आज सुबह के 100 मुख्य समाचार पत्र ✉ 🙄दुःखद घटना :सरकाघाट से दुर्गापुर जा रही एचआरटीसी बस मसेरन के पास तारंगला में दुर्घटनाग्रस्त। पांच लोगों की मौत 25 अन्य घायल
: *8वीं के छात्र ने पेश की मिसाल, गेमिंग कंसोल का सपना छोड़ आपदा राहत में दान की गुल्लक*
धर्मशाला स्थित शीला चौक के रहने वाले 13 वर्षीय छात्र प्रथम पुरी ने इंसानियत और संवेदनशीलता की मिशाल पेश करते हुए अपनी गुल्लक सिराज आपदा राहत कोष में भेट की है। प्रथम पुरी लंबे समय से प्लेस्टेशन फाइव गेमिंग कंसोल खरीदने के लिए अपनी गुल्लक में पैसे जमा कर रहा था, लेकिन जब उसे हिमाचल के जिला मंडी के सिराज क्षेत्र में आई भीषण आपदा की जानकारी मिली तो उसका दिल पीड़ितों की मदद के लिए पसीज गया।
अपनी इच्छाओं को दरकिनार करते हुए प्रथम पुरी ने अपनी संपूर्ण जमा राशि गुल्लक से निकालकर धर्मशाला स्थित जिला उपायुक्त कार्यालय में जमा करवा दी। यह राशि सिराज आपदा राहत कोष के माध्यम से पीड़ितों तक पहुंचाई जाएगी। प्रथम पुरी की इस संवेदनशीलता और उदारता ने सभी को भावुक कर दिया है।
वहीं, उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा (आईएएस) ने उसकी इस पहल की सराहना की है और कहा कि इस उम्र में ऐसी सोच रखना वाकई प्रेरणादायक है। यह कार्य न केवल बच्चों के लिए, बल्कि बड़ों के लिए भी एक उदाहरण है कि जब बात मानवता की हो तो व्यक्तिगत इच्छाओं को पीछे छोड़कर दूसरों की मदद करना ही सबसे बड़ा धर्म होता है।
: *हिमाचल में मंदिरों और सांस्कृतिक स्थलों का किया जा रहा आधुनिकीकरण, खर्च होंगे 550 करोड़*
प्रदेश सरकार ने राज्य की सांस्कृतिक धरोहरों, प्राचीन मंदिरों, धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण व विकास के लिए कई महत्त्वपूर्ण कदम उठाए हैं। भाषा, कला और संस्कृति विभाग का जिम्मा सम्भाल रहे उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण पर प्रदेश सरकार द्वारा लगभग 550 करोड़ रुपए व्यय किए जा रहे हैं। प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से सरकार द्वारा लगभग 50 करोड़ रुपए की राशि प्राचीन मंदिरों, किलों और पुरातात्विक महत्त्व के स्थलों के जीर्णोद्धार के लिए स्वीकृत की गई है। इसमें से राज्य के अधिगृहीत मंदिरों में विभिन्न विकासात्मक कार्यों के लिए 37 करोड़ रुपए का सहायतानुदान प्रदान किया गया है।
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में 8 अगस्त, 2023 से सुगम दर्शन प्रणाली शुरू की गई है, जिससे प्रभावी भीड़ प्रबंधन सहित वृद्धजनों और दिव्यांगों को विशेष सुविधा प्राप्त हो रही है। इसके साथ ही ऑनलाइन लंगर बुकिंग और ऑनलाइन दर्शन जैसी डिजिटल सेवाएं भी श्रद्धालुओं को उपलब्ध करवाई गई हैं। ऐसी व्यवस्थाएं प्रदेश के अन्य मंदिर न्यासों में भी लागू करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। प्रसाद योजना के तहत माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के लिए 56.26 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि से धार्मिक पर्यटन और आध्यात्मिक विरासत को सुदृढ़ किया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश सरकार द्वारा 250 करोड़ रुपए से मातारानी के भव्य भवन का निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, प्रदेश सरकार ने माता श्री ज्वालाजी और माता श्री नैना देवी मंदिरों के लिए भी 100-100 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है।
पूजा विधि एवं मंत्रोच्चारण में शुद्धता लाने के लिए 5 से 25 फरवरी 2025 तक श्री चिंतपूर्णी मंदिर के 15 तथा माता श्री नैना देवी मंदिर के 10 पुजारियों को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संस्कृत संकाय में ऑनलाइन प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। भविष्य में अन्य मंदिर न्यासों के पुजारियों को भी चरणबद्ध तरीके से यह प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, प्रदेश सरकार द्वारा सांस्कृतिक धरोहरों के अनुरक्षण के लिए 11.16 करोड़ रुपए तथा आवर्ती निधि योजना के अंतर्गत धार्मिक संस्थानों को वार्षिक पूजा-अर्चना और परिसंपत्तियों के विकास हेतु 1 करोड़ रुपए का सहायतानुदान भी स्वीकृत किया गया है। वहीं, प्रदेश के छोटे मंदिरों को मिलने वाली धूप-बत्ती सहायता राशि को वित्त वर्ष 2025-26 में दोगुना कर दिया गया है।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण व संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। हम आस्था के केंद्रों को केवल संरचनात्मक दृष्टि से नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना और परंपरा के रूप में संरक्षित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें, पारंपरिक पूजा पद्धति में गुणवत्ता लाई जाए और मंदिरों को डिजिटल व व्यवस्थित बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को देशभर में और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित व प्रसारित किया जाए। इसके लिए सांस्कृतिक उत्सवों, डिजिटल प्लेटफार्मों, दस्तावेजीकरण और प्रदर्शनियों के माध्यम से हिमाचल की लोक कलाओं, पारंपरिक संगीत, शिल्प और रीति-रिवाजों को साझा किया जाएगा। इससे न केवल राज्य की सांस्कृतिक पहचान को नया आयाम मिलेगा, बल्कि युवाओं में अपनी परंपराओं के प्रति गर्व और जुड़ाव की भावना भी प्रबल होगी तथा यह साझा सांस्कृतिक संवाद देश की एकता और विविधता में अद्वितीय योगदान देगा। प्रदेश सरकार की यह पहल हिमाचल की सांस्कृतिक विविधता को सहेजने में मीलपत्थर साबित होगी।
: *एक दिन में पांच फुट बढ़ गया पौंग का जलस्तर*
जवाली। पौंग बांध का जलस्तर मंगलवार को 1335.23 फुट पहुंच गया है। पौंग बांध में 104432 क्यूसिक पानी आ रहा है, जबकि निकासी 3838 क्यूसिक पानी की निकासी हो रही है। पंडोह डैम का पानी छोड़े जाने के कारण एक ही दिन में झील का जलस्तर पांच फुट बढ़ गया है। सोमवार को पौंग झील में जलस्तर 1330.50 फुट रिकॉर्ड किया गया था। पंडोह का पानी छोड़े जाने के कारण ब्यास नदी उफान पर है तथा पिछले दो दिन से हो रही बारिश के कारण देहर खड्ड, बूहल खड्ड, देहरी खड्ड में जलस्तर काफी उफान पर हैं।
पौंग झील में 1410 फुट तक पानी स्टोर करने की क्षमता है, जबकि 1390 फुट के निशान तक पहुंचते ही पानी को छोड़ने शुरू कर दिया जाता है। एसडीएम जवाली विकास जंवाल ने लोगों से आग्रह किया है कि न तो खुद नदी-नालों के पास जाएं और न ही बच्चों को जाने दें।
: *लेंटल पर पानी दे रहा था युवक, पैर फिसला और बिजली के ट्रांसफार्मर पर जा गिरा, मौत*
ग्राम पंचायत कंदला में करंट की चपेट में आने से युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान मोहिंद्र कुमार पुत्र रामस्वरूप वासी गांव कंदला के तौर पर हुई है। पुलिस ने शव का मेडिकल कालेज चंबा में पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने घटना की इतला रपट रोजनामचे में डालकर विस्तृत कारणों की जांच आरंभ कर दी है
जानकारी के अनुसार कंदला गांव का मोहिंद्र कुमार मंगलवार सुबह घर के लेंटल पर पानी दे रहा था। इसी दौरान अचानक पांव फिसलने से मकान के साथ लगते ट्रांसफार्मर पर जा गिरा। परिणामस्वरूप मोहिंद्र कुमार की करंट लगने से मौत हो गई। मोहिंद्र कुमार के गिरने से हुए धमाके की आवाज सुनकर मौके पर परिजन पहुंच गए। उन्होंने तुरंत मोहिंद्र को उठाकर वाहन के जरिए मेडिकल कालेज पहुंचाया।
इसी बीच घटना की सूचना पाते ही पुलिस टीम ने मेडिकल कालेज पहुंचकर शव को कब्जे में लेने के साथ ही परिजनों के बयान दर्ज किए। फिलहाल परिजनों ने मोहिंद्र की मौत को लेकर किसी तरह का संदेह जाहिर नहीं किया है। पुलिस ने आरंभिक जांच के आधार पर इस संदर्भ में बीएनएसएस की धारा 194 के तहत कार्रवाई अमल में लाई है।
उधर, एसपी चंबा अभिषेक यादव ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि घटना को लेकर नियमानुसार आगामी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई है। उन्होंने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करवाकर वारिसों के हवाले कर दिया गया है।
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*चंबा मेडिकल कॉलेज चंबा को शिफ्ट करने का कार्य लटका*
चंबा। मेडिकल कॉलेज चंबा को सरोल शिफ्ट करने का कार्य लटकता जा रहा है। हालांकि, पहले नववर्ष पर उसके बाद मिंजर मेले पर मेडिकल कॉलेज को सरोल शिफ्ट करने को लेकर बड़े-बड़े दावे होते रहे लेकिन हर बार बजट की कमी की बात कह कर ये कार्य लटकता रहा है। *सिविल अस्पताल चंबा के भवन और अखंड चंडी पैलेस में चल रहे मेडिकल कॉलेज में पर्याप्त जगह न होने से प्रशिक्षु चिकित्सकों समेत उपचाराधीन मरीजों की मुसीबतें बढ़ी हैं*। वर्तमान समय में मेडिकल कॉलेज चंबा महज रेफरल अस्पताल बन कर रह गया है। हैरत की बात है कि 20 एकड़ जमीन पर निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज के नए भवन पर 550 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। बावजूद इसका लोगों को अभी तक कोई लाभ होता नजर नहीं आ रहा है। पहले चरण के तहत मेडिकल कॉलेज में आपातकालीन कक्ष, ओपीडी, 200 बिस्तर, विशेषज्ञों को रहने के लिए और बॉयज व नर्सिंग हॉस्टल का कार्य भी पूरा हो चुका है।
सरकार ने मेडिकल कॉलेज चंबा के नए भवन निर्माण के पहले चरण का कार्य करने के लिए कंपनी से 319 करोड़ का एमओयू साइन किया है। एमओयू के मुताबिक 10 अगस्त 2020 को निर्माण कार्य आरंभ हुआ था जिसे कंपनी को अगस्त 2022 में पूरा करना था लेकिन, बजट के अभाव में कार्य अधर में लटक गया। अब चंबा, भरमौर-पांगी, चुराह, भटियात, डलहौजी के लोगों को खमियाजा भुगतना पड़ रहा है। यहां पर उपचार के लिए पहुंचने वाले अधिकांश मामलों में मरीजों को टांडा रेफर किया जा रहा है।
*मेडिकल कॉलेज चंबा के मीडिया समन्वयक डॉ. मानिक सहगल ने बताया* कि सरोल में बन रहे मेडिकल कॉलेज के नए भवन के पहले चरण का कार्य पूरा हो गया है। अब फर्नीचर आना बाकी है, जिसके लिए टेंडर हो गए हैं। फर्नीचर पहुंचते ही इसे शिफ्ट किया जाएगा। सरकार कभी भी इसका लोकार्पण कर सकती है।
: *एसएमसी शिक्षकों को पांच फीसदी एलडीआर भर्ती कोटा मामले में सरकार को नोटिस*
प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को एसएमसी शिक्षकों को 5 फीसदी एलडीआर भर्ती कोटा और अदालत के आदेशों की अवमानना मामले में नोटिस जारी किए हैं
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को एसएमसी शिक्षकों को 5 फीसदी एलडीआर भर्ती कोटा और अदालत के आदेशों की अवमानना मामले में नोटिस जारी किए हैं। न्यायाधीश संदीप शर्मा की अदालत ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले में दो सप्ताह के भीतर जवाब दायर करे। हाईकोर्ट ने यह आदेश एक अवमानना याचिका देवेंद्र शर्मा और अन्य बनाम एम सुधा देवी मामले में जारी की है। इस मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी। याचिका में आरोप लगाए गए हैं कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद राज्य सरकार शिक्षकों की नियमित नियुक्ति के बजाय एसएमसी शिक्षकों की नियमित नियुक्ति के लिए के लिए आरएंडपी रूल्स में 5 फीसदी कोटा निर्धारित कर रही है
: *तेजी से घूम रही धरती, दिन हुए छोटे, वैज्ञानिक भी हैरान*
कैलिफ़ोर्निया। इस साल गर्मी के मौसम में पृथ्वी की गति तेज़ होने के कारण दिन थोड़े छोटे हो गए हैं, जिसने वैज्ञानिकों को समय की गणना पर खासा ध्यान देना पड़ा है। इंटरनेशनल अर्थ रोटेशन एडं रेफरेंस सिस्टम्स सर्विस और यूएस नेवल आब्जर्वेटरी के आंकड़ों से पता चला है कि गत 10 जुलाई अब तक का सबसे छोटा दिन था, जो 24 घंटे से 1.36 मिलीसेकंड कम दर्ज किया गया। एक चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई कि 22 जुलाई को दिन 24 घंटे से 1.34 मिलीसेकंड छोटा रहा। यही नहीं अनुमान है कि आगामी पांच अगस्त का दिन भी 24 घंटे से 1.25 मिलीसेकंड कम हो सकता है।
वैज्ञानिकों के अनुसार एक दिन की लंबाई वह समय है जो धरती अपनी धुरी पर एक पूरा चक्कर काटने में लेती है। यह औसतन 24 घंटे या 86,400 सेकंड होता है। लेकिन वास्तव में, चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण बल, धरती पर मौसमी बदलाव और पृथ्वी के आंतरिक कोर के असर जैसी चीजों के चलते धरती का घूमना थोड़ा आगे पीछे हो जाता है। इसका असर यह पड़ता है कि एक पूरा चक्कर आमतौर पर 86,400 सेकंड से थोड़ा कम या अधिक समय लगता है – यह अंतर केवल मिलीसेकंड का है जिसका रोजमर्रा के जीवन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
ये अंतर लंबे समय में कंप्यूटर, उपग्रह और दूरसंचार पर असर डाल सकते हैं, यही कारण है कि 1955 में शुरू की गई परमाणु घड़ियों का उपयोग कर समय के सबसे छोटे बदलाव को भी दर्ज कर लिया जाता है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इससे वाई2के समस्या जैसी बात सामने आ सकती है, जिससे कभी कम्प्यूटर प्रणाली को ही ठप कर देने का खतरा पैदा कर दिया था। परमाणु घड़ियां एक निर्वात कक्ष में रखे परमाणुओं के दोलनों की गणना करके 24 घंटों की गणना अत्यंत सटीकता से करती हैं। ये समय-निर्धारण के लिए वैश्विक मानक है,
: *चुराह हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत, सेब पौधारोपण घाेटाले में 6 आरोपी गिरफ्तार*
प्रदेश भर में चर्चाओं में रहे चुराह विधानसभा क्षेत्र के सनवाल पंचायत में हुए मनरेगा घोटाले में आखिरकार कार्रवाई की गाड़ी तेजी से आगे बढ़ गई है। *बुधवार को पुलिस ने इस बहुचर्चित मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हाईकाेर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक की दौड़ लगाने के बावजूद भी इन्हें राहत नहीं मिल पाई। एसडीपीओ सलूणी रंजन शर्मा के नेतृत्व में यह गिरफ्तारी की गई*। अब गुरुवार को पुलिस इन सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड की मांग करेगी।
*क्या है पूरा मामला?*
यह मामला वर्ष 2022 से जुड़ा है। ग्राम पंचायत सनवाल में मनरेगा योजना के तहत सेब पौधारोपण में भारी अनियमितताओं की शिकायत तीसा थाना में की गई थी। शिकायतकर्त्ता ने तत्कालीन पंचायत प्रतिनिधियों, पूर्व जिला परिषद सदस्य और एक नर्सरी वैंडर के खिलाफ पौधारोपण कार्यों में बड़े स्तर पर घोटाला करने के आरोप लगाए थे। इस शिकायत के बाद तीसा थाना में मामला दर्ज हुआ और धीरे-धीरे यह मुद्दा जिला से निकलकर हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। इस दौरान आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अग्रिम जमानत की कोशिशें करते रहे, लेकिन अदालतों ने उनके सभी प्रयास खारिज कर दिए।
*सवा करोड़ में होने थे सेब पौधारोपण के 8 कार्य*
शिकायत के अनुसार वर्ष 2022 में मनरेगा के अंतर्गत ग्राम पंचायत सनवाल में 8 सेब पौधारोपण कार्य स्वीकृत किए गए थे, जिन पर कुल 1.17 करोड़ रुपए से अधिक की राशि खर्च होनी थी। आरोपों के अनुसार एक प्रतिनिधि ने अपने निजी परिसर में ही करीब 5,000 सेब पौधे रख लिए थे। नर्सरी वैंडर द्वारा पंचायत को 48,500 पौधे दिए गए, जबकि वह विभागीय रूप से केवल 22,500 पौधे सप्लाई करने के लिए अधिकृत था। जांच में सामने आया कि पौधों की रोपाई असमान तरीके से की गई थी। उदाहरण के तौर पर, एक बीघा भूमि में जहां 22 से 32 पौधे लगने चाहिए थे, वहां 310 पौधे रोपे गए थे। जांच रिपोर्ट में 19,387 पौधे रोपित पाए गए, जिनमें से अधिकतर सूख गए थे।
*शिकायत सही साबित हाेने पर प्रधान को किया गया निलंबित*
स्थानीय लोगों द्वारा मामला हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव तक पहुंचाया गया, जिसके बाद सरकार ने जांच बैठाई। जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद पंचायत प्रधान को निलंबित कर दिया गया। हालांकि, अन्य आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस विभागीय कार्रवाई नहीं हुई, जिससे शिकायतकर्त्ता को पुलिस का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
*इन लोगों को किया गया गिरफ्तार*
पुलिस ने बुधवार को जिन 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें पूर्व जिला परिषद सदस्य कर्म चंद, वर्तमान पंचायत प्रधान मोहन लाल, उपप्रधान पूजा, ग्राम रोजगार सेवक मोहिंद्र सिंह, नर्सरी वैंडर बेग मोहम्मद, वैंडर सहायक विजय कुमार शामिल हैं। बाकी 2 आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई अभी बाकी है।
*क्या कहते हैं एसडीपीओ सलूणी*
एसडीपीओ सलूणी रंजन शर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी 6 आरोपियों को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की जा रही है और अन्य संलिप्त लोगों की भूमिका की भी गहराई से जांच की जा रही है।
: *पांच दशक से ज्यादा समय से विस्थापन का दंश झेल रहे परिवारों को मिलेगी राहत,*
पौंग बांध विस्थापितों को राजस्थान और भूमि देने के लिए तैयार, जल्द शुरू होगा आबंटन
पांच दशक से ज्यादा समय से विस्थापन का दंश झेल रहे हजारों परिवारों को मिलेगी राहत, जमीन चयन का कार्य पूरा, जल्द शुरू होगा आबंटन
दशकों के संघर्ष और कानूनी अड़चनों के बाद हिमाचल प्रदेश के पौंग बांध के हजारों विस्थापित परिवारों को आखिरकार राहत मिलती दिख रही है। राजस्थान सरकार ने पुनर्वास की प्रतीक्षा कर रहे इन परिवारों को जल्द ही भूमि आबंटित करने की प्रक्रिया शुरू करने को हरी झंडी दे दी है। राजस्थान सरकार ने हाल ही में उन पौंग बांध विस्थापितों को आबंटित की जाने वाली भूमि की पहचान की है, जो पहले किसी कारणवश आबंटन प्रक्रिया से बाहर रह गए थे। यह कदम उन परिवारों के लिए एक बड़ी खबर है, जो पौंग बांध के निर्माण के कारण पांच दशक से भी अधिक समय से विस्थापन का दंश झेल रहे हैं। कांगड़ा के उपायुक्त हेमराज बैरवा ने पुष्टि करते हुए कहा कि हिमाचल सरकार के प्रयासों के बाद राजस्थान सरकार ने उन विस्थापितों के मामलों पर भी फिर से विचार किया है, जिन्हें पहले आबंटन के बावजूद कानूनी या प्रक्रियात्मक कारणों से भूमि पर कब्जा नहीं मिल पाया था। यह सुनिश्चित करने के लिए कि आबंटन प्रक्रिया सुचारू रूप से चले, राजस्थान सरकार और हिमाचल प्रदेश सरकार की एक संयुक्त टीम ने हाल ही में राजस्थान सरकार द्वारा चिन्हित की गई भूमि का दौरा भी किया है। पिछले कुछ महीनों में राजस्थान सरकार ने 250 परिवारों को भूमि के पट्टे आबंटित किए हैं। पिछले साल भी 50 ऐसे आबंटन किए गए थे, जो यह दर्शाता है कि प्रक्रिया में तेजी आई है। शुरुआत में राजस्थान सरकार ने विस्थापितों को औपचारिकताएं पूरी करने और आबंटित भूखंडों पर कब्जा लेने के लिए 45 दिनों की समय-सीमा दी थी। बाद में इस अवधि को बढ़ाकर 90 दिन कर दिया गया।
हालांकि सैकड़ों लाभार्थी अब भी समय पर आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर पाए थे। इस देरी को देखते हुए राज्य सरकार ने अब इस अवधि को बढ़ाकर 180 दिन कर दिया है, जिससे शेष विस्थापितों को काफी राहत मिली है। यह आबंटन प्रक्रिया राजस्थान उपनिवेशीकरण (राजस्थान नहर कॉलोनी में पौंग बांध विस्थापितों को सरकारी भूमि का आबंटन) नियम, 1972 के अंतर्गत आती है। यह नियम गंगानगर, बीकानेर और जैसलमेर जिलों में इंदिरा गांधी नहर (राजस्थान नहर) कमान क्षेत्र में सिंचित भूमि सुनिश्चित करता है। राजस्थान में पुनर्वास के लिए पात्र घोषित किए गए 16,352 पौंग बांध विस्थापित परिवारों में से करीब तीन हजार परिवार भूमि आबंटन के इंतजार में उलझे हुए हैं। जिला उपायुक्त हेम राज बैरवा ने बताया कि प्रदेश सरकार के प्रयासों और राजस्थान सरकार के इस नए कदम को प्रभावित परिवारों को लंबे समय से लंबित न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। यह घोषणा अनेकों विस्थापित परिवारों के लिए आशा की नई किरण लेकर आई है, जो दशकों से अपने पुनर्वास का इंतजार कर रहे थे।
हिमाचल सरकार के प्रयासों के बाद राजस्थान सरकार ने उन विस्थापितों के मामलों पर भी फिर से विचार किया है, जिन्हें पहले आबंटन के बावजूद कानूनी या प्रक्रियात्मक कारणों से भूमि पर कब्जा नहीं मिल पाया था। यह सुनिश्चित करने के लिए कि आबंटन प्रक्रिया सुचारू रूप से चले, राजस्थान और हिमाचल सरकार की एक संयुक्त टीम ने हाल ही में राजस्थान सरकार द्वारा चिन्हित की गई भूमि का दौरा भी किया है। यह कदम अनेकों विस्थापित परिवारों के लिए आशा की नई किरण लेकर आया है, जो दशकों से पुनर्वास का इंतजार कर रहे थे
: *सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला, घरेलू हिंसा का मामला दर्ज होने के दो महीने तक न हो गिरफ्तारी*
धारा 498ए का दुरुपयोग रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला
घरेलू हिंसा से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है और इलाहाबाद हाई कोर्ट के दो साल पुराने दिशा-निर्देशों को अपनाते हुए कहा है कि भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए के तहत दर्ज मामलों में पुलिस आरोपियों को दो महीने तक गिरफ्तार न करे। कोर्ट ने कहा कि जब कोई महिला अपने ससुराल वालों के खिलाफ 498ए के तहत घरेलू हिंसा या दहेज प्रताडऩा का केस दर्ज कराए, तो पुलिस वाले उसके पति या उसके रिश्तेदारों को दो महीने तक गिरफ्तार न करें। कोर्ट ने दो महीने की अवधि को शांति अवधि कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश एक महिला आईपीएस अधिकारी से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान दिया। कोर्ट ने उस महिला अधिकारी को उससे अलग हुए पति और उसके रिश्तेदारों के उत्पीडऩ के लिए अखबारों में माफीनामा प्रकाशित कर माफी मांगने का भी आदेश दिया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट के 2022 के दिशानिर्देशों के मुताबिक, दो महीने की शांति अवधि पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तारी सहित कोई भी कार्रवाई करने से रोकता है।
हाई कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार, भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए के तहत दर्ज मामलों को पहले संबंधित जिले की परिवार कल्याण समिति को निपटारे के लिए भेजा जाना चाहिए और इस दौरान यानी पहले के दो महीनों तक पुलिस कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करेगी। देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस ऑगस्टाइन जॉर्ज मसीह की पीठ ने अब इन दिशानिर्देशों को पूरे भारत में लागू करने का निर्देश दिया। शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में कहा आईपीसी की धारा 498ए के दुरुपयोग से बचाव के लिए परिवार कल्याण समितियों के गठन के संबंध में तैयार किए गए दिशानिर्देश प्रभावी रहेंगे और उपयुक्त अधिकारियों द्वारा लागू किए जाएंगे।
यह है धारा 498ए
यह धारा विवाहित महिलाओं के साथ क्रूरता से संबंधित है और उन मामलों से निपटती है, जहां किसी महिला के पति या पति के रिश्तेदार उसके साथ क्रूरता करते हैं, जैसे कि शारीरिक या मानसिक उत्पीडऩ, दहेज की मांग, या अन्य प्रकार की प्रताडऩा।
पहले परिवार कल्याण समिति को भेजा जाएगा मामला
घरेलु हिंसा के मामले में प्राथमिकी या शिकायत दर्ज होने के बाद शांति अवधि समाप्त हुए बिना, नामजद अभियुक्तों की कोई गिरफ्तारी या पुलिस कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस शांति अवधि के दौरान मामला तुरंत प्रत्येक जिला में परिवार कल्याण समिति को भेजा जाएगा। निर्देशों में कह गया है कि केवल वही मामले समिति को भेजे जाएंगे, जिनमें आईपीसी की धारा 498ए के साथ-साथ, कोई क्षति न पहुंचाने वाली धारा 307 और आईपीसी की अन्य धाराएं शामिल हैं और जिनमें कारावास 10 वर्ष से कम है।
: *HimCare Health Scheme : 17000 हिमकेयर कार्डों में से 2000 निकले सरकारी कर्मी*
अब सभी पांच लाख पंजीकृत परिवारों के आधार कार्ड भी जोडऩे पर चल रहा विचार
हिमाचल में चल रही हिम केयर हेल्थ स्कीम में सरकारी कर्मचारी और पेंशनरों ने भी फ्री इंडोर इलाज के लिए कार्ड बनवा लिए हैं। इसका खुलासा स्वास्थ्य विभाग की अपनी स्क्रीनिंग में हो गया है। हिमाचल में वर्तमान में इस योजना के तहत पांच लाख से ज्यादा परिवार पंजीकृत हैं। यानी इन सभी के पास हिम केयर कार्ड है, जिसके तहत परिवार को पांच लाख तक सालाना कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है। इस इलाज पर होने वाले खर्च का भुगतान राज्य सरकार करती है। इन पांच लाख कार्ड में से सिर्फ 17000 हिम केयर कार्ड आधार से लिंक्ड पाए गए हैं। उनकी जब वेरिफिकेशन की गई, तो करीब 2000 सरकारी कर्मचारी और पेंशनर निकले हैं।
अब स्वास्थ्य विभाग सभी पांच लाख पंजीकृत परिवारों के आधार भी इसमें जोडऩे पर निर्णय ले सकता है। इसको लेकर विभाग की बैठक गुरुवार को बुलाई गई है। राज्य सरकारइन दिनों इस स्कीम की कमियों को दूर करने के लिए कई तरह के निर्णय ले रही है। सरकारी कर्मचारी और पेंशनर इसमें इसलिए नहीं हो सकते, क्योंकि इन्हें मेडिकल री-इन्बर्समेंट की सुविधा अलग से मिलती है। इसलिए डबल बेनिफिट को एक जगह से वापस लेने की जरूरत थी। दूसरा कारण यह है कि हिम केयर योजना में लंबित भुगतान की राशि बढ़ती जा रही है। राज्य सरकार को आयुष्मान का अतिरिक्त खर्च भी झेलना पड़ रहा है। इसलिए इस स्कीम में कुछ गंभीर संशोधनों की जरूरत है। हिमकेयर स्कीम में वर्तमान में 16 लाख 70 हजार लोगों का पंजीकरण है। अब भी 358 करोड़ के क्लेम पेंडिंग चल रहे हैं। इसमें निजी अस्पतालों के 111 करोड़ और सरकारी अस्पतालों के 247 करोड़ रुपए शामिल हैं।
डायलिसिस केंद्रों को हुआ पांच करोड़ का भुगतान
हिम केयर योजना में सिर्फ डायलिसिस निजी अस्पतालों या केंद्रों में हो रहा है। इलाज और सर्जरी अब सिर्फ सरकारी अस्पतालों में ही है। राज्य सरकार ने प्रति डायलिसिस पैसा तय कर रखा है। इनका भुगतान भी कई महीनों से लंबित है। अब सरकार ने पांच करोड़ रुपए का भुगतान इनके लिए किया है। लंबित भुगतान सरकार को किस्तों में करना होगा।
: *Gujarat ATS को मिली सफलता, अल कायदा मॉड्यूल का भंडाफोड़, 4 आतंकी दबोचे*
गुजरात एटीएस ने एक बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा करते हुए अल कायदा इन इंडियन सबकांटिनेंट (एक्यूआईएस) से जुड़े मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है। गुजरात एटीएस अधिकारियों के मुताबिक, पकड़े गए चार आतंकियों में से दो गुजरात से, एक दिल्ली से और एक नोएडा (उत्तर प्रदेश) से गिरफ्तार किया गया है। यह सभी आतंकवादी अल कायदा के एक्यूआईएस से जुड़े बताए जा रहे हैं। गिरफ्तार आतंकियों की पहचान सैफुल्लाह कुरैशी पुत्र मोहम्मद रफीक, मोहम्मद फर्दीन पुत्र मोहम्मद रईस, मोहम्मद फैक पुत्र मोहम्मद रिजवान) और ज़ीशान अली के रूप में हुई है।
गुजरात एटीएस द्वारा पकड़े गए चारों आतंकियों को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। एटीएस के मुताबिक, सभी आरोपियों की उम्र 20 से 25 वर्ष के बीच है और ये भारत में बड़े पैमाने पर आतंकी हमलों की साजिश रच रहे थे। एटीएस डीआईजी सुनील जोशी ने बताया कि फिलहाल मामले की गहराई से जांच की जा रही है। इन आतंकियों को कुछ खास और संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाने के निर्देश दिए गए थे। ये चारों आतंकी सोशल मीडिया ऐप्स के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़े हुए थे और जांच में यह भी सामने आया है कि इनका संपर्क सीमा पार बैठे आतंकियों से भी था।
: *Deputy CM मुकेश अग्रिहोत्री बोले, केंद्र सरकार जल्द जारी करे जल जीवन मिशन का बकाया पैसा*
ठेकेदारों की पेमेंट और कर्मचारियों की सेलेरी रूकी
केन्द्र सरकार हिमाचल को जल्द से जल्द जल जीवन मिशन का बकाया पैसा रिलीज करे। हिमाचल के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्रिहोत्री ने कहा कि इस संंबंध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी प्रदेश की तरफ से पत्र लिखा गया है मगर अभी तक केन्द्र सरकार यह पैसा जारी नहीं कर रही है। शिमला में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत करते हुए मुकेश अग्रिहोत्री ने कहा कि यह पैसा जल्द से जल्द जारी होना चाहिए क्योंकि पैसा नहीं होने की वजह से यहां पर काम रूक गए हैं। हिमाचल में जल जीवन मिशन के तहत 6200 करोड़ रूपए की राशि मंजूर की गई थी जिसमें से प्रदेश को अभी तक 5100 करोड़ रूपए ही हासिल हो सका है। अभी भी वहां से 1100 करोड़ रूपए लेने हैं। मुकेश अग्रिहोत्री ने कहा कि इस कारण से जो काम रूकें हैं उनको आगे बढ़ाने में दिक्कत हो रही है क्योंकि अभी तक ठेकेदारों की पुरानी पेमेंट ही रिलीज नहीं हो पाई है। ठेकेदारों को उनका पैसा नहीं मिल पाने की वजह से उन्होंने सभी काम रोक दिए हैं। राज्य सरकार के पास इतना पैसा नहीं है कि वो इसपर पैसा खर्च कर सके।
इसके अलावा प्रोजेक्ट के तहत डाटा एंट्री ऑपरेटर भी रखे गए हैं जिनकी तीन महीने से सेलेरी नहीं मिल पाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की तरफ से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक पत्र भेजा गया है जिसमें उनसे आग्रह किया गया था कि हिमाचल क्योंकि पहाड़ी राज्य है और इसकी विकट स्थिति है यहां पर जरूरत के हिसाब से पैसा दिया जाना चाहिए। जल जीवन मिशन में हिमाचल को इससे पहले इंसेंटिव भी मिल चुके हैं क्योंकि प्रदेश ने अच्छा काम किया था। पूर्व सरकार के समय में समय पर पैसा रिलीज किया जाता था मगर अब यहां पैसा नहीं दिया जा रहा है जोकि हिमाचल के साथ भेदभाव है। बार-बार दिल्ली में मामला उठाने के बावजूद यहां पर पैसा नहीं दिया जा रहा है जिस कारण काम नहीं हो पा रहे हैं। मुकेश ने कहा कि उन्होंने विधानसभा में भी जल जीवन मिशन को लेकर स्थिति साफ कर दी है और तब से लेकर लगातार मांग उठाई जा रही है परंत केन्द्र सरकार पैसा नहीं दे रही है। दोबारा उनसे आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इसपर संज्ञान लेना चाहिए और मंत्रालय जल्द पैसा रिलीज करे ताकि पहाड़ी राज्य में तेजी के साथ इस मिशन को पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि अभी जेजेएम में दूसरे चरण का मिशन भी आना है जिसके लिए हिमाचल तैयार है और उसने समय पर अपने टारगेट को भी पूरा किया है। परंतु पैसा नहीं होने की वजह से अब टारगेट भटकने लगा है जिसमें अंतिम चरणों में काम होना था।
: *Gujarat ATS को मिली सफलता, अल कायदा मॉड्यूल का भंडाफोड़, 4 आतंकी दबोचे*
गुजरात एटीएस ने एक बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा करते हुए अल कायदा इन इंडियन सबकांटिनेंट (एक्यूआईएस) से जुड़े मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है। गुजरात एटीएस अधिकारियों के मुताबिक, पकड़े गए चार आतंकियों में से दो गुजरात से, एक दिल्ली से और एक नोएडा (उत्तर प्रदेश) से गिरफ्तार किया गया है। यह सभी आतंकवादी अल कायदा के एक्यूआईएस से जुड़े बताए जा रहे हैं। गिरफ्तार आतंकियों की पहचान सैफुल्लाह कुरैशी पुत्र मोहम्मद रफीक, मोहम्मद फर्दीन पुत्र मोहम्मद रईस, मोहम्मद फैक पुत्र मोहम्मद रिजवान) और ज़ीशान अली के रूप में हुई है।
गुजरात एटीएस द्वारा पकड़े गए चारों आतंकियों को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। एटीएस के मुताबिक, सभी आरोपियों की उम्र 20 से 25 वर्ष के बीच है और ये भारत में बड़े पैमाने पर आतंकी हमलों की साजिश रच रहे थे। एटीएस डीआईजी सुनील जोशी ने बताया कि फिलहाल मामले की गहराई से जांच की जा रही है। इन आतंकियों को कुछ खास और संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाने के निर्देश दिए गए थे। ये चारों आतंकी सोशल मीडिया ऐप्स के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़े हुए थे और जांच में यह भी सामने आया है कि इनका संपर्क सीमा पार बैठे आतंकियों से भी था।
: *हिमाचल में तीन दिन बारिश से राहत, कमजोर पड़ा मानसून, 27 को इन जिलों के लिए यलो अलर्ट*
कमजोर पड़ा मानसून, 27 को तीन जिलों के लिए यलो अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर से कमजोर पड़ गया है। अगले तीन दिनों के लिए राज्य भर के लोगों को बारिश से राहत मिलने जा रही है। मौसम विभाग ने जो पूर्वानुमान दिया है उसके अनुसार तीन दिनों तक कहीं पर भी बारिश नहीं होगी, जबकि 27 जुलाई को तीन जिलों में यलो अलर्ट रहेगा। मौसम विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार 24, 25 व 26 जुलाई को अब वर्षा नहीं होगी। प्रदेश के सभी जिलों में इन तीनों दिनों में बारिश नहीं होगी। 27 जुलाई के लिए कांगड़ा, मंडी व सिरमौर जिलों में भारी वर्षा का यलो अलर्ट दिया है। इस दिन शेष जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कुल्लू, शिमला, सोलन, किन्नौर व लाहुल-स्पीति में बारिश नहीं होगी।
1382 करोड़ पहुंचा हिमाचल का नुकसान
हिमाचल प्रदेश को पिछले दिनों हुई आपदा के बाद अब तक 1382 करोड़ 16 लाख रुपए की राशि का नुकसान पहुंचा है। बुधवार शाम तक इतना आकलन किया गया है। इस नुकसान की भरपाई के लिए हिमाचल सरकार लगातार केंद्र से मामला उठा रही है। दूसरी टीम भी यहां पर कारणों की जांच के लिए पहुंच गई है। बुधवार शाम तक प्रदेश में 344 सडक़ें, एक एनएच-70, बिजली के 169 ट्रांसफार्मर व 230 पेयजल योजनाएं बंद पड़ी है। चंबा की चार, कांगड़ा की 11, कुल्लू की 71, लाहुल-स्पीति की 15, मंडी की 232, शिमला की दो, सिरमौर की चार, सोलन की दो व ऊना की तीन सडक़ें बंद है।
: *छह साल की कड़ी मेहनत से सफलता, लाहुल के किसान ने तैयार किया हींग का बीज, किसानों की बढ़ेगी आय*
छह साल की कड़ी मेहनत से सफलता, देश के पहले किसान बने तोग चंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जल्द करेंगे मुलाकात, लाहुल की जलवायु खेती के लिए उपयुक्त, हींग की खेती से बढ़ेगी किसानों की आय
अगर मन में कुछ करने का जज्बा हो तो इनसान उसे हासिल करने में अपनी जीजान लगा देता है। जी हां, ऐसा ही कुछ कर दिखाया है जनजातीय जिला लाहुल-स्पीति के किसान ने। जिन्होंने हींग का बीज तैयार किया है। अटल टनल बनने के बाद जिस तरह से लाहुल-स्पीति की तस्वीर बदली है, तो वही यहां पर किसान भी विविध प्रकार की फसल उगाकर अपनी आर्थिक हालत को मजबूत करने लगे है। ऐसे में लाहुल घाटी में हींग की खेती भी पहली बार सफल हुई है और पूरे भारत में पहली बार हींग के पौधे से बीज भी तैयार किया गया है। लाहुल घाटी के सलग्रा गांव के तोग चंद ने चार साल की मेहनत से इस उपलब्धि को हासिल किया है और वैज्ञानिकों ने भी तोग चंद की मेहनत को खूब सराहा है। ऐसे में वैज्ञानिकों के द्वारा किसान तोग चंद को प्रशस्ति पत्र भी दिया गया है और इस बात को अब पीएम कार्यालय के समक्ष भी रखा जा रहा है। -एचडीएम
हींग का बीज तैयार करने वाले तोग चंद देश के पहले किसान
लाहुल घाटी के सलग्रां के किसान तोग चंद ने हींग के पौधे से इसका बीज तैयार किया है। हींग का बीज तैयार करने वाले वह देश के पहले किसान बने हैं। बीते दिनों सीएसआइआर आइएचबीटी पालमपुर ने तोग चंद ठाकुर को सम्मानित किया है। उन्होंने पाया कि चार साल बाद हींग के पौधे से बीज तैयार हो गए हैं, जो कि उनके लिए बड़ी उपलब्धि है।
वैज्ञानिकों ने किया था घाटी का दौरा
करीब चार साल पहले सीएसआइआर आइएचबीटी पालमपुर के वैज्ञानिकों ने लाहुल घाटी का दौरा किया था। इस दौरान हींग के पौधे के लिए हिमाचल प्रदेश की लाहुल घाटी की ठंडी और शुष्क जलवायु बेहतर पाई गई थी। ऐसे में वैज्ञानिकों ने लाहुल घाटी के कुछ किसानों को हींग के बीज दिए थे, ताकि वह इसे अपने खेतों में उगा सके।
हींग की खेली महत्वाकांक्षी परियोजना
सीएसआइआर आइएचबीटी पालमपुर के विज्ञानियों के अनुसार भारत में हींग की खेती एक महत्त्वाकांक्षी परियोजना है, जिससे किसानों को आर्थिक रूप से लाभ हो सकता है। ऐसे में भारत में पैदा हींग के बीज अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में हींग की खेती के लिए ज्यादा उपयुक्त होंगे।
छह साल से बीज तैयार करने की कोशिश
किसान तोद चंद ने बताया कि पिछले छह सालों से वह हींग का बीज तैयार कर रहे है, लेकिन सफलता उन्हें चार साल पहले मिली है। चार साल पहले उन्हें सीएसआइआर आइएचबीटी पालमपुर के माध्यम से इसके बीज और कुछ पौधे मिले थे। जब हींग की खेती उन्होंने शुरू की तो उन्होंने इसके बारे में शोध किया और पाया कि उनके आसपास के इलाकों में हींग की खेती के लिए जो तापमान और जलवायु चाहिए। वह बिलकुल बेहतर है।
: *Himachal News: करसोग-गोहर से लापता आठ लोगों का DNA मैच नहीं, परिजनों का इंतजार हुआ लंबा*
मंडी पुलिस के हाथ खाली; परिजनों का इंतजार भी हुआ लंबा, थुनाग की रिपोर्ट आना अभी बाकी
ब्यास की लहरों ने जिन नौ शवों को लौटाया है, उनमें से एक शव का भी डीएनए करसोग और गोहर से लापता हुए आठ लोगों से मैच नहीं किया है। हालांकि थुनाग त्रासदी में लापता हुए 19 लोगों के परिजनों के डीएनए सैंपल मैचिंग पर फिलहाल सस्पेंस बरकरार है। करसोग और गोहर से लिए गए डीएनए की मैचिंग रिपोर्ट पुलिस को मिल चुकी है और इसमें से किसी का भी डीएनए लापता लोगों के परिजनों से मैच नहीं हुआ है। हालांकि थुनाग से लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट अभी आना बाकी है। मंडी क्षेत्र से त्रासदी के बाद से ही कुल 27 लोग लापता चल रहे हैं। इनमें से सबसे ज्यादा पखरैर पंचायत के डेजी गांव से ही 11 लोग लापता हैं। थुनाग क्षेत्र के कुल 19 लोग बीते 23 दिनों से लापता हैं और उनकी तलाश के लिए चलाया गया सर्च ऑपेरशन भी फिलहाल बंद हो गया है। लापता लोगों में थुनाग से चार, झुड़ी से एक, पांडवशिला से दो और लंबाथाच से एक व्यक्ति अभी भी लापता है।
पंगलियूर से पांच, परवाड़ा से दो और सरनाली से एक व्यक्ति लापता चल रहा है। त्रासदी के बाद से ही ब्यास नदी ने हमीरपुर, कांगड़ा, ऊना और मंडी पुलिस थानों अधीन कुल नौ शव लौटाए हैं। इनमें से चार शव महिलाओं के, तीन शव पुरुषों और दो शव बच्चों के हैं। इन्हीं शवों की पहचान के लिए थुनाग, गोहर और करसोग से 27 लापता चल रहे लोगों के परिजनों के डीएनए सैंपल लिए गए हैं। थुनाग में कुल 12 लोगों के डीएनए सैंपल टैस्टिंग के लिए फोरंेसिक लैब धर्मशाला और मंडी भेजे गए थे। दोनों ही लैब से मंडी पुलिस को सूचना प्राप्त हो गई है कि नौ शवों की पहचान के लिए गए डीएनए टैस्ट मैचिंग रिपोर्ट करसोग और गोहर से लापता चल रहे आठ लोगों के परिजनों से मैच नहीं हुई है। फिलहाल पुलिस थुनाग से लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। (एचडीएम)
पुलिस अधीक्षक मंडी ने की पुष्टि
मंडी एसपी साक्षी वर्मा ने पुष्टि की है कि गोहर और करसोग से लिए गए डीएनए रिपोर्ट मैच नहीं हुई हैं। हालांकि थुनाग से लिए गए डीएनए सैंपलों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
इन लापता लोंगों के लिए रिश्तेदारों की हुई थी सैंपलिंग
थुनाग त्रासदी में लपता चल रही मथुरा देवी के लिए भाई रोशन लाल का डीएनए टेस्ट किया गया था। पखरैर की कांता देवी, एकता, हिमंाशी और कुनैशी क ी तलाश के लिए उनके परिजनों का डीएनए टैस्ट लिया गया था। गोकुल चंद और डोलमा देवी के लिए वीरभद्र सिंह का डीएनए लिया गया था। भुवनेश्वरी, सूर्यांश और उर्वांशी के लिए मुकेश कुमार का सैंपल, बालू देवी की पहचान के लिए जोगिंद्र पाल, सोहन लाल तथा स्वर्ण सिंह के लिए बाले राम का डीएनए टेस्ट हुआ है। इसी तरह के अरुण, सानिया और मथुरा सहित त्रिलोक और सुशीला की तलाश के लिए भी डीएन सैंपलिंग हुई है। धार जरोल के रोशन लाल और वीरेंद्र कुमार के परिजनों का भी डीएनए टेस्ट लिया गया है।
परिजन कर रहे हैं पार्थिव देह का इंतजार प्राटोकॉल के तहत हो गया अंतिम संस्कार
ब्यास में मिले शवों का डीएनए सुरक्षित, देह पंचतत्व में विलीन
दीक्षा ठाकुर — मंडी
मंडी में आई त्रासदी के बाद से लापता चल रहे 27 लोगों के परिजन आज भी पार्थिव देह का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन पुलिस ने ब्यास में मिले सभी नौ शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। ब्यास से मिले इन सभी शवों का डीएनए पुलिस ने सुरक्षित रख लिया है, लेकिन देह पंचतत्व में विलीन हो चुकी है। प्रोटोकॉल के मुताबिक अज्ञात शव मिलने के 72 घटों के बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया जाता है। इससे पहले शव का पोस्टमार्टम करवा करके डीएनए प्रिजर्व किया जाता है और उसके बाद ही अंतिम संस्कार किया जाता है। मंडी त्रासदी मेंं लापता चल रहे 27
लोगों के घर वाले बेशक यह मान चुके हैं कि गायब हुए परिजन अब वापस दोबारा नहीं लौटेंगे, लेकिन प्रोटोकॉल के चलते डीएनए मैचिंग होने के बाद भी किसी परिजन को अपने के अंतिम दर्शन नहीं हो पांएगे। एसपी मंडी साक्षी वर्मा का कहना है कि प्रोटोकॉल के तहत शवों का संस्कार किया गया है।
डीएनए मैचिंग किससे
ऊना और देहरा में मिले तीन शवों क ी पहचान हो चुकी है। ब्यास से मिले अन्य छह शवों की पहचान होना बाकी है, ऐसे में मंडी से गायब हुए 27 लागों के लिए की जा रही डीएनए मैचिंग किसके साथ हो रही है, अब यह भी बड़ा सवाल बन गया है।
कितने शव मिले, संशय बरकरार
मंडी से लेकर देहरा तक ब्यास ने कितने अज्ञात शव लौटाए हैं, इसको लेकर के अब रहस्य गहरा गया है। मंडी पुलिस के मुताबिक अभी तक नौ अज्ञात शव ब्यास की लहरों ने लौटाए हैं, जबकि एसपी ऊना कहते हैं कि जो शव ऊना सदर थाना के अतंर्गत ब्यास नदी से बरामद किया गया है, वह स्थानीय हैं और परिजनों को शव सौंप दिया गया है। देहरा एसपी मंयक चौधरी बताते हैं कि ज्वालामुखी पुलिस थाना क्षेत्र के अंर्तगत मिले दो शवों की पहचान कर ली गई है और इसका मंडी त्रासदी से कोई लेना-देना नहीं इसकी जानकारी मंडी पुलिस को दे दी गई है।
: *बिजली बोर्ड को 155 करोड़ का झटका, 326 ट्रांसफार्मर के साथ कई किलोमीटर बिजली की लाइनें ध्वस्त*
सरकार को भेजा प्रस्ताव, 326 ट्रंासफार्मर के साथ कई किलोमीटर बिजली की लाइनें ध्वस्त
हिमाचल प्रदेश में हुई आपदा के चलते इस बार अभी तक राज्य बिजली बोर्ड लिमिटेड को 155 करोड़ रुपए का झटका लगा है। वर्ष 2023 में बिजली बोर्ड को 1700 करोड़ का नुकसान हुआ था। उस आपदा में भी बोर्ड को मात्र कुछ करोड़ की राहत दी गई थी जिससे अब तक वह उभर नहीं पाया है। ऐसे में अब इस साल भी बिजली बोर्ड को अभी तक 155 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है, जिससे उसका ट्रांसमिशन ढांचा पूरी तरह से बिगड़ गया है। बोर्ड के उत्पादन को जो नुकसान हुआ है, वो इससे अलग है। राज्य बिजली बोर्ड की तरफ से प्रदेश सरकार को इस संबंध में सूचना भेजी गई है। यदि केंद्र सरकार से आपदा राहत के लिए कोई पैसा प्रदेश को मिलता है, तो बिजली बोर्ड ने भी उस पर अपनी दावेदारी जताई दी है।
बोर्ड को पहुंचे वृहद नुकसान की बात करें तो कई किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइनें ध्वस्त हो चुकी हैं। सबसे अधिक नुकसान शिमला जोन में हुआ है। शिमला जोन को 90 करोड़ रुपए का नुकसान बताया जा रहा है। कांगड़ा जोन की बात करें तो वहां पर 4.4 करोड़ रुपए, मंडी जोन में 5.5 करोड़ ,हमीरपुर जोन में 2.50 करोड़ का नुकसान बताया जा रहा है। बोर्ड के 326 बिजली ट्रांसफार्मर इस बरसात में अब तक खराब हो चुके हैं। इन ट्रांसफार्मरों को सुचारू करने में काफी ज्यादा समय लगेगा। बिजली की बहाली के लिए हालांकि फौरी व्यवस्था बोर्ड ने की है, लेकिन 326 ट्रांसफार्मर को दुरुस्त करना अभी उतना आसान नहीं है।
465 किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइनों का नुकसान
ट्रांसमिशन लाइनों की बात करें, तो एचटी 22 केवी की 75 किलोमीटर लाइन ध्वस्त हुई है वहीं एचटी 11 केवी की 465 किलोमीटर लाइनों को नुकसान पहुंचा है। इसी तरह से एलटी की 1073 किलोमीटर लाइनों में खराबी आई है जिन पर काम किया जा रहा है। बिजली बोर्ड ने सरकार से 155 करोड़ रूपए की राहत राशि देने की मांग की है।
पावर प्रोजेक्ट्स मेें बिजली उत्पादन बंद
बिजली बोर्ड की कई परियोजनाएं भी इस दौरान उत्पादन बंद कर चुकी हैं। इसकी वजह से भी बीच-बीच में उत्पादन का नुकसान हो रहा है और यह नुकसान करोड़ों में है। बिजली की सुचारू व्यवस्था करने के लिए बोर्ड को बाहर से बिजली खरीदनी पड़ रही है। पिछले तीन-चार दिनों से यही क्रम चल रहा है। क्योंकि उसकी परियोजनाओं में सिल्ट भर गई।
: *अब 59 देशों में भारतीयों को वीजा फ्री एंट्री*
पासपोर्ट पावर इंडेक्स में भारत की बोली तूती, हेनले इंडेक्स 2025 में लगाई आठ पायदान की बड़ी छलांग
भारत के पासपोर्ट को वैश्विक स्तर पर अब और मजबूती मिल गई है। भारत ने हेनले पासपोर्ट इंडेक्स-2025 में अपनी अब तक की सबसे बड़ी छलांग लगाई है, जो देश की बढ़ती कूटनीतिक ताकत का प्रतीक है। हेनले पासपोर्ट इंडेक्स-2025 की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय पासपोर्ट ने आठ पायदान की छलांग लगाकर 85वें स्थान से 77वें स्थान पर जगह बनाई है। यह पिछले छह महीनों में भारत का अब तक का सबसे बड़ा सुधार है। इस इंडेक्स में पासपोर्ट की ताकत इस आधार पर मापी जाती है कि वह कितने देशों में वीजा-मुक्त या वीजा-ऑन-अराइवल यात्रा की सुविधा देता है। भारत के पासपोर्ट धारक अब 59 देशों में बिना वीजा या वीजा-ऑन-अराइवल के साथ यात्रा कर सकते हैं, जो पहले 57 देशों तक सीमित था। यह उपलब्धि भारत की बढ़ती वैश्विक गतिशीलता और कूटनीतिक रिश्तों को दर्शाती है।
हालांकि भारत ने इस साल जनवरी में 85वें स्थान पर गिरावट देखी थी, लेकिन जुलाई 2025 की रिपोर्ट में यह सुधार भारत की कूटनीतिक सफलता को दर्शाता है। हेनले पासपोर्ट इंडेक्स में भारत की आठ पायदान की छलांग न केवल पासपोर्ट की ताकत, बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक साख को दर्शाती है। 59 देशों में वीजा-मुक्त यात्रा की सुविधा भारतीयों के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा को आसान बनाएगी। भारतीय पासपोर्ट धारक अब 19 अफ्रीकी देशों, 19 एशियाई देशों, 10 उत्तरी अमरीकी देशों, 10 ओसीनिया क्षेत्र के देशों और एक दक्षिण अमरीकी देश में बिना वीजा यात्रा कर सकते हैं।भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में लगातार सुधार भारत की बढ़ती वैश्विक साख को दर्शाता है। यह बेहतर कूटनीतिक संबंधों और अंतरराष्ट्रीय समझौतों का परिणाम हो सकता है, जो वीजा-मुक्त यात्रा को बढ़ावा दे रहे हैं।
सिंगापुर पहले स्थान पर, अफगानिस्तान सबसे नीचे
दुनिया के सबसे ताकतवर पासपोर्ट के मामले में सिंगापुर शीर्ष पर है। सिंगापुर का पासपोर्ट 193 देशों में वीजा-मुक्त यात्रा की सुविधा देता है। 190 देशों के साथ जापान और साउथ कोरिया दूसरे स्थान पर हैं। तीसरे स्थान पर डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, आयरलैंड, इटली और स्पेन संयुक्त रूप से हैं, जिनके नागरिक 189 देशों में वीजा-मुक्त यात्रा कर सकते हैं। दूसरी ओर अफगानिस्तान का पासपोर्ट 26 देशों के साथ सबसे कमजोर है। भारत पासपोर्ट इंडेक्स में 77वें स्थान पर पहुंच गया है और उसके पास 59 गंतव्यों तक वीजा मुक्त पहुंच उपलब्ध है।
: *MLA Area Development Fund: विधायक क्षेत्र विकास निधि की दूसरी किस्त जारी, हर MLA को मिले 52.50 लाख*
विधायक क्षेत्र विकास निधि की दूसरी किस्त जारी, आपदा में मदद कर सकेंगे माननीय
राज्य सरकार ने विधायकों को विधायक क्षेत्र विकास निधि की राशि जारी कर दी है। इस साल की यह दूसरी किस्त है, जो कि विधायकों को जारी हुई है। सरकार ने समय रहते यह पैसा रिलीज किया है, जिसको लेकर पिछली बार भी विवाद खड़ा हो गया था। विपक्ष के विधायकों ने तब देरी से इस राशि के जारी होने पर ऐतराज जताया था, परंतु इस बार सरकार ने समय पर यह पैसा रिलीज किया है, ताकि विधायक अपने क्षेत्रों में आपदा राहत में भी मदद कर सकें। बताया जा रहा है कि सभी विधायकों ने पिछली तिमाही में हुए खर्च को लेकर यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेशन जिलाधीशों के माध्यम से भिजवा दिए हैं, जिसके बाद योजना विभाग ने विधायक क्षेत्र विकास निधि की दूसरी किस्त जारी कर दी है। मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों को तय समय पर पैसा रिलीज करने के आदेश दिए थे, जिस पर योजना विभाग ने इसे क्लियर कर दिया है और अब वित्त विभाग ने जिलाधीशों के माध्यम से विधायकों को यह राशि जारी की है। विधायक क्षेत्र विकास निधि के तहत प्रत्येक विधायक को दो करोड़ 10 लाख रुपए की राशि प्रदान की जाती है।
इसमें सरकार ने कुछ बढ़ोतरी बजट में की थी। चार किस्तों में साल में यह पैसा दिया जाता है, जिसमें प्रत्येक किस्त 52 लाख 50 हजार रुपए की बनती है। यह पैसा इस बार भी तय समय पर दे दिया गया है, जिससे विधायकों हर बार विधायक क्षेत्र विकास निधि की राशि बढ़ाने की मांग होती है और हर साल सरकार इसमें थोड़ी-थोड़ी बढ़ोतरी करती है। इसके अलावा विधायकों को ऐच्छिक निधि भी मिलती है, जिससे वे व्यक्तिगत रूप से किसी की मदद करते हैं।
चार किस्तों में मिलता है पैसा
अप्रैल महीने के बाद चार किस्तों में यह राशि प्रदान की जाती है, जिसमें कुछ कार्य चिन्हित किए गए हैं और जिनके लिए ही विधायक इस निधि से पैसा देने की अनुशंसा कर सकते हैं। इन दिनों प्रदेश में जिस तरह से आपदा का दौर चल रहा है, तो विधायक भी लोगों की इस पैसे से छोटी-छोटी मदद कर सकते हैं। खासकर मंडी में इस बार अभी तक आपदा से काफी बड़ा नुकसान हुआ है। हालांकि वहां के लिए करोड़ों रुपए की धनराशि चाहिए, जिस पर राज्य सरकार विशेष मदद को पैकेज बना रही है, परंतु इसमें केंद्र सरकार से भी मदद की दरकार है।
: *Himachal News: शिमला के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, बम निरोधक दस्तों ने संभाला मोर्चा*
कोर्ट, प्रदेश सचिवालय के बाद अब विद्यालयों को चेतावनी, बम निरोधक दस्तों ने संभाला मोर्चा
प्रदेश की राजधानी शिमला में सात स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। स्कूल प्रबंधन को धमकी भरी ई-मेल मिलने के बाद स्कूलों में बम निरोधक दस्ते जांच में जुट गए हैं। अब तक की जांच में पुलिस और बम निरोधक दस्ते को कुछ हाथ नहीं लगा। जानकारी के अनुसार एडवर्ड स्कूल, ढली के सेक्रेड हार्ट स्कूल और संजौली के सरस्वती पैराडाइज स्कूल, कॉनवेंट तारा हॉल स्कूल, बीसीएस, आईवीवाई इंटर नेशनल स्कूल, चैलसी स्कूल को धमकी भरे मेल आए हैं। सभी स्कूलों में बच्चों को स्कूलों से निकाला गया और फिर बम निरोधक दस्ते में पूरे स्कूल कैंपस की तलाशी ली। जांच के बाद सभी बच्चों को क्लास रूम ले जाया गया। हलांकि सर्च में पुलिस टीम को कुछ भी नहीं मिला।
शिमला पुलिस एहतियात बरते हुए सुरक्षति तरीके स्कूलों में सर्च अभियान चलाया है। शिमला पुलिस ने सात स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी के बाद सदर पुलिस थाना न्यू शिमला और सदर पुलिस थाना शिमला में दो अज्ञात लोगों के खिलाफ दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। एसएसपी शिमला संजीव गांधी का कहना है कि पुलिस ने स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी के मामले में सदर पुलिस थाना शिमला और पुलिस थाना न्यू शिमला में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस मामले की हर पहलु की गहनता से जांच कर रही है।
स्कूलों को भेजी ई-मेल निकली फर्जी
शिमला। प्रदेश की राजधानी शिमला में सात स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकियों की पुष्टि फर्जी निकली। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी की गई प्रेस विज्ञाप्ति में इसकी जानकारी दी गई है। बुधवार सुबह शिमला में कई स्कूलों को बम धमकी वाले ई-मेल प्राप्त हुए, जिससे छात्रों, अभिभावकों और कर्मचारियों में घबराहट फैल गई। डीजीपी अशोक तिवारी ने बताया कि राज्य पुलिस और राज्य सीआईडी ने बम दस्तों के साथ तत्काल कार्रवाई करते हुए इन धमकियों की गहन जांच की। सौभाग्य से, सभी धमकियों की पुष्टि फर्जी निकली। डीजीपी अशोक तिवारी ने कहा कि कोई भी विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री नहीं मिली। उन्होंने जनता से शांति बनाए रखने और अनावश्यक दहशत और अफवाहें न फैलाने की अपील की है। राज्य पुलिस ऐसी धमकियों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार और सक्षम है। ई-मेल भेजने वालों को न्याय के दायरे में लाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
: *विशेष राहत पैकेज जारी करे सरकार, जयराम ठाकुर बोले, आपदा के 24 दिन बाद भी नहीं हुई घोषणा*
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में आपदा आए हुए 24 दिन बीत गए हंै और सरकार की तरफ से विशेष राहत पैकेज की घोषणा नहीं हुई है। आपदा के पीडि़त लोग इंतज़ार कर रहे हैं कि सरकार विशेष पैकेज की घोषणा कब करेगी? मुख्यमंत्री से आग्रह है कि आपदा प्रभावित लोगों के लिए अविलंब विशेष राहत पैकेज जारी करें। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य में ही अपेक्षित तेजी नहीं लाई जा सकी है। सडक़े बंद हैं और सेब का सीजन शुरू हो गया है। आपदा से जो भी कृषि-बागबानी और फूलों की खेती बच गई है, वह भी सडक़ें न होने के कारण बाज़ार तक नहीं पहुंच पा रही है। इससे आपदा का दंश झेल रहे लोग दोहरे नुकसान का सामना कर रहे हैं। लोग थक-हार कर अपने संसाधनों से जेसीबी और पोकलेन मशीनें लगाकर रास्ते खुलवाने में लगे हैं। हमने लोगों से अपील करके मशीनें मंगवाई हैं। हमारा सरकार और लोक निर्माण विभाग से आग्रह है कि रास्ते खोलने के काम में और तेजी लाएं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस आपदा से बहुत नुकसान हुआ है। तीन हफ्ते से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी बहुत सी जगहों पर अभी बिजली की सुविधा बहाल नहीं हुई है। पानी और सडक़ की जितनी भी सुविधाएं अभी तक बहाल हुई हैं, वे सब अस्थायी हैं। पीडब्ल्यूडी और जलशक्ति विभाग की जिन योजनाओं को नुकसान पहुंचा है, सरकार उनकी डीपीआर जल्दी बनवाए, ताकि नुकसान की भरपाई के लिए उन डीपीआर को केंद्र के सम्मुख प्रस्तुत किया जा सके।
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*हिमाचल जॉब ट्रेनी की दो साल में सीखे काम के आधार पर होगी परीक्षा, पास होने वाले ही होंगे नियमित*
*एक परीक्षा देकर सरकारी नौकरी कर रहे अनुबंध कर्मियों को भी दो साल के बाद नियमित होने के लिए दूसरी बार परीक्षा में बैठना पड़ेगा। इस परीक्षा को पास करना नियमित वेतनमान पर नियुक्ति के लिए अनिवार्य होगा। जब तक उम्मीदवार यह परीक्षा उत्तीर्ण नहीं करते, तब तक उन्हें स्थायी सरकारी कर्मचारी के रूप में नियुक्त नहीं किया जाएगा।*
हिमाचल प्रदेश में भर्ती किए जाने वाले जॉब ट्रेनी की दो साल में सीखे गए काम के आधार पर परीक्षा होगी। *सरकार से नामित एजेंसी और प्रशासनिक अधिकारी इस परीक्षा का स्वरूप और पाठ्यक्रम तय करेंगे। हर पद की कार्य प्रकृति के अनुसार परीक्षा में ज्ञान जांचा जाएगा। परीक्षा पास करने वाले ही नियमित होने के लिए पात्र होंगे*। 14 मई 2025 के बाद जारी भर्ती विज्ञापनों पर होने वाली हर नियुक्ति के लिए दक्षता परीक्षा देना अनिवार्य रहेगा।
कार्मिक विभाग की ओर से सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि जॉब ट्रेनी योजना के नियुक्त सभी उम्मीदवारों को दो वर्षों की नौकरी प्रशिक्षु अवधि पूरी करनी होगी। इस दौरान उन्हें संबंधित विभागों में कार्य का व्यावहारिक अनुभव और आवश्यक कौशल प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण अवधि पूर्ण होने के बाद उम्मीदवारों को एक पात्रता परीक्षा या दक्षता परीक्षा पास करनी होगी, जो उनकी नौकरी से संबंधित कार्यकुशलता और ज्ञान को परखेगी।
*परीक्षा पास किए बिना नहीं होंगे स्थाई*
इस परीक्षा को पास करना नियमित वेतनमान पर नियुक्ति के लिए अनिवार्य होगा। जब तक उम्मीदवार यह परीक्षा उत्तीर्ण नहीं करते, तब तक उन्हें स्थायी सरकारी कर्मचारी के रूप में नियुक्त नहीं किया जाएगा। कार्मिक विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह परीक्षा सरकार द्वारा नामित किसी अधिकृत परीक्षा एजेंसी द्वारा आयोजित की जाएगी। परीक्षा का स्वरूप, पाठ्यक्रम एवं अन्य विवरण प्रशासनिक प्राधिकारी की ओर से परीक्षा एजेंसी से परामर्श के बाद निर्धारित किए जाएंगे। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि परीक्षा प्रत्येक पद की कार्य प्रकृति के अनुसार उपयुक्त और व्यावहारिक हो।
*क्या है जॉब ट्रेनी पॉलिसी?*
हिमाचल प्रदेश सरकार ने हाल ही में जॉब ट्रेनी पॉलिसी लागू की है, जिसके तहत सरकारी विभागों, बोर्डों, और निगमों में ग्रुप-ए, बी, और सी के पदों पर नई भर्तियों के लिए उम्मीदवारों को पहले दो साल तक जॉब ट्रेनी के रूप में काम करना होगा। इस पॉलिसी के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
*दो साल की ट्रेनी अवधि*
चयनित उम्मीदवारों को दो साल की प्रशिक्षण अवधि पूरी करनी होगी, जिस दौरान वे नियमित सरकारी कर्मचारी नहीं माने जाएंगे। इस दौरान उन्हें एक निश्चित मासिक राशि दी जाएगी।
*लाभ और सुविधाएं क्या मिलेंगी?*
ट्रेनी अवधि में कर्मचारियों को पेंशन, अवकाश नियम, या अन्य भत्तों की सुविधा नहीं मिलेगी। हालांकि, हिमकेयर या आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के तहत इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। ट्रेनी को सीमित छुट्टियां जैसे एक महीने की सेवा के बाद एक दिन की कैजुअल लीव, साल में 10 दिन की मेडिकल लीव, और पांच दिन की स्पेशल लीव मिलेगी। महिला ट्रेनी को मातृत्व अवकाश (180 दिन) और गर्भपात की स्थिति में 45 दिन की विशेष छुट्टी मिलेगी। दो साल की ट्रेनी अवधि के बाद उम्मीदवारों को दक्षता परीक्षा पास करनी होगी, जिसका पाठ्यक्रम संबंधित विभाग तय करेगा। परीक्षा पास करने के बाद ही नियमित नियुक्ति संभव होगी।
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*सतरूंडी नाले का बढ़ा जलस्तर, तीन घंटे फंसे रहे यात्री और पर्यटक*
चंबा-किलाड़ मार्ग पर बारिश होने पर सतरूंडी नाले का बुधवार को जलस्तर बढ़ गया। इसके चलते करीब 10 बस यात्री और 50 से अधिक पर्यटक घंटों फंसे रहे। *मामले की सूचना मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मशीनरी के माध्यम से मार्ग को कड़ी मशक्कत के बाद बहाल किया।* ऐसे में पर्यटकों को तीन घंटे मार्ग बहाल होने का इंतजार करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार बुधवार दोपहर 1:00 बजे किलाड़ से चंबा के लिए बस रवाना हुई मगर सतरूंडी नाले का जलस्तर बढ़ गया। इस कारण चालक और परिचालक ने बस को पीछे खड़ा कर दिया। इसके बाद टैक्सियां भी पहुंची। बस में करीब दस यात्री सवार थे जबकि, टैक्सियों में 50 से अधिक पर्यटक सवार थे। यात्रियों में रमेश कुमार, सुनील कुमार, संजय कुमार, सुमित कुमार, अजय कुमार, भीम सेन ने बताया कि सतरूंडी नाला के समीप अचानक नाले का जलस्तर बढ़ गया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में काफी बारिश हुई है। बहरहाल, नाले का जलस्तर कम होने के बाद जेसीबी मशीन लगाई गई और शाम 4:00 बजे मार्ग को बहाल किया गया। इसके बाद मार्ग पर वाहनों की आवाजाही शुरू हुई। गौरतलब है कि गर्मियों के मौसम में किलाड़ के लिए पर्यटकों की काफी आवाजाही रहती है। ऐसे में कई बार बारिश के कारण मार्ग भी बंद हो जाता है।
*उपायुक्त चंबा मुकेश रेपसवाल ने बताया* कि सतरूंडी नाले का जलस्तर बढ़ा था। उन्होंने कहा कि अब मार्ग वाहनों की आवाजाही के लिए खुला है।
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*करसोग-गोहर से लापता आठ लोगों का DNA मैच नहीं, परिजनों का इंतजार हुआ लंबा*
मंडी पुलिस के हाथ खाली; परिजनों का इंतजार भी हुआ लंबा, थुनाग की रिपोर्ट आना अभी बाकी
ब्यास की लहरों ने जिन नौ शवों को लौटाया है, उनमें से एक शव का भी डीएनए करसोग और गोहर से लापता हुए आठ लोगों से मैच नहीं किया है। हालांकि थुनाग त्रासदी में लापता हुए 19 लोगों के परिजनों के डीएनए सैंपल मैचिंग पर फिलहाल सस्पेंस बरकरार है। करसोग और गोहर से लिए गए डीएनए की मैचिंग रिपोर्ट पुलिस को मिल चुकी है और इसमें से किसी का भी डीएनए लापता लोगों के परिजनों से मैच नहीं हुआ है। हालांकि थुनाग से लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट अभी आना बाकी है। मंडी क्षेत्र से त्रासदी के बाद से ही कुल 27 लोग लापता चल रहे हैं। इनमें से सबसे ज्यादा पखरैर पंचायत के डेजी गांव से ही 11 लोग लापता हैं। थुनाग क्षेत्र के कुल 19 लोग बीते 23 दिनों से लापता हैं और उनकी तलाश के लिए चलाया गया सर्च ऑपेरशन भी फिलहाल बंद हो गया है। लापता लोगों में थुनाग से चार, झुड़ी से एक, पांडवशिला से दो और लंबाथाच से एक व्यक्ति अभी भी लापता है।
पंगलियूर से पांच, परवाड़ा से दो और सरनाली से एक व्यक्ति लापता चल रहा है। त्रासदी के बाद से ही ब्यास नदी ने हमीरपुर, कांगड़ा, ऊना और मंडी पुलिस थानों अधीन कुल नौ शव लौटाए हैं। इनमें से चार शव महिलाओं के, तीन शव पुरुषों और दो शव बच्चों के हैं। इन्हीं शवों की पहचान के लिए थुनाग, गोहर और करसोग से 27 लापता चल रहे लोगों के परिजनों के डीएनए सैंपल लिए गए हैं। थुनाग में कुल 12 लोगों के डीएनए सैंपल टैस्टिंग के लिए फोरंेसिक लैब धर्मशाला और मंडी भेजे गए थे। दोनों ही लैब से मंडी पुलिस को सूचना प्राप्त हो गई है कि नौ शवों की पहचान के लिए गए डीएनए टैस्ट मैचिंग रिपोर्ट करसोग और गोहर से लापता चल रहे आठ लोगों के परिजनों से
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*विशेष राहत पैकेज जारी करे सरकार, जयराम ठाकुर बोले, आपदा के 24 दिन बाद भी नहीं हुई घोषणा*
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में आपदा आए हुए 24 दिन बीत गए हंै और सरकार की तरफ से विशेष राहत पैकेज की घोषणा नहीं हुई है। आपदा के पीडि़त लोग इंतज़ार कर रहे हैं कि सरकार विशेष पैकेज की घोषणा कब करेगी? मुख्यमंत्री से आग्रह है कि आपदा प्रभावित लोगों के लिए अविलंब विशेष राहत पैकेज जारी करें। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य में ही अपेक्षित तेजी नहीं लाई जा सकी है। सडक़े बंद हैं और सेब का सीजन शुरू हो गया है। आपदा से जो भी कृषि-बागबानी और फूलों की खेती बच गई है, वह भी सडक़ें न होने के कारण बाज़ार तक नहीं पहुंच पा रही है। इससे आपदा का दंश झेल रहे लोग दोहरे नुकसान का सामना कर रहे हैं। लोग थक-हार कर अपने संसाधनों से जेसीबी और पोकलेन मशीनें लगाकर रास्ते खुलवाने में लगे हैं। हमने लोगों से अपील करके मशीनें मंगवाई हैं। हमारा सरकार और लोक निर्माण विभाग से आग्रह है कि रास्ते खोलने के काम में और तेजी लाएं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस आपदा से बहुत नुकसान हुआ है। तीन हफ्ते से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी बहुत सी जगहों पर अभी बिजली की सुविधा बहाल नहीं हुई है। पानी और सडक़ की जितनी भी सुविधाएं अभी तक बहाल हुई हैं,
: मंडी ज़िला के सरकाघाट उपमंडल के मसेरन के निकट तारंगला में एचआरटीसी बस के खाई में गिरने से चार लोगों के निधन का समाचार प्राप्त होने पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने दुःख व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये ख़बर अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुँचाने और उपचार दिलाने के लिए ज़िला प्रशासन को निर्देश जारी कर दिये गये हैं।
उन्होंने दुःख की इस घड़ी में, दिवंगत जनों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए, शोक-संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं।
मुख्यमंत्री ने सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।
: *पंजाब के खन्ना में हादसा: धागा फैक्टरी जा रही महिलाओं की बस को टिप्पर ने मारी टक्कर, बस पलटने से 15 से ज्यादा घायल*
मिनी बस 25 महिलाओं को लेकर खन्ना साइड से दोराहा में कौर सेन फैक्टरी में आ रही थी। जब बस बीजा चौक पर पहुंची तो समराला की तरफ से बजरी से लदे एक टिप्पर ने बस को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के कारण बस पलट गई, जिसमें महिलाएं घायल हो गईं
खन्ना नेशनल हाईवे पर बीजा के पास बजरी से भरे टिप्पर ने धागा फैक्टरी की महिला कर्मियों से भरी बस को टक्कर मार दी। टक्कर से बस पलट गई और मौके पर अफरातफरी मच गई। हादसे में 15 से ज्यादा महिलाएं घायल हो गई है, जिनमें से दो की हालत गंभीर है। घायल महिलाएं खन्ना के आसपास के इलाकों, मंडी गोबिंदगढ़ और उसके आसपास के इलाकों की बताई जा रही हैं।
: *अमृतसर में मुठभेड़: पुलिस की गोली लगने से लुटेरा घायल, सुबह साढ़े चार बजे की वारदात; कई मामले में था वांटेड*
मुठभेड़ सुबह 4.30 बजे कंपनी बाग के पास पुरानी बच्चा वार्ड के बिल्कुल सामने हुई। जांच के लिए पुलिस ने अब क्रिस्टल चौक से बच्चा वार्ड की तरफ आने वाले रूट को बंद कर रखा है।
अमृतसर में गुरुवार सुबह करीब 4:30 बजे पुलिस और लुटेरे के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें गोली लगने से आरोपी घायल हो गया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया। उसकी टांग में गोली लगने से वह घायल हो गया। उसे इलाज के लिए गुरू नानक देव अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपी की पहचान हरप्रीत सिंह के रूप में हुई है।
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: *सरकारी स्कूलों में प्रवक्ता स्कूल न्यू अब छठी से 12वीं तक की कक्षाएं पढ़ाएंगे, निर्देश जारी*
*प्रदेश विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने आरएंडपी नियमों और शिक्षा कोड के प्रावधानों को दोहराते हुए सभी सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि प्रवक्ता (स्कूल न्यू) को कक्षा छठी से 12वीं तक पढ़ाने की जिम्मेदारी दी जाए।*
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में प्रवक्ता(स्कूल न्यू) अब छठी से 12वीं तक की कक्षाएओं को पढ़ाएंगे। *प्रदेश विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने आरएंडपी नियमों और शिक्षा कोड के प्रावधानों को दोहराते हुए सभी सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि प्रवक्ता (स्कूल न्यू) को कक्षा छठी से 12वीं तक पढ़ाने की जिम्मेदारी दी जाए। निदेशालय के अनुसार यह देखा गया है कि कई संस्थानों में इन प्रवक्ता को केवल कक्षा 11वीं और 12वीं की पढ़ाई तक सीमित कर दिया जाता है, जो न तो आरएंडपी नियमों के अनुसार है और न ही उनकी नियुक्ति की शर्तों के अनुरूप।*
आरएंडपी नियमों के अनुसार प्रवक्ता (स्कूल न्यू) के पास ये पात्रता
आरएंडपी नियमों के अनुसार प्रवक्ता (स्कूल न्यू) को कक्षा 11वीं और 12वीं में स्नातकोत्तर विषयों के साथ कक्षा छठी से 10वीं तक स्नातक स्तर के विषय पढ़ाने की पात्रता है। शिक्षा कोड के अनुसार, विद्यालय के प्रधानाचार्य को यह अधिकार है कि वे संस्थागत आवश्यकताओं के अनुसार शिक्षण कार्य सौंपें। लेक्चरर (स्कूल न्यू) को निचली कक्षाओं में पढ़ाने की जिम्मेदारी देना न केवल प्रशासनिक रूप से वैध है, बल्कि यह स्कूलों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आवश्यक भी है। यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप है, जिसमें लचीलापन, संसाधनों का एकीकृत नियोजन और विषय विशेषज्ञता का प्रभावी उपयोग करके शिक्षण में सुधार की बात की गई है।
विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक परिणाम और समान अवसर सुनिश्चित हो
निदेशालय ने सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि इन प्रावधानों को सक्रिय रूप से लागू करें और शिक्षण कार्यों में अनावश्यक विभाजन से बचें। इसके अतिरिक्त यह भी स्पष्ट किया गया है कि बिना किसी वैध कारण के किसी भी प्रकार का विचलन गंभीरता से लिया जाएगा और उस पर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। निदेशालय ने सभी स्कूलों को तुरंत प्रभाव से इन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है ताकि सभी स्तरों पर विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक परिणाम और समान अवसर सुनिश्चित हो सकें।
: *पुलिस ने चम्बा के इस इलाके में पकड़ी चिट्टे की खेप, पंजाब के 2 युवक गिरफ्तार*
चम्बा जिले के भटियात क्षेत्र में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। बुधवार देर रात सिहुंता पुलिस की गश्त के दौरान टियाला के नजदीक थुलेल पुल पर दो युवकों को पकड़ा गया, जिनके पास से 7.17 ग्राम चिट्टा (हैरोइन) बरामद किया गया है।
*पकड़े गए युवकों की पहचान राहुल मसीह (19) पुत्र सुरजीत मसीह, निवासी गांव व डाकघर कलानौर, जिला गुरदासपुर (पंजाब) और दिलबाग सिंह (30) पुत्र बाऊ, निवासी पंच गरिया, जिला बटाला (पंजाब) के रूप में हुई है।* दोनों युवक संदिग्ध हालत में घूमते पाए गए थे, जिसके बाद पुलिस ने उनकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से चिट्टा बरामद किया गया।
पुलिस ने तुरंत दोनों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया और उनके खिलाफ मादक द्रव्य अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच पुलिस चौकी हटली के एएसआई पंकज कुमार द्वारा की जा रही है। इस कार्रवाई की पुष्टि जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिषेक यादव ने की है। उन्होंने बताया कि जिले में नशे के खिलाफ सख्त अभियान जारी है और ऐसे मामलों में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
: *अब छठी कक्षा से पढ़ाएंगे स्कूल लेक्चरर, तुरंत प्रभाव से नियमों की सख्ती से पालना के निर्देश*
स्कूल शिक्षा निदेशक ने सभी उपनिदेशकों को जारी किए आदेश
प्रधानाचार्यों को जरूरतों के अनुसार शिक्षण कार्य सौंपने का अधिकार
सभी स्कूलों को तुरंत प्रभाव से नियमों की सख्ती से पालना के निर्देश
हिमाचल में शिक्षा विभाग में नियुक्त स्कूल प्रवक्ताओं को अब छठी से दसवीं तक की कक्षाएं भी पढ़ानी होंगी। प्रदेश स्कूल शिक्षा निदेशालय ने भर्ती नियमों और शिक्षा कोड के प्रावधानों को दोहराते हुए सभी सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को ये स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। इनमें कहा गया है कि लेक्चरर (स्कूल न्यू) को कक्षा छह से 12 तक पढ़ाने की जिम्मेदारी दी जाए। यह देखा गया है कि कई संस्थानों में इन लेक्चरर्स को केवल कक्षा 11 और 12 की पढ़ाई तक सीमित कर दिया जाता है, जो न तो आरएंडपी नियमों के अनुसार है और न ही उनकी नियुक्ति की शर्तों के अनुरूप। आरएंडपी नियमों के अनुसार, लेक्चरर (स्कूल न्यू) को कक्षा 11वीं और 12वीं में स्नातकोत्तर विषयों के साथ-साथ कक्षा छह से दस तक स्नातक स्तर के विषय पढ़ाने की पात्रता है। शिक्षा कोड के अनुसार, विद्यालय के प्रधानाचार्य को यह अधिकार है कि वह संस्थागत आवश्यकताओं के अनुसार शिक्षण कार्य सौंपे। लेक्चरर (स्कूल न्यू) को निचली कक्षाओं में पढ़ाने की जिम्मेदारी देना न केवल प्रशासनिक रूप से वैध है, बल्कि यह स्कूलों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आवश्यक भी है। यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप है, जिसमें लचीलापन, संसाधनों का एकीकृत नियोजन और विषय विशेषज्ञता का प्रभावी उपयोग करके शिक्षण में सुधार की बात की गई है।
निदेशालय ने सभी स्कूलों को यह निर्देश दिए हैं कि इन प्रावधानों को सक्रिय रूप से लागू करें और शिक्षण कार्यों में अनावश्यक विभाजन से बचें। इसके अतिरिक्त यह भी स्पष्ट किया गया है कि बिना किसी वैध कारण के किसी भी प्रकार का विचलन गंभीरता से लिया जाएगा और उस पर प्रशासनिक कार्यवाही की जाएगी। निदेशालय ने सभी स्कूलों को तुरंत प्रभाव से इन नियमों का सख्ती से पालना सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि सभी स्तरों पर छात्रों के लिए बेहतर शैक्षणिक परिणाम और समान अवसर सुनिश्चित हो सकें। स्कूल शिक्षा निदेशक ने गुरुवार को इस बारे में लिखित आदेश सभी जिलों के उपनिदेशकों को भी भेज दिए हैं।
स्कूल प्रवक्ताओं ने किया विरोध, मुख्यमंत्री से मिलेेंगे
शिमला। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ ने स्कूल शिक्षा निदेशक के उस आदेश का विरोध किया है, जिसमें स्कूल प्रवक्ताओं को छठी से कक्षाएं दी जा रही हैं। लेक्चरर संघ के प्रदेश प्रधान अजय नेगी, मुख्य संरक्षक लोकेंद्र नेगी, महासचिव इंदर सिंह ठाकुर, चैयरमैन सुरेंद्र पुंडीर, दीप सिंह खन्ना, मुख्य मीडिया प्रभारी राजन शर्मा ने कहा कि स्कूल लेक्चरर एक विषय वर्षों से पढ़ा रहे हैं और उनकी नियुक्ति भी मात्र एक विषय के लिए हुई है। इस तरह से उन्हें छठी से दसवीं की कक्षाएं भी देना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस बारे में लेक्चरर संघ का एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र मुख्यमंत्री से भेंट करेगा।
: *चुनाव आयोग की धोखाधड़ी के 100 फीसदी सबूत, बचोगे नहीं, राहुल गांधी का आरोप*
राहुल गांधी का आरोप कर्नाटक में 65 साल वाले बना दिए नए वोटर
कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को चुनाव आयोग पर बड़ा हमला बोला कि उनकी पार्टी के पास कर्नाटक के एक विधानसभा क्षेत्र में चुनाव आयोग द्वारा धोखाधड़ी की अनुमति देने के 100 प्रतिशत सबूत हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आयोग यह सोचता है कि वह इससे बच निकलेगा, तो यह उसकी गलतफहमी है। संसद परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि हमारे पास कर्नाटक के एक निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव आयोग द्वारा धोखाधड़ी की अनुमति देने के 100 प्रतिशत ठोस सबूत हैं। 90 नहीं, पूरे 100 प्रतिशत। पार्टी ने सिर्फ एक निर्वाचन क्षेत्र की समीक्षा की है, और उसमें हजारों संदिग्ध वोटर मिले हैं जिनकी उम्र 50, 60 या 65 वर्ष है, लेकिन वे नए मतदाता के तौर पर दर्ज हैं। राहुल गांधी ने दावा किया कि ऐसा सिर्फ एक क्षेत्र में नहीं, बल्कि संभवत: हर निर्वाचन क्षेत्र में यह नाटक चल रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जब ये सबूत सामने लाने का निर्णय लिया है, तो वह पूरी तैयारी के साथ सामने आएगी।
बिहार में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) को लेकर पूछे गए सवाल पर राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह बहुत ही गंभीर मामला है। चुनाव आयोग, भारत के चुनाव आयोग की तरह काम नहीं कर रहा है। राहुल गांधी ने दो टूक कहा कि अगर आपको लगता है कि आप इससे बच निकलेंगे, अगर आपके अधिकारी सोचते हैं कि वे इससे बच निकलेंगे, तो आप गलतफहमी में हैं। हालांकि राहुल गांधी ने उस निर्वाचन क्षेत्र का नाम उजागर नहीं किया, जहां कथित गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी अब इस मामले को पूरी गंभीरता से आगे बढ़ाएगी।
: *India-UK FTA: भारत-ब्रिटेन में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, 99 फीसदी भारतीय सामानों को टैरिफ में राहत, ये होगा सस्ता*
99 फीसदी भारतीय सामानों को टैरिफ में राहत, पीएम मोदी बोले, कई साल की मेहनत के बाद हुआ समझौता
भारत और ब्रिटेन के बीच गुरुवार को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की मौजूदगी में गुरुवार को लंदन में एग्रीमेंट पर दस्तखत हुए। इसे लेकर दोनों देशों के बीच तीन साल से बातचीत चल रही थी। समझौते के बाद नेताओं ने एक साझा प्रेस कान्फे्रंस की। इस दौरान पीएम मोदी ने समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए खुशी जताई। उन्होंने कहा कि कई साल की मेहनत के बाद हुआ यह समझौता हुआ है और दोनों देशों की जनता को इस समझौते से लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यूके में रहने वाले भारतीय मूल के लोग हमारे संबंधों में एक लिविंग ब्रिज का काम करते हैं। इस दौरान पीएम मोदी ने कीर स्टार्मर को भारत आने का न्योता भी दिया। इससे पहले स्टार्मर ने यह भी बताया कि 70 हजार करोड़ रुपए के नए निवेश और व्यापारिक सौदों को मंजूरी मिल गई है।
स्टार्मर के प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी की यह पहली ब्रिटेन यात्रा है। इस समझौते से भारत से ब्रिटेन को होने वाले 99 फीसदी निर्यात पर टैरिफ यानी आयात शुल्क में राहत मिलेगी। इसका मतलब है कि भारत से जो सामान ब्रिटेन भेजा जाएगा, उस पर लगने वाला टैक्स या तो बहुत कम हो जाएगा या पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा। वहीं, ब्रिटेन की कंपनियों के लिए भी यह समझौता फायदेमंद होगा। अब उन्हें भारत में व्हिस्की, कार और दूसरे उत्पाद बेचने में पहले से ज्यादा आसानी होगी। भारत इन प्रोडक्ट्स पर टैरिफ को घटाकर 15 फीसदी से तीन फीसदी करेगा। समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार हर साल करीब तीन लाख करोड़ रुपए तक बढ़ सकता है।
ये होंगे सस्ते
एफटीए के बाद भारत में ब्रिटिश स्कॉच-व्हिस्की, ब्रिटेन की कारें, ब्रिटेन से आने वाले मेडिकल उपकरण, कॉस्मेटिक्स, फार्मा उत्पादन, एयरक्राफ्ट के पाट्र्स और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, चॉकलेट और बिस्किट आदि सस्ते हो जाएंगे।
: *सोशल मीडिया पर छाई हिमाचल की 3 बेटियां, संघर्ष, प्रेम और तपस्या की सच्ची कहानी*
सोशल मीडिया पर छाई हिमाचल की बेटियां, किसी ने रचा इतिहास तो किसी ने तोड़े बंधन, एक ने प्रेम को परिभाषाओं से किया आज़ाद, दूसरी ने कम उम्र में पाया पूरे प्रदेश का प्यार, और एक ने किया साबित- भक्ति में ही है शक्ति
पहाड़ों से निकलती कुछ कहानियाँ इतनी सच्ची, इतनी भावुक होती हैं कि कई बार आपको हैरान कर देगी तो कई बार सोचने पर मजबूर कर देगी। और जब दौर सोशल मीडिया का हो तो ये कहानियां कब वायरल हो कर पहाड़ से निकल कर देश के कोने कोने तक पहुंच जाए । इसके बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता। हमारी आज की खास खबर भी कुछ ऐसी ही है। ये खबर है हिमाचल की 3 बेटियों की जो इन दिनों देश प्रदेश में चर्चा में हैं । दर्द, संघर्ष और उम्मीद—इन तीनों के बीच खड़ी हैं हिमाचल की तीन बेटियाँ: नितिका, शिलाई की दुल्हन, और कांवड़ यात्री कृतिका.. तीनों ने ज़िंदगी को एक अलग नजरिया दिया है। किसी ने माता-पिता खोए, किसी ने समाज के सवालों को झेला, तो किसी ने परंपराओं की दीवारें लांघीं।
पहले बात करते हैं नितिका की – 30 जून ..बारिश, भूस्खलन और मातम से भरी एक रात – पहाड़ की इस मासूम बेटी की पूरी दुनिया उजाड़ गया, जिसकी मुस्कान मां-बाप की गोद में पलती थी, जिसने अभी मां कहना भी नहीं सीखा था.. अचानक उस मासूम की पूरी दुनिया उजड़ गई। भारी मलबे के नीचे वो सब दब गया जो उसे सबसे प्यारीं थीं –मां की ममता और पिता की परछाईं। इसे कुदरत का करिशमा ही कह सकते हैं कि जिसका पूरा परिवार बह गया वो अकेली आपदा को सह गई। नीतिका की कहानी ऐसी वायरल हुई उसकी वो वेखोफ मुस्कान वो मासूम चेहरा कि हर कोई इस गुड़िया की दुनिया को आबाद करने के लिए काम कर करने की कोशिश कर रहा है…. कोई उसके खाते में पैसे जमा कर रहा है तो कोई उसे माता-पिता का प्यार देना चाह रहा है।
नितिका अभी अपनी बुआ के पास रह रही है। लेकिन नितिका को गोद लेने वालों की कतार लगातार बढ़ रही है.. भले ही वर्तमान में मासूम बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया बेहद जटिल है, लेकिन उसके बावजूद कई लोग सरकार द्वारा तय की गई इस प्रक्रिया को पूर्ण करने की हामी भर रहे है। नितिका की बुआ व नानी के अनुसार 21 जुलाई तक ऐसे चाहवानों की संख्या 200 से अधिक हो चुकी है। कुछ लोग नितिका के रिश्तेदारों तथा कुछ प्रशासन से संपर्क कर बच्ची को गोद लेने की इच्छा जाहिर कर रहे हैं, लेकिन नितिका के रिश्तेदार उसे किसी को भी देने के लिए फिलहाल राजी नहीं हैं। नितिका आजकल सराज क्षेत्र के शिकावरी स्थित अपनी बुआ किरणा देवी की गोद में पल रही है। नितिका की बुआ किरणा देवी का कहना है कि 20 जुलाई तक नितिका को रिश्तेदारों और अन्य दानियों ने करीब एक लाख 88 हजार की नकदी प्रदान की है, जिसे जल्द ही इसके बैंक खाते में जमा कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि शिमला जिला के एक व्यक्ति तथा एक सैनिक स्कूल ने नितिका को चौथी कक्षा के बाद लगातार पढ़ाई करने का सारा खर्च देने की हामी भरी है। कई लोगो ने नितिका के 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक उसे 1000 रुपए हर महीने देने का निर्णय लिया है। नितिका के जीवन में माता- पिता की कमी को तो शायद पूरा नहीं किया जा सकता लेकिन समाज ने उसके सर पर हाथ रख ये जरूर बता दिया, कि पहाड़ की बेटी कभी अकेली नहीं रहेगी।
अब बात करते हैं उस दूसरे चेहरे की जो इन दिनों चर्चा में है– कृतिका – जो हिमाचल की पहली महिला कांवड़ यात्री बनी- धार्मिक आस्था, कठिन तपस्या और कांवड़ की पवित्र यात्रा—जहां अब तक पुरुषों का ही वर्चस्व रहा, वहां कृतिका ने कदम रखा…. गंगाजल लेने के लिए सैकड़ों किलोमीटर की पैदल यात्रा, वो भी बिना किसी सुविधा या सुरक्षा के, कृतिका ने पूरी की। उसने न सिर्फ शिवभक्ति को जिया, बल्कि लड़कियों के लिए ये संदेश भी छोड़ा—“आस्था में कोई सीमा नहीं होती।”
सुंदरनगर उपमंडल की ग्राम पंचायत कपाही देरड़ू गांव की कृतिका ठाकुर इस बार गोमुख से सुंदरनगर तक की 750 किलोमीटर लंबी पदयात्रा पर निकली हैं। इससे पहले कृतिका हरिद्वार से सुंदरनगर तक की कांवड़ यात्रा पूरी कर चुकी हैं। कृतिका ने अपने पिता राजेंद्र कुमार, ताया, चाचा और अन्य पुरुष स्वजनों से प्रेरणा लेकर यह निर्णय लिया। इस बार की यात्रा में भी वह अपने पिता और गांव के अन्य कांवडिय़ों के साथ गोमुख से जल लेकर रवाना हुई हैं। एमएलएसएम कालेज सुंदरनगर में बीपीएड तृतीय सेमेस्टर की छात्रा कृतिका एक बेहतरीन बॉक्सिंग खिलाड़ी भी हैं। कृतिका ठाकुर ने 22 जुलाई को अपने गांव के ओंकारेश्वर मंदिर में गंगाजल से भोलेनाथ का अभिषेक किया। इसके साक्षी गांव के लोग भी बने। कृतिका की इस यात्रा ने न केवल महिलाओं को धार्मिक यात्रा में भाग लेने के लिए प्रेरित किया है, बल्कि हिमाचल के धार्मिक इतिहास में भी एक नया अध्याय जोड़ दिया है।
अब बात करते है उस नई नवेली दुल्हन की जिसने आधुनिकता के दौर में प्राचीन परंपरा को चुना- शिलाई की इस बेटी ने वो फैसला लिया, जो समाज की परंपराओं से परे था। उसने दो भाइयों से विवाह किया— सोश्ल मीडिया पर इन दिनों ये भी खूब वायरल है, कई लोग ताने दे रहे हैं तो कोई सवाल उठा रहे, लेकिन वह डरी नहीं। उनका मानना है कि उनके रिश्ते भरोसे पर टिके हैं, समाज की स्वीकृति पर नहीं।
इन तीनों बेटियों की कहानी हिमाचल में इन दिनों खूब वायरल है। किसी के संघर्ष के चर्चे हो रहे हैं तो किसी ने पुरानी पंरपरा को तोड़ नया इतिहास लिखा और किसी ने आधुनिकता के दौर में पुरानी परंपराओं को दोबारा जीवित कर दिया।
: *Himachal Monsoon : हिमाचल में 25 को साफ़ रहेगा मौसम, इस दिन से फिर बारिश का अलर्ट*
प्रदेश में पांच दिनों तक कई भागों में भारी बारिश की चेतावनी
बिलासपुर में सबसे अधिक 34.6 डिग्री सेल्सियस पहुंचा पारा
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में 26 से 30 जुलाई तक मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। येलो अलर्ट में प्रदेश के कई स्थानों पर 26 से 30 जुलाई तक बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार 26, 29 और 30 जुलाई 2025 को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। 27 और 28 जुलाई को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। 25 जुलाई 2025 को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है, तथा 26 से 30 जुलाई 2025 तक कुछ स्थानों पर एक या दो बार भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके अलावा दो दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में दो-तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है। इसके बाद अगले तीन से चार दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है। अगले तीन-चार दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई स्थानों जैसे नगरोटा सुरियां, नैना देवी, गुलेर, नाहन, घमरूर, कसौली, चुअरी, चंबा, रोहरू, सुजानपुर टिरा आदि स्थानों पर हलकी से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा सुंदरनगर और कांगड़ा में गर्जन के साथ बिजली दर्ज की गई है। प्रदेश में अधिकतम तापमान बिलासपुर में 34.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान केलॉग में 11.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। प्रदेश में 25 जुलाई को कोई चेतावनी है। 26 जुलाई को मंडी, शिमला, सोलन, सिरमौर में भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग में 26 से 30 जुलाई तक बारिश का यलो अलर्ट दिया गया है।
शिमला में अधिकतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। सुंदर नगर में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.1 डिग्री सेल्सियस, भूंतर में अधिकतम तापमान 28.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21.3 डिग्री सेल्सियस, कल्पा में अधिकतम तापमान 23.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15.06 डिग्री सेल्सियस, ऊना में अधिकतम तापमान 33.02 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21.5 डिग्री सेल्सियस, नाहन में अधिकतम तापमान 27.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.1 डिग्री सेल्सियस, सोलन में अधिकतम तापमान 29.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20.7 डिग्री सेल्सियस, मनाली में अधिकतम तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16.1 डिग्री सेल्सियस, कांगड़ा में अधिकतम 28.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस और मंडी में अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
बरसात के मौसम में 147 लोगों की मौत, 34 अभी लापता
प्रदेश में इस मानसून सीजन में 20 जून से अब तक 147 लोगों की जान गई है, जबकि 229 लोग घायल हुए हैं और 34 लापता हैं। सरकार की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। बादल फटने, भूस्खलन व बाढ़ के चलते अब तक 1553 कच्चे-पक्के मकानों सहित दुकानों को क्षति हुई है। 1099 गोशालाओं को भी नुकसान पहुंचा है। प्रदेश में बादल फटने, भूस्खलन व बाढ़ के चलते अब तक नुकसान का आंकड़ा 1387.75 करोड़ के पार पहुंच गया है। वहीं सडक़ हादसों में 68 लोगों की मौत हुई है। प्रदेश में गुरुवार शाम छह बजे तक एक एनएच और 274 सडक़ें, 56 बिजली ट्रांसफार्मर और 173 जल आपूर्ति योजनाएं बाधित रहीं।
: *Jairam Thakur: अमित शाह से मुलाकात के बाद दिल्ली में नेता प्रतिपक्ष का बड़ा आरोप*
प्रभावितों तक नहीं पहुंच रहा केंद्र से मिला पैसा
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2023 में आई आपदा के लिए हिमाचल को केंद्र सरकार से 5150 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है, लेकिन हिमाचल सरकार ने केंद्र द्वारा दिया गया पैसा आपदा के पात्र व्यक्तियों तक नहीं पहुंचाया है। प्रभावितों के साथ किसी भी तरीके का भेदभाव नहीं होना चाहिए। इससे पहले जयराम ठाकुर आपदा राहत के लिए दिल्ली पहुंचकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के नेतृत्व में भाजपा के प्रतिनिधि मंडल के साथ केंद्रीय मंत्रियों से मिले और प्रदेश को अधिक से अधिक आर्थिक सहायता देने का आग्रह किया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण, मनोहर लाल खट्टर और सीआर पाटिल से मुलाकात की।
उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से आग्रह किया कि वह आपदाग्रस्त क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा ले। दिल्ली प्रवास के दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इस आपदा में हिमाचल सरकार को जिस तरीके से राहत, बचाव और पुनर्निर्माण के कार्यों को करना चाहिए था, वह नहीं किया गया। पत्रकारों द्वारा लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य के विदेश दौरे को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आपदा के दौर में लोक निर्माण मंत्री का हिमाचल में होना ज्यादा जरूरी था।
सरकाघाट हादसे पर नेता प्रतिपक्ष ने जताया दुख
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकाघाट के मसेरन में हुए बस हादसे पर गहरा दुख प्रकट करते हुए मृतकों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। इसके साथ ही जयराम ठाकुर ने मंडी के प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक एवं समाजसेवी डा. राजेंद्र कुमार राजू के निधन पर गहरा शोक प्रकट करते हुए उनकी मृत्यु को अपूर्णीय क्षति बताया और उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना की।
: *भाजपा नेताओं ने केंद्र से मांगी आपदा राहत*
जेपी नड्डा और सांसदों के साथ अमित शाह-नितिन गडकरी से मिले नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर
हिमाचल प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदा को लेकर हिमाचल प्रदेश भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्र सरकार के मंत्रियों से मिला। इस प्रतिनिधिमंडल में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा डा. राजीव बिंदल, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर, सांसद सुरेश कश्यप, डा. राजीव भारद्वाज, कंगना रणौत, राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी, डा. सिकंदर कुमार, हर्ष महाजन, विधायक विनोद कुमार, हंसराज और दीपराज शामिल थे। भाजपा नेताओं ने दिल्ली में सबसे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उर्वरक एवं रसायन मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, जो कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, को मिलकर आपदा की स्थिति के बारे में अवगत करवाया। नौ जुलाई को जगत प्रकाश नड्डा स्वयं मंडी जिला आए थे और सारी त्रासदी को अपनी आंखों से देखा था। जेपी नड्डा के नेतृत्व में यह प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मिला और विस्तार से प्रदेश में आई आपदा के संबंध में वार्ता की।
केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव व पुनर्निर्माण हेतु हर प्रकार की सहायता करने का आश्वासन दिया। फिर यह प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय गृह मंत्री अमित भाई शाह से मिला और विस्तृत वार्ता हिमाचल की त्रासदी के संबंध में की। जयराम ठाकुर ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में आई आपदा की स्थिति से अवगत कराया और उनसे आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने का निवेदन किया। साथ ही आपदा प्रभावितों के पुनर्वास एवं प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण में ज्यादा से ज़्यादा सहयोग करने का आग्रह किया। अमित शाह ने ही आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग किया था। उन्होंने एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना, वायुसेना के हेलिकॉप्टर तत्काल उपलब्ध करवाए थे। उन्होंने 20 दिन के अंदर ही आपदा से हुए नुकसान के आकलन के लिए अंतर मंत्रालयी केंद्रीय टीम भेजी थी। जयराम ठाकुर ने कहा कि हमने आपदा के कारणों पर शोध की मांग की थी। उसके लिए भी उच्च स्तरीय टीम का गठन भी तत्काल प्रभाव से कर दिया है। अमित शाह ने आगे भी आपदा राहत में हरमदद देने का आश्वासन दिया।
: *बार-बार बादल फटने की जांच शुरू, दिल्ली से पहुंची केंद्रीय टीम ने राजस्व सचिव के साथ की मीटिंग*
दिल्ली से पहुंची केंद्रीय टीम ने राजस्व सचिव केके पंत के साथ की मीटिंग, आपदा के कारणों पर मंथन
हिमाचल में प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाओं का पता लगाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा गठित बहु-क्षेत्रीय केंद्रीय टीम के साथ शिमला में अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व केके पंत की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में बहु-क्षेत्रीय केंद्रीय टीम के टीम लीडर कर्नल केपी सिंह, सदस्य डा. एसके नेगी, प्रो. अरुण कुमार, डा. नीलिमा सत्यम तथा डा. सुस्मिता जोसफ मौजूद रहे। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने टीम का स्वागत करते हुए कहा कि आपदा की दृष्टि से हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक स्थितियां देश के अन्य राज्यों के तुलना में भिन्न हैं। इसके दृष्टिगत प्रदेश के लिए बहाली एवं पुनर्वास के कार्यों के लिए मानदंडों में बदलाव होना बेहद जरूरी है। उन्होंने केंद्रीय जल आयोग, भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण जैसी संस्थाओं से प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं के विभिन्न कारणों का अध्ययन करने पर बल दिया। केके पंत ने आपदा की दृष्टि से प्रदेश के संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि आपदा की संभावनाओं के दृष्टिगत अग्रिम भविष्यवाणी की तकनीक पर कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रदेश में आपदा के बाद की स्थितियों के साथ-साथ आपदा पूर्व स्थिति पर ध्यान केंद्रित करने का भी आह्वान किया, ताकि जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।
उन्होंने प्रदेश भर में स्टीक डाटा एकत्रित करने के लिए सघन सेंसर लगाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री सुक्खू प्रदेश में वर्ष 2023 से घट रही बादल फटने की घटनाओं का व्यापक अध्ययन करने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय जल आयोग से प्रदेश में बाढ़ पूर्वानुमान इकाई स्थापित करने, हाइड्रोलॉजिकल निगरानी बढ़ाने तथा ग्लेशियर झीलों का अध्ययन करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। डीजीआरई डीआरडीओ डा. नीरज तथा जीएसआई से अतुल वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए। बहु-क्षेत्रीय केंद्रीय टीम ने डीजीआरई डीआरडीओ से उंचाई वाले क्षेत्रों से संबधित डाटा उपलब्ध करवाने तथा प्रदेश में अचानक बाढ़ आने व भू-स्खलन जैसी प्रमुख प्राकृतिक आपदाएं घटित हो रही हैं। ऐसे में भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण से इस दिशा में भी कार्य करने पर बल दिया।
2018 से अब तक 148 बार फटे बादल
विशेष सचिव राजस्व (आपदा प्रबंधन) डीसी राणा ने प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 से अब तक प्रदेश में 148 बादल फटने, 294 अचानक बाढ़ आने तथा भू-स्खलन की 5000 से अधिक की घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं। जिला कुल्लू, लाहुल-स्पीति, किन्नौर तथा जिला मंडी प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से अति संवेदनशील हैं। वर्ष 2023 के दौरान प्राकृतिक आपदाओं के कारण लगभग 10 हजार करोड़ रूपये का नुकसान आंका गया है। इसके अलावा प्रदेश को प्रति वर्ष एक से दो हजार करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है।
आपदा के कारण जानने प्रभावित क्षेत्रों में जाएगी टीम
आज से होगा दौरा, टीम में रुडक़ी, पुणे और इंदौर के वैज्ञानिक शामिल
मुख्य सचिव ने प्राकृतिक आपदाओं को लेकर गठित केंद्रीय टीम से की बैठक
दिव्य हिमाचल ब्यूरो — शिमला
हिमाचल प्रदेश में हाल के वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं में वृद्धि और इनके कारणों की जांच के लिए गठित एक बहु-क्षेत्रीय केंद्रीय टीम ने गुरुवार को मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना से भेंट की। यह केंद्रीय दल शुक्रवार से आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेगा। यह दल एक सप्ताह के भीतर गृह मंत्रालय के आपदा प्रबंधन प्रभाग को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। इस दौरान मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सलाहकार कर्नल केपी सिंह के नेतृत्व में आई टीम को बताया कि राज्य में बादल फटने, अचानक बाढ़ , भूस्खलन और मूसलाधार बारिश की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि पहाड़ी राज्यों के के लिए जरूरी है कि इन आपदाओं के कारणों की गहराई से जांच हो ताकि जान-माल को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके और भविष्य के लिए बेहतर तैयारियां की जा सकें। केंद्रीय टीम में सीएसआईआर-सीबीआरआई (रुडक़ी) के मुख्य वैज्ञानिक डा. एसके नेगी, मणिपुर विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त भू वैज्ञानिक प्रो. अरुण कुमार, आईआईटीएम (पुणे) की रिसर्च साइंटिस्ट डॉ. सुस्मिता जोसफ और आईआईटी इंदौर की सिविल इंजीनियरिंग प्रो. डॉ. नीलिमा सत्यम शामिल हैं।
: *Himachal : हादसे में मिले ऐसे जख्म ताउम्र नहीं भूल पाएगा कोई, मसेरन में एक साथ जली पांच चिताएं*
मसेरन में एचआरटीसी की बस गिरी, तो फिर पांच चिताएं एक साथ जल उठीं। जमणी सरकाघाट से दुर्गापुर जा रही बस पर मसेरन के पास काल ऐसे झपटा कि कुल आठ यात्रियों को अपना ग्रास बनाकर के चला गया। बस हादसे मे मरने वाले आठ में से छह लोग मसेरन क्षेत्र के ही हैं। मरने वालों में तीन पुरुष और पांच महिलाएं हैं। विडंबना देखिए कि मरने वाली सभी महिलाएं मसेरन की ही हंै और प्रकाश चंद नामक मृतक का संबंध भी मसेरन से ही है। मसेरन हादसे ने सुमन को भी निगला। क्लासी देवी को भी नहीं छोड़ा। डोमा देवी, गीता देवी और बर्फी देवी भी काल का ग्रास बन गईं। मसेरन डाकघर परीधि के अतंर्गत रहने वाले सात लोग भी ऐसे अभागे निकले, जो इस बस में सवार होकर अपने गंतव्य को जा रहे थे, लेकिन एकाएक मौत के दर्शन कर बैठे, लेकिन इस हादसे ने मसेरन को ऐसे जख्म दिए हैं, जो ताउम्र कोई भूल नहीं पाएगा।
एचआरटीसी की इस बस को चालक जगदीश राणा चला रहेे थे और रोजमर्रा की तरह ही रूट पर बस लेकर निकले थे। जगदीश राणा को भी यह मालूम नहीं था कि उनके लिए यह सफर मसेरन के मोड़ पर इतना भारी होने वाला है। मसेरन क्षेत्र क ी शालू, पे्रम कुमार, रूमा देवी, रणजीम सिंह और कल्पना ने यह कल्पना तो बस में बैठने से पहले कभी की ही नहीं थी कि मौत उन पर यूं झपटा मारेगी। बस में बैठे यात्री जो मौत का दर्शन कर विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं, उन्हें हादसे का पता ही तक चल पाया, जब वह लहूलुहान हो गए थे और हर कोई बेहोश सा होता जा रहा था। (एचडीएम)
डेढ़ लाख भी लौटाए
बस हादसे में घायल एक महिला को जब स्थानीय लोगों ने बस से बाहर निकाला, तो उसने कहा कि मैं अभी जिंंदा हूं और मेरे पर्स में डेढ़ लाख रूपए हैं…पहले मेरा लाल पर्स बस में से ले आओ…। बचाव में लगे एक व्यक्ति ने महिला की बात सुनी और उसका पर्स बस में से लेकर उसके हाथों में थमा दिया।
हमीरपुर के तीन घायल
मसेरन सडक़ हादसे में घायल 21 लोगों में से तीन लोगों का संबंध हमीरपुर के जाहू और चंदरूही से हैं। इस हादसे में जाहू के सूरज और बाबा श्रीदास घायल हुए हैं तथा चंदरूही से तुलसी भी घायल हैं। तुलसी का इलाज नेरचौक मेडिकल कालेज में चला है।
: *नालागढ़ में देह व्यापार का भंडाफोड़, होटल से पांच युवतियां रेस्क्यू, एक युवक हिरासत में, मामला दर्ज*
औद्योगिक क्षेत्र नालागढ़ के तहत नंगल में पुलिस ने एक होटल पर छापा मारकर देह व्यापार के धंधे का भंडाफोड़ किया है। गुरुवार शाम को की गई इस कार्रवाई में पांच युवतियों को रेस्क्यू किया गया, जबकि एक युवक को हिरासत में लेकर अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। होटल से अंग्रेजी शराब की नौ बोतलें भी बरामद की गईं। जानकारी के मुताबिक पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नंगल के एक होटल में देह व्यापार चल रहा है। पुष्टि के बाद एसएचओ नालागढ राकेश राय के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई, जिसने योजनाबद्ध ढंग से दबिश देकर यह कार्रवाई अंजाम दी। छापे के दौरान होटल के कमरों से 30 से 35 वर्ष की आयु वर्ग की पांच युवतियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
सभी युवतियां पड़ोसी राज्यों की रहने वाली हैं। उनके बयान दर्ज कर शुक्रवार को परिजनों के हवाले किया जाएगा। पकड़ा गया युवक कथित रूप से इस अवैध गतिविधि से जुड़ा मुख्य दलाल बताया जा रहा है। उसके खिलाफ केस दर्ज कर पूछताछ की जा रही है। एसएचओ राकेश राय ने बताया कि होटल से रेस्क्यू की गई युवतियों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और आरोपी युवक से पूछताछ जारी है। पुलिस पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने के लिए जांच को आगे बढ़ा रही है।
दो गाडिय़ां जब्त
एसपी बद्दी ने बताया कि होटल का संचालन दिलशाद निवासी गांव नानोवाल, तहसील नालागढ़ और मोनू राणा निवासी उत्तर प्रदेश कर रहे थे, जो होटल कर्मचारी सचिन के जरिए ग्राहकों से पैसे लेकर महिलाओं की सप्लाई करवाते थे। मौके से पुलिस ने नौ बोतल अवैध शराब, हिसाब-किताब की एक कापी और दो गाडिय़ां एक स्कॉर्पियो (दिलशाद के नाम) और स्विफ्ट कार (इशलाम निवासी बरनाला पंजाब के नाम पंजीकृत उपयोग में मोनू राणा) भी जब्त की हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नकली ग्राहक बन बिछाया जाल
पुलिस ने देह व्यापार का पर्दाफाश करने के लिए नकली ग्राहक भेजकर जाल बिछाया। ग्राहक बनकर पहुंची टीम ने सौदे की पुष्टि होते ही दबिश दी और इसके साथ ही होटल में चल रहे देह व्यापार की पोल मौके पर ही खुल गई। पुलिस ने दो अलग-अलग कमरों से पांच युवतियों को रेस्क्यू किया और आरोपियों को दबोचा गया।
: *तेजस्वी ने बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर सरकार को चेताया, जानिए क्या कहा*
तेजस्वी यादव ने बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर सरकार को चेताया
राजद नेता तेजस्वी यादव ने चेतावनी दी है कि अगर मतदाता सूची पुनरीक्षण के फैसले को वापस नहीं लिया गया, तो वे आगामी बिहार विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। तेजस्वी यादव ने कहा कि जब पहले ही लाखों मतदाताओं के नामों को मतदाता सूची से हटाने का फैसला कर लिया गया है, जबकि पहले इन्हीं लोगों ने पूर्व में पीएम मोदी को वोट दिया और सरकार के भाग्य का फैसला किया, तब सब सही था। हम पूछते हैं कि अब यह अचानक से मतदाता सूची के पुनरीक्षण का मामला कहां से उठ गया। इसका मतलब है कि सत्ता में बैठे लोग ही कह रहे हैं कि वे धोखेबाजी से सत्ता में आए हैं। जब उन्होंने बेईमान होने का फैसला कर लिया है, तो हम चुनाव के बहिष्कार की बात तो कर ही सकते हैं। हमारे पास यह विकल्प है।
हिम्मत है, तो बहिष्कार कर के दिखाएं राहुल, तेजस्वी
नई दिल्ली। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। जब उनसे पूछा गया कि क्या तेजस्वी यादव और राहुल गांधी बिहार चुनाव का बहिष्कार कर सकते हैं, तो चिराग ने दो टूक कहा कि मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि हिम्मत हो तो एक बार चुनाव का बहिष्कार करके दिखाएं, लेकिन वे कभी ऐसा नहीं करेंगे, ऐसा करने की ताक़त उनमें नहीं है। चिराग ने यह भी साफ किया कि वे इस बार चुनाव में जनरल सीट से लड़ेंगे और पूरे दमखम से मैदान में उतरेंगे। चिराग पासवान ने चुनाव रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर को अपना अच्छा दोस्त बताया और कहा कि प्रशांत किशोर की जातिविहीन समाज और नई राजनीति की विचारधारा मुझसे मेल खाती है।
: *सत्ता पक्ष सदन नहीं चलाना चाहता, कार्यवाही स्थगित होने पर सांसद प्रियंका गांधी ने जड़े आरोप*
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सत्ता पक्ष पर आरोप लगाया है कि वे ही सदन नहीं चलाना चाहते। उन्होंने कहा कि सदन में विपक्ष नेताओं को बोलने नहीं दिया जाता। प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी ने अन्य विपक्षी सांसदों के साथ संसद परिसर में बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण मामले पर विरोध प्रदर्शन भी किया। प्रियंका गांधी ने संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि जब भी विपक्ष के नेता सदन में बोलना चाहते हैं तो उन्हें बोलने की इजाजत नहीं दी जाती। हम चर्चा की मांग कर रहे हैं और उन्हें ये मांग माननी चाहिए।
बीते सत्र में मैं यह देखकर हैरान रह गई कि सत्ता पक्ष ने सदन में हंगामा शुरू किया। उन्होंने एक मुद्दे को पकड़ा, ताकि विपक्ष उस पर प्रतिक्रिया दे, जिससे हंगामा हुआ और सदन की कार्यवाही स्थगित हो गई। अगर यह उन्हें सही लगता है तो फिर ठीक है।
: *जल शक्ति विभाग पर 40.90 लाख जुर्माना, प्रदूषण मानकों पर खरा नहीं उतरा महकमे का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट*
परवाणू में प्रदूषण मानकों पर खरा नहीं उतरा महकमे का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, निकली कई खामियां
जल शक्ति विभाग परवाणू के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के प्रदूषण मानकों पर खरे न उतरने के चलते प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड परवाणू ने जल शक्ति विभाग पर 40.90 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना ट्रीटमेंट प्लांट में कई तरह की खामियां पाए जाने के बाद किया गया है। प्रदूषण बोर्ड पिछले कई महीने से पीसीबी एसडीओ अनिल राव की अगवाई में उनकी टीम प्लांट की मॉनिटरिंग कर रहे थे। इस दौरान प्रदूषण बोर्ड परवाणू के एसडीओ अनिल राव ने जल शक्ति विभाग द्वारा संचालित एसटीपी सैंपल की जांच से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को सौंपी थी। रिपोर्ट में ट्रीटमेंट प्लांट से संबंधित कई तरह की खामियां पाए जाने पर जल शक्ति विभाग पर यह कार्रवाई की गई है। बता दें कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक स्रोतों से निकलने वाले अपशिष्ट जल को शुद्ध करने का काम करता है, जिससे यह पर्यावरण में छोड़े जाने या पुन: उपयोग के लिए सुरक्षित हो जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य उपचारित जल को छोडऩे से पहले प्रदूषकों, जीवाणुओं और अन्य हानिकारक संदूषकों को हटाना है, जिससे जन स्वास्थ्य और पर्यावरण की रक्षा होती है। ऐसे में यह प्लांट प्रदुषण के अलावा मानवीय स्वास्थ्य के लिए भी बेहद महत्त्वपूर्ण है।
इसके संचालन में लापरवाही बरत कर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा था। जानकारी के अनुसार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड परवाणू में जल शक्ति विभाग द्वारा संचालित किए जा रहे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की पिछले कई माह से मॉनिटरिंग कर रहा था। हर माह इस प्लांट से सैंपल भरे जा रहे थे। सूत्रों के अनुसार इस प्लांट से भरे सभी सैंपल मानकों पर खरे न उतरने के चलते फेल हो गए थे। इन्ही अनियमितताओं के चलते प्रदूषण बोर्ड ने जल शक्ति विभाग को 40.90 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। उधर, जल शक्ति विभाग के एक्सईएन सुभाष चौहान ने कहा की उन्हें इस मामले की विस्तृत जानकारी नहीं है। पूरी जानकारी मिलने का बाद उसे जांच कर साझा किया जाएगा। (एचडीएम)
ऐसे हुई कार्रवाई
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड परवाणू के एसडीओ अनिल राव ने बताया कि कई महीनों से आईपीएच प्लांट की मॉनिटरिंग की जा रही थी। जितने सैंपल लिए गए, वे प्रदूषण नियमों पर सही नहीं पाए गए। इस मामले बारे विस्तृत रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियो के भेजी गई थी। रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई की गई है।
: *हिमाचल में ड्रग्स एक बड़ी साजिश*
राज्यपाल बोले; नशाखोरी खत्म करने के लिए जागरूकता की पराकाष्ठा तक जाना होगा
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल का कहना है कि हिमाचल में ड्रग्स और नशाखोरी का बढऩा एक बड़ी और अंतरराष्ट्रीय साजिश है। हिमाचल एक ओर जहां तिब्बत की सीमा से सटा हुआ है, वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड, पंजाब और जम्मू कश्मीर से भी हिमाचल की सीमा लगती है। ये सभी राज्य ड्रग माफिया के लिए कुख्यात हैं और इन राज्यों में अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफिया बड़े पैमाने पर सक्रिय है, जिसका असर हिमाचल पर भी पड़ा है। राज्यपाल गुरुवार को राजभवन शिमला में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। राज्यपाल ने कहा कि यदि हिमाचल प्रदेश में नशे की रोकथाम को गंभीरता से नहीं लिया गया और सरकार समय पर नहीं जागी तो हिमाचल को उड़ता पंजाब की तर्ज पर उड़ता हिमाचल बनने में देर नहीं लगेगी। उन्होंने कहा कि इस समस्या से पार पाने और इसे समूल खत्म करने के लिए हमें जागरूकता की पराकाष्ठा तक पहुंचना होगा।
उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि प्रदेश सरकार अभी सरकारी क्षेत्र में कोई भी नया नशा निवारण केंद्र नहीं खोल पाई है। राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने सरकार को पत्र लिखकर जल्द नशा निवारण केंद्र खोलने की मांग की है। वाराणसी में आयोजित केंद्र सरकार के नशा मुक्ति युवा विकसित भारत कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ी है लेकिन इसके प्रति सरकार को भी गंभीरता दिखानी होगी।
आपदा प्रभावितों को बसाए राज्य सरकार
हिमाचल में आपदा के लिए केंद्रीय मदद और पुनर्वास को जमीन देने के मामले में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि केंद्र के समक्ष प्रदेश की मांग उठाने की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री की है, जयराम ठाकुर की नहीं। मुख्यमंत्री जब गृह मंत्री से मिलने गए थे तो वह जयराम ठाकुर को साथ लेकर जाते और अपनी बात रखते। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावितों के लिए जमीन केंद्र नहीं देगी और प्रभावितों को बसाने का काम भी प्रदेश सरकार को ही करना है। केंद्र सरकार नुकसान का जायजा लेकर राहत देगी।
: *शांता ने पूछा, कब काम आएंगे बिना दावेदारी के दो लाख करोड़*
भारत सरकार को सुझाव आपदा पर खर्च हो पैसा
पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार बताया कि एक रिपोर्ट के अनुसार भारत के बैंकों में 42,270 करोड़ रुपए, डाकघर में 32,273 करोड़ रुपए, ईपीएफ खाते में 8,500 करोड़ रुपए और भारतीय जीवन बीमा निगम कंपनी में 20,062 करोड़ रुपए जमा हैं। इस प्रकार की और भी बहुत सी संस्थाओं का धन सरकार के पास पड़ा हुआ है। कुल दो लाख करोड़ रुपए कई वर्षों से भारत सरकार के पास पड़े हुए हैं। इस धन को वापस लेने के लिए अब परलोक से कभी कोई नहीं आएगा।
शांता कुमार ने भारत सरकार को सुझाव दिया है कि सरकार एक कानून बनाए, जिसके अनुसार किसी भी राष्ट्रीय आपदा में इस धन का उपयोग किया जा सके। शांता कुमार ने कहा कि हिमाचल एक भयंकर आपदा में तडफ़ रहा है। छोटे से प्रदेश में 140 लोग मर चुके है, 40 लापता हैं। बहुत से लोगों के घर, जमीन, परिवार बर्बाद हो गए। सैकड़ों सडक़ें बर्बाद हो गई हैं। हिमाचल की आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए। इस दो लाख करोड़ रुपए में से कम से कम 20 हजार करोड़ रुपए हिमाचल सरकार को आपदा राहत के लिए दिया जाए।
: *हीमोफीलिया के मरीजों को नहीं मिल रहे इंजेक्शन*
प्रदेशभर में हीमोफीलिया से पीडि़त मरीजों को इन दिनों गंभीर दवा संकट का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी अस्पतालों में फैक्टर नौ इंजेक्शन की भारी कमी के कारण मरीजों को प्राइवेट मेडिकल स्टोर्स का रुख करना पड़ रहा है, जहां एक इंजेक्शन की कीमत 6000 से 12000 तक वसूली जा रही है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए यह खर्च उठाना बेहद मुश्किल हो रहा है। राज्यों के सरकारी अस्पतालों में फैक्टर नौ इंजेक्शन की सप्लाई बीते ग्यारह महीनों से पूरी तरह ठप है। हिमोफीलिया से ग्रस्ति एक मरीज ने बताया कि वे कांगड़ा के रहने वाले हैं।
अभी फिलहाल हमीरपुर में रहते है। वे पहले पास के ही सरकारी अस्पताल में फेक्टर नौ का इंजेक्शन आईजीएमसी के मेडिकल स्टोर इंचार्ज डाक्टर प्रेम ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा 1000 के करीब फेक्टर आठ मंगवाए गए हैं। स्टाक खत्म हो गया था। आठ जुलाई को आर्डर दे दिया गया है। डा. प्रेम ने बताया कि आईजीएमसी में हीमोफीलिया के रजिस्टर्ड मरीजों की संख्या करीब 50 है।
: *12 साल पूरा कर चुके जलरक्षक बनेंगे पंप अटेंडेंट, कैबिनेट में जा रहा है मामला*
जलरक्षक पक्के किए जाने को लेकर लगातार हमें लिख रहे हैं। यह भी दलील दी जा रही है कि डिज़ास्टर के दौरान पानी योजनाएं बहाल करने में जलरक्षक भूमिका निभाने में लगे हैं। डिप्टी सीएम मुकेश अग्रिहोत्री का कहना है कि इस मामले में जल शक्ति मंत्रालय 12 साल पूरे कर चुके करीब 1400 कर्मियों को पंप अटेंडेंट बनाने के लिए मंत्रिमंडल की मंज़ूरी के लिए ले जा रहा है।
दूसरा जल जीवन मिशन के तहत हुई भर्तियों का पैसा केंद्र द्वारा जारी न होने से पेश आ रही दिक्कतके मद्देनजर राज्य कोष से सवा चार करोड़ जारी कर 500 से अधिक कर्मचारियों का वेतन जलशक्ति विभाग ने दे दिया है। हमने केंद्र से जलजीवन मिशन का बकाया 1200 करोड़ जारी करने का आग्रह किया है। केंद्र से पैसा आते ही बाकी मामले भी सुलझ जाएंगे। डिजास्टर के तहत नुकसान की भरपाई के तहत राज्य सरकार ने 53 करोड़ जारी किए है। उसे फील्ड में भेजा जा रहा है। मंडी के सिराज में तत्काल मरम्मत कार्यों को मुख्यमंत्री घोषणा के अनुरूप दो करोड़ भेज दिया है। पाइपों की खरीद का 60 करोड़ रुपए जारी कर दिया गया है। इससे आपात तरह के काम हो जाएंगे और लोगों के लिए पेयजल सप्लाई बहाल की जा रही है।
: *तीन महामंत्री, छह उपाध्यक्ष और छह सचिव, भाजपा में बिंदल की नई टीम पर मंथन*
हिमाचल भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष के पद पर डॉ राजीव बिंदल की नियुक्ति के बाद अब प्रदेश की टीम का ऐलान जल्द होने वाला है। इसमें लगभग 15 दिन का वक्त लगेगा। प्रदेश कार्य समिति नए सिरे से होगी और मोर्चे और प्रकोष्ठ में भी नियुक्तियां नई होने वाली है। हिमाचल भाजपा में तीन महामंत्री, छह उपाध्यक्ष और छह ही सचिव नए तैनात होंगे।
मीडिया प्रभारी से लेकर मुख्य प्रवक्ता और प्रवक्ताओं की फौज भी नई उतारी जाएगी। प्रदेश कार्य समिति पर फैसला लेने से पहले जिला की टीम तय हो रही है। 28 या 29 जुलाई को इसकी घोषणा संभव है। प्रदेश प्रभारी डॉ. श्रीकांत शर्मा संगठन से संबंधित इन्हीं विषयों के लिए दो दिन हिमाचल में थे और उन्होंने पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट ली है। जिला की टीम की घोषणा से पहले जिला अध्यक्ष के साथ समन्वय बनाने के लिए हर जिला में पर्यवेक्षक भेजे गए थे। इस बार भाजपा ने संगठन चुनाव के फॉर्मेट में भी बदलाव किया था। अब 17 जिले और 171 मंडल बना दिए गए हैं। इन सभी मंडल अध्यक्षों और जिला अध्यक्षों की नियुक्ति हो चुकी है। अब जिला की टीम का ऐलान पहले होगा और उसके बाद प्रदेश की टीम की घोषणा की जाएगी।
अभी नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के साथ प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल दिल्ली के दौरे पर हैं और प्राकृतिक आपदा राहत के लिए केंद्रीय नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। इसी दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी ये लोग मिलेंगे। इसमें हिमाचल में संगठन की टीम को लेकर भी चर्चा होगी। डॉ राजीव बिंदल के वापस लौटने के बाद प्रदेश कार्य समिति पर काम शुरू होगा। वह पार्टी में संतुलन को बनाते हुए पदाधिकारियों के नाम तय करेंगे और सूची जारी करने से पहले हाईकमान को भेजी जाएगी। हाल ही में डॉ राजीव बिंदल को एक तरह से तीसरा कार्यकाल मिला है। हालांकि उनका एक कार्यकाल बीच में पूरा नहीं हो पाया था। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए भी बिंदल की नई टीम पर सबकी नजर है।
: *पुनर्वास, पुनर्स्थापन नीति के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को पारदर्शिता से लाभान्वित करना सुनिश्चित करें*
उपायुक्त ने की सुन्नी बांध जल विद्युत परियोजना की पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन समिति की बैठक की अध्यक्षता
करसोग – सुन्नी बांध जल विद्युत परियोजना (चरण-तीन, 382 मेगावाट) के तहत परियोजना स्तरीय पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन समिति की बैठक का आयोजन आज एसडीएम सभागार करसोग में किया गया। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने की। बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी डॉ. मदन कुमार और परियोजना के अधिकारी भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपायुक्त ने परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावितों को मिलने वाली विभिन्न सुविधाएं समय पर प्रदान की जाएं। उन्होंने कहा कि परियोजना प्रभावितों के पुनर्वास और पुनर्स्थापन पर विशेष ध्यान दिया जाए। उपायुक्त ने परियोजना के कारण प्रभावित होने वाली पंचायतों के अंतर्गत आने वाले सभी परिवारों की वर्तमान स्थिति, रोजगार के अवसर तथा पुनर्वास के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा कर परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति के अंतर्गत सभी पात्र लाभार्थियों को पूर्ण पारदर्शिता से और समयबद्ध लाभान्वित करना सुनिश्चित किया जाए।
उपायुक्त ने परियोजना क्रियान्वयन एजेंसी को भी निर्देश दिए कि वे स्थानीय समुदाय के साथ निरंतर संवाद बनाए रखें और उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान करें। अपूर्व देवगन ने कहा कि परियोजना के सफल क्रियान्वयन के साथ-साथ प्रभावित लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना प्रशासन व सरकार की प्राथमिकता है। उपायुक्त ने परियोजना प्रभावित परिवारों के लिए विशेष सुविधाएं जैसे कि आजीविका के साधन, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में प्रधान ग्राम पंचायत परलोग गायत्री देवी, प्रधान ग्राम पंचायत सरत्योला तिलक राज, रोशनी देवी प्रधान ग्राम पंचायत बिंदला, पंचायत समिति सदस्य माहूंनाग मीना कुमारी, एसडीएम करसोग गौरव महाजन, तहसीलदार करसोग वरुण गुलाटी, नायब तहसीलदार शांता शुक्ला, बीडीओ करसोग सुरेंद्र ठाकुर, हेड ऑफ प्रोजेक्ट (सुन्नी डैम हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट) राजीव अग्रवाल, भू अर्जन अधिकारी सुन्नी डैम हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट अश्वनी सूद, मैनेजर पंजाब नेशनल बैंक शाखा करसोग कॉल राम सहित अन्य अधिकारी व प्रभावित समिति के विभिन्न सदस्य उपस्थित थे।
: *हिमाचल ड्यूटी के दौरान आकस्मिक मृत्यु पर पुलिस कर्मी को मिलेगा 2 करोड़ का बीमा कवरेज, जानें*
*हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के बीच हुए पुलिस सैलरी पैकेज एमओयू में यह प्रावधान किया गया है कि ड्यूटी के दौरान आकस्मिक मृत्यु होने पर पुलिस कर्मियों को अब 2 करोड़ रुपये तक का बीमा कवरेज मिलेगा।*
ड्यूटी के दौरान आकस्मिक मृत्यु होने पर पुलिस कर्मियों को अब 2 करोड़ रुपये तक का बीमा कवरेज मिलेगा। हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के बीच हुए पुलिस सैलरी पैकेज एमओयू में यह प्रावधान किया गया है। एमओयू के प्रावधानों के अनुसार पुलिस कर्मियों के परिजनों को भी पर्सनल एक्सीडेंट कवर का लाभ मिलेगा। साथ ही रियायती ब्याज पर विभिन्न प्रकार के ऋण भी ले सकेंगे।
पुलिस कर्मियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए साल में एक बार निशुल्क हेल्थ चैकअप की भी सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। पुलिस विभाग ने सभी अग्रणी बैंकों के साथ सेलरी पैकेज एमओयू कर रखा है। कर्मचारी बैंकों की ओर से दिए जा रहे लाभों के आधार पर स्वयं बैंक का चयन कर सकते हैं। पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने बताया कि पुलिस विभाग के सेवारत और सेवानिवृत कर्मियों और उनके परिजनों को बेहतर वित्तीय सुरक्षा और सुविधाएं मिल सकें इसके लिए यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के साथ करार किया गया है। 2 करोड़ के बीमा कवर के अलावा परिजनों को भी पर्सनल एक्सीडेंट कवर, ऋणों पर रियायती ब्याज और मुफ्त स्वास्थ्य जांच की भी सुविधा मिलेगी।
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*हिमाचल में आज साफ़ रहेगा मौसम, इस दिन से फिर बारिश का अलर्ट*
प्रदेश में पांच दिनों तक कई भागों में भारी बारिश की चेतावनी
बिलासपुर में सबसे अधिक 34.6 डिग्री सेल्सियस पहुंचा पारा
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में 26 से 30 जुलाई तक मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। येलो अलर्ट में प्रदेश के कई स्थानों पर 26 से 30 जुलाई तक बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार 26, 29 और 30 जुलाई 2025 को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। 27 और 28 जुलाई को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। 25 जुलाई 2025 को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है, तथा 26 से 30 जुलाई 2025 तक कुछ स्थानों पर एक या दो बार भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके अलावा दो दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में दो-तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है। इसके बाद अगले तीन से चार दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है। अगले तीन-चार दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई स्थानों जैसे नगरोटा सुरियां, नैना देवी, गुलेर, नाहन, घमरूर, कसौली, चुअरी, चंबा, रोहरू, सुजानपुर टिरा आदि स्थानों पर हलकी से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा सुंदरनगर और कांगड़ा में गर्जन के साथ बिजली दर्ज की गई है। प्रदेश में अधिकतम तापमान बिलासपुर में 34.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान केलॉग में 11.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। प्रदेश में 25 जुलाई को कोई चेतावनी है। 26 जुलाई को मंडी, शिमला, सोलन, सिरमौर में भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग में 26 से 30 जुलाई तक बारिश का यलो अलर्ट दिया गया है।
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*हिमाचल प्रदेश: समाप्त होगी एडहॉक प्रणाली, दो वर्ष में नियमित होंगे कर्मी; अनुबंध भर्ती नीति में थीं कई खामियां*
*वीरवार को सरकारी प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा पहले अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करने की अवधि एडहॉक और उस समय की सरकार के निर्णय पर निर्भर करती थी। नई नीति का उद्देश्य एडहॉक प्रणाली को खत्म करना और नियुक्त किए गए कर्मचारियों को दो वर्ष के बाद नियमित करना है।*
हिमाचल प्रदेश सरकार की नई भर्ती नीति जॉब ट्रेनी से एडहॉक प्रणाली समाप्त होगी। वीरवार को सरकारी प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि नई नीति का उद्देश्य संबंधित विभागों के कामकाज को अधिक सहज, दक्ष और कार्यकुशल बनाना है। *पहले अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करने की अवधि एडहॉक और उस समय की सरकार के निर्णय पर निर्भर करती थी। नियमितीकरण की यह अवधि कभी 8 वर्ष तो कभी 2 वर्ष के बीच रही है।* इस नई नीति का उद्देश्य एडहॉक प्रणाली को खत्म करना और नियुक्त किए गए कर्मचारियों को दो वर्ष के बाद नियमित करना है।
प्रवक्ता ने कहा कि नई नीति में दो वर्ष के बाद किसी भी प्रशिक्षु की सेवा समाप्ति का कोई प्रावधान नहीं है। नीति के बारे में कुछ नेता भ्रम फैला रहे हैं। उनसे ये पूछा जाना चाहिए कि हिमाचल के युवाओं की नियमित भर्ती का जो स्रोत अग्निवीर योजना में था, वह पूरी तरह से बंद कैसे हो गया है। नेता यह भी बताएं कि उन युवाओं के भविष्य को लेकर क्या योजनाएं बनाई जा रही हैं, जिन्हें 23 वर्ष की उम्र में सेवा से बाहर कर दिया जाएगा। ट्रेनी नीति युवाओं के हित में तैयार की गई है और इसके अधिकतर प्रावधान पुरानी अनुबंध नीति के अनुरूप ही हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्व की अनुबंध नीति में भी कर्मचारियों को दो वर्षों तक अनुबंध पर रखा जाता था। नई नीति में भी प्रशिक्षु दो वर्षों की ट्रेनिंग पर रहेंगे। दो वर्ष की ट्रेनिंग अवधि के बाद एक सामान्य विभागीय परीक्षा लेने का प्रावधान है, जिसके बारे में जल्द ही कार्मिक विभाग स्थिति स्पष्ट करेगा।
उन्होंने कहा कि जो भी अभ्यर्थी हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग एवं राज्य चयन आयोग के माध्यम से चयनित होंगे, उन्हें दो वर्ष के बाद नियमित किया जाएगा। प्रवक्ता ने बताया कि पुरानी अनुबंध नीति में कई व्यावहारिक खामियां थीं, जिनके चलते कर्मचारियों को विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ता था और कई मामले न्यायालयों में लंबित हो जाते थे। इन्हीं खामियों को दूर करने के उद्देश्य से सरकार ने 19 जुलाई, 2025 को नई ट्रेनी नीति जारी की है। नई नीति के तहत नियुक्त प्रशिक्षु दो वर्ष की प्रशिक्षण अवधि के दौरान विभागीय कार्यों को सीखेंगे और प्रशिक्षण के बाद वे विभागीय कामकाज को अधिक दक्षता और प्रभावशाली ढंग से निभा सकेंगे।
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*हिमाचल में ड्रग्स एक बड़ी साजिश*
राज्यपाल बोले; नशाखोरी खत्म करने के लिए जागरूकता की पराकाष्ठा तक जाना होगा
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल का कहना है कि हिमाचल में ड्रग्स और नशाखोरी का बढऩा एक बड़ी और अंतरराष्ट्रीय साजिश है। हिमाचल एक ओर जहां तिब्बत की सीमा से सटा हुआ है, वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड, पंजाब और जम्मू कश्मीर से भी हिमाचल की सीमा लगती है। ये सभी राज्य ड्रग माफिया के लिए कुख्यात हैं और इन राज्यों में अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफिया बड़े पैमाने पर सक्रिय है, जिसका असर हिमाचल पर भी पड़ा है। राज्यपाल गुरुवार को राजभवन शिमला में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। राज्यपाल ने कहा कि यदि हिमाचल प्रदेश में नशे की रोकथाम को गंभीरता से नहीं लिया गया और सरकार समय पर नहीं जागी तो हिमाचल को उड़ता पंजाब की तर्ज पर उड़ता हिमाचल बनने में देर नहीं लगेगी। उन्होंने कहा कि इस समस्या से पार पाने और इसे समूल खत्म करने के लिए हमें जागरूकता की पराकाष्ठा तक पहुंचना होगा।
उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि प्रदेश सरकार अभी सरकारी क्षेत्र में कोई भी नया नशा निवारण केंद्र नहीं खोल पाई है। राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने सरकार को पत्र लिखकर जल्द नशा निवारण केंद्र खोलने की मांग की है। वाराणसी में आयोजित केंद्र सरकार के नशा मुक्ति युवा विकसित भारत कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ी है लेकिन इसके प्रति सरकार को भी गंभीरता दिखानी होगी।
आपदा प्रभावितों को बसाए राज्य सरकार
हिमाचल में आपदा के लिए केंद्रीय मदद और पुनर्वास को जमीन देने के मामले में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि केंद्र के समक्ष प्रदेश की मांग उठाने की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री की है,
: बाइक सवार को बचाते सड़क से खेतों में जा गिरी बस, 8 की मौत और 21 घायल, पीएमओ से आर्थिक राहत की घोषणा
प्रधानमंत्री कार्यालय ने हिमाचल प्रदेश के मंडी में हुई बस दुर्घटना में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के निकटतम परिजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सरकाघाट क्षेत्र में वीरवार को हिमाचल परिवहन निगम की बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में चार महिलाओं समेत आठ की मौत हो गई है। बस में कुल 29 लोग सवार थे। चालक-परिचालक समेत 21 सवारियां घायल हैं। हादसा सुबह करीब 9:45 बजे हुआ। बस सरकाघाट से दुर्गापुर वाया जमणी जा रही थी। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से हताहतों और घायलों के लिए अनुग्रह राहत की घोषणा की गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सरकाघाट के मसेरन के नजदीक तरांगला में एक बाइक सवार को बचाते समय चालक ने जैसे ही बस हल्की से बाहर निकाली तो सड़क का डंगा धंस गया। डंगा धंसने से बस तीन पलटे खाकर करीब 60 मीटर नीचे खेतों में जा गिरी। बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। कुछ यात्री बाहर छिटक गए जबकि कुछ बस के भीतर ही दब गए। यात्रियों की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग घटनास्थल की ओर दौड़े। चादर और कंबल के स्ट्रेचर बनाकर लोगों ने घायल यात्रियों को सड़क तक पहुंचाना शुरू किया।
एंबुलेंस और निजी वाहनों से घायलों को सिविल अस्पताल सरकाघाट पहुंचाया गया। यहां से गंभीर घायल यात्रियों को मेडिकल कॉलेज नेरचौक, बिलासपुर एम्स और हमीरपुर के लिए रेफर किया गया। हादसे में जख्मी पांच यात्रियों को सिविल अस्पताल सरकाघाट, दो को राजकीय मेडिकल कॉलेज नेरचौक और एक को एम्स में मृत घोषित किया गया। मरने वाले सभी यात्री सरकाघाट के मसेरन क्षेत्र के आसपास के गांवों के रहने वाले थे। हादसे के बाद चार का इलाज सरकाघाट अस्पताल, आठ का एम्स और सात का नेरचौक में उपचार किया जा रहा है। दो को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया है।
एसपी मंडी साक्षी वर्मा ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच करवाई जा रही है। फिलहाल, एचआरटीसी चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का केस दर्ज किया गया है।
हादसे में इन लोगों की गई जान
मृतकों की पहचान तरांगला निवासी कलासी देवी (60), भलयाणा गांव निवासी बर्फी देवी, मसेरन के सुमन कुमार (33), रसेहड़ गांव निवासी गीता देवी (65) व डोमा देवी (70), बटोह निवासी प्रकाश, पाटी भलयारा निवासी बलवीर (60), दोपी गांव निवासी अंतरिक्ष (17) शामिल हैं।
हादसे के लिए जांच कमेटी बना दी गई है। तकनीकी टीम को भी मौके पर जांच के लिए भेजा गया था। जहां हादसा हुआ है, वहां सड़क तंग थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वाहन को पास देते समय डंगा धंसने से हादसा पेश आया है। - उत्तम सिंह, मंडलीय प्रबंधक एचआरटीसी मंडी
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू ने जताया शोक
वहीं मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने एचआरटीसी बस के खाई में गिरने से अब तक सात लोगों के निधन पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने और उपचार दिलाने के लिए जिला प्रशासन को निर्देश जारी कर दिए गए। उन्होंने मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक-संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
पीएमओ से राहत
प्रधानमंत्री कार्यालय ने हिमाचल प्रदेश के मंडी में हुई बस दुर्घटना में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के निकटतम परिजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।
एम्स बिलासपुर में घायलों से मिले डिप्टी सीएम
परिवहन निगम बस हादसे में घायल हुए लोगों से मिलने उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री गुरुवार दोपहर एम्स बिलासपुर पहुंचे। उन्होंने पीड़ितों का कुशलक्षेम जाना और परिजनों से भी बात की। साथ ही उन्होंने चिकित्सकों से पीड़ितों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बताया कि बस हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए कंडक्टर सहित छह लोगों का उपचार एम्स बिलासपुर में चल रहा है। अग्निहोत्री ने पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं और उचित सहायता का आश्वासन दिया।
चंबा में शिक्षक की मौत
उधर, चंबा जिले के मंडून गांव में बीती रात को एक शिक्षक की सड़क हादसे में माैत हो गई। जानकारी के अनुसार गाड़ी अनियंत्रित होकर टीन की छत पर गिर गई। हादसे में खेम राज पुत्र बृजलाल निवासी बुंदेडी की माैत हो गई। पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव ने हादसे की पुष्टि की है।
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: HRTC : आठ घंटे काम करने पर अड़े ड्राइवर, एचआरटीसी प्रबंधन से बातचीत में नहीं निकला हल
By: divyahimachal
एचआरटीसी प्रबंधन से बातचीत में नहीं निकला हल, 31 जुलाई से पहले बैठक बुलाने की अपील
एचआरटीसी के बस चालकों ने संघर्ष करने का ऐलान कर दिया है। हालांकि प्रबंधन ने उन्हें आश्वासन दिया है कि जल्दी ही उनको पैसा दे दिया जाएगा, परंतु इस आश्वासन से एचआरटीसी के बस चालक मानने को तैयार नहीं हैं, इसलिए उन्होंने पहली अगस्त से आठ घंटे ड्यूटी का ऐलान किया है। शिमला में गुरुवार को गेट मीटिंग करने के साथ इस संदर्भ में एचआरटीसी चालक यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष मान सिंह ठाकुर ने कहा कि बुधवार को निगम के प्रबंध निदेशक निपुण जिंदल के साथ हुई बैठक में कई मांगों पर सहमति बनी है, लेकिन लंबित देनदारियों को लेकर अब भी पेंच फंसा हुआ है। मान सिंह ने बताया कि प्रबंध निदेशक ने अपने स्तर पर जो मांगे पूरी की जा सकती थीं, उन्हें स्वीकार कर लिया है। इनमें यूनिफॉर्म, 4-9-14 पे स्केल को लेकर कमेटी का गठन, एनपीएस का पैसा देना सहित कई मांगें शामिल है।
हालांकि लंबित देनदारियों को लेकर उन्हें ये आश्वासन मिला है कि 31 जुलाई से पहले कर्मचारियों की उपमुख्यमंत्री से बात करवाई जाएगी। यूनियन अध्यक्ष मान सिंह ने स्पष्ट किया कि कर्मचारी लंबित देनदारियों को लेकर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेंगे। यूनियन ने उपमुख्यमंत्री से अपील की है कि 31 जुलाई से पहले निगम प्रबंधन और कर्मचारियों के साथ बैठक कर समाधान निकाला जाए। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि जब तक उपमुख्यमंत्री से वार्ता नहीं होती, तब तक प्रदेश भर में गेट मीटिंग्स का दौर जारी रहेगा। यदि 31 जुलाई को कोई वार्ता नहीं हुई तो पहली अगस्त से कर्मचारी केवल आठ घंटे की ड्यूटी करेंगे और केवल दिन में सेवाएं देंगे।
प्रदेश सरकार को भेजा मांगों का प्रस्ताव
एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक निपुण जिंदल ने कहा कि कर्मचारियों की वित्तीय मांगों का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। वहां से पैसा मिलते ही अदा कर दिया जाएगा। जो मांगें हम मान सकते थे, वो मान ली गई हैं।
: B-Pharmacy Counseling : बी फार्मेसी की काउंसिलिंग कब, जानिए यहां
By: divyahimachal
हमीरपुर – तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर में नए शैक्षणिक सत्र में प्रवेश के लिए 25 जुलाई को बी फार्मेसी (डायरेक्ट एंट्री) की पहले चरण की काउंसिलिंग शुरू होगी। पहले दिन एससी, एसटी और ओबीसी श्रेणी की मुख्य श्रेणी और उप श्रेणी के अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग के लिए बुलाया है। बी फार्मेसी की काउंसिलिंग हिमाचल प्रदेश कॉमन एंट्रेंस टेस्ट की मैरिट के आधार पर होगी। तकनीकी विवि द्वारा बी फार्मेसी की काउंसिलिंग पांच सरकारी और 13 निजी शिक्षण संस्थानों की 1820 सीटों को भरने के लिए आयोजित की जा रही है।
26 जुलाई को सामान्य श्रेणी और ऑल इंडिया कोटे सहित सामान्य वर्ग की उप श्रेणी के अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग होगी। दोनों दिनों में आबंटित सीटों वाले अभ्यर्थियों को संबंधित शिक्षण संस्थान में 29 जुलाई तक रिपोर्ट करना होगा। कुलसचिव ने कहा कि 26 जुलाई को ही बीसीए, बीबीए और बीएचएमसीटी व बीएससी एचएमसीटी की पहले चरण की काउंसिलिंग आयोजित की जाएगी।
: *राज्यपाल करेंगे अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले का शुभारंभ —उपायुक्त मुकेश रेपसवाल*
*चंबा का तीन दिवसीय प्रवास कार्यक्रम जारी*
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल 27 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला-2025 का विधिवत शुभारंभ करेंगे।
राज्यपाल के तीन दिवसीय प्रवास कार्यक्रम की जानकारी देते हुए उपायुक्त मुकेश रेपसवाल बताया कि राज्यपाल 26 जुलाई (शनिवार) को सायः डलहौजी पहुंचेंगे और उनका रात्रि ठहराव परिधि गृह में रहेगा ।
27 जुलाई को राज्यपाल सुबह 10 बजे श्री लक्ष्मी नारायण जी को मिंजर अर्पित करने के पश्चात 11 बजे चंबा के ऐतिहासिक चौगान में अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला- 2025 का विधिवत शुभारंभ करेंगे तथा दोपहर बाद 3.30 बजे बचत भवन में आकांक्षी ज़िला कार्यक्रम की समीक्षा को लेकर बैठक की अध्यक्षता करेंगे ।
उन्होंने बताया कि राज्यपाल सांय 8.30 बजे रिस्पांसिबल टूरिज्म मीट तथा अंतर्राष्ट्रीय मिंजर मेला-2025 के तहत सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ करेंगे। उनका रात्रि ठहराव परिधि गृह चंबा में रहेगा।
राज्यपाल 28 जुलाई को सुबह 7 बजे श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर जाएंगे।
वह सुबह 8.30 बजे चंबा से खज्जियार के लिए प्रस्थान करेंगे तथा सामुदायिक पर्यटन गांव पुखरी जाएंगे।
राज्यपाल दोपहर बाद खज्जियार से बस पठानकोट के लिए प्रस्थान करेंगे ।
: *हिमाचल में हिंदुस्तान की फेमस लव स्टोरी का THE END, आंखों से नहीं रुक रहे आंसू*
हिंदुस्तान में मशहूर हो रही फिल्मी लव स्टोरी का दी एंड हो गया है। जिस फिल्म को देखकर आंखों के आंसू नहीं थम रहे। थियेटर में लोग बेहोश हो रहे हैं, उसका कनेक्शन सीधे हिमाचल से है। मोहित सूरी के निर्देशन में बनी खूबसूरत प्रेम कहानी पर आधारित फिल्म सैयारा इस साल की एक बड़ी हिट साबित हुई है। फिल्म को रिलीज हुए अभी एक हफ्ता हुआ है और कमाई 150 करोड़ के पार पहुंच गई है।
मूवी की एंट्री ने सोशल मीडिया पर भी जमकर धमाल मचाया है। इस फिल्म में डेब्यू एक्टर्स अहान पांडे और अनीत पड्डा ने लोगों की आंखे नम कर दी हैं। फिल्म के डायरेक्टर मोहित सूरी की यह इमोशनल लव स्टोरी लोगों के दिलों तक ऐसी पहुंची कि थिएटर में रोते-बिलखते दर्शकों की तेजी से वीडियो वायरल हो रहे हैं।
हिमाचल में फिल्म का क्लाइमेक्स
सैयारा कृष कपूर (अहान पांडे) और वाणी बत्रा (अनीत पड्डा) के इश्क से शुरू होती है और इमोशन के बीच खत्म होती है। फिल्म का एंड सभी को रुला रहा है। एक भूलने की बिमारी (अल्जाइमर) से ग्रसित वाणी बत्रा जब अचानक कृष कपूर से जुदा हो जाती है, तो एक साल तक उसका कहीं पता नहीं चल पाता। इसी बीच कृष कपूर भी काफी फेमस हो जाता है, लेकिन वाणी के बिना वह अधूरा है, उसके बिना कृष को कुछ अच्छा नहीं लगता। वह वाणी को हर जगह तलाश करता है, पर कहीं नहीं मिलती। पागलों की तरह वह यहां-वहां फिरता रहता है। दिन-रात उसी की याद में खोया रहता है। उसके बाद आता है फिल्म का वह पल जो सभी को फूट-फूटकर रोने पर मजबूर कर देता है। कृष को वाणी कपूर का पता मिल जाता है और यह जगह होती है हिमाचल का फेमस पर्यटक स्थल मनाली। जी हां! फिल्म के एंड में जहां वाणी बत्रा और कृष कपूर मिलते हैं, वह मनाली ही है। वाणी को धीरे-धीरे सब कुछ याद आने लगता है और वह कृष को पहचान लेती है। इस तरह एक खूबसूरत फिल्मी लव स्टोरी का मनाली में दी एंड हो जाता है।
: *हिमाचल की प्राकृतिक खेती के मुरीद हुए शाह*
केंद्रीय गृह मंत्री ने सहकारिता मंत्रियों की बैठक में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रयासों को सराहा
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में उठाए गए बड़े कदमों के लिए हिमाचल प्रदेश की तारीफ की है। नई दिल्ली में हाल ही में आयोजित ‘मंथन बैठक’ में देशभर के राज्यों से सहकारिता मंत्रियों को बुलाया गया था। केंद्रीय मंत्री ने हिमाचल प्रदेश और मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में उठाए गए कदमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि हिमाचल में नेचुरल फार्मिंग में बहुत अच्छे प्रयोग हुए हैं और इसे लेकर हिमाचल के प्रयास पूरे देश के लिए मिसाल हैं। हिमाचल में लाखों किसानों ने प्राकृतिक खेती की ओर रुख किया है। हिमाचल की 80 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है और कृषि, बागबानी व पशुपालन मुख्य आजीविका के साधन हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य में किसानों और बागबानों में प्राकृतिक खेती के प्रति रुचि लगातार बढ़ रही है।
अब तक राज्य की लगभग सभी पंचायतों में 2.23 लाख से अधिक किसानों ने पूर्ण या आंशिक रूप से रसायन मुक्त खेती को अपनाया है। हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां प्राकृतिक खेती से उपज होने वाली फसलों के लिए समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। पिछले वर्ष मक्की का समर्थन मूल्य 30 रुपए प्रति किलो तय किया गया था, जिसे अब बढ़ाकर 40 रुपए कर दिया गया है। अब तक 1,509 किसानों से लगभग 400 मीट्रिक टन मक्की की खरीद समर्थन मूल्य पर की जा चुकी है। इसी तरह गेहूं को 60 रुपए प्रति किलो की दर से खरीदा जा रहा है। सरकार ने प्राकृतिक तरीके से उगाए गई कच्ची हल्दी के लिए 90 रुपए प्रति किलो समर्थन मूल्य की घोषणा की है, जिसे ‘हिमाचल हल्दी’ ब्रांड के तहत प्रसंस्कृत कर बाजार में बेचा जाएगा। राज्य सरकार ने चरणबद्ध तरीके से 9.61 लाख किसानों को प्राकृतिक खेती से जोडऩे का लक्ष्य रखा है।
हमीरपुर में स्पाइस पार्क बनाने का फैसला
हिमाचल सरकार ने हमीरपुर जिला में एक स्पाइस पार्क स्थापित करने का निर्णय लिया है, जिससे क्षेत्र में उगाए जाने वाले मसालों को नई पहचान और बेहतर बाजार मिलेगा। प्राकृतिक खेती को अपनाने के लिए सरकार कई प्रकार की सबसिडी भी दे रही है, जैसे ड्रम की खरीद पर प्रति ड्रम 750 रुपए (अधिकतम 2,250 रुपए), गौशाला में पक्का फर्श और गोमूत्र गड्ढा बनाने के लिए 8,000 रुपए, देसी गाय खरीद पर 50 प्रतिशत सबसिडी या अधिकतम 25,000 रुपए तक उपदान और परिवहन के लिए 5,000 रुपए की अतिरिक्त सहायता मिल रही है।
: *कुल्लू में बिजली महादेव के लिए रोप-वे का कड़ा विरोध, सडक़ों में उतरे खराहल घाटी के लोग*
सडक़ों में उतरे खराहल घाटी के लोग कहा, देववाणी का करना होगा सम्मान नहीं बनने देंगे रोप-वे डीसी के माध्यम से प्रदेश सरकार को भेजा ज्ञापन
प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बिजली महादेव के खराहल घाटी में लग रहे रोप-वे के विरोध में शुक्रवार को रामशिला से लेकर ढालपुर डीसी कार्यालय तक एक विशाल रैली निकाली गई। इसमें सैकड़ों लोगों ने शामिल होकर रोप-वे के प्रति अपना विरोध व्यक्त किया। रैली में शामिल लोगों ने जहां जमकर नारेबाजी के माध्यम से भी रोप-वे के विरुद्ध अपना रोष जताया, तो वही डीसी कार्यालय के बाहर भी लोगों के द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया और प्रदेश तथा केंद्र सरकार से मांग रखी गई कि देवस्थान को ध्यान में रखते हुए इस रोप-वे को रद्द किया जाना चाहिए।
यह एक पवित्र धामिक स्थल है। इससे पर्यटन स्थल न बनाया जाए, जो भी भक्त दर्शन के लिए आए वह पैदल भोलेनाथ के दर्शन कर लौटे। इस प्रदर्शन में शामिल सैकड़ों लोगों को संबोधित करते हुए बिजली महादेव रोप-वे विरोध समिति के अध्यक्ष सुरेश नेगी ने बताया कि बिजली महादेव रोप-वे देवस्थान का केंद्र है। इसे पर्यटन स्थल के रूप में बिल्कुल भी विकसित नहीं किया जाना चाहिए। सुरेश नेगी ने कहा कि बिजली महादेव में कई ऐसे देव कार्य होते हैं। रोप-वे लगने से यहां की देव परंपराएं भी खंडित होगी।
देववाणी में रोप-वे बिल्कुल मंजूर नहीं
बिजली महादेव ने अपने गुर की देव वाणी में भी स्पष्ट कहा है कि उन्हें रोप-वे बिल्कुल भी मंजूर नहीं है। अगर कोई इसे जबरदस्ती लगाएगा तो इसका खामियाजा फिर सभी लोगों को भुगतना होगा। फिर उसका जिम्मेदार कौन है। रैली में शामिल भगवान रघुनाथ जी के छड़ीबरदार महेश्वर सिंह, समिति के सचिव सहित पूर्व एचपीएमसी के उपाध्यक्ष राम सिंह ने भी जनसभा को संबोधित किया। सभी ने एक जुट में रोप-वे लगाने का विरोध किया। यही नहीं, केंद्र तक भी बात सही से नहीं पहुंच रही है। उसे लेकर भी अपनी बात को केंद्र तक बताने और देववाणी का सम्मान करने को लेकर बात रखने की बात कही गई।
भोलेनाथ नहीं चाहते, तो नहीं बनने देंगे
जनसभा के दौरान महेश्वर सिंह की आंखे भी नम हो गई। उन्होंने कहा कि वह भोलेनाथ के साथ है। सैकड़ों की संंख्या में प्रदर्शन में भोलनाथ के भक्त उपस्थित हुए। जहां पर मातृ शक्ति ने भी सबसे अधिक संख्या में उपस्थिति दर्ज करवाई। महिलाओं ने कहा कि वह भोलनाथ के देववाणी का सम्मान करते है और अगर उनका महादेव नहीं चाहता है, तो रोप-वे नहीं लगने दिया जाएगा। भोलेनाथ के आगे कोई भी पार्टी मायने नहीं रखते है।
: *Himachal News: सैलरी-पेंशन से पहले राज्य सरकार ने लिया 1000 करोड़ रुपए का लोन*
हिमाचल में सरकारी कर्मचारियों को वेतन और पेंशन देने से ठीक पहले राज्य सरकार ने 1000 करोड़ का लोन नोटिफाई कर दिया है। भारत सरकार द्वारा तय की गई लोन लिमिट के अंदर ही यह पैसा लिया जा रहा है, जिसके लिए आरबीआई खुली बोली के तहत नीलामी करेगा। 29 जुलाई को इसके लिए नीलामी तय है और 30 जुलाई को राज्य सरकार के खाते में यह पैसा आ जाएगा।
पहली तारीख को राज्य सरकार को अपने कर्मचारियों और पेंशनरों को 2000 करोड़ का भुगतान करना होता है। वर्ष 2025 के लिए केंद्र सरकार ने करीब 7000 करोड़ की लोन लिमिट दे रखी है, जिसमें से इस धनराशि को मिलाकर 5200 करोड़ रुपए का लोन राज्य सरकार ले चुकी है।
: *नौकरी के नाम पर सात लाख की ठगी, संतोषगढ़ के युवक ने कांस्टेबल सहित आठ लोगों पर जड़े आरोप*
ऊना में एक पुलिस कांस्टेबल समेत अन्य लोगों पर नौकरी के नाम पर सात लाख की ठगी का आरोप लगा है। पीडि़त युवक को फ्रॉड का तब पता चला जब उसका नौकरी का ज्वाइनिंग लैटर फर्जी पाया गया । ठग गिरोह युवक को नौकरी दिलाने के नाम पर चंडीगढ़ समेत अन्य शहरों में बुलाता रहा। जहां भी युवक गया वहीं पर उससे रुपए मांगे जाते रहे। हालात तब समझ आए जब उसे लाखों रुपए देने के बाद भी कहीं भी नौकरी नहीं मिली और ठग गिरोह द्वारा दिए गए दस्तावेज भी फर्जी पाए गए। मामले का शिकार हुए संतोषगढ़ के युवक नीतिश कुमार ने इस संबंध में एएसपी ऊना को शिकायत सौंपकर एक पुलिस कांस्टेबल सहित नामजद किए अन्य लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। इनमें दो महिलाओं के नाम भी शामिल हैं। ऊना पुलिस में तैनात एक कांस्टेबल और हरोली के गांव कांगड़ का युवक ने एसबीआई बैंक और रेलवे में नौकरी देने का झांसा दिया।
इस उद्देश्य से मेरे साथ कॉल के माध्यम जुड़े रहे और मुझे जॉब दिलाने के लिए चंडीगढ़ में भेजा और वहां मेरी मुलाकात एक व्यक्ति से हुई जिसने स्वयं को नौकरी का एजेंट बताया। इसी दौरान एक महिला से मुलाकात करवाई जो कि अपने आप को एसबीआई की अधिकारी बताती थी। जबकि कांगड़ का व्यक्ति स्वयं को एक बहुत बड़ी कृषि अधिकारी बताता था। इन्हीं के साथ अन्य लोग भी इस फ्रॉड में शामिल थे। इन लोगों ने नौकरी के नाम पर ठगने के लिए मुझे लुधियाना, दिल्ली व गुरुग्राम इत्यादि स्थानों पर बुलाया और फर्जी इंटरव्यू, मेडिकल, ट्रेनिंग और फर्जी नियुक्ति पत्र दिखाकर मुझसे नकद और ऑनलाइन माध्यमों से सात लाख रुपए ऐंठ लिए। एएसपी ऊना सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी करने और लाखों रुपए ठगने की शिकायत मिली है।
: *RBI : भारतीय रिजर्व बैंक का बड़ा संकेत, मुफ्त डिजिटल ट्रांजेक्शन का अंत निकट*
यूपीआई नहीं रहेगा फ्री सरकार वसूलेगी शुल्क
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एक बड़ा संकेत देते हुए कहा है कि पूरी तरह से फ्री डिजिटल ट्रांजेक्शन का दौर जल्द ही समाप्त हो सकता है। यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) के लगातार नए रिकार्ड बनाने के बावजूद आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने सिस्टम को वित्तीय रूप से टिकाऊ बनाने की जरूरत पर बल दिया है। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि अभी यूपीआई पर कोई चार्ज नहीं लगता है। सरकार बैंकों और अन्य कंपनियों को सबसिडी दे रही है, ताकि यह सिस्टम मुफ्त रहे, लेकिन लंबे समय तक ऐसा नहीं चल सकता।
यूपीआई को चलाने का जो खर्च आ रहा है, उसे किसी न किसी को तो देना होगा। लिहाजा यूपीआई पर चार्ज लगने की संभावना है। यूपीआई के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए आरबीआई गवर्नर का यह बयान बेहद अहम है। पिछले दो सालों में यूपीआई से होने वाले लेन-देन दोगुने हो गए हैं। अब रोजाना 60 करोड़ से ज्यादा लेन-देन हो रहे हैं।
: *PM मोदी ने तोड़ा इंदिरा गांधी का रिकॉर्ड, सबसे अधिक समय तक PM रहने वाले दूसरे नेता बने, पहले कौन, जानिए*
देश के सबसे अधिक समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले दूसरे नेता बने, जवाहरलाल नेहरू से पीछे
नरेंद्र मोदी शुक्रवार को इंदिरा गांधी को पीछे छोड़ते हुए देश के सबसे अधिक समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले दूसरे नेता बन गए। सबसे अधिक समय तक प्रधानमंत्री बने रहने का रिकॉर्ड प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नाम है। 26 मई, 2014 पहली बार देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के साथ ही नरेंद्र मोदी ने 25 जुलाई को अपने कार्यकाल के 4078 दिन पूरे कर लिए। इससे पहले इंदिरा गांधी 24 जनवरी, 1966 से 24 मार्च, 1977 तक लगातार 4077 दिन तक प्रधानमंत्री रही थीं। वहीं लगातार तीन बार प्रधानमंत्री बनने का रिकॉर्ड देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नाम पर है। खास बात यह है कि मोदी और नेहरू दोनों के ही अगवाई में उनकी पार्टियों ने लगातार तीन लोकसभा चुनाव में जीत का परचम लहराया। वहीं पंडित जवाहरलाल नेहरू 15 अगस्त, 1947 से लेकर 27 मई, 1964 को निधन होने तक प्रधानमंत्री के पद पर काबिज रहे और उनका कार्यकाल 6130 दिन का रहा।
इतना ही नहीं राज्य और केंद्र में सरकार के निर्वाचित प्रमुख के रूप में नरेंद्र मोदी पहले से सबसे अधिक लंबे कार्यकाल को रिकॉर्ड बना चुके हैं। नरेंद्र मोदी 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री और 2014 में प्रधानमंत्री का पदभार संभाला। गौरतलब है कि देश के आजाद होने के बाद जन्म लेने वाले नरेंद्र मोदी सबसे अधिक समय तक प्रधानमंत्री के पद पर बने रहने वाले पहले गैर कांग्रेसी नेता हैं। नरेंद्र मोदी केंद्र सरकार के मुखिया के रूप में दो कार्यकाल पूरा करने वाले इकलौते गैर कांग्रेसी नेता हैं।
: *मंडी के जख्मों पर सवा दो करोड़ का मरहम, राजस्व मंत्री बोले, राहत कार्यों को राशि जारी, मनरेगा में नौ करोड़ के काम शुरू*
राजस्व मंत्री बोले; राहत कार्यों को राशि जारी, मनरेगा में नौ करोड़ के काम शुरू
मंडी में आई त्रासदी से पार पाने के लिए अब तक सवा दो करोड़ राहत पहुंचाने में ही आबंटित किए गए हैं। इसके अलावा मनरेगा के तहत नौ करोड़ के काम भी किए जा रहे हैं। राजस्व, बागबानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने शुक्रवार को सराज क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा के बाद चलाए जा रहे राहत एवं पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए थुनाग में आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू के निदेर्शों पर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाई जा रही है। उन्होंने संतोष जताया कि सभी अधिकारी पूरी तत्परता के साथ राहत कार्य सुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंडी जिला में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में अभी तक लगभग 2.14 करोड़ रुपए की सहायता राशि विभिन्न मदों में प्रभावितों को प्रदान की जा चुकी है।
जिला में त्वरित सहायता के रूप में 58.71 लाख रुपए की राशि प्रदान की गई है। इसमें से थुनाग क्षेत्र में 45 लाख रुपए से अधिक की राशि प्रदान की गई है। पक्के व कच्चे घरों व अन्य निजी संपत्ति को हुए नुकसान की एवज में जिला में अभी तक एक करोड़ 55 लाख रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। इसमें से थुनाग क्षेत्र में लगभग 1.35 करोड़ रुपए की राशि प्रदान की गई है। इसके अलावा थुनाग उपमंडल के प्रभावित क्षेत्रों में 4082 राशन किट, 865 कंबल, 5172 तिरपाल सहित अन्य राहत सामग्री का वितरण किया जा चुका है। राजस्व मंत्री ने बताया कि दूरस्थ गांवों में आवाजाही की सुविधा बहाल करने के लिए झूले भी स्थापित किए जा रहे हैं।
: *सराज में बादलों की नाराजगी की जांच शुरू, केंद्रीय टीम ने जुटाए सबूत, बादल फटने के कारणों की होगी खोज*
केंद्रीय टीम ने तबाही देख जुटाए सबूत, बादल फटने के कारणों की होगी खोज
मंडी के सराज में बरसात के शुरुआती दौर में बादल क्यों नाराज हो गए, इसकी खोजबीन शुरू हो गई है। केंद्रीय जांच दल ने सराज में तबाही के निशान देख यह पता लगाने की कोशिश की है कि बादलों ने इतने गहरे जख्म यहां क्यों दिए हैं। हिमाचल में प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती आवृत्ति के विभिन्न कारकों का अध्ययन करने के उद्देश्य से प्रदेश के दौरे पर पहुंची पांच सदस्यीय बहु-क्षेत्रीय केंद्रीय टीम ने शुक्रवार को जिला मंडी के थुनाग उपमंडल के आपदा प्रभावित स्थलों का दौरा किया। इस दौरान केंद्रीय दल ने राजस्व, बागबानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी से भी चर्चा की। केंद्रीय टीम ने बादल फ टने से भारी बारिश और भूस्खलन से प्रभावित सराज विधानसभा क्षेत्र के पांडव शिला, लंबाथाच, थुनाग के देजी गांव और बगस्याड़ इत्यादि में प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। लंबाथाच में केंद्रीय टीम ने राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी से भी प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान पर चर्चा की। उन्होंने केंद्रीय दल को हिमाचल में बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं के बारे में अवगत करवाया और सराज क्षेत्र में हाल ही में आपदा से हुए नुकसान पर विचार-विमर्श किया।
प्रदेश में गत कुछ वर्षों से निरंतर अंतराल में हो रही प्राकृतिक आपदाओं के विभिन्न कारकों का पता लगाने और इसके दुष्प्रभावों का अध्ययन करने के दृष्टिगत यह दल मंडी जिला के आपदा प्रभावित स्थानों तक पहुंचा है। इस केंद्रीय दल में टीम लीडर एनडीएमए के सलाहकार (ऑपरेशन और कमांड) कर्नल केपी सिंह, सीएसआईआर, सीबीआरआई रुडक़ी में मुख्य वैज्ञानिक डा. एसके नेगी, भूविज्ञानी (सेवानिवृत्त) मणिपुर विश्वविद्यालय प्रो. अरुण कुमार, शोध वैज्ञानिक डा. सुष्मिता जोसेफ, आईआईटी इंदौर में प्रोफेसर (सिविल इंजीनियरिंग) डा. नीलिमा सत्यम शामिल हैं। इस अवसर पर दल के साथ समन्वयक नायब तहसीलदार जितेंद्र कुमार सहित स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
: *प्लानिंग एरिया में आएंगे 1000 वर्ग मीटर के प्रोजेक्ट, सुक्खू सरकार पहली अगस्त से लागू करेगी नया TCP एक्ट*
हिमाचल सरकार ने नए नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम-2024 को लागू करने की तारीख तय कर दी है। यह संशोधित एक्ट अब पहली अगस्त, 2025 से हिमाचल प्रदेश में लागू हो जाएगा। टीसीपी के प्रधान सचिव देवेश कुमार ने इस बारे में अधिसूचना जारी की है। इस एक्ट के लागू होते ही हिमाचल में 1000 वर्ग मीटर के हाउसिंग प्रोजेक्ट या रियल एस्टेट प्रोजेक्ट खुद ही प्लानिंग एरिया के दायरे में आ जाएंगे। चाहे ऐसे प्रोजेक्ट प्लानिंग एरिया से बाहर बनाए जा रहे हों। टीसीपी एक्ट 1977 में प्रावधान था कि इस तरह की शर्त सिर्फ 2500 वर्ग मीटर प्लॉट एरिया पर ही लागू होती थी, लेकिन राज्य सरकार ने नवंबर, 2024 में विधानसभा में बिल पारित कर इस एक्ट को संशोधित किया।
राज्यपाल ने इसे 22 नवंबर, 2024 को अनुमति दे दी। उसके बाद राज्य सरकार ने नौ दिसंबर, 2024 को इसे नोटिफाई किया था। एक्ट में ही यह प्रावधान है कि राज्य सरकार इसे लागू करने की तारीख अलग से नोटिफाई करेगी। अब इस तारीख को पहली अगस्त 2025 निर्धारित किया गया है। इसके बाद हिमाचल में प्लानिंग एरिया से बाहर भी यदि 1000 वर्ग मीटर से ज्यादा की कंस्ट्रक्शन या प्लॅाटिंग हो रही है, तो वहां प्लानिंग एक्ट खुद लग जाएगा। यानी यह कंस्ट्रक्शन इस एक्ट के नियमों के अनुसार होगी, जिसमें रूल्स का भी पालन करना होगा। इसमें सेटबैक से लेकर फ्लोर एरिया रेशो की सारी शर्तें लागू होंगी।
केंद्र सरकार दे रही इंसेंटिव
भारत सरकार भी ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत बहु मंजिला वर्टिकल इमारतों को प्रोमोट कर रही है। इसके लिए राज्यों को इंसेंटिव भी दिए जा रहे हैं। हिमाचल में भी अपने नियमों में बदलाव करते हुए ये इंसेंटिव क्लेम किए थे। इसके बाद कानून में इस तरह का संशोधन जरूरी हो गया था।
: *26…साल : याद उन्हें भी कर लो, जो लौट के घर न आए, कारगिल युद्ध में वीरभूमि के 52 जवानों ने दी थी प्राणों की आहूति*
25 मई,1999 को शुरू हुए कारगिल युद्ध में हिमाचल के 52 जवानों ने जीवन का बलिदान दिया था। दो माह से भी अधिक समय तक चले करगिल युद्ध में भारतीय सेना ने अपने प्राणों की आहूतियां देकर दुश्मनों को देश की सीमा से खदेड़ कर आपरेशन विजय को सफल बनाया था। देश भर में कुल 527 योद्धा शहीद हुए, जिसमें 52 वीरभूमि हिमाचल के थे। कारगिल विजय पर देश भर में सेना के सर्वोच्च सम्मान में कुल चार परमवीर चक्र मेडल घोषित किए गए, जिसमें दो हिमाचल के वीरों के नाम हैं। इसमें कैप्टन विक्रम बत्तरा मरणोपंरात और सुबेदार संजय कुमार जीवित को परमवीर चक्र से नवाजा गया। कारगिल युद्ध में मिली जीत की याद में हर वर्ष 26 जुलाई को करगिल विजय दिवस मनाया जाता है।
इसी कड़ी में इस बार 26 वर्षों का विजय दिवस का समारोह राज्य के पहले युद्ध स्मारक धर्मशाला सहित प्रदेश भर में भव्य तरीके से मनाया जाएगा। 25 मई से 26 जुलाई, 1999 तक हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध में हिमाचल के 52 रणबांकुरों ने शहादत पाई थी। इसमें कांगड़ा जिला के 15 जवान, मंडी से 11, हमीरपुर के सात, बिलासपुर के सात, शिमला से चार, ऊना से दो, सोलन और सिरमौर से दो-दो जबकि चंबा और कुल्लू जिला से एक-एक जवान शहीद हुए थे। सेवानिवृत्त कर्नल जयगणेश ने कहा कि उन्हें युद्ध आज भी याद है, कि जवानों ने अपने प्राणों की आहूतियां देकर टाइगर हिल पर तिरंगा फहराया था। -एसडीएम
30 हजार सैनिकों ने दिखाई ताकत
कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय शुरू किया, जिसमें 30 हजार भारतीय सैनिक शामिल हुए थे। थल सेना की सपोर्ट में भारतीय वायु सेना ने 26 मई, 1999 को आपरेशन सफेद सागर शुरू किया, जबकि जल सेना ने कराची से पहुंचने वाले समुद्री मार्ग से पूर्ण सप्लाई रोकने के लिए अपने जहाजी बेड़े को अरब सागर में तैनात किया। कारगिल युद्ध दो महीने से ज्यादा चला था।
युद्व में 1300 जवान हुए थे घायल
कारगिल युद्ध में भारत के 527 से अधिक वीर योद्धा शहीद व 1300 से ज्यादा घायल हुए थे। वीरभूमि हिमाचल के 52 वीर जवानों ने शहादत दी थी, उनमें 15 जवान कांगड़ा के थे। प्रदेश के पहले शहीद स्मारक धर्मशाला के चेयरमैन रिटायर्ड कर्नल केएस डढ़वाल ने बताया कि जवानों के शौर्य को याद करते हुए विजय दिवस पर शहादत पाने वाले शहीदों केा श्रद्धाजंलि अर्पित की जाएगी।
: *हिमाचल में होगा ड्रोन आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, मंत्री धर्माणी ने केंद्रीय कौशल विकास राज्य मंत्री के समक्ष उठाया मामला*
मंत्री राजेश धर्माणी ने केंद्रीय कौशल विकास राज्य मंत्री के समक्ष उठाया मामला
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री जयंत चौधरी से भेंट की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को जानकारी दी कि हिमाचल में ड्रोन तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है क्योंकि यह तकनीक आपदा प्रबंधन, कृषि एवं बागबानी और स्वास्थ्य क्षेत्र में बहुमूल्य योगदान दे रही है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से हिमाचल में ड्रोन तकनीक पर आधारित एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने के लिए केंद्रीय सहायता प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के स्तरोन्यन, नए पाठ्यक्रमों, गुणवत्तापूर्ण उद्यमिता के लिए केंद्र की 60 हजार करोड़ रुपए की योजना में संबंधित राज्य सरकारों की एक तिहाई धन राशि के आबंटन के नियम से हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य की वित्तीय बाध्यता को ध्यान में रखते हुए छूट देने का अनुरोध किया। इसके अलावा उन्होंने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (4.0) से प्रशिक्षण लक्ष्यों में लचीलापन और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (4.0) से प्रदेश में उद्योग एवं अन्य उद्यमिता क्षेत्रों की मांग के अनुरूप कौशल बल तैयार करने के लिए प्रदेश के निजी प्रशिक्षण साझेदारों को इस योजना के तहत अनुमति प्रदान करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में कौशल प्रशिक्षण गतिविधियों का दायरा बढ़ेगा। तकनीकी शिक्षा मंत्री ने बताया कि केंद्र द्वारा प्रायोजित सामुदायिक विकास पॉलिटेक्निक्स योजना के तहत चयनित प्रदेश के छह पॉलिटेक्निक्स को वर्ष 2023-24 और 2024-25 के लिए धनराशि जारी नहीं की गई है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से योजना के तहत शीघ्र धनराशि जारी करने और वर्ष 2025-26 के लिए नए संस्थानों को चयनित करने का अनुरोध भी किया। केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री ने राजेश धर्माणी को सभी महत्त्वपूर्ण मामलों में हरसंभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया।
: *सेब सीजन में ट्रक ऑपरेटर्ज का विशेष रोड टैक्स माफ*
हिमाचल प्रदेश में हर साल की तरह इस साल भी सरकार ने सेब सीजन के दौरान सेब व आलू की ढुलाई करने के लिए देश के अन्य राज्यों से आने वाले ट्रकों को विशेष रोड टैक्स में छूट दी है। यह छूट पहली अगस्त से 31 अक्तूबर तक मिलेगी। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने इसकी पुष्टि की है। परिवहन निदेशक डीसी नेगी की ओर से यह प्रस्ताव सरकार को भेजा गया था।
इसमें कहा गया था कि सेब व आलू का सीजन शुरू हो चुका है। राज्य सरकार हर साल यह छूट देती है। प्रदेश में सेब व आलू की ढुलाई के लिए ट्रकों की कमी न हो, किसान व बागबानों को बेहतर परिवहन सुविधा मिले, इसके लिए यह निर्णय लिया गया है।
रफ्तार पकड़ रहा है सीजन
प्रदेश में सेब का सीजन शुरू हो गया है। सबसे ज्यादा सेब तुड़ान 15 अगस्त से 15 सितंबर के बीच होता है। अभी शिमला में लो बैल्ट का सेब मार्केट में उतरा है, जिसकी कई वैरायटी मार्केट में आनी हैं। इसके बाद ऊंचाई वाले क्षेत्रों जैसे किन्नौर का सेब भी आएगा।
: *अध्यक्ष से की निदेशक की शिकायत*
बिजली बोर्ड में छिड़ी आपसी जंग; प्रबंध निदेशक ने भेजी चिट्ठी, बाइपास कर फाइल्स भेजने का आरोप
हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। बिजली बोर्ड प्रबंधन एक तरफ जहां कर्मचारियों की राजनीति पर अंकुश लगाने के लिए लगा है, वहीं दूसरी तरफ खुद अपनी आंतरिक लड़ाई में उलझा हुआ है। इसका खुलासा बिजली बोर्ड के प्रबंध निदेशक की एक चि_ी से हुआ है, जो उन्होंने बोर्ड के अध्यक्ष संजय गुप्ता को लिखी है। राज्य बिजली बोर्ड लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संदीप कुमार ने अध्यक्ष संजय गुप्ता को एक पत्र लिखा है, जिसमें कहा गया है कि प्रशासनिक कार्यों में उन्हें बाइपास करके एक निदेशक फाइलें आगे सरका रहा है। उन्होंने अपने पत्र में साफ लिखा है कि बोर्ड के निदेशक वित्त द्वारा उन्हें बाइपास किया जा रहा है और जो फाइलें निर्धारित रूट के तहत बोर्ड के एमडी के पास आनी चाहिएं, वे नहीं भेजी जा रही हैं। ऐसे कई मामले हो चुके हैं, जिसमें एमडी को बाइपास किया गया।
वल्र्ड बैंक के एक प्रोजेक्ट में बिना एमडी की मंजूरी के निदेशक वित्त ने बैठक भी ली और बैठक लेने के साथ इस प्रोजेक्ट के तहत फाइलों को सीधे आगे भेज दिया। ऐसे कुछ और भी मामले हैं, जिनकी जानकारी एमडी को नहीं मिल पा रही है और इससे निर्धारित नियमावली का उल्लंघन हो रहा है। ऐसे में संदीप कुमार ने बोर्ड के अध्यक्ष के ध्यान में मामला लाते हुए ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि प्रशासनिक कामकाज का एक सेट फार्मूला रहता है, जिसे बाइपास नहीं किया जा सकता, परंतु निदेशक वित्त द्वारा कुछ मामलों में ऐसा किया गया है, जो सही नहीं है।
पहले भी आमने-सामने आ गए थे एमडी और निदेशक
बिजली बोर्ड में इस तरह का मामला पहली बार नहीं आया है। इससे पहले भी एक एमडी और निदेशक के बीच में ठन गई थी, परंतु तब एमडी एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर था और निदेशक आईएएस अधिकारी, परंतु वर्तमान में एमडी को बाइपास करने के मामले में एमडी आईएएस अधिकारी हैं। हालांकि बिजली बोर्ड के एमडी, निदेशक से वरिष्ठता में सीनियर हैं, जिन्हें वैसे भी बाइपास नहीं किया जा सकता, परंतु जिस तरह के मामले सामने आ रहे हैं, उससे बिजली बोर्ड में आंतरिक लड़ाई शुरू हो गई है।
: *शिलाई-भरमौर में बढ़ा मतदाता लिंग अनुपात*
विशेष अभियान से शिलाई में 820 से 831, भरमौर मेें 930 से 949 हुआ अनुपात
राज्य की मुख्य निर्वाचन अधिकारी नंदिता गुप्ता ने बताया कि फोटोयुक्त मतदाता सूचियों-2025 के अंतिम प्रकाशन पर प्रदेश का महिला मतदाता लिंग अनुपात 981 था, जिसमें सिरमौर जिला का महिला लिंग अनुपात 921 था। इसके अंतर्गत आने वाले शिलाई विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र का उक्त लिंग अनुपात केवल 820 दर्ज किया गया था। इसी प्रकार चंबा जिला का महिला लिंग अनुपात 974 था, जबकि इसके अंतर्गत आने वाले भरमौर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र का उक्त लिंग अनुपात केवल 930 था। प्रदेश के अन्य सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रो में महिला लिंग अनुपात 900 से अधिक है, जबकि राज्य स्तर पर शिलाई विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र का लिंग अनुपात 820 के साथ सबसे कम और भरमौर का 930 के साथ दूसरा सबसे कम लिंग अनुपात था। उन्होंने बताया कि महिला मतदाता लिंग अनुपात में सुधार करने के उद्देश्य से एक विशेष कार्य योजना तैयार की गई, जिसमें जिला निर्वाचन अधिकारियों तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि वे पंचायत सचिव द्वारा तैयार किए गए परिवार रजिस्टर के साथ मतदाता सूची का प्रति-परीक्षण आधार पर करके छुटे हुए पात्र महिला मतदाताओं की सूची संबंधित बूथ लेवल अधिकारियों को दें।
यह प्रक्रिया सिरमौर के शिलाई विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में आरंभ की गई थी, जिसमें परिवार रजिस्टर के साथ मतदाता सूची का प्रति-परीक्षण कार्य जून महीने में किया गया तथा छूटे हुए पात्र मतदाताओं के पंजीकरण की प्रक्रिया जारी है। बीएलओ ने उन मतदाताओं से भी टेलीफ़ोन पर संपर्क किया जो शिक्षा और रोजगार के कारण अपने निर्वाचन क्षेत्र से बाहर हैं। ऐसे मतदाताओं का नाम शिक्षा और रोजगार के स्थान पर निर्वाचक नामावली में पंजीकृत नहीं था, उनसे ऑनलाइन फॉर्म-6 भरने को कहा गया और उचित सत्यापन के बाद उन्हें निर्वाचक नामावली में शामिल किया गया। पिछले 45 दिनों में शिलाई विधानसभा क्षेत्र का महिला लिंग अनुपात 820 से बढकर 831 हो गया है तथा भरमौर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र का उक्त लिंग अनुपात 930 से बढकर 949 हो गया है। पहली बार चुनावी इतिहास में शिलाई निर्वाचन क्षेत्र में 45 दिनों की बहुत कम अवधि में महिला लिंग अनुपात 820 से बढकर 831 हो गया है, जो एक ऐतिहासिक परिवर्तन है।
: *रेलवे तत्काल बुकिंग में आधार-ओटीपी अनिवार्य*
रेलवे विभाग का यात्रियों को निष्पक्ष टिकट देने का भरोसा
भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग प्रणाली में महत्त्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिनका उद्देश्य यात्रियों को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से तत्काल टिकट उपलब्ध कराना है। उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने घोषणा की है कि ऑनलाइन तत्काल बुकिंग के लिए आधार ओटीपी सत्यापन अनिवार्य हो गया है। अब यात्री मोबाइल ओटीपी सत्यापन के बिना तत्काल टिकट प्राप्त नहीं कर पाएंगे। नई प्रणाली के तहत, तत्काल टिकट आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप, भारतीय रेलवे के पीआरएस काउंटरों, या अधिकृत एजेंटों के माध्यम से तभी बुक किए जा सकेंगे। ओटीपी बुकिंग के समय उपयोगकर्ता द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा।
तत्काल आरक्षण टिकट बुक करते समय, यात्रियों को अपने आधार से जुड़ा सिम कार्ड वाला मोबाइल फोन साथ रखना अनिवार्य होगा। रेल आरक्षण की शुरुआती अवधि के दौरान थोक बुकिंग को रोकने के लिए भी कदम उठाए हैं। रेलवे के अधिकृत टिकट एजेंटों को अब बुकिंग विंडो के पहले 30 मिनट के दौरान तत्काल टिकट बुक करने की अनुमति नहीं होगी।
: *जोगिंद्रनगर में लुट गया एक और बुजुर्ग*
जोगिंद्रनगर के मकड़ैना में एक और बुजुर्ग को चोरों ने अपना निशाना बनाया है। अभी चार रोज पहले भी इसी गांव के 90 वर्षीय बुजुर्ग से लगभग 2 हजार रुपए छीन लिए थे, वहीं अब एक और बुजुर्ग को निशाना बनाया गया है, जिसकी छानबीन पुलिस ने शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार मकड़ैना निवासी मास्टर प्रेम सिंह के साथ अब चोरी की वारदात हुई।
प्रेम सिंह सुबह करीब 9 बजे अपने घर से बाजार के लिए निकले थे। रास्ते में एक अज्ञात व्यक्ति ने उनकी जेब में हाथ डालकर लगभग 680 रुपए चुरा लिए और फरार हो गया। जोगिंद्रनगर के मकड़ैना में ही इस तरह की यह दूसरी वारदात है। लगातार हो रही इन घटनाओं से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। स्थानीय निवासियों ने पुलिस प्रशासन से चोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
: *भाजपा नेताओं ने केंद्र से मांगी आपदा राहत*
जेपी नड्डा और सांसदों के साथ अमित शाह-नितिन गडकरी से मिले नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर
हिमाचल प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदा को लेकर हिमाचल प्रदेश भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्र सरकार के मंत्रियों से मिला। इस प्रतिनिधिमंडल में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा डा. राजीव बिंदल, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर, सांसद सुरेश कश्यप, डा. राजीव भारद्वाज, कंगना रणौत, राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी, डा. सिकंदर कुमार, हर्ष महाजन, विधायक विनोद कुमार, हंसराज और दीपराज शामिल थे। भाजपा नेताओं ने दिल्ली में सबसे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उर्वरक एवं रसायन मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, जो कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, को मिलकर आपदा की स्थिति के बारे में अवगत करवाया। नौ जुलाई को जगत प्रकाश नड्डा स्वयं मंडी जिला आए थे और सारी त्रासदी को अपनी आंखों से देखा था। जेपी नड्डा के नेतृत्व में यह प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मिला और विस्तार से प्रदेश में आई आपदा के संबंध में वार्ता की।
केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव व पुनर्निर्माण हेतु हर प्रकार की सहायता करने का आश्वासन दिया। फिर यह प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय गृह मंत्री अमित भाई शाह से मिला और विस्तृत वार्ता हिमाचल की त्रासदी के संबंध में की। जयराम ठाकुर ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में आई आपदा की स्थिति से अवगत कराया और उनसे आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने का निवेदन किया। साथ ही आपदा प्रभावितों के पुनर्वास एवं प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण में ज्यादा से ज़्यादा सहयोग करने का आग्रह किया। अमित शाह ने ही आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग किया था। उन्होंने एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना, वायुसेना के हेलिकॉप्टर तत्काल उपलब्ध करवाए थे। उन्होंने 20 दिन के अंदर ही आपदा से हुए नुकसान के आकलन के लिए अंतर मंत्रालयी केंद्रीय टीम भेजी थी। जयराम ठाकुर ने कहा कि हमने आपदा के कारणों पर शोध की मांग की थी। उसके लिए भी उच्च स्तरीय टीम का गठन भी तत्काल प्रभाव से कर दिया है। अमित शाह ने आगे भी आपदा राहत में हरमदद देने का आश्वासन दिया।
: मिंजर मेला के कलाकारों की सूची जारी
प्रथम सांस्कृति संध्या में कुमार साहिल, गौरव कौंडल, गुलशन पाल, भावना जरयाल तथा बनगढ़ पुलिस बैंड अपनी प्रस्तुति देंगे। 28 जुलाई को मेले की दूसरी सांस्कृति संध्या में कुलविंदर बिल्ला, फौलादी इंडियन बैंड, ममता भारद्वाज, नरेंद्र राही तथा कमल नहरिया अपने कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। 29 जुलाई को मेले की तीसरी सांस्कृतिक संध्या में अख्तर ब्रदर, अनुज शर्मा तथा लमन बैंड अपनी प्रस्तुति देंगे। 30 जुलाई को चौथी सांस्कृतिक संध्या में सतपाल बडाली, अरविंद ढढवाल, डॉक्टर गगन, राज जैहरी तथा अभिज्ञा बैंड अपनी लोगों का मनोरंजन करेंगे। 31 जुलाई को मेले की पांचवी सांस्कृतिक संध्या में सुनील राणा, के एस प्रेमी, जितेंद्र पंकज शर्मा तथा फिरदौस बैंड अपनी प्रस्तुति देंगे। 1 अगस्त को छठी सांस्कृतिक संध्या में मनिंदर भुट्टर, नेहा दीक्षित व भुवनेश भारत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। 2 अगस्त को मेले की सातवीं में सांस्कृतिक संध्या में ऋतु पाठक व आशीष पाठक, काकू राम ठाकुर, अजय भरमोरी तथा ओम राणा अपनी प्रस्तुतियां देंगे। 3 अगस्त को मेले की अंतिम संस्कृत संध्या में सुनंदा शर्मा, दीक्षा तूर, नीतीश राजपूत, खुशी शुभ, फीट आफ फायर स्टूडियो तथा तारिक मलिक उपस्थित जनता का मनोरंजन करेंगे।
: *PM मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता,*
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार दुनिया के सामने अपना लोहा मनवाया है। वह एक बार फिर दुनिया के सबसे लोकप्रिय लोकतांत्रिक नेता के रूप में उभरे हैं। अमरीकी बिजनेस इंटेलिजेंस कंपनी मॉर्निंग कंसल्ट की ओर से जारी जुलाई, 2025 की ताजा सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, पीएम मोदी को 75 फीसदी लोगों की अप्रूवल रेटिंग मिली है, जबकि यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस सर्वे में 8वें नंबर पर आए हैं। यह सर्वे चार से दस जुलाई के बीच किया गया और इसमें 20 से अधिक देशों के नेताओं की रेटिंग शामिल की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, पीएम मोदी पहले स्थान पर हैं, जबकि दूसरे नंबर पर दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग हैं, जिनकी अप्रूवल रेटिंग 59 फीसदी है।
तीसरे स्थान पर अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई हैं, जिन्हें 57 फीसदी लोगों का समर्थन प्राप्त है। इनके बाद कनाडा के मार्क कार्नी (56 फीसदी) और ऑस्ट्रेलिया के एंथनी अल्बनीज (54 फीसदी) आते हैं। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अंडर 5 में जगह नहीं मिली है। डोनाल्ड ट्रंप को 44 फीसदी लोगों का समर्थन मिला है, लेकिन 50 फीसदी लोग उनके विरोध में हैं। वहीं सबसे कम लोकप्रिय लोकतांत्रिक नेताओं में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और चेक रिपब्लिक के प्रधानमंत्री पेट्र फिआला शामिल हैं, जिन्हें केवल 18 फीसदी लोगों का समर्थन मिला है, जबकि 74 फीसदी लोग उनसे असंतुष्ट हैं। वहीं इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी 10वें स्थान पर हैं। मॉर्निंग कंसल्ट सर्वे के मुताबिक, पीएम मोदी का कद और भी बढ़ गया है, चाहे वह देश के अंदर हो या बाहर। सर्वे में शामिल 75 प्रतिशत लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी को एक लोकतांत्रिक वैश्विक नेता के रूप में स्वीकार किया है। सात प्रतिशत लोग इस पर कोई निर्णय नहीं ले पाए, जबकि 18 प्रतिशत लोगों की राय इससे अलग थी।
2024 में भी थे टॉप पर
पिछले साल अगस्त में भी मॉर्निंग कंसल्ट ने दुनिया 25 देशों के प्रमुखों की अप्रूवल रेटिंग जारी की थी। इस लिस्ट में 69 फीसदी रेटिंग के साथ पीएम मोदी पहले स्थान पर थे। हालांकि इस पर उनकी रेटिंग में करीब छह फीसदी इजाफा हुआ है। उस वक्त लिस्ट में दूसरा स्थान मैक्सिको के राष्ट्रपति आंद्रे मैनुअल लोपेज ओब्राडोर को मिला था। उनकी अप्रूवल रेटिंग 60 फीसदी थी। उस वक्त तत्कालीन अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन टॉप-10 नेताओं में भी शामिल नहीं थे। 39 फीसदी अप्रूवल रेटिंग के साथ वे 12वें नंबर पर रहे थे।
: *मंत्री जगत सिंह नेगी के खिलाफ प्रदर्शन पर 65 लोगों पर एफआईआर*
पुलिस अधिकारियों से गाली गलौज करने वाले भी दबोचे
क ांग्रेस नेता जगदीश रैडी की शिकायत पर कार्रवाई
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी को काले झंडे दिखाने और गो बैक के नारे लगाने वालों के खिलाफ मंडी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में एफआईआर दर्ज कर 65 से ज्यादा लोग नामजद किए गए हैं। मंत्री का काफिला रोकने, काले झंडे दिखाने और पुलिस अधिकारियों के साथ गाली-गलौज करने पर तीन एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने एक युवक को शुक्रवार रात को ही हिरासत में ले लिया था। इसके अलावा अन्य दो एफआईआर भी मंत्री का काफिला गुजरने के बाद रात के समय दर्ज कर ली गई है। काले झंडे दिखानेे वालों की पहचान की जा रही है।
एफआईआर सराज क ांग्रेस के नेता जगदीश रैडी की शिकायत पर दर्ज हुई है। एफआईआर में पंचायत प्रधानों के नाम भी हैं। मंत्री की गाड़ी को रोकने वाली महिलाओं के खिलाफ और थुनाग रेस्ट हाउस में मंत्री के कमरे के बाहर प्रर्दशन करने वालों पर भी कार्रवाई कर जाएगी। मंत्री जगत सिंह नेगी के सराज दौरे के दौरान पुलिस को इस बात की आभास तो था कि लोग विरोध कर सकते हैं, लेकिन इसका एहसास तक नहीं था कि विरोध का स्तर और पैमाना इतना बड़ा हो सकता है। पुलिस ने तुरंत मंत्री को सुरक्षा प्रदान कर सुरक्षित रवाना किया।
वीडियो से हुई पहचान
राजस्व मंत्री को काले झंडे दिखाने वालों की पहचान वीडियो से की गई है। विरोध प्रर्दशन के वीडियो का विश्लेषण कर लोगों की पहचान की जा रही है।
पुलिस कर रही जांच
मंडी एसपी साक्षी वर्मा ने बताया कि मंत्री को काले झंडे दिखाए जाने के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले में शामिल लोगों की पड़ताल की जा रही है।
: *Shravan Ashtami Navratri : शक्तिपीठों में गूंजते रहे जयकारे, दूसरे दिन 1.46 लाख श्रद्धालुओं ने नवाया शीष*
नवरात्र के पहले दिन शक्तिपीठों में भक्तों ने चढ़ाए 40.17 लाख
प्रदेश के मंदिरों में दिन भर गूंजते रहे मइया के जयकारे, दूसरे दिन
श्रावण अष्टमी नवरात्र मेले के पहले नवरात्र पर प्रदेश के चार शक्तिपीठों में मां के भक्तों ने मइया के चरणों में 40.17 लाख का नकद चढ़ावा चढ़ाया है। सबसे अधिक नयनादेवी मंदिर में 21.21 लाख का चढ़ावा प्राप्त हुआ है। शनिवार को प्रदेश के पांच शक्तिपीठों चिंतपूर्णी, ज्वालाजी, नयनादेवी, बजे्रश्वरी देवी, चामुंडा देवी मंदिर में एक लाख 46 हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका। मां के दर्शनों के लिए मंदिरों में श्रद्धालुओं की लाइनें लगी रहीं। शनिवार को दिन भर प्रदेश के शक्तिपीठ मइया के जयकारे गूंजते रहे। नवरात्र के लिए रंग-बिरंगे सुगंधित फूलों से मइया के मंदिरों को सजाया गया है। इसके अलावा मां के दर्शनों के लिए मंदिर खुलने और बंद करने का भी अलग से समय तय किया गया है। चिंतपूर्णी मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल ने बताया कि चिंतपूर्णी मंदिर में श्रावण अष्टमी नवरात्र मेले के पहले दिन 14 लाख 51 हजार 834 रुपए का नकद चढ़ावा प्राप्त हुआ है।
दूसरे दिन चिंतपूर्णी मंदिर में 70 हजार श्रद्धालुओं ने शीष नवाया। वहीं, नयनादेवी मंदिर नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में 21 लाख 21 हजार 421 रुपए का चढ़ावा चढ़ाया है। दूसरे नवरात्र पर नयनादेवी मंदिर में 45 हजार भक्तों ने शीष नवाया। नयनादेवी मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर ने बताया कि मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए बेहतर प्रबंध किए गए हैं। ज्वालाजी मंदिर में पहले नवरात्र पर श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में तीन लाख 35 हजार 319 रुपए चढ़ाए। मंदिर अधिकार मनोहर लाल शर्मा ने बताया कि शनिवार को मंदिर में 20 हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका। बजे्रश्वरी देवी मंदिर में नवरात्र मेले के पहले दिन मां के भक्तों ने एक लाख आठ हजार 843 रुपए चढ़ाए। मंदिर अधिकारी नीलम राणा ने बताया कि नवरात्र मेले के दूसरे दिन पांच हजार श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में माथा टेका। चामुंडा देवी मंदिर में श्रावण अष्टमी नवरात्र मेले के दूसरे दिन शनिवार को छह हजार श्रद्धालुओं ने शीष नवाया। मंदिर मंदिर अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि श्रावण अष्टमी नवरात्र में मइया की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। (एचडीएम)
: *HP WEATHER : प्रदेश में फिर सक्रिय हुआ मानसून, इन जिलों में झमाझम के आसार*
आज ऊना, कांगड़ा व सिरमौर के लिए भारी बारिश की संभावना
प्रदेश में एक बार फिर से मानसून सक्रिय होने जा रहा है। हालांकि अभी दो-तीन दिनों में कुछ क्षेत्रों में राहत रहने वाली है, लेकिन 29 जुलाई को चार जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। इन जिलों में इस दिन कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग द्वारा शनिवार को जारी किए गए पूर्वानुमान के अनुसार 27 जुलाई को तीन जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट रहेगा।
ऊना, कांगड़ा व सिरमौर के कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है, लेकिन शेष जिलों में बारिश से राहत रहेगी। वहीं 28 जुलाई की बात करें, तो इस दिन ऊना, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला व सिरमौर जिला में यलो अलर्ट रहेगा और कई स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। 29 जुलाई के लिए मौसम विभाग ने चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट दिया है। इसमें चंबा, कांगड़ा, कुल्लू व मंडी में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। इन जिलों के अधिकांश क्षेत्रों में इस दिन भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। 30 जुलाई के लिए चार जिलों चंबा, कांगड़ा, कुल्लू व मंडी में यलो अलर्ट रहेगा। शेष इलाकों में बारिश नहीं होगी।
: *राज्य बिजली बोर्ड लिमिटेड का बड़ा फैसला, सीनियर असिस्टेंट के 159 पद समाप्त*
अब जरूरत पर ही भरे जाएंगे पद
राज्य बिजली बोर्ड लिमिटेड ने एक बड़ा फैसला लेते हुए ऑपरेशन विंग के तहत विभिन्न इकाइयों में कार्यरत सीनियर असिस्टेंट के 159 पदों को सरप्लस घोषित कर दिया है। इन पदों को अब न तो भरा जाएगा और न ही प्रोमोशन या ट्रांसफर के माध्यम से उपयोग में लाया जाएगा। इन्हें बोर्ड सचिवालय के सरप्लस पूल में रखा जाएगा। वहीं, प्रदेश के दस अन्य इलाकों में सीनियर असिस्टेंट के दस नए पदों को दूसरी इकाइयों से डाइवर्ट करके तैनात किया जा रहा है, जिससे यह संदेश स्पष्ट है कि अब केवल जरूरत के अनुसार ही स्टाफ की तैनाती होगी। जिन दस इलेक्ट्रिक सब डिवीजन में वरिष्ठ सहायकों के पद भरे जाएंगे, उनमें इलेक्ट्रिक डिवीजन नंबर एक ढली में एक, कालाअंब में एक, धौलाकुआं में एक, मानपुरा में एक, चिडग़ांव में एक, भुंतर में एक, बसाल में एक, खड्ड में एक, दुलैहड़ में एक तथा झंडूता में एक पद भरा जाएगा। जिन-जिन क्षेत्रों में पदों की जरूरत होगी, वहां बोर्ड प्रबंधन इन पदों को भर देगा।
पांच मेडिकल कालेजों में 81 पद भरेगी सरकार
शिमला। हिमाचल सरकार के चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय ने राज्य के पांच सरकारी मेडिकल कालेजों में सीएमओ, एमओ चिकित्सा अधिकारी, अस्पताल प्रशासनिक अधिकारी और रजिस्ट्रार-सह-महिला चिकित्सा अधिकारी के पदों के 81 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। सीएमओ, एमओ चिकित्सा अधिकारी, अस्पताल प्रशासनिक अधिकारी और रजिस्ट्रार-सह-महिला चिकित्सा अधिकारी के पदों पर तीन वर्ष की अवधि के लिए भर्ती होगी। हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में पहले से कार्यरत नियमित या अनुबंध चिकित्सा अधिकारी आवेदन के पात्र नहीं हैं। पांच सरकारी मेडिकल कालेजों में आईजीएमसी शिमला, टांडा मेडिकल कालेज, एसएलबीएसजीएमसी मंडी, डा. आरकेजीएमसी हमीरपुर, अटल सुपर स्पेशियलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान चमियाणा शामिल है। इन मेडिकल कालेजों में सीएमओ, एमओ की करीब 81 पोस्ट पर भर्ती की जानी है। इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी 25 जुलाई से आवेदन कर सकते हैं।
: *थाईलैंड-कंबोडिया झड़प पर भारत की कड़ी नजर; सरकार बोली, दोनों से करीबी संबंध*
दुनिया भर में चिंता
दोनों देशों के बीच सीमा विवाद के खिलाफ अब तक 33 की मौत
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच पिछले कुछ दिनों से सीमा विवाद को लेकर झड़प जारी है। अब इस विवाद पर भारत की प्रतिक्रिया आई है। भारत ने कहा है कि वह कंबोडिया और थाईलैंड के बीच सीमा पर उत्पन्न स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है और उम्मीद है कि दोनों देश तनाव कम करने के लिए जरूरी कदम उठाएंगे। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने थाईलैंड और कंबोडिया के बीच घटनाक्रम पर मीडिया के सवालों के जवाब में शनिवार को कहा कि भारत के दोनों देशों के साथ घनिष्ठ संबंध हैं और दोनों देशों में भारतीय नागरिक किसी भी सहायता के लिए वहां स्थित संबंधित दूतावासों से संपर्क कर सकते हैं। प्रवक्ता ने कहा कि हम कंबोडिया और थाईलैंड के बीच सीमा पर स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं। भारत के दोनों देशों के साथ घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं और हमें उम्मीद है कि दोनों पक्ष शत्रुता समाप्त करने और आगे तनाव बढऩे से रोकने के लिए कदम उठाएंगे। बता दें थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा पर जारी तनावपूर्ण हालात अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गए हैं। कंबोडिया के अधिकारियों ने शनिवार को जानकारी दी कि सीमा पर संघर्ष के चलते 13 नई मौतें हुई हैं। इस तरह अब तक दोनों देशों में कुल 33 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में सैनिकों के साथ-साथ आम नागरिक भी शामिल हैं। संघर्ष के चलते दोनों देशों के सीमावर्ती क्षेत्रों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है। थाईलैंड के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 58,000 से ज्यादा लोग प्रभावित जिलों से निकाले गए हैं। वहीं, कंबोडिया के अधिकारियों का कहना है कि करीब 23,000 लोग अपने घर छोडऩे को मजबूर हुए।
मदद के लिए यहां संपर्क करें भारतीय
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि दोनों देशों में भारतीय यात्री किसी भी सहायता के लिए दोनों देशों में स्थित हमारे संबंधित दूतावासों से संपर्क कर सकते हैं। भारतीय नागरिक बैंकॉक, थाईलैंड में हेल्पलाइन नंबर 66 61 881 9218 (व्हाट्सएप कॉल के लिए भी) पर और नोम पेन्ह, कंबोडिया में भारतीय दूतावास के हेल्पलाइन नंबर 855 92 881 676 (व्हाट्सएप कॉल के लिए भी) पर संपर्क कर सकते हैं।
सीमा संघर्ष पर यूएनएससी की बंद कमरे में बैठक
बैंकॉक। थाईलैंड और कंबोडिया के बीच हाल ही में भडक़े सीमा संघर्ष ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। इस बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने शनिवार को बंद कमरे में एक आपात बैठक बुलाई। कंबोडिया ने इस बैठक की मांग की थी, जिसके बाद यूएनएससी के सभी 15 सदस्य देशों ने मामले को गंभीरता से लिया। कंबोडिया का कहना है कि थाई सेना ने जानबूझकर पहले गोलीबारी की और पहले से तय सीमा समझौतों का उल्लंघन किया। दूसरी ओर, थाईलैंड ने भी यूएनएससी को पत्र भेजकर स्पष्ट किया है कि संघर्ष की शुरुआत कंबोडिया ने की थी और उसके सैनिकों ने थाई क्षेत्र में गोलीबारी की।
: *आपदा मित्रों को ट्रेंड करेगी एसडीआरएफ, 27 दिन तक चलेगा प्रशिक्षण शिविर*
कांगड़ा से शुरू होगा प्रशिक्षण शिविर, त्रासदी से पार पाने के काबिल बनेंगे लोग
हिमाचल प्रदेश में एसडीआरएफ लोगों को आपदा से निपटने के लिए ट्रेंड करेगा। कांगड़ा से इस प्रशिक्षण शिविर का श्रीगणेश किया जाएगा, जिसके बाद अन्य जिलों में भी यह प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। कांगड़ा जिला के 2700 वालंटियर्स को एसडीआरएफ ट्रेंड करेगी।
यह शिविर कांगड़ा में एसडीआरएफ द्वारा अगस्त के पहले सप्ताह से शुरू कर दिया जाएगा, जो 27 दिनों तक चलेगा। हर एक वालंटियर को दो दिनों तक आपदा से निपटने के गुर सिखाए जाएंगे। किसी भी आपदा की स्थिति में यह आपदा मित्र सबसे पहले प्रभावित स्थलों में पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों में जुटते हैं। हर वर्ष इन आपदा मित्रों को ड्रेंट किया जाता है, लेकिन इस बार एसडीआरएफ इन लोगों को आपदा से निपटना सिखाएगी। एसडीआरएफ द्वारा दिए जाने वाले प्रशिक्षण से आपदा मित्र त्रासदी से पार पाने के काबिल बनेंगे।
हर जिला में आपदा मित्र पंजीकृत
हर जिला में डीडीएमए द्वारा आपदा मित्रों को पंजीकृत किया गया है। जिला प्रशासन समय-समय पर आपदा मित्रों को प्रशिक्षण देता रहता है। जिला में आपदा जैसी स्थिति में सबसे पहले यह आपदा मित्र राहत एवं बचाव कार्योंमें जुटते हैं। कांगड़ा में जहां 2,7000 आपदा मित्र हैं, मंडी जिला में 10,000 आपदा मित्र पंजीकृत हैं। हर जिला में आपदा मित्रों की संख्या 2,000 से अधिक है।
27 दिन तक चलेगा प्रशिक्षण शिविर
हिमाचल प्रदेश एसडीआरएफ के एसपी अर्जित सेन के बताया कि हिमाचल प्रदेश के हर जिला में आपदा मित्रों को टें्रड किया जाएगा। यह आपदा मित्र जिला प्रशासन और डीडीएमए द्वारा पंजीकृत किए जाते हैं, जो किसी भी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य करते हैं। कांगड़ा में 27 दिनों तक प्रशिक्षण शिविर चलेगा, जिसमें लगभग 2700 आपदा मित्रों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
: *मैनचेस्टर टेस्ट में हार से बचने के लिए भारत का मैराथन संघर्ष जारी* …
मैनचेस्टर टेस्ट के चौथे दिन शनिवार को दूसरी पारी खेलने उतरी भारतीय टीम को कप्तान शुभमन गिल और लोकेश राहुल ने मुश्किल से उबारा। लंच से ठीक पहले दूसरी पारी खेलने उतरी टीम इंडिया ने अपने दो विकेट यशस्वी (00) और सुदर्शन (00) पहले ओवर में ही गंवा दिए। क्रिस वोक्स ने दोनों को पैवेलियन का रास्ता दिखाया। इसके बाद गिल और राहुल ने टीम इंडिया की पारी को संभाला।
चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक भारत ने दो विकेट के नुकसान पर 174 रन बना लिए थे। कप्तान शुभमन गिल (78) और राहुल (87) रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे। भारत अभी इंग्लैंड से 137 रन पीछे है। इस तरह मैनचेस्टर का बचाने के लिए भारत का मैराथन संघर्ष जारी है। इससे पहलेे शनिवार को इंग्लैंड ने 544/7 के स्कोर से आगे खेलना शुरू हुआ। इंग्लैंड की पहली पारी 669 रन पर सिमट गई। इस तरह मेजबानों को भारत पर 311 रन की बढ़त मिली। मेहमान टीम ने पहली पारी में 10 विकेट पर 358 रन बनाए थे। इंग्लैंड के लिए पहली पारी में जो रूट और बेन स्टोक्स ने शतकीय पारियां खेलीं। वहीं, भारत के लिए रविंद्र जडेजा ने चार विकेट झटके।
: *अग्रिवीर भर्ती की ऑनलाइन परीक्षा का परिणाम घोषित, हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर के इतने युवा पास*
थल सेना में अग्रिवीर भर्ती की लिखित परीक्षा का परिणाम शनिवार को घोषित कर दिया गया है। इसमें थल सेना में अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्निवीर टेक्निकल, स्टोरकीपर, क्लर्क और ट्रेड्समैन इत्यादि के पद शामिल है। युवाओं की ऑनलाइन लिखित परीक्षा 30 जून से दस जुलाई के मध्य आयोजित की गई थी। इसमें हमीरपुर, ऊना और बिलासपुर जिला के करीब 13 हजार युवाओं ने भाग लिया था। अग्रिवीर की ऑनलाइन संयुक्त प्रवेश परीक्षा में तीन जिलों के करीब 4000 से अधिक युवा उत्तीर्ण हुए हैं।
बताया जा रहा है कि लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले युवाओं का फिजिकल टेस्ट दिसंबर के आखिर में लिया जा सकता है। थल सेना भर्ती कार्यालय हमीरपुर के निदेशक कर्नल बीएस भंडारी ने बताया कि युवा लिखित परीक्षा का परिणाम वेबसाइट ज्वाइन इंडियन आर्मी डॉट एनआईसी डॉट इन पर देख सकते हैं। उन्होंने उत्तीर्ण युवाओं को फिजिकल टेस्ट के लिए अभी से तैयारी शुरू करने की अपील की है, ताकि वह अग्रिवीर बनकर देश की सेवा कर सकें।
: *ऑटो में करते थे तस्करी; चार किलो हेरोइन बरामद, पाकिस्तान से था लिंक, पुलिस ने पकड़े आरोपी*
काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) अमृतसर ने पाकिस्तान स्थित सीमा पार से मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक गिरोह के चार सदस्यों को 4 किलो हेरोइन के साथ गिरफ्तार करके इस गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह जानकारी शनिवार यहां पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने दी। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान रंजीत सिंह और करण मसीहए दोनों निवासी अटारी, अमृतसरय मनप्रीत सिंह और अजयपाल सिंह, दोनों निवासी जंडियाला गुरु, अमृतसर के रूप में हुई है। हेरोइन बरामद करने के अलावा, पुलिस टीमों ने उनके ऑटो रिक्शा को भी जब्त कर लिया है, जिसका इस्तेमाल आरोपी नशीले पदार्थों की खेप प्राप्त करने और पहुंचाने के लिए कर रहे थे।
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी पाकिस्तान स्थित तस्कर शाह के निर्देशों पर काम कर रहे थे, जो सीमा पार से नशीले पदार्थों की खेप भेजने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा था। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार आरोपी राज्य में अन्य लोगों को भी नशीले पदार्थों की खेप पहुंचा रहे थे। इस ऑपरेशन की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि सीआई अमृतसर की टीमों को अमृतसर के अटारी गांव के पास भारत-पाक सीमा क्षेत्र से नशीले पदार्थों की एक खेप मिलने की खुफिया सूचना मिली थी। उन्होंने बताया कि इस सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने अमृतसर-अटारी जीटी रोड स्थित कथानी बस स्टॉप के पास चार आरोपियों को रोका, जब वे अपने ऑटो-रिक्शा में यह खेप पहुंचाने जा रहे थे और उनसे नशीले पदार्थ बरामद किए। इस नेटवर्क के तार जुड़े होने का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
: *एमएलए के सामने फूट-फूट कर रोईं महिलाएं*
प्रभावित परिवारों से मिलकर एमएलए अनुराधा राणा भी हुई भावुक, पीडि़तों को दिया मदद का आश्वासन
जिला लाहुल-स्पीति के स्पीति घाटी में भी बीते दिनों बादल फटने के कारण से हुए नुकसान से जहां कई परिवार पूरी तरह से प्रभावित हुए है। वहीं, अनेकों किसानों की भी सालभर की मेहनत पर पानी फिर गया है। सालभर कड़ी मेहनत से तैयार की गई फसल चंद मिनटों के भीतर दलदल में तबदील हो चुकी है। वहीं, शनिवार को प्रभावितों से मिलने स्पीति घाटी पहुंची विधायक अनुराधा राणा की आंखे भी भीग गई। जब उन्होंने मौके पर बिगड़े हालत का मंजर देखा। यही नहीं जैसे ही वह स्पीति में प्रभावितों की बीच पहुंची को प्रभावित परिवार की महिलाएं यहां फूट-फूट कर रोने लगी। महिलाओं ने विधायक से गुहार लगाई है कि उनका जीवन पहले जैसे सामान्य हो। इसके लिए उनकी मदद की जाए। वहीं, विधायक ने भी सभी को आश्वासन दिया है कि उनकी सरकार व जिला प्रशासन हर संभव मदद करेगा। सभी जिंदगी पहले जैसी सामान्य हो जाए ।
इसे लेकर पूरे प्रयास किए जा रहे है। विधायक ने प्रभावित परिवारों सहित प्रभावित किसानों से भी मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सभी का दुख भी सांझा किया। विधायक अभी कुछ दिन स्पीति वासियों के बीच रुकेंगी। विधायक ने कहा कि जो भी प्रभावित हुए है। उन्हें फौरी राहत भी दे दी गई है और साथ ही अन्य सुविधा भी मुहैया करवाई जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों को भी मदद के निर्देश दिए गए है। उन्होंने कहा कि वह इस दुख की घड़ी में अपने लोगों के साथ खड़ी है। किसी को भी किसी चीज की कमी न रहे। इस बात का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। बरहाल, विधायक अनुराधा राणा स्पीति घाटी के दौरे पर है।
विधायक ने बढ़ाया अपनों का हौसला
वहीं, यहां बीडीसी सदस्य पदमा ने कहा कि इस घटना के बाद से काफी लोग हिम्मत हार गए थे। तबाही को देख सब परेशान थे। लेकिन विधायक अनुराधा राणा ने स्पीति आने से पहले सभी के साथ फोन पर संपर्क साधा और पूरी हिम्मत दी। उन्होंने जा मोरल भी सहयोग किया है। वह कोई नहीं कर सकता है। लेकिन जैसे ही विधायक हमारे बीच पहुंची है। उसके बाद से लोगों की हिम्मत बढ़ गई है। विधायक ने सभी को हर संभव मदद की बात की है और हमें भी उम्मीद है कि वो सभी की मदद करेगी।
: *बर्फानी तेंदुए और तिब्बती भेडि़ए को मिलेगी सुरक्षा, पढि़ए पूरी जानकारी* …
इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस ने त्साराप चू संरक्षण रिजर्व प्रबंधन के लिए सीएम को सौंपा तीन करोड़ का चेक
इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस (आईबीसीए) की टीम ने सुमित्रा दास गुप्ता के नेतृत्व में नव अधिसूचित त्साराप चू संरक्षण रिजर्व के संरक्षण और प्रबंधन के लिए मुख्यमंत्री सुक्खू को शनिवार को तीन करोड़ रुपए का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने सहायता के लिए आईबीसीए का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह धनराशि संरक्षण रिजर्व की प्रबंधन योजना तैयार करने, प्रबंधन समिति के गठन और संबंधित हितधारकों के क्षमता निर्माण जैसी प्रारंभिक संरक्षण गतिविधियों को गति प्रदान करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मुख्यमंत्री ने वन्यजीव सप्ताह के समापन समारोह के दौरान की गई घोषणा के बाद, त्साराप चू को सात मई 2025 को औपचारिक रूप से भारत के सबसे बड़े संरक्षण अभ्यारण्य के रूप में अधिसूचित किया था। यह रिजर्व 1,585 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है हिमाचल प्रदेश के ट्रांस हिमालयन क्षेत्र में स्थित है। इसके उत्तर में केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख, पूर्व में किब्बर वन्य जीव अभ्यारण्य, दक्षिण में कब्जिमा नाला और पश्चिम में चंद्रताल वन्यजीव अभ्यारण्य तथा बारालाचा दर्रा स्थित है। त्साराप चू संरक्षण रिजर्व फोरेस्ट हिमाचल प्रदेश में हिम तेंदुए के उच्च घनत्व वाले आवास स्थलों में से एक है। यह हिमालयी और ट्रांस हिमालयी वनस्पतियों और जीवों की एक समृद्ध विविधता का भी आश्रय है जिसमें तिब्बती भेडिय़ा, कियांग, भराल, आइबेक्स, तिब्बती अर्गली जैसी प्रजातियां और रोज फिंच, तिब्बती कौवे और पीली चोंच वाले चफ जैसे पक्षी शामिल हैं।
विश्व भर में जानवरों को संरक्षण दे रहा आईबीसीए
आईबीसीए 96 रेंज और नॉन रेंज देशों का एक गठबंधन है, जो दुनिया भर में बाघ, शेर, तेंदुए और हिम तेंदुए सहित सात बड़ी बिल्ली प्रजातियों और उनके आवासों के संरक्षण पर केंद्रित है। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव केके पंत और प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव सह मुख्य वन्य जीव वार्डन अमिताभ गौतम भी उपस्थित थे।
: *क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर फांसने लगे साइबर ठग*
साइबर ठग लोगों को अब क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर इन्वेस्ट करने के झांसे में फंसाकर ठग रहे हैं। प्रदेश में वर्ष 2025 में साइबर ठगों ने 24 क्रिप्टोकरंसी के नाम पर इन्वेस्टमेंट कराने के झांसे में फंसाकर ठगा है। साइबर सैल शिमला की ओर से क्रिप्टोकरंसी ठगी से बचने के लिए एडवाईजरी जारी की है। डीआईजी साइबर क्राइम मोहित चावला ने बताया कि वर्तमान में यह देखने में आया है कि काफी हिदायत देने के बाद भी लोग बिना किसी जानकारी व बिना किसी जांच के क्रिप्टोकरंसी में इन्वेस्ट करना शुरु कर देते हैं और अप्रमाणित ऐक्सचेंज व क्वाईन के झांसे में फंस जाते हैं। डीआईजी ने बताया कि साइबर ठग लोगों से ठगी हुई राशि का दुरुपयोग साइबर अपराधी डार्क वेब पर अवैध गतिविधियों हेतु भी कर रहे हैं। इसकी गुमनामी और ट्रेसिंग में कठिनाई अपराधियों के लिए इसे सुविधाजनक बनाती है।
डीआईजी ने बताया कि हिमाचल प्रदेश की बात करें तो प्रदेश के विभिन्न स्थानों से 2024 में लगभग 135 और 2025 में अभी तक 24 शिकायतें क्रिप्टोकरसी से संबधित 1930 के माध्यम से प्राप्त हुई है। डीआईजी मोहित चावला ने कहा कि क्रिप्टो में निवेश करते समय सावधानी बरतें और केवल प्रामाणिक और लाइसेंस प्राप्त एक्सचेंजों पर ही लेन-देन करें। उन्होंने बताया कि बिना केवाईसी वाले या अत्यधिक रिटर्न का वादा करने वाले प्लेटफॉर्म से बचें। इसके अलावा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना साइबर हेल्प लाईन 1930 पर दें। यदि आपको किसी प्रकार की धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग या अवैध क्रिप्टो लेन-देन की जानकारी मिले, तो तुरंत नजदीकी साइबर क्राइम थाने या हेल्पलाइन पर रिपोर्ट करें।
उन्होंने कहा कि फर्जी स्कीमों से सावधान रहें। जैसे सोशल मीडिया पर आने वाले पैसा डबल करने, इनाम या ट्रेडिंग स्कैम्स से दूर रहें। उन्होंने कहा कि किसी अनजान लिंक या ऐप के माध्यम से क्रिप्टो लेन-देन न करें। उन्होंने कहा कि डार्क वेब गतिविधियों में शामिल होना अपराध है। डार्क वेब या अनधिकृत माध्यमों से क्रिप्टो खरीदना, बेचना या वहां सक्रिय रहना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। डीआईजी मोहित चावला ने बताया कि पुलिस द्वारा कार्रवाई की जा रही है, जिसमें ब्लॉकचेन लेन-देन पर एआई आधारित निगरानी और विशेष टास्क फोर्सेस द्वारा डार्क वेब पर निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय भी किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि यदि आप क्रिप्टोकरेंसी का प्रयोग करते हैं तो सुरक्षा और वैधता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। किसी भी संदेहजनक गतिविधि की सूचना तुरंत दें।
: *राजस्व मंत्री पर हमला आपदा राहत में रोड़ा अटकाने की प्रयास: सुक्खू*
पिछले कल मंडी जिला के सिराज विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर गए राजस्व और बागवानी मंत्री के समर्थन में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू खुलकर सामने आए हैं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए साफ किया है कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर कानूनन कार्रवाई होगी। थुनाग में मंत्री का घेराव किया गया और उनकी गाड़ी पर काले झंडे और जूते तक फैंके गए थे।
सीएम ने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्र मंडी का दौरा करने पहुंचे राजस्व एवं बाग़वानी मंत्री जगत सिंह नेगी के साथ भाजपा के क्षेत्रीय नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने जो व्यवहार किया है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने साज़िशन विरोध कर न केवल लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन किया, बल्कि आपदा प्रभावित लोगों के घर बसाने के कार्य में भी रोड़ा अटकाने की कोशिश की। भाजपा नहीं चाहती कि आपदा-प्रभावित परिवारों को राहत और सहायता मिले। जिन परिवारों ने अपना सब कुछ खो दिया है, यदि उनकी मदद नहीं कर सकते, तो कम से कम उनके पुनर्वास के कार्यों में बाधा न बनें। भाजपा का यह आचरण मानवीय संवेदनाओं के विरुद्ध है। राहत एवं पुनर्वास कार्यों में बाधा डालने वालों के ख़िलाफ़ सख़्त क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार हर प्रभावित व्यक्ति तक मदद पहुंचाने के लिए काम कर रही है। इसमें राजनीतिक रोटियां सेंकना एवं हिंसक प्रदर्शन करके बाधा डालना पूरी तरीके से संवेदनहीनता है।
: *दिसंबर तक पूरा करें बनखंडी अरण्य वन्य प्राणी उद्यान के प्रथम चरण का काम, CM ने दिए निर्देश*
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वन विभाग को कांगड़ा जिले के उप-मंडल स्थित दुर्गेश अरण्य वन्य प्राणी उद्यान बनखंडी के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के प्रथम चरण का कार्य हर हाल में दिसंबर, 2026 तक पूरा किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने आज अपने आधिकारिक आवास ओक ओवर में परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि इस उद्यान में विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी और कांगड़ा जिले में पर्यटन का मुख्य आकर्षण का मुख्य केन्द्र बनेगा। उन्होंने कहा कि इस उद्यान में तीन पार्किंग स्थल, फूड कोर्ट, रेस्टोरेंट तथा पर्यटकों के लिए अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यह उद्यान 233 हैक्टेयर क्षेत्र में फैला होगा जिसमें शेर व बाघ सफारी के साथ-साथ विभिन्न वन्य प्राणियों, सरीसृपों और पक्षियों के लिए विशेष बाड़े बनाए जाएंगे।
सीएम सुक्खू ने अस्पताल व प्रशासनिक भवन, दूसरी पार्किंग, ऑपरेशन थियेटर और डायग्नोस्टिक भवन, क्वारंटीन क्षेत्र, कमिशरी क्षेत्र, शौचालय ब्लॉक और भूमिगत जल टैंकों से संबंधित निविदाएं शीघ्र आमंत्रित करने के भी निदेश दिए। मुख्यमंत्री ने पर्यटकों के मनोरंजन के लिए वन विभाग को परियोजना को आकर्षक बनाने के लिए ईको टूरिज्म गतिविधियों, तारामंडल (प्लैनेटोरियम), रॉक क्लाइम्बिंग व बोटिंग जैसी साहसिक गतिविधियों को शामिल करने को कहा। उन्होंने स्थानीय प्रजातियों के पौधे रोपने पर भी बल दिया ताकि पार्क की सुन्दरता और पारिस्थितिकी संतुलन को बनाया जा सके और अधिक से अधिक पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्राणी उद्यान देश का पहला ऐसा उद्यान है जिसे भारतीय हरित भवन परिषद (आईजीबीसी) से सतत और पर्यावरण अनुकूल पहल के लिए प्रमाणन प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि इस उद्यान में एक मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजना भी स्थापित की जाएगी जिसे यहां ऊर्जा की आवश्यकताएं पूरी करने में सहायता मिलेगी। इस अवसर पर ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क कुल्लू, बायो कंजर्वेशन सोसायटी ने आपदा राहत कोष और मुख्यमंत्री सुख-आश्रय कोष में पांच-पांच लाख रुपये का अंशदान दिया। इसके अलावा बायो कंजर्वेशन सोसायटी खजियार की ओर से अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत ने मुख्यमंत्री सुख-आश्रय कोष और आपदा राहत कोष के लिए 5.50 लाख रुपए का चैक भेंट किया।
: *पुल पार करते खड्ड में गिरी महिला, युवक ने बचाई जान*
मंडी जिला के सराज विधानसभा क्षेत्र में आपदा आने के करण गांव को जोडऩे वाले दर्जनों पूर्व क्षतिग्रस्त हो गए हैं । जिसके चलते अब लोगों को आने जाने के लिए जोखिम भरा सफर तय करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में लोगों को भयंकर नदियों को भी पर करना पड़ रहा है। वहीं शनिवार को सराज विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत थुनाग के साथ लगती ग्राम पंचायत झुंडी में एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया। शनिवार शाम को महिला खड्ड को पार कर रही थी उसी वक्त लकडिय़ों से बने पुल से उसका पांव फिसल गया और महिला नदी में जा गिरी। इस दौरान नदी पार कर रहे युवक ने महिला के साथ छलांग लगा दी और उसे डूबने से बचाया गया।
जुड़ में आपदा के चलते पुल बह गया है इसके बाद ग्रामीणों ने पेड़ों की दो लकडिय़ां डालकर अस्थाई तौर पर एक आने जाने का रास्ता बनाया था। शनिवार को बारिश होने की वजह से नदी का जलस्तर बढ़ गया था । पुल पार करते समय महिला का पैर फिसला और वह नदी में जा गिरी। उसी समय जुड़ गांव का युवक पिवेंद्र कुमार ने तुरंत पानी में छलांग लगा दी और उसे नीचे बहाने से बचाया गया, इसके बाद गांव के अन्य लोग भी आए और उसे अस्पताल लाया गया। अब महिला की हालत ठीक है।
: *कारगिल विजय दिवस पर शूरवीरों को किया याद*
सोलन में देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले जांबाजों को दी श्रद्धांजलि
26वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर देश के गौरवमयी इतिहास की रक्षा के लिए पूर्ण रूप से समर्पित रहने की शपथ दिलाई। इससे पूर्व कारगिल शहीद स्मारक स्थल पर देश की आन, बान और शान के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीरों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान मनमोहन शर्मा ने 26वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि भारतीय सेना की गौरवशाली परंपरा रही है और भारतीय सेना, वायु सेना तथा नौसेना के असंख्य वीर जवान हर समय देश की सुरक्षा के लिए कार्य कर रहे हैं। उपायुक्त ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए समर्पित रहने वाले वीर सैनिकों की पुनीत स्मृति एवं शौर्य को सदैव नमन करना हमारा कर्तव्य है। सेवानिवृत्त कर्नल सुरेश कुमार अग्निहोत्री एवं उप निदेशक सैनिक कल्याण ने कहा कि ऑपरेशन विजय में भारतीय सेना ने अत्यंत विषम परिस्थितियों में पूरे पराक्रम और बहादुरी के साथ दुशमन को परास्त किया।
उन्होंने कहा कि इस युद्ध 527 भारतीय सैनिक शहीद हुए। इनमें से 52 शहीद हिमाचल प्रदेश से सम्बन्ध रखते थे। उन्होंने कहा कि इन नायकों में स्व. सिपाही धर्मेंद्र, 3 पंजाब रेजिमेंट कसौली तहसील तथा स्व. राइफलमैन प्रदीप कुमार, 4 जम्मू और कश्मीर राइफल, तहसील रामशहर जिला सोलन के निवासी थे। इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डा. अजय पाठक, सेवानिवृत्त कर्नल राजीव ठाकुर, सेवानिवृत्त कैप्टन राकेश प्रभाकर, हवलदार राजेंद्र कुमार सहित वरिष्ठ नागरिक, पूर्व सैनिक, अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
: *मिंजर मेला आज से, शहर में पहरा*
ऐतिहासिक मेले को लेकर पुलिस छावनी में बदला चंबा, प्रवेश द्वार और चौगान के चप्पे-चप्पे पर जवान
दीपक शर्मा-चंबा
अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला को लेकर शहर के सुरक्षा घेरे को कड़ा करते हुए तमाम एंट्री प्वाइंट व चौगान में पुलिस का पहरा बिठा दिया गया है। मेला रविवार से शुरू हो रहा है। शनिवार को शहर के तमाम एंट्री प्वाइट पर स्थापित अस्थाई नाकों के बाद ही वाहन को शहर में प्रवेश करने की इजाजत दी गई। इसके साथ ही चौगान के इर्द- गिर्द भी पुलिस व होमगार्ड जवानों की तैनाती कर गश्त तेज कर दी गई है। शहर में होने वाले हरेक गतिविधि पर सीसीटीवी कैमरे की तीसरी आंख द्धारा भी नजर रखी जा रही है। मिंजर मेले के दौरान पुलिस विभाग ने सुरक्षा व कानून व्यवस्था को बेहतर रखने के लिए करीब सवा पांच सौ पुलिस व होमगार्ड जवानों की तैनाती की है।
पुलिस ने टीबी वार्ड, हरदासपुरा चौक व सुल्तानपुर के पास शहर के पएंट्री प्वाइंट पर अस्थायी नाके लगाकर पुलिस जवानों की तैनाती सुनिश्चित की है। नाके पर तैनात पुलिस कर्मियों को हरेक वाहन की गहन जांच पडताल के बाद एंट्री देने के निर्देश जारी किए हैं। शनिवार को पुलिस के आला अधिकारियों ने भी स्वयं चौगान पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस व होमगार्ड के जवानों को डयूटी के दौरान मुस्तैद रहकर हरेक गतिविधि पर नजर रखने को कहा गया है। रविवार से चौगान में लोगों की मदद हेतु पुलिस का अस्थाई कंट्रोल रूम भी काम करना आरंभ कर देगा। । एचडीएम
एसपी चंबा डाक्टर अभिषेक यादव के बोल
उधर, एसपी चंबा डा. अभिषेक यादव ने बताया कि मिंजर मेले के मददेनजर जिला व शहर के सुरक्षा घेरे को मजबूत कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि मेले के दौरान कानून व सुरक्षा व्यवस्था करने के लिए पांच सौ के करीब पुलिस व होमगार्ड जवान अपनी सेवाएं देेंगें।
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*अग्रिवीर भर्ती की ऑनलाइन परीक्षा का परिणाम घोषित, हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर के इतने युवा पास*
थल सेना में अग्रिवीर भर्ती की लिखित परीक्षा का परिणाम शनिवार को घोषित कर दिया गया है। इसमें थल सेना में अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्निवीर टेक्निकल, स्टोरकीपर, क्लर्क और ट्रेड्समैन इत्यादि के पद शामिल है। युवाओं की ऑनलाइन लिखित परीक्षा 30 जून से दस जुलाई के मध्य आयोजित की गई थी। इसमें हमीरपुर, ऊना और बिलासपुर जिला के करीब 13 हजार युवाओं ने भाग लिया था। अग्रिवीर की ऑनलाइन संयुक्त प्रवेश परीक्षा में तीन जिलों के करीब 4000 से अधिक युवा उत्तीर्ण हुए हैं।
बताया जा रहा है कि लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले युवाओं का फिजिकल टेस्ट दिसंबर के आखिर में लिया जा सकता है। थल सेना भर्ती कार्यालय हमीरपुर के निदेशक कर्नल बीएस भंडारी ने बताया कि युवा लिखित परीक्षा का परिणाम वेबसाइट ज्वाइन इंडियन आर्मी डॉट एनआईसी डॉट इन पर देख सकते हैं। उन्होंने उत्तीर्ण युवाओं को फिजिकल टेस्ट के लिए अभी से तैयारी शुरू करने की अपील की है, ताकि वह अग्रिवीर बनकर देश की सेवा कर सकें।
: *मिंजर मेला के कलाकारों की सूची :-*
*प्रथम सांस्कृतिक संध्या*
1. कुमार साहिल
2. गौरव कौंडल
3. गुलशन पाल
4. भावना जरयाल
5. बनगढ़ पुलिस बैंड
*दूसरी सांस्कृतिक संध्या (28 जुलाई)*
1. कुलविंदर बिल्ला
2. फौलादी इंडियन बैंड
3. ममता भारद्वाज
4. नरेंद्र राही
5. कमल नहरिया
*तीसरी सांस्कृतिक संध्या (29 जुलाई)*
1. अख्तर ब्रदर
2. अनुज शर्मा
3. लमन बैंड
*चौथी सांस्कृतिक संध्या (30 जुलाई)*
1. सतपाल बडाली
2. अरविंद ढढवाल
3. डॉक्टर गगन
4. राज जैहरी
5. अभिज्ञा बैंड
*पांचवी सांस्कृतिक संध्या (31 जुलाई)*
1. सुनील राणा
2. के एस प्रेमी
3. जितेंद्र पंकज शर्मा
4. फिरदौस बैंड
*छठी सांस्कृतिक संध्या (1 अगस्त)*
1. मनिंदर भुट्टर
2. नेहा दीक्षित
3. भुवनेश भारत
*सातवीं सांस्कृतिक संध्या (2 अगस्त)*
1. ऋतु पाठक व आशीष पाठक
2. काकू राम ठाकुर
3. अजय भरमोरी
4. ओम राणा
*अंतिम सांस्कृतिक संध्या (3 अगस्त)*
1. सुनंदा शर्मा
2. दीक्षा तूर
3. नीतीश राजपूत
4. खुशी शुभ
5. फीट आफ फायर स्टूडियो
6. तारिक मलिक
7. मोहिंदर भरमौरी
: Himachal Weather: मनाली में जोरदार बारिश, आज और कल यलो; परसों भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
मौसम केंद्र शिमला ने रविवार और सोमवार को फिर से येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि मंगलवार को ऑरेंज अलर्ट रहेगा।
मनाली में शनिवार को झमाझम बारिश हुई। शिमला और कांगड़ा में सुबह हल्की बारिश हुई। इससे उमस बढ़ गई है। हिमाचल प्रदेश में दो एनएच समेत 211 सड़कें बाधित हैं, जबकि 31 विद्युत ट्रांसफार्मर ठप हैं। 141 पेयजल योजनाएं भी बाधित होने से पेयजल आपूर्ति बंद चल रही है। सराज में सबसे अधिक 85 सड़कें अभी भी बंद हैं।
एनएच 03 मंडी कोटली के बीच बनोग में बाधित होने से यातायात ठप है। वहीं, मौसम केंद्र शिमला ने रविवार और सोमवार को फिर से येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि मंगलवार को ऑरेंज अलर्ट रहेगा। न्यूनतम तापमान केलांग में 12.9 डिग्री सेल्सियस रहा। पांवटा साहिब में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस रहा।
मनाली में झमाझम बारिश हुई। जिले के अन्य इलाकों में मौसम साफ रहा और धूप खिली रही। इससे किसानों-बागवानों ने राहत की सांस ली है। जिले में हाईवे-305 के साथ 46 सड़कें बंद हैं। चंबा में शनिवार को तेज धूप ने लोगों के पसीने छुड़ा दिए। वहीं, बीते दिनों हुई मूसलाधार बारिश के पांच दिन बाद भी पांच मार्ग यातायात के लिए बहाल नहीं हो पाए हैं।
सड़कें बंद होने से लोगों को आवाजाही करने में परेशानी हो रही है। हमीरपुर में शनिवार को मौसम सामान्य बना रहा है। दिनभर धूप खिली रही। कांगड़ा जिले में शनिवार सुबह के समय हुई बारिश से पिछले दो दिनों से पड़ रही गर्मी से राहत मिली है। हालांकि, दोपहर बाद आसमान में छाए बादलों और हल्की धूप के चलते उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल दिखे। गगल हवाई अड्डा पर नियमित रूप से उड़ानें हुईं। ऊना में भी शनिवार को दिनभर धूप खिली रही।
amar ujala
: आपदा मित्रों को ट्रेंड करेगी एसडीआरएफ, 27 दिन तक चलेगा प्रशिक्षण शिविर
By: divyahimachal
कांगड़ा से शुरू होगा प्रशिक्षण शिविर, त्रासदी से पार पाने के काबिल बनेंगे लोग
दीक्षा ठाकुर-मंडी
हिमाचल प्रदेश में एसडीआरएफ लोगों को आपदा से निपटने के लिए ट्रेंड करेगा। कांगड़ा से इस प्रशिक्षण शिविर का श्रीगणेश किया जाएगा, जिसके बाद अन्य जिलों में भी यह प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। कांगड़ा जिला के 2700 वालंटियर्स को एसडीआरएफ ट्रेंड करेगी।
यह शिविर कांगड़ा में एसडीआरएफ द्वारा अगस्त के पहले सप्ताह से शुरू कर दिया जाएगा, जो 27 दिनों तक चलेगा। हर एक वालंटियर को दो दिनों तक आपदा से निपटने के गुर सिखाए जाएंगे। किसी भी आपदा की स्थिति में यह आपदा मित्र सबसे पहले प्रभावित स्थलों में पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों में जुटते हैं। हर वर्ष इन आपदा मित्रों को ड्रेंट किया जाता है, लेकिन इस बार एसडीआरएफ इन लोगों को आपदा से निपटना सिखाएगी। एसडीआरएफ द्वारा दिए जाने वाले प्रशिक्षण से आपदा मित्र त्रासदी से पार पाने के काबिल बनेंगे।
हर जिला में आपदा मित्र पंजीकृत
हर जिला में डीडीएमए द्वारा आपदा मित्रों को पंजीकृत किया गया है। जिला प्रशासन समय-समय पर आपदा मित्रों को प्रशिक्षण देता रहता है। जिला में आपदा जैसी स्थिति में सबसे पहले यह आपदा मित्र राहत एवं बचाव कार्योंमें जुटते हैं। कांगड़ा में जहां 2,7000 आपदा मित्र हैं, मंडी जिला में 10,000 आपदा मित्र पंजीकृत हैं। हर जिला में आपदा मित्रों की संख्या 2,000 से अधिक है।
27 दिन तक चलेगा प्रशिक्षण शिविर
हिमाचल प्रदेश एसडीआरएफ के एसपी अर्जित सेन के बताया कि हिमाचल प्रदेश के हर जिला में आपदा मित्रों को टें्रड किया जाएगा। यह आपदा मित्र जिला प्रशासन और डीडीएमए द्वारा पंजीकृत किए जाते हैं, जो किसी भी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य करते हैं। कांगड़ा में 27 दिनों तक प्रशिक्षण शिविर चलेगा, जिसमें लगभग 2700 आपदा मित्रों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
: *चंबा 26 जुलाई 2025,*
*अंतर्राष्ट्रीय मिंजर मेला-2025 के आयोजन से संबंधित सभी तैयारियां पूरी-मुकेश रेपसवाल,*
*सुरक्षा के भी किए सभी पुख्ता प्रबंध, ड्रोन व सीसीटीवी कैमरों से होगी कड़ी निगरानी*
*500 पुलिसकर्मियों पर पांच राजपत्रित पुलिस अधिकारियों को सौंपा गया है सुरक्षा का जिम्मा,*
अंतर्राष्ट्रीय मिंजर मेला-2025 से संबंधित प्रबंधो के अलावा सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित सभी तैयारियां भी पूर्ण कर ली गई हैं। यह जानकारी उपायुक्त एवं अध्यक्ष अंतर्राष्ट्रीय मिंजर मेला कमेटी मुकेश रेपसवाल ने दी। *मुकेश रेपसवाल ने बताया कि इस बार मिंजर मेले में जिला चंबा के कलाकारों सहित हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों के कलाकारों को विशेष महत्व दिया गया है ताकि प्रदेश की युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा को प्रस्तुत करने का ज्यादा से ज्यादा मौका मिल सके।*
उन्होंने बताया कि 27 जुलाई को मेले की प्रथम सांस्कृति संध्या में कुमार साहिल, गौरव कौंडल, गुलशन पाल, भावना जरयाल तथा बनगढ़ पुलिस बैंड अपनी प्रस्तुति देंगे। 28 जुलाई को मेले की दूसरी सांस्कृति संध्या में कुलविंदर बिल्ला, फौलादी इंडियन बैंड, ममता भारद्वाज, नरेंद्र राही तथा कमल नहरिया अपने कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। 29 जुलाई को मेले की तीसरी सांस्कृतिक संध्या में अख्तर ब्रदर, अनुज शर्मा तथा लमन बैंड अपनी प्रस्तुति देंगे। 30 जुलाई को चौथी सांस्कृतिक संध्या में सतपाल बडाली, अरविंद ढढवाल, डॉक्टर गगन, राज जैहरी तथा अभिज्ञा बैंड अपनी लोगों का मनोरंजन करेंगे। 31 जुलाई को मेले की पांचवी सांस्कृतिक संध्या में सुनील राणा, के एस प्रेमी, जितेंद्र पंकज शर्मा तथा फिरदौस बैंड अपनी प्रस्तुति देंगे। 1 अगस्त को छठी सांस्कृतिक संध्या में मनिंदर भुट्टर, नेहा दीक्षित व भुवनेश भारत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। 2 अगस्त को मेले की सातवीं में सांस्कृतिक संध्या में ऋतु पाठक व आशीष पाठक, काकू राम ठाकुर, अजय भरमोरी तथा ओम राणा अपनी प्रस्तुतियां देंगे। 3 अगस्त को मेले की अंतिम संस्कृत संध्या में सुनंदा शर्मा, दीक्षा तूर, नीतीश राजपूत, खुशी शुभ, फीट आफ फायर स्टूडियो तथा तारिक मलिक उपस्थित जनता का मनोरंजन करेंगे।
मिंंजर मेले के दौरान सुरक्षा तथा कानून व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं बारे जानकारी प्रदान करते हुए पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव ने बताया कि सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था के दृष्टिगत मिंजर मेला क्षेत्र को 3 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। पहला सेक्टर चौगान नंबर 1, दूसरा सेक्टर चौगान नंबर 2 से 5 तथा तीसरा सेक्टर ट्रैफिक व पार्किंग निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि मिंजर मेले में कुल 500 सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं इसके अलावा पांच राजपत्रित पुलिस अधिकारियों को भी उच्च स्तरीय सुरक्षा व कानून व्यवस्था के लिए लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि पार्किंग की सुविधा पुलिस ग्राउंड बारगा में की गई है तथा भरमौर चौक से इरावती चौक तक सड़क के दोनों तरफ किसी भी प्रकार के वाहन पार्किंग पर पाबंदी रहेगी। इसके अलावा मेले में सुरक्षा व्यवस्था को अचूक करने के मध्य नजर विभिन्न प्रकार के सुरक्षा दस्ते तैनात किए गए हैं उन्होंने बताया कि मेले के दौरान महिलाओं की सुरक्षा के दृष्टिगत विशेष प्रबंध किए गए हैं। अभिषेक यादव ने बताया कि जिला में मिंजर मेले की सुरक्षा को पुख्ता करने के मकसद से सभी होटलों व सरायों की विशेष जांच की जा रही है तथा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति या असामाजिक तत्व पहले से आकर यहां न ठहरा हो। उन्होंने बताया कि मेले के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के उद्देश्य से सुल्तानपुर, बालू तथा हरदासपुर में बैरियर स्थापित किए गए हैं ताकि हर एक स्थिति में यातायात व्यवस्था नियंत्रित रहे तथा आवश्यकता पड़ने पर किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा जा सके। इसके अलावा विशेष निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं जिसके लिए चौगान में ही नियंत्रण का स्थापित किया गया है। पुलिस अधीक्षक ने जानकारी दी कि मिंजर मेले के दौरान विभिन्न खेल गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं।
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