बेतिया में असिस्टेंट इंजीनियर के घर से 42.5 लाख मिले:फाइलों के बीच-बेड के नीचे रखी गडि्डयां; 5 लाख घूस लेते हुआ था अरेस्ट

Mar 4, 2026 - 09:54
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बेतिया में असिस्टेंट इंजीनियर के घर से 42.5 लाख मिले:फाइलों के बीच-बेड के नीचे रखी गडि्डयां; 5 लाख घूस लेते हुआ था अरेस्ट
बेतिया में शिक्षा विभाग में तैनात असिस्टेंट इंजीनियर रोशन कुमार के घर से 42 लाख रुपए नगद मिले हैं। SVU की जांच में इंजीनियर सोमवार को 5 लाख रुपए घूस लेते अरेस्ट हुआ था। इसके बाद विशेष निगरानी की टीम ने सोमवार की देर रात 10 बेज उसके बंगाली कॉलोनी स्थित किराए के घर पर छापेमारी करने पहुंची। छापेमारी रात 1 बजे तक जारी रही। इस एक घंटे की तलाशी में टीम को 42 लाख 500 रुपए कैश, कई महत्वपूर्ण कागजात और भारी मात्रा में निवेश से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। इस तरह अभियंता के कब्जे से कुल 47 लाख 500 रुपए की नकदी बरामद की गई है। बेड के नीचे, आलमारी में, बैगों में छिपाकर रखा था कैश निगरानी टीम जब अभियंता के आवास पहुंची तो वहां बड़े पैमाने पर कैश छिपाकर रखा गया था। तलाशी के दौरान बेड के नीचे, बैगों में, फाइलों के बीच कैश के बंडल मिले। सभी नोट 500 रुपए के बंडल में थे, जिन्हें गिनने में टीम को करीब 2 घंटे लग गए। देर रात होने की वजह से नोट गिनने की मशीन भी उपलब्ध नहीं हो सकी थी। एक सप्ताह में ही इकट्ठा किए 42 लाख बताया जा रहा है कि सहायक अभियंता एक सप्ताह पहले अपने गांव गया था। संभावना है कि उससे पहले की वसूली की गई रकम वह घर पहुंचा आया था। फिलहाल, जो 42 लाख 500 रुपए बरामद हुए हैं, वह अधिकतर इस सप्ताह ठेकेदारों से लिए गए कमीशन की राशि बताई जा रही है। यह राशि इसलिए भी तेजी से इकट्ठा हो रही थी, क्योंकि 31 मार्च से पहले सभी लंबित भुगतान निपटाने थे। अभियंता भुगतान के बदले 10% कमीशन वसूल रहा था। कमीशनखोरी में कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल पूछताछ के दौरान अभियंता ने निगरानी टीम को बताया कि 10% कमीशन की राशि सिर्फ उसकी नहीं थी। इस अवैध कमाई में विभाग के अन्य अधिकारी, कुछ कर्मचारी और कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधि भी हिस्सेदार थे। हर भुगतान के बाद कमीशन की रकम इन लोगों में बांटी जाती थी। हालांकि, अभी तक इनलोगों का नाम सामने नहीं आया है। कागज पर पैसों के लेन-देन के सबूत तलाशी के दौरान अभियंता के पास से एक कागज मिला है। इसमें किस ठेकेदार से कितनी राशि ली गई है। किसके यहां कितना बकाया है। किस भुगतान पर कितना कमीशन तय हुआ, जैसी जानकारी दर्ज है। यह कागज जांच के लिए महत्वपूर्ण सबूत माना जा रहा है। इसे टीम अपने साथ जांच के लिए ले गई है। कैसे हुआ ऑपरेशन? बता दें कि निगरानी विभाग को यह शिकायत कुछ दिनों पहले ही मिली थी। नौतन प्रखंड के विभिन्न स्कूलों में मरम्मत का काम कर चुके ठेकेदार, रहीमपुर नौतन निवासी शम्श तबरेज, ने लिखित शिकायत दी थी। इसमें बताया गया था कि सहायक अभियंता रौशन कुमार बिल पास करने के बदले उनसे 10% कमीशन की मांग कर रहे हैं। मरम्मत कार्य का कुल बिल 57 लाख रुपए था, जिसके एवज में रौशन कुमार द्वारा 5.7 लाख रुपए रिश्वत की मांग की जा रही थी। ठेकेदार का आरोप था कि कई दिनों से लगातार दबाव बनाया जा रहा था। कभी फोन पर तो कभी कार्यालय बुलाकर। वह इस अवैध मांग से परेशान हो गए और सीधे पटना स्थित निगरानी विभाग कार्यालय पहुंचकर सारी बात दर्ज करा दी। विभाग ने शिकायत की प्राथमिक जांच की और साक्ष्य सही पाए जाने पर टीम ने जाल बिछाने की योजना बनाई। सोमवार को तय समय पर ठेकेदार तबरेज से कहा गया कि वह पैसे देने के लिए सहायक अभियंता से मिले। निगरानी विभाग की एक टीम सदस्य सिविल ड्रेस में ठेकेदार के साथ भेजा गया। रौशन कुमार ने एक बार फिर कमीशन की राशि की पुष्टि की और शाम में चाय दुकान पर आने को कहा। रंगे हाथों हुई गिरफ्तारी सोमवार शाम करीब साढ़े पांच बजे ठेकेदार ने तय स्थान पर पहुंचकर रौशन कुमार को पांच लाख रुपए की पहली किश्त सौंपनी शुरू ही की थी कि तभी निगरानी टीम ने उसे दबोच लिया। टीम का नेतृत्व पटना से आए डीएसपी सुधीर कुमार कर रहे थे। गिरफ्तारी के तुरंत बाद शिक्षा विभाग के मुख्य गेट को बंद कर दिया गया। अंदर मौजूद कई कमरों की तलाशी शुरू कर दी गई। महत्वपूर्ण फाइलें और दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच जारी है। यह भी शक जताया जा रहा है कि बिल पास करने के नाम पर यह कमीशन वसूली एक सिंडिकेट के तौर पर चल रही थी।

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Admin तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला