दिनांक 24.08.2025 सभी सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि रवि नदी का प्रवाह ज्यादा होने के कारण चमेरा -1 डम से कभी भी अतिरिक्त पानी छोड़ा जा सकता है। अत: आप सभी से अनुरोध है कि नदी के किनारे ना जाये। ये सूचना जनहित में जारी। सस्नेह चमेरा डम -1
: ➡️ *संसद से पारित होने के एक दिन बाद Online Gaming Bill को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई. अब यह कानून बन चुका है।*
➡️कोई भी ऑनलाइन गेम जिसमें पैसे का लेन-देन होता है (पोकर, रम्मी, फैंटेसी स्पोर्ट्स) अब प्रतिबंधित हैं.
➡️ई-स्पोर्ट्स को मान्यता मिलेगी. इसके लिए ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी बनेगी।
➡️अवैध गेमिंग प्लेटफॉर्म चलाने पर 3 साल तक की जेल और 1 करोड़ रु तक जुर्माने का प्रावधान है।
➡️ऑनलाइन मनी गेम्स का विज्ञापन या प्रचार करने पर 2 साल तक की जेल और 50 लाख रु तक जुर्माना लग सकता है।
: *5 साल पहले भारत में बैन हुए TikTok की वेबसाइट अचानक फिर से खुलने लगी है. कई यूजर्स ने X (पूर्व में ट्विटर) पर स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए बताया TikTok की आधिकारिक साइट अब एक्सेस हो रही है. हालांकि, अभी ये सेवा सभी के लिए उपलब्ध नहीं है और कुछ पेज काम भी नहीं कर रहे हैं. इन सबसे ये अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह कोई टेस्टिंग या 'फेज्ड रोलआउट' हो सकता है. फिलहाल, ऐप Google Play Store और Apple App Store पर मौजूद नहीं है, लेकिन वेबसाइट की वापसी ने फैंस को उम्मीद जगा दी है कि शायद TikTok की भारत में वापसी जल्द हो सकती है.*
: *बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एसआईआर को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टूक*
बिहार के एसआईआर में आधार को मानना ही होगा
चुनाव आयोग से सुप्रीम कोर्ट की दो टूक, दलों की निष्क्रियता पर तंज
हटाए गए वोटर्स लिस्ट में नाम जुड़वाने ऑनलाइन भी आवेदन दे सकेंगे
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दो टूक कहा है कि चुनाव आयोग को आधार कार्ड स्वीकार करना ही होगा। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि वोटर लिस्ट के लिए चल रही एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान वोटर्स द्वारा दिए जाने वाले 11 डॉक्युमेंट्स या फिर आधार को मानना होगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि हम बिहार के लिए आधार कार्ड या किसी अन्य स्वीकार्य दस्तावेज के साथ हटाए गए मतदाताओं के दावों को ऑनलाइन प्रस्तुत करने की अनुमति देंगे। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान हटाए गए वोटर्स के नामों में सुधार के लिए पॉलिटिकल पार्टियों के आगे न आने पर भी आश्चर्य व्यक्त किया। कोर्ट ने चुनाव आयोग के इस बयान पर संज्ञान लिया है कि एसआईआर अभियान में 85,000 नए मतदाता सामने आए हैं और राजनीतिक दलों के बूथ-स्तरीय एजेंटों द्वारा केवल दो आपत्तियां दर्ज की गई हैं। कोर्ट ने कहा कि बिहार के सभी 12 राजनीतिक दल पार्टी कार्यकर्ताओं को विशिष्ट निर्देश जारी करेंगे कि वे फॉर्म 6 या आधार कार्ड में से किसी भी 11 दस्तावेजों के साथ आवश्यक फॉर्म दाखिल करने और जमा करने में लोगों की सहायता करें।
कोर्ट ने कहा है कि कोई भी व्यक्ति खुद से या बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) की मदद से ऑनलाइन आवेदन कर सकता है और उसे भौतिक रूप में आवेदन जमा करना आवश्यक नहीं है। सभी राजनीतिक दलों के बीएलए को यह प्रयास करने का निर्देश दिया जाता है कि लगभग 65 लाख ऐसे लोगों को, जो ड्राफ्ट रोल में शामिल नहीं हैं, पहली सितंबर की अंतिम तिथि तक अपनी आपत्तियां दर्ज कराने में सुविधा प्रदान की जाए, सिवाय उन लोगों के जो मर चुके हैं या स्वेच्छा से पलायन कर गए हैं। बता दें के बिहार में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जिसके पहले चुनाव आयोग वोटर्स लिस्ट में नाम शामिल करवाने के लिए बड़े स्तर पर एसआईआर नामक प्रक्रिया चला रहा है। इसके तहत पहले वोटर्स से 11 तरह के डॉक्युमेंट्स मांगे जा रहे थे, जिसमें आधार कार्ड शामिल नहीं था। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने इन डॉक्युमेंट्स में आधार को भी शामिल करने का निर्देश दिया है।
: *पूरे प्रदेश में मिलेगा आपदा राहत पैकेज, CM बोले, सिर्फ राजनीति करने को मुद्दा उठाता है विपक्ष, आपदा पर गंभीर नहीं*
सदन में बोले सीएम सुक्खू; सिर्फ राजनीति करने को मुद्दा उठाता है विपक्ष, आपदा पर गंभीर नहीं
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में आपदा सिर्फ एक स्थान पर नहीं आई, बल्कि पूरे प्रदेश में आई है, इसलिए राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश के लिए आपदा राहत पैकेज दिया है। सात लाख 70 हजार रूपए का पैकेज हर पीडि़त को दिया जाएगा। सदन में नियम 67 के तहत आई चर्चा के जवाब में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के जवाब के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि विपक्ष केवल राजनीति करने के लिए ही मुद्दा उठाता है। उन्होंने कहा कि वह आपदा की भरपाई के लिए केंद्र सरकार से कई बार मामला उठा चुके हैं और खुद प्रधानमंत्री व गृह मंत्री से भी मिले हैं। प्रदेश में आपदा पीडि़तों को बसाने के लिए सरकारी जमीन नहीं है, इसलिए केंद्र से वन भूमि पर जमीन का अधिकार मांगा जा रहा है। राज्य सरकार ने आपदा पीडि़तों के लिए पैकेज दिया है, जो वर्ष 2023 में भी दिया गया था। इस बार सामान की राशि अतिरिक्त रूप से 70 हजार रुपए रखी गई है। जहां पर भी नुकसान हुआ है, सभी को आकलन के अनुसार प्रदेश सरकार का आपदा राहत पैकेज प्रदान करेंगे।
जगत नेगी का तंज, प्रदेश के लिए पनौती हैं जयराम
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने भी चर्चा का जवाब दिया, लेकिन तब सदन में विपक्ष मौजूद नहीं था। जगत सिंह नेगी ने कहा कि विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर न केवल सराज विधानसभा के लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए पनौती हैं। उन्होंने सराज में करोड़ों रुपए के प्रोजेक्ट लाए और वहां करोड़ों रुपए की राशि से सडक़ें बनवाईं मगर आज सभी पर संकट आ गया। उन्होंने यहां तक कहा कि नाम के आगे राम लग जाने से कोई राम नहीं बन जाता। उन्होंने कहा कि भाजपा ने जो राशि लोगों की मदद से सराज के लिए जुटाई है, उसके आबंटन में भी भेदभाव किया गया। जगत सिंह नेगी ने सभी विधायकों से कहा कि डिजास्टर मिटिगेशन फंड के तहत वह अपने प्रस्ताव भेजें, जिसमें आपदा राहत के लिए कुछ न कुछ मदद दी जा रही है। इसमें नेशनल डिजास्टर मिटिगेशन फंड में भी पैसा मिल जाता है।
नियम-67 पर चर्चा
गांवों में 1000 मीटर का प्लॉट टीसीपी के दायरे में
नगर नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि गांवों के अंदर बनने वाले स्ट्रक्चर पर सरकार बड़ा बदलाव करने जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति गांव के अंदर एक हजार वर्ग मीटर से ज्यादा का प्लॉट खरीदता है या उस पर कोई निर्माण करता है, तो वह नगर नियोजन के दायरे में आएगा। इसके अलावा शहरी या साडा एरिया में भी अगर 600 स्क्वायर मीटर का प्लाट टीसीपी के दायरे में आएगा।
बार-बार बादल फटने के कारणों का अध्ययन जरूरी
कांगड़ा से भाजपा विधायक पवन काजल ने कहा कि हिमाचल को किसी की नजर लग गई है। किस वजह से बादल कैसे फट रहे हैं इस पर अध्ययन किया जाना बेहद जरूरी है। विधायक पवन काजल ने सरकार को घेरते हुए कहा कि तीन सालों में सरकार से कोई भी वर्ग खुश नहीं है।
करसोग से भेदभाव कर रही प्रदेश सरकार
करसोग के विधायक दीपराज ने कहा कि करसोग में भी बादल फटे, तीन लोगों की मौत हो गई। एक अभी भी लापता है। उन्होंने कहा कि इस आपदा में सरकार ने उनके विधानसभा के साथ सौतेला व्यवहार किया है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष करसोग आए लेकिन सीएम नहीं आए। दीपराज ने कहा कि आपदा के समय में सरकार की कार्यप्रणाली उनके विधानसभा में कछुए से भी कम है।
हिमाचल में आपदा के कारणों पर मंथन जरूरी
अर्की के विधायक संजय अवस्थी ने कहा कि हिमाचल प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है, लेकिन कुछ समय से आपदा आ रही है। आपदा के क्या कारण रहे हैं इस पर मंथन करने की जरूरत है। यह एक ऐसा विषय है कि हम सभी को एकत्रित होकर इसका सामना करना है।
आपदा से नुकसान को लेकर सरकार गंभीर नहीं
श्रीनयनादेवी के विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि बादल कब फट जाए, पता नहीं। आपदा कब आ जाए, पता नहीं होता, लेकिन यह पता होता है कि जुलाई-अगस्त में आने वाली बरसात में नुकसान होगा, तो क्या सरकार योजना के आधार पर काम नहीं कर सकती है। उन्होंने कहा कि इस साल की आपदा से स्पष्ट हुआ कि सरकार गंभीर नहीं थी। इसका मुख्य कारण यह भी हो सकता है कि आपदा विपक्ष के विधायकों के एरिया में हुई। आपदा से निपटने का मुख्य काम राजस्व विभाग का है लेकिन राजस्व मंत्री के मीडिया में बयान सरकार की गंभीरता को नहीं दिखाते हैं। जिस तरह के बयान मंत्री दे रहे है उससे यह संदेश जनता के बीच गया कि सरकार गंभीर नहीं है। उन्होंने लोक निर्माण मंत्री को भी घेरते हुए कहा कि आपदा के समय मंत्री विदेश चले गए।
आपदा से प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी नुकसान
ज्वालामुखी के विधायक संजय रत्न ने कहा कि 2023 में हिमाचल में आपदा से भारी नुकसान हुआ। लंबी चर्चा हुई, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। 2024 में भी आपदा आई, उस पर भी चर्चा हुई। 2025 में भी आपदा आई है। आपदा से प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक आपदा आने पर विपक्ष के साथियों ने विचार-विमर्श कम और राजनीति ज्यादा की है।
नुकसान को अधूरी तैयारी भ्रष्टाचार भी जिम्मेदार
भरमौर से विधायक डा. जनकराज ने कहा कि इस विषय को नियम-67 में लाने का उदेश्य सरकार की लापरवाही, अधूरी तैयारियों को उजागर करना था। उन्होंने कहा कि सरकारों की गलत नीतियों, पूर्व सरकारों के गैर जिम्मेदाराना रवैये व भ्रष्टाचार के कारण हिमाचल आज बर्बादी के कगार पर है।
भारी बारिश से प्रदेश की टूरिज्म इंडस्ट्री प्रभावित
मनाली के विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने कहा कि जो आपदा अभी आई है वह पिछले साल भी आई थी। इस बार हिमाचल सरकार ने 68 करोड़ की ब्यास नदी पर प्रोटेक्शन लगाई, जिससे लोगों को लाभ हुआ। उनके विधानसभा क्षेत्र में चार बार बादल फटे, लेकिन प्रोटेक्शन दीवार से लाभ हुआ। उन्होंने कहा कि टूरिज्म इंडस्ट्री कुल्लू-मनाली में बंद पड़ी है। नेशनल हाइवे ठीक न होने से लोग नहीं आ रहे हैं।
आपदा प्रभावित लोगों का पुनर्वास सबसे जरूरी
कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने कहा कि हिमाचल में हो रही भारी बारिश और भूस्खलन ने चिंता में डाल दिया है। लोगों के मकान, रास्ते, खेत, बागीचे नष्ट हो गए हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में प्रभावित लोगों का पुनर्वास सबसे अहम है। फोरलेन बनने से लोगों का नुकसान हो रहा है।
: *राजोल से ठानपुरी फोरलेन की अलाइनमेंट अभी फाइनल नहीं, पवन काजल-पठानिया के सवाल पर सरकार का जवाब*
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने विधानसभा में बताया कि कांगड़ा में राजोल से ठानपुरी तक प्रस्तावित फोरलेन की अलाइनमेंट अभी फाइनल नहीं है। इसके लिए तीन विकल्प दिए गए हैं, जिनमें से चयन अभी होना है। इसके तीनों ड्राफ्ट एनएचएआई को भेजे गए हैं। लोक निर्माण मंत्री कांगड़ा से भाजपा विधायक पवन काजल और शाहपुर से कांग्रेस विधायक केवल सिंह पठानिया के सवाल का जवाब दे रहे थे। पवन काजल ने कहा कि इस हिस्से में सात गांव आते हैं और गगल एयरपोर्ट का विस्तार भी हो रहा है। मंत्री ने बताया कि राजोल से ठानपुरी तक के रूट के लिए डीपीआर पर कार्य चल रहा है।
इस मार्ग से प्रभावित होने वाली ग्राम पंचायतों एवं वर्तमान सडक़ों से संबंधित विवरण सक्षम प्राधिकरण की स्वीकृति के उपरांत ही प्रदान किया जा सकेगा। गगल हवाई अड्डे के प्रस्तावित विस्तार के कारण इस परियोजना में देरी हुई है। शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत फोरलेन निर्माण कार्य के दौरान परिसंपतियों को हुए संभावित नुकसान के संबंध में कुल 178 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें से 28 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है और शेष शिकायतों का निपटारा शीघ्र कर दिया जाएगा।
एनएचएआई के अफसर बुलाने पर निर्णय लेंगे स्पीकर
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने एक व्यवस्था का प्रश्न भी उठाया। उन्होंने कहा कि एनएचएआई प्रदेश सरकार के अधीन नहीं आती, इसलिए हमने विधानसभा सचिवालय को भी लिख कर दिया है कि इस तरह के सवालों का क्या करना चाहिए? मंत्री ने कहा कि जो एनएचएआई के अधिकारियों ने ब्रीफिंग दी है, उसके आधार पर वह जवाब दे रहे हैं। इस मसले को अब केंद्र सरकार के समक्ष भी उठाने की जरूरत है। बाद में स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि इस स्थिति का संज्ञान विधानसभा लेगी। यदि जरूरी हुआ तो ब्रीफिंग के लिए एनएचएआई के अधिकारियों को विधानसभा सत्र के दौरान बुलाया जाएगा।
सडक़ों के लिए केंद्र से तीन साल में मिले 3960 करोड़
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सडक़ों के निर्माण व अपग्रेडेशन के लिए हिमाचल प्रदेश को पिछले तीन साल में केंद्र सरकार से 3960 करोड़ रुपए की राशि मिली है। उन्होंने कहा कि हिमाचल ने केंद्र से अपना हक लिया है और आगे भी लेता रहेगा। लगातार केंद्र सरकार के सामने प्रदेश के हक की आवाज को बुलंद करेंगे। मंत्री विक्रमादित्य सिंह विधानसभा में विधायक रीना कश्यप द्वारा शून्यकाल में उठाए एक सडक़ के मामले में जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि सडक़ों के क्षेत्र में मदद के लिए वह केंद्र सरकार का आभार भी जताते हैं, मगर यह हिमाचल का हक है, जो उसे मिलना चाहिए था और मिला है। इस पर विपक्ष के विधायकों ने खूब टेबल बजाए।
कुल्लू-मंडी फोरलेन बंद, वैकल्पिक मार्ग पर पुलिस तैनात
कुल्लू-मंडी फोरलेन मार्ग के अवरूद्ध होने की स्थिति में वैकल्पिक मार्ग कुल्लू से मंडी वाया कंडी कटौला मार्ग पर ट्रैफिक सचारू बनाए रखने के लिए कुल्लू एवं मंडी में पुलिस जवानों की पर्याप्त तैनाती की गई है। इसमें जिला कुल्लू पुलिस द्वारा 22 पुलिस कर्मियों और मंडी जिला पुलिस द्वारा 18 पुलिस कर्मियों सहित दो मोटरसाइकिल राइडर की तैनाती की गई है। विधानसभा के मानसून सत्र में शुक्रवार को मनाली के विधायक भुवनेश्वर गौड़ द्वारा पूछे गए सवाल के लिखित जबाव में इसकी जानकारी दी गई है। जबाव में बताया कि उक्त मार्ग पर ट्रैफिक की निरंतर निगरानी के लिए जिला कुल्लू में कोई पुलिस पोस्ट स्थापित नहीं की गई है।
: *हिमाचल में जल्द मिलेगी पैट स्कैन की सुविधा, कैंसर मरीजों को मिलेगी राहत, हमीरपुर में बन रहा अस्पताल*
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमेटी गठित की है और उन्हीं से हमें पता लगा कि कैंसर के क्षेत्र में कैसे आगे बढऩा है। उन्होंने कहा कि हमीरपुर में 300 करोड़ की लागत से कैंसर अस्पताल खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू शुक्रवार को विधानसभा में गगरेट के विधायक राकेश कालिया और ठियोग के विधायक कुलदीप राठौर के सवाल का जबाव देते हुए बोल रहे थे। गगरेट के विधायक राकेश कालिया ने कैंसर के बढ़ते मामलों के सवाल में पूछा कि कैंसर के लिए सरकार क्या ऊना जिला में भी सेंटर खोलेगी।
इसके अलावा उन्होंने सदन में एक बच्चे का बोनमैरो कैंसर का मामला उठाया और प्रदेश सरकार से बच्चे के इलाज का खर्च उठाने की मांग की। जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के पास जो संसाधन हैं, हम उस बच्चे की मदद के लिए करेंगे। सीएम ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में जल्द ही पैट स्कैन की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि कैंसर के रोग के उपचार के लिए हिमाचल प्रदेश में भी हम एम्स की तर्ज पर टेक्नोलॉजी ला रहे हैं।
: *हिमाचल प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती का डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन शेड्यूल जारी, यहां जानिए पूरी डिटेल*
चार से नौ सितंबर तक अभ्यर्थियों की डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन
लोक सेवा आयोग ने अभ्यर्थियों को जारी किए ई-कॉल लेटर
शिमला के पुलिस लाइन भराड़ी में होगी डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन
हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने हिमाचल प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती के लिए दस्तावेज सत्यापन के लिए ई-कॉल लेटर जारी कर दिए हैं। पुलिस कांस्टेबल भर्ती में पुरुष एवं महिला के पदों के लिए चार से नौ सितंबर तक पुलिस लाइन भराड़ी, जिला शिमला में दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया का आयोजन किया जाएगा। लोक सेवा आयोग ने हिमाचल प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बीते दिनों लिस्ट जारी की थी इसके बाद अब दस्तावेज सत्यापन के लिए ई-कॉल लेटर जारी किए गए हैं। पुलिस भर्ती में महिला कांस्टेबल के 380 पद और पुरुष कांस्टेबल के 708 पद शामिल हैं। पुलिस भर्ती के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट 15 जून 2025 को हुआ था। इसमें अनरिजव्र्ड कैटिगरी के लिए 208 और बाकी पद रिजर्व कैटेगरी के लिए हैं। अब चार से नौ सितंबर तक चयनित अभ्यर्थियों की डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होगी, जिसमें एनसीसी के चार नंबर अति महत्वपूर्ण हैं।
लोक सेवा आयोग की ओर से डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए शेड्यूल जारी किया गया है। इस दौरान चयनित अभ्यर्थियों को दसवीं का सर्टिफिकेट, प्लस टू का सर्टिफिकेट, एनसीसी सर्टिफिकेट, हिमाचल बोनाफाइड सर्टिफिकेट, ऑनलाइन रिक्रूटमेंट एप्लीकेशन फॉर्म, कैटिगरी सर्टिफिकेट, एंपलॉयर से एनओसी और करैक्टर सर्टिफिकेट साथ लाना है। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस भर्ती के लिए मेरिट लिस्ट लोक सेवा आयोग जारी करेगा। लोकसेवा आयोग की सचिव निवेदिता नेगी ने बताया कि पुलिस भर्ती के पदों के लिए अनंतिम रूप से भर्ती किए गए उम्मीदवारों के ई-कॉल लेटर, उम्मीदवारों के लिए निर्देशों सहित, आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं। इसके अलावा संबंधित उम्मीदवारों को उनके संबंधित मोबाइल नंबरों/ई-मेल आईडी पर एसएमएस/ई-मेल के माध्यम से भी सूचित कर दिया गया है। अभ्यर्थी पूछताछ के लिए किसी भी कार्य दिवस पर सुबह दस बजे से सायं पांच बजे तक आयोग कार्यालय के दूरभाष नंबर 0177-2624313/2629739 तथा टोल फ्री नंबर 1800-180-8004 पर संपर्क कर सकते हैं।
: *कांगड़ा का सियासी कद छोटा करने की साजिश*
दो प्रमुख दलों में सरकार-संगठन में घट रहा सियासी वजन, राजनीतिक हिस्सेदारी न मिलना बड़ी चर्चा का विषय
कांगड़ा के सियासी कद को छोटा करने के लिए चल रही साजिशों के बीच राजनीकि गलियारों में बड़ी बहस छिड़ गई है। हिमाचल के दोनों बड़े राजनीतिक दलों में कांगड़ा को अन्य संसदीय क्षेत्र के बराबर राजनीतिक हिस्सेदारी न मिलना इन दिनों बड़ी चर्चा का विषय बना हुआ है। भाजपा की पिछली सरकार हो या फिर पार्टी के प्रमुख पदों यानि उन ओहदों, जिनकी एहमियत पार्लियामेंट्री बोर्ड में होती है, कांगड़ा पिछड़ रहा है। कांग्रेस में भी कुछ ऐसे ही हालत हैं। जिला से दो मंत्री हैं, जिनके विभागों के महत्त्व को लेकर सवाल उठते हैं। भाजपा की जयराम सरकार में कांगड़ा जिला का राजनीतिक रूप से सरकार निर्माण में बहुत बड़ा योगदान था, लेकिन उन पांच वर्षों में कांगड़ा को विकास की दृष्टि कोई बड़ा प्रोजेक्ट नहीं मिल पाया, जिसकी चर्चा पिछले विधानसभा चुनाव में करने के लायक हो। इसी तर्ज पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल की टीम में प्रदेश महामंत्री का पद ही छिन गया।
इतना ही नहीं, प्रदेश अध्यक्ष को लेकर हर बार कांगड़ा जिला से बनाने की डटकर चर्चा होती है, लेकिन बाद में निर्णय कुछ और ही हो जाता है। हैरानी की बात यह है कि 15 विधानसभा क्षेत्रों वाले प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा से पिछले 40 वर्षों से भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष ही नहीं बन पाया, मुख्यमंत्री तो दूर की बात है। पिछले 30 वर्षों में भारतीय जनता पार्टी की तीन बार सरकार बनी, जिसमें दो बार हमीरपुर से प्रो. प्रेम कुमार धूमल और एक बार जयराम ठाकुर मंडी से सीएम बने। इसी तरह खीमी राम कुल्लू से, जय किशन शर्मा ऊना से और उसके बाद सात साल सतपाल सत्ती ऊना से, पिछले छह वर्षों से डा. राजीव बिंदल और सुरेश कश्यप सिरमौर से अध्यक्ष बन रहे हैं। हैरानी तो तब हुई, जब मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष तो दूर की बात, जो प्रदेश महामंत्री का पद था, वह भी छिन गया। इसके विपरीत तीन उपाध्यक्ष बनाकर कांगड़ा को सियासी रूप से ठग लिया। यदि महामंत्री का पद बदलना ही था, तो तीनों उपाध्यक्षों में किसी एक को महामंत्री बनाकर सियासी वैलेंस बनाया जा सकता था। प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में यह बात किसी के भी गले नहीं उतर रही है कि कांगड़ा से छोटा जिला मंडी है, वहां दो महामंत्री और जो सबसे बड़ा जिला है, उससे एक भी महामंत्री क्यों नहीं। (एचडीएम)
कांग्रेस में भी यही स्थिति
भाजपा की बात नहीं कांग्रेस की भी यही स्थिति है। कांग्रेस सरकार बनाने में कांगड़ा का बड़ा योगदान है, लेकिन सरकार में दो मंत्रियों के पास जो विभाग दिए हैं, वो बहुत ज्यादा महत्व नहीं रखते हैं। हमीरपुर जिला में सिर्फ तीन कांग्रेस के विधायक हैं, सरकार में मुख्यमंत्री हैं, ऊना से कांग्रेस के चार विधायक हैं, वहां से उप-मुख्यमंत्री हैं, शिमला से कांग्रेस के सात विधायक, तीन मंत्री पद पर आसीन है। जिस प्रकार से राजनीतिक दल कांगड़ा के साथ भेदभाव कर रहे हैं इसका कांगड़ा के लोगों के मनोबल पर ही नहीं, बल्कि विकास की दृष्टि से भी गहरा असर दिखाई दे रहा है।
: *मतदाताओं के अधिकार की लड़ाई लड़ रहे राहुल, ‘वोट चोर-कुर्सी छोड़’ अभियान की शुरुआत करते हुए बोले सुक्खू*
कांग्रेस मुख्यालय में ‘वोट चोर-कुर्सी छोड़’ अभियान की शुरुआत को पहुंचे मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी मतदाताओं के अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने वोट चोरी के विरुद्ध एक संघर्ष आरंभ किया है और इस अभियान को हिमाचल प्रदेश में भी पूरी ताकत के साथ चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें दो बार चुनावों का सामना करना पड़ा। पहली बार वर्ष 2022 में जनता ने कांग्रेस पार्टी को 40 सीटें दी, लेकिन कुछ लोगों ने लोभ में आकर पार्टी को धोखा दिया और दोबारा चुनाव थोपे गए। लेकिन जनता के आशीर्वाद से कांग्रेस के विधायकों की संख्या फिर से 40 हो गई। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और प्रदेश की जनता का कांग्रेस सरकार का साथ देने के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि जनता का रुझान कांग्रेस पार्टी के प्रति देखने को मिल रहा है और सही नीतियां अपनाकर कांग्रेस पार्टी नया इतिहास रचने में सक्षम है। सीएम सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी एकजुटता के साथ आगे बढ़ रही है और उम्मीद है कि जल्द ही पार्टी कार्यकारिणियां मंडल स्तर तक गठित कर ली जाएंगी। उन्होंने कहा कि भाजपा पांच गुटों में बंटी है और हर गुट शक्ति प्रदर्शन कर रहा है, लेकिन कांग्रेस पार्टी में केवल हाथ का गुट है। कांग्रेस पार्टी सभी गारंटियों को चरणबद्ध तरीक़े से पूरा कर रही है, लेकिन सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन बहाल करने पर केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश पर कई आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए।
राज्य की एडिशनल बॉरोइंग में हर साल 1600 करोड़ रुपए की कटौती की। वहीं राज्य सरकार को लोगों की मदद के लिए वर्ष 2023 में आई आपदा के लिए अपने संसाधनों से 4500 करोड़ रुपए का पैकेज भी दिया। इस सबके बावजूद कांग्रेस सरकार प्रतिबद्धता के साथ हर वादे को पूरा करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज लोकतंत्र पर सवाल खड़े हो रहे है। कई बिल विधानसभा से पास होने के बावजूद महीनों से राजभवन में लंबित हैं और राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी इंतजार कर रही है। वाइस चांसलर की नियुक्ति के लिए बिना सरकार को जानकारी दिए विज्ञापन जारी कर दिया गया और कैबिनेट के अनुरोध को दरकिनार कर विज्ञापन की तिथि को आगे बढ़ा दिया गया। उन्होंने कहा कि आज चुनौतियों हैं और मुझे चुनौतियों से लडक़र लोगों की आवाज़ बनने में मजा आता है। इस अवसर पर एचपीसीसी अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, सह प्रभारी विदित चौधरी और चेतन चौहान, उप मुख्यमंत्री, अन्य कैबिनेट मंत्री, विधायक, पूर्व मंत्री, विधायक और बोर्ड व निगमों के अध्यक्ष व उपाध्यक्षों के साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
: *Himachal Baddi News: पहले रोटी पर थूका फिर तंदूर में सेंकी, एक कर्मचारी गिरफ्तार*
औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में साई रोड स्थित एक चिकन कार्नर से जुड़ा एक घृणित मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में ढाबे पर काम कर रहा युवक पहले रोटी पर थूकता है और फिर उसे तंदूर में सेंकता है। यह वीडियो सामने आते ही लोगों में आक्रोश फैल गया और बद्दी ही नहीं, पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। श्रीराम सेना के संयोजक राजेश जिंदल ने इस संबंध में थाना बद्दी में लिखित शिकायत दर्ज करवाई थी कि उक्त ढाबे पर न केवल मिलावटी खाना परोसा जाता है बल्कि घिनौने तरीके से उसे तैयार किया जाता है। शिकायत और वायरल वीडियो की पुष्टि के बाद थाना बद्दी पुलिस ने ढाबा मालिक और संबंधित कर्मचारी के खिलाफ बीएनएस की धारा 271 व 272 के तहत अभियोग दर्ज कर लिया है।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक कर्मचारी मोहम्मद निजाम को गिरफ्तार कर लिया है। एसपी बद्दी विनोद धीमान ने बताया कि वायरल वीडियो की तस्दीक के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। ढाबा मालिक और कर्मचारी से पूछताछ जारी है और पूरे मामले की गहन जांच चल रही है। ऐसे कृत्य किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सूचना मिलते ही फूड इंस्पेक्टर ने भी ढाबे से खाने के सैंपल लिए हैं।
: *मिट्टी-पत्थरों से बंद किया शिमला-मटौर एनएच, जमीन के मालिक ने सडक़ पर लगाए ढेर, ट्रैफिक वन-वे होने से परेशानी*
मंगरोट में जमीन के मालिक ने सडक़ पर लगाए ढेर, ट्रैफिक वन-वे होने से परेशानी
शिमला-धर्मशाला राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर मंगरोट के पास भूमि विवाद एक बार फिर उत्पन्न हो गया है। एक बार फिर राजन कांत शर्मा निवासी मंगरोट द्वारा इस नेशनल हाई-वे को बाधित कर दिया गया है। अब इस नेशनल हाई-वे पर वन वे ही वाहनों की आवाजाही हो रही है। एनएच पर भारी भरकम मिट्टी और पत्थर के ढेर लगा दिए गए हैं। हालांकि यह विवाद लंबे समय से चला हुआ है। लेकिन इसका कोई भी स्थाई समाधान नहीं हो पाया है। राजनकांत शर्मा द्वारा इसे लेकर कई बार प्रयास किए गए, लेकिन समस्या समाधान नहीं किया गया है।
कई बार यह एनएच मंगरोट के पास बाधित हो चुका है। बताया जा रहा है कि यह मसला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग के ध्यान में है लेकिन फिर इसका स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। इस बारे में एसडीएम सदर (आईएएस) डा. राजदीप सिंह ने कहा है कि उन्हें सूचना मिली है और इस ओर उचित कदम उठाए जा रहे हैं। रजनीकांत शर्मा का कहना है कि उन्हें उनकी भूमि पर कब्जा नहीं दिया जा रहा है। उनकी भूमि लोक निर्माण विभाग के पास पाई गई है, लेकिन अधिकारी इसमें आनाकानी कर रहे हैं। इसके लिए राजस्व विभाग द्वारा निशानदेही भी की गई है। वहीं, रजनीकांत शर्मा की माता सीता देवी शर्मा का कहना है कि उन्हें बेवजह तंग किया जा रहा है।
: *दक्षिण चीन सागर में फिर बढ़ा तनाव, फिलीपींस से भिडऩे की तैयारी में ड्रैगन, समुद्र में भेजे जहाज-ड्रोन*
फिलीपींस से भिडऩे की तैयारी में डै्रगन; समुद्र में भेजे 14 जहाज और घातक ड्रोन, हाई अलर्ट पर सेना
दक्षिण चीन सागर में तनाव एक बार फिर चरम पर है। चीन की बढ़ती आक्रामकता को देखते हुए फिलीपींस सैन्यबलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। चीन ने विवादित सेकंड थॉमस शोल के पास अपने तटरक्षक जहाजों और कई मिलिशिया पोतों को तैनात किया है। फिलीपींस के सैन्य अधिकारियों ने बताया कि चीन ने विवादित दक्षिण चीन सागर के तटवर्ती क्षेत्र में लंबे समय से खड़े फिलीपीन युद्धपोत-बीआरपी सिएरा माद्रे के निकट तटरक्षक जहाजों और कई मिलिशिया जहाजों को तैनात किया है। उन्होंने कहा कि कम से कम 14 चीनी तटरक्षक और संदिग्ध मिलिशिया जहाज उनके युद्धपोत के आसपास निगरानी में देखे गए हैं। चीन की नेवी फोर्स बुधवार को देखी गई थी और गुरुवार को भी क्षेत्र में मौजूद बताई गई है। इनमें से कुछ हाई-कैलिबर हथियारों से लैस हैं और एक शिप पर हेलिकॉप्टर व ड्रोन भी देखे गए हैं। अधिकारी ने बताया कि चीनी सेना को करीब आने से रोकने के लिए सिएरा माद्रे से दो नावों के जरिए फिलीपीन सेना तैनात की गई थी। सेकंड थॉमस शोल को फिलीपींस में आयुंगिन शोल और चीन में रेन आई रीफ के नाम से जाना जाता है।
यह दक्षिण चीन सागर में एक प्रमुख विवादित क्षेत्र है। यह शोल फिलीपींस के 200-नॉटिकल मील विशेष आर्थिक क्षेत्र के भीतर स्थित है, लेकिन चीन इसे अपने नाइन-डैश लाइन दावे के हिस्से के रूप में मानता है। 1999 में, फिलीपींस ने इस क्षेत्र में अपनी संप्रभुता को बनाए रखने के लिए बीआरपी सिएरा माद्रे नामक एक पुराने युद्धपोत को जानबूझकर इस शोल पर तैनात किया था, जो अब एक क्षेत्रीय चौकी के रूप में कार्य करता है। अतीत में, चीन ने बार-बार मांग की है कि फिलीपींस बीआरपी सिएरा माद्रे को शोल से हटा ले। फिलीपींस ने चीन की मांग को मानने से इनकार कर दिया है। फिलीपीन नौसेना के प्रवक्ता रियर एडमिरल रॉय त्रिनिदाद ने बताया कि उनकी कार्रवाइयों और संख्या में वृद्धि के कारण यह चिंताजनक है। अगर स्थिति बिगड़ती है, तो हमारे पास एक आकस्मिक योजना तैयार है। इन सभी बलपूर्वक और आक्रामक कार्रवाइयों के बीच, कमांडर-इन-चीफ का निर्देश बिल्कुल स्पष्ट है… हम अपने क्षेत्र, संप्रभुता और संप्रभु अधिकारों के विरुद्ध किसी भी खतरे से पीछे नहीं हटेंगे।
: *अमरीका के पूर्व सुरक्षा सलाहकार के घर FBI का छापा, भारत पर लगे टैरिफ के लिए की थी ट्रंप की आलोचना*
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व सुरक्षा सलाहकार और अब उनके कट्टर आलोचक जॉन बोल्टन के घर एफबीआई ने छापा मारा। ये कार्रवाई उस घटना के एक दिन बाद हुई, जब बोल्टन ने ट्रंप की भारत के साथ संबंधों की नीति और दंडात्मक टैरिफ लगाने के तरीके की आलोचना की थी। उन्होंने ये भी कहा था कि अमरीका-भारत संबंध इस समय बहुत बुरी स्थिति में हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक छापामारी की कार्रवाई गोपनीय दस्तावेजों के प्रबंधन से जुड़ी जांच के सिलसिले में की गई। हालांकि ट्रंप के पूर्व सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन को न तो हिरासत में लिया गया और न ही अब तक उन पर कोई आरोप लगाया गया है। ट्रंप प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया, लेकिन एफबीआई के निदेशक काश पटेल ने एक क्रिप्टिक पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि कानून से ऊपर कोई नहीं, एफबीआई एजेंट मिशन पर हैं।
: *यूएन ने गाजा में घोषित किया अकाल; कहा, पांच लाख लोग भुखमरी के कगार पर, इजरायल ने बताया झूठा दावा*
संयुक्त राष्ट्र ने शुक्रवार को गाजा में अकाल की घोषणा की। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे 5,00,000 लोग प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि इजरायल और हमास के बीच युद्ध-विराम न होने और मानवीय सहायता की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित न किए जाने पर यह संकट पूरे क्षेत्र में फैल सकता है। संयुक्त राष्ट्र सहायता प्रमुख टॉम फ्लेचर ने कहा कि पश्चिम एशिया में पहली बार आई यह आपदा पूरी तरह से रोकी जा सकती थी। हालांकि, इजरायल ने गाजा में अकाल के दावों को खारिज कर दिया है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने क्षेत्र में भूख से लोगों की मौत की खबरों को हमास की ओर से फैलाया गया झूठ करार दिया है। द इंटिग्रेटेड फूड सिक्योरिटी फेज क्लासिफिकेशन (आईपीसी) ने कहा कि गाजा सिटी में अकाल की स्थिति है और यह संकट अगले महीने के अंत तक दक्षिण में दीर अल-बलाह और खान यूनिस जैसे शहरों तक फैल सकता है।
आईपीसी की यह टिप्पणी सहायता समूहों की ओर से महीनों से दी जा रही उन चेतावनियों के बाद आई है, जिनमें कहा गया है कि इजरायल के गाजा पट्टी में खाद्य एवं अन्य मानवीय सहायता की आपूर्ति बाधित किए जाने और लगातार सैन्य कार्रवाई जारी रखने के कारण फिलिस्तीनी नागरिकों, खासकर बच्चों के लिए भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है। आईपीसी ने पहली बार पश्चिम एशिया के युद्धग्रस्त क्षेत्र में अकाल की स्थिति की पुष्टि की है, जिससे इजरायल पर हमास के साथ युद्ध-विराम समझौता करने का दबाव बढ़ सकता है।
: *बिना स्पांसर एशिया कप खेलेगा भारत, अपना रियल मनी कारोबार समेट रही ड्रीम-11 कंपनी*
ऑनलाइन गेमिंग बिल पास होने के बाद फैसला
भारत की सबसे बड़ी फैंटेसी गेमिंग कंपनी ड्रीम-11 अपना रियल मनी गेमिंग कारोबार बंद करने जा रही है। कुछ मीडिया रिपोट्र्स में ये दावा किया गया है। यह फैसला भारत सरकार द्वारा हाल ही में पास किए गए ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 के बाद लिया गया है। इस बिल के तहत ऑनलाइन रियल मनी गेम्स पर पूरी तरह से पाबंदी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ड्रीम11 की पेरेंट कंपनी ड्रीम स्पोट्र्स ने यह जानकारी अपने कर्मचारियों को 20 अगस्त को एक इंटरनल टाउनहॉल मीटिंग में दी। ड्रीम-11 भारतीय क्रिकेट टीम और आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट्स का प्रमुख स्पांसर रहा है।
ऐसे में ये खबरें है कि टीम इंडिया एशिया कप में बिना स्पॉन्सर के खेलेगी। कंपनी अब अपने नॉन-रियल मनी गेमिंग वेंचर्स पर फोकस करेगी। इसमें स्पोट्र्स ड्रिप और फैनकोड शामिल है। इसके अलावा, कंपनी अपनी दूसरी इनवेस्टमेंट्स जैसे विलो टीवी और क्रिकबज को बढ़ाने और विदेशी बाजारों में विस्तार पर ध्यान देगी।
ड्रीम-11 की 67 फीसदी कमाई रियल मनी सेग्मेंट से
ड्रीम-11 का रियल मनी गेमिंग सेग्मेंट कंपनी की कुल कमाई का 67 फीसदी हिस्सा है। यानी, कंपनी की ज्यादातर कमाई फैंटेसी क्रिकेट जैसे गेम्स से आती थी। यहां यूजर्स पैसे लगाकर अपनी टीमें बनाते थे और जीतने पर कैश प्राइज पाते थे। नए बिल के तहत ये गेम्स अब गैरकानूनी हो गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के सीईओ हर्ष जैन ने कर्मचारियों को बताया कि नए कानून के तहत रियल मनी गेमिंग को जारी रखने का कोई कानूनी रास्ता नहीं है। इस वजह से ड्रीम-11 ने अपने इस कोर बिजनेस को बंद करने का फैसला किया।
: *पहले प्रेम का चक्कर चलाया, फिर बलात्कार के मामले में फंसाया*
प्रेमी के शादी से मना करने पर थाने पहुंची दो बच्चों की मां
मंडी जिला के एक निजी अस्पताल में काम करने वाली शादीशुदा महिला ने साथी कर्मचारी पर दुष्कर्म के आरोप लगाए है। महिला ने पहले खुद प्रेम का चक्कर चलाया और बाद में प्रेमी द्वारा शादी न करने पर दुराचार करने का आरोप जड़ते हुए एफआईआर दर्ज करवा दी। बल्ह थाना से होता हुआ यह मामला मंडी महिला थाने तक भी आया और उसके बाद जांच के लिए एएसपी सागर चंद की दहलीज पर पहुंच गया। प्रेमी पर दुराचार का आरोप लगाने वाली महिला बल्ह क्षेत्र से है। महिला ने पति के साथ थाने में प्रेमी के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है।
महिला ने जिस पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है वह अभी अविवाहित है और खुद दो बच्चों की मां है। पति को छोडक़र दूसरी शादी का सपना देख रही महिला को जब युवक ने शादी करने से मना कर दिया तो वह थाने पहुंच गई और दुष्कर्म का आरोप लगाकर केस दर्ज करवाया। एएसपी सागर चंद ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। मंडी महिला थानाध्यक्ष तनुजा ने बताया कि बल्ह क्षेत्र की एक 26 साल की महिला ने प्रेमी पर दुराचार करने के आरोप लगाए हैं। इस मामले में केस पंजीकृत किया गया है। मामले की जांच एएसपी कर रहे हैं।
: *पालमपुर के पूर्व अधिकारी से 50 लाख की चपत, ऑनलाइन ट्रेडिंग पर पैसा दोगुना करने का लालच देकर शातिरों ने की ठगी*
साइबर ठगों की ओर से ऑनलाइन ट्रेडिंग सहित दर्जनों तरीकों से लोगों को लूटने का सिलसिला थमने की बजाय लगातार आगे बढ़ रहा है। ताजा मामले में प्रदेश के जिला कांगड़ा के पालमपुर के पूर्व अधिकारी को शातिरों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग में दोगुना राशि देने के झांसे में लेकर 50 लाख रुपए की चपत लगा दी है। पहले से ट्रेडिंग करने वाले व्यक्ति ने इस मतर्बा दस से 11 ट्रांजेक्शन में शातिरों को मोटी रकम उनके अकांउट में जमा करवा दी, जबकि इसके बदले में कोई भी लाभ व रिफंड नहीं मिला। अब ठगी का एहसास होने पर साइबर थाना धर्मशाला में मामला दर्ज करवाया गया है, जिसमें नॉर्थ जोन की ओर जांच तेज कर दी गई है। ऑनलाइन ट्रेडिंग में दोगुना राशि का झांसा देकर जिला के पालमपुर उपमंडल क्षेत्र के एक व्यक्ति से शातिरों ने 49 लाख 65 हजार रुपए की ठगी की है। एक माह के भीतर ही व्यक्ति ने यह राशि शातिरों के खाते में जमा करवाई है।
ऑनलाईन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में राशि निकालने के दौरान उनको पैसे वापस न मिलने पर ठगी का अहसास हुआ। इस पर शुक्रवार को पूर्व अधिकारी ने साइबर क्राइम थाना धर्मशाला में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह पहले भी ट्रेडिंग में राशि लगाते थे, लेकिन कुछ समय से इसे बंद कर दिया था। शातिर के झांसे में आकर उन्होंने अगस्त के मध्य तक ही 10-11 ट्रांजेक्शन के माध्यम से 49 लाख 65 हज़ार रुपए की राशि का निवेश किया। इसी माह जब उन्होंने अपनी राशि निकालने के लिए प्रयास किए तो यह नहीं निकली, तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ ।
लोगों को बार-बार जागरूक करने के बाद भी बढ़ रहे ठगी के मामले
एएसपी नोर्थ जोन साइबर क्राइम थाना धर्मशाला प्रवीण धीमान ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर खातों की जांच की जा रही है। लगातार लोगों को किसी भी झांसे व दोगुना पैसे घर बैठे कमाए जाने संबंधित कार्यों को लेकर हिदायतें दी जा रही है। बावजूद इसके लोग लगातार बड़ी ठगी का शिकार बन रहे हैं।
: *Himachal News: रिज पर पैसों की बारिश, युवक ने हवा में उड़ाए 19 हजार रुपए*
दोस्तों के साथ शिमला घूमने आए आया युवक मानसिक रूप से बीमार
राजधानी शिमला के रिज पर शुक्रवार दोपहर बाद पैसों की बारिश हो गई। दिल्ली से शिमला घूमने आए एक युवक ने रिज पर वेटिंग ट्री के समीप करीब 19 हजार से ज्यादा रुपए के नोट रिज पर बिखेर दिए। युवक की इस घटना के बाद रिज पर मौजूद लोग दंग रह गए। इस दौरान रिज पर गश्त कर रहे पुलिस के जवानों ने जब युवक को पैसे बिखेरते हुए देखा तो उसे तुरंत मालरोड पर स्थित पुलिस कंट्रोल रूम ले जाया गया।
दूसरी ओर रिज पर बिखरे पैसे को स्थानीय युवकों की मदद से एकत्र किया गया। पुलिस कंट्रोल रूम में युवक से पूछताछ के दौरान पता चला किया युवक की मानसिक हालत थोड़ी बिगड़ी हुई थी। वह अपने दोस्तों के साथ शिमला घूमने आया था। उसने काफी समय से वह राशि एकत्र की थी। युवक ने पुलिस को बताया कि शिमला आकर जरूरतमंदों को वह यह पैसे देना चाहता था। जैसे ही रिज पर उसके दोस्त उससे थोड़ा अलग हुए थे उसने रिज मैदान पर करीब पैसों की बारिश कर दी। बाद में जब पुलिस ने यह पैसे एकत्र इसकी गिनती की तो यह राशि 19 हजार के ज्यादा निकली।
: *हिमाचल को 2326 करोड़ का नुकसान, 316 सडक़ें बंद,110 टांसर्फामर और 131 पेयजल स्कीमें ठप*
हिमाचल प्रदेश को बरसात से अभी तक करीब 2326 करोड़ का नुकसान पहुंच गया है। प्रदेश में अभी भी 316 सडक़ें और एक एनएच 305 बंद हैं। बिजली ट्रांसफार्मर की बात करें, तो प्रदेश में 110 बिजली ट्रासफार्मर बंद पड़े हैं। इससे हजारों लोगों के घरों की बिजली गुल है। वहीं पेयजल की समस्या भी हजारों लोगों को आ रही है। पूरे प्रदेश की बात करें तो 131 पेयजल स्कीमें बंद पड़ी हैं, जिन्हें दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है, लेकिन लैंड स्लाइड और नाले उफान के कारण कई पेयजल पाइपें भी टुटी हैं, जिन्हें दुरुस्त करने में अभी काफी समय लगने वाला है। बिलासपुर में दो सडक़ें बंद हैं। चंबा की बात करें तो यहां पर चार सडक़ें, दो ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं। कांगड़ा में 23 सडक़ें, आठ ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं।
कुल्लू में एनएच 305 और एक मुख्य सडक़ बंद है। इसके अलावा यहां पर 77 ट्रांसफार्मर और 75 पेयजल स्कीमें बंद पड़ी हैं। लाहुल-स्पीति की बात करें, तो यहां एक सडक़, एक ट्रांसफार्मर और दो पेयजल स्कीमें बंद हो गई हैं। मंडी में अभी भी 157 सडक़ें, 15 बिजली ट्रांसफार्मर और 43 पेयजल स्कीमें बंद हो गई हैं। शिमला में छह सडक़ें एक ट्रांसफार्मर बंद हैं। सिरमौर में छह सडक़ें बंद हैं। ऊना में दस सडक़ें बंद हो गई हैं। बरसात से 295 लोगों की मौत हो गई है और 350 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इसके अलावा 37 लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तालाश की जा रही है।
: *द्रंग-पनापर स्कीम भी पूरी हो जाएगी, परमार बुलाएं तो सही : अग्रिहोत्री*
जलशक्ति विभाग देख रहे उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने विधानसभा में बताया कि जल शक्ति विभाग में वर्तमान में 11143 पंजीकृत ठेकेदार हैं। इन्हें अभी तक जल शक्ति विभाग में 92619 कार्य दिए गए हैं। यह सारे काम 6605 करोड़ के हैं। इनमें से 74336 कार्य पूरे हो चुके हैं और इसके बदले करीब 4000 करोड़ की राशि जारी की जा चुकी है।
शेष 18253 कम जब पूरे हो जाएंगे, तो बची हुई 2477 करोड़ रुपए की पेमेंट भी विभाग कर देगा। विधानसभा में यह सवाल भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने पूछा था। परमार ने पूछा कि उनके चुनाव क्षेत्र सुलाह में द्रंग से पनापर पेयजल योजना थुरल डिवीजन के तहत बन रही है, लेकिन वर्तमान सरकार में इसका काम ही पूरा नहीं हो पा रहा है, न ही ये कमीशन हो पाई है। इसके जवाब में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि यह स्कीम एनडीबी प्रोजेक्ट के तहत बन रही है, लेकिन परमार जी सरकार से किसी को बुलाने से परहेज कर रहे हैं। या तो सीएम को बुलाओ या हमें बुलाएं तो यह स्कीम भी चल पड़ेगी।
: गेमिंग एप बिल के बाद Dream11 द्वारा जारी किया गया बयान
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आज सुबह, हमने ड्रीम11 पर सभी भुगतान वाले contests बंद कर दिए हैं और पूरी तरह से एक फ्री-टू-प्ले ऑनलाइन सोशल गेम पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
जब हमने 18 साल पहले एक स्पोर्ट्स टेक कंपनी के रूप में अपनी यात्रा शुरू की थी, तब हम USA फैंटेसी स्पोर्ट्स इंडस्ट्री के 1% के भी बराबर नहीं थे। Dream11 का फैंटेसी स्पोर्ट्स प्रोडक्ट पूरे भारत के लिए "Make Sports Better" के हमारे तरीके से बनाया गया था। इस जुनून, विश्वास, और भारतीयों द्वारा, भारत के लिए, 'मेड इन इंडिया' की भावना के साथ, हम दुनिया का सबसे बड़ा फैंटेसी स्पोर्ट्स प्लेटफ़ॉर्म बन गए हैं।
हम हमेशा से कानून का पालन करने वाली कंपनी रहे हैं और हमेशा रहेंगे, और हमने हमेशा कानून के दायरे में रहकर अपना व्यवसाय चलाया है। जबकि हमारा मानना है कि प्रगतिशील नियमन ही सही रास्ता होता, हम कानून का सम्मान करेंगे और "ऑनलाइन गेमिंग कानून का प्रचार और नियमन, 2025" का पूरी तरह से पालन करेंगे।
हम ड्रीम स्पोर्ट्स फाउंडेशन के साथ-साथ, DreamSetGo और Dream Game Studios जैसे अद्भुत स्पोर्ट्स टेक व्यवसायों का एक पोर्टफोलियो रखन
: *हिमाचल के सभी सरकारी स्कूलों में रेफरेंस और हेल्प बुक (कुंजी/गाइड) के इस्तेमाल पर पूर्णत रोक लगा दी गई है। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आज सभी डिप्टी डायरेक्टर को पत्र लिखा है। इसमें सभी स्कूलों के मुखिया को इन आदेशों पर अमल करने को कहा गया है।*
: *पहले जमकर पी शराब, फिर दुष्कर्म के बाद कर दी बुजुर्ग महिला की हत्या, पुलिस जांच में खुलासा*
*चंबा जिले के कुठेड़ स्कूल परिसर में 63 वर्षीय महिला की निर्मम तरीके से हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है।*
हिमाचज प्रदेश के चंबा जिले के कुठेड़ स्कूल परिसर में 63 वर्षीय महिला की निर्मम तरीके से हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। *पुलिस ने हत्या के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है जबकि दूसरे की धरपकड़ के लिए पुलिस टीम कांगड़ा गई है। शनिवार को गिरफ्तार युवक को डलहौजी न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।* दोनों आरोपी स्थानीय निवासी हैं।
पुलिस को दिए बयान में हत्या के आरोपी नरेश उर्फ राकेश (40) निवासी कुठेड़ ने बताया कि उसने और नवनीत उर्फ भबरा ने गांव के एक मंदिर में भंडारे के बर्तन धोकर घर लौटते वक्त शराब पी। घर के आंगन में बुजुर्ग महिला को देख नवनीत ने उसे उठाकर ले जाने की बात कही। इसके बाद बुजुर्ग महिला को उठाकर वह स्कूल परिसर में ले गए। जहां पर नवनीत ने महिला के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसे गला दबाकर मार डाला। साथ ही उसके साथ दरिंदगी की सभी हदें पार कर दी। फिर वे वहां से भाग गए।
नवनीत वहां से अपने रिश्तेदार के पास कांगड़ा चला गया। पुलिस की छानबीन के बाद नरेश कुमार ने पंचायत प्रतिनिधि के समक्ष अपना जुर्म कबूलते हुए नवनीत को ही इस जुर्म का कसूरवार बताया। महिला की निर्मम हत्या करने के पीछे रहे मुख्य कारणों की वजह का पता चलाना चुनौती है। बताया जा रहा है कि मृतका के बेटे के साथ रक्षाबंधन के दिन दोनों आरोपियों समेत दो अन्य लोगों ने मारपीट भी की थी। मारपीट के दौरान एक आरोपी उसे जान से मारने की धमकी तक दे रहा था।
बुजुर्ग महिला की हत्या की गुत्थी सुलझा ली गई है। एक आरोपी को पकड़ लिया गया है, जबकि दूसरे की धरपकड़ के लिए टीम कांगड़ा रवाना की गई है। *-योगराज चंदेल, डीएसपी चुवाड़ी*
: हिमाचल सरकार ने पशुपालन विभाग में 'पशु मित्र पॉलिसी-2025' को नोटिफाई कर दिया है। अब क्लास फोर पदों पर पशु मित्र (मल्टी टॉस्क वर्कर) रखे जाएंगे जिन्हें 5000 रुपए प्रतिमाह मानदेय मिलेगा..
: *हिमाचल में पशु मित्र बनने के लिए 25Kg वजन के साथ 100 मीटर की दौड़ एक मिनट में करनी होगी पूरी, 5000 रुपये मानदेय मिलेगा 4 घंटे देनी होगी ड्यूटी*
: अगले 12 घंटों में बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन और ऊना जिलों में
➡️ कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा
➡️ कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है।
: *पशु मित्र को प्रतिमाह 5000 रुपए मानदेय, चार घंटे काम, 500 पद भरेगी सरकार, ऐसे होगा चयन*
25 किलो वजन उठाकर लगानी होगी 100 मीटर की दौड़
पशु मित्र बनने के लिए उम्मीदवारों को 25 किलो वजन के साथ 100 मीटर की दौड़ एक मिनट में तय करनी होगी। नियुक्त पशु मित्र प्रतिदिन चार घंटे कार्य करेंगे और उन्हें 5000 रुपए प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। प्रदेश सरकार ने पशु मित्र नीति-2025 को अधिसूचित कर दिया है। शुरू में इस नीति के तहत 500 पद भरे जाएंगे। इस नीति के तहत प्रदेश में मल्टी टास्क वर्कर पशुपालन विभाग को पशु मित्र के रूप में नियुक्त किया जाएगा। राज्यपाल से स्वीकृति के बाद जारी की गई पशु मित्र नीति अधिसूचना के अनुसार पशु मित्र ग्रामीण स्तर पर पशुपालकों की मदद करेंगे, जिससे पशुधन प्रबंधन मजबूत होगा और युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। इस नीति का मुख्य उद्देश्य पशुपालन क्षेत्र को और सशक्त बनाना है। यह क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार माना जाता है और बड़ी संख्या में लोग इस पर निर्भर हैं। पशु मित्र स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर पशुओं की देखभाल, इलाज, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, चारा प्रबंधन, बीमार व नवजात पशुओं की संभाल और मृत पशुओं के निस्तारण जैसे कार्यों में सहयोग करेंगे। पशुपालन विभाग के सचिव रीतेश चौहान ने इस बारे में आदेश जारी किए हैं। पशु मित्रों को पशुओं की देखभाल, टीकाकरण, पशुशालाओं व फार्मों की सफाई, मृत पशुओं का निपटान, पोल्ट्री व भेड़ फार्म में कार्य और प्रयोगशालाओं में सहयोग जैसे कार्य सौंपे जाएंगे।
नियुक्ति से पहले उन्हें 10 दिन का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। पशुधन ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की आजीविका का प्रमुख साधन है। पशु मित्रों की नियुक्ति से न केवल पशुधन प्रबंधन में स्थानीय समुदायों की भागीदारी बढ़ेगी, बल्कि पशुपालकों को चिकित्सा सेवाएं, जागरूकता और रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। इससे आवारा पशु समस्या और मानव-पशु संघर्ष जैसे मुद्दों से निपटने में भी मदद मिलेगी। चयनित पशु मित्र को अंशकालिक आधार पर कार्य करना होगा और उन्हें 5000 रुपए प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। इसके अलावा उन्हें वार्षिक 12 दिन की छुट्टी और महिला कर्मियों को मातृत्व अवकाश की सुविधा भी दी जाएगी। नियुक्ति से पहले पशु मित्रों को 10 दिन का प्रशिक्षण नजदीकी पशु चिकित्सालय में दिया जाएगा। पशु मित्र पद के लिए अभ्यर्थी हिमाचल प्रदेश का वास्तविक निवासी होना चाहिए और संबंधित ग्राम पंचायत/शहरी निकाय क्षेत्र का निवासी होना आवश्यक है। न्यूनतम शैक्षिक योग्यता 10वीं पास तय की गई है। अभ्यर्थी की आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए और उसे शारीरिक परीक्षण पास करना अनिवार्य होगा। उम्मीदवार शारीरिक रूप से स्वस्थ और कार्य करने में सक्षम होना चाहिए। पशुपालन गतिविधियों का अनुभव रखने वालों को वरीयता दी जाएगी।
ऐसे होगा चयन
पशु मित्रों का चयन उपमंडल स्तरीय समिति द्वारा किया जाएगा। चयन मेरिट और शारीरिक परीक्षा के आधार पर होगा। उम्मीदवारों को 25 किलो वजन को 100 मीटर तक एक मिनट में उठाकर ले जाने की क्षमता साबित करनी होगी। मेरिट सूची में शैक्षणिक योग्यता, पशुपालन का अनुभव, सामाजिक-आर्थिक स्थिति जैसे बीपीएल, विधवा, अनाथ और एनसीसी/ खेल उपलब्धियों को अंक दिए जाएंगे। चयनित अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के बाद नियुक्त किया जाएगा।
शिमला, कांगड़ा और मंडी को सबसे ज्यादा पद
प्रदेश सरकार ने पशु मित्र नीति-2025 को अधिसूचित करने के साथ शनिवार को पशु मित्रों के 500 पद अधिसूचित कर दिए हैं। पशु पालन विभाग के निदेशक डा. संजीव कुमार धीमान ने इस बारे आदेश जारी किए हैं। पशु मित्रों के 500 पदों में बिलासपुर में 17, भरमौर में छह, पांगी में पांच, चंबा में 29, हमीरपुर में 28, धर्मशाला में 72, पालमपुर में 16, किन्नौर में 13, कुल्लू में 14, लाहुल-स्पीति में तीन, काजा में दो, मंडी में 67, शिमला में 78, ज्यूरी में पांच, सिरमौर में 37, सोलन में 37 और ऊना जिला में 36 पद भरे जाएंगे।
: *मोबाइल पर सम्मन भेजेगी अदालत, नए कानून के तहत अब होगी नई व्यवस्था, ई-कोर्ट-ई-पेशी पर करेंगे काम*
नए कानून के तहत अब होगी नई व्यवस्था, ई-कोर्ट और ई-पेशी पर करेंगे काम
नए कानून के तहत अब अदालतें अपराधियों को ई-सम्मन जारी करेंगी। इसके अलावा अदालत नए कानून के तहत ई-कोर्ट और ई-पेशी पर काम करेंगी। प्रदेश सचिवालय में शनिवार को नए कानून लागू करने पर आयोजित बैठक में केंद्रीय गृह सचिव ने इसकी जानकारी दी। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने हिमाचल प्रदेश में साइबर फोरेंसिक लैब खोलने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए केंद्रीय गृह सचिव ने डीआईजी साइबर क्राइम साइबर फोरेंसिक लैब का प्रोपोजल भेजने को कहा है। साइबर फोरेंसिक लैब खुलने से साइबर क्राइम से जुड़े मामले को जल्द हल करने में मदद मिलेगी। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने शनिवार को प्रदेश सचिवालय में अधिकारियों के साथ हिमाचल प्रदेश में नए कानून लागू करने को लेकर एक अहम बैठक की। बैठक में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने अधिकारियों के साथ बीएनएस, साइबर अपराध, फोरेंसिक विज्ञान, अभियोजन, आपदा प्रबंधन, मादक पदार्थ, पुनर्वास केंद्र आदि पर चर्चा की। बैठक में केंद्रीय गृह सचिव ने हिमाचल प्रदेश पुलिस के कार्य को सराहा और ई-सम्मन, ई-कोर्ट, ई-पेशी और जीरो एफआईआर पर कार्य करने के लिए कहा। उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों को नए कानून पर पुलिस कर्मियों ट्रैनिंग करवाने के लिए कहा। इससे पहले सुबह 10 से 10:30 बजे तक केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने आपदा मित्र स्वयंसेवकों के साथ बातचीत की। उन्होंने आपदा मित्र स्वयंसेवकों के काम को भी सराहा। इसके अलावा बैठक में फोरेंसिक साइंस पर भी चर्चा की गई और फोरेंसिक एक्सपर्ट को क्राइम के मामलों में मौके पर जाकर जांच करने के लिए कहा। नए कानून लागू करने पर की आयोजित इस बैठक में केंद्रीय गृह सचिव ने नारकोटिक्स के मामलों पर भी चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश में नशा मुक्त स्कूल खोलने के निर्देश दिए। इसके बाद केंद्रीय गृह सचिव ने बैठक में साइबर क्राइम के मामलों पर भी अधिकारियों से चर्चा की।
साइबर क्राइम के मामलों पर डीआईजी मोहित चावला ने बैठक में जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश में साइबर क्राइम के मामलों रिकवरी तीन प्रतिशत से बढक़र अब 22 प्रतिशत हुई है। उन्होंने बताया कि बीते माह में उनकी टीम ने साइबर ठगी के मामलों में 28.5 प्रतिशत रिकवरी की है। केंद्रीय गृह सचिव साइबर सैल की टीम के कार्यों को सराहा और प्रदेश में साइबर फोरेंसिक लैब खोलने के लिए अधिकारियों को प्रपोजल भेजने को कहा। बैठक में केंद्रीय गृह सचिव ने पुलिस के आधुनिकरण पर जोर दिया। बैठक में केंद्रीय गृह सचिव ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बढ़ रही बादल फटने और बाढ़ की घटानाओं के करणों का पता लगाने के लिए एनडीआएफ की टीम भेजी जाएगी। प्रदेश सचिवालय में नए कानून पर आयोजित की गई बैठक में अतिरिक्त सचिव डीएम/पीएम संजीव कुमार जिंदल, संयुक्त निदेशक डब्लयूएस लोखंडे प्रशांत सीताराम, अनिल सुब्रमण्यम संयुक्त सचिव (आईएस-1), सुषमा चौहान, संयुक्त सचिव (पी-टू),आलोक रंजन महानिदेशक, बीपीआरएंडडी/ निदेशक (एनसीआरबी), अनुराग गर्ग, महानिदेशक (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो), रवि जोसेफ लोक्कू, अतिरिक्त महानिदेशक बीपीआरएंडडी, शशिकांत शर्मा डिप्टी डायरेक्टर जनरल एनआईसी, संयुक्त निदेशक आईबी, हरीश चंद्र राय, उप सचिव समन्वय और प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, गृह सचिव केेके पंत, प्रधान सचिव वित्त विभाग देवेश कुमार, निदेशक आपदा प्रबंधन डीसी राणा, डीजीपी अशोक तिवारी, एडीजीपी अभिषेक त्रिवेदी, डीआईजी मोहित चावला सहित अन्य उपस्थित रहे।
ई-सम्मन कानूनी आदेशों का डिजिटल तरीका
ई-सम्मन कानूनी आदेशों का एक डिजिटल तरीका है, जिसमें न्यायालय द्वारा जारी किए गए सम्मन और वारंट इलेक्ट्रॉनिक रूप से पुलिस और संबंधित अधिकारियों को भेजे जाते हैं, जो फिर उन्हें मोबाइल उपकरणों के माध्यम से संबंधित व्यक्तियों तक पहुंचाते हैं। यह न्यायिक प्रक्रिया को तेज करता है, समय की बचत करता है और पारंपरिक सम्मन भेजने में आने वाली बाधाओं को दूर करता है, जिससे डिजिटल रूप में आदेशों का त्वरित और प्रभावी पालन सुनिश्चित होता है।
: *अब देर न करें, जल्द हो कांग्रेस संगठन का गठन, कांग्रेस प्रभारी से मिले नेताओं ने रखी मांग, हलचल तेज*
himachal congress
चीफ रिपोर्टर-शिमला
शिमला आई कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल से नेताओं की मुलाकात के बाद कांग्रेस संगठन के गठन को लेकर हलचल तेज हो गई है। संगठन के मामलों को लेकर उन्होंने विशेष रूप से नेताओं से बात की है। शनिवार सुबह मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सिसिल होटल में पहुंचकर करीब दो घंटे तक रजनी पाटिल से मुलाकात की और उनके जाने के बाद यहां विधायक एवं पूर्व अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर भी रजनी पाटिल से मुलाकात को पहुंचे। इसे बाद दोपहर में रजनी पाटिल वापस चंडीगढ़ चली गईं जहां से उन्हें दिल्ली लौटना है।वैसे रजनी पाटिल यहां वोट चोर कुर्सी छोड़ अभियान में शामिल होने के लिए आई थीं, जिनसे गत शुक्रवार को भी कई नेताओं ने मुलाकात की।
सभी नेताओं ने पार्टी की बैठक में भी संगठन के गठन को लेकर चर्चा की वहीं विधायक दल की बैठक में भी यही कहा गया है कि प्रदेश कार्यकारिणी का ऐलान जल्द कर दिया जाए, जिसमें काफी देरी हो चुकी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े व राहुल गांधी से भी बैठक हो चुकी है मगर नतीजा नहीं निकल पाया। अभी थोड़ा इंतजार और करना होगा, लेकिन कितना यह कहा नहीं जा सकता।
सीएम के सुझाए नामों पर एतराज
पार्टी सूत्रों की मानें तो नए अध्यक्ष को लेकर गुटबाजी की वजह से हाईकमान फैसला नहीं ले पा रहा है। मुख्यमंत्री अपनी पसंद का अध्यक्ष चाह रहे हैं। उन्होंने मंत्री अनिरुद्ध सिंह, विधायक संजय अवस्थी, सुरेश कुमार और विनोद सुल्तानपुरी का नाम अध्यक्ष पद के लिए आगे किया है। इन नामों पर दूसरे धड़े को एतराज है। सीएम ने कहा है कि उन्होंने किसी का नाम नहीं दिया है।
राठौर जिम्मेदारी को तैयार नहीं
इनके अलावा हॉली लॉज समर्थक माने जाने वाले कुलदीप राठौर का नाम भी सामने है। आशीष बुटेल और विनय कुमार का नाम भी अध्यक्ष की रेस में है। बीते दिनों दिल्ली में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खडग़े के साथ हुई मीटिंग के बाद शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर का नया नाम अध्यक्ष पद की रेस में आया है। पार्टी हाईकमान कुलदीप राठौर को फिर से अध्यक्ष पद की कमान सौंपना चाह रहा है। मगर राठौर इस जिम्मेदारी को तैयार नहीं है।
: *चार दिन के लिए धीमा पड़ेगा मानसून, 27 तक कुछ जिलों में ही यलो अलर्ट, जानिए अपने जिले का हाल*
Himachal Weather:
27 तक कुछ जिलों में ही यलो अलर्ट; कांगड़ा, मंडी, सिरमौर में भारी बारिश की चेतावनी
राजधानी शिमला समेत प्रदेश के कुछ इलाकों में शनिवार को दोपहर तक धूप खिली रही और दोपहर बाद झमाझम बारिश हुई। मौसम विभाग के मुताबिक 27 अगस्त तक अब मानसून की रफतार धीमी पड़ेगी, क्योंकि मौसम विभाग ने मात्र एक दो जिलों में ही यलो अलर्ट दिया है और शेष जिलों के लिए कोई चेतावनी नहीं है। तीन जिलों में ऑरेंज अलर्ट है, जिसके तहत कांगड़ा, मंडी व सिरमौर के कुछ इलाकों में जोरदार बारिश हो सकती है। मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए पूर्वानुमान के अनुसार 24 अगस्त को मंडी व शिमला में यलो अलर्ट रहेगा, जहां पर कुछ स्थानों में भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा शेष सभी जिलों के लिए कोई चेतावनी नहीं है। यहां पर हलकी या मध्यम बारिश हो सकती है। इसी तरह से 25 अगस्त की बात करें, तो शिमला व सिरमौर दो जिलों में ही यलो अलर्ट रहने वाला है। शेष में कई जगहों पर मौसम साफ रहेगा, वहीं कुछ जगहों पर मध्यम से हलकी बारिश दर्ज की जा सकती है। 26 अगस्त को ऊना व मंडी जिलों के कई स्थानों पर बारिश हो सकती है, जहां पर भारी बारिश के लिए यलो अलर्ट दिया गया है।
शेष सभी जिलों में मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने 27 अगस्त को कहीं पर भी चेतावनी नहीं दी है। यहां कई जगहों पर धूप भी खिल सकती है और कुछ जगहों पर हलकी बारिश होने की संभावना है। शनिवार की बात करें, तो राजधानी शिमला में दोपहर तक मौसम साफ था और धूप भी खिली। सुबह से ही यहां धूप खिली थी, लेकिन दोपहर में बारिश हो गई। दोपहर में करीब एक घंटे तक जोरदार बारिश हुई, वहीं इसके बाद फिर से मौसम खुल गया, मगर शाम को मौसम फिर से खराब हो गया। राज्य में पिछले 24 घंटों की बात करें, तो जिन स्थानों पर बारिश हुई है उनमें नालागढ़, नादौन, जोगिंद्रनगर, जतौन बैराज, नगरोटा सूरियां, भरवाईं, कांगड़ा, धौलाकुआं, नयनादेवी, पांवटा, चुवाड़ी, धर्मशाला व नाहन में बारिश हुई है।
राज्य को 23.47 करोड़ की चपत
मानसून के चलते हिमाचल प्रदेश को अभी तक 23.47 करोड़ का नुकसान हुआ है। बरसात से प्रदेश में सडक़ें, बिजली ट्रांसफार्मर, पेयजल योजनाओं को काफी क्षति पहुंची है।
: *मुख्यमंत्री से मिलीं आशा कुमारी, गिले-शिकवे दूर, CM सुक्खू ने डाक्टरों के खाली पद भरने का दिया आश्वासन*
सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने डाक्टरों के खाली पद भरने का दिया आश्वासन
कांगे्रस पार्टी की दिग्गज नेता आशा कुमारी ने कुछ दिन पहले कांग्रेस की सियासत में हलचल मचा दी थी। इस हलचल के बाद कई तरह की बातें राजनीतिक गलियारों में होनी शुरू हो गई थी लेकिन शनिवार को शिमला में आशा कुमारी की सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात हुई और इस मुलाकात के बाद नाराजगी भी दूर हो गई। सोशल मीडिया अकाउंट में बाकायदा आशा कमारी ने एक पोस्ट डाली और कहा कि डलहौजी में जल्द ही डाक्टरों की तैनाती हो जाएगी। वहां पर जो भी खाली पद हैं उनको भर दिया जाएगा, जिसके लिए सीएम सुक्खू ने हामी भरी है। जो पोस्ट आशा कुमारी ने डाली उसमें एक सूची शामिल है, जिसमें बताया गया कि डलहौली विधानसभा में स्वास्थ्य संस्थानों में कितनी रिक्तियां हैं। डलहौजी के विधायक ने भी इनका उल्लेख किया था और स्थिति बताई थी परंतु शनिवार को आशा कुमारी ने सीएम से मुलाकात कर सभी पदों को भरने को कहा।
किहार में डॉक्टरों के दस पद स्वीकृत हैं, लेकिन दस के दस पद खाली हैं। सलूणी में स्वीकृत आठ पदों में से सात खाली हैं जबकि पीएचसी दयोर में एक स्वीकृत पद है और वही खाली है। इसी तरह से सुंदला में एक पद स्वीकृत है और खाली है वहीं ब्रांगल दो पद खाली व बथरी में भी चार में से दो पद खाली हैं। विधानसभा में जब वहां के विधायक ने यह मामला उठाया था तो स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि डाक्टर बहाना बनाकर वहां नहीं जाते हैं। दूरदराज के इलाकों में डाक्टरों की कमी है और जिनको वहां भेजते हैं, वो नहीं जाते। ऐेसे में नए भर्ती होने वाले डाक्टरों में से इन पदों को भरा जाएगा। शनिवार को सीएम ने भी यही आश्वासन दिया है और सीएम से कई दूसरे मुद्दों पर भी आशा कुमारी की चर्चा हुई।
: *Four Lane से जुड़ेगी हिमाचल की दूसरी राजधानी*
शिमला-मटौर रोड को अब कछियारी से शीला धर्मशाला लाने का प्रोपोजल, स्मार्ट सिटी के लिए अलग से बनेगा कॉरिडोर
प्रदेश की दूसरी राजधानी धर्मशाला को भी अब फोरलेन सुविधा कनेक्ट किया जाएगा। इसके लिए शिमला-मटौर फोरेलन सडक़ से धर्मशाला के लिए एक अलग से कॉरिडोर तैयार करने का प्लान बनाया जा रहा है। यह सडक़ मार्ग करीब नौ किलोमीटर का एक छोटा पैच होगा। प्रदेश में बेहतर रोड कनेक्टिीविटी देने के लिए फोरलेन का जाल बिछाया जा रहा है। शिमला-मटौर और पठानकोट-मंडी फोरलेन का काम पूरी रफ्तार से चल रहा है। हिमाचल के शक्तिपीठों को फोरेलेन से जोडऩे के लिए ज्वालाजी से चिंतपूर्णी के लिए भी फोरलेन के सर्वे का काम चल रहा है। शिमला मटौर और पठानकोट मंडी फोरलेन का जंक्शन जिला कांगड़ा के कछियारी में बनाया जा रहा है। पठानकोट-मंडी फोरलेन गगल चैतडू़, कछयारी से होता हुआ मंडी की तरफ जाएगा। इस लिहाज से कांगड़ा जिला मुख्यालय धर्मशाला फोरलेन से सीधा नहीं जुड़ पाएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए कांगड़ा जिला प्रशासन कछियारी जंक्शन से धर्मशाला शहर को कनेक्ट करने का प्लान तैयार कर रहा है।
जिला प्रशासन की मानें तो कचहरी चौक से शीला चौक को सीधा कछियारी तक फोरलेन कोरिडोर बनाया जाएगा। जिला प्रशासन का यह प्रयास सिरे चढ़ता है तो इससे धर्मशाला और शिमला डायरेक्ट जुड़ जाएंगे। धर्मशाला को फोरलेन से कनेक्ट करना इसलिए भी जरूरी है कि धर्मशाला न केवल उत्तर हिमाचल के कार्यालय का मुख्यालय है, बल्कि अब तो कई राज्य कार्यालय भी यहां शिफ्ट कर दिए गए हैं। धर्मशाला के तपोवन में विधानसभा परिसर भी है। इसके अलावा तपोवन में ही देश का सबसे बड़ा कान्वेंशन सेंटर प्रस्तावित है, इसलिए इस फोरलेन कोरिडोर के बनने से बेहतर कनेक्टिीविटी मिलेगी। दूसरी तरफ कांगड़ा एयरपोर्ट से भी सैलानियों को धर्मशाला पहुंचने में आसानी होगी। इस रोड की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यह स्लाइडिंग एरिया के बाहर होगा, जो कि निर्वाध सुचारू रहेगा। — एचडीएम
बेहतर कनेक्टिीविटी के साथ कम होगी दूरी
उपायुक्त कांगड़ा हेम राज बैरवा का कहना है कि धर्मशाला शहर को फोरलेन से कनेक्ट करने का प्लान बनाया जा रहा है। इसकी संभावनाओं को तलाशा जा रहा है। धर्मशाला शिमला-मटौर और पठानकोट-मंडी फोरलेन के कछियारी जंक्शन से जुड़ जाता है, जो लोगों को और भी बेहतर रोड कनेक्टिीविटी मिल जाएगी और इसकी दूरी भी कम हो जाएगी।
: *Four Lane से जुड़ेगी हिमाचल की दूसरी राजधानी*
शिमला-मटौर रोड को अब कछियारी से शीला धर्मशाला लाने का प्रोपोजल, स्मार्ट सिटी के लिए अलग से बनेगा कॉरिडोर
प्रदेश की दूसरी राजधानी धर्मशाला को भी अब फोरलेन सुविधा कनेक्ट किया जाएगा। इसके लिए शिमला-मटौर फोरेलन सडक़ से धर्मशाला के लिए एक अलग से कॉरिडोर तैयार करने का प्लान बनाया जा रहा है। यह सडक़ मार्ग करीब नौ किलोमीटर का एक छोटा पैच होगा। प्रदेश में बेहतर रोड कनेक्टिीविटी देने के लिए फोरलेन का जाल बिछाया जा रहा है। शिमला-मटौर और पठानकोट-मंडी फोरलेन का काम पूरी रफ्तार से चल रहा है। हिमाचल के शक्तिपीठों को फोरेलेन से जोडऩे के लिए ज्वालाजी से चिंतपूर्णी के लिए भी फोरलेन के सर्वे का काम चल रहा है। शिमला मटौर और पठानकोट मंडी फोरलेन का जंक्शन जिला कांगड़ा के कछियारी में बनाया जा रहा है। पठानकोट-मंडी फोरलेन गगल चैतडू़, कछयारी से होता हुआ मंडी की तरफ जाएगा। इस लिहाज से कांगड़ा जिला मुख्यालय धर्मशाला फोरलेन से सीधा नहीं जुड़ पाएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए कांगड़ा जिला प्रशासन कछियारी जंक्शन से धर्मशाला शहर को कनेक्ट करने का प्लान तैयार कर रहा है।
जिला प्रशासन की मानें तो कचहरी चौक से शीला चौक को सीधा कछियारी तक फोरलेन कोरिडोर बनाया जाएगा। जिला प्रशासन का यह प्रयास सिरे चढ़ता है तो इससे धर्मशाला और शिमला डायरेक्ट जुड़ जाएंगे। धर्मशाला को फोरलेन से कनेक्ट करना इसलिए भी जरूरी है कि धर्मशाला न केवल उत्तर हिमाचल के कार्यालय का मुख्यालय है, बल्कि अब तो कई राज्य कार्यालय भी यहां शिफ्ट कर दिए गए हैं। धर्मशाला के तपोवन में विधानसभा परिसर भी है। इसके अलावा तपोवन में ही देश का सबसे बड़ा कान्वेंशन सेंटर प्रस्तावित है, इसलिए इस फोरलेन कोरिडोर के बनने से बेहतर कनेक्टिीविटी मिलेगी। दूसरी तरफ कांगड़ा एयरपोर्ट से भी सैलानियों को धर्मशाला पहुंचने में आसानी होगी। इस रोड की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यह स्लाइडिंग एरिया के बाहर होगा, जो कि निर्वाध सुचारू रहेगा। — एचडीएम
बेहतर कनेक्टिीविटी के साथ कम होगी दूरी
उपायुक्त कांगड़ा हेम राज बैरवा का कहना है कि धर्मशाला शहर को फोरलेन से कनेक्ट करने का प्लान बनाया जा रहा है। इसकी संभावनाओं को तलाशा जा रहा है। धर्मशाला शिमला-मटौर और पठानकोट-मंडी फोरलेन के कछियारी जंक्शन से जुड़ जाता है, जो लोगों को और भी बेहतर रोड कनेक्टिीविटी मिल जाएगी और इसकी दूरी भी कम हो जाएगी।
: *मैरीगोल्ड हिमाचलियों को दिलाएगा गोल्ड, लिलियम के लिए भी प्रदेश की आवोहवा बेहतर, गुलाब भी भरेगा झोली*
लिलियम के लिए भी प्रदेश की आवोहवा बेहतर, गुलाब भी भरेगा झोली
हिमाचल की आवोहवा और पानी मैरीगोल्ड के सहारे गोल्ड दिलाने के अनुकूल है। लिलियम के लिए भी धरा बेहतर है और गुलाब की खुशबू फूल उत्पादकों की झोली में नोटों की गडिय़ां डालने को बेकरार है। इसका खुलासा फ्लोरीक्लचर बिजनेस में अवसर पर हुए सेमीनार में किया हुआ है। भारत सरकार के राष्ट्रीय बागबानी बोर्ड, गुरुग्राम, हरियाणा के सलाहकार प्रोफेसर वाईसी गुप्ता ने बताया कि फूल की खेती हिमाचल की तकदीर और तस्वीर दोनों ही बदल सकती है। वल्लभ सरकारी कालेज, मंडी के बॉटनी विभाग ने अपने बीएससी बॉटनी छात्रों के लिए फ्लोरिकल्चर बिजनेस में अवसर पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया। व्याख्यान को भारत सरकार के राष्ट्रीय बागबानी बोर्ड, गुरुग्राम, हरियाणा के सलाहकार और थुनाग, मंडी के कालेज ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फोरेस्ट्री के पूर्व डीन प्रोफेसर वाईसी गुप्ता ने भी संबोधित किया। ्र
उन्होंने कट फ्लावर्स, लूज फ्लावर्स, नर्सरी, ड्राइड प्लांट प्रोडक्ट्स, टिश्यू कल्चर और लैंडस्केपिंग सहित फ्लोरिकल्चर के संबंध में जानकारी मुहैया करवाई है। प्रोफेसर गुप्ता ने यह भी बताया कि हिमाचल का जलवायु ट्यूलिप, मैरीगोल्ड, गुलाब, क्राइसेंथेमम, लिलियम और हाइड्रेंजिया जैसे विभिन्न फूलों के उत्पादन के लिए उपयुक्त है। व्याख्यान से प्रेरित होकर, बॉटनी विभाग ने प्रोफेसर गुप्ता और वल्लभ सरकारी कालेज, मंडी के प्राचार्य के मार्गदर्शन में छात्रों और लोगों को प्रशिक्षित करने के लिए फ्लोरिकल्चर पर एक कार्यशाला आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसमें बॉटनी विभाग के 145 छात्रों ने भाग लिया, जिनमें वरिष्ठ संकाय सदस्य प्रो. रविंदर कुमार, प्रो. सीमा शर्मा, प्रो. मोनिका पांचानी और डाक्टर शिवेंद्र शामिल थे। आयोजन टीम में डा. बनीता सकलानी, डा. माधवी जोशी, डा. नीतू और डा. दीपाली, अशोक शामिल थे।
: *HRTC ने बनाई नई विज्ञापन नीति, टिकटों और ऐप पर होगा सस्ता प्रचार, राजस्व बढ़ाने को नया कदम*
हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ने अपने गैर-परिचालन राजस्व में वृद्धि और सरकारी एवं निजी संस्थाओं को किफायती प्रचार मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक नई विज्ञापन नीति लागू की है। इस नीति को हाल ही में कॉरपोरेशन के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स से मंजूरी मिली है। नई व्यवस्था के तहत अब एचआरटीसी की टिकटिंग प्रणाली और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन देने की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे न केवल सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार होगा, बल्कि निजी कंपनियों को भी कम खर्च में बड़े स्तर पर ब्रांडिंग का अवसर मिलेगा। एचआरटीसी के एमडी डा. निपुण जिंदल ने बताया कि कॉरपोरेशन प्रतिदिन लगभग चार लाख पेपर टिकट अपने इलेक्ट्रॉनिक बस टिकटिंग मशीनों से और करीब 1,500 ई-टिकट अपने ऑनलाइन पोर्टल व मोबाइल ऐप के माध्यम से जारी करता है।
प्रतिदिन पांच से छह लाख यात्रियों की आवाजाही के साथ यह नेटवर्क विज्ञापन के लिए एक सशक्त और प्रभावशाली माध्यम बन गया है। विज्ञापन के मुख्य आधार थर्मल पेपर टिकट के ऊपर और नीचे विज्ञापन संदेश, ऑनलाइन बुकिंग टिकट पर प्रचार सामग्री, पोर्टल और मोबाइल ऐप पर पुश नोटिफिकेशन तथा टिकट पेपर रोल थर्मल पेपर के पीछे विज्ञापन की व्यवस्था होगी। विज्ञापन दरों को भी अधिसूचित कर दिया गया है। सरकारी विभागों के लिए विशेष रियायती दरों का प्रावधान किया गया है, ताकि जनहित में जारी संदेशों को अधिक से अधिक जनता तक पहुंचाया जा सके। इस नई नीति के लागू होने से न सिर्फ एचआरटीसी को अतिरिक्त आय होगी, बल्कि यह हिमाचल प्रदेश के लोगों तक सरकारी योजनाओं और उपयोगी जानकारियों को पहुंचाने में भी सहायक सिद्ध होगी।
: *Mandi में लोगों को डरा रहीं अवैध डंपिंग साइट, रछवाणां, त्रांबी, गतरबाग गांवों पर मंडराया खतरा, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन*
मंडी में लोगों को अवैध डंपिंग साइट्स डरा रही हैं। इन डंपिंग साइट के कारण मंडी-कोटली-जालंधर राष्ट्रीय उच्च मार्ग के साथ सटे रछवाणां, त्रांबी और गतरबाग गांव को खतरा पैदा हो गया है। अवैध रूप से तैयार की गई डंपिग साइटों से लोग खिन्न हैं और आंदोलन की चेतावनी दी है। कंपनी पर गुस्साए लोगों को संभालने के लिए पुलिस बुलानी पड़ी। तहसीलदार सदर ने मौके पर पंहुचकर मोर्चा संभाला और लोगों को शांत करवाया। डंपिंग साइट का मलबा लोगों के घरों में घुस रहा है। सडक़ भी मलबे के कारण बंद पड़ी है। आक्रोश में आए दर्जनों लोगों ने देवधार स्थित कंपनी के प्लांट पर धरना-प्रदर्शन किया। लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर गांव को हुए खतरे व उनकी समस्याओं को शीघ्र न सुलझाया गया, तो आंदोलन तेज करेंगे। रछवाणां, त्रांबी और गतरबाग के दर्जनों लोग रोष प्रकट करते हुए देवधार स्थित कंपनी के प्लांट पर एक त्रित हुए।
पंचायत प्रधान अनिता देवी, उपप्रधान प्रेम सिंह, वार्ड सदस्य, महेश कुमार, डोलमा देवी, देवेंद्र आदि ने कंपनी के अधिकारी नितिन के समक्ष गांव को डंपिग साइट से हो रहे खतरे से अवगत करवाया। वहीं तहसीलदार सदर प्रिंस ने लोगों की समस्याओं और बयान को पटवारी के माध्यम से कलमबद्ध करवाया। कंपनी के अधिकारी नितिन ने बयान दिया कि कंपनी लोगों को हो रहे नुकसान से बचाने को वैकल्पिक कार्य करके राहत प्रदान करेगी। सडक़ खुलवाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। कंपनी के अधिकारी ने आश्वासन दिया कि के्रट वाल लगवाकर इन्हें ठीक किया जाएगा। तहसीलदार ने कंपनी को निर्देश दिए हैं कि गांव के लोगों की समस्याओं को शीघ्र निपटाया जाए।
: *रिपोर्ट में खुलासा, चंद्रबाबू नायडू सबसे अमीर मुख्यमंत्री, ममता के पास सिर्फ 15 लाख*
एसोसिएशन फॉर डेमोके्रटिक रिफॉम्र्स की रिपोर्ट में खुलासा, ममता के पास सिर्फ 15 लाख
आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू 931 करोड़ रुपए की संपत्ति के साथ भारत के सबसे अमीर मुख्यमंत्री हैं। वहीं दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की सर्वेसर्वा ममता बनर्जी के पास केवल 15 लाख रुपए की संपत्ति है, जबकि सभी मुख्यमंत्रियों की औसत संपत्ति लगभग 52.59 करोड़ रुपए है। गैर लाभकारी और गैर राजनीतिक संगठन एसोसिएशन फॉर डेमोके्रटिक रिफॉम्र्स द्वारा सोमवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक भारत के कुल 31 मुख्यमंत्रियों के पास 1,630 करोड़ की संपत्ति है। इसमें आंध्र के मुख्यमंत्री और केंद्र की सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन के साथी नायडू सबसे आगे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अमीर मुख्यमंत्रियों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू है, जिनके पास 332 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के पास करीब 51 करोड़ रुपए की संपत्ति है।
सबसे अमीर मुख्यमंत्रियों की सूची में वह तीसरे नंबर पर हैं। रिपोर्ट के मुताबिक देश के सबसे गरीब मुख्यमंत्रियों में ममता बनर्जी सबसे ऊपर हैं, तो वहीं जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला 55 लाख रुपए की संपत्ति के साथ दूसरे सबसे गरीब मुख्यमंत्री हैं। वहीं इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन आते हैं। इनके पास करीब 1.18 करोड़ रुपए की संपत्ति है। मुख्यमंत्रियों के ऊपर बाकी देनदारियों के बारे में ब्यौरा देते हुए रिपोर्ट में बताया गया कि पेमा खांडू पर सबसे ज्यादा 180 करोड़ रुपए की देनदारी है।
13 सीएम के खिलाफ आपराधिक मामले
देश के 31 में से 13 मुख्यमंत्रियों ने अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को घोषित किया है, जबकि 10 के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन मामलों में हत्या के प्रयास, अपहरण, रिश्वतखोरी और आपराधिक धमकी से संबंधित मामले शामिल हैं।
: *अमरीका के लिए डाक सेवाओं पर रोक, ट्रंप के टैरिफ के बाद एक्शन में भारत, कल से पोस्टल सर्विस अस्थाई बंद*
ट्रंप के टैरिफ के बाद एक्शन में आया भारत, कल से पोस्टल सर्विस अस्थायी बंद
अमरीका के साथ टैरिफ की वजह से हुए खराब रिश्तों के बीच भारत ने बड़ा कदम उठाया है। भारत की ओर सोमवार यानी 25 अगस्त से अमरीका के लिए डाक सेवाएं निलंबित कर दी जाएंगी। भारतीय डाक विभाग ने शनिवार को इसकी घोषणा की है। फिलहाल यह फैसला अस्थायी रूप से लागू होगा। भारत ने अमरीकी कस्टम रूल्स में बदलाव का हवाला देते हुए यह कदम उठाया है। ट्रंप प्रशासन ने 30 जुलाई को एक आदेश जारी किया था, जिसके तहत 800 डॉलर तक के सामान पर लगने वाली ड्यूटी (सीमा शुल्क) की छूट खत्म कर दी गई। कम कीमत वाले सामान पहले बिना ड्यूटी के अमरीका पहुंच जाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अमरीका भेजे जाने वाले हर मूल्य के सामान पर 29 अगस्त से कस्टम ड्यूटी लगेगी।
हालांकि, दस्तावेज और 100 अमरीकी डॉलर (करीब 8,700 रुपए) तक मूल्य वाले गिफ्ट आइटम पर छूट रहेगी। नया नियम इंटरनेशनल एमरजेंसी इकोनॉमी पावर एक्ट (आईईईपीए) के तहत लागू होगा। अमरीकी कस्टम और बॉर्डर प्रोटेक्शन (सीबीपी) ने 15 अगस्त को निर्देश जारी किया कि ट्रांसपोर्ट कैरियर्स और क्वालिफाइड पार्टीज को अंतरराष्ट्रीय डाक शिपमेंट पर ड्यूटी जमा करनी होगी। जिन ग्राहकों ने पहले ही ऐसी सामग्री बुक कर ली है, जो इन परिस्थितियों के कारण अमेरिका नहीं भेजी जा सकती, वे डाक शुल्क वापसी की मांग कर सकते हैं। डाक विभाग ने कहा कि अमेरिका के लिए पूर्ण सेवाएं जल्द से जल्द बहाल करने के लिए हर संभव उपाय किए जा रहे हैं।
: *क्रिकेट साउथ अफ्रीका ने ODI World Cup 2027 के लिए तय किए वेन्यू*
अफ्रीका में 44, जिम्बाब्वे और नामीबिया में 10 मैच
साउथ अफ्रीका में 24 साल बाद वनडे विश्व कप होना है। 2027 में साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की मेजबानी में टूर्नामेंट खेला जाएगा। क्रिकेट साउथ अफ्रीका ने टूर्नामेंट की तैयारी शुरू कर दी है। बोर्ड की तरफ से प्लान जारी कर दिया गया है। टूर्नामेंट को सफल बनाने के लिए लोकल ऑर्गेनाइजिंग कमेटी बोर्ड बनाई गई है। इसके अध्यक्ष साउथ अफ्रीका के पूर्व मंत्री ट्रेवर मैनुअल होंगे। वनडे विश्व कप 2027 में 14 टीमों के बीच कुल 54 मुकाबले होने हैं। इसमें 44 मैच साउथ अफ्रीका में खेलेंगे। ये मुकाबले आठ अलग-अलग मैदानों पर होंगे। साउथ अफ्रीका के जिन शहरों में मुकाबले होंगे, उनमें जोहान्सबर्ग, प्रिटोरिया, केपटाउन, डरबन, गकेबेरा, ब्लोमफोन्टिन, ईस्ट लंदन और पार्ल शामिल हैं।
10 मैच जिम्बाब्वे और नामीबिया में होंगे। आखिरी बार साउथ अफ्रीका में विश्व कप 2003 का आयोजन किया था। क्रिकेट साउथ अफ्रीका के अध्यक्ष रिहान रिचड्र्स ने कहा कि दो दशक बाद वल्र्ड कप अफ्रीका में वापस आ रहा है। उन्होंने कहा, 24 साल बाद आईसीसी क्रिकेट विश्व कप अफ्रीकी धरती पर हो रहा है। 2027 विश्व कप एक शानदार मौका है। इससे हम नए फैंस को जोड़ सकते हैं और पुराने फैंस को डिजिटल तरीके से और बेहतर अनुभव दे सकते हैं। हम अफ्रीका और दुनिया को एक साथ ला सकते हैं।
पांच आईसीसी टूर्नामेंट की मेजबानी कर चुका है साउथ अफ्रीका
साउथ अफ्रीका ने चैंपियंस ट्रॉफी 2009, पहला टी-20 वल्र्ड कप 2007 और 2003 में वनडे वल्र्ड कप को होस्ट किया है। इसके अलावा, साउथ अफ्रीका ने दो महिला वल्र्ड कप भी सफलतापूर्वक आयोजित किए हैं। 2005 का 50 ओवर वल्र्ड कप और 2023 का टी-20 वल्र्ड कप, जिसमें प्रोटियाज टीम फाइनल तक पहुंची थी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया से हार गई थी, साउथ अफ्रीका ने होस्ट किया है।
: *शहरी निकाय चुनाव नियमों में बदलाव, मतदान से ठीक पहले सरकार ने बदले म्युनिसिपल इलेक्शन नियम*
शहरी निकायों में चुनाव से ठीक पहले राज्य सरकार ने म्युनिसिपल इलेक्शन रूल्स में बदलाव किया है। इसके तहत हिमाचल प्रदेश म्युनिसिपल इलेक्शन रूल्स 2015 में रूल नंबर 9, 27, 28 और 88 में संशोधन किया है। डी-लिमिटेशन के लिए भी अब डीसी की ओर से फाइनल पब्लिकेशन जरूरी हो गई है। नॉमिनेटेड पार्षदों के लिए रूल नंबर 88 में संशोधन हुआ है। इन बदलावों पर आपत्तियां और सुझाव देने के लिए दस दिन का समय लोगों को दिया है। इसके बाद इन नियमों को फाइनल कर दिया जाएगा। परिसीमन की प्रक्रिया में यह बदलाव किया है कि संबंधित शहरी निकाय में कॉपी लगाने के साथ-साथ संबंधित जिला के जिलाधीश को फार्म 2ए भी भरकर देना होगा। रूल 27 में मतदाता सूची को लेकर बदलाव किया है। इसमें यह कहा गया है कि इलेक्शन प्रोग्राम घोषित होने के बाद कोई नया आवेदन नहीं दिया जा सकेगा।
रूल 28 में बदलाव किया है कि चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद किसी का नाम मतदाता सूची में नहीं जोड़ा जा सकेगा। एक बड़ा बदलाव रूल 88 में भी है। इसके अनुसार अब शहरी निकायों में चुने हुए पार्षदों के साथ राज्य सरकार द्वारा नॉमिनेट किए गए पार्षद भी शपथ ले सकेंगे। बशर्ते कि इनका नॉमिनेशन सरकार के राजपत्र में उस डेट से पहले छप गया हो। हिमाचल में इसी साल के अंत में शहरी निकाय चुनाव प्रस्तावित है। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि इस बदलाव को लेकर राज्य चुनाव आयोग से चर्चा की गई है और यदि किसी को इस पर अपनी आपत्ति देनी है,तो वह दस दिन के भीतर प्रधान सचिव शहरी विकास को इस बारे में आपत्ति भेज सकता है।
: *अनुराग ने 135 छात्रों को बांटी डिग्रियां, IIIT ऊना के सातवें दीक्षांत समारोह मेें बतौर मुख्यातिथि की शिरकत*
भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान सलोह (ऊना) ने शनिवार को अपना सातवां दीक्षांत समारोह धूमधाम से मनाया। समारोह में एक पीएचडी शोधार्थी और 135 बीटेक स्नातक उपाधि से नवाजे गए, जिनमें कम्प्यूटिंग स्कूल से 55, इलेक्ट्रॉनिक्स स्कूल से 47 और सूचना प्रौद्योगिकी से 33 बीटेक स्नातक शामिल थे। कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग ठाकुर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने 23 अगस्त को चंद्रयान-3 की लैंडिंग की वर्षगांठ को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में याद किया।
विशिष्ट अतिथि प्रो. अनिल सहस्रबुद्धे, अध्यक्ष एनईटीएफ एवं पूर्व एआईसीटीई अध्यक्ष ने छात्रों को बधाई दी। संस्थान के निदेशक प्रो. मनीष गौर ने स्नातकों की मेहनत की सराहना की। इस दौरान कम्प्यूटर साइंस, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी विभाग के टॉपर्स को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक प्रदान किए गए।
ये मेधावी सम्मानित
बीटेक (कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग) में शुभम झा ने 9.37 सीजीपीए के साथ स्वर्ण पदक प्राप्त किया। हर्षिल दीप सिंह ने 9.18 सीजीपीए के साथ रजत पदक अर्जित किया। यश कमल सक्सेना ने 9.03 सीजीपीए के साथ कांस्य पदक हासिल किया। बीटेक (इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग) में विक्रम शुक्ला ने 9.76 सीजीपीए के साथ स्वर्ण पदक प्राप्त किया। केशव कुमार अग्रवाल ने 9.42 सीजीपीए के साथ रजत पदक और ऋषव मिश्रा ने 9.12 सीजीपीए के साथ कांस्य पदक प्राप्त किया। बीटेक (सूचना प्रौद्योगिकी) से दीपक ने 9.29 सीजीपीए के साथ स्वर्ण पदक प्राप्त किया। अनुराग टंडन ने 8.51 सीजीपीए के साथ रजत पदक और साहिल ने 8.48 सीजीपीए के साथ कांस्य पदक प्राप्त किया।
: *मुख्य न्यायाधीश ने नालदेहरा में रोपा पौधा*
देवदार का बूटा लगाकर जनता को दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं वन विभाग के संयुक्त तत्त्वावधान में शनिवार को नालदेहरा स्थित गोल्फ कोर्स के पास पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया, मुख्य न्यायाधीश, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय व मुख्य संरक्षक राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की तथा देवदार का पौधा रोपित किया। न्यायाधीश हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय एवं कार्यकारी अध्यक्ष, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण विवेक सिंह ठाकुर सहित न्यायाधीश अजय मोहन गोयल, संदीप शर्मा, सत्येन वैद्य, सुशील कुकरेजा, वीरेंद्र सिंह, रंजन शर्मा एवं राकेश कैंथला ने भी पौधारोपण किया। इस अवसर पर विभिन्न न्यायाधीशों की धर्मपत्नियां भी उपस्थित रहीं। इस अवसर पर वन विभाग ने पौधारोपण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथिगणों को पुष्प पौधा भेंट कर सम्मानित किया।
पौधारोपण कार्यक्रम में प्रदेश उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल भूपेश शर्मा, रजिस्ट्रार विजिलेंस विकास भारद्वाज, रजिस्ट्रार रूल्स एवं जजेज शाखा अमन सूद, रजिस्ट्रार न्यायिक एवं प्रोटोकॉल हरीश शर्मा, रजिस्ट्रार सामान्य प्रशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी पंकज शर्मा, सदस्य सचिव राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण रणजीत सिंह, महाधिवक्ता अनूप कुमार रत्न, प्रदेश बार काउंसिल के अध्यक्ष लवनीश कंवर, उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पीयूष वर्मा, जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष बुनेश पाल, सीपीसी डीएलएसए निशांत, गोल्फ कैप्टन अनिल वालिया, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं प्रधान वन बल प्रमुख डा. संजय सूद, मुख्य वन संरक्षक शिमला सर्किल तिरुमल, डीसीएफ शिमला ग्रामीण अनिकेत वानवे सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
: *सेब सीजन ने पकड़ी रफ्तार, 96 लाख पेटियां पहुंची बाजार*
शिमला-किन्नौर मंडी में सबसे अधिक उत्पाद, बागबान खुश
हिमाचल प्रदेश में चल रहा सेब सीजन धीरे-धीरे गति पकडऩे लगा है। अभी सेब सीजन आधा हुआ है और 95 लाख 96 हजार सेब की पेटियां मार्केट में पहुंच चुकी हैं। माना जा रहा है कि इस बार अढ़ाई करोड़ या इससे अधिक सेब पेटियां मंडियों में जाएंगी, क्योंकि यह सीजन रफ्तार पकड़ेगा और अब इसके उफान पर आने का समय आ गया है। इन सेब पेटियों के मार्केट में आसानी से पहुंचने से यह भी साफ है कि सडक़ें फिलहाल खुली हैं और लगातार हो रही बारिश भी इसमें उतना ज्यादा असर नहीं डाल सकी है। सेब का सीजन पहले की तरह इस बार भी शिमला व किन्नौर मंडी में सबसे अधिक हुआ है।
यहां बता दें कि पिछले साल के मुकाबले इस साल काफी ज्यादा सेब मार्केट में पहुंच चुका है। पिछले साल के आंकड़ों की बात करें तो 27 जून से 21 अगस्त तक के समय में 38 लाख 74 हजार 621 सेब बॉक्स मार्केट में पहुंचे थे मगर इस साल 95 लाख 96 हजार 574 सेब पेटियां मंडियों में पहुंच चुकी हैं। -एचडीएम
इस बार तीन करोड़ सेब पेटियों का अनुमान
बागबानी विभाग की मानें तो इस साल सेब का कारोबार काफी ज्यादा होगा। अढ़ाई करोड़ से ज्यादा सेब पेटियां इस बार होने का अनुमान है। वैसे बागबानों की मानें तो तीन करोड़ तक सेब पेटियां हो सकती हैं।
किस मंडी में कितनी सेब पेटियां
इस बार के आंकड़े जो अभी तक मार्केटिंग बोर्ड के सामने आए हैं उनके मुताबिक शिमला किन्नौर मंडी में 5886053 सेब पेटियां यहां पर पहुंची हैं। पिछले साल यहां पर अभी तक 2701052 पेटियां आई थीं। इसी तरह से सोलन मंडी में इस बार 1484917 पेटियां का सेब कारोबार हो चुका है, जबकि मंडी की बात करें तो वहां पर 1181994, कांगड़ा में 8825, कुल्लू एवं लाहुल-स्पीति में 970042, पांवटा में 1461, ऊना में 3736, बिलासपुर में 473, हमीरपुर में 1280 तो चंबा में 57795 सेब बॉक्स मंडी में पहुंचे हैं।
: *प्रदेश में पक्की नौकरी खत्म, युवाओं से धोखा*
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर बोले, गारंटियों के बहाने चोरी किए वोट
58 साल वाली पक्की नौकरी की गारंटी देकर सत्ता हासिल करने के बाद प्रदेश में पक्की नौकरी खत्म कर देना वोट चोरी होती हैं। यह बात शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वोट चोरी से ही हिमाचल प्रदेश में अपनी सरकार बनवाई है। कांग्रेस वोट चोरी की मास्टर है। पूरी कांग्रेस पार्टी, छोटे से बड़ा हर नेता चौक चौराहे पर खड़ा होकर विधानसभा चुनाव के पहले 58 साल वाली पक्की नौकरी देने का ही ऐलान करता था, लेकिन सत्ता में आने के बाद से जितनी भी 58 साल वाली पक्की नौकरियां थी सबको एक-एक कर बंद करने में सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ी। अब सरकार के नुमाइंदों से उनकी चुनावी गारंटी और 58 साल वाली पक्की नौकरी की बात करो तो वह इधर-उधर की बात करते हैं।
विधानसभा के पटल से लेकर राष्ट्रीय महत्व के मंचों और तिथियों पर सरासर झूठ बोलते हैं। सरकार का एक मंत्री अगर कहेगा कि हमने 30 हजार नौकरियां दे दी तो अगले दिन दूसरा मंत्री जाकर रहेगा हमने 35 हजार नौकरियां दे दी। जुबानी जमा खर्च में और झूठ बोलने में कोई भी पीछे नहीं रहना चाहता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 1500 रुपए देने के नाम पर हर महिला से झूठ बोला और उनके वोट की चोरी की। कांग्रेस ने पहली कैबिनेट में एक लाख रोजगार और पांच साल में पांच लाख नौकरी देने की गारंटी देकर प्रदेश के युवाओं के वोटों की चोरी की। कांग्रेस ने दूध के दाम 100 रुपए किलोगाम की गारंटी देकर किसानों के वोट चुराए हैं। कांग्रेस ने स्टार्टअप फंड की गारंटी देकर प्रदेश के युवा उद्यमियों के वोटों की चोरी की
: I *ndia Today Ranking : NIT हमीरपुर ने देश भर में पाया बड़ा मुकाम* 0
इंडिया टुडे रैंकिंग में आर्किटेक्चर विभाग सातवें स्थान पर, संस्थान भी दो पायदान ऊपर
एनआईटी हमीरपुर इंडिया टुडे रैंकिंग में शीर्ष संस्थानों में शामिल हो गया है। संस्थान की उत्कृष्ट गतिविधियों की बदौलत एनआईटी हमीरपुर के आर्किटेक्चर विभाग को देश भर में सातवां स्थान मिला है। एनआईटी हमीरपुर आईआईटी रूडक़ी, एसपीए नई दिल्ली, एसपीए विजयवाड़ा, एसपीए भोपाल और जामिया मिल्लया इस्लामिया जैसे प्रमुख संस्थानों की श्रेणी में शामिल हो गया है। माना जा रहा है कि इंडिया टुडे रैंकिग के लिए संस्थान में उपलब्ध सभी सुविधाओं का आकलन किया गया है। ऑनलाइन माध्यम से ही आकलन की प्रक्रिया को अपनाया गया है। संस्थान की एडमिशन, प्लेसमेंट, फैकल्टी पब्लिकेशन सहित अन्य व्यवस्थाओं को जांचने के उपरांत रैंकिंग प्रदान की गई है। इसके साथ ही एक्सपर्ट के संस्थान में हुए विजिट को भी मद्देनजर रखा गया है। संस्थान में पद्मश्री प्राप्त विभूतियां भी विजिट कर चुकी हैं।
संस्थान की फैकल्टी के प्रयासों से इलेक्ट्रिकल, मेकेनिकल, एम-टेक में इस बार प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या बढ़ी है। एनआईटी हमीरपुर प्रबंधन शीर्ष संस्थानों की श्रेणी में शामिल होकर गौरवान्वित महसूस कर रहा है। इंडिया टुडे बेस्ट कालेज रैंकिंग-2025 का आकलन एमडीआरए के सहयोग से किया गया है। इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एनआईटी हमीरपुर ने अखिल भारतीय रैंकिंग में 22वां स्थान हासिल किया है। पीछे वर्ष संस्थान 24वें स्थान पर रहा था। इस अवसर पर निदेशक प्रो. एचएम सूर्यवंशी ने कहा कि ये रैंकिंग संस्थान के सतत प्रयासों को दर्शाती हैं, जिनके माध्यम से छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, शोध के अवसर और उद्योग से जुड़ाव उपलब्ध करवाया जाता है। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर दोनों ही क्षेत्रों में एनआईटी हमीरपुर का का बेहतर प्रदर्शन गर्व का विषय है। — एचडीएम
: *स्कूल छात्रों के बनेंगे समग्र प्रगति कार्ड, खेल-स्वास्थ्य सहित सभी गतिविधियों का रहेगा रिकॉर्ड*
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत प्रदेश में इसी शैक्षणिक सत्र 2025-26 से छात्रों के होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड (एचपीसी) बनेंगे। प्रदेश के स्कूलों में विद्यार्थियों की हर गतिविधि पर 360 डिग्री नजर रखी जाएगी, जिसके आधार पर एचपीसी कार्ड तैयार किए जाएंगे। इस कार्ड में नर्सरी से जमा दो कक्षा तक के सभी विद्यार्थियों का डाटा रखा जाएगा। इसमें छात्रों के शैक्षणिक रिकार्ड के साथ-साथ अन्य गतिविधियों में सांस्कृतिक, खेल, समाजिक भावना व अन्य गुणों सहित स्वास्थ्य का भी आकलन कर उसे अंकित किया जाएगा। इसे देखकर कोई भी अध्यापक विद्यार्थी की प्रतिभा का मूल्यांकन कर सकेगा।
यह प्रोग्रेस कार्ड नई शिक्षा नीति के तहत बनाए जाएंगे। इसके लिए स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से अब तैयारियां अंतिम चरण में पहुंचा दी गई है, जिसमें अब एचपीसी के स्टैंडर्ड को फाइनल किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा बोर्ड कार्यालय धर्मशाला में 26 से 29 तक चार दिनों तक अहम मंथन किया जाएगा। इसमें प्रदेश भर के स्कूलों के मुखियाओं के साथ-साथ केंद्र से विषय विशेषज्ञ भी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। इसके आधार पर अब हर विद्यार्थी का होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड तैयार होगा।
कार्ड में होगी हर विषय की रिपोर्ट
स्कूल शिक्षा बोर्ड सचिव डा. मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत छात्रों को समग्र प्रगति कार्ड यानी होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड बनाए जाने को लेकर अंतिम स्टैंडर्ड तय किए जाएंगे। इस शैक्षणिक वर्ष में हर छात्र को अपना एचपीसी मिल सकेगा। इन कार्डों में नर्सरी से लेकर जमा दो कक्षा तक हर विषय की रिपोर्ट को दर्शाया जाएगा।
अध्यापकों को भी होगा फायदा
होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड को बनाने का फायदा होगा कि स्कूल से किसी भी अध्यापक के तबादले के बाद आने वाला नया अध्यापक छात्र के 360 डिग्री प्रोग्रेस कार्ड को देखकर उसकी प्रतिभा का अनुमान लगा सकेगा और उसकी पढ़ाई को उसी के हिसाब से सुचारु किया जा सकेगा।
: *मंडी में 30 कमरों का मकान गिरा*
बालीचौकी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के बालीचौकी उपमंडल के मुख्य बाजार में शुक्रवार रात 30 कमरों का एक मकान ढह गया। हालांकि मकान को पहले ही खाली करवा दिया गया था जिससे किसी भी तरह का कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। मकान गिरने का लाइव वीडियो भी सामने आया है। जानकारी के अनुसार जमींदोज मकान बली राम और बीरी सिंह का है। इसमें आठ दुकानें और 30 कमरे थे। यह मकान किराए पर लगा हुआ था। बीते बुधवार को यहां जमीन धंसने का सिलसिला शुरू हुआ जिसके कारण यहां घरों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गईं।
प्रशासन ने खतरे को भांपते हुए इन भवनों को खाली करवा दिया था। इन भवनों में 60 से अधिक परिवार रहते थे और 40 से अधिक दुकानदार अपना कारोबार करते थे। अब वे लोग दूसरे स्थानों पर और प्रशासन द्वारा बनाए गए राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। घरों से कुछ सामान को निकाल लिया गया है, जबकि कुछ सामान अभी भी इनके अंदर ही है और उसे निकालना संभव नहीं है।
जमीन धंसने के कारण बालीचौकी, शारश, खलाओ और रही के लिए जाने वाले रास्ते भी ध्वस्त हो गए हैं। बच्चों को भी स्कूल आने-जाने के लिए रास्ता नहीं रहा है। सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) बालीचौकी देवी चंद ने बताया कि हादसे में किसी भी तरह का कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। प्रभावितों को प्रशासन की तरफ से हरसंभव मदद पहुंचाई जा रही है। उल्लेखनीय है कि बालीचौकी में 2023 में जमीन धंसने का सिलसिला शुरू हुआ और उस समय नाग मंदिर के पास पहाड़ धंसने के कारण छह भवन तबाह हो गए थे।
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