आज सुबह का मुख्य समाचार पत्र ✉ और अन्य भारतीय टीम गठित हुई बातचीत

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Dec 4, 2025 - 09:54
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आज सुबह का मुख्य समाचार पत्र ✉ और अन्य भारतीय टीम गठित हुई बातचीत

: *Himachal News : एबीवीपी वर्कर्ज के प्रदर्शन पर सदन में मुख्यमंत्री-नेता विपक्ष में तीखी नोकझोंक* 

देवभूमि हिमाचल की शांत वादियों में ठंडे धौलाधार की तलहटी में स्थित तपोवन में बुधवार को सदन के अंदर व बाहर खूब गरमाहट व हंगामा देखने को मिला। एक तरफ युवा जोश सडक़ों में उतरकर नारेबाजी करते हुए पुलिस जवानों से भिड़ गया, वहीं सदन के भीतर मुख्यमंत्री सुक्खू और नेता विपक्ष जयराम ठाकुर कार्यकर्ताओं की बात करते हुए आपस में उलझ गए। एबीवीपी के आंदोलन से शुरू हुई बात भाजपा के गुरुवार को होने वाले धरने-प्रदर्शन तक पहुंच गई। इतना ही नहीं, सदन में हंगामा इतना बढ़ गया कि नेता विपक्ष जयराम ठाकुर विपक्षी विधायकों के साथ सदन से बाहर चले गए। सदन में मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि एबीवीपी के कार्यकर्ता बिना अनुमति के जोरावर सिंह मैदान में पहुंचे थे। उन्होंने साढ़े 12 बजे के बाद पहुंचकर सडक़ भी बंद कर दी। कार्यकर्ताओं ने बेरिगेट तोडक़र विधानसभा की तरफ आने का प्रयास किया। ऐसे में पुलिस की ओर से कानून व्यवस्था बनाने के प्रयास किए, जिसमें दोनों ही पक्षों में धक्का मुक्की हुई है। इस संघर्ष में 10 की बजाय मात्र चार से पांच एबीवीपी कार्यकर्ता आंशिक रूप से घायल हुए हैं। इस दौरान पुलिस महिला जवानों सहित कुल तीन महिलाओं को भी चोट आई है। सीएम ने बताया कि कानून के तहत कार्रवाई की गई है। भाजपा की रैली भी गुरुवार को है, ऐसे में तीन हजार क्षमता के जोरावर मैदान में अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि स्वर्ण आयोग के प्रदर्शन में पुलिस कर्मी भी जख्मी हुए थे, यहां पर भी लाठीचार्ज नहीं हुआ, दोनों तरफ से धक्का-मुक्की हुई है।

सीएम ने बताया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से अनुमति विधानसभा मार्च पास की मांगी गई थी, जोकि नहीं दी गई थी। इसके बावजूद एबीवीपी के कार्यकर्ता जोरावर सिंह मैदान में पहुंच गए और उन्होंने आगे विधानसभा की ओर बढऩे का प्रयास किया। उधर, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सदन में कहा कि विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने परमिशन को अप्लाई किया था, तो उसे डीनाई क्यों किया गया। शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे एबीवीपी कार्यकर्ताओं के साथ लाठीचार्ज बहुत निंदनीय कृत्य है। दस से ज्यादा बच्चे घायल हुए हैं, जिनमें दो बेटियां शामिल हैं। पूर्व सरकार के समय में भी लोग अपनी बात रखते थे, यहां तक कि स्वर्ण आयोग के लोग विधानसभा के परिसर तक पहुंचे और, वहां पर उन्होंने खुद पहुंचकर बात की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक रूप से रैली को बदलने की बात कही जा रही है, तो आंदोलन को भी उसी तर्ज पर किया जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ने कहा कि हमने परमिशन मांगने पर पैसे जमा करवाए, जबकि बाद में चिट्ठी डालकर पुलिस मैदान में भेजने की बात कही। उन्होंने कहा कि पांच हजार के करीब लोगों तक रैली रखने की सहमति भी दी। इस संबंध में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू से भी मिले थे। उन्होंने कहा कि गारंटी देने का औचित्य सही नहीं है। सौहार्दपूर्ण तरीके से बात होगी, तो सही है। अगर रैली रद्द की जाती है, तो आंदोलन को उसी तर्ज पर किया जाएगा।

TRN: *एक-दूसरे का मिलिट्री बेस इस्तेमाल कर सकेंगे भारत-रूस, पुतिन के भारत दौरे से पहले रूसी संसद ने दी मंजूरी* 

राष्ट्र्पति पुतिन के भारत दौरे से पहले रक्षा समझौते को रूसी संसद ने दी मंजूरी

रूस की संसद के निचले सदन स्टेट ड्यूमा ने भारत और रूस के बीच हुए एक सैन्य समझौते ‘आरईएलओएस’ (रेसिप्रोकल एक्सचेंज ऑफ लॉजिस्टिक सपोर्ट) को मंजूरी दे दी है। इसके तहत दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे के मिलिट्री बेस, फैसिलिटीज और संसाधनों का इस्तेमाल और एक्सचेंज कर सकेंगी। दोनों देशों की सेनाओं के विमान और वॉरशिप ईंधन भरने, मिलिट्री बेस पर डेरा डालने या अन्य लॉजिस्टिक सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकेंगे। इस पर आने वाला खर्च बराबर-बराबर उठाया जाएगा। यह मंजूरी राष्ट्रपति पुतिन के भारत दौरे से एक दिन पहले दी गई है। यह समझौता इस साल 18 फरवरी को भारत और रूस के बीच किया गया था। पिछले हफ्ते रूसी प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्तिन ने इसे संसद में मंजूरी के लिए भेजा था।

भारत-रूस समझौते से चीन को लगेगी मिर्ची

भारत और रूस के बीच आरईएलओएस समझौता चीन के लिए एक बड़ी रणनीतिक चिंता है। इस समझौते के चलते भारत को रूस के मध्य एशियाई सैन्य ठिकानों तक पहुंच मिलेगी, जिससे चीन के संवेदनशील इलाकों अक्सु, कासगर और यिनिंग पर नजर रखना संभव होगा। इन इलाकों में चीन का सबसे ज्यादा तेल और हथियारों का उत्पादन होता है। यह भारत को सीपीईसी की निगरानी करने और स्ट्रिंग ऑफ पल्र्स रणनीति का जवाब देने में भी मदद करेगा। अब तक चीन ने पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल और म्यांमार में अपनी उपस्थिति बढ़ाकर भारत को घेरने का प्रयास किया है। आरईएलओएस समझौते से भारत भी चीन के पश्चिमी सीमा क्षेत्र में अपनी पहुंच बना सकता है, जिससे चीन को दोहरी चुनौती का सामना करेगा।

TRN: *गुम्मा नमक बढ़ाएगा दुनिया भर का जायका, हिमालयन सॉल्ट में 84 मिनरल्स, इन देशों के नमक को देगा टक्कर* 

मंडी जिला में मौजूद हिमालयन पिंक सॉल्ट में 84 मिनरल्स, फ्रांस और इंग्लैंड के नमक को देगा टक्कर

गुम्मा द्रंग नमक पूरे विश्व का जायका बढ़ाएगा। हिंदुस्तान साल्ट माइन ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है। गुम्मा, द्रंग और मैगल में पैदा होने वाले हिमालयन पिंक साल्ट में 84 से ज्यादा मिनरल्स पाए गए हैं। इस नमक में 25 से 60 करोड़ साल पुराने समुद्री पानी के अवशेष हैं। नमक पहाड़ के अंदर होने के कारण इसमें कोई केमिकल नहीं है। नमक की खदान को फिर से चालू करने के लिए न्यू प्लांनिंग इंडियन स्कूल ऑफ माइनस धनंबाद द्वारा की गई है और इसे मंजूरी के लिए इंडियन ब्यूरो माइनस को भेजा गया है। माना जा रहा है कि अगले 15 से 45 दिनों में इसको मंजूरी मिलने के बाद आगामी मार्च तक माइनिंग शुरू हो जाएगी। विश्व में फ्रांस और इंग्लैंड में पाया जाने वाला नमक नंबर एक और दो की पोजीशन पर है, जबकि गुम्मा के पहाड़ से निकलने वाला सेंधा नमक गुणवत्ता के आधार पर पूरे विश्व में नंबर तीन पर होगा। इस बार माइनिंग का जो खाका खिंचा गया है, उसमें पहाड़ से निकलने वाले नमक को मैगल में ही रिफाइनरी लगाकर रिफाइन करने की तैयारी है।

नमक खदान से जुड़े अधिकारी फिलहाल इस पूरी प्रक्रिया पर कुछ ज्यादा बता नहीं रहे हैं, लेकिन इतना जरूर कह रहे हैं कि इस बार कुछ ऐसा होगा, जिससे पूरे विश्व के खाने के जायके को गुम्मा नमक एक नई महक देगा। गुम्मा नमक में कोई केमिकल ब्लीचिंग, आयोडाइजेशन और एंटी-केकिंग एजेंट नहीं डाले जाते हैं। इसमें आयरन ऑक्साइड की वजह से गुलाबी रंग होता है। पोटैशियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम, कॉपर, जिंक आदि ट्रेस मिनरल्स प्राकृतिक रूप से मौजूद होते हैं। गुम्मा में नमक निकालने का इतिहास राजाओं के जमाने से है। यहां का नमक पाकिस्तान तक सप्लाई किया जाता रहा है। गुम्मा नमक खदान सालों तक बंद रहने के बाद साल 2017 में द्रंग से नमक निकालने की प्रक्रिया शुरू हुई है। इस बार नमक के सहारे हिंदुस्तान साल्ट माइन अगले पांच सालों की रूपरेखा के तहत नमक निकाल कर पूरे विश्व में सप्लाई करने की तैयारी कर रही है।

नमक का राजा होगा गुम्मा

गुम्मा नमक हिमालयन पिंक सॉल्ट आज विश्व के टॉप-5 गॉरमेट नमकों में शुमार है। स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों, शेफ्स और वेलनेस उद्योग में यह बहुत लोकप्रिय है। वैज्ञानिक रूप से इसमें 84 मिनरल्स पाए गए हैं, हालांकि इन मिनरल्स की मात्रा कम है। यह निश्चित रूप से सबसे शुद्ध और प्राकृतिक नमकों में से एक है।

पाक में भी निकलता है

भारत में गुम्मा नमक को आमतौर पर सेंधा नमक ही समझा जाता है। हिमालय की प्राचीन नमक की खानों खासकर पंजाब के खेवड़ा क्षेत्र, पाकिस्तान में स्थित साल्ट रेंज से यह निकाला जाता है। कुछ लोग इसे हिमालयन पिंक सॉल्ट भी कहते हैं। यह नमक गुलाबी-नारंगी रंग का होता है। भारत में पारंपरिक रूप से इस नमक को गुम्मा या सेंधा नमक भी कहा जाता है।

TRN: *स्थानीय हिमाचल समाचार MSP जारी करने वाला हिमाचल देश का पहला राज्य, सदन में बोले सीएम, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही सरकार* 

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्राकृतिक खेती के लिए जमीनी स्तर पर काम किया जा रहा है। इसके लिए बजट में भी प्रावधान किया गया है, जिसमें आत्मा प्रोजेक्ट से भी लोग दोबारा खेतीबाड़ी से जुड़ रहे हैं। सीएम ने कहा कि देश मे ंपहली बार हिमाचल में प्राकृतिक खेती के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य एमएसपी निर्धारित किया गया है। उन्होंने नेता विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि हम मक्की की रोटी भी बनाते है, और सर्दियों में उसे खाते भी हैं। मक्की में एमएसपी 30 से बढ़ाकर 40 रुपए किया गया, गेंहू 60, कच्ची हल्दी को 90 रुपए किलो के हिसाब से ले रहे हैं। इसके लिए देश के गृह मंत्री अमित शाह व गुजरात के सीएम ने भी सराहना की है। सिक्किम के बाद हिमाचल में सबसे अधिक प्राकृतिक खेती पर काम हो रहा है। सीएम ने बताया कि मक्की का आटा एक्सपायर डेट के साथ 100 रुपए प्रति किलो के हिसाब से उचित मूल्य की दुकानों में बेचा जा रहा है। इसके साथ ही ऊना में तैयार हो रहे आलू की प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित किए जाने को लेकर कार्य कर रहे ह

इससे पहले सदन में सवाल का जबाव रखते हुए कृषि मंत्री प्रो चौधरी चंद्र कुमार ने कहा कि उत्पादों को डिपो में भी भेजा जा रहा है। प्राकृतिक खेती को लेकर सदन में जसवां परागपुर के विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर ने सवाल पूछा। इसमें उन्होंने किसानों के शहद, दलिया, बेसन, घी व अन्य की खरीद करने व सैंपल सहित अन्य विषय उठाए। इस पर सुखराम चौधरी ने भी इस पर सवाल पूछा कि कितने सेंटर फसल खरीद के लिए खोले गए। पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि प्राकृतिक खेती को लेकर पूर्व सरकार ने काम शुरू किया था। आज इस खेती को लेकर कोई काम नहीं किया जा रहा है।

बायोमीट्रिक हाजिरी पर उठाया सवाल

सदन में ऊना के विधायक सत्तपाल सिंह सत्ती ने बायोमीट्रिक हाजिरी पर सवाल उठाया है। इस पर जवाब आया कि सूचना एकत्रित की जा रही है, जिस पर सतपाल सत्ती ने कहा कि बार-बार सूचना एकत्रित किये जाने की बात कही जा रही है, ये बात सरकार के लिए अधिकारियों की तरफ से ठीक नहीं है, इसमें सुधार किया जाना चाहिए।

पांच साल के लिए बन रहा हिम बस कार्ड

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि हिम बस कार्ड पूरी तरह से नि:शुल्क से बन रहा है, सिर्फ कार्ड की कीमत ली जा रही है। कार्ड पांच साल के लिए बनाया जा रहा, कैबिनेट मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि निशुल्क यात्रा के तहत 28 वर्ग निर्धारित है, जिसमें कई बार दुरपयोग हो रहा है। इसे देखते हुए हिम बस कार्ड को चलाने की व्यवस्था की गई।

ठियोग में धारा 118 के तहत प्रदान की 17 स्वीकृतियां

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने सदन में बताया कि ठियोग में धारा-118 में 17 स्वीकृतियां प्रदान की गई हैं। उन्होंने कहा कि 118 में अनुमति देने पर टीसीपी लागू रहता है, जबकि पंचायत में भी शक्तियां प्रदान की गई है, जोकि उचित कार्रवाई भी कर सकते हैं। कुछ अन्य नियम भी धारा-118 में जोड़े जाएंगे। ठियोग के विधायक कुलदीप राठौड़ ने सदन में सवाल पूछा है।

प्रदेश में जल्द भरे जाएंगे पटवारियों के 345 पद

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि पटवारियों की पद काफी खाली है, इसमें 345 पद जल्द ही भरे जाएंगे। उन्होंने बताया कि मात्र छह महीने व तीन महीने का समय निशानदेही के लिए रखा गया है। माह के अंतिम दो दिनों में भूमि इंतकाल सहित अन्य कार्यों को निपटाया जा रहा है। उन्होंने बताया सेटेलमेंट में 10 से 15 साल का समय लग रहा है। 2123 पटवारी के मुकाबले मात्र 628 ही पद भरे गए है। इसमें गड़बड़ करने वालो को जल्द हटाने सहित सख्त कार्रवाई की जाएगी। बड़सर के विधायक पटवार सर्कल में खाली पदों को लेकर सवाल उठाया था।

TRN: *Himachal : कोटखाई में भड़की भीषण आग, 50 कमरे राख, 8 परिवार बेघर, 7 करोड़ का नुकसान* 

हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के कोटखाई के बड़वी गांव में दोपहर करीब 12 बजे एक रिहायशी मकान में आग भडक़ गई। इस घटना में आठ परिवारों के लगभग 50 कमरे जलकर राख हो गए। चार दमकल वाहन अभी भी मौके पर आग बुझाने में जुटे हुए है। आग को नियंत्रित जरूर कर दिया गया है। मगर, आग पर अभी भी पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका और धुंए के गुबार अभी भी उठ रहे है। इस अग्निकांड में प्रकाश, प्रताप, बलवीर, सुरेश, सीमित भूस्तू, देनी, जोवन, राजेंद्र और ओम के घर जल गए। वहीं प्रशासन ने प्रभावित प्रति परिवार को 5 हजार फौरी राहत प्रदान की है। इसके अलावा रहने के लिए तिरपाल और कंबल भी वितरित किए गए। वहीं प्रभावित परिवारों ने पड़ोसियों और रिश्तेदारों के यहां भी शरण ले ली है। आसपास के घरों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। भीषण आग की वजह से ज्यादातर ग्रामीण घरों में रखा सामान भी बाहर नहीं निकाल पाए।

स्थानीय लोग दिनभर खुद भी आग बुझाने में जुटे रहे। ग्रामीणों ने पावर स्प्रेयर चलाकर भी आग पर काबू पाने का प्रयास किया। मगर लकड़ी के मकान होने की वजह से इसे काबू करना कठिन हो गया। घटना की सूचना मिलते ही कोटखाई से दमकल वाहन बड़वी गांव भेजे गए। मगर खराब सडक़ और ट्रैफिक जाम के कारण दमकल वाहन देरी से पहुंचे। इस वजह से लोगों में रोष देखा गया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आग की वजह शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। कोटखाई फायर स्टेशन के इंचार्ज केसर नेगी ने बताया कि उनकी टीम मौके पर मौजूद है और आग बुझाने का काम जारी है। इस अग्निकांड में करोड़ों रुपए के नुकसान का आकलन है। मगर अभी पुख्ता तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता।

प्रभावित परिवारों को पांच-पांच हजार की फौरी राहत

स्थानीय प्रशासन ने मौके पर पहुंच कर सभी पीडि़त परिवारों को पांच-पांच हजार रुपए की त्वरित राहत, एक-एक कंबल और तिरपाल उपलब्ध कराई गई। प्रशासन ने पीडि़तों को आसपास ही एक सुरक्षित मकान में अस्थायी रूप से ठहरने की व्यवस्था कर दी है, ताकि वे राहत कार्य पूरा होने तक वहीं रह सकें।

TRN: *कांगड़ा में PMGSY की पांच सडक़ों के ठेकेदार टर्मिनेट, PWD मंत्री का एक्शन, दोबारा होंगे टेंडर* 

अब आगामी योजनाओं में ठेकेदार को सिर्फ दो सडक़ों के मिलेंगे टेंडर

अन्य मामलों जांच तेज, कार्य में देरी पर ब्लैक लिस्ट होंगे ठेकेदार

तपोवन विधानसभा सदन में पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना-तीसरे चरण के कार्य में अनियमतताएं व देरी की बात सामने आई है। मंत्री ने बताया कि पांच सडक़ों को चीफ इंजीनियर की ओर से टर्मिनेट कर दिया है। इसमें चार एफडीआर व एक सीवीटी के तहत चल रही थी, उन्हें टर्मिनेट कर दिया है। इसके दोबारा टेंडर किए जाएंगे, और कार्य पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य की क्वालिटी से समझौता नहीं किया जाएगा। ठेकेदारों की ओर से कार्य लटकाने पर उन्हें ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। साथ ही आगामी योजनाओं में मात्र एक समय में अधिकतम दो हो सडक़ें एक ठेकेदार को कार्य करने के लिए आंबटित की जाएगी।

पीडब्ल्यूडी मंत्री ने बताया कि कांगड़ा की अन्य सडक़ योजनाओं को लेकर भी सचिव की ओर से जांच करने के निर्देश जारी किए गए हैं, जिसमें आगामी चार दिनों ही विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वह इस बात से सहमत है कि पीएजीएसवाई-थ्री में राज्य भर में देरी हो रही है, जिसे जल्द पूरा करने की सरकार प्रयास कर रही है। कांगड़ा में 57 सडक़ें, जिसमें 23 सडक़ें पुरानी तकनीक, सात सडक़ें सीमेंट, 27 सडक़ें एफडीआर के तहत बनाई जा रही हैं। चार सडक़ों का कार्य पूरा हो चुका है, 15 का जल्द ही मार्च तक पूरा किया जाएगा। 14 का 50 फीसदी कार्य पूरा हो गया है।

विधायक भवानी पठानिया बोले, ठेकेदारों पर हो कार्रवाई

नियम-62 के तहत फतेहपुर के विधायक भवानी सिंह पठानिया ने क्षेत्र की पांच से छह सडक़ों के निर्माण कार्य की गुणवत्ता व देरी को लेकर सवाल उठाया। विधायक भवानी सिंह पठानिया ने कहा कि सडक़ों के निर्माण को लेकर गलत कॉन्ट्रेक्टर को लगाया है। इसमें ऐसे ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाने व ब्लैक लिस्ट करने की बात रखी है।

TRN: *शिमला एयरपोर्ट से उड़ानों की उम्मीद नहीं, एलायंस एयर ने दिल्ली रूट के लिए सरकार से मांगी गैप फंडिंग* 

हिमाचल की राजधानी शिमला से फिलहाल हवाई सेवा जल्द शुरू होने की उम्मीद नहीं है। शिमला का जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट बरसात से पहले से ही सूना पड़ गया था और बरसात के बाद भी यहां से अब कोई हवाई सेवा उपलब्ध नहीं है। पहले उड़ान योजना के तहत भारत सरकार ने दिल्ली से शिमला एलायंस एयर की फ्लाइट शुरू की थी। हवाई पट्टी छोटी होने के कारण यहां से एटीआर विमान ही उड़ रहा था। दिल्ली से शिमला आने के बाद शिमला से धर्मशाला और कुल्लू के बीच दिन बांटकर यह सेवा चल रही थी। शिमला से धर्मशाला और शिमला से कुल्लू के लिए राज्य सरकार पर्यटन विभाग के माध्यम से हर साल करीब 11 करोड़ वायबिलिटी गैप फंडिंग के तहत दे रही थी, लेकिन अब एलायंस एयर का कहना है कि दिल्ली से शिमला के रूट पर नुकसान हो रहा है और खर्चा पूरा नहीं हो रहा। इस रूट पर वायबिलिटी गैप फंडिंग न होने की वजह से टिकट महंगा था, इसलिए ज्यादा लोग इसका इस्तेमाल नहीं कर रहे थे। अब एलायंस एयर ने राज्य सरकार से करीब 20 करोड़ वायबिलिटी गैप फंडिंग की मांग की है। यह फंडिंग दिल्ली रूट के लिए मांगी जा रही है।

राज्य सरकार को यह लागत ज्यादा लग रही है, इसलिए अभी तक फैसला नहीं हो पाया। इस कारण प्रदेश की राजधानी में वर्तमान में कोई हवाई सेवा नहीं है। भारत सरकार ने संसद सत्र के दौरान भी हिमाचल की हवाई सेवाओं को लेकर जवाब दिया है। इस जवाब को देखकर भी नहीं लग रहा कि मामला जल्द सुलझने वाला है। हिमाचल हाई कोर्ट हवाई सेवाओं की कमी को लेकर अलग से मामला सुन रहा है।

शिमला हवाई सेवा पर खर्च किए 116 करोड़ रुपए

केंद्र सरकार ने संसद के उच्च सदन में बताया है कि उसकी क्षेत्रीय हवाई संपर्क को बढ़ावा देने वाली उड़ान योजना शिमला, कुल्लू-मनाली और धर्मशाला में चालू नहीं है। शिमला हवाई अड्डा पर इस योजना के तहत 116 करोड़ से अधिक खर्च करने के बावजूद रनवे की सीमाओं, पेलोड प्रतिबंधों और एयरलाइनों की वापसी के कारण सेवाओं को हाल ही में निलंबित कर दिया गया था। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि ये तीनों ऊंचाई वाले हवाई अड्डे देश भर के 15 उड़ान-पुनर्जीवित हवाई पट्टियों में शामिल हैं। यहां से वर्तमान में उड़ान संचालन निलंबित हैं।

TRN LIVE: *Una News: ऊना में शादी के अगले ही दिन दुल्हन गहने-नकदी लेकर फरार, पंजाब की युवती से हुआ था विवाह* 

दौलतपुर चौक के युवक का पंजाब की युवती से हुआ था विवाह

स्टाफ रिपोर्टर-दौलतपुर चौक

सबसे गहरा घाव वही देता है, जिस पर भरोसा सबसे ज्यादा किया जाता है। जी हां! ऐसी ही घटना प्रकाश में आई है। नगर पंचायत दौलतपुर चौक से सटे एक गांव में शादी का खुशियों भरा माहौल एक पल में मातम में बदल गया, जब नवविवाहिता दुल्हन शादी के अगले ही दिन रहस्यमयी परिस्थितियों में अचानक गायब हो गई। बताया जा रहा है कि गांव के एक परिवार ने एक बिचौलिए की बातों पर विश्वास कर बेटे का विवाह पंजाब की एक युवती से एक मंदिर में किया था।

सभी रस्में पूरी होने के बाद अगले दिन रस्म के अनुसार दूल्हा खुशी-खुशी अपनी नवविवाहित पत्नी को लेकर ससुराल गया था, लेकिन ससुराल में स्वागत की उम्मीद में बैठे दूल्हे के पैरों तले जमीन तब खिसक गई, जब पता चला कि दुल्हन अचानक घर से गायब हो गई है। साथ ही दुल्हन अपने साथ शादी के वक्त पहने गए आभूषण और नकदी भी ले गई। चौकी प्रभारी रविपाल ने बताया कि इस बाबत पुलिस को शिकायत मिली है और पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है। सच्चाई सामने लाने के लिए जांच को तेज कर दिया है

TRN LIVE: *तपोवन में ABVP कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज, बैरीकेड्स हटा कर विधानसभा जाने पर पुलिस ने रोके* 

जोरावर स्टेडियम में प्रदर्शन के दौरान बैरीकेड्स हटा कर विधानसभा जाने पर पुलिस ने रोके

विधानसभा सत्र के छठे दिन दो महत्त्वपूर्ण प्रदर्शनों ने तपोवन का तापमान बढ़ाया। गहमा गहमी की शुरुआत ओबीसी आरक्षण को लेकर प्रदर्शन से शुरु हुई लेकिन वह शांतिपूर्वक रूप से संपूर्ण हुआ। इस प्रदर्शन के शांत होते ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की विशाल रैली सरकार के खिलाफ नारे लगाती हुई सैकड़ों कार्यकर्ताओं की भीड़ लेकर जोरावर स्टेडियम पहुंची। शुरुआत में तो यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन लगभग एक घंटे बाद भीड़ द्वारा बैरिकेड को पार कर के विधानसभा की ओर जाने की कोशिश की, जिस दौरान एक महिला पुलिस कर्मी नीचे गिर गई।

इस पर पुलिस अधीक्षक अशोक रतन के नेतृत्व में उपस्थित पुलिस द्वारा कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज कर दिया गया। इस लाठीचार्ज में दस कार्यकर्ता घायल हुए हैं, जिनमें दो युवतियां हैं। लाठीचार्ज के बाद सरकार व पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की गई।

शिक्षा विरोधी नीतियों से तंग आकर प्रदर्शन

विद्यार्थि परिषद के कांगड़ा के जिला सह-संयोजक आयुष चौधरी ने बताया कि वह प्रदेश सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों से आहत होकर यह प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने सरकार पर केंद्रीय विश्वविद्यालय के कार्य को अधर में लटकाने, हिमाचल प्रदेश तकनीकि विश्वविद्यालय, कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर व नौणी विश्वविद्यालय में कुलपति की नियुक्ति न करने व स्कूल शिक्षा बोर्ड को खोखला करने व दो हजार से अधिक शैक्षणिक संस्थानों को डी-नोटिफाई करने का आरोप लगाया।

छात्राओं को भी नहीं बख्शा

एबीवीपी की प्रदेश मंत्री नैंसी अटल ने कहा कि विधानसभा घेराव के दौरान सरकार का क्रूर व बर्बर चेहरा सामने आया है। सरकार ने संवाद की बजाय दमन को चुना है और महिला सुरक्षा का दम भरने वाली सरकार ने आज छात्राओं पर डंडे बरसाए हैं।

TRN LIVE: *राष्ट्रपति पुतिन के लिए किले में बदली दिल्ली* 

रूसी राष्ट्रपति की सुरक्षा में पांच लेयर का सुरक्षा कवच, ड्रोन-स्नाइपर्स और एआई से निगरानी

भारत के मित्र देश रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गुरुवार को दो दिवसीय भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंच रहे हैं। उनके आगमन से पहले सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सुरक्षा अधिकारी राष्ट्रीय राजधानी में उनके रूट और कार्यक्रमों के मद्देनजर व्यापक सुरक्षा बंदोबस्त की तैयारी में जुटे हुए हैं। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, भारत दौरे के दौरान रूसी राष्ट्रपति को पांच स्तरीय सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। इसकी व्यापक तैयारियां की गई हैं और उन्हें अंतिम रूप दिया जा रहा है। रूसी राष्ट्रपति को रूस की प्रेजिडेंशियल सिक्योरिटी सर्विस के हाईली ट्रेंड अधिकारियों के अलावा, भारत के एनएसजी के टॉप कमांडोज, स्नाइपर्स, ड्रोन, जैमर और एआई मॉनिटरिंग सुरक्षा देने की व्यवस्था की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे के दौरान उन्हें पांच स्तरीय सुरक्षा कवच दिया जाएगा।

सूत्रों ने बताया है कि पुतिन की टॉप सिक्योरिटी पक्का करने के लिए, रूस से चार दर्जन से ज्यादा अधिकारी पहले ही दिल्ली पहुंच चुके हैं। दिल्ली पुलिस और एनएसजी के अधिकारियों के साथ मिलकर ये अधिकारी हर उस रास्ते को सैनिटाइज कर रहे हैं, जहां से रूसी राष्ट्रपति का काफिला गुजरेगा। खास ड्रोन यह पक्का करेंगे कि राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए बनाए गए कंट्रोल रूम की नजर हर समय उनके काफिले पर रहे। कई स्नाइपर राष्ट्रपति के आने-जाने के रास्ते को कवर करेंगे। जैमर, एआई मॉनिटरिंग और फेशियल रिकग्निशन कैमरे पुतिन की सुरक्षा के लिए बड़े पैमाने पर की गई टेक डिप्लॉयमेंट में कुछ इक्विपमेंट हैं।

लैंड करते ही सुरक्षा घेरा होगा एक्टिव

सूत्रों के मुताबिक, पुतिन की सुरक्षा का यह पांच-लेयर उनके नई दिल्ली में लैंड करते ही एक्टिव हो जाएगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस सुरक्षा में लगे हर एक को कंट्रोल रूम के लगातार टच में रहना होगा। जब रूसी राष्ट्रपति प्रधानमंत्री मोदी के साथ होंगे, तो भारत के स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप के कमांडो, जो प्रधानमंत्री की सुरक्षा करते हैं, अंदरूनी सिक्योरिटी घेरे में शामिल होंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि जिस होटल में पुतिन रुकेंगे, उसे भी अच्छी तरह सैनिटाइज किया गया है। रूसी सुरक्षा अधिकारी उन जगहों की भी जांच कर रहे हैं, जहां दो दिनों के दौरे के दौरान पुतिन जाने वाले हैं।

TRN: *देश-विदेश में छाया हिमाचल का टेलेंट, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेलों में चयनित होकर कमाया नाम* 

राष्ट्रीय -अंतरराष्ट्रीय खेलों में चयनित होकर कमाया नाम, प्रतिभा दिखाने के लिए बेताब

भुवनेश्वर ओडिशा में आयोजित 37वीं अंडर-15 और अंडर-17 राष्ट्रीय बैडमिंटन प्रतियोगिता में हिमाचल प्रदेश की टीम ने उम्दा प्रदर्शन कर राज्य का नाम रोशन किया। अंडर-15 लड़कियों की श्रेणी में हिमाचल की उभरती खिलाड़ी तास्वी ने इतिहास रचते हुए देश की टॉप-16 खिलाडिय़ों में जगह बनाई और प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। टीम प्रबंधक बलवंत, कोच राजेंद्र शर्मा और अतुल चौहान ने बताया कि तास्वी ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल का प्रदर्शन किया। प्री-क्वार्टर फाइनल में उनका मुकाबला पंजाब की सीडेड खिलाड़ी इनायत से होगा। इससे पहले तास्वी ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए पुड्डुचेरी की मनीषा को सीधे सेटों में 2-0 से, छत्तीसगढ़ की सिधिमा साहू को कड़े मुकाबले में 2-1 से हराया।

वहीं अगले दौर में उन्हें उत्तर प्रदेश की कुहू के खिलाफ वॉकओवर मिला, जिसके बाद तास्वी ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। तास्वी की इस उपलब्धि पर हिमाचल प्रदेश बैडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय ठाकुर, महासचिव रमेश ठाकुर, संजय कालिया और चंदर शेखर तुर्की ने टीम प्रबंधन और तास्वी को बधाई दी। एसोसिएशन पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में हिमाचल के बैडमिंटन खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर और भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे।

TRN LIVE: *दो साल पूरे करने वाले कर्मचारी होंगे पक्के* 

शीतकालीन सत्र के दौरान बोले मुख्यमंत्री, पदोन्नति की तर्ज पर देनी होगी परीक्षा

तपोवन में आयोजित विधानसभा के शीतकानीन सत्र के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हमीरपुर चयन बोर्ड भाजपा सरकार के समय भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ था, जिसे भंग करके राज्य चयन आयोग बनाया गया है। इसके तहत ही पुलिस विभाग की ओर से आगामी भर्ती की जाएगी। मुख्यमंत्री ने सदन में जॉब टे्रनी के सवाल का जबाव देते हुए कहा कि दो साल कार्यकाल पूरा करने वाले कर्मचारी पक्के होंगे, उन्हें बाहर नहीं निकाला जाएगा। मात्र पदोन्नति की तर्ज पर ही परीक्षा करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट की ओर से अनुबंध शब्द को पूरी तरह से बंद करने संबंधी निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में जॉब ट्रेनी शब्द का प्रयोग कांट्रैक्ट शब्द को ही मात्र बदला गया है।

इससे पहले सदन में सवाल पर सूचना एकत्रित किए जाने के जबाव पर सदन में गर्माहट भी देखने को मिली, जोकि पिछले साल का स्थगित प्रश्न विधायक डा. जनक राज द्वारा पूछा था। दूसरे सवाल में विधायक सुधीर शर्मा ने जॉब ट्रेनी नीति को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने भर्ती के बाद दोबारा परीक्षा संबधी जानकारी मांगी। वहीं रणधीर शर्मा ने पूछा कि जॉब ट्रेनी पॉलिसी क्यों लाई गई है।

भर्ती एवं सेवा शर्तें संंशोधन विधेयक पारित

धर्मशाला — विधानसभा के शीतकालीन सत्र में बुधवार को हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारियों की भर्ती और सेवा की शर्तें (संशोधन) विधेयक 2025 को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इससे कर्मचारियों के नियमितीकरण एवं भर्तियों में होने वाली आधे से एक माह की देरी समाप्त हो जाएगी। संशोधन विधेयक पर हुई चर्चा में भाग लेते हुए विपक्ष ने इसे कर्मचारी विरोधी करार देते हुए वापस लेने का आग्रह किया। सीएम सुक्खू ने विधेयक पर हुई चर्चा के दौरान इसे कर्मचारियों के हित में बताया। उन्होंने कहा कि इस संशोधन विधेयक के प्रावधान लागू होने के बाद कर्मचारियों की नियुक्ति और उनके नियमितिकरण व प्रोमोशन में देरी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यह कानून पिछले साल बना है। भर्तियों का समय कम करने के उद्देश्य से सरकार ने इसमें संशोधन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिकल 309 के प्रावधानों के तहत नियमों में संशोधन किया है। इससे पहले, विधेयक पर हुई चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा के रणधीर शर्मा ने इसे कर्मचारी विरोधी करार दिया।

TRN LIVE: *बिजली बोर्ड पेंशनरों ने मांगे वित्तीय लाभ, कहा, रिटायर कर्मियों को नहीं मिली लीव-एनकैशमेंट, ग्रेच्युटी* 

कहा, रिटायर कर्मियों को नहीं मिली लीव-एनकैशमेंट, ग्रेच्युटी

बार-बार अनुरोध करने के बावजूद बिजली बोर्ड प्रबंधन मार्च, 2022 में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को लीव-एनकैशमेंट और ग्रेच्युटी जैसे वैधानिक लाभ अभी तक प्रदान नहीं कर पाया है, जबकि इस अवधि को बीते दो वर्ष से भी अधिक समय हो चुका है। यह पेंशनरों के साथ अन्यायपूर्ण है। ये मांगें हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड पेंशनर फोरम की मासिक बैठक में उठीं। बुधवार को शिमला में आयोजित फोरम की बैठक की अध्यक्षता प्रधान एवं सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर ई. एसएन कपूर ने की। बैठक में फोरम के सचिव चेतराम शर्मा ने गत सप्ताह मंडी में आयोजित केंद्रीय कार्यकारिणी की आपातकालीन बैठक की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि 70 से 75 वर्ष के आयु वर्ग के पेंशनरों को देय 30 प्रतिशत एरियर का भुगतान आज तक लंबित पड़ा हुआ है। पहली मई, 2022 के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को उनकी ग्रेच्युटी और लीव-एनकैशमेंट जैसी मूलभूत देनदारियां अभी तक नहीं मिल पाई हैं।

संशोधित वेतनमान के अनुरूप एरियर भी जारी नहीं किया गया है। कुछ श्रेणियों के कर्मचारियों का बैठक में सभी सदस्यों ने एकमत से कहा कि जुलाई, 2023 से लागू किए गए तीन प्रतिशत डीए उन्हें मान्य नहीं है तथा सरकार को इसे चार प्रतिशत घोषित करना चाहिए। चेतराम शर्मा ने बताया कि 17 दिसंबर को पेंशनर दिवस राज्य स्तर पर कांगड़ा में मनाया जा रहा है।

TRN LIVE: *Karamchari : कंडक्टरों को क्लर्क के बराबर पगार, HRTC परिचालकों को बड़ी राहत* 

प्रदेश हाईकोर्ट ने एचआरटीसी परिचालकों को दी बड़ी राहत, परिवहन निगम को कड़े आदेश जारी

प्रदेश हाईकोर्ट ने एचआरटीसी कंडक्टरों को बड़ी राहत देते हुए परिवहन निगम को आदेश दिए हैं कि वह उन्हें क्लर्कों के बराबर का वेतनमान प्रदान करे। कोर्ट ने निगम को आदेश दिया है कि वह 1.10.2012 से 01.01.2016 की अवधि के लिए कंडक्टर के पद के लिए वही पे-स्केल जारी करें जो हिमाचल प्रदेश रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन ने 24.10.2013 के कार्यालय आदेश के तहत क्लर्कों को दिया था। न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ ने याचिकाकर्ता द स्टेट एचआरटीसी कंडक्टर यूनियन, हिमाचल प्रदेश की याचिका को स्वीकारते हुए कहा कि यह मानना होगा कि कॉर्पोरेशन में कंडक्टर के पद के पे-स्केल में वाकई एक गड़बड़ी थी जो 01.10.2012 से 01.01.2016 तक मौजूद थी।

कोर्ट ने कहा कि कंडक्टरों को इस समय के लिए वही पे-स्केल दिया जाना चाहिए था जो कॉर्पोरेशन में क्लर्कों को दिया गया था, क्योंकि इन दोनों पदों के पे-स्केल में पुरानी समानता है और जो अभी भी वही पे-स्केल पा रहे हैं। मामले के अनुसार, याचिकाकर्ता एक यूनियन है। अपने सदस्यों हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन में काम करने वाले कंडक्टरों के पे-स्केल में गड़बड़ी के बारे में याचिका दायर की थी। एचआरटीसी 02.10.1974 को बना था और साल 1976 में अपने कर्मचारियों के लिए रिक्रूटमेंट और प्रोमोशन रूल्स बनाए थे।

आठ हफ़्ते का समय

कोर्ट ने कॉर्पोरेशन को निर्देश दिया कि कंडक्टरों को इस फैसले से उपजे लाभ आठ हफ़्ते के अंदर अदा करे।

वर्ष 2012 में हुई थी गड़बड़ी

पे-स्केल के पहले रिवीजन से लेकर चौथे रिवीजन तक, कॉर्पोरेशन में कंडक्टर और क्लर्क के पदों पर एक ही पे-स्केल था। यह समस्या 01.10.2012 से शुरू हुई थी। राज्य सरकार के 27.09.2012 के नोटिफिकेशन के आधार पर, कॉर्पोरेशन ने 24.10.2013 को अपना ऑफिस ऑर्डर जारी किया, जिसमें उसके कर्मचारियों को वही पे-स्केल देने की इजाज़त दी गई जो राज्य सरकार ने 27.09.2012 के नोटिफिकेशन में दिए थे। इसमें कंडक्टर की पोस्ट नहीं थी इसलिए कंडक्टर के पे-स्केल में कोई बदलाव नहीं हुआ। अब फिर से 01.01.2016 से लागू 2022 के बदले हुए पे-स्केल के तहत, कॉर्पोरेशन ने कंडक्टर की पोस्ट को भी उसी पे-स्केल पर रखा है जो क्लर्क को दिया गया था।

TRNLIVE: *गुस्से में गलत टिप्पणियां कर गए नेता विपक्ष, सदन की कार्यवाही के बाद बोले सीएम* 

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को सदन की कार्यवाही समाप्त होने के बाद कहा कि जयराम ठाकुर वैसे तो शांत स्वभाव के माने जाते हैं, लेकिन आजकल पूर्व मुख्यमंत्री को विपक्ष में जाने पर बहुत गुस्सा आने लगा है। राजस्व मंत्री के खिलाफ उन्होंने अच्छी टिप्पणी नहीं की। एक नेता विपक्ष के रूप में कांग्रेस विधायक दल इसकी निंदा करता है। वाद-विवाद होता है, तर्क-वितर्क होता है, बहस भी होती है, लेकिन इस तरह के शब्दों का नेता विपक्ष को प्रयोग नहीं करना चाहिए, हमने इस तरह के शब्दों का कभी प्रयोग नहीं किया। नेता प्रतिपक्ष द्वारा एनपीएस को लेकर दिए गए बयान पर सीएम ने कहा कि एनपीएस कर्मियों का जो शेयर होता है, उसमें सरकार का भी योगदान होता है।

TRN LIVE: *कांग्रेस विधायकों का प्रदर्शन केंद्र से मांगी एनपीएस की रकम* 

तपोवन में आयोजित किए जा रहे विधानसभा के शीत सत्र के छठे दिन कांग्रेस पार्टी के विधायकों ने प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार के नेतृत्व में विधानसभा परिसर में कर्मचारियों के मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान विधायकों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस अवसर पर कांग्रेस विधायक सुरेश कुमार ने कहा कि भाजपा पेंशनरों को बरगला ला रही है और कर्मचारियों को भी ठगा जा रहा है। सुरेश कुमार ने कहा कि सरकार ओपीएस के साथ है और केंद्र सरकार एनपीएस का पैसा नहीं दे रही है।

इसलिए भी इनका विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने बयान दिया था कि सरकार पहले ही बैठक में फ़ैसलों को रिव्यू करेगी, जबकि कांग्रेस ने पहली ही बैठक में ओपीएस लागू करने का निर्णय लिया था। ऐसे में ओपीएस को रिव्यू करना या खत्म करने की बात कर्मचारी विरोधी है। जब हिमाचल में ओपीएस लागू हो चुकी है, तो केंद्र के पास पड़ा कर्मचारियों के एनपीएस का पैसा जल्द वापस दिया जाना चाहिए।

TRN: *कोर्ट में पेशी को आए गवाह को जान से मारने की धमकी* 

ऊना में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ शुरू की छानबीन

दुलैहड़ में गवाह के चाचा की गोली मार ली थी जान

हत्या मामले में अदालत में पेशी के लिए आए मुख्य गवाह को आरोपियों द्वारा जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीडि़त की शिकायत पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस को दी शिकायत में पीडि़त केशव शर्मा निवासी दुलैहड़ ने बताया कि वर्ष 2022 में इन आरोपियों ने इसके चाचा को गोली मारकर हत्या कर दी थी।

उक्त मामले यह मुख्य गवाह है। गत मंगलवार को यह ऊना अदालत में गवाही देने पहुंचा था। इस दौरान जब वॉशरूम जाने लगा, तो अदालत में बंद मामले के आरोपियों ने इसे देखकर धमकियां देनी शुरू कर दी। आरोपियों ने इसे जान से मारने की धमकी दी है। एसपी अमित यादव ने बताया कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर नामजद तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

TRN LIVE: *अभिभावक सरकारी कर्मचारी तो भी दिव्यांग को राहत भत्ता* 

राज्य सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन में संशोधन कर दी पात्रता

विश्व विकलांगता दिवस पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 40 फीसदी से अधिक दिव्यांगता वाले लोगों को बिना किसी शर्त दिव्यांग राहत भत्ता देने का फैसला किया है। इसके लिए राज्य सरकार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन पब्लिक भत्ता नियम 2010 में संशोधन किया है। नियम 4 में संशोधन कर यह पात्रता दी गई है। पहले नियमों में प्रावधान था कि यदि अभिभावक सरकारी सेवा में हों, तो राहत भत्ते के लिए पात्रता नहीं बनती थी।

अब अभिभावक वाली शर्त को हटाते हुए प्रावधान किया गया है कि ऐसे दिव्यांग व्यक्ति, जिनका चिकित्सा प्राधिकारी द्वारा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 की धारा 2 के तहत 40 फीसदी या इससे अधिक दिव्यांगता प्रमाणित की गई है और जो स्वयं सरकारी, अद्र्ध सरकारी, निगम या बोर्ड इत्यादि में कार्यरत नहीं है तथा अन्य किसी भी प्रकार की पेंशन नहीं ले रहे हैं, न ही इनकम टैक्स देते हैं, को बिना किसी आयु तथा आय सीमा की शर्त के दिव्यांग राहत भत्ता दिया जाएगा। बुधवार को इस बारे में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्याम भगत नेगी की ओर से अधिसूचना जारी की गई।

TRN LIVE: *MLA हंस राज मामले में नया मोड़, पीड़िता ने भाजपा-कांग्रेस पर लगाए आरोपी को बचाने के आरोप* 

 भाजपा विधायक हंस राज के खिलाफ चल रहे पॉक्सो मामले में नया मोड़ आ गया है और पीड़िता ने सोशल मीडिया पर एक नया वीडियो जारी कर हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार और भाजपा नेतृत्व दोनों पर ही आरोपी को बचाने का गंभीर आरोप लगाया है। एक भावुक वीडियो में पीड़िता ने कहा कि उसे यह जानकर गहरा दुख हुआ कि आरोपी विधायक को मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) से कथित तौर पर फोन आया था। उसने सवाल उठाया कि जब आरोपी को राज्य के सर्वोच्च कार्यालय से इस तरह की पहुंच और संरक्षण प्राप्त हो, तो न्याय कैसे हो सकता है? पीड़िता ने कहा कि जब उसे सबसे ज्यादा संस्थागत सहारे की जरूरत थी, तब राजनीतिक तंत्र ने उसे अकेला छोड़ दिया। इन आरोपों ने अभियोजन की स्वतंत्रता और मामले में संभावित राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर गंभीर चिंता बढ़ा दी है।

पीड़िता ने यह भी दावा किया कि सोशल मीडिया पर उसे लगातार धमकाया और बदनाम किया जा रहा है। कई लोग उसके चरित्र पर कीचड़ उछालकर मामले को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उसने अधिकारियों से ऑनलाइन उत्पीड़न और धमकी देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की। इधर, जांच की निगरानी कर रहे एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) के अचानक ट्रांसफर के बाद राज्य पुलिस और गृह विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। इससे प्रशासनिक दबाव की आशंका बढ़ गई है।

मजबूत हस्तक्षेप करते हुए अखिल भारतीय जनवादी महिला संघ (एडवा) ने भाजपा विधायक हंस राज की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है। एडवा का कहना है कि उनकी आजादी से जांच प्रभावित हो सकती है और पीड़िता पर दबाव बढ़ सकता है। संगठन ने मांग की है कि जांच किसी स्वतंत्र आईपीएस अधिकारी को सौंप दी जाए, क्योंकि मौजूदा जांच तंत्र समझौता लग रहा है। पीड़िता ने एडवा का आभार जताते हुए कहा कि जब सभी ने मुंह फेर लिया, तब इस संगठन ने उनका साथ दिया और राजनीतिक-सामाजिक प्रताड़ना के बीच सहारा दिया।

गौरतलब है कि पिछले साल एआईसीसी महिला कांग्रेस की नेता अल्का लांबा ने भी हंस राज के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी, जब पीड़िता के परिवार ने उन पर नाबालिग बेटी का यौन शोषण करने का आरोप लगाया था। 2024 में एफआईआर दर्ज हुई थी, लेकिन बाद में पीड़िता के अदालत में बयान वापस लेने पर पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी थी। सत्तारूढ़ सरकार और विपक्ष दोनों की चुप्पी से जनता में भारी आक्रोश है। इससे राज्य सरकार, भाजपा नेतृत्व और कानून प्रवर्तन एजेंसियां बढ़ते दबाव में हैं।

TRN LIVE: *हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश- प्रिंसिपल के 800 पदों पर डीपीसी से लेक्चरों और हेड मास्टरों को करे पदोन्नत*

*हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया कि 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले याचिकाकर्ता लेक्चरों को 23 दिसंबर तक पदोन्नत किया जाए।*

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को प्रिंसिपल के 800 पदों पर डीपीसी के माध्यम से लेक्चरों और हेड मास्टरों को पदोन्नत करने का आदेश दिया है। न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की अदालत ने राज्य सरकार को आदेश दिया कि 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले याचिकाकर्ता लेक्चरों को 23 दिसंबर तक पदोन्नत किया जाए। आदेशों की अनुपालन सरकार को 26 दिसंबर तक करनी होगी।

याचिकाकर्ता 1999 और 2000 से लेक्चरर के पद पर तैनात हैं। इनमें से कुछ दिसंबर 2025 और कुछ मार्च 2026 में बिना पदोन्नति के सेवानिवृत्त हो रहे हैं। याचिकाकर्ताओं के वरिष्ठ अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि डीपीसी न होने की वजह से उन्हें 25 वर्षों के कार्यकाल के दौरान एक बार भी पदोन्नति नहीं मिली है। पिछले दो वर्षों से विभाग ने डीपीसी आयोजित नहीं की है, जिसकी वजह से उन्हें अपने कार्यकाल के दौरान पदोन्नति और वित्तीय लाभ से वंचित रहना पड़ रहा है। नियमों के तहत साल में दो बार डीपीसी करवाना जरूरी है। प्रिंसिपल (स्कूल कैडर) के पद 50 फीसदी लेक्चरर और 50 फीसदी हेडमास्टर से पदोन्नति से भरे जाते हैं। वहीं, राज्य सरकार और शिक्षा विभाग ने प्रिंसिपलों के रिक्त पदों पर पदोन्नति के लिए देरी का कारण स्कूलों का युक्तिकरण बताया।

TRN LIVE: *डीसी, एसपी की ACR में चिट्टा रोकने पर जुड़ेंगे दो नंबर, नशे के सौदागरों पर नकेल कसने के लिए सरकार का संकल्प*

*हिमाचल में नशे के सौदागरों पर नकेल कसने के लिए सुक्खू सरकार का नया संकल्प*

हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने चिट्टा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अपने बड़े अभियान को अब प्रशासनिक जवाबदेही से जोड़ दिया है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि अभियान में कोई ढिलाई न हो, सरकार ने जिला उपायुक्तों (डीसी) और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) में इस विषय पर किए गए काम के लिए दो नंबर आबंटित करने का निर्णय लिया है। यह कदम अधिकारियों को इस सामाजिक बुराई को खत्म करने की दिशा में सक्रिय रूप से काम करने के लिए प्रेरित करेगा। नए प्रावधानों के तहत, जो जिला पुलिस अधिकारी और उपायुक्त इस मुहिम में बढ़-चढक़र भाग लेंगे और अपने संबंधित क्षेत्रों में चिट्टा रोकने के लिए विशेष गतिविधियां चलाएंगे, उन्हें पूरे दो नंबर मिल सकते हैं।

इसके विपरीत जो अधिकारी इसमें कम सक्रियता दिखाएंगे या संतोषजनक प्रयास नहीं करेंगे, उनके ये नंबर काट लिए जाएंगे या उन्हें कम नंबर मिलेंगे। यह व्यवस्था सीधे तौर पर उनके करियर की प्रगति से जुड़ी होगी। नंबर प्राप्त करने के लिए डीसी और एसपी को एक महत्त्वपूर्ण शर्त पूरी करनी होगी। प्रदेश भर में चयनित 234 पंचायतों में इन अधिकारियों को स्वयं जाना होगा। उन्हें संबंधित क्षेत्र में चिट्टा रोकने के लिए आवश्यक प्रयास करने होंगे और उनकी प्रगति और गतिविधियों की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करनी होगी। इतना ही नहीं, यह रिपोर्ट बनाकर सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अपलोड करनी होगी। ये दो नंबर अधिकारियों को तभी मिल पाएंगे, जब वे इस निर्धारित प्रक्रिया को पूरा करेंगे।

*हमीरपुर में 16 को चिट्टे के खिलाफ गर्जना*

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा चिट्टे के नशे के खिलाफ चलाई गई मुहिम को जन-जन तक पहुंचाने के लिए बड़े कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है। शिमला और धर्मशाला में दो बड़ी वाकाथन सफलतापूर्वक आयोजित करने के बाद, अब हिमाचल सरकार 16 दिसंबर को हमीरपुर में चिट्टा के खिलाफ एक बड़ी वाकाथन का आयोजन करेगी।

TRN LIVE: *हिमाचल प्रदेश: सीएम सुक्खू बोले- जॉब ट्रेनी दो साल की नौकरी के बाद होंगे नियमित, सिर्फ अनुबंध नाम बदला है*

*हिमाचल हाईकोर्ट की आपत्ति के बाद शब्दावली बदलने का सरकार ने फैसला लिया है। बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान विधायक सुधीर शर्मा और रणधीर शर्मा के सवाल पर मुख्यमंत्री ने सदन में यह स्थिति स्पष्ट की।*

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि जॉब ट्रेनी दो साल की नौकरी के बाद नियमित किए जाएंगे। नई भर्ती प्रक्रिया में सिर्फ अनुबंध नाम बदला है, शेष प्रक्रिया पुरानी ही रहेगी। हिमाचल हाईकोर्ट की आपत्ति के बाद शब्दावली बदलने का सरकार ने फैसला लिया है। बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान विधायक सुधीर शर्मा और रणधीर शर्मा के सवाल पर मुख्यमंत्री ने सदन में यह स्थिति स्पष्ट की। बुधवार को तपोवन विधानसभा में प्रश्नकाल शुरू होने पर भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने पूछा कि जॉब ट्रेनी की नीति के तहत क्या दोबारा टेस्ट लेने का प्रावधान है विधायक रणधीर शर्मा ने पूछा कि इस नीति को लाने की क्या जरूरत पड़ी। क्या जॉब ट्रेनी दो साल बाद अनुबंध पर आएंगे या नियमित किए जाएंगे। जवाब में मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि जॉब ट्रेनी में अनुबंध का सिर्फ स्वरूप बदला है।

इस भर्ती के तहत नियुक्त किसी भी कर्मचारी को निकाला नहीं जाएगा। कर्मचारी अपने पूर्व निर्धारित समय से ही नियमित होंगे। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट ने अनुबंध नीति को खत्म कर दिया है। ऐसे में सरकार को नीतिगत बदलाव करते हुए अनुबंध शब्द को हटाकर जॉब ट्रेनी लिखना पड़ा है। हाईकोर्ट अनुबंध को स्वीकार नहीं कर रहा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि जॉब ट्रेनी भी दो साल की सेवा के बाद नियमित होंगे। इनकी भर्तियां आयोग के माध्यम से होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 14 मई 2025 से ट्रेनी स्कीम तथा 19 जुलाई 2025 से जॉब ट्रेनी योजना लागू की हैं। योजना के तहत चयनित कर्मचारियों को संबंधित चयन अभिकरण, संस्था की ओर स रिक्तियों के लिए विज्ञापित नियमों, शर्तों के अनुरूप वित्तीय लाभ प्रदान किए जा रहे हैं। चयनित होने वाले कर्मचारियों को वित्त विभाग के अनुमोदन के बाद वित्तीय लाभ प्रदान करने का प्रावधान है। जॉब ट्रेनी स्कीम के तहत चयनित कर्मचारियों को पद से संबंधित कार्य बारे दक्षता परीक्षा पास करनी होगी, इस बारे अलग से दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। चयनित कर्मचारियों में से किसी भी कर्मचारी की सेवाएं समाप्त नहीं की गई है।

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