BNMU के तीन अधिकारियों ने दिया सामूहिक इस्तीफा:UMIS को अवैध भुगतान का दबाव बनाने का आरोप, नए अधिकारी नियुक्त

Mar 24, 2026 - 15:49
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BNMU के तीन अधिकारियों ने दिया सामूहिक इस्तीफा:UMIS को अवैध भुगतान का दबाव बनाने का आरोप, नए अधिकारी नियुक्त
बीएन मंडल विश्वविद्यालय में एक बड़ा प्रशासनिक संकट सामने आया है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव, वित्त पदाधिकारी (FO) और परीक्षा नियंत्रक ने सामूहिक रूप से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। तीनों अधिकारियों का इस्तीफा राजभवन द्वारा स्वीकार भी कर लिया गया है। इस घटनाक्रम के बाद विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वीसी पर गंभीर आरोप लगाकर दिया इस्तीफा तीनों अधिकारियों ने राज्यपाल सचिवालय को भेजे गए अपने इस्तीफे में कुलपति (VC) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। 16 मार्च को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि उन पर लगातार गलत कार्य करने का दबाव बनाया जा रहा था। अधिकारियों के मुताबिक, विश्वविद्यालय में नियमों की अनदेखी करते हुए फैसले लेने को मजबूर किया जा रहा था, जिसका उन्होंने विरोध किया। विरोध करने के बाद उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। UMIS भुगतान को लेकर बढ़ा विवाद इस्तीफा देने वाले अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि U.M.I.S (यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम) के प्रभारी आशुतोष को बिना वैध स्वीकृति के भुगतान करने का दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई, तो उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और उन्हें धमकाया गया। यहां तक कि पद से हटाने की चेतावनी भी दी गई। यह मामला विश्वविद्यालय के वित्तीय पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े करता है। ‘समर्थ पोर्टल’ को लेकर भी विवाद सत्र 2026-30 से लागू होने वाले ‘समर्थ पोर्टल’ को लेकर भी बड़ा विवाद सामने आया है। अधिकारियों का आरोप है कि इससे जुड़े एक आवेदक पर आवेदन वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आवेदक ने ऐसा नहीं किया, तो उसे निलंबित करने की धमकी दी जा रही थी। इस तरह के आरोप विश्वविद्यालय की प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न खड़े करते हैं। अंकपत्र में गड़बड़ी का भी आरोप इस्तीफा देने वाले अधिकारियों ने यह भी दावा किया है कि U.M.I.S के माध्यम से विश्वविद्यालय के आधिकारिक रिकॉर्ड से अलग अंकपत्र जारी किए जा रहे हैं। अगर यह आरोप सही साबित होता है, तो यह छात्रों के भविष्य के साथ बड़ा खिलवाड़ हो सकता है। इस खुलासे ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक विश्वसनीयता को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। सुरक्षा और प्रतिष्ठा पर खतरे का जताया डर तीनों अधिकारियों ने अपने इस्तीफे में कहा है कि वर्तमान परिस्थितियों में उनकी प्रतिष्ठा के साथ-साथ जान-माल की सुरक्षा भी खतरे में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन हालात में काम करना उनके लिए संभव नहीं रह गया था। इसी कारण वे सामूहिक रूप से इस्तीफा देने को मजबूर हुए। साथ ही उन्होंने राज्यपाल सह कुलाधिपति से मामले में हस्तक्षेप कर सुरक्षा और न्याय की मांग की है। राजभवन ने तुरंत की नई नियुक्तियां मामले की गंभीरता को देखते हुए राजभवन ने तीनों अधिकारियों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और नए अधिकारियों की नियुक्ति भी कर दी है। सहरसा स्थित SNSRKS कॉलेज के जियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार सिंह को नया कुलसचिव नियुक्त किया गया है। वहीं, आरएम कॉलेज के फिजिक्स के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अरुण कुमार झा को नया परीक्षा नियंत्रक बनाया गया है। विश्वविद्यालय में मचा हड़कंप इस सामूहिक इस्तीफे के बाद विश्वविद्यालय परिसर में हड़कंप की स्थिति है। शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों के बीच इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आरोपों की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो इससे विश्वविद्यालय की साख पर गहरा असर पड़ सकता है। जांच और कार्रवाई पर टिकी नजरें फिलहाल सभी की नजरें राजभवन और राज्य सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। यह देखना अहम होगा कि इन गंभीर आरोपों की जांच किस तरह से की जाती है और दोषी पाए जाने पर क्या कार्रवाई होती है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर विश्वविद्यालयों में पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रशासनिक सुधार की जरूरत को उजागर कर दिया है।

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Admin तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला