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TRN LIVE: *Chamba: पिता के बाद अब बेटी ने महिला थाने पहुंचकर दर्ज करवाई शिकायत, विधायक पर लगाए गंभीर आराेप*!
चम्बा (काकू): चुराह के विधायक डाॅ. हंसराज और युवती से जुड़े विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। शुक्रवार को युवती ने महिला थाना चम्बा में अपनी शिकायत दर्ज करवाई। युवती की शिकायत पर पुलिस ने आगामी जांच शुरू कर दी है। इससे पहले युवती के पिता की शिकायत पर पुलिस ने विधायक के निजी सचिव व एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ अपहरण, धमकाने और जबरन बयान बदलवाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की थी।
पीड़ित युवती के पिता ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि एक साल पहले आरोपी उन्हें और उनकी बेटी को जबरन अगवा कर शिमला ले गए थे, जहां उन्हें धमकाकर बयान बदलवाया गया। यही नहीं घर में आग लगाने की धमकियां दी गईं। अब फिर से डराया-धमकाया जा रहा है, जिसके चलते उन्होंने हिम्मत जुटाकर पुलिस से संपर्क किया।
वहीं अब युवती ने भी विधायक व उनके कुछ समर्थकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई है और पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। बता दें कि इस मामले में महिला आयोग ने भी चम्बा पुलिस से रिपोर्ट मांगी है। वहीं ब्लॉक कांग्रेस चुराह ने महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी शिकायत पत्र भेजा है। एएसपी चम्बा हितेश लखनपाल ने बताया कि युवती के बयान दर्ज किए गए हैं। शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
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एबीवीपी ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की उठाई मांग
उधर, अब इस मामले में एबीवीपी भी कूद पड़ी है। शुक्रवार को एबीवीपी ने प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं विभाग संयोजक अर्पित जरयाल की अगुवाई में एएसपी हितेश लखनपाल को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है। अर्पित जरयाल ने कहा कि युवती ने विधायक हंसराज के खिलाफ शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। इससे पहले भी प्रदेश में इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं, जो शांत हिमाचल को शर्मसार कर रही हैं। इस तरह की घटनाओं पर जल्द अंकुश नहीं लगाया गया तो यह प्रचलन बन जाएगा। इससे हिमाचल का वातावरण खराब होने की संभावना है। उन्होंने पुलिस व प्रशासन से अपील की है कि इस मामले की गहनता से जांच कर कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
TRN LIVE: चंबा में वाइक टक्कर में एक व्यक्ति की मौत
परेल के पास PWD कर्मचारी की मौत, वाइक की पहचान HP-47A-1426 के रूप में हुई। वाइक चालक फरार।
मृतक की पहचान सुरेश कुमार पुत्र भिल्लो राम निवासी सरु।
वाइक चालक की पहचान डलहौजी निवासी के रूप में हुई।
TRN LIVE: कांगड़ा: देहरा में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां SDM ऑफिस के बाहर एक महिला ने एक बुज़ुर्ग व्यक्ति के साथ धक्का-मुक्की करी और मुंह काला कर दिया और जूतों की माला पहनाई। बताया जा रहा है कि मामला ज़मीनी विवाद से जुड़ा है।
TRNDKB: *हिमाचल: तंबाकू और निकोटिन युक्त खाद्य उत्पादों पर एक साल के लिए रोक, आदेशों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई*
*हिमाचल प्रदेश में अब एक साल तक कोई भी व्यक्ति, व्यापारी या निर्माता तंबाकू और निकोटिन युक्त खाद्य उत्पादों का उत्पादन, भंडारण, बिक्री या वितरण नहीं कर सकेगा।*
हिमाचल प्रदेश सरकार ने तंबाकू और निकोटिन युक्त खाद्य उत्पादों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर एक वर्ष के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इस संबंध में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स रेगुलेशन 2011 का हवाला देते हुए अधिसूचना जारी की गई है।
अधिसूचना के अनुसार रोक की अवधि के दौरान कोई भी व्यक्ति, व्यापारी या निर्माता तंबाकू और निकोटिन युक्त खाद्य उत्पादों का उत्पादन, भंडारण, बिक्री या वितरण नहीं कर सकेगा। अधिसूचना के अनुसार नियमों का उल्लंघन करने पर एक से पांच वर्ष तक की कैद और आर्थिक दंड का प्रावधान है। यह सजा फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट 2006 की संबंधित धाराओं के तहत दी जाएगी।
प्रदेश में इससे पहले भी इन उत्पादों पर अस्थायी रोक लगाई गई थी, लेकिन इस बार राज्य सरकार ने इसे और सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है। रोक का यह फैसला सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा और लोगों में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। सरकार ने नियमों को सख्ती से लागू करने समेत कार्रवाई की जिम्मेदारी खाद्य सुरक्षा आयुक्त को सौंपी है। उन्हें सभी जिलों में नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
इन उत्पादों पर लागू होगा प्रतिबंध
गुटखा, पान मसाला, खैनी, जर्दा, सुगंधित सुपारी, मावा और ऐसे अन्य उत्पाद जिनमें तंबाकू या निकोटिन का उपयोग किया जाता है, इन पर प्रतिबंध रहेगा।
*उत्पादों से कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा*
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तंबाकू और निकोटिन युक्त उत्पादों के सेवन से कैंसर, हृदय रोग, श्वसन समस्याएं और कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता है।
TRNDKB: *हिमाचल में 294 निजी स्कूलों की मान्यता रद्द, इस वजह से प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने की कार्रवाई*
*हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने शिक्षा बोर्ड का पाठ्यक्रम न पढ़ाने पर 294 निजी स्कूलों की मान्यता रद्द कर दी है।*
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने राज्य के 294 निजी स्कूलों की मान्यता रद्द कर दी है। शिक्षा बोर्ड का पाठ्यक्रम न पढ़ाने पर यह कार्रवाई की गई है। *मान्यता प्राप्त स्कूलों के लिए शिक्षा बोर्ड का पाठ्यक्रम पढ़ाना अनिवार्य है, लेकिन ये स्कूल दूसरे प्रकाशकों की किताबें पढ़ा रहे थे। प्रदेश में नौवीं से 12वीं कक्षा तक के करीब 1,400 निजी स्कूलों को हिमाचल शिक्षा बोर्ड से मान्यता दी है।*
हाल ही में बोर्ड ने सभी स्कूलों से बच्चों के लिए खरीदी पुस्तकों के बिल मंगवाए थे। जांच के दौरान 294 स्कूल ऐसे निकले, जिन्होंने अन्य प्रकाशकों की पुस्तकें खरीदी थीं। इस पर शिक्षा बोर्ड ने सख्त फैसला लेते हुए नियमों का उल्लंघन वाले स्कूलों की मान्यता रद्द कर दी। शिक्षा बोर्ड के मुताबिक, निजी स्कूलों को मान्यता देते समय एक अनुबंध के तहत यह अनिवार्य किया जाता है कि वे बोर्ड की किताबें बच्चों को पढ़ाएंगे। बावजूद इसके स्कूलों ने तय नियमों का उल्लंघन किया है।
हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के लिए भी बोर्ड की पुस्तकें पढ़ाना अनिवार्य हैं। प्रदेश के 294 स्कूल बोर्ड की ओर से जारी पाठ्यक्रम को नहीं पढ़ा रहे थे, जिसके चलते उनकी मान्यता रद्द कर दी गई है। बोर्ड ने पहली बार इतनी बढ़ी संख्या में स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की है।
TRNDKB: *हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 15 साल पुरानी स्कूल बस को चलाने की दी अनुमति, जानें पूरा मामला*
*हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि जब 20 साल पुरानी बस में यात्रा करने वाले यात्री सुरक्षित हैं तो यह मानने का कोई कारण नहीं है कि 15 साल पुरानी बस में यात्रा करने वाले छात्र असुरक्षित होंगे।*
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में स्कूल बसों की 15 साल की समयसीमा खत्म होने के बाद चलाने की अनुमति न मिलने को लेकर एक याचिका दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि जब 20 साल पुरानी बस में यात्रा करने वाले यात्री सुरक्षित हैं तो यह मानने का कोई कारण नहीं है कि 15 साल पुरानी बस में यात्रा करने वाले छात्र असुरक्षित होंगे। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रोमेश वर्मा की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता को उसकी 15 साल पुरानी बस को छात्रों को लाने-ले जाने के लिए चलाने की अंतरिम राहत प्रदान की है।
अदालत ने प्रतिवादियों को निर्देश दिया है कि वह याचिकाकर्ता को बस को छात्रों के परिवहन के लिए चलाने की अनुमति दें। हालांकि, यह अनुमति वाहन की आयु को छोड़कर अन्य सभी औपचारिकताओं और शर्तों को पूरा करने के अधीन होगी। सभी औपचारिकताएं और शर्तें तीन दिनों के भीतर पूरी करनी होंगी। खंडपीठ ने कहा कि यह अंतरिम आदेश याचिका के लंबित रहने तक जारी रहेगा, जो भविष्य में बदलाव, निरस्तीकरण और संशोधन के अधीन होगा। सरकार की ओर से अंतरिम राहत का विरोध किया गया। कहा कि याचिकाकर्ता के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। दलील दी कि स्कूलों के संबंध में 15 वर्ष से अधिक पुरानी बसों को न चलाने की शर्त छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लगाई गई है। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि छात्रों और अन्य यात्रियों के लिए सुरक्षा मानक अलग-अलग नहीं हो सकते।
*गगल हवाई अड्डे पर सरकार ने रखा अपना पक्ष*
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में गगल हवाई अड्डे के विस्तारीकरण को लेकर अंतिम सुनवाई हो रही है। कोर्ट के पिछले आदेशों के बाद महाधिवक्ता ने वीरवार को राज्य सरकार का पक्ष अदालत के समक्ष रखा। इस मामले की सुनवाई न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रोमेश वर्मा की खंडपीठ कर रही है। मामले की अगली सुनवाई 18 नवंबर को होगी।
TRNDKB: *1950 हेल्पलाइन और बुक-ए-काल विद बीएलओ सुविधा से प्राप्त की जा सकती है चुनाव संबंधी जानकारी व सहायता :- मुकेश रेपसवाल*
*चम्बा, 7 नवंबर*
उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मुकेश रेपसवाल नें जानकारी देते हुए बताया कि भारत निर्वाचन आयोग नें नागरिकों की सभी चुनाव संबंधी शिकायतों एवं सुझावों के त्वरित समाधान के लिए जिला स्तर पर सम्पर्क केंद्रों को सक्रिय किया है। नागरिक अब राष्ट्रीय मतदाता *हेल्पलाइन 1950 और बुक-ए-काल विद बीएलओ सुविधा का उपयोग कर चुनाव संबंधी मामलों व शिकायतों का समाधान यहाँ पा सकेंगे। उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर स्थापित सम्पर्क केंद्र प्रत्येक कार्य दिवस में कार्यालय समय के दौरान कार्यशील रहेंगे जहाँ नागरिकों को स्थानीय भाषा में समयबद्ध सहायता उपलब्ध होगी।*
उन्हीने बताया कि इसके अतिरिक्त केंद्रीय हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर 1800-11-1950 से नागरिक एवं अन्य हितधारक निर्वाचन संबंधित सेवाओं एवं जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह टोल फ्री सेवा प्रातः 8 बजे से सांय 8 बजे तक कार्यशील रहेगी।
उन्होंने बताया कि सभी शिकायतें एवं प्रश्न राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल के माध्यम से दर्ज एवं मॉनिटर किए जाएंगे जिससे शिकायतों का पारदर्शी और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित होगा।
इसके अतिरिक्त बुक ए काल विद बीएलओ सुविधा से नागरिक ईसीआईनेट ऐप के माध्यम से बूथ लेवल ऑफिसर और चुनाव अधिकारियों से सीधे सम्पर्क कर सकेंगे जहाँ मुख्य निर्वाचन अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी और नामांकन अधिकारियों को प्राप्त अनुरोध का निस्तारण 48 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि नागरिक अपनी शिकायतें कंप्लेंटस@ईसीआई.जीओवी.इन (complaints@eci.gov.in) पर भी भेज सकते हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी नें नागरिकों से निर्वाचन संबंधी जानकारी, सुझाव, शिकायत अथवा सहायता हेतु इन सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आग्रह किया है।
TRNDKB: *चम्बा चुराह के विधायक हंसराज के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत मुकद्दमा दर्ज*
चुराह के विधायक हंसराज और युवती से जुड़े मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। शुक्रवार को युवती ने महिला थाना चम्बा में अपनी शिकायत दर्ज करवाई। युवती की शिकायत पर पुलिस ने विधायक के खिलाफ बीएनएस व पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। युवती का मैडीकल परीक्षण भी करवाया जा रहा है। इससे पहले युवती के पिता की शिकायत पर पुलिस ने विधायक के निजी सचिव व एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ अपहरण, धमकाने और जबरन बयान बदलवाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की थी। पीड़ित युवती के पिता ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि एक साल पहले आरोपी उन्हें और उनकी बेटी को जबरन अगवा कर शिमला ले गए जहां उन्हें धमकाकर बयान बदलवाया गया। यही नहीं घर में आग लगाने की धमकियां दी गईं। अब फिर से डराया-धमकाया जा रहा है, जिसके चलते उन्होंने हिम्मत जुटाकर पुलिस से संपर्क किया।
वहीं शुक्रवार को युवती ने थाने में पहुंचकर विधायक पर गंभीर आरोप लगाए। बता दें कि युवती ने तीन-चार दिन पहले फेसबुक पर लाइव होकर विधायक पर कई संगीन आरोप लगाए थे। इस दौरान युवती ने अपने पास विधायक के कई सबूत होने की बात भी कही थी। इसके बाद विधायक ने भी लाइव आकर आरोपों पर सफाई दी थी। विधायक के लाइव आने के बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया। इसके बाद महिला आयोग ने चम्बा पुलिस से मामले की रिपोर्ट मांगी थी। वहीं ब्लॉक कांग्रेस ने भी कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष को शिकायत पत्र भेजा है।
TRNDKB: *जमाबंदी को पटवारखाने के चक्कर काटने की जरूरत नहीं, अब क्यूआर कोड से वेरिफाई होगी डिजिटल जमाबंदी*
फार्मेट बदला, अब क्यूआर कोड से वेरिफाई होगी डिजिटल जमाबंदी
पटवारी के भी डिजिटल साइन होंगे, सात दिन में सुझाव मांगे
राजस्व सेवाओं को डिजिटाइज करने के मामले में राज्य की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। राजस्व विभाग ने अब जमाबंदी का फॉर्मेट बदला है, जिसे लोगों के हित में बनाया गया है। राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत की ओर से यह अधिसूचना जारी की गई है। इसमें आपत्तियों के लिए लोगों को सात दिन का समय भी दिया गया है। जमाबंदी में पहले 12 कॉलम होते थे और इसे मैन्युअली बनाना पड़ता था। अब इसमें सिर्फ सात कॉलम रह गए हैं। साथ ही ऑनलाइन वेरिफिकेशन के लिए क्यूआर कोड पहली बार जमाबंदी में डाला गया है। पटवारी के डिजिटल हस्ताक्षर का प्रावधान भी पहली बार किया गया है। राजस्व रिकॉर्ड में मालिकाना हक बताने के लिए जमाबंदी का इस्तेमाल होता है। जमीन किसके नाम है और कब्जा किसका है? लैंड की किस्म क्या है?
कहीं इस जमीन पर लोन तो नहीं, ये सभी बातें जमाबंदी से तय होती हैं। अब जमाबंदी में क्यूआर कोड जुडऩे से इसे आसानी से वेरिफाई किया जा सकेगा। डिजिटल जमाबंदी लेने के लिए पटवारखाने जाने की जरूरत भी नहीं है। इसलिए यह बदलाव लोगों के हित में किया गया है। शुक्रवार को जारी हुई अधिसूचना में फाइनांंस कमिश्नर रेवेन्यू की ओर से कहा गया है कि यदि किसी को इस बदलाव पर आपत्ति है, तो सात दिन के भीतर लिखित रूप में दे सकता है। उसके बाद इस फॉर्मेट को फाइनल कर दिया जाएगा।
TRNDKB: *टांडा अस्पताल में अव्यवस्था का आलम, मरीज काे स्ट्रेचर न मिलने पर फूटा महिला एम्बुलैंस चालक का गुस्सा*
हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थानों में से एक डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा एक बार फिर अव्यवस्था को लेकर सुर्खियों में है। अस्पताल में मरीजाें के लिए स्ट्रेचर उपलब्ध न होने का एक मामला सामने आया है, जिसका खुलासा एक महिला एम्बुलैंस चालक ने वीडियो बनाकर किया है। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
वायरल हो रहे वीडियो में 108 एम्बुलैंस की चालक अंजू देवी अस्पताल परिसर में खड़ी अपनी एम्बुलैंस के पास से बोलती हुई दिखाई दे रही हैं कि वह एक मरीज को लेकर अस्पताल पहुंची हैं, लेकिन उसे अस्पताल के अंदर ले जाने के लिए स्ट्रेचर तक उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा है। वीडियो में अंजू ने आरोप लगाया कि यहां मरीज तड़पते रहते हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। हम मरीज को लेकर खड़े हैं और स्ट्रेचर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। हालांकि बाद में मरीज काे व्हीलचेयर पर लेकर जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि इस तरह की अव्यवस्था के कारण गंभीर मरीजाें की जान भी जा सकती है। इस वीडियो ने टांडा जैसे प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज में बुनियादी सुविधाओं की कमी को उजागर कर दिया है। अगर प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल का यह हाल है
TRNDKB: *चिट्टे पर बड़े जोर से चोट करेगी सरकार, सीएम बोले, तस्करों के खिलाफ तीन महीने तक चलेगा बड़ा अभियान*
चिट्टा वॉकथॉन की समीक्षा के दौरान बोले सीएम सुक्खू, तस्करों के खिलाफ तीन महीने तक चलेगा बड़ा अभियान
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में चिट्टे के खिलाफ अभियान को जन आंदोलन बनाया जाएगा। इस आंदोलन में प्रदेश के हर व्यक्ति की सहभागिता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। वह शुक्रवार को 15 नवंबर को शिमला में आयोजित की जाने वाली एंटी चिट्टा वॉकथॉन की तैयारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वॉकथॉन में हिस्सा लेने के लिए ‘बार कोड’ स्कैन से पंजीकरण किया जा सकता है। वॉकथॉन के दौरान रिज से चौड़ा मैदान तक विभिन्न प्रकार की जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि वॉकथॉन में युवा, छात्र और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग हिस्सा लेंगे। सीएम सुक्खू ने संबंधित विभागों को इस आयोजन को सफल बनाने के लिए तत्परता के साथ सभी तैयारियां समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि चिट्टा के खिलाफ 15 नवंबर से आरंभ होने वाला यह अभियान आगामी तीन माह तक चलेगा। यह चिट्टा के खिलाफ प्रदेश सरकार की निर्णायक लड़ाई होगी। चिट्टा के कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, क्योंकि प्रदेश सरकार चिट्टा के समूल नाश के लिए वचनबद्ध है। बैठक में मुख्य सचिव संजय गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव केके पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्याम भगत नेगी, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, ओएसडी गोपाल शर्मा
TRNDKB: Himachal Pradesh High Court: पुलिस कर्मियों की पदोन्नति के लिए होने वाली परीक्षा पर रोक
By: divyahimachal
हाई कोर्ट के रविवार को होने वाली परीक्षा के किए अंतरिम आदेश
सात साल बाद परीक्षा से कई लोगों के हित हो रहे थे प्रभावित
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने पुलिस कर्मियों के लिए पदोन्नति बाबत होने वाली बी-वन परीक्षा के आयोजन पर रोक लगा दी है। न्यायाधीश ज्योत्स्ना रिवाल दुआ ने यह अंतरिम आदेश पारित करते हुए यह स्पष्ट किया कि दिए गए आधारों को देखते हुए अंतरिम राहत प्रदान करने का मामला बनता है। याचिकाकर्ता प्रथम दृष्टया यह सिद्ध करने में सक्षम रहे हैं कि यदि प्रतिवादियों को बी-वन परीक्षा, जो अब सात वर्षों के अंतराल के बाद नौ नवंबर, 2025 के लिए निर्धारित है, के साथ आगे बढऩे की अनुमति दी जाती है, तो उन्हें अपूरणीय क्षति होगी। याचिकाकर्ताओं का यह तर्क उचित प्रतीत होता है कि रविवार को आयोजित होने वाली बी-वन परीक्षा उनके (सामान्य ड्यूटी पुलिस अधिकारियों) हितों की रक्षा के लिए व्यावहारिक नहीं हो सकती
है, क्योंकि यह वार्षिक रूप से आयोजित नहीं की जाती थी, बल्कि सात वर्षों के अंतराल के बाद आयोजित की जा रही है, इसलिए यह उन लोगों के लिए हानिकारक होगी, जो सात वर्ष पहले इसके पात्र थे।
हफ्ते में सातों दिन 24 घंटे ड्यूटी पर तैनात ऐसे अधिकारियों को नए प्रवेशकों के साथ प्रतिस्पर्धा करनी होगी। इसके अलावाए हेड कांस्टेबल के पद पर पदोन्नति के अवसर प्रदान करने के याचिकाकर्ताओं के तर्क को, उजागर की गई सामग्री के मद्देनजर बी-वन परीक्षा की अनदेखी करते हुए, इस स्तर पर खारिज नहीं किया जा सकता है। दिए गए तथ्यों और परिस्थितियों में, हेड कांस्टेबल के पद पर पदोन्नति के लिए बी-वन परीक्षा आयोजित करना, इसकी प्रासंगिकता और आवश्यकता पर, याचिकाकर्ता द्वारा दिए गए आधारों के आलोक में विचार-विमर्श करने की आवश्यकता है। अत: प्रतिवादियों को निर्देश दिया जाता है कि वे अगली सुनवाई की तारीख तक बी-वन परीक्षा पर आगे न बढ़ें। आवेदन का उत्तर दस दिनों के भीतर प्रस्तुत किया जाए। मामले पर अगली सुनवाई 19 नवंबर के लिए निर्धारित की गई है।
TRNDKB: जन्म-मृत्य का 100 प्रतिशत पंजीकरण करें सुनिश्चित
By: divyahimachal
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने जन्म-मृत्यु के 100 प्रतिशत पंजीकरण को लेकर अंतर-विभागीय समन्वय समिति के साथ की बैठक
सिटी रिपोर्टर-शिमला
उपायुक्त ने शक्रवार को जन्म-मृत्यु के 100 प्रतिशत पंजीकरण को लेकर अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता की गई। उपायुक्त ने कहा कि जन्म और मृत्यु इंसान के जीवन के महत्वपूर्ण घटनाएं हैं। इसलिए इनका पंजीकरण बेहद जरूरी है। इस संबंध में लोगों को और जागरूक किया जाए क्योंकि इन घटनाओं का सही पंजीकरण जरूरी है ताकि आगे चल कर लोगों को किसी भी कार्य में परेशानी का सामना न करना पड़े। उपायुक्त ने कहा कि इस संबंध में जमीनी स्तर पर जन्म और मृत्यु पंजीकरण के लिए प्रशिक्षण भी दिया है लेकिन अभी भी रिपोर्टिंग सही तरीके से नहीं हो रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रिपोर्टिंग में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए और इस संबंध में कोई भी शिकायत प्राप्त नहीं होनी चाहिए। बैठक में बताया कि जन्म और मृत्यु पंजीकरण के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदेश में ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम के माध्यम से सभी अस्पतालों में एक जुलाई से कार्य कर रही है और इसके तहत वर्ष 2025 में कुल 569 पंजीकरण इकाई कार्यरत हैं।
अगर किसी व्यक्ति को 2015 से पूर्व का डिजिटल सर्टिफिकेट चाहिए तो उसके लिए भी सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा। जन्म और मृत्यु पंजीकरण 21 दिनों के भीतर किया जाता है तो पंजीकरण निशुल्क होगा लेकिन 21 दिन से ज्यादा और 30 दिन के भीतर पंजीकरण करने पर 20 रुपए की लेट फीस लगेगी। इसी प्रकार, जन्म या मृत्यु के 30 दिन के बाद पंजीकरण करने पर 50 रुपए की लेट फीस और जिला पंजीयक की स्वीकृति के साथ अन्य दस्तावेज की जरूरत होगी। एक वर्ष से अधिक समय के बाद पंजीकरण करने पर 100 रुपए लेट फीस और आवश्यक दस्तावेज लगाने जरूरी हैं।
विवाह पंजीकरण भी करें सुनिश्चित
उपायुक्त ने लोगों से आग्रह किया कि विवाह के पश्चात निश्चित समय अवधि के अंदर अपना विवाह पंजीकरण भी सुनिश्चित करें, क्योंकि बाद में विवाह पंजीकरण के लिए भी लंबी प्रक्रिया का पालन करना पड़ता है। बैठक में बताया कि परिवार रजिस्टर के आधार पर जारी किए जन्म प्रमाण पत्र मान्य नहीं है। सभी संबंधित अधिकारियों को जन्म रजिस्टर के आधार पर ही जन्म प्रमाणपत्र जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। जारी प्रमाणपत्र सरकार द्वारा स्वीकृत फॉर्मेट में हो। बैठक में बताया कि शिमला ग्रामीण, ठियोग, चौपाल, नेरवा, कोटखाई, टिक्कर, रामपुर और डोडरा क्वार की 18 पंचायतें जीरो रिपोर्टिंग रूरल रजिस्ट्रेशन यूनिट के रूप में शामिल हैं। उपायुक्त ने सभी जीरो रिपोर्टिंग यूनिट को जल्द से जल्द विलंबित पंजीकरण सुनिश्चित करने और आगे जन्म और मृत्यु पंजीकरण साथ-साथ के दर्ज करने के निर्देश दिए।
TRNDKB: 11 सौ पुलिस जवान संभालेंगे सुरक्षा की कमान
विधानसभा के शीत सत्र की तैयारियां तेज, उपायुक्त ने सभी विभागों को योजना के आधार पर काम करने के दिए निर्देश
दिव्य हिमाचल ब्यूरो-धर्मशाला
विधानसभा के शीतकालन सत्र के लिए कांगड़ा जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। सभी विभागों को अपने अपने महकमें से संबंधित कार्यों को पूर्व योजना के आधार पर करने को कहा गया है। सत्र कके दौरान 11 सौ जवान तैनात होंगे। उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने धर्मशाला में 26 नवंबर से पांच दिसंबर तक आयोजित होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र के लिए उचित प्रबंधों और व्यवस्थाओं को लेकर शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय में जिला प्रशासन और सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में एडीसी विनय कुमार, एडीएम शिल्पी बेक्टा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वीर बहादुर, एसडीएम मोहित रत्न, सहायक आयुक्त जगदीप कंवर सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। उपायुक्त ने समस्त अधिकारियों को निर्देश दिये कि विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दृष्टिगत विधानसभा सत्र के सफल संचालन हेतु अपनी जिम्मेदरियां सुनिश्चित कर समय से अपनी तैयारियां पूरी कर लें।
बैठक में विधानसभा सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम और विधानसभा सदस्यों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के ठहरने, यातायात प्रबंधन, पेयजल एवं बिजली आपूर्ति, खानपान, स्वास्थ्य और स्वच्छता व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक प्रबंधों को लेकर चर्चा की गई। हेमराज बैरवा ने सत्र के दौरान कानून व्यवस्था के साथ-साथ ट्रैफिक व्यवस्था को भी सुचारू रूप से बनाये रखने के लिए समुचित प्रबंध करने को कहा। उन्होंने कहा कि सत्र में भाग लेने आने वाले अतिथियों के ठहरने और खाने इत्यादि भी उचित व्यवस्था की जाएगी। इस अवसर पर विधानसभा परिसर तथा इसके आसपास पार्किंग इत्यादि के बारे में भी विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने विधानसभा सत्र के मद््देनजर स्वास्थ्य विभाग को विधान सभा परिसर, जोनल अस्पताल धर्मशाला और टांडा मेडिकल कालेज में विशेष इंतजाम रखने के निर्देश दिए।
एएसपी वीर बहादुर के बोल
धर्मशाला में धर्मशाला में 26 नवंबर से पांच दिसंबर तक विधानसभा का शीतकालीन सत्र होगा। 1100 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। यह जानकारी एएसपी वीर बहादुर ने दी। विधानसभा के आयोजन स्थल के आसपास कुल 10 सेक्टर बनाए गए हैं, जहां पुलिसकर्मी ड्यूटी निभाएंगे। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए इलाके की चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए कड़ी निगरानी भी शुरू कर दी है।
TRNDKB: अपनी भाषा में वंदे मातरम गाकर पोर्टल पर कर सकेंगे अपलोड
By: divyahimachal
कांगड़ा-चंबा के सांसद डा. राजीव भारद्वाज ने कहा वंदे मातरम एक शब्द नहीं मंत्र है। वंदे मातरम के मंत्र को सुनकर देशवासियों की धडक़न बढ़ जाती है। भारद्वाज कांगड़ा में भाजपा द्वारा वंदे मातरम के 150 साल पूरा होने पर आयोजित लोकसभा क्षेत्र स्तरीय कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे। प्रधानमंत्री ने वंदे मातरम का पोर्टल जारी किया है। पोर्टल में हर कोई व्यक्ति, युवा, महिला वंदे मातरम गाना अपनी भाषा ओर शेली में गाकर पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। जिसका गीत सबसे बढिय़ा होगा उसे प्रधानमंत्री द्वारा सोशल मीडिया ओर आधिकारिक वेबसाइट पर शेयर किया जाएगा। संगठनात्मक जिला कांगड़ा भाजपा अध्यक्ष सचिन शर्मा ने बताया कि लोकसभा स्तर पर कांगड़ा में भाजपा का ये कार्यक्रम आयोजित किया गया। इंदु गोस्वामी, पवन काजल, जनक राज, रणवीर सिंह, अरुण मेहरा, मुल्खराज प्रेमी, अर्जुन ठाकुर आदि मौजूद रहे।
TRNDKB: पूर्ण स्वदेशी अपनाने का दिलवाया संकल्प
वंदेमातरम राष्ट्रगीत के 150वें जयंती पर करवाया कार्यक्रमÞ, नयना देवी के विधायक रणधीर शर्मा ने की शिरकत
दिव्य हिमाचल ब्यूरो-ऊना
राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150वें जयंती वर्ष पर हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र स्तर के उत्सव का आयोजन जिला ऊना के जखेड़ा में स्थित स्वदेश मैमोरियल विवेकानंद स्कूल में किया गया। इस अवसर पर प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं नैनादेवी के विधायक रणधीर शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की, जबकि स्थानीय विधायक सतपाल सत्ती, पूर्व मंत्री राजेंद्र गर्ग, पूर्व विधायक बलबीर चौधरी, प्रदेश सचिव सुमीत शर्मा विशेष रूप से शामिल हुए। इस कार्यक्रम में आत्मनिर्भर भारत-विकसित भारत 2047 के ध्येय कि पूर्णता हेतु स्वदेशी संकल्प भी दिलाया गया। कार्यक्रम संयोजक सुमीत शर्मा ने आगामी कार्यक्रम की जानकारी दी एवं सतपाल सत्ती ने राष्ट्रगीत वन्देमातरम की वर्तमान समय में भूमिका एवं राष्ट्र जागृति हेतु उपस्थित लोगों को आह्वान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सामूहिक पूर्ण वंदे मातरम के गायन से हुआ, जो पूरे 3 मिनट 10 सेकंड तक गूंजता रहा और वातावरण को देशभक्ति के भाव से सराबोर कर गया। प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने वंदे मातरम के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह गीत केवल शब्दों का मेल नहीं, बल्कि भारत माता के प्रति समर्पण, त्याग और बलिदान की अमर भावना का प्रतीक है।रणधीर ने बताया कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने वर्ष 1875 को इस वंदे मातरम गीत को सृजित किया और रविंदर नाथ टैगोर ने 1896 में इस राष्ट्रगीत का पहली बार गायन किया। हालांकि यह वंदेमातरम उस दौर मे लगातार भारत की युवा-महिला शक्ति और आजादी के आंदोलन से जुड़े हुए लोगों के लिए प्रेरणादायक
बनता गया।
दौलतपुर कालेज में भी हुआ कार्यक्रम
दौलतपुर चौक। राजकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय दौलतपुर चौक में शुक्रवार को ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय की एनएसएस इकाई के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार के नेतृत्व में हुआ। इस अवसर पर सभी अध्यापकों एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने एक साथ स्वर मिलाकर ‘वंदे मातरम’ का सामूहिक गायन किया, जिससे पूरा परिसर देशभक्ति से भर गया।
TRNDKB: महाराष्ट्र में मंत्री के बेटे को कौडिय़ों के भाव बेच दी दलितों की जमीन, पर मोदी मौन: राहुल
By: divyahimachal
नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार को दलित विरोधी करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला किया और कहा कि महाराष्ट्र के एक प्रभावशाली मंत्री के बेटे को दलितों के लिए आरक्षित सरकारी जमीन कौडिय़ों के भाव बेची जाती है, लेकिन श्री मोदी इस पर कुछ नहीं बोलते।
उन्होंने कहा कि इस जमीन की कीमत 1800 करोड़ रुपए से अधिक है, लेकिन राज्य सरकार के प्रभावशाली मंत्री के बेटे को कंपनी चलाने के लिए सरकार ने यह जमीन महज 300 करोड़ रुपए में बेच दी और स्टाम्प ड्यूटी में भी छूट भी दे दी। आश्चर्य की बात यह है कि खुद को दलितों का हितैषी बताने वाले प्रधानमंत्री मोदी इस बारे में मौन साध लेते हैं। श्री गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर शुक्रवार को एक पोस्ट में कहा कि महाराष्ट्र में दलितों के लिए आरक्षित 1800 करोड़ रुपए की सरकारी ज़मीन सिर्फ़ 300 करोड़ रुपए में मंत्री जी के बेटे की कंपनी को बेच दी गई है। ऊपर से स्टाम्प ड्यूटी भी हटा दी। मतलब एक तो लूट और उस पर कानूनी मुहर में भी छूट।
कांग्रेस नेता ने कहा कि ये है ज़मीन चोरी, उस सरकार की, जो खुद वोट चोरी से बनी है। उन्हें पता है, चाहे जितना भी लूटें, वोट चोरी कर फिर सत्ता में लौट आएंगे। न लोकतंत्र की परवाह, न जनता की, न दलितों के अधिकार की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि वह लुटेरों की लूट पर मौन हैं, क्योंकि वे ही उनकी सरकार का आधार हैं। मोदी जी, आपकी चुप्पी बहुत कुछ कहती है – क्या आप इसीलिए खामोश हैं, क्योंकि आपकी सरकार उन्हीं लुटेरों पर टिकी है, जो दलितों और वंचितों का हक़ हड़पते हैं। इसके साथ उन्होंने एक अखबार में महाराष्ट्र सरकार के मंत्री तथा उनके बेटे की फोटो के साथ 1800 करोड़ की जमीन 300 करोड़ में खरीदी, 500 रुपए स्टांप ड्यूटी भरी… शीर्षक से छपी खबर को भी पोस्ट किया है।
TRNDKB: गांव जौह में आंगन में उग आए गुच्छी के पौधे
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उपमंडल भोरंज के गांव जौह में देखने को मिला प्रकृति का एक अनोखा नजारा
उपमंडल भोरंज के गांव जौह में प्रकृति का एक अनोखा नजारा देखने को मिला है। यहां स्थानीय निवासी कमलेश चंद शर्मा के आंगन में गुच्छी (मोरल मशरूम) के पौधे उग आए हैं। यह घटना लोगों के लिए हैरानी और चर्चा का विषय बन गई है, क्योंकि गुच्छी सामान्यत: ठंडे और पहाड़ी इलाकों विशेष रूप से बर्फ पिघलने के बाद प्राकृतिक रूप से उगती है। गौरतलब है कि कुछ समय पहले ही जिला हमीरपुर के घुमारवीं क्षेत्र में भी गुच्छी उगने की खबर सामने आई थी। अब भोरंज जैसे अपेक्षाकृत गर्म क्षेत्र में इसका उगना स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों के बीच कई सवाल खड़े कर रहा है। गुच्छी एक दुर्लभ और कीमती जंगली फफूंद (मशरूम) है, जो सामान्यत: हिमाचल प्रदेश के ऊंचे और ठंडे इलाकों जैसे कुल्लू, मनाली और चंबा में मिलती है। इसे वन का सोना कहा जाता है और बाजार में इसकी कीमत हजारों रुपए प्रति किलो तक होती है। कमलेश चंद शर्मा ने बताया कि उन्होंने पहले कभी अपने गांव में इस तरह का पौधा नहीं देखा था।
पहले हमारे यहां ऐसे पौधे कभी नहीं दिखे
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि तापमान में लगातार बढ़ोतरी, वर्षा के असामान्य पैटर्न और मिट्टी की नमी में परिवर्तन जैसे कारक इन दुर्लभ पौधों के प्राकृतिक स्थान बदलने का कारण बन सकते हैं। गांव के बुजुर्गों के अनुसार पहले हमारे यहां ऐसे पौधे कभी नहीं दिखे। अब जब ये गर्म जगहों पर भी दिखने लगे हैं, तो ये जलवायु परिवर्तन की निशानी हो सकती है।
TRNDKB: वित्तीय लाभ न मिलने से पेंशनर निराश, विधानसभा घेरने को तैयार
By: divyahimachal
संगठनों ने कहा, राष्ट्रपति शासन लगाने को लेकर करेंगे आवाज बुलंद
प्रदेश के पेंशनर संगठनों ने सरकार के प्रति कड़ा रुख अपनाया है। पेंशनरों ने चेतावनी दी है कि यदि 24 नवंबर तक उनके लंबित पेंशन और अन्य देय भत्तों का भुगतान नहीं किया गया, तो प्रदेश के करीब एक लाख से अधिक पेंशनर धर्मशाला में होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान बड़ा प्रदर्शन करेंगे और सरकार का घेराव करेंगे। वहीं दूसरी तरफ पेंशनरों ने प्रदेश सरकार स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर विधानसभा घेराव के बाद भी मांगें पूरी नहीं होती है, तो प्रदेश के लाखों पेंशनर राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति से प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग को लेकर आवाज बुलंद करेंगे। यह निर्णय हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने मंडी में आयोजित राज्य स्तरीय बैठक के दौरान लिया है।
बैठक में 18 संगठनों के पेंशनर एवं प्रतिनिधियों की संयुक्त भागीदारी रही। बैठक की अध्यक्षता समिति के चेयरमैन सुरेश ठाकुर ने की। पेंशनर्स की संशोधित ग्रैच्युटी, कम्युटेशन व लीव-इनकैशमेंट का भुगतान लंबित है। संशोधित छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के अंतर्गत लंबित शेष बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया है। गत पांच वर्षो से चिकित्सा बिलों का कोई भुगतान नहीं किया गया है। पेंशनरों और परिवार पेंशनरों को क्रमश: 50 प्रतिशत और 30 प्रतिशत की दर से पे मैट्रिक्स के मामले महालेखाकार के कार्यालय में पिछले एक वर्ष से अधिक समय से लंबित हैं।
TRNDKB: OPS : रिटायरी भी बन सकेंगे OPS के पात्र
By: divyahimachal
वित्त विभाग (पेंशन) ने चार मई 2023 को एक अधिसूचना जारी कर सभी कर्मचारियों को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली से पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) में स्विच करने का विकल्प दिया था। इस विकल्प के लिए केवल 60 दिन की अवधि तय की गई थी। उस समय कई कर्मचारी ऐसे थे, जो पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके थे और उनके पास ओपीएस के लिए आवश्यक 10 साल की नियमित सेवा पूरी नहीं थी। इस कारण वे उस समय योजना का लाभ नहीं ले सके। बाद में कुलदीप चंद बनाम राज्य हिमाचल प्रदेश और राज्य बनाम ओम प्रकाश जैसे मामलों में हाई कोर्ट के आदेशों के बाद सरकार ने कई कर्मचारियों को उनकी अनुबंध नियुक्ति की तिथि से ही नियमित माना। इससे उन कर्मचारियों की सेवा अवधि 10 साल से अधिक हो गई और वे अब ओपीएस के तहत पेंशन के पात्र बन गए। हालांकि, वित्त विभाग ने इन कर्मचारियों के पेंशन मामलों को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उन्होंने 60 दिन की निर्धारित अवधि के बाद विकल्प चुना। इसके खिलाफ कई कर्मचारियों ने हिमाचल हाई कोर्ट में याचिकाएं दायर कीं।
अब अदालत ने फूलमति बनाम राज्य हिमाचल प्रदेश (सीडब्लूपी 7097/2024) और लछमन दास ठाकुर बनाम राज्य हिमाचल प्रदेश (सीडब्लूपी 7138/2025) जैसे मामलों में फैसला देते हुए स्पष्ट कहा है कि पात्र कर्मचारी समय सीमा बीत जाने के बाद भी ओपीएस का विकल्प दे सकते हैं। निदेशालय ने यह भी निर्देश जारी किए हैं कि सभी ऐसे समान मामलों में, संबंधित अधिकारियों को एजीएचपी को यह सूचित करना होगा कि कर्मचारियों को कुलदीप चंद और ओम प्रकाश मामलों में दिए गए न्यायालयीय आदेशों के तहत नियमित माना गया है और वे अब पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के अंतर्गत पेंशन के पात्र हैं।
TRNDKB: इंदिरा गांधी उत्कृष्ट छात्रवृत्ति के लिए इस डेट तक करें आवेदन
By: divyahimachal
आट्र्स; साइंस, कॉमर्स संकाय से 10-10 छात्रों को मिलेगी स्कॉलरशिप
हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय ने वर्ष 2025-26 के लिए राज्य प्रायोजित इंदिरा गांधी उत्कृष्ट योजना की मेरिट सूची जारी कर दी है। यह सूची हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय और सरदार पटेल विश्वविद्यालय, मंडी से प्राप्त हुई है। इस योजना के तहत आट्र्स, साइंस और कॉमर्स संकाय से 10-10 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जाएगी। प्रत्येक चयनित विद्यार्थी को 18,000 रुपए वार्षिक छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से इस बारे में सभी सरकारी और निजी महाविद्यालयों तथा विश्वविद्यालयों को निर्देश जारी किए गए हैं।
उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी किए गए आदेशों में कहा गया है कि राज्य प्रायोजित इंदिरा गांधी उत्कृष्ट छात्रवृत्ति योजना के लिए आवेदन 15 नवंबर तक ऑनलाइन जमा किए जा सकते हैं। हिमाचल प्रदेश के अंदर और बाहर के सभी सरकारी और निजी महाविद्यालयों तथा विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत वास्तविक हिमाचली विद्यार्थी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। आवेदन की जानकारी और विवरण उच्च शिक्षा निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
TRNDKB: NEET PG Round 1 च्वाइस फिलिंग की तिथि बढ़ाई
मेडिकल काउंसिलिंग कमेटी जल्द जारी करेगी संशोधित कार्यक्रम
दिव्य हिमाचल ब्यूरो— नई दिल्ली
राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा स्नातकोत्तर (नीट पीजी) 2025 के पहले राउंड की काउंसिलिंग के लिए च्वाइस फिलिंग की तारीख बढ़ाई गई है। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी ने यह निर्णय राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की ओर से मिली जानकारी के आधार पर लिया है, जिसमें बताया गया कि काउंसिलिंग प्रक्रिया शुरू होने के बाद राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड द्वारा 169 पीजी डीएनबी सीटें वापस ली गई हैं। उम्मीदवारों को अब अगली आधिकारिक सूचना तक च्वाइस फिलिंग की अंतिम तारीख का इंतजार करना होगा। एमसीसी ने बताया कि वह कुछ अतिरिक्त सीटें हटा रहा है और आरक्षण नियमों के अनुसार सीटों का सही वितरण सुनिश्चित करने के लिए रोस्टर प्रणाली को दोबारा लागू कर रहा है।
संशोधित सीट मैट्रिक्स और राउंड-1 काउंसिलिंग का कार्यक्रम एमसीसी की आधिकारिक वेबसाइट द्वष्ष्.ठ्ठद्बष्.द्बठ्ठ पर अपलोड किया जाएगा। राज्य स्तरीय पीजी काउंसलिंग कार्यक्रम भी तदनुसार अपडेट किए जाएंगे। हाल ही में जारी आधिकारिक नोटिस के अनुसार, नीट पीजी 2025 के पहले चरण के सीट मैट्रिक्स में कुछ बदलाव किए गए हैं। इस चरण में 49 एमडी और एमएस सीटें तथा 54 डीएनबी सीटें वापस ली गई हैं, जबकि छह नई सीटें निजी अस्पतालों से जोड़ी गई हैं। पहले जारी सीट मैट्रिक्स में कुल 25,760 सीटें थीं।
पुराना शेड्यूल— पुराने शेड्यूल के अनुसार, नीट पीजी 2025 की काउंसिलिंग प्रक्रिया में पहले चरण का सीट आबंटन परिणाम आठ नवंबर, 2025 को जारी होना था, जबकि उम्मीदवारों को आबंटित सीट पर रिपोर्टिंग और कॉलेज में ज्वाइनिंग की प्रक्रिया नौ से 14 नवंबर, 2025 के बीच पूरी करनी थी।
सीटों का विवरण
श्रेणी सीटें
ऑल इंडिया कोटा 12,678
सेंट्रल इंटरनल कोटा 804
डीम्ड यूनिवर्सिटी श्रेणी 6,156
डीएनबी श्रेणी 9,122
TRNDKB: Himachal Pradesh High Court: पुलिस कर्मियों की पदोन्नति के लिए होने वाली परीक्षा पर रोक
By: divyahimachal
हाई कोर्ट के रविवार को होने वाली परीक्षा के किए अंतरिम आदेश
सात साल बाद परीक्षा से कई लोगों के हित हो रहे थे प्रभावित
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने पुलिस कर्मियों के लिए पदोन्नति बाबत होने वाली बी-वन परीक्षा के आयोजन पर रोक लगा दी है। न्यायाधीश ज्योत्स्ना रिवाल दुआ ने यह अंतरिम आदेश पारित करते हुए यह स्पष्ट किया कि दिए गए आधारों को देखते हुए अंतरिम राहत प्रदान करने का मामला बनता है। याचिकाकर्ता प्रथम दृष्टया यह सिद्ध करने में सक्षम रहे हैं कि यदि प्रतिवादियों को बी-वन परीक्षा, जो अब सात वर्षों के अंतराल के बाद नौ नवंबर, 2025 के लिए निर्धारित है, के साथ आगे बढऩे की अनुमति दी जाती है, तो उन्हें अपूरणीय क्षति होगी। याचिकाकर्ताओं का यह तर्क उचित प्रतीत होता है कि रविवार को आयोजित होने वाली बी-वन परीक्षा उनके (सामान्य ड्यूटी पुलिस अधिकारियों) हितों की रक्षा के लिए व्यावहारिक नहीं हो सकती
है, क्योंकि यह वार्षिक रूप से आयोजित नहीं की जाती थी, बल्कि सात वर्षों के अंतराल के बाद आयोजित की जा रही है, इसलिए यह उन लोगों के लिए हानिकारक होगी, जो सात वर्ष पहले इसके पात्र थे।
हफ्ते में सातों दिन 24 घंटे ड्यूटी पर तैनात ऐसे अधिकारियों को नए प्रवेशकों के साथ प्रतिस्पर्धा करनी होगी। इसके अलावाए हेड कांस्टेबल के पद पर पदोन्नति के अवसर प्रदान करने के याचिकाकर्ताओं के तर्क को, उजागर की गई सामग्री के मद्देनजर बी-वन परीक्षा की अनदेखी करते हुए, इस स्तर पर खारिज नहीं किया जा सकता है। दिए गए तथ्यों और परिस्थितियों में, हेड कांस्टेबल के पद पर पदोन्नति के लिए बी-वन परीक्षा आयोजित करना, इसकी प्रासंगिकता और आवश्यकता पर, याचिकाकर्ता द्वारा दिए गए आधारों के आलोक में विचार-विमर्श करने की आवश्यकता है। अत: प्रतिवादियों को निर्देश दिया जाता है कि वे अगली सुनवाई की तारीख तक बी-वन परीक्षा पर आगे न बढ़ें। आवेदन का उत्तर दस दिनों के भीतर प्रस्तुत किया जाए। मामले पर अगली सुनवाई 19 नवंबर के लिए निर्धारित की गई है।
TRNDKB: चुराह के विधायक पर FIR, युवती की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की छानबीन
दिव्य हिमाचल ब्यूरो — चंबा
चुराह के विधायक व युवती के खिलाफ जारी जुबानी जंग ने नया मोड़ ले लिया है। शुक्रवार को युवती ने चंबा महिला पुलिस थाना पहुंचकर विधायक के खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया है। पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत अपहरण करने, गोपनीय और गलत तरीके से बंधक बनाने, जानबूझकर चोट पहुंचाने, आपराधिक धमकी देने आदि से संबंधित मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है। पुलिस ने युवती के अदालत में बयान दर्ज करवाने के साथ ही मेडिकल भी करवा लिया है। बताते चलें कि इस मामले को लेकर युवती के पिता की शिकायत पर पहले ही भाजपा विधायक के दो करीबी लोगों के खिलाफ गुरुवार शाम को तीसा पुलिस थाना में मामला दर्ज किया जा चुका है। इसी बीच शुक्रवार को युवती ने जिला मुख्यालय स्थित महिला पुलिस थाना पहुंचकर विधायक के खिलाफ भी मामला दर्ज करवा दिया था। युवती ने अपनी शिकायत पर विधायक पर कई संगीन आरोप लगाए हैं। पुलिस ने विधायक पर लगे आरोपों की जांच आरंभ कर दी है। उल्लेखनीय है कि चुराह हल्के के विधायक डा. हंसराज के खिलाफ युवती ने कुछ दिन पहले फेसबुक के माध्यम से लाइव होकर कई संगीन आरोप लगाए थे और विधायक की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए थे।
फेसबुक लाइव में युवती ने अपने पास विधायक के कई सबूत होने की बात भी कही थी। इसी बीच युवती के पिता ने भी मीडिया के सामने आकर विधायक पर आरोप लगाए थे। पिता का आरोप है कि उनकी बेटी को डरा-धमकाकर बयान बदलवाया गया था। इसके बाद उनकी बेटी और उन्हें किडनैप करके गाड़ी में बिठाकर शिमला ले जाया गया। जहां हमें धमकाया गया कि अगर बयान नहीं बदला गया, तो घर को आग लगा दी जाएगी। मजबूरी में उनकी बेटी ने बयान बदला। इसके बाद से लगातार उनकी बेटी को डराया-धमकाया जा रहा है, ताकि वह दोबारा सच न बोले। उधर, प्रदेश पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने चुराह के विधायक के खिलाफ युवती की शिकायत पर मामला दर्ज किए जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस मामले में छानबीन कर रही है।
TRNDKB: नए अध्यक्ष को दिल्ली में Interview
पार्टी ने बुलाए थे रोहित, राठौर, विनय, सुल्तानपुरी, बुटेल, सुरेश
दिव्य हिमाचल ब्यूरो — शिमला
हिमाचल कांग्रेस के नए अध्यक्ष को लेकर दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान ने हिमाचल के संभावित उम्मीदवारों के इंटरव्यू लिए हैं। इसके लिए कैबिनेट मंत्री रोहित ठाकुर, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौड़, विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार, पालमपुर से विधायक आशीष बुटेल, भोरंज के विधायक सुरेश कुमार और विनोद सुल्तानपुरी इत्यादि को दिल्ली बुलाया गया था। कांग्रेस सूत्रों से पता चला है कि राहुल गांधी खुद इस मीटिंग में थे। उनके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े, वेणुगोपाल और हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल भी इस बैठक में मौजूद रही। सभी ने संभावित उम्मीदवारों से संगठन को एक्टिव करने का प्लान पूछा और 2027 के विधानसभा चुनाव में दोबारा जीत दिलाने का फार्मूला बताने को कहा। यह सारी चर्चा एक-एक कर हुई।
पार्टी ने सीएम सुखविंदर सुक्खू से भी ली है फीडबैक
लंबे समय से यह चर्चा है कि एक अध्यक्ष और चारों संसदीय क्षेत्र में कार्यकारी अध्यक्ष लगाया जा सकते हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से भी पार्टी ने फीडबैक ली है। वर्तमान में हिमाचल कांग्रेस की अध्यक्ष प्रतिभा सिंह तो हैं, लेकिन फील्ड में संगठन नहीं है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी कहा था कि जल्दी ही नया संगठन हिमाचल में घोषित हो जाएगा। बिहार चुनाव से निपटने के बाद कांग्रेस हाई कमान ने हिमाचल में संगठन को लेकर यह बैठक शुक्रवार को दिल्ली में की है। अब फैसले का इंतजार है।
TRNDKB: जमाबंदी को पटवारखाने के चक्कर काटने की जरूरत नहीं, अब क्यूआर कोड से वेरिफाई होगी डिजिटल जमाबंदी
By: divyahimachal
फार्मेट बदला, अब क्यूआर कोड से वेरिफाई होगी डिजिटल जमाबंदी
पटवारी के भी डिजिटल साइन होंगे, सात दिन में सुझाव मांगे
राजस्व सेवाओं को डिजिटाइज करने के मामले में राज्य की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। राजस्व विभाग ने अब जमाबंदी का फॉर्मेट बदला है, जिसे लोगों के हित में बनाया गया है। राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत की ओर से यह अधिसूचना जारी की गई है। इसमें आपत्तियों के लिए लोगों को सात दिन का समय भी दिया गया है। जमाबंदी में पहले 12 कॉलम होते थे और इसे मैन्युअली बनाना पड़ता था। अब इसमें सिर्फ सात कॉलम रह गए हैं। साथ ही ऑनलाइन वेरिफिकेशन के लिए क्यूआर कोड पहली बार जमाबंदी में डाला गया है। पटवारी के डिजिटल हस्ताक्षर का प्रावधान भी पहली बार किया गया है। राजस्व रिकॉर्ड में मालिकाना हक बताने के लिए जमाबंदी का इस्तेमाल होता है। जमीन किसके नाम है और कब्जा किसका है? लैंड की किस्म क्या है?
कहीं इस जमीन पर लोन तो नहीं, ये सभी बातें जमाबंदी से तय होती हैं। अब जमाबंदी में क्यूआर कोड जुडऩे से इसे आसानी से वेरिफाई किया जा सकेगा। डिजिटल जमाबंदी लेने के लिए पटवारखाने जाने की जरूरत भी नहीं है। इसलिए यह बदलाव लोगों के हित में किया गया है। शुक्रवार को जारी हुई अधिसूचना में फाइनांंस कमिश्नर रेवेन्यू की ओर से कहा गया है कि यदि किसी को इस बदलाव पर आपत्ति है, तो सात दिन के भीतर लिखित रूप में दे सकता है। उसके बाद इस फॉर्मेट को फाइनल कर दिया जाएगा। इससे पहले राजस्व सेवाओं को डिजिटाइज करने पर राज्य सरकार ने कई कदम उठाए हैं। लंबित लाखों राजस्व मामलों को निपटाने के लिए भी सरकार ने टाइमलाइन तय की है। इससे अब केस को लटकाने की आदत खत्म हो रही है।
निजी जंगल की लकड़ी के रेट 10 फीसदी बढ़े
हिमाचल सरकार के वन विभाग ने प्राइवेट फॉरेस्ट प्रोड्यूस के रेट में वृद्धि कर दी है। हिमाचल में हिमाचल प्रदेश फॉरेस्ट प्रोड्यूस एक्ट 1982 के तहत प्राइवेट फॉरेस्ट के लिए भी राज्य सरकार रेट तय करती है। इसी अधिनियम के अनुसार अब वित्त वर्ष 2025-26 के लिए रेट में 10 फ़ीसदी की वृद्धि की गई है। ये रेट इससे पहले पिछले साल तय हुए थे। नई रेट लिस्ट हिमाचल प्रदेश वन विभाग के 34 डिवीजनों के लिए जारी हुई है। इसमें देवदार, कैल, स्प्रूस, चीड़, ओक इत्यादि की किस्में शामिल हैं, जिनके लिए नई रेट लिस्ट जारी की गई है।
TRNDKB: हिमाचल में भवन निर्माण नियमों में छूट, संशोधित नियमों का ड्राफ्ट जारी, 30 दिन में मांगी आपत्तियां
By: divyahimachal
हिमाचल सरकार ने सभी योजना क्षेत्र में भवन निर्माण नियमों में छूट दे दी है। राज्य मंत्रिमंडल की अनुमति के बाद टाउन एंड कंट्री प्लानिंग रूल्स-2014 में संशोधन किया जा रहा है। राज्य के मुख्य सचिव संजय गुप्ता की ओर से जारी अधिसूचना में इन ड्राफ्ट रूल्स पर 30 दिन के भीतर लोगों से आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं। इस संशोधन के जरिए सेटबैक और फ्लोर एरिया रेशो इत्यादि की शर्तों में छूट दी जा रही है। यह छूट रेजिडेंशियल यूज के घरों से लेकर कॉमर्शियल भवनों में भी मिलेगी। इसके अलावा पार्किंग, दुकानों शॉपिंग कांप्लेक्स और टूरिज्म यूनिट यानी होटल तथा सिने प्लेक्स में भी अब भवन निर्माण की शर्तों से छूट रहेगी। पार्किंग के मामले में यह छूट बिल्टअप एरिया के आधार पर दी जा रही है। भवनों के मामले में फ्लोर एरिया रेशो के हिसाब से राहत दी जाएगी। भवन निर्माण में वर्टिकल निर्माण को आकर्षित करने के लिए भवनों की ऊंचाई में भी छूट दी जा रही है।
होटल या रेस्टोरेंट यानी टूरिज्म यूनिट, कॉमर्शियल बिल्डिंग और शॉपिंग काम्प्लेक्स के मामले में अधिकतम ऊंचाई 21 मीटर तक हो सकती है। मल्टीलेवल पार्किंग में 25 मीटर तक की ऊंचाई रखी गई है। सर्विस कनेक्शन के लिए कंप्लीशन सर्टिफिकेट की जरूरत को भी हटा दिया गया है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग का कहना है कि भारत सरकार ने नियमों को सरल करने के लिए एक ऑफर दिया था, जिस आधार पर कुछ बजट भी केंद्र सरकार से मिला है। इन्हीं शर्तों को मानते हुए यह छूट दी गई है।
TRNDKB: हॉन्ग कॉन्ग सिक्सेस 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच एक रोमांचक मुकाबला हुआ। बारिश के कारण मैच जल्दी खत्म हो गया लेकिन डकवर्थ लुईस नियम के तहत भारत ने यह मैच 2 रनों से जीत लिया। इस मैच में पाकिस्तान के खिलाड़ियों को हराने के बाद दिनेश कार्तिक की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने एक बार फिर पाकिस्तान से हाथ नहीं मिलाया।
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