मोतिहारी में डूबने से 6 बच्चों की मौत:इनमें 3 सगी बहनें, छोटी बहन को बचाने नदी में कूदा भाई; 4-4 लाख मुआवजा मिलेगा
होली से पहले मोतिहारी में मंगलवार शाम बड़ा हादसा हो गया। 5 लड़की समेत 6 बच्चों की नदी में डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सभी बच्चे बकरी चराकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान वे नहाने के लिए नदी में उतर गए। नहाते समय एक बच्ची गहरे पानी में चली गई। उसे बचाने के प्रयास में अन्य चार लड़कियां और एक लड़का गहरे पानी में चले गए और सभी डूब गए। घटना शाम करीब 6 बजे लोहरगांवा पंचायत स्थित राघवा नदी में हुई। सभी बच्चों की उम्र 6 से 12 साल है। मृत बच्चों की पहचान दीक्षा कुमारी (12), सोनाक्षी कुमारी (9) और प्रिया कुमारी (6) के रूप में हुई है। तीनों सगी बहनें थीं। इसके अलावा मनोज साहनी की बेटी छोटी (8) और बेटे प्रिंस (11) और कामेश्वर साहनी की 12 साल की बेटी सोनाली की भी जान चली गई। प्रशासन की ओर से मृतक के परिजनों को 4-4 लाख मुआवजा देने की बात कही गई है। रास्ते में नदी में स्नान करने लगे स्थानीय लोगों के अनुसार, सभी बच्चे शाम करीब 4 बजे घर से निकले थे। उनका रोज का रूटीन था- घास काटना, बकरियां चराना और फिर नदी किनारे खेलना। मंगलवार को भी बच्चे नदी किनारे पहुंचे और नहाने लगे। इसी दौरान छोटी नामक बच्ची अचानक गहरे पानी में उतर गई और तेज बहाव में फंसकर डूबने लगी। उसे बचाने के लिए बाकी चारों लड़कियां और उसका भाई प्रिंस भी पानी में कूद गया, लेकिन नदी के गहरे गड्ढे और तेज धारा की वजह से वे खुद भी उसमें समा गए। ग्रामीणों ने बताया कि बच्चे खेलते-खेलते अचानक गहराई वाले हिस्से में पहुंच गए थे। कुछ ही सेकंड में सभी पानी में गायब हो गए। कोई कुछ समझ पाता, उससे पहले ही हादसा हो चुका था। मदद के लिए पहुंचे लोग, लेकिन हो गई देर नदी किनारे मौजूद लोगों ने बच्चों को डूबते देखा तो शोर मचाया। आसपास खेतों में काम कर रहे लोग भी दौड़कर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। नदी की तेज धारा एक-एक कर सभी को बहा ले गई। मौके पर मौजूद एक बुजुर्ग ने बताया, हम जितनी जल्दी दौड़ सकते थे, दौड़े, लेकिन नदी से किसी को नहीं बचा पाए। पलभर में सब खत्म हो गया। मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख मुआवजा केसरिया थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया , सभी शवों को नदी से निकाल लिया गया है। पंचनामा की प्रक्रिया पूरी कर पोस्टमॉर्टम के लिए मोतिहारी सदर अस्पताल भेज दिया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि बच्चे नदी या तालाब के पास अकेले न जाएं। गर्मी बढ़ने के साथ इस तरह की घटनाएं हर साल सामने आती हैं। समय रहते सतर्कता और निगरानी बरती जाए तो कई अनमोल जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। हादसे की पुष्टि करते हुए सौरभ जोरवाल (DM) घटनास्थल पर पहुंचे और पूरी स्थिति का जायजा लिया। DM ने घोषणा की कि नदी में डूबने से जान गंवाने वाली सभी छह बच्चों के परिजनों को चार-चार लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा।
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