विधानसभा और पटना सिविल कोर्ट को उड़ाने की दी धमकी
विधानसभा और पटना सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। विधानसभा के सचिव को शुक्रवार सुबह 9 बजकर 36 मिनट 33 सेकंड पर, जबकि जिला जज को 9 बजकर 38 मिनट 57 सेकंड पर मेल आया। दोनों को neeraj_gandhi@outlook.com से मेल भेजा गया है। भाषा एक ही है और कंटेंट कट-पेस्ट किया गया है। मेल मिलने के बाद सिविल कोर्ट और विधानसभा में हड़कंप मच गया। बम निरोधी दस्ता, डॉग स्क्वायड और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। दोनों परिसरों में तीन घंटे तक सर्च ऑपरेशन चला। आने वाले लोगों की तलाशी ली गई, लेकिन कहीं कुछ नहीं मिला। कोर्ट में अदालती काम नहीं रुका। पटना सिविल कोर्ट मामले में पीरबहोर, जबकि विधानसभा के मामले में सचिवालय थाने में केस दर्ज किया गया है। मेल में यह लिखा था सिविल कोर्ट: "पवित्र इस्लामी शुक्रवार, एंटी-क्राइस्ट का संदेश: 13 आरडीएक्स आईईडी जिनमें साइनाइड गैस मिलाई गई है, ठीक दोपहर 2:15 बजे आपकी अदालत की इमारत में धमाका करेंगे। धमाके से पहले सभी जजों/आम लोगों को वहां से हटा दें।" विधानसभा: "इस्लामी शुक्रवार, एंटी-क्राइस्ट का संदेश: बिहार विधानसभा भवन में 2:15 बजे साइनाइड गैस के साथ मिलाए गए 13 आरडीएक्स आईईडी धमाके के लिए तैयार हैं। धमाके से पहले सभी विधायकों/आम जनता को वहां से तुरंत निकालें।" मेल का मजमून मेल भेजने वाले ने खुद को 'तमिल लिबरेशन ऑर्गेनाइजेशन' का बताया है। इसमें तमिलनाडु के साथनकुलम कस्टोडियल डेथ मामले का जिक्र करते हुए पुलिसकर्मियों को दी गई सजा का विरोध किया गया है। लिखा है कि असली दोषी राजनीतिक आका और आईपीएस अधिकारी हैं। यह धमाका चेन्नई और पूरे भारत में पुलिस सुधार लाने और 1979 की नैनार दास पुलिस कांस्टेबल यूनियन की सिफारिशों को लागू कराने के लिए एक सबक होगा। 1100 केस का आरोपी पकड़ा गया, पुलिस ने नहीं ली रिमांड पटना सिविल कोर्ट, हाईकोर्ट समेत कई अदालतों, एयरपोर्ट, शैक्षणिक संस्थानों और ट्रेन को उड़ाने की धमकी देने वाले कुख्यात श्रीनिवास लुईस को दिल्ली साइबर पुलिस ने 30 मार्च को मैसूर से गिरफ्तार किया था। लेकिन पटना पुलिस ने उसे अब तक रिमांड पर नहीं लिया है। नोट: एक ही आईडी से 2 मिनट 44 सेकंड के अंतराल पर मेल भेजे गए। दोनों का कंटेंट और उड़ाने की धमकी की टाइमिंग एक ही थी।
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