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विश्वकर्मा युवा कल्याण समिति द्वारा श्री विश्वकर्मा प्रकटोत्सव आस्था के साथ मनाया विपिन राठौर मीरापुर मुज़फ्फरनगर मीरापुरः कस्बे में श्री विश्वकर्मा युवा कल्याण समिति द्वारा श्री विश्वकर्मा प्रकटोत्सव आस्था के
विश्वकर्मा युवा कल्याण समिति द्वारा श्री विश्वकर्मा प्रकटोत्सव आस्था के साथ मनाया
विपिन राठौर मीरापुर मुज़फ्फरनगर मीरापुरः कस्बे में श्री विश्वकर्मा युवा कल्याण समिति द्वारा श्री विश्वकर्मा प्रकटोत्सव आस्था के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हवन यज्ञ का आयोजन कर सृष्टि के कल्याण की कामना की।
मीरापुर में शनिवार की सुबह सब्जी मंडी के निकट धीमान प्रिंटर्स पर भगवान विश्वकर्मा जी का प्रकटोत्सव मनाया गया। सर्वप्रथम ब्रजेश धीमान और राकेश धीमान ने भगवान विश्वकर्मा के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित किया। इसके बाद हवन यज्ञ का आयोजन किया गया। पं. संतोष शुक्ला ने मंत्रोंच्चार से वातावरण को भक्तियम बना दिया। श्रद्धालुओं ने जन कल्याण की भावना जाग्रत करते हुए यज्ञ में आहुति दी। श्री विश्वकर्मा युवा कल्याण समिति के अध्यक्ष सोनू धीमान और उनकी पत्नी सोनिया धीमान मुख्य यजमान रही। इस दौरान उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा विज्ञान के रचियता हैं उनकी ही देन है कि आज इस आधुनिक युग में भारत एक विशाल शक्ति बनकर दुश्मनों को नाकों चने चबवाने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमें एक दूसरे की मदद करनी चाहिए। संजीव धीमान ने सभी आगुन्तकों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर जगशरण धीमान, दयाराम धीमान, पूर्व अध्यक्ष राजकुमार धीमान, सत्य प्रकाश धीमान, सुभाष धीमान, चन्द्रप्रकाश धीमान, चन्द्रमोहन धीमान, दीपक धीमान, प्रदीप धीमान, सोहन धीमान, संदीप धीमान, मनीष धीमान, नीरज धीमान, अर्थव धीमान, कुणाल धीमान, सतीश धीमान, आशीष धीमान, हर्षित धीमान, प्रणव धीमान, कनन धीमान आदि मौजूद रहे।
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: *बजट 2026-27 लगातार 9वीं बार केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, पढ़ें बड़ी घोषणाएं*
बजट 2026-27: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज केंद्रीय बजट 2026-27 पेश कर रही हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वर्ष 2026- 27 के केंद्रीय बजट को रविवार सुबह मंजूरी दे दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में संसद भवन में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में बजट को मंजूरी दी गई। वित्त मंत्री सीतारमण लगातार नौंवीं बार बजट पेश कर रही हैं। इससे पहले वित्त मंत्री बजट की प्रति के साथ वित्त मंत्रालय के कार्यालय कर्तव्य भवन से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलने के लिए राष्ट्रपति भवन गई। राष्ट्रपति मुर्मु ने दही और चीनी खिलाकर उनका पारंपरिक स्वागत किया। वित्त मंत्री ने राष्ट्रपति के साथ बजट के संबंध में कुछ चर्चा भी की। इस अवसर पर उनके साथ वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी तथा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। राष्ट्रपति ने श्रीमती सीतारमण और उनकी टीम को बजट पेश करने के लिए शुभकामनाएं दी।
बजट में ये हुई बड़ी घोषणाएं-
वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि 10 हजार करोड़ का SME ग्रोथ फंड रहेगा। टेक्सटाइल सेक्टर को भी सरकार बूस्टर देगी। 5 लाख से ऊपर आबादी वाले शहरों में सरकार इन्फ्रा बूस्ट करेगी।
वित्त मंत्री ने खादी को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना का प्रस्ताव रखा।
वित्त मंत्री ने कहा कि हम इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की शुरुआत करेंगे। इसके साथ ही उद्योग-नेतृत्व वाले रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटरों पर फोकस किया जाएगा, ताकि तकनीक आधारित और कुशल वर्कफोर्स तैयार की जा सके।
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत को वैश्विक बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने के लिए
TRN LIVE: *केंद्रीय बजट 2026-27 पर आई कांग्रेस की प्रतिक्रिया, जयराम रमेश ने बताया निराशाजनक*
कांग्रेस ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया करते हुए इसे पूरी तरह निराशाजनक और फीका करार दिया है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने बजट पर प्रतिक्रिया करते हुए सोशल मीडिया पर रविवार को लिखा कि भले ही बजट दस्तावेजों का विस्तृत अध्ययन अभी किया जाना बाकी है, लेकिन बजट भाषण के 90 मिनट बाद ही यह साफ हो गया है कि बजट को लेकर जो माहौल और प्रचार बनाया गया था, उस पर यह पूरी तरह खरा नहीं उतरता।
उन्होंने कहा कि यह बजट न तो नई दिशा दिखाता है और न ही किसी बड़े बदलाव का संकेत देता है। जयराम रमेश ने बजट भाषण को अस्पष्ट और गैर-पारदर्शी बताते हुए कहा कि इसमें प्रमुख कार्यक्रमों और योजनाओं के लिए बजटीय आवंटन की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। उनके अनुसार सरकार ने वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश की है और आम जनता को निराशा हाथ लगी है।
TRN LIVE: *मंडी में जमीन विवाद ने लिया खूनी रूप 52 वर्षीय व्यक्ति की बेरहमी से हत्या, पत्नी और बेटा गिरफ्तार*
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में घरेलू विवाद ने खूनी रूप ले लिया। दरअसल, एक 52 वर्षीय व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी और बेटे को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में जमीनी विवाद को घटना का कारण बताया जा रहा है।
घर के अंदर मिली लाश
जानकारी के मुताबिक, घटना जिले के धर्मपुर उपमंडल के गांव भेड़ी की है। मृतक की पहचान गांव भेड़ी-एक निवासी 52 वर्षीय भीखम राम के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, भीखम राम के घर गुरूवार रात को झगड़े की आवाजें सुनी गई थीं। अगले दिन सुबह भीखम राम का शव घर के भीतर मिला। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया और मामले की जांच में जुट गई।
जमीन विवाद बना खूनी खेल
पुलिस के अनुसार, मृतक के भाई की शिकायत के आधार पर जांच की गई तो सामने आया कि जमीन विवाद को लेकर भीखम राम के साथ उसकी पत्नी शकुंतला देवी और बेटे प्रवीण ने मारपीट की थी। गंभीर चोटें लगने के कारण भीखम राम की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शनिवार को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। डीएसपी धर्मपुर संजीव सूद ने बताया कि जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ है कि पत्नी और बेटे ने मिलकर भीखम राम के साथ मारपीट की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आरोपियों से पूछताछ के आधार मामले में आगे की कानून कारवाई की जाएगी
TRN LIVE: *Union Budget 2026-27 : बजट में 1500 करोड़ का जिक्र नहीं, सरकार की उम्मीदों को झटका*
पीएम मोदी ने प्रदेश में आपदाग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद की थी घोषणा, सरकार की उम्मीदों को झटका
हिमाचल को आपदा में मिले जख्मों पर मरहम लगाने के लिए आर्थिक सहायता की आस में बैठी सरकार और जनता को केंद्रीय बजट से बड़ा झटका लगा है। प्रधानमंत्री की प्रदेश को पंद्रह सौ करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता का बजट में जिक्र तक नहीं हुआ है। इसके चलते केंद्र से मदद की आस लगाए बैठे आपदा प्रभावित क्षेत्रों को भी राहत की उम्मीदों पर भी पानी फिर गया है। वहीं, बजट में 1500 करोड़ की आर्थिक सहायता का जिक्र न होने के चलते कांग्रेस को भी एक बड़ा मुद्दा मिल गया है। तीन साल से लगातार आपदाओं का दंश झेलते चलते आ रहे प्रदेश को केंद्रीय बजट में आर्थिक सहायता का प्रबंध नहीं किया है। अहम है कि वर्ष 2025 में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में आई आपदा के चलते राज्य को 6000 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ था। सितंबर, 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंडी, कुल्लू और चंबा जिला समेत अन्य आपदाग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया था।
उस दौरान पीएम ने कांगड़ा जिला में आपदा पीडि़तों के साथ भी मुलाकात की थी और हिमाचल को 1500 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की थी। पीएम की इस घोषणा के बाद राज्य को सहायता न मिलने का मुद्दा हिमाचल में गूंजता रहा है। वहीं, प्रदेश की कांग्रेस सरकार के मंत्री भी 1500 करोड़ की आर्थिक सहायता की घोषणा होने के बाद एक फूटी कौड़ी भी प्रदेश को न मिलने पर सवाल उठाते रहे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी 1500 करोड़ की आर्थिक सहायता अब तक न मिलने की बात अपने बयानों में कह चुके है। वहीं, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने सहायता राशि न मिलने पर केंद्र को घेरते रहे हैं और मोदी सरकार की मंशा पर भी सवाल उठाते रहे हैं, जबकि हाल ही में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी उम्मीद जताई थी कि 1500 करोड़ की प्रधानमंत्री द्वारा की गई घोषणा के मुताबिक केंद्रीय बजट में हिमाचल को आर्थिक सहायता मिलेगी। उधर, पहली फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट में 1500 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद का कोई उल्लेख नहीं किया गया है।
कब मिलेगी राहत राशि
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पहले भी यह कह चुके हैं कि घोषणा के बावजूद केंद्र से 1500 करोड़ की राशि अब तक जारी नहीं हुई है। सरकार का तर्क है कि आपदा से हुए भारी नुकसान के बाद राहत कार्यों के लिए इस सहायता की तत्काल जरूरत है। अब सवाल यही है कि घोषित 1500 करोड़ रुपए कब मिलेंगे।
तीन साल से कुदरत की मार झेल रहा हिमाचल
प्रदेश सरकार की नजरें अब केंद्र से औपचारिक फंड रिलीज आदेश पर टिकी हुई हैं। वर्ष 2023 में राज्य में प्राकृतिक आपदा से 10 हजार करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ था। वहीं, 2024 और पिछले वर्ष भी प्रदेश में भारी नुकसान हुआ है। हालांकि केंद्र सरकार की ओर से पीडीएनए के तहत कुछ राशि प्रदेश को मिली भी है।, लेकिन कहीं न कहीं पीएम की 1500 करोड़ की घोषणा के बाद राज्य को यह राशि न मिलने का मुद्दा प्रदेश में लगातार सरकार और इसके मंत्री उठाते रहे हैं। हालांकि पीएम की घोषणा के चलते इसे राज्य के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा गया था और उम्मीद जताई जा रही थी कि यह राशि जल्द जारी होगी, लेकिन अब बड़ा सवाल यह है कि यह मदद सिर्फ घोषणा तक ही सीमित थी।
बागबानी-पर्यटन के लिए कुछ नहीं
चंबा — विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पेश बजट को निराशाजनक करार दिया है। उन्होंने कहा कि बजट में हिमाचल के हितों की पूरी तरह अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि बजट में प्रदेश के संसाधनों की आनुपातिक बंटवारे की मांग को भी नजरअंदाज किया गया है। बजट में न तो पहाड़ी राज्य हिमाचल की आर्थिक जरूरतों को समझा गया है और न ही उसकी विशिष्ट परिस्थितियों का ध्यान रखा गया है। हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था के दो मुख्य आधार बागबानी और पर्यटन हैं, जिनका प्रदेश की जीडीपी में महत्त्वपूर्ण योगदान है। इसके बावजूद केंद्रीय बजट में इन दोनों क्षेत्रों के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया है।
राजस्व घाटा अनुदान कम कर दिया
शिमला — लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि आपदा-प्रभावित और पहाड़ी राज्य होने के बावजूद इस बजट में हिमाचल के लिए राजस्व घाटा अनुदान का प्रावधान न रखना चिंताजनक है। हाल ही में वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत हिमाचल को मिलने वाला राजस्व घाटा अनुदान लगातार घटा है और अब इसे व्यावहारिक रूप से समाप्त कर दिया गया है, जबकि आपदाओं से हुए भारी नुकसान को देखते हुए सहयोग बढ़ाया जाना चाहिए था, कम नहीं। यह मुद्दा किसी एक दल का नहीं, बल्कि हिमाचल और यहां के लोगों के हितों से जुड़ा है।
हिमाचल के लिए निराशाजनक बजट
शिमला — मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने केंद्रीय बजट हिमाचल प्रदेश के लिए बेहद निराशाजनक और चिंताजनक है। यह बजट न केवल हिमाचल प्रदेश बल्कि राज्यों के प्रति केंद्र सरकार की उदासीनता को दर्शाता है। हिमाचल जैसे सीमित संसाधनों वाले पहाड़ी राज्य की पूरी तरह उपेक्षा की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस बजट से उत्पन्न परिस्थितियों का गंभीरता से आकलन करेगी और हिमाचल के हितों की रक्षा के लिए केंद्रके समक्ष अपना पक्ष मजबूती से रखेगी।
दान नहीं, हम हिमाचल का हक माग रहे
शिमला — बजट से निराश हिमाचल कांग्रेस के अध्यक्ष विनय कुमार ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि हम कोई दान-पुण्य नहीं, बल्कि अपने संवैधानिक अधिकार की मांग कर रहे हैं। हिमाचल ने हमेशा देश के लिए योगदान दिया है। प्रदेश ने सैनिक तथा हाइड्रो प्रोजेक्ट दिए, पर्यावरण संरक्षित रखा और आज उसे अनदेखा किया जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि हिमाचल की विशेष भौगोलिक परिस्थितियों, आपदा में हुए भारी नुकसान और विकास की अनिवार्य जरूरतों को देखते हुए तत्काल विशेष सहायता पैकेज की घोषणा की जाए। साथ ही उन्होंने केंद्र के समक्ष राज्य की सभी परियोजनाओं को प्राथमिकता और मंजूरी देने की मांग भी की है। विनय कुमार केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश के लिए एक भी विशेष घोषणा नहीं की है।
TRN: *हिमाचल समाचार सदस्यता Union Budget 2026-27 : 2047 का कर्त्तव्य पथ, न कोई कविता और न ही शायरी, बजट में क्या रहा खास, जानिए*
85 मिनट के बजट भाषण में न कोई कविता और न ही शायरी
केंद्रीय बजट में विनिर्माण, अवसंरचना क्षेत्र को भारी प्रोत्साहन, व्यक्तिगत आयकर की दरें यथावत
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 53,47,315 करोड़ रुपए का बजट पेश किया, जिसमें अर्थव्यवस्था को वैश्विक चुनौतियों के मुकाबले के लिए मजबूत करने के साथ-साथ 2047 तक विकसित भारत की ओर अग्रसर करने के लिए विनिर्माण, आर्थिक और सामाजिक अवसंरचना विकास के लिए 17,14,523 करोड़ रुपए के पूंजीगत व्यय का लक्ष्य रखा गया है। बजट में व्यक्तिगत आयकर की दरों में कोई राहत नहीं दी गई है, लेकिन उद्योगों पर न्यूनतम वैकल्पिक आयकर (मैट) की दर को 15 प्रतिशत से घटाकर 14 प्रतिशत कर दिया गया है। बजट में निवेशकों और आयातकों के लिए प्रक्रिया और अनुपालन आसान बनाने के विस्तृत उपायों की घोषणा की गई है। वित्त मंत्री ने एक घंटे 25 मिनट के अपने भाषण में बजट में पूंजीगत व्यय बढ़ाने के बावजूद राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.3 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा है। चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा बजट अनुमान के 4.5 प्रतिशत की तुलना में 4.4 प्रतिशत रहा है। वित्त मंत्री के बजट भाषण के बाद शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखी गई और एक समय बीएसई का सेंसेक्स 2300 अंक तक लुढक़ गया था, लेकिन बाद में इसने काफी हद तक वापसी की।
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट को स्वीकार करने की घोषणा की और कहा कि केंद्र की विभाज्य प्राप्तियों में राज्यों का हिस्सा 41 प्रतिशत बना रहेगा। केंद्र सरकार के नए कार्यालय क्षेत्र कर्तव्य भवन में तैयार इस पहले बजट को पेश करते हुए वित्त मंत्री ने इसे युवाओं से प्रेरित बताया और कहा कि इस बजट को तैयार करने में जनता से बहुमूल्य सुझाव प्राप्त हुए। उन्होंने इस बजट को सरकार के तीन कर्तव्यों पर केंद्रित बजट बताते हुए कहा कि सरकार का पहला कर्तव्य आर्थिक वृद्धि को बढ़ाना, दूसरा कर्तव्य आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए लोगों को समर्थ बनाना और तीसरा कर्तव्य सबका साथ सबका विकास के अनुरूप सामाजिक कल्याण की योजनाओं को आगे बढ़ाना है। उन्होंने आर्थिक वृद्धि को तेज करने के लिए बायो फार्मा, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट, दुर्लभ खनिजों और कपड़ा जैसे क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने के लिए नई पहलों की घोषणा की। वित्त मंत्री ने टीयर-2 और तीन शहरों में अवसंरचना क्षेत्र के विकास के लिए पश्चिम बंगाल के दानकुनी से गुजरात के सूरत के बीच नया माल परिवहन गलियारा और बनारस और पटना में घरेलू जलमार्गों के लिए पोत निर्माण की सुविधाओं की स्थापना की घोषणा की। उन्होंने दूसरे कर्तव्य के तहत सेवा क्षेत्र को नया आयाम देने की पहलों की घोषणा की, जिसमें शिक्षा, कौशल विकास, चिकित्सा सेवा, पशु चिकित्सा, बड़े महानगरों के समीप पांच नए यूनिवर्सिटी टाउनशिप, गणित और विज्ञान पढऩे वाली छात्राओं के लिए हर जिले में एक छात्रावास, खगोल विज्ञान के लिए नई वेधशालाओं की स्थापना, गाइडों के प्रशिक्षण के लिए 20 जगह केंद्र बनाने, डिजिटल नॉलेज गृह और 50 पुरातात्विक स्थलों के विकास और संवर्धन जैसी पहलों की घोषणा की। तीसरे कर्तव्य के तहत महिलाओं, किसानों, दिव्यांग जनों और अन्य वंचित वर्गों के साथ पूर्वोत्तर क्षेत्रों के लिए विभिन्न पहलों की घोषणा की।
बजट में खास
* इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं
* रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने को तीन महीने और
* रील बनाना सिखाएंगे 15500 स्कूल-कालेज
* देश के हर जिला में बनेगा एक गल्र्ज होस्टल
* सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे
* बायो फार्मा सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़
* कैंसर-डायबिटीज की दवाएं होंगी सस्ती
* बड़े टेक्सटाइल पार्क किए जाएंगे विकसित
* शहरी आर्थिक क्षेत्र को सालाना 5000 करोड़
* तीन आयुर्वेदिक एम्स खोले जाने की घोषणा
* मेडिकल टूरिज्म बढ़ाने को पांच मेडिकल हब
* 20 नए जल मार्ग बनाने कीभी तैयारी
* चार राज्यों में बनाए जाएंगे खनिज कॉरिडोर
* तीन केमिकल पार्क के निर्माण का भी ऐलान
* एसएमई के लिए रखे गए10 हजार करोड़
* महात्मा गांधी स्वरोजगार योजना का ऐलान
* डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाएगी सरकार
* शहरों में बनाए जाएंगे नए इकॉनोमिक जोन
* महिला दुकानदारों के लिए स्पेशल शी-मार्ट
* डिफेंस बजट में 15.2 फीसदी की बढ़ोतरी
* बैटरी बनाने की मशीनों पर टैक्स छूट बढ़ी
* मोटर एक्सीडेंट क्लैम को इनकम टैक्स से छूट
* आत्मनिर्भर भारत फंड के लिए 2000 करोड़ रुपए
* 20 पर्यटन स्थलों के लिए 10 हजार गाइड होंगे तैयार
* किसानों की आय बढ़ाने के लिए किए अनेक उपाय
* पूर्वोत्तर के पांच राज्यों में बनेंगे बौद्ध सर्किट
* कार्गो ले जाने के लिए बनाएंगे फ्रेट कॉरिडोर
* इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को 40 हजार करोड़
* दिव्यांग जन कौशल योजना की जाएगी शुरू
* दिव्यांगों के लिए सहारा योजना लाई जाएगी
* रांची में बनेगा नेशनल मेंटल हेल्थ इंस्टीट्यूट
* खेल क्षेत्र में बदलाव के लिए खेलो इंडिया मिशन
* राज्यों को 41 फीसदी टैक्स किया जाएगा ट्रांसफर
* पांच पूर्वोत्तर राज्यों में पर्यटन स्थलों का निर्माण
* नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी बनाएंगे
* 15 पुरातात्विक साइट्स बनेंगी वाइब्रेंट डेस्टिनेशन
* डिजिटल नॉलेज ग्रिड पर टूरिस्ट साइट्स की जानकारी
* पहाड़ी राज्यों में ट्रेकिंग और हाइकिंग के लिए योजना
* पशुपालन-वैट कॉलेज के लिए सबसिडी सपोर्ट स्कीम
TRN LIVE: *भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेगा पाकिस्तान, पाक सरकार का ऐलान, बांग्लादेश के समर्थन में किया बॉयकॉट*
टी-20 वल्र्ड कप में भारत और पाकिस्तान के बीच मैच नहीं होगा। पाकिस्तान सरकार ने रविवार शाम को इस मैच के बॉयकॉट का ऐलान किया। दोनों टीमें 15 फरवरी को कोलंबो में एक-दूसरे से भिडऩे वाली थी। हालांकि, अब तक यह तय नहीं है अगर नॉकआउट में भारत सामने आया, तो पाकिस्तान मैच खेलेगा या नहीं? इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने 24 जनवरी को बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में एंट्री दी थी। आईसीसी के इस फैसले के विरोध में पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच का बॉयकॉट कर दिया।
पाकिस्तान ने रविवार को घोषणा की है कि वह टी-20 वल्र्ड कप 2026 में हिस्सा लेगा, लेकिन भारत के खिलाफ मैच का बॉयकॉट करेगा। पाकिस्तान सरकार ने यह फैसला इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल के बांग्लादेश को टूर्नामेंट से हटाने के बाद लिया। बांग्लादेश सरकार ने भारत में खेलने को लेकर सुरक्षा चिंता जताई थी। सरकार ने एकस् पर एक पोस्ट में कहा, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान की सरकार, पाकिस्तान क्रिकेट टीम को आईसीसी वल्र्ड टी-20 2026 में हिस्सा लेने की मंजूरी देती है। हालांकि, पाकिस्तान क्रिकेट टीम 15 फरवरी, 2026 को भारत के खिलाफ होने वाले मैच में मैदान पर नहीं उतरेगी।
ग्रुप स्टेज में होंगे तीन मैच
बॉयकॉट के बाद पाकिस्तान और भारत की टीमें ग्रुप स्टेज में 3-3 मैच ही खेलेगी। पाकिस्तान सात फरवरी को नीदरलैंड्स, 10 फरवरी को अमरीका और 18 फरवरी को नामीबिया से भिड़ेगी। वहीं, टीम इंडिया सात फरवरी को अमरीका, 12 फरवरी को नामीबिया और 18 फरवरी को नीदरलैंड्स से भिडऩे वाली है।
TRN: *Himachal Weather : बर्फबारी से गुलजार हुए पहाड़, 2-3 को इन 7 जिलों में बारिश-हिमपात के आसार*
हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट बदली है। शिमला जिले के ऊपरी क्षेत्रों कुफरी, नारकंडा, खड़ापत्थर सहित चंबा, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और किन्नौर में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है, जबकि राज्य के अधिकांश हिस्सों में रविवार को बारिश हुई है। मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों तक राज्य के सात जिलों में बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी रहने का पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 2 और 3 फरवरी को प्रदेश के सात जिलों में बारिश की संभावना है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। खासकर चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में मौसम बिगडऩे के आसार हैं। बारिश और बर्फबारी के चलते प्रदेश में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया है, जबकि मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी ठंड बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के दौरान तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट आ सकती है।
बर्फबारी के चलते जहां जनजातीय क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है, वहीं कई संपर्क मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने बताया कि 5 फरवरी की रात से एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है, जिससे उत्तर-पश्चिम भारत सहित 6 फरवरी को हिमाचल प्रदेश में फिर से मौसम बिगडऩे की संभावना जताई गई है। वहीं चार और 5 फरवरी तक मौसम साफ रहेगा।
कहां रहा कितना तापमान
इस बीच मौसम के बदले मिजाज से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। न्यूनतम तापमान की बात करें तो शिमला में 3.6 डिग्री सेल्सियस, सुंदरनगर में 9.2, भुंतर में 8.2, कल्पा में शून्य से नीचे -0.4, धर्मशाला में 3.0, ऊना में 7.5, नाहन में 8.0, पालमपुर में 6.0, सोलन में 4.6, मनाली में 0.8, कांगड़ा में 9.3, मंडी में 9.9, बिलासपुर में 7.5, जुब्बड़हट्टी में 5.4, कुकुमसेरी में -3.1, भरमौर में 2.0, सेओबाग में 4.0, बरठीं में 9.4, कसौली में 7.0, पांवटा साहिब और देहरा गोपीपुर में 11.0-11.0, सराहन में 3.9 और तबो में -3.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है।
कहां कितनी बारिश-बर्फबारी
मनाली 10.0 मिमी,सुजानपुर टीरा 7.8 मिमी,सराहन 7.3 मिमी,शिमला 4.2 मिमी, मालरांव 4.0 मिमी,जुब्बरहट्टी व सोलन 3.4 मिमी, जट्टन बैराज 3.2 मिमी, कंडाघाट व चौपाल 3.0 मिमी,नादौन 2.6 मिमी, संधोल 2.6 मिमी, स्लैपर 2.3 मिमी, नाहन में 2.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है। वहीं शिमला जिले के शिल्लारू व कोठी 5.0 सेमी कुफरी 4.0 सेमी, गोंधला 3.0 सेमी, खदराला 2.5 सेमी, सांगला 2.1 सेमी,जोत 1.0 सेमी,कल्पा 0.8 सेमी बर्फबारी दर्ज की गई है।
TRN LIVE: *केंद्रीय बजट 2026-27 हिमाचल के लिए निराशाजनक और अन्यायपूर्ण, राजस्व घाटा अनुदान बंद करना संघीय ढांचे पर प्रहार*
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा 2026-27 के लिए प्रस्तुत बजट स्पष्ट रूप से आम लोगों, मध्यम वर्ग, किसानों, बागवानों और विशेष रूप से पहाड़ी राज्यों की आवश्यकताओं के प्रति केंद्र सरकार की उदासीनता को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लोग इस बजट से निराश हैं। मध्यम वर्ग को आयकर में राहत की उम्मीद थी, लेकिन केंद्र सरकार ने बढ़ती महंगाई और आर्थिक दबावों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को राज्य-विशेष अनुदान दिए जाने का प्रावधान है, जिसे राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) कहा जाता है। वर्ष 1952 से लेकर 15वें वित्त आयोग के गठन तक केंद्र सरकार द्वारा ये अनुदान नियमित रूप से राज्यों को दिए जाते रहे हैं। लेकिन पहली बार 16वें वित्त आयोग ने इस अनुदान को बंद कर दिया है।
उन्होंने बताया कि 15वें वित्त आयोग के दौरान लगभग 37,000 करोड़ रुपये के राजस्व घाटा अनुदान दिए गए थे। उन्होंने यह भी स्मरण कराया कि 14वें वित्त आयोग की अवधि समाप्त होने के बाद, जब 15वें वित्त आयोग की रिपोर्ट प्रस्तुत होने में देरी हुई थी, तब भी पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर 11,431 करोड़ रुपये की सहायता राज्यों को प्रदान की गई थी। इससे भी अधिक चिंताजनक है 16वें वित्त आयोग द्वारा हिमाचल प्रदेश जैसे छोटे और पहाड़ी राज्यों के लिए राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) की सिफारिश न करना। यह निर्णय राज्य की संरचनात्मक वित्तीय चुनौतियों, 67 प्रतिशत से अधिक वन एवं पारिस्थितिक आवरण, पर्वतीय क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति सेवा वितरण की अधिक लागत और हाल के वर्षों में 15,000 करोड़ रुपये से अधिक के प्राकृतिक आपदा नुकसान की घोर उपेक्षा है।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि आरडीजी की समाप्ति से हिमाचल प्रदेश की वित्तीय स्थिरता, आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं की आपूर्ति और विकासात्मक निवेश गंभीर रूप से प्रभावित होंगे। इससे राज्य को सेवा वितरण और बढ़ते कर्ज के बीच कठिन निर्णय लेने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि बार-बार पक्ष रखने, विस्तृत ज्ञापन और तकनीकी प्रस्तुतियों के बावजूद केंद्र सरकार और वित्त आयोग ने हिमाचल प्रदेश की वास्तविकताओं को नजरअंदाज किया जो दुर्भाग्यपूर्ण है। यह स्थिति इस आशंका को और मजबूत करती है कि भाजपा शासित केंद्र सरकार कांग्रेस शासित राज्यों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। कृषि क्षेत्र के लिए किए गए प्रावधान हिमाचल जैसे पर्वतीय राज्य के लिए अपर्याप्त हैं, जहां भौगोलिक परिस्थितियां और खेती की लागत देश के मैदानी राज्यों से बिल्कुल भिन्न हैं। सेब उत्पादक, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था में लगभग 5,000 करोड़ रुपये का योगदान देते हैं और हजारों परिवारों की आजीविका का आधार हैं, उन्हें इस बजट में कोई पहचान, कोई सहायता और कोई नीति समर्थन नहीं मिला। यह बागवानों के साथ सीधा अन्याय है और हिमाचल की आर्थिकी पर प्रहार है।
उन्होंने कहा कि पर्यटन, हिमाचल प्रदेश की पहचान और रोजगार का प्रमुख स्रोत है, इस क्षेत्र के लिए बजट में कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया। पूर्वोत्तर राज्यों के लिए बौद्ध सर्किट का प्रस्ताव स्वागत योग्य है, लेकिन विश्व-प्रसिद्ध बौद्ध स्थलों वाले हिमाचल प्रदेश को इससे बाहर रखना स्पष्ट भेदभाव को दर्शाता है। पर्वतीय मार्गों के विकास की घोषणा तो की गई है, लेकिन वास्तविक लाभ भविष्य के अस्पष्ट दिशा-निर्देशों पर छोड़ दिया गया है।
उन्होंने कहा कि रेलवे विस्तार जैसे भानुपल्लीदृबिलासपुर और बद्दीदृचंडीगढ़ जैसी महत्त्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए कोई आवंटन नहीं किया गया। मुख्यमंत्री ने ऋण सीमा को तीन प्रतिशत से बढ़ाकर चार प्रतिशत करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भले ही बजट में पूंजी निवेश की बात करे, लेकिन पहाड़ी राज्यों के लिए आपदा से सुरक्षा, सड़क-रेल कनेक्टिविटी, जलविद्युत, पर्यटन और जलवायु से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए कोई ठोस या विशेष सहायता दिखाई नहीं देती। हिमालयी राज्यों के लिए अलग आपदा जोखिम सूचकांक और पारिस्थितिक संकेतकों को वित्तीय संवितरण में प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी। केन्द्रीय बजट 2026दृ27 हिमाचल प्रदेश के लिए न विकास का रास्ता दिखाता है, न न्याय का।
उन्होंने कहा कि राज्यों को दिए जाने वाले ब्याज-मुक्त ऋण की राशि 1.5 लाख करोड़ रुपये तक ही सीमित रखी गई है और इसमें कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। साथ ही, इससे जुड़ी कठोर शर्तें हिमाचल जैसे छोटे और पहाड़ी राज्यों के लिए अनुकूल नहीं हैं, क्योंकि यहां विकास की लागत अधिक होती है। इसके अलावा, जीएसटी मुआवजा बंद होने से राज्य को हर वर्ष भारी राजस्व नुकसान झेलना पड़ रहा है। यह बजट जन-विरोधी, किसान-विरोधी और हिमाचल-विरोधी है। हिमाचल सरकार वित्तीय अनुशासन और प्रशासनिक दक्षता के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन केंद्र सरकार से अपेक्षा करती है कि वह राज्यों के साथ संवाद, संवेदनशीलता और सहयोगी संघीयता की भावना को अपनाए। हिमाचल प्रदेश को नजरअंदाज कर भारत का समावेशी विकास संभव नहीं है। प्रदेश और यहां के लोगों के प्रति अन्याय के खिलाफ राज्य सरकार अपनी आवाज मजबूती से उठाती रहेगी।
TRN LIVE: *केंद्रीय बजट में हिमाचल को बड़ा अवसर, ट्रैकिंग-ईको-टूरिज्म से खुलेगा विकास का रास्ता*
Eco Tourism Policy Himachal
केंद्र सरकार के बजट में साहसिक और पारिस्थितिक पर्यटन को लेकर की गई घोषणाओं से हिमाचल प्रदेश को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। बजट में देश में विश्व स्तरीय ट्रैकिंग और हाइकिंग अनुभव विकसित करने पर जोर दिया गया है, जिसमें हिमाचल प्रदेश को प्रमुख राज्यों में शामिल किया गया है। इससे प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटन को नई दिशा मिलने की संभावना है। बजट प्रावधानों के तहत हिमाचल प्रदेश में पर्यावरण के अनुकूल ट्रैकिंग और हाइकिंग मार्ग विकसित किए जाएंगे। प्रदेश के ऊंचाई वाले और दूरदराज क्षेत्रों में नए ट्रेकिंग रूट बनने से वहां पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी। केंद्र सरकार के बजट में साहसिक और पारिस्थितिक रूप से टिकाऊ पर्यटन को बढ़ावा देने की घोषणा से हिमाचल प्रदेश को बड़ा फायदा मिलने की संभावना है।
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शिमला पर्यटन
बजट में देश को विश्व स्तरीय ट्रैकिंग और हाइकिंग गंतव्य के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया है, जिसमें हिमाचल प्रदेश को प्रमुख पर्वतीय राज्य के रूप में शामिल किया गया है। इससे प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को नई गति मिलने की उम्मीद है। बजट प्रस्तावों के तहत हिमाचल प्रदेश के विभिन्न पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यावरण के अनुकूल ट्रैकिंग और हाइकिंग मार्ग विकसित किए जाएंगे। इन रूटों के निर्माण और संचालन में पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय पारिस्थितिकी और जैव विविधता को प्राथमिकता दी जाएगी।
TRN LIVE: *स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार, पर्यटन को मिलेगी रफ्तार, सभी सांसदों ने हिमाचली हितों के लिए ऐतिहासिक बताया केंद्रीय बजट*
केंद्रीय बजट को हिमाचल प्रदेश के सांसदों ने एतिहासिक और युवा आंकाक्षाओं के साथ-साथ विकसित भारत की सिद्धि वाला करार दिया है। सांसदों ने कहा कि मोदी सरकार का बजट हिमाचल के विकास, स्वास्थ्य और रोजगार के लिहाज से बेहतर है। यह बजट हिमाचल को स्वास्थ्य पर्यटन के तौर पर भी एक अलग पहचान देने वाला साबित होगा। इसके अलावा सांसदों ने महिला सशक्तिकरण, युवा शक्ति, क्रिएटिव इकोनॉमी और आत्म-निर्भर भारत तथा सशक्तिकरण वाला बजट करार दिया है। रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश बजट को लेकर प्रदेश के सांसदों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हंै…
रोजगार सृजन के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुधरेगी
हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने कहा कि बजट 2026-27 आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करने वाला बजट है। एमएसएमई ग्रोथ फंड, ट्रेड्स प्लेटफॉर्म और टियर-2/3 शहरों में उद्यमिता समर्थन से हिमाचल के छोटे उद्योगों और युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह बजट रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है।
पर्यटन के साथ फार्मा सेक्टर को होगा बड़ा फायदा
राज्यसभा सांसद डा. सिकंदर कुमार ने बजट 2026-27 को भारत की आर्थिक संप्रभुता, आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने वाला बजट बताया। उन्होंने कहा कि बायोफार्मा शक्ति, सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश भारत को भविष्य की अर्थव्यवस्था बनाएंगे। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि हिमाचल को पर्यटन, फार्मा और पर्वतीय कनेक्टिविटी योजनाओं से बड़ा लाभ होगा।
महिला सशक्तिकरण और सबके विकास का बजट
राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी ने केंद्रीय बजट को महिलाओं के सशक्तिकरण और समावेशी विकास वाला करार दिया है। उन्होंने कहा कि शी-मार्ट योजना, हर जिले में गल्र्ज हॉस्टल और शिक्षा-रोजगार को जोडऩे वाले कदम महिलाओं को नई ताकत देंगे। उन्होंने कहा कि यह बजट महिला उद्यमिता और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करेगा। महिलाओं के साथ हिमाचल के युवा भी इससे लाभान्वित होंगे।
युवा आकांक्षाओं को पूरा करेगा केंद्र सरकार का बजट
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग सिंह ठाकुर केंद्रीय बजट को विकसित भारत और युवा आकांक्षाओं को पूरा करने वाला बताया है। सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में सुधार के सिद्धांत के तहत आर्थिक विकास, जन आकांक्षाओं की पूर्ति और सबका विकास जैसे तीन कत्र्तव्यों को स्पष्ट किया है। उन्होंने बजट में खेलो इंडिया मिशन, एवीजीसी लैब्स, स्किल और रोजगार के प्रावधानों को युवाओं के भविष्य के लिए क्रांतिकारी कदम बताया।
विकसित भारत की दिशा में ऐतिहासिक बजट
भाजपा सांसद सुरेश कश्यप ने केंद्रीय बजट देश के समावेशी विकास और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि 12.2 लाख करोड़ के रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय से रोजगार इन्फ्रास्ट्रक्चर और टियर-2/3 शहरों को नई गति मिलेगी। वहीं, हिमाचल जैसे पर्वतीय राज्यों के लिए ईको-फ्रेंडली माउंटेन कॉरिडोर और पर्यटन को बढ़ावा देने वाली घोषणाएं प्रदेश के लिए विशेष सौगात हैं।
हिमाचल में स्वास्थ्य और रोजगार को मिलेगी मजबूती
कांगड़ा-चंबा संसदीय क्षेत्र के सांसद डा. राजीव भारद्वाज ने केंद्रीय बजट को हिमाचल प्रदेश के लिए विकास और अवसरों वाला करार दिया है। उन्होंने कहा कि हैल्थ एंड केयर वर्कफोर्स योजना, मेडिकल टूरिज्म हब और आयुष सेक्टर को मजबूती देने वाले फैसले हिमाचल जैसे राज्य के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। उन्होंने कहा कि यह बजट युवाओं को रोजगार और प्रदेश को स्वास्थ्य पर्यटन में नई पहचान देगा।
युवा शक्ति, क्रिएटिव इकोनॉमी संग नए भारत का बजट
मंडी संसदीय क्षेत्र की सांसद कंगना रनौत ने केंद्रीय बजट 2026-27 को युवाओं के सपनों और नए भारत की क्रिएटिव इकॉनोमी वाला बताया। अब 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में एवीजीसी लैब्स, डिजाइन स्कूल और डिजिटल करियर के अवसर देश को ग्लोबल क्रिएटिव हब बनाएंगे। हिमाचल के युवा भी इस नई अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभाएंगे।
TRN: *जनवरी में 68 नशा तस्कर गिरफ्तार, 268 ग्राम चिट्टा, 129 ग्राम अफीम, दो किलो चरस की खेप बरामद*
नए साल की शुरुआत में ही चिट्टा तस्करों पर शिमला पुलिस का चाबुक ताबड़तोड़ तरीके से चला है। शिमला पुलिस ने नए साल की शुरुआती महीने जनवरी माह में ही एनडीपीएस के केसों में नाइजीरिया, पंजाब, बेस्ट बंगाल, यूपी, नेपाल, बिहार व मेघालय के सात नशा तस्करों सहित 68 आरोपी गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से जनवरी माह में एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल 37 मामले दर्ज किए हैं, जिनमें 68 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इन मामलों में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल पाए गए हैं, लेकिन अन्य राज्यों और विदेश से जुड़े तस्करों की मौजूदगी ने नशे के नेटवर्क को और अधिक गंभीर बना दिया है। पुलिस आंकड़ों के अनुसार गिरफ्तार 68 आरोपियों में से 61 शिमला जिला और हिमाचल प्रदेश के ही निवासी हैं। इसके अलावा सात आरोपी अन्य राज्यों से संबंधित हैं, जबकि एक आरोपी विदेशी नागरिक है। बाहरी आरोपियों में उत्तर प्रदेश से तीन, पंजाब, बिहार और मेघालय से एक-एक व्यक्ति शामिल है, जबकि एक आरोपी नेपाल का निवासी है।
नशा तस्करों पर पुलिस की पैनी नजर
जनवरी 2026 में दर्ज एनडीपीएस के मामलों में पुलिस ने 30 मामलों में 268.92 ग्राम चिट्टे की खेप बरामद की है। इन मामलों में 57 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा चरस के छह मामलों में लगभग दो किलो 44 ग्राम चरस जब्त की गई, जिनमें दस आरोपी पकड़े गए। अफीम के एक मामले में 129.230 ग्राम अफीम की बरामद की है।३
हिमाचल में साल दर साल बढ़ते जा रहे मामले
यदि पिछले वर्ष की इसी अवधि से तुलना की जाए तो जनवरी 2025 में शिमला जिला में एनडीपीएस एक्ट के तहत 22 मामले दर्ज किए गए थे। उस समय चिट्टा के 11 मामलों में करीब 388.860 ग्राम नशीला पदार्थ बरामद हुआ था, जबकि चरस के नौ मामलों में लगभग एक किलो 715 ग्राम चरस पकड़ी गई थी। साल 2025 में कुल 46 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इस तुलना से साफ है कि 2026 में मामलों और गिरफ्तार आरोपियों की संख्या दोनों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
नशा तस्करी में इस्तेमाल छह गाडिय़ां जब्त
जनवरी 2026 में शिमला जिला के एनडीपीएस मामलों में 13 वाहन जब्त किए गए। इनमें दस कारें, दो ट्रक और एक बाइक शामिल है। एसएसपी शिमला संजीव गांधी का कहना है कि शिमला जिला में नशे के खिलाफ अभियान लगातार ते३ज किया गया है। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी के नेटवर्क को तोडऩे के लिए सख्त कार्रवाई, नियमित जांच की जा रही है।
घुमारवीं में कार सवारों से पकड़ा 15.9 ग्राम चिट्टा
घुमारवीं। पुलिस थाना घुमारवीं की टीम ने मल्यावर सडक़ के पास नाकाबंदी के दौरान एक कार में सवार मंडी जिला के दो युवकों से 15.9 ग्राम चिट्टा बरामद किया है। आरोपियों की पहचान आंशुल ठाकुर निवासी गांव झलेड़ मंडी तथा कपिल कुमार निवासी गांव टिक्कर मंडी के रूप में हुई है। पुलिस ने मल्यावर के समीप नाकाबंदी के दौरान कार सवारों से चिट्टा बरामद किया है। डीएसपी विशाल वर्मा ने मामले की पुष्टि की है।
TRN LIVE: *कैंसर के इलाज की 17 दवाओं पर कस्टम ड्यूटी समाप्त, हिमाचल के 32 हजार मरीजों को मिलेगा लाभ*
केंद्र सरकार ने कैंसर इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 लाइफ सेविंग दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दी है। अब तक इन दवाओं पर पांच प्रतिशत आयात शुल्क लगता था। इसके साथ ही सात दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए विदेश से मंगवाई जाने वाली दवाओं और स्पेशल फूड को भी टैक्स फ्री कर दिया गया है। इस फैसले से कैंसर और दुर्लभ बीमारियों से जूझ रहे मरीजों व उनके परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार के इस निर्णय से खासतौर पर हीमोफिलिया, एनीमिया और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी दुर्लभ बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली महंगी दवाएं सस्ती होंगी। हिमाचल प्रदेश में वर्तमान में करीब 32 हजार कैंसर मरीज हैं, जबकि हर वर्ष नौ से 11 हजार नए मरीज सामने आ रहे हैं। ऐसे में दवाओं के सस्ते होने से प्रदेश के मरीजों और उनके परिजनों पर पडऩे वाला आर्थिक बोझ कम होगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि दवाओं के सस्ते होने से न सिर्फ इलाज सुलभ होगा, बल्कि मरीज इलाज बीच में छोडऩे को मजबूर नहीं होंगे।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
आईजीएमसी शिमला स्थित कैंसर अस्पताल के विभागाध्यक्ष डा. मनीष गुप्ता ने कहा कि कीमोथेरेपी और इम्यूनोथेरेपी की कई दवाएं विदेशों से आयात की जाती हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट सूची नहीं मिली है कि किन-किन दवाओं पर कस्टम ड्यूटी खत्म की गई है, लेकिन जैसे ही सूची सामने आएगी, इसका आकलन किया जा सकेगा। यदि अधिकतर महंगी और नियमित इस्तेमाल होने वाली कैंसर दवाएं इस दायरे में आती हैं, तो इलाज की लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी और मरीजों को फायदा होगा।
TRN LIVE: *घर लौटा पालमपुर का रिक्षित चौहान, भाजपा के वरिष्ठ नेता त्रिलोक कपूर ने टोपी और शॉल भेंट कर किया स्वागत*
अमरीकी नौसेना द्वारा जब्त रूसी ऑयल टैंकर मैरिनेरा पर सवार 28 क्रू मेंबर्स में पालमपुर का रहने वाला रिक्षित चौहान सकुशल घर लौट आया हैं। बेटे के घर लौटने पर रिक्षित चौहान के परिजनों में अत्यंत खुशी व राहत भरा माहौल देखने को मिला है। रिक्षित चौहान के घर पहुंचते ही प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर ने टोपी व शॉल पहनाकर उनका स्वागत किया। बता दें कि सात जनवरी को रूसी टैंकर में मौजूद 28 लोगों को अमरीका के सैनिकों ने टैंकर कब्जे में ले लिया था तथा उनके मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए थे।
इसी टैंकर में पालमपुर के रानी सिद्धपुर का रिक्षित चौहान भी शामिल था। रिक्षित चौहान ने बताया कि यूके में उनके साथ बहुत अच्छा व्यवहार हुआ तथा भारत सरकार के दबाव के चलते उन्हें जल्दी रिहा कर दिया गया। इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर ने कहा कि सांसद राजीव भारद्वाज, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर तथा केंद्र सरकार के प्रयत्नों के कारण रिक्षित चौहान सुकुशल घर लौट आए हैं। त्रिलोक कपूर ने बताया कि वह लगातार पार्टी के वरिष्ठ नेताओं तथा विदेश मंत्रालय के संपर्क में लगे रहे, ताकि पालमपुर का बेटा जल्द ही घर वापस लौट सकें। आभार जताया है ।
TRN LIVE: *बजट : देश भर में मजबूत होगी खेती, बढ़ेगी कमाई, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के मिलेंगे नए अवसर*
Kisan Samman Nidhi
केंद्र के कृषि बजट में किसानों का खास ध्यान देने पर जोर, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के मिलेंगे नए अवसर
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को देश का बजट पेश किया। इसमें कृषि क्षेत्र को लेकर भी उन्होंने कई घोषणाएं कीं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कृषि बजट 2026 में किसानों की आमदनी बढ़ाने और खेती को मजबूत बनाने पर खास ध्यान दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश के किसानों की आय बढ़ाने के लिए बजट 2026-27 में मत्स्य पालन, पशुपालन योजना को मजबूत बनाने के साथ ही देश के काजू और नारियल को वैश्विक ब्रांड बनाया जाएगा। बजट भाषण में उन्होंने साफ कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ अनाज उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि खेती से जुड़े हर क्षेत्र को आगे बढ़ाना है। डेयरी, मुर्गी पालन, बागबानी और खास फसलों के जरिए किसानों को ज्यादा कमाई के मौके दिए जाएंगे।
वित्त मंत्री ने कहा कि अगर खेती में उत्पादों की विविधता बढ़ाई जाए, तो न केवल किसानों की आमदनी बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे। खेती के पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ नए क्षेत्रों पर भी जोर दिया गया है। योजना के तहत 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों के एकीकृत विकास की पहल से मत्स्य पालन क्षेत्र को सुदृढ़ करने के साथ ही पशुपालन क्षेत्र में उद्यमशीलता विकास से रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। सीतारमण ने कहा कि किसानों की आय को बढ़ाने के लिए मत्स्य पालन क्षेत्र, पशुपालन तथा नारियल प्रोत्साहन योजना को बढावा देने के साथ ही भारतीय काजू और कोको को प्रीमियम ग्लोबल ब्रांड बनाया जाएगा।
डेयरी-मुर्गी पालन पर बड़ा फोकस
वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि डेयरी और मुर्गी पालन को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। इन क्षेत्रों से लाखों किसान और छोटे परिवार जुड़े हुए हैं। सरकार चाहती है कि किसान दूध, अंडे और इससे जुड़े उत्पादों के जरिए स्थायी आमदनी कमा सकें। इसके लिए बेहतर सुविधाएं, प्रशिक्षण और बाजार तक पहुंच बढ़ाने की बात कही गई है। वित्त मंत्री ने बताया कि नारियल के उत्पादन में भारत दुनिया में सबसे आगे है। देश में करीब तीन करोड़ लोग सीधे या परोक्ष रूप से नारियल की खेती और उससे जुड़े कामों पर निर्भर हैं। सरकार मुख्य नारियल उत्पादक राज्यों में नई सुविधाएं स्थापित करेगी। इससे नारियल किसानों को बेहतर समर्थन मिलेगा और नारियल से जुड़े उत्पादों की गुणवत्ता और बिक्री दोनों में सुधार होगा। सरकार नारियल के मूल्यवर्धन यानी उससे बनने वाले तेल, रेशा और अन्य उत्पादों को भी बढ़ावा देगी।
काजू-कोको को मिलेगी नई पहचान
कृषि बजट 2026 में काजू और कोको को भी खास जगह दी गई है। इसके साथ ही निर्यात को बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। काजू और कोको से जुड़े उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए किसानों और उद्यमियों को सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि चंदन की खेती को फिर से बढ़ावा दिया जाएगा। कृषि बजट में नॉर्थ ईस्ट राज्यों के लिए भी खास योजना रखी गई है। इस क्षेत्र में बादाम और मूंगफली जैसी फसलों को आगे बढ़ाया जाएगा।
बहु भाषीय एआई टूल ‘भारत विस्तार’ बनाने का प्रस्ताव
नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश में किसानों की आय बढ़ाने के लिये बहु भाषीय एआई टूल ‘भारत विस्तार’ का प्रस्ताव किया है। सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए कहा कि इस टूल के जरिए किसानों की आय बढ़ाऩे में मदद की जाएगी। उनका कहना था कि भारत विस्तार नाम के इस बहुभाषीय टूल के माध्यम से किसानों की आय बढ़ायी जाएगी। उन्होंने कहा Þभारत-विस्तार एक बहु भाषीय एआई टूल है, जिसके जरिए किसानों की उत्पादकता बढ़ायी जाएगी और इससे विशिष्ट सलाह प्रदान कर किसानों को बेहतर निर्णय लेने और जोखिम को कम करने में मदद दी जाएगी। वित्त मंत्री ने कहा कि इस टूल के माध्यम से महिलाओं को भी सशक्त बनाया जाएगा। यह ग्रामीण महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यम ‘शी-मार्टस’ के जरिए महिलाओं को उद्यमों का मालिक बनने में मदद करेगा।
TRN LIVE: *बजट में गंभीर मुद्दे नजरअंदाज, राजद ने घेरी सरकार; कहा, आर्थिक चुनौतियों से निपटने में फेल*
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने बजट 2026-27 पर सरकार को घेरते हुए इसे आम जनता की उम्मीदों से दूर और गंभीर आर्थिक चुनौतियों से निपटने में विफल करार दिया। mराजद के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने रविवार को कहा कि बजट एक बार फिर देश की विशाल आबादी को प्रभावित करने वाले दो सबसे अहम मुद्दों, तेजी से बढ़ती आय की असमानता और भयावह बेरोजगारी को संबोधित करने में नाकाम रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन गहरे और संरचनात्मक संकटों से निपटने के लिए ठोस और दूरगामी नीतियों की आवश्यकता थी, लेकिन सरकार ने केवल सतही उपायों तक ही खुद को सीमित रखा।
राजद सांसद ने यह भी कहा कि बजट में भारी-भरकम और आकर्षक शब्दावली का सहारा लिया गया है, जो कुछ समय के लिए सुर्खियां तो बना सकती हैं, लेकिन इससे आम लोगों की आर्थिक वास्तविकताओं और रोजमर्रा की चिंताओं में कोई बदलाव नहीं आने वाला है। उनके अनुसार बजट में गरीब, युवा और बेरोजगार वर्ग के लिए ठोस राहत का अभाव साफ नजर आता है।
संघीय अधिकारों को कमजोर करता है बजट
नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा के राज्यसभा सांसद पी. संदोष कुमार ने कहा कि यह बजट आम लोगों की आजीविका की अनदेखी करता है और संघीय ढांचे को कमजोर करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का पेश किया गया बजट जनता की बढ़ती आर्थिक परेशानियों से मुंह मोडऩे और सत्ता एवं संसाधनों को सीमित हाथों में केंद्रित करने का संकेत देता है।
TRN LIVE: *भारत में बनेंगे सस्ते एयरक्राफ्ट, सिविल, घरेलू मेन्युफेक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए कस्टम ड्यूटी में छूट*
बजट 2026 में सरकार ने एविएशन सेक्टर के लिए बड़ा और दूरगामी कदम उठाया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सिविल और डिफेंस एविएशन में घरेलू मेन्युफेक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए कस्टम ड्यूटी में छूट का ऐलान किया है। इस फैसले से न सिर्फ लागत घटेगी, बल्कि भारत को ग्लोबल एविएशन हब बनाने की दिशा में भी मजबूती मिलेगी। बजट 2026 के तहत सरकार ने सिविलियन ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट और अन्य विमानों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कंपोनेंट्स और पाट्र्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी खत्म करने का फैसला किया है। इसका सीधा फायदा यह होगा कि अब भारत में विमान बनाना सस्ता और आसान हो जाएगा, जिससे आयात पर निर्भरता कम होगी।
डिफेंस एविएशन को भी बड़ी राहत सिर्फ सिविल ही नहीं, डिफेंस एविएशन के लिए भी बजट 2026 में बड़ी घोषणा की गई है। डिफेंस एयरक्राफ्ट के पाट्र्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट दी जाएगी। यह छूट खास तौर पर एमआरओ और डिफेंस यूनिट्स की ऑपरेशनल जरूरतों के लिए लागू होगी। वहीं वित्त वर्ष 2026-27 के आम बजट में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के लिए 2,103 करोड़ रुपए का आबंटन का प्रस्ताव है, जिसमें 2,058 करोड़ रुपए के राजस्व व्यय और 45 करोड़ रुपए के पूंजीगत व्यय का प्रस्ताव है। डीजीसीए के लिए आबंटन 330 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 342 करोड़ रुपए किया गया है। नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो के लिए चालू वित्त वर्ष के 88 करोड़ रुपए की तुलना में 114 करोड़ रुपए का प्रावधान है।
TRN: *विश्व कप से पहले दो अभ्यास मैच खेलेंगे तिलक*
भारत के बल्लेबाज तिलक वर्मा को बीसीसीआई के सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस (सीओई) से खेलने की मंजूरी मिल गई है। वह 2026 टी-20 विश्व कप से पहले दो अभ्यास मैच खेलेंगे। जनवरी की शुरुआत में रणजी ट्रॉफ़ी के दौरान लगी चोट के बाद अंडकोष की सर्जरी कराने के चलते वे लगभग एक महीने से मैदान से बाहर थे।
तिलक पहले दो फरवरी को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में अमरीका के $खिलाफ इंडिया-ए टीम की ओर से खेलेंगे और इसके बाद चार फरवरी को दक्षिण अफ्रीका के $खिलाफ भारत के अभ्यास मैच में हिस्सा लेंगे। भारत का टी20 विश्व कप में पहला मैच सात फऱवरी को होगा।
TRN LIVE: *Union Budget 2026-27: बीच में नहीं रूकेगी बेटियों की पढ़ाई, देश के हर जिला में बनेंगे गर्ल्स होस्टल*
रविवार को सरकार ने देश की महिलाओं और छात्राओं के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया। अकसर लड़कियां घर से दूर कॉलेज होने और रहने की जगह न होने पर पढ़ाई छोड़ देतह थीं। इसी बड़ी समस्या को समझते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट में ऐलान किया कि अब देश के हर जिला में उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए खास तौर पर गल्र्स होस्टल बनाए जाएंगे। यह खबर उन लाखों परिवारों के लिए राहत लेकर आई है, जो अपनी बेटियों को बाहर पढ़ाना तो चाहते हैं, लेकिन सुरक्षा की चिंता में पीछे हट जाते थे। अकसर देखा जाता है कि गांव या छोटे शहर की लड़कियों को बड़े कॉलेज में एडमिशन, तो मिल जाता है, लेकिन वहां रहने का इंतजाम करना बहुत महंगा और मुश्किल होता है।
बजट में लिया गया यह फैसला लड़कियों को कॉलेज तक पहुंचाने में बहुत मददगार साबित होगा। जब हर जिला में अपना एक होस्टल होगा, तो मां-बाप भी बिना किसी डर के अपनी बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए भेज सकेंगे। इससे न केवल पढ़ाई बीच में छोडऩे वाली लड़कियों की संख्या कम होगी, बल्कि लड़कियां खुद को ज्यादा सुरक्षित और आत्मनिर्भर महसूस करेंगी। यह कदम महिला शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति की तरह देखा जा रहा है।
TRN LIVE: *D.El.Ed counselling schedule: डीएलएड की खाली सीटें भरने को काउंसिलिंग का शेड्यूल जारी*
चार से सात फरवरी तक चलेगा पहला राउंड
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला ने प्रदेश के निजी शिक्षण संस्थानों में डीएलएड सत्र 2025-2027 की रिक्त सीटों को भरने के लिए दूसरे चरण की काउंसिलिंग का शेड्यूल जारी किया है। प्रथम चरण के बाद अभी भी कुल 697 सीटें खाली हैं। इनमें 321 अनुदानित (सबसिडाइज्ड) और 376 गैर-अनुदानित (नॉन-सबसिडाइज्ड) सीटें शामिल हैं, जिन्हें योग्यता सूची के आधार पर भरा जाना है। अंकों के आधार पर बुलावा काउंसिलिंग प्रक्रिया बोर्ड मुख्यालय धर्मशाला में प्रात: दस बजे से आयोजित होगी। प्रथम राउंड चार से सात फरवरी तक चलेगा, जिसमें पहले दिन 44 या उससे अधिक अंक वाले अभ्यर्थियों को बुलाया गया है। इसके बाद क्रमश: 41-43, 38-40 और 35-37 अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी भाग लेंगे।
यदि इसके बाद भी सीटें शेष बचती हैं, तो दस से 12 फरवरी तक द्वितीय राउंड आयोजित होगा, जिसमें न्यूनतम 27 अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों तक को अपनी दावेदारी पेश करने का अवसर मिलेगा। बोर्ड ने अभ्यर्थियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वह वेबसाइट पर उपलब्ध बायोडाटा फॉर्म भरकर ही मुख्यालय पहुंचें। सीटों का आबंटन योग्यता के आधार पर केवल एक बार ही किया जाएगा। बोर्ड के अध्यक्ष डा. राजेश शर्मा ने बताया कि दुविधा की स्थिति में अभ्यर्थी 01892-242192 पर संपर्क कर सकते हैं।
TRN LIVE: *भारत Under-19 World Cup के सेमीफाइनल में, 58 रन से हराया पाकिस्तान, अब अफगानिस्तान से टक्कर*
भारत ने अंडर-19 वल्र्ड कप के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। टीम ने पाकिस्तान को 58 रन से हरा दिया। जिम्बाब्वे के बुलवायो में खेले गए मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 252 रन का स्कोर खड़ा किया। वेदांत त्रिवेदी ने 68 रन की पारी खेली। पाकिस्तान को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए 253 रन का लक्ष्य 33.3 ओवर में हासिल करना था। टीम 46.2 ओवर में 194 रन ही बना सकी। पाकिस्तान की ओर से उस्मान खान ने 66 रन बनाए, जबकि भारत की तरफ से कप्तान आयुष म्हात्रे और खिलन पटेल ने 3-3 विकेट लिए। अंडर-19 वल्र्ड कप के दूसरे सेमीफाइनल में भारत का मुकाबला अफगानिस्तान से होगा। मैच चार फरवरी को दोपहर एक बजे से हरारे स्पोट्र्स क्लब में खेला जाएगा।
वहीं पहले सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड आमने-सामने होंगे। यह मैच तीन फरवरी को दोपहर एक बजे से बुलवायो में खेला जाएगा। भारत के लिए वेदांत त्रिवेदी ने 68 रन बनाकर टीम को 200 के करीब पहुंचाया। वैभव सूर्यवंशी 22 गेंद पर 30 रन ही बना सके। कप्तान आयुष म्हात्रे खाता भी नहीं खोल पाए। आखिर में कनिष्क चौहान और खिलन पटेल ने फिफ्टी पार्टनरशिप कर स्कोर 250 के पार पहुंचा दिया।
TRN LIVE: *कैंसर के इलाज की 17 दवाओं पर कस्टम ड्यूटी समाप्त, हिमाचल के 32 हजार मरीजों को मिलेगा लाभ*
केंद्र सरकार ने कैंसर इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 लाइफ सेविंग दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दी है। अब तक इन दवाओं पर पांच प्रतिशत आयात शुल्क लगता था। इसके साथ ही सात दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए विदेश से मंगवाई जाने वाली दवाओं और स्पेशल फूड को भी टैक्स फ्री कर दिया गया है। इस फैसले से कैंसर और दुर्लभ बीमारियों से जूझ रहे मरीजों व उनके परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार के इस निर्णय से खासतौर पर हीमोफिलिया, एनीमिया और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी दुर्लभ बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली महंगी दवाएं सस्ती होंगी। हिमाचल प्रदेश में वर्तमान में करीब 32 हजार कैंसर मरीज हैं, जबकि हर वर्ष नौ से 11 हजार नए मरीज सामने आ रहे हैं। ऐसे में दवाओं के सस्ते होने से प्रदेश के मरीजों और उनके परिजनों पर पडऩे वाला आर्थिक बोझ कम होगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि दवाओं के सस्ते होने से न सिर्फ इलाज सुलभ होगा, बल्कि मरीज इलाज बीच में छोडऩे को मजबूर नहीं होंगे।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
आईजीएमसी शिमला स्थित कैंसर अस्पताल के विभागाध्यक्ष डा. मनीष गुप्ता ने कहा कि कीमोथेरेपी और इम्यूनोथेरेपी की कई दवाएं विदेशों से आयात की जाती हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट सूची नहीं मिली है कि किन-किन दवाओं पर कस्टम ड्यूटी खत्म की गई है, लेकिन जैसे ही सूची सामने आएगी, इसका आकलन किया जा सकेगा। यदि अधिकतर महंगी और नियमित इस्तेमाल होने वाली कैंसर दवाएं इस दायरे में आती हैं, तो इलाज की लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी और मरीजों को फायदा होगा।
TRN: *.सोलन में क्लर्क ने बनाई एसडीएम की फेक आईडी, जांच के दौरान घोटाले की धीरे-धीरे खुल रही परतें*
आरएलए ऑफिस में फर्जी वाहन पंजीकरण का बड़ा खेल
सोलन में आरएलए कार्यालय से जुड़ा वाहन पंजीकरण घोटाला लगातार गहराता जा रहा है। जांच आगे बढऩे के साथ-साथ फर्जीवाड़े की नई-नई परतें खुल रही हैं। ताजा खुलासे में सामने आया है कि जिस क्लर्क पर फर्जी वाहन पंजीकरण के गंभीर आरोप हैं, उसने न केवल अपने नाम से बल्कि एसडीएम सोलन की भी फर्जी लॉगिन आईडी बना रखी थी। इस खुलासे के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हडक़ंप मच गया है। मामला चर्चा में आने के बाद एसडीएम सोलन ने अपने स्तर पर जांच शुरू करवाई। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि संबंधित क्लर्क ने एसडीएम के नाम से भी एक फर्जी लॉगिन आईडी तैयार की थी, जिसका इस्तेमाल बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े के लिए किया जा सकता था। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस फर्जी एसडीएम आईडी से किसी वाहन का पंजीकरण किया गया है या नहीं।
एसडीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस फर्जी आईडी की पूरी तकनीकी जांच कर यह पता लगाया जाए कि इससे कितने वाहनों का पंजीकरण हुआ है या प्रयास किया गया। एसडीएम सोलन ने कहा कि दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में आरएलए सोलन के एक कर्मचारी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जांच में पाया गया कि वाहन पोर्टल के यूजर एडमिन सेक्शन मेंए जहां नियमानुसार आरएलए कम एसडीएम का फोन नंबर होना चाहिए था, वहां उक्त कर्मचारी का नंबर दर्ज मिला। शातिरों ने 29 अक्तूबर, 2025 को दो फर्जी आईडी तैयार की थीं, जिसमें एक आईडी कर्मचारी के नाम पर और दूसरी आरएलए कम एसडीएम के नाम पर बनाई गई थी।
आरोपी कर्मचारी को नोटिस
एसडीएम सोलन डॉ. पूनम बंसल ने संबंधित कर्मचारी से उन तीनों ट्रालों की फाइलें तलब कीं। कर्मचारी ने पहले टालमटोल की, लेकिन एसडीएम की सख्ती के बाद उसने खुलासा किया कि ये पंजीकरण विभागीय पोर्टल से नहीं, बल्कि किसी ने फर्जी आईडी बनाकर बाहर से किए हैं। इस पर कार्रवाई करते हुए एसडीएम ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और आरोपी कर्मी को नोटिस जारी कर दिया है।
आरएलए आफिस ने पुलिस को सौंपा रिकार्ड
पुलिस अधीक्षक सोलन गौरव सिंह ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने इस केस से जुड़ा अतिरिक्त रिकॉर्ड मांगा था, जिसे आरएलए कार्यालय द्वारा तैयार कर पुलिस को सौंप दिया है। जांच जारी है ।
TRN: *सोलंग वैली-अटल टनल के पास पांच इंच हिमपात, आसमान से बरसी सफेद आफत से जनजीवन प्रभावित*
snowfall in rohtang, Shinkula, darcha
SRINAGAR, OCT 23 (UNI)- A view of Srinagar-Ladakh highway near Sonmarg after fresh snowfall, as most of Kashmir valley and Ladakh experienced fresh snowfall and plains lashed by rain on Saturday. UNI PHOTO-SRN5
कार्यालय संवाददाता-कुल्लू
कुल्लू एवं जनजातीय जिला लाहुल-स्पीति में एक बार फर बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है, जिससे ठंड का प्रकोप बढ़ गया है और तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। जनजातीय जिला लाहुल -स्पीति में तापमान शून्य से नीचे 21 डिग्री सेल्सियस तक जा गिरा है, जिससे यहां लोगों का जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो गया है। लाहुल-स्पीति में लोग अपने अपने घरों के भीतर ही दुबक गए हैं। कुल्लू-मनाली की पहाडिय़ों पर भी बर्फबारी होने लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है। रविवार को सुबह से ही कुल्लू जिला के पहाड़ों पर बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है जबकि नीचले क्षेत्रों में बारिश हो रही है।
जिला कुल्लू में पर्यटन नगरी मनाली, सोलंगनाला, रोहतांग दर्रा, राहनीनाला, मढ़ी, गुलाबा, भृगु तूंग, चंद्रखणी, हामटा पास, बिजली महादेव, मणिकर्ण घाटी की तमाम पहाडिय़ों, सैंज बंजार की सभी चोटियों में बर्फबारी का दौर जारी हो गया है।
TRN : *16वें वित्त आयोग के तहत हिमाचल को मिल सकते हैं करीब 1.3 लाख करोड़ रुपए*
हिमाचल प्रदेश को 16वें वित्त आयोग के तहत 2026-27 से 2030-31 के दौरान केंद्र से लगभग 1.3 लाख करोड़ रुपए मिलने की संभावना है जो पिछले वित्त आयोग की तुलना में केंद्र से मिलने वाली रकम में बड़ी बढ़ोतरी का संकेत है। यह अनुमान पहले वर्ष के आवंटन और करों के बंटवारे तथा अनुदानों (ग्रांट्स-इन-एड) के मौजूदा रुझानों के आधार पर लगाया गया है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश 2026-27 के बजट अनुमान के अनुसार, हिमाचल प्रदेश को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के रूप में लगभग 13,950 करोड़ रुपए मिलने का प्रावधान किया गया है। राज्यों को करों के विभाज्य पूल से 41 प्रतिशत हिस्सेदारी जारी रहने के आधार पर यह आंकड़ा तय किया गया है, जिसे पूरे पांच साल की अवधि के लिए गणना का आधार माना गया है। यदि केंद्रीय करों के विभाज्य पूल में सालाना औसतन 8 प्रतिशत वृद्धि मान ली जाए, तो 2026-27 से 2030-31 के बीच केवल करों के बंटवारे से ही हिमाचल प्रदेश को मिलने वाली कुल राशि 81,000 करोड़ रुपए से अधिक हो सकती है।
केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किए जाने के तुरंत बाद केंद्रीय वित्त मंत्री ने 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट को संसद में रखा। रिपोर्ट में अगले पांच वर्षों के लिए राज्यों को करों के बंटवारे और अनुदानों की रूपरेखा तय की गई है। हिमाचल प्रदेश जैसे राज्य के लिए, जो अपने खर्चों और आपदा से जुड़ी देनदारियों को पूरा करने के लिए केंद्र पर काफी हद तक निर्भर है, यह संभावित आवंटन महत्वपूर्ण वित्तीय राहत प्रदान कर सकता है।
इसके अलावा, पर्वतीय राज्य होने, सीमित राजस्व आधार और अपेक्षाकृत अधिक व्यय आवश्यकताओं के चलते हिमाचल प्रदेश को अनुदान राशि के रूप में भी बड़ी राशि मिलने की उम्मीद है। इनमें राजस्व घाटा अनुदान, आपदा प्रबंधन सहायता तथा ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों के लिए सहायता शामिल है। मौजूदा रुझानों के अनुसार, अगले पांच वर्षों में अनुदानों की कुल राशि 45,000 करोड़ से 50,000 करोड़ रुपए के बीच रहने का अनुमान है।
इस तरह, 16वें वित्त आयोग की अवधि में हिमाचल प्रदेश को मिलने वाला कुल केंद्रीय हस्तांतरण 1.26 लाख करोड़ से 1.32 लाख करोड़ रुपए के बीच हो सकता है। यह आंकड़ा 2021-26 की अवधि में 15वें वित्त आयोग द्वारा अनुशंसित लगभग 82,000 करोड़ रुपए की तुलना में करीब 50 प्रतिशत अधिक है।
TRN: *सोलन में पत्नी की हत्या, गांव में सनसनी*
सोलन जिले के कसौली तहसील के गांव शनोगी में शनिवार को एक दर्दनाक और सनसनीखेज घटना हुई, जिसने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया। जानकारी के अनुसार, पुलिस चौकी कुठाड को सूचना मिली कि चतर सिंह की पत्नी सुमन ने अपने पति पर चाकू से हमला किया और कमरे में खुद को बंद कर लिया। सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुँची और हालत का जायजा लिया।मौके पर पहुंचने पर पुलिस ने पाया कि सुमन (उम्र 38 वर्ष) अपने कमरे में मृत अवस्था में पड़ी थीं। उनके गले और शरीर पर तेज धार वाले हथियार के कई गंभीर घाव थे और पूरा कमरा खून से लथपथ था। घटना के समय मौके पर मौजूद गवाहों ने बताया कि सुमन और उनके पति के बीच झगड़ा हुआ था।
इसके बाद वह और उनके परिवार के सदस्य गांव पहुंचे और वहां मृतका की स्थिति देखी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया (अभियोग संख्या 12/2026, धारा 103 बीएनएस, थाना कसौली) और फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाकर जांच करवाई। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त चाकू और कैंची को भी कब्जे में लिया। जांच के दौरान संदिग्धों और गवाहों से पूछताछ की गई और घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया गया।जांच में यह स्पष्ट हुआ कि हत्या सुमन के पति चतर सिंह (उम्र 43 वर्ष, निवासी गांव शनोगी) ने ही की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। फ़िलहाल इस मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी सबूतों को जुटाकर हत्या के वास्तविक कारणों का पता लगा रही है।
पुलिस अधीक्षक सोलन गौरव सिंह ने बताया कि 31 जनवरी 2026 को गांव शनोगी में हुई घटना के संदर्भ में जांच जारी है। प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ है कि मृतका सुमन की हत्या उनके पति चतर सिंह ने ही की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और सभी भौतिक साक्ष्यों को कब्जे में लिया गया है। उन्होंने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया और शव का पोस्टमॉर्टम आईजीएमसी शिमला में कराया गया। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि मामले की जांच पूरी होने तक अफवाहों से बचें और पुलिस के साथ सहयोग करें।
TRN: *Hamirpur News: मेले में दुकान पर काम करने आए युवक ने जहरीला पदार्थ खाकर की आत्महत्या*
नादौन में लगे मेले में एक दुकान पर काम करने आए युवक ने कोई जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। युवक की पहचान 20 वर्षीय बंटी पुत्र भूप राम निवासी नवाव गंज, बरेली उत्तर प्रदेश के तौर पर हुई है। बंटी के साथ रह रहे अन्य युवाओं ने बताया कि जहरीला पदार्थ खाने से पहले युवक ने इन्सटाग्राम पर लाइव वीडियो डालकर जहरीला पदार्थ भी दिखाया है।
उन्होंने बताया कि बंटी उनके साथ मेले की दुकान पर ही सोया था। दोपहर के समय वह अकेला निकट ही किराए पर लिए कमरे में नहाने गया था, परंतु जब वापस आया तो उसकी तबीयत खराब हो गई। इस दौरान उसने बताया कि वह जहरीला पदार्थ निगल चुका है। इसके बाद युवाओं ने उसे तुरंत नादौन अस्पताल पहुंचाया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए हमीरपुर रैफर कर दिया गया परंतु रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इस संबंध में थाना प्रभारी निर्मल सिंह ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर उसका पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है तया मामला दर्ज करके आगे छानबीन की जा रही है।
TRN: *पुलिस की नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 2 मामलाें में पकड़ी 1 किलाे से अधिक चरस 4 युवक गिरफ्तार*
हिमाचल के मंडी में पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ अपनी मुहिम तेज कर दी है। जिले में हुई 2 अलग-अलग कार्रवाईयों में पुलिस ने भारी मात्रा में चरस बरामद की है। पहली बड़ी कार्रवाई में हटली पुलिस ने तीन आरोपियों को 1.389 किलोग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया, जबकि दूसरे मामले में जोगिंद्रनगर पुलिस ने कांगड़ा के एक युवक को चरस के साथ दबोचा है।
जाहू-नेरचौक सुपर हाईवे पर आल्टो कार से मिली चरस की खेप
जानकारी के अनुसार पहले मामले में हटली पुलिस की टीम ने ढलवान क्षेत्र में जाहू-नेरचौक सुपर हाईवे पर नाकाबंदी की हुई थी। इसी दौरान जांच के लिए एक सफेद रंग की आल्टो कार को रोका गया। पुलिस ने जब गाड़ी की तलाशी ली, तो उसमें से 1.389 किलोग्राम चरस बरामद हुई। कार में तीन युवक सवार थे, जिन्हें पुलिस ने तुरंत हिरासत में ले लिया। तीनों आरोपी मंडी जिले की तहसील बालीचौकी के रहने वाले हैं, जिनकी पहचान ईश्वर दास (38) निवासी गांव बसुट, तीर्थ राज (23) निवासी गांव चुढार और जीवानन्द (22) निवासी गांव डिंगली के रूप में हुई है।
रविवार को छुट्टी होने के चलते तीनों आरोपियों को जोगिंद्रनगर न्यायालय में पेश किया गया। मामले की पुष्टि करते हुए एसपी साक्षी वर्मा ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ हटली थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस रिमांड के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि चरस की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे कहां सप्लाई किया जाना था 148 ग्राम चरस के साथ दबोचा कांगड़ा का युवक दूसरी घटना में जोगिंदर नगर पुलिस ने एक न 154 पर टोभड़ी क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान एक युवक को गिरफ्तार किया है तलाशी के दौरान युग के पास 148 ग्राम चरस बरामद हुई है आरोपी की पहचान मनजीत कुमार 24 निवासी गांव सुभाषपुरा तहसील जसवा जिला कांगड़ा के रूप में हुई है पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीए एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कारगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है
TRN LIVE: *पाकिस्तान सरकार का ऐलान, भारत के खिलाफ खेलने नहीं उतरेगी टीम*
टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले पाकिस्तान का ड्रामा शुरू हो गया है। पाकिस्तान की सरकार ने इस टूर्नामेंट में भाग लेने की अनुमति तो दे दी है, लेकिन साथ ही एक शर्त भी रख दी है। सरकारी आदेश के अनुसार पाकिस्तान क्रिकेट टीम 15 फरवरी 2026 को भारत के खिलाफ होने वाले मैच में हिस्सा नहीं लेगी ।
पाकिस्तानी सरकार ने कहा है की वह टूर्नामेंट तो खेलेंगे लेकिन भारत के खिलाफ मच का बायकाट करेंगे । सरकार ने X पर एक पोस्ट में कहा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान की सरकार, पाकिस्तान क्रिकेट टीम को ICC वर्ल्ड T20 2026 में हिस्सा लेने की मंजूरी देती है। हालांकि, पाकिस्तान क्रिकेट टीम 15 फरवरी 2026 को भारत के खिलाफ होने वाले मैच में मैदान पर नहीं उतरेगी।
AM: *नमस्कार*🙏
*बनीखेत में चाेरों ने चुराए लाखों के गहने*
चम्बा बनीखेत के वार्ड नंबर 7 में चोरों ने एक मकान में सेंधमारी करके सोने के गहने चुरा लिए। शिकायतकर्त्ता महिला के बयान पर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्त्ता महिला भारती ठाकुर निवासी मंडला जिला कठुआ जम्मू-कश्मीर ने बताया कि चोरी किए गए सोने के जेवरात की कीमत लगभग 2,50,000 रुपए है। बीते दिन वह अपने पति के साथ बनीखेत स्थित मायके आई थी।
जहां घर के दरवाजे का ताला टूटा पाया। जांच-पड़ताल के दौरान मकान के अंदर से 45 ग्राम सोने के गहने गायब पाए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही भारती ठाकुर के बयान दर्ज किए। पुलिस ने मामला दर्ज कर चोरों की तलाश आरंभ कर दी है। मामले की पुष्टि एसपी चम्बा विजय कुमार सकलानी ने की है।
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TRN LIVE: *12 को हड़ताल करेगी आंगनबाड़ी वर्कर एवं हैल्पर यूनियन*
आंगनबाड़ी वर्कर एवं हैल्पर यूनियन की जिला कमेटी की बैठक यूनियन अध्यक्ष सरोज की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जिला महासचिव सीटू सुदेश ठाकुर, जिला अध्यक्ष नरेंद्र, आंगनबाड़ी जिला उपाध्यक्ष चम्पा, सचिव मीना कुमारी, वित्त सचिव रजनी शर्मा आशा, बबली, बबिता, अंजू, तृप्ता सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने केंद्र सरकार की मजदूर-विरोधी नीतियों और विशेष रूप से 4 लेबर कोड वेतन संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थितियां संहिता को आंगनबाड़ी कर्मियों के अधिकारों पर सीधा हमला बताया।
वक्ताओं ने मांग की कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार आंगनबाड़ी वर्कर एवं हैल्पर को ग्रैच्युटी का लाभ तत्काल प्रदान किया जाए। साथ ही आंगनबाड़ी कर्मियों को हरियाणा की तर्ज पर सम्मानजनक वेतन दिया जाए। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि चार लेबर कोड का विरोध, ग्रैच्युटी, वेतन, मानदेय, पोषण ट्रैकर और अन्य लंबित मांगों को लेकर 12 फरवरी को प्रदेशभर में आंगनबाड़ी वर्कर एवं हैल्पर हड़ताल पर रहेंगे
TRN LIVE: *काँगड़ा में 93वां संशोधन बिल लागू करने के लिए ओबीसी संघर्ष समिति ने भरी हुंकार*
धलेरा में उमड़ा जनसैलाब
सुलह विधानसभा क्षेत्र के गांव धलेरा में रविवार को ओबीसी संघर्ष समिति (इकाई सुलह) द्वारा संघर्ष से समाधान रणनीति के तहत एक जनसभा का आयोजन किया गया। गुगा मंदिर धलेरा के प्रांगण में आयोजित इस जनसभा में प्रदेश ओबीसी संघर्ष समिति के अध्यक्ष सौरभ कौंडल ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ के आगे मंदिर का मैदान भी छोटा पड़ गया, जिसके चलते सैंकड़ों लोगों को सड़क पर खड़े होकर ही संबोधन सुनना पड़ा।
युवाओं के भविष्य के लिए 93वां संशोधन जरूरी : कौंडल
जनसभा को संबोधित करते हुए सौरभ कौंडल ने 93वें संशोधन बिल को लागू करवाने के पक्ष में पुरजोर आवाज उठाई। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को इस बिल की बारीकियों और इसके महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सौरभ कौंडल ने राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में कांग्रेस और भाजपा दोनों की सरकारें रहीं, लेकिन आज तक किसी ने भी इस बिल को लागू करने की सुध नहीं ली। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बिल के लागू न होने से ओबीसी समाज के लोग कई महत्वपूर्ण लाभों से वंचित हैं। उन्हाेंने कहा कि हमारे बच्चों के साथ आज भी भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। नॉट फाऊंड सूटेबल का कारण बताकर उन्हें अहम पदों तक पहुंचने से रोका जा रहा है। अफसोस की बात है कि ओबीसी को मिलने वाले लाभों पर दोनों ही प्रमुख पार्टियां चुप्पी साधे बैठी हैं।
[Is: *काँगड़ा में यूजीसी बिल के विरोध में राजा का तालाब और देहरा में उग्र प्रदर्शन, तलवारें व झंडे लेकर सड़कों पर उतरे युवा*
केंद्र सरकार के प्रस्तावित यूजीसी बिल के खिलाफ विरोध की आग अब हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में फैलने लगी है। रविवार को राजा का तालाब और देहरा में समाज के विभिन्न वर्गों और करणी सेना ने इस बिल के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इसे शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
राजा का तालाब कस्बे में सवर्ण समाज सहित विभिन्न वर्गों के लोगों ने भारी बारिश के बीच एक विशाल विरोध रैली निकाली। प्रदर्शन का दृश्य काफी आक्रामक था, जहां युवाओं ने हाथों में नंगी तलवारें और भगवान श्रीराम व हनुमान जी के झंडे लेकर मार्च किया। बारिश में भीगते हुए प्रदर्शनकारियों ने "भाजपा सरकार होश में आओ" और "यूजीसी हटाओ, देश बचाओ" के नारे लगाए। रैली के कारण कस्बे में काफी देर तक जाम की स्थिति भी बनी रही। स्थानीय लोगों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यह कानून बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेल देगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक यह एक्ट वापस नहीं होता, उनका संघर्ष जारी रहेगा और यह कानून किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
करणी सेना ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
वहीं, देहरा विधानसभा क्षेत्र के हनुमान चौक पर करणी सेना ने मोर्चा संभाला।
[: *मंडी में छातर गांव से लापता हुए व्यक्ति का सुकेती खड्ड में मिला शव*
थाना सुंदरनगर के अंतर्गत छातर गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में लापता शख्स का शव कंडयाह के समीप सुकेती खड्ड से बरामद हुआ है। जानकारी के अनुसार केशव राम पुत्र स्वर्गीय कोलू राम पिछले कुछ दिनों से मानसिक रूप से परेशान था, जोकि एक-दो दिन पहले बिना बताए ही कहीं चला गया था। शनिवार देर शाम को ग्रामीणों ने सुकेती खड्ड में एक व्यक्ति को अचेत अवस्था में देखा तो पंचायत प्रधान को इस बारे सूचना दी
जहां पहुंचने पर प्रधान व ग्रामीणों ने पाया कि व्यक्ति की मौत हो गई है। डीएसपी भारत भूषण ने बताया प्रारंभिक जांच और गवाहों के बयान के आधार पर केशव राम की मृत्यु को लेकर किसी प्रकार का संदेह व्यक्त नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा नियमानुसार आगे की प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही मौत के सही कारण पता चल पाएंगे।
TRN LIVE: *हमीरपुर के गौडा नशा मुक्ति केंद्र में युवक की मौत*
रविवार को हमीरपुर शहर के गौडा क्षेत्र में चल रहे एक नशा मुक्ति केंद्र में सरकाघाट क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले एक युवक की मौत होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। युवक की मौत किस वजह से हुई इसके बारे में सदर पुलिस छानबीन में जुट गई है। मृतक की पहचान साहिल ठाकुर (29) निवासी लोअर बरोट फतेहपुर तहसील सरकाघाट जिला मंडी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार युवक के परिजनों ने 27 जनवरी को उसे गौड़ा में चल रहे एक नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करवाया था जोकि रविवार दोपहर को यहां अचेत अवस्था में पाया गया। नशा मुक्ति केंद्र के संचालकों को इस घटना की जानकारी मिली तो वे उसे उपचार के लिए मैडीकल कॉलेज हमीरपुर ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
सदर थाना प्रभारी इंस्पैक्टर कुलवंत सिंह को जब इस घटना की सूचना मिली तो उन्होंने तुरंत पुलिस टीम मौके पर भेजी। रविवार शाम को पुलिस की देखरेख में शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस इस मामले की छानबीन में जुट गई है। नशा मुक्ति केंद्र में युवक की अचानक हुई मौत से हर कोई स्तब्ध है। मामले की पुष्टि एएसपी राजेश उपाध्याय ने की है। उन्होंने कहा कि पुलिस हर एंगल से मामले की छानबीन कर रही है।
[02/02, 7:06 am] +91 94185 64267: *केंद्रीय बजट: 49,000 करोड़ की आरडीजी बंद करना हिमाचल के इतिहास का काला दिन सुक्खू*
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि 16वें वित्तायोग की सिफारिशों में राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) को बंद करके हिमाचल प्रदेश के हितों से कुठाराघात हुआ है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को मिलने वाली 49,000 हजार करोड़ रुपए की ग्रांट बंद होना प्रदेश के इतिहास का काला दिन है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू शिमला में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल की बैठक में इस विषय को लेकर कानूनी विकल्प तलाशे जाएंगे, क्योंकि राज्य को आर.डी.जी. ग्रांट संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत मिलती है।
ग्रांट के बंद होने से लोगों के दिलों पर चोट पहुंची है तथा भीष्म आर्थिक संकट के बीच प्रदेश को छुनछुना थमाया गया है। उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि 70 वर्ष से मिलने वाली ग्रांट बंद होगी। इससे किसान-बागवान, मजदूर व आम आदमी के हितों से कुठाराघात हुआ है। उन्होंने कहा कि वह क्रमश: 4-4 बार केंद्रीय वित्त मंत्री व 16वें वित्तायोग अध्यक्ष से आरडीजी ग्रांट को प्रत्येक वित्तीय वर्ष 10,000 करोड़ रुपए जारी करने की मांग की थी, ताकि 5 वर्ष 50,000 करोड़ रुपए की ग्रांट मिल सके। इसके विपरीत इस ग्रांट को बंद करके प्रदेश हितों से खिलवाड़ हुआ है।
केंद्रीय बजट 2026-27 निराशाजनक व अन्यायपूर्ण
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वित्तीय वर्ष, 2026-27 का केंद्रीय बजट हिमाचल के लिए निराशाजनक व अन्यायपूर्ण रहा
*⚜️ आज का राशिफल ⚜️*
*दिनांक : 02 फरवरी 2026*
🐐🐂💏💮🐅👩
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मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज का दिन भी आपके लिए कलहकारी बना रहेगा। आपसी व्यवहारों में थोड़ी सी चूक अशांति फैलाएंगी। अनर्गल बयानबाजी से बचकर रहें। परिवार अथवा आसपड़ोस की महिलाये भी आज कई दिनों की भड़ास एकसाथ निकालने को आतुर रहेंगी सतर्क रहें। कार्य व्यवसाय की गति धीमी रहेगी फिर भी आज आकस्मिक धन लाभ अवश्य होगा। आज पूंजी निवेश एवं उधार देने से बचे वापसी में परेशानी आएगी। संध्या बाद का समय दिन की अपेक्षा शांत रहेगा फिर भी परिजनों से मन मुटाव खत्म होने में समय लग सकता है। यात्रा पर्यटन की योजना अधूरी रहने की संभावना है। आज व्यावसायिक यात्रा भी टालना बेहतर रहेगा।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज का दिन आपके लिए सामान्य रहेगा। आज आप अन्य कार्यो को छोड़ धार्मिक गतिविधियों में ज्यादा संलग्न रहेंगे। जारी व्यवसाय में परिश्रम साध्य लाभ तो होगा लेकिन आज खर्च भी बढ़ चढ़ कर रहने से संचित धन में भी कमी आएगी प्रयास करते रहें आज नए अनुबंद मिलने की संभावना भी है। नौकरी पेशा जातक आज आराम के मूड में रहेंगे लेकिन आकस्मिक कार्य आने से आज भी मुश्किल से ही आराम मिलेगा। महिलाये दिखावे पर अधिक खर्च करेंगी ईर्ष्यालु प्रवृति रहने के कारण सार्वजनिक क्षेत्र पर आलोचना भी होगी। आज आपको जितना भी सुख मिले फिर भी कुछ ना कुछ नुक्स अवश्य निकालेंगे। घर मे स्वार्थ साधने पर ही सुख मिलेगा।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज के दिन आपमे संतोष की भावना अधिक रहेगी जितना मिल जाए उसी में आनंद से रह लेंगे लेकिन इसके विपरीत स्त्री वर्ग के मन मे किसी ना किसी कारण से उधेड़ बुन लगी रहेगी। मन की बात का इजहार ना कर पाने से बाद में दुख भी होगा। व्यवसायी वर्ग कुछ बड़ा करने की योजना बनाएंगे परन्तु आज इसे प्रयोग में।नही ला सकेंगे अधिक व्यस्तता एवं धन संबंधित परेशानी रहने के कारण आज मनोकामना पूर्ति नही कर सकेंगे। आपके विरोधी भी आज आपका नरम व्यवहार देखकर हल्के पड़ेंगे। संध्या के आस-पास आकस्मिक धन लाभ होने की संभावना है परन्तु इसके लिए लापरवाही और मनमानी त्यागनी पड़ेगी।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज दिन का आरंभ आलस्य प्रमाद से होगा दैनिक कार्य भी विलम्ब से करेंगे। व्यावसायिक कार्यो में भी मध्यान तक अरुचि रहेगी परन्तु इसके बाद का समय आमदनी बढ़ाने वाला रहेगा। पुराने अधूरे कार्य आज भी लटके रहेंगे। लेकिन फिर भी नए कार्य हाथ से ना जाने दें शीघ्र ही स्थिति सुधरने पर सभी कार्य स्वतः ही बनते चले जायेंगे। प्रतिस्पर्धा कम रहने से संध्या के समय आय की संभावना ज्यादा रहेगी। महिलाये आज अधिक खर्चीली साबित होंगी लेकिन आज पसंद ना पसंद का निर्णय नही कर पाने से हानि में ही रहेंगी। मित्र एवं परिवार के सदस्यों के साथ मनोरंजन में समय बिताएंगे।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज के दिन भी आपको विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा। व्यवसाय में आज बने बनाये सौदे हाथ से निकलने पर दुख होगा साथ ही घर मे भी कुछ ना कुछ नुकसान होने की संभावना है। किसी पुराने विवाद के फिर से उभरने के कारण मानसिक अशांति बढ़ेगी मन किसी गुप्त भय से व्याकुल रहेगा। महिला वर्ग प्रयास करने पर भी घरेलू स्थिति को संभलने से असफल रहेंगी। अतिआवश्यक एवं धन संबंधित कार्यो को आज ना करें यात्रा अथवा गहन चिकित्सा से जुड़े कार्य भी अतिआवश्यक होने पर ही करें। आज ना चाहकर भी परिजनों पर खर्च करना पड़ेगा। संध्या इसके बाद स्थिति सुधरने लगेगी।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज के दिन आप सार्वजनिक कार्यो में ज्यादा रुचि लेंगे इस कारण स्वयं के कार्य विलम्ब से होंगे। दो पक्षो के बीच मध्यस्थता अथवा किसी की जमानत लेनी पड़ सकती है। सामाजिक क्षेत्र पर आज आपकी छवि प्रतिष्ठित लोगो जैसी रहेगी। सरकारी कार्य आज लंबित रहेंगे लेकिन सरकारी क्षेत्र से शीघ्र ही सहायता की उम्मीद भी जागेगी। धार्मिक कार्यो में रुचि कम रहेगी इसके विपरीत मौज-शौक मनोरंजन पर अधिक ध्यान देंगे। व्यवसायी वर्ग के लिए आर्थिक दृष्टिकोण से दिन सामान्य ही रहेगा आय व्यय बराबर रहेंगे। सुख के साधनों पर खर्च तो होगा ही साथ मे व्यर्थ के ख़र्च भी अधिक लगे रहेंगे।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आपके लिए आज का दिन लाभदायक रहेगा। व्यवसाय के साथ ही आज मित्र संबंधियों से भी लाभ होगा। कार्य क्षेत्र पर आप आज उदासीनता दिखाएंगे लेकिन व्यवहारिकता आज आपमे भरी रहेगी। आपके संपर्क में आने वाले लोग प्रसन्न होकर ही जायेंगे। घरेलू कार्य आज एकदम से सर आने पर असहज होने टालमटोल करने पर परिजन नाराज होने का भय रहेगा फिर भी कुछ ना कुछ युक्ति लगाकर इनसे निजात पा लेंगे। अतिआवश्यक कार्यो को आज लापरवाही छोड़ पहले पूर्ण करले संध्या बाद से परिस्थिति विघ्न-बाधाओं वाली आने से बनते काम रुकने लगेंगे। रात्रि के समय आनंद के पल अचानक गरमा-गर्मी में बदल सकते है।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज के दिन आपको शुभ फलों की प्राप्ति होगी दिन के आरंभ में मन मे आध्यात्मिक भाव रहेगा भजन पूजन में समय देंगे। इसके बाद घरेलू कार्यो के साथ ही व्यावसायिक कार्यो की भी समीक्षा करेंगे। परिजनों के साथ महत्त्वपूर्ण विषयो पर बात होगी। कार्य व्यवसाय से भी आज बेहतर परिणाम मिलेंगे लेकिन भागीदारी के कार्यो में झंझट बढ़ने के कारण भागीदारों से मतभेद गंभीर हो सकते है। आय आज मध्यान तक स्थिर रहेगी इसके बाद अचानक कही से धन लाभ होगा। संध्या का अधिकांश समय आनंद मनोरंजन में बिताएंगे घर मे सुख सुविधा पर खर्च होगा। महिलाये आज कामना सिद्धि कर लें बाद में मुश्किल होगी।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज के दिन आप सेहत को लेकर अधिक संवेदन शील एवं चिंतित रहेंगे परिवार में आज किसी ना किसी के ऊपर दवाओं का खर्च लगा रहेगा। किसी ना किसी पारिवारिक कारण से दौड़ धूप लगी रहेगी शांति से दिन व्यतीत करने की चाह आज मन मे ही रह जायेगी। कार्य व्यवसाय पर समुचित ध्यान ना देने पर सीमित लाभ से संतोष करना पड़ेगा। आज किसी से उधार लेने अथवा मजबूरी में देने की नौबत भी आएगी। विशेषकर आज अनैतिक साधनों से धन कमाने के विचार त्याग दे अन्यथा मुश्किल में पड़ सकते है। कार्य क्षेत्र पर अधीनस्थों की गतिविधियों पर नजर रखें आपकी लापरवाही का गलत फायदा उठाएंगे। घर मे नीरसता अनुभव होगी।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज के दिन आपका मन अस्थिर रहने के कारण बनी बनाई योजनाए निरस्त हो जाएगी। बुद्धि का विवेक भी आज कम ही काम आएगा। परिजन अथवा अन्य लोग वादा पूरा ना करने पर क्रोधित होंगे। कार्य क्षेत्र पर सहकर्मी मनमानी करेंगे जिससे कार्य विलम्ब के साथ अव्यवस्था अधिक रहेगी मध्यान तक संभावनाओं पर आश्रित रहना पड़ेगा इसके बाद थोड़ा बहुत धन लाभ होने से काम चलते रहेंगें। नौकरी पेशा लोग एव महिलाये आज यात्रा पर्यटन के मूड में रहेंगे घरेलू विघ्नों के बाद ही कामना पूर्ति हो सकेगी। सामाजिक कार्यो की अनदेखी करेंगे। दाम्पत्य जीवन उत्तम रहेगा। मनपसंद भोजन वाहन सुख मिलेगा।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन आपको मध्यम फलदायी रहेगा। सेहत में आज उतार चढ़ाव लगा रहेगा। प्रातः काल से ही शरीर मे शिथिलता अनुभव होगी। पेट संबंधित व्याधियां परेशान करेंगी। बाहर के खान-पान से परहेज करें अन्यथा स्थिति गंभीर भी हो सकती है। आर्थिक रूप से भी आज का दिन सामान्य रहेगा। आय अल्प मात्रा में होगी खर्च अधिक रहेंगे। पूजा पाठ दान पुण्य आदि कार्यो पर भी खर्च होगा। टोन टोटको के प्रयोग भी आजमाएंगे। आज लगभग सभी सुख सुविधा मिलने के बाद भी मन मे कोई कसर अवश्य रहेगी। कार्य व्यवसाय की गति धीमी रहेगी। महिलाये आज परिजनों की प्रसन्नता के लिए कुछ विशेष करेंगी।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज का दिन आपको सुख-संतोष की अनुभूति कराएगा। दिनचार्य आज व्यवस्थित नही रहेगी फिर भी दैनिक एवं सरकारी कार्यो को छोड़ शेष सभी कार्य निर्विघ्न पूर्ण होंगे। व्यवसाय में परिश्रम एवं व्यस्तता का फल धन लाभ बनकर मिलेगा। मध्यान तक व्यवसाय मंदा रहेगा लेकिन इसके बाद आकस्मिक उछाल आने से आर्थिक लाभ होगा। पुरानी उधारी भी आज मिलने की संभावना है। सार्वजनिक क्षेत्र पर लोगो का सहयोग एवं धार्मिक कार्यो में दान पुण्य करने का अवसर मीलेगा। रात्रि के समय सुखद समाचार मन हर्षित करेंगे। महिलाये आज पारिवारिक कलह से बचने में मदद करेंगी। कारण भी महिला ही हो सकती है।
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TRN LIVE: *नशे की गिरफ्त में हिमाचल के युवा, चिट्टा खरीदने के लिए एक लाख में गिरवी रख दी कार*
हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला में एक युवक ने नशे की मांग को पूरा करने के लिए अपनी कार को एक लाख रुपये में गिरवी रख दिया।
हिमाचल में चिट्टा बना मुसीबत।
युवाओं को नशे की लत ने बर्बादी के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। नशे की लत को पूरा करने के लिए युवा चोरी और लूटपाट जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं तो वहीं नशा खरीदने के लिए किसी भी हद तक जाने को मजबूर हो गए हैं। चिट्टे के नशे ने जिला शिमला के युवाओं को अपराध के दलदल में भी धकेलना शुरू कर दिया है। जांच में सामने आया है कि नशे की मांग को पूरा करने के लिए युवक ने अपनी कार को एक लाख रुपये में गिरवी रख दिया। कार गिरवी रखने के बाद युवक चिट्टा खरीदकर शिमला आ रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें शोघी के समीप दबोचा लिया
TRN LIVE: *बजट में 1500 करोड़ का जिक्र नहीं, सरकार की उम्मीदों को झटका*
पीएम मोदी ने प्रदेश में आपदाग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद की थी घोषणा, सरकार की उम्मीदों को झटका
हिमाचल को आपदा में मिले जख्मों पर मरहम लगाने के लिए आर्थिक सहायता की आस में बैठी सरकार और जनता को केंद्रीय बजट से बड़ा झटका लगा है। प्रधानमंत्री की प्रदेश को पंद्रह सौ करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता का बजट में जिक्र तक नहीं हुआ है। इसके चलते केंद्र से मदद की आस लगाए बैठे आपदा प्रभावित क्षेत्रों को भी राहत की उम्मीदों पर भी पानी फिर गया है। वहीं, बजट में 1500 करोड़ की आर्थिक सहायता का जिक्र न होने के चलते कांग्रेस को भी एक बड़ा मुद्दा मिल गया है। तीन साल से लगातार आपदाओं का दंश झेलते चलते आ रहे प्रदेश को केंद्रीय बजट में आर्थिक सहायता का प्रबंध नहीं किया है। अहम है कि वर्ष 2025 में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में आई आपदा के चलते राज्य को 6000 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ था। सितंबर, 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंडी, कुल्लू और चंबा जिला समेत अन्य आपदाग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया था।
उस दौरान पीएम ने कांगड़ा जिला में आपदा पीडि़तों के साथ भी मुलाकात की थी और हिमाचल को 1500 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की थी। पीएम की इस घोषणा के बाद राज्य को सहायता न मिलने का मुद्दा हिमाचल में गूंजता रहा है। वहीं, प्रदेश की कांग्रेस सरकार के मंत्री भी 1500 करोड़ की आर्थिक सहायता की घोषणा होने के बाद एक फूटी कौड़ी भी प्रदेश को न मिलने पर सवाल उठाते रहे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी 1500 करोड़ की आर्थिक सहायता अब तक न मिलने की बात अपने बयानों में कह चुके है।
: अंडर 14 राष्ट्रीय प्रतियोगिता स्कूल गेम छत्रसाल दिल्ली में राजकीय वरिष्ठमाध्यमिक पाठशाला बरौर के छात्र नैतिक राणा ने 57 किलो ग्राम जीता गोल्ड मेडल,, सभी चम्बा ओर हिमाचल को बहुत बहुत शुभकामनाएं।
चुराह के बघेईगढ़ निवासी कोच धर्म सिंह ठाकुर जी और चैंपियन को हार्दिक बधाई व शुभकामनायें। 💐
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