आज सुबह के 100 मुख्य समाचार पत्र ✉ *पुलिस कर्मचारी हिम बस कार्ड पर ही कर सकेंगे बसों में मुफ्त सफर*
Lko Big Breaking राजधानी लखनऊ के अंतर्गत थाना कृष्णानगर थाना पीजीआई के मनबढ़ एवं दबंग व्यक्तियो को जिला बदर किया गया!!उन्नाव ब्रेकिंग उन्नाव जिला अस्पताल गेट के ठीक बगल में एक अधेड़ व्यक्ति का मिला अज्ञात सव पुलिस जांच में पुलिस जांच में जुटी
TRN LIVE: *Swachh Bharat Mission Phase-II : हिमाचल में चल रहे विकास कार्यों को मिलेगा और बजट*
Swachh Bharat Mission Phase-II :
केंद्र सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-दो को 31 मार्च, 2026 के बाद एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया है। अब स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-दो योजना 31 मार्च 2027 तक लागू रहेगी। जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा इस संबंध में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आधिकारिक पत्र जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-दो में विकास कार्यों के लिए वित्त वर्ष 2025-26 के तहत 48 करोड़ मिले थे। इसका कार्यकाल एक वर्ष बढऩे के बाद हिमाचल में इस योजना के तहत चल रहे विकास कार्यों के लिए केंद्र से ओर बजट मिलेगा। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-दो के तहत प्रदेश के 92 उपमंडलों में विकास कार्य चल रहे हैं, जिसमें प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के गंदे पानी का ट्रीटमेट, सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट, खुले में शौच से मुक्त और स्वच्छता की स्थायी व्यवस्था के कार्य चल रहे हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार हिमाचल प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-दो के तहत करीब 80 प्रतिशत कार्य पूरे हो चुके हैं।
अब इस योजना का कार्यकाल बढऩे के बाद विभाग की ओर से केंद्र सरकार को विकास कार्यों की वार्षिक कार्यान्वयन योजना तैयार करके भेजी जाएगी और उसके बाद प्रदेश में किए जाने वाले विकास कार्याे ओर बजट मिलेगा। फेज-2 में विस्तार का उद्देश्य देश के सभी गांवों में 100 प्रतिशत ओडीएफ प्लस (खुले में शौच से मुक्त और स्वच्छता की स्थाई व्यवस्था) का लक्ष्य हासिल करना है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि 31 मार्च, 2027 के बाद किसी भी तरह का और समय विस्तार नहीं दिया जाएगा। इसके साथ ही वित्त वर्ष 2026-27 के लिए स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत 7192 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की अवर सचिव कीर्ति कुमार द्वारा इस बारे में आदेश जारी किए गए हैं। सभी राज्यों और जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश को केंद्र एवं राज्यांश के लिए अलग-अलग बजट लाइन बनाने और फेज-दो के तहत निर्धारित वित्तीय मानकों के अनुसार राज्य बजट में पर्याप्त राशि का प्रावधान करने को कहा गया है।
TRN LIVE: *जैश के हजारों सुसाइड बॉम्बर तबाही मचाने को तैयार, जैश-ए-मोहम्मद चीफ अजहर ने उगला जहर, भारत अलर्ट*
पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने एक बार फिर अपनी ताकत का दावा करते हुए सनसनी फैला दी है। संगठन के संस्थापक और प्रमुख मौलाना मसूद अजहर की कथित आवाज में एक नया ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस ऑडियो में अजहर कहता नजर आ रहा है कि उसके पास हजारों सुसाइड बॉम्बर (फिदायीन) तैयार हैं। संयुक्त राष्ट्र द्वारा वैश्विक आतंकवादी घोषित किए गए मसूद अजहर का यह दावा ऐसे समय में आया है, जब भारत ने पुलवामा, पठानकोट और हाल के पहलगाम हमले के बाद जैश के ठिकानों पर लगातार सख्त कार्रवाई की है। वायरल ऑडियो में मसूद अजहर को अपने कैडर की ताकत के बारे में बड़े-बड़े दावे करते सुना जा सकता है। वह कह रहा है कि उसके पास एक, दो, सौ या एक हजार नहीं, बल्कि इससे कहीं अधिक फिदायीन हैं।
असली संख्या का खुलासा कर देने से पूरी दुनिया में हडक़ंप मच जाएगा। इन हमलावरों को न कोई भौतिक पुरस्कार चाहिए, न वीजा, न कोई व्यक्तिगत लाभ; वे केवल शहादत मांगते हैं। ऑडियो के अनुसार, मसूद अजहर पर उसके कैडर द्वारा भारत में घुसपैठ की अनुमति देने का दबाव डाला जा रहा है। बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर में जैश-ए-मोहम्मद के कई ठिकानों को बड़ा नुकसान हुआ था। इस ऑपरेशन में मसूद अजहर के कई करीबी, रिश्तेदार और आतंकी मारे गए थे। मसूद के कथित नए ऑडियो के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गई हैं।
आतंकी का दावा, इन्हें सिर्फ शहादत से मतलब
आतंकी ने कहा कि फिदायीन मुझे अल्लाह का वास्ता देकर कहते हैं हमें जल्दी आगे भेज दो, हमें जल्दी आगे भेज दो मुझे रसूल के वास्ते दे के कहते हैं हमें जल्दी आगे भेज दो मुझे मदीना शरीफ की दुआएं देकर कहते हैं अल्लाह आपको मदीना दिखाए मुझे जल्दी आगे भेज दो।
TRN LIVE: *पर्यटकों को मिले सुविधा और सुरक्षा, CM के निर्देश, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता-स्वच्छता के नियमों…पढ़ें पूरी खबर*
सीएम सुक्खू के निर्देश, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता के नियमों की सख्ती से हो अनुपालना
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नगर निगम शिमला को शहर में पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत विभिन्न निर्देश जारी किए हैं। शनिवार देर सायं मालरोड शिमला और अन्य स्थलों का दौरा करने के उपरांत मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि विभिन्न वेंडर खाद्य पदार्थों और अन्य वस्तुओं के निर्धारित मूल्यों से अधिक दाम न वसूले। मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवता, सुरक्षा और स्वच्छता बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन निदेशालय और खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण द्वारा निर्धारित मापदंडों की सख्ती से अनुपालना की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कचरे का सुरक्षित और उचित तरीके से निपटान करने के लिए नियमों को सख्ती से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में स्वच्छता की स्थिति से भी उसकी छवि का आकलन किया जाता है। शिमला आने वाले पर्यटकों को यात्रा का बेहतरीन अनुभव प्राप्त होना चाहिए, साथ ही स्थानीय निवासियों की सुविधा का ध्यान रखना भी नितांत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शहरी क्षेत्रों में जन सेवाओं में और सुधार के साथ-साथ उन्हें सुलभ भी बना रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में प्रदेश सरकार द्वारा ‘स्वच्छ शहर, समृद्ध शहर’ के तहत सिटीजन कनेक्ट प्रोग्राम के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि नागरिक सेवा मंच के माध्यम से शहरी जन सेवाओं को और सुलभ बनाया गया है। पहले चरण में नौ ऑनलाइन सेवाएं प्रारंभ की गई, जिनमें 2.5 लाख से अधिक नागरिकों ने पंजीकरण किया है। दूसरे चरण में भी नौ नई सेवाओं को शामिल किया गया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकार तथा जनता के बीच दूरी कम होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल डोर प्लेट के माध्यम से प्रत्येक शहरी घर को एक विशिष्ट डिजिटल पहचान प्रदान की जा रही है, जो शहरी शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही का नया अध्याय सिद्ध होगी।
दुकानदारों के लिए प्लान
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने छोटे दुकानदारों के हित में एक महत्त्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ऐसे दुकानदारों, जिन पर एक लाख रुपए तक का ऋण बकाया है और जिन्हें बैंकों द्वारा गैर-निष्पादित परिसंपत्ति घोषित किया गया है, उन्हें एक लाख तक की एकमुश्त भुगतान सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया है। वहीं जिन दुकानदारों पर एक लाख से दो लाख रुपए तक का बकाया ऋण है उन्हें भी एक लाख की एकमुश्त सहायता प्रदान की जाएगी।
TRN LIVE: *IND vs NZ 1st ODI : वडोदरा में भारत की रोमांचक जीत, चार विकेट से हराई न्यूजीलैंड की टीम*
पहले वनडे में चार विकेट से हराई न्यूजीलैंड की टीम, सीरीज में 1-0 से बनाई बढ़त
भारत ने न्यूजीलैंड को वडोदरा में खेले गए पहले वनडे में चार विकेट से हराया। न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में आठ विकेट खोकर 300 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम को अच्छी शुरुआत मिली, लेकिन अंतिम ओवरों में लगातार अंतराल पर विकेट गंवाने के कारण भारतीय टीम दबाव में पहुंच गई। मगर भारत ने 49वें ओवर में छह विकेट पर 306 रन बनाकर मैच अपने नाम किया। भारत की ओर से पूर्व कप्तान कोहली ने सर्वाधिक 93 रन बनाए। भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने 26 रन, कप्तान शुभमन गिल ने 56 रन, श्रेयस अय्यर ने 49 रन और हर्षित राणा ने 29 रन बनाए। राहुल ने आखिरी ओवरों में हर्षित और फिर चोटिल सुंदर के साथ मिलकर टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
रोहित ने तोड़ा गेल का रिकॉर्ड
रोहित शर्मा न्यूजीलैेंड के खिलाफ दूसरा छक्का लगाते ही वनडे में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले ओपनर बन गए। उन्होंने वेस्टइंडीज के क्रिस गेल के 328 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। रोहित के नाम अब बतौर ओपनर 193 वनडे मैच में 329 छक्के हो गए हैं। उनके नाम अब तक 357 छक्के हैं।
विराट के सबसे तेज 28000 इंटरनेशनल रन, सचिन-संगाकारा को छोड़ दिया पीछे
भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज़ विराट कोहली ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली। उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए पहले वनडे मुकाबले में जैसे ही 25 रन बनाए, वैसे ही वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 28,000 रन पूरे करने वाले दुनिया के सबसे तेज बल्लेबाज़ बन गए। विराट ने यह मुकाम सबसे कम (624 पारियों) में हासिल किया, जो एक वल्र्ड रिकॉर्ड है। इसके साथ ही विराट ने अपनी पारी के दौरान 44 गेंदों में अपना अद्र्धशतक पूरा किया। अपनी पारी में विराट ने 91 गेंदों में 93 रन की पारी खेली। उन्होंने अब तक 309 वनडे मैचों में 14,650 रन बना लिए हैं, जिसमें 53 शतक और 77 अद्र्धशतक शामिल हैं।
अब तक इंटरनेशनल क्रिकेट में 28,000 से अधिक रन सिर्फ दो खिलाडिय़ों ने बनाए थे, महान सचिन तेंदुलकर और श्रीलंका के दिग्गज कुमार संगकारा। सचिन तेंदुलकर ने सबसे कम पारियों में इस मुकाम को हासिल किया था और 644 बार बल्लेबाज़ी करते हुए 28,000 रन पूरे किए और अपने करियर में कुल 782 पारियों में 34,357 रन बनाए। वहीं कुमार संगकारा ने अपने करियर की आखिरी पारी में 28,000 रन का आंकड़ा छुआ था। उन्होंने 666 पारियों में 28,016 रन बनाए और 2015 में भारत के खिलाफ अपना अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था।
TRN LIVE: *Himachal News : हिमाचल पर्यटन में हरित क्रांति की शुरुआत, HPTDC ने उतारे पांच इलेक्ट्रिक वाहन*
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) ने राज्य में पर्यटन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए अपनी विभिन्न पर्यटन इकाइयों में बैटरी चलित इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल किया है। इस पहल के तहत निगम ने कुल पांच इलेक्ट्रिक वाहन खरीदे हैं, जिन पर लगभग 50 लाख रुपये की लागत आई है। इन वाहनों का उद्देश्य पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्रदूषण मुक्त परिवहन को बढ़ावा देना है। प्रारंभिक चरण में ये इलेक्ट्रिक वाहन द पैलेस चायल, टी बड पालमपुर, देवदार खज्जियार और न्यू रोस कॉमन कसौली जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर संचालित किए जा रहे हैं। ये सभी वाहन छह सीटर हैं और विशेष रूप से होटल परिसरों के भीतर पर्यटकों के आवागमन के लिए उपयोग में लाए जाएंगे। इससे पर्यटकों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने में आसानी होगी और पारंपरिक ईंधन से चलने वाले वाहनों पर निर्भरता भी कम होगी। जानकारी के अनुसार, ये बैटरी चालित वाहन एक बार पूर्ण चार्ज होने पर लगभग 60 किलोमीटर तक चल सकते हैं, जबकि इनकी अधिकतम गति 25 किलोमीटर प्रति घंटा है। कम गति और शांत संचालन के कारण ये होटल परिसरों के लिए पूरी तरह सुरक्षित माने जा रहे हैं।
इन वाहनों के इस्तेमाल से न केवल ध्वनि और वायु प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि पर्यटकों को शांत और सुखद वातावरण का अनुभव भी मिलेगा। पर्यटन विकास निगम के निदेशक राजीव कुमार ने बताया कि निगम पर्यावरण संरक्षण और सतत पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को पर्यटन इकाइयों में शामिल करना इसी दिशा में उठाया गया एक सकारात्मक कदम है। आने वाले समय में निगम की अन्य इकाइयों में भी इस तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विचार किया जाएगा। बैट्री चालित वाहन पर्यावरण के अनुकूल होते हैं और प्रदूषण रहित परिवहन को प्रोत्साहित करते हैं। इससे न केवल पर्यटन स्थलों की प्राकृतिक सुंदरता सुरक्षित रहेगी, बल्कि हिमाचल प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन संस्कृति को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी।
आरामदायक बनेगा पर्यटकों का सफर
एचपीटीडीसी प्रबंधन का मानना है कि यह पहल पर्यटकों के अनुभव को और अधिक सहज व आरामदायक बनाएगी। खासकर वरिष्ठ नागरिकों, बुजुर्गों और शारीरिक रूप से असमर्थ पर्यटकों के लिए यह सुविधा काफी लाभकारी साबित होगी, जिन्हें बड़े होटल परिसरों में पैदल चलने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। पर्यटन क्षेत्र में इस तरह की पहल को हरित पर्यटन की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है। हिमाचल सरकार प्रदेश विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कार्य कर रही है।
TRN LIVE: *Chitta News : बिलासपुर में चिट्टे के साथ पकड़े पुलिस कर्मी और विद्युत बोर्ड कर्मी*
सदर पुलिस टीम ने सुंगल में नाके के दौरान एक पुलिस कर्मी और एक विद्युत बोर्ड कर्मचारी को चिट्टे के साथ दबोचा है। पुलिस की ओर से इन लोगों के कब्जे से 2.85 ग्राम चिट्टे के साथ 17500 की नगद राशि बरामद की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार एसएचओ सदर राजेश पराशर की अगवाई में सुंगल में सदर पुलिस टीम ने नाका लगाया था, तभी एक कार (एचपी-ईई 3132) को चेकिंग के लिए रोका। इसमें सवार दो लोगों की जब तलाशी ली गई, तो उनके पास से चिट्टा बरामद किया गया।
आरोपियों की पहचान विशाल और सुरेंद्र निवासी बगी-बिनौला तहसील सदर जिला बिलासपुर के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी विशाल विजिलेंस विभाग में चालक के पद पर कार्यरत है और इससे पहले भी चिट्टे के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। दूसरा आरोपी सुरेंद्र बिजली बोर्ड कर्मी बताया जा रहा है। एएसपी बिलासपुर शिव चौधरी ने बताया कि पुलिस टीम की ओर से दो लोगों को 2.85 ग्राम चिट्टे के साथ दबोचा गया है। इसमें एक पुलिस कर्मी है और दूसरा व्यक्ति विद्युत बोर्ड कर्मी है। पुलिस इस मामले को लेकर आगामी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी पुलिस का चिट्टे के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
TRN LIVE: *तीन घंटे भूखे-प्सासे बैठे रहे कांग्रेस नेता, मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत रिज पर रखा सांकेतिक उपवास*
मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत कांग्रेस ने प्रदेश भर में रविवार को सांकेतिक उपवास रखा। इसी कड़ी में रविवार को कांग्रेस ने रिज पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष तीन घंटे का उपवास रखा। मनरेगा का नाम बदलने और इसके स्वरूप में किए बदलाव के विरोध में यह उपवास रखा गया। शिमला शहरी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह, नरेश चौहान व मनरेगा बचाओ संग्राम के जिला समन्वयक अमित भरमौरी के अलावा, पूर्व विधायक आदर्श सूद, नरेश चौहान, जैनब चंदेल, आनंद कौशल, अमित भरमौरी, दीपक राठौर, रूपेश कंवल, वेद प्रकाश ठाकुर, अनीता ठाकुर, भूपिंदर कंवर, सत्यजीत नेगी, दिवाकर देव शर्मा, नगर निगम के पार्षदों के अतिरिक्त कुणाल चौहान, अमनदीप, अतुल ठाकुर, अमन,रोहित कश्यप, बृंदा सिंह, आर पी सिंह, उमा वर्मा, घारू, बबली, अमन, नितिन देशटा, हेम राज ठाकुर आदि लोग मौजूद थे।
शहरी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने कहा कि मनरेगा के स्वरूप में किए बदलाव से इसकी मार गरीब और मजदूर पर पड़ी है। कांग्रेस नेत्री जैनब चंदेल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने महात्मा गांधी के नाम पर एक बड़ी योजना आरंभ की, जिसका लाभ देश की अंतिम पंक्ति में बैठे गरीब व्यक्ति को मिला है। उन्होंने सवाल उठाया कि अब योजना का नाम बदलने से केंद्र सरकार को क्या हासिल हुआ। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार ने योजना को लेकर संसद में चर्चा तक नहीं की और बिना बिल लाए इसको पास कर दिया। केंद्र को जवाब देना होगा कि आखिर योजना से छेड़छाड करने के पीछे की उनकी मंशा क्या है।
TRN LIVE: *बड़ा पंचायत में स्थापित होगा स्पाइस पार्क, नादौन के प्रतिनिधिमंडल को सीएम सुक्खू ने दिया आश्वासन*
मुख्यमंत्री के गृह विधानसभा क्षेत्र नादौन की ग्राम पंचायत बड़ा में स्पाइस पार्क का निर्माण होगा। जिसका जल्द नींवपत्थर रखा जाएगा। रविवार को शिमला पहुंचे नादौन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत बड़ा और फस्टे के प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री ने यह आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री ने नादौन में विभिन्न विकास कार्यों के बारे में चर्चा की तथा फीडबैक भी लिया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को प्राकृतिक खेती पद्धति अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक खेती से उगाई गई गेहूं के दाम 60 रुपए प्रतिकिलो, निर्धारित किए हैं और 15 अप्रैल, 2025 को पांगी उपमंडल को पूर्णत: प्राकृतिक खेती उपमंडल घोषित किया गया है।
प्रदेश सरकार द्वारा कच्ची हल्दी पर 90 रुपए और पांगी घाटी में उगाए गए जौ पर 60 रुपए प्रतिकिलो का समर्थन मूल्य प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश भारत का पहला राज्य है जिसने प्राकृतिक खेती द्वारा उगाए गए उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया है।
TRN LIVE: *हिमाचल प्रदेश में रबी की फसल पर सूखे की मार, 36,335 हेक्टेयर में नहीं हुई बिजाई, किसान परेशान*
हिमाचल प्रदेश में इस बार रबी सीजन किसानों के लिए गंभीर चिंता और संकट का कारण बन गया है। समय पर बारिश और बर्फबारी न होने से प्रदेश के खेत सूखे पड़े हैं। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि इस बार 36,335 हेक्टेयर भूमि पर रबी फसलों की बुवाई ही नहीं हो सकी, जबकि जिन किसानों ने किसी तरह बीज बोए हैं, उनकी उगी हुई फसल भी अब सूखे की मार झेल रही है। कृषि विभाग को फील्ड से मिली रिपोर्ट के अनुसार, गेहूं, जौ और चना जैसी प्रमुख रबी फसलें सबसे अधिक प्रभावित हुई हैं। यदि आने वाले दिनों में भी बारिश नहीं होती है तो फसलों को होने वाला नुकसान और बढ़ सकता है। प्रदेश में रबी सीजन के लिए 3,53,270 हेक्टेयर में बिजाई का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन अक्तूबर के बाद पर्याप्त बारिश न होने से किसान केवल 3,16,935 हेक्टेयर में ही बिजाई कर पाए हैं।
गेहूं की बिजाई के लिए 3,22,000 हेक्टेयर का लक्ष्य था जबकि वास्तविक बिजाई – 2,90,713 हेक्टेयर पर हुई है। ऐसे में 31,287 हेक्टेयर में नहीं हुई बिजाई है। इसी तरह जौ की बिजाई 18,000 हेक्टेयर में की जानी थी जबकि 405 हेक्टेयर में सूखे के कारण बिजाई नहीं हो सकी है। कई इलाकों में किसानों ने नमी की कमी के बावजूद गेहूं की बिजाई की, लेकिन अब वही फसल लगातार सूखे से प्रभावित हो रही है। सूखे की मार से किसानों की टेंशन बढ़ गई है। खेतों से नमी गायब होने से उगी फसल पर संकट के बादल मंडराना शुरू हो गए हैं। ऐसे में किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
हर दस दिन में रिपोर्ट भेंजे अधिकारी
कृषि निदेशक डा. रविंद्र सिंह जसरोटिया और संयुक्त निदेशक रविंद्र चौहान ने बताया कि सूखे से प्रभावित फसलों की फील्ड रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जा रही है। फील्ड अधिकारियों को हर दस दिन में रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके।
10,334 हेक्टेयर में फसलें प्रभावित
राज्य में सूखे का सीधा असर प्रदेश के खाद्यान्न उत्पादन लक्ष्य पर भी पड़ा है। इस बार 7,15,280 मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन मौजूदा हालात इसे खतरे में डालते नजर आ रहे हैं। कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 10,334 हेक्टेयर में रबी फसलें 33 फीसदी से कम प्रभावित हुई है। इसमें 9,369 हेक्टेयर में गेहूं,405 हेक्टेयर में जौ व अन्य क्षेत्र चना व दालों के हैं। वहीं 30,215 हेक्टेयर में बोई गई सब्जियों में से 527 हेक्टेयर फसल भी सूखे की चपेट में आ चुकी है।
बिजाई और उत्पादन का लक्ष्य
रबी फसलों की बिजाई और उत्पादन के लक्ष्य की बात की जाए तो गेहूं की बिजाई का लक्ष्य 3,22,000 हेक्टेयर रखा है। जौ 18,000 हेक्टेयर, चना 270 हेक्टेयर, रबी दालें 13,000 हेक्टेयर रखा है। कृषि विभाग द्वारा गेहूं 6,50,000 मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया है। जौ 30,000 मीट्रिक टन, चना 2,700 मीट्रिक टन और रबी दालों का लक्ष्य 35,000 मीट्रिक टन रखा गया है।
16 फीसदी कम बारिश दर्ज
पहली अक्तूबर से 31 दिसंबर तक का पोस्ट मानसून सीजन भी प्रदेश के लिए सूखा रहा। सामान्य बारिश 82.9 एमएम होती है, लेकिन बीते वर्षों में अधिकांश समय यह आंकड़ा काफी कम दर्ज किया गया। पिछले 16 वर्षों में केवल साल 2019 ऐसा रहा, जब सामान्य से अधिक बारिश हुई। साल 2024 और 2025 में भी पोस्ट मानसून के दौरान 43 फीसदी और 16 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई।
TRN LIVE: *चरस तस्कर को पकडऩे गई पुलिस पर पथराव, गाड़ी तोड़ी, चुराह में ग्रामीणों ने की हाथापाई, कब्जे से छुड़वाया तस्कर**
चंबा के चुराह में ग्रामीणों ने की हाथापाई, कब्जे से छुड़वाया तस्कर
चुराह उपमंडल के तीसा-सनवाल में चरस तस्कर को दबोचने के बाद कार्रवाई में जुटी पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया है। इस हमले के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस टीम के साथ पथराव व हाथापाई करते हुए सरकारी वाहन को नुकसान पहुंचाया। साथ ही ग्रामीण चरस तस्करी के आरोपी को पुलिस टीम से जबरदस्ती छुड़ाकर अपने साथ ले गए ग्रामीणों के पुलिस टीम पर हमले की सूचना पाते ही तीसा पुलिस थाना से टीम ने मौके पर पहुंचकर चरस तस्करी के आरोपी को दोबारा गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इस घटना को लेकर सलेलाबाड़ी की पंचायत प्रधान सहित 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस टीम पर हमला करने वाले तीन आरोपियों की पुलिस ने पहचान कर ली है।
पुलिस ने शेष आरोपियों के नाम व पता लगाने में जुटी हुई है। जानकारी के अनुसार शनिवार देर शाम एसआईयू सैल की टीम ने शनेडा नाला के पास भमनोता गांव के सुभाष चंद को एक किलो 42 ग्राम चरस सहित गिरफ्तार करने में सफलता पाई थी। पुलिस टीम मामले की कागजी औपचारिकताएं निपटा रही थी कि अचानक वहां 25-30 ग्रामीण आ धमके। इससे पहले पुलिस टीम कुछ समझ पाती ग्रामीणों ने उन पर हमला कर दिया। हाथापाई करने के साथ ही सरकारी वाहन के साथ तोड़-फोड़ की। आरोपी को पुलिस टीम के शिंकजे से जबरदस्ती छुड़ाकर अपने साथ ले गए। पुलिस ने इस संदर्भ में इंस्पेक्टर गगनदीप सिंह की शिकायत पर सलेलाबाडी की पंचायत प्रधान, भमनोता गांव के लोभी व प्रकाश और 25-30 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई आरंभ कर दी है। एसपी चंबा विजय कुमार सकलानी ने घटना की पुष्टि की है। पुलिस टीम पर हमला करने वालों की पहचान कर ली गई है।
सुंदरनगर में 294 ग्राम चरस के साथ दो गिरफ्तार
सुंदरनगर। पुंघ फोरलेन पर नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो कार सवारों को 294 ग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान साहिल शिद निवासी न्यू छिलकाना बस स्टैंड, सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) तथा बलवंत सिंह निवासी गांव लावीघाट, डाकघर घट्टी, तहसील सदर, जिला सोलन के रूप में हुई है।
परवाणू में चिट्टा तस्करी का भंडाफोड़, 101.32 नशे सहित दो दबोचे
परवाणू। जिला सोलन पुलिस ने चिट्टा तस्करी के एक मामले का भंडाफोड़ किया है। एसआईयू टीम ने टैक्सी को तलाशी के लिए रोका तो मौके पर 101.32 ग्राम चिट्टा बरामद किया। तस्करों की पहचान मंदीप सिंह पुत्र त्रिलोक सिंह तथा लवजीत पुत्र कश्मीर सिंह, दोनों निवासी गांव रजोलपुर कलर, जिला अमृतसर (पंजाब) के रूप में हुई। जिला पुलिस अधीक्षक सोलन गौरव सिंह ने बताया कि पुलिस छानबीन कर रही है।
घुमारवीं में बस में सवार नेपाली से पकड़ी चरस
घुमारवीं। बलोह टोल प्लाजा के समीप नाकाबंदी के दौरान घुमारवीं पुलिस ने हरियाणा रोडवेज की एक बस से 401.1 ग्राम चरस बरामद कर एक नेपाली युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान निम थापा (24) पुत्र कुल थापाए निवासी गांव भावरटोल विरेननगर जिला सुरखेत (नेपाल) के रूप में हुई है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
चंबा के एक किलो चरस सहित युवक गिरफ्तार
चंबा। चुराह उपमंडल के तीसा-सनवाल संपर्क मार्ग पर पुलिस की एसआईयू सैल की टीम नाकाबंदी के दौरान एक किलो 42 ग्राम चरस की खेप सहित एक युवक को दबोचने में सफलता हासिल की है। आरोपी की पहचान सुभाष चंद वासी गांव भमनोता पोस्ट आफिस देहग्रां तहसील चुराह के तौर पर की गई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर हवालात में बंद कर दिया है। आरोपी को पुलिस रिमांड हेतु अदालत में पेश किया जा रहा है।
TRN LIVE: *…तो इजरायल-यूएस मिलिट्री बेस पर करेंगे अटैक, अमरीका की धमकी पर ईरान की चेतावनी*
ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच हालात और तनावपूर्ण होते जा रहे हैं। रविवार को ईरान ने अमरीका और इजरायल को सीधी चेतावनी दी है कि अगर अमरीका ने उस पर सैन्य हमला किया, तो जवाब में इजरायल और क्षेत्र में मौजूद अमरीकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है, जब इजरायली सूत्रों ने दावा किया है कि किसी भी अमरीकी दखल की आशंका को देखते हुए इजरायल हाई अलर्ट पर है। ईरानी संसद में स्पीकर मोहम्मद बाकिर क़ालिबाफ ने कहा कि अगर ईरान पर हमला हुआ तो कब्जे वाले इलाके यानी इजरायल, अमरीकी सैन्य अड्डे और युद्धपोत हमारे वैध निशाने होंगे। क़ालिबाफ ईरान की रिवोल्यूशनरी गाड्र्स से जुड़े रहे हैं और उनका यह बयान बेहद अहम माना जा रहा है।
ईरान इस वक्त 2022 के बाद सबसे बड़े सरकार विरोधी प्रदर्शनों का सामना कर रहा है। ये प्रदर्शन 28 दिसंबर से शुरू हुए थे, जिनकी वजह बढ़ती महंगाई बताई जा रही है। बाद में ये आंदोलन सीधे खामेनेई शासन के खिलाफ हो गया। इजरायल और ईरान के बीच पहले से ही तनाव बना हुआ है, खासतौर पर ईरान के न्यूक्लियर और मिसाइल कार्यक्रम को लेकर। ऐसे में अमरीका की संभावित दखलअंदाजी और ईरान की धमकी ने पूरे पश्चिम एशिया में हालात और गंभीर कर दिए हैं।
प्रदर्शनकारियों को फांसी की धमकी
ईरान में बीते दो हफ्ते से सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं। इन प्रदर्शनों में हिंसा लगातार बढ़ रही है और 217 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, इनमें ज़्यादातर प्रदर्शनकारी शामिल हैं। पूरे ईरान में सौ से ज़्यादा शहरों में ये प्रदर्शन फैल चुके हैं। इस बीच सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। ईरान के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आजाद ने चेतावनी दी है कि प्रदर्शन में शामिल लोगों को ‘खुदा का दुश्मन’ माना जाएगा, जिसके तहत मौत की सजा दी जा सकती है।
हमले की आशंका से इजरायल हाई अलर्ट पर
ईरान पर अमरीकी हमले की आशंका को लेकर इजरायल हाई अलर्ट पर है। रिपोर्ट में इजरायली सूत्रों के हवाले से बताया है कि हालात को देखते हुए इजरायली सुरक्षा एजेंसियां सतर्कता बढ़ाए हुए हैं। इजरायल और ईरान जून में 12 दिन की जंग लड़ चुके हैं, जिसमें अमरीका ने इजराइल के साथ मिलकर हवाई हमले किए थे। शनिवार को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमरीकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच फोन पर बातचीत हुई। रिपोर्ट के मुताबिक इस बातचीत में ईरान में अमरीकी दखल की संभावना पर चर्चा हुई। अमरीकी अधिकारी ने कॉल की पुष्टि की, लेकिन बातचीत के मुद्दों का खुलासा नहीं किया।
TRN LIVE: *भाजपा के खिलाफ गरजी आम आदमी पार्टी, दिल्ली में मुख्यालय के घेराव की कोशिश में कई नेता हिरासत में*
आम आदमी पार्टी ने भाजपा नेताओं पर सिख गुरुओं की बेअदबी करने का आरोप लगाते हुए रविवार को प्रदर्शन किया। पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च किया। भाजपा मुख्यालय पर जाने के लिए निकले आप नेताओं को दिल्ली पुलिस ने बैरिकेडिंग कर हिरासत में ले लिया और आईपी एस्टेट थाने ले गए। आप के प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा के मंत्रियों ने फर्जी वीडियो बनाकर बेअदबी की है।
हिमाचल प्रदेश पर्यटन स्थल बुकिंग
जब आप के नेता व कार्यकर्ता सडक़ों पर उतरे तो सरकार के इशारे पर पुलिस ने पार्टी के तमाम नेताओं को हिरासत में ले लिया।उन्होंने कहा कि भाजपा के मंत्री और नेता सार्वजनिक रूप से माफी मांगे। दिल्ली पुलिस सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जब पंजाब पुलिस वीडियो क्लिप की फॉरेंसिक जांच एक दिन में करा सकती है, तो दिल्ली पुलिस को 15 दिन क्यों लग रहे। इसका मतलब है कि जानबूझकर दिल्ली सरकार वीडियो क्लिप की जांच को टालना चाहती है, क्योंकि उसे मालूम है कि उनके मंत्री ने फर्जीवाड़ा किया है।
TRN LIVE: *न्यूजीलैंड सीरीज पर अश्विन की बड़ी भविष्यवाणी, कोहली, रोहित या गिल में से कोई एक लगाएगा दोहरा शतक*
भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने न्यूजीलैंड के खिलाफ जारी वनडे सीरीज को लेकर एक बेहद दिलचस्प भविष्यवाणी की है। अश्विन का मानना है कि भारतीय टीम मौजूदा समय में इतनी मजबूत स्थिति में है कि टीम के शीर्ष तीन बल्लेबाजों (रोहित शर्मा, शुभमन गिल या विराट कोहली) में से कोई एक सीरीज के दौरान दोहरा शतक जड़ सकता है।
हिमाचल प्रदेश पर्यटन स्थल बुकिंग
अश्विन ने कहा, 22 दिनों के लंबे अंतराल के बाद भारतीय टीम इंटरनेशनल क्रिकेट खेल रही है। मुझे लग रहा है कि भारतीय बल्लेबाजों में से कोई एक दोहरा शतक लगाने वाला है और इसकी प्रबल संभावना है कि वह टॉप-3 बल्लेबाजों में से ही कोई होगा। अश्विन के अनुसार, भारतीय पिचों और न्यूजीलैंड के वर्तमान गेंदबाजी आक्रमण को देखते हुए यह कारनामा मुमकिन है।
TRN LIVE: *TGT Arts भर्ती परीक्षा आज से, 437 पदों के लिए हिमाचल प्रदेश के 45 हजार युवा देंगे एग्जाम*
पोस्ट कोड 25001 के 437 पदों के लिए हिमाचल प्रदेश के 45 हजार युवा देंगे एग्जाम
हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के पोस्ट कोड 25001 के तहत टीजीटी आट्र्स के लिए सोमवार से सीबीटी एग्जाम (कम्प्यूटर आधारित परीक्षा) करवा रहा है। सात दिन तक होनी वाली इस परीक्षा के लिए आयोग की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर दी गई हैं। लाहुल-स्पीति और किन्नौर को छोडक़र प्रदेश के सभी दस जिलों में 21 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। तीन शिफ्टों में होने वाली इस परीक्षा की पहली शिफ्ट सुबह 8 : 30 से 10:30 बजे तक होगी। दूसरी शिफ्ट दोपहर 12 से दो बजे तक और तीसरी शिफ्ट सायं 3:30 से 5:30 बजे तक होगी। 12 से 17 जनवरी तक प्रतिदिन एग्जाम की तीन-तीन शिफ्ट होंगी, जबकि 20 जनवरी को दो ही शिफ्ट होंगी। टीजीटी आट्र्स के 437 पदों के लिए होने वाली इस परीक्षाा में 45 हजार अभ्यर्थी बैठेंगे, जिन्हें रोलनंबर जारी किए गए हैं। बता दें कि शिक्षा विभाग में टीजीटी के लिए 937 पद भरे जाने हैं। इनमें टीजीटी आट्र्स के सबसे अधिक 437 पद हैं।
इसके अलावा टीजीटी नॉन मेडिकल के 343 व टीजीटी मेडिकल के 169 पद भरे जाने हैं। टीजीटी आट्र्स के लिए परीक्षा देने वाले 45 हजार अभ्यर्थियों में करीब 16 ऐसे बताए जा रहे हैं, जो कि दृष्टिबाधित हैं। उनके सवालों के जवाब लिखने के लिए स्क्राइबर तैनात होंगे। उन पर नजर बनाए रखने के लिए इन्विजिलेटर लगाए गए हैं।
तीन शिफ्ट में आयोजन
पहली सुबह 8:30 से 10:30 बजे तक
दूसरी दोपहर 12 से दो बजे तक
तीसरी दोपहर बाद 3:30 से 5:30 बजे तक
TRN LIVE: *अटल टनल में सैलानियों का मेला, वीकेंड पर खूब उमड़ी भीड़, कोकसर-सिस्सू भी जैमपैक, सुरक्षा को पुलिस तैनात*
विश्व पटल में प्रसिद्ध अटल टनल रोहतांग का दीदार करने के साथ-साथ बर्फ देखने के लिए इन दिनों बाहरी राज्यों के भारी संख्या में पर्यटक आ रहे हैं। जहां पहले अटल टनल रोहतांग के साउथ पोर्टल में रुक कर वादियों को निहार रहे हैं। उसके बाद अटल टनल रोहतांग होते हुए टनल के पार लाहुल पहुंच रहे हैं। अटल सुरंग रोहतांग देश भर के पर्यटकों के बीच एक बड़़ा आकर्षण बन गई है। शिंकुला के समीप पहुंचकर भी पर्यटक बर्फ का दीदार कर रहे हैं। सिस्सू व कोकसर में भी पर्यटकों का मेला लग रहा है। संडे को भी काफी संख्या में पर्यटक वाहन लाहुल पहुंचे।
लाहुल-स्पीति में सैलानियों का अटल टनल होकर कोकसर और सिस्सू पहुंचने का क्रम जारी है। बीते सप्ताह की बात करें तो लगभग 15-20 हजार से अधिक पर्यटक लाहुल पहुंचे। बाहरी राज्यों से घूमने आ रहे पर्यटकों के आवागमन से मनाली और लाहुल के पर्यटन कारोबार खुश हो गए हैं।
सुरक्षा को पुलिस तैनात
एसपी लाहुल-स्पीति शिवानी मेहला और डीएसपी मनाली केडी शर्मा ने बताया कि पर्यटक लाहुल की वादियों में पहुंच रहे हैं। पर्यटकों की सहायता के लिए पुलिस जवान जगह-जगह तैनात हैं। पर्यटकों से अपील है कि लाहुल की वादियों में पहुंचकर यातायात नियमों और कानून की पूरी तरह से पालना करें।
TRN LIVE: *युवा दिवस विशेष : स्वामी विवेकानंद ने धर्मशाला में बिताए थे 11 दिन*
करोड़ों भारतीय-युवाओं के प्रेरणास्रोत, इतिहास के सुनहरे पन्नों को भूल रहा प्रदेश
हिमाचल प्रदेश की बर्फीली धौलाधार की वादियों में बसे देवधरा धर्मशाला में स्वामी विवेकानंद ने हरी कोठी में 11 दिन बिताए थे। करोड़ों भारतीय व युवाओं के प्रेरणा स्रोत विवेकानंद जयंती व राष्ट्रीय युवा दिवस पर विशेष रूप से देश भर में कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें याद किया जाएगा। साथ ही युवा वर्ग उनके दिखाए मार्ग पर देश को आगे बढ़ाने के लिए भी प्रण लेते हैं। भारतीय संस्कृति व सभ्यता को नई बुंलदियों पहुंचाने वाले स्वामी विवेकानंद धर्मशाला में 11 दिन रहे थे। कुटलैहड़ के राजपरिवार की धर्मशाला के खड़ा डंडा रोड मकलोडगंज में कोतवाली से मात्र एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित हरी कोठी इस बात की साक्षी है कि स्वामी विवेकानंद यहां ठहरे थे। हरी कोठी के बाहर एक पत्थर पर उकेरे शब्दों के अनुसार विवेकानंद ने 1887 में धर्मशाला का भ्रमण किया। हालांकि इस तिथि को लेकर अब तक केंद्र, प्रदेश सरकारें व प्रशासन सहित इतिहासकारों की ओर से पूरी तरह से स्थिति स्पष्ट नहीं है, कुछ इस तिथि को 1897 भी बताते हैं। उनके साथ शिमला के सेवियर दंपति भी थे।
यह सूचना तत्कालीन मुख्य सचिव मधुसूदन मुखर्जी की ओर से उकेरी गई है। इसके साथ ही कुटलैहड़ स्टेट के गेट पास की दीवार में ही स्वामी विवेकानंद का आकर्षक मुद्रा में चित्र भी उकेरा गया है, लेकिन हमारी प्रदेश की सरकारें व प्रशासन इस ऐतिहासिक महत्त्व के भवन व विवेकानंद की स्मृतियों को जीवंत रखे जाने के लिए दिलचस्पी कम ही दिखाती है, जिसके चलते ही अब तक उनके धर्मशाला में आकर रहने की तिथि को ही सही प्रकार से प्रदर्शित नहीं किया गया है। इससे लगातार इतिहास में भी भ्रम की स्थिति बनी हुई है। हमारे देश व प्रदेश की विरासत व ऐतिहासिक पलों के साक्षी पत्थरों और दीवारों की मरम्मत करना शायद सरकार व प्रशासन भी पूरी तरह से भूल जाते हैं। वहीं, अगर दिवार में विवेकानंद के ऐतिहासिक पलों के साक्षी पत्थर की बात करें,, तो वह भी मरम्मत को तरस रहा है। हालांकि देश भर सहित हिमाचल व जिला कांगड़ा में विवेकानंद जयंती को आज 12 जनवरी को हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। साथ ही इस दिवस को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।
धर्मशाला की शान है विवेकानंद पार्क
धर्मशाला में भारतीय संस्कृति के ध्वजवाहक स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा स्थापित करने के साथ ही शहर का सबसे आकर्षक पार्क भी बनाया गया है। प्रतिमा में उनके विचारों को भी अंकित किया गया है, साथ ही अब उनके यहां आने की जानकारी भी अंकित की गई है। शहर में आने वाले लोगों के लिए पार्क आकर्षण का केंद्र है।
TRN LIVE: *अब श्रेणी अनुसार होगा ठेकेदारों का पंजीकरण*
सरकार का फैसला, पीडब्ल्यूडी में कान्टै्रक्टर्स के रजिस्ट्रेशन की नई व्यवस्था लागू
हिमाचल प्रदेश सरकार ने व्यवस्था परिर्वतन की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ाते हुए ठेकेदार पंजीकरण के लिए नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत अब ठेकेदारों का पंजीकरण श्रेणी के अनुसार होगा। वर्ष 2021 में बनाए ठेकेदार पंजीकरण नियमों में संशोधन करते हुए इस संबंध में प्रदेश सरकार की ओर से एक अधिसूचना भी जारी कर दी है। राज्य सरकार ने रूल ऑफ एनलिस्टमेंट ऑफ कॉन्ट्रैक्टर्स 2021 के नियम 10.0 एवं परिशिष्ट-तीन में संशोधन करते हुए विभिन्न श्रेणियों के ठेकेदारों के लिए सक्षम प्राधिकारियों और नामित समितियों का पुनर्गठन किया है। नई व्यवस्था के तहत अब ठेकेदारों का पंजीकरण उनकी श्रेणी के अनुसार विभाग के मुख्यालय, जोन और सर्कल स्तर पर किया जाएगा।
अधिसूचना की प्रतिलिपि सभी मुख्य अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई है। सरकार का मानना है कि इस संशोधन से ठेकेदारों के पंजीकरण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सुचारू और प्रभावी होगी।उधर, लोक निर्माण विभाग के ईएनसी एनपी सिंह का कहना है कि इस संबंध में सभी चीफ इंजीनियर्स, अधीक्षण अभियंताओं के साथ अधिशाषी अभियंताओं को भी इसकी प्रतिलिपि प्रेषित कर दी है।
सरकार ने पंजीकरण के लिए किया समितियों का गठन
अधिसूचना के अनुसार ए-क्लास ठेकेदारों का पंजीकरण इंजीनियर-इन-चीफ कार्यालय स्तर पर किया जाएगा। इसके लिए एक समिति का गठन भी कर लिया गया है और इंजीनियर-इन-चीफ इस समिति के अध्यक्ष होंगे, जबकि सदस्यों के तौर पर समिति में संबंधित अधीक्षण अभियंता और नियंत्रक (वित्त एवं लेखा) को शामिल किया गया है। बी और सी श्रेणी के ठेकेदारों का पंजीकरण और अपडेशन जोन स्तर पर किया जाएगा। इसके लिए मुख्य अभियंता समिति के अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं, जबकि अधीक्षण अभियंता तथा वित्त एवं लेखा से जुड़े अधिकारी सदस्य होंगे। इसी तरह डी क्लास के ठेकेदारों का पंजीकरण और अपडेशन सर्कल स्तर पर किया जाएगा। इसके लिए समिति की अध्यक्षता अधीक्षण अभियंता करेंगे तथा कार्यकारी अभियंता और सहायक लेखाधिकारी इसके सदस्य होंगे।
TRN LIVE: *गोवा पहुंचे चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट, बच्चों को देश देखने का सुनहरा अवसर दे रही सुक्खू सरकार*
प्रदेश के चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार माता-पिता की भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री की संवेदनशील सोच के अनुरूप राज्य के 52 बच्चों को देश के विभिन्न राज्यों के शैक्षणिक भ्रमण पर भेजा जा गया है, ताकि वे राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक भारत से रू-ब-रू हो सकें। रविवार को यह बच्चे देश के मुख्य पर्यटन स्थल गोवा पहुंचे। जहां इन बच्चों को मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार तीन सितारा होटलों में ठहराया गया है, ताकि उन्हें सुरक्षित, सम्मानजनक और सुविधाजनक वातावरण मिल सके।
इससे पहले ये बच्चे चंडीगढ़ और दिल्ली में शैक्षणिक भ्रमण कर चुके हैं। राज्य के चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशंस सराहन, टूटीकंडी और मशोबरा में रह रहे 52 चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट वर्तमान में भारत भ्रमण पर हैं। यह शैक्षणिक यात्रा 15 जनवरी तक चलेगी।
बच्चों का भविष्य संवरेगा
इस यात्रा के दौरान बच्चों को देश की राष्ट्रीय एकता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आधुनिक बुनियादी ढांचे सहित प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों की जानकारी दी जा रही है। भ्रमण के दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारी भी बच्चों के साथ मौजूद हैं, जो उनकी देखभाल और मार्गदर्शन कर रहे हैं। यह पहल न केवल बच्चों के ज्ञान और आत्मविश्वास को बढ़ाएगी, बल्कि उनके भविष्य को नई दिशा देने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
TRN LIVE: *दौलतपुर के चलेट में एक साथ जलीं चार चिताएं, हर आंख नम, अंतिम संस्कार में खूब उमड़ी लोगों की भीड़*
होशियारपुर के समीप दोसडक़ा अड्डा में हुए भीषण सडक़ हादसे ने चलेट गांव की खुशियां छीन लीं। रविवार को जब गांव में चार युवकों की अर्थियां एक साथ उठीं, तो यह दृश्य हर किसी का कलेजा चीर देने वाला था। यह केवल चार लोगों का अंतिम संस्कार नहीं था, बल्कि मेहनत, जिम्मेदारियों और सपनों से भरी चार जिंदगियों की एक साथ विदाई थी, जिसने पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया। हादसे में चलेट गांव के अरुण कुमार, बृज कुमार, सुखविंदर सिंह और सुशील कुमार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि विदेश जा रहा अमित डडवाल (25) इस हादसे में बाल-बाल बच गया।
रविवार को चारों शवों को वाहनों में रखकर एक साथ अंतिम यात्रा निकाली गई। करीब दो किलोमीटर लंबा काफिला था। अंतिम संस्कार के दौरान वह पल सबसे ज्यादा हृदयविदारक रहा। अरुण कुमार को भतीजे आरव (10),बृज कुमार को बेटे चिराग (8), सुखविंदर सिंह को बेटे अर्णव (12)और सुशील कुमार को उनके भाई दीपक ने मुखाग्नि दी।
TRN LIVE: *HPSEBL ने बिजली बिक्री से अर्जित किया 300 करोड़ रुपए का राजस्वः मुख्यमंत्री*
CM Sukhu
शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड (HPSEBL) ने 31 दिसबंर, 2025 तक 300 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है, जबकि 31 दिसम्बर, 2024 तक इसी अवधि में यह 206 करोड़ रुपए था। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि राज्य सरकार की ‘व्यवस्था परिवर्तन’ नीति का परिणाम है, जिसका उद्देश्य शासन को पारदर्शी, प्रभावी और जन हितैषी बनाना है। उन्होंने कहा कि सुधारों, बेहतर वित्तीय प्रबंधन और तथ्य आधारित निर्णयों से बिजली क्षेत्र की पुरानी समस्याओं को दूर किया गया है जिससे बोर्ड की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
प्रदेश सरकार ने बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए राज्य में हिमाचल प्रदेश विद्युत ग्रिड कोड लागू किया है, जिससे बिजली संचालन राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हुआ है। इससे ग्रिड की सुरक्षा बढ़ी है और बिजली आपूर्ति और अधिक सुचारू और निर्बाध बनी है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए शिमला और धर्मशाला में 1.5 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। इन मीटरों से उपभोक्ता मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी रोज़ाना बिजली खपत की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, काला अंब जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में एससीएडीए प्रणाली लागू की गई है, जिससे बिजली नुकसान में लगभग 4 प्रतिशत की कमी आई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार के डिजिटल सुधारों से खर्च में भी बड़ी बचत हुई है। पुराने और महंगे अनुबंधों को समाप्त कर पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया अपनाने से बिजली बिलिंग और आईटी सेवाओं पर होने वाला वार्षिक खर्च 46 प्रतिशत तक घटा है। उन्होंने कहा कि एचपीएसईबीएल के फील्ड कर्मचारी इसकी सबसे बड़ी ताकत हैं। इन्हीं के प्रयासों से निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होती है और आपदाओं के समय बिजली बहाली संभव हो पाती है। इसको ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने बोर्ड में 2,100 से अधिक युवाओं की भर्ती को मंजूरी दी है। इसमें 1,602 ‘बिजली उपभोक्ता मित्र’ और 500 जनियर ‘टी-मेट्स’ शामिल हैं, जिससे मरम्मत कार्यों में तेजी आएगी और सेवाएं बेहतर होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार जनजातीय क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। किलाड़ घाटी में 62 करोड़ रुपए की परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है, जिनमें नई बिजली लाइनों का निर्माण शामिल है। वहीं, काज़ा के दूरदराज़ क्षेत्रों में 148 परिवारों को सोलर ऑफ-ग्रिड सिस्टम उपलब्ध करवाए गए हैं। इसके अतिरिक्त चंबा जिला के पांगी जनजातीय क्षेत्र में बैटरी भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) के साथ सोलर परियोजनाएं स्थापित की जा रही हैं।
प्रदेश सरकार जनजातीय और गैर-जनजातीय क्षेत्रों में सोलर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए ब्याज सब्सिडी भी प्रदान कर रही है ताकि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में 250 केवी से एक मेगावाट तक के ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए 5 प्रतिशत जबकि गैर जनजातीय क्षेत्रों में 4 प्रतिशत तक की ब्याज सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। प्रदेश सरकार इन क्षेत्रों के लोगों को एक मेगावाट से अधिक के सौर संयंत्रों पर 3 प्रतिशत तक का ब्याज उपदान प्रदान कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक अधोसंरचना को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है। इस पहल के अंतर्गत अगले वित्त वर्ष में कांगड़ा जिले में छह 33केवीए/11केवीए उप-स्टेशन बनाए जाएंगे। यह उप-स्टेशन नूरपुर के गणोग, देहरा के कारला कोटला, ज्वालामुखी के मझीण और थेड़, इंडोरा के मोकी और नागरोटा बगवां के समलोटी में स्थापित किए जाएंगे। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार के यह सभी प्रयास बिजली उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं देने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में भी एक मजबूत कदम है।
TRN LIVE: *चरस की खेप सहित धरा तस्कर ताे भीड़ ने पुलिस पर कर दिया हमला, पंचायत प्रधान सहित 30 लोगों पर केस दर्ज*
जिला चम्बा पुलिस की विशेष अन्वेषण इकाई (एसआईयू) ने नशे के खिलाफ चल रहे अभियान में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीसा क्षेत्र में 1.42 किलोग्राम चरस बरामद की है। हालांकि, इस कार्रवाई के दौरान शनेड़ा नाला के पास स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई, जब स्थानीय लोगों की भीड़ ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया और आरोपी को जबरन हिरासत से छुड़ा ले गई। लेकिन पुलिस ने अदम्य साहस दिखाते हुए आरोपी को दोबारा दबोच लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार शाम को एसआईयू चम्बा के प्रभारी इंस्पैक्टर गगनदीप सिंह और एचसी परमेश शर्मा की टीम शनेड़ा नाला के पास नाकाबंदी कर वाहनों की जांच कर रही थी। इसी बीच झज्जाकोठी की ओर से एक व्यक्ति पैदल आता दिखाई दिया। पुलिस को देखते ही वह घबरा गया और हाथ में मौजूद कैरी बैग फेंककर भागने लगा। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। बैग की तलाशी लेने पर उसमें से 1.42 किलोग्राम चरस बरामद हुई। आरोपी की पहचान सुभाष चंद (35), पुत्र बलदेव, निवासी गांव भामनोता (चुराह) के रूप में हुई है।
जैसे ही पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया ताे मौके पर 20 से 30 स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए। भीड़ ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए टीम के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी और सुभाष चंद को पुलिस की पकड़ से छुड़ाकर भगा ले गए। इस हमले के बावजूद पुलिस टीम ने हिम्मत नहीं हारी। टीम ने आरोपियों का पीछा किया और कड़ी मशक्कत के बाद मुख्य तस्कर सुभाष चंद्र को दोबारा गिरफ्तार पुलिस प्रशासन नए सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस पर हमला करने को लेकर खड़ा रुख अपनाया दारू की सुभाष चंद्र पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 के तहत मामला दर्ज किया गया है वहीं पुलिस टीम पर हमला करने और आरोपी को छुड़वाने के आरोप में 30 लोगों के खिलाफ अलग से FIR दर्ज की गई है इसमें शलेला बड़ी की प्रधान नीलमा देवी लोभी पुत्र परमा निवासी भुमनोता प्रकाश पुत्र बलदेव निवासी भुमनोता सहित अन्य लोग शामिल है
एसपी चंबा विजय कुमार सकलानी ने मामले की पुष्टि करते हुए चेतावनी दी है कि नशा तस्करी का समर्थन करने और कानून व्यवस्था बिगड़ने वालों को किसी भी सूरत में बच्चा नहीं जाएगा भीड़ में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी
TRN LIVE: *सिरमौर हादसे में खुलासा बार-बार बोल रहा था कंडक्टर; बस के पट्टों और टायर में ग्रीस था कम, टक-टक की आ रही आवाज*
हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर में हुए बस हादसे में नया खुलासा हुआ है। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में उपचाराधीन घायलों ने दावा किया कि शिमला से जब बस चली थी तब से मोड़ पर अधिक टक-टक की आवाजें आ रहीं थी।
सिरमौर जिले के हरिपुरधार में हुए बस हादसे में अब घायल हुए लोग कई खुलासे कर रहे हैं। क्षेत्रीय अस्पताल में उपचाराधीन घायलों ने दावा किया कि बस के पट्टे और टायर में ग्रीस भी कम थी। शिमला से जब बस चली थी तब से मोड़ पर अधिक टक-टक की आवाजें आ रहीं थी। कंडक्टर ने टकटक की आवाजें आने ग्रीस कम होने की बात दो से तीन बार कही।
TRN LIVE: *ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी, हिंसा में मरने वालों का आंकड़ा 200 पार; स्थिति तनावपूर्ण*
ईरान में जारी राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में कम से कम 203 लोग मारे गए हैं, वहीं कार्यकर्ताओं ने रविवार को कहा कि मृतकों की वास्तविक संख्या कहीं अधिक होने की आशंका है। बता दें कि ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिका के साथ तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। विस्तार से पढ़ें पूरा घटनाक्रम
ईरान में सत्ता के खिलाफ जारी देशव्यापी प्रदर्शनों के बीच तनाव और बढ़ गया है। ईरान में लगभग दो सप्ताह से जारी राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और दमन की कार्रवाई में अब तक 203 लोगों की मौत हो चुकी है। इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद होने से हालात की स्वतंत्र पुष्टि करना मुश्किल हो गया है।
TRN LIVETRNDKB JITENDRA KUMAR: 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
*⚜️ आज का राशिफल ⚜️*
*दिनांक : 12 जनवरी 2026*
🐐🐂💏💮🐅👩
〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज का दिन भी आपके अनुकूल रहेगा। आज आपके व्यवहार कुशलता से सामाजिक व्यक्तित्त्व निखरेगा जिसका प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष लाभ शीघ्र ही देखने को मिलेगा परन्तु आज बोलचाल में सतर्कता भी बरतनी पड़ेगी आवश्यकता के समय ही अपने विचार रखें। कार्य क्षेत्र पर लाभ अर्जित करेंगे आशा से कम होने पर हतोत्साहित ना हो निकट भविष्य में स्थिति समान ही बनी रहेगी। किसी पुराने मित्र से आनंददायक भेंट होने पर कुछ समय के लिये अतीत की यादों में डूबेंगे। संध्या के समय अकस्मात धन लाभ का योग है। पारिवारिक जीवन में मधुरता बनी रहेगी। पर्यटन का अवसर भी मिल सकता है। ठंडी वस्तुओ के सेवन का परहेज करें।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आपका आज का दिन मिश्रित फलदायक रहेगा। आज दिन के पूर्वार्ध में प्रत्येक कार्य उत्साह से करेंगे धन संबंधित आवश्यकताओं की पूर्ति भी समय से होने पर कार्य करने में दिलचस्पी बढ़ेगी। मध्यान पश्चात स्थिति विपरीत होने से महत्त्वपूर्ण कार्य के वादे पूरे करने में पसीना छूटेगा समय पर पूर्ण ना होने पर किसी की आलोचना सुनने को मिलेगी।संध्या के समय किसी समारोह में सम्मिलित होने पर अतिरीक्त खर्च करना पड़ेगा। घर एवं कार्य क्षेत्र पर भी सुविधा बढ़ाने पर कुछ न कुछ खर्च लगा ही रहेगा आज किसी भी प्रकार के लोभ में ना पढ़ें। पारिवारिक वातावरण स्थिर रहेगा। सेहत भी ठीक ठाक ही रहेगी।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज के दिन आपका स्वभाव अटपटा रहेगा कहेंगे कुछ करेंगे उसके विपरीत। शारीरिक चुस्ती दिन भर बनी रहेगी फिर भी बिना स्वार्थ के किसी कार्य को करने के लिये तैयार नही होंगे मध्यान बाद परिस्थिति वश स्वभाव में गंभीरता स्वतः ही आ जायेगी आपकी यश, कीर्ति और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में उच्च पदाधिकारी खुश रहने से पदोन्नति की संभावना बढ़ेगी। किसी बहुप्रतीक्षित कार्य के पूर्ण होने से ख़ुशी बढ़ेगी। परिवार में आनंद का वातावरण रहेगा। संतान के ऊपर खर्च करेंगे। संध्या का समय थकान से भरा रहेगा फिर भी मनोरंजन के साधन खोज लेंगे।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज का दिन आपको प्रतिकूल फल देगा। आज आपका अथवा किसी परिजन का स्वास्थ्य अचानक बिगड़ने से मानसिक चिंता बढ़ेगी अतिरिक्त भागदौड़ होने से कार्य व्यवसाय को उचित समय नही दे पाएंगे। जल्दबाजी में कार्य करने पर कुछ न कुछ त्रुटि होने से किसी से विवाद हो सकता है। आकस्मिक खर्च बढ़ने से आर्थिक स्थिति बिगड़ेगी। परिजनों का व्यवहार भी अनापेक्षित रहने के कारण मन दुखी होगा फिर भी महत्त्वपूर्ण कार्यो में मार्गदर्शन लेकर ही करें। नौकरी वालो को अन्य दिनों की तुलना में अधिक संघर्ष करना पड़ेगा फिर भी उचित लाभ न मिलने से निराशा होगी। व्यर्थ बहस से स्वयं को दूर ही रखें।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज का दिन आपको धन लाभ कराएगा। आज दिन भर स्वास्थ्य उत्तम रहने से कार्यो को ज्यादा गंभीर होकर करेंगे। सहयोग भी बिना मांगे मिलने से अधूरे कार्य सरलता से पूर्ण होंगे। मध्यान के समय नए अनुबंध मिलेंगे चौकन्ने रहे अन्यथा कोई अन्य आपकी लापरवाही का फायदा उठा सकता है। भविष्य की आर्थिक योजनाओं में निवेश करने से आगे लाभ के मार्ग बनेंगे लेकिन किसी की सलाह के बाद ही निर्णय लें। सरकारी कार्यो में लेदेकर सफलता मिलेगी। घर में वातावरण पल पल में बदलेगा सन्तानो की जिद दुविधा में डालेगी कुछ समय के लिये अशांति होगी लेकिन रिश्तेदारो से भेंट होने पर आनंद का वातावरण बनेगा।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज के दिन आपका संतोषि स्वभाव केवल दिखावा मात्र ही रहेगा अंदर ही अंदर उथल पुथल लगी रहेगी। आज अधिकांश कार्य बेमन से ही करेंगे जिसके फलस्वरूप परिणाम भी उसी अनुसार मिलेंगे। धन पाने के लिये मन बेचैन रहेगा लेकिन ज्यादा तामझाम में नही पड़ेंगे आज की स्थिति को देखते हुए यह आपके लिए हितकर ही रहेगा। आज जितना लाभ मिलना है बैठे बिठाये भी मिल सकता है ज्यादा उठापटक करने पर आगे के लिये भी मार्ग बंद हो सकते है। सहकर्मी एवं परिजन आपको शंकालु दृष्टि से देखेंगे जिससे स्वभाव में चिड़चिड़ा पन रहेगा फिर भी स्थिति को संभाल लेंगे। खर्च भी आज नियंत्रण में रहने से निश्चिन्त रहेंगे। सेहत मामूली बातो को छोड़ सामान्य रहेगी।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज का दिन शुभफल प्रदान करने वाला रहेगा। आज आपको अपने आस पास के लोगों से अति महत्त्वपूर्ण बाते सीखने को मिलेंगी लेकिन स्वभाव में जल्दबाजी रहने के कारण कम समय मे अधिक ज्ञान पाने के चक्कर मे प्राप्त किया ज्ञान भी भूल सकते है इसलिये ध्यान से सभी की बातों को सुने आगे बहुत काम आने वाली है। आज आपका मन कार्य व्यवसाय को छोड़ परिवार के प्रति समर्पित रहेगा। कार्य क्षेत्र पर अधीनस्थों पर आश्रित रहना पड़ेगा। मित्र-संबंधियों के मांगलिक आयोजन में सम्मिलित होंगे। सन्ध्या बाद का समय बाहर ही बीतेगा। ज्यादा तले भुने खाने से बचे अन्यथा बाद में परेशानी होगी।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज का दिन भी आपके प्रतिकूल रहने वाला है प्रत्येक कार्य में सावधानी बरतें हानि आज किसी न किसी रूप में अवश्य होगी। कार्य क्षेत्र पर जो भी निर्णय लेंगे परिणाम उसके एकदम विपरीत जाएगा। आज मजबूरी में भी किसी के ऊपर आँख बंद कर विश्वाश ना करें धोखा हो सकता है। प्रातः काल अथवा संध्या के समय किसी प्रियजन से ग़लतफ़हमी के कारण तीखी बहस होगी। दुर्घटना में चोट का भय है, वाहन सावधानी से चलाएं। संभव हो तो आज यात्रा टालें। व्यर्थ बहस से बच कर अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें। प्रयास के बाद निकट भविष्य में सफलता अवश्य मिलेगी। शरीर मे नई पुरानी समस्या लगी रहेगी।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज का दिन आपके लिए लाभदायक सिद्ध होगा बीते दिनों से जिस कार्य को लेकर भागदौड़ कर रहे थे आज उसके पूर्ण होने की संभावना है लेकिन आरम्भ में आज भी कुछ न कुछ व्यवधान आएंगे फिर भी निराश ना हो विजय आपकी ही होगी। व्यवसायियों को नए लाभ के अनुबंध मिलेंगे लेकिन नए कार्य के आरम्भ के लिए थोड़ी प्रतीक्षा करें। किसी प्रतिष्ठित व्यक्ति से प्रलोभन दिया जा सकता है सतर्क रहें अन्यथा धन एवं मान हानि हो सकती है। मातृ पक्ष से लाभ की सम्भवना है। स्वास्थ्य उत्तम बना रहेगा।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज का दिन आपके अनुकूल रहेगा। आज आप अपने कुशल व्यवहार से हानि को भी लाभ में बदलने की क्षमता रखेंगे परन्तु आज आपका दिमाग आर्थिक विषयो में अधिक भटकने के कारण सार्वजनिक क्षेत्र पर सम्मान में कमी भी आ सकती है। नौकरी-व्यवसाय में किसी स्त्री के सहयोग से लाभ होगा महिला वर्ग से व्यवहारिक रहें कुछ दिनों से परेशान कर रहे प्रतिस्पर्धी परास्त होंगे। विद्यार्थी वर्ग प्रतियोगि परीक्षा में सफल होंगे। छोटी यात्रा के योग बनेंगे टालने के प्रयास में ना रहे इससे लाभ ही होगा। धन लाभ आज किसी भी समय हो सकता है सतर्क रहे। सेहत के प्रति भी सावधानी बरतें लापरवाही आगे गंभीर रूप ले सकती है।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज के दिन के कुछ भाग को छोड़कर शेष शांति से बिताएंगे रहेगा। आज आपका ध्यान आध्यात्मिक एवं गूढ़ रहस्यों को जानने के लिये प्रेरित होगा लेकिन अन्य व्यस्तता के चलते इसके लिये ज्यादा समय नही निकाल पाएंगे। आज जमीन सम्बंधित अधूरे कार्य पूरे होने से राहत की सांस लेंगे। किसी बुजुर्ग के सहयोग से लाभ होगा। नौकरी पेशा जातको को आज अधिक कार्य भार से असहजता अनुभव होगी। स्त्री-पुत्र का सुख-सहयोग मिलेगा। किसी के ऊपर अतिविश्वास हानि करा सकता है। पुराना रोग उभरने से परेशानी होगी।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज का दिन आपके लिए अशुभ रहेगा। प्रातः काल से ही शरीर अस्वस्थ रहने से आलस्य छाया रहेगा अति क्रोध एवं पेट की समस्याओं से ग्रसित रहेंगे जिससे कार्य करने का मन नही करेगा। घर अथवा कार्य क्षेत्र पर किसी से पुरानी बात को लेकर विरोध उभरेगा। मानसिक अशांति का असर कार्य-व्यवसाय पर पड़ेगा आस पास के लोग भी आपकी सोच के विपरीत कार्य कर गुस्से को बढ़ाएंगे व्यवसाय में लाभ हाथ आते आते अंत समय मे आगे के लिये टलने से मन मे नकारात्मक भाव आएंगे। आज एकांत वास का सहारा ले व्यर्थ की बहस बाजी से बचे रहेंगे। विशेषकर महिलाए बेतुकी बयानबाजी से बचें।
〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
TRN LIVE: *मंडी फोरलेन पर चरस के साथ यूपी और सोलन के 2 युवक गिरफ्तार, काेर्ट ने 3 दिन के रिमांड पर भेजा*
नशा माफिया के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत सुंदरनगर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने पुंघ फोरलेन पर नाकेबंदी के दौरान एक कार से 294 ग्राम चरस बरामद की है। इस मामले में पुलिस ने कार सवार दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से एक उत्तर प्रदेश और दूसरा सोलन का रहने वाला है।
जानकारी के अनुसार शनिवार शाम को सुंदरनगर थाना पुलिस की टीम पुंघ फोरलेन पर नियमित जांच कर रही थी। इसी दौरान संदेह के आधार पर एक कार को रोका गया। जब पुलिस ने कार और उसमें बैठे युवकों की तलाशी ली, तो उनके पास से 294 ग्राम चरस बरामद हुई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार किए गए युवकों की पहचान साहिल शिद (33) पुत्र मोहम्मद सरवर, निवासी न्यू छिलकाना बस स्टैंड, सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) और बलवंत (35) पुत्र दयाल चंद, निवासी गांव लावीघाट, जिला सोलन (हिमाचल प्रदेश) के रूप में हुई है।
एसपी साक्षी वर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि रविवार शाम को दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने मामले की गहनता से जांच के लिए रिमांड की मांग की, जिसे स्वीकार करते हुए न्यायालय ने आरोपियों को 3 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस अब रिमांड के दौरान यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि यह चरस कहां से लाई गई थी
TRN LIVE: *जैश के हजारों सुसाइड बॉम्बर तबाही मचाने को तैयार, जैश-ए-मोहम्मद चीफ अजहर ने उगला जहर, भारत अलर्ट*
पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने एक बार फिर अपनी ताकत का दावा करते हुए सनसनी फैला दी है। संगठन के संस्थापक और प्रमुख मौलाना मसूद अजहर की कथित आवाज में एक नया ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस ऑडियो में अजहर कहता नजर आ रहा है कि उसके पास हजारों सुसाइड बॉम्बर (फिदायीन) तैयार हैं। संयुक्त राष्ट्र द्वारा वैश्विक आतंकवादी घोषित किए गए मसूद अजहर का यह दावा ऐसे समय में आया है, जब भारत ने पुलवामा, पठानकोट और हाल के पहलगाम हमले के बाद जैश के ठिकानों पर लगातार सख्त कार्रवाई की है। वायरल ऑडियो में मसूद अजहर को अपने कैडर की ताकत के बारे में बड़े-बड़े दावे करते सुना जा सकता है। वह कह रहा है कि उसके पास एक, दो, सौ या एक हजार नहीं, बल्कि इससे कहीं अधिक फिदायीन हैं।
असली संख्या का खुलासा कर देने से पूरी दुनिया में हडक़ंप मच जाएगा। इन हमलावरों को न कोई भौतिक पुरस्कार चाहिए, न वीजा, न कोई व्यक्तिगत लाभ; वे केवल शहादत मांगते हैं। ऑडियो के अनुसार, मसूद अजहर पर उसके कैडर द्वारा भारत में घुसपैठ की अनुमति देने का दबाव डाला जा रहा है। बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर में जैश-ए-मोहम्मद के कई ठिकानों को बड़ा नुकसान हुआ था। इस ऑपरेशन में मसूद अजहर के कई करीबी, रिश्तेदार और आतंकी मारे गए थे। मसूद के कथित नए ऑडियो के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गई हैं।
आतंकी का दावा, इन्हें सिर्फ शहादत से मतलब
आतंकी ने कहा कि फिदायीन मुझे अल्लाह का वास्ता देकर कहते हैं हमें जल्दी आगे भेज दो, हमें जल्दी आगे भेज दो मुझे रसूल के वास्ते दे के कहते हैं हमें जल्दी आगे भेज दो
TRN LIVE: *हिमाचल प्रदेश में रबी की फसल पर सूखे की मार, 36,335 हेक्टेयर में नहीं हुई बिजाई, किसान परेशान*
हिमाचल प्रदेश में इस बार रबी सीजन किसानों के लिए गंभीर चिंता और संकट का कारण बन गया है। समय पर बारिश और बर्फबारी न होने से प्रदेश के खेत सूखे पड़े हैं। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि इस बार 36,335 हेक्टेयर भूमि पर रबी फसलों की बुवाई ही नहीं हो सकी, जबकि जिन किसानों ने किसी तरह बीज बोए हैं, उनकी उगी हुई फसल भी अब सूखे की मार झेल रही है। कृषि विभाग को फील्ड से मिली रिपोर्ट के अनुसार, गेहूं, जौ और चना जैसी प्रमुख रबी फसलें सबसे अधिक प्रभावित हुई हैं। यदि आने वाले दिनों में भी बारिश नहीं होती है तो फसलों को होने वाला नुकसान और बढ़ सकता है। प्रदेश में रबी सीजन के लिए 3,53,270 हेक्टेयर में बिजाई का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन अक्तूबर के बाद पर्याप्त बारिश न होने से किसान केवल 3,16,935 हेक्टेयर में ही बिजाई कर पाए हैं
गेहूं की बिजाई के लिए 3,22,000 हेक्टेयर का लक्ष्य था जबकि वास्तविक बिजाई – 2,90,713 हेक्टेयर पर हुई है। ऐसे में 31,287 हेक्टेयर में नहीं हुई बिजाई है। इसी तरह जौ की बिजाई 18,000 हेक्टेयर में की जानी थी जबकि 405 हेक्टेयर में सूखे के कारण बिजाई नहीं हो सकी है। कई इलाकों में किसानों ने नमी की कमी के बावजूद गेहूं की बिजाई की, लेकिन अब वही फसल लगातार सूखे से प्रभावित हो रही है। सूखे की मार से किसानों की टेंशन बढ़ गई है।
TRN LIVE: *अब श्रेणी अनुसार होगा ठेकेदारों का पंजीकरण*
सरकार का फैसला, पीडब्ल्यूडी में कान्टै्रक्टर्स के रजिस्ट्रेशन की नई व्यवस्था लागू
हिमाचल प्रदेश सरकार ने व्यवस्था परिर्वतन की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ाते हुए ठेकेदार पंजीकरण के लिए नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत अब ठेकेदारों का पंजीकरण श्रेणी के अनुसार होगा। वर्ष 2021 में बनाए ठेकेदार पंजीकरण नियमों में संशोधन करते हुए इस संबंध में प्रदेश सरकार की ओर से एक अधिसूचना भी जारी कर दी है। राज्य सरकार ने रूल ऑफ एनलिस्टमेंट ऑफ कॉन्ट्रैक्टर्स 2021 के नियम 10.0 एवं परिशिष्ट-तीन में संशोधन करते हुए विभिन्न श्रेणियों के ठेकेदारों के लिए सक्षम प्राधिकारियों और नामित समितियों का पुनर्गठन किया है। नई व्यवस्था के तहत अब ठेकेदारों का पंजीकरण उनकी श्रेणी के अनुसार विभाग के मुख्यालय, जोन और सर्कल स्तर पर किया जाएगा।
अधिसूचना की प्रतिलिपि सभी मुख्य अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई है। सरकार का मानना है कि इस संशोधन से ठेकेदारों के पंजीकरण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सुचारू और प्रभावी होगी।उधर, लोक निर्माण विभाग के ईएनसी एनपी सिंह का कहना है कि इस संबंध में सभी चीफ इंजीनियर्स, अधीक्षण अभियंताओं के साथ अधिशाषी अभियंताओं को भी इसकी प्रतिलिपि प्रेषित कर दी है।
TRN LIVE: *अपराधियों को कानून का डर नहीं, जयराम ठाकुर ने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल*
प्रदेश में कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर जोरदार हमला बोला है। रविवार को ऊना मुख्यालय पर भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में जयराम ठाकुर ने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश गोलीकांड, हत्याओं और आपराधिक घटनाओं से दहल उठा है, जबकि कांग्रेस शासन में विकास की रफ्तार थमने से प्रदेश 10 साल पीछे चला गया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल, जो कभी शांति, सुरक्षा और सुशासन के लिए जाना जाता था, पर आज अपराधियों के डर से सहमा हुआ है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से लगातार गोली चलने, हत्याओं और लूटपाट की घटनाएं सामने आ रही हैं। हालात यह हैं कि लोग शाम ढलते ही अपने घरों से बाहर निकलने में भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ढिलाई और कमजोर प्रशासनिक पकड़ के चलते अपराधियों के हौसले बुलंद हुए हैं।
हिमाचल प्रदेश पर्यटन स्थल बुकिंग
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस सरकार न तो कानून-व्यवस्था संभाल पा रही है और न ही विकास कार्र्यों को आगे बढ़ा पा रही है। पूर्व भाजपा सरकार के समय में सडक़, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में जो गति बनी थी, वह कांग्रेस शासन में पूरी तरह थम गई है। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने जनहित की योजनाओं को समाप्त कर
TRN LIVE: *इजरायल-यूएस मिलिट्री बेस पर करेंगे अटैक, अमरीका की धमकी पर ईरान की चेतावनी*
ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच हालात और तनावपूर्ण होते जा रहे हैं। रविवार को ईरान ने अमरीका और इजरायल को सीधी चेतावनी दी है कि अगर अमरीका ने उस पर सैन्य हमला किया, तो जवाब में इजरायल और क्षेत्र में मौजूद अमरीकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है, जब इजरायली सूत्रों ने दावा किया है कि किसी भी अमरीकी दखल की आशंका को देखते हुए इजरायल हाई अलर्ट पर है। ईरानी संसद में स्पीकर मोहम्मद बाकिर क़ालिबाफ ने कहा कि अगर ईरान पर हमला हुआ तो कब्जे वाले इलाके यानी इजरायल, अमरीकी सैन्य अड्डे और युद्धपोत हमारे वैध निशाने होंगे। क़ालिबाफ ईरान की रिवोल्यूशनरी गाड्र्स से जुड़े रहे हैं और उनका यह बयान बेहद अहम माना जा रहा है।
ईरान इस वक्त 2022 के बाद सबसे बड़े सरकार विरोधी प्रदर्शनों का सामना कर रहा है। ये प्रदर्शन 28 दिसंबर से शुरू हुए थे, जिनकी वजह बढ़ती महंगाई बताई जा रही है। बाद में ये आंदोलन सीधे खामेनेई शासन के खिलाफ हो गया। इजरायल और ईरान के बीच पहले से ही तनाव बना हुआ है, खासतौर पर ईरान के न्यूक्लियर और मिसाइल कार्यक्रम को लेकर। ऐसे में अमरीका की संभावित दखलअंदाजी और ईरान की धमकी ने पूरे पश्चिम एशिया में हालात और गंभीर कर दिए हैं।
प्रदर्शनकारियों को फांसी की धमकी
ईरान में बीते दो हफ्ते से सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं। इन प्रदर्शनों में हिंसा लगातार बढ़ रही है और 217 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, इनमें ज़्यादातर प्रदर्शनकारी शामिल ह
TRN LIVE
TRN LIVE: *रविवार 11 जनवरी 2026 के मुख्य समाचार*
🔶ट्रंप का आक्रामक बयान- “ग्रीनलैंड हमारा होगा चाहे जैसे भी हो” रूस और चीन का दिखाया डर, डेनमार्क बोला- तो NATO का अंत तय।
🔶अमेरिकी सेना का सीरिया में ISIS पर बड़ा हमला, कई ठिकानों पर की एयरस्ट्राइक।
🔶ट्रंप का बड़ा बयान- ईरान आजादी की ओर बढ़ रहा, अमेरिका मदद को तैयार!
🔶अयोध्या राम मंदिर में नमाज पढ़ने की कोशिश: परिसर में घुसा 55 साल का शख्स पकड़ा गया, कश्मीर का रहने वाला
🔶गजनवी के हमले के 1000 साल बाद सोमनाथ में PM मोदी का ओंकार नाद, ऐतिहासिक PHOTOS
🔶सुवेंदु अधिकारी का ममता को नोटिस: 72 घंटे में जवाब मांगा; मुख्यमंत्री बोली थीं- सुवेंदु कोयला घोटाले का पैसा शाह तक पहुंचाते हैं
🔶केसी त्यागी की JDU से छुट्टी! पार्टी बोली- उनसे हमारा सरोकार नहीं; एक दिन पहले CM नीतीश को भारत रत्न देने की मांग की
🔶नेवी पश्चिम बंगाल के हल्दिया में बेस बना रही: बंगाल की खाड़ी में चीन-बांग्लादेश की गतिविधियों पर नजर; छोटे वॉरशिप तैनात होंगे
🔶डोभाल बोले- जंग दुश्मन का मनोबल तोड़ने के लिए लड़ते हैं: हम मनोरोगी नहीं कि शव देखकर खुशी मिले, मौजूदा लीडरशिप ने 10 साल में देश बदला
🔶14 राज्यों में वॉन्टेड भोपाल का 'रहमान डकैत' गिरफ्तार: देशभर की पुलिस को 20 साल चकमा दिया: लग्जरी कार और अरबी घोड़ों का शौकीन
🔶बंगाल की ऊंची इमारतों में स्थापित होंगे मतदान बूथ : चुनाव आयोग ने दी मंजूरी, तृणमूल कांग्रेस ने किया था विरोध
🔶India-US Ties: तल्ख द्विपक्षीय संबंध के बीच नए राजदूत सर्जियो गोर दिल्ली पहुंचे, कहा- भविष्य में बेहतरीन अवसर
🔶बंगाल में सुवेंदु अधिकारी पर पुलिस के सामने हमला, धरने पर बैठे; इलाके मे तनाव
🔶Plane Crash: ATC से संपर्क टूटने के बाद 9 सीटर प्राइवेट एयरक्राफ्ट क्रैश, खुले मैदान में फोर्स लैंडिंग, सीएम ने जताया दुःख
🔶अमित शाह ने कहा- भजनलाल सरकार ने पेपरलीक से राजस्थान को दिलाई निजात, 8 हजार से अधिक नियुक्ति पत्र प्रदान किए
🔶17 जनवरी को वंदेभारत स्लीपर का उद्घाटन करेंगे पीएम मोदी, अमृत भारत एक्सप्रेस की भी लॉन्चिंग
🔶अब सिम बदलने पर पुराने नंबर का वॉट्सएप जारी नहीं रहेगा। भारत के दूरसंचार विभाग ने कंपनियों ने इसे बंद करने को कहा है।
🔶पश्चिमी दबाव के बीच रूसी तेल का आयात बंद करने वाली रिलायंस, अब अमेरिका के जरिए वेनेजुएला से तेल खरीदना चाहती है.
🔶ईरान में आर-पार की जंग: 10 लाख लोग सड़कों पर, इंटरनेट बंद और दुनिया भर में शासन की निंदा।
🔷IND vs NZ: नेट्स में चोटिल हुए पंत, रोहित ने सिराज को दिए बैटिंग टिप्स; आज पहले वनडे के लिए भारतीय खिलाड़ी तैयार।
*आपका दिन शुभ और मंगलमय हो सुप्रभात💐*
*जय हो🙏*
TRN LIVE: *सोमवार, 12 जनवरी 2026 के मुख्य समाचार*
🔶ईरान की अमेरिका को खुली धमकी: हमला हुआ तो इजराइल तक सारे सैन्य बेस कर देंगे तबाह, प्रदर्शनकारियों को देंगे फांसी
🔶ग्रीनलैंड पर कब्जे को उतावले ट्रंप ! स्पेशल US फोर्सेज से कहा-"आक्रमण की तैयारी करो", टॉप जनरलों से मिला Shocking जवाब
🔶राम मंदिर की सुरक्षा में बड़ा बदलाव! कश्मीरी शख्स की हरकत के बाद अयोध्या हाई अलर्ट पर, अब हर कदम पर कड़ी निगरानी
🔶योगी सरकार का बुलडोजर एक्शन! देवरिया में अवैध मजार जमींदोज, सरकारी जमीन से हटाया गया कब्जा; इलाके में मचा हड़कंप
🔶अमेरिका में खून का तांडव: सनकी युवक ने पिता, भाई और चर्च पादरी समेत 6 रिश्तेदारों को उतारा मौत के घाट
🔶अब तक 538 लोगों की मौत, इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद... ईरान में विद्रोह की आग
🔶कोविड वैक्सीन पर भिड़े अमेरिका-जर्मनी ! RFK जूनियर के दावे पर भड़का बर्लिन, US स्वास्थ्य मंत्री को दिखाया आईना
🔶जम्मू-कश्मीर में कई इलाकों में दिखाई दिए ड्रोन, PAK से आए थे; सर्च ऑपरेशन जारी
🔶दिल्ली में पति के मर्डर की गवाह महिला की हत्या: हमलावरों ने सिर पर गोली मारी; 2023 में पति की भी गोली मारकर हत्या हुई थी
🔶मोदी बोले- राजकोट को मिनी जापान बताने पर मेरा मजाक उड़ा: आज 2.50 लाख छोटे बिजनेस, यहां स्क्रू ड्राइवर से रॉकेट तक के पार्ट्स बनते हैं
🔶पीएसएलवी-सी62/ईओएस-एन1 मिशन की उल्टी गिनती शुरू, सोमवार सुबह 10:17 बजे पर होगा लॉन्च
🔶RJD सांसद सुरेंद्र यादव की बदजुबानी: हार के बाद मतदाताओं को दीं सरेआम गालियां, वीडियो वायरल
🔶वीबी-जी रामजी योजना पर कैलाश विजयवर्गीय का कांग्रेस पर पलटवार, बोले—विरोध नहीं, तथ्यात्मक बात करे कांग्रेस
🔶Politics: 'हमारा दोस्ताना मुकाबला था, लेकिन अजित पवार का संयम डगमगा रहा', सीएम फडणवीस ने दिए बड़े संकेत
🔶धर्मांतरण कांड: बदायूं में 'घर के अंदर चर्च' बनाकर मतांतरण की साजिश, बरेली इंटेलिजेंस की रेड!
🔶‘अब न तेल मिलेगा, न पैसा!’ वेनेजुएला ऑपरेशन के बाद ट्रंप ने क्यूबा को दी खुली धमकी
🔶Crypto Trading Alert: भारत में बिटक्वाइन खरीदने वालों की खैर नहीं, सरकार ने लागू किए 5 सख्त नियम
🔶राजस्थान में सप्लाई हो रहा 3 करोड़ का गांजा टोंक डीएसटी टीम ने पकड़ा
🔶राजस्थान के फतेहपुर में -3.4°C पारा, गाड़ियों पर बर्फ जमी: उत्तराखंड में -22°C तापमान, झरने जमे; दिल्ली के पालम में 13 साल का रिकॉर्ड टूटा
🔷IND vs NZ 1st ODI : भारत की विजयी शुरुआत, न्यूजीलैंड को 4 विकेट से दी मात
*आपका दिन शुभ और मंगलमय हो सुप्रभात..!!*
जय हो🙏
TRN LIVE
: मात्र 8-10 वर्ष पहले मैं भी एक सामान्य व्यक्ति था🤔
मगर ..... मगर ...
इन 8-10 वर्षों में विभिन्न माध्यमों से मुझे कुछ ऐसे सत्य पता चले जो हैरान करने वाले थे।
1. सोशल मीडिया से मुझे यह पता चला कि "पत्रकार" निष्पक्ष नहीं होते। वे भी किसी मकसद/व्यक्तिगत स्वार्थ से जुड़े होते हैं 😡
2. लेखक,साहित्यकार भी निष्पक्ष नहीं होते। वे भी किसी खास विचारधारा से जुड़े होते हैं 😡
3. साहित्य अकादमी,बुकर,मैग्ससे पुरस्कार प्राप्त बुद्धिजीवी भी निष्पक्ष नहीं होते हैं 😡
4. फिल्मों के नाम पर एक खास विचारधारा को बढ़ावा दिया जाता है।बालीबुड का सच पता चला है 😡
5. हिन्दू धर्म को सनातन धर्म कहते हैं और देश का नाम हिंदुस्तान है,क्योंकि यह हिंदुओं का इकलौता देश है💪
6. हिन्दू शब्द सिंधु से नहीं (ईरानियों द्वारा स को ह बोलने से) नहीं आया बल्कि "हिन्दू" शब्द "ऋग्वेद" में लाखों वर्ष पूर्व से ही वर्णित था 🤔
7. जातिवाद,बाल विवाह,पर्दा प्रथा हजारों वर्ष पूर्व सनातनी नहीं बल्कि मुगलों के आगमन से उपजी कु-व्यवस्था थी,जिसे अंग्रेजों ने सनातन से जोड़कर हिन्दुओं को बांटा।उसे लिखित इतिहास बनाया है 😡
8. किसी समय भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म पूरे विश्व में फैला था 😳
9. वास्कोडिगामा का सच ये था कि वह एक लुटेरा,धोखेबाज था और किसी भारतीय जहाज का पीछा करते हुए,भारत पहुंचा😡
10. बप्पा रावल का नाम,काम और अद्भुत पराक्रम सुना। उनसे डरकर 300 वर्ष तक मुस्लिम आक्रांता इधर झांके भी नहीं 💪
11. बाबर,हुमायूँ,अकबर,औरंगजेब,टीपू सुलतान सहित सभी मुगल आतंकवादी क्रूर,हत्यारे,इस्लाम के प्रसारक और हिंदुओं का नरसंहारक थे,यह सच पता चला 😡
12. ताज़महल,लालकिला,कुतुब मीनार हिन्दू भवन है और इनकी सच्चाई कुछ और है 😡
13. जिसे लोग व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी कहकर मजाक उड़ाते हैं,उसी ने मुझे हेडगेवार,सुभाष चंद्र बोस,सरदार पटेल व हिन्दू समाज के साथ कि गई गद्दारी की सच्चाई बताईं 👍
14.देशद्रोही,गद्दार,टकले गाँधी की तुष्टिकरण और भारत विभाजन के बारे में ज्ञान हुआ।टकला जब अहिंसा का पुजारी था तब तो शांतिदूतो को अहिंसा का पाठ न पढाके सिर्फ़ हिन्दुओं को क्यों पढाया😡
15. देशद्रोही,गद्दार,नीच,हलकट,बेईमान नकली हिंदू नेहरू की असलियत,उसके इरादे,उसकी हरकतें,पता चलीं 😡
16. POJKL के बारे में भी इन 6 वर्षों में जाना कि कैसे पाकिस्तान ने कब्जा किया और कौन लोग POJKL को भारत का हिस्सा नहीं मानते हैं 😡
17. अनुच्छेद 370 और उससे बने नासूर का पता चला 😡
18. कश्मीर में दलितों को आरक्षण नहीं मिलता,यह भी अब पता चला 😡
19. AMU मे दलितों को आरक्षण नहीं मिलता,वह संविधान से परे है 😡
20. जेएनयू की असलियत,वहाँ के खेल और हमारे टैक्स से पलने वाली टुकड़े टुकड़े गैंग का पता चला 😡
21. वामपंथी-देशद्रोही विचारधारा के बारे में पता चला 😡
22. जय भीम समुदाय के बारे में पता चला।भीमराव के नाम पर उनके मत से सर्वथा भिन्न खेल का पता चला।मीम भीम दलित औऱ हिन्दू दलित अलग होते हैं पता चला 😡
23. ईसाई धर्म प्रचारक मदर टेरेसा की असलियत अब जाकर ज्ञात हुई 😡
24. ईसाई मिशनरी और धर्मांतरण के बारे में पता चला 😡
25. समुदाय विशेष में तीन तलाक,हलाला,तहरुष,मयस्सर, मुताह जैसी कुरीतियों के नाम भी अब जाकर सुना।इनका मतलब जाना 🤔
26. अब मुझे पता चला कि धिम्मी,काफिर,मुशरिक,शिर्क, जिहाद,क्रुसेड जैसे शब्द हिन्दुओं के लिए क्या संदेश रखते हैं 😡
27. सच बताऊं,गजवा ऐ हिन्द के बारे मे पता भी नहीं था। कभी नाम भी नहीं सुना था।यह सब इन १० वर्षों में पता चला।स्टॉकहोम सिंड्रोम और लवजिहाद का पता चला 😡
28. सेकुलरिज्म नाम के कीड़े की असलियत अब पता चली मानवाधिकार,बॉलीवुड,बड़ी बिंदी गैंग,लुटियंस जोन इन सबके लिए तो हिन्दू एक चारा था 😡
29. हिन्दू पर्सनल लॉ और मुस्लिम पर्सनल लॉ अलग हैं,यह भी सोशल मीडिया ने ही बताया।देशद्रोही,गद्दार, नमकहराम नेहरू ने हिन्दू पर्सनल लॉ को समाप्त कर दिया,लेकिन मुस्लिम पर्सनल लॉ को रहने दिया😡
30. भारतीय इतिहास के नाम पर हमें झूठा इतिहास पढ़ाया गया,जिन आतंकवादी मुगलों ने हमें लूटा,हम पर अत्याचार किया उन्हें महान बताया गया।यदि कोई बाहरी व्यक्ति आपके घर पर कब्जा करे,लूटे अत्याचार करे,वह महान कैसे हो सकता है 😡
31. इतना सब पता चलने के बाद भी और मोदीजी के महान नेतृत्व के बाद भी केवल तीस प्रतिशत हिन्दू ही समझ पाए बाकी वैसे ही हैं 😡
32. यहां तक कि न्यायमूर्ति कहे जाने वाले न्यायाधीश तक निष्पक्ष नहीं होते,कुछ विचारधारा से,कुछ सत्ता परिवर्तन के डर के कारण,कुछ निजी लालच के कारण न्याय नहीं करते हैं 😡
33. अभिव्यक्ति की आजादी और सही इतिहास जिसे दफन कर दिया गया था,वह अब धरती फाड़कर बाहर आ रहा हैै। पर पहले लिखा इतिहास सारा झूठ का पुलंदा था 😡
34. सभी राजनीतिक पार्टियों की वास्तविक हकीकत और उनका एजेंडा पता चला😡
आज मूजे गर्व है कि मेरी आँखें और दिमाग खोलनेवाली इस यूनिवर्सिटी का मै भी विद्यार्थी हूं 👍
#साभार
TRN LIVE: *सुबह वाली राम राम मित्रों👏*
*समय है #नित्य_मानस_पाठ का*
*श्रीरामचरितमानस चतुर्थ सोपान किष्किंधाकांड*
*आज दोहा क्रमांक 16/30*
चौपाई:
*बरषा बिगत सरद रितु आई। लछमन देखहु परम सुहाई॥*
*फूलें कास सकल महि छाई। जनु बरषाँ कृत प्रगट बुढ़ाई॥1॥*
भावार्थ:-हे लक्ष्मण! देखो, वर्षा बीत गई और परम सुंदर शरद् ऋतु आ गई। फूले हुए कास से सारी पृथ्वी छा गई। मानो वर्षा ऋतु ने (कास रूपी सफेद बालों के रूप में) अपना बुढ़ापा प्रकट किया है॥1॥
*उदित अगस्ति पंथ जल सोषा। जिमि लोभहिं सोषइ संतोषा॥*
*सरिता सर निर्मल जल सोहा। संत हृदय जस गत मद मोहा॥2॥*
भावार्थ:-अगस्त्य के तारे ने उदय होकर मार्ग के जल को सोख लिया, जैसे संतोष लोभ को सोख लेता है। नदियों और तालाबों का निर्मल जल ऐसी शोभा पा रहा है जैसे मद और मोह से रहित संतों का हृदय!॥2॥
*रस रस सूख सरित सर पानी। ममता त्याग करहिं जिमि ग्यानी॥*
*जानि सरद रितु खंजन आए। पाइ समय जिमि सुकृत सुहाए॥3॥*
भावार्थ:-नदी और तालाबों का जल धीरे-धीरे सूख रहा है। जैसे ज्ञानी (विवेकी) पुरुष ममता का त्याग करते हैं। शरद ऋतु जानकर खंजन पक्षी आ गए। जैसे समय पाकर सुंदर सुकृत आ सकते हैं। (पुण्य प्रकट हो जाते हैं)॥3॥
*पंक न रेनु सोह असि धरनी। नीति निपुन नृप कै जसि करनी॥*
*जल संकोच बिकल भइँ मीना। अबुध कुटुंबी जिमि धनहीना॥4॥*
भावार्थ:-न कीचड़ है न धूल? इससे धरती (निर्मल होकर) ऐसी शोभा दे रही है जैसे नीतिनिपुण राजा की करनी! जल के कम हो जाने से मछलियाँ व्याकुल हो रही हैं, जैसे मूर्ख (विवेक शून्य) कुटुम्बी (गृहस्थ) धन के बिना व्याकुल होता है॥4॥
*बिनु घन निर्मल सोह अकासा। हरिजन इव परिहरि सब आसा॥*
*कहुँ कहुँ बृष्टि सारदी थोरी। कोउ एक भाव भगति जिमि मोरी॥5॥*
भावार्थ:-बिना बादलों का निर्मल आकाश ऐसा शोभित हो रहा है जैसे भगवद्भक्त सब आशाओं को छोड़कर सुशोभित होते हैं। कहीं-कहीं (विरले ही स्थानों में) शरद् ऋतु की थोड़ी-थोड़ी वर्षा हो रही है। जैसे कोई विरले ही मेरी भक्ति पाते हैं॥5॥
दोहा:
*चले हरषि तजि नगर नृप तापस बनिक भिखारि।*
*जिमि हरिभगति पाइ श्रम तजहिं आश्रमी चारि॥16॥*
भावार्थ:-(शरद् ऋतु पाकर) राजा, तपस्वी, व्यापारी और भिखारी (क्रमशः विजय, तप, व्यापार और भिक्षा के लिए) हर्षित होकर नगर छोड़कर चले। जैसे श्री हरि की भक्ति पाकर चारों आश्रम वाले (नाना प्रकार के साधन रूपी) श्रमों को त्याग देते हैं॥16॥
क्रमशः
🙏🙏🙏
TRN LIVE: 🚩 *सनातन परंपराऐं*
🚩 *चाणक्य नीति*
*⚜️चतुर्थ अध्याय 🌿 श्लोक 20*
🔸 *मूल श्लोक*
*यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः।*
*यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफलाः क्रियाः॥*
🔸 *शब्दार्थ*:
*यत्र – जहाँ*
*नार्यः – स्त्रियाँ*
*तु – तो*
*पूज्यन्ते – पूजित होती हैं*
*रमन्ते – निवास करते हैं*
*तत्र – वहाँ*
*देवताः – देवता*
*यत्र – जहाँ*
*एताः – ये स्त्रियाँ*
*तु – तो*
*न पूज्यन्ते – सम्मानित नहीं होतीं*
*सर्वाः – सभी*
*तत्र – वहाँ*
*अफलाः – निष्फल*
*क्रियाः – कर्म*
*🔸 भावार्थ* :
*जहाँ नारी का सम्मान होता है, वहाँ देवताओं का वास होता है।*
*और जहाँ नारी का अपमान होता है, वहाँ किए गए सभी कर्म निष्फल हो जाते हैं।*
🔸 *नीतिशिक्षा :*
*नारी का सम्मान समाज की उन्नति का आधार है।*
*जिस घर और समाज में नारी पूज्य होती है, वही स्थान पवित्र होता है।*
*नारी के बिना धर्म और संस्कार अधूरे हैं।*
TRN LIVE: 🚩 *श्री मद्भगवद गीता*
🚩 *अध्याय 6 📖 श्लोक 7*
*(ध्यानयोग)*
*🔸 मूल श्लोक :*
*जितात्मनः प्रशान्तस्य परमात्मा समाहितः ।*
*शीतोष्णसुखदुःखेषु तथा मानापमानयोः ॥*
*🔸 शब्दार्थ :*
• *जितात्मनः – जिसने मन को जीत लिया है*
• *प्रशान्तस्य – शांत चित्त वाले का*
• *परमात्मा – परमात्मा*
• *समाहितः – भलीभाँति स्थित होता है*
• *शीत-उष्ण – ठंडा-गरम*
• *सुख-दुःखेषु – सुख और दुःख में*
• *तथा – तथा*
• *मान-अपमानयोः – मान और अपमान में*
🔸 *सरल भावार्थ :*
*जिसने अपने मन को जीत लिया है*
*और जिसका चित्त शांत है,*
*उसके भीतर परमात्मा*
*भलीभाँति स्थित रहता है।*
*ऐसा योगी*
*शीत-उष्ण, सुख-दुःख*
*और मान-अपमान में*
*समभाव रखता है।*
🔸 *विस्तारपूर्वक अर्थ* :
*भगवान श्रीकृष्ण बताते हैं कि*
*जिस साधक का मन*
*वश में है और शांत है,*
*वही परमात्मा के*
*साक्षात्कार के योग्य होता है।*
*बाहरी परिस्थितियाँ*
*उस योगी को*
*विचलित नहीं कर पातीं।*
*समभाव ही*
*आत्मिक स्थिरता का*
*लक्षण है।*
🔸 *भावार्थ*:
*समभाव में स्थित मनुष्य में*
*परमात्मा स्वयं प्रकट हो जाते हैं।*
🔸 *साधक दृष्टिकोण से मुख्य शिक्षा :*
• *मन की विजय से शांति आती है।*
• *समभाव योग की पहचान है।*
• *सुख-दुःख से ऊपर उठना आवश्यक है।*
• *आत्मशांति ही ईश्वर का निवास है।*
TRN LIVE: *सुदामा ने एक बार श्रीकृष्ण से पूछा कान्हा, मैं आपकी माया के दर्शन करना चाहता हूं… कैसी होती है?” श्री कृष्ण ने टालना चाहा, लेकिन सुदामा की जिद पर श्री कृष्ण ने कहा, “अच्छा, कभी वक्त आएगा तो बताऊंगा। एक दिन कृष्ण कहने लगे… सुदामा, आओ गोमती में स्नान करने चलें।*
*दोनों गोमती के तट पर गए, वस्त्र उतारे| दोनों नदी में उतरे। श्रीकृष्ण स्नान करके तट पर लौट आए, पीतांबर पहनने लगे।… सुदामा ने एक और डुबकी मारी तो भगवान कृष्ण ने उन्हें अपनी माया का दर्शन कर दिया।*
*सुदामा को लगा, नदी में बाढ़ आ गई है। वह बहे जा रहे हैं, सुदामा जैसे-तैसे तक घाट के किनारे रुके। घाट पर चढ़े, घूमने लगे। घूमते -घूमते गांव के पास आए, वहां एक हथिनी ने उनके गले में फूल माला पहनाई। बहुत से लोग एकत्रित हो गए, लोगों ने कहा, “हमारे देश के राजा की मृत्यु हो गई है। यहां का नियम है, राजा की मृत्यु के बाद हथिनी, जिस भी व्यक्ति के गले में माला पहना दे, वही हमारा राजा होता है। हथिनी ने आपके गले में माला पहनाई है, इसलिए अब आप हमारे राजा हैं।*
*सुदामा हैरान, राजा बन गया और एक राजकन्या विवाह भी हो गया। दो पुत्र भी पैदा हो गए, जीवन प्रसन्नता पूर्वक बीतने लगा। एक दिन सुदामा की पत्नी बीमार पड़ गई और काल के गाल में समा गई। सुदामा पत्नी वियोग में रोने लगा, राज्य के लोग भी पहुंचे।*
*उन्होंने सुदामा को कहा, आप रोएं नहीं, आप हमारे राजा हैं। वैसे भी दुख की कोई बात नहीं, आपको भी रानी के साथ ही जाना है। बताया कि यह मायापुरी का नियम है। आपकी पत्नी को चिता में अग्नि दी जाएगी, आपको भी अपनी पत्नी की चिता में प्रवेश करना होगा। यह सुनकर सुदामा और जोर से रोने लगा लेकिन लोग नहीं माने।*
सुदामा अपनी पत्नी की मृत्यु को भूल गया,…उसका रोना भी बंद हो गया। अब वह स्वयं की चिंता में डूब गया। जब लोग नहीं माने तो सुदामा ने कहा, चिता में जलने से पहले मुझे स्नान तो कर लेने दो…’ इस पर कुछ लोग पहरे में सुदामा को स्नान कराने नदी में ले गए। सुदामा रोये जा रहे थे और उनके हाथ-पैर कांप रहे थे।
आखिर उन्होंने डुबकी लगाई…और फिर जैसे ही बाहर निकले तो देखा कि मायानगरी कहीं भी नहीं। किनारे पर तो कृष्ण अभी अपना पीतांबर ही पहन रहे थे और वह एक दुनिया घूम आए हैं। सुदामा नदी से बाहर निकले, साथ ही जोर-जोर से रो जाए रहे थे। श्रीकृष्ण ने सबकुछ जानते हुए भी अनजान बनकर पूछा सुदामा से रोने का कारण पूछा। सुदामा ने सारा वृतांत कह सुनाया और पूछा कि यह जो मैं जो देख रहा हूं यह स्वप्न है या जिस माया नगरी से मैं अभी-अभी आया हूं वह स्वप्न था।
भगवान कृष्ण बोले, यही सच है,…मैं ही सच हूं। मेरे से भिन्न, जो भी है, वह मेरी माया ही है। जो मुझे ही सर्वत्र देखता है, महसूस करता है, उसे मेरी माया स्पर्श नहीं करती। जो भी श्री कृष्ण से जुड़ा है, वह माया के आगे नाचता नहीं… भ्रमित नहीं होता
TRN LIVE: *ज़बरदस्त कहानी...*
*जरूर जरूर पढ़ें....*
*एक दिन एक दंपत्ति अपने 10 साल के बच्चे को लेकर डॉक्टर के पास आया। उन्होंने फ़ाइल डॉक्टर साहब की टेबल पर रखी। डॉक्टर ने फ़ाइल देखी और बच्चे की जाँच की। फिर डॉक्टर ने बच्चे से कहा, “बेटा, तुम थोड़ा बाहर बैठो, मैं तुम्हारे मम्मी-पापा से बात करता हूँ।”*
*माता-पिता बोले, “साहब, उसे सब पता है, इसलिए आप हमारी चर्चा उसी के सामने कर सकते हैं।”*
*डॉक्टर बोले, “मैंने पहली बार ऐसा परिवार देखा है जिनके चेहरे पर डर नहीं है।”*
*उन्होंने कहा, “साहब, शुरू में हम भी बहुत परेशान थे, लेकिन धीरे-धीरे भगवान पर भरोसे और विश्वास से हम तीनों का मनोबल मजबूत होता गया।”*
*डॉक्टर ने कहा, “देखिए, बच्चे के दिल की सर्जरी करनी पड़ेगी। मामला गंभीर है। 50-50 संभावना है। अगर सफल हुआ तो ज़िंदगी भर दिल की तकलीफ़ नहीं होगी, और अगर सफल न हुआ… तो आप समझ ही रहे हैं…”*
*माता-पिता बोले, “तो हमें क्या करना चाहिए?”*
*डॉक्टर ने कहा, “मेरे अनुसार मरते-मरते जीने से बेहतर है कि एक बार जोखिम उठा लिया जाए।”*
*वे डॉक्टर से सहमत हो गए।*
*जब उन्होंने डॉक्टर से शुल्क पूछा, तो डॉक्टर बोले, “आम तौर पर मैं एडवांस लेता हूँ, लेकिन आपके केस में ऑपरेशन के बाद बात करेंगे।” और उन्होंने तारीख दे दी।*
*ऑपरेशन के दिन बच्चा और माता-पिता समय पर पहुँचे। किसी के चेहरे पर डर नहीं था। वे बहुत शांत थे। यह केस डॉक्टर के जीवन का एक उदाहरण बन गया।*
*ऑपरेशन थिएटर में बच्चे को टेबल पर लिटाया गया।* *एनेस्थीसिया देने से पहले डॉक्टर ने उसके सिर पर हाथ फेरते हुए प्यार से पूछा,*
*“बेटा, तुम्हारा नाम क्या है?”*
बच्चे ने मुस्कुराकर कहा, “आनंद।”
डॉक्टर ने मज़ाक में कहा, “बेटा, तुम्हारे नाम की तरह ही तुम हमेशा आनंद में रहो। ऑपरेशन शुरू करने से पहले कुछ कहना है?”
बच्चा बोला, “साहब, दिल क्या होता है?”
डॉक्टर बोले, “बेटा, दिल यानी हृदय, जिसकी सर्जरी आज हम करेंगे।”
बच्चा बोला, “साहब, मम्मी-पापा हमेशा कहते हैं कि हर इंसान के दिल में राम रहते हैं।
तो जब आप मेरा दिल खोलें, तो ज़रा देखना कि मेरे अंदर बैठे राम कैसे हैं, फिर मुझे बताना कि वे कैसे दिखते हैं।”
डॉक्टर की आँखें भर आईं।
डॉक्टर ने अपने स्टाफ को पूरा केस पहले ही समझा दिया था, इसलिए सबकी आँखें नम हो गईं।
डॉक्टर बोले, “हज़ारों ऑपरेशन मैंने किए हैं, लेकिन पता नहीं क्यों, इस बच्चे का ऑपरेशन करते हुए मेरा मन और हाथ काँप रहे हैं।”
उन्होंने आँखें बंद कीं और भगवान से प्रार्थना की—
“अब तक मैंने हर ऑपरेशन को पेशे की तरह किया है,
पर यह ऑपरेशन श्रद्धा और विश्वास पर आधारित है।
मैं तो बस दिल की सर्जरी करता हूँ,
पर तू ही उसका सर्जन है।
मेरे इस प्रयास को सफल बना।”
कहकर उन्होंने ऑपरेशन शुरू किया।
ऑपरेशन आगे बढ़ रहा था, सफलता की पूरी संभावना थी,
लेकिन अचानक बच्चे का ब्लड प्रेशर गिरने लगा, शरीर ठंडा पड़ने लगा, और अंत में… सब शांत हो गया।
डॉक्टर की आँखों में आँसू आ गए —
“हे भगवान! तू जीत गया, मैं हार गया…”
कहकर उन्होंने थिएटर की सारी लाइटें ऑन कीं और हाथ धोने लगे।
तभी अचानक उन्हें बच्चे के शब्द याद आए —
“जब मेरा दिल खोलो तो देखना, राम कैसे हैं…”
डॉक्टर तुरंत बच्चे के दिल की ओर देखे और ज़ोर से बोले —
“क्या तुम्हें राम दिख रहे हैं?”
इतना कहते ही एक अद्भुत चेतना बच्चे के दिल में लौट आई,
दिल फिर से धड़कने लगा!
पूरा स्टाफ खुशी से चिल्ला उठा —
“जय श्री राम!”
ऑपरेशन पूरा हुआ और बच्चा बच गया।
डॉक्टर ने फीस नहीं ली और कहा —
“हज़ारों ऑपरेशन किए,
पर कभी यह नहीं सोचा कि राम कहाँ हैं?
इस बच्चे ने आज मुझे दिखा दिया कि राम हमारे दिल में रहते हैं।”
जब हम अपनी बुद्धि के दरवाज़े बंद करते हैं, तब भगवान अपने दरवाज़े खोलता है।
🌸🙏🌸🙏🌸🙏
यह लेख सभी के काम का है — कृपया बिना कोई बदलाव किए सभी को शेयर करें।
सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः।
🙏🌹😊🙏🌹😊🙏🌹
🙏🙏🙏🌹🌹
TRN LIVE: *बंगाल के नदिया में तोड़ी गई माँ सरस्वती और देवी काली की मूर्तियाँ, CCTV में मिले सबूत: BJP ने ममता सरकार पर सवाल उठाए*
*पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में सर्ब नंदी पाड़ा इलाके में बुधवार (7 जनवरी 2026) की सुबह उस वक्त भारी तनाव पैदा हो गया, जब लोकोनाथ मंदिर के सामने स्थित एक मूर्ति कार्यशाला में दर्जनों धार्मिक मूर्तियों को तोड़ दिया गया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, दो लोगों ने रात के अंधेरे में देवी सरस्वती और माँ काली की मूर्तियों को तोड़ा।*
*पिछले 30 वर्षों से मूर्तियाँ बनाने का काम कर रहे अनुभवी मूर्तिकार जयंत दास ने बताया कि उनकी बनाई करीब 60 से 70 मूर्तियाँ जमीन पर टूटी हुई पड़ी थीं। उन्होंने कहा कि दशकों से इस इलाके में काम करने के बावजूद उन्होंने ऐसी घटना पहले कभी नहीं देखी। इस घटना से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान के साथ-साथ गहरा मानसिक आघात भी पहुँचा है।*
*घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए और दोषियों की गिरफ्तारी की माँग को लेकर नाराजगी जाताई। पुलिस द्वारा आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जाँच में अमित दास और उसके भाई असित दास की संलिप्तता सामने आई है। जयंत दास के अनुसार, अमित दास ने घटना से कुछ दिन पहले उनकी कार्यशाला में आकर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी थी।*
*शांतिपुर पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है और आरोपितों की तलाश में छापेमारी जारी है, हालाँकि खबर लिखे जाने तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी।*
*इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य में खतरनाक कट्टरपंथियों को संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने शांतिपुर की घटना को बंगाल की सांस्कृतिक और धार्मिक अस्मिता पर हमला बताया।*
🙏🚩🇮🇳🔱🏹🐚🕉️
TRN LIVE: 14 वर्ष पुराना वीडियो सुनिए
आपको याद होगा जब नवाज शरीफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री थे तब उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कहा था वह एक देहाती औरत की तरह है
उस वक्त बीजेपी के सभी नेता जिसमें गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी भी थे उन्होंने नवाज़ शरीफ़ को जमकर का फटकारा था कि आप भारत के प्रधानमंत्री के बारे में ऐसी बात कैसे कर सकते हो
मैं खुद उस वक्त फेसबुक और ट्विटर पर कई पोस्ट लिखकर नवाज शरीफ के इस बयान की निंदा की हमारा मनमोहन सिंह से वैचारिक विवाद है लेकिन कोई दूसरे देश का प्रधानमंत्री अगर हमारे प्रधानमंत्री के बारे में गलत बोलेगा तो हम उसे कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे
अभी कल एक बंदे ने ट्वीट किया कि अमेरिका के किसी भी राष्ट्रपति ने भारत के किसी भी कांग्रेसी प्रधानमंत्री को अपशब्द नहीं कहा फिर मैं सिर्फ उसे इतना ही जवाब दिया कि निक्सन ने इंदिरा गांधी को क्या गाली दी थी तुम गूगल पर सर्च कर लो क्योंकि मैं वह गाली यहां नहीं लिख सकता
अब देखिए इस वक्त दुनिया के सभी देश यही कह रहे हैं कि ट्रंप पर उम्र हावी हो चुकी है ट्रंप पागल हो चुका है वह तो आज सुबह उसने मेक्सिको पर भी बम गिराने की धमकी दे दी डेनमार्क को धमकी दे रहा है डेनमार्क की राष्ट्रपति ने कह दिया कि अगर ग्रीनलैंड की तरफ देखा तो पहले गोली हमारी चलेगी
फ्रांस के राष्ट्रपति का बेहद घटिया मजाक उड़ा रहा है कई देशों के राष्ट्र प्रमुख की मिमिक्री कर रहा है मोदी जी पर भी उल्टा सीधा बोल रहा है
दुनिया के सभी देश का विपक्ष अपनी देश के सत्ता के साथ है क्योंकि जब बाहरी व्यक्ति कुछ भी बोलता है तो उस वक्त देश के विपक्ष का यही कर्तव्य होता है
लेकिन जब ट्रंप भारत पर ऑपरेशन सिंदूर पर मोदी पर कुछ बोलता है कांग्रेस के सभी प्रवक्ता सभी नेता खुश होकर ताली बजाकर लहंगा उठा कर डांस कर रहे हैं
गजब के दोगले लोग हैं भाई
वंदे मातरम
🕉️🇮🇳 वंदेमातरम्🚩🚩,👇👇
TRN LIVE: *ये बंदा याद है❓*
*यह है👉अहमद मुर्तजा अब्बासी*
10वीं कक्षा का टॉपर
12वीं कक्षा का टॉपर
आईआईटी बॉम्बे टॉपर
शीर्ष विश्वविद्यालय में प्रवेश प्राप्त
स्वीडन और फ्रांस से नौकरी के प्रस्ताव
नायरा ऑयल में उच्च वेतन वाली नौकरी
*फिर भी उसने* 2022 में दरांती उठाई *और गोरखनाथ मंदिर पर* हमला कर दिया।
*संस्कृति? पुस्तक? दानव?*
*हमारा कहना सिर्फ इतना है कि* सिर्फ शरजील इमाम अकेला पढ़ा लिखा नहीं हैं *बल्कि उसके जैसे हजारो* डॉक्टर, इंजीनियर और स्नातक है *जो 100 किताबें पढ़ते हैं* पर विश्वास केवल *एक ही किताब* पर करते हैं ।
*क्योंकि यह विधर्मी दानव संस्कृति है.*
*अपने अवतार का अनुकरण करते हैं.*
*और हमने अपने कलयुग के युगावतार पूर्णावतार जगत्गुरु भगवान श्रीकृष्ण का अनुकरण और आदेश पालन,यानी अपना धर्म निभाना छोड़ दिया है.*
*हम हिंदुओं के धर्म त्याग कर जीने से - हम अधर्मी हो चुके-*
*इसलिये विधर्मी दानव संस्कृति - मानव संस्कृति/ हम पर हावी हो रहा है.*
TRN LIVE: *🕉️गीता भावार्थ*
*अथ द्वितीयोऽध्याय:*
*श्रीभगवानुवाच*
*यदा ते मोह-कलिलं बुद्धिर्-व्यति-तरिष्यति।*
*तदा गन्तासि निर्वेदं श्रोतव्यस्य श्रुतस्य च।।५२।।*
अब सच्चिदानंद श्रीकृष्ण भगवान सर्वोच्च श्रेणी के परम वैराग्य का वर्णन कर रहे हैं। श्री कृष्ण भगवान अर्जुन से कहते हैं कि-
जब तुम्हारी बुद्धि मोहरूप दलदल को तर जाएगी- पार कर जाएगी, उस समय तुम्हें सुनने योग्य और सुने हुए भोगों से वैराग्य हो जाएगा।
*श्रुति-विप्रति-पन्ना ते यदा स्थास्यति निश्चला।*
*समा-धावचला बुद्धिस्-तदा योग-मवाप्स्यसि।।५३।।*
अब नीलोत्पल दल श्याम पीतांबर परिधान पुरुषोत्तम श्रीकृष्ण भगवान कुन्ती नंदन नरोत्तम अर्जुन से कहते हैं कि-
नाना प्रकार के प्रिय लगने वाले भोगों को सुनकर विचलित हुई बुद्धि जब परमात्मा के स्वरूप में स्थायी रूप से स्थित हो जाएगी, तब तुम्हें योग की प्राप्ति होगी- तुम योग में सिद्ध हो जाओगे।
यहां यदा- जब और तदा-तब से योगसिद्धि का समय और लक्षण कहा गया है।
*अर्जुन उवाच*
*स्थित-प्रज्ञस्य का भाषा समाधिस्थस्य केशव।*
*स्थितधी: किं प्रभाषेत किमासीत व्रजेत किम्।।५४।।*
पुरुषोत्तम श्रीकृष्ण भगवान का मार्मिक वचन सुनकर कुंती नंदन नरोत्तम अर्जुन बोले-
हे केशव, समाधि में स्थित स्थितप्रज्ञ योगी के क्या लक्षण हैं। स्थितप्रज्ञ योगी पुरुष कैसे बोलता है, कैसे बैठता है और कैसे चलता है।
भक्त प्रवर अर्जुन का प्रश्न सुनकर सर्वज्ञ श्रीकृष्ण भगवान ब्राह्मी स्थिति को प्राप्त हुए गुणातीत मनुष्य के लक्षण विस्तार से कह रहे हैं। ये सिद्ध योगी के लक्षण हैं। गुणातीत अवस्था प्राप्त होते ही मन की चंचलता सदैव के लिए समाप्त हो जाती है और बुद्धि परमात्मा के स्वरूप में एकरस स्थित हो जाती है। उसके ऊपर गुणों का प्रभाव नहीं पड़ता और समता प्राप्त होती है। उस समय योगी को अक्षय परम आनंद की प्राप्ति होती है। वह सदा के लिये तृप्त हो जाता है और वह आनंद के लिए विषयों पर निर्भर नहीं रहता। यह बहुत ही दुर्लभ अवस्था है और किसी विरले महापुरुष को प्राप्त होती है। ऐसे योगी इस संसार में विरले होते हैं। जो लोग इसे प्राप्त नहीं किए हैं, वे केवल वर्णन सुनकर अनुमान ही कर सकते हैं, जैसे जो आम का फल नहीं खाए हैं, वे केवल उसका वर्णन सुनते हैं, उसका वास्तविक स्वाद नहीं जानते कि आम का स्वाद कैसा होता है। यह अनुभव तमोगुण, रजोगुण और सत्व गुण से ऊपर उठने पर जब योगी को तुरीय अवस्था अर्थात् चतुर्थ अवस्था प्राप्त होती है, जिसे गुणातीत अवस्था कहते हैं, तब यह अवस्था योगी के हृदय में प्रकट हो जाता है और उस समय इस ब्राह्मी स्थिति के वास्तविक स्वरूप का अनुभव होता है। तमोगुणी और रजोगुणी मनुष्यों का इसमें प्रवेश नहीं है और सत्त्वगुणी मनुष्य इसका अनुमान से वर्णन कर सकते हैं, इसका वास्तविक स्वरूप नहीं जानते। केवल गुणातीत सिद्ध योगी ही जो समता प्राप्त कर चुके हैं, इसका स्वरूप अथवा रहस्य यथार्थ रूप से जानते हैं। अत: आगे का वर्णन बहुत ही महत्वपूर्ण है। इसे ध्यान पूर्वक पढ़ने का कष्ट करें।
*श्रीभगवानुवाच*
*प्रजहाति यदा कामान् सर्वान् पार्थ मनोगतान्।*
*आत्मन्ये-वात्मना तुष्ट: स्थित-प्रज्ञस्-तदोच्यते।।५५।।*
अब सच्चिदानंद मुकुंद परमात्मा गोविंद सर्वज्ञ श्रीकृष्ण भगवान भक्त प्रवर अर्जुन से कहते हैं कि जब मनुष्य मन में स्थित संपूर्ण कामनाओं को त्याग देता है, उस समय वह हृदय में परम आनंद प्राप्त करके संतुष्ट हो जाता है और तब वह स्थितप्रज्ञ बन जाता है। यहां स्थितप्रज्ञ योगी की दशा का वर्णन है।
*गुरुतर कर्म धर्म उपदेशा।* *केशव महिमा कथन विशेषा।।*
धर्म का उपदेश देना कठिन कार्य है और श्रीकृष्ण भगवान की महिमा का कथन करना तो सबसे कठिन कार्य है।
*कृष्णस्तु भगवान् स्वयम्।*
स्वयं श्रीभगवान ही श्रीकृष्ण रूप में अवतार लिए हैं।
*वासुदेव परमाक्षर रूपा।*
*हरि गोविन्द चतुर्भुज रूपा।*
*सुन्दर विग्रह मेघ समाना।*
*कृष्ण कमल लोचन भगवाना।।*
*भगवान वासुदेव परम अक्षर अविनाशी सनातन अव्यक्त स्वरूप हैं। भगवान हरि गोविन्द चतुर्भुज रूप में प्रकट हुए। कमल नयन श्रीकृष्ण भगवान की देह नील मेघ के समान अत्यंत सुंदर है।
*नीलोत्पल दल श्याम हरि हृदय कमल कर ध्यान।*
*परम ब्रह्म परमात्मा*
*वासुदेव भगवान।।*
*गीता सुगीता कर्तव्या*
*जय भगवद् गीते*
*विजय नारायण गुरुजी वाराणसी*
TRN LIVE: 🕉️मैं ही शिव हूँ
शूलपाड़ि शम्भु शशिशेखर, पूषदन्तभित् दक्षाध्वरहर,
अहिर्बुध्न्य स्थाणु दिगम्बर, पाशविमोचन हर शिव शंकर,
वीरभद्र गिरिधन्वा ईश्वर, अष्टमूर्ति पशुपति विश्वेश्वर,
सोम भर्ग सर्वज्ञ गिरिश्वर, पाशविमोचन हर शिव शंकर…..
मैं ही पर्वत, मैं ही सागर; मैं ही अमृत और हलाहल,
मैं ही विषधर खुद को मथता, हर मंथन में मैं ही मैं हूँ,
मैं ही शिव हूँ, मैं ही शिव हूँ, मैं ही शिव हूँ, मैं ही शिव हूँ…..
मैं ही सर्प, सूर्य और तरुवर, मैं ही भूमि, तपन और भूचर,
मैं भुजंग व्याकुल जो लिपटा, उस चन्दन में मैं ही मैं हूँ,
मैं ही व्योम, पिंड, और काया, मैं ही लोभ, मोह और माया,
बन बैरागी जिसको त्यागा, उस कंचन में मैं ही मैं हूँ…..
मैं ही हूँ उत्पत्ति जगत की, मैं ही हूँ आरम्भ स्वयं का,
हर रचना मेरी ही कृति है, संरचना में मैं ही मैं हूँ,
मैं ही बूँद, घूँट, और गागर, मैं ही झील, नदी, और सागर,
मैं ही बह कर निज में मिलता, हर संगम में मैं ही मैं हूँ,
मैं ही शिव हूँ, मैं ही शिव हूँ, मैं ही शिव हूँ, मैं ही शिव हूँ…..
TRN LIVE: ।। 🕉️श्रीहरिः ।।
श्रद्धेय स्वामी श्रीअखण्डानन्दजी सरस्वती महाराज
----------------------------------------
वर्तमान के वास्तविक स्वरूप की व्याख्या
----------------------------------------
'आदावन्ते च यन्नास्ति वर्तमानेऽपि तत्तथा।'
-- माण्डूक्यकारिका- वैतथ्य प्रकरण प्रवचन॥६॥
'आदावन्ते च यन्नास्ति'- यह श्लोक इतना प्रसिद्ध है कि जैसे गाँवके लोग बात-बातमें रामचरितमानसकी चौपाई बोलते हैं, वैसे ही वेदान्तके संस्कारसे सम्पन्न विरक्त लोग इस श्लोकको बात-बातमें ज्यादा बोलते हैं।
'जो वस्तु आदिमें न हो और अन्तमें न हो, वह वस्तु वर्तमानमें भी नहीं है।'
श्रीमद्भागवतकी 'रास पञ्चाध्यायी' में एक दृष्टान्त आया है- गोपियोंने श्रीकृष्णसे पूछा कि तुम हमलोगोंको छोड़कर अन्तर्धान क्यों हो गये? तो उन्होंने कहा कि प्रेमसे। भला यह क्या प्रेम है? छोड़कर भाग गये? तो
श्रीकृष्णने एक दृष्टान्त दिया कि एक बहुत गरीब आदमी था-खाता था, पीता था, पहनता था, बहुत मस्त रहता था। एक दिन रास्तेमें चलते-चलते उसको हजारों
रुपयेकी सम्पत्ति मिल गयी। अब उसने उठा लिया और घरमें ले जाकर रखा। बड़ा प्रेम हो गया। अभिमान हो गया कि हमारे पास हजार हैं । एक दिन कोई चुरा ले गया। चुरा ले गया तो रोने लगा कि हाय-हाय, हमारी तो चोरी हो गयी। तो लोगोंने कहा कि भाई, चोरी हो गयी तो दुःखी होनेकी क्या बात है? पहले जैसे तुम्हारे पास नहीं था और मस्त रहते थे, खाते थे, पीते थे, सोते थे; वैसे अब भी खाओ, पीओ, रहो। यह तो बीचमें एक गड़बड़ आ गयी और चली गयी। इसके लिए रोनेकी भला क्या जरूरत? बोला कि नहीं, अब तो इससे प्रेम हो गया। अब इसे कैसे छोड़ सकते हैं?
'यथाधनो लब्धधने विनष्टे तच्चिन्तयान्यन्निभृतो न वेद'। (भागवत, १०. ३२. २०)
'जैसे कोई निर्धन व्यक्ति एकाएक प्राप्त-धनका नाश हो जाने पर उसकी चिन्तासे इतना व्याकुल हो जाता है कि उसको दूसरा कुछ सूझता ही नहीं।'
ऐसे दुनियाके जो लोग हैं, उनकी दशा है। आये थे जब, तब अपने साथ क्या लेकर आये थे? नंगे आये थे, तनपर कपड़ा भी तो नहीं था। कुछ यह जाने लगे तो रोना क्यों? भई, अब कैसे रहेंगे? बोले कि इसके बिना जैसे
पूंजी भी लेकर नहीं आये थे। कुछ भी अपने साथ नहीं था- मकान नहीं, मोटर नहीं, कपड़ा नहीं, रुपया नहीं और, बीचमें यह मिल गया। अब यदि पहले रहते थे, वैसे अब भी रह सकते हैं। जैसे ब्याहके पहले मस्त थे अकेले, वैसे बादमें भी अकेले रह सकते हैं। जैसे बेटेके पहले मस्त थे, वैसे बेटेके बाद भी अकेले रह सकते हैं। जैसे धनके पहले अकेले मस्त थे वैसे धनके बाद भी मस्त रह सकते हैं। क्योंकि, जब वस्तुकी आदि है और वस्तुका अन्त है; तो अगर वह सच्ची चीज होती तो आदि-अन्तवाली न होती।
अतः बीचमें उस चीजका आना ऐसे-ही है, जैसे सपनेका आना। सपनेमें जैसे कोई ब्याह हो जाय, कोई धन आजाय। आपको भक्तोंकी एक बात सुनाता हूँ। नवद्वीपमें एक पण्डित थे। श्री चैतन्य महाप्रभु उनके घरमें कीर्तनके लिए आनेवाले थे। महाप्रभुके आनेके पहले ही उनका बेटा बड़े जोरसे बीमार पड़ गया और मर गया। अब उन्होंने सोचा कि अगर यह बात हम जाहिर कर देंगे तो महाप्रभु हमारे घरमें आवेंगे नहीं और आगे भी तो संकीर्तन नहीं करेंगे। तो उसने, अपने बेटेकी लाशको कमरेमें बन्दकर दिया और महाप्रभु आये तो खूब हँस-हँसकर स्वागत किया और कीर्तन होने लगा। देखो, उसका चित्त देखो। महाप्रभुको मालूम पड़ा कि घरमें कुछ उदासीका वातावरण है उन्होंने पूछा कि क्या बात है? उसने कहा कि कोई बात नहीं है। महाप्रभु बोले कि नहीं, कुछ-न-कुछ है । बताओ। तो उसने बताया कि है कुछ नहीं। भगवान् ने अपनी चीज हमको थोड़े दिनोंके लिए दी थी और आज फिर उन्होंने हमारी गोदमें-से अपनी
गोदमें ले ली। उस जीवका तो कल्याण हो गया।आप खूब आनन्दमें कीर्तन करो।
देखो, यह एक भक्तका हृदय है। उसको यह दिखता है कि भगवान् ही आदि और भगवान् ही अन्त। बीचमें उन्हींकी दी हुई चीज आयी थी और उन्होंने ले ली।
सांख्यवादी कहते हैं कि प्रकृतिमें एक फूल खिला। पहले फूल कहाँ था? थोड़ी देर खिला और मुरझा गया। वैशेषिकवादी कहते हैं कि कुछ अणु आपसमें मिले तो एक फूल तैयार हुआ। जब तक अणु मिले रहे, तब तक फूल रहा और बिछुड़ गये तो फूल भी
नहीं रहा। मायावादी कहते हैं कि जादूके खेलमें जैसे कोई चीज ऊपरसे पटक दो, आवे और फिर जब जादूगरने जादू समेटा तो चीज नदारद ।
दुनियाका यही खेल है। एक प्रकृतिका फूल है, एक परमाणुओंका समूह है, एक जादूका खेल है, एक ईश्वरका सङ्कल्प है, एक ब्रह्मकी स्फुरणा है। अपने स्वरूपमें एक स्फुरणा हुई और सृष्टि दिखी और लुप्त हो गयी।
'आदावन्ते च यतन्नास्ति वर्तमानेऽपि तत्तथा।'
पहले नहीं थी, बादमें नहीं रहेगी। यह बीचकी जो स्फुरणा है, उसको इतना क्यों पकड़ते हो? जादूके खेल को इतना क्यों पकड़ते हो? सब तकलीफोंकी जड़ यही है। संसारमें जितना कष्ट होता है,
उसका कारण इस मिथ्या सृष्टिको पकड़कर रखना है।
अव्यक्तादीनि भूतानि व्यक्तमध्यानि भारत।
अव्यक्तनिधनान्येव। तत्र का परिदेवना।।
'हे भारत ! सभी प्राणी जन्मसे पहले अप्रकट थे और मरनेके बाद अप्रकट हो जायँगे, केवल बीचमें ही प्रकट दीखते हैं। अतः इसमें शोक करनेकी बात ही क्या है?'
(गीता-२.२८)
अदर्शनादापतितः, पुनश्चादर्शनं गतः।
न स तव न तस्य त्वं, वृथा किं परितप्यसे॥
एक अनजानी जगहसे एक चीज टपक पड़ी और फिर वहीं खो गयी
'अदर्शनादापतित:'-अनजानी जगहसे आयी और 'अदर्शनंगत:'- अनजानी जगहमें उड़ गयी। 'न स तव'- वह तुम्हारा नहीं था, 'न तस्य त्वं'-तुम उसके नहीं हो। वृथा किं परितप्यसे'? व्यर्थ क्यों शोक करते हो? शोक करनेका कारण क्या है?
तो, 'आदावन्ते च यन्नास्ति वर्तमानेऽपि तत्तथा।' जो 'मृगतृष्णा होती है, जैसे ऊसरमें पानी दिखायी पड़े, जैसे सीपमें चाँदी, जैसे रस्सीमें साँप, जैसे आकाशमें नीलिमा; ऐसे-ही तो यह 'वितथाः'। ये सब-के-सब 'वितथैः सदृशाः सन्तो'-झूठी चीजोंके समान ही सब पदार्थ दिख रहे हैं। परन्तु, जब तुम उनसे मोहकर बैठते हो, ममता कर बैठते हो, तब वे सच्चे दिखायी पड़ते हैं।
सत्साहित्य प्रकाशन ट्रस्ट द्वारा प्रकाशित परम पूज्य श्री अखण्डानन्दजी सरस्वती महाराजके प्रवचनों का संकलन पुस्तक- 'माण्डूक्यकारिका- वैतथ्य प्रकरण प्रवचन' से।
TRN LIVE: 🕉️जो सर्वश्रेष्ठ हो वही अपने ईश्वर को समर्पित हो
एक नगर मे एक महात्मा जी रहते थे और नदी के बीच मे भगवान का मन्दिर था और वहाँ रोज कई व्यक्ति दर्शन को आते थे और ईश्वर को चढाने को कुछ न कुछ लेकर आते थे! एक दिन महात्मा जी अपने कुछ शिष्यों के साथ नगर भ्रमण को गये तो बीच रास्ते मे उन्हे एक फल वाले के वहाँ एक आदमी कह रहा था की कुछ सस्ते फल दे दो भगवान के मन्दिर चढाने है! थोड़ा आगे बढे तो एक दुकान पर एक आदमी कह रहा था की दीपक का घी देना और वो घी ऐसा की उससे अच्छा तो तेल है! आगे बढे तो एक आदमी कह रहा था की दो सबसे हल्की धोती देना एक पण्डित जी को और एक किसी और को देनी है!
• फिर जब वो मन्दिर गये तो जो नजारा वहाँ देखा तो वो दंग रह गये!
• उस राज्य की राजकुमारी भगवान के आगे अपना मुंडन करवा रही थी और वहाँ पर एक किसान जिसके स्वयं के वस्त्र फटे हुये थे पर वो कुछ लोगों को नये नये वस्त्र दान कर रहा था! जब महात्मा जी ने उनसे पूछा तो किसान ने कहा हॆ महात्मन चाहे हम ज्यादा न कर पाये पर हम अपने ईश्वर को वो समर्पित करने की ईच्छा रखते है जो हमें भी नसीब न हो और जब मैं इन वस्त्रहीन लोगों को देखता हूँ तो मेरा बड़ा मना करता है की इन्हे उतम वस्त्र पहनावे!
• और जब राजकुमारी से पूछा तो उस राजकुमारी ने कहा हॆ देव एक नारी के लिये उसके सिर के बाल अति महत्वपुर्ण है और वो उसकी बड़ी शोभा बढ़ाते है तो मैंने सोचा की मैं अपने इष्टदेव को वो समर्पित करूँ जो मेरे लिये बहुत महत्वपुर्ण है इसलिये मैं अपने ईष्ट को वही समर्पित कर रही हूँ!
• जब उन दोनो से पूछा की आप अपने ईष्ट को सर्वश्रेष्ठ समर्पित कर रहे हो तो फिर आपकी माँग भी सर्वश्रेष्ठ होगी तो उन दोनो ने ही बड़ा सुन्दर उत्तर दिया!
• हे देव हमें व्यापारी नही बनना है और जहाँ तक हमारी चाहत का प्रश्न है तो हमें उनकी निष्काम भक्ति और निष्काम सेवा के अतिरिक्त कुछ भी नही चाहिये!
• जब महात्मा जी मन्दिर के अन्दर गये तो वहाँ उन्होने देखा वो तीनों व्यक्ति जो सबसे हल्का घी, धोती और फल लेकर आये साथ मे अपनी मांगो की एक बड़ी सूची भी साथ लेकर आये और भगवान के सामने उन मांगो को रख रहे है!
• तब महात्मा जी ने अपने शिष्यों से कहा हॆ मेरे अतिप्रिय शिष्यों जो तुम्हारे लिये सबसे अहम हो जो शायद तुम्हे भी नसीब न हो जो सर्वश्रेष्ठ हो वही ईश्वर को समर्पित करना और बदले मे कुछ माँगना मत और माँगना ही है तो बस निष्काम-भक्ति और निष्काम-सेवा इन दो के सिवा अपने मन मे कुछ भी चाह न रखना!
इसीलिये एक बात हमेशा याद रखना की भले ही थोड़ा ही समर्पित हो पर जो सर्वश्रेष्ठ हो बस वही समर्पित हो!
डॉ0 विजय शंकर मिश्र:।
🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸
TRN: *"🕉️पूजन-भजन और भक्ति करना क्या है?"*
जैसे पिता के अनुरूप होनेसे ही पुत्र कहा जाता है, गुरुके अनुसार चलने से ही शिष्य माना जाता है, वैसे ही अपने-अपने इष्टका अथवा भगवान् का अनुसरण करनेवाले को ही उस इष्टका अथवा भगवान् का भक्त कहा जाता है।
केवल नाम रटने मात्र से भजन करना नहीं हो जाता है, अगर नाम रटना मात्र ही भजन करना होता है तो फिर राम-राम रटनेवाले तोते को भक्त क्यों नहीं कहा जाता है?
अपनी-अपनी रुचि अनुसार इष्टके प्रति श्रद्धा और आस्था दृढ़ करने के लिये ही नाम लेने को कहा जाता है। नाम लेते-लेते अपने-अपने इष्टसे प्रेम हो जाता है और प्रेम हो जानेसे उनके चरित्र-कथा सुनने में आनन्द आने लगता है और आनन्द मिलने से ही भक्त अपने इष्ट अथवा भगवान् का ही अनुसरण करने की ही चेष्टा करने लगता है और अनुकरण करनेसे ही वह भगवान् का भक्त कहलाता है।
इस मनुष्यशरीर अथवा मनुष्ययोनि को छोड़कर और सभी प्रकारके शरीर अथवा योनियों को भोग योनियाँ ही कहा जाता है, इसीलिये ही इस मनुष्य शरीर को पाना तो देवताओं के लिये भी दुर्लभ माना जाता है - ऐसा ही सब ग्रन्थोंने भी कहा है। यह भक्ति केवल इसी मनुष्य शरीर से ही हो पाती है क्योंकि इस मनुष्य शरीर को ही साधनों का धाम और मोक्षका दरवाजा भी कहा जाता है -
बड़े भाग मानुष तनु पावा। सुर दुर्लभ सब ग्रंथन्हि गावा।।
साधन धाम मोच्छ कर द्वारा। पाइ न जेहिं परलोक सँवारा।।
भगवान् श्रीकृष्णजी भी कहते हैं -
यतः प्रवृत्तिर्भूतानां येन सर्वमिदं ततम्।
स्वकर्मणा तमभ्यर्च्य सिद्धिं विन्दति मानवः।।
जिस परमेश्वरसे सम्पूर्ण प्राणियोंकी उत्पत्ति हुई है और जिससे यह समस्त जगत् व्याप्त है, (जैसे बर्फ जलसे व्याप्त है, वैसे ही सम्पूर्ण संसार सच्चिदानन्दघन परमात्मासे व्याप्त है।), उस परमेश्वरकी अपने स्वाभाविक कर्मोंद्वारा पूजा करके (जैसे पतिव्रता स्त्री पतिको ही सर्वस्य समझकर पतिका चिन्तन करती हुई, पतिके आज्ञानुसार पतिके ही लिये मन, वाणी, शरीरसे कर्म करती है, वैसे ही परमेश्वरको ही सर्वस्व समझकर परमेश्वरका चिन्तन करते हुए परमेश्वरकी आज्ञाके अनुसार मन, वाणी और शरीरसे परमेश्वरके ही लिये स्वाभाविक कर्तव्यकर्मका आचरण करना 'कर्मद्वारा परमेश्वरको पूजना' है।) मनुष्य परमसिद्धिको प्राप्त हो जाता है।।
यह समस्त चराचर जगत् उसी परमेश्वर परमात्माका ही रूप है, उसके सिवाय दूसरा कुछ भी नहीं है। श्रीरामचरितमानस में भी भगवान् शंकरजी भी कहते हैं -
सगुनहि अगुनहि नहिं कछु भेदा। गावहिं मुनि पुरान बुध बेदा।।
अगुन अरूप अलख अज जोई। भगत प्रेम बस सगुन सो होई।।
जो गुन रहित सगुन सोइ कैसें। जलु हिम उपल बिलग नहिं जैसें।। यही भगवान् श्रीकृष्णजी भी कहते हैं -
मुझ निराकार परमात्मासे यह सब जगत् जलसे बरफके सदृश परिपूर्ण है और सब भूत मेरे अन्तर्गत संकल्पके आधार स्थित हैं, किन्तु वास्तवमें मैं उनमें स्थित नहीं हूँ।।
अर्थात् इस संसार में जो कुछ भी है और जैसा भी है वह अपने ही संकल्प के कारण ही है, इसी संकल्प को ही वासना और कामना भी कहते हैं। इसी वासना और कामनाओं के कारण ही हम विविध प्रकारके शरीरोंको प्राप्त होते हैं -
इस देहमें यह सनातन जीवात्मा मेरा ही अंश है (जैसे विभागरहित स्थित हुआ भी महाकाश घटोंमें पृथक्-पृथक् की भाँति प्रतीत होता है, वैसे ही सब भूतोंमें एकरूपसे स्थित हुआ भी परमात्मा पृथक्-पृथक् की भाँति प्रतीत होता है, इसीसे देहमें स्थित जीवात्माको भगवान् ने अपना 'सनातन अंश' कहा है।) और वही इन प्रकृतिमें स्थित मन और पाँचों इन्द्रियोंको आकर्षण करता है।।
वायु गन्धके स्थानसे गन्धको जैसे ग्रहण करके ले जाता है, वैसे ही देहादिका स्वामी जीवात्मा भी जिस शरीरका त्याग करता है, उससे इन मनसहित इन्द्रियोंको ग्रहण करके फिर जिस शरीरको प्राप्त होता है - उसमें जाता है।।
लेकिन इस प्रकारका भजन बहुत जन्मोंके अन्तके जन्ममें ही सम्भव होता है -
बहूनां जन्मनामन्ते ज्ञानवान्मां प्रपद्यते।
वासुदेवः सर्वमिति स महात्मा सुदुर्लभः।।
बहुत जन्मोंके अन्तके जन्ममें तत्त्वज्ञानको प्राप्त पुरुष, सब कुछ वासुदेव ही है - इस प्रकार मुझको भजता है, वह महात्मा अत्यन्त दुर्लभ है।।
🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺
TRN LIVE: ‼️🕉️हनुमान प्रभु को किसी परिचय की आवश्यकता नहीं है। सभी जानते हैं कि वे शंकर सुवन केसरी नंदन हैं। वे अंजनी पुत्र पवनसुत हैं। महावीर, विक्रम, बजरंगी हैं, ज्ञान और गुणों के सागर हैं। हनुमत सहस्त्र नामावलि प्रमाण है कि उनके लिए अनेक विशेषण और उपाधियाँ भी कम पड़ती हैं। गोस्वामी तुलसीदास जी की श्रीरामचरितमानस में हनुमान जी पाँच अलग-अलग अवसरों पर अपना परिचय स्वयं देते हैं। ऋष्यमूक पर्वत के समीप भगवान श्रीराम, लंका में विभीषण, अशोक वाटिका में माता सीता, लंका के दरबार में रावण और अयोध्या में भरत जी को वे अपने बारे में बताते हैं। अद्भुत बात है कि वे सभी को अपना अलग-अलग परिचय देते हैं।
सीता माँ की खोज में श्रीराम और लखनलाल जब ऋष्यमूक पर्वत के समीप पहुँचते हैं तब वहाँ छिपे हुए सुग्रीव को लगता है कि बालि ने उसे मारने के लिए दो वीरों को भेजा है। सुकंठ अपने अनुचर हनुमान जी को असलियत का पता लगाने भेजते हैं। बजरंगबली विप्र भेष धारण कर श्रीराम और लक्ष्मण के पास जाते हैं और उनका परिचय पूछते हैं। श्रीराम पिता का नाम लेकर अपने और अनुज के बारे में बताते हुए वनवास की कहानी और सीताहरण का वृतांत सुनाते हैं। फिर पवनकुमार के बारे में जानना चाहते हैं। अंजनीनंदन अपने स्वामी को पहचानकर पैरों पर गिर पड़ते हैं और रुँधे गले से विनती करते हैं-‼️
एकु मैं मंद मोहबस कुटिल हृदय अग्यान।
पुनि प्रभु मोह बिसारेउ दीनबंधु भगवान॥
जदपि नाथ बहु अवगुन मोरें, सेवक प्रभुहि परै जनि भोरें।
नाथ जीव तव मायाँ मोहा, सो निस्तरइ तुम्हारेहिं छोहा।
ता पर मैं रघुबीर दोहाई, जानउं नहिं कछु भजन उपाई।
सेवक सुत पति मातु भरोसें, रहइ असोच बनइ प्रभु पोसें।
यहाँ हनुमान जी भगवान श्रीराम को अपना परिचय मंद, मोह के वशीभूत, कुटिल और अज्ञानी के रूप में देते हैं और उलाहना देते हैं कि हे दीनबंधु! आपने भी मुझे भुला दिया। हे नाथ! यद्यपि मुझमें बहुत अवगुण हैं तथापि स्वामी तो सेवक को विस्मृत न करे। हे स्वामी! जीव तो आपकी माया से मोहित है, उसका भवसागर से पार पानी आपकी कृपा से ही संभव है। इस पर हे रघुवीर! मैं आपकी शपथ लेकर कहता हूँ कि मैं भजन-साधन कुछ नहीं जानता। सेवक अपने स्वामी और पुत्र अपनी माता के भरोसे निश्चिंत रहता है। प्रभु को अपने सेवक का पालन-पोषण करना ही पड़ता है।
यहाँ बजरंगबली अपने स्वामी, अपने भगवान, अपने आराध्य को सम्मुख पाकर हर्ष से विह्वल होकर अपने दासत्व भाव के चरम पर पहुँचकर शरणागत हो जाते हैं। हमारे पवनपुत्र का केवल यही स्वरूप नहीं है। उनके विलक्षण रूप भी हम देखेंगे।
हनुमान जी ने लंका में विभीषण को भी अपने बारे में बताया है। परंतु पहले उस प्रसंग की बात करेंगे जिसमें ऋक्षराज जाम्बवन्त बजरंगबली को उनके बारे में बताते हुए विस्मृत पराक्रम की याद दिलाते हैं।
गीधराज जटायु के भाई संपाति द्वारा सीता माता को बंदी बनाकर रखे जाने के स्थान की सटीक जानकारी मिलने के बाद वानरसेना समुद्र तट पर बैठकर आगामी योजना बना रही है। सभी चिंतित हैं कि अपार समुद्र लाँघकर सीता जी की कुशलक्षेम का पता लगाने लंका कौन जाएगा? स्वयं जाम्बवन्त और युवराज अंगद अपनी असमर्थता बताते हैं। तब चुप एवं शांत बैठे हनुमान जी से ऋक्षराज कहते हैं-
का चुप साधि रहेहु बलवाना?
पवन तनय बल पवन समाना, बुधि बिबेक बिग्यान निधाना।
कवन सो काज कठिन जग माहीं, जो नहिं होइ तात तुम्ह पाहीं॥
अंगिरा और भृगुवंशी ऋषियों के श्राप से अपनी शक्तियों को भूल चुके बजरंगबली से जाम्बवन्त कहते हैं कि आप पवन के पुत्र हैं और आप पवन के समान ही बलशाली हैं। जगत में कौन सा कठिन कार्य है जो आप नहीं कर सकते?
इतना याद दिलाने के बाद वे अंजनीनंदन को उनके अवतार लेने का प्रयोजन भी समझाते हैं-
राम काज लगि तव अवतारा।
अर्थात् प्रभु श्रीराम का कार्य करने के लिए ही हनुमान जी अवतरित हुए हैं। अपने बल एवं पराक्रम की याद आते ही कपिवर पर्वताकार होकर स्वर्णाभा वाले सुमेरु पर्वत के समान सुशोभित हो जाते हैं। वे जाम्बवन्त के बताए अनुसार लंका प्रस्थान करते हैं।
बजरंगबली रात्रि के समय लंका विचरण करते हुए विभीषण के भवन में जा पहुँचते हैं। वहाँ तुलसी का पौधा और श्रीराम के आयुधों का चित्र देखते हैं। तभी विभीषण जाग जाते हैं और राम नाम सुमिरन करने लगते हैं। इन सभी बातों से हनुमान जी को विभीषण के सज्जन और रामभक्त होने का विश्वास हो जाता है। वे विप्र वेष धारण कर विभीषण को पुकारते हैं। दोनों में परिचय का आदान-प्रदान होता है। यहाँ पवनकुमार अपने बारे में बताते हुए कहते हैं-
कहहु कवन मैं परम कुलीना, कपि चंचल सबहीं बिधि हीना।
प्रात लेइ जो नाम हमारा, तेहि दिन ताहि न मिलै अहारा।
अस मैं अधम सखा सुनु मोहू पर रघुबीर।
किन्ही कृपा सुमिरि गुन भरे बिलोचन नीर॥
यहाँ हनुमान जी अपने वानर होने का उल्लेख कमी के रूप मे करते हुए कहते हैं कि मैं कौन सा उच्च कुल का हूँ? वे अपनी दीनता दिखाने के लिए यह भी जोड़ देते हैं कि प्रातःकाल में हमारा नाम लेने वाले को दिन भर भोजन तक नहीं मिलता! वे रघुनाथ की दयालुता का स्मरण कर सजल नेत्रों से कहते हैं कि इतना निम्न होने के बावजूद श्रीराम ने मुझ पर कृपा की है।
सभी जानते हैं कि बजरंगबली केवल प्रभातवेला में ही नहीं हर समय स्मरण करने योग्य हैं। उनके द्वादश नामावली स्तोत्र को प्रातःकाल पढ़ने का विशेष उल्लेख मिलता है। प्रसंगवश द्वादश नामावली स्तोत्र दे रहा हूँ, सभी भक्तों को इसका पाठ कर लाभ प्राप्त करना चाहिए-
ॐ हनुमान अंजनीसूनुर्वायुपुत्रो महाबलः। रामेष्टः फाल्गुनसखः पिंगाक्षोऽमितविक्रमः। उदधिक्रमणश्चैव सीताशोकविनाशनः। लक्ष्मणप्राणदाता च दशग्रीवस्य दर्पहा। द्वादशैतानि नामानि कपीन्द्रस्य महात्मनः। स्वापकाले प्रबोधे च यात्राकाले च यः पठेत्। तस्य सर्वं भयं नास्ति रणे च विजयी भवेत्।
यह भी ध्यान देने योग्य है कि प्रातः स्मरणीय महात्माओं में हनुमान जी की गणना पाई जाती है- अश्वत्थामा बलिर्व्यासो हनूमांश्च विभीषणः। कृपः परशुरामश्च सप्तैते चिरजीविनः। सप्तैतान्संस्मरेन्नित्यं मार्कण्डेयमथाष्टमम्। जीवेद्वर्षशतं साग्रमपमृत्युर्विनश्यति।
बजरंगबली ने विभीषण को भगवान राम की भक्तवत्सलता का विश्वास दिलाने के लिए अपनी दीनता दिखाई है। संतों ने इसे कार्पण्य शरणागति का लक्षण बताया है। यहाँ कार्पण्य का अर्थ है दीनता या हीनता।
आइए, हम हनुमत्प्रभु की इस विनम्रता को नमन करें और माता सीता के समक्ष उनके अपना परिचय देने के अंदाज को समझने के लिए अल्पविराम लें।
🙏💐🙏
TRN LIVE: 🌸🕉️ जब भक्त की पीड़ा हरने स्वयं "सेवक" बन गए जगन्नाथ 🌸
उड़ीसा की पावन भूमि और पुरी के समुद्र तट पर, भक्ति की एक ऐसी लहर बहती थी जिसका नाम था—माधव दास।
माधव दास जी कोई साधारण व्यक्ति नहीं थे। वे विरक्त थे, संसार के मोह-माया से कोसों दूर। उनका नियम अटल था—न किसी से मांगना, न किसी की अपेक्षा करना। वे बस अपनी मस्ती में मग्न रहते, दिन-रात महाप्रभु जगन्नाथ के भजन गाते और घंटों समाधि में लीन रहते। उनका विश्वास था कि "जिसने चोंच दी है, वो चुग्गा भी देगा"—अर्थात् मेरे प्रभु जगन्नाथ स्वयं मेरा योगक्षेम वहन करेंगे।
कहा जाता है कि कर्म की गति न्यारी होती है। एक दिन माधव दास जी अतिसार (पेचिश) जैसे गंभीर रोग से ग्रस्त हो गए। शरीर इतना क्षीण हो गया कि उठना-बैठना तो दूर, करवट बदलना भी दूभर हो गया।
स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई। वे अपनी कुटिया में अकेले थे। बीमारी के कारण उनका नियंत्रण शरीर पर नहीं रहा; वे बिस्तर पर ही मल-मूत्र त्यागने को विवश हो गए। जिस शरीर से कभी चंदन की सुगंध आती थी, आज वहां दुर्गंध का वास था। कोई भी व्यक्ति घृणा के कारण उनकी कुटिया के पास फटकता तक नहीं था।
लेकिन धन्य थे माधव दास! इस असहनीय पीड़ा और गंदगी के बीच भी उनके होंठों पर शिकायत नहीं, बल्कि केवल 'जगन्नाथ... जगन्नाथ...' का नाम था।
एक रात, जब पीड़ा चरम पर थी, माधव दास जी की कुटिया का दरवाजा खुला। अंदर एक अदभुत सेवक ने प्रवेश किया। साँवला रंग, बड़ी-बड़ी कमल जैसी आँखें, और चेहरे पर ऐसी मुस्कान जो मरे हुए में भी जान फूँक दे।
उस सेवक ने आते ही माधव दास के गंदे वस्त्र बदले। बिना किसी घृणा के, उस अनजान सेवक ने अपने हाथों से माधव दास का मल-मूत्र साफ किया, उन्हें नहलाया, और कुटिया को धोकर पवित्र कर दिया।
माधव दास जी अवाक रह गए। उन्होंने क्षीण स्वर में पूछा, "भैया, तुम कौन हो? इतनी घृणास्पद सेवा तो मेरा सगा संबंधी भी नहीं करता, तुम मेरे लिए यह सब क्यों कर रहे हो?"
सेवक ने मधुर स्वर में कहा, "माधव! मैं एक साधारण सेवक हूँ। मेरे मालिक (जगन्नाथ जी) ने मुझे तुम्हारी सेवा के लिए भेजा है। जब तक तुम स्वस्थ नहीं हो जाते, तुम्हारी देखभाल मेरा धर्म है।"
दिन बीतते गए। वह सेवक रोज आता, गंदगी साफ करता और माधव दास की चरण सेवा करता। सेवक की सेवा से माधव दास स्वस्थ होने लगे।
जब माधव दास पूरी तरह ठीक हो गए, तो उन्होंने कृतज्ञता से हाथ जोड़कर पूछा, "हे दयालु सेवक! तुमने मुझ पर जो उपकार किया है, उसका बदला मैं कभी नहीं चुका सकता। पर सत्य बताओ, तुम हो कौन? और तुम्हारे मालिक कौन हैं?"
तभी, एक अलौकिक प्रकाश हुआ। वह सेवक अब सेवक नहीं रहा—साक्षात शंख-चक्र-गदा-पद्मधारी भगवान जगन्नाथ अपने विराट रूप में माधव दास के सामने खड़े थे।
माधव दास जी के नेत्रों से अश्रु धारा बह निकली। वे प्रभु के चरणों में गिर पड़े और रोते हुए बोले, "प्रभु! आप? त्रिभुवन के स्वामी होकर आपने मेरी गंदगी साफ की? मेरे मल-मूत्र को अपने हाथों से धोया? नाथ! यदि आपको मुझ पर इतनी ही दया थी, तो आपने मेरी बीमारी को एक पल में ठीक क्यों नहीं कर दिया? मुझे इतना कष्ट क्यों भोगने दिया?"
भगवान जगन्नाथ ने माधव दास को उठाकर गले लगाया और जो कहा, वह हर भक्त को सुनना चाहिए:
> "माधव! कर्म का विधान अटल है। यह तुम्हारे पिछले जन्मों का 'प्रारब्ध' (पाप कर्म) था, जिसे तुम्हें भोगना ही था। यदि मैं इसे चमत्कार से मिटा देता, तो तुम्हें इसे भोगने के लिए फिर से जन्म लेना पड़ता। मैं नहीं चाहता था कि मेरा भक्त फिर से गर्भ के कष्ट को सहे।"
> प्रभु ने आगे कहा, "इसलिए मैंने तुम्हें बीमारी दी ताकि तुम्हारा कर्म कट जाए। लेकिन जब मेरा भक्त पीड़ा में हो, तो मैं चैन से कैसे रह सकता हूँ? इसीलिए तुम्हारे प्रारब्ध के कष्ट को बाँटने के लिए, मैं स्वयं तुम्हारी सेवा करने आ गया। कष्ट तुम्हें भोगना पड़ा, पर तुम्हारी सेवा का कष्ट मैंने उठाया।"
यह कथा हमें सिखाती है कि जीवन में आने वाले दुख हमारे ही कर्मों का फल हैं, जिन्हें हमें भोगना ही पड़ता है। लेकिन अगर हमारा विश्वास माधव दास जैसा अटूट हो, तो उस दुख की घड़ी में हमारा हाथ थामने के लिए ईश्वर किसी न किसी रूप में अवश्य आते हैं।
भक्ति का अर्थ केवल सुख मांगना नहीं, बल्कि हर हाल में 'राजी हैं हम उसी में, जिसमें रजा है तेरी' का भाव रखना है।
🙏 जय जगन्नाथ! 🙏
: ।।🕉️श्रीहरिः।।
श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज
----------------------------------------
मानव-जीवनका लक्ष्य
----------------------------------------
वास्तवमें महिमा है शरीरके सदुपयोगकी । इसका उपयोग ठीक तरहसे किया जाय तो भगवान्की श्रेष्ठ भक्ति मिल जाय, वैराग्य मिल जाय, सब कुछ मिल जाय । ऐसी कोई चीज नहीं जो मनुष्य-शरीरसे न मिल सके । गीतामें आया है‒
यं लब्ध्वा चापरं लाभं मन्यते नाधिकं ततः ।
(६/२२)
जिस लाभकी प्राप्ति होनेके बाद कोई लाभ शेष न रहे । माननेमें भी नहीं आ सकता कि इससे बढ़कर कोई लाभ होता है और जिसमें स्थित होनेपर वह बड़े भारी दुःखसे भी विचलित नहीं किया जा सकता । किसी कारण शरीरके टुकड़े-टुकड़े किये जायँ तो टुकड़े करनेपर भी आनन्द रहे, शान्ति रहे, मस्ती रहे । दुःखसे वह विचलित नहीं हो सकता । उसके आनन्दमें कमी नहीं आ सकती ।
तं विद्याद् दुःखसंयोगवियोगं योगसंज्ञितम् ।
(गीता ६/२३)
इतना आनन्द होता है कि दुःख वहाँ रहता ही नहीं । ऐसी चीज प्राप्त हो सकती है मानव-शरीरसे । मनुष्य-शरीरको प्राप्त करके ऐसे ही तत्त्वकी प्राप्ति करनी चाहिये । उसे प्राप्त न करके झूठ, कपट, बेईमानी, विश्वासघात, पाप करके नरकोंकी तैयारी कर लें तो कितना महान् दुःख है ।
यह खयाल करनेकी बात है कि मनुष्य-शरीर मिल गया । अब भाई अपनेको नरकोंमें नहीं जाना है । चौरासी लाख योनियोंमें नहीं जाना है । नीची योनियोंमें क्यों जायें ? चोरी करनेसे, हत्या करनेसे, व्यभिचार करनेसे, हिंसा करनेसे, अभक्ष्य-भक्षण करनेसे, निषिद्ध कार्य करनेसे मनुष्य नरकोंमें जा सकता है । कितना सुन्दर अवसर भगवान्ने दिया है कि जिसे देवता भी प्राप्त नहीं कर सकते, ऐसा ऊँचा स्थान प्राप्त किया जा सकता है‒इसी जीवनमें । प्राणोंके रहते-रहते बड़ा भारी लाभ लिया जा सकता है । बहुत शान्ति, बड़ी प्रसन्नता, बहुत आनन्द‒इसमें प्राप्त हो जाता है । ऐसी प्राप्तिका अवसर है मानव-शरीरमें । इसलिये इसकी महिमा है ।
इसको प्राप्त करके भी जो नीचा काम करते हैं, वे बहुत बड़ी भूल करते हैं ।
कोई बढ़िया चीज मिल जाय तो उसका लाभ लेना चाहिये । जैसे किसीको पारस मिल जाय तो उससे लोहेके छुआनेसे लोहा सोना बन जाय । अगर ऐसे पारससे कोई बैठा चटनी पिसता है तो वह पारस चटनी पीसनेके लिये थोड़े ही है । पारस पत्थरसे चटनी पीसना ही नहीं, कोई अपना सिर ही फोड ले तो पारस क्या करे ? इसी तरह मानव-शरीर मिला, इससे पाप, अन्याय, दुराचार करके नरकोंकी प्राप्ति कर लेना अपना सिर फोड़ना है । संसारके भोगोंमें लगना‒चटनी पीसना है ।
TRN LIVE: 🕉️ध्यान मन की मृत्यु है
मन का एक ही भय हैः वह ध्यान है। ध्यान मन की मृत्यु है। ध्यान का अर्थ हैः अपने आमने-सामने आ जाना। जैसे कोई दर्पण में अपने को देख ले, ऐसा ही कोई मन के बिल्कुल सामने खड़ा हो जाए; इंच भर भी मन को हटने न दे, तो बड़ा चमत्कार घटित होता है। अगर मन बिल्कुल सामने आ जाए, तो तत्क्षण खो जाता है। तुम्हारी आंख काफी है, उसकी मृत्यु के लिए।
तुमने कहानी सुनी है कि कामदेव ने शिव को कामातुर किया। और उन्होंने अपनी तीसरी आंख से कामदेव को देखा और वह भस्म हो गया; तब से वह अनंग है, उसकी कोई देह नहीं है।
ध्यान तीसरी आंख है: दि थर्ड आई। और अगर तुम कामवासना को तीसरी आंख से देख लो, ध्यान से देख लो, तो वह राख हो जाती है।
मन क्या है? सारी वासनाओं का जोड़ है। और मन के गहरे में कामवासना है। इसलिए ब्रह्मचर्य पर इतना जोर दिया है। अगर कामवासना चली जाए, तो शेष सारी वासनाएं अपने आप झर जाती हैं। क्योंकि जिसकी कामवासना न हो, उसका लोभ क्या होगा?
जब तक तुम्हारे मन में काम है, तब तक लोभ है। जब तक लोभ है, तब तक क्रोध है। जब तक क्रोध है, तब तक मद-मत्सर हैं। सब जुड़े हैं। लेकिन सबसे गहरी कड़ी काम-वासना की है।
छोटा बच्चा इतना भोला मालूम पड़ता है,क्योंकि वह गहरी कड़ी अभी प्रकट नहीं हुई है; अभी शरीर तैयार नहीं है। अभी चौदह साल लगेंगे, तब शरीर तैयार होगा और कामवासना की पहली कड़ी प्रकट होगी। बस, फिर सारी वासनाएं आस-पास आने लगेंगी। जैसे ही कामवासना मन में आती है, बाकी सारी वासनाएं सहयोग के लिए खड़ी हो जाती हैं।
लोभ का अर्थ है, अगर तुम कामी नहीं हो। अगर तुम कामी नहीं हो, तो तुम क्रोध कैसे करोगे। अगर तुम कामी नहीं हो, तो अहंकार की घोषणा का कोई भी प्रयोजन नहीं है। तब तुम ऐसे जी सकते हो, जैसे तुम हो ही नहीं। और तब तुम्हारे पास कुछ हो या न हो, बराबर अर्थ होगा। तुम सारे संसार को जीत लो हजार-हजार सिंहासन तुम्हारे हों तो, और तुम्हारे पास कुछ भी न हो, सब खो जाए, तो भी तुम्हारी नींद में कोई खलल न पड़ेगी। तुम वैसे ही रहोगे,जैसे सब घटनाएं बाहर-बाहर हैं।
लेकिन अगर काम-वासना भीतर है, तो फर्क पड़ेगा। आदमी धन इकट्ठा करता है, वह भी काम के लिए ही है।
फिर अगर कोई तुम्हारी वासना में बाधा डाले, तो क्रोध आता है। इसलिए हम कहते हैं कि संत अक्रोधी होगा; क्योंकि उसकी कोई वासना नहीं है। तुम बाधा किस बात में डालोगे? वह कुछ मांगता नहीं है। तुम रुकावट क्या खड़ी करोगे? अक्रोध स्वाभाविक हो जाएगा।
काम केंद्र हैसारी वासना का। मन वासना का फैलाव है।
सहज समाधि भली
TRN LIVE: *श्रीकृष्ण🕉️* *वात्सल्य भरा शासन*
🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁
एक दिन सब-की-सब गोपियाँ इकट्ठा होकर नन्दबाबाके घर आयीं और यशोदा मैयाको सुना-सुनाकर गोपालकी करतूतें कहने लगीं— 'अरी यशोदा ! तेरा कान्हा बड़ा नटखट हो गया है। गाय दुहनेका समय न होनेपर भी यह हमारे घर जाकर हमारे बछड़ोंको खोल देता है। हमारे डाँटनेपर यह नटखट ठठाकर हँसने लगता है। यह चोरीके बड़े-बड़े उपाय करके हमारा दूध-दही चुरा-चुराकर खा जाता है। केवल भी पटककर फोड़ देता है। यदि घरमें कोई वस्तु इसे नहीं मिलती है तो हमारे बच्चोंको दूध-दही खाता तो कोई बात नहीं थी, यह हमारे मटकोंको ही रुलाकर भाग जाता है। जब हम दूध-दही छींकोंपर रख देती हैं, जहाँ इसके हाथ नहीं पहुँचते, तब यह बड़े-बड़े उपाय रचता है। कभी दो-चार पीढ़ोंको एक-दूसरेपर रख लेता है, कभी ऊखलपर चढ़ जाता है। इतनेपर भी इसका काम नहीं चलता है तो बर्तनोंमें छेद कर देता है और सारा दूध-दही गिराकर बरबाद कर देता है। ऐसा करके भी ठिठाई करता है और हमें ही चोर बताता है तथा खुद घरका मालिक बन जाता है। मन-ही-मन प्रसन्न होते हुए तथा ऊपरसे रोष प्रकट करते हुए गोपियोंने गोपालकी खूब शिकायत की।'
माँ यशोदाने कहा— 'कान्हा ! तुम्हारी रोज-रोजकी शिकायतोंसे तो मैं तंग आ गयी हूँ। इन गोपियोंको देख ! ऐसे तेवर दिखा रही थीं जैसे गोकुलकी सारी गायें इन्हींकी हों। गोपाल ! हमारे यहाँ दूध-दहीकी क्या कमी है, जो तू दूसरोंके यहाँ जाता है। आजसे तुम इनके दरवाजेपर कभी मत जाना।' गोपालने कहा— 'मैया ! ये सब खुद मुझे बुलाती हैं और ऊपरसे शिकायत भी करती हैं। आजसे मैं यहीं खेलूँगा और इनके यहाँ कभी नहीं जाऊँगा।'
मैयाने गोपालको भलीभाँति सजाकर उनके हाथमें मुरली थमा दी और उन्हें माखन-मिसरी खानेके लिये दिया। उसके बाद माँने कहा— 'कान्हा देखो ! कहीं दूर मत जाना, यहीं अपने घरके पास खेलना। आजकल बरसातका मौसम है। इसलिये साँप-बिच्छू अधिक हो गये हैं। तुम उनके निकट मत जाना — उनसे दूर ही रहना।'
माँका आदेश मानकर गोपाल आँगनके बाहर आ गये। वहाँ उन्होंने देखा कि सामने एक काला नाग अपना फण निकालकर उनके सौन्दर्यका रसपान कर रहा है। गोपाल उसके साथ नाना-प्रकारके खेल करने लगे। नाग भी उनकी मधुर बाल-लीलाका आनन्द लेने लगा।
थोड़ी देर बाद कन्हैयाको देखनेके लिये यशोदा बाहर आयीं और गोपालको नागके साथ खेल करते देखकर डर गयीं। जल्दीसे उन्होंने कन्हैयाको नागसे दूर खींचा और कान पकड़कर उन्हें धमकाने लगीं। उन्होंने कहा— 'कान्हा ! तुमने मेरा कहना नहीं माना और बाहर आकर नागसे खेलना शुरू कर दिया। आज मैं तुम्हें दण्ड दिये बिना नहीं छोड़ेंगी।' कान्हा भयभीत नजरोंसे माँकी तरफ देखने लगे और क्षमा माँगने लगे। काल भी जिनसे भयभीत रहता है ऐसे त्रिलोकीनाथ, आज माँके सामने भयभीत खड़े हैं।
जय श्री कृष्ण
राणा जी खेड़ांवाली🚩
TRN LIVE: *((🕉️ हरिनाम जप जरूर करें ))*
बिच्छू की मृत्यु बहुत ही दु:खदायी रूप में होती है।
मादा बिच्छु जब बच्चो को जन्म देती है तब, ये सभी बच्चे जन्म लेते ही अपनी मांँ की पीठ पर बैठ जाते हैं।
और अपनी भूख मिटाने हेतु तुरंत ही अपनी माँ के शरीर को ही खाना प्रारम्भ कर देते हैं, और तब तक खाते हैं, जब तक कि उसकी केवल अस्थियां ही शेष ना रह जाए।
वो तड़पती है, कराहती है, लेकिन ये पीछा नहीं छोड़ते और ये उसे पलभर में नहीं मार देते बल्कि कई दिनों तक यह मौत से बदतर असहनीय पीड़ा को झेलती हुई दम तोड़ती है।
मादा बिच्छु की मौत होने के पश्चात् ही ये सभी उसकी पीठ से नीचे उतरते हैं!
लख चौरासी के कुचक्र में ऐसी असंख्य योनियां हैं, जिनकी स्थितियां अज्ञात हैं, कदाचित् इसीलिए भवसागर को अगम और अपार कहा गया है।
संतमत के मुताबिक यह भी मनुष्य योनि में किए गये कर्मों का ही भुगतान है।
अर्थात्, इन्सान इस मनुष्य जीवन में जो कर्म करेगा, नाना प्रकार की असंख्य योनियों में इन कर्मों के आधार से ही उसे दुःख सुख मिलते रहेंगे। यह तय है!
मनुष्य जन्म बड़ी मुश्किल से मिला है, ये जो गलियों में आवारा जानवर घूम रहे हैं न! इन्हें भी कभी मनुष्य जन्म मिला था...
इनमें से कोई डॉक्टर था, कोई इंजीनियर, कोई कुछ और..
इनके गुरु भी इन्हें नाम का भजन करने को कहते थे तो हँस कर जवाब देते थे कि अभी हमारे पास समय नहीं है!
वो मनुष्य जन्म हार गए, भगवान का भजन व धन्यवाद नहीं किया, पशु योनि में आ गए।
अब देखो समय ही समय है, बेचारे गली-गली आवारा घूमते हैं, कोई धुत्कारता है.. कोई फटकारता है।
कर्म बहुत रूला डालते हैं, किसी को नहीं छोड़ते अब नहीं समझेंगे तो कब समझेंगे...?
हरिनाम का भजन कर्मफलों को भी धो डालता
*🌷जय श्री हरि🌷*
TRN LIVE: 🕉️प्रणाम सुन्दरसाथजी, जीवन में मजे की बात है कि मात्रा से ज्यादा सुख मार डालता है| दुख को सहना बहुत आसान है, सुख को सहना बहुत मुश्किल है| क्योंकि दुख के बाहर सुख की सदा आशा , उम्मीद बनी रहती है| दुख में द्वार है, आगे सुख की आशा है जिससे जी सकते हैं| सुख अगर पुरा मिल जाए, तो आगे फिर कोई आशा नहीं है, जीने का उपाय नहीं रह जाता| हमने यह कई बार महसुस भी किया है| इसलिए वाणी में लिखा है"" सुख में तो सुख दायम, पर स्वाद न आवत उपर| दुख आए सुख आवत सो मेहेर खोलत नजर""| इसलिए हम हमेशा समयानुसार तारतम वाणी की कुछ चौपाईयों का वाचन एवं पठन अवश्य करें| मन शांत रहेगा| धाम के धनी की जय 🌹 🌹 🌹 🌹 🌹 🌹 🌹 प्रणाम||
TRN LIVE: 🕉️श्रीरामचरितमानस
अब हम नाथ सनाथ सब
भए देखि प्रभु पाय ।
भाग हमारें आगमनु
राउर कोसलराय ।।
( अयोध्याकाण्ड, दो. 135)
राम राम बंधुओं, वनवास के दौरान राम जी चित्रकूट में निवास कर रहें हैं ।कोल भील आदि सब कंद मूल फल आदि लेकर भगवान से मिलने आते हैं व अपनी भेंट स्वीकार करने के लिए उनसे विनय करते हैं ।वे कहते हैं कि नाथ! आप के चरणों का दर्शन पा कर हम सब सनाथ हो गये हैं । हमारे भाग्य से आप यहाँ निवास करने आए हैं ।
मित्रों! राम चरणों में लगना , राम दरस पाना , राम साहचर्य होना यह सब जीव के पुण्य के कारण होता है । हम आप भी यदि जीवन में अपने पुण्य बढ़ाते हैं तो हमें भी राम दर्शन, राम साहचर्य मिल सकता है । अस्तु अपने पुण्य बढ़ाएं और अपने नाथ का साथ पाएँ अतएव जय जय राम, जय जय जय राम
🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️
TRN LIVE: *┈┉सनातन धर्म की जय,हिंदू ही सनातनी है┉┈*
*लेख क्र.-सधस/२०८२/माघ/कृ./९*
*┈┉══════❀((""ॐ""))❀══════┉┈*
TRN LIVE
*🗓आज का पञ्चाङ्ग एवम् राशिफल 🗓*
*🌻 सोमवार , १२ जनवरी २०२६🌻*
*सूर्योदय: 🌅 ०७:१०*
*सूर्यास्त: 🌄 १८:००*
*चन्द्रोदय: 🌝 २६:२८+*
*चन्द्रास्त: 🌜 १२:५१*
*अयन 🌖 उत्तरायण*
*ऋतु: 🌨️ शिशिर*
*शक सम्वत: 👉 १९४७ (विश्वावसु)*
*विक्रम सम्वत: 👉 २०८२ (सिद्धार्थी)*
*युगाब्द (कलि संवत) 👉 ५१२६*
*मास 👉 माघ (महाराष्ट्र एवम् गुजरात के अनुसार पौष)*
*पक्ष 👉 कृष्ण*
*तिथि 👉 नवमी (१२:४२ से दशमी)*
*नक्षत्र 👉 स्वाति (२१:०५ से विशाखा)*
*योग 👉 धृति (१८:१२ से शूल)*
*प्रथम करण 👉 गर (१२:४२ तक)*
*द्वितीय करण 👉 वणिज (२५:५९ तक)*
*〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️*
*॥ गोचर ग्रहा: ॥*
*🌖🌗🌖🌗*
*सूर्य 🌟 धनु*
*चंद्र 🌟 तुला*
*मंगल 🌟 धनु (अस्त, पूर्व, मार्गी)*
*बुध 🌟 धनु (अस्त, पूर्व, मार्गी)*
*गुरु 🌟 मिथुन (उदित, पश्चिम, वक्री)*
*शुक्र 🌟 धनु (अस्त, पूर्व, मार्गी)*
*शनि 🌟 मीन (उदित, पूर्व, मार्गी)*
*राहु 🌟 कुम्भ*
*केतु 🌟 सिंह*
*〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️*
*शुभाशुभ मुहूर्त विचार*
*⏳⏲⏳⏲⏳⏲⏳*
*〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️*
*अभिजित मुहूर्त 👉 १२:१४ से १२:५७*
*अमृत काल 👉 ११:१४ से १३:०१*
*विजय मुहूर्त 👉 १४:२४ से १५:०७*
*गोधूलि मुहूर्त 👉 १७:५८ से १८:२४*
*सायाह्न सन्ध्या 👉 १८:०० से १९:१९*
*निशिता मुहूर्त 👉 २४:०९+ से २५:०२+*
*ब्रह्म मुहूर्त 👉 २९:२५+ से ३०:१८+*
*राहुकाल 👉 ०८:३२ से ०९:५३*
*गुलिक काल 👉 १३:५७ से १५:१८*
*यमगण्ड 👉 ११:१४ से १२:३५*
*दुर्मुहूर्त 👉 १२:५७ से १३:४०*
*वर्ज्य 👉 २७:२३+ से २९:११+*
*भद्रा 👉 २५:५९+ से ३१:१०+*
*आडल योग 👉 ०७:१० से २१:०५*
*विडाल योग 👉 २१:०५ से ३१:१०+*
*होमाहुति 👉 राहु*
*दिशा शूल 👉 पूर्व*
*राहुकाल वास 👉 उत्तर-पश्चिम*
*अग्निवास 👉 पृथ्वी*
*भद्रावास 👉 पाताल (२५:५९+ से पूर्ण रात्रि)*
*चन्द्रवास 👉 पश्चिम*
*शिववास 👉 सभा में (१२:४२ से क्रीड़ा में)*
*〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️*
*☄चौघड़िया विचार☄*
*〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️*
*॥ दिन का चौघड़िया ॥*
*१ - अमृत २ - काल*
*३ - शुभ ४ - रोग*
*५ - उद्वेग ६ - चर*
*७ - लाभ ८ - अमृत*
*॥ रात्रि का चौघड़िया॥*
*१ - चर २ - रोग*
*३ - काल ४ - लाभ*
*५ - उद्वेग ६ - शुभ*
*७ - अमृत ८ - चर*
*नोट👉 दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।*
*〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️*
*शुभ यात्रा दिशा*
*🚌🚈🚗⛵🛫*
*(दक्षिण और पश्चिम) दर्पण देखकर या दुग्ध का सेवन करके यात्रा करें*
*〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️*
*तिथि विशेष*
*🗓📆🗓📆*
*〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️*
*माघ कृष्ण नवमी, स्वामी विवेकानंद जयंती आदि*
*〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️*
*आज जन्मे शिशुओं का नामकरण*
*〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️*
*आज २१:०५ तक जन्मे शिशुओं के नाम स्वाति नक्षत्र के अनुसार क्रमशः (रू, रे, रो) नामाक्षर से रखना शास्त्र सम्मत है॥*
*〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️*
*उदय लग्न मुहूर्त*
*धनु - ०५:१७ से ०७:२३*
*मकर - ०७:२३ से ०९:०९*
*कुम्भ - ०९:०९ से १०:४२*
*मीन - १०:४२ से १२:१२*
*मेष - १२:१२ से १३:५३*
*वृषभ - १३:५३ से १५:५१*
*मिथुन - १५:५१ से १८:०४*
*कर्क - १८:०४ से २०:२०*
*सिंह - २०:२० से २२:३२*
*कन्या - २२:३२ से २४:४३+*
*तुला - २४:४३+ से २६:५८+*
*वृश्चिक - २६:५८+ से २९:१४+*
〰️〰️〰️〰️〰️〰️
*पञ्चक रहित मुहूर्त*
*शुभ मुहूर्त - ०७:१० से ०७:२३*
*चोर पञ्चक - ०७:२३ से ०९:०९*
*शुभ मुहूर्त - ०९:०९ से १०:४२*
*रोग पञ्चक - १०:४२ से १२:१२*
*चोर पञ्चक - १२:१२ से १२:४२*
*शुभ मुहूर्त - १२:४२ से १३:५३*
*रोग पञ्चक - १३:५३ से १५:५१*
*शुभ मुहूर्त - १५:५१ से १८:०४*
*मृत्यु पञ्चक - १८:०४ से २०:२०*
*अग्नि पञ्चक - २०:२० से २१:०५*
*शुभ मुहूर्त - २१:०५ से २२:३२*
*रज पञ्चक - २२:३२ से २४:४३+*
*शुभ मुहूर्त - २४:४३+ से २६:५८+*
*चोर पञ्चक - २६:५८+ से २९:१४+*
*शुभ मुहूर्त - २९:१४+ से ३१:१०+*
〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
⭕नोट- पंचांग में जहां कहीं भी समय के साथ उपर्युक्त 👉(➕) चिन्ह का प्रयोग किया जा रहा है वहां उसका आशय अगले दिवस के समय के लिये समझा जाये॥😊🙏🏻
〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
*आज का सुविचार*
⛳🔱😊🙏🏻⚜️🕉️
*यदि परिश्रम से मित्रता करोगे तो सफलता स्वयं चलकर आयेगी॥✅😊🙏🏻*
*〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️*
*आज का राशिफल*
*🐐🐂💏💮🐅👩*
*〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️*
*मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)*
*आज का दिन आपके लिए लाभदायक रहने वाला है। आपकी निर्णय लेने की क्षमता बेहतर रहेगी। सांसारिक सुख भोग के साधनों में वृद्धि होगी। आप उन्नति की राह पर आगे बढ़ेंगे। ससुराल पक्ष से कोई व्यक्ति आपसे मेल मुलाकात करने आ सकता है। आप किसी मनोरंजन के कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। कोई पुराना दोस्त आपसे लंबे समय बाद मिलने आ सकता है, जिससे मिलकर आपको खुशी होगी। आपकी किसी बात को लेकर माताजी आपसे नाराज हो सकती हैं।*
*वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)*
*आज आपकी कोई मन की इच्छा पूरी हो सकती है, जिससे आपकी खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा। परिवार में किसी सदस्य की ओर से सरप्राइज पार्टी का आयोजन होगा। छोटे बच्चों की सेहत को लेकर आपको पूरा ध्यान देना होगा। आपको अपनी गलती को लेकर पछतावा हो सकता है। आप किसी काम में बिना सोचे समझे हाथ न डालें, नहीं तो बाद में आपको उसके लिए पछतावा होगा। भाई- बहनों से आपकी खूब पटेगी।*
*मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)*
*आज का दिन किसी नए काम की शुरुआत करने के लिए अच्छा रहने वाला है। आपके मन में किसी काम को लेकर उथल-पुथल रहेगी। वैवाहिक जीवन में आपसी सम्मान बना रहेगा। प्रतिस्पर्धा का भाव आपके मन में बना रहेगा। आप किसी विरोधी की बातों में ना आएं। यदि आपका कोई काम लंबे समय से पेंडिंग था, तो उसे भी पूरा करने की कोशिश करेंगे और आप किसी से धन उधार लेने से बचें, नहीं तो आपके उस धन के वापस आने की संभावना बहुत कम है।*
*कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)*
*आज का दिन आपके लिए बाकी दिनों की तुलना में बढ़िया रहने वाला है। किसी प्रॉपर्टी की खरीदारी करना आपके लिए अच्छा रहेगा। कला कौशल में सुधार आएगा। आप अपने कामों को लेकर काफी मेहनत करेंगे, लेकिन कार्यक्षेत्र में आपका कोई मित्र आपको धोखा दे सकता है। बैंकिंग क्षेत्रों में कार्यरत लोग अच्छी स्कीम में इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं। आप अच्छे खानपान का आनंद लेंगे। आप यदि किसी बात को लेकर परेशान चल रहे थे, तो वह आपके पिताजी की मदद से दूर होती दिख रही है।*
*सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)*
*आज का दिन आपके लिए सुख साधनों में वृद्धि लेकर आने वाले वाला है। राजनीतिक क्षेत्रो में कार्यरत लोगों के लिए दिन अच्छा रहने वाला है। जीवनसाथी की आपके साथ कहासुनी हो सकती है। आपको किसी जोखिम भरे काम में हाथ डालने से बचना होगा। यदि आप अपने किसी कानूनी मामले को लेकर परेशान है, तो वह दूर होता दिख रहा है। आप अपने घर के साथ-साथ बाकी कामों पर पूरा ध्यान देंगे। आपको किसी दूसरे के मामले म बेवजह बोलने से बचना होगा।*
*कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)*
*आज का दिन आपके लिए आनंदमय रहने वाला है। परिवार के सदस्यों का आपको पूरा लाभ मिलेगा। संतान की सेहत को लेकर आपको थोड़ी टेंशन हो सकती है। पढ़ाई-लिखाई को लेकर आपको थोड़ा ध्यान देना होगा। कला कौशल में निखार आएगा। आपको किसी बात को लेकर मन परेशान रहेगा। किसी कानूनी मामले में आपको सफलता मिलती दिख रही है। आप अपने घर के रिनोवेशन का काम शुरू कर सकते हैं और आपका धन यदि कहीं फंसा हुआ था, तो वह भी आपको मिल सकता है।*
*तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)*
*आज का दिन आपके लिए व्यवसाय के मामले में उलझनों से भरा रहने वाला है। आप परिवार के सदस्यों के साथ आनंदमय समय व्यतीत करेंगे। छोटे बच्चों को आप कहीं घूमाने-फिराने लेकर जा सकते हैं, लेकिन आपको उनकी सेहत को लेकर एहतियात बरतनी होगी। सिंगल लोगों की अपने साथी से मुलाकात होगी। आपको अपनी मेहनत का पूरा फल मिलेगा।*
*वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)*
*आज का दिन आपके लिए इन्कम के मामले में बढ़िया रहने वाला है। आप यदि किसी काम में हाथ डालेंगे, तो उसमे आपको सफलता अवश्य मिलेगी और आप अपने बिजनेस को लेकर किसी के साथ पार्टनरशिप ना करें। आपके सुख साधनों में वृद्धि होने से खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा। वैवाहिक जीवन में चल रही समस्याएं दूर होगी। आप अपनी वाणी व व्यवहार पर संयम बनाए रखें। आपको बिजली के उपकरणों से सावधानी बरतने की आवश्यकता है।*
*धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)*
*आज का दिन आपके लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा। घर-परिवार में सदस्यों का आपको पूरा सहयोग मिलेगा। माता-पिता के आशीर्वाद से आपका कोई रुका हुआ काम पूरा होगा। भाई बहन काम को लेकर आपको कोई सलाह दे सकते हैं। यदि आप किसी यात्रा पर जाने की तैयारी कर रहे थे, तो आप कुछ समय के लिए स्थापित कर दे। आपको अपनी किसी मन की इच्छा की पूर्ति होने से खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा।*
*मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)*
*आज का दिन आपके लिए पेंडिंग पड़े कामों को पूरा करने के लिए रहेगा। आपके किसी नई नौकरी के प्रयास बेहतर रहेंगे और माताजी को आपकी कोई बात बुरी लग सकती है, लेकिन आपको अपने आसपास रह रहे लोगों को पहचानकर चलने की आवश्यकता है। आप कुछ विशेषकर दिखाने की कोशिश में लग रहे रहेंगे। सामाजिक क्षेत्रों में कार्यरत लोगों के मान-सम्मान में वृद्धि होने से खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा।*
*कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)*
*आज का दिन आपके लिए जिम्मेदारी से काम करने के लिए रहेगा। आपकी सुख-समृद्धि बढ़ने से खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा। आप अपने कामों को लेकर थोड़ा ध्यान देंगे। आप किसी नए वाहन की खरीदारी कर सकते हैं, जो आपके लिए अच्छी रहेगी। यदि आपकी कोई बिजनेस संबंधित डील लंबे समय से अटकी थी, तो उसके भी फाइनल होने की संभावना है। आप अपने माताजी की शारीरिक समस्याओं को नजरअंदाज ना करें।*
*मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)*
*आज का दिन आपके लिए सुखमय रहने वाला है। आप धार्मिक कामों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे और जीवनसाथी के साथ आप किसी रोमांटिक डेट पर जाने की योजना बना सकते हैं। परिवार के सदस्यों में बेवजह के लड़ाई झगड़े बढ़ेंगे। भाई-बहनों से आप काम को लेकर कोई सलाह भी ले सकते हैं। संतान पक्ष की ओर से आपको कोई खुशखबरी सुनने को मिल सकती है। विद्यार्थी अपनी परीक्षा की तैयारी में मेहनत अधिक करेंगे।*
▬▬▬▬▬▬๑⁂❋⁂๑▬▬▬▬▬▬
*जनजागृति हेतु लेख प्रसारण अवश्य करें*
विपदः संसारे बहुलाः, दुःखकथा च नित्यं।
करुणामयि मां पालय, भवसागरं तरणाय॥
*बाबा महाकाल जी की जय*
*⛳⚜सनातन धर्मरक्षक समिति⚜⛳*
TRN LIVE: *श्रीब्रजमण्डल परिक्रमा अध्याय – ०३३*
*(श्रीराधाकुण्ड-श्रीश्यामकुण्ड)*
*(श्रीराधाकुण्ड के वर्तमान दर्शनीय स्थल)*
*श्रीराधाकुण्ड के वर्तमान दर्शनीय स्थल :--*
*श्रीराधाकुण्ड के पश्चिम में झूलनतला है। एक समय श्रीसनातन गोस्वामी और श्रीरूपगोस्वामी राधाकुण्ड की उत्तर-पूर्वी दिशा में श्रीरघुनाथदास गोस्वामी की भजनकुटी के निकट बैठे हुए कृष्णकथा मे विभोर हो रहे थे।*
*श्रीसनातन गोस्वामी ने श्रीरूप गोस्वामी से पूछा - रूप, आजकल क्या लिख रहे हो ? श्रीलरूप गोस्वामी ने स्वरचित 'चाटुपुष्पाञ्जलिः' नामक स्तोत्र उनके हाथों में दे दिया। उसका पहला श्लोक था।*
नव-गोरोचना-गौरी प्रवेरेन्दीवराम्बराम् । मणि- स्तवक-विद्योति-वेणीव्यालङ्कणाकणां ॥
*हे वृन्दावनेश्वरि ! मैं तुम्हारी पुनः पुनः वन्दना करता हूँ, तुम नित्य नवीन गोरोचना की भाँति गौराङ्गी हो, सुन्दर नीलकमल जैसे तुम्हारे वस्त्र हैं, तुम्हारे मस्तक से नीचे की ओर लम्बित वेणी के ऊपर मणिरत्नों से ग्रथित कवरीबन्ध को देखकर ऐसा प्रतीत होता है, मानो वह फणायुक्त काली भुजङ्गिनी हो।*
*श्रीसनातन गोस्वामी ने उसे पढ़कर कहा - रूप ! तुमने 'वेणीव्यालङ्गणाफणा' पद के द्वारा श्रीमती राधिका की लहराती हुई काली बक्ड़िम वेणी की तुलना विषधर काली नागिन से की है।*
*श्रीमती राधिका तो सर्वगुणसम्पन्न, परम लावण्यवती, सुकोमल एवं परम मधुर कृष्ण की प्रिया हैं।*
*उनकी सुन्दर वेणी की यह उपमा मुझे रुचिकर प्रतीत नहीं हो रही हैं। श्रीरूप गोस्वामी ने मुस्कुराते हुए नम्रतापूर्वक इसमें संशोधन करने के लिए प्रार्थना की।*
*श्रीसनातन गोस्वामी को उस समय अन्य कोई उपमा सूझी। ‘पीछे संशोधन करूँगा’ ऐसा कहकर वे इसी विषय की चिन्ता करते हुए वहाँ से विदा हुए।*
*जब वे कुण्ड की पश्चिम दिशा में इस स्थल पर पहुँचे, तो उन्होंने कदम्ब वृक्ष की डालियों पर एक सुन्दर झूले पर एक गोपकिशोरी को झूलते हुए देखा।*
*उसकी सहेलियाँ मल्लार राग का गायन करती हुई उसे झुला रही थीं। श्रीसनातन गोस्वामी ने उस झूलती हुई किशोरी की लहराती हुई काली वेणी पर अपने फणों को लहराती हुई काली नागिन को देखा।*
*वे उसे बचाने के लिए उधर ही दौड़ते हुए पुकारने लगे - लाली ! लाली ! सावधान तुम्हारी वेणी पर काली नागिन है ।*
*किन्तु, जब निकट पहुँचे तो देखा कुछ भी नहीं है । वहाँ न किशोरी है न सखियाँ हैं और न झूला।*
*वे उस दृश्य का स्मरण कर आनन्द से क्रन्दन करने लगे और उल्टे पाँव रूप गोस्वामी के पास पहुँचे और बोले रूप ।*
*तुम्हारी उपमा सर्वाङ्गसुन्दर है । श्रीमती किशोरीजी ने मुझ पर अनुग्रहकर अपनी बाड्किम वेणी का स्वयं हो दर्शन कराया है। उसमें संशोधन की कोई आवश्यकता नहीं है।*
*श्रीसनातन गोस्वामी ने इसी झूलनतला पर राधाजी का दर्शन पाया था।*
*'नैऋत कोण में कदम्बवृक्ष के पास ही श्रीराधाकृष्ण का प्राचीन मन्दिर है । जनश्रुति के अनुसार श्रीदास गोस्वामी ने श्रीराधाकृष्ण के इस विग्रह को कुण्ड-संस्कार के समय प्राप्त किया था ।*
*अकिञ्चन दासगोस्वामी ने इस विग्रह को सेवा के लिए ब्रजवासियों को अर्पित कर दिया था ।*
*पास ही श्रीकृष्णकण्ड के वायुकोण में श्रीश्यामानन्दप्रभु के आराध्यदेव श्रीश्यामसुन्दरजी का मन्दिर है।*
*उसी के उत्तर में श्रीजीव गोस्वामी के आराध्य श्रीराधादामोदरजी का दर्शन है ।*
*उसी के उत्तर में श्रीनिवासाचार्य प्रभु की भजन-कुटी है। वहाँ श्रीचैतन्य महाप्रभुजी का श्रीविग्रह है ।*
*श्रीश्यामसुन्दरजी की पूर्व दिशा में तथा श्रीकुण्ड के उत्तर में श्रीजाह्नवा ठकुरानी का घाट एवं बैठक है।*
*पास ही श्रीगोपीनाथजी का मन्दिर है। पास ही श्रीरघुनाथ दास गोस्वामी का वास स्थान एवं पुष्प समाधि है।*
*इससे आगे श्रीगोविन्ददेव का मन्दिर है। पास ही में श्रीगिरिराजजी को जिह्नारूपी शिला है।*
*श्रीकुण्ड के पूर्वीतट पर श्रीगोपालभट्ट गोस्वामी की भजन कुटी और इसके पूर्व दिशा में निकट ही श्यामकुण्ड के तट पर श्रीरघुनाथदास गोस्वामी की भजन कुटी है।*
जय श्री कृष्ण
TRN LIVE: आयुर्वेद के अनुसार वर्ष के सबसे ठंडे 14 दिन: शरीर को बचाने और सशक्त बनाने का स्वर्णकाल!
इन दिनों क्या करें, क्या न करें
#wintercare #WinterHealth #winterrituals
जब शीत ऋतु अपने चरम पर होती है, तब आयुर्वेद इसे केवल ठंड का मौसम नहीं, बल्कि शरीर की अग्नि, बल और रोग-प्रतिरोधक क्षमता की परीक्षा का समय मानता है। आयुर्वेदिक ग्रंथों में वर्ष के सबसे ठंडे 14 दिन को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया गया है। यह समय प्रायः पौष–माघ संधि (जनवरी के आसपास) आता है, जब सूर्य की उष्णता न्यूनतम और वातावरण में शीत अधिकतम होता है। 8 जनवरी से 21 जनवरी तक -️ यह तिथियाँ हर वर्ष 1–2 दिन आगे-पीछे हो सकती हैं, लेकिन यही काल सबसे अधिक ठंड वाला माना जाता है।
❄️ आयुर्वेद क्या कहता है इन 14 दिनों के बारे में?
आयुर्वेद के अनुसार, जब बाहरी ठंड बढ़ती है, तब शरीर की जठराग्नि (Digestive Fire) स्वाभाविक रूप से प्रबल हो जाती है, क्योंकि शरीर अंदर की गर्मी को बचाने का प्रयास करता है। यही कारण है कि इन दिनों भारी, स्निग्ध और पौष्टिक आहार पचाने की क्षमता बढ़ जाती है।
📜 आयुर्वेदिक श्लोक
“शिशिरे वर्धते वह्निः पवनश्च प्रकोप्यते।”
— चरक संहिता
अर्थ: शीत ऋतु में पाचन अग्नि प्रबल होती है, परंतु वात दोष भी बढ़ने लगता है। इसलिए संतुलन आवश्यक है।
🔥 इन 14 दिनों में शरीर के भीतर क्या परिवर्तन होते हैं?
जठराग्नि तीव्र होती है
वात दोष का प्रकोप बढ़ता है
त्वचा शुष्क होने लगती है
जोड़ और नसें अधिक संवेदनशील हो जाती हैं
ठंड से कफ जमने लगता है
इसी कारण आयुर्वेद इन दिनों को सावधानी और साधना का काल मानता है।
🥣 इन 14 सबसे ठंडे दिनों में क्या करें? (Ayurvedic Do’s)
✅ 1. उष्ण, स्निग्ध और पौष्टिक आहार लें
घी, तिल का तेल
मूंग दाल, उड़द दाल
गेहूं, बाजरा, ज्वार
गुड़, तिल, मूंगफली
📜 श्लोक
“स्निग्धोष्णं गुरु चान्नं शिशिरे हितमिष्यते।”
अर्थ: शीत ऋतु में स्निग्ध, उष्ण और भारी भोजन हितकारी होता है।
✅ 2. अभ्यंग (तेल मालिश) को दिनचर्या बनाएं
तिल तेल से प्रतिदिन शरीर की मालिश करें।
यह वात को शांत करता है, जोड़ों को मजबूत बनाता है और त्वचा को शुष्क होने से बचाता है।
✅ 3. गुनगुना पानी और हर्बल काढ़े
अदरक + तुलसी + काली मिर्च का काढ़ा
गुनगुना पानी पीना
यह कफ को पिघलाता है और अग्नि को संतुलित रखता है।
✅ 4. धूप सेवन और अग्नि ताप
सुबह की हल्की धूप लेना
अग्नि ताप (अलाव/धूप के पास बैठना)
यह शरीर की प्राकृतिक ऊष्मा को संतुलित करता है।
✅ 5. योग और प्राणायाम
सूर्य नमस्कार
भस्त्रिका
अनुलोम–विलोम
ये अभ्यास ठंड से जमी ऊर्जा को सक्रिय करते हैं।
🚫 इन दिनों क्या न करें? (Ayurvedic Don’ts)
ठंडा पानी या फ्रिज का भोजन
दही, आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक्स
रात में जागना
उपवास या बहुत हल्का भोजन
बिना तेल लगाए स्नान
📜 श्लोक संकेत करता है:
शीत ऋतु में रूक्षता (सूखापन) बढ़ाने वाले आहार-विहार रोग को जन्म देते हैं।
🧠 कम ज्ञात लेकिन सत्य तथ्य (Rare but True Ayurvedic Facts)
इन 14 दिनों में की गई लापरवाही पूरे वर्ष की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर सकती है।
शीत ऋतु में सही आहार लेने से शरीर प्राकृतिक रूप से बल और ओज का निर्माण करता है।
आयुर्वेद के अनुसार, इन दिनों का घी सेवन भविष्य के वात रोगों को कम करता है।
जो लोग इन दिनों वात को संतुलित रखते हैं, उनमें गठिया और सर्दी-खांसी कम होती है।
यह काल रसायन चिकित्सा (Body Rejuvenation) के लिए श्रेष्ठ माना गया है।
🪔 निष्कर्ष
आयुर्वेद के अनुसार वर्ष के सबसे ठंडे ये 14 दिन शरीर को कमजोर करने के नहीं, बल्कि सशक्त बनाने के दिन हैं—यदि सही आहार, दिनचर्या और विचार अपनाए जाएँ।
👉 याद रखें:
जो इन 14 दिनों को समझ गया, उसने पूरे वर्ष के स्वास्थ्य की नींव रख दी।
TRN LIVE: *सुबह की देश राज्यों से बड़ी खबरें*
*12- जनवरी - सोमवार*
👇🏻
==============================
*1* पीएम मोदी बोले-राजकोट को मिनी जापान बताने पर मेरा मजाक उड़ा, आज 2.50 लाख छोटे बिजनेस, यहां स्क्रू ड्राइवर से रॉकेट तक के पार्ट्स बनते हैं
*2* पीएम मोदी आज जर्मन चांसलर से मिलेंगे, दोनों नेता साबरमती आश्रम जाएंगे, अहमदाबाद के काइट फेस्टिवल में भी शामिल होंगे
*3* भागवत बोले- RSS बदला नहीं है, समय के साथ अपने स्वरूप सामने ला रहा; संघ पर बनी फिल्म शतक का म्यूजिक लॉन्च
TRN LIVE TRNDKB JITENDRA KUMAR
*4* इसरो PSLV-C62 रॉकेट से अन्वेषा सैटेलाइट लॉन्च करेगा, ये 600km ऊंचाई से झाड़ी में छिपे दुश्मन की फोटो ले सकेगा; 2026 का पहला मिशन
*5* मणिशंकर अय्यर बोले- ऑपरेशन सिंदूर खत्म करना चाहिए, भारत सरकार पाकिस्तान से बातचीत करे; BJP बोली- कांग्रेस की पहचान, PAK मेरा भाईजान
*6* टैरिफ वार से कैसे निपटेगा भारत? बजट में बड़े आर्थिक सुधारों का रोडमैप तैयार, नहीं थमेगी देश की रफ्तार
*7* सरकार आम बजट के जरिए सेवा क्षेत्र, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढांचा, अंतरिक्ष और स्वास्थ्य सेवा जैसे अहम क्षेत्रों में बड़े सुधारों की घोषणा कर सकती है। इन क्षेत्रों को रोजगार सृजन और दीर्घकालिक विकास की रीढ़ माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि इन सुधारों से घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।
TRN LIVE TRNDKB JITENDRA KUMAR
*8* सांबा, राजौरी और पुंछ में LoC पर दिखे 5 ड्रोन, दावा- पाकिस्तान घुसपैठ की कोशिश में; सेना का काउंटर अटैक, सर्च ऑपरेशन शुरू
*9* उद्धव बोले- भाजपा को मुंबई हड़पने नहीं देंगे, राज ने कहा- मराठी मानुष के लिए आखिरी चुनाव, हम मुंबई-महाराष्ट्र बचाने साथ आए
*10* हमारा दोस्ताना मुकाबला था, लेकिन अजित पवार का संयम डगमगा रहा', सीएम फडणवीस ने दिए बड़े संकेत
*11* फडणवीस ने कहा कि भाजपा और एनसीपी ने पहले ही तय किया था कि पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ में दोनों दल अलग-अलग चुनाव लड़ेंगे, लेकिन एक-दूसरे की आलोचना नहीं करेंगे। मुख्यमंत्री के मुताबिक उन्होंने इस समझौते का पालन किया, जबकि अजित पवार बार-बार भाजपा पर स्थानीय प्रशासन को लेकर हमला कर रहे हैं। फडणवीस ने कहा कि मैं काम बोलने देता हूं, बयान नहीं
*12* इंडियन आइडल-3 के विनर 43 वर्षीय प्रशांत तमांग का निधन, हार्ट अटैक आया, पाताललोक सीरीज में दिखे थे, सलमान की फिल्म बैटल ऑफ गलवान काम किया
TRN LIVE
*13* पहला वनडे- भारत ने न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराया, कोहली ने 93 रन बनाए, कप्तान गिल की फिफ्टी; अय्यर ने 49 रन की पारी खेली
*14* कोहली क्रिकेट के दूसरे टॉप स्कोरर बने, सबसे तेज 28 हजार रन भी बनाए, भारत ने 20वीं बार 300+ का टारगेट चेज किया; रिकॉर्ड्स
*15* दिल्ली कैपिटल्स WPL में लगातार दूसरा मैच हारी, गुजरात ने 4 रन से हराया, डिवाइन ने 42 गेंद पर 95 रन बनाए
*16* ईरान हिंसा– अबतक 538 लोगों की मौत, 10 हजार अरेस्ट, ईरान की अमेरिका-इजराइल को धमकी, कहा- हमला किया तो पलटवार करेंगे
*17* बर्फीली ठंड से कांपा उत्तर भारत: आठ राज्यों में शीतलहर का अलर्ट, दिल्ली का पारा 3 डिग्री...2013 के बाद सबसे कम।
==========================
TRN LIVE: *🌿भारतीय साहित्य की अनमोल धरोहर*
*⚜️चाणक्य नीति- भाग-19*
*गतांक से आगे-*
*🌿एकाकिना तपो द्वाभ्यां पठनं गायनं त्रिभिः ।*
*चतुर्भिर्गमनं क्षेत्रं पञ्चभिर्बहुभिर्रणः ।।*
*तप अथवा किसी प्रकार की साधना का कार्य एक अकेला व्यक्ति ही अच्छा करता है, यदि दो छात्र मिलकर पढ़ें तो अध्ययन अच्छा होता है और गाने के लिए यदि तीन व्यक्ति मिलकर अभ्यास करते हैं, तो अच्छा रहता है। इसी प्रकार यदि यात्रा आदि पर जाना हो तो कम-से-कम चार व्यक्तियों को जाना चाहिए। खेती आदि कार्य ठीक प्रकार से चलाने के लिए पांच व्यक्तियों की आवश्यकता होती है, जबकि युद्ध में यह संख्या जितनी हो उतना अच्छा है। ।।12।।*
*चाणक्य कहते हैं कि तप अथवा साधना व्यक्ति को अकेले ही करनी चाहिए, एक से अधिक होंगे तो उसमें विघ्न पड़ेगा। अध्ययन दो व्यक्तियों के बीच ठीक रहता है, क्योंकि दोनों एक-दूसरे को कोई बात समझा सकते हैं। गाने के अभ्यास के लिए तीन लोगों का होना इसलिए आवश्यक है क्योंकि उनमें से एक जब अभ्यास करता है, तो दोनों सुनने वाले अपनी प्रतिक्रिया जाहिर कर सकते हैं। कहीं यात्रा पर जाने के समय चार व्यक्ति और खेती आदि के कार्य के लिए पांच व्यक्तियों की आवश्यकता होती है। युद्ध ऐसा कार्य है जिसमें जितने भी अधिक लोग हों, उनसे सहायता मिलती है।*
*सा भार्या या शुचिर्दक्षा सा भार्या या पतिव्रता।*
*सा भार्या या पतिप्रीता सा भार्या सत्यवादिनी ।।*
*पति के लिए वही पत्नी उपयुक्त होती है, जो मन, वचन और कर्म से एक जैसी हो और अपने कार्यों में निपुण हो, इसके साथ ही वह अपने पति से प्रेम रखने वाली तथा सत्य बोलने वाली होनी चाहिए। ऐसी स्त्री को ही श्रेष्ठ पत्नी माना जा सकता है। ।।13।।*
*===============*
*आचार्य चाणक्य ने आदर्श पत्नी के गुणों की चर्चा करते हुए यह भी संकेत किया है कि पति को कैसा होना चाहिए। हम यह तो चाहते हैं कि पत्नी पति से कुछ न छिपाए, लेकिन पत्नी से रहस्यों को छिपाना अपना अधिकार मानते हैं। घर को संभालने का कार्य पत्नी कुशलता से करे और पति? पत्नी पति से प्रेम करती है और पति? आज बदलते परिवेश में आचार्य के कथन को व्यावहारिक रूप से देखने-परखने की आवश्यकता है। ये बातें दोनों के लिए एक समान हैं।*
*अपुत्रस्य गृहं शून्यं दिशः शून्यास्त्वबान्धवाः ।*
*मूर्खस्य हृदयं शून्यं सर्वशून्या दरिद्रता ।।*
*जिस घर में बेटा नहीं होता, वह घर शून्य माना जाता है, जिसके कोई बन्धु-बान्धव नहीं होते उसके लिए सारी दिशाएं, सारा संसार ही शून्य होता है। मूर्ख व्यक्ति का हृदय शून्य होता है और दरिद्र व्यक्ति के लिए तो सभी कुछ शून्य है। ।।14।।*
*प्रत्येक माता-पिता यह चाहते हैं कि उनकी एक संतान बेटा हो, बेटे के बिना घर सूना मालूम होता है। क्योंकि आज सोच बदली है। कायदे-कानून बदले हैं। जो व्यक्ति इस संसार में अकेला है, जिसके कोई रिश्तेदार अथवा बन्धु-बान्धव नहीं, उसके लिए चारों दिशाएं अथवा सारा संसार ही सूना होता है। वह किसी से अपने मन का दुख प्रकट करने में असमर्थ रहता है। मूर्ख व्यक्ति करुणा, दया और ममता से रहित होता है, इसलिए कहा गया है कि इसका हृदय सूना होता है। दरिद्र अथवा निर्धन व्यक्ति के लिए तो सभी कुछ सूना है क्योंकि कोई भी उसका साथ देने को तैयार नहीं होता। उससे सब कन्नी काटते हैं।*
*अनभ्यासे विषं शास्त्रमजीर्णे भोजनं विषम् ।*
*दरिद्रस्य विषं गोष्ठी वृद्धस्य तरुणी विषम् ।।*
*अभ्यास के बिना शास्त्र विष होता है, अजीर्ण अर्थात भोजन के ठीक प्रकार से पचे बिना फिर भोजन करना विष के समान होता है, निर्धन और दरिद्र व्यक्ति के लिए समाज में रहना विष के समान होता है और बूढ़े पुरुष के लिए युवती विष के समान होती है। ।।15।।*
*मनुष्यों को निरंतर अभ्यास द्वारा शास्त्र का ज्ञान प्राप्त करना चाहिए।* *यदि वह शास्त्र ज्ञान के लिए निरंतर अभ्यास नहीं करता तो वह अधकचरा ज्ञानी बनता है, ऐसा ज्ञान विष के समान दुखदायी होता है। इसी प्रकार पेट में अपच की स्थिति में यदि बढ़िया-से-बढ़िया भोजन किया जाएगा तो वह भी विष के समान कष्ट देगा। दरिद्र यदि किसी सभा, सोसायटी अथवा समाज में जाता है तो वहां उसकी पूछ न होने के कारण उसे विष का घूटं भी पीना पड़ता है।*
*बूढ़ा आदमी यदि तरुणी के साथ विवाह रचाता है तो उसका जीवन अत्यन्त कष्टमय हो जाता है, क्योंकि विचारों में आयुगत असमानता सदैव क्लेश का कारण बनती है और शारीरिक रूप से निर्बल होने के कारण वह नवयौवना को यौन संतुष्टि भी प्रदान नहीं कर सकता। ऐसी पत्नी पथभ्रष्ट हो सकती है, जो कि सम्मानित व्यक्ति के लिए अत्यंत कष्टदायी स्थिति होती है।*
*त्यजेद्धर्म दयाहीनं विद्याहीनं गुरुं त्यजेत् ।*
*त्यजेत्क्रोधमुखीं भार्या निः स्नेहान् बान्धवांस्त्यजेत् ।।*
*व्यक्ति को चाहिए कि वह ऐसे धर्म का त्याग कर दे जिसमें दया और ममता आदि का अभाव हो, इसी प्रकार विद्या से हीन गुरु का भी त्याग कर देना चाहिए। सदा क्रोध करने वाली स्त्री का त्याग भी श्रेयस्कर है और जिन बन्धु-बान्धवों में प्रेम अथवा स्नेह का अभाव हो, उनका भी त्याग कर देना चाहिए।।16।।*
*प्रत्येक धर्म से आशा की जा सकती है कि वह दया, अहिंसा और प्रेम का संदेश देगा। यदि उसमें ये बातें नहीं हैं तो ऐसे धर्म को छोड़ देना चाहिए।*
*गुरु का कर्तव्य ज्ञान देना है, यदि वह अनपढ़ और मूर्ख है तो उसे गुरु बनाने से कोई लाभ नहीं। स्त्री पति को सुख देने वाली होती है, परंतु यदि वह हर समय गुस्से में भरी रहे और क्रोध करती रहे तो ऐसी पत्नी का भी त्याग कर देना चाहिए। रिश्तेदार, भाई-बन्धु व्यक्ति के दुख में काम आते हैं, परंतु यदि उनमें स्नेह और प्रेम का अभाव है तो ऐसे भाई-बंधुओं का कोई लाभ नहीं। उन्हें त्यागना ही हितकर है।*
*त्याग भी तभी संभव है, जब उसकी सही दिशा-दशा का ज्ञान हो।*
*क्रमश:-*
🙏🚩🇮🇳🔱🏹🐚🕉️
TRN LIVE: *🏹🚩सनातन सेवक समिति🚩🏹*
✊🏻👊🏻⛳
*🚩क्रमांक = 01*
*🚩जय सनातन:-सनातन पंचांग🚩*
*🚩आज की हिंदी तिथि🚩*
*┈┉══❀(("ॐ"))❀══┉┈*
*⛅युगाब्द - 5127*
*⛅दिनांक - 12 जनवरी 2026*
*⛅दिन - सोमवार*
*⛅विक्रम संवत् - 2082*
*⛅अयन - दक्षिणायण*
*⛅ऋतु - शिशिर*
*⛅मास - माघ*
*⛅पक्ष - कृष्ण*
*⛅तिथि - नवमी दोपहर 12:42 तक तत्पश्चात् दशमी*
*⛅नक्षत्र - स्वाती रात्रि 09:05 तक तत्पश्चात् विशाखा*
*⛅योग - धृति शाम 06:12 तक तत्पश्चात् शूल*
*⛅राहुकाल - सुबह 08:32 से सुबह 09:53 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅सूर्योदय - 07:10*
*⛅सूर्यास्त - 06:00 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅दिशा शूल - पूर्व दिशा में*
*⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 05:25 से प्रातः 06:18 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:14 से दोपहर 12:57 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:09 जनवरी 13 से रात्रि 01:02 जनवरी 13 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*🌥️व्रत पर्व विवरण - स्वामी विवेकानंद जयंती, राष्ट्रीय युवा दिवस*
*🌥️विशेष - नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है एवं दशमी को कलम्बी शाक त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*🔹शिशिर ऋतु विशेष🔹*
*👉 1. इस ऋतु में शरीर को बलवान बनाने के लिए तेल की मालिश करनी चाहिए ।*
*👉 2. चने के आटे, आँवले के उबटन का प्रयोग लाभकारी है। कसरत करना अर्थात् दंड-बैठक लगाना, कुश्ती करना, दौड़ना, तैरना आदि एवं प्राणायाम और योगासनों का अभ्यास करना चाहिए ।*
*👉 3. सूर्य नमस्कार, सूर्यस्नान एवं धूप का सेवन इस ऋतु में लाभदायक है ।*
*👉 4. सामान्य गर्म पानी से स्नान करें किन्तु सिर पर गर्म पानी न डालें ।*
*👉 5. कितनी भी ठंडी क्यों न हो सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लेना चाहिए । रात्रि में सोने से हमारे शरीर में जो अत्यधिक गर्मी उत्पन्न होती है वह स्नान करने से बाहर निकल जाती है जिससे शरीर में स्फूर्ति का संचार होता है ।*
*👉 6. सुबह देर तक सोने से यही हानि होती है कि शरीर की बढ़ी हुई गर्मी सिर, आँखों, पेट, पित्ताशय, मूत्राशय, मलाशय, शुक्राशय आदि अंगों पर अपना खराब असर करती है जिससे अलग-अलग प्रकार के रोग उत्पन्न होते हैं । इस प्रकार सुबह जल्दी उठकर स्नान करने से इन अवयवों को रोगों से बचाकर स्वस्थ रखा जा सकता है ।*
*👉 7. गर्म-ऊनी वस्त्र पर्याप्त मात्रा में पहनना,अत्यधिक ठंड से बचने हेतु रात्रि को गर्म कंबल ओढ़ना, रजाई आदि का उपयोग करना, गर्म कमरे में सोना लाभदायक है ।*
*🔷 अपथ्य : इस ऋतु में अत्यधिक ठंड सहना, ठंडा पानी, ठंडी हवा, भूख सहना, उपवास करना, रूक्ष, कड़वे, कसैले, ठंडे एवं बासी पदार्थों का सेवन, दिवस की निद्रा, चित्त को काम, क्रोध, ईर्ष्या, द्वेष से व्याकुल रखना हानिकारक है ।*
🏹🇮🇳⛳🔱🌞⚜️🐚🕉️🙏🏻
TRN LIVE: *🏹🚩सनातन सेवक समिति🚩🏹*
✊🏻👊🏻⛳
*🚩क्रमांक = 01*
*🚩जय सनातन:-सनातन पंचांग🚩*
*🚩आज की हिंदी तिथि🚩*
*┈┉══❀(("ॐ"))❀══┉┈*
*⛅युगाब्द - 5127*
*⛅दिनांक - 12 जनवरी 2026*
*⛅दिन - सोमवार*
*⛅विक्रम संवत् - 2082*
*⛅अयन - दक्षिणायण*
*⛅ऋतु - शिशिर*
*⛅मास - माघ*
*⛅पक्ष - कृष्ण*
*⛅तिथि - नवमी दोपहर 12:42 तक तत्पश्चात् दशमी*
*⛅नक्षत्र - स्वाती रात्रि 09:05 तक तत्पश्चात् विशाखा*
*⛅योग - धृति शाम 06:12 तक तत्पश्चात् शूल*
*⛅राहुकाल - सुबह 08:32 से सुबह 09:53 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅सूर्योदय - 07:10*
*⛅सूर्यास्त - 06:00 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅दिशा शूल - पूर्व दिशा में*
*⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 05:25 से प्रातः 06:18 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:14 से दोपहर 12:57 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:09 जनवरी 13 से रात्रि 01:02 जनवरी 13 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*🌥️व्रत पर्व विवरण - स्वामी विवेकानंद जयंती, राष्ट्रीय युवा दिवस*
*🌥️विशेष - नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है एवं दशमी को कलम्बी शाक त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*🔹शिशिर ऋतु विशेष🔹*
*👉 1. इस ऋतु में शरीर को बलवान बनाने के लिए तेल की मालिश करनी चाहिए ।*
*👉 2. चने के आटे, आँवले के उबटन का प्रयोग लाभकारी है। कसरत करना अर्थात् दंड-बैठक लगाना, कुश्ती करना, दौड़ना, तैरना आदि एवं प्राणायाम और योगासनों का अभ्यास करना चाहिए ।*
*👉 3. सूर्य नमस्कार, सूर्यस्नान एवं धूप का सेवन इस ऋतु में लाभदायक है ।*
*👉 4. सामान्य गर्म पानी से स्नान करें किन्तु सिर पर गर्म पानी न डालें ।*
*👉 5. कितनी भी ठंडी क्यों न हो सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लेना चाहिए । रात्रि में सोने से हमारे शरीर में जो अत्यधिक गर्मी उत्पन्न होती है वह स्नान करने से बाहर निकल जाती है जिससे शरीर में स्फूर्ति का संचार होता है ।*
*👉 6. सुबह देर तक सोने से यही हानि होती है कि शरीर की बढ़ी हुई गर्मी सिर, आँखों, पेट, पित्ताशय, मूत्राशय, मलाशय, शुक्राशय आदि अंगों पर अपना खराब असर करती है जिससे अलग-अलग प्रकार के रोग उत्पन्न होते हैं । इस प्रकार सुबह जल्दी उठकर स्नान करने से इन अवयवों को रोगों से बचाकर स्वस्थ रखा जा सकता है ।*
*👉 7. गर्म-ऊनी वस्त्र पर्याप्त मात्रा में पहनना,अत्यधिक ठंड से बचने हेतु रात्रि को गर्म कंबल ओढ़ना, रजाई आदि का उपयोग करना, गर्म कमरे में सोना लाभदायक है ।*
*🔷 अपथ्य : इस ऋतु में अत्यधिक ठंड सहना, ठंडा पानी, ठंडी हवा, भूख सहना, उपवास करना, रूक्ष, कड़वे, कसैले, ठंडे एवं बासी पदार्थों का सेवन, दिवस की निद्रा, चित्त को काम, क्रोध, ईर्ष्या, द्वेष से व्याकुल रखना हानिकारक है ।*
🏹🇮🇳⛳🔱🌞⚜️🐚🕉️🙏🏻
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0

