांगी और भरमौर में अधूरे भवनों के उदघाटन हो रहे है। उन्होंने आरोप लगाया कि मैंने और मेरे मुख्यमंत्री ने उदघाटन व शिलान्यास किए थे, उनकी प्लेटे ही गायब कर दी है। उन्होंने कहा कि ऐसा करने वालों के खिलाफ कारवाई नहीं की, तो लोगों को लेकर मैं आंदोलन करूंगा और कार्यालयों का घेराव करूंगा, उसकी कोई सीमा नहीं होगी। भरमौरी ने दोहराया कि जो मुझसे और मेरे लोगों से टकराएगा, उन्हें किसी सूरत में नहीं बखूंगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वह इस तरह के लोगों पर लगाम लगाए। बकौल भरमौरी जो पंछी तैयार कर रखें है, उनको मन्हा कर दें, अन्यथा आपकी बहुत बदनामी हो रही है।
*मणिमहेश यात्रा के प्रबंधों पर उठाए सवाल*
ठाकुर सिंह भरमौरी ने कहा कि मणिमहेश यात्रा को लेकर अभी तक प्रशासन के प्रबंध सही नहीं है। उन्होंने कहा कि अपने समय में मुख्यमंत्री के साथ छह माह पहले बैठक करते है और वहां से आदेश आते थे तथा प्रबंध हो जाते थे। उन्होंने कहा कि भरमौर में यातायात की सही व्यवस्था नहीं है और यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी परेशानी होती है। ठाकुर सिंह भरमौरी ने कहा कि यात्रा के दौरान रूट की बसों को रोक लिया जाता है और स्थानीय यात्रियों को बेहद दिक्कत उठानी पडती है। लिहाजा मैंने यह मामला प्रशासन के समक्ष उठाया है कि बस सेवा नियमित होनी चाहिए। साथ ही प्रशासन को स्थानीय लोगों व नेताओं से सुझाव लेने की भी बात कही है।
*सीएम-सचिवालय को कुछ ताकतें कर रहीं गुमराह*
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ठाकुर सिंह भरमौरी ने कहा कि जिला और राज्य की कुछ ऐसी ताकतें है, जो मुख्यमंत्री और सचिवालय को गुमराह कर रहे है। उन्होंने कहा कि जो लोग एमएलए नहीं है, जो हमने बजट का प्रावधान करके भरमौर, पांगी और गैर जनजातीय क्षेत्र में जो भवन बनाए है, उनका शिलान्यास की पटिटका पर मुख्यमंत्री और विस अध्यक्ष के बाद उनका नाम लिख रहा है। उन्होंने कहा कि यह बडा हैरानीजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो भी संबंधित अधिकारी है, वह मुख्यमंत्री को मिस गाईड कर रहे है। उन्होंने कहा कि सीएम ऑफिस की मंजूरी के ही उदघाटन और शिलान्यास होते है।
*अढाई साल सहता रहा, मैंने उफ तक नहीं की*
ठाकुर सिंह भरमौरी ने कहा कि जिस विस क्षेत्र को पचास वर्षो तक बनाया, सींचा और पार्टी को मजबूत किया, उस सिस्टम को खत्म कर दिया, जो कि सहन योग्य नहीं है। बकौल भरमौरी अढाई साल मैं सहन करता रहा और उफ तक नहीं की। मैंने मुख्यमंत्री को कहा कि भरमौर विस क्षेत्र बिगाड दी गई है और आग्रह किया कि मुझे शिमला बुलाओ तथा मीटिंग करो। लेकिन दुर्भाग्य है कि आज दिन तक उस ओर से कोई मैसेज
नहीं आया।
*जो मेरे से टकराएगा उसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा*
ठाकुर सिंह भरमौरी ने कहा कि एक मर्तबा उनका टिकट काट दिया गया था। उस दौरान भरमौर विस क्षेत्र की जनता चंबा के चौगान पहुंच गई थी और नामिनेशन भर कर मुझे आजाद केंडीडेट बनाकर भेजा। उस दौरान मैंने कांग्रेस की सरकार बनाई थी। उन्होंने कहा कि आज चंबा जिला के जो मेरे साथी है, वह राह भटक गए है। उन्होंने कहा कि जो मेरे से टकराएगा, उसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
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