गलत तरीके से बाल काटने का मामला: मॉडल को मिला 2 करोड़ का मुआवजा घटाकर सुप्रीम कोर्ट ने 25 लाख किया

Feb 9, 2026 - 17:32
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गलत तरीके से बाल काटने का मामला: मॉडल को मिला 2 करोड़ का मुआवजा घटाकर सुप्रीम कोर्ट ने 25 लाख किया

मॉडल के बाल गलत तरीके से काटे जाने के मामले में दिए गए 25 लाख रुपए के मुआवजे को सुप्रीम कोर्ट ने सही माना है. अपने तरीके के अनोखे मामले में शुरू में राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग (NCDRC) ने 2 करोड़ रुपए का मुआवजा तय किया था. सुप्रीम कोर्ट ने इसे बहुत ज्यादा बताते हुए मुआवजा घटा दिया है.

मामला साल 2018 का है. आशना रॉय नाम की मॉडल ने आरोप लगाया था कि वह एक प्रोफेशनल इंटरव्यू से पहले हेयर कट के लिए गईं. दिल्ली के फाइव स्टार होटल आईटीसी मौर्य के सैलून में उनकी नियमित हेयर स्टाइलिस्ट मौजूद नहीं थी. किसी दूसरे स्टाफ ने उनके बाल काटे. उनके निर्देशों का पालन स्टाफ नहीं कर पाया और बाल बेहद खराब तरीके से काट दिए. हेयर ट्रीटमेंट के दौरान अधिक अमोनिया के कारण उनके बाल और सिर की त्वचा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई और उन्हें बहुत जलन हुई.

मॉडल ने इसकी शिकायत राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग में की. उन्होंने कहा कि गलत हेयर ट्रीटमेंट से उन्हें मानसिक आघात पहुंचा और करियर पर नकारात्मक असर पड़ा. कुछ बड़े प्रोजेक्ट उनसे छूट गए. मॉडल की शिकायत के बाद राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग ने सितंबर 2021 में होटल को दो करोड़ रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया. होटल ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. सुप्रीम कोर्ट ने मामले को दोबारा विचार के लिए NCDRC के पास भेज दिया.  

मामला NCDRC में वापस जाने के बाद मॉडल ने मुआवजे की मांग को बढ़ा कर 5.2 करोड़ रुपए कर दिया. हालांकि, अप्रैल 2023 में NCDRC ने दोबारा 2 करोड़ रुपए के मुआवजे का आदेश दे दिया. NCDRC ने आईटीसी लिमिटेड को घटना की तारीख से भुगतान तक 9 प्रतिशत ब्याज चुकाने का भी आदेश दिया. 

इसके खिलाफ आईटीसी दोबारा सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. 6 फरवरी को जस्टिस राजेश बिंदल और जस्टिस मनमोहन की बेंच ने मामले पर फैसला दिया. इस फैसले में कोर्ट ने मुआवजे को बहुत ज्यादा बताया है. जजों ने यह भी कहा कि NCDRC में मॉडल ने अपने दावे के सबूत में पर्याप्त दस्तावेज नहीं पेश किए. अगर उनका कोई नुकसान हुआ भी था, तो भी यह इतना अधिक नहीं लगता कि 2 करोड़ का भारी मुआवजा दिया जाए. 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि NCDRC को मुआवजा तय करते समय तथ्यों को देखना चाहिए था. मुआवजा सिर्फ एक पक्ष के दावे के आधार पर तय नहीं किया जाना चाहिए था. कोर्ट ने कहा कि 2023 में मामले को दोबारा NCDRC के पास भेजते समय मॉडल को 25 लाख रुपए मुआवजा दिलवाया गया था. यह मुआवजा पर्याप्त है.

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Admin तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला