आज दोपहर तक का मुख्य समाचार पत्र ✉ खामेनेई_की_हत्या_के_पीछे_वो__रहस्मय_शक्स_!

*चुराह में पैर फिसला, खाई में गिरने से महिला की मौत* *बघेईगढ़ में भेड़-बकरियां चराते वक्त हुआ हादसा* चुराह उपमंडल की ग्राम पंचायत बघेईगढ़ में महिला की ढांक से गिरकर मौत हो गई। *मृतका की पहचान गुमानू पत्नी मोती राम वासी गांव घईया के तौर पर की गई है।* पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के हवाले कर दिया है। उपमंडलीय प्रशासन की ओर से मृतका के परिजनों को 25 हजार रुपये की

Mar 7, 2026 - 14:23
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आज दोपहर तक का मुख्य समाचार पत्र ✉ खामेनेई_की_हत्या_के_पीछे_वो__रहस्मय_शक्स_!

TRN LIVE: 😴 साल 1978 में एक फिल्म आई थी "मुक़द्दर का सिकंदर"...जिसमें...

🌹-अमजद ख़ान रेखा को चाहता है।

-रेखा अमिताभ को चाहती है। 

-अमिताभ राखी को चाहता है। 

-राखी विनोद खन्ना से ❤️ प्यार करती है।

👊 लेकिन दुश्मनी अमिताभ बच्चन और अमजद ख़ान के बीच है।

अब आते हैं पश्चिमी एशिया पर.... यहां-

✊-भारत इज़राइल के साथ है 

-इज़रायल अमेरिका के साथ 

🥸-अमेरिका पाकिस्तान के साथ 

-पाकिस्तान ईरान के साथ है।

💥लेकिन दुश्मनी भारत और पाकिस्तान के बीच है। 

इस पहेली को एक ही आदमी सुलझा सकता है। जिसका नाम है कादर ख़ान। लेकिन वह 2018 में मर चुका है।

🫵 तो चुप चाप जंग देखो 🤓 ‌ 💋चाय के चुस्की के साथ 😜 *संदीप छापरवाल*, 😍नांदेड़ 😁

TRN LIVE: 🔥ईरान का कांग्रेस को बड़ा झटका!

ईरान ने खुद को विदेश नीति का सलाहकार बताने वाले और विपक्ष को बड़ा झटका दिया है! जो लोग पिछले कुछ दिनों से मोदी सरकार की विदेश नीति की आलोचना कर रहे थे, खासकर ईरान पर US-इज़राइली हमलों के बाद, वे चिल्ला रहे थे कि भारत ने ईरान को 'मोदी से दिलासा और सपोर्ट के दो शब्द' क्यों नहीं कहे, उनकी बातें तोते की तरह दोहराई जा रही हैं!

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने साफ़ किया है कि होर्मुज स्ट्रेट सिर्फ़ US, इज़राइल, यूरोप और उनके पश्चिमी सहयोगियों के जहाजों के लिए बंद है। हालांकि, भारत के लिए यह रास्ता खुला रहेगा! ईरान ने साफ़ किया है कि पश्चिमी देशों के जहाजों पर हमला हो सकता है, लेकिन भारत और चीन जैसे दोस्त या न्यूट्रल देशों को कोई दिक्कत नहीं होगी।

कांग्रेस और दूसरे विरोधी कह रहे थे कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद मोदी सरकार ने दिलासा क्यों नहीं दिया? सोनिया गांधी, राहुल गांधी, जयराम रमेश ने कहा था कि भारत की 'साइलेंट पॉलिसी' न्यूट्रैलिटी नहीं, बल्कि गलत पॉलिसी है। उन्होंने मोदी के इज़राइल दौरे की टाइमिंग पर सवाल उठाए और 'नैतिक कायरता' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने तो यह भी कहा कि भारत के पारंपरिक दोस्ताना रिश्ते हिल गए!

लेकिन अब ईरान ने खुद दिखा दिया है कि भारत के साथ उसके रिश्ते कितने मज़बूत हैं। होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने का डर था, जिससे भारत के 50% तेल इंपोर्ट पर असर पड़ सकता था। लेकिन ईरान ने भारत को छोड़ दिया! यह मोदी सरकार की बैलेंस्ड फॉरेन पॉलिसी की कामयाबी है। इज़राइल के साथ मज़बूत रिश्ते बनाए रखते हुए, उसने ईरान के साथ पुराने दोस्ताना रिश्ते बनाए रखे। चाबहार पोर्ट, एनर्जी ट्रेड, रूसी तेल के साथ पैरेलल रिश्ते, ये सब मोदी की 'मल्टी-अलाइनमेंट पॉलिसी' के नतीजे हैं, नेहरू की 'नॉन-अलाइनम�

TRN LIVE: 👉👉 ISRO ने चांद और मंगल ग्रह पर भविष्य में ग्रहों की खोज के लिए पहिए वाले रोवर्स को बेहतर बनाने के लिए तीन एडवांस्ड चार पैरों वाले रोबोटिक सिस्टम खरीदने के लिए एक टेंडर जारी किया है। ये चार पैरों वाले रोबोट जानवरों की हरकत की नकल करते हैं और इनका वज़न 30 kg से कम होना चाहिए, जबकि ये 5 kg पेलोड को सपोर्ट कर सकते हैं। ऊबड़-खाबड़ इलाकों के लिए बनाए गए इन यूनिट्स में 1.5 m/s की टॉप स्पीड, 25° क्लाइंबिंग एंगल और ऑटोनॉमस नेविगेशन के लिए मल्टी-लाइन LiDAR और डेप्थ कैमरों सहित हाई-टेक सेंसर का एक सेट होगा। इस खरीद में हाई-एंड वर्कस्टेशन और लैपटॉप भी शामिल हैं जो खास तौर पर रीइन्फोर्समेंट लर्निंग ट्रेनिंग और ROS-बेस्ड टेलीकमांड सिस्टम के लिए कॉन्फ़िगर किए गए हैं।

TRN LIVE: वैज्ञानिक नाम👉 आर्य भट्ट

जाती👉 ब्राह्मण

प्रमाणित ग्रंथ👉 आर्यभटिय गोलापाद।

सन👉 499 ई.

पहला प्रश्न:- सूर्य ग्रहण क्यों लगता है?

उत्तर:- आर्यभट्ट के अनुसार सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है और अपनी छाया पृथ्वी पर डालता है।

दूसरा प्रश्न:- चंद्र ग्रहण क्यों लगता है?

उत्तर:- “छादयति शशी सूर्यं शशिनं महती च भूच्छाया। मतलब चंद्रमा सूर्य को ढकता है, और पृथ्वी की बड़ी छाया चंद्रमा को ढकती है।

चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है।

आर्यभट्ट ने गणितीय विधि से ग्रहण का समय, अवधि और परिमाण निकालने की पद्धति भी दी-जो आधुनिक खगोल विज्ञान के सिद्धांतों से 100% मेल खाती है।

मूरख 499 ई. पहले ही ऐसे ऐसे वैज्ञानिक हुआ करते थे सनातन धर्म मे जो बिना दूरबीन के बिना किसी अरबो की सेटेलाइट के ही जो उस समय लिख दिए वो आज का विज्ञान भी नही काट सकता।

लेकिन आरक्षण से जितनी बुद्धि मिलती है उतनी बुद्धि से तुम समझ नही पाओगे इसीलिए तुम जेजेजेजे भीम करो तुम्हारे बस का सनातन धर्म के विज्ञान को समझ पाना है नही।

TRN LIVE: *"जब मैं एक दशक पहले भारत आया था तब मैं ट्रेड म‍िन‍िस्‍टर था, लेकिन आज मैं भारत में जो कुछ देख रहा हूं, वह क‍िसी आर्थिक चमत्‍कार (Economic Miracle) जैसा लगता है. मुझे खुशी है क‍ि हम स्‍ट्रेटज‍िक पार्टनर है."*

-फ‍िनलैंड के राष्‍ट्रपत‍ि अलेक्जेंडर स्टब

*भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ अब हर क‍िसी को चौंकाने लगी है.* 

* यही वजह है क‍ि जब फ‍िनलैंड के राष्‍ट्रपत‍ि अलेक्जेंडर स्टब एक दशक बाद भारत आए तो यहां की तरक्‍की देखकर हैरान रह गए.

* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत के दौरान स्‍टब ने कहा, मैं तो यहां का आर्थिक चमत्‍कार (Economic Miracle) देखकर चौंक गया.

*भारत स्पष्ट रूप से दुनिया के सबसे बड़े और सबसे प्रभावशाली देशों में से एक है. वह दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है. अब आप यूरोप के लिए एक रणनीतिक साझेदार हैं.*

* फॉरेन पॉल‍िसी, स‍िक्‍योर‍िटी पॉल‍िसी, ट्रेड पॉल‍िसी में इसके महत्व को कम करके आंकना कठिन है. आप दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक हैं जिसे हम यहां हर दिन देख सकते हैं.

* आपकी विदेश नीति का मैं सम्‍मान करता हूं. जो कहती है क‍ि भारत कभी भ्रम में नहीं रहता. आपने हमेशा अपनी विदेश नीति को एक व्यावहारिक और यथार्थवादी विश्वदृष्टि पर आधारित रखा है. 

*आपने दिखाया है कि रणनीतिक सतर्कता और स्वायत्तता की सुरक्षा के बहुत मायने हैं, और वह भी बहुपक्षवाद और वैश्विक सहयोग का समर्थन करते हुए. और मेरा व्यक्तिगत रूप से मानना है कि हम सभी को थोड़ा और ‘भारतीय’ होना चाहिए.*

TRN LIVE: 🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩

🌤️ *दिनांक - 07 मार्च 2026*

🌤️ *दिन - शनिवार*

🌤️ *विक्रम संवत 2082*

🌤️ *शक संवत -1947*

🌤️ *अयन - उत्तरायण* 

🌤️ *ऋतु - वसंत ॠतु* 

🌤️ *मास - चैत्र ( गुजरात-महाराष्ट्र-फाल्गुन)*

🌤️ *पक्ष - कृष्ण* 

🌤️ *तिथि - चतुर्थी शाम 07:17 तक तत्पश्चात पंचमी* 

🌤️ *नक्षत्र - चित्रा सुबह 11:15 तक तत्पश्चात स्वाती*

🌤️ *योग - ध्रुव पूर्ण रात्रि तक*

🌤️*राहुकाल - सुबह 09:51 से सुबह 11:20 तक*

🌤️ *सूर्योदय - 06:55*

🌤️ *सूर्यास्त - 06:44*

👉 *दिशाशूल - पूर्व दिशा मे*

🚩 *व्रत पर्व विवरण- 

💥 *विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

             🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩

🌷 *स्वास्थ्यप्रद दोहे* 🌷

👉🏻 *चैत्र माह में नीम की, पत्ती हर दिन खावे । ज्वर, डेंगू या मलेरिया, बारह मील भगावे ॥ पोषक तत्त्व से पूर्ण है, पका पपीता फल । जो खावे नित नियम से, कड़ा न होवे मल ।।*

➡️ *२०-२५ दिन नीम के २५-३० कोमल पत्ते और १-२ काली मिर्च खानी चाहिए। षष्ठी तिथि को नीम के पत्ते नहीं खाने चाहिए ।*

📖 *ऋषिप्रसाद फरवरी 2025*

                🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩

🌷 *रंग पंचमी* 🌷

👉🏻 *हर साल चैत्र कृष्ण पक्ष (गुजरात अनुसार फाल्गुन कृष्ण पक्ष) की पंचमी पर रंग पंचमी का पावन त्योहार मनाया जाता है। इस साल 08 मार्च को रंग पंचमी पड़ रही है। रंग पंचमी के दिन आसमान में गुलाल उड़ाने की परंपरा हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने से घर में सुख-शांति व समृद्धि आती है। इस पावन दिन भगवान श्रीकृष्ण व राधा रानी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। रंग पंचमी का त्योहार नकारात्मकता को दूर कर सकारात्मकता पाने का अवसर प्रदान करता है। इस दिन लोग ज्योतिष शास्त्र में वर्णित कुछ उपाय करते हैं, मान्यता है कि ऐसा करने से धन-संपदा में बरकत होती है। आइए जानते हैं रंग पंचमी के खास उपाय*

➡️ *1. रंग पंचमी के दिन माता लक्ष्मी व भगवान विष्णु की एक साथ पूजा करनी चाहिए। माता लक्ष्मी धन संपत्ति, ऐश्वर्य आदि की देवी हैं। पूजा के समय माता लक्ष्मी व भगवान विष्णु को लाल गुलाल अर्पित करें। पूजा के समय कनकधरा स्तोत्र का पाठ करें। मान्यता है कि ऐसा करने से धन-संपदा में वृद्धि होती है।*

➡️ *2. रंग पंचमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण व राधा रानी की विधिवत पूजा करें। इसके बाद उन्हें गुलाल अर्पित करें। मान्यता है कि ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में चल रही समस्याएं दूर होती हैं। प्रेम संबंध मजबूत होते हैं। दांपत्य जीवन में खुशहाली के लिए पति-पत्नी को एक साथ पूजा करनी चाहिए।*

➡️ *3. रंग पंचमी के दिन एक पीले कपड़े में एक सिक्का और हल्दी की पांच गांठें बांधकर पूजा स्थल पर रख दें। फिर माता लक्ष्मी का ध्यान करके एक घी का दीपक जलाएं। दीपक के शांत होने पर हल्दी और सिक्के की पोटली को तिजोरी में रखें। मान्यता है कि ऐसा करने से धन-धान्य में वृद्धि होती है।*

➡️ *4. रंग पंचमी के दिन माता लक्ष्मी की पूजा करना फलदायी माना गया है। पूजा के समय माता लक्ष्मी को सफेद मिठाई जैसे बर्फी, बताशा, मिश्री या खीर का भोग लगाना चाहिए। मान्यता है कि मां लक्ष्मी के प्रसन्न होने से परिवार में धन-संपत्ति में वृद्धि होती है।*

              🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩

TRN LIVE: 🔰

*ईरान-US जंग के बीच भारत ने ईरान के एक जहाज को भारत में शरण दी है.*

तेहरान की अपील पर कोच्चि में ईरानी नौसेनिक जहाज को लंगर डालने की इजाजत दी गई है. यह जहाज "IRIS Lavan" है. ईरान के इस युद्धपोत ने ऐसे समय में शरण ली है जब दो दिन पहले अमेरिका ने ईरानी युद्धपोत पर हमला किया था. जिसमें करीब 87 लोग मारे गए. वह युद्धपोत भारत से ही लौटा था. 

IRIS Lavan वॉरशिप फरवरी में कोच्चि में हुए इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में भाग लेने के लिए इस भारत आया था. ईरान का एक और जहाज फ्रिगेट आईरिस डेना भी भारत आया था. फ्लीट रिव्यू में शामिल होने के बाद वह वापस ईरान लौट रहा था, तभी श्रीलंका में अमेरिका ने उसे निशाना बनाकर हमला किया. 

*भारत ने क्यों दी ईरानी जहाज को शरण?*

भारत ने तकनीकी खराबी की रिपोर्ट मिलने के बाद आपातकालीन अनुमति दी. ईरानी युद्धपोत चार मार्च को कोच्चि पहुंचा था. जब केंद्र सरकार ने तेहरान के अनुरोध को मंजूरी दी, जिससे जहाज तकनीकी कारणों से तत्काल रुक सके. केंद्र सरकार ने एक मार्च को इस अनुरोध को मंजूरी दी, जिससे जहाज को कोच्चि बंदरगाह में प्रवेश करने का रास्ता मिल गया. *युद्धपोत पर मौजूद 183 नाविकों के लिए शहर में भारतीय नौसेना की विशेष सुविधाओं में व्यवस्था की गई है.* नौसैनिक अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि चालक दल के लिए सभी जरूरी लॉजिस्टिक और मानवतावादी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएं. 

साभार : MNF न्यूज़ 

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*मेरा भारत महान*

*जय सनातन - जय भारत* 

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TRN LIVE: 🔰

*भारत बम बम और दुबई दहशत में* 

*अमेरिका की परेशानी बढ़ेगी*

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A massive financial shockwave is quietly ripping through the Middle East right now. The City of Gold is suddenly trapped under a mountain of its own treasure.

Why is *Dubai dumping physical gold at unheard-of fire-sale prices?* As geopolitical tensions explode and airspace freezes, logistical nightmares have trapped billions in bullion. Traders are bleeding cash on storage and insurance, forcing an emergency liquidation at massive discounts below the London global benchmark.

But this massive gold anomaly is just the first falling domino. A far more dangerous economic chess game is happening right under Washington's nose. Is the Petrodollar system on the verge of total collapse?

Gulf nations are enraged. Facing exploding domestic deficits, frozen oil routes, and a shattered security pact with the US, they are preparing the ultimate financial weapon. Saudi Arabia, the UAE, and Qatar hold trillions in US Treasury bonds and equities. Now, they are threatening a devastating force majeure liquidation. If they dump these American assets to cover their war-torn economies, the US stock and bond markets will face an apocalyptic crash

The Middle East is officially pivoting East, aligning with massive energy buyers like India and China, and threatening the very foundation of the American economy. This isn't just a market glitch; it is the physical manifestation of a broken geopolitical order. 

*Shocking reality of Dubai's gold fire-sale, the rapid acceleration of global de-dollarization, and the terrifying financial retaliation aimed directly at the United States.*

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*चंबा में जम्मू कश्मीर के युवक की करतूत, नल से पानी भरने गई महिला के छीने गहने*

जिला चम्बा के भटियात उपमंडल की गोला पंचायत में जम्मू-कश्मीर का एक युवक महिला का सोने का लाॅकेट व कान की बालियां छीनकर भाग गया। *महिला के चिल्लाने पर परिजन व ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने ग्रामीणों के सहयोग से आरोपी युवक को दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया है*। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से महिला से छीने सोने का लाॅकेट व बालियां बरामद कर ली हैं। इनकी बाजार में कीमत 90,000 रुपए आंकी गई है।

*पीड़िता बाडवा गांव की अंजना कुमारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है कि वह घर के समीप नल से पानी भरने गई थी। इसी दौरान रास्ते में जैल सिंह निवासी गांव गाडन जिला डोडा जम्मू-कश्मीर ने उसका सोने का लाॅकेट व कान की बालियां छीन लीं और रफूचक्कर हो गया।* बाद में ग्रामीणों ने इलाके में सर्च ऑप्रेशन चलाकर आरोपी को दबोच लिया। उन्होंने आरोपी के पास से महिला से छीने सोने के गहने भी बरामद कर लिए। 

पुलिस ने महिला की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ सिहुंता पुलिस थाना में मामला दर्ज किया है। आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। एसपी विजय कुमार सकलानी ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ नियमानुसार आगामी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई है।

TRN LIVE: *चंबा में एबीवीपी के तीन कार्यकर्ता 15 दिन के लिए निष्कासित*

*चंबा कॉलेज परिसर में हुड़दंग मचाने और मारपीट करने के आरोप में की कार्रवाई*

चंबा। स्थानीय कॉलेज में हुड़दंग मचाने और मारपीट करने के आरोप में एबीवीपी के तीन कार्यकर्ताओं को 15 दिन के लिए निष्कासित कर दिया गया है। कॉलेज प्रशासन ने इस बारे में लिखित आदेश जारी कर दिए हैं।

*कॉलेज प्रशासन ने सीसीटीवी फुटेज और कॉलेज की अनुशासन समिति की ओर से दी गई रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की है। पुलिस चौकी सुल्तानपुर में भी सीसीटीवी फुटेज पेन ड्राइव के जरिये भेज दी है। कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परिसर में किसी प्रकार का हुड़दंग और मारपीट बर्दाश्त नहीं की जाएगी।* कॉलेज प्रशासन की ओर से की जा रही इस कार्रवाई का मकसद कॉलेज में पढ़ाई का माहौल बनाए रखना है जिससे अन्य छात्र-छात्राओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

जानकारी के अनुसार बीते दिनों कॉलेज परिसर में एसएफआई और एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के बीच खूनी झड़प हो गई थी। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने लोहे की रॉड और ग्रिप से एक-दूसरे पर हमला कर दिया था। इसमें दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं को चोटें आई थीं। बहरहाल, मामला पुलिस तक जा पहुंचा। दोनों संगठनों ने एक-दूसरे के खिलाफ पर प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। कॉलेज प्रशासन ने भी पुलिस चौकी सुल्तानपुर में शिकायत पत्र दिया और मामले की गहनता से जांच करने की गुहार लगाई थी।

गौरतलब है कि इसी मामले को लेकर दो दिन पहले एसएफआई के तीन छात्रों को 15 दिन के निष्कासित किया गया है। बहरहाल, अब एबीवीपी के कार्यकर्ताओं पर भी गाज गिरी है।

सीसीटीवी की फुटेेज और अनुशासन समिति की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। पुलिस को भी सीसीटीवी फुटेज की क्लिप पेन ड्राइव के माध्यम से सौंपी गई है। कॉलेज परिसर में किसी प्रकार की हुड़दंगबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। *- प्रो. राकेश राठौर, प्राचार्य*

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*चंबा में टनल के निर्माण में देरी पर भड़के संगठन के पदाधिकारी*

चंबा। मंगला-चुवाड़ी टनल के निर्माण में देरी और चंबा मेडिकल कॉलेज सरोल शिफ्ट न होने के मामले को लेकर भारतीय वीर दल और बेटी सुरक्षा दल के पदाधिकारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

*शुक्रवार को संगठन के पदाधिकारियों ने तीन दिवसीय सांकेतिक धरना शुरू किया। पदाधिकारियों ने उपायुक्त कार्यालय परिसर के बाहर स्थित पार्क में धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी की।* पदाधिकारियों उत्तम चंद वशिष्ठ, सूर्या भानू प्रताप, नागेश कुमार ने बताया कि सरकार की ओर से लोगों को टनल निर्माण के मामले पर ठगा जा रहा है। बताया कि सरकार की ओर से कोई भी विशेष विकासात्मक कार्य नहीं करवाए जा रहे हैं। सरोल में मेडिकल कॉलेज के भवन का निर्माण कार्य हो गया है मगर अभी तक मुख्यालय से शिफ्ट नहीं किया गया है। सरकार विकास के दावे कर रही है मगर धरातल पर कुछ नहीं दिख रहा है। उन्होंने सरकार को चेताया है कि जल्द चंबा मेडिकल कॉलेज को सरोल शिफ्ट किया जाए, साथ ही मंगला चुवाड़ी टनल का कार्य शुरू किया जाए।

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*चंबा में नवजात, छोटे बच्चों की देखभाल करना सीखेंगी आशा कार्यकर्ता*

चंबा। नवजात एवं बाल्य कालीन बीमारियों के समेकित प्रबंधन के तहत स्वास्थ्य कार्यकर्त्ता, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों और आशा कार्यकर्ताओं के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू हुआ। *इसकी अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जालम भारद्वाज ने की।*

*प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य जिला चंबा में नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों में होने वाली सामान्य बीमारियों की समय पर पहचान, सही उपचार और उचित देखभाल के बारे में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करना है।*

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जालम भारद्वाज ने कहा कि यह कार्यक्रम भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य नवजात एवं पांच वर्ष तक के बच्चों में होने वाली प्रमुख बीमारियों जैसे निमोनिया, डायरिया, कुपोषण, बुखार, खसरा और अन्य संक्रमणों की शीघ्र पहचान और समुचित उपचार सुनिश्चित करना है। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान और कौशल का उपयोग अपने-अपने कार्य क्षेत्रों में पूरी जिम्मेदारी के साथ करें जिससे जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके। प्रशिक्षण में विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की ओर से प्रतिभागियों को नवजात शिशु की प्रारंभिक देखभाल, स्तनपान के महत्व, कम वजन वाले शिशुओं की देखभाल, सामान्य बाल्य कालीन रोगों की पहचान और उपचार का प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कविता महाजन और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नवीन ने बतौर स्रोत व्यक्ति भूमिका निभाई। *जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुहेल, डॉ करण हितैषी भी उपस्थित रहे।*

TRN LIVE: *चुराह का निवासी 306 ग्राम चरस के साथ गिरफ्तार*

चंबा-जोत मार्ग पर पुलिस की एसआइयू सेल ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने भटालवां मोड़ के समीप एक राहगीर को 306 ग्राम चरस के साथ धर दबोचा। एसआइयू सेल भटालवां मोड़ के समीप गश्त पर थी। इसी दौरान सामने से आ रहे एक व्यक्ति को संदेह के आधार पर रोका गया। जब उसकी तलाशी ली गई, तो उसके कब्जे से 306 ग्राम चरस बरामद हुई। पुलिस ने तुरंत चरस की खेप को कब्जे में लेकर आरोपित को हिरासत में ले लिया। *आरोपित की पहचान दलीप कुमार निवासी गांव भराड़ा, तहसील चुराह के रूप में की है*। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपित यह खेप कहां से लाया था।

TRN LIVE: *केंद्र सरकार ने पूंजीगत निवेश के तहत हिमाचल को दिए 453.82 करोड़*

*पूंजी निवेश के लिए राज्य को विशेष सहायता योजना के तहत यह आर्थिक सहायता जारी की गई है।* 

केंद्र सरकार ने पूंजीगत निवेश के तहत हिमाचल प्रदेश को 453.82 करोड़ रुपये की मदद जारी की है। पूंजी निवेश के लिए राज्य को विशेष सहायता योजना के तहत यह आर्थिक सहायता जारी की गई है। इसे ऋण के रूप में बतौर विशेष सहायता जारी किया गया है। अलग-अलग मदों में 350.00 करोड़, 58.94 करोड़ और 44.88 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। राज्य वित्त विभाग ने 350 करोड़ रुपये की विशेष सहायता ऋण जारी करने की मंजूरी दी है। यह धनराशि राज्यों को पूंजीगत निवेश के लिए विशेष सहायता योजना 2025-26 के तहत वित्तीय प्रबंधन में दक्षता को बढ़ावा देने के लिए दी गई है। यह धनराशि वित्त मंत्रालय ने जारी की है। इस योजना के तहत यह धनराशि पूंजीगत परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।

केंद्र सरकार ने निर्देश दिए हैं कि राज्य सरकार इस धनराशि को 10 कार्य दिवस के अंदर संबंधित कार्यान्वयन एजेंसियों को जारी करे। यदि निर्धारित समय में राशि जारी नहीं की गई तो राज्य को केंद्र सरकार को ब्याज देना पड़ सकता है। इसके अलावा राज्य सरकार को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि इस योजना के तहत स्वीकृत परियोजनाओं के लिए किसी अन्य केंद्रीय या राज्य योजना से दोबारा वित्तीय मदद न ली जाए। इन निर्देशों के अनुसार जारी पूरी राशि का उपयोग 31 मार्च 2026 तक करना अनिवार्य होगा। यदि धनराशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के अलावा किसी अन्य कार्य में किया गया तो केंद्र सरकार भविष्य में राज्य को मिलने वाले करों के हिस्से से यह राशि समायोजित कर सकती है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना के सभी दिशा-निर्देशों का राज्य सरकार और उसकी कार्यान्वयन एजेंसियों की ओर से सख्ती से पालन किया जाएगा।

TRNLIVE: *30 साल तक नहीं लिया जमीन का कब्जा, सीएसआईआर ने मालिकाना हक खोया*

*अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि अधिग्रहण के बाद भी विभाग 30 वर्षों तक जमीन का वास्तविक कब्जा नहीं लेता है, तो वहां रह रहे लोग प्रतिकूल कब्जे के आधार पर मालिकाना हक के हकदार हो जाते हैं।*

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने संपत्ति के अधिकार और भूमि अधिग्रहण को लेकर सीएसआईआर की ओर से दायर याचिकाओं को यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि कानून केवल उन्हीं की सहायता करता है, जो अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहते हैं, न कि उनकी जो दशकों तक सोए रहते हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि अधिग्रहण के बाद भी विभाग 30 वर्षों तक जमीन का वास्तविक कब्जा नहीं लेता है, तो वहां रह रहे लोग प्रतिकूल कब्जे के आधार पर मालिकाना हक के हकदार हो जाते हैं। यह विवाद पालमपुर में नेशनल बायोलॉजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए साल 1966 में शुरू हुई भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया से जुड़ा है।

मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने कहा कि सीएसआईआर को 1966 के अवार्ड के तहत 6 सप्ताह के भीतर कब्जा लेना चाहिए था। खंडपीठ ने कहा कि चूंकि प्रतिवादी 1966 से ही उस जमीन पर बिना किसी रोकटोक के रह रहे हैं और वहां निर्माण भी कर चुके हैं, इसलिए उन्होंने प्रतिकूल कब्जे के आधार पर अपना मालिकाना हक पुख्ता कर लिया है। कोर्ट ने कलेक्टर के उस फैसले को सही ठहराया, जिसमें कहा गया था कि 23 वर्षों की देरी के बाद कब्जे के लिए आवेदन करना कानूनन सही नहीं है। 8 जुलाई 1966 को भूमि अधिग्रहण का अवार्ड सुनाया गया।

सीएसआईआर ने मुआवजा तो जमा कर दिया, लेकिन जमीन का कब्जा लेने के लिए 30 साल तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। 23 साल बीत जाने के बाद 1989 में पहली बार सीएसआईआर ने कब्जे के लिए दीवानी मुकदमा दायर किया था। कलेक्टर ने प्रतिकूल दावे के आधार पर मामला खारिज कर दिया था। उसके बाद एकल न्यायाधीश ने 2013 के नए भूमि अधिग्रहण कानून की धारा 24(2) के तहत इस अधिग्रहण को रद्द मान लिया था। हालांकि, खंडपीठ ने इसे दुरुस्त करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के इंदौर डेवलपमेंट अथॉरिटी के फैसले के बाद अब सिर्फ कब्जा नहीं लेने के आधार पर अधिग्रहण रद्द नहीं होता, यदि मुआवजा दिया जा चुका हो, लेकिन यहां प्रतिकूल कब्जे का सिद्धांत लागू हो गया।

TRN LIVE: *हिमाचल में अब 75 छात्र संख्या वाले दस सरकारी कॉलेज ही होंगे मर्ज, सरकार ने लिया युक्तिकरण का फैसला*

*चंबा जिले के भलेई में 19,*

*सरकार ने 75 से कम विद्यार्थियों की संख्या वाले 10 कॉलेजों को नजदीकी कॉलेजों में मर्ज करने का निर्णय लिया है।*

हिमाचल प्रदेश सरकार ने 75 से कम विद्यार्थियों की संख्या वाले 10 कॉलेजों को नजदीकी कॉलेजों में मर्ज करने का निर्णय लिया है। *जिला शिमला के तीन, मंडी-कांगड़ा के दो-दो, चंबा, सोलन और लाहौल-स्पीति जिले के एक-एक कॉलेज को समायोजित किया जाएगा।* पहले सरकार ने सौ से कम छात्र संख्या वाले कॉलेजों को मर्ज करने का फैसला लिया था, लेकिन विरोध के चलते अब 75 छात्र संख्या वाले कॉलेजों को ही मर्ज किया जा रहा है। मर्ज होने वाले कॉलेजों में शिमला जिले के टिक्कर में छात्र संख्या 6, कुपवी में 53 और ननखड़ी में 66 है। मंडी जिले के संधोल में 38 और कोटली में 70 विद्यार्थी हैं। 

*कांगड़ा जिले के हरिपुर गुलेर में 32 और मुल्थान में 59 विद्यार्थी हैं। इसके अलावा चंबा जिले के भलेई में 19, सोलन जिले के जयनगर में 68 और लाहौल-स्पीति जिले के कुकुमसेरी में 40 विद्यार्थी हैं*। उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार इन कॉलेजों में विद्यार्थियों की संख्या बहुत कम होने के कारण संसाधनों का समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा था। ऐसे में सरकार ने शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने और उपलब्ध बुनियादी ढांचे का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इन कॉलेजों का युक्तिकरण करने का फैसला लिया है। 

जिन कॉलेजों को मर्ज किया जाएगा, वहां अध्ययनरत विद्यार्थियों को नजदीकी कॉलेजों में दाखिला देंगे। कॉलेजों के मर्ज होने के बाद वहां कार्यरत शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को सरप्लस घोषित कर आवश्यकता वाले संस्थानों में भेजा जाएगा। प्रदेश सरकार ने कुछ दिन पहले 100 से कम छात्र संख्या वाले कॉलेजों को मर्ज करने की योजना बनाई थी। हालांकि, इस प्रस्ताव का विभिन्न क्षेत्रों में विरोध शुरू हो गया था। इसके बाद सरकार ने यू टर्न लेते हुए छात्र संख्या की सीमा 100 से घटाकर 75 कर दी। इस फैसले से 11 कॉलेज मर्ज होने के दायरे से बाहर हो गए हैं। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि कम छात्र संख्या वाले कॉलेजों के संचालन में संसाधनों का समुचित उपयोग नहीं हो पाता। ऐसे में कॉलेजों का युक्तिकरण करने से शिक्षकों की उपलब्धता बेहतर होगी।

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