कांग्रेस के तीनों बागी विधायकों को पार्टी से निकालने की तैयारी

Mar 21, 2026 - 14:34
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कांग्रेस के तीनों बागी विधायकों को पार्टी से निकालने की तैयारी
राज्यसभा चुनाव में मतदान से अनुपस्थित तीनों बागी विधायकों को पार्टी से निकालने की कांग्रेस ने पूरी तैयारी कर ली है। आलाकमान ने ओडिशा में क्रॉस वोटिंग करने वाले तीन विधायकों को पार्टी सदस्यता से निलंबित करने जैसा कदम उठाने का ही संदेश प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व को दिया है। इस बीच कारण बताओ नोटिस का जवाब दो दिन में देने की मियाद पूरी होने तक दो विधायकों वाल्मीकिनगर के सुरेंद्र कुशवाहा और फारबिसगंज के मनोज कुशवाहा का जवाब ही अभी तक प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति के दफ्तर को मिला है। मनिहारी के विधायक मनोहर प्रसाद सिंह का जवाब आना बाकी है। तीसरे विधायक का जवाब आ जाने के बाद प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति के अध्यक्ष कपिलदेव प्रसाद यादव की अनुशंसा कांग्रेस के केंद्रीय कार्यालय को भेज दी जाएगी। इसके बाद कांग्रेस नेतृत्व इस बारे में फैसला लेगा। कांग्रेस के ये तीनों विधायक विधानसभा चुनाव जीतने के साथ ही पार्टी कार्यक्रमों में रुचि नहीं दिखा रहे थे। साथ ही पार्टी की संगठनात्मक बैठकों में भी भाग नहीं ले रहे थे। इनके लगातार जदयू या भाजपा में जाने के कयासों के कारण ही कांग्रेस अभी तक विधायक दल का नेता भी घोषित नहीं कर पाई। यहां तक कि 5 विधायकों वाली पार्टी एआईएमआईएम को विधानसभा की एक कमेटी में सभापति का ओहदा मिल गया, लेकिन 6 विधायकों वाली कांग्रेस को किसी कमेटी में सभापति का पद नहीं मिला। तीनों विधायकों के पार्टी से निकाले जाने के बाद कांग्रेस के लिए विधानसभा की किसी कमेटी में सभापति का पद मिलना संभव नहीं रह जाएगा। असंबद्ध सदस्य के रूप में बैठेंगे : कांग्रेस से निकाले जाने के बाद तीनों विधायक विधानसभा में असंबद्ध सदस्य के रूप में बैठेंगे। कांग्रेस का ह्विप भी उन पर नहीं चलेगा। हालांकि, वे किसी दूसरी पार्टी में नहीं जा सकेंगे। पार्टी तोड़ने के लिए दो तिहाई विधायक जरूरी हैं, यानी कांग्रेस के विधायकों के दूसरी पार्टी में शामिल होने के लिए 6 में कम से कम 4 विधायकों को पार्टी से निकलना होगा। इधर, कांग्रेस के चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें भी राज्यसभा चुनाव में हॉर्स ट्रेडिंग का ऑफर मिला था। परंतु, उन्होंने मना कर दिया, क्योंकि जिस पार्टी ने उन्हें पहचान दी है, उससे गद्दारी नहीं कर सकते हैं। पार्टी ने महागठबंधन प्रत्याशी को समर्थन दिया तो उससे बाहर जाने का कोई सवाल ही पैदा नहीं हो सकता है।

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Admin तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला