आईएएस संजीव हंस पर 1 करोड़ घूस लेने में केस:ईडी ने ही जांच में पाया था सेंट्रल डेपुटेशन पर ली थी घूस

Mar 24, 2026 - 15:49
 0  0
आईएएस संजीव हंस पर 1 करोड़ घूस लेने में केस:ईडी ने ही जांच में पाया था सेंट्रल डेपुटेशन पर ली थी घूस
बिहार कैडर के वरीय आईएएस संजीव हंस पर सीबीआई ने एक और केस दर्ज किया है। यह केस उस वक्त का है जब वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भारत सरकार में उपभोक्ता मामलों, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री के निजी सचिव थे। सीबीआई ने दिल्ली स्थित कार्यालय में संजीव समेत 8 को नामजद करते हुए केस दर्ज किया है। आरोप एक करोड़ घूस लेने का है। ईडी ने ही जांच में पाया था कि संजीव ने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान यह घूस ली थी। संजीव पर सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम यानी पीसी एक्ट की 5 धाराओं के अलावा अपराधिक साजिश करने का केस दर्ज किया है। पिछले साल अक्टूबर में ही मनी लॉन्ड्रिंग केस में संजीव हंस को पटना हाईकोर्ट ने जमानत दी थी। संजीव हंस पर तत्कालीन केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री के निजी सचिव के रूप में काम करते हुए बिल्डर कंपनी ईस्ट एंड वेस्ट बिल्डर्स से करीब एक करोड़ घूस लेने का आरोप है। संजीव का करीबी विपुल बंसल है। वह आरएनए कॉर्पोरेशन (रियल एस्टेट व्यवसाय में लगी कंपनी) से जुड़े हैं। विपुल ने ईस्ट एंड वेस्ट बिल्डर्स (आरएनए कॉर्पोरेशन की सहयोगी कंपनी) और उसके प्रमोटरों के बिल्डर-खरीदार विवाद में राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग से अनुकूल आदेश प्राप्त करने के लिए आरएनए कॉर्पोरेशन से संपर्क किया था। घूस की रकम हवाला के जरिए वसूली थी संजीव हंस की ओर से हवाला के माध्यम से रिश्वत की वसूली हुई थी। रिश्वत के एक करोड़ संजीव हंस के सहयोगियों शादाब खान और पुष्पराज बजाज के माध्यम से किश्तों में दी गई थी। संजीव हंस ने रिश्वत की राशि ट्रांसफर करने के लिए शादाब और पुष्पराज बजाज के मोबाइल नंबर विपुल बंसल को दिए थे। पुष्पराज रिश्वत लेने और बाद में उसे छिपाने/ मनी लॉन्ड्रिंग करने में मदद करते थे।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0
Admin तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला