आज सुबह के मुख्य समाचार पत्र ✉ *जिला चम्बा में भारी बारिश के कारण कल 25 अगस्त सोमवार को बंद रहेंगे सभी स्कूल और शिक्षण संस्थान, उपायुक्त मुकेश रेप्सवाल ने दी जानकारी, 26 अगस्त के लिए कल प्रशासन करेगा रिव्यू*

Aug 25, 2025 - 10:06
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आज सुबह के मुख्य समाचार पत्र ✉ *जिला चम्बा में भारी बारिश के कारण कल 25 अगस्त सोमवार को बंद रहेंगे सभी स्कूल और शिक्षण संस्थान, उपायुक्त मुकेश रेप्सवाल ने दी जानकारी, 26 अगस्त के लिए कल प्रशासन करेगा रिव्यू*

: *सवाल-जवाब से चढ़ेगा सदन का पारा, विधानसभा में गहमागहमी के आसार, इन मुद्दों पर होगी चर्चा* 

प्रदेश विधानसभा में इस सप्ताह खूब हंगामा होने के आसार है। सत्तापक्ष की तरफ से आपदा पर लाई चर्चा के जवाब में जिस तरह से राजस्व मंत्री ने माहौल को गर्म किया है, उसका जवाब विपक्ष भी देगा। हालांकि सोमवार को विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर समेत कई विपक्षी विधायक सदन में मौजूद नहीं होंगे, क्योंकि उनका ऊना में कोई पार्टी का कार्यक्रम है। ऐसे में जो विधायक सदन में होंगे, वे आपदा पर चर्चा के दौरान सामने आई बातों पर हल्ला बोलेंगे। वहीं, दूसरी तरफ सत्तापक्ष इस सप्ताह कुछ विधेयकों को सदन में पेश करेगा, जिसमें राजस्व विभाग और विश्वविद्यालयों से संबंधित विधेयक महत्त्वपूर्ण हैं। बताया जा रहा है कि इन विधेयकों के जरिए सरकार सभी विश्वविद्यालयों में कुलपति नियुक्ति को लेकर कुछ बदलाव करना चाहती है। कैबिनेट में इस पर चर्चा हो चुकी है। अब देखना होगा कि विधानसभा में किस रूप में ये विधेयक आते हैं और यहां क्या होता है। इसके अलावा सदन में पहले सप्ताह की बात करें, तो इसमें कई मुद्दों पर हंगामा हो चुका है। विपक्ष ने अपने तीखे तेवर दिखाए हैं, वहीं सत्तापक्ष ने भी जवाबी हमला किया है।

सबसे पहले मुख्यमंत्री ने फ्रंटफुट पर खेलते हुए आपदा पर चर्चा को नियम 130 की बजाय विपक्ष के कहने पर ही नियम 67 में करवा दिया, जिससे विपक्ष बैकफुट पर दिखा। इसके बाद विपक्ष भी हमलावर हुआ और कर्मचारियों के डीए, युवाओं को रोजगार, ट्रेनी भर्ती जैसे मामलों में उसने जमकर हमला बोला। हालांकि सत्तापक्ष ने इसका पूरा जवाब दिया। इसके अलावा हिमाचल निर्माता डा. यशवंत सिंह परमार को भारत रत्न देने के संकल्प पर भी यहां चर्चा हुई है, जो कि एक ऐतिहासिक कदम है। मानसून सत्र के दौरान कई मुद्दे अभी भी गौण हैं जिनपर विपक्ष इस सप्ताह में सरकार पर वार करेगा। विपक्ष ने सडक़ों की खस्ता हालत के मामले पहले ही उठाए हैं, जिसके बाद अब स्वास्थ्य संस्थानों और शिक्षण संस्थानों के मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

दोनों दलों की बैठक नहीं

आज दोनों ही पार्टियों के विधायक दलों की बैठकें नहीं होंगी, क्योंकि भाजपा के कई विधायक यहां पर नहीं होंगे और वैसे भी सदन की कार्यवाही दोपहर में शुरू होगी। ऐसे में दूरदराज से यहां पहुंचने में विधायकों को समय लगेगा। विधानसभा अध्यक्ष भी दिल्ली में हैं, जो कि दोपहर में ही पहुंचेंगे।

आज इन मुद्दों पर चर्चा

सदन में सोमवार की कार्यवाही की बात करें, तो यहां पर लोक निर्माण, एचपीएमसी, जलशक्ति व बागबानी विभाग से जुड़े सवाल उठेंगे। वहीं मणिमहेश यात्रा में प्रसाद योजना को लागू करने पर चर्चा लाई जाएगी। साथ ही पेखवाला परियोजना से खेती और प्राकृतिक खेती को लेकर विधायक चर्चा लाएंगे।

जगत नेगी से नाराजगी

एक मामला आपदा पर आई चर्चा में राजस्व मंत्री ने उठाया था, जिस पर विपक्ष नाराज है। माना जा रहा था कि सोमवार को इस पर बात होगी, लेकिन विपक्ष के नेता यहां नहीं होंगे। ऐसे में मंगलवार को जमकर हंगामा हो सकता है। विपक्षी दल ने राजस्व मंत्री का पूरी तरह से बहिष्कार करने का ऐलान किया है।

आज आएगी कैंपा फंड की कैग रिपोर्ट

दो दिन ब्रेक के बाद दो बजे शुरू होगी सदन की कार्यवाही

राज्य ब्यूरो प्रमुख — शिमला

हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र दो दिन की ब्रेक के बाद सोमवार दोपहर बाद शुरू हो रहा है। 2:00 बजे से सदन की कार्यवाही चलेगी और सबसे पहले प्रश्नकाल होगा। इस दौरान राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी बनाम जयराम ठाकुर को लेकर जो तनाव सदन में चल रहा है, उस पर टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है। मंत्री जगत सिंह नेगी ने आपदा पर लाई चर्चा का जवाब सदन में दिया था, लेकिन पूर्व घोषणा के तहत भाजपा विधायक दल सदन से बाहर चला गया था। इसके बाद राजस्व मंत्री की कुछ शब्दों पर भाजपा विधायक दल हंगामा कर सकता है। नई बात यह है कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश में प्रतिपूरक वनीकरण पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट विधानसभा में रखेगी। यह रिपोर्ट कैंपा फंड के इस्तेमाल पर है, जिसे मुख्यमंत्री सदन के पटल पर रखेंगे। यह रिपोर्ट कैग ने काफी पहले दे दी थी, लेकिन विधानसभा में रखने में देरी हुई है। इसके अलावा भाजपा विधायक डा. जनक राज मणिमहेश यात्रा को प्रसाद योजना में सम्मिलित करने के लिए ध्यान आकर्षण प्रस्ताव लाएंगे।

नियम 63 के तहत अल्पकालिक चर्चा भाजपा विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर ने मांगी है, जिसमें पेखुवाला परियोजना को कृषि व्यवस्था में हरित क्रांति के रूप में सिंचाई सुविधाओं, उन्नत बीजों, कृषि उत्पादन में वृद्धि और किसानों की आय बढ़ाने में इस्तेमाल की चर्चा की जाएगी। भाजपा विधायक जीतराम कटवाल ने नियम 130 के तहत प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सुदृढ़ एवं कारगर नीति तैयार करने पर सदन से विचार करने का आग्रह किया है। इसी के साथ इसी नियम में भाजपा विधायकों विपिन सिंह परमार, इंद्रदत्त लखनपाल और जनक राज हिमाचल में उत्कृष्ट स्वास्थ्य संस्थानों एवं स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर चर्चा सदन में चाहते हैं। विधानसभा की समितियां के प्रतिवेदन भी सोमवार को सदन में रखे जाएंगे। हालांकि राज्य सरकार की ओर से कोई भी नया विधेयक सोमवार को प्रस्तावित नहीं किया गया है।

: *हिमाचल में मॉनसून का रौद्र रूप; डलहौजी में बादल फटने-कुल्लू में फ्लैश फ्लड ने मचाई भारी तबाही* 

डलहौजी में बादल फटा; कुल्लू में फ्लैश फ्लड, छह की मौत

चंबा जाने के सारे रास्ते बंद; आज ऊना, चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जिला में सारे शैक्षणिक संस्थान बंद

हिमाचल में मानसून ने रविवार को फिर रूद्र रूप दिखाया और चंबा के डलहौजी में बादल फटने और कुल्लू में फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है। बरसात के चलते पिछले 24 घंटों में राज्य में छह और लोगों की मौत हुई है, जिसके बाद मौतों का कुल आंकड़ा 304 पर पहुंच गया है। भारी बरसात और भू-स्खलन के चलते चंबा और कांगड़ा में एक-एक, मंडी में तीन और सिरमौर में एक व्यक्ति की मौत हुई है। इसके साथ घायलों का आंकड़ा 360 पर पहुंच गया है। राज्य में रविवार शाम तक 482 सडक़ें आवाजाही के लिए बंद पड़ी थीं, वहीं दो एनएच भी बंद हैं। प्रदेश को मानसून से कुल नुकसान की बात करें, तो यह आंकड़ा 2348 करोड़ तक पहुंच गया है। इसके अलावा 941 ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं, वहीं पेयजल की 95 योजनाएं बाधित हैं। चंबा जिला के डलहौजी के तलाई में सुबह दस बजे के करीब बादल फटा। बादल फटने के बाद आए फ्लैश फ्लड में रेन शेल्टर और एक भवन बह गया है। फ्लैश फ्लड का पानी गुनियाला गांव में पहुंचने पर गाडिय़ों और ट्रांसफार्मर को भी नुकसान पहुंचने की सूचना है। यहां पर कई सडक़ें बाधित हुई हैं, जिनमें पठानकोट-चंबा एनएच, बनीखेत-डलहौजी-खजियार वाया लक्कड़ मंडी, चंबा-खजियार वाया गेट, चंबा-भरमौर एनएच, चंबा-होली, तुनुहट्टी-लाहडू-चुवाड़ी, शाहपुर-सिंहूता-लाहडू रोड, चंबा-भटियात वाया जोत, बनीखेत-डलहौजी, चंबा-सलूणी, चंबा- तिस्सा व चंबा-पांगी वाया साच सडक़ बंद हो गई है।

कुल्लू जिला में भुंतर की बशौणा पंचायत के बशौणा नाला में रविवार को फ्लैश फ्लड आया, जिससे यहां पर नाले का मलबा लोगों के खेतों में घुस गया। मलबे के खेतों में घुसने से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। प्रदेश के कांगड़ा, ऊना, मंडी, सिरमौर और सोलन जिला में भी कई स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। कांगड़ा जिला के इंदौर उपमंडल में भारी बारिश और पौंग डैम से छोड़े गए पानी में दस मकान गिरा दिए और 100 से ज्यादा घरों और दुकानों में पानी घुस गया है। भारी बारिश के अलर्ट के बीच सोमवार को ऊना, चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जिला में सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। भारी बारिश के चलते ट्रांसफार्मर ठप पड़ जाने से आधे मंडी जिला और कुल्लू के 70 गांवों में अंधेरा पसरा हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक सामान्य से 16 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है और 30 अगस्त तक आसमानी आफत से कोई ज्यादा राहत नहीं मिलने वाली है।

: *हिमाचल में भारी बारिश का यलो अलर्ट, इन जिलों के लिए बड़ी चेतावनी, जानिए अपने यहां का हाल* 

पांच जिलों में हुई अब तक एक हजार मिलीमीटर से ज्यादा बारिश

हिमाचल प्रदेश में मॉनसून का मिजाज लगातार बदलता जा रहा है। रोजाना मौसम विभाग जो अलर्ट जारी कर रहा है उसमें भी बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जिन जिलों के लिए मौसम विभाग ने 27 अगस्त तक ग्रीन सिग्रल देकर किसी तरह की कोई चेतावनी नहीं दी थी वहां पर भी अब यलो अलर्ट दे दिया गया है। लगभग सभी क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 30 अगस्त तक हिमाचल का मौसम यूं ही खराब रहने वाला है। बताया जाता है कि अभी तक प्रदेश के 5 जिलों में एक हजार मिलीमीटर से अधिक बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। प्रदेश के कांगड़ा, हमीरपुर, मंडी, सिरमौर और ऊना में एक हजार मिलीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। अभी तक समूचे प्रदेश में सामान्य से 16 प्रतिशत अधिक वर्षा हो चुकी है।

मौसम विज्ञान केन्द्र के मुताबिक अभी तक प्रदेश के कांगड़ा, हमीरपुर, मंडी, सिरमौर और ऊना में एक हजार मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई है। मंडी में सबसे ज्यादा बारिश हुई है। यहां पर 1381.7 मिलीमीटर बारिश हुई है। जो सामान्य से 55 प्रतिशत अधिक दर्ज की गई है जबकि यहां पर उक्त अवधि के दौरान सामान्य बारिश 893.4 मिलीमीटर होती है। इसके अलावा कांगड़ा में 1353.9, हमीरपुर में 1002.6, सिरमौर में 1138.0 और ऊना में 1122.6 मिलीमीटर वर्षा बारिश हुई है। मौसम विभाग की तरफ से रविवार की रात में कई जिलों में अत्यधिक बारिश होने की बात कही गई है। रविवार शाम को आए पूर्वानुमान के अनुसार रात में 12 घंटों तक कई स्थानों के लिए अत्यधिक बारिश की चेतावनी जारी है। इनमें बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन व ऊना जिलों के लिए यह चेतावनी जारी की गई है।

मौजूदा मानसून सीजन की बात करें तो प्रदेश के चंबा व लाहौल स्पीति को छोडक़र शेष जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। चंबा में सामान्य से 4 और लाहौल स्पीति में 65 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इसके अलावा शेष जिलों में बादल जमकर बरसे हंै। प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों के साथ मैदानी इलाकों में भी जमकर बारिश हुई है। समूचे राज्य में अभी तक 662.3 मिलीमीटर बारिश आंकी जा रही है। जबकि इस अवधि के दौरान सामान्य बारिश 571.4 मिलीमीटर बारिश होती है। प्रदेश में सामान्य से 16 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। जिला शिमला में सबसे ज्यादा बादल बरसे हैं। अगर प्रतिशता की बात की जाए तो यहां पर सामान्य से 76 प्रतिशत अधिक बारिश आंकी गई है। जो प्रतिशता समूचे राज्य में सबसे ज्यादा आंकी गई है। जिला शिमला में अभी तक 853.2 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। जबकि शिमला में 486.0 मिलीमीटर बारिश होती है। कुल्लू में सामान्य से 56, मंडी में 55, ऊना में 51 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। फिलहाल मौसम विभाग ने 25 अगस्त के लिए ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा जिलों के कुछ स्थानों पर भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं 26 अगस्त को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा के साथ मंडी, शिमला व सिरमौर जिलों में यलो अलर्ट दिया है। यहां अधिकांश स्थानों पर भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। राज्य में 30 अगस्त तक मौसम यूं ही खराब रहेगा और मॉनसून जमकर बरसेगा।

रविवार की बात करें तो हमीरपुर, चंबा, कागड़ा व मंडी में ऑरेंज अलर्ट था जिसके अनुसार यहां पर कई स्थानों पर जमकर बारिश हुई है। वहीं चंबा में बादल फटने की घटना घटी जहां पर बड़ा नुकसान हुआ बताया जा रहा है। पंडोह, कसौली, मंडी,करसेाग,जोगिन्द्रनगर, नादौन, सुन्नी,धर्मपुर, चंबा, कांगड़ा व कई दूसरे स्थानों पर काफी ज्यादा बारिश हुई बताई जा रही है। राजधानी शिमला की बात करें तो यहां पर दोपहर तक मौसम ठीक था और लेकिन दोपहर बाद यहां मौसम खराब हो गया और कुछ देर के लिए हलकी बारिश भी हुई।

: *सुपर फ्रेंडली महिला से रहें सावधान, शातिर अश्लील वीडियो वायरल करने के नाम पर करते हैं ब्लैकमेल* 

सोशल मीडिया पर वीडियो चैट, शातिर फिर करते हैं ब्लैकमेल

सेक्सटॉर्शन के बढ़ रहे मामले, सोशल मीडिया पर रहें सावधान

साईबर सेल ने सेक्सटॉर्शन के मामलों को लेकर जारी एडवाइजरी

शातिर अश्लील वीडियो वायरल करने के नाम पर करते हैं ब्लैकमेल

सोशल मीडिया पर उस सुपर फ्रेंडली महिला से सावधान रहें जिससे आप इंस्टाग्राम, टिंडर, फेसबुक पर मिलते हैं। वह एक गिरोह की सदस्य हो सकती है जो पूरे उत्तर भारत में लोगों को स्पष्ट यौन स्थितियों में लक्षित करती है और फिर पैसे की मांग करती है। ताकि उन्हें सार्वजनिक प्लेटफार्मों पर उजागर न किया जा सके। सेक्सटॉर्शन के अधिकतर मामलों में अधिकांश पीडि़त पुलिस से संपर्क भी नहीं करते हैं, शातिरों से मांगी हुई राशि का भुगतान कर देते हैं। ज्यादातर मामलों में, जबकि एक महिला अक्सर स्पष्ट वीडियो कॉल में शामिल होती है, वास्तव में पुरुष गतिविधि के पीछे होते हैं, हालांकि महिलाएं कुछ घटनाओं में शामिल होती हैं। इस तरह के मामलों में यह जांचना शामिल है कि संभावित पीडि़त को कौन से पेज पसंद हैं और फिर सोशल मीडिया पर उससे संपर्क करना है। एक बार कनेक्शन हो जाने के बाद, वीडियो चैट के लिए जोर दिया जाता है। कई बार, महिला गिरोह की सदस्य प्रतिभागी होती हैं, हालांकि ज्यादातर मामलों में पुरुष चैट के दौरान अपनी पहचान छिपाने के लिए सॉफ्टवेयर और एप्लिकेशन का उपयोग करते हैं।

उसके बाद वह अभद्र बातचीत शुरू करते हैं। यहां तक कि अगर पीडि़त उसी तरह से प्रतिक्रिया नहीं देते हैं, तो स्क्रीनशॉट को यह दिखाने के लिए मॉर्फ किया जाता है कि वे भद्दी हरकतों का हिस्सा हैं। ठग पीडि़त को धमकी देने के बाद भुगतान करने के लिए ब्लैकमेल करते हैं कि अश्लील वीडियो का स्क्रीनशॉट परिवार और दोस्तों को भेज दिया जाएगा। आमतौर पर यदि कोई पीडि़त एक बार भुगतान करता है, तो वह फिर से भुगतान करेगा। सामान्य लक्ष्य आर्थिक रूप से सक्षम मध्यम आयु वर्ग के पुरुष हैं। आरोपी एक छोटी राशि की मांग के साथ शुरू करते हैं, जैसे कि 10000 रुपये और इसे धीरे-धीरे बढ़ाते हैं। सेक्सटॉर्शन के बढ़ रहे मामलों को लेकर साइबर सेल शिमला ने एडवाइजरी की है। डीआईजी साइबर क्राइम मोहित चावला ने बताया कि पंजीकृत लोगों की तुलना में अधिक मामले हैं। क्योंकि शिकायतकर्ता आमतौर पर मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहतेे। सोशल मीडिया पर महिलाओं या पुरुषों द्वारा स्पष्ट वीडियो चैट के लिए लोगों से संपर्क करने और फिर ब्लैकमेल करने के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों में साइबर क्राइम वेबसाइट पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं, जहां पीडि़त की पहचान गोपनीय रहती है।

: *जल जीवन मिशन में नहीं मिला पैसा, पेमेंट फंसी, चार महीने से ज्यादा समय होने के बाद भी वेतन नहीं* 

जल जीवन मिशन के तहत केंद्र सरकार से जो पैसा आना था, वह नहीं आ सका है। बार-बार डिमांड करने के बाद भी पैसा नहीं मिलने से यहां सभी काम रुक गए हैंं। इन कार्यों के रुकने से जहां आम जनता को मिलने वाली सुविधा नहीं मिल रही है, वहीं जो कर्मचारी आउटसोर्स आधार पर यहां लगाए गए हैं, उनको चार महीने से ज्यादा हो गए हैं, अब तक वेतन की अदायगी नहीं हो सकी है। ऐसे में ये कर्मी परेशान हैं और अब सडक़ों पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं ठेकेदार, जिन्होंने जल जीवन मिशन के काम किए हैं, वे भी काम छोड़ चुके हैं, जिनको अभी तक पेमेंट नहीं हो सकी है। पेमेंट न होने से ठेकेदार भी परेशान हैं। जल जीवन मिशन में बकाया राशि की अदायगी केंद्र सरकार से नहीं होने के कारण सभी काम रुक गए हैं। हालांकि प्रदेश सरकार इंतजार कर रही है कि केंद्र सरकार जल जीवन मिशन के दूसरे चरण की घोषणा करेगी, मगर अभी तक यह घोषणा नहीं हुई है। इससे पहले जो औपचारिकताएं प्रदेश की तरफ से पूरी की जानी चाहिए थीं, वे कर ली गई हैं। हाल ही में सरकार ने ग्रामीण इलाकों में पेयजल योजनाओं का जिम्मा पंचायतों को सौंप दिया है और यह जल जीवन मिशन में एक बड़ी शर्त थी, जिसे राज्य सरकार ने पूरा कर दिया है, परंतु अभी भी केंद्र सरकार न तो दूसरे मिशन की घोषणा कर रही है और न ही प्रदेश को बकाया राशि का भुगतान कर रही है। काफी पैसा अभी केंद्र सरकार से लिया जाना है।

राज्य में कई स्थानों पर जल जीवन मिशन के जो काम आखिरी चरण में थे, वे भी छूट गए हैं, जिससे लोग भी परेशान हैं और पूछने लगे है कि आखिर ये काम क्यों नहीं हो रहे हैं। इन कार्यों को आगे क्यों नहीं बढ़ाया जा रहा है। वहीं इस पर विधानसभा में कुछ विधायकों ने सवाल भी किए हैं, जिसमें सरकार की तरफ से यही कहा गया है कि केंद्र सरकार से बकाया राशि का भुगतान किया जाना है। भुगतान न होने की वजह से पैसा नहीं दिया जा रहा है। यहां बता दें कि आउटसोर्स आधार पर जल जीवन मिशन के लिए 400 से ज्यादा डाटा एंट्री आपरेटर रखे गए थे, जिनको वेतन के लाले पड़ गए हैं। जो काम इन लोगों ने किया है, उसका मेहनताना नहीं मिल रहा है, जिससे वे परेशान हैं और अब सडक़ों पर उतरने की तैयारी में हैं। जल्द ही ये कर्मचारी भी अपनी रणनीति बनाएंगे। राज्य सरकार के पास इतने संसाधन नहीं हैं कि अपने खाते से पैसे का भुगतान करे, क्योंकि करोड़ों रुपए की राशि अभी इन ठेकेदारों को भी देनी है, जो कि नहीं दी जा सकी है। चरणबद्ध ढंग से भी अभी जल जीवन मिशन के तहत पैसा नहीं आ रहा है।

: *जंगल उगाने को मिलेंगे 100 करोड़, हिमाचल सरकार ने अधिसूचित की राजीव गांधी वन संवर्धन योजना* 

हिमाचल प्रदेश में जंगल बढ़ाने के लिए सरकार ने एक विशेष और बड़ी योजना शुरू की है। जो लोग सामुदायिक आधार पर जंगल लगाने और इनको बचाने का काम करेंगे, उनको सरकार इसकी एवज में पैसा देगी। इसके लिए सरकार ने 100 करोड़ रुपए की राशि रखी है, जिसमें से इस वित्त वर्ष में 20 करोड़ रुपए की राशि प्रदान की जाएगी। यह पैसा कैंपा फंड से दिया जाएगा, जिसका एक और उपयोग सरकार करने जा रही है। पहले साल में 1500 हेक्टेयर एरिया में पौधे लगाने होंगे और उन पौधों का संरक्षण करना होगा। पौधों की सर्वाइवल रेट पर ही लोगों को पैसा दिया जाएगा। वन विभाग ने इस योजना को अधिसूचित कर दिया है। सामुदायिक संगठनों को पहले 50 फीसदी की राशि पौधे लगाने तक दी जाएगी, जिसके बाद दूसरी किस्त प्लांटेशन पूरी होने और वन विभाग की वेरिफिकेशन के बाद मिलेगी। राजीव गांधी वन संवर्धन योजना के तहत वैज्ञानिक ढंग से वृक्षारोपण होगा।

योजना के लिए उपयुक्त स्थल चयन की प्रक्रिया संरचित ढंग से की जाएगी। प्रत्येक प्रभागीय वन अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र में बंजर, क्षतिग्रस्त वन क्षेत्रों की सूची तैयार कर प्रस्तुत करेंगे। राजीव गांधी वन संवर्धन योजना के अंतर्गत पौधारोपण कार्यों की प्रगति और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग ने विस्तृत प्रावधान तय किए हैं। पौधों की जीवित रहने की स्थिति सर्वाइवल वेरिफिकेशन का निरीक्षण फॉरेस्ट गार्ड, रेंज ऑफिसर और प्रभागीय वन अधिकारी द्वारा शारीरिक जांच और फोटोग्राफिक साक्ष्यों के माध्यम से की जाएगी।जहां पर पौधारोपण किया गया है वहां की जियोटेगिंग होंगी और डिजिटल रूप से इनको मॉनिटर किया जाएगा।

सर्वाइवल पर मिलेगा पैसा

पहले साल में 50 फीसदी से अधिक तक पौधे के जीवित रहने की दर सामने आती है, तो दो हेक्टेयर जमीन पर इन्सेंटिव के रूप में एक लाख की राशि सामुदायिक समूह को दी जाएगी। यदि सर्वाइवल 45 से 50 फीसदी तक रहता है, तो 80 हजार रुपए मिलेंगे, वहीं 35 से 45 फीसदी सरवाइवल पर 60 हजार रुपए की राशि प्रदान की जाएगी। दूसरे साल में 50 फीसदी से ज्यादा पौधे जीवित रहते हैं, तो एक लाख रुपए की राशि उसी सामुदायिक समूह को मिलेगी जो उसकी देखरेख कर रहा है। इसी तरह से दूसरे साल में पौधे की जीवित दर 45 से 50 फीसदी होगी तो 80 हजार रुपए मिलेंगे वहीं 35 से 45 फीसदी जीवित दर पर 60 हजार मिलेंगे। तीसरे साल में 50 फीसदी से ज्यादा पौधे की जीवित दर पर एक लाख की राशि, 45 से 50 पर 80 हजार रुपए और 35 से 45 पर 60 हजार रुपए की राशि मिलेगी। चौधे साल में पौधे की जीवित दर 50 फीसदी ज्यादा रहने पर एक लाख 45 से 50 फीसदी पर 90 हजार, 35 से 45 पर 80 हजार की राशि बतौर इंसेंटिव प्रदान की जाएगी। इसी तरह से पांचवें साल में पौधे की जीवित दर पर चौथे साल की तरह ही एक लाख से लेकर 80 हजार तक की राशि देने का प्रावधान किया गया है।

कामियों पर कार्रवाई

प्लांट वेरिफिकेशन में यदि किसी तरह की कोई खामी पाई जाती है या फिर फंड का दुरुपयोग पाया जाता है, तो विभागीय नीतियों के तहत कार्रवाई की जाएगी। विभाग के कंजरवेटर और डीएफओ को संबंधित सामुदायिक समूह पर कार्रवाई करने को अधिकृत किया गया है। जो अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार होंगे, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। किसी भी स्थल पर किसी सामुदायिक समूह का मालिकाना हक नहीं होगा। सभी तरह के विवादों को डीएफओ स्तर पर हल करने का मेकेनिज्म स्थापित होगा।

: *भारत के ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में जीता गोल्ड मेडल* 

50 मीटर राइफल थ्री-पोजीशन स्पर्धा में चीन के खिलाड़ी को हराकर कब्जाया पदक

एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप 2025 में रविवार को भारत के ऐश्वर्या प्रताप ङ्क्षसह तोमर ने पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। रविवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में ऐश्वर्य प्रताप ङ्क्षसह तोमर ने चीन के झाओ वेन्यू (462.0) को पछाड़ कर 462.5 अंक हासिल कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। ऐश्वर्य का इसी स्पर्धा में यह दूसरा एशियाई खिताब है।

इससे पहले उन्होंने 2023 में भी स्वर्ण पदक जीता था। अखिल श्योराण ने भी इस साल फाइनल में जगह बनाई थी, लेकिन पांचवें स्थान पर रहे, जबकि एक अन्य भारतीय निशानेबाज चैन ङ्क्षसह चौथे स्थान पर रहे। जापान के नाओया ओकाडा ने कांस्य पदक जीता। ऐश्वर्य तोमर, चैन ङ्क्षसह और अखिल श्योराण की तिकड़ी ने टीम स्पर्धा में 1747 अंकों के साथ रजत पदक भी जीता।

: *पाक-बांग्लादेश के बीच छह समझौते, बिना वीजा के एक-दूसरे के देश जा सकेंगे डिप्लोमेट्स* 

शिक्षा-कारोबार में मजबूती को नॉलेज कॉरिडोर शुरू, बिना वीजा के एक-दूसरे के देश जा सकेंगे डिप्लोमेट्स

बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद से पाकिस्तान लगातार मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के साथ मिलकर नए-नए प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। पाकिस्तान शिक्षा व्यवस्था खुद चौपट हो चुकी है, वह अब बांग्लादेश के छात्रों को शिक्षा मुहैया करना की बात कर रहा है। दोनों देशों ने शिक्षा और बिजनेस के क्षेत्र को मजबूत करने के लिए पाकिस्तान-बांग्लादेश नॉलेज कॉरिडोर की शुरुआत की है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट कर यह जानकारी दी। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के अनुसार इस प्रोजेक्ट के तहत अगल पांच सालों के दौरान पाकिस्तान में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए बांग्लादेशी छात्रों को स्कॉलरशिप दी जाएगी। इसके अलावा अगले पांच सालों के दौरान 100 से अधिक बांग्लादेशी प्रशासनिक अधिकारियों के लिए ट्रेनिंग की व्यवस्था करने की बात कही गई है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार दो दिवसीय यात्रा पर शनिवार को ढाका पहुंचे।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान तकनीकी सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत बांग्लादेशी छात्रों को आबंटित होने वाले स्कॉलरशिप की संख्या भी पांच से बढ़ाकर 25 करने का निर्णय लिया है। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने शुक्रवार (22 अगस्त 2025) को कहा था कि इन बैठकों के दौरान द्विपक्षीय संबंधों, कई क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के अनुसार बांग्लादेश और उनके देश के बीच छह समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। इनमें राजनयिक और आधिकारिक पासपोर्ट धारकों के लिए फ्री-वीजा एंट्री, दोनों देशों की विदेश सेवा अकादमी के बीच समझौता ज्ञापन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम शामिल है।

: *राहुल के समर्थन में आए राज ठाकरे, बोले, वोट चोरी नया मुद्दा नहीं, 2014 से हो रही गड़बड़* 

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ वाले आरोपों का समर्थन किया है। पुणे में पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में राज ठाकरे ने कहा कि वोटिंग में गड़बड़ का मुद्दा नया नहीं है। उन्होंने दावा किया कि इस बारे में उन्होंने साल 2016-17 में ही चेतावनी दी थी। राज ठाकरे ने कहा कि उस समय उन्होंने शरद पवार, सोनिया गांधी और ममता बनर्जी से मुलाकात की थी। यहां तक कि प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की गई थी, लेकिन विपक्ष ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। ठाकरे बोले- मैंने तब कहा था कि लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करो।

इससे यह मुद्दा दुनिया भर में सुर्खियां बनता और अंतरराष्ट्रीय दबाव बनता, लेकिन सभी पीछे हट गए। आज राहुल गांधी ने इस मुद्दे को फिर उठाया है। लोग वोट डाल रहे हैं, लेकिन वोट उम्मीदवारों तक नहीं पहुंच रहे, वेचोरी हो रहे हैं। मनसे प्रमुख ने आगे कहा कि 2014 से अब तक सरकारें इसी चुनावी गड़बड़ का फायदा उठाकर बनी हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को आगाह किया कि वोटर लिस्ट पर गहराई से काम किया जाए।

: *इसरो की गौरव गाथा पढ़ेंगे बच्चे, चंद्रयान-गगनयान की सफलता एनसीईआरटी मॉड्यूल में शामिल* 

स्कूली बच्चे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की गौरव गाथा पढ़ेंगे। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने 1960 के दशक में साइकिल और बैलगाड़ी पर रॉकेट ले जाने से लेकर चंद्रयान और गगनयान की सफलता को अपने नए मॉड्यूल में शामिल किया है। इसरो के ऐतिहासिक अंतरिक्ष अभियान और वैश्विक अंतरिक्ष शक्तियों में भारत का उदय अब एनसीईआरटी के विशेष मॉड्यूल का हिस्सा है। इससे पहले राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को मॉड्यूल में शामिल किया था। ‘भारत-एक उभरती हुई अंतरिक्ष शक्ति’ शीर्षक वाले दो मॉड्यूल इस बात पर प्रकाश डालते हैं कि कैसे 1962 में विक्रम साराभाई के नेतृत्व में स्थापित भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान समिति भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के रूप में विकसित हुई, जिसने आगे चलकर ऐसी उपलब्धियां हासिल कीं, जिन्होंने भारत को अग्रणी अंतरिक्ष यात्रा करने वाले देशों में शामिल कर दिया। मॉड्यूल में लिखा है कि भारत का पहला रॉकेट इतना छोटा और हल्का था कि उसके पुर्जे साइकिल और बैलगाड़ी पर ले जाए गए थे।

एनसीईआरटी ने जो दो मॉड्यूल जारी किए गए हैं, उनमें से एक मध्य स्तर के छात्रों के लिए और दूसरा माध्यमिक स्तर के छात्रों के लिए है। भारत के अंतरिक्ष यात्रियों, स्क्वाड्रन लीडर राकेश शर्मा, जो 1984 में सोवियत मिशन पर अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले पहले भारतीय बने और ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, जो जून 2025 में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर रहने वाले पहले भारतीय बने, दोनों को मॉड्यूल में शामिल किया गया है। मॉड्यूल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक उद्धरण भी शामिल है, जिसमें कहा गया है कि अंतरिक्ष दूर लग सकता है, लेकिन यह हमारे दैनिक जीवन का एक अभिन्न अंग है। यह हमारे आधुनिक संचार का आधार है और दूर-दराज के परिवारों को भी आम लोगों से जोड़ता है। भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम पैमाने, गति और कौशल के हमारे दृष्टिकोण का एक आदर्श उदाहरण है।

: *प्रदेश में 482 सडक़ों पर यातायात बंद, दो नेशनल हाई-वे बाधित, मानसून में 303 पहुंचा मौत का आंकड़ा* 

प्रदेश में मानसून रौद्र रूप दिखा रहा है। मानसून में मौत का आंकड़ा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले 24 घंटों की बात करें, तो राज्य में पांच और लोगों की मौत हुई है, जिसके बाद मौत का आंकड़ा 303 पर पहुंच गया है। चंबा में एक, मंडी में तीन और सिरमौर में एक व्यक्ति की मौत हुई है। इसके साथ घायलों का आंकड़ा 360 पर पहुंच गया है। राज्य में रविवार शाम तक 482 सडक़ें आवाजाही के लिए बंद पड़ी हैं। वहीं दो नेशनल हाई-वे भी बंद हैं। प्रदेश को मानसून से कुल नुकसान की बात करें, तो यह आंकड़ा 2348 करोड़ तक पहुंच गया है। चंबा में बादल फटने से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है।

यहां पर कई सडक़ें बाधित हुई हैं, जिनमें पठानकोट-चंबा एनएच, बनीखेत-डलहौजी-खजियार वाया लक्कड़ मंडी, चंबा-खजियार वाया गेट, चंबा-भरमौर एनएच, चंबा-होली, तुनुहट्टी-लाहडू-चुवाड़ी, शाहपुर-सिंहूता-लाहडू रोड, चंबा-भटियात वाया जोत, बनिखेत-डलहौजी, चंबा-सलूणी, चंबा- तिस्सा व चंबा-पांगी वाया साच सडक़ बंद हो गई है। कुल्लू भुंतर के बरशौणा पंचायत के बरशौणा नाला में फ्लैश फ्लड आया है, जिससे यहां पर नाले का मलबा लोगों के खेतों में घुस गया। मलबे के खेतों में घुसने से फसलों को भारी नुकसान रिकार्ड किया गया है। प्रदेश में जो दो नेशनल हाइवे बंद पड़े हैं, उनमें नेशनल हाइवे नंबर 305 व 154ए है। बंद पड़ी अन्य सडक़ों की बात करें, तो बिलासपुर में दो सडक़ें बंद हैं, चंबा में एक एनएच के साथ कुल 82 सडक़ें बंद हो गई हैं। कांगड़ा में दो सडक़ें, किन्नौर में दो सडक़ें, कुल्लू में एक एनएच के साथ 101 सडक़ें, लाहुल-स्पीति में एक सडक़, मंडी में 245 सडक़ें, शिमला में 6 सडक़ें, सिरमौर में 9 सडक़ें, ऊना में 13 सडक़ें बंद हैं। इसके अलावा प्रदेश में 941 बिजली ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं, वहीं 95 पेयजल योजनाएं बाधित हैं।

: *प्रदेश को सितंबर में छह फोरेंसिक लैब व्हीकल, जुन्गा; धर्मशाला, मंडी, नूरपुर, बद्दी, बिलासपुर को मिलेगी बड़ी सुविधा* 

भारतीय न्याय संहिता बीएनएस में बड़े गंभीर अपराधिक मामलों में फोरेंसिक साइंस का मौके पर पहुंचकर जांच में शामिल होना अनिवार्य किया गया है। इसके चलते अब हिमाचल प्रदेश को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस छह क्राइम सीन व्हीकल यानी फोरेंसिक लैब वाहन सितंबर माह में मिलने जा रहे हैं। उक्त वाहनों को पहले चरण में राज्य फोरेंसिक लैब जुन्गा शिमला, नोर्थ जोन धर्मशाला, सेंट्रल जोन मंडी, डिस्ट्रिक फोरेंसिक यूनिट नूरपुर, बद्दी व बिलासपुर को प्रदान किया जाएगा। वहीं, दूसरे चरण में अन्य छह फोरेंसिक यूनिट को भी आगामी समय में आत्याधुनिक फोरेंसिक लैब वाहन मिल सकते हैं। उक्त वाहनों से घटनास्थल का निरीक्षण करने को वाहन में मौजूद किटों संग आसानी से टीम पहुंचकर कई मामलों को मौके पर ही सुलझाने में भी मदद मिल पाएगी। उक्त स्पेशल वाहनों को टाटा कंपनी की ओर से तैयार किया जा रहा है, जिसमें फोरेंसिक के उपकरणों या यूं कहें छोटी सी चलती-फिरती लैब को भी स्थापित किया जा रहा है। कार्य के जल्द ही पूरा होने के बाद करोड़ों के फोरेसिंक क्राइम सीन वाहन वाहन पहाड़ी प्रदेश को मिल जाएंगे।

हिमाचल प्रदेश की छह फोरेंसिक लैब को अब जल्द ही अत्याधुनिक फोरेंसिक लैब वाहन मिलने जा रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार प्रत्येक वाहन की कीमत 60 से 65 लाख के करीब बताई जा रही है। फोरेंसिक लैब वाहन में ड्रग डिटेक्शन किट, एक्सप्लोजिव किट, फिंगर प्रिंट किट, फुट प्रिंट किट, डीएनए किट, फ्रिज, जनरेटर, साइबर सुरक्षा से संबंधित साफ्टवेयर, वीडियो कैमरा और अन्य सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। इन फोरेंसिक लैब वाहनों के माध्यम से कई आपराधिक घटनाओं का मौके पर ही प्राथमिक परीक्षण भी संभव हो जाएगा। (एचडीएम)

जांच-पड़ताल में बड़ी मदद

निदेशालय फोरेंसिक सर्विसेस जुन्गा शिमला की निदेशक फोरेंसिक डा. मीनाक्षी महाजन ने बताया कि बीएनएस के तहत फोरेंसिक टीम को घटनास्थल पर पहुंचना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य को छह क्राइम सीन फोरेंसिक लैब वाहन विशेष रूप से तैयार करवाए जा रहे हैं। जल्द ही वाहनों को मिलने से अपराधिक घटनाओं की जांच-पड़ताल किए जाने में बड़ी मदद मिल पाएगी।

: *परिणय सूत्र में बंधेंगे आस्था अग्निहोत्री-आईएएस अधिकारी सचिन शर्मा* 

हरियाणा के एक साधारण परिवार के युवा आईएएस अधिकारी सचिन शर्मा उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के दामाद बनेंगे। मौजूदा समय में वर्ष 2022 बैच के आईएएस अधिकारी सचिन शर्मा एसडीएम अंब के पद पर कार्यरत हैं। वह जल्द ही उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की बेटी हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के विधि विभाग में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर तैनात डा. आस्था अग्निहोत्री के साथ परिणय-सूत्र में बंधेंगे। रविवार को सचिन शर्मा की विधिवत रूप से डा. आस्था अग्निहोत्री के साथ सगाई संपन्न हुई है। सगाई समारोह में सगे-संबंधी व घनिष्ठ मित्र ही शरीक हुए हैं।

बताया जा रहा है कि 22 नवंबर को बड़े ही धूमधाम के साथ विवाह की रस्में अदा होंगी। युवा आईएएस अधिकारी सचिन शर्मा हरियाणा के गुरुग्राम से संबंध रखते हैं और एक साधारण परिवार से आते हैं। इनके पिता हरियाणा पुलिस से सेवानिवृत्त हुए हैं। सचिन शर्मा की तीन बहनें और एक भाई है। सचिन शर्मा अपने परिवार में सबसे छोटे हैं।

: *खतरा : भारी बारिश से हिमुडा पुल के ऊपर से क्रॉस हो रहा खड्ड का पानी* 

 साढ़े तीन घंटे पुल के आर-पार फंसे रहे आधा दर्जन से अधिक वाहन

हमीरपुर जिला में रविवार दोपहर के समय हुई भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था। हमीरपुर शहर की सडक़ों में खड्डों की तरह पानी बहता नजर आया। वहीं नालियां भी ओवर लो होकर सडक़ों पर बह रही थी। करीब तीन घंटे तक लोग जहां थे वहीं फंसकर रह गए। भारी बारिश के चलते चाहकर भी लोग बाहर नहीं निकल पा रहे थे। अगर हम जिला मुख्यालय के साथ लगते हिमुडा कलोनी की बात करें, तो रविवार दोपहर दो बजे के करीब खड्ड का जलस्तर एकाएक बढऩे लगा और देखते ही देखते हिमुडा पुल के ऊपर से पानी तेज रफ्तार में बहने लगा।

फिर क्या था हिमुडा कालोनी शहर से बिल्कुल कट हो गई और वाहन आर-पार ही फंस गए। शाम करीब साढ़े पांच बजे तक वाहन ऐसे ही सडक़ों पर आर-पार फंसे रहे। हिमुडा कालोनी में यह तीसरा दफा था कि खड्ड का पानी पुल के ऊपर से क्रॉस हो रहा था। ऐसी स्थिति में अगर कोई हिमुडा कालोनी में कोई बिमार पड़ जाए, तो हिमुडावासी चाहकर भी उन्हें अस्पताल नहीं ले जा सकते हैं। यहां पर हिमुडा के करीब 96 घर हैं, जोकि खड्ड का जलस्तर बढऩे से शहर से पूरी तरह से कट हो जाते हैं। उन्हें खड्ड का जलस्तर कम होने का इंतजार करना पड़ता है, उसके बाद ही सडक़ पर वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू हो पाती है। (एचडीएम)

पुल को ऊंचा करने की लगाई गुहार

हिमुडा वेल्फेयर एसोसिएशन दडूही के प्रधान सुंदर सिंह ठाकुर, डा. ज्ञान चंद राणा, केके भारद्वाज, कमलेश कुमार भारद्वाज, डा. रत्न चंद शर्मा, राकेश कुमार, प्रदीप शर्मा, बाल कृष्ण जुनेजा, ललिता शर्मा, निशा देवी, अंजना कुमारी आदि ने प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उपायुक्त हमीरपुर और हिमुडा ऑफिस को हिमुडा कालोनी के पुल को ऊंचा करने की गुहार लगाई है, ताकि भारी बारिश के चलते हिमुडावासी बिना किसी डर के आ-जा सकें। रविवार को भी दो बजे से लेकर शाम साढ़े पांच बजे तक लोगों के करीब आधा दर्जन से अधिक वाहन पुल के आर-पार ही फंसे रहे इनमें गैस की गाड़ी भी फंसी रही और खड्ड के जलस्तर के उतरने का इंतजार करने को मजबूर होना पड़ा। खड्ड का जलस्तर कम होने के उपरांत ही हिमुडावासियों और वाहन चालकों ने राहत की सांस ली है।

: *रंग लाई CM सुक्खू की मेहनत, भारत-चीन शिपकी-ला दर्रे से सीमा व्यापार खोलने पर हुए सहमत* 

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप भारत और चीन तीन निर्दिष्ट व्यापारिक बिंदुओं- लिपुलेख, शिपकी-ला और नाथू-ला दर्रों से सीमा व्यापार फिर खोलने पर सहमत हो गए हैं। दोनों पक्ष 2026 से कैलाश पर्वत, गंग रेनपोछे और मानसरोवर झील की तीर्थयात्रा जारी रखने और इसके विस्तार पर भी सहमत हुए हैं। हिमाचल सरकार शिपकी-ला (किन्नौर) के माध्यम से चीन के साथ व्यापार बहाल करने के लिए लगातार प्रयास कर रही थी। चीन के विदेश मंत्री वांग यी, जो हाल ही में भारत की यात्रा पर थे, ने विभिन्न द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा के लिए केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ बैठक की। दोनों मंत्रियों ने इस बैठक में भारत और चीन के बीच व्यापार फिर शुरू करने के प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की।

यह सफलता सुखविंद्र सिंह सुक्खू के व्यक्तिगत प्रयासों के कारण संभव हुई है जिन्होंने केंद्र सरकार से ऐतिहासिक भारत-तिब्बत व्यापार मार्ग बहाल करने का आग्रह किया था। केंद्र सरकार ने औपचारिक रूप से चीन के साथ इस मामले को उठाया, जिसके परिणामस्वरूप व्यापार फिर से शुरू करने पर आम सहमति बनी है। राज्य सरकार कानूनी औपचारिकताओं को पूर्ण करने के लिए अब केन्द्रीय वाणिज्य मंत्रालय के समक्ष यह मामला उठाएगी। केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने राज्य सरकार को सूचित किया है कि भारत सरकार ने तीनों निर्दिष्ट बिंदुओं शिपकी-ला (हिमाचल प्रदेश), लिपुलेख (उत्तराखंड) और नाथू ला (सिक्किम) से सीमा व्यापार को फिर से शुरू करने के लिए चीन के साथ चर्चा शुरू कर दी है, जो कोविड-19 महामारी के कारण 2020 से बंद था।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि शिपकी-ला, जो कभी प्रसिद्ध सिल्क रूट का हिस्सा था और जिसे वर्ष 1994 के भारत-चीन द्विपक्षीय समझौते के तहत सीमा व्यापार बिन्दु के रूप में औपचारिक रूप दिया गया था, ने ट्रांस हिमालयी आर्थिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। व्यापार के अतिरिक्त, राज्य सरकार को शिपकी-ला के माध्यम से कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर शुरू करने के संबंध में भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। मुख्यमंत्री ने केंद्र को भेजे पत्र में इस बात पर प्रकाश डाला है कि गरटोक होते हुए दार्चेन और मानसरोवर को जोड़ने वाला शिपकी-ला मार्ग तिब्बत की तरफ से तुलनात्मक रूप से छोटा है। हिमाचल प्रदेश के रामपुर बुशहर और पूह होते हुए शिपकी-ला तक पहले से ही सड़क मार्ग मौजूद है, जिससे यात्रा के लिए आवश्यक आधार शिविर और सहायक बुनियादी ढांचा विकसित करना संभव हो गया है।

केंद्रीय विदेश मंत्री ने मुख्यमंत्री को लिखे एक पत्र में बताया है कि पांच साल के अंतराल के बाद लिपुलेख दर्रा (उत्तराखंड) और नाथू ला दर्रा (सिक्किम) से कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर शुरू हो गई है। शिपकी-ला को एक अतिरिक्त मार्ग के रूप में जोड़ने की पहल भी कामयाब हुई है। राज्य सरकार को उम्मीद है कि पारंपरिक सीमा व्यापार पुनः स्थापित होने से हिमाचल प्रदेश में पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आर्थिक विकास के नए रास्ते भी खुलेंगे। मुख्यमंत्री ने चीन के साथ द्विपक्षीय वार्ता में राज्य की इन प्रमुख समस्याओं को प्राथमिकता देने के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है।

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*हिमाचल में मॉनसून का रौद्र रूप; डलहौजी में बादल फटने-कुल्लू में फ्लैश फ्लड ने मचाई भारी तबाही* 

डलहौजी में बादल फटा; कुल्लू में फ्लैश फ्लड, छह की मौत

चंबा जाने के सारे रास्ते बंद; आज ऊना, चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जिला में सारे शैक्षणिक संस्थान बंद

हिमाचल में मानसून ने रविवार को फिर रूद्र रूप दिखाया और चंबा के डलहौजी में बादल फटने और कुल्लू में फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है। बरसात के चलते पिछले 24 घंटों में राज्य में छह और लोगों की मौत हुई है, जिसके बाद मौतों का कुल आंकड़ा 304 पर पहुंच गया है। भारी बरसात और भू-स्खलन के चलते चंबा और कांगड़ा में एक-एक, मंडी में तीन और सिरमौर में एक व्यक्ति की मौत हुई है। इसके साथ घायलों का आंकड़ा 360 पर पहुंच गया है। राज्य में रविवार शाम तक 482 सडक़ें आवाजाही के लिए बंद पड़ी थीं, वहीं दो एनएच भी बंद हैं। प्रदेश को मानसून से कुल नुकसान की बात करें, तो यह आंकड़ा 2348 करोड़ तक पहुंच गया है। इसके अलावा 941 ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं, वहीं पेयजल की 95 योजनाएं बाधित हैं। चंबा जिला के डलहौजी के तलाई में सुबह दस बजे के करीब बादल फटा। बादल फटने के बाद आए फ्लैश फ्लड में रेन शेल्टर और एक भवन बह गया है। फ्लैश फ्लड का पानी गुनियाला गांव में पहुंचने पर गाडिय़ों और ट्रांसफार्मर को भी नुकसान पहुंचने की सूचना है। यहां पर कई सडक़ें बाधित हुई हैं, जिनमें पठानकोट-चंबा एनएच, बनीखेत-डलहौजी-खजियार वाया लक्कड़ मंडी, चंबा-खजियार वाया गेट, चंबा-भरमौर एनएच, चंबा-होली, तुनुहट्टी-लाहडू-चुवाड़ी, शाहपुर-सिंहूता-लाहडू रोड, चंबा-भटियात वाया जोत, बनीखेत-डलहौजी, चंबा-सलूणी, चंबा- तिस्सा व चंबा-पांगी वाया साच सडक़ बंद हो गई है।

कुल्लू जिला में भुंतर की बशौणा पंचायत के बशौणा नाला में रविवार को फ्लैश फ्लड आया, जिससे यहां पर नाले का मलबा लोगों के खेतों में घुस गया। मलबे के खेतों में घुसने से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। प्रदेश के कांगड़ा, ऊना, मंडी, सिरमौर और सोलन जिला में भी कई स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। कांगड़ा जिला के इंदौर उपमंडल में भारी बारिश और पौंग डैम से छोड़े गए पानी में दस मकान गिरा दिए और 100 से ज्यादा घरों और दुकानों में पानी घुस गया है। भारी बारिश के अलर्ट के बीच सोमवार को ऊना, चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जिला में सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। भारी बारिश के चलते ट्रांसफार्मर ठप पड़ जाने से आधे मंडी जिला और कुल्लू के 70 गांवों में अंधेरा पसरा हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक सामान्य से 16 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है और 30 अगस्त तक आसमानी आफत से कोई ज्यादा राहत नहीं मिलने वाली है।

: *जिला चम्बा में भारी बारिश के कारण कल 25 अगस्त सोमवार को बंद रहेंगे सभी स्कूल और शिक्षण संस्थान, उपायुक्त मुकेश रेप्सवाल ने दी जानकारी, 26 अगस्त के लिए कल प्रशासन करेगा रिव्यू*

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