छोटे शहर चमके, बेटियां दमकीं:बिहार बोर्ड का इंटर रिजल्ट जारी, 86.23% छात्राएं और 84.09% छात्र सफल

Mar 24, 2026 - 15:49
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छोटे शहर चमके, बेटियां दमकीं:बिहार बोर्ड का इंटर रिजल्ट जारी, 86.23% छात्राएं और 84.09% छात्र सफल
85.19% बच्चे पास हुए, पटना की अदिति कॉमर्स टॉपर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बिहार बोर्ड) इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 का परिणाम सोमवार को जारी हुआ। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार और बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर ने रिजल्ट घोषित किया। इस बार का रिजल्ट दो बड़े संकेत देता है। पहला, ग्रामीण और जिला स्कूलों के छात्रों का उभार। दूसरा, छात्राओं का बढ़ता दबदबा। साइंस में समस्तीपुर के आदित्य प्रकाश अमन ने 481 अंक (96.20%) के साथ टॉप किया। उन्होंने उच्च माध्यमिक विद्यालय से पढ़ाई की। कॉमर्स में पटना के संत जेवियर्स स्कूल की अदिति कुमारी 480 अंक (96.00%) के साथ टॉप किया। आर्ट्स में गया के यशवंत इंटर कॉलेज, खिजरसराय की नीशु कुमारी ने 479 अंक के साथ टॉप किया। इस बार भी छात्राएं छात्रों पर भारी रहीं। 86.23 प्रतिशत छात्राएं सफल हुईं, जबकि छात्रों का पास प्रतिशत 84.09 रहा। कुल 5,78,611 छात्राएं और 5,32,486 छात्र पास हुए। कुल 13.04 लाख परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। इनमें 11.11 लाख सफल रहे। कुल पास प्रतिशत 85.19 रहा। 193103 परीक्षार्थी असफल हुए। कॉमर्स संकाय में लड़कियों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। टॉप-5 में 7 में से 6 छात्राएं हैं। इससे वित्तीय शिक्षा में लड़कियों की बढ़ती भागीदारी दिखती है। टॉपर मैप फैला... ग्रामीण व जिला स्कूलों से निकल रहे अधिक टॉपर, छात्राएं टॉप पर... तीनों संकाय के टॉप-5 में 26 बच्चे, इनमें 20 छात्राएं ‘रूरल + गर्ल पावर’... कोचिंग vs स्कूल सवाल : इस बार रिजल्ट में कौन सा नया ट्रेंड दिखा? रिजल्ट में दो बड़े ट्रेंड दिखे। ग्रामीण इलाकों के छात्र तेजी से आगे आए हैं। साथ ही छात्राओं ने भी बेहतर प्रदर्शन किया है। कम संसाधनों के बावजूद ये छात्र टॉप कर रहे हैं। साफ है कि शिक्षा का स्तर गांवों में भी मजबूत हो रहा है। सवाल: क्या सफलता के लिए बड़े शहर की कोचिंग जरूरी है? इस बार के रिजल्ट में कई टॉपर जिला स्कूलों से हैं। उन्होंने सेल्फ स्टडी और स्कूल पर भरोसा किया। डिजिटल संसाधनों का भी सहारा लिया। इससे साबित हुआ कि मेहनत व सही रणनीति से बिना कोचिंग भी सफलता संभव है। सवाल: इस बार छात्रों के बीच प्रतिस्पर्धा का स्तर कैसा रहा? इस बार मुकाबला बहुत कड़ा रहा। टॉपर्स के अंकों में बहुत कम अंतर है। कई रैंक पर एक से अधिक छात्र समान अंक के साथ हैं। इससे स्पष्ट है कि अब हर अंक महत्वपूर्ण हो गया है और छोटी गलती भी रैंक को प्रभावित कर सकती है। जल्दी रिजल्ट से दूसरे बोर्ड के छात्र भी आ रहे बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 में इस बार दूसरे बोर्ड के छात्रों की बड़ी भागीदारी रही। सीबीएसई, आईसीएसई समेत अन्य बोर्ड के करीब 96 हजार छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए। वर्ष 2025 में यह संख्या 1.11 लाख से अधिक थी। इसकी वजह यह है कि बिहार बोर्ड समय पर परीक्षा और रिजल्ट जारी करता है। इससे छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अतिरिक्त समय मिलता है। इसके साथ ही हाल के वर्षों में पास प्रतिशत बढ़ा है। इससे बोर्ड पर भरोसा मजबूत हुआ है। पास प्रतिशत दोगुने से अधिक, जेंडर गैप स्थिर छोटे शहरों का तेज उभार पहले टॉपर कुछ जिलों के रहते थे। अब यह दायरा तेजी से बढ़ा है। 2016-18 में 5-6 जिले के बच्चे टॉपर लिस्ट में थे। 2022-25 में 15-18 जिले और 2024-26 में 17 जिले के बच्चे शामिल हो गए। पटना, नालंदा, भोजपुर व पश्चिम चंपारण जैसे जिले पहले से मजबूत रहे हैं। अब अरवल, सीतामढ़ी, मधुबनी, सहरसा और दरभंगा जैसे जिले भी टॉपर्स दे रहे हैं। इसका संकेत: शिक्षा का केंद्र अब पूरे बिहार में फैल रहा है। बेटियां 2 से 5 प्रतिशत आगे पिछले 10 साल में एक ट्रेंड स्थिर रहा है। परीक्षा में छात्राएं हर साल बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। औसतन हर साल 2% से 5% का अंतर रहा। 2024 की परीक्षा में 88.84% छात्राएं, 85.69% छात्र पास हुए। 2025 में 87.5% छात्राएं और 85% छात्र पास हुए। 2026 में 86.23% छात्राएं और 84.09% छात्र पास हुए। इसका👉 संकेत: बेटियों की बढ़ रही भागीदारी। प्रदर्शन सुधरा। सबसे बड़ा बदलाव पास प्रतिशत में दिख रहा रिजल्ट में सबसे बड़ा बदलाव पास प्रतिशत में दिखता है। 2017 में 35.25%, 2025 में 86.56% और 2026 में 85.19% बच्चे पास हुए। यानी 10 साल में पास प्रतिशत दोगुने से अधिक हुआ। हर साल 12-13 लाख छात्र परीक्षा में शामिल होते हैं। आठ साल का पास-फेल ट्रेंड बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा: 8 वर्षों का पास-फेल ट्रेंड (2019-2026) छात्राओं की यह उपलब्धि महिला सशक्तीकरण का उदाहरण है। बालिकाओं के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं से बच्चियों का आत्मविश्वास बढ़ा है। वो हर क्षेत्र में प्रगति कर रही हैं।- नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री मैट्रिक का रिजल्ट एक सप्ताह में : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने कहा कि मैट्रिक की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन हो चुका है। रिजल्ट भी अंतिम चरण में है। एक सप्ताह के भीतर मैट्रिक का रिजल्ट जारी कर दिया जायेगा। इसकी तैयारी की जा रही है। सिमुलतला का दबदबा खत्म : एक समय सिमुलतला आवासीय विद्यालय का रिजल्ट में दबदबा रहता था। टॉपर लिस्ट में हर साल यहां के छात्र शामिल होते थे। अब स्थिति बदल गई है। इस वर्ष टॉपर लिस्ट में सिमुलतला का एक भी छात्र शामिल नहीं हुआ। पिछले तीन वर्षों से यह सिलसिला जारी है। 2017-18 में बड़ी संख्या में यहां के छात्र स्टेट टॉपर बनते थे।

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Admin तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला