क्या खिलाड़ियों को हैंडशेक करने के लिए मजबूर कर सकता है ICC, पाकिस्तान की डिमांड के बीच जान लीजिए जवाब

Feb 9, 2026 - 17:33
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क्या खिलाड़ियों को हैंडशेक करने के लिए मजबूर कर सकता है ICC, पाकिस्तान की डिमांड के बीच जान लीजिए जवाब

T20 World Cup 2026: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने भारत के खिलाफ पाकिस्तान के बहिष्कार को खत्म करने के लिए तीन शर्ते रखी हैं. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल से ज्यादा रेवेन्यू शेयर,  द्विपक्षीय क्रिकेट संबंधों को फिर से शुरू करने की मांग और साथ ही टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय खिलाड़ियों को पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाना होगा.  इसी बीच आइए जानते हैं कि क्या आईसीसी खिलाड़ियों को  हाथ मिलाने के लिए मजबूर कर सकता है या नहीं.

आईसीसी के नियम क्या कहते हैं 

मजबूत राजनीतिक और भावनात्मक भावनाओं के बावजूद नियम बिल्कुल साफ हैं. आईसीसी प्लेइंग कंडीशंस और क्रिकेट के नियमों के मुताबिक हाथ मिलाना कोई जरूरी नहीं है. यह बिल्कुल भी अनिवार्य नहीं है और ऐसा कोई नियम नहीं है जो आईसीसी को मैच से पहले या बाद में खिलाड़ियों को हाथ मिलाने के लिए मजबूर करने की इजाजत दे. 

आईसीसी और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड दोनों के  अधिकारियों ने यह साफ किया है कि हाथ मिलाना पूरी तरह से प्रतीकात्मक है. यह बस सद्भावना में निहित एक परंपरा है, कोई बाध्यकारी प्रोटोकॉल नहीं है. 

सिर्फ एक परंपरा कोई नियम नहीं 

दशकों से मैच के बाद हाथ मिलाने को टीमों के बीच आपसी सम्मान के संकेतों के रूप में देखा जाता रहा है. हालांकि आईसीसी ने लगातार यह बनाए रखा है कि ऐसे इशारे अपनी मर्जी से होते हैं. टीम और खिलाड़ी के पास यह तय करने का अधिकार होता है कि वे खेल भावना को कैसे व्यक्त करते हैं. 

पीसीबी का रुख और आईसीसी की प्रतिक्रिया 

अनिवार्य रूप से हाथ मिलाने पर पीसीसी का जोर पिछले उदाहरण से ही उपजा है. दरअसल पिछले कुछ टूर्नामेंटों से भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तान के साथ मैच के बाद हाथ नहीं मिलाया. इसके जवाब में पाकिस्तान ने आईसीसी से भविष्य के टूर्नामेंट में ऐसी स्थितियों से बचने के लिए एक अनिवार्य प्रोटोकॉल शुरू करने की गुजारिश की है. 

भारत ने हाथ मिलाने से क्यों किया इनकार 

दरअसल इस विवाद की जड़ पुलवामा आतंकी हमले से जुड़ी हुई है. हमले के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने पीड़ितों के साथ एकजुटता को दिखाने के लिए पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया था. इस फैसले को खेल भावना के खिलाफ नहीं बल्कि एक प्रतीकात्मक कदम के तौर पर देखा गया था. अगर सीधे शब्दों में कहें तो आईसीसी खिलाड़ियों को हाथ मिलाने के लिए बिल्कुल भी मजबूर नहीं कर सकता.

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Admin तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला