Holi 2026: महादेव की होली में रंगा पूरा सीहोर, ब्रज की तर्ज पर यहां मनाते हैं त्योहार

Mar 5, 2026 - 17:15
 0  0
Holi 2026: महादेव की होली में रंगा पूरा सीहोर, ब्रज की तर्ज पर यहां मनाते हैं त्योहार

Holi 2026: दुनिया में भारत अपने त्योहारों के लिए एक अलग पहचान रखता है, यूं तो हर त्योहार प्रेम और सद्भावना से जुड़े हैं. महादेव की होली अब शहर ही नहीं पूरे देश की पहचान बन गई है. हर साल की तरह इस साल भी कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के सानिध्य में काशी, मथुरा और बरसाने की तर्ज पर सीहोर में महादेव की होली मनाई जा रही है. यहां 2 दिन तक होली की रौनक रहती है

क्या है महादेव की होली

आज भक्ति और आस्था के अनुपम रंग में रंग गया है. महादेव की होली इसलिए खास है कि महादेव की होली में केवल गुलाल और फूल का प्रयोग किया जाता है. महादेव की होली शिव और गुरु के साथ खेली जाने वाली होली है, जो ये बताती हे की बड़ो के पास बैठोगे तो जीवन खुशियों के रंग से भर जाएगा. 

महादेव की होली शिव मंदिर से प्रारम्भ होकर शिव मंदिर पर ही विराम होती है. ये शिव की होली है,बाबा खुशियों के रंग से जीवन को भर देते है. महादेव की होली गुरु के साथ पांच शिव मंदिर में होने वाली होली है.

सीहोर में शिव मंदिर में होली की धूम

पंडित मिश्रा ने सभी देशवासियों को अपने-अपने यहां पर शिव मंदिरों में भगवान शिव को एक लोट चंदन युक्त समर्पित करने को कहा है. इस वर्ष आज पांच मार्च को नगर पालिका के पास चमत्कालेश्वर महादेव से इसके पश्चात अन्य शिव मंदिरों से होते हुए प्राचीन मनकामेश्वर महादेव मंदिर तहसील चौराहे होली जारी है. होली का पर्व शहरवासियों का है, इसमें छावनी, मंडी, गंज, कस्बा सहित अन्य के क्षेत्रवासी पूरी आस्था के साथ महादेव की होली खेल रहे है.

प्रत्येक शिव मंदिर में मातृ शक्ति के अलावा सभी श्रद्धालु भगवान शिव की विशेष पूजा अर्चना कर रहे हैं इसके साथ केसरिया रंग एक लोटे में भरकर भगवान को समर्पण कर रहे वो और उसके बाद पूरे उत्साह के साथ होली का पर्व मनाया जा रहा है पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि उत्साह , पूरी शांति के साथ मनाए. महादेव की होली में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं पर सिर्फ गुलाल और फूलों से उनका स्वागत करे.

महादेव की दिव्य होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि आध्यात्मिक जागरण का पर्व है. पंडित मिश्रा के आह्वान के बाद देशभर से श्रद्धालु इस पावन उत्सव में शामिल होने आते हैं.

  • छावनी स्थित चमत्कारेश्वर महादेव मंदिर से होली की शुरुआत हुई. यहां केसरिया रंग और गुलाल से महादेव के साथ होली खेली.
  • इसके बाद शहर के अन्य मंदिर गुप्तेश्वर महादेव, पिपलेश्वर महादेव, नर्मदेश्वर महादेव होते हुए मनकामेश्वर महादेव मंदिर पहुंचेगी.
  • शिव भजनों, ढोल-नगाड़ों और हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज रहे हैं. 
  • मनकामेश्वर मंदिर पहुंचकर विशेष आरती के साथ आयोजन का समापन होगा.
  • पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि दुनिया ब्रज की होली देखती है, लेकिन महादेव होली का दर्शन कर आस्था के नए आयाम को अनुभव करने का अवसर है.

Chaitra Month 2026: हिंदू कैलेंडर का पहला माह चैत्र है बड़ा पुण्यकारी, करें ये 6 काम, बदल सकता है भाग्य!

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0
Admin तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला