यूपी में बाप-बेटे के हाथ बांधे, गला घोंटकर मार डाला:पिकअप लूटकर 200 किमी दूर फेंकी दोनों की लाश; 3 घंटे हंगामा, भारी फोर्स तैनात
संभल के रहने वाले पिता-पुत्र की लूट के बाद हत्या कर दी गई। आरोपियों ने दोनों के शव संभल से करीब 200 किमी दूर शामली में एक गन्ने के खेत में फेंक दिए। फिर फरार हो गए। बुधवार सुबह पोस्टमॉर्टम के बाद जब शव गांव लाए गए तो लोग भड़क गए। परिवार के साथ लोगों ने भिरावटी चौराहे पर शव रखकर जाम लगा दिया। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने पुलिस अफसरों से कहा, जब तक आरोपी पकड़े नहीं जाते हैं, अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इस दौरान पुलिस से नोकझोंक भी हुई। हालात को देखते हुए 4 थानों की पुलिस, PAC और RRF तैनात करनी पड़ी। करीब 3 घंटे के बाद लोग अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। पिता-पुत्र 6 दिन से लापता थे। पुलिस ने एक आरोपी मनोज को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। उसके पैर में गोली लगी है। शुरुआती जांच के मुताबिक, आरोपियों ने पिकअप बुकिंग के लिए कॉल किया। इसके बाद मेरठ से मजदूर लेने के लिए दो अज्ञात लोग पिता-पुत्र को साथ लेकर निकल गए। टोल प्लाजा पार करने तक पिकअप सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दिया, इसके बाद कोई जानकारी नहीं मिली। पुलिस फरार 2 आरोपियों की तलाश में जुटी है। पहले 2 तस्वीरें देखिए… अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला…. पिकअप बुकिंग के बहाने बुलाया
पूरा मामला संभल में गुन्नौर तहसील के भिरावटी गांव का है। पुलिस के अनुसार, भिरावटी के रहने वाले नरेश (48) अपने बेटे भीमसेन (24) के साथ पिकअप चलाते थे। पिकअप साढ़े चार महीने पहले लोन पर खरीदी थी और इसी से अपना जीवन यापन कर रहे थे। 2 अप्रैल को उनके पास मेरठ से मजदूर लाने के लिए गाड़ी बुक करने का कॉल आया। यह कॉल बदायूं के मनोज कुमार ने किया था। शाम को नरेश और भीमसेन दो अज्ञात लोगों को लेकर दोनों मेरठ के लिए निकल गए। रात करीब 10 बजे घर वालों से आखिरी बार बात हुई, इसके बाद फोन बंद हो गया। टोल प्लाजा तक दिखी पिकअप
परिजनों ने संपर्क न होने पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने कॉल डिटेल के आधार पर जांच शुरू की। CCTV फुटेज में लोडर टोल प्लाजा तक दिखाई दिया, लेकिन उसके बाद कोई जानकारी नहीं मिली। जांच में सामने आया कि दोनों को लोडर सहित शामली ले जाया गया था। गन्ने के खेत में मिले शव
संभल और शामली पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। पुलिस ने कॉल डिटेल के आधार पर जांच शुरू की और मनोज तक पहुंची। मनोज को पुलिस ने मुठभेड़ में पकड़ लिया। मनोज ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल किया है। उसने नरेश और भीमसेन की हत्या की बात कबूली। यह भी बताया कि शवों को फेंक दिया गया है। कहां फेंका गया है, यह नहीं बता पा रहा था। मंगलवार शाम करीब 6 बजे गन्ने के खेत से दोनों के शव बरामद किए गए। शवों के हाथ बंधे हुए थे। शव क्षत-विक्षत हालत में थे, जिससे पहचान में भी दिक्कत आई। बुधवार को सुबह शव गांव पहुंचे तो घर वालों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। भिरावटी चौराहे पर दोनों के शव रखकर जाम लगा दिया। करीब तीन घंटे तक जाम लगा रहा। इस दौरान पुलिस से लोगों की झड़प भी हुई। ग्रामीण आरोपियों की गिरफ्तारी और सरकारी मुआवजे की मांग कर रहे थे। नरेश की पत्नी ने सीओ से बरामदगी की गुहार लगाई थी
नरेश की पत्नी गीता ने सीओ बहजोई डॉ. प्रदीप कुमार को प्रार्थना पत्र देकर पति और बेटे की सकुशल बरामदगी की मांग की थी। सोमवार को कई गांवों के लोग एसपी कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने जल्द कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। भारी पुलिस बल तैनात, अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
लोगों के गुस्से को देखते हुए धनारी, बहजोई, जुनावई और गुन्नौर थानों की पुलिस के साथ PAC और RRF तैनात की गई। सीओ गुन्नौर आलोक सिद्धू, सीओ बहजोई डॉ. प्रदीप कुमार, एडीएम प्रदीप वर्मा और एसडीएम गुन्नौर अवधेश कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर स्थिति को संभाला। इसके बाद परिजन शवों को अंतिम संस्कार के लिए ले गए। ASP बोले- लूट के लिए हत्या की गई
ASP कुलदीप सिंह ने बताया, गाड़ी लूटने के लिए पिता-पुत्र की हत्या की गई थी। संभल में थाना कैलादेवी क्षेत्र के रहने वाले दो सगे भाई संतोष और अरविंद इस घटना में फरार हैं। इन दोनों के पिता की 2021 में मौत हुई थी। उसकी भी काफी क्रिमिनल हिस्ट्री है। संतोष की उम्र लगभग 30 साल और अरविंद की उम्र लगभग 24 साल है। दोनों को जल्द पकड़ा जाएगा। मनोज को मुठभेड़ में पकड़ा गया है। उसके पैर में गोली लगी है। उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। वह बदायूं का रहने वाला है। विधायक ने दी आर्थिक मदद
समाजवादी पार्टी के विधायक राम खिलाड़ी यादव भी मौके पर पहुंचे। प्रशासन के साथ बातचीत के बाद विधायक ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया और अपनी तरफ से 1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जिम्मेदार अधिकारियों पर जवाबदेही तय करने की मांग की। विधायक ने कहा, 2 अप्रैल को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। पुलिस की लापरवाही के कारण पिता-पुत्र की जान गई। उन्होंने दुख जताते हुए कहा, देरी से शव मिलने के कारण उनकी स्थिति बहुत खराब हो गई थी। विधायक ने मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, प्रदेश में गरीब और आम लोग सुरक्षित नहीं हैं और उन्हें न्याय के लिए भटकना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री से मांग है कि पीड़ित परिवारों को प्रति व्यक्ति 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। ---------------------------- यह खबर भी पढ़ें… दोस्तों ने किशोर की हत्या कर दफनाया शव:छोटे भाई के साथ कुकर्म की तस्वीरें देख ली थीं, बोरी में भरकर घर ले गए शव
जालौन में दो दोस्तों ने दोस्त की हत्या करके उसका शव पशुबाड़े में दफना दिया। मरने वाले किशोर ने आरोपियों के फोन पर छोटे भाई के साथ कुकर्म की तस्वीरें देख ली थीं, जिसके बाद सिर पर बोतल मारकर उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने फोन की लोकेशन ट्रेस करके मंगलवार रात को दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। पशुबाड़े की मिट्टी हटाकर बोरे में बंद शव बरामद किया गया। गांव में बवाल की आशंका पर चार थानों की पुलिस और PAC तैनात की गई है। पढ़ें पूरी खबर…
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