US On Strait of Hormuz: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर कैसे नजर रखता है अमेरिका, ईरान के इरादों को रोकने का क्या है प्लान?
US On Strait of Hormuz: मिडिल ईस्ट में ईरान, इजरायल और यूनाइटेड स्टेट्स के बढ़ते मिलिट्री टेंशन का असर अब होर्मुज स्ट्रेट पर भी पड़ रहा है. यूनाइटेड स्टेट्स इस इलाके पर काफी करीब से नजर रखता है. ऐसा इसलिए ताकि यह पक्का हो सके कि इंटरनेशनल शिपिंग बिना किसी रूकावट के जारी रहे. इस इलाके में यूनाइटेड स्टेट्स ने अपने मिलिट्री प्रजेंस को 2003 के बाद से सबसे ज्यादा लेवल पर बढ़ा दिया है.
होर्मुज स्ट्रेट का स्ट्रैटेजिक महत्व
होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है. इससे यह खाड़ी देशों से तेल एक्सपोर्ट का मुख्य एग्जिट रूट बन जाता है. हर दिन लाखों बैरल कच्चा तेल और बड़ी मात्रा में लिक्विफाइड नेचुरल गैस इस वॉटरवे से गुजरती है. इस रास्ते में आई कोई भी रुकावट तुरंत ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर असर डाल सकती है. इससे दुनिया भर में तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं.
यूनाइटेड स्टेट्स फिफ्थ फ्लीट की भूमिका
होर्मुज स्ट्रेट की मॉनिटरिंग के लिए जिम्मेदार मुख्य अमेरिकन मिलिट्री फोर्स यूनाइटेड स्टेट्स नेवी का फिफ्थ फ्लीट है. इसका हेड क्वार्टर बहरीन में है. यह फ्लीट फारस की खाड़ी, अरब सागर और आसपास के पानी में समुद्री रक्षा करता है. यह रेगुलर तौर पर शिप ट्रैफिक और संभावित खतरों पर नजर रखने के लिए साथी नेवी के साथ पेट्रोलिंग, सर्विलांस मिशन और ज्वाइंट ऑपरेशन करता है.
कैसे रखी जाती है नजर?
स्ट्रेट पर नजर रखने के लिए यूनाइटेड स्टेट्स एडवांस्ड एरियल सर्विलांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करता है. P-8A पोसाइडन मैरीटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट जैसे एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल नेवल मूवमेंट को ट्रैक करने और समुद्री सतह पर हो रही हलचलों पर नजर रखने के लिए किया जाता है. इसके अलावा MQ-4C टाइटन जैसे लंबी दूरी के ड्रोन बड़े समुद्री इलाकों पर लगातार निगरानी करते हैं. इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल इलाके में रडार सिस्टम, कम्युनिकेशन और इलेक्ट्रॉनिक एमिशन की निगरानी करके सिग्नल इंटेलिजेंस इकट्ठा करने के लिए किया जाता है.
सैटेलाइट मॉनिटरिंग की व्यवस्था
अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट के आसपास की गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए सैटेलाइट सर्विलांस का भी इस्तेमाल करता है. हाई रेजोल्यूशन सैटलाइट इमेजरी का इस्तेमाल करके अमेरिकी डिफेंस एजेंसियां बंदर अब्बास जैसे ईरानी नेवल बेस, मिसाइल इंस्टॉलेशन और सैनिकों की मूवमेंट पर नजर रख सकती है.
यूनाइटेड स्टेट्स कैसे है तैयार?
होर्मुज स्ट्रेट के लिए संभावित खतरों का मुकाबला करने के लिए यूनाइटेड स्टेट्स ने कई स्ट्रैटेजिक उपाय किए हैं. एक खास प्लान में कमर्शियल जहाज के लिए एस्कॉर्ट ऑपरेशन शामिल हैं. यहां नेवी फोर्स तेल टैंकर और कार्गो जहाज के साथ जाती है ताकि स्ट्रेट से सुरक्षित रास्ता पक्का हो सके. 1980 के दशक के टैंकर वॉर्स के दौरान भी इसी तरह के एस्कॉर्ट मिशन का इस्तेमाल किया गया था.
स्ट्रेटजी का एक और जरूरी हिस्सा इलेक्ट्रॉनिक वाॅरफेयर सिस्टम है. यह कम्युनिकेशन, नेटवर्क सिस्टम और मिसाइल गाइडेंस टेक्नोलॉजी को रोक या जाम कर सकता है. इसी के साथ यूनाइटेड स्टेट्स इंटरनेशनल पार्टनर्स के साथ मिलकर एक मल्टीनेशनल मैरीटाइम सिक्योरिटी फ्रेमवर्क बनाने पर भी काम कर रहा है.
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