आज सुबह के मुख्य समाचार पत्र ✉ Gold_Rate_Today,_03_फरवरी_2026_Aaj_Ka_Sone_Ka_Bhav___Sone_Ka_Bhav___Today_Gold_Rate
चंबा-तीसा मुख्य मार्ग पर सरेला के पास सड़क की हालत बहुत खराब है। छोटी गाड़ियां मुश्किल से ही क्रॉस हो पा रही हैं, बड़े वाहनों के लिए मार्ग बंद है। सरेला सड़क धंसने का क्रम जारी है।चालकों से
TRN LIVE: *चंबा-तीसा मुख्य मार्ग पर (चांजू-नाला) में देर रात भारी बारिश के कारण मार्ग बंद हो गया था, लेकिन चुराह लोक निर्माण विभाग ने सोमवार सुबह वाहनों की आवाजाही सुचारू कर दी है।*
TRN LIVE TRNDKB: चंबा-तीसा मुख्य मार्ग पर सरेला के पास सड़क की हालत बहुत खराब है। छोटी गाड़ियां मुश्किल से ही क्रॉस हो पा रही हैं, बड़े वाहनों के लिए मार्ग बंद है। सरेला सड़क धंसने का क्रम जारी है।चालकों से अनुरोध है कि वे इस मार्ग पर अत्यधिक सावधानी से वाहन चलाएं, गति को नियंत्रित रखें और सुरक्षित यात्रा करें।
TRN LIVE: *इस दिन होगी हिमाचल मंत्रिमंडल की बैठक, कई फैसले होने की उम्मीद*
*मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले लिए जाने की संभावना है।*
*हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक 8 फरवरी को प्रदेश सचिवालय के शिखर सम्मेलन हाल में आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में सुबह 11:00 बजे होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में कई बड़े फैसले लिए जाने की संभावना है।*
TRN LIVE: *चुनाव आयोग भाजपा का आईटी सैल, काली शॉल ओढक़र मिलने पहुंचीं ममता बनर्जी का बड़ा हमला*
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के खिलाफ काली शॉल ओढक़र दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की। उनके साथ एसआईआर प्रभावित 13 परिवार और टीमएसी के नेता भी थे। मुलाकात के बाद ममता ने कहा कि मैं बहुत दुखी हूं। मैं दिल्ली की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हूं। चार बार केंद्रीय मंत्री और सात बार सांसद रह चुकी हूं। मैंने आज तक ऐसा अहंकारी और झूठा चुनाव आयुक्त नहीं देखा। मैंने चुनाव आयुक्त से कहा कि उनकी कुर्सी का सम्मान करती हूं, क्योंकि कोई भी कुर्सी हमेशा के लिए नहीं रहती। एक दिन उनको जाना ही होगा। बंगाल को क्यों निशाना बनाया जा रहा है।
चुनाव लोकतंत्र का त्योहार होते हैं, लेकिन उन्होंने 58 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए और अपना बचाव करने का मौका तक नहीं दिया। यह चुनाव आयोग नहीं, भाजपा का आईटी सैल है। इसके पहले सुबह ममता ने दिल्ली पहुंचते ही कहा कि वह एसआईआर के मुद्दे पर लड़ाई जारी रखेंगी। अगर इस देश में कोई नहीं लड़ेगा, तो वह लड़ेंगी, हमारी पार्टी लड़ेगी।
धनखड़ जैसा होगा हाल
ममता बनर्जी ने कहा कि हमने सीईसी को बोल दिया है कि आपका हाल धनखड़ जैसा होगा। आप भाजपा के कहने पर काम कर रहे हैं। मैंने इस तरह का चीफ इलेक्शन कमिश्नर कभी नहीं देखा। इसके बाद मैंने बैठक का बॉयकॉट किया और बाहर निकल आई। ममता ने कहा कि हम लोग यहां इंसाफ के लिए आए थे, लेकिन हमारे साथ नाइंसाफी हुई है। यह सहन नहीं की जाएगी।
TRN LIVE: *राहुल के बयान पर संसद में हंगामा, चीन को लेकर पूर्व सेना प्रमुख की किताब के जिक्र पर भिड़े सरकार के मंत्री*
चीन को लेकर पूर्व सेना प्रमुख नरवणे की किताब के जिक्र पर भिड़ गए सरकार के तीन मंत्री
संसद के बजट सत्र के चौथे दिन सोमवार को लोकसभा में उस समय जोरदार हंगामा देखने को मिला, जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चीन के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश की। राहुल गांधी ने सदन में पूर्व सेना प्रमुख नरवणे की किताब के अंशों को साझा किया कि डोकलाम में चार चीनी टैंक भारत की सीमा में पहुंच गए थे। इस पर सरकार के तीन मंत्रियों ने कड़ा विरोध जताया, जिसके बाद सदन में सत्तापक्ष और कांग्रेस के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक एवं हंगामा देखने को मिला। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कांग्रेस नेता से कई बार यह अपील की कि वह पुस्तक या किसी पत्रिका को सदन में कोट नहीं कर सकते। हालांकि राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख का हवाला देते हुए चीन के साथ भारत के सैन्य तनाव का विषय उठाने का प्रयास किया और दावा किया कि पूर्व सेना प्रमुख ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के चरित्र के बारे में भी बताया है। लोकसभा में गतिरोध के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे। राहुल गांधी ने जैसे ही इसे पढऩे का प्रयास किया, तो राजनाथ सिंह ने सवाल उठाया कि नेता प्रतिपक्ष को बताना चाहिए कि वह जिस पुस्तक का उल्लेख कर रहे हैं, वह प्रकाशित हुई है या नहीं।
गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा कि सदन में पुस्तक और पत्रिका में प्रकाशित बातों को नहीं रखा जा सकता और नेता प्रतिपक्ष को व्यवस्था का पालन करना चाहिए। उधर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी को बोलने से रोकते हुए कहा कि आप सदन के नियम तोड़ रहे हैं। संसद नियमों से चलती है और यहां आप बिना छपी किताब के बारे में बात नहीं कर सकते हैं। राहुल के बयान के खिलाफ सरकार की सबसे बड़ी आपत्ति यह रही कि एक बिना छपी किताब को संसद में नहीं पढऩा चाहिए। इन सबके बीच कन्नौज सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि चीन का मुद्दा संवेदनशील है। अखिलेश ने मांग की है कि राहुल गांधी को पूर्व थलसेनाध्यक्ष एमएम नरवेण का बयान पढऩे दिया जाए। राहुल गांधी के तेवरों के कारण लोकसभा में गतिरोध खत्म नहीं हुआ। राष्ट्रीय सुरक्षा और चीन सीमा विवाद पर चर्चा की मांग को लेकर राहुल गांधी अपनी बात पर अड़े रहे। स्पीकर और पीठासीन अधिकारी के बार-बार समझाने के बावजूद हंगामा शांत नहीं हुआ, जिसके चलते चार बार के स्थगन के बाद कार्यवाही को मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की आत्मकथा पर यह है विवाद
जनरल मनोज मुकुंद नरवणे भारतीय थलसेना के 27वें सेना प्रमुख थे। वह 2020 के गलवान घाटी संघर्ष के दौरान सेना प्रमुख थे। जनरल नरवणे की आत्मकथा का नाम है-फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी। जनरल नरवणे ने इस किताब में गलवान संघर्ष से लेकर अग्निवीर जैसे मामलों के बारे में लिखा है।
भारतीय सीमा में घुसे थे चीनी टैंक
किताब में वर्ष 2020 में गलवान, डेपसांग और पेंगोंग स्थित सीमा का जिक्र है। जनरल नरवणे ने लिखा है कि जब गलवान में चीन के टैंक सामने आकर खड़े हो गए, तो राजनीतिक नेतृत्व से साफ आदेश नहीं मिला। चीनी टैंक भारतीय क्षेत्र में घुस आए थे, लेकिन फायर ओपन करने की इजाजत टॉप लेवल से नहीं मिली।
अग्निवीर योजना से थे असहमत
जनरल नरवणे ने लिखा कि अग्निवीर योजना उनके लिए आकाश से बिजली गिरने जैसा था। उन्होंने टूर ऑफ ड्यूटी जैसी योजना प्रधानमंत्री को सुझाई थी, लेकिन पीएमओ ने पूरी तरह अलग प्रस्ताव लाकर पूरी भर्ती को अग्निवीर आधारित कर दिया। नौसेना और वायुसेना को भी यह अचानक और हैरान करने वाला लगा।
TRN LIVE: *खुशखबरी : मंडी हवाई अड्डे को मिली साइट क्लियरेंस, भूमि अधिग्रहण सहित अन्य निर्माण पर खर्च होंगे इतने करोड़*
कर हस्तांतरण में हिमाचल के लिए 2026-27 में 13,949 करोड़ का प्रावधान
अनुदान सहायता के तहत हिमाचल को मिलेंगे 10,243 करोड़ रुपए
राज्य के मंडी जिला में ग्रीन फील्ड हवाई अड्डे के निर्माण के लए भारत सरकार ने साइट क्लियरेंस को मंजूरी प्रदान कर दी है। बल्ह घाटी के नागचला में इसका निर्माण होना है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण सहित अन्य निर्माण पर चार से साढ़े चार हजार करोड़ का खर्च आने का अनुमान है। सोमवार को जारी एक विज्ञप्ति में मंडी में बनने वाले ग्रीन फील्ड हवाई अड्डे के निर्माण हेतु साइट क्लियरेंस की मंजूरी भारत सरकार से मिलने का हवाला दिया गया है। हिमाचल प्रदेश के लिए बजट में केंद्रीय हस्तांतरण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। बजट अनुमान के मुताबिक कर हस्तांतरण में हिमाचल प्रदेश के लिए 2026-27 में 13,949 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है। इसी तरह अनुदान सहायता में हिमाचल प्रदेश के लिए 2025-26 में 10,243 करोड़ रुपए का बजट आबंटित किया गया है।
राज्यों को पूंजीगत व्यय के लिए विशेष सहायता के तहत भी हिमाचल को 2020-21 से 2025-26 तक 8309 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इस योजना के तहत, राज्य सरकारों को 50 वर्षों के लिए ब्याज मुक्त ऋण के रूप में विशेष सहायता प्रदान की जाती है, जिसका ब्याज पूर्णत: केंद्र द्वारा वहन किया जाता है। यह वित्त आयोग की अनुशंसाओं से परे है। प्रदेश में हवाई मार्ग के विस्तार के तहत उड़ान योजना के अंतर्गत चार हवाई अड्डों का संचालन शुरू हुआ। इस पर 150 करोड़ से ज्यादा की राशि खर्च की जा चुकी है। उड़ान योजना के अंतर्गत चार नए हवाई अड्डों शिमला, कुल्लू ,मंडी हेलिपोर्ट और रामपुर-हेलिपोर्ट तथा 22 नए हवाई मार्गों का संचालन शुरू हुआ।
प्रदेश को केंद्र की सौगात
भारत सरकार ने मंडी में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों के निर्माण के लिए साइट क्लियरेंस प्रदान की है। इसी तरह सडक़ मार्ग के विकास में 30 जून, 2025 तक प्रदेश में 2,607 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण हो चुका है। मार्च, 2025 में प्रधानमंत्री ने हिमाचल प्रदेश में लगभग 3,400 करोड़ की लागत से एनएच-21 के कीरतपुर से नेरचौक खंड (2 पैकेज) का उद्घाटन किया है। भारतमाला परियोजना के प्रथम चरण के तहत हिमाचल प्रदेश में 9,964 करोड़ रुपए की अनुमानित कुल पूंजी लागत से 167 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारों के विकास को मंजूरी दी गई है।
TRN LIVE: *भारत की रक्षा को स्वदेशी तकनीक देगी मंडी आईआईटी, हिमालयन रेंज में मारक क्षमता रखने वाले हथियार होंगे तैयार*
हिमालयन रेंज में मारक क्षमता रखने वाले हथियार होंगे तैयार, डीआरडीओ के साथ एमओयू साइन
मंडी आईआईटी भारत को रक्षा की स्वदेशी तकनीक ईजाद करके देगी। यह हथियार हिमालयन रेंज में मारक क्षमता बढ़ाने में सक्षम होंगे। आईआईटी ऐसे विस्फोटक और सेंसर भी बनाकर देगी, जो पहाड़ सहित अन्य कठिन इलाकों में सटीक निशाना साध सके। इसके लिए मंडी आईआईटी और डीआरडीओ के बीच एक एमओयू साइन हुआ है। इसके तहत ऐसी तकनीक विकसित की जानी है, जिसके अंतर्गत आधुनिक हथियार तैयार किए जा सकें। हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत, लेकिन चुनौतीपूर्ण हिमालयी इलाके में बसे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी में एक ऐसे कदम उठाया है, जो भारत की रक्षा क्षमता को स्वदेशी ताकत देने में मील का पत्थर साबित हो सकता है। संस्थान ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के साथ मिलकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया, जिसमें उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रक्षा तकनीकों पर गहन चर्चा हुई और सबसे अहम आईआईटी मंडी तथा डीआरडीओ की इकाई डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ हाई-एल्टीट्यूड रिसर्च (डीआईएचएआर) के बीच एक नए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
यह कार्यशाला आईआईटी मंडी के उत्तर कैंपस में आयोजित हुई। आईआईटी मंडी के निदेशक प्रोफेसर लक्ष्मीधर बेहरा ने कहा कि हमारा लक्ष्य देश की रक्षा में आत्मनिर्भरता को मजबूत करना है। डीआरडीओ के साथ यह साझेदारी नवाचारी विचारों को वास्तविक हथियार और तकनीक में बदलने का सुनहरा अवसर प्रदान करेगी। हिमालयी लोकेशन होने के कारण हमारी विशेषज्ञता उच्च ऊंचाई वाली चुनौतियों को समझने में बेमिसाल है।
स्वदेशी तकनीक होगी मजबूत
डीआरडीओ के महानिदेशक (आर्ममेंट एंड कॉम्बैट इंजीनियरिंग) डा. प्रतीक किशोर ने जोर दिया कि आईआईटी जैसे संस्थान रक्षा अनुसंधान को नई दिशा देते हैं। यह सहयोग स्वदेशी तकनीकों को मजबूत करेगा और देश की सीमाओं पर मजबूत रक्षा सुनिश्चित करेगा। यह एमओयू सिर्फ कागजी नहीं है। यह उच्च हिमालयी क्षेत्रों में रक्षा अनुसंधान, संयुक्त प्रोजेक्ट्स, प्रशिक्षण और तकनीकी विकास पर केंद्रित है। डीआईएचएआर लेह-लद्दाख जैसे ठंडे, ऊंचे इलाकों में रक्षा से जुड़े रिसर्च में माहिर है। आईआईटी मंडी की हिमालयी स्थिति और इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च इसे आदर्श पार्टनर बनाती है। यह पहली बार है, जब डीआरडीओ की इतनी सारी लैब्स एक साथ आईआईटी मंडी में इक_ी हुईं।
आईआईटी मंडी बनी रिसर्च का नया केंद्र
मंडी में स्थित आईआईटी केंद्र तेजी से उभर रहा है। 275 से ज्यादा रिसर्च प्रोजेक्ट्स, 120 करोड़ से अधिक की फंडिंग और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां इसका प्रमाण हैं। हिमालय की गोद में बसा यह कैंपस अब रक्षा तकनीक में भी अग्रणी बन रहा है। हिमालय भारत की सुरक्षा का सबसे संवेदनशील हिस्सा है। आईआईटी मंडी से निकलने वाली तकनीकें सैनिकों की सुरक्षा बढ़ा सकती हैं।
TRN LIVE: *बिजली बोर्ड आफिस में स्मार्ट मीटर होंगे प्री-पेड*
प्रायोगिक तौर पर पहले अपने कार्यालयों के डेढ़ हजार कनेक्शन पर कर रहा व्यवस्था
राज्य बिजली बोर्ड के राज्य भर में चल रहे 1467 कार्यालयों में अब स्मार्ट मीटर प्री-पेड होंगे। यानी कि स्मार्ट मीटर को रिचार्ज करने के बाद ही कार्यालयों में बिजली की आपूर्ति सुचारू होगी। बोर्ड ने प्रायोगिक तौर पर सबसे पहले अपने ही कार्यालय में इस व्यवस्था को बनाने जा रहा है। इस संबंध में बोर्ड प्रबंधन की ओर से पूरी रणनीति तैयार कर ली है और जल्द ही कार्यालयों में यह व्यवस्था भी शुरू कर दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड ने साउथ जोन के तहत पहले पहले पैकेज में साढ़े सात लाख स्मार्ट मीटर स्थापित कर दिए हैं। वहीं स्मार्ट मीटर को लेकर अलग-अलग हिस्सों से उपभोक्ताओं की प्रतिक्रियाएं आए दिन आ रही हैं। वहीं इसके विरोध को लेकर भी स्वर उठ रहे है। बिजली बोर्ड ने इस संबंध में उपभोक्ताओं की शंकाओं का निवारण करते हुए इसके फायदे भी गिनाए हैं। साथ ही स्मार्ट मीटर को लेकर बिजली बोर्ड के फील्ड के अधिकारी भी उपभोक्ताओं को जागरूक करने में जुटे हुए हैं। इस बीच राज्य बिजली बोर्ड ने अपने कार्यालयों में स्मार्ट मीटर के बाद प्री-पेड मीटर की व्यवस्था को बनाने जा रहा है।
इसके लिए बोर्ड प्रबंधन की ओर से पूरी तैयारी भी कर ली है। अहम है कि प्री-पेड मीटर की व्यवस्था लागू होने से बोर्ड कार्यालयों में अब बिजली मीटर का बिल नहीं आएगा। जरूरत के हिसाब से मीटर रिचार्ज होगा। पता चला है कि बिजली बोर्ड राज्य में 1467 कार्यालयों में इस व्यवस्था को बनाने जा रहा है। स्मार्ट मीटर को प्री-पेड करने से यह मोबाइल की तर्ज पर काम करेंगे। यानी कि रिचार्ज खत्म होते ही बिजली की सप्लाई भी अपने आप बंद होगी। बोर्ड के इस कदम से बिजली खर्च का सही तौर पर आकलन भी होगा। उधर, राज्य बिजली बोर्ड के प्रबंध निदेशक आईएएस अधिकारी आदित्य नेगी का कहना है कि राज्य में साढ़े सात लाख स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि पहले पैकेज के तहत बोर्ड के साउथ जोन में यह कार्य हुआ है। एमडी ने कहा कि अब बिजली बोर्ड सबसे पहले प्रयौगिक तौर पर अपने कार्यालयों में स्मार्ट मीटर को प्री-पेड की ओर ले जा रहे हैं।
TRN LIVE: *किन्नौर-चंबा-लाहुल में हिमस्खलन का खतरा, मौसम विभाग का 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अलर्ट जारी*
जिला किन्नौर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। मौसम एजेंसियों द्वारा जारी चेतावनी के अनुसार अगले 24 घंटों में 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मध्यम स्तर का हिमस्खलन होने की संभावना जताई गई है। इसी बीच सोमवार दोपहर किन्नौर जिला के रिब्बा गांव पंचायत क्षेत्र की पहाडिय़ों के साथ लगता किन्नर कैलाश पर्वत के समीप हिमस्खलन की घटना सामने आई। हिमस्खलन नाले में गिरने के कारण जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन अचानक हुई इस घटना से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
मौसम विभाग की चेतावनी में किन्नौर के साथ-साथ चंबा और लाहुल-स्पीति जिलों को भी संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों में शामिल किया है। किन्नौर प्रशासन ने भी स्थानीय लोगों, पर्यटकों और यात्रियों से अपील की है कि वे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
TRN LIVE: *सिर्फ दो जिलों ने नोटिफाई की वोटर लिस्ट, 10 जिलों से अभी भी राज्य चुनाव आयोग को फैसले का इंतजार*
हिमाचल हाई कोर्ट से फैसला होने और उसके बाद राज्य चुनाव आयुक्त और राज्य सरकार के बीच बैठक के बावजूद पंचायत चुनाव में नया ट्विस्ट आ गया है। राज्य चुनाव आयोग का कहना है कि अभी सिर्फ दो जिलों लाहुल-स्पीति और शिमला ने ही वोटर लिस्ट फाइनल की है, बाकी जगह जिला प्रशासन ने सहयोग नहीं किया है। सभी जिलों में जिलाधीश और एसडीएम को वोटर लिस्ट नोटिफाई करने के लिए फॉर्म 15 साइन करना होता है। यह अभी तक साइन नहीं हुआ है। दूसरी तरफ शहरी निकायों के लिए ओबीसी की जनगणना का मामला अभी शुरू ही नहीं हो पाया है। इन नई परिस्थितियों को देखते हुए राज्य चुनाव आयोग अब हाई कोर्ट में ताजा स्टेटस रिपोर्ट डालने जा रहा है।
हालांकि अभी तक हाई कोर्ट के फैसले को राज्य सरकार ने भी चुनौती नहीं दी है। यानी राज्य सरकार हाई कोर्ट द्वारा तय की गई डेडलाइन के मुताबिक चुनाव करवाने को तैयार है, लेकिन फील्ड में मशीनरी उसे अनुसार गति से नहीं चल रही। हाई कोर्ट में 28 फरवरी तक आरक्षण रोस्टर फाइनल करने को कहा है, ताकि 30 अप्रैल से पहले चुनाव की प्रक्रिया पूरी करवाई जा सके। राज्य चुनाव आयोग को इस डेडलाइन के अनुसार इस प्रक्रिया को पूरा करवाना है। दूसरी तरफ राज्य सरकार ने नगर परिषद , नगर निगम और नगर पंचायत में प्रशासक नियुक्त कर दिए हैं, जबकि पंचायत में सामान्य काम का चलाने के लिए कमेटियों को जिम्मा सौंपा है।
TRN LIVE: *बद्दी में अवैध हथियार सहित एक धरा, पुलिस ने देशी कट्टा और जिंदा कारतूस किया बरामद, छानबीन शुरू*
नालागढ़ पुलिस ने गश्त के दौरान अवैध हथियारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को देसी कट्टा और जिंदा रौंद सहित गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने नालागढ़ क्षेत्र में संदेह के आधार पर एक व्यक्ति की तलाशी ली, जिसके कब्जे से एक देशी कट्टा तथा एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मेजर सिंह पुत्र फुमण सिंह निवासी चंदपुर बेला पंजाब के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना नालागढ़ में आम्र्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है। एसपी विनोद धीमान ने कहा कि अवैध हथियारों की तस्करी और उनके उपयोग को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है।
मानपुरा में झंडा चढ़ाने की रस्म अदा करते करंट लगने से युवक की मौत
दिव्य हिमाचल ब्यूरो-बद्दी
बद्दी के मानपुरा पंचायत में रविदास जयंती के अवसर पर निकाली गई शोभायात्रा के दौरान करंट लगने से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ, जब युवक शोभायात्रा के दौरान झंडा चढ़ाने की रस्म निभा रहा था। पुलिस के अनुसार यह घटना रविवार को मानपुरा पंचायत के वार्ड आठ में पेश आई। मृतक की पहचान 20 वर्षीय अजय कुमार पुत्र रामलाल के रूप में हुई है।
झंडा चढ़ाने के दौरान अजय पास के एक भवन में लगी विद्युत तारों के संपर्क में आ गया। लोगों ने युवक को उपचार के लिए नालागढ़ पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है
TRN LIVE: *नई ड्रेनेज पॉलिसी पर काम करेगा PWD, विक्रमादित्य ने बैठक में सचिव और इएनसी के साथ नीति पर की चर्चा*
हिमाचल प्रदेश में नालों के पानी से सडक़ों को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए लोक निर्माण विभाग नई पॉलिसी लाने जा रहा है। इसी को लेकर पीडब्ल्यूडी के सचिव और इएनसी की एक महत्त्वपूर्ण बैठक लोक निर्माण मंत्री के साथ हुई है, जिसमें इस पॉलिसी को पीडब्ल्यूडी मंत्री ने अप्रूव भी कर दिया है। लिहाजा आगामी दिनों में प्रदेश भर में विभाग इस नीति को लागू करने जा रहा है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने यह खुलासा किया है। दरअसल प्रदेश में नालों के पानी से सडक़ों को नुकसान होना सामने आ चुका है।
साथ ही नालों के चैनेलाइज करने के बाद भी बाढ़ की स्थिति के चलते हानि विभाग को उठानी पड़ रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए लोक निर्माण विभाग ने एक महत्त्वूपर्ण पॉलिसी की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाया है। विभाग द्वारा तैयार की गई नीति के तहत अब नालों को चैनेलाइज करने के लिए नालियों के आकार को बदला जाएगा। इसके तहत अब प्रदेश में वी के बजाय यू शेप में नालियां बनाई जाएगी। अहम बात यह रहेगी कि बनी बनाई प्री कास्ट नालियों को राज्य में बनाया जाएगा।
यू आकार में बनाई जाएंगी नालियां
पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह का कहना है कि ड्रेनेज पॉलिसी को लेकर एक अहम बैठक पीडब्ल्यूडी के सचिव और इएनसी के साथ सोमवार को शिमला में की गई है। यह पॉलिसी इसलिए भी महत्त्वपूर्ण है कि जहां-जहां नालों में पानी आता है और बादल फटने के कारण पानी भर जाता है। वहां पर नालों को चैनेलाइज करने के लिए नई पॉलिसी के तहत वी के बजाय अब यू शेप में प्री कास्ट नालियां बनाई जाएगी।
ड्रेनेज पालिसी में बॉक्स कनवर्ट को मेनडेटरी किया जा रहा है। मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश में नई सडक़ों को लेकर जितनी भी डीपीआर बनाई जाएगी, उनमें लेटेस्ट तकनीक को डालने का प्रयास करेंगे। विभाग की नई ड्रेनेज पॉलिसी से सडक़ों को पानी की वजह से होने वाला नुकसान कम होगा। सोमवार को हुई महत्त्वपूर्ण बैठक में इस पॉलिसी को अप्रूव कर दिया है।
TRN LIVE: *नहीं मानेंगे इंटरनेशनल कोर्ट का आदेश, सिंधु जल संधि पर भारत ने पाकिस्तान को दिखाया आईना*
पाकिस्तान सिंधु जल संधि पर कोर्ट-कोर्ट खेल रहा है। दूसरी ओर भारत का रुख पहले से ही स्पष्ट है। अब भारत ने सिंधु जल संधि से जुड़े अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के आदेश को स्पष्ट रूप से मानने से इनकार कर दिया है। भारत का कहना है कि यह कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन अवैध रूप से गठित है और इसके आदेशों को भारत मान्यता नहीं देता। दरअसल, अंतरराष्ट्रीय अदालत ने भारत को निर्देश दिया था कि वह अपने जलविद्युत संयंत्रों के परिचालन रिकार्ड (विशेष रूप से बगलिहार और किशनगंगा परियोजनाओं के पोंडेज लॉगबुक) प्रस्तुत करे, ताकि आगे की सुनवाई में इनका उपयोग किया जा सके। अदालत ने नौ फरवरी, 2026 तक इन दस्तावेजों को सौंपने या अनुपालन न करने पर औपचारिक स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। दरअसल, हेग स्थित मध्यस्थता न्यायालय सिंधु जल संधि के ढांचे के तहत नई सुनवाई और दस्तावेज आदेशों के साथ आगे बढ़ रहा है, लेकिन भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इन कार्यवाहियों की वैधता को मान्यता नहीं देता और इनमें भाग नहीं लेगा।
बता दें कि विवाद का मुख्य केंद्र बिंदु सिंधु जल संधि के तहत गठित मध्यस्थता न्यायालय द्वारा पिछले सप्ताह जारी किया गया एक आदेश है, जिसमें भारतीय जलविद्युत संयंत्रों से संबंधित पोंडेज लॉगबुक को गुण-दोष पर दूसरे चरण के हिस्से के रूप में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। गौरतलब है कि कोर्ट ने यह भी दर्ज किया है कि भारत ने कोई प्रति-स्मृति पत्र दाखिल नहीं किया है और न ही भागीदारी का कोई संकेत दिया है। सरकारी सूत्रों ने कहा कि ‘तथाकथित अवैध रूप से गठित मध्यस्थता न्यायालय (तटस्थ विशेषज्ञ के अलावा) समानांतर कार्यवाही जारी रखे हुए है। चूंकि हम मध्यस्थता न्यायालय की वैधता को मान्यता नहीं देते, इसलिए हम इसके किसी भी संचार का जवाब नहीं देते। इसके अलावा, क्योंकि सिंधु जल संधि स्थगित है, इसलिए भारत जवाब देने के लिए बाध्य नहीं है। बता दें कि भारत ने अप्रैल में पहलगाम में हुए हमले के बाद औपचारिक रूप से सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया। तब से ही इस मुद्दे को लेकर पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गाल बजा रहा है।
TRN LIVE: *केंद्र सरकार बोली, वांगचुक राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा, SC में कहा, लद्दाख को बनाना चाहते थे नेपाल-बांग्लादेश*
गिरफ्तारी को सही ठहराते हुए कहा, जहर उगलने नहीं
केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि सोनम वांगचुक राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं। वह लद्दाख को नेपाल या बांग्लादेश जैसा बनाना चाहते हैं। ऐसे व्यक्ति को और जहर उगलने की इजाजत नहीं दी जा सकती। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की बैंच लद्दाख हिंसा मामले में एक्टिविस्ट वांगचुक की गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस दौरान केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वांगचुक के भाषण में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा सीधा खतरा दिखता है।
जिला मजिस्ट्रेट ने हालात को देखते हुए गिरफ्तारी का सही फैसला लिया। मेहता ने कहा कि नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे उदाहरण देना, युवाओं को भडक़ाने और देश की एकता के खिलाफ माहौल बनाने के बराबर है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा पर खतरे के लिए पर्याप्त आधार है। मामले की सुनवाई अब मंगलवार को दोपहर दो बजे फिर होगी। दरअसल 24 सितंबर, 2025 को लेह में हिंसा भडक़ाने के आरोप में 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत वांगचुक को पुलिस ने हिरासत में लिया गया था। तब से वह जोधपुर जेल में हैं।
TRN LIVE: *बोर्ड परीक्षाओं में बाधा नहीं बनेगा मौसम, शिक्षा बोर्ड ने तैयार किया मास्टर प्लान*
शिक्षा बोर्ड ने तैयार किया मास्टर प्लान, किसी कारण परीक्षा न देने वाले छात्रों के जून-जुलाई में होंगे एग्जाम
प्रदेश में लगातार पिछले दो शैक्षणिक सत्रों से मौसम के मार्च में मिजाज बदलने पर बोर्ड की फाइनल परीक्षाएं बाधित हो रही हैं, लेकिन इस बार बोर्ड परीक्षाओं में विपरित मौसम भी बाधा नहीं बन पाएगा। शिक्षा बोर्ड ने इसके लिए मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। मौसम सहित अन्य किसी भी कारण से परीक्षाओं से वंचित रहने वाले छात्रों को जून-जुलाई में ड्यूल एग्जामिनेशन सिस्टम के तहत परीक्षाएं देने का मौका दसवीं व जमा दो के छात्रों को प्रदान किया जाएगा। प्रदेश के अति बर्फबारी वाले क्षेत्रों पांगी व लाहुल-स्पीति को बोर्ड की ओर से आंसरशीट पहले ही पहुंचा दी गई है। अब बोर्ड की ओर से प्रश्रपत्र भी उक्त अति दुर्गम क्षेत्रों में पहले ही भेजने की तैयारी चल रही है, जिससे कि परीक्षाएं सूचारू रूप से आयोजित की जा सकें। मौसम की विपरित परिस्थितियों के दौरान छात्रों को अपने नजदीकी परीक्षा केंद्र में भी एग्जाम देने की सुविधा प्रदान की जाएगी। प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला की ओर से वार्षिक परीक्षाओं का आयोजन फरवरी-मार्च में करवाया जाएगा।
20 फरवरी से प्रैक्टिकल परीक्षाएं होंगी, जबकि तीन मार्च से दसवीं व जमा दो नियमित सहित एसओएस आठवीं, दसवीं व जमा दो की परीक्षाएं भी आयोजित की जाएंगी। इस बार प्रदेश भर से दसवीं में 97 हज़ार व जमा दो में 86 हज़ार छात्र परीक्षा देंगे। निर्धारित समय के तहत ही परीक्षा से वंचित रहने वाले सभी छात्रों को दोबारा एग्जाम देने का मौका प्रदान किया जाएगा, जिसके आधार पर ही अंतिम फाइनल मैरिट सूची जारी की जाएगी। उधर, प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव डा. मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि इस बार मौसम की विपरित परिस्थितियों को देखते हुए पहले ही आंसरशीट पांगी व लाहुल-स्पीति पहुंचा दी गई हैं। प्रश्रपत्र भी पहले ही संबंधित क्षेत्रों में पहुंचाए जाएंगे। बावजूद इसके भी छात्र परीक्षा से वंचित रहते हैं, तो उन्हें ड्यूल एग्जामिनेशन पैटर्न के तहत जून-जुलाई में एग्जाम देने का मौका प्रदान किया जाएगा।
2380 परीक्षा केंद्र स्थापित
बोर्ड की ओर से प्रदेश भर में 2380 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। दसवीं कक्षा के लिए पहली बार ड्यूल एग्जामिनेशन सिस्टम भी लागू किया गया है, जिसमें दसवीं कक्षा के सात विषयों में से पांच विषयों में अनिवार्य रूप से पास होना आवश्यक होता है। अब मात्र तीन विषयों को पास होने पर भी आगामी कक्षा में बैठने का मौका मिलेगा। जून-जूलाई में होने वाली परीक्षा में दो विषय पास करने के साथ ही अंक सुधार का मौका भी छात्रों को प्रदान किया जाएगा।
TRN LIVE: *मनाली के जगतसुख जंगल में दुर्लभ मोर कैमरे में कैद*
मनाली के पास जगतसुख के बर्फ से ढके जंगलों में एक दुर्लभ मोर देखा गया है। 6500 फुट की ऊंचाई पर मोर का दिखना हिमाचल वन विभाग के पक्षी प्रेमियों और वन्यजीव वार्डन के लिए एक आश्चर्य की बात है। यह मैदानी पक्षी आमतौर पर 1600 फुट की ऊंचाई पर पाया जाता है। पर्यवेक्षकों और विशेषज्ञों का कहना है कि ये हिमालय में पारिस्थितिक बदलावों और वायुमंडलीय तापमान में काफी वृद्धि के संकेत हैं। ग्रामीणों की माने तो ये नजारे दुर्लभ हैं, लेकिन वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि यह कोई बड़ी बात नहीं है।
जगतसुख के ग्रामीण सुमित, भूमिदेव, राजेश व नितिन ने बताया कि इस जंगल में बर्फ से पहले मोर का जोड़ा देखा गया है। डीएफओ वन्य जीव कुल्लू राजेश शर्मा ने बताया कि मोर पक्षियों की सामान्य प्रजातियों में आता है, जो अपने आवास के बारे में ज्यादा चयनात्मक या नखरे वाला नहीं होता है।
TRN LIVE: सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे दिन आई गिरावट
◆ 16000 रुपए गिरकर चांदी की कीमत हुई 2,49,713 रुपए प्रति किलो
◆ सोने की कीमत में आई 4 हजार की गिरावट, 1,38,256 रुपए प्रति 10 ग्राम हुई कीमत 🌹
TRN LIVE: *Budget 2026: युवा शक्ति को समर्पित बजट | शिक्षा, रोजगार और विकास का रोडमैप*
Budget 2026 में फोकस साफ़ है — युवा शक्ति, शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भर भारत।
इस बजट के जरिए skill development, MSME, शिक्षा, पर्यटन, स्वास्थ्य और
इन्फ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा देने का प्रयास किया गया है।
Budget 2026 युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने, रोजगार सृजन और समग्र विकास
की नींव रखता है।
TRN LIVE: *अमरीका ने युद्ध शुरू किया तो ईंट का जवाब पत्थर से देंगे, खामेनेई की ट्रंप को चेतावनी*
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ ‘समझौता होने की’ उम्मीद जताई है, जबकि ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई ने चेतावनी दी है कि अगर अमरीका कोई भी टकराव शुरू करता है तो वह क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है। ट्रंप ने फ्लोरिडा के पाम बीच पर अपने मार-आ-लागो आवास से कहा कि अमरीका ने पश्चिमी एशिया में भले ही अपने युद्ध पोत तैनात किए हैं लेकिन वह इस समस्या का कूटनीतिक हल चाहता है। ट्रंप ने कहा, “हमने वहां दुनिया के सबसे बड़े, सबसे ताकतवर युद्ध पोत तैनात किए हैं। उम्मीद है कि आने वाले दो दिनों में हम कोई समझौता कर लेंगे। अगर समझौता नहीं होता है तो हमें पता चल जाएगा कि वह सही थे या नहीं।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया जब खामेनेई ने सोशल मीडिया एक्स पर जारी कई बयानों में अमरीका को सैन्य कार्रवाई करने के खिलाफ चेतावनी दी थी। खामेनेई ने पोस्ट किया, “अमरीका को पता होना चाहिए कि अगर वे युद्ध शुरू करते हैं तो इस बार एक क्षेत्रीय युद्ध होगा। अमरीकी कभी-कभी युद्ध की बात करते हैं और कहते हैं कि वे युद्ध पोतों और लड़ाकू विमानों के साथ आएंगे। यह कोई नयी बात नहीं है। ईरान ऐसी बातों से डरता नहीं। उन्हें ईरानियों को ऐसी चीज़ों से डराने की कोशिश नहीं करनी चाहिए
खामेनेई ने कहा कि ईरान संघर्ष नहीं चाहता लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो ईंट का जवाब पत्थर से देगा। उन्होंने अमरीका पर संसाधनों के लालच में ईरान पर दबाव बनाने का आरोप लगाया। खामेनेई ने कहा, “हम लड़ाई शुरू करने वालों में नहीं हैं। हम किसी पर ज़ुल्म नहीं करना चाहते। हम किसी देश पर हमला नहीं करना चाहते, लेकिन अगर कोई हम पर हमला करता है
TRN LIVE: सोने और चांदी के भाव अचानक धड़ाम क्यों?: कैसे 27 जनवरी को ही लिख दी गई गिरावट की पटकथा, समझें पूरी कहानी
अमर उजाला, नई दिल्ली
Why Gold Silver Price Fall Gold Silver Price Rate Today Gold and Silver Market Sone Chandi ka Bhav
सर्राफा बाजार में जश्न का माहौल था। सोना और चांदी अपनी रिकॉर्ड स्तरों पर थे और निवेशक इस उम्मीद में थे कि डॉलर का कमजोर होना जारी रहेगा। उन्हें लग रहा था कि सोने-चांदी की कीमतें और बढ़ेंगी, पर बाजार धराशाई हो गया। चांदी एक दिन में ही सवा लाख रुपये टूट गई। सोना भी बुरी तरह फिसल गया। हालांकि, इस गिरावट की असली कहानी डोनाल्ड ट्रंप ने 27 जनवरी को ही लिख दी थी। क्या है पूरा मामला विस्तार से जानेंगे। पहले जानते हैं दिल्ली में सोमवार को सोने और चांदी का भाव क्या रहा।
सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों का क्या हाल?
अखिल भारतीय सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार सोमवार को भी सोने-चांदी की कीमतों में फिर भारी गिरावट दर्ज की गई। चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे दिन बड़ी गिरावट आई और यह 52,000 रुपये टूटकर 2.60 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। पिछले तीन सत्रों में चांदी अपने 29 जनवरी के उच्चतम स्तर से लगभग 36 प्रतिशत गिर चुकी है। वहीं 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत भी 12,800 रुपये गिरकर 1,52,700 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई है।
क्यों धड़ाम हो गया सोने और चांदी का भाव?
आइए अब विस्तार से समझते हैं सर्राफा बाजार में आई इस बड़ी गिरावट का कारण। विशेषज्ञों के अनुसार, इस भारी बिकवाली के पीछे मजबूत अमेरिकी डॉलर, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से दुनिया के अलग-अलग देशों से हो रही टैरिफ पर बातचीत, अमेरिका-ईरान के बीच तनाव में कमी और अमेरिका में फेडरल रिजर्व के अगले अध्यक्ष के रूप में केविन वॉर्श के नाम का आगे आना है। इसके अलावे केंद्रीय बजट 2026-27 में सोने और चांदी के आयात शुल्क में कोई बदलाव न होने से भी बाजार की उम्मीदों को झटका लगा। इससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की और कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट देखने को मिली।
डोनाल्ड ट्रंप ने कैसे लिखी चांदी-सोने में गिरावट की पटकथा?
30 जनवरी 2026 को सोने और चांदी में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसकी पटकथा 29 जनवरी 2026 को इन धातुओं के रिकॉर्ड स्तरों तक पहुंचे के दो दिन पहले ही लिख दी गई थी। 27 जनवरी 2026 को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आधिकारिक निवास व्हाइट हाउस से एक ऐसी खबर सामने आई जिसने पूरे बुलियन मार्केट में सनसनी पैदा कर दी। डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसे व्यक्ति को फेडरल रिजर्व का चेयरमैन बनाने का एलान कर दिया, जिसकी पहचान एक पेशेवर की रही है जो डॉलर को मजबूत बनाए रखने के लिए कुछ भी कर गुजरे। डॉलर की मजबूती का मतलब है कीमती धातुओं की कीमतों में नरमी। यही कारण रहा कि सोने और चांदी की कीमतें टूट गईं।
फेड चेयरमैन के रूप में केविन वॉर्श का चेहरा बाजार को क्यों नहीं आ रहा रास?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 27 जनवरी 2026 को अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (अमेरिका के केंद्रीय बैंक) के अगले चेयरमैन के लिए केविन वॉर्श के नाम आगे किया। इससे पहले बाजार को उम्मीद थी कि ट्रंप इस पद के लिए किसी ऐसे व्यक्ति को चुनेंगे जो 'अल्ट्रा-डव' (नरमपंथी) हो- यानी जो ब्याज दरें तेजी से घटाए और महंगाई को नजरअंदाज करें। लेकिन केविन वॉर्श की छवि ठीक इसके ठीक विपरीत है। वे एक 'पॉलिसी हॉक' (सख्त नीतियों वाले नौकरशाह) माने जाते हैं, जो महंगाई पर लगाम लगाने और डॉलर को मजबूत रखने के पक्षधर हैं। और ऐसा करने के लिए वे किसी भी हद तक जा सकते हैं, ऐसी उनकी छवि पहले से है।
यही वजह है कि जैसे ही ट्रंप ने फेड चेयरमैन के लिए वॉर्श का नाम आगे बढ़ाया बाजार में सनसनी फैल गई। उनका नाम सामने आते ही बाजार की यह गलतफहमी दूर हो गई कि सस्ता कर्ज आसानी से मिलता रहेगा। नतीजा यह हुआ कि 30 जनवरी को चांदी ने इतिहास का सबसे बड़ा गोता लगाया और एक ही दिन में 26% टूट गई। सोने की कीमतों में भी 9% की भारी गिरावट दर्ज की गई। जो सोना 5,600 डॉलर प्रति औंस और चांदी 120 डॉलर प्रति औंस की ऊंचाई छू रही थी, वो वॉर्श के नाम की चर्चा मात्र से धड़ाम हो गई। हालांकि बाजार में गिरावट की वजह सिर्फ वॉर्श का नाम नहीं था, बल्कि बाजार का ढांचा भी था। निवेशक भारी कर्ज लेकर सट्टेबाजी कर रहे थे। जैसे ही कीमतें गिरनी शुरू हुईं, मार्जिन कॉल्स का सिलसिला शुरू हो गया। इससे सोने, चांदी और प्लेटिनम पर मार्जिन अचानक बढ़ गया, जिसने आग में घी का काम किया। मजबूरन सट्टेबाजों को अपनी पोजीशन काटनी पड़ी, जिससे गिरावट और तेज हो गई।
अब आगे क्या हो सकता है?
भले ही केविन वॉर्श के डर ने अभी बाजार को हिला दिया है, लेकिन दिग्गज ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन का मानना है कि खेल अभी खत्म नहीं हुआ है। फर्म के मुताबिक, सेंट्रल बैंकों की खरीदारी और जियो-पॉलिटिकल तनाव के कारण सोना साल के अंत तक 6,300 डॉलर तक पहुंच सकता है। वहीं, चांदी के लिए अब 75-80 डॉलर का स्तर एक मजबूत आधार माना जा रहा है। लेकिन, यह भी तय है इस बीच सर्राफा बाजार में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी रहेगा।
TRN LIVE: हिमाचल प्रदेश में बस्तियों, गांवों और गलियों के अपमानजनक नाम बदलेंगे, जानें विस्तार से
Derogatory names of settlements villages and streets in Himachal will be changed
हिमाचल प्रदेश में अब जातिसूचक और अपमानजनक नामों वाले कस्बों, पंचायतों और गलियों की पहचान मिटने वाली है। मानवाधिकार आयोग के कड़े निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने इन नामों को बदलने की प्रक्रिया तेज कर दी है। जिला पंचायत अधिकारी कार्यालय ने सभी खंड विकास अधिकारियों को आदेश जारी कर उनके क्षेत्रों में ऐसे नामों की व्यापक सूची और उन्हें बदलने का प्रस्ताव मांगा है।
यह पूरी कवायद मानवाधिकार आयोग की ओर से डॉ. आंबेडकर जन कल्याण समिति भोपाल के अध्यक्ष सुनील अहिरवार की कोर्ट में दायर याचिका पर की जा रही है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि समाज में समानता लाने के लिए ऐसे नामों को हटाना अनिवार्य है, जो किसी विशेष वर्ग या समुदाय के लिए अपमानजनक प्रतीत होते हैं। प्रशासन अब उन प्राचीन बस्तियों और मोहल्लों को चिह्नित कर रहा है, जिनके नाम जाति आधारित हैं। जिला पंचायत अधिकारी की ओर से इस मुहिम को लेकर निर्देश जारी किए हैं। पंचायत सचिवों और बीडीओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर छोटे-बड़े कस्बे और गली का बारीकी से निरीक्षण करें। सूचनाओं के संकलन में कोई त्रुटि न हो, इसके लिए गूगल शीट का उपयोग किया जा रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि यह कदम न केवल कानूनी अनिवार्यता है, बल्कि नागरिकों के आत्मसम्मान से भी जुड़ा है। आने वाले दिनों में चिह्नित क्षेत्रों के नाम बदलकर नए नाम रखे जाएंगे, जिससे समाज में एक समावेशी और सम्मानजनक वातावरण निर्मित होगा। आयोग ने इस मामले में विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। इसलिए प्रशासन इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।
सभी खंड विकास अधिकारियों और पंचायत सचिवों को अपने क्षेत्रों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। यदि कहीं भी जाति-सूचक या अपमानजनक शब्दावली का प्रयोग पाया जाता है तो उसकी सूचना तत्काल निदेशालय के माध्यम से मानवाधिकार आयोग को भेजी जाएगी। - सचिन ठाकुर, जिला पंचायत अधिकारी, कांगड़ा।
TRN LIVE: Himachal Weather: डेढ़ फीट बर्फ से अटल टनल बंद, हिमाचल प्रदेश में आज भी बारिश-बर्फबारी के आसार; जानें अपडेट
अमर उजाला ब्यूरो
Himachal Weather Atal Tunnel closed due to snow rain and snowfall expected in today
हिमाचल प्रदेश की चोटियों पर बर्फबारी का दौर अभी भी जारी है। रविवार रात को कुल्लू, लाहौल, चंबा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी हुई। कुल्लू व मनाली में सोमवार तड़के बारिश हुई। मणिकर्ण के तोष में सब्जी लेकर जा रही जीप बर्फ पर फिसलकर गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। डेढ़ फीट बर्फबारी होने से अटल टनल बंद हो गई है। अब फोर बाई फोर वाहन भी नहीं जा सकेंगे। रोहतांग दर्रा में 90 सेंटीमीटर तक बर्फबारी हुई है। मंडी जिले के ऊपरी क्षेत्रों में भी ताजा हिमपात हुआ है। यहां दो से छह इंच तक बर्फ की नई चादर बिछ गई है। मैदानी क्षेत्रों में धुंध का असर अभी भी जारी है। सोमवार को कालका-शिमला रेललाइन पर चार ट्रेनें लेट हो गईं। उधर, नारकंडा में रविवार को अवरुद्ध एनएच सोमवार को बहाल हो गया है।
Himachal Weather Atal Tunnel closed due to snow rain and snowfall expected in today
रविवार रात अटल टनल रोहतांग के आसपास 45 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई है, ऐसे में लाहौल घाटी का संपर्क कुल्लू-मनाली से कट गया है। जलोड़ी दर्रा में 15 सेंटीमीटर बर्फ गिरने से बाह्य सराज केे लोगों की दुश्वारियां और बढ़ गई है। उधर, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कुल्लू और लाहौल-स्पीति में 2900 मीटर से अधिक ऊंचे इलाकों में हिमखंड की चेतावनी जारी की है। चंबा जिले में भी अभी हालात पूरी तरह से सामान्य नहीं हो पाए हैं। कई सड़कें अभी भी बंद हैं।
रविवार रात को शिमला सहित कई जगह हल्की बारिश हुई। हालांकि, सोमवार को शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में बादल छाए रहे। कई क्षेत्रों में धूप खिली लेकिन गर्माहट कम ही रही। प्रदेश के कई भागों में न्यूनतम तापमान 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरा है। सोमवार को शिमला में अधिकतम तापमान 12.6, धर्मशाला में 18.0, ऊना में 23.0, नाहन में 17.3, सोलन में 19.5, मनाली में 7.0, कांगड़ा में 21.1 और मंडी में 21.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
हिमाचल में आज भी बारिश-बर्फबारी के आसार
हिमाचल प्रदेश में मंगलवार को भी बारिश-बर्फबारी के आसार हैं। चार और पांच फरवरी को मौसम साफ रहेगा। छह को फिर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का पूर्वानुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार तीन फरवरी को राज्य में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी होने की संभावना है। छह को ऊंची पहाड़ियों पर एक-दो जगहों पर हल्की बारिश-बर्फबारी होने की संभावना है। 4, 5, 7 और 8 फरवरी को राज्य में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है।
TRN LIVE: एनटीटी से सिर्फ 87 अभ्यर्थियों को नियुक्ति, प्री-नर्सरी शिक्षकों की भर्ती पर कैबिनेट में जाएंगे तीन विकल्प
दिव्य हिमाचल ब्यूरो — शिमला
सरकारी स्कूलों में प्री-नर्सरी शिक्षकों की भर्ती का मामला नए सिरे से कैबिनेट में जा रहा है। इस बार शिक्षा विभाग तीन विकल्प कैबिनेट में रखेगा। एनटीटी के मान्यता प्राप्त संस्थानों वाले दो साल के डिप्लोमा के आधार पर चयनित 87 अभ्यर्थियों को ही सिर्फ नियुक्ति दी जाएगी। इसके बाद नर्सरी टीचर ट्रेनिंग से यह भर्ती करने का विकल्प बंद हो जाएगा। एक साल के डिप्लोमा से भर्ती करने का फैसला सरकार नहीं लेगी, क्योंकि एनसीटीई की गाइडलाइंस में यह प्रावधान नहीं है। शिक्षा मंत्री के साथ हुई विभाग की समीक्षा बैठक में यह सहमति बन गई है कि तीन तरह के विकल्प कैबिनेट में भेजे जाएं। पहला विकल्प यह होगा कि हिमाचल में जेबीटी को ही एनसीटीई से वन टाइम छूट लेकर भर्ती का मौका दिया जाए। दूसरा विकल्प अपने डाइट में दो साल का डिप्लोमा कोर्स शुरू करने का फैसला हो सकता है।
तीसरे विकल्प में अन्य राज्यों में चल रहे फार्मूले का अध्ययन करने को कहा गया है। स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि इन तीन विकल्पों के आधार पर अब निदेशालय प्रस्ताव तैयार कर रहा है। इसे कैबिनेट में रखा जाएगा और राज्य सरकार जो निर्देश देगी, वैसे आगे बढ़ेंगे। ये भर्तियां समग्र शिक्षा के प्रोजेक्ट के तहत होंगी, इसलिए एनसीटीई की गाइडलाइन के मुताबिक ही कदम उठाने होंगे। यदि राज्य सरकार के बजट से भर्ती करनी होती तो अन्य विकल्पों पर विचार किया जा सकता था। गौरतलब है कि हिमाचल में करीब 6200 प्री-नर्सरी टीचर्स की भर्ती पिछली भाजपा सरकार के समय से लंबित है। राज्य के सरकारी स्कूलों में प्री प्राइमरी कक्षाओं में बच्चे एडमिट कर लिए हैं, लेकिन जेबीटी ही अभी इन्हें संभाल रहे हैं।
TRN LIVE: बोर्ड परीक्षाओं में बाधा नहीं बनेगा मौसम, शिक्षा बोर्ड ने तैयार किया मास्टर प्लान
शिक्षा बोर्ड ने तैयार किया मास्टर प्लान, किसी कारण परीक्षा न देने वाले छात्रों के जून-जुलाई में होंगे एग्जाम
प्रदेश में लगातार पिछले दो शैक्षणिक सत्रों से मौसम के मार्च में मिजाज बदलने पर बोर्ड की फाइनल परीक्षाएं बाधित हो रही हैं, लेकिन इस बार बोर्ड परीक्षाओं में विपरित मौसम भी बाधा नहीं बन पाएगा। शिक्षा बोर्ड ने इसके लिए मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। मौसम सहित अन्य किसी भी कारण से परीक्षाओं से वंचित रहने वाले छात्रों को जून-जुलाई में ड्यूल एग्जामिनेशन सिस्टम के तहत परीक्षाएं देने का मौका दसवीं व जमा दो के छात्रों को प्रदान किया जाएगा। प्रदेश के अति बर्फबारी वाले क्षेत्रों पांगी व लाहुल-स्पीति को बोर्ड की ओर से आंसरशीट पहले ही पहुंचा दी गई है। अब बोर्ड की ओर से प्रश्रपत्र भी उक्त अति दुर्गम क्षेत्रों में पहले ही भेजने की तैयारी चल रही है, जिससे कि परीक्षाएं सूचारू रूप से आयोजित की जा सकें। मौसम की विपरित परिस्थितियों के दौरान छात्रों को अपने नजदीकी परीक्षा केंद्र में भी एग्जाम देने की सुविधा प्रदान की जाएगी। प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला की ओर से वार्षिक परीक्षाओं का आयोजन फरवरी-मार्च में करवाया जाएगा।
20 फरवरी से प्रैक्टिकल परीक्षाएं होंगी, जबकि तीन मार्च से दसवीं व जमा दो नियमित सहित एसओएस आठवीं, दसवीं व जमा दो की परीक्षाएं भी आयोजित की जाएंगी। इस बार प्रदेश भर से दसवीं में 97 हज़ार व जमा दो में 86 हज़ार छात्र परीक्षा देंगे। निर्धारित समय के तहत ही परीक्षा से वंचित रहने वाले सभी छात्रों को दोबारा एग्जाम देने का मौका प्रदान किया जाएगा, जिसके आधार पर ही अंतिम फाइनल मैरिट सूची जारी की जाएगी। उधर, प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव डा. मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि इस बार मौसम की विपरित परिस्थितियों को देखते हुए पहले ही आंसरशीट पांगी व लाहुल-स्पीति पहुंचा दी गई हैं। प्रश्रपत्र भी पहले ही संबंधित क्षेत्रों में पहुंचाए जाएंगे। बावजूद इसके भी छात्र परीक्षा से वंचित रहते हैं, तो उन्हें ड्यूल एग्जामिनेशन पैटर्न के तहत जून-जुलाई में एग्जाम देने का मौका प्रदान किया जाएगा।
2380 परीक्षा केंद्र स्थापित
बोर्ड की ओर से प्रदेश भर में 2380 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। दसवीं कक्षा के लिए पहली बार ड्यूल एग्जामिनेशन सिस्टम भी लागू किया गया है, जिसमें दसवीं कक्षा के सात विषयों में से पांच विषयों में अनिवार्य रूप से पास होना आवश्यक होता है। अब मात्र तीन विषयों को पास होने पर भी आगामी कक्षा में बैठने का मौका मिलेगा। जून-जूलाई में होने वाली परीक्षा में दो विषय पास करने के साथ ही अंक सुधार का मौका भी छात्रों को प्रदान किया जाएगा।
TRN LIVE: खुशखबरी : मंडी हवाई अड्डे को मिली साइट क्लियरेंस, भूमि अधिग्रहण सहित अन्य निर्माण पर खर्च होंगे इतने करोड़
कर हस्तांतरण में हिमाचल के लिए 2026-27 में 13,949 करोड़ का प्रावधान
अनुदान सहायता के तहत हिमाचल को मिलेंगे 10,243 करोड़ रुपए
राज्य के मंडी जिला में ग्रीन फील्ड हवाई अड्डे के निर्माण के लिए भारत सरकार ने साइट क्लियरेंस को मंजूरी प्रदान कर दी है। बल्ह घाटी के नागचला में इसका निर्माण होना है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण सहित अन्य निर्माण पर चार से साढ़े चार हजार करोड़ का खर्च आने का अनुमान है। सोमवार को जारी एक विज्ञप्ति में मंडी में बनने वाले ग्रीन फील्ड हवाई अड्डे के निर्माण हेतु साइट क्लियरेंस की मंजूरी भारत सरकार से मिलने का हवाला दिया गया है। हिमाचल प्रदेश के लिए बजट में केंद्रीय हस्तांतरण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। बजट अनुमान के मुताबिक कर हस्तांतरण में हिमाचल प्रदेश के लिए 2026-27 में 13,949 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है। इसी तरह अनुदान सहायता में हिमाचल प्रदेश के लिए 2025-26 में 10,243 करोड़ रुपए का बजट आबंटित किया गया है।
राज्यों को पूंजीगत व्यय के लिए विशेष सहायता के तहत भी हिमाचल को 2020-21 से 2025-26 तक 8309 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इस योजना के तहत, राज्य सरकारों को 50 वर्षों के लिए ब्याज मुक्त ऋण के रूप में विशेष सहायता प्रदान की जाती है, जिसका ब्याज पूर्णत: केंद्र द्वारा वहन किया जाता है। यह वित्त आयोग की अनुशंसाओं से परे है। प्रदेश में हवाई मार्ग के विस्तार के तहत उड़ान योजना के अंतर्गत चार हवाई अड्डों का संचालन शुरू हुआ। इस पर 150 करोड़ से ज्यादा की राशि खर्च की जा चुकी है। उड़ान योजना के अंतर्गत चार नए हवाई अड्डों शिमला, कुल्लू ,मंडी हेलिपोर्ट और रामपुर-हेलिपोर्ट तथा 22 नए हवाई मार्गों का संचालन शुरू हुआ।
प्रदेश को केंद्र की सौगात
भारत सरकार ने मंडी में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों के निर्माण के लिए साइट क्लियरेंस प्रदान की है। इसी तरह सडक़ मार्ग के विकास में 30 जून, 2025 तक प्रदेश में 2,607 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण हो चुका है। मार्च, 2025 में प्रधानमंत्री ने हिमाचल प्रदेश में लगभग 3,400 करोड़ की लागत से एनएच-21 के कीरतपुर से नेरचौक खंड (2 पैकेज) का उद्घाटन किया है। भारतमाला परियोजना के प्रथम चरण के तहत हिमाचल प्रदेश में 9,964 करोड़ रुपए की अनुमानित कुल पूंजी लागत से 167 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारों के विकास को मंजूरी दी गई है।
TRN LIVE: राहुल के बयान पर संसद में हंगामा, चीन को लेकर पूर्व सेना प्रमुख की किताब के जिक्र पर भिड़े सरकार के मंत्री
दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नई दिल्ली
संसद के बजट सत्र के चौथे दिन सोमवार को लोकसभा में उस समय जोरदार हंगामा देखने को मिला, जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चीन के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश की। राहुल गांधी ने सदन में पूर्व सेना प्रमुख नरवणे की किताब के अंशों को साझा किया कि डोकलाम में चार चीनी टैंक भारत की सीमा में पहुंच गए थे। इस पर सरकार के तीन मंत्रियों ने कड़ा विरोध जताया, जिसके बाद सदन में सत्तापक्ष और कांग्रेस के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक एवं हंगामा देखने को मिला। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कांग्रेस नेता से कई बार यह अपील की कि वह पुस्तक या किसी पत्रिका को सदन में कोट नहीं कर सकते। हालांकि राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख का हवाला देते हुए चीन के साथ भारत के सैन्य तनाव का विषय उठाने का प्रयास किया और दावा किया कि पूर्व सेना प्रमुख ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के चरित्र के बारे में भी बताया है। लोकसभा में गतिरोध के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे। राहुल गांधी ने जैसे ही इसे पढऩे का प्रयास किया, तो राजनाथ सिंह ने सवाल उठाया कि नेता प्रतिपक्ष को बताना चाहिए कि वह जिस पुस्तक का उल्लेख कर रहे हैं, वह प्रकाशित हुई है या नहीं।
गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा कि सदन में पुस्तक और पत्रिका में प्रकाशित बातों को नहीं रखा जा सकता और नेता प्रतिपक्ष को व्यवस्था का पालन करना चाहिए। उधर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी को बोलने से रोकते हुए कहा कि आप सदन के नियम तोड़ रहे हैं। संसद नियमों से चलती है और यहां आप बिना छपी किताब के बारे में बात नहीं कर सकते हैं। राहुल के बयान के खिलाफ सरकार की सबसे बड़ी आपत्ति यह रही कि एक बिना छपी किताब को संसद में नहीं पढऩा चाहिए। इन सबके बीच कन्नौज सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि चीन का मुद्दा संवेदनशील है। अखिलेश ने मांग की है कि राहुल गांधी को पूर्व थलसेनाध्यक्ष एमएम नरवेण का बयान पढऩे दिया जाए। राहुल गांधी के तेवरों के कारण लोकसभा में गतिरोध खत्म नहीं हुआ। राष्ट्रीय सुरक्षा और चीन सीमा विवाद पर चर्चा की मांग को लेकर राहुल गांधी अपनी बात पर अड़े रहे। स्पीकर और पीठासीन अधिकारी के बार-बार समझाने के बावजूद हंगामा शांत नहीं हुआ, जिसके चलते चार बार के स्थगन के बाद कार्यवाही को मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की आत्मकथा पर यह है विवाद
जनरल मनोज मुकुंद नरवणे भारतीय थलसेना के 27वें सेना प्रमुख थे। वह 2020 के गलवान घाटी संघर्ष के दौरान सेना प्रमुख थे। जनरल नरवणे की आत्मकथा का नाम है-फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी। जनरल नरवणे ने इस किताब में गलवान संघर्ष से लेकर अग्निवीर जैसे मामलों के बारे में लिखा है।
भारतीय सीमा में घुसे थे चीनी टैंक
किताब में वर्ष 2020 में गलवान, डेपसांग और पेंगोंग स्थित सीमा का जिक्र है। जनरल नरवणे ने लिखा है कि जब गलवान में चीन के टैंक सामने आकर खड़े हो गए, तो राजनीतिक नेतृत्व से साफ आदेश नहीं मिला। चीनी टैंक भारतीय क्षेत्र में घुस आए थे, लेकिन फायर ओपन करने की इजाजत टॉप लेवल से नहीं मिली।
अग्निवीर योजना से थे असहमत
जनरल नरवणे ने लिखा कि अग्निवीर योजना उनके लिए आकाश से बिजली गिरने जैसा था। उन्होंने टूर ऑफ ड्यूटी जैसी योजना प्रधानमंत्री को सुझाई थी, लेकिन पीएमओ ने पूरी तरह अलग प्रस्ताव लाकर पूरी भर्ती को अग्निवीर आधारित कर दिया। नौसेना और वायुसेना को भी यह अचानक और हैरान करने वाला लगा।
TRN LIVE: चुनाव आयोग भाजपा का आईटी सैल, काली शॉल ओढक़र मिलने पहुंचीं ममता बनर्जी का बड़ा हमला
दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नई दिल्ली
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के खिलाफ काली शॉल ओढक़र दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की। उनके साथ एसआईआर प्रभावित 13 परिवार और टीमएसी के नेता भी थे। मुलाकात के बाद ममता ने कहा कि मैं बहुत दुखी हूं। मैं दिल्ली की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हूं। चार बार केंद्रीय मंत्री और सात बार सांसद रह चुकी हूं। मैंने आज तक ऐसा अहंकारी और झूठा चुनाव आयुक्त नहीं देखा। मैंने चुनाव आयुक्त से कहा कि उनकी कुर्सी का सम्मान करती हूं, क्योंकि कोई भी कुर्सी हमेशा के लिए नहीं रहती। एक दिन उनको जाना ही होगा। बंगाल को क्यों निशाना बनाया जा रहा है।
चुनाव लोकतंत्र का त्योहार होते हैं, लेकिन उन्होंने 58 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए और अपना बचाव करने का मौका तक नहीं दिया। यह चुनाव आयोग नहीं, भाजपा का आईटी सैल है। इसके पहले सुबह ममता ने दिल्ली पहुंचते ही कहा कि वह एसआईआर के मुद्दे पर लड़ाई जारी रखेंगी। अगर इस देश में कोई नहीं लड़ेगा, तो वह लड़ेंगी, हमारी पार्टी लड़ेगी।
धनखड़ जैसा होगा हाल
ममता बनर्जी ने कहा कि हमने सीईसी को बोल दिया है कि आपका हाल धनखड़ जैसा होगा। आप भाजपा के कहने पर काम कर रहे हैं। मैंने इस तरह का चीफ इलेक्शन कमिश्नर कभी नहीं देखा। इसके बाद मैंने बैठक का बॉयकॉट किया और बाहर निकल आई। ममता ने कहा कि हम लोग यहां इंसाफ के लिए आए थे, लेकिन हमारे साथ नाइंसाफी हुई है। यह सहन नहीं की जाएगी।
TRN LIVE: 16वें वित्तायोग में हिमाचल का डेवोल्यूशन 2388 करोड़ बढ़ा
सांसद अनुराग ठाकुर का पलटवार, आरजीडी पर गुमराह कर रही कांग्रेस
दिव्य हिमाचल ब्यूरो — शिमला
पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा है कि हिमाचल सरकार और उनके मंत्री रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट यानी आरडीजी खत्म होने पर झूठा प्रचार कर रहे हैं। अनुराग ठाकुर ने 16वें वित्त आयोग के आंकड़ों के आधारित एक पे्रजेंटेशन के जरिए स्थिति साफ की है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदा हिमाचल के हितों का विशेष ध्यान रखा है, और कभी किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं आने दी। यह देखना दुर्भाग्यपूर्ण है कि रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (आरडीजी) पर कांग्रेस सरकार प्रदेश को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट कोई स्थायी नहीं, बल्कि अस्थायी व्यवस्था थी और 16वें वित्त आयोग ने सामान्य आरडीजी की सिफारिश नहीं की, क्योंकि कई प्राप्तकर्ता राज्यों, जिसमें हिमाचल भी शामिल है, ने लगातार कमजोर कर प्रयास और उच्च प्रतिबद्ध व्यय का पैटर्न देखा गया।
हिमाचल का डेवोल्यूशन घटा नहीं, बल्कि बढ़ा है। अन्यायपूर्ण कटौती के कांग्रेस के खोखले दावों के विपरीत, 16वें वित्त आयोग ने हिमाचल प्रदेश का विभाज्य पूल में हिस्सा 15वें वित्त आयोग के 0.830 फीसदी से बढ़ाकर 0.914 फीसदी कर दिया है। नए फॉर्मूले में हिमाचल का पोस्ट-डेवोल्यूशन प्राप्ति 2025-26 के बजट अनुमान में लगभग 11,561.66 करोड़ से बढक़र 13,949.97 करोड़ हो गया है, जो लगभग 2,388 करोड़ की वृद्धि है। यह केंद्रीय कर डेवोल्यूशन में एक महत्त्वपूर्ण वृद्धि है। 15वें वित्त आयोग के तहत कोविड से उबरने में राज्यों की मदद के लिए आरडीजी फ्रंट-लोडेड था और इसे स्पष्ट रूप से समयबद्ध, संक्रमणकालीन उपाय के रूप में तैयार किया गया था, जिसका उद्देश्य राज्यों को 2025-26 तक लगभग शून्य राजस्व घाटे तक लाना था।
TRN LIVE: आरजीडी पर घमासान…भाजपा फायदा, कांग्रेस बता रही नुकसान
डिप्टी सीएम का बड़ा सवाल, भाजपा सांसद और नेता प्रतिपक्ष किसके साथ
केंद्रीय बजट और 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों में राजस्व घाटा अनुदान को समाप्त करने के केंद्र के फैसले पर राज्य में भाजपा निशाने पर है। इसी कड़ी में केंद्र सरकार द्वारा राजस्व घाटा अनुदान को समाप्त करने के लिए फैसले पर हिमाचल के डिप्टी सीएम मुकेश अग्रिहोत्री ने भाजपा से बड़ा सवाल किया है। उन्होंने प्रदेश के सभी भाजपा सांसदों और नेता प्रतिपक्ष से पूछा है कि आरडीजी खत्म करने के फैसले पर किसके साथ है। केंद्रीय बजट और 16वें वित्तायोग की सिफारिशों पर डिप्टी सीएम ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए यह सवाल उठाया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि वह केंद्र के फैसले या फिर हिमाचल के साथ है। 10 हजार करोड़ के वार्षिक नुकसान जैसे गंभीर विषय पर मौन रहना प्रदेश के हितों से सीधा समझौता है, जिसे प्रदेश की जनता माफ नहीं करेगी। यह कोई अस्थायी घाटा नहीं, बल्कि वित्तीय संरचना को कमजोर करने वाला दीर्घकालिक संकट है, जो किसी सूरत स्वीकार्य नहीं है।
विधानसभा में प्रस्ताव लाएगी कांग्रेस
शिमला — हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि आरडीजी के मुद्दे पर केंद्र सरकार के समक्ष हिमाचल की बात रखने को कांग्रेस विधानसभा के आगामी सत्र में प्रस्ताव पास करेगी। इसमें भाजपा के विधायकों और सांसदों से मांग की जाएगी कि वह इस मामले पर साथ चले। यह विषय कांग्रेस-भाजपा का नहीं, बल्कि हिमाचल के हित से जुड़ा है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सोमवार को केंद्रीय बजट को लेकर आयोजित पत्रकारवार्ता में बोल रहे थे।
जयराम का तंज, झूठी गारंटियां पूरी करना केंद्र का काम नहीं
दिव्य हिमाचल ब्यूरो — शिमला
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा है कि अपनी नाकामियों का ठीकरा केंद्र पर फोडऩे की कोशिश करने के बजाय राज्य की कांग्रेस सरकार को वित्तीय स्थिति पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि चुनावी समय में दी गई झूठी गारंटियों को पूरा करना केंद्र का दायित्व नहीं है। जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी घोषणा की है, जिससे ऐतिहासिक मनरेगा योजना के स्थान पर अब एक नया व्यापक कानून विबी जी राम जी यानी विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन- ग्रामीण लागू किया जा रहा है। सरकार ने इस बदलाव के तहत बजट में भारी फेरबदल करते हुए नई योजना के लिए 95,692.31 करोड़ का विशाल आबटन किया है, जबकि मनरेगा के लंबित कार्यों को पूर्ण करने के लिए 30,000 करोड़ का अतिरिक्त बजट दिया है, जो मुख्य रूप से पुरानी देनदारियों और ट्रांजिशन अवधि के लिए आरक्षित है।
दोनों योजनाओं में का बजट लगभग सवा लाख करोड़ से अधिक है। यह नई योजना केवल मजदूरी देने का माध्यम नहीं, बल्कि एक मिशन है, जिसमें ग्रामीण परिवारों को अब 100 के बजाय 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई है और मजदूरों के हित में भुगतान की अवधि को 15 दिनों से घटाकर साप्ताहिक सात दिन कर दिया गया है। केंद्र अब सामान्य राज्यों से 40 प्रतिशत और हिमाचल जैसे हिमालयी राज्यों से मात्र 10 प्रतिशत हिस्सेदारी ही लेगा।
TRN LIVE: सिर्फ दो जिलों ने नोटिफाई की वोटर लिस्ट, 10 जिलों से अभी भी राज्य चुनाव आयोग को फैसले का इंतजार
हिमाचल हाई कोर्ट से फैसला होने और उसके बाद राज्य चुनाव आयुक्त और राज्य सरकार के बीच बैठक के बावजूद पंचायत चुनाव में नया ट्विस्ट आ गया है। राज्य चुनाव आयोग का कहना है कि अभी सिर्फ दो जिलों लाहुल-स्पीति और शिमला ने ही वोटर लिस्ट फाइनल की है, बाकी जगह जिला प्रशासन ने सहयोग नहीं किया है। सभी जिलों में जिलाधीश और एसडीएम को वोटर लिस्ट नोटिफाई करने के लिए फॉर्म 15 साइन करना होता है। यह अभी तक साइन नहीं हुआ है। दूसरी तरफ शहरी निकायों के लिए ओबीसी की जनगणना का मामला अभी शुरू ही नहीं हो पाया है। इन नई परिस्थितियों को देखते हुए राज्य चुनाव आयोग अब हाई कोर्ट में ताजा स्टेटस रिपोर्ट डालने जा रहा है।
हालांकि अभी तक हाई कोर्ट के फैसले को राज्य सरकार ने भी चुनौती नहीं दी है। यानी राज्य सरकार हाई कोर्ट द्वारा तय की गई डेडलाइन के मुताबिक चुनाव करवाने को तैयार है, लेकिन फील्ड में मशीनरी उसे अनुसार गति से नहीं चल रही। हाई कोर्ट में 28 फरवरी तक आरक्षण रोस्टर फाइनल करने को कहा है, ताकि 30 अप्रैल से पहले चुनाव की प्रक्रिया पूरी करवाई जा सके। राज्य चुनाव आयोग को इस डेडलाइन के अनुसार इस प्रक्रिया को पूरा करवाना है। दूसरी तरफ राज्य सरकार ने नगर परिषद , नगर निगम और नगर पंचायत में प्रशासक नियुक्त कर दिए हैं, जबकि पंचायत में सामान्य काम का चलाने के लिए कमेटियों को जिम्मा सौंपा है।
TRN LIVE: बिजली बोर्ड आफिस में स्मार्ट मीटर होंगे प्री-पेड
राज्य बिजली बोर्ड के राज्य भर में चल रहे 1467 कार्यालयों में अब स्मार्ट मीटर प्री-पेड होंगे। यानी कि स्मार्ट मीटर को रिचार्ज करने के बाद ही कार्यालयों में बिजली की आपूर्ति सुचारू होगी। बोर्ड ने प्रायोगिक तौर पर सबसे पहले अपने ही कार्यालय में इस व्यवस्था को बनाने जा रहा है। इस संबंध में बोर्ड प्रबंधन की ओर से पूरी रणनीति तैयार कर ली है और जल्द ही कार्यालयों में यह व्यवस्था भी शुरू कर दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड ने साउथ जोन के तहत पहले पहले पैकेज में साढ़े सात लाख स्मार्ट मीटर स्थापित कर दिए हैं। वहीं स्मार्ट मीटर को लेकर अलग-अलग हिस्सों से उपभोक्ताओं की प्रतिक्रियाएं आए दिन आ रही हैं। वहीं इसके विरोध को लेकर भी स्वर उठ रहे है। बिजली बोर्ड ने इस संबंध में उपभोक्ताओं की शंकाओं का निवारण करते हुए इसके फायदे भी गिनाए हैं। साथ ही स्मार्ट मीटर को लेकर बिजली बोर्ड के फील्ड के अधिकारी भी उपभोक्ताओं को जागरूक करने में जुटे हुए हैं। इस बीच राज्य बिजली बोर्ड ने अपने कार्यालयों में स्मार्ट मीटर के बाद प्री-पेड मीटर की व्यवस्था को बनाने जा रहा है।
इसके लिए बोर्ड प्रबंधन की ओर से पूरी तैयारी भी कर ली है। अहम है कि प्री-पेड मीटर की व्यवस्था लागू होने से बोर्ड कार्यालयों में अब बिजली मीटर का बिल नहीं आएगा। जरूरत के हिसाब से मीटर रिचार्ज होगा। पता चला है कि बिजली बोर्ड राज्य में 1467 कार्यालयों में इस व्यवस्था को बनाने जा रहा है। स्मार्ट मीटर को प्री-पेड करने से यह मोबाइल की तर्ज पर काम करेंगे। यानी कि रिचार्ज खत्म होते ही बिजली की सप्लाई भी अपने आप बंद होगी। बोर्ड के इस कदम से बिजली खर्च का सही तौर पर आकलन भी होगा। उधर, राज्य बिजली बोर्ड के प्रबंध निदेशक आईएएस अधिकारी आदित्य नेगी का कहना है कि राज्य में साढ़े सात लाख स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि पहले पैकेज के तहत बोर्ड के साउथ जोन में यह कार्य हुआ है। एमडी ने कहा कि अब बिजली बोर्ड सबसे पहले प्रयौगिक तौर पर अपने कार्यालयों में स्मार्ट मीटर को प्री-पेड की ओर ले जा रहे हैं।
TRN LIVE: *🚩श्री गणेशाय नम:🚩*
*📜 दैनिक पंचांग 📜*
*नमस्कार देश और*
*दुनिया की खबरों के*
*साथ आपका स्वागत*
*है*🙏
*🌷03 - Feb - 2026🌷*
☀ पंचांग
🔅 तिथि द्वितीया +00:43 AM
🔅 नक्षत्र मघा 10:11 PM
🔅 करण :
तैतिल 01:14 PM
गर 01:14 PM
🔅 पक्ष कृष्ण
🔅 योग शोभन +02:38 AM
🔅 वार मंगलवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 07:08 AM
🔅 चन्द्रोदय 07:37 PM
🔅 चन्द्र राशि सिंह
🔅 सूर्यास्त 06:01 PM
🔅 चन्द्रास्त 08:01 AM
🔅 ऋतु शिशिर
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1947 विश्वावसु
🔅 कलि सम्वत 5127
🔅 दिन काल 10:53 AM
🔅 विक्रम सम्वत 2082
🔅 मास अमांत माघ
🔅 मास पूर्णिमांत फाल्गुन
☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजित 12:13:21 - 12:56:53
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 09:19 AM - 10:02 AM
🔅 कंटक 07:52 AM - 08:35 AM
🔅 यमघण्ट 10:46 AM - 11:29 AM
🔅 राहु काल 03:18 PM - 04:40 PM
🔅 कुलिक 01:40 PM - 02:23 PM
🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 09:19 AM - 10:02 AM
🔅 यमगण्ड 09:51 AM - 11:13 AM
🔅 गुलिक काल 12:35 PM - 01:56 PM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल उत्तर
☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती
☀ चन्द्रबल
🔅 मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक, कुम्भ, मीन
TRN LIVE: *⚜️ आज का राशिफल ⚜️*
*दिनांक : 03 फरवरी 2026*
🐐🐂💏💮🐅👩
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज का दिन घर एवं बाहर के वातावरण में बदलाव लाने वाला रहेगा। सेहत थोड़ी नरम रहने से आलस्य रहेगा फिर भी आज आप घरेलु समस्याओं के समाधान के प्रति अधिक सतर्क रहेंगे। आज वाणी एवं व्यवहार में भी कल की अपेक्षा नरमी रहेगी। सरकारी कार्यो में पहले उलझन पड़ेगी लेकिन किसी अनुभवी के सहयोग से समाधान मिल जाएगा।कार्य क्षेत्र पर आज कुछ महत्त्वपूर्ण बदलाव कर सकते है इस पर खर्च भी होगा। संध्या के समय मनोरंजन के अवसर तलाशेंगे स्त्री सुख आवश्यकता पूर्ति करने पर ही मिलेगा।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज का दिन विषम परिस्थितियों वाला रहेगा। आज मन में भावुकता एवं क्रोध की अधिकता रहने से छोटी बात गंभीर विवाद का रूप ले सकती है। मध्यान पश्चात संतान और जीवनसाथी के स्वास्थ्य ख़राब हो सकता है। वाणी एवं व्यवहार संयमित रखें अन्यथा सम्मान में कमी आ सकती है। सरकारी कार्यो को संभवतः टाले निर्णय आपके विपरीत रहेंगे। धन लाभ की संभावनाएं आज कम ही है परन्तु जब भी होगा आकस्मिक ही होगा। विपरीत लिंगीय आकर्षण अधिक रहने से कार्यो से ध्यान भटकेगा।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज का दिन बीते दिनों की अपेक्षा सुख-शांति से बितायेंगे। आज आपके स्वाभाव में नरमी रहने से परिजनों के साथ चल रहे मतभेद सामान्य होंगे। कला एवं संगीत में आज विशेष रूचि रहेगी। कार्य क्षेत्र पर आज किसी प्रतिष्ठित व्यक्ति का सहयोग मिलने से रुके कार्य पूर्ण होंगे। संतानों के ऊपर खर्च बढेगा महिलाये अस्त-व्यस्त गृहस्थी को संभालने में अधिक व्यस्त रहेंगी। नजदीकी रिश्तेदारो से शुभ समाचार मिलेगा। धन लाभ परिश्रम के बाद दोपहर बाद ही होगा।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज का दिन आपके लिए मिश्रित फलदायक रहेगा। दिन के पूर्वार्ध में कार्य क्षेत्र पर बेहतर वातावरण मिलने से धन लाभ होगा। इसके बाद का समय गलत निर्णय लेने से हानिकर रहेगा प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी। खर्च पर नियंत्रण नहीं रहने से आर्थिक समस्या बन सकती है। परिजनों का सहयोग बराबर मिलते रहने से मानसिक रूप से शान्ति रहेगी। महिलाओ की सेहत आज नरम रहने से घरेलू कार्य बिखरे रहेंगे ठंडे पदार्थो का सेव ना करें। मित्रो का भी साथ मिलेगा।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज का दिन भी आपको शुभ फल देने वाला है। आज आप अपने व्यवहार कुशलता से किसी का भी दिल जीत सकते हैं। सरकारी अथवा अचल संपत्ति के दस्तावेज करने के लिए आज का दिन शुभ है। व्यवसाय में निवेश भविष्य के लिए लाभदायक रहेगा। मित्र-परिजनों के साथ मनोरंजन के अवसर मिलेंगे महिला वर्ग घरेलु झगड़े का कारण बनेगी निवारण भी स्वयं ही करेंगी। आज आपके हाथ से किये गए शुभकर्म अति लाभदायक सिद्ध होंगे। मध्यान के समय मन चंचल रहेगा आवश्यक निर्णय इस अवधि में ना लें।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज की दिनचर्या असंयमित रहेगी। आज के दिन का पूर्वार्ध परिवार में कलह रहने के कारण अशान्त रहेगा इसका कारण आप ही रहेंगे। सेहत भी असामान्य रहने से कार्य क्षेत्र पर बेहतर अनुभव नहीं करेंगे। धन लाभ के लिए आज चाटुकारिता का सहारा लेना पड़ सकता है। धार्मिक स्थानों पर दान पुण्य के अवसर मिलेंगे। स्त्री मित्रो से संबंदो में कड़वाहट आ सकती है बहसबाजी से बचें। व्यवहार में नरमी रखें भ्रामक बातो पर विश्वास ना करें लोग आपको उकसाने का काम करेंगे।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज के दिन का पूर्वार्ध पहले की भांति ही आनंददायक रहेगा। मानसिक रूप से प्रसन्न रहेंगे। कार्यो में थोड़े प्रयत्न से लाभ होगा। प्रियजनों से उपहार-भेंट मिलेगी। नौकरी पेशा जातको को दिन के उत्तरार्ध में काम का बोझ बढेगा। दोपहर के बाद का समय परिश्रम साध्य रहेगा। लापरवाही करने पर बनते कार्यो में विघ्न आएंगे। लाभ के अनुबंध मिलने की संभावना है परन्तु किसी के टांग अड़ाने से दुविधा में पड़ेंगे। परिवार में आज समय से काम ना करने पर स्त्री-संतान से मतभेद हो सकता है।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज का दिन आपके लिए उन्नति दायक रहेगा। कार्य क्षेत्र पर आज अधिकारियो का प्रोत्साहन मिलने से उन्नति के मार्ग खुलेंगे। व्यवसाय में लाभ पाने के लिए थोड़ा परिश्रम करना पड़ सकता है लेकिन इसका फल आश्चर्य में डालने वाला रहेगा। अनैतिक कार्यो में पड़ने से मान हानि के योग बनेंगे इससे दूर रहें। परिजनों से मधुर भावनात्मक सम्बन्ध रहेंगे घरेलू समस्याओ को महिलाये अपने बल पर सुलझा लेंगी। संध्या के समय शुभ समाचार मिलेंगे। उत्तम भोजन वाहन मनोरंजन पर्यटन से आनंद मिलेगा।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज का दिन आध्यात्म एवं धार्मिक आस्था में वृद्धि करने वाला रहेगा। पुण्योदय होने से भाग्योन्नति के अवसर मिलेंगे। फिर भी आज आपके निर्णय सही दिशा ले रहे है या नहीं इसकी जांच अवश्य करलें। धार्मिक यात्रा देव दर्शन के योग है। घर में वैवाहिक कार्यो की रूप रेखा बनेगी। कार्य व्यवसाय पर भी दिन लाभ कराने वाला रहेगा। पुराने परिचितों से भेंट होगी। महिलाये आज कार्यो में विलंब करेंगी जिससे थोड़ी अव्यवस्था फैलेंगी। संतानो का स्वभाव चंचल रहेगा शान्ति के लिए
छोटी मोटी बातो की अनदेखी करें।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आपका आज का दिन प्रतिकूल परिस्थिति वाला रहेगा। आज घर सदस्य की चिकित्सा पर अधिक खर्च होने से आर्थिक हालात असामान्य बनेंगे उधार भी लेना पड़ सकता है यथा संभव आज उधार ना लें। कार्य क्षेत्र पर आज दुसरो के ऊपर निर्भर रहना पड़ सकता है। अधिक भाग दौड़ रहने के कारण थकान एवं स्वाभाव में रूखापन आने से प्रेम संबंध बिगड़ने की संभावना है। यात्रा में वाहन से चोट लग सकती है। जोखिम वाले कार्यो से दूर रहें आज परिवार की महिलाओं की बात ना मानने से बाद में पछतावा होगा।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन आपके लिये बीते कल की तुलना में थोड़ी राहत प्रदान करेगा। आज धन का खर्च आय की तुलना में अधिक रहेगा फिर भी मानसिक रूप से दिन भर प्रसन्न रहेंगे। घर में किसी अविवाहित के रिश्ते की बात आगे बढ़ेगी। कीमती वस्तुओ की खरीददारी पर खर्च होगा। कार्य क्षेत्र से आज सिमित धन लाभ होगा। अधिकांश कार्य आज सहयोगियों की सहायता लेकर ही करने पढ़ेंगे। शेयर एवं अन्य जोखिम वाले कार्य मे निवेश अवश्य लाभ देगा। महिलाये आज किसी का सहयोग करके आत्मसंतुष्टि अनुभव करेंगी।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज का दिन भी आपके पक्ष में रहेगा। परन्तु सेहत में थोड़ा उतार चढ़ाव बना रहेगा। पुराने लटके कार्यो में गति आएगी। नई योजनाएं अधिक फलीभूत होंगी। सामाजिक कारणों से भी आज अधिक व्यस्त रह सकते है। सरकारी कार्य आज करना ठीक रहेगा निश्चित सफलता मिलेगी। संध्या के समय धन की आमद होने से आर्थिक स्थिति सुधरेगी। विरोधी आज शांत रहेंगे। महिलाये आज घरेलू कार्य मे ज्यादा व्यस्त रहेंगी। रिश्तेदारों के आने से चहल पहल बढ़ेगी।
TRN LIVE: *रेल बजट में हिमाचल को 2911 करोड़, रेल मंत्री वैष्णव बोले, पूर्व में केंद्र में रही कांग्रेस सरकार से 27 गुना ज्यादा*
केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश को 2911 करोड़ रुपए दिए गए हैं। यह राशि पूर्व में केंद्र में रही कांग्रेस सरकार द्वारा दी गई राशि से 27 गुना अधिक है। यह जानकारी सोमवार को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया से बातचीत के दौरान दी। उन्होंने बताया कि हिमाचल में 17711 करोड़ के रेल प्रोजेक्ट चल रहे हैं, जिससे राज्य में न केवल रेल नेटवर्क बेहतर होगा, बल्कि आम लोगों को भी सफर में आसानी रहेगी। हिमाचल प्रदेश के चार स्टेशनों को अमृत स्टेशन योजना में शामिल किया गया है। इस पर 46 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं, जबकि बैजनाथ-पपरोला तथा अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशनों का काम पूरा हो चुका है। यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए राज्य में एक जोड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस भी चलाई जा रही हैं।
रेल नेटवर्क के विस्तार और विद्युतीकरण का उल्लेख करते हुए केंद्रिय मंत्री ने बताया कि राज्य में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। वहीं 2014 से अब तक करीब 16 किलोमीटर की रेल लाइनों का निर्माण भी हुआ है। इसके अलावा 26 फ्लाईओवर और अंडरपास भी बनाए गए हैं। राज्य सरकार की ओर से रेल नेटवर्क के विस्तार में पर्याप्त सहयोग नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि वे परियोजनाओं को जल्द पूरा करवाने में रेल मंत्रालय का सहयोग करें।
TRN LIVE: *सोलन जिला में बढ़े HIV के मामले, बाहरी राज्यों से आने वाले श्रमिकों, ट्रक ड्राइवरों और नशा करने वाले लोगों के ज्यादा केस*
बाहरी राज्यों से आने वाले श्रमिकों, ट्रक ड्राइवरों और नशा करने वाले लोगों के ज्यादा केस
सोलन जिले में एचआईवी (एड्स) मामलों में बढ़ोतरी का बम फूटा है। विभागीय आंकड़ों में हालांकि कुछ विरोधाभास है, परंतु गत वर्ष के जो आंकड़े आए हैं, उसके अनुसार जिले में एचआईवी संक्रमित रोगियों का शतक लग गया है। यह जानकारी स्वास्थ्य विभाग द्वारा अप्रैल, 2024 से दिसंबर, 2025 तक जुटाई गई है। विभागीय अधिकारियों का इन बढ़ते मामलों में यह तर्क है कि एचआईवी के यह मामले अधिकांश तौर पर बाहरी राज्यों से आने वाले श्रमिकों, ट्रक ड्राइवरों व नशा करने वाले लोगों के हैं। इतने बड़े पैमाने पर एचआईवी संक्रमित रोगियों की पुष्टि होने के बाद विभाग सकते में आ गया है। विभाग ने लक्षित हस्तक्षेप कार्यक्रम को और तेज कर दिया है तथा विभाग के साथ मिलकर काम कर रही सामाजिक संस्थाओं को और अधिक जागरूक होकर फील्ड में उतरने के निर्देश दिए हैं। एचआईवी के अधिकांश मामले परवाणू, बद्दी, बरोटीवाला, दाड़लाघाट, नालागढ़ क्षेत्र में आए हैं। इसके साथ-साथ इक्का-दुक्का मामले अर्की, सोलन व कसौली क्षेत्र में उजागर होने की भी सूचना है।
गत करीब डेढ़ वर्ष के आंकड़ों पर गौर करें, तो अप्रैल, 2024 से मार्च, 2025 तक एचआईवी के कुल 105 मामले सामने आए। अप्रैल, 2025 से दिसंबर, 2025 तक इन नौ महीनों में 72 मामले प्रकाश में आ चुके हैं तथा अभी वर्ष का चौथे तिमाही का डाटा आना शेष है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डा. अजय पाठक ने बताया कि इन मामलों को डिटेक्ट हो
TRN LIVE: *मंडी खच्चर ढूंढकर लाओ और इतने का इनाम पाओ! बेजुबान की तलाश में धड़क रहा मालिक का दिल*
कहते हैं कि इंसान और जानवर का रिश्ता केवल काम का नहीं, बल्कि भावनाओं का होता है। मंडी जिले के सुंदरनगर क्षेत्र से एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहाँ पुंघ गांव के निवासी बुद्धि राम पिछले दो हफ्तों से अपनी एक लापता खच्चर की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं। यह लगाव ही है कि उन्होंने अपने इस बेजुबान साथी का सुराग देने वाले के लिए अपनी गाढ़ी कमाई से 10,000 रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा कर दी है।
कैसे शुरू हुई यह तलाश?
घटना की शुरुआत 13 जनवरी को हुई थी, जब बुद्धि राम अपनी छह खच्चरों को घास चराने के लिए स्थानीय झील के किनारे ले गए थे। खच्चरों को खुला छोड़ने के कुछ देर बाद जब वे उन्हें वापस लेने पहुँचे, तो उनके होश उड़ गए—मौके से सभी जानवर नदारद थे।
काफी खोजबीन के बाद अगले दिन उन्हें राहत तो मिली जब उनकी छह में से पांच खच्चरें अलग-अलग जगहों पर सुरक्षित मिल गईं, लेकिन भूरी रंग की एक खच्चर का कहीं कोई पता नहीं चला।
पुलिस और जनता से मदद की गुहार
17 दिन बीत जाने के बाद भी जब कोई सुराग हाथ नहीं लगा, तो बुद्धि राम ने थक-हारकर सुंदरनगर पुलिस थाने में मामले की शिकायत दर्ज करवाई है। डीएसपी सुंदरनगर भारत भूषण ने पुष्टि की है कि पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और लापता खच्चर की तलाश जारी है।
पहचान और संपर्क
गायब हुई खच्चर का रंग भूरा है। बुद्धि राम ने जनता से भावुक अपील करते हुए कहा है कि यदि कोई भी व्यक्ति इस खच्चर को ढूंढ लाता है तो उसे इनाम दिया जाएगा
TRN LIVE: *छोटी सी गलती से जल उठेगा पूरा अमरीका, ईरान के शीर्ष सैन्य अधिकारी ने चेताया, हमले का देंगे मुंहतोड़ जवाब*
ईरान और अमरीका के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान के शीर्ष सैन्य अधिकारी ने अमरीका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि कोई गलती हुई्र, तो कोई अमरीकी सुरक्षित नहीं रहेगा और क्षेत्र की आग अमरीका तथा उसके सहयोगियों को जला डालेगी। दूसरी तरफ तनाव को कम करने के लिए कूटनीतिक रास्ते भी तलाशे जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि दोनों देशों के बीच आने वाले दिनों में बड़ी वार्ता होने की संभावना जताई गई है। ईरानी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ अब्द अल-रहीम मौसवी ने सोमवार को कहा कि दुश्मन की छोटी-सी गलती हमें कार्रवाई करने की खुली छूट दे देगी। जब दुनिया एक शक्तिशाली ईरान का एक अलग रूप देखेगी और तब कोई अमरीकी सुरक्षित नहीं रहेगा
साथ ही इस क्षेत्र में लगी आग अमरीका और उसके सहयोगियों को जला देगी। मौसवी ने कहा कि अगर युद्ध छिड़ गया, तो क्षेत्रीय प्रतिरोध के पुरुष और महिलाएं इस क्षेत्र से बाहरी लोगों की मौजूदगी को पूरी तरह मिटा देंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरानी सशस्त्र बल किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। ईरानी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ का यह बयान ऐसे वक्त में आया है, जब अमरीकी नौसेना ईरान के पास सैन्य तैनाती बढ़ा रही है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते कहा था कि ईरान वाशिंगटन के साथ गंभीर बातचीत कर रहा है। हालांकि, ट्रंप ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया है।
TRN LIVE: *मनाली के जगतसुख जंगल में दुर्लभ मोर कैमरे में कैद*
मनाली के पास जगतसुख के बर्फ से ढके जंगलों में एक दुर्लभ मोर देखा गया है। 6500 फुट की ऊंचाई पर मोर का दिखना हिमाचल वन विभाग के पक्षी प्रेमियों और वन्यजीव वार्डन के लिए एक आश्चर्य की बात है। यह मैदानी पक्षी आमतौर पर 1600 फुट की ऊंचाई पर पाया जाता है। पर्यवेक्षकों और विशेषज्ञों का कहना है कि ये हिमालय में पारिस्थितिक बदलावों और वायुमंडलीय तापमान में काफी वृद्धि के संकेत हैं। ग्रामीणों की माने तो ये नजारे दुर्लभ हैं, लेकिन वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि यह कोई बड़ी बात नहीं है।
जगतसुख के ग्रामीण सुमित, भूमिदेव, राजेश व नितिन ने बताया कि इस जंगल में बर्फ से पहले मोर का जोड़ा देखा गया है। डीएफओ वन्य जीव कुल्लू राजेश शर्मा ने बताया कि मोर पक्षियों की सामान्य प्रजातियों में आता है, जो अपने आवास के बारे में ज्यादा चयनात्मक या नखरे वाला नहीं होता है।
TRN LIVE: *बोर्ड परीक्षाओं में बाधा नहीं बनेगा मौसम, शिक्षा बोर्ड ने तैयार किया मास्टर प्लान*
शिक्षा बोर्ड ने तैयार किया मास्टर प्लान, किसी कारण परीक्षा न देने वाले छात्रों के जून-जुलाई में होंगे एग्जाम
प्रदेश में लगातार पिछले दो शैक्षणिक सत्रों से मौसम के मार्च में मिजाज बदलने पर बोर्ड की फाइनल परीक्षाएं बाधित हो रही हैं, लेकिन इस बार बोर्ड परीक्षाओं में विपरित मौसम भी बाधा नहीं बन पाएगा। शिक्षा बोर्ड ने इसके लिए मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। मौसम सहित अन्य किसी भी कारण से परीक्षाओं से वंचित रहने वाले छात्रों को जून-जुलाई में ड्यूल एग्जामिनेशन सिस्टम के तहत परीक्षाएं देने का मौका दसवीं व जमा दो के छात्रों को प्रदान किया जाएगा। प्रदेश के अति बर्फबारी वाले क्षेत्रों पांगी व लाहुल-स्पीति को बोर्ड की ओर से आंसरशीट पहले ही पहुंचा दी गई है। अब बोर्ड की ओर से प्रश्रपत्र भी उक्त अति दुर्गम क्षेत्रों में पहले ही भेजने की तैयारी चल रही है, जिससे कि परीक्षाएं सूचारू रूप से आयोजित की जा सकें। मौसम की विपरित परिस्थितियों के दौरान छात्रों को अपने नजदीकी परीक्षा केंद्र में भी एग्जाम देने की सुविधा प्रदान की जाएगी। प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला की ओर से वार्षिक परीक्षाओं का आयोजन फरवरी-मार्च में करवाया जाएगा।
20 फरवरी से प्रैक्टिकल परीक्षाएं होंगी, जबकि तीन मार्च से दसवीं व जमा दो नियमित सहित एसओएस आठवीं, दसवीं व जमा दो की परीक्षाएं भी आयोजित की जाएंगी। इस बार प्रदेश भर से दसवीं में 97 हज़ार व जमा दो में 86 हज़ार छात्र परीक्षा देंगे। निर्धारित समय के तहत ही परीक्षा से वंचित रहने वाले सभी छात्रों को दोबारा एग्जाम देने का मौका प्रदान किया जाएगा, जिसके आधार पर ही अंतिम फाइनल मैरिट सूची जारी की जाएगी। उधर, प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव डा. मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि इस बार मौसम की विपरित परिस्थितियों को देखते हुए पहले ही आंसरशीट पांगी व लाहुल-स्पीति पहुंचा दी गई हैं। प्रश्रपत्र भी पहले ही संबंधित क्षेत्रों में पहुंचाए जाएंगे। बावजूद इसके भी छात्र परीक्षा से वंचित रहते हैं, तो उन्हें ड्यूल एग्जामिनेशन पैटर्न के तहत जून-जुलाई में एग्जाम देने का मौका प्रदान किया जाएगा।
2380 परीक्षा केंद्र स्थापित
बोर्ड की ओर से प्रदेश भर में 2380 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। दसवीं कक्षा के लिए पहली बार ड्यूल एग्जामिनेशन सिस्टम भी लागू किया गया है, जिसमें दसवीं कक्षा के सात विषयों में से पांच विषयों में अनिवार्य रूप से पास होना आवश्यक होता है। अब मात्र तीन विषयों को पास होने पर भी आगामी कक्षा में बैठने का मौका मिलेगा। जून-जूलाई में होने वाली परीक्षा में दो विषय पास करने के साथ ही अंक सुधार का मौका भी छात्रों को प्रदान किया जाएगा।
TRN LIVE: *प्रेस रिलीज़ 02 फ़रवरी 2026 : पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर*
अपनी नाकामियों का ठीकरा केंद्र पर फोड़ना बंद करें सुक्खू, झूठी गारंटियां पूरी करना केंद्र का काम नहीं: जयराम ठाकुर"
शिमला से जारी प्रेस बयान में कहा,"मनरेगा की जगह 'VB-G RAM G' से बदलेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पर हिमाचल के 1.71 लाख अधूरे कार्य सुक्खू सरकार की 'नालायकी'
केंद्र प्रायोजित लगभग 191 योजनाओं में "10% हिस्सेदारी देने से भी भाग रही हैं सरकार से
जयराम ठाकुर का सवाल- केंद्र को दोष देने के बजाय लंबित कार्यों पर कब देंगे ध्यान
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा है कि अपनी नाकामियों का ठीकरा केंद्र पर फोड़ने की कोशिश करने के बजाय उन्हें राज्य की वित्तीय स्थिति पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि चुनावी समय में दी गई झूठी गारंटियों को पूरा करना केंद्र का दायित्व नहीं है। जयराम ठाकुर ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार 2047 के 'विकसित भारत' के लक्ष्य को आधार बनाकर पूरे देश के लिए समान नीतियां बनाती है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक युगांतकारी परिवर्तन की घोषणा की है, जिसके तहत ऐतिहासिक मनरेगा (MGNREGA) योजना के स्थान पर अब एक नया व्यापक कानून 'विबी: जी राम जी' (विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन - ग्रामीण) लागू किया जा रहा है। सरकार ने इस बदलाव के तहत बजट में भारी फेरबदल करते हुए नई योजना के लिए ₹95,692.31 करोड़ का विशाल आवंटन किया है, जबकि मनरेगा के लंबित कार्यों को पूर्ण करने के लिए ₹30,000 करोड़ का अतिरिक्त बजट दिया है। जो मुख्य रूप से पुरानी देनदारियों और ट्रांज़िशन अवधि के लिए आरक्षित है। दोनों योजनाओं में का बजट लगभग सवा लाख करोड़ से अधिक है। यह आंकड़ा ऐतिहासिक है जबकि कांग्रेस नेता शोर मचा रहे हैं कि मनरेगा बंद कर दी है।जबकि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की हालिया रिपोर्ट यह बताती हैं कि प्रदेश के लगभग 1.72 लाख कार्य लंबित हैं और 655 पंचायतों में लोगों को एक दिन का भी काम लोगों को नहीं मिल पाया हैं। राज्य के हिस्से की दिहाड़ी अगस्त से मनरेगा कामगारों को नहीं मिली हैं।
यह नई योजना केवल मजदूरी देने का माध्यम नहीं बल्कि एक मिशन है, जिसमें ग्रामीण परिवारों को अब 100 के बजाय 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई है और मजदूरों के हित में भुगतान की अवधि को 15 दिनों से घटाकर साप्ताहिक (7 दिन) कर दिया गया है। केंद्र अब सामान्य राज्यों से 40 प्रतिशत और हिमाचल जैसे हिमालयी राज्यों से मात्र 10 प्रतिशत हिस्सेदारी ही लेगा लेकिन यहां इस देनदारी से पहले ही सुक्खू सरकार के पसीने छूटने शुरू हो गए हैं। केंद्र के द्वारा हिमाचल में लगभग 191 योजनाएं चल रही हैं। जिसमें राज्य सरकार को मात्र दस प्रतिशत हिस्सेदारी देनी हैं, लेकिन राजनैतिक कारणों और कुप्रबंधन के कारण सुक्खू सरकार वह भी समय से नहीं दे रही है। जिसका ख़ामियाजा प्रदेश के लोग उठा रहे हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के संदर्भ में 'विबी: जी राम जी' योजना इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट के अनुसार राज्य में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मनरेगा के तहत कुल 1,71,841 'स्पिल ओवर' कार्य (अधूरे कार्य) चिह्नित किए गए हैं, जो पिछले वर्षों में स्वीकृत तो हुए लेकिन समय पर पूरे नहीं हो सके। इन लंबित कार्यों में सबसे बड़ी संख्या व्यक्तिगत भूमि विकास (1,46,653) की है, इसके साथ ही ग्रामीण संपर्क (11,110), भूमि विकास (3,336), जल संरक्षण (2,651) और पारंपरिक जल स्रोतों के जीर्णोद्धार (295) जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट भी बीच में लटके हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि नई योजना 'विबी: जी राम जी' का मुख्य फोकस अब केवल गड्ढे खोदने जैसे कार्यों के बजाय टिकाऊ बुनियादी ढांचे, जल संचयन और ग्रामीण सड़क निर्माण पर होगा, जिससे हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में बुनियादी ढांचे की मजबूती की उम्मीद तो है, लेकिन लंबित पड़े लाखों कार्यों का नए मिशन में समायोजन और राज्य की 10 प्रतिशत की हिस्सेदारी का प्रबंधन सुक्खू सरकार के लिए एक बड़ी प्रशासनिक और वित्तीय चुनौती बनकर बनी हुई है। ये नालायकी उनकी अपनी सरकार की है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0

