आज सुबह के 10 बजे का 50 मुख्य समाचार पत्र ✉ CJI_के_समर्थन_में_अम्बेडकरवादियों_ने_घेर_लिया_संसद!_Shoe_Attack_On_Chief_Justice_Gavai

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Oct 16, 2025 - 11:06
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आज सुबह के 10 बजे का 50 मुख्य समाचार पत्र ✉ CJI_के_समर्थन_में_अम्बेडकरवादियों_ने_घेर_लिया_संसद!_Shoe_Attack_On_Chief_Justice_Gavai

TRNDKB: *चंबा *दीपावली पर्व के दौरान जन सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी ने जारी किए निर्देश*

दीपावली पर्व के दौरान जन सुरक्षा के दृष्टिगत आतिशबाजी से किसी भी अप्रिय घटना की संभावना को रोकने के लिए अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अमित मैहरा ने उप मुख्य विस्फोटक नियंत्रक द्वारा प्रेषित दिशा-निर्देशों की जिला में प्रभावी अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।

*जारी निर्देश के अनुसार पटाखों के अनाधिकृत निर्माण तथा अवैध रूप से आयातित पटाखों की बिक्री पूर्ण रूप से प्रतिबंधित करने को कहा गया है।*

*साथ में आतिशबाजी वस्तुओं के विक्रेताओं को विस्फोटक नियम 2008 के विभिन्न प्रावधानों तथा लाइसेंस की शर्तों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।*

रंगीन-स्टार माचिस और रोल-डॉट कैप को छोड़कर क्लोरेट युक्त आतिशबाजी वस्तुओं की बिक्री प्रतिबंधित की गई है तथा स्टोर-भंडार में ऐसी वस्तुओं को विशेष स्थान (डेजिग्नेटिड कंपार्टमेंट) में ही संग्रहित करने को कहा गया है । 

लिथियम, एंटीमनी, पारा, आर्सेनिक, सीसा और स्ट्रोंटियम क्रोमेट के यौगिकों वाली आतिशबाजी की बिक्री प्रतिबंधित की गई है। 

18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को पटाखे बिक्री नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। 

दुकानों में खुले पटाखे नहीं रखने या प्रदर्शित करने को कहा गया है। 

पटाखों को रखने और बिक्री के दौरान धूम्रपान या किसी भी प्रकार का दीया, लालटेन, मोमबत्ती आदि जलाने की अनुमति नहीं होगी। 

विक्रेताओं द्वारा अपने कर्मचारियों को पटाखों की खतरनाक प्रकृति और पैकेटों व बक्सों के सुरक्षित संचालन के बारे में उचित प्रशिक्षण उपलब्ध करवाना होगा। 

बिजली की तार का कनेक्शन ढीला नहीं होना चाहिए। सुरक्षा की दृष्टि से दुकान के सामने पटाखों का डिब्बा (भरा हुआ या खाली) नहीं रखा जाना चाहिए।

साथ में केवल अधिकृत पटाखे ही बिक्री करने को निर्देशित किया गया है जिनमें विस्फोटक नियम, 2008 के नियम 15 के अनुसार निर्माता के लेबल पर छपी हुई जानकारी, जलाने के तरीके, वस्तुओं के कार्य आदि के बारे में विस्तृत निर्देश हों।

TRN: *महाभारत के 'कर्ण' पंकज धीर का निधन, 68 साल की उम्र में कैंसर ने ली जान*

टीवी और बॉलीवुड के जाने-माने एक्टर पंकज धीर का निधन हो गया है। उन्होंने बीआर चोपड़ा की महाभारत में कर्ण का किरदार निभाकर घर-घर में अपनी पहचान बनाई थी। पंकज धीर 68 साल के थे और लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे। पंकज धीर के निधन की खबर उनके दोस्त और साथी अभिनेता फिरोज खान ने दी। उनके निधन से फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। पंकज धीर का अंतिम संस्कार आज शाम 4:30 बजे मुंबई के विले पार्ले स्थित पवन हंस श्मशान घाट में किया जाएगा।

ओम शांति ओम🕉️

TRNLIVE: *वाइल्ड फ्लावर हॉल से मिलेंगे 401 करोड़, CM की कोशिश से हिमाचल ने जीती कानूनी लड़ाई* 

मुख्यमंत्री सुक्खू की कोशिश से हिमाचल ने जीती बड़ी कानूनी लड़ाई

अब मशोबरा रिजॉर्ट लिमिटेड कंपनी का एकमात्र स्वामी है हिमाचल

हिमाचल प्रदेश सरकार ने एक और महत्त्वपूर्ण कानूनी सफलता प्राप्त की है, जिसके अंतर्गत मशोबरा रिजॉर्ट लिमिटेड कंपनी को वाइल्ड फ्लावर हॉल होटल से 401 करोड़ रुपए प्राप्त होंगे। अब राज्य इस कंपनी का एकमात्र स्वामी बन जाएगा। प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार हिमाचल अब संयुक्त उद्यम कंपनी (जेवीसी) के बैंक में जमा राशि, शेयर होल्डिंग्स और पूंजी के विरुद्ध अग्रिम राशि के 50 प्रतिशत का एकमात्र स्वामी बन गया है। उच्च न्यायालय के 14 अक्तूबर, 2025 के निर्णय के अनुसार, संयुक्त उद्यम कंपनी के लगभग 320 करोड़ रुपए के बैंक बैलेंस राज्य को हस्तांतरित कर दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, न्यायालय ने मध्यस्थ निर्णय के अनुसार राज्य को 25 करोड़ का भुगतान करने का आदेश भी दिया है। संयुक्त उद्यम कंपनी में ईस्ट इंडिया होटल्स (ईआईएच) की संपूर्ण शेयर होल्डिंग 13 करोड़ रुपए की राशि राज्य को हस्तांतरित की जाएगी। इसके अलावा, राशि का केवल 50 प्रतिशत यानी 68 करोड़ रुपए ईआईएच को हस्तांतरित किए जाएंगे। यह धनराशि ईआईएच द्वारा संयुक्त उद्यम कंपनी में जमा की गई 136 करोड़ रुपए की पूंजी के बदले में वापस किए जाएंगे। इससे राज्य को 68 करोड़ रुपए का अतिरिक्त लाभ होगा।

उल्लेखनीय है कि एमआरएल पहले वाइल्ड फ्लावर हॉल संपत्ति का संचालन करने वाली ईस्ट इंडिया होटल और राज्य की संयुक्त उद्यम कंपनी थी। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि यह कानूनी लड़ाई लगभग 30 वर्षों से न्यायालय में विचाराधीन थी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के विशेष हस्तक्षेप और प्रयासों के कारण, सर्वाेच्च न्यायालय ने 20 फरवरी, 2024 के अपने आदेश में वाइल्ड फ्लावर हॉल की संपूर्ण संपत्ति का कब्जा और स्वामित्व राज्य के पक्ष में हस्तांतरित कर दिया। इसके बाद, राज्य सरकार ने 31 मार्च, 2025 को संपत्ति का भौतिक कब्जा और स्वामित्व प्राप्त कर लिया। राज्य सरकार ने देश के प्रमुख वकीलों की मदद से न्यायालय में इस मामले को मजबूती से लड़ा और राज्य के लोगों के हित में जीत हासिल करने में सफलता प्राप्त की। पहले राज्य को इस संपत्ति से कोई वित्तीय लाभ नहीं मिल रहा था, लेकिन अब वर्तमान राज्य सरकार के सक्रिय प्रयासों के कारण राज्य को सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं। उधर, मुख्यमंत्री सुक्खू ने इस परिणाम पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने दोहराया कि वर्तमान राज्य सरकार हिमाचल के लोगों के हितों की रक्षा के लिए अपने प्रयास जारी रखेगी और किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं करेगी।

बिजली रायल्टी की लड़ाई भी जीती थी सुक्खू सरकार ने

इससे पहले एक अन्य मामले में भी सर्वाेच्च न्यायालय ने कड़छम-वांगतू जलविद्युत परियोजना से रॉयल्टी के संबंध में राज्य के पक्ष में ऐतिहासिक निर्णय दिया था। न्यायालय ने जेएसडब्ल्यू एनर्जी कंपनी को निर्देश दिया था कि वह राज्य को 12 प्रतिशत के बजाय 18 प्रतिशत रॉयल्टी का भुगतान करे। इस निर्णय के आने से राज्य को प्रतिवर्ष 250 करोड़ रुपए से अधिक की आय हो रही है।

TRN: *मंदिरों को लेकर कोर्ट के फैसले पर बोले डिप्टी सीएम, श्रद्धालुओं की सुविधा पर खर्च होगा मंदिरों का पैसा* 

मंदिरों का पैसा देवी-देवताओं का पैसा है और इसे जनता के हित में श्रद्धालुओं की सुविधा और धर्म के प्रचार-प्रसार पर खर्च किया जाना चाहिए। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के मंदिरों से संबंधित आए फैसले का वह स्वागत करते हैं। वह इस फैसले से पूरी तरह सहमत हैं। बता दें कि उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बुधवार को अपनी बेटी डा. आस्था अग्निहोत्री के साथ मां ज्वालामुखी के दरबार में पूजा अर्चना की और माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने अपनी बेटी की शादी का निमंत्रण पत्र और मिठाई मां ज्वालामुखी के चरणों में अर्पित की। उन्होंने पंचायत चुनाव में हुए विलंब के बारे में कहा कि प्राकृतिक आपदा की वजह से हिमाचल प्रदेश का कोई भी हिस्सा नुकसान से अछूता नहीं रहा। इसलिए आधारभूत ढांचा खड़ा करने के लिए थोड़े समय की जरूरत है।

कांग्रेस पंचायत चुनाव से पीछे नहीं हट रही है, क्योंकि यह पार्टी चिन्ह पर नहीं होते हैं। इसलिए भाजपा के लोग इस बारे में जनता को गुमराह न करें। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार के वीरभद्र सिंह मूर्ति अनावरण मामले पर दिए गए बयान पर भी कहा कि वीरभद्र सिंह की मूर्ति का अनावरण कार्यक्रम में सभी को आमंत्रित नहीं किया गया था। इस मौके पर एसडीएम ज्वालामुखी डा. संजीव शर्मा, मंदिर अधिकारी तहसीलदार मनोहर लाल शर्मा आदि भी उपस्थित थे। इसके साथ ही उपमुख्यमंत्री शक्तिपीठ माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर पहुंचे। उन्होंने मातारानी के श्रीचरणों में अपनी सुपुत्री के विवाह का निमंत्रण पत्र अर्पित किया।

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दे रही प्रदेश सरकार

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए महत्त्वाकांक्षी योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं। माता श्री ज्वालामुखी और माता श्रीनयनादेवी मंदिरों के सौंदर्यीकरण के लिए 100-100 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के लिए 56.26 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं और लगभग 250 करोड़ की लागत से एक भव्य परिसर का निर्माण किया जा रहा है।

TRNDKB: *सरकारी जमीन लेने को मिला और वक्त, कांगड़ा एयरपोर्ट के लिए भू-अधिग्रहण अवधि तीन जून, 2026 तक बढ़ाई* 

हिमाचल सरकार ने कांगड़ा एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में एक और आदेश जारी किया है। पहले इस एयरपोर्ट में ली जा रही 122 हेक्टेयर निजी भूमि कि अधिग्रहण प्रक्रिया को एक्सटेंशन दी गई थी। अब 26 हेक्टेयर सरकारी जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया को भी तीन जून, 2026 तक एक्सटेंशन दी गई है। इस भूमि अधिग्रहण के लिए सोशल इम्पैक्ट असेस्मेंट रिपोर्ट को एक साल की अवधि के भीतर लागू करना जरूरी है। यदि यह लागू न हो, तो यह प्रक्रिया लैप्स हो जाती है। अब राज्य सरकार के पास इस प्रक्रिया को 24 महीने तक बढ़ाने का अधिकार है। इसी अधिकार का इस्तेमाल करते हुए अब इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है। दूसरी तरफ वित्तीय चुनौतियों को देखते हुए राज्य सरकार ने कांगड़ा एयरपोर्ट का भूमि अधिग्रहण अवार्ड अब 15 अगस्त, 2026 तक आगे बढ़ा दिया है।

भूमि अधिग्रहण अवार्ड में यह एक्सटेंशन अधिग्रहण कानून की धारा 25 के तहत दी गई है। इससे पहले एयरपोर्ट के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण का अवार्ड 16 अगस्त, 2024 को नोटिफाई हुआ था। भूमि अधिग्रहण पर अब तक करीब 460 करोड़ ही लोगों में बांटे जा चुके हैं। उनकी जमीन भी ले ली गई है, लेकिन अभी करीब 3000 करोड़ भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए चाहिए। अब निजी भूमि के 1899 करोड़ के अवार्ड जारी करने के लिए तैयार हैं।

केंद्र से नहीं मिली रकम

कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तारीकरण को लेकर केंद्र सरकार से अभी कोई भी राशि नहीं मिली है और अब तक भूमि अधिग्रहण पर खर्च किए गए 460 करोड़ राज्य सरकार द्वारा दिए गए हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि एयरपोर्ट विस्तार के लिए मैसर्ज वेबकॉस के माध्यम से तैयार की गई ड्राफ्ट डीपीआर की लागत 6300 करोड़ है, जिसका अनुमोदन अभी भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा किया जाना है।

TRN: *दो ‘कुड़मों’ की मिलणी से भाजपा में सियासी हलचल, धूमल और गुलाब की राजनीतिक मंत्रणा से चढ़ा पारा* 

समीरपुर में धूमल और गुलाब की राजनीतिक मंत्रणा से चढ़ा पारा, प्रदेश में बीजेपी के सीएम फेस को लेकर हो रही गहरी सियासत

हिमाचल भाजपा के भीतर भावी सीएम के नारे की छांव में दो ठाकुरों की मिलणी हुई है। इस मिलणी का गवाह एक बार फिर समीरपुर बना है, जिसके चलते हमीरपुर से लेकर मंडी तक सियासी हलचल बढ़ गई है। अब हमीरपुर में सियासत के दो दिग्गज एक स्थान पर नजर ही नहीं आए, अपितु एक दूसरे का हाल जानने के बहाने भाजपा की सियासी नब्ज भी टटोल ली। इस मिलन से भाजपा के अंदर उस सूरत में हलचल बढ़ गई है। भाजपा के भीतर हो रही इस ताजा चलचल से मंडी से लेकर हमीरपुर तक सियासी झटके महसूस किए जा रहे हैं। भाजपा दिग्गज गुलाब सिंह ठाकुर और दो बार मुख्यमंत्री रहे प्रेम कुमार धूमल आपस में समधी हैं। ऐसे में इनकी मिलणी तो होती ही रहती है, लेकिन इस बार यह मिलन तब हुआ है, जब हाल ही में मंडी में ही भाजपा के एक धड़े ने अनुराग ठाकुर में भावी सीएम का अक्श देखकर नारेबाजी कर दी। वहीं, पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने भाजपा के भीतर बड़े नेता माने जाने वाले दिग्गजों को चुनाव परिणाम के सहारे आइना भी दिखा दिया। समीरपुर से आई सूचनाएं तो यही बताती हैं कि गुलाब सिंह ठाकुर ने इस पूरे घटनाक्रम पर धूमल से मंत्रणा की है और इसी के चलते भाजपा हाईकमान के अगले फैसले को भी समझने का प्रयास किया गया है।

हिमाचल भाजपा के भीतर अभी से भावी सीएम की गोटियां फिट हो रही हैं, तो फिर धूमल और गुलाब सहित नाराजगी के तेवर अपनाने वाले रविंद्र सिंह रवि, रमेश धवाला और कृपाल परमार की भूमिका तब अहम होने वाली है, जब भाजपा के भीतर ही नाराज नेताओं का ग्राफ बढ़ रहा है। भाजपा अभी से ही आगामी विधानसभा चुनावों में सत्ता की खुशबू महसूस करने लगी है। ऐसे में धूमल से गुलाब का मिलन भाजपा के भीतर चल रही सियासी हवाओं की गर्मी का एहसास राज्य की ठंडी वादियों में महसूस हो रहा है। धूमल की हार ने जयराम को सीएम बनाया था। हार की टीस सुजानपुर को भी चुभती है। वहीं, राजेंद्र राणा फिर से भाजपा की बगिया में कमल खिलाने को अमादा हों, तो यह समझा जा सकता है कि दो ठाकुरों की मिलणी भाजपा के भीतर ठाकुर को ही सीएम बनाने का रास्ता प्रशस्त करेगी। ऐसे में सीएम बनने वाला यह ठाकुर होगा कौन, यही यक्ष प्रश्न है।

प्रो. धूमल का हाल जानने पहुंचे थे गुलाब सिंह

धूमल साहब की सेहत कर चर्चा बार-बार हो रही है। ऐसे में गुलाब सिंह ठाकुर और बेटी मेघना ठाकुर के साथ समीरपुर मिलने पंहुचे हैं। गुलाब सिंह ने धूमल से उनकी सेहत का ब्यौरा भी लिया है। गुलाब सिंह की बेटी मेघना ही अनुराग की पत्नी हैं और पिता के साथ ससुर धूमल का हालचाल जानने के लिए समीरपुर पहुंची थीं।

TRN: *हिमाचल आएंगे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, कांगड़ा में SSB के स्थापना दिवस समारोह में करेंगे शिरकत* 

सशस्त्र सीमा बल यानी एसएसबी का स्थापना दिवस इस बार हिमाचल में मनाया जा रहा है। इस मौके पर बतौर मुख्यातिथि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शिरकत करेंगे। कांगड़ा के ज्वालामुखी स्थित सपड़ी एसएसबी केंद्र में सशस्त्र सीमा बल का स्थापना दिवस बड़े स्तर पर मनाया जाएगा। इस कार्यक्रम में बल की उपलब्धियों, सांस्कृतिक विरासत और सीमा सुरक्षा में योगदान पर प्रकाश डाला जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को आमंत्रित किया गया है। बता दें कि सशस्त्र सीमा बल 20 दिसंबर को अपना 62वां स्थापना दिवस मनाएगा। खबर की पुष्टि उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने की है। उन्होंने बताया कि सपड़ी एसएसबी केंद्र में आयोजित होने वाले सशस्त्र सीमा बल के स्थापना दिवस पर देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आने का शेड्यूल प्राप्त हुआ है। उधर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हिमाचल दौरे को अहम माना जा रहा है।

भले ही शाह सशस्त्र सीमा बल यानी एसएसबी के कार्यक्रम में शिकरत करने पहुंचेंगे। उधर, केंद्र सरकार के सबसे मजबूत नेता के रूप में पकड़ रखने वाले अमित शाह के दौरे के और भी कई मायने निकाले जा रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में दिसंबर माह में ही नगर निकाय के अलावा पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव प्रस्तावित हैं, जो कि अब दिसंबर के बाद होने हैं। इसके चलते दिसंबर में केंद्रीय गृह मंत्री का हिमाचल प्रदेश का दौरा होना अपने आप में बड़ी बात है। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री भाजपा कार्यकर्ताओं से भी मिलेंगे और प्रदेश के राजनीतिक और अन्य हालातों पर भी चर्चा कर सकते हैं।

TRNDKB: *हिमाचल आएंगे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, कांगड़ा में SSB के स्थापना दिवस समारोह में करेंगे शिरकत* 

सशस्त्र सीमा बल यानी एसएसबी का स्थापना दिवस इस बार हिमाचल में मनाया जा रहा है। इस मौके पर बतौर मुख्यातिथि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शिरकत करेंगे। कांगड़ा के ज्वालामुखी स्थित सपड़ी एसएसबी केंद्र में सशस्त्र सीमा बल का स्थापना दिवस बड़े स्तर पर मनाया जाएगा। इस कार्यक्रम में बल की उपलब्धियों, सांस्कृतिक विरासत और सीमा सुरक्षा में योगदान पर प्रकाश डाला जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को आमंत्रित किया गया है। बता दें कि सशस्त्र सीमा बल 20 दिसंबर को अपना 62वां स्थापना दिवस मनाएगा। खबर की पुष्टि उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने की है। उन्होंने बताया कि सपड़ी एसएसबी केंद्र में आयोजित होने वाले सशस्त्र सीमा बल के स्थापना दिवस पर देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आने का शेड्यूल प्राप्त हुआ है। उधर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हिमाचल दौरे को अहम माना जा रहा है।

भले ही शाह सशस्त्र सीमा बल यानी एसएसबी के कार्यक्रम में शिकरत करने पहुंचेंगे। उधर, केंद्र सरकार के सबसे मजबूत नेता के रूप में पकड़ रखने वाले अमित शाह के दौरे के और भी कई मायने निकाले जा रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में दिसंबर माह में ही नगर निकाय के अलावा पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव प्रस्तावित हैं, जो कि अब दिसंबर के बाद होने हैं। इसके चलते दिसंबर में केंद्रीय गृह मंत्री का हिमाचल प्रदेश का दौरा होना अपने आप में बड़ी बात है। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री भाजपा कार्यकर्ताओं से भी मिलेंगे और प्रदेश के राजनीतिक और अन्य हालातों पर भी चर्चा कर सकते हैं।

TRNLIVE: *Rohru Suicide Case : ASI निंलबित, अनुसूचित जाति आयोग पुलिस की जांच से खफा, आरोपी महिला गिरफ्तार* 

शिमला के रोहडू उपमंडल में कथित प्रताडऩा के बाद 12 वर्षीय के बच्चे की आत्महत्या मामले में पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले के जांच अधिकारी एएसआई को निलंबित करने के आदेश जारी किए हंै। हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार ने एएसआई को सस्पेंड करने के आदेश दिए। उन्होंने डीएसपी रोहड़ू की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए एक्सप्लेनेशन मांगा है। हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार ने लिंमड़ा गांव में नाबालिग बच्चे की मौत मामले को लेकर बुधवार को रोहडू में स्थानीय प्रशासन से इस मामले की रिपोर्ट तलब की। उन्होंने कहा कि मामले की शुरुआती जांच में ही मामले में ढील बरती गई। जब 20 सितंबर को एफआईआर दर्ज की गई, तो मामला अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम 1989 की धाराओं के साथ दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कर रहे जांच अधिकारी ने जांच को सही ढंग से नहीं किया।

उन्होंने पीडि़त परिवार के सदस्यों की सुरक्षा को खतरा बताते हुए उन्हें सुरक्षा मुहैया करवाने के निर्देश दिए। कुलदीप कुमार ने कहा कि पीडि़त परिवार की ओर से पुलिस को दी शिकायत में बच्चे के घर में प्रवेश करने पर अछूत बताने और घर की शुद्धि के लिए पिता से बकरे देने का जिक्र किया है। पुलिस ने फिर भी अनुसूचित जाति और जनजाति अधिनियम मामला दर्ज नहीं किया। मामला जब हाई कोर्ट पहुंचा तो उसके बाद अधिनियम की धाराओं के तहत मामले को दर्ज किया गया। कुलदीप ने कहा कि जब से यह मामला ध्यान में आया है तब से आयोग पूरे मामले पर निगरानी कर रहा है। 1 अक्तूबर को इस मामले को लेकर एसडीपीओ रोहडू से तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट तलब की गई थी लेकिन उन्होंने रिपोर्ट निर्धारित समय में नहीं दी। 14 अक्तूबर, 2025 को डीजीपी कार्यालय से आयोग को रिपोर्ट प्राप्त हुई है। अब इस मामले में पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। उधर, एसएसपी शिमला संजीव गांधी का कहना है कि पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

TRN: *बद्दी मेें तेज रफ्तार ट्रक ने रौंदी गाडिय़ां, दो घायल, ड्राइवर मौके से फरार, छानबीन में जुटी पुलिस* 

नालागढ़ एनएच पर एक के बाद एक वाहन को मारी टक्कर, ड्राइवर मौके से फरार

गाडिय़ों को नुकसान छानबीन में जुटी पुलिस

नालागढ़-बद्दी एनएच पर मंगलवार दोपहर एक भीषण सडक़ हादसा पेश आया, जब एक तेज रफ्तार ट्रक ने गलत दिशा में आकर एक के बाद एक कई वाहनों को टक्कर मार दी। हादसे में पांच वाहन क्षतिग्रस्त हुए और दो लोग घायल हो गए। दुर्घटना के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। शिकायतकर्ता जितेंद्र कुमार भगता निवासी महावीर एन्क्लेव नई दिल्ली अपनी कार में बद्दी से नालागढ़ की ओर जा रहे थे। लगभग दोपहर एक बजे जब वह आकाश अस्पताल से आगे अपनी लेन में सही दिशा में कार चला रहे थे, तभी सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने गलत दिशा में जाकर सामने चल रही मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। उसी दौरान ट्रक ने उनकी कार को भी जोरदार टक्कर मारी और उसे करीब 20 से 25 मीटर तक घसीटते हुए आगे ले गया। ट्रक की रफ्तार इतनी तेज थी कि उसने आगे बढ़ते हुए एक कार को भी टक्कर मारी, जो उसके झटके से एक स्कूटी से जा टकराई।

स्कूटी सवार सडक़ पर गिर पड़ा। कुछ ही क्षण बाद ट्रक की टक्कर से शिकायतकर्ता की कार भी सडक़ किनारे खड़ी एक थार से टकराकर नाले में जा गिरी और ट्रक भी वहीं पलट गया। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को आकाश अस्पताल नालागढ़ पहुंचाया गया, जबकि शिकायतकर्ता को भी हल्की चोटें आईं। सूचना मिलने पर नालागढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और सभी क्षतिग्रस्त वाहनों को सडक़ किनारे से हटवाया। एएसपी बद्दी अशोक वर्मा ने बताया कि पुलिस ने ट्रक चालक के विरूद्ध मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है।

TRN: *म्यूनिसिपल शेयर्ड सर्विस सेंटर्स को 47.37 करोड़, विक्रमादित्य सिंह बोले, केंद्र सरकार ने जारी की राशि* 

प्रदेश के 74 शहरी निकायों में स्थापित किए जा रहे केंद्र

लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने जानकारी दी कि आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने हिमाचल प्रदेश में म्यूनिसिपल शेयर्ड सर्विस सेंटर्स की स्थापना के लिए 47.37 करोड़ की अनुदान राशि स्वीकृत की है। यह स्वीकृति राज्य सरकार की पहल और निरंतर प्रयासों से संभव हुई है, जिससे सीमित जनशक्ति, वित्तीय संसाधनों की कमी और तकनीकी सहयोग की चुनौतियों का समाधान हो सकेगा। राज्य सरकार का उद्देश्य शहरी शासन को सुदृढ़ बनाना, डिजिटल सेवा वितरण को बढ़ावा देना और कुशल नगरपालिका प्रशासन सुनिश्चित करना है। इसी कड़ी में 15 केंद्रों की स्थापना 74 शहरी स्थानीय निकायों में की जा रही है, जो 15वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के तहत स्थापित किए जा रहे हैं। ये केंद्र नागरिकों को जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र, व्यापार लाइसेंस, पालतू जानवरों के पंजीकरण, संपत्ति कर का भुगतान, कचरा बिल संग्रहण और शिकायत निवारण जैसी सेवाओं तक आसान, एकरूप और पारदर्शी पहुंच प्रदान करेंगे। ये केंद्र पासपोर्ट सेवा केंद्रों की तर्ज पर कार्य करेंगे।

उन्होंने कहा कि ये केंद्र शहरी निकायों के सदस्यों के लिए लेखा, वेतन प्रबंधन और विक्रेता भुगतान जैसी गतिविधियों के केंद्रीकृत केंद्र के रूप में भी काम करेंगे। साथ ही छोटे कस्बों में टैक्स और बिल संग्रहण जैसी सेवाएं भी घर-घर प्रदान करेंगे। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार दो किस्तों में धनराशि जारी करेगी। स्वीकृति के समय 50 प्रतिशत राशि जारी की जाएगी और शेष राशि परिचालन शुरू होने पर दी जाएगी। पहली किस्त के रूप में 23.68 करोड़ रुपये पहले ही जारी किए जा चुके हैं, जो इन केंद्रों की संस्थागत और परिचालन क्षमता को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि समावेशी कार्यान्वयन और प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए स्वयं सहायता समूहों और गैर-सरकारी संगठनों को वार्ड स्तर पर नगरपालिका सेवाओं के वितरण में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर दिया जाएगा। मंत्री ने कहा कि यह पहल सरकार की शहरी स्थानीय निकायों को सशक्त बनाने व स्वच्छ शहर, समृद्ध शहर के दृष्टिकोण के अनुरूप सहभागी, कुशल और सतत् शहरी शासन को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

TRN: *हिमाचल की 73 परियोजनाओं पर खर्च होंगे 713 करोड़ रुपए, राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक ने दी मंजूरी* 

राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक यानी नाबार्ड द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में हिमाचल प्रदेश के लिए 73 परियोजनाओं की स्वीकृति दी गई, जिसमें 713 करोड़ की राशि शामिल है। नाबार्ड द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में हिमाचल प्रदेश के लिए स्वीकृत दो प्रमुख परियोजनाओं की घोषणा की, जिनकी कुल राशि 311 करोड़ है। इनमें शामिल हैं। इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग इन्फास्ट्रक्चर नाबार्ड 11 जिलों में 53 इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग प्वाइंट्स के निर्माण के लिए 111 करोड़ का वित्त पोषण कर रहा है, जिसमें कांगड़ा जिला में 11 चार्जिंग प्वाइंट्स के लिए 26.57 करोड़ आबंटित किए गए हैं। स्वचालित दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र ढगवार धर्मशाला कांगड़ा में एक अत्याधुनिक, स्वचालित दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित करने के लिए अतिरिक्त 200 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। इस संयंत्र की प्रारंभिक क्षमता 1.5 एलएलपीडी (विस्तार योग्य तीन एलएलपीडी तक) होगी, जिससे क्षेत्र के डेयरी क्षेत्र में वृद्धि होगी, और स्थानीय रोजगार के अवसरों में इजाफा होगा।

कांगड़ा और चंबा जिलों में ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के उद्देश्य से नाबार्ड की प्रमुख योजना, ग्रामीण आधारभूत विकास निधि (आरआईडीएफ) पर एक क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन बुधवार को धर्मशाला में किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य आरआईडीएफ के तहत प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना था। इसमें हिमाचल प्रदेश के नाबार्ड, जल शक्ति विभाग और हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इस कार्यशाला की अध्यक्षता नाबार्ड हिमाचल प्रदेश क्षेत्रीय कार्यालय, शिमला के मुख्य महाप्रबंधक डा. विवेक पठानिया ने की। इसका संचालन नाबार्ड के सहायक महाप्रबंधक ऋषभ सिंह ठाकुर ने किया।

देश में 5.53 लाख करोड़ स्वीकृत

कार्यशाला के दौरान डा. पठानिया ने हिमाचल प्रदेश में आरआईडीएफ की प्रगति 1995-96 में स्थापित नाबार्ड की योजना ने राज्य सरकारों को कम लागत पर वित्तीय सहायता प्रदान कर भारत में ग्रामीण बुनियादी ढांचे को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डा. पठानिया ने नाबार्ड की व्यापक राष्ट्रीय उपलब्धियों की जानकारी भी दी, जिसमें उन्होंने बताया कि 31 मार्च, 2025 तक नाबार्ड ने पूरे देश में 5.53 लाख करोड़ स्वीकृत किए हैं, और 4.39 लाख करोड़ का वितरण किया है।

कार्यशाला में ये रहे उपस्थित

नाबार्ड से हिमांशु साहू, जिला विकास प्रबंधक, कांगड़ा एवं डा. प्रेक्षा, सहायक प्रबंधक भी उपस्थित रहे। कार्यशाला में जल शक्ति विभाग और पीडब्ल्यूडी के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें जल शक्ति विभाग से राजेश कनूनगो, अधीक्षण अभियंता (धर्मशाला), विशाल जसवाल अधीक्षण अभियंता (धर्मशाला सर्किल) तथा राजेश मोंगरा अधीक्षण अभियंता (चंबा सर्किल) सहित कांगड़ा एवं चंबा जिलों के सभी अधिशाषी अभियंता उपस्थित रहे। पीब्डल्यूडी के इंजीनियर विकास सूद (मुख्य अभियंता), बीएम ठाकुर अधीक्षण अभियंता (पालमपुर सर्किल), मो. पाल, अधीक्षण अभियंता (नूरपुर सर्किल), तथा दिवाकर सिंह पठानिया, अधीक्षण अभियंता (डलहौजी सर्किल) सहित दोनों जिलों के अधिशाषी अभियंता कार्यशाला में सम्मिलित हुए।

TRN: *डोनाल्ड ट्रंप की चापलूसी पर घेरे शहबाज शरीफ* 

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की इन दिनों जमकर फजीहत हो रही है। मिस्र में गाजा पीस समिट में शामिल हुए शहबाज ने अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दिल खोलकर तारीफ की। इसके बाद से उन्हें जमकर ट्रोल किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर लोग शहबाज शरीफ को यह कहकर ट्रोल कर रहे हैं कि उन्होंने गाजा पीस समिट को ट्रंप के चापलूसी समिट में तबदील कर दिया। इतिहासकार अम्मार अली जन ने पोस्ट कर कहा कि शहबाज शरीफ द्वारा डोनाल्ड ट्रंप की अनावश्यक चापलूसी दुनियाभर के पाकिस्तानियों के लिए शर्मिंदगी का कारण है।

एक यूजर वसीम ने कहा कि पाकिस्तानी नेता इतने लुच्चे और चाटुकार क्यों हैं? बेशर्म आदमी शहबाज शरीफ… फिलिस्तीनी संघर्ष का इस्तेमाल तारीफें बटोरने के लिए कर रहे हैं। स्तंभकार एसएल कंठन ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि जब भी ट्रंप अपने जूतों को पहले जैसी चमकाना चाहते हैं, वे पाकिस्तान के अदने कद के पीएम को बुलाते हैं। जियो पॉलिटिक्स में इस तरह की शर्मिंदगी कभी नहीं देखी। एक अन्य यूजर ने कहा कि तलवे चाटने में पीएम की कोई बराबरी नहीं कर सकता। एक अन्य यूजर ने कहा कि अगर तलवे चाटने का कोई नोबेल हो तो शरीफ इसके हकदार होंगे। ट्रंप का तो नहीं पता, लेकिन तलवे चाटने के लिए शहबाज से बड़ा दावेदार नहीं हो सकता।

TRN: *पाक ने अफगानिस्तान पर बरसाए बम, कंधार प्रांत के स्पिन बोल्डक इलाके में फाइटर जेट से बमबारी* 

अफगानिस्तान की तालिबान सेना के ताबड़तोड़ हमलों के बाद पाकिस्तान के जनरल बौखला गए हैं। जमीनी युद्ध में हारने के बाद अब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ फाइटर जेट का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। पाकिस्तानी वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने बुधवार को कंधार प्रांत के स्पिन बोल्डक इलाके में हवाई हमले किए। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, ये हवाई हमले चमन सीमा के पार किए गए, जहां कम से कम तीन अफगान तालिबान चौकियों को निशाना बनाया गया। अफगान अधिकारियों के अनुसार स्पिन बोल्डक जिले के रिहायशी इलाकों में हमलों में कम से कम 15 नागरिक मारे गए और 100 से अधिक घायल हुए, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल थे।

हमले से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। इनमें काबुल समेत दूसरे इलाकों से धुएं के गुबार उठते नजर आ रहे हैं। काबुल की कई इमारतों में आग लग गई। इस बीच जवाब में अफगानिस्तान ने भी पाकिस्तान के पेशावर में ड्रोन हमला किया है। बुधवार सुबह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने पाकिस्तानी सेना पर बड़ा हमला करके आठ पाकिस्तानी सैनिकों को मार दिया है।

दोनों देशों में 48 घंटे के लिए अस्थायी युद्धविराम

पाकिस्तान और अफगानिस्तान में तालिबान प्रशासन ने बुधवार शाम 6 बजे (पाकिस्तान समयानुसार) से 48 घंटे के लिए अस्थायी युद्धविराम लागू करने पर सहमति जताई है। ये कदम सीमा पर हुई ताजा झड़पों के बाद उठाया गया है, जिससे दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय द्वारा घोषित इस युद्धविराम का उद्देश्य बॉर्डर पर भडक़ी लड़ाई के बाद शत्रुता को कम करना और बातचीत का रास्ता खोलना है।

TRN: *भारतीय मूल का अमरीकी विशेषज्ञ गिरफ्तार, चीनी अफसरों से सीक्रेट मुलाकात का आरोप* 

 भारतीय मूल के अमरीकी विशेषज्ञ एशले टेलिस को एफबीआई ने गिरफ्तार किया है। एशले टेलिस एक रणनीतिकार और विदेश नीति विशेषज्ञ हैं। एशले टेलिस को राष्ट्रीय रक्षा जानकारी को अवैध रूप से रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उन पर चीनी अधिकारियों से सीक्रेट मुलाकात का भी आरोप है।

वाशिंगटन की विदेश नीति संस्था में सम्मानित व्यक्ति, टेलिस वर्तमान में कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस में एक सीनियर फेलो हैं और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा एवं एशियाई सामरिक मुद्दों में विशेषज्ञता रखते हैं। 64 साल के टेलिस के वर्जीनिया वाले घर से एफबीआई को 1,000 से ज्यादा पेज के सीक्रेट दस्तावेज मिले हैं। अगर वह दोषी पाए गए तो 10 साल जेल और 2.5 लाख डॉलर (करीब 2 करोड़ रुपए) का जुर्माना हो सकता है।

TRN: *नीट यूजी छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी, हिमाचल में एमबीबीएस की बढ़ी 50 सीटें* 

देश में अब 126725, हिमाचल में 970

नीट यूजी छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी है। देश में एमबीबीएस की सीटों की संख्या 813 मेडिकल कॉलेजों में 126725 पहुंच गई है। एनएमसी यानी नेशनल मेडिकल कमिशन ने इस सप्ताह शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए एमबीबीएस सीटों का रिवाइज्ड फाइनल सीट मैट्रिक्स जारी किया है। इससे पहले 812 मेडिकल कालेजों में कुल 126600 एमबीबीएस सीटें उपलब्ध बताई गई थीं, जिसमें एनएमसी द्वारा मंज़ूर की गई 9075 एमबीबीएस सीटें शामिल हैं। इस सप्ताह जारी रिवाइज्ड एनएमसी सीट मैट्रिक्स 2025 में मेडिकल की 9200 सीटें जोड़ी गई हैं। फाइनल सीट मैट्रिक्स की डिटेल्स के मुताबिक भारत में एमबीबीएस सीटों की संख्या पिछले वर्ष 117750 से बढक़र 126725 हो गई है। मंजूर की गई एक्स्ट्रा एमबीबीएस सीटों के साथ-साथ मौजूदा मेडिकल स्नातक सीटों के रिन्यूअल को दी गई स्वीकृति के बाद अंतिम एमबीबीएस सीट मैट्रिक्स जारी किया गया है। रिन्यूअल के समय 456 सीटों में कटौती की गईं, क्योंकि उनका नवीनीकरण नहीं हो सका।

अंडमान और निकोबार में 114 से 114, आंध्र प्रदेश में 6899 से 7065, अरुणाचल प्रदेश में 100 से 100, असम में 1650 से 1875, बिहार में 2995 से 3395, चंडीगढ़ में 150 से 150, छत्तीसगढ़ में 2255 से 2455, दादरा और नगर हवेली में 177 से 177, दिल्ली मे 1497 से 1396, गोवा में 200 से 200, गुजरात में 7250 से 7425, हरियाणा में 2185 से 2710, हिमाचल प्रदेश में 920 से 970, जम्मू और कश्मीर में 1285, 1675, झारखंड में 1055 से 1205, कर्नाटक में 12395 से 13644, केरल में 4755 से 5304, मध्य प्रदेश में 5200 से 5675, महाराष्ट्र में 11845 से 12674, मणिपुर में 525 से 525, मेघालय में 200 से 200, मिजोरम में 100 से 100, नागालैंड में 100 से 100, ओडिशा में 2725 से 3025, पांडिचेरी में 1830 से 1873, राजस्थान में 6505, से 7330, सिक्किम में 150 से 150, तमिलनाडु में 12050 से 12650, तेलंगाना में 9065 से 9340, त्रिपुरा में 400 से 400, उत्तर प्रदेश में 12475 से 13275, उत्तराखंड में 1350 से 1450, पश्चिम बंगाल में 5700 से 6199 सींटे बढ़ाई गई हैं।

इन कालेजों को भी मिलीं सीटें

जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कालेज, बेलगाम, जिसे शुरुआत में शून्य सीटें दी गई थीं, को 200 सीटों की मंजूरी दे दी गई है, जबकि इंदौर के इंडेक्स मेडिकल कालेज और उदयपुर के गीतांजलि मेडिकल कालेज को 250 सीटें मिली हैं। एनसीआर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, मेरठ 150 सीटों के साथ चलेगा।

थर्ड राउंड में 65 एमबीबीएस सीटें जुड़ीं

मेडिकल काउंंिसलिंग कमेटी ने नीट यूजी काउंसिलिंग के राउंड-3 सीट मैट्रिक्स में नई एमबीबीएस सीटें जोडऩे की घोषणा की है। इस बारे में एमसीसी द्वारा जारी लेटेस्ट नोटिस के अनुसार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के तीन मेडिकल इंस्टीट्यूशन से कुल 65 नई सीटें जोड़ी गई हैं। अपडेट की गई लिस्ट में ऑल इंडिया कोटा सीटें और डीम्ड यूनिवर्सिटी सीटें शामिल हैं, जिससे कैंडिडेट अपनी चॉइस फिलिंग को उसी हिसाब से बदल सकते हैं और चुन सकते हैं।

TRN: *मिल्कफेड ने बाजारों में उतारी मिठाइयां, 500 क्विंटल सामग्री तैयार, प्रदेश भर में 30 काउंटरों पर बिक्री शुरू* 

दिवाली पर इस बार 500 क्विंटल सामग्री तैयार, प्रदेश भर में 30 काउंटरों पर बिक्री शुरू

मिल्कफेड ने इस दिवाली लोगों के लिए 500 क्विंटल मिठाइयां तैयार की हैं। मिल्कफेड ने दिवाली के लिए मिठाइयां बाजार में उतार दी हैं। मिल्कफेड के 30 काउंटरों पर मिठाइयों की बिक्री 15 अक्तूबर यानी बुधवार से शुरू हो गई है, जो दिवाली की पूर्व संध्या 19 अक्तूबर तक चलेगी। मिल्कफेड की मिठाइयां प्रदेश के 30 बिक्री केंद्रों पर मिलेंगी। त्योहारों के सीजन में बाजार में मिलावटी मिठाइयों की भरमार रहती है। ऐसे में मिल्कफेड की मिठाइयां लोगों को शुद्धता का भरोसा देती हैं। हर साल की तरह इस बार भी मिल्कफेड ने दिवाली पर खास तैयारियां की हैं, ताकि लोगों को देसी घी की शुद्ध मिठाइयां मिल सकें। प्रदेश में कुल्लू के ढालपुर, मंडी सेरी मंच, सिनेमा चौक और चक्कर, नालागढ़ यूनिट के एमपीपी नालागढ़, पीएनबी बैंक बद्दी के सामने, एमसीसी बस्सी में मिल्कफेड के काउंटर लगाए गए हैं। इसके अलावा नाहन यूनिट के तहत एसएफडीए नाहन, नाहन-दो सदका पांवटा रोड, चिल्ड्रन पार्क के पास, महिला लाइब्रेरी के समीप, बैरोजा फैक्टरी के पास, दिल्ली गेट नाहन काउंटर पर मिल्कफेड की मिठाई मिलेगी।

वहीं, कांगड़ा यूनिट के धर्मशाला, कांगड़ा, पालमपुर, ढगवार और दत्तनगर यूनिट के तहत दत्तनगर, रामपुर, रिकांगपियो, रोहडू, टिक्करी कैंची शिमला यूनिट के तहत सचिवालय में दो काउंटर, संजौली, रिज, जिला कोर्ट चक्कर कैटल फैड प्लांट भोर के जाहू और भोर में मिल्कफेड की मिठाइयां मिलेंगी। इस साल मिल्कफेड ने मिठाइयां तैयार करने का काम चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित चंडीगढ़ स्वीट्स को सौंपा है। मिल्कफेड की ओर से उन्हें शुद्ध देसी घी उपलब्ध करवाया गया है, जिससे मिठाइयां तैयार की जा रही हैं। मिल्कफेड की मिठाइयों की गुणवत्ता और स्वाद के कारण लोग इन्हें बड़े भरोसे और उत्साह से खरीदते हैं। अधिकारी, कर्मचारी और नेता वर्ग भी इन्हें दिवाली पर गिफ्ट के रूप में देना पसंद करते हैं। बाजार में मिलने वाली मिलावटी मिठाइयों की तुलना में मिल्कफेड की मिठाइयां शुद्धता की गारंटी मानी जाती हैं।

TRN: *48 घंटे में ही वीरभद्र सिंह का सबक भूल गई सरकार, जयराम बोले, हर दो दिन में तीन स्कूल बंद कर रही कांग्रेस सरकार* 

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश के 28 स्कूलों को डाउनग्रेड करने पर नाराजगी जताई है। जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री पूर्व सीएम स्व. वीरभद्र सिंह के सबक को बड़ी जल्दी भूल गए। महज 48 घंटे पहले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में स्व. वीरभद्र सिंह की प्रतिमा के अनावरण के दौरान उन्होंने कहा था कि वीरभद्र सिंह जी ने एक बच्चे के लिए भी स्कूल खोला था और अब सरकार की नोटिफिकेशन सामने आई है कि सरकार ने 28 स्कूलों को डाउनग्रेड कर दिया है। अब उन स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों का क्या होगा? क्या बच्चे 10 किलोमीटर पैदल चलकर पढऩे जाएंगे।

जयराम ठाकुर ने कहा कि 11 दिसंबर, 2022 को सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश की कमान संभाली थी। तब से लेकर आज तक कुल 1038 दिन उन्होंने सरकार का कामकाज देखा है। इस दौरान उनके द्वारा 1448 स्कूल बंद किए गए हैं। इस लिहाज से देखा जाए तो हर दो दिन में तीन स्कूल बंद करने का नया रिकॉर्ड सरकार ने अपने नाम स्थापित किया है। इसी तरह इस प्रकार द्वारा डेढ़ हजार से ज्यादा अन्य प्रकार के संस्थान भी बंद किए गए हैं, तो सरकार द्वारा हर दिन एक से ज्यादा संस्थान भी प्रदेशवासियों से छीने गए हैं। इस सरकार द्वारा 15 हजार से ज्यादा नौकरियां लोगों छीन ली गई है।

क्या एचआरटीसी का प्रबंध सही हाथों में नहीं

जयराम ठाकुर ने कहा कि जिस तरह से मुख्यमंत्री द्वारा जो एचआरटीसी प्रबंधन पर सवाल उठाया गया है, वह अपने आप में कई सवाल खड़े करता है? क्या मुख्यमंत्री कहना चाहते हैं कि एचआरटीसी का प्रबंध सही हाथों में नहीं है? इस तरफ एक दूसरे पर सवाल उठाकर सरकार अपनी जवाबदेही से भाग नहीं सकती है।

सराज के तीनों मंडल के अधिकारियों के साथ बैठक

जयराम ठाकुर ने बुधवार को सराज विधानसभा क्षेत्र के बगस्याड़ में सराज भाजपा के तीनों मंडलों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में संगठन को और अधिक सशक्त व गतिशील बनाने के लिए आगामी कार्यक्रमों, जनसंपर्क अभियानों और संगठनात्मक गतिविधियों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। इस दौरान सभी पदाधिकारियों ने आने वाले समय में पार्टी के जनाधार को और मजबूत करने का संकल्प लिया।

TRN: *स्कूल गेट पर ताला, बाहर खड़े रहे मंत्री, जगत सिंह नेगी ने थांदल मिडल स्कूल का किया औचक निरीक्षण* 

जगत सिंह नेगी ने पांगी के थांदल मिडल स्कूल का सुबह किया औचक निरीक्षण, छात्र कर रहे थे इंतजार

जनजातीय उपमंडल पांगी में पुर्थी पंचायत के मिडल स्कूल थांदल में बुधवार सुबह राजस्व, बागबानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने औचक्क निरीक्षण किया। इस दौरान परिसर में ताला लगा पाया और छात्र परिसर के बाहर ताला खुलने का इंतजार कर रहे थे। इस पर राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री ने अपनी मौजूदगी में स्कूल का ताला तुड़वाकर बच्चों को अंदर बिठाया। इस लापरवाही पर जगत सिंह नेगी ने मौके पर ही उपस्थित शिक्षक और कर्मचारी को कड़ी फटकार लगाने के साथ ही मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ है। जानकारी के अनुसार बुधवार को राजस्व, बागबानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ग्रामीणों के आग्रह पर थांदल में सडक़ का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान सुबह नौ बजकर 55 मिनट पर जब वह मिडल स्कूल थांदल के पास पहुंचे, तो देखा कि परिसर के मुख्यद्वार पर ताला लटका हुआ पाया। स्कूल में पढऩे वाले बच्चे बाहर ताला खुलने का इंतजार कर रहे थे।

उन्होंने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए स्कूल का ताला तुड़वाने के आदेश दिए। ताले को तोड़े जाने के बाद ही बच्चों को स्कूल में प्रवेश मिला। इस दौरान मौके पर एक शिक्षक और एक मल्टी टास्क वर्कर ही उपस्थित थे, लेकिन दोनों के पास स्कूल की चाबी नहीं थी। मिडल स्कूल थांदल में कुल 29 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जबकि यहां पांच अध्यापक, एक मल्टी टास्क वर्कर और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात हैं, लेकिन निरीक्षण के समय केवल एक शिक्षक ही स्कूल के बाहर मौजूद था, बाकि कोई स्टाफ उपस्थित नहीं था।

कार्रवाई की जाएगी

शहीद दीननाथ ठाकुर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पुर्थी के प्रिंसीपल एवं क्लस्टर इंचार्ज तिलक शर्मा ने बताया कि वह गुरुवार को मौके पर जाकर जांच करेंगे। इसके बाद ही इस मामले को लेकर आगामी कार्रवाई की जाएगी।

TRN: *मंडी के तीन प्रोजेक्टों को केंद्र की मंजूरी* 

एफसीए ने दी क्लियरेंस; जोगिंद्रनगर, बगस्याड़, नेरचौक के प्रोजेक्ट को हरी झंडी

मंडी के तीन प्रोजेक्टों को एफसीए ने हरी झंडी दे दी है। एफसीए की मंजूरी के बाद इन प्रोजेक्ट को कानूनी रूप से सिरे चढाया जा सकेगा। मंडी के 96 प्रोजेक्ट अभी भी एफसीए के फेर में फंसे हुए हैं, जबकि गत तीन सालों में ऐसे 30 मामलों में वन संरक्षण अधिनियम के तहत क्लियरेंस केंद्र से मिल पाई है। मंडी के तीन महत्त्वपूर्ण परियोजनाओं को भारत सरकार से अंतिम स्वीकृति स्टेज-दो अप्रूवल प्राप्त हुई है। इनमें लोक निर्माण विभाग जोगिंद्रनगर डिवीजन की भरारू से बनोगी सडक़ निर्माण, कृषि विभाग की उपमंडलीय मृदा संरक्षण अधिकारी कार्यालय भवन निर्माण बगस्याड़ तथा लोक निर्माण विभाग नेरचौक डिवीजन की टांडा-कोहला, टिक्करी, कवाल कोठी, सिद्धकोठी सडक़ वाया बाबा बालकनाथ मंदिर, थापला सडक़ शामिल हैं। मंडी वन वृत्त से संबंधित कुल 96 मामले अभी भी केंद्रीय मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। इनमें न्यायिक विभाग के ही नौ मामले हैं।

परिवेश पोर्टल-एक के 36 मामले, जबकि परिवेश पोर्टल- दो के 24 मामले लंबित हैं। इसके अलावा 13 मामले निजी परियोजनाओं से संबंधित हैं। इसके अतिरिक्त 24 मामले ऑफलाइन मोड में प्रक्रियाधीन हैं। इनमें स्टेज-एक की स्वीकृति पहले ही दी जा चुकी है और अब अंतिम स्वीकृति स्टेज-दो के लिए कार्रवाई जारी है। बताया जा रहा है कि मंडी प्रशासन इन मामलों में मंजूरी हासिल करने के लिए एक बार फिर से प्रोजेक्ट रिपोर्ट सहित अन्य दस्तावेज एफसीए की मंजूरी के लिए भेज रहा है। एफसीए के फेर में फंसे मामलों की स्थिति डिलिस्ट दर्शाई गई है, उन्हें अपडेट कर शीघ्र पोर्टल पर दोबारा से अपलोड किया जा रहा है। लंबित 96 मामलों में मंजूरी लेने के लिए विभागीय प्रक्रिया भी तेज कर दी है।

दिक्कतें दूर करने के निर्देश

मंडी डीसी अपूर्व देवगन ने कहा कि जिला में 96 परियोजनाओं में एफसीए मंजूरी ली जा रही है। इन प्रोजेक्ट को लेकर ही समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया और मंजूरी में आ रही दिक्कतों को दूर करने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि मंडी के तीन प्रोजेक्टों को एफसीए की मंजूरी मिल गई है।

TRN: *ऊना में नाबालिग से दुष्कर्म, मां-सौतेले पिता पर आरोप* 

दोनों ने बेटी को अपने पास बुलाकर जबरदस्ती करवा दी शादी

पीडि़ता के पिता ने पुलिस के पास दर्ज करवाई शिरकायत

महिला पुलिस थाना नाहन ने 17 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म का मामला दर्ज किया है। मामला ऑनलाइन सीसीटीएनएस पोर्टल के माध्यम से जीरो एफआईआर 14 अक्तूबर के रूप में दर्ज हुआ है, जिसमें धारा 376 आईपीसी व पोक्सो एक्ट की धारा 06 के तहत कार्रवाई की गई है। पीडि़ता के पिता व चाइल्ड हेल्पलाइन नाहन की अधिकारी नीलम शर्मा द्वारा दी गई शिकायत में बताया गया कि पीडि़ता की मां ने दूसरी शादी की हुई है। इस दौरान उसकी मां ने उसे उसकी दादी व पिता के घर से अपने पास बुला लिया। इसके बाद उसकी मां व सौतेले पिता ने जबरन नाबालिग अवस्था में उसकी ऊना के एक युवक से शादी करवा दी। शादी के बाद उक्त युवक ने उसके साथ शारीरिक शोषण किया और धमकियां दीं। पीडि़ता ने अपनी मां, सौतेले पिता और उक्त आरोपी युवक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। महिला थाना नाहन ने मामला दर्ज कर क्षेत्राधिकार अनुसार थाना गगरेट को जांच हेतु भेज दिया है। डीएसपी वसुधा सूद ने मामले की पुष्टि की है।

TRN: *CM सुक्खू ने RGSSY के अंतर्गत ई-टैक्सियों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना* 

 मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज अपने सरकारी आवास ओक ओवर से राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के अंतर्गत 18 ई-टैक्सियों को झंडी दिखाकर रवाना किया। शिमला जिले के चार, कांगड़ा और किन्नौर जिलों के तीन-तीन, चंबा, कुल्लू और सोलन जिलों के दो-दो तथा हमीरपुर और सिरमौर जिलों के एक-एक युवा को ई-टैक्सियां प्रदान की गईं। राज्य सरकार ने इन टैक्सियों की खरीद के लिए 1.28 करोड़ रुपए की सब्सिडी प्रदान की है। इस योजना के तहत, राज्य सरकार युवाओं को ई-टैक्सियों की खरीद के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान करती है और अब तक राज्य के 79 पात्र युवाओं को 5.64 करोड़ रुपए वितरित किए जा चुके हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे न केवल युवाओं को लाभकारी स्वरोजगार मिलेगा, बल्कि इन ई-टैक्सियों को सरकारी विभागों और निगमों के साथ जोड़कर पांच वर्षों की अवधि के लिए आय भी सुनिश्चित होगी, जिसमें दो वर्ष के विस्तार का प्रावधान भी शामिल है। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के वित्तीय बोझ को कम करने में भी काफ़ी मदद मिलेगी। सरकार ने वर्तमान वित्त वर्ष में अब तक 40 पात्र युवाओं को ई-टैक्सी खरीदने के लिए 2.72 करोड़ रुपए की सब्सिडी प्रदान की है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने वर्तमान वित्त वर्ष में राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद के लिए 66.41 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। राज्य सरकार प्रदेश के पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है और ई-वाहनों को बढ़ावा देना हिमाचल प्रदेश को देश का हरित ऊर्जा राज्य बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।

TRN: *CM सुक्खू ने कर्मचारियों को दिया दिवाली गिफ्ट, 3 फीसदी महंगाई भत्ता देने का किया ऐलान* 

 मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को दिवाली का तोहफा दिया है। सीएम सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश के अधिकारियों, कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए तीन प्रतिशत मंहगाई भत्ते की किश्त अक्तूबर माह के वेतन और पेंशन के साथ नवम्बर माह में दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अप्रैल से सितंबर 2025 तक का बकाया कर्मचारियों के खातों में अक्तूबर माह में जमा कर दिया जाएगा। वहीं जुलाई 2023 से मार्च 2025 तक की बकाया राशि के बारे में अलग से आदेश जारी किए जाएंगे।

आज शिमला में हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के दो दिवसीय आम अधिवेशन के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड के कर्मचारियों की यूनियन के पदाधिकारियों के साथ चर्चा के बाद पुरानी पेंशन योजना देने पर आने वाले समय में विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिजली बोर्ड में सुधार करने की आवश्यकता है और कर्मचारियों के सहयोग के बिना यह संभव नहीं है। आज ऊहल प्रोजेक्ट से बिजली उत्पादन का खर्च 27 रुपए प्रति यूनिट आ रहा है, जिसके लिए बोर्ड के बड़े अधिकारी जिम्मेदार है। बिजली बोर्ड में कर्मचारियों का खर्च प्रति यूनिट 2.50 रुपए है, क्योंकि बोर्ड में अधिकारियों की बहुत अधिक संख्या है और छोटे कर्मचारियों को उनके वित्तीय लाभ नहीं मिल पा रहे।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने बिजली बोर्ड में कर्मचारियों को उनके वित्तीय लाभ देने के लिए 2200 करोड़ रुपए जारी किए हैं। वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल में 2023 से सितंबर 2025 तक कंपनी ने पेंशनधारकों को ग्रेच्युटी, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, अवकाश नकदीकरण और पेंशन बकाया के रूप में कुल 662.81 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है और इसी वर्ष के अंत तक 70 करोड़ का भुगतान और किया जाएगा। सभी कर्मचारियों के लिए चिकित्सा प्रतिपूर्ति के भुगतान को केन्द्रित कर दिया गया है और इसे साप्ताहिक आधार पर किया जा रहा है, जिसमें कोई लंबित राशि नहीं है। उन्होंने बोर्ड को अपने आउटसोर्स कर्मचारियों की किसी हादसे में घायल होने पर मुआवजा नीति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बोर्ड की रुकी हुई पदोन्नतियां भी तुरंत प्रभाव से की जाएंगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को ओपीएस दी तो हिमाचल प्रदेश के भाजपा नेताओं के दबाव में केंद्र सरकार ने राज्य की एडिशनल बॉरोइंग बंद कर दी। ओपीएस को वापस लेने के लिए बार-बार केंद्र से पत्र भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लिए आने वाले तीन-चार महीने आर्थिक तंगी के है, लेकिन जल्द ही आर्थिक स्थिति ठीक हो जाएगी।

मुख्यमंत्री ने पिछली भाजपा सरकार पर जनता का धन लुटाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान राज्य सरकार को 75 हजार करोड़ का कर्ज और 10 हजार करोड़ कर्मचारियों की देनदारियां विरासत में मिलीं। उन्होंने कहा ‘‘अगर आज कर्मचारियों को उनके लाभ नहीं मिल रहे, तो यह वर्तमान सरकार के कारण नहीं है क्योंकि किसी ने भी प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की ओर ध्यान नहीं दिया।’’

सीएम सुक्खू ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने 2022 में विधानसभा चुनावों से पहले 600 शिक्षण संस्थान खोल दिए लेकिन हमें कड़ा फैसलों लेकर इन्हें बंद करना पड़ा। उन्होंने कहा कि हमने शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाए, जिससे हिमाचल प्रदेश गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने में 21वें स्थान से 5वें स्थान पर पहुंचा है। यही हाल स्वास्थ्य क्षेत्र का था और इसमें भी सुधार किया गया है। वर्तमान राज्य सरकार 20-20 साल पुरानी मशीनों को बदल रही है और सभी मेडिकल कॉलेजों को मजबूत किया जा रहा है। प्रदेश में पीईटी स्कैन और थ्री टेस्ला एमआरआई मशीनें लगाई जा रही हैं। वर्तमान राज्य सरकार ने रोबोटिक सर्जरी की सुविधा की चमियाणा अस्पताल और टांडा मेडिकल कॉलेज में शुरू कर दी गई है तथा आने वाले समय में राज्य सरकार नई तकनीक लाने पर 3000 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रही है। दूध की खरीद दरों में ऐतिहासिक बढ़ौतरी की गई है। प्राकृतिक खेती से उगाई गई गेहूं, मक्की, जौ और कच्ची हल्दी को समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने यूनियन की स्मारिका का विमोचन भी किया।

TRN: *महंगाई भत्ते की घोषणा से प्रदेश के कर्मचारी गदगद* 

 हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने महंगाई भत्ते की किस्त जारी करने का स्वागत किया है। महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष त्रिलोक ठाकुर व प्रदेश मुख्य प्रेेस सचिव मनीष गुलेरिया ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का धन्यवाद करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का कर्मचारियों के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार रवैया सराहनीय है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हित में तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता अक्तूबर वेतन में शामिल करना और बकाया एरियर दिवाली से पहले जारी करना उनके कर्मचारी केंद्रित दृष्टिकोण का उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि डीए की घोषणा से प्रदेश के लाखों कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। महासंघ के मुख्य प्रेस सचिव मनीष गुलेरिया ने कहा कि महासंघ ने कुछ दिन पूर्व मुख्यमंत्री से मुलाकात कर दिवाली से पहले डीए की किस्त जारी करने की पुरजोर बकालत की थी, जिसके चलते आज मुख्यमंत्री ने कर्मचारी हितैषी होने का उदाहरण पेश करते हुए प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को दिवाली का तोहफा प्रदान किया है।

TRN: ASI निंलबित, अनुसूचित जाति आयोग पुलिस की जांच से खफा, आरोपी महिला गिरफ्तार

By: divyahimachal 

शिमला के रोहडू उपमंडल में कथित प्रताडऩा के बाद 12 वर्षीय के बच्चे की आत्महत्या मामले में पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले के जांच अधिकारी एएसआई को निलंबित करने के आदेश जारी किए हंै। हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार ने एएसआई को सस्पेंड करने के आदेश दिए। उन्होंने डीएसपी रोहड़ू की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए एक्सप्लेनेशन मांगा है। हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार ने लिंमड़ा गांव में नाबालिग बच्चे की मौत मामले को लेकर बुधवार को रोहडू में स्थानीय प्रशासन से इस मामले की रिपोर्ट तलब की। उन्होंने कहा कि मामले की शुरुआती जांच में ही मामले में ढील बरती गई। जब 20 सितंबर को एफआईआर दर्ज की गई, तो मामला अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम 1989 की धाराओं के साथ दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कर रहे जांच अधिकारी ने जांच को सही ढंग से नहीं किया।

उन्होंने पीडि़त परिवार के सदस्यों की सुरक्षा को खतरा बताते हुए उन्हें सुरक्षा मुहैया करवाने के निर्देश दिए। कुलदीप कुमार ने कहा कि पीडि़त परिवार की ओर से पुलिस को दी शिकायत में बच्चे के घर में प्रवेश करने पर अछूत बताने और घर की शुद्धि के लिए पिता से बकरे देने का जिक्र किया है। पुलिस ने फिर भी अनुसूचित जाति और जनजाति अधिनियम मामला दर्ज नहीं किया। मामला जब हाई कोर्ट पहुंचा तो उसके बाद अधिनियम की धाराओं के तहत मामले को दर्ज किया गया। कुलदीप ने कहा कि जब से यह मामला ध्यान में आया है तब से आयोग पूरे मामले पर निगरानी कर रहा है। 1 अक्तूबर को इस मामले को लेकर एसडीपीओ रोहडू से तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट तलब की गई थी लेकिन उन्होंने रिपोर्ट निर्धारित समय में नहीं दी। 14 अक्तूबर, 2025 को डीजीपी कार्यालय से आयोग को रिपोर्ट प्राप्त हुई है। अब इस मामले में पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। उधर, एसएसपी शिमला संजीव गांधी का कहना है कि पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

TRN: हिमाचल की 73 परियोजनाओं पर खर्च होंगे 713 करोड़ रुपए, राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक ने दी मंजूरी

By: divyahimachal 

राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक यानी नाबार्ड द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में हिमाचल प्रदेश के लिए 73 परियोजनाओं की स्वीकृति दी गई, जिसमें 713 करोड़ की राशि शामिल है। नाबार्ड द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में हिमाचल प्रदेश के लिए स्वीकृत दो प्रमुख परियोजनाओं की घोषणा की, जिनकी कुल राशि 311 करोड़ है। इनमें शामिल हैं। इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग इन्फास्ट्रक्चर नाबार्ड 11 जिलों में 53 इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग प्वाइंट्स के निर्माण के लिए 111 करोड़ का वित्त पोषण कर रहा है, जिसमें कांगड़ा जिला में 11 चार्जिंग प्वाइंट्स के लिए 26.57 करोड़ आबंटित किए गए हैं। स्वचालित दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र ढगवार धर्मशाला कांगड़ा में एक अत्याधुनिक, स्वचालित दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित करने के लिए अतिरिक्त 200 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। इस संयंत्र की प्रारंभिक क्षमता 1.5 एलएलपीडी (विस्तार योग्य तीन एलएलपीडी तक) होगी, जिससे क्षेत्र के डेयरी क्षेत्र में वृद्धि होगी, और स्थानीय रोजगार के अवसरों में इजाफा होगा।

कांगड़ा और चंबा जिलों में ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के उद्देश्य से नाबार्ड की प्रमुख योजना, ग्रामीण आधारभूत विकास निधि (आरआईडीएफ) पर एक क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन बुधवार को धर्मशाला में किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य आरआईडीएफ के तहत प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना था। इसमें हिमाचल प्रदेश के नाबार्ड, जल शक्ति विभाग और हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इस कार्यशाला की अध्यक्षता नाबार्ड हिमाचल प्रदेश क्षेत्रीय कार्यालय, शिमला के मुख्य महाप्रबंधक डा. विवेक पठानिया ने की। इसका संचालन नाबार्ड के सहायक महाप्रबंधक ऋषभ सिंह ठाकुर ने किया।

देश में 5.53 लाख करोड़ स्वीकृत

कार्यशाला के दौरान डा. पठानिया ने हिमाचल प्रदेश में आरआईडीएफ की प्रगति 1995-96 में स्थापित नाबार्ड की योजना ने राज्य सरकारों को कम लागत पर वित्तीय सहायता प्रदान कर भारत में ग्रामीण बुनियादी ढांचे को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डा. पठानिया ने नाबार्ड की व्यापक राष्ट्रीय उपलब्धियों की जानकारी भी दी, जिसमें उन्होंने बताया कि 31 मार्च, 2025 तक नाबार्ड ने पूरे देश में 5.53 लाख करोड़ स्वीकृत किए हैं, और 4.39 लाख करोड़ का वितरण किया है।

कार्यशाला में ये रहे उपस्थित

नाबार्ड से हिमांशु साहू, जिला विकास प्रबंधक, कांगड़ा एवं डा. प्रेक्षा, सहायक प्रबंधक भी उपस्थित रहे। कार्यशाला में जल शक्ति विभाग और पीडब्ल्यूडी के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें जल शक्ति विभाग से राजेश कनूनगो, अधीक्षण अभियंता (धर्मशाला), विशाल जसवाल अधीक्षण अभियंता (धर्मशाला सर्किल) तथा राजेश मोंगरा अधीक्षण अभियंता (चंबा सर्किल) सहित कांगड़ा एवं चंबा जिलों के सभी अधिशाषी अभियंता उपस्थित रहे। पीब्डल्यूडी के इंजीनियर विकास सूद (मुख्य अभियंता), बीएम ठाकुर अधीक्षण अभियंता (पालमपुर सर्किल), मो. पाल, अधीक्षण अभियंता (नूरपुर सर्किल), तथा दिवाकर सिंह पठानिया, अधीक्षण अभियंता (डलहौजी सर्किल) सहित दोनों जिलों के अधिशाषी अभियंता कार्यशाला में सम्मिलित हुए।

TRNLIVE: म्यूनिसिपल शेयर्ड सर्विस सेंटर्स को 47.37 करोड़, विक्रमादित्य सिंह बोले, केंद्र सरकार ने जारी की राशि

By: divyahimachal 

प्रदेश के 74 शहरी निकायों में स्थापित किए जा रहे केंद्र

लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने जानकारी दी कि आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने हिमाचल प्रदेश में म्यूनिसिपल शेयर्ड सर्विस सेंटर्स की स्थापना के लिए 47.37 करोड़ की अनुदान राशि स्वीकृत की है। यह स्वीकृति राज्य सरकार की पहल और निरंतर प्रयासों से संभव हुई है, जिससे सीमित जनशक्ति, वित्तीय संसाधनों की कमी और तकनीकी सहयोग की चुनौतियों का समाधान हो सकेगा। राज्य सरकार का उद्देश्य शहरी शासन को सुदृढ़ बनाना, डिजिटल सेवा वितरण को बढ़ावा देना और कुशल नगरपालिका प्रशासन सुनिश्चित करना है। इसी कड़ी में 15 केंद्रों की स्थापना 74 शहरी स्थानीय निकायों में की जा रही है, जो 15वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के तहत स्थापित किए जा रहे हैं। ये केंद्र नागरिकों को जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र, व्यापार लाइसेंस, पालतू जानवरों के पंजीकरण, संपत्ति कर का भुगतान, कचरा बिल संग्रहण और शिकायत निवारण जैसी सेवाओं तक आसान, एकरूप और पारदर्शी पहुंच प्रदान करेंगे। ये केंद्र पासपोर्ट सेवा केंद्रों की तर्ज पर कार्य करेंगे।

उन्होंने कहा कि ये केंद्र शहरी निकायों के सदस्यों के लिए लेखा, वेतन प्रबंधन और विक्रेता भुगतान जैसी गतिविधियों के केंद्रीकृत केंद्र के रूप में भी काम करेंगे। साथ ही छोटे कस्बों में टैक्स और बिल संग्रहण जैसी सेवाएं भी घर-घर प्रदान करेंगे। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार दो किस्तों में धनराशि जारी करेगी। स्वीकृति के समय 50 प्रतिशत राशि जारी की जाएगी और शेष राशि परिचालन शुरू होने पर दी जाएगी। पहली किस्त के रूप में 23.68 करोड़ रुपये पहले ही जारी किए जा चुके हैं, जो इन केंद्रों की संस्थागत और परिचालन क्षमता को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि समावेशी कार्यान्वयन और प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए स्वयं सहायता समूहों और गैर-सरकारी संगठनों को वार्ड स्तर पर नगरपालिका सेवाओं के वितरण में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर दिया जाएगा। मंत्री ने कहा कि यह पहल सरकार की शहरी स्थानीय निकायों को सशक्त बनाने व स्वच्छ शहर, समृद्ध शहर के दृष्टिकोण के अनुरूप सहभागी, कुशल और सतत् शहरी शासन को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

TRNLIVE: बद्दी मेें तेज रफ्तार ट्रक ने रौंदी गाडिय़ां, दो घायल, ड्राइवर मौके से फरार, छानबीन में जुटी पुलिस

नालागढ़ एनएच पर एक के बाद एक वाहन को मारी टक्कर, ड्राइवर मौके से फरार

गाडिय़ों को नुकसान छानबीन में जुटी पुलिस

दिव्य हिमाचल ब्यूरो-नालागढ़

नालागढ़-बद्दी एनएच पर मंगलवार दोपहर एक भीषण सडक़ हादसा पेश आया, जब एक तेज रफ्तार ट्रक ने गलत दिशा में आकर एक के बाद एक कई वाहनों को टक्कर मार दी। हादसे में पांच वाहन क्षतिग्रस्त हुए और दो लोग घायल हो गए। दुर्घटना के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। शिकायतकर्ता जितेंद्र कुमार भगता निवासी महावीर एन्क्लेव नई दिल्ली अपनी कार में बद्दी से नालागढ़ की ओर जा रहे थे। लगभग दोपहर एक बजे जब वह आकाश अस्पताल से आगे अपनी लेन में सही दिशा में कार चला रहे थे, तभी सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने गलत दिशा में जाकर सामने चल रही मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। उसी दौरान ट्रक ने उनकी कार को भी जोरदार टक्कर मारी और उसे करीब 20 से 25 मीटर तक घसीटते हुए आगे ले गया। ट्रक की रफ्तार इतनी तेज थी कि उसने आगे बढ़ते हुए एक कार को भी टक्कर मारी, जो उसके झटके से एक स्कूटी से जा टकराई।

स्कूटी सवार सडक़ पर गिर पड़ा। कुछ ही क्षण बाद ट्रक की टक्कर से शिकायतकर्ता की कार भी सडक़ किनारे खड़ी एक थार से टकराकर नाले में जा गिरी और ट्रक भी वहीं पलट गया। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को आकाश अस्पताल नालागढ़ पहुंचाया गया, जबकि शिकायतकर्ता को भी हल्की चोटें आईं। सूचना मिलने पर नालागढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और सभी क्षतिग्रस्त वाहनों को सडक़ किनारे से हटवाया। एएसपी बद्दी अशोक वर्मा ने बताया कि पुलिस ने ट्रक चालक के विरूद्ध मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है।

TRNLIVE: संयुक्त समिति करेगी अवैध कटान-निर्माण की जांच, अवैध निर्माण से प्राकृतिक जलस्रोतों को नुकसान, ग्रामीण उग्र

परौर स्थित राधा स्वामी सत्संग ब्यास के खिलाफ ग्रामीणों की शिकायत पर एनजीटी सख्त

दिव्य हिमाचल ब्यूरो-धर्मशाला

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की प्रधान पीठ ने हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला के परौर स्थित धार्मिक संगठन राधा स्वामी सत्संग ब्यास (आरएसएसबी) द्वारा कथित रूप से अवैध वृक्ष कटान और बड़े पैमाने पर पर्यावरणीय उल्लंघनों के आरोपों की जांच के लिए एक संयुक्त समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश एनजीटी की प्रधान पीठ ने नई दिल्ली में पारित किया, जिसकी अध्यक्षता न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य डॉक्टर अफरोज अहमद ने की। एनजीटी ने घनेटा ग्राम पंचायत की प्रधान सीमा कुमारी और कांगड़ा जिला के अन्य ग्रामीणों द्वारा भेजे गए एक पत्र पर स्वता संज्ञान लिया है।

इसमें संगठन की गतिविधियों से क्षेत्र में पर्यावरणीय असंतुलन पैदा होने की शिकायत की गई थी। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि आरएसएसबी ने परौर, घनेटा, दरंग, बल्ला, धोरन बेल्ट में अपने परिसर का अवैध विस्तार किया है, जिसके कारण पेड़ों की कटाई, जल स्रोतों का प्राकृतिक प्रवाह बदलना, कृषि और वन भूमि का क्षरण जैसी स्थितियां पैदा हुई हैं। याचिका में जिन कानूनों के उल्लंघन का उल्लेख किया है। उनमें जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974, वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980, वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986, और जैव विविधता अधिनियम, 2002। ये सभी कानून राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 की अनुसूची-एक में सूचीबद्ध हैं।

जांच समिति गठित करने के निर्देश

एनजीटी ने अपने आदेश में हिमाचल प्रदेश सरकार, कांगड़ा के उपायुक्त, और हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को प्रतिवादी के रूप में शामिल किया है। साथ ही, एक संयुक्त तथ्य-जांच समिति गठित करने का निर्देश दिया है। इसमें पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय एचपीपीसीबी, और संबंधित डिविजनल फोरेस्ट ऑफिसर (डीएफओ) के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

याचिका में लगाए आरोपों की जांच

समिति को मौके पर जाकर स्थल निरीक्षण करने, याचिका में लगाए आरोपों की जांच करने व रोकथाम के उपाय सुझाने को कहा गया है। एनजीटी ने समिति से निर्धारित समयावधि के भीतर तथ्यात्मक और कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा है। पीठ ने यह भी टिप्पणी की कि मामला वन अनुमति, भूमि उपयोग परिवर्तन और पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन न होने जैसे महत्त्वपूर्ण पहलुओं से जुड़ा है।

TRNDKB: मिल्कफेड ने बाजारों में उतारी मिठाइयां, 500 क्विंटल सामग्री तैयार, प्रदेश भर में 30 काउंटरों पर बिक्री शुरू

By: divyahimachal 

दिवाली पर इस बार 500 क्विंटल सामग्री तैयार, प्रदेश भर में 30 काउंटरों पर बिक्री शुरू

मिल्कफेड ने इस दिवाली लोगों के लिए 500 क्विंटल मिठाइयां तैयार की हैं। मिल्कफेड ने दिवाली के लिए मिठाइयां बाजार में उतार दी हैं। मिल्कफेड के 30 काउंटरों पर मिठाइयों की बिक्री 15 अक्तूबर यानी बुधवार से शुरू हो गई है, जो दिवाली की पूर्व संध्या 19 अक्तूबर तक चलेगी। मिल्कफेड की मिठाइयां प्रदेश के 30 बिक्री केंद्रों पर मिलेंगी। त्योहारों के सीजन में बाजार में मिलावटी मिठाइयों की भरमार रहती है। ऐसे में मिल्कफेड की मिठाइयां लोगों को शुद्धता का भरोसा देती हैं। हर साल की तरह इस बार भी मिल्कफेड ने दिवाली पर खास तैयारियां की हैं, ताकि लोगों को देसी घी की शुद्ध मिठाइयां मिल सकें। प्रदेश में कुल्लू के ढालपुर, मंडी सेरी मंच, सिनेमा चौक और चक्कर, नालागढ़ यूनिट के एमपीपी नालागढ़, पीएनबी बैंक बद्दी के सामने, एमसीसी बस्सी में मिल्कफेड के काउंटर लगाए गए हैं। इसके अलावा नाहन यूनिट के तहत एसएफडीए नाहन, नाहन-दो सदका पांवटा रोड, चिल्ड्रन पार्क के पास, महिला लाइब्रेरी के समीप, बैरोजा फैक्टरी के पास, दिल्ली गेट नाहन काउंटर पर मिल्कफेड की मिठाई मिलेगी।

वहीं, कांगड़ा यूनिट के धर्मशाला, कांगड़ा, पालमपुर, ढगवार और दत्तनगर यूनिट के तहत दत्तनगर, रामपुर, रिकांगपियो, रोहडू, टिक्करी कैंची शिमला यूनिट के तहत सचिवालय में दो काउंटर, संजौली, रिज, जिला कोर्ट चक्कर कैटल फैड प्लांट भोर के जाहू और भोर में मिल्कफेड की मिठाइयां मिलेंगी। इस साल मिल्कफेड ने मिठाइयां तैयार करने का काम चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित चंडीगढ़ स्वीट्स को सौंपा है। मिल्कफेड की ओर से उन्हें शुद्ध देसी घी उपलब्ध करवाया गया है, जिससे मिठाइयां तैयार की जा रही हैं। मिल्कफेड की मिठाइयों की गुणवत्ता और स्वाद के कारण लोग इन्हें बड़े भरोसे और उत्साह से खरीदते हैं। अधिकारी, कर्मचारी और नेता वर्ग भी इन्हें दिवाली पर गिफ्ट के रूप में देना पसंद करते हैं। बाजार में मिलने वाली मिलावटी मिठाइयों की तुलना में मिल्कफेड की मिठाइयां शुद्धता की गारंटी मानी जाती हैं।

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