आज सुबह के 100 मुख्य समाचार पत्र ✉ नशे में शामिल 11पुलिस कर्मी टर्मिनेट। बाकी विभागों पर भी गाज गिरने वाली है

*लोहड़ी और मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएँ ! ये त्यौहार आपके जीवन में तिल-गुड़ की मिठास, पतंगों की उड़ान और सूर्य की ऊर्जा लेकर आएँ, आप सभी को खुशियाँ और समृद्धि प्रदान करें । अन्नत शुभकामनाओं सहित आप सभी को पुनः हार्दिक मंगलकामनाएँ और बधाई* 🙏

Jan 14, 2026 - 07:30
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आज सुबह के 100 मुख्य समाचार पत्र ✉  नशे में शामिल 11पुलिस कर्मी टर्मिनेट। बाकी विभागों पर भी गाज गिरने वाली है

] Vipin Rathour Mamta Kesrinews TRN: मुज़फ्फरनगर के थाना मीरापुर मे मिला होटल कर्मचारी का शव 

मीरापुर। सोमवार देर रात कस्बे के मौहल्ला पड़ाव चौक निवासी होटल पर कार्य करने वाले कर्मचारी का शव होटल के पीछे पानी के गड्ढे में पड़ा मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था 

कस्बे के मौहल्ला पड़ाव चौक निवासी अनुराग पुत्र अनिल गुप्ता उम्र करीब 30 वर्ष बाईपास स्थित एक होटल पर कार्य करता था। सोमवार की शाम करीब 6 बजे वह होटल पर कार्य करते हुए लापता हो गया था। होटल के अन्य कर्मचारियों व होटल स्वामी द्वारा काफी तलाश करने के बाद देर रात्रि उसका शव होटल के पीछे बने एक पानी के गड्ढे में पड़ा मिला। सूचना पर परिजन व पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। परिजनों द्वारा हंगामे की सूचना पर जानसठ सीओ रूपाली राव भी मौके पर पहुंच गई और परिजनों को शांत कर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस का कहना है कि देर रात को ही शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया था। मामले में अभी कोई तहरीर नहीं आई है। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा

मीरापुर। सोमवार देर रात कस्बे के मौहल्ला पड़ाव चौक निवासी होटल पर कार्य करने वाले कर्मचारी का शव होटल के पीछे पानी के गड्ढे में पड़ा मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था 

कस्बे के मौहल्ला पड़ाव चौक निवासी अनुराग पुत्र अनिल गुप्ता उम्र करीब 30 वर्ष बाईपास स्थित एक होटल पर कार्य करता था। सोमवार की शाम करीब 6 बजे वह होटल पर कार्य करते हुए लापता हो गया था। होटल के अन्य कर्मचारियों व होटल स्वामी द्वारा काफी तलाश करने के बाद देर रात्रि उसका शव होटल के पीछे बने एक पानी के गड्ढे में पड़ा मिला। सूचना पर परिजन व पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। परिजनों द्वारा हंगामे की सूचना पर जानसठ सीओ रूपाली राव भी मौके पर पहुंच गई और परिजनों को शांत कर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस का कहना है कि देर रात को ही शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया था। मामले में अभी कोई तहरीर नहीं आई है। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा

Vipin Rathour Mamta Kesrinews TRN: मुज़फ्फरनगर के थाना रामराज(विपिन राठौर) (प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तीसरे फेज के बारे में दी जानकारी। 

रामराज। 

भारत सरकार की ओर से गरीबों के कल्याण के लिए चलाई जा रही प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तीसरे चरण (उज्ज्वला 3.0) के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कुंवर वीर भारत गैस ग्रामीण वितरक की ओर से रामराज में एक विशेष जागरूकता कैंप का आयोजन किया गया। कैंप में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।

कैंप के दौरान वितरक प्रतिनिधियों द्वारा ग्रामीणों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 3.0 की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत भारत सरकार की ओर से पात्र लाभार्थियों को पूरी तरह मुफ्त गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया जाता है। इस मुफ्त कनेक्शन में एक गैस सिलेंडर, एक रेगुलेटर, एक गैस पाइप तथा एक गैस चूल्हा शामिल होता है तथा कनेक्शन के साथ पहली रिफिल भी भारत सरकार की ओर से मुफ्त दी जाती है, जिससे गरीब और जरूरतमंद परिवार बिना किसी आर्थिक बोझ के एलपीजी गैस का उपयोग शुरू कर सकें।

कार्यक्रम में गैस एजेंसी के मैनेजर आबिद हुसैन ने बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के द्वारा भारत सरकार का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को पारंपरिक ईंधन जैसे लकड़ी, उपले और कोयले के धुएं से मुक्ति दिलाना है। इससे महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार होगा, रसोई में काम करना आसान होगा और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

कैंप में पात्रता की जानकारी देते हुए बताया गया कि बीपीएल परिवार, अंत्योदय कार्डधारक, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग तथा अन्य निर्धारित श्रेणियों के परिवार, जिनके घर में अभी तक कोई भी गैस कनेक्शन नहीं है एक स्व घोषित डिप्रिवेशन डिक्लेरेशन देकर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। इसके साथ ही आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, ई-केवाईसी, गैस कनेक्शन बुकिंग और सिलेंडर रिफिल कराने की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया गया।

कार्यक्रम के दौरान गैस सिलेंडर और चूल्हे के सुरक्षित उपयोग को लेकर भी लोगों को जागरूक किया गया। कुंवर वीर भारत गैस ग्रामीण वितरक की ओर से अमृतपाल सिंह ने बताया कि भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कैंप क्षेत्र के अन्य गांवों में लगाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक पात्र परिवार प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 3.0 का लाभ उठा सकें।

ग्रामीणों ने कैंप की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से सरकारी योजनाओं की सही जानकारी मिलती है और जरूरतमंद लोगों तक सुविधाएं आसानी से पहुंच पाती हैं। कैंप में जानकारी देने में एजेंसी की ओर से मुख्य रूप से रजत कुमार, विनीत कुमार, गुरुसेवक सिंह, शावेज़, सागर भाटी, राजेंद्र सिंह रहे।

TRN LIVE: * देश राज्यों से बड़ी खबरें*

                        👇

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*1* सनातन धर्म को मिटाना आसान नहीं, ये सूरज और चांद की तरह अमर', सोमनाथ मंदिर को लेकर बोले शाह

*2* अमित शाह गुजरात दौरे पर हैं। मंगलवार को अमित शाह ने गांधीनगर में 267 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।शाह ने कहा, '16 बार तबाह किए जाने के बावजूद सोमनाथ मंदिर 1000 साल बाद भी पूरे गर्व और सम्मान के साथ खड़ा है और इसके शीर्ष पर धर्मध्वजा लहरा रही है।'

*3* शाह ने कहा, 'एक हजार साल पहले महमूद गजनी ने सोमनाथ मंदिर पर हमला किया और इसे तोड़ा। उसके बाद अन्य हमलावरों जैसे अलाउद्दीन खिलजी, अहमद शाह, महमूद बेगड़ा और औरंगजेब ने भी हमले किए, लेकिन हर हमले के बाद मंदिर का पुनर्निर्माण किया गया।

*4* सुप्रीम कोर्ट बोला-कुत्ते के काटने पर भारी मुआवजा तय होगा, जो आवारा कुत्तों को लेकर चिंतित, वे अपने घर ले जाएं; उन्हें ऐसे नहीं छोड़ सकते

*5* आर्मी चीफ बोले- पाकिस्तान बॉर्डर पर 8 आतंकी कैंप एक्टिव, ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है, किसी भी दुस्साहस का जवाब दिया जाएगा

*6* हमने पाकिस्तान की परमाणु हमले की गीदड़भभकी की हवा निकाली', ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बोले सेना प्रमुख

*7* कांग्रेस बोली-BJP और चीन में कौन सा गुप्त समझौता, भाजपा मुख्यालय में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी और बीजेपी नेताओं की मुलाकात पर सवाल उठाए

*8* भाजपा मुख्यालय के बाद अब चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का दल संघ  के दरवाजे पर पहुंचा है। चीनी नेताओं ने आरएसएस सरकार्यवाह दत्तात्रेय दत्तात्रेय होसबाले से मुलाकात की। इस दौरान यह बैठक करीब एक घंटे चली। यह शिष्टाचार भेंट चीनी पक्ष के अनुरोध पर हुई।

*9* राहुल गांधी ने विजय की ‘जन नायकन’ की रिलीज अटकने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। राहुल गांधी ने इसको लेकर अपने एक्स पर एक पोस्ट की है। इस पोस्ट में राहुल ने पीएम मोदी का जिक्र किया है। पोस्ट में राहुल ने लिखा, ‘सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा 'जन नायकन' को रोकने का प्रयास तमिल संस्कृति पर हमला है। पीएम मोदी आप तमिल जनता की आवाज को दबाने में कभी सफल नहीं होंगे।’

*10* तमिलनाडु में सबसे ज्यादा IVF क्लिनिक, एक्सपर्ट बोले- महिलाओं की हाई एजुकेशन, रोजगार और शहरी लाइफस्टाइल बड़ा कारण; गुजरात दूसरे नंबर पर

*11* बंगाल में दो नर्सों में निपाह वायरस के लक्षण मिले, दोनों की हालत गंभीर, प्राइवेट हॉस्पिटल में काम करते हैं; केंद्र बोला- एक्सपर्ट्स टीम भेजी

*12* PM मोदी की डिग्री मामला: आप नेताओं को मानहानि मामले में हाईकोर्ट से झटका, केजरीवाल-संजय सिंह की याचिकाएं खारिज

*13* नागपुर नगर निगम चुनाव में भाजपा-शिवसेना की जीत पर कोई संदेह नहीं, विपक्ष के पास देने के लिए कुछ नहीं, बोले फडणवीस

*14* मकर संक्रांति पर पतंगबाजी के लिए छतें किराए पर, अहमदाबाद में छतों का किराया 20 हजार से डेढ़ लाख रुपए तक; पतंगें, खाना-पीना साथ में

*15* '10 मिनट में डिलीवरी सर्विस बंद', ब्लिंकिट ने हटाया फीचर; Zepto, जोमैटो और स्विगी ने भी मानी सरकार की बात

*16* चांदी दो दिन में ₹20,000 बढ़कर ₹2.63 लाख/kg हुई, सोना ₹1.40 लाख प्रति 10 ग्राम बिक रहा; दोनों लगातार दूसरे दिन ऑलटाइम हाई पर

*17* सेंसेक्स 250 अंक गिरकर 83,628 पर बंद, निफ्टी में भी 58 अंक की गिरावट रही, फार्मा और ऑटो शेयर्स में बिकवाली

*18* दावा- ईरान में अब तक 12 हजार लोगों की हत्या, ज्यादातर की उम्र 30 साल से कम; जर्मनी बोला- ईरान में सरकार का खेल खत्म

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TRN LIVE: *_🕉️✡️श्री गणेशाय नम:✡️🕉️_*

 

   *_⚜️🌞दैनिक पंचांग🌙⚜️_*

*_✡️⚡14 - Jan - 2026⚡✡️_*

*_🔱💥New Delhi, India💥🔱_*

        *_⚜️🌞पंचांग🌙⚜️_*

    

*_🔅 तिथि एकादशी 05:55 PM तक ✳️उसके बाद द्वादशी तिथि 🔥_*

*_🔅शुभ नक्षत्र अनुराधा अगले दिन के +03:04 AM तक ✳️_*

*_🔅 करण :-भद्रा 👇नहीं है। ✳️_*

           बालव 05:55 PM तक,

           कौलव अगले दिन 07:09 AM तक।

*_🔅 पक्ष कृष्ण✳️_*  

🔅 योग गण्ड 07:55 PM

*_🔅 वार बुधवार✳️_*  

*_☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ👇_*    

🔅 सूर्योदय 07:15 AM  

🔅 चन्द्रोदय +04:25 AM  

*_🔅 चन्द्र राशि वृश्चिक🔥_*  

🔅 सूर्यास्त 05:45 PM  

🔅 चन्द्रास्त 01:48 PM  

🔅 ऋतु शिशिर  

*_☀ हिन्दू मास एवं वर्ष👇_*    

🔅 शक सम्वत 1947 विश्वावसु

🔅 कलि सम्वत 5127  

🔅 दिन काल 10:29 AM  

🔅 विक्रम सम्वत 2082  

🔅 मास अमांत पौष  

🔅 मास पूर्णिमांत माघ  

*_☀ शुभ और अशुभ समय👇_*    

*_☀ शुभ समय👇_*    

🔅 अभिजित कोई नहीं

*_☀ अशुभ समय👇_*    

🔅 दुष्टमुहूर्त 12:09 PM - 12:51 PM

🔅 कंटक 04:21 PM - 05:03 PM

🔅 यमघण्ट 09:21 AM - 10:03 AM

*_🔅 राहु काल 12:30 PM - 01:48 PM🔥_*

🔅 कुलिक 12:09 PM - 12:51 PM

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 07:57 AM - 08:39 AM

🔅 यमगण्ड 08:33 AM - 09:52 AM

🔅 गुलिक काल 11:11 AM - 12:30 PM

*_☀ दिशा शूल👇_*    

🔅 दिशा शूल उत्तर  

*_☀ चन्द्रबल और ताराबल👇_*    

*_☀ ताराबल👇_*  

🔅 अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती  

*_☀ चन्द्रबल👇_*  

🔅 वृषभ, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर, कुम्भ

*_💫🪴 जनवरी महीने 2026 के इन👇तारीखों में शुभाशुभ मुहुर्त🌹🥀_*

🔅 विवाह मुहूर्त

कृपया ध्यान दें👉 11 दिसम्बर को शुक्र अस्त हो गये हैं जो 1 फरवरी को उदय होंगे जिसके कारण इस बीच विवाह जैसे कार्य बन्द रहेंगे।

🔅 मुंडन मुहूर्त

21, 29

🔅 गृह प्रवेश मुहूर्त

कोई मुहूर्त नहीं है

🔅 नामकरण मुहूर्त

 14, 19, 21, 23, 25, 26, 28, 29

🔅 अन्नप्राशन मुहूर्त

 21, 23, 28

🔅 कर्णवेध मुहूर्त

  14, 19, 21, 24, 25, 26, 29, 31

🔅 विद्यारम्भ मुहूर्त

14, 16, 21, 23, 25, 29, 30

🔅 उपनयन/जनेऊ मुहूर्त

 21, 23, 28, 29, 30

🔅 वाहन खरीद मुहूर्त

 14, 19, 21, 28, 29

🔅 प्रॉपर्टी खरीद मुहूर्त

 14, 23, 24, 29

🔅 सर्वार्थ सिद्धि योग

  14, 18, 19, 25, 27, 28, 30

🔅 अमृत सिद्धि योग

14

🔅 पंचक

21

🔅 भद्रा

16, 22, 25, 29

*_⚜️लगन👇तालिका⚜️_*

    सूर्योदय का समय: 07:15:13

सूर्योदय के समय लग्न धनु द्विस्वाभाव

268°49′03″

🔅 धनु द्विस्वाभाव

शुरू: 05:15 AM समाप्त: 08:01 AM

 

🔅 मकर चर

शुरू: 08:01 AM समाप्त: 09:00 AM

 

🔅 कुम्भ स्थिर

शुरू: 09:00 AM समाप्त: 10:29 AM

 

🔅 मीन द्विस्वाभाव

शुरू: 10:29 AM समाप्त: 11:55 AM

 

🔅 मेष चर

शुरू: 11:55 AM समाप्त: 01:30 PM

 

🔅 वृषभ स्थिर

शुरू: 01:30 PM समाप्त: 03:26 PM

 

🔅 मिथुन द्विस्वाभाव

शुरू: 03:26 PM समाप्त: 05:41 PM

 

🔅 कर्क चर

शुरू: 05:41 PM समाप्त: 08:02 PM

 

🔅 सिंह स्थिर

शुरू: 08:02 PM समाप्त: 10:19 PM

 

🔅 कन्या द्विस्वाभाव

शुरू: 10:19 PM समाप्त: अगले दिन 00:36 AM

 

🔅 तुला चर

शुरू: अगले दिन 00:36 AM समाप्त: अगले दिन 02:56 AM

 

🔅 वृश्चिक स्थिर

शुरू: अगले दिन 02:56 AM समाप्त: अगले दिन 05:15 AM

*_⚜️6 बजे प्रातः👇 ग्रह स्पष्ट🪷_*

निरायण, Sidereal

ग्रह राशि

निरायण नक्षत्र, पद

निरायण

लग्न धनु 10°10' मूल4 भी

 सूर्य धनु29°37' उत्तराषाढा1 भे

 चन्द्र वृश्चिक6°15' अनुराधा1 ना

 बुध ^ धनु24°51' पूर्वाषाढा4 ढा

 शुक्र ^ मकर1°23' उत्तराषाढा2 भो

 मंगल ^ धनु28°31' उत्तराषाढा1 भे

 बृहस्पति * मिथुन25°24' पुनर्वसु2 को

 शनि मीन2°55' पूर्वभाद्रपदा4 दी

 राहू * कुम्भ17°20' शतभिष4 सू

 केतु * सिंह17°20' पूर्व फाल्गुनी2 टा

 यूरेनस * वृषभ3°26' कृत्तिका3 उ

 नेपच्यून मीन5°30' उत्तरभाद्रपदा1 दू

 प्लूटो मकर8°54' उत्तराषाढा4 जी

सायन, Tropical

ग्रह Tropical Position

सायन

लग्न 274°24'

 सूर्य 293°50'

 चन्द्र 240°28'

 बुध ^ 289°4'

 शुक्र ^ 295°36'

 मंगल ^ 292°44'

 बृहस्पति * 109°37'

 शनि 357°8'

 राहू * 341°33'

 केतु * 161°33'

 यूरेनस * 57°40'

 नेपच्यून 359°43'

 प्लूटो 303°8'

अयनांश लाहिरी / चित्रपक्ष = 24°13'

*_आज के लिए खास_*

*_यहां जो लेख दिये जा रहे हैं यह पूरी तरह जानकारी और अनुभव आधारित है, इसके प्रयोग के लाभ हानि के जिम्मेदार आप स्वयं होंगे इसमें लेखक एवं प्रसारणकर्ता की किसी प्रकार की जिम्मेदारी नहीं होगी_*

*_गोचर » सूर्य का मकर राशि मे..सूर्य का मकर राशि में गोचर (14 जनवरी 2026)_*

*_सूर्य का मकर राशि में गोचर: वैदिक ज्योतिष में सूर्य देव को नवग्रहों के राजा कहा जाता है जो 14 जनवरी 2026 की दोपहर 02 बजकर 50 मिनट पर मकर राशि में गोचर करने जा रहे हैं। सूर्य को उग्र ग्रह माना जाता है और यह हर महीने अपनी राशि परिवर्तन करते हैं जिससे अलग-अलग राशियों पर सूर्य का भिन्न-भिन्न प्रभाव पड़ता है। यह विशेष आर्टिकल आपको “सूर्य का मकर राशि में गोचर” से जुड़ी समस्त जानकारी प्रदान करेगा। बता दें कि कर्मफल दाता शनि महाराज की राशि मकर में सूर्य देव का गोचर महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यह संसार और राशियों को प्रभवित करने का सामर्थ्य रखता है।_*

*_सूर्य का मकर राशि में गोचर 14 जनवरी 2026 को होगा।_*

*_जब सूर्य देव अपनी मूल त्रिकोण राशि सिंह में बैठे होते हैं, तब यह आपको सभी कार्यों में सकारात्मक परिणाम देते हैं। इसी प्रकार, जब यह मंगल महाराज के स्वामित्व वाली राशि मेष में स्थित होते हैं जो कि इनकी उच्च राशि है, तो यह जातक को आत्मविश्वास और शक्ति का आशीर्वाद देते हैं।राशि चक्र में सूर्य सिंह राशि के अधिपति देव हैं और यह कुंडली के पांचवें भाव को नियंत्रित करते हैं। बता दें कि कुंडली में पांचवां भाव संतान, बुद्धि और आध्यात्मिकता का होता है। चलिए अब हम आगे बढ़ते हैं और जानते हैं सूर्य का मकर राशि में गोचर सभी 12 राशियों के जातकों को सकारात्मक और नकारात्मक किस तरह से प्रभावित करेगा।_*

*_यह राशिफल आपकी चंद्र राशि पर आधारित है। सूर्य का मकर राशि में गोचर: राशि अनुसार प्रभाव और उपाय👇_*

मेष राशि

*_मेष राशि वालों के लिए सूर्य देव आपके पांचवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके दसवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, सूर्य का मकर राशि में गोचर आपकी संतान के जीवन में प्रगति और सौभाग्य लेकर आएगा।करियर के क्षेत्र में आप अपनी मेहनत के बल पर प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ेंगे और ऐसे में, आपके प्रमोशन के योग बनेगे। व्यापार की बात करें, तो ट्रेड से जुड़े जातकों को अच्छे लाभ की प्राप्ति होगी और आप प्रतिद्वंदियों के लिए एक मज़बूत प्रतिद्वंदी बनकर उभरेंगे।निजी जीवन में आप जीवनसाथी के साथ यादगार पल बिताएंगे। साथ ही, आप दोनों का रिश्ता भावनात्मक रूप से मज़बूत होगा। स्वास्थ्य के मामले में आप ऊर्जावान और उत्साह से पूर्ण रहेंगे जिससे आप अच्छा महसूस करेंगे।_*

*_उपाय: रविवार के दिन सूर्य देव के लिए यज्ञ/हवन करें।_*

वृषभ राशि

*_वृषभ राशि के जातकों के लिए सूर्य देव आपके चौथे भाव के स्वामी हैं जो अब आपके नौवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। ऐसे में, सूर्य का मकर राशि में गोचर पिता और बड़े बुजुर्गों के साथ आपके रिश्ते में समस्याएं पैदा करेगा।जब बात आती है करियर की, तो इन जातकों को कार्यों में सफलता पाने में कठिनाई का अनुभव हो सकती है, जिससे आप तनाव में नज़र आ सकते हैं। सूर्य का मकर राशि में गोचर के दौरान आपके आर्थिक जीवन में थोड़ी अनिश्चितता रह सकती है क्योंकि आपको धन हानि होने की आशंका है। वहीं, व्यापार में आपको प्रतिद्वंदियों से हार का सामना करना पड़ सकता है।प्रेम जीवन में साथी के साथ आपके रिश्ते में अहंकार की समस्या जन्म ले सकती है जो कि आपके गलत बर्ताव का नतीजा हो सकती है। स्वास्थ्य की दृष्टि से,आपको पैरों में जकड़न की शिकायत रह सकती है।_*

*_उपाय: शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी के लिए यज्ञ/हवन करें।_*

मिथुन राशि

*_मिथुन राशि के जातकों की कुंडली में सूर्य देव आपके तीसरे भाव के स्वामी हैं और अब यह आपके आठवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। ऐसे में, सूर्य का मकर राशि में गोचर के दौरान आपकी प्रगति धीमी रह सकती है और खुशियाँ भी नदारद रह सकती हैं। साथ ही, आपको व्यर्थ की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।करियर की बात करें, तो इन जातकों को आगे बढ़ने और सफलता पाने की राह में मुश्किलों से दो-चार होना पड़ सकता है। आप पर काम का दबाव भी बढ़ सकता है। व्यापार के क्षेत्र में भी आपको हानि होने की संभावना है जिसके चलते आपके रिश्ते बिज़नेस पार्टनर के साथ कमजोर हो सकते हैं। आर्थिक जीवन में उतार–चढ़ाव बने रहने का अनुमान है और ऐसे में, आपको धन हानि हो सकती है।निजी जीवन में आपका रिश्ता साथी के साथ मधुर न रहने की आशंका है और इसके फलस्वरूप, आपको रिश्ते में खुशी और संतुलन बनाए रखना कठिन लग सकता है। स्वास्थ्य को देखें, तो आप में ऊर्जा और आत्मविश्वास दोनों की कमी रह सकती है जिसके चलते आप तनाव में आ सकते हैं।_*

*_उपाय: बुधवार के दिन बुध ग्रह के लिए यज्ञ/हवन करें।_*

कर्क राशि

*_कर्क राशि वालों के लिए सूर्य देव आपके दूसरे भाव के स्वामी हैं जो आपके सातवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, आपका सारा ध्यान परिवार और उसकी प्रगति पर केंद्रित होगा।करियर के संबंध में आपका वरिष्ठों के साथ मतभेद हो सकता है। साथ ही, आप पर काम का बोझ भी बढ़ सकता है। धन से जुड़े मामलों में आपको धन हानि हो सकती है और ऐसे में, आपके लिए बचत करना मुश्किल होगा। व्यापार को देखें, तो सूर्य का मकर राशि में गोचर के दौरान आपको लाभ न होने की आशंका है जिसकी वजह व्यापार का सही प्रबंधन नहीं होगा।प्रेम जीवन में आपके रिश्ते में प्रेम और सौहार्द की कमी रह सकती है जिसकी वजह आप दोनों के बीच का अहंकार हो सकता है। बात करें स्वास्थ्य की, तो इन जातकों को अपने जीवनसाथी की सेहत पर धन खर्च करना पड़ सकता है।_*

*_उपाय: प्रतिदिन “ॐ दुर्गाय नमः” मंत्र का 41 बार जाप करें।_*

सिंह राशि

*_सिंह राशि के जातकों के लिए सूर्य देव आपके लग्न भाव के स्वामी हैं जो कि अब आपके छठे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। ऐसे में, सूर्य का मकर राशि में गोचर आपके जीवन में थोड़े प्रयासों से भी प्रगति और सफलता लेकर आएगा।करियर के क्षेत्र में आपको नौकरी के नए अवसर मिल सकते हैं, जिससे आपके भीतर सेवा की भावना और काम के प्रति समर्पण में वृद्धि होगी। इस दौरान आपकी मेहनत और समर्पण को देखर वरिष्ठ अधिकारी प्रभावित होंगे और ऐसे में, आपको प्रशंसा की प्राप्ति होगी।व्यापार की बात करें, तो सूर्य गोचर की अवधि में आप अच्छा ख़ासा लाभ कमाएंगे जिसके चलते आप अपने जीवन को सुख-सुविधा से पूर्ण बनाने में सक्षम होंगे। इन जातकों को नए व्यापार के मौके भी मिलेंगे जिससे मुनाफा बढ़ेगा। आर्थिक स्थिति भी मजबूत रहेगी और धन लाभ होने की संभावना अधिक होगी।निजी जीवन में आप जीवनसाथी के प्रति ईमानदार और समर्पित रहेंगे। स्वास्थ्य के मामले में आपकी सेहत अच्छी रहेगी जो कि आपके भीतर के साहस और दृढ़ता का परिणाम होगा।_*

*_उपाय: प्रतिदिन आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।_*

कन्या राशि

*_कन्या राशि वालों की कुंडली में सूर्य ग्रह आपके बारहवें भाव के स्वामी हैं और अब यह आपके पांचवें भाव में प्रवेश करेंगे। सूर्य का मकर राशि में गोचर के दौरान आपका सारा ध्यान लक्ष्य पूरे करने और जीवन का आनंद लेने में होगा। इन लोगों की रुचि सट्टेबाजी और ट्रेडिंग में होगी। हालांकि, संतान की प्रगति आपके लिए चिंता का विषय हो सकती है।करियर की बात करें, तो सूर्य गोचर के दौरान ज्यादा प्रगति की उम्मीद बेहद कम होगी, जिसके चलते काम को लेकर आप असंतुष्ट रह सकते हैं। साथ ही, यह जातक नौकरी के बेहतर अवसरों की तलाश में नौकरी बदलने का मन बना सकते हैं। इसके अलावा, कन्या राशि वालों को सूर्य गोचर की अवधि में व्यापार में मुनाफा कम और नुकसान ज्यादा होने की आशंका है।प्रेम जीवन में आपके और साथी के रिश्ते में विश्वास की कमी रह सकती है जो आपके बीच दूरी और असंतुष्टि की वजह बन सकती है। जब बात आती है स्वास्थ्य की, तो आप संतान की सेहत और प्रगति को लेकर चिंतित नज़र आ सकते हैं।_*

*_उपाय: मंगलवार के दिन देवी दुर्गा के लिए यज्ञ/हवन करें।_*

तुला राशि

*_तुला राशि के जातकों के लिए सूर्य महाराज आपके ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके चौथे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, सूर्य का मकर राशि में गोचर आपकी सुख-सुविधाओं में वृद्धि करवाएगा। साथ ही, आपको संपत्ति के माध्यम से लाभ प्राप्ति के योग बनेंगे।इन जातकों को करियर में ख़ुशी के पल देखने को मिलेंगे क्योंकि आपके प्रयासों में सफलता मिलेगी। ऐसे में, आपको नौकरी में प्रगति मिलने की संभावना है। व्यापार के क्षेत्र में सूर्य गोचर की अवधि में आपको अच्छा ख़ासा लाभ प्राप्त होगा। आर्थिक जीवन में इन लोगों को औसत रूप से मुनाफा मिलेगा, परंतु खर्चों में भी बढ़ोतरी हो सकती है।बात करें निजी जीवन की, तो जीवनसाथी के साथ आपका रिश्ता सामान्य रहेगा, लेकिन आपसी समझ में कमी रह सकती है। स्वास्थ्य के मामले में आपका अच्छा स्वास्थ्य बना रहेगा और साथ ही, आपको अपनी माता की सेहत पर व्यर्थ का धन ख़र्च करना पड़ सकता है जो आपके लिए चिंता का विषय बन सकता है।_*

*_उपाय: प्रतिदिन ललिता सहस्रनाम का पाठ करें।_*

वृश्चिक राशि

*_वृश्चिक राशि के जातकों के लिए सूर्य महाराज आपके दसवें भाव के स्वामी हैं। अब यह आपके तीसरे भाव में प्रवेश करने जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, सूर्य का मकर राशि में गोचर की अवधि में आपका ध्यान व्यक्तिगत विकार पर होगा और ऐसे में, आप काफ़ी प्रयास करते हुए दिखाई दे सकते हैं।बात करें करियर की, तो सूर्य गोचर के दौरान आपको काफ़ी यात्राएं करनी पड़ सकती हैं इसलिए आपका ध्यान यात्राओं पर होगा। आपको नौकरी के नए अवसर भी मिल सकते हैं। व्यापार के संबंध में आप नए आइडिया या किसी नई नीति के साथ आगे बढ़ेंगे जिससे आपको लाभ होगा। सूर्य का मकर राशि में गोचर का समय आपके आर्थिक जीवन के लिए अनुकूल रहेगा क्योंकि इस दौरान आप धन कमाने के साथ-साथ बचत करने की स्थि\ति में होंगे।निजी जीवन में आपका व्यवहार साथी के प्रति काफ़ी हद तक अच्छा रहेगा और ऐसे में, आपका रिश्ता ख़ुशियों से भरा रहेगा। स्वास्थ्य को देखें, तो आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और आप प्रसन्न दिखाई देंगे। साथ ही, आपको कोई स्वास्थ्य समस्या भी परेशान नहीं करेगी।_*

*_उपाय: मंगलवार के दिन मंगल ग्रह के लिए यज्ञ/हवन करें।_*

धनु राशि

*_धनु राशि वालों की कुंडली में सूर्य देव आपके नौवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके दूसरे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, सूर्य का मकर राशि में गोचर के दौरान आपको पिता का हर कदम पर साथ मिलेगा। आपको किस्मत का भी साथ मिलेगा।करियर के क्षेत्र में आपको अपनी मेहनत और समर्पण के बल पर वरिष्ठों द्वारा सराहना की प्राप्ति होगी। साथ ही, आपके प्रमोशन के भी योग बनेंगे। व्यापार में आपको लाभ मिलेगा और आप एक मज़बूत प्रतिद्वंदी बनकर सामने आएंगे। आर्थिक जीवन में आप ज्यादा से ज्यादा धन कमाने में सक्षम होंगे जो कि पैतृक संपत्ति के माध्यम से प्राप्त होगी।निजी जीवन में आप साथी के साथ ख़ुश रहेंगे जो आपके मज़बूत आपसी तालमेल का परिणाम होगा। स्वास्थ्य की बात करें, तो इन जातकों में साहस कूट-कूटकर भरा होगा जिसके चलते आपकी सेहत अच्छी रहेगी।_*

*_उपाय: प्रतिदिन “ॐ गुरवे नमः” का 21 बार जाप करें।_*

मकर राशि

*_मकर राशि के जातकों के लिए सूर्य महाराज आपके आठवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके लग्न भाव में प्रवेश करने जा रहे हैं। इसके फलस्वरूप, इन जातकों को पैतृक संपत्ति और अप्रत्याशित स्रोतों के माध्यम से धन लाभ होगा जिससे आप काफी ख़ुश दिखाई देंगे। हालांकि, इस दौरान कुछ अप्रिय परिस्थितियां और समस्याओं का आपको सामना भी करना पड़ सकता है, जिन्हें आपको बुद्धिमानी से संभालना होगा।बात करें करियर की, तो आप संतुष्टि की कमी की वजह से नौकरी बदलने का मन बना सकते हैं। वहीं, इस समय आपका व्यापार सामान्य रूप से आगे बढ़ेगा, लेकिन आपको पैतृक संपत्ति और सट्टेबाजी के द्वारा लाभ मिल सकता है। आर्थिक जीवन में आपको हानि होने की आशंका है जिसके चलते आप तनाव में आ सकते हैं।निजी जीवन में आपसी समझ की कमी वजह से आपकी साथी के साथ बहस हो सकती है। बात करें सेहत की, तो आपको कंधों और गले में दर्द की समस्या परेशान कर सकती है।_*

*_उपाय: मंगलवार के दिन माता काली के लिए यज्ञ/हवन करें।_*

कुंभ राशि

*_कुंभ राशि के जातकों के लिए सूर्य देव आपके सातवें भाव के स्वामी हैं और अब यह आपके बारहवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, सूर्य का मकर राशि में गोचर आपके जीवन में सफलता पाने के मार्ग में बाधाएं लेकर आ सकता है।करियर के क्षेत्र में आपको समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है जिसकी वजह से आप असंतुष्ट नज़र आ सकते हैं। साथ ही, आपको नौकरी में बदलाव या नौकरी में स्थानांतरण जैसी परिस्थिति से गुजरना पड़ सकता है जो आपको पसंद नहीं आएगी। बात करें व्यापार की, तो आपको प्रतिद्वंदियों से कड़ी टक्कर मिल सकती है और ऐसे में, आपका लाभ कम रह सकता है। आर्थिक जीवन में भी आप अधिक धन कमाने में नाकाम रह सकते हैं। यदि आप धन कमा भी लेंगे, तो आप उसकी बचत नहीं कर पाएंगे।निजी जीवन की बात करें, तो आपकी छवि पार्टनर की नज़रों में थोड़ी ख़राब हो सकती है जिससे आपके रिश्ते में तनाव बढ़ सकता है। स्वास्थ्य के मामले में पैरों में दर्द होने के कारण आप परेशान रह सकते हैं।_*

*_उपाय: मंगलवार के दिन हनुमान जी के लिए यज्ञ/हवन करें।_*

मीन राशि

*_मीन राशि वालों की कुंडली में सूर्य महाराज आपके छठे भाव के स्वामी हैं और अब यह आपके ग्यारहवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। सूर्य का मकर राशि में गोचर आपको कार्यों में किए गए प्रयासों के द्वारा सफलता दिलाएगा। ऐसे में, आप अपनी क्षमताओं और योग्यताओं को साबित कर सकेंगे। साथ ही, आप अपनी इच्छाओं को पूरा करके संतुष्ट दिखाई देंगे।करियर की बात करें, तो आपको जीवन के लगभग हर क्षेत्र में सफलता की प्राप्ति होगी, विशेष रूप से करियर में। यह जातक बेहद महत्वाकांक्षी होंगे इसलिए पेशेवर जीवन में अपनी एक अलग पहचान बनाने में सक्षम होंगे।व्यापार को देखें, तो सूर्य गोचर की अवधि में आप एक नेता बनकर उभरेंगे। साथ ही, आप प्रतिद्वंदियों को नए तरीकों से मात देने में सफल होंगे। आर्थिक जीवन में आप धन कमाने की स्थिति में होंगे और ऐसे में, आप पैसों की बचत कर सकेंगे।निजी जीवन में आप साथी के साथ ख़ुश और ईमानदार दिखाई देंगे इसलिए आप रिश्ते को मज़बूत और खुशहाल बनाने में सक्षम होंगे। स्वास्थ्य के मामले में आप खुद को फिट बनाए रखेंगे जिसकी वजह आपके भीतर का साहस होगा।_*

*_उपाय: गुरुवार के दिन गुरु ग्रह के लिए यज्ञ/हवन करें।_*

*_अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न_*

*_1. सूर्य का मकर राशि में गोचर कब होगा?_*

*_सूर्य देव 14 जनवरी 2025 को मकर राशि में गोचर करेंगे।_*

*_2. मकर राशि के स्वामी कौन हैं?_*

*_राशि चक्र की दसवीं राशि मकर के स्वामी शनि देव हैं।_*

*_3. सूर्य एक राशि में कितने दिन रहते हैं?_*

*_ज्योतिष के अनुसार, सूर्य ग्रह एक राशि में 30 दिन रहते हैं।_*

*_सूर्य गोचर का देश-दुनिया पर प्रभाव!:-सूर्य का मकर राशि में गोचर:-स्‍टॉक मार्केट में आएगा बड़ा बदलाव!👇_*

*_ज्योतिष समाचार, राशिफल:-सूर्य का मकर राशि में गोचर:- किसी भी महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटना की नवीनतम अपडेट हम अपने रीडर्स को समय से पहले दे पाएं और इसी कड़ी में हम आपके लिए लेकर आए हैं सूर्य का मकर राशि में गोचर से संबंधित यह खास ब्लॉग।_*

*_14 जनवरी, 2026 को सूर्य मकर राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। इस गोचर का सभी राशियों समेत देश-दुनिया और स्‍टॉक मार्केट पर गहरा प्रभाव देखने को मिलेगा।ज्‍योतिष शास्‍त्र के अनुसार सूर्य व्‍यक्‍ति के अहंकार, पहचान और जीवन को दर्शाता है। सूर्य की जागरूक करने वाली रोशनी हमारे आत्‍मविश्‍वास को बढ़ाती है, जीवन के उद्देश्‍य और दिशा को मजबूत करती है। जिस तरह सूर्य सौर प्रणाली का केंद्र है, उसी तरह यह हमारे अस्तित्‍व का केंद्र माना जाता है। यह हमारे अंदर की उस रोशनी का प्रतीक है जो चमकना चाहती है, सृजन करना चाहती है और पहचान पाना चाहती है।सूर्य ग्रह इच्‍छाशक्‍ति, खुद के विचारों को व्‍यक्‍त करने और नेतृत्‍व करने के गुण के कारक हैं। सूर्य दर्शाता है कि हम क्‍या बनने का प्रयास करते हैं और हम दुनिया में किस तरह पहचाने जाएंगे। राशि और भाव में सूर्य की स्थिति बताती है कि हमारे अंदर की रोशनी कहां सबसे ज्‍यादा चमकती है और हम स्‍वाभाविक रूप से अधिकार, रचनात्‍मकता, आत्‍मविश्‍वास और जीवन की ऊर्जा को कैसे व्‍यक्‍त करते हैं।_*

*_सूर्य का मकर राशि में गोचर:- समय:- सूर्य का मकर राशि में गोचर 14 जनवरी, 2026 को दोपहर 02 बजकर 50 मिनट पर होगा। सूर्य का मकर राशि में होने को उत्तरायण माना जाता है इसलिए यह बहुत शुभ समय होता है। तो चलिए अब बिना देर किए आगे बढ़ते हैं और जानते हैं कि इसका स्‍टॉक मार्केट, राशियों और देश-दुनिया पर क्‍या प्रभाव पड़ेगा।👇_*

*_सूर्य का मकर राशि में होना: विशेषताएं:-कुंडली में सूर्य के मकर राशि में होने पर व्‍यक्‍ति ईमानदार, जिम्‍मेदार और अपने करियर को लेकर समर्पित रहता है। समाज में इनका खूब नाम और मान-सम्‍मान होता है। ये किसी भी चीज़ को समझने के लिए सक्रिय और उत्‍साही तरीका अपनाते हैं। ये किसी भी चीज़ पर बहुत अच्‍छे से फोकस कर सकते हैं।सूर्य के इस राशि में होने पर ये जातक अपनी आकांक्षाओं को बहुत गंभीरता से लेते हैं और व्‍यावहारिक स्‍वभाव के होते हैं। ये अपने करियर में बड़ी सफलता पाने के लिए मेहनत करते हैं या अपने लक्ष्‍यों को प्राप्‍त करने का प्रयास करते हैं। इन्‍हें व्‍यापार के क्षेत्र में प्रतिस्‍पर्धा करना पसंद होता है और ये आत्‍मविश्‍वास से भरपूर होते हैं। ये समाज सेवा और राजनीति में रुचि रखते हैं। ये अक्‍सर लोगों की स्‍वीकृति और समर्थन प्राप्‍त करना चाहते हैं।ये भरोसेमंद और समर्पित होते हैं। ये हर चीज़ को तर्क से समझते हैं और जमीन से जुड़े होते हैं। काम के मामले में ये अपने लाभ, पद और आय की तलाश करते हैं। ये कभी-कभी लालची हो सकते हैं।बहुत ज्‍यादा बुद्धिमान होने के बावजूद ये अपनी बुद्धिमानी का सही तरीके से उपयोग नहीं कर पाते हैं। इन्‍हें पता होता है कि ये अपनी जिंदगी में क्‍या करना चाहते हैं। इन्‍हें अपने जीवन के उद्देश्‍य या मकसद की परवाह नहीं होती है। इन्‍हें लीवर से संबंधित समस्‍याएं, आंतों से जुड़े विकार और हार्ट से जुड़ी बीमारियां होने का खतरा रहता है। इनकी पत्‍नी और बच्‍चों की बात करें, तो ये उन्‍हें नियंत्रित करने की सोचते हैं।_*

*_पौराणिक कथाओं में सूर्य और शनि को पिता-पुत्र बताया गया है और शनि देव मकर राशि के स्‍वामी हैं। हालांकि, वैदिक ज्‍योतिष के अनुसार सूर्य और शनि के बीच शत्रुता का संबंध है और ये दोनों एक-दूसरे को पसंद नहीं करते हैं। मकर पृथ्‍वी तत्‍व की राशि है और सूर्य निडर और निर्मम ग्रह है। मकर राशि चक्र की दसवीं राशि है। यह राशि अनुशासन और अपने काम पर ध्‍यान देने को दर्शाती है जबकि सूर्य आत्‍मा, स्‍वास्‍थ्‍य और देखभाल का कारक है। इन्‍हें व्‍यावसायिक यात्रा करना पसंद होता है।_*

*_सूर्य का मकर राशि में गोचर: इन राशियों पर पड़ेगा सकारात्‍मक प्रभाव_*

कर्क राशि

*_दूसरे भाव के स्‍वामी सूर्य देव इस राशि के सातवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। कर्क राशि के जातकों को अपने संबंधों में सफलता मिलेगी और ये अपने रिश्‍तों को एक महत्‍वपूर्ण दोस्‍ती के रूप में देख सकते

TRN LIVE: *🕉️🟢 ॐ गं 🟢🕉️*

*🌞पञ्चाङ्ग 14 _ जनवरी_ 2026 🌞*

⛅ *दिन _ बुधवार* 

⛅ *विक्रम संवत _ 2082 सिद्धार्थी* 

⛅ *शाक संवत _ 1947*

🌞 *सूर्यायण _ उत्तरायण*

⛅ *ऋतु _ शिशिर*

⛅ *मास _ माघ*

🌑 *पक्ष _ कृष्ण*

⛅ *तिथि _ एकादशी शाम 05:53 तक तत्पश्चात द्वादशी*

🌟 *नक्षत्र _ अनुराधा रात्रि 03:03 तक तत्पश्चात ज्येष्ठा*

⛅ *योग _ गण्ड शाम 07:55 तक तत्पश्चात वृद्धि*

⛅ *करण _ बालव शाम 05:53 तक तत्पश्चात कौलव*

🌑 *#राहुकाल _ दोप. 12:30 से दोप. 01:47:54 तक* 

🌞 *सूर्योदय _ 07:20*

🌒 *सूर्यास्त _ 05:42*

🌜 *चंद्र राशि _ वृश्चिक*

🌞 *सूर्य राशि _ धनु /मकर*

💫 *दिशाशूल _ उत्तर दिशा में*

🦜 *व्रत_पर्व_विवरण _ सूर्य मकर में प्रवेश ,मकर संक्रांति, षटतिला एकादशी व्रत , सर्वार्थसिद्धि योग ,अमृतसिद्धि योग , राजयोग ,संक्रांति पुण्य काल सुबह 08:43 से संपूर्ण दिन, गंगासागर यात्रा व स्नान, पोंगल,माघ बिहू*

🧭 *पं.तपेश_अवस्थी* 📱#9549999840

1️⃣ *बुधवार 🟢के शुभाशुभ_मुहूर्त*

राहुकाल दोप. 12:30 - 01:47

 यमगण्ड 08:36 - 09:54

गुलिक काल 11:12 - 12:30

दूरमुहूर्त 22:46 - 22:48

2️⃣🌞 *दिन_का_चौघड़िया*

*लाभ 07:20 - 08:36 शुभ*

*अमृत 08:36 - 09:54 शुभ*

 काल 09:54 - 11:11 अशुभ

*शुभ 11:11 - 12:29 शुभ*

रोग 12:29 - 01:46 अशुभ

उद्वेग 01:46 - 03:04 अशुभ

*चर 03:04 - 04:22 शुभ*

*लाभ 04:22 - 05:40 शुभ*

3️⃣🌒 *रात_का_चौघडिया*

उद्वेग 05:40 - 07:22 अशुभ

*शुभ 07:22 - 09:04 शुभ*

*अमृत 09:04 - 10:46 शुभ*

*चर 10:46 - 12:29 शुभ*

रोग 12:29 - 02:11 अशुभ

काल 02:11 - 03:53 अशुभ

*लाभ 03:53 - 05:36 शुभ*

उद्वेग 05:36 - 07:20 अशुभ

4️⃣🌞 *दिन_का_होरा*

बुध 07:20 - 08:20

चन्द्र 08:20 - 09:20

शनि 09:20 - 10:20

गुरु 10:20 - 11:20

मंगल 11:20 - 12:20

सूर्य 12:20 - 13:20

शुक्र 13:20 - 14:20

बुध 14:20 - 15:20

चन्द्र 15:20 - 16:20

शनि 16:20 - 17:20

गुरु 17:20 - 18:20

मंगल 18:20 - 19:20

5️⃣🌒 *रात_का_होरा*

सूर्य 19:20 - 20:20

शुक्र 20:20 - 21:20

बुध 21:20 - 22:20

चन्द्र 22:20 - 23:20

शनि 23:20 - 24:20

गुरु 24:20 - 01:20

मंगल 01:20 - 02:20

सूर्य 02:20 - 03:20

शुक्र 03:20 -- 04:20

बुध 04:20 - 05:20

चन्द्र 05:20 - 06:20

शनि 06:20 - 07:20

🕉️ *#माँ_पीताम्बरा_ज्योतिष_केंद्र*🕉️

*#ज्योतिष_CUSTOMIZED_VEDIK #pdf_kundli_वास्तुनक़्शे_वैदिक कर्मकांड*

🔻 *पं.#तपेश_अवस्थी*🔻

*📱 TRN LIVE: *आज का राशिफल व पंचांग*

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*14 जनवरी, 2026, बुधवार*

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*आज और कल का दिन खास*

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14 जनवरी 2026 : षटतिला एकादशी व्रत आज।

14 जनवरी 2026 : पोंगल उत्सव आज।

14 जनवरी 2026 : मकर संक्रांति आज।

14 जनवरी 2026 : धनु मलमास आज होगा पूर्ण।

14 जनवरी 2026 : तैल संक्रांति आज।

14 जनवरी 2026 : गंगासागर स्नान आज।

15 जनवरी 2026 : मत्तु पोंगल कल।

15 जनवरी 2026 : तिल द्वादशी कल।

15 जनवरी 2026 : थलसेना दिवस कल।

राजेन्द्र गुप्ता,

ज्योतिषी और हस्तरेखाविद

मो. 9116089175

नोट- अगर आप अपना भविष्य जानना चाहते हैं तो ऊपर दिए गए मोबाइल नंबर पर कॉल करके या व्हाट्स एप पर मैसेज भेजकर पहले शर्तें जान लेवें, इसी के बाद अपनी बर्थ डिटेल और हैंडप्रिंट्स भेजें।

आज का राशिफल

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14 जनवरी, 2026, बुधवार

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मेष राशि : जो लोग दूसरे के लिए मांगते हैं, उन्हें कभी अपने लिए नहीं मांगना पड़ता है। माता के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। किसी के बहकाने से सपने संबंध तोडऩे से बचें। पैर में चोट लग सकती है। समाज में नाम आपका होगा।

वृषभ राशि : किसी के बहकावे में आप बहुत जल्द आ जाते हैं। समय रहते जरूरी कार्य पूरे करें। निजी जीवन में दूसरों को प्रवेश न दें। पिता के व्यवहार से मन मुटाव होगा। जीवनशैली में परिवर्तन के योग है। पुरानी दुश्मनी के चलते विवाद संभव है।

मिथुन राशि : सोचे हुए कार्य समय पर होने से मन प्रसन्न रहेगा। अपने वाक् चातुर्य से सभी काम आसानी से करवा लेंगे। कार्यस्थल पर अपनी अलग पहचान स्थापित करेंगे। प्रेम-प्रसंग के चलते मन उदास रहेगा।

कर्क राशि : व्यस्तता के कारण सेहत को न भूलें। अपने जीवनसाथी से नम्रता से बात करें और आपके दोनों के वार्तालाप में स्नेह झलके ना कि बनावटी बातें करें। वाणी मधुर रहे। यात्रा के योग बन रहे हैं।

सिंह राशि : अपने अक्खड़ व्यवहार से सभी से दूरियां बढ़ा लेंगे। व्यवहार नम्र रहे और अपने क्रोध पर नियंत्रण रखें। पिता के साथ तालमेल न रहने से घर का वातावरण गरमा सकता है। संपत्ति से संबंधित जरूरी अनुबंध हो सकते हैं।

कन्या राशि : आपकी कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। जीवनशैली में आये परिवर्तन से खुश होंगे। आजीविका के नए स्रोत स्थापित होंगे। पारिवारिक सौहार्द बना रहेगा। मांगलिक समारोह में सक्रिय भूमिका रहेगी।

तुला राशि : जिन लोगों का सहयोग आप ने किया था, आज वे ही आप से मुंह फेर रहे हैं। बीमारी में दवाई असर नहीं करेगी। बेहतर होगा अपना डॉक्टर बदलें या किसी योग्य व्यक्ति से सलाह लें। नए भवन में जाने के योग हैं।

वृश्चिक राशि : अपने स्वभाव में परिवर्तन लाना बहुत जरूरी है। कार्यस्थल पर योजना लाभप्रद रहेगी। पड़ोसियों की मदद करनी पड़ सकती है। क्रोध की अधिकता से परिजन नाखुश होंगे। शेयर बाजार में निवेश से लाभ होगा।

धनु राशि : समय रहते अपने कार्य पूर्ण करें। पारिवारिक लोगों का सहयोग न मिलने से कार्य प्रभावित होंगे। घर में वास्तु अनुरूप परिवर्तन करें, तो पारिवारिक तनाव खत्म होगा। फैक्ट्री में प्रवेश द्वार पर पंचमुखी हनुमान की तस्वीर लगायें, चमत्कारिक लाभ होगा।

मकर राशि : जल्दबाजी में किये फैसलों से भारी नुकसान हो सकता है। परिवार में आप की बातों को सुना जायेगा। धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता होगी। जीवनसाथी के स्वास्थ्य में सुधार होगा। परीक्षा परिणाम अनुकूल रहेगा।

कुम्भ राशि : अपने हिसाब से जिन्दगी जीना पसंद है। जो लोग आप के कार्यों की सराहना करते थे, वे आप का विरोध करेंगे। भवन-भूमि के विवादों का अंत होगा। पिता के व्यवसाय में रुचि कम रहेगी।

मीन राशि : समय से पहले और भाग्य से ज्यादा किसी को नहीं मिलता। अपनी बारी का इंजतार करें। संतान के सहयोग से कार्य पूरे होंगे। नए लोगों से संपर्क बनेगा, जो भविष्य में लाभदायक रहेगा। वाहन सुख संभव है।

राजेन्द्र गुप्ता,

ज्योतिषी और हस्तरेखाविद

मो. 911608917

आज का पंचांग

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14 जनवरी 2026, बुधवार  

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तिथि एकादशी 05:55 PM 

                        अगले दिन

नक्षत्र अनुराधा 03:04 AM

करण बालव, 05:55 PM,

                         अगले दिन

           कौलव 07:09 AM 

पक्ष कृष्ण

योग गण्ड 07:55 PM

वार बुधवार   

सूर्योदय 07:15 AM 

सूर्यास्त 05:45 PM

चन्द्रमा वृश्चिक 

राहुकाल 12:30 - 01:48 PM 

विक्रमी संवत्  2082

शक सम्वत 1947 ( विश्वावसु )

मास अमांत पौष

मास पूर्णिमांत माघ

शुभ मुहूर्त 

अभीजित कोई नहीं

राजेन्द्र गुप्ता,

ज्योतिषी और हस्तरेखाविद

मो. 9116089175

नोट- अगर आप अपना भविष्य जानना चाहते हैं तो ऊपर दिए गए मोबाइल नंबर पर कॉल करके या व्हाट्स एप पर मैसेज भेजकर पहले शर्तें जान लेवें, इसी के बाद अपनी बर्थ डिटेल और हैंडप्रिंट्स भेजें।

विक्की प्रजापत की पोस्ट.?

TRN LIVE TRNDKB: यूपी के प्रयागराज माघ मेला का एक दिलचस्प वीडियो सामने आया है

वोट क्लब इलाके में अचानक एक वानर पहुंच गया और उसकी चाहत थी नौका विहार करने की

नाव की तलाश शुरू हुई तो मेले में आए दो युवक उसकी फिरकी लेने लगे

वानर भी तेजतर्रार और होशियार निकला और पलक झपकते ही उन दोनों की नाव पर कूद पड़ा

वापसी के समय यही वानर उखड़ गया और एक युवक को बस काटते काटते छोड़ा

उसे उतारते समय युवक खुद कैसे भागा, वीडियो में देखें

TRN LIVE 

: *कांग्रेस की घटिया करतूत, यदि मोदी जी सही समय पर नोटबंदी नहीं करते तो भारत की हालत सोमालिया जैसी हो जाती*😡😡😡😡

क्या आप जानते हैं नोटबंदी पी चिदंबरम और भारत तोड़ो गैंग का वो नेटवर्क जिसे आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने वर्तमान सरकार की सहायता से तोड़ा...यही वजह रही की एक पत्रकार के सवाल का जवाब देने में असमर्थ पी चिदंबरम ने शो आधा रद्द कर दिया और बीच में से उठकर चले गए।आपकी जानकारी के लिए प्रस्तुत है।

इस ऐतिहासिक साक्षात्कार के अंश जिसकी वजह से देश की करेंसी बदलनी पड़ी, और ऐन मौके पर भारत को सोमालिया बनने से बचाया जा सका!

रिपोर्टर: क्या आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने आपसे शिकायत की है कि आपने भारतीय रुपये की छपाई की मशीन पाकिस्तान को बेच दी है?चिदंबरम यह सच है।

जैसे ही मशीन का जीवन समाप्त हुआ हमने उस पर बोली लगाने के लिए निविदा दी। पाकिस्तानी कंपनी करण बोली लगाने वाली थी।

हमने बेच दिया।रिपोर्टर: क्या यह सही है कि आपने यह जानते हुए भी कि पाकिस्तान में हमारे भारतीय रुपये के नोट जाली हो रहे हैं, मशीन पाकिस्तान को बेच दी?चिदंबरम मैं अनुमान के आधार पर प्रश्नों का उत्तर नहीं दे सकता।

रिपोर्टर रिजर्व बैंक ने जहां कहा है कि 500, 1000 रुपये के 99 फीसदी नोट बैंक को वापस कर दिए गए हैं, वहीं आपने कहा है कि अगर कांग्रेस दोबारा सत्ता में आई तो हम पुराने रुपये के नोटों को वैध कर देंगे।

तो क्या यह सच है कि आपने पाकिस्तान में 5 लाख करोड़ रुपये के 500 और रु. 1000 के नोट जमा किए हुए हैं?चिदंबरम कांग्रेस को सत्ता में आने दो... वह उठा और गुस्से में चला गया।

शो आधा हो चुका था।तमिलनाडु से रघुराम राजन का कबूलनामा:“मुद्रा संकट के दौरान कुल 15 लाख करोड़ 500 और 1000 रुपये के नोटों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।

सरकार ने घोषणा की कि वे सभी वापस आ गए हैं। लेकिन वास्तव में केवल 10 लाख करोड़ ही वापस आए।हमने झूठ बोलने का कारण ढूंढा तो पता चला कि बाकी 5 लाख करोड़ का मालिक कौन है और उनका अगला कदम क्या है, इस पर नज़र रखना है।

जब यह तथ्य सामने आया कि केंद्र सरकार और मेरे बीच संघर्ष की प्रवृत्ति ने एक आदर्श नाटक का कारण बना और मैंने रिजर्व बैंक के गवर्नर के पद से इस्तीफा दे दिया।

मुझे पता चला है कि सारा पैसा कहां है। अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो वे सब कुछ वैध नोट में बदल देंगे।इतना ही नहीं पाकिस्तानी उग्रवादियों से पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम को 10 करोड़ रुपये का तोहफा मिला है।

इस मशीन से उन्होंने पाकिस्तान से भारत में करीब 8 लाख करोड़ रुपए की भारतीय मुद्रा की तस्करी करने की योजना बनाई थी।मुझे गोपनीय जानकारी मिली और मैं इसे प्रधानमंत्री मोदी के पास ले गया और उन्हें बताया।

इसके तुरंत बाद... उन्होंने 500 और 1000 रुपये के नोटों को अमान्य घोषित कर दिया। वह इतना तेज हैं, कि कोई और सोच भी नहीं सकता!अगर वह 8 लाख करोड़ रुपये देश में घुस गए होते तो हमारा भारत सोमालिया बन गया होता!

देश के बाहर कुल 13 लाख करोड़ रुपए की जाली मुद्रा तैयार है। अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो पूरा हिस्सा देश में वापस आ जाएगा। देश गिर जाएगा!?

ये है सुप्रीम कोर्ट में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुनवाई के दौरान आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन का भारत तोड़ो गैंग के खिलाफ किया गया खुलासा! *(PC- CA Rajiv Chandak 9881098027)*

TRN LIVE: साभार....

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने सोमनाथ मंदिर की रक्षा में उत्सर्ग हुए #बेगड़ाजी_भील की प्रतिमा का अनावरण किया। 

जब से प्रधानमंत्री बने हैं नरेंद्र मोदी,निरन्तर #लोकनायकों और #लोकसन्तों की खोई या जानबूझ कर बिलो दी गई #गरिमा को स्थापित कर रहे हैं।वह भी वास्तविक संदर्भ में।

इसे ही भारत राष्ट्र और हिंदुत्व की #सांस्कृतिक_पूंजी लिखता आया हूं।यह दुखद है,राजनीतिक विमर्श में "सांस्कृतिक विमर्श" कहीं नहीं।कारण एक ही है,अधिकांश हिन्दू बौद्धिकों का #इतिहासबोध भी वामपंथी या इस्लामिक है।कोई बात नहीं,नरेंद्र मोदी के पास #गहन_अंतरदृष्टि है।

अवधेश प्रताप सिंह कानपुर उत्तर प्रदेश,9451221253

TRN LIVE: "जिस हिन्दू को हमेशा गांधी की बकरी समझा गया.. वो हिन्दू 2014 से सांड कैसे हो गया..?? विपक्षियों को सारा दर्द बस इसी बात का है" — यही लाइन आज की सबसे बड़ी सच्चाई बन चुकी है 🔥🐂 जब तक लोग चुप थे, सहन करते थे, तब तक सब ठीक लगता था… लेकिन जैसे ही आत्मसम्मान जागा, आवाज़ बुलंद हुई, सोच बदली, तो बेचैनी शुरू हो गई 😏💥 #हिन्दूजागरण #सचकीआवाज़ #भारतबदलरहाहै

आज का हिन्दू पहले से ज़्यादा जागरूक है, सवाल करता है, इतिहास समझता है और अपने अधिकारों के लिए खड़ा होना जानता है 🙏📖 यही बदलाव कुछ लोगों को डराता है, क्योंकि अब भ्रम फैलाना आसान नहीं रहा 😠🚫 #जागोहिन्दू #राष्ट्रपहले #सोचबदली

2014 के बाद देश ने सिर्फ सरकार नहीं बदली, सोच बदली है, आत्मविश्वास लौटा है 🇮🇳✨ अब लोग गर्व से अपनी पहचान के साथ खड़े होते हैं, और यही बात विपक्ष को सबसे ज़्यादा चुभती है 🤯🔥 #नयाभारत #गर्वसेकहो #आत्मसम्मान

जो लोग सालों तक जनता को कमजोर समझते रहे, उन्हें आज सबसे ज़्यादा परेशानी इस बात से है कि जनता अब सवाल भी करती है और जवाब भी मांगती है 🗣️⚡ लोकतंत्र में जागरूक नागरिक सबसे बड़ी ताकत होते हैं 💪📢 #जनताजनार्दन #सचकीलड़ाई #लोकतंत्र

ये बदलाव किसी एक व्यक

TRN LIVE: "जिस हिन्दू को हमेशा गांधी की बकरी समझा गया.. वो हिन्दू 2014 से सांड कैसे हो गया..?? विपक्षियों को सारा दर्द बस इसी बात का है" — यही लाइन आज की सबसे बड़ी सच्चाई बन चुकी है 🔥🐂 जब तक लोग चुप थे, सहन करते थे, तब तक सब ठीक लगता था… लेकिन जैसे ही आत्मसम्मान जागा, आवाज़ बुलंद हुई, सोच बदली, तो बेचैनी शुरू हो गई 😏💥 #हिन्दूजागरण #सचकीआवाज़ #भारतबदलरहाहै

आज का हिन्दू पहले से ज़्यादा जागरूक है, सवाल करता है, इतिहास समझता है और अपने अधिकारों के लिए खड़ा होना जानता है 🙏📖 यही बदलाव कुछ लोगों को डराता है, क्योंकि अब भ्रम फैलाना आसान नहीं रहा 😠🚫 #जागोहिन्दू #राष्ट्रपहले #सोचबदली

2014 के बाद देश ने सिर्फ सरकार नहीं बदली, सोच बदली है, आत्मविश्वास लौटा है 🇮🇳✨ अब लोग गर्व से अपनी पहचान के साथ खड़े होते हैं, और यही बात विपक्ष को सबसे ज़्यादा चुभती है 🤯🔥 #नयाभारत #गर्वसेकहो #आत्मसम्मान

जो लोग सालों तक जनता को कमजोर समझते रहे, उन्हें आज सबसे ज़्यादा परेशानी इस बात से है कि जनता अब सवाल भी करती है और जवाब भी मांगती है 🗣️⚡ लोकतंत्र में जागरूक नागरिक सबसे बड़ी ताकत होते हैं 💪📢 #जनताजनार्दन #सचकीलड़ाई #लोकतंत्र

ये बदलाव किसी एक व्यक

TRN LIVE: ईरान में जो आज हो रहा, वो रेडिकल इस्लाम के गढ़ पर चोट है, ईरानी लोगो का डीएनए पर्सिया है, अरब से आये रेडिकल इस्लाम ने इसे पर्सिया से मुस्लिम बना दिया, आज ईरानी लोग घर वापसी की तरफ बढ़ रहा, एक एक मुल्ला मौलवी को ढूंढा जा रहा 🤔 बुर्के को जलाया जा रहा, झंडे बदलकर पुराने झंडे जिसमे शेर और अग्नि के चित्र अंकित होते थे, लगाया जा रहा, विश्व मे जहां जहां चीन ने अधिक इन्वेस्टमेंट किया है, उन उन देशों तख्ता पलट हो रहे, चाहे नेपाल हो, श्रीलंका हो, बंगलादेश हो, वेन्जुवेला हो, या अब ईरान हो, हर जगह चीन की वाट लग रही, शांति से देखिये तमाशा, जो हो रहा शुभ ही हो रहा ☹️😱👀💥😂🤯

TRN LIVE: जिन्हें तुम पंचरपुत्र कह कर खुश होते रहते हो, वो धीरे धीरे तुम्हारा 70% कारोबार खा गए.

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आज फेब्रिकेशन का जो काम हमारे लुहार भाईयों का था वो 80% से ज्यादा अब इनके पास है.

जो नॉनवेज, मीट आदि का काम खटीक भाईयों का था वो दिल्ली एनसीआर में तो 90 से 95% तक इनके पास है.

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अपने पड़ोस में 10 में से 2 सैलून भी अगर आपको किसी हिन्दू नाई के मिल जाएं तो बहुत बड़ी बात है.सिवाय गांवों को छोड़कर।

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जितने दर्ज़ी मिलेंगे वो उनमें अधिकतर 80% इनके होंगे.

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शादी ब्याह में कैमरा शूटिंग वाला 90%इनका होगा।

बढ़ई का 80% काम इनके पास है

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कुम्हारों का 80%काम इनके पास है

तेली का 90% काम इनके पास.

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मैकेनिक का काम 90% इनके पास.

कपड़े रँगाई पोताई का 90%काम इनके पास है

माल ढुलाई,पैसेंजर ऑटो रिक्शा चालक का 90%काम इनके पास है।

भंगार-गुजरी का 90%काम इनके पास है।

फ्रूट सब्जी का ठेला, सस्ती सब्जी का ऑटो गली गली में 90%इनका हैं।

गली मोहल्लों में सस्ती चद्दरें बिछोने प्लास्टिक का सामान 90%यही बेचते हैं।

वेल्डिंग, गेस वेल्डिंग का 80%काम यही करते हैं

छोटी छोटी फैक्टरी में लोहे अलुमिनियम पीतल तांबा और सोने चांदी का 90%काम इनके पास है।

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और जो हिन्दू इन कामों को कर सकते थे, वो सरकारों की सिक्योरटी गॉर्ड ,मास्टर,की नौकरी में खुश हो रहे हैं.।

जिन्हें नही मिलती वो आरक्षण आरक्षण चिल्लाते हुए देश की कानून और संवैधानिक व्यवस्था को चुनोती देते हैं और राजनेताओं को अपने लिए आरक्षण के दम पर पारिवारिक सत्ता भोगने का अवसर।

क्या कभी देखा है मुसलमान अपनी जाति जाती के आरक्षण के लिए रोड़ पर आया हो।

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तुम्हारे साथ भी वहाँ तुम्हे 5% भी ये सो कॉल्ड पंचर पुत्र नही मिलेंगे.

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तो फिर काहे इन्हें पंचर-पुत्र कह कर अपने दिल को झूठा दिलाशा देते रहते हो?

 

आर्थिक बहिष्कार करने का नाटक मत करो।

 हिन्दुओं तुम्हारे पास अपना एक भी परम्परागत रोजगार 100% भी हो तो बताओं।

चार निम्बू निचोड़ने से जो रस निकलता है न उतना भी % मार्केट तुम्हारे पास नही बचा है।सिवाय गांवों को छोड़कर।

.हिन्दुओं के साथ

कोई भी घटना हुईं आर्थिक बहिष्कार की धमकी देते हो।

 वाट्सएप्प ,फेसबुक पर इनके आर्थिक बहिष्कार की पोस्ट डाल कर, जब मार्केट में निकलोगे,

 तो इनसे समान लेना तुम्हारी जरूरत ही नहीं मज़बूरी भी हो जाएगी.

नाक रगड़ रगड़ कर हर दुकान पर व्यापार इनके साथ ही करना होगा।

अगर हिन्दुओं तुम्हारा जमीर जिंदा हैं तो पहले अपने हिंदू भाईयों के लिए परम्परागत रोजगार के रास्ते बनाओ।हिन्दुओं अपने हिन्दुओं को दैनिक जीवन यापन के लिए अल्टरनेटिव व्यवस्था दो जो वो चाहते हैं।

उन्हें पल्लवित करने के लिए तन मन से सहयोग करो।

हिन्दुओं अपने जातिवादी परंपरागत व्यापार को हेय दृष्टि से मत देखों।

जातिवादी रोजगार को ही अपनी पहचान मत बनाओ।उसमें सभी हिन्दुओं को अवसर दो।

जैसे मुस्लिम हर रोजगार में अपने मजहबी भाई को ट्रेंड करता है वैसे हिन्दुओं तुम भी हिन्दुओं को अवसर दो।

शोशल मीडिया पर चार पोस्ट डालकर ,चार भजन कीर्तन करके या

 रिल्स बनाकर सपने मत देखिए

अपने अतीत से होकर आइए।।

आप आज तक हिंदू हैं ।

इसके पीछे लाखों महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे योद्धाओं ने प्राणों की आहुति दी है।

हिंदू राष्ट्र के सपने 

इतने आसान नहीं है।

अपने अतीत के इतिहास को याद रखिये गुरू गोविंद सिंह जी और माता अहिल्याबाई जैसे योद्धाओं के प्राणों की आहुतियां हैं।

हिंदू राष्ट्र के सपने इतने

आसान नहीं है।

TRN LIVE: मुस्लिम महिला भारत की प्रधान मंत्री

Video में इस मुल्ले को सुन लीजिये 

मुसलमान जितनी तेजी और पूरी ताकत 

से "भारत" का इस्लामीकरण कर रहे हैं 

और 

😡हिन्दू धर्म के सबसे बड़े दुश्मन😡 

मुस्लिमवादी "I.N.D.I." गठबन्धन के नेता :-

1- मुसलामानों के पैरों के तलवे कुत्तों की 

तरह चाट-चाट कर मुसलामानों द्वारा किये 

जा रहे भारत के इस्लामीकरण को बढ़ावा 

दे रहे हैं और हम हिन्दुओं और हमारे हिन्दू 

धर्म का अपनी पूरी ताकत से दमन करके 

हिन्दू धर्म को ख़तम कर रहे हैं 😡

और 

2- हम हिन्दुओं और हमारे हिन्दू धर्म के 

इस दुनिया में 🚩सबसे बड़े रक्षक🚩 

🙏मोदी जी,योगी जी,BJP और RSS🙏

पर पागल कुत्तों की तरह भोंक-भोंक 

कर हम हिन्दुओं और हिन्दू धर्म को 

कमजोर कर रहे हैं

इसीलिए

एक दिन आएगा जब भारत से भी हिन्दू 

उसी तरह से ख़तम हो जायेंगे जिस तरह 

से उन 57 देशों से गैर-मुस्लिम ख़तम हो 

गए जिनको ख़तम करके मुसलामानों ने 

57 इस्लामिक देश बनाये😡😡

"पर्शिया" देश में 4000 मुसलमान आये थे 

और 100 साल में अपनी आबादी बढ़ाकर 

"पारसी" धर्म के सभी लोगों को ख़तम करके

"पर्शिया" को मुस्लिम देश "ईरान" बना 

दिया था

TRN LIVE: ईरान में जो आज हो रहा, वो रेडिकल इस्लाम के गढ़ पर चोट है, ईरानी लोगो का डीएनए पर्सिया है, अरब से आये रेडिकल इस्लाम ने इसे पर्सिया से मुस्लिम बना दिया, आज ईरानी लोग घर वापसी की तरफ बढ़ रहा, एक एक मुल्ला मौलवी को ढूंढा जा रहा 🤔 बुर्के को जलाया जा रहा, झंडे बदलकर पुराने झंडे जिसमे शेर और अग्नि के चित्र अंकित होते थे, लगाया जा रहा, विश्व मे जहां जहां चीन ने अधिक इन्वेस्टमेंट किया है, उन उन देशों तख्ता पलट हो रहे, चाहे नेपाल हो, श्रीलंका हो, बंगलादेश हो, वेन्जुवेला हो, या अब ईरान हो, हर जगह चीन की वाट लग रही, शांति से देखिये तमाशा, जो हो रहा शुभ ही हो रहा ☹️😱👀💥😂🤯

TRN LIVE: काश देश की पुलिस और आर्मी पर यदि कोई पत्थर से मारने की कोशिश करे तो तुरंत पुलिस और आर्मी को भी अधिकार मिले गोली चलाने का पूरी भीड़ पर। 

देश की पुलिस पत्थर का जवाब गोली से क्यों नहीं देती — ये सवाल नहीं, सिस्टम की मजबूरी है।

क्योंकि पुलिस कानून और संविधान के दायरे में रहकर काम करती है, जबकि पत्थरबाज़ कानून को खुलेआम चुनौती देते हैं।

भारत के संविधान में कहीं नहीं लिखा कि अगर सरकार अवैध कब्जा हटाए तो भीड़ को पत्थर मारने का अधिकार मिल जाता है।

सरकारी ज़मीन पर कब्जा अपराध है, और उसे हटाना सरकार की जिम्मेदारी।

आज सबसे बड़ा दुर्भाग्य ये है कि कुछ नेता वोट बैंक के लिए सच को झूठ और गलत को सही साबित करने में लग जाते हैं।

*अवैध कब्जा हटाने की शिकायत भी वही नेता विधायक या पार्षद करते हैं, और कैमरे के सामने बुलडोजर के आगे खड़े होकर ड्रामा भी वही करते हैं — ताकि खुद को “जनता का मसीहा” दिखा सकें।*

पत्थर पुलिस पर चलें, पत्रकारों पर चलें, सरकारी कर्मचारियों पर चलें — और फिर भी अगर इसे “विरोध” कहा जाए, तो ये लोकतंत्र नहीं, अराजकता है।

देश कानून से चलेगा, भीड़ से नहीं।

जो अवैध कब्जे के समर्थन में खड़ा है, वो असल में विकास, कानून और आम नागरिक के अधिकारों के खिलाफ खड़ा है।

पुलिस संयम रखती है, इसलिए कमजोर नहीं है — लेकिन कानून तोड़ने वालों को ये समझना चाहिए कि कानून से ऊपर कोई नहीं। 

🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳

जय हिंद जय भारत

TRN LIVE: *ये वो औरत है जो छह महीने तक रानी बनकर रही।*

जून 2025 का एक गर्म दोपहर था।

छत्रपति संभाजीनगर की जालना रोड पर स्थित पांच सितारा होटल एम्बेसडर अजंता के गेट पर एक मर्सीडीज़ रुकी। कार से उतरी एक 45 साल की औरत, साड़ी में लिपटी, माथे पर बड़ी-सी बिंदी, हाथ में सरकारी फाइलों वाला बैग। उसने रिसेप्शनिस्ट को एक नजर देखा और शांत, ठंडी आवाज में कहा,"रूम तैयार है न? मैं कल्पना भागवत, IAS। UPSC 2017, रैंक 333। ट्रेनिंग के बाद महाराष्ट्र कैडर मिला है।"

रिसेप्शनिस्ट ने फटाक से सैल्यूट ठोका।

मैनेजर दौड़ा चला आया। उस दिन से शुरू हुआ एक अजीबोगरीब नाटक जो छह महीने तक चला।

हर सुबह 10 बजे कल्पना मैडम कमरे से निकलतीं। होटल का स्टाफ "गुड मॉर्निंग मैडम" बोलता हुआ लाइन से खड़ा हो जाता। वो लॉबी में बैठकर कॉफ़ी पीतीं, फोन पर "दिल्ली से लाइन है", "मिनिस्ट्री में मीटिंग है" कहतीं। शाम को स्विमिंग पूल के किनारे चहलकदमी करतीं, रात को रेस्टोरेंट में सबसे महंगी वाइन मंगवातीं। बिल? "अरे, सरकारी बिल है। बाद में क्लियर हो जाएगा।

"होटल वाले डरते भी थे और खुश भी। एक IAS मैडम खुद उनके होटल में ठहरी है ये तो प्रचार का मौका है। 40-50 लाख का बिल जमा होता गया। किसी ने पूछने की हिम्मत नहीं की।

फिर आया 23 नवंबर 2025।

शहर में कोई बड़ा VIP आने वाला था। पुलिस होटलों की चेकिंग कर रही थी।

सिडको थाने का एक सब-इंस्पेक्टर रूटीन में एम्बेसडर अजंता पहुंचा।

उसने मैडम से आधार कार्ड मांगा।

कल्पना ने एक आधार कार्ड निकाला — उस पर फोटो तो उनका था, पर नंबर के ऊपर कुछ और लिखा हुआ था।

इंस्पेक्टर ने शक किया। कमरे की तलाशी ली।

और वहां खुला पंडोरा बॉक्स।

पांच पन्नों का फर्जी IAS नियुक्ति पत्र।

UPSC 2017 की जाली रैंक लिस्ट — जिसमें टॉपर टीना डाबी के नीचे तीसरे नंबर पर लिखा था: कल्पना त्रिंबकराव भागवत। एक सर्टिफिकेट — पुणे यूनिवर्सिटी की तरफ से "बेस्ट IAS ऑफिसर अवार्ड"। और सबसे खतरनाक दो मोबाइल फोन।

पहला फोन खोला तो स्क्रीन पर व्हाट्सऐप चैट्स:"अशरफ भाई, पैसा भेज दो, होटल वाला तंग कर रहा है।"

अशरफ का नंबर अफगानिस्तान का।

दूसरी चैट "भाई जान, इस्लामाबाद से बोल रहा हूं। अगला बैच कब भेजना है?"

गैलरी खोली तो दिल दहल गया।

सैकड़ों पासपोर्ट की फोटोज उज्बेक, ताजिक, अफगान, बांग्लादेशी।

वीजा स्टिकर्स, एंट्री-एग्जिट स्टैम्प्स।

एक फोल्डर का नाम था "Delhi_RedFort_2025"।

पुलिस ने जब बैंक डिटेल्स चेक कीं तो पता चला जनवरी से नवंबर तक 32 लाख से ज्यादा पैसे आए थे। कई बार फोनपे से, कई बार हवाला से। एक दिन में 2.31 लाख अशरफ खिल नाम के अफगान ने भेजे थे।

अगले तीन दिन में कहानी ने ऐसा करवट लिया कि पूरा महाराष्ट्र हिल गया।

26 नवंबर को केस महाराष्ट्र ATS के पास गया। 27 नवंबर को दिल्ली से IB के दो अफसर aurangabad पहुंचे।

28 नवंबर को दिल्ली से अभिषेक चौधरी नाम का एक और शख्स पकड़ा गया — जो खुद को गृह मंत्रालय का OSD बताता था। 29 नवंबर को पुणे से दो और लोग गिरफ्तार जिनमें एक अफगान नागरिक था।

कल्पना अब पुलिस कस्टडी में है।

वो चुप है। जब पूछा जाता है कि पैसा कहां से आया, तो बस एक बात कहती है मैं तो बस अच्छी जिंदगी जीना चाहती थी।"

लेकिन अब सवाल ये नहीं कि उसने छह महीने फ्री में पांच सितारा होटल में कैसे गुजारे। सवाल ये है वो सैकड़ों पासपोर्ट की फोटोज किसके लिए इकट्ठा कर रही थी? वो पैसा जो अफगानिस्तान और पाकिस्तान से आ रहा था, किसका था?

और सबसे बड़ा सवाल, 2025 में दिल्ली के लाल किले के बाहर जो कार धमाका हुआ था, उस दिन कल्पना दिल्ली में थी या नहीं?

कहानी अभी खत्म नहीं हुई।

बल्कि असली कहानी तो अब शुरू हुई है!

TRN LIVE: सदियों से, वर्ण व्यवस्था कभी भी शक्ति या ऊँच-नीच के बारे में नहीं थी, यह काम, ज़िम्मेदारी और ज्ञान के बारे में थी। इस रील में, हम जानेंगे कि ब्राह्मणों का सम्मान धन के लिए नहीं, बल्कि ज्ञान के लिए क्यों किया जाता था, क्षत्रियों के पास राज्य की शक्ति क्यों थी, वैश्यों के पास धन का नियंत्रण क्यों था, और शूद्रों के पास सबसे ज़्यादा व्यक्तिगत स्वतंत्रता क्यों थी।

आधुनिक भारत अक्सर सनातन धर्म को एक गलत नज़रिए से देखता है, और इसके गहरे दार्शनिक डिज़ाइन को समझ नहीं पाता। यह वीडियो जाति, वैदिक दर्शन और प्राचीन भारतीय समाज के बारे में आपके सभी विचारों को चुनौती देता है।

TRN LIVE: क्या हम अपनी आने वाली पीढ़ियों के साथ न्याय कर रहे हैं? 🚩

भारत का इतिहास गवाह है कि कैसे तुष्टिकरण की राजनीति ने बहुसंख्यक समाज के अधिकारों को हाशिए पर धकेल दिया। आज हमें यह समझना होगा कि किन कानूनों के जरिए हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को बांधा गया है।

1. वक्फ बोर्ड और असीमित अधिकार: कांग्रेस शासन के दौरान वक्फ एक्ट को जिस तरह से शक्तिशाली बनाया गया, उसने बोर्ड को ऐसी शक्तियाँ दे दीं कि वे किसी भी ज़मीन पर अपना दावा ठोक सकते हैं। आज हज़ारों एकड़ ज़मीन, यहाँ तक कि कई प्राचीन मंदिर और गाँव भी इस कानून की वजह से कानूनी पेचदगियों में फँसे हुए हैं। क्या यह 'समान अधिकार' की परिभाषा है?

2. उपासना स्थल अधिनियम 1991 (Places of Worship Act): इस कानून के जरिए हिंदुओं के संघर्ष के रास्ते को कानूनी रूप से बंद करने की कोशिश की गई। यह कानून कहता है कि 15 अगस्त 1947 के समय जो धार्मिक स्थल जिस स्थिति में था, उसे बदला नहीं जा सकता। इसका सीधा अर्थ यह हुआ कि मुगल आक्रांताओं द्वारा तोड़े गए हमारे मंदिरों को वापस पाने का अधिकार हमसे छीन लिया गया।

चिंतन का विषय: एक तरफ ज़मीनें लेने के लिए 'वक्फ बोर्ड' जैसा लचीला कानून और दूसरी तरफ अपने ही मंदिरों को वापस पाने से रोकने के लिए '1991 एक्ट' जैसा सख्त कानून। यह दोहरा मापदंड आखिर कब तक चलेगा?

हमें जागना होगा और यह समझना होगा कि वोट की राजनीति किस तरह हमारी जड़ों को कमजोर कर रही है। जागरूक बनें और इस सत्य को जन-जन तक पहुँचाएं।

#WaqfBoard #PlacesOfWorshipAct #HinduUnity #SanatanDharma #IndianHistory #SocialAwareness #WakeUpHindus #PoliticalTruth #DharmaRaksha #IndiaFirst #BharatMataKiJai #AjayaBhava

TRN LIVE: साभार....

हिन्दुओं की #जातिगत_डेमोग्राफी में कोई बहुत बड़ा बदलाव 200 साल में नहीं आया...

हाँ पिछली दो पीढ़ियों ने जनसंख्या नियंत्रण पर सोचा तो अब ये मान सकते हैं कि एकाध प्रतिशत अपर नीचे हुआ होगा...

लेकिन शिक्षा....?

यहाँ बड़ा ही झोल है गुरु...

अंग्रेज़ों की 1872 की रिपोर्ट बताती है भारत में महज़ 3.25% लोग साक्षर थे यानी पढ़ और लिख सकते थे...

ये प्रथम आधिकारिक आंकड़ा था...

96.75% जनसंख्या अनपढ़ थी साहब तो भाई इस हिसाब से तो ब्राह्मण जो भारत का सबसे बड़ा जातिय समूह है वो भी आधा अनपढ़ होगा....

और क्यूँ कि तब चलन में काम काज में फ़ारसी सरकारी भाषा रही... फिर उर्दू.. फिर अंग्रेजी तो कन्वर्ट हुए मुस्लिम और कायस्थ समाज ने इन्हे पहले अपनाया था और ब्राह्मण समाज ने बाद में...

तो आबादी के लिहाज से पढ़ा लिखा तबका भी इनका ज्यादा होगा....

और भाई ब्राह्मण समाज का पढ़ा लिखा तबका भी मुश्किल से 10-15%...तो वो कौनसे ब्राह्मण थे जिन्होंने ब्राह्मणों को भी पढ़ने लिखने से रोका.... जैसा अक्सर वामपंथी दलित समाज को कहानी सुनाते हैं कि साहब आपको इन्होने न पढ़ने दिया...

तो भाई खुद ब्राह्मणों को किसने न पढ़ने दिया 

देखिये बंधु दो सत्य हैं पहला भारत परंपरागत ज्ञान को शिक्षा के तौर पर अपनाता था...

अब आपके अगड़े कहे जाने वाले राजपूत समाज में भी तीन पीढ़ी पहले आसानी से पढ़े लिखे लोग न मिलेंगे....

क्यूँ कि उन्हें तब आवश्यक ही न लगा कि लड़का फ़ारसी पढ़े...या वेद शास्त्र बांचे 

तो जो ज्ञान था वो अलिखित आगे बढ़ता था 

(हालांकि ये कमी रही...)

दूसरा चाकरी को सबसे बुरा माना जाता था...

अब पढ़ लिख वही करनी थी.... तो रुझान न था...

लोग सायद साक्षर न थे....पर अज्ञानी भी न थे... कुपढ़ भी न थे... अपने काम का ज्ञान उन्हें था...

आज फिर उसी तरफ़ लौटना पड़ रहा है बेसिक पढ़ाई के फटे ढ़ोल के आगे व्यवसायिक शिक्षा.... फ़ारसी अंग्रेजी से आगे काम धाम सीखो...

जो साबित करता है हमारी प्रणाली अवैज्ञानिक तो न थी....

हाँ इसमें दोष मात्र इतना था कि परंपरा को हमने जातिय दायरे से जोड़ लिया था 

अब वो भी टूट रहा है..... अब किसी भी ITI कॉलेज में जाकर देख लें...

कुल जमा ये पढ़ने न दिया... पंडित जी कलम खोन्स भाज गए.... ये बकवाश प्योर वामी प्रोपोगेंडा है 

अबे 90% पंडित जी खुद अनपढ़ थे आज के नियमानुसार... तुमाई छोड़ो।

अवधेश प्रताप सिंह कानपुर उत्तर प्रदेश में,9451221253

TRN LIVE: 🔥 भाग 1: 

अमेरिकी छतरी में छेद पतन — नाटो का अस्तित्व संकट में!

जनवरी 2026 की शुरुआत में President Donald J. Trump ने खुलेआम एक ऐसी बात कही, जिससे नाटो (NATO) के 77 वर्षीय अस्तित्व की नींव हिल गई है। 

                 उन्होंने कहा: "मुझे शक है कि अगर हमें सच में जरूरत पड़े तो नाटो हमारे साथ खड़ा होगा।"

 यह कोई साधारण टिप्पणी नहीं है। यह वह बयान है जो नाटो के सबसे मजबूत #सदस्य के नेता से आ रहा है, और वह अपने ही गठबंधन के प्रति संदेह प्रकट कर रहा है।

                 #नाटो की पूरी ताकत एक वादे पर निर्भर है — आर्टिकल 5: "एक पर हमला, सब पर हमला।"

यह वादा 1949 से अटल रहा, कभी तोड़ा नहीं गया, कभी सवाल नहीं उठाया गया। लेकिन ट्रम्प कुछ अलग ही हैं। वह पहले अमेरिकी राष्ट्रपति हैं जिन्होंने कभी आर्टिकल 5 का स्पष्ट समर्थन नहीं किया। उनके अन्य सहयोगी, रक्षा मंत्री, #उपराष्ट्रपति — सभी आर्टिकल 5 के पक्ष में बोलते हैं। 

                   लेकिन जब सर्वोच्च #कमांडर ही इस प्रतिबद्धता में विश्वास न रखे, तो पूरा गठबंधन डगमगा जाता है। 

 #आर्टिकल 5 अब "लाइफ सपोर्ट पर" है। ट्रम्प की धमकियां केवल शब्दों तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने ग्रीनलैंड को खरीदने या सैन्य बल से लेने की धमकी दी है। 

और यहीं पर समस्या की गंभीरता सामने आती है — ग्रीनलैंड नाटो सदस्य देश #डेनमार्क का हिस्सा है।

              एक पूर्व अमेरिकी #राजनयिक ने कहा कि यह "व्लादिमीर पुतिन से अलग नहीं" है — क्योंकि पुतिन भी यूक्रेन पर यही तर्क देते हैं कि यह "ऐतिहासिक रूसी भूमि" है। 

जब नाटो का सबसे ताकतवर सदस्य ही दूसरे नाटो सदस्य की जमीन हड़पने की #धमकी दे, तो सामूहिक सुरक्षा की पूरी अवधारणा ध्वस्त हो जाती है।

ट्रम्प की धमकियां सिर्फ ग्रीनलैंड तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने पनामा नहर पर कब्जा, कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने, और मैक्सिको की खाड़ी का नाम बदलकर "अमेरिकी खाड़ी" रखने की बात भी की है।

                यह 19वीं सदी का #साम्राज्यवादी विस्तारवाद है, जो 21वीं सदी में अचानक वापस आ गया है।और तो और, पेंटागन ने यूरोप में अमेरिकी सैनिकों की संख्या कम करने की योजना शुरू कर दी है।

  #रोमानिया से अमेरिकी सेना की वापसी की घोषणा हो चुकी है — और रोमानिया रूस की सीमा से सटा हुआ है, जहां #हाइब्रिड युद्ध और सैन्य खतरे का सामना लगातार होता है।

                #अमेरिकी नेतृत्व ने नाटो को 2027 की समय सीमा दी है: या तो यूरोप नाटो की कमान खुद संभाल ले, या अमेरिका कुछ नाटो रक्षा कार्यक्रमों से बाहर निकल जाएगा।

हालांकि अमेरिकी कांग्रेस ने यूरोप में #सैनिकों की संख्या 76,000 से नीचे न लाने के लिए रोक लगा दी है, लेकिन यह केवल एक अस्थायी बाधा है।

 ट्रम्प के दूसरे टर्म के दौरान यह बाधा भी हट सकती है।

#यूरोप में अब एक गहरी, बेचैनी भरी भावना है। विश्लेषकों का कहना है: "कुछ मूलभूत टूट गया है, विखंडित हो गया है।"

                    नाटो का जन्म अमेरिकी वादे पर हुआ था कि वह यूरोप की रक्षा करेगा। लेकिन जब वह वादा ही संदेह में हो, जब सबसे शक्तिशाली सदस्य ही दूसरे सदस्यों की जमीन हड़पने की धमकी दे, तो सामूहिक सुरक्षा का ढांचा ढह जाता है। 

यूरोप को एक खतरनाक सच्चाई का सामना करना पड़ रहा है: अब वह #अमेरिका पर भरोसा नहीं कर सकता। अब उसे अपनी खुद की सुरक्षा संभालनी होगी।

अगले भाग में.....

                   #फ्रांस नाटो से बाहर निकलने की तैयारी कर रहा है, और #यूक्रेन के युद्ध ने यूरोप को सीखा दिया है कि गोला-बारूद की उत्पादन क्षमता ही असली शक्ति है। लेकिन यहीं पर एक बड़ा खतरा छिपा है...  

 पसंद आये तो 👍 हिट करें...नापसंद हो तो आलोचनाओं और सुझावों का भी स्वागत है। 

साभार Manoj Kumar जी....

TRN LIVE: *जापान में मुफ़्त रसोई गैस, मुफ़्त बिजली, मुफ़्त राशन आदि जैसी कोई कल्याणकारी योजनाएँ नहीं हैं।*

उनका आदर्श वाक्य है:

*अपनी ज़रूरत के लिए काम करो या उसके बिना जीओ।*

*संभवतः, ये पाँच सबसे अच्छे कथन हैं जो आपने कभी पढ़े होंगे, और इन्हें भारत में भी लागू किया जाना चाहिए:*

1. *आप अमीरों को ग़रीब बनाकर ग़रीबों को अमीर नहीं बना सकते।*

2. *एक व्यक्ति को बिना काम किए जो कुछ भी मिलता है, उसके लिए दूसरे व्यक्ति को काम करना पड़ता है और उसे अपने प्रयासों का कोई इनाम नहीं मिलता।*

3. *दुनिया की कोई भी सरकार अपने नागरिकों को मुफ़्त में कुछ नहीं दे सकती जब तक कि वह पहले किसी दूसरे नागरिक से न ले ले।*

4. *आप धन को विभाजित करके उसे गुणा नहीं कर सकते!*

5. *जब आधे लोगों को मुफ़्त में कुछ मिलता है, तो वे उसके लिए कभी काम नहीं करेंगे, और मुफ़्त लाभ प्रदान करने के लिए काम करने वाले दूसरे आधे लोग हतोत्साहित महसूस करेंगे क्योंकि उनके प्रयासों से उन लोगों को लाभ होता है जो काम नहीं करते।*

*यह किसी भी समृद्ध राष्ट्र के अंत की शुरुआत है।*

*अच्छे नागरिकों को इस पागलपन को रोकना चाहिए।*

*आज, सभी राजनीतिक दल इस दौड़ का हिस्सा हैं।*

*आइए हम भविष्य में इस खतरे को खत्म करने के लिए अपनी पूरी शक्ति से काम करने का संकल्प लें।*

*क्या आपको इसे शेयर न करने का कोई कारण याद है?*

*अगर नहीं, तो शेयर करें और इस जागरूकता अभियान में अपना योगदान दें।*🌲

TRN LIVE: भाग 2: 

नाटो का विद्रोह — फ्रांस,यूक्रेन और रणनीतिक स्वायत्तता की लड़ाई #अमेरिका की अस्थिरता के बीच,यूरोप के सबसे पुराने और सबसे शक्तिशाली देश फ्रांस ने अपनी चाल चल दी है। 

               #जनवरी 2026 में फ्रांस की नेशनल असेंबली की उपाध्यक्ष क्लेमांस ग्यूते ने संसद में एक प्रस्ताव रखा, जिसमें फ्रांस को नाटो के इंटीग्रेटेड मिलिटरी कमांड से बाहर निकालने का सुझाव दिया गया।

ग्यूते का तर्क तीखा है: "अमेरिका, खासकर ट्रम्प के नेतृत्व में,लगातार अंतरराष्ट्रीय कानून की अवहेलना कर रहा है — वेनेजुएला में राष्ट्रपति का 'अपहरण',फिलिस्तीन में नरसंहार को समर्थन,ग्रीनलैंड पर सैन्य दबाव,और अवैध बमबारी।"

                    उनके अनुसार, ऐसे अमेरिका-नेतृत्व वाले ब्लॉक में बने रहना फ्रांस की नैतिक और #रणनीतिक स्वायत्तता पर सवाल खड़े करता है। 

    

 यह पहली बार नहीं है कि फ्रांस नाटो से मुक्ति की मांग कर रहा है।1966 में राष्ट्रपति "शार्ल दे गॉल ने" नाटो की #एकीकृत कमांड से फ्रांस को बाहर निकाल दिया था,ताकि फ्रांस की परमाणु क्षमता किसी बाहरी नियंत्रण में न रहे।

                     "दे गॉल" चाहते थे एक "स्वतंत्र फ्रांस",जो अपनी रक्षा खुद तय करे।2009 में राष्ट्रपति निकोलस सारकोजी ने इस निर्णय को पलटा और फ्रांस को पूरी तरह नाटो की कमांड में शामिल किया।

                 अब, 2026 में, ग्यूते का #प्रस्ताव दे गॉल के उस ऐतिहासिक विजन की वापसी मांग कर रहा है।लेकिन फ्रांस का विद्रोह केवल नैतिकता और विदेश नीति का नहीं है।यह यूक्रेन के युद्ध में यूरोप की विफलता का भी संकेत है।

 2022 में जब रूस ने यूक्रेन पर #आक्रमण किया,तो नाटो और यूरोपीय संघ ने वादा किया कि वे यूक्रेन को हर संभव सहायता देंगे। 

लेकिन क्या हुआ?

                   #यूरोपीय संघ ने मार्च 2024 तक यूक्रेन को 10 लाख आर्टिलरी गोले देने का वादा किया।वह वादा पूरा नहीं हुआ।असली में,यूरोप की वार्षिक आर्टिलरी गोलों की उत्पादन क्षमता लगभग 5.8 लाख है — जबकि यूरोपीय नेताओं का दावा 14-17 लाख का था।

 इसके विपरीत,रूस सालाना 40-45 लाख गोले बनाता है — यानी यूरोप से सात गुना ज्यादा।

समस्या सिर्फ उत्पादन की नहीं है।गनपाउडर और विस्फोटकों की #वैश्विक कमी है,और यूरोप में इन्हें बनाने वाली कंपनियां बहुत कम हैं।

                    #चेक कंपनी एक्सप्लोसिया,जो बारूद बनाती है,ने स्वीकार किया कि 2026-27 तक अपनी क्षमता दोगुनी करने में कई महीने लग जाएंगे।

 नतीजा? 

#यूक्रेन के पास रूस से पांच से दस गुना कम गोला-बारूद है।और यूरोप की कमजोर रक्षा क्षमता के कारण यूक्रेन धीरे-धीरे हार की ओर बढ़ रहा है।

                  इस वास्तविकता ने यूरोप को एक कठोर सच्चाई से रूबरू कराया: अगर अमेरिका की मदद नहीं मिली, तो #यूरोप को अपनी सुरक्षा खुद संभालनी होगी। इसी एहसास ने यूरोप को एक ऐतिहासिक निर्णय के लिए प्रेरित किया।

#जून 2025 में नाटो के शिखर सम्मेलन में 32 सदस्य देशों ने 2035 तक रक्षा पर अपनी GDP का 5% खर्च करने का वादा किया। यह एक "क्वांटम लीप" है। पहले नाटो का लक्ष्य मात्र 2% था। अब यूरोप अपनी रक्षा पर लगभग दोगुना निवेश करने जा रहा है। और यह सिर्फ बजट का खेल नहीं है — यूरोप को अगले 25 सालों में अतिरिक्त 1 ट्रिलियन डॉलर निवेश करना होगा, ताकि वह अमेरिका के बिना अपनी रक्षा संभाल सके।

                   साथ ही, जर्मनी अपना रक्षा उद्योग पूरी तरह यूरोपीय दिशा की ओर मोड़ रहा है। 

#जर्मनी ने घोषणा की है कि आने वाले महीनों में उसकी 154 प्रमुख रक्षा खरीद में से केवल 8% अमेरिका से होगी — पहले यह 50% था।

                  #जर्मन चांसलर फ्रीड्रिक मर्ज यूरोप की "सबसे मजबूत पारंपरिक सशस्त्र बल" बनाने की बात कर रहे हैं, क्योंकि अब वाशिंगटन पर भरोसा नहीं किया जा सकता।

#फ्रांस और जर्मनी (यूरोप की दो सबसे शक्तिशाली अर्थव्यवस्थाएं) ने अपने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को गहरा करने का फैसला किया है।

 

                     #फ्यूचर कॉम्बैट एयर सिस्टम (FCAS), मेन ग्राउंड कॉम्बैट सिस्टम (MGCS), जैसी परियोजनाएं यूरोप की संयुक्त सैन्य क्षमता बढ़ाने के प्रयास हैं।

 #यूरोप एक "यूरोपीय डिफेंस यूनियन" बनाने की ओर बढ़ रहा है। यूक्रेन युद्ध ने यूरोप को एक कड़ी तालीम दी है। यह दिखाया है कि 21वीं सदी में युद्ध केवल टैंक और विमानों से नहीं जीते जाते, बल्कि गोला-बारूद की उत्पादन क्षमता से जीते जाते हैं। यूरोप को अपने रक्षा उद्योग को जगाना होगा, या फिर दुश्मनों की रहमत पर निर्भर रहना होगा। 

             इसी बीच, पूर्वी यूरोप के देश — #पोलैंड, बाल्टिक राज्य — रूस से सीधे हमले का खतरा महसूस कर रहे हैं। और अगर अमेरिका वाकई यूरोप से सेना हटा ले, तो क्या होगा?

 क्या जर्मनी अपना परमाणु हथियार बना लेगा? क्या यूरोप खुद #परमाणु-सशस्त्र समूह में बदल जाएगा?

      लेकिन सबसे बड़ा खतरा है चीन का! अगर ताइवान पर युद्ध हुआ, तो अमेरिका यूरोप को भूल जाएगा। और तब यूरोप अकेला रह जाएगा। तब भारत का मॉडल — स्वायत्तता और लचीलापन — यूरोप के लिए एकमात्र उम्मीद होगी।

भाग 3 में जानिए: "भारत के लिए सबक"

पसंद आये तो कंजूसी भूल 👍 hit करें...नहीं तो भूल सुधार का सुझाव ही दें!

साभार...Manoj Kumar

TRN LIVE: जब औकात समझ में आ जाए, तब दिल का दर्द ऐसे उभर आता है।

पर कब तक?

हिंदुओं में आधे सेकुलर, दोगले, मुस्लिम भाई चारा वाले। ये दोगले हिंदू लोग बीजेपी को वोट नहीं देते।

हिंदू परिवार एक या अधिक से अधिक दो बच्चे ही पैदा करता है।

मुस्लिम अधिकतम बच्चे पैदा करता है।

रोहिंग्या और बांग्लादेशी मुसलमान घुसपैठिए को अगर बीजेपी सरकार डिपोर्ट करना चाहे तो समस्त विरोधी पार्टी और सुप्रीम कोर्ट सरकार के खिलाफ खड़ी हो जाती है।

SIR का विरोध सभी विरोधी पार्टी कर रही है क्योंकि मुसलमान उनके वोट बैंक हैं भले वे इस देश के नागरिक न हों। 

शीघ्र ही वह दिन आएगा जब कांग्रेस केंद्रीय सत्ता पर आसीन होगी। फिर कांग्रेस शीघ्र ही इस देश को इस्लामिक राष्ट्र बना देगी क्योंकि यही कांग्रेस का एजेंडा है। कांग्रेस के पास सन २०१३ वाला "communal violance Bill" की कॉपी मौजूद है, जिसे वह पहली संसद सत्र में पेश करेगी और सभी विपक्षी दलों के दम पर पास करवा लेगी। इस बील के पास होते ही इस देश का हर हिंदू, मुसलमान का गुलाम हो जाएगा। फिर कुछ ही वर्षो में यह देश मुस्लिम डॉमिनेटिंग हो जाएगा। धर्मांतरण पूरे वेग से होगा और घोषित या अघोषित रूप से यह देश इस्लामिक राष्ट्र बन जाएगा।

स्वयं भगवान राम या भगवान कृष्ण भी इसे नहीं रोक सकते। क्योंकि इसके लिए जिम्मेदार स्वयं हिंदू होंगे। क्यों?

क्योंकि हिंदू अपनी आबादी नहीं बढ़ा रहा है।

क्योंकि हिंदू दोगला और सेकुलर होता है।

हिंदू लड़कियां पता नहीं क्यों मुस्लिम लड़कों के लव जिहाद में फंस जाती है।

सेक्युलर हिंदू बड़े आराम से मुसलमान या इसाई धर्म में कन्वर्ट हो जाता है।

बीजेपी सरकार चाह कर भी धर्मांतरण विरोधी कानून पास नहीं करा सकती क्योंकि सभी पार्टियां इसकी विरोध करती है। क्योंकि दोगले हिंदू विरोधी पार्टी को वोट देकर बीजेपी की सीट कम कर देती है।

मैं समझा भी रहा हूं और डरा भी रहा हूं। क्योंकि मुझे आने वाले कल की आहट सुनाई दे रही है। उस समय तक शायद मैं इस दुनिया में ना रहूं, पर मेरे और आपके वंशज इस स्थिति को झेलेंगे, भुगतेंगे। ठीक वैसे ही जैसे बांग्लादेश में आज हिंदू झेल रहा है, भुगत रहा है। 

देव व्रत दत्त 

12.01.2026

TRN LIVE: भाग-3

🇮🇳 जब NATO टूट रहा है, तब भारत पहले से ही बहुध्रुवीय दुनिया का मॉडल बना चुका है!

 #यूरोप जब नाटो से मुक्त होने का सपना देख रहा है,जब अमेरिका अपनी सैन्य प्रतिबद्धाओं को वापस बुला रहा है,तब #दुनिया के भू-राजनीतिक मानचित्र पर एक नई व्यवस्था उभर रही है। 

               यह बहुध्रुवीय दुनिया का युग है — और इसमें भारत का अनुभव सबसे मूल्यवान है। 

यूरोप के पूर्वी मोर्चे पर भारत की "परीक्षा" चल रही है।

#पोलैंड,बाल्टिक राज्य (एस्टोनिया,लातविया, लिथुआनिया),रोमानिया — ये सभी देश रूस से सीधे सैन्य खतरे का सामना कर रहे हैं।

             #रूस ने हाइब्रिड युद्ध — जासूसी,तोड़फोड़,साइबर हमले — तेज कर दिए हैं।

 पोलैंड के सशस्त्र बलों के प्रमुख ने चेतावनी दी: "पोलैंड पर सशस्त्र हमले की तैयारी हो रही है।"

रूस के पास बाल्टिक राज्यों की सीमा के पास 40,000 सैनिक उपलब्ध हैं।

             लेकिन यहीं पर समस्या है: #अमेरिका कह रहा है कि यूरोप को अपनी रक्षा खुद संभालनी होगी।

जब अमेरिका के विश्वास पर दाग लगता है,तब क्या होता है? 

पोलैंड,बाल्टिक देश — ये सब क्या अपना परमाणु हथियार विकसित करने की दिशा में बढ़ेंगे?यही सवाल यूरोपीय #रणनीतिकारों को रातभर जगा रहा है।

             यूरोप में परमाणु #सशक्तिकरण की बहस तेज हो गई है।वर्तमान में फ्रांस और ब्रिटेन ही यूरोप की परमाणु शक्तियां हैं।

 #मार्च 2025 में दोनों ने "नॉर्थवुड घोषणापत्र" के तहत परमाणु निवारण का समन्वय करने का वादा किया।लेकिन यूरोपीय विश्लेषकों का सवाल है: क्या फ्रांस और ब्रिटेन अकेले पूरे यूरोप की #रक्षा कर सकते हैं?

 जवाब है: नहीं।

               फ्रांस की परमाणु नीति पारंपरिक रूप से "उलझी हुई" और #राष्ट्रवादी रही है — वह कभी स्पष्ट नहीं करता कि किन परिस्थितियों में वह दूसरे देशों की रक्षा के लिए परमाणु हथियार इस्तेमाल करेगा।

नतीजा?

 #जर्मनी, पोलैंड जैसे देश अपने परमाणु हथियार विकसित करने की सोचने लगेंगे।और यह यूरोप के लिए एक नया,खतरनाक मोड़ होगा।एक विभाजित यूरोप,विभिन्न देशों के अलग-अलग #परमाणु हथियार — यह सिद्ध नहीं करेगा कि यूरोप मजबूत है,बल्कि यह दिखाएगा कि यूरोप विखंडित और असुरक्षित है।

                और फिर है चीन का कारक।रूस-यूक्रेन युद्ध यूरोप में चल रहा है,लेकिन दुनिया की असली चिंता ताइवान है। 

#चीन ने रूस को दोहरे उपयोग वाली सामग्री,तकनीक और गोला-बारूद भेजे हैं।

                #उत्तर कोरिया ने रूस को बैलिस्टिक मिसाइलें भेजी हैं।यानी एशिया की शक्तियां यूरोप की जंग को हवा दे रही हैं।

अगर चीन ताइवान पर बल प्रयोग करता है,तो अमेरिका को यूरोप से सैनिक वापस बुलाकर एशिया में लगाने होंगे। #ताइवान पर युद्ध से वैश्विक GDP में 10 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान हो सकता है।

 यूरोप की पूरी आपूर्ति श्रृंखला ध्वस्त हो जाएगी।यानी यूरोप का संकट और #एशिया का संकट आपस में जुड़े हुए हैं।यह परिदृश्य भारत के लिए एक बड़ा सबक है। 

                 #भारत ने पिछले सात दशकों से जो नीति अपनाई है — #गुटनिरपेक्षता और रणनीतिक स्वायत्तता — वह अब दुनिया के लिए एक व्यावहारिक मॉडल बनता जा रहा है।

भारत ने कभी किसी एक महाशक्ति पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहा।न अमेरिका पर,न सोवियत संघ पर।भारत ने रूस से #हथियार खरीदे,अमेरिका से #तकनीकी साझेदारी की,फ्रांस से लड़ाकू विमान खरीदे,इजराइल से सुरक्षा प्रौद्योगिकी ली। 

            भारत ने "बहु-संरेखणात्मक" #नीति अपनाई — यानी सभी से संबंध,किसी के लिए पूर्ण निर्भरता नहीं।यूरोप अब यही सीख रहा है।फ्रांस अमेरिका से अलग हो रहा है,जर्मनी यूरोपीय रक्षा पर ध्यान दे रहा है,ब्रिटेन अपनी परमाणु क्षमता को आधुनिक बना रहा है।

 यूरोप "स्ट्रैटेजिक ऑटोनॉमी" की ओर जा रहा है — जो भारत का एक पुराना #सिद्धांत है।

                   #नई दुनिया का नियम सरल है: जो देश अपनी रक्षा,अपनी अर्थव्यवस्था,अपनी विदेश नीति में #आत्मनिर्भर और लचीले होंगे,वे मजबूत होंगे।जो देश किसी एक महाशक्ति पर निर्भर रहेंगे,वे कमजोर होंगे। 

जब अमेरिका अपनी प्रतिबद्धाओं को संदेह में डाले,जब चीन एशिया में अपनी शक्ति बढ़ाए,जब रूस यूरोप में हमला करे — तब केवल आत्मनिर्भर देश ही जीवित रह सकते हैं।

                 भारत के लिए यह क्षण सबसे महत्वपूर्ण है। भारत को अपनी रक्षा उद्योग को मजबूत करना होगा,अपनी #आर्टिलरी और गोला-बारूद की उत्पादन क्षमता बढ़ानी होगी,अपने ड्रोन,अपने जहाज,अपने लड़ाकू विमान खुद बनाने होंगे।

 भारत को अपने परमाणु निवारण को #मजबूत करना होगा। और सबसे महत्वपूर्ण बात: भारत को कभी भी किसी एक देश पर अपनी सुरक्षा का भरोसा नहीं करना चाहिए।

                  जब यूरोप नाटो से मुक्ति की चाह रहा है,तब भारत पहले से ही "अलाइन नहीं,एंगेज" (गठबंधन नहीं,जुड़ाव) की नीति पर चल रहा है।यही भारत की ताकत है।और यही भारत की भविष्य की सुरक्षा है।

#बहुध्रुवीय विश्व में आत्मनिर्भरता ही शक्ति है।भारत ने इस सूत्र को पहले ही अपना ले लिया है।

साभार Manoj Kumar ji....

TRN LIVE: भारत की सुरक्षा एजेंसियां इस हफ्ते ऐसे चलीं जैसे किसी गुप्त ऑपरेशन के घड़ी-साज़… हर पुर्ज़ा सही जगह, सही वक्त पर और नतीजा… पाँच बड़े आतंक मॉड्यूल, पाँच अलग शहर, पाँच घातक साजिशें… सबकी साँसें एक साथ रोक दी गईं.

भारत का सीक्रेट ऑपरेशन: पाँच साजिशें, एक ही रात में ख़ामोश

देश भर में अलग अलग जगहों पर आतंक की परछाइयाँ पनप रही थीं. कहीं लैब कोट पहनकर डॉक्टर ज़हर पका रहा था, कहीं एक कट्टर भर्तीकर्ता डिजिटल अंधेरों में नौजवानों को फँसा रहा था, कहीं दूर से भेजे गए ड्रोन हथियार गिरा रहे थे… और फिर भी, ये सब एक ही चीज़ पर भरोसा कर रहे थे: कि भारत सो रहा होगा, लेकिन भारत सोया नहीं था.

1. गुजरात: “डॉक्टर ऑफ डेथ” का काउंटर - ATS ने तब धावा बोला जब तीन ISIS मॉड्यूल के लोग रिसिन, साइनाइड और विदेशी पिस्तौलें इकट्ठा कर रहे थे. डॉक्टर ने शहर के फ़ूड मार्केट का सर्वे किया था…पर उसकी “केमिकल साइलेंस” अब सिर्फ केस फाइल में है.

2. यूपी: वह आदमी जो 4,000 पाक नंबरों पर घूमता था - Bilal Khan… अल-कायदा का डिजिटल भूत. भर्ती, कट्टरता, ज़हर भरी पोस्ट्स… पर ATS ने नेटवर्क ट्रेस कर लिया. 4,000 पाक नंबरों का जाल जैसे ही खुला, खेल खत्म. 

3. दिल्ली: चार राज्यों से निकली IED की डोर - Special Cell की टीम ने वह मॉड्यूल तोड़ा जो “ख़िलाफ़त” बनाने और “गज़वा-ए-हिंद” का सपना देख रहा था. दिल्ली, झारखंड, एमपी, तेलंगाना में एक साथ रेड. बारूद, हथियार, केमिकल… सब जब्त. ये ब्लास्ट इतिहास नहीं बने, सिर्फ सबूत बनकर रह गए.

4. जम्मू-कश्मीर: नारको-किंग का लैंडिंग गियर फेल - सऊदी से मुंबई उतरा और SIA ने उसे वहीं लॉक कर दिया. 29 किलो हेरोइन, IED, ग्रेनेड…पाकिस्तान का पूरा फंडिंग चैनल कट गया. पिर पंजाल की घाटी में शोर नहीं, सिर्फ राहत बची.

5. पंजाब: RDX और रिमोट वाले साए का अंत - 2.5 किलो RDX, रिमोट डिवाइस, विदेशी लिंक…Rinda के UK–Pak नेटवर्क की यह शाखा Counter-Intelligence ने तोड़ कर फाइल में बंद कर दी.

यह पाँच ऑपरेशन सिर्फ गिरफ्तारियां नहीं थे. यह एक मैप था… जो पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान, UK और भारत के दर्जनों शहरों को जोड़ता था. एन्क्रिप्टेड चैट, ड्रोन रूट, फंडिंग चैनल, डिजिटल ब्रेनवॉश…सब एक एक कर उजागर.

भारत ने न सिर्फ हमले रोके, बल्कि दुश्मन का पूरा इकोसिस्टम एक्स-रे में डाल दिया. आतंकियों ने सोचा था वे भारत को चौंकाएँगे… लेकिन इस बार भारत पहले ही अंधेरे में बैठा इंतज़ार कर रहा था.

ओर इन सबसे इतर कुछ ओर भी है जो सेक्युलरिज्म गहन स्याह अंधेरे में भी बहुत स्पष्ट तौर पर हमे दिखता हे (कल के अखबारों की सुर्खियां हे जो कटिंग हे ) की किस तरह हथियारों के अतिरिक्त भी हमें हताहत करती हैं ।

बहुत जरूरत हे हमे आंखे खोलने की ओर इनके सामूहिक आर्थिक बहिष्कार की अन्यथा अनजान सोच से भी ज्यादा भयावाह होगा ।

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TRN LIVE: *हिन्दुओं को भूलने की बीमारी खानदानी है इसलिए सोचा याद दिला दूँ।*

कांग्रेस एक धोखा... हम हिन्दू भूलने में माहिर हैं।

16 जून 2013 को उत्तराखंड केदारनाथ में जलप्रलय शुरू हुआ जो भीषण तबाही मचा गया था। केदारनाथ में लगभग पच्चीस हजार श्रद्धालु मर गये थे।

तीन दिन चली इस भीषण तबाही में कांग्रेस की सरकार ने केदारनाथ में फंसे श्रद्धालु भक्तों की कोई मदद नही की।

चौथे दिन जब इस भयंकर तबाही की खबर अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियां बन गई तब निर्लज्ज कांग्रेस ने सहायता भेजने का एलान किया! ध्यान रहे सिर्फ एलान किया था।

18 जून को Antonio Maino सोनिया गांधी अमेरिका अपना गुप्त इलाज कराने गई हुई थी और राहुल गांधी मसाज बैंकॉक में थे। उन्हें सूचना भेजी गई तब दोनों मां बेटे 21 जून को भारत पहुंचे!

कांग्रेस ने बहुत तामझाम करके आपदा में फंसे लोगों की सहायता के लिये बिस्किट के पैकेट और पानी की बोतलों के आठ ट्रक रवाना किये।

जिन पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी के बड़े बड़े पोस्टर लगाकर मां बेटे ने उन्हें झंडी दिखाकर रवाना किया फोटो भी खिंचवाए गये जो अखबारों की सुर्खियां बने थे।

उन ट्रकों को न किराया दिया गया न डीजल दिया गया था।

आठ दिन भटककर उन ड्राइवरों ने वो बिस्किट बेचकर अपना किराया वसूल किया और निकल लिये।

आज तक कोई पूछने भी नही गया उस राहत सामग्री का क्या हुआ! फिर जब वहां लाशें सड़ने लगी तो महामारी का खतरा बढ़ता देख आसपास के गांवों के लोगों ने आन्दोलन किया।

वह भी पन्द्रह दिन बाद किया जब लाशों से बदबू आने लगी थी।

कई ग्रामीणों ने सामूहिक दाहसंस्कार भी किये लेकिन शव ही शव फैले देखकर लोग डर गये थे।

अब देखे हिन्दुओ की लाशों पर कैसे व्यापार हुआ।

तब कांग्रेस ने उन लाशों को निकालने के लिये एक विज्ञप्ति निकाली।

एक कम्पनी आगे आई जिसने एक लाश निकालने के 4,60,000 रुपये में टेंडर लिया था। और लगभग 16,000 लाशें तीन दिन में निकाली थी।

सरकार ने उस कम्पनी को 'सात अरब छतीस करोड़' का भुगतान तुरन्त कर दिया था।

हालांकि लाशें मिलने का सिलसिला महीनों चलता रहा, फिर कई दिन कंकाल मिलते रहे। हाँ लाशें निकालने वाली कम्पनी रॉबर्ट वाड्रा की थी जो उसने किराये के हेलीकॉप्टर लेकर रातोंरात बनाई थी।

कांग्रेस की सरकारी सहायता के नाम पर किया नाटक भी याद रखियेगा। मां बेटे के भेजे बिस्किट आज भी नही पहुंचे हैं। विश्व के इतिहास में लाशों का इतना बड़ा व्यापार सुनने को मिले तो बताइएगा।

और 7,36,00,00,000 (सात अरब छत्तीस करोड़) का घोटाला तो शायद आप भूल जाएंगे क्योंकि हम हिन्दू भूलने में माहिर हैं। जय हिंद!!

TRN: ये हैं उमा.... 13 साल पहले इनका ब्याह माई बाबू जी एक पढ़ा लिखा लड़का ढूंढ़ किये जिसका नाम था रघुवीर...

रघुवीर और इनका जीवन बढ़िया चालू हुआ... और अगले पांच साल में तीन ख़ुशखबरी घर में आगयी....

. फिर अचानक इनको ब्याह के आठ साल बाद पता चला... पति तो दुष्ट है... मेन्टल टॉर्चर करता है...

कमाई दूसरों (माँ बाप) पर लुटाता है...

ये मायके आगयी.... कोर्ट कचहरी कर दिया.... कोर्ट आते जाते इनकी मुलाक़ात आखिर सपनों के राज कुमार सच्चे पियार यानी "ख़्वाजा हुसैन" से हो गयी...

अभी पिछले तीन महीने से ये उसके साथ लिव इन में रहने लगीं.... मतबल र•खै•ल बन ली उसकी... फिर इन्ने उससे बेगम बनाने की कहीं...

उसने इनसे इंतज़ाम करने को कहा...

ये अपना गहना गुरिया... अकाउंट से पैसा सब निकाल लायी...उसे दे दिया..

उसके बाद ख़्वाजा हुसैन ने इनकी गर्दन पर सल्ला फेर रेलवे ट्रेक पर फेंक दिया...

मिल गया सच्चा पियार BC 

🤣🤣🤣

TRN LIVE: ळ

*सरेआम बालो में थूककर हिन्दू महिलाओं को अपमानित करता है जावेद हबीब बहिष्कार हो इसका ओर इसपे मुकदमा दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए*

*समस्त हिन्दू संगठनों से अपील हर शहर और कस्बो में जेड हबीब के सैलून के बहिष्कार का जन जागरण अभियान चलाना चाहिए*

*गौर से देखिए इस वीडियो को हमारी हिन्दू महिलाओं के बालों में सरेआम थूककर ट्रेनिग दे रहा है ये जावेद हबीब और खुलेआम कह रहा है *"इस थूक में जान है"* 

*इन जिहादियों की गंदी मानसिकता को समझो*

😡😳😨😱🤔🥵👿👿👊🤛

*जावेद हबीब सेलून जाने वाले लोग देखो*

TRN LIVE: *हिन्दुओं को भूलने की बीमारी खानदानी है इसलिए सोचा याद दिला दूँ।*

कांग्रेस एक धोखा... हम हिन्दू भूलने में माहिर हैं।

16 जून 2013 को उत्तराखंड केदारनाथ में जलप्रलय शुरू हुआ जो भीषण तबाही मचा गया था। केदारनाथ में लगभग पच्चीस हजार श्रद्धालु मर गये थे।

तीन दिन चली इस भीषण तबाही में कांग्रेस की सरकार ने केदारनाथ में फंसे श्रद्धालु भक्तों की कोई मदद नही की।

चौथे दिन जब इस भयंकर तबाही की खबर अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियां बन गई तब निर्लज्ज कांग्रेस ने सहायता भेजने का एलान किया! ध्यान रहे सिर्फ एलान किया था।

18 जून को Antonio Maino सोनिया गांधी अमेरिका अपना गुप्त इलाज कराने गई हुई थी और राहुल गांधी मसाज बैंकॉक में थे। उन्हें सूचना भेजी गई तब दोनों मां बेटे 21 जून को भारत पहुंचे!

कांग्रेस ने बहुत तामझाम करके आपदा में फंसे लोगों की सहायता के लिये बिस्किट के पैकेट और पानी की बोतलों के आठ ट्रक रवाना किये।

जिन पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी के बड़े बड़े पोस्टर लगाकर मां बेटे ने उन्हें झंडी दिखाकर रवाना किया फोटो भी खिंचवाए गये जो अखबारों की सुर्खियां बने थे।

उन ट्रकों को न किराया दिया गया न डीजल दिया गया था।

आठ दिन भटककर उन ड्राइवरों ने वो बिस्किट बेचकर अपना किराया वसूल किया और निकल लिये।

आज तक कोई पूछने भी नही गया उस राहत सामग्री का क्या हुआ! फिर जब वहां लाशें सड़ने लगी तो महामारी का खतरा बढ़ता देख आसपास के गांवों के लोगों ने आन्दोलन किया।

वह भी पन्द्रह दिन बाद किया जब लाशों से बदबू आने लगी थी।

कई ग्रामीणों ने सामूहिक दाहसंस्कार भी किये लेकिन शव ही शव फैले देखकर लोग डर गये थे।

अब देखे हिन्दुओ की लाशों पर कैसे व्यापार हुआ।

तब कांग्रेस ने उन लाशों को निकालने के लिये एक विज्ञप्ति निकाली।

एक कम्पनी आगे आई जिसने एक लाश निकालने के 4,60,000 रुपये में टेंडर लिया था। और लगभग 16,000 लाशें तीन दिन में निकाली थी।

सरकार ने उस कम्पनी को 'सात अरब छतीस करोड़' का भुगतान तुरन्त कर दिया था।

हालांकि लाशें मिलने का सिलसिला महीनों चलता रहा, फिर कई दिन कंकाल मिलते रहे। हाँ लाशें निकालने वाली कम्पनी रॉबर्ट वाड्रा की थी जो उसने किराये के हेलीकॉप्टर लेकर रातोंरात बनाई थी।

कांग्रेस की सरकारी सहायता के नाम पर किया नाटक भी याद रखियेगा। मां बेटे के भेजे बिस्किट आज भी नही पहुंचे हैं। विश्व के इतिहास में लाशों का इतना बड़ा व्यापार सुनने को मिले तो बताइएगा।

और 7,36,00,00,000 (सात अरब छत्तीस करोड़) का घोटाला तो शायद आप भूल जाएंगे क्योंकि हम हिन्दू भूलने में माहिर हैं। जय हिंद!!

TRN LIVE: *मोदी सरकार को आधार कार्ड पर सख्त से सख्त कानून लाना चाहिए,बाहर से 25000 रूपए देकर नकली आधार कार्ड,पैन कार्ड और वोटर कार्ड बनवाकर घुसपैठिये भारत में शरण ले रहे हैं, और भारत सरकार की हर स्कीम का लाभ उठा रहे हैं, आधार कार्ड पर सख्त कानून लाकर बाहर से फेक आधार कार्ड,पैन कार्ड बनाने वाले को जेल की सज़ा होनी चाहिए, और लाखों रुपए जुर्माना लगाया जाना चाहिए, विदेशों में नागरिकता लेने के लिए सख्त से सख्त कानून बनाये गये हैं,तो भारत में मुस्लिम घुसपैठियों को नागरिकता लेना इतना आसान क्यों?*

TRN LIVE: *जापान में मुफ़्त रसोई गैस, मुफ़्त बिजली, मुफ़्त राशन आदि जैसी कोई कल्याणकारी योजनाएँ नहीं हैं।*

उनका आदर्श वाक्य है:

*अपनी ज़रूरत के लिए काम करो या उसके बिना जीओ।*

*संभवतः, ये पाँच सबसे अच्छे कथन हैं जो आपने कभी पढ़े होंगे, और इन्हें भारत में भी लागू किया जाना चाहिए:*

1. *आप अमीरों को ग़रीब बनाकर ग़रीबों को अमीर नहीं बना सकते।*

2. *एक व्यक्ति को बिना काम किए जो कुछ भी मिलता है, उसके लिए दूसरे व्यक्ति को काम करना पड़ता है और उसे अपने प्रयासों का कोई इनाम नहीं मिलता।*

3. *दुनिया की कोई भी सरकार अपने नागरिकों को मुफ़्त में कुछ नहीं दे सकती जब तक कि वह पहले किसी दूसरे नागरिक से न ले ले।*

4. *आप धन को विभाजित करके उसे गुणा नहीं कर सकते!*

5. *जब आधे लोगों को मुफ़्त में कुछ मिलता है, तो वे उसके लिए कभी काम नहीं करेंगे, और मुफ़्त लाभ प्रदान करने के लिए काम करने वाले दूसरे आधे लोग हतोत्साहित महसूस करेंगे क्योंकि उनके प्रयासों से उन लोगों को लाभ होता है जो काम नहीं करते।*

*यह किसी भी समृद्ध राष्ट्र के अंत की शुरुआत है।*

*अच्छे नागरिकों को इस पागलपन को रोकना चाहिए।*

*आज, सभी राजनीतिक दल इस दौड़ का हिस्सा हैं।*

*आइए हम भविष्य में इस खतरे को खत्म करने के लिए अपनी पूरी शक्ति से काम करने का संकल्प लें।*

*क्या आपको इसे शेयर न करने का कोई कारण याद है?*

*अगर नहीं, तो शेयर करें और इस जागरूकता अभियान में अपना योगदान दें।*🌲

TRN LIVE: क्यों कई पश्चिमी लोग भारत में रोज़मर्रा की जिंदगी को ईर्ष्या करते हैं 

क्योंकि अमेरिका या यूरोप में जो विलासिता है, वह भारत में बुनियादी, किफायती और सुलभ है। 

1. सुबह 7 बजे तक आपके दरवाजे पर दैनिक समाचार पत्र — यह कोई महँगी विलासिता नहीं, बस रोज़ाना की चीज़ है। 

2. सिर्फ ₹500/माह में 300+ टीवी चैनल + कम लागत वाले OTT — मनोरंजन से पैसे खत्म नहीं होते। 

3. लगभग ₹300/माह में देशव्यापी हाई-स्पीड 5G — बड़े पैमाने पर दुनिया का सबसे सस्ता डेटा। 

4. प्रमुख शहरों में विश्वस्तरीय हवाई अड्डे — साफ-सुथरे, आधुनिक, तेजी से विकसित हो रहे। 

5. किराने और आवश्यक सामान की 10 मिनट में डिलीवरी — ग्लोबली बेमिसाल सुविधा। 

6. लंबे वेटिंग लिस्ट के बिना डॉक्टर उपलब्ध — अक्सर उसी दिन बिना अपॉइंटमेंट के परामर्श।

7. घर पर नमूना संग्रह और डायग्नोस्टिक टेस्ट कम कीमत में — स्वास्थ्य सुलभ।

8. घर पर कपड़े धोने/इस्त्री करने की सेवाएं बजट-फ्रेंडली रेट पर — विदेश में लग्ज़री, यहां सामान्य।

9. किफायती घरेलू मदद — नौकरानी, रसोइया, ड्राइवर और बच्चों की देखभाल — जीवन आसान बनाना।

10. हर सुबह 5 बजे ताजा दूध की डिलीवरी — सीधे आपके दरवाजे पर।

11. रेस्तरां में मुफ्त पानी + सभी जगह सस्ता बोतलबंद पानी — बुनियादी सुविधाओं के लिए शुल्क नहीं।

12. कहीं भी UPI भुगतान, यहां तक कि ₹5 के लिए — तुरंत, सार्वभौमिक, डिजिटल-प्रथम अर्थव्यवस्था।

13. मुकदमे का डर नहीं — रिश्तेदार छोटे-मोटे मामलों के लिए एक-दूसरे को अदालत नहीं घसीटते।

14. अगर आप भौतिक दौड़ से दूर रहते हैं तो जीवन शांत — कट्टर प्रतिस्पर्धा से ज्यादा समुदाय की गर्मजोशी।

भारत परिपूर्ण नहीं है — लेकिन यह अद्भुत रूप से रहने योग्य है।

सुलभ। सुविधाजनक। जुड़ी हुई। मानवीय।

भारत केवल एक देश नहीं है — यह एक आरामदायक जीवनशैली है।

TRN LIVE: लोगों की जान को { *कोई भी व्यक्ति कहीं पर भी किसी भी समय किसी की भी हत्या कर सकता है* } नुकसान तो है ही साथो साथ माल को यानी की अपनी जिंदगी भर की कमाई हुई बचत का भी कहां संरक्षण हो रहा है❓❓❓❓❓🤔

क्या मतलब बड़े-बड़े साइबर हब एवं संबंधित अधिकारियों का वेतन का देश पर बोझ उठाकर देश का कर्ज बढ़ाने का🤔

*दिल्ली में डिजिटल अरेस्ट का सबसे बड़ा शिकार! बुजुर्ग डॉक्टर दंपति से 14 करोड़ रुपये की ठगी* 😲🤔

करीब 45 साल अपनी डॉक्टरी सेवा देने के बाद अमेरिका से लौटे *वृद्ध दंपति को डिजिटल अरेस्ट करके 14 करोड़ साइबर ठगों ने ठग लिया* 😡🤔

 *मेरा 🙋‍♂️ अब तक का अवलोकन और संदेह जो कह रहा है इसमें सर्विलांस,विजिलेंस,इंटेलिजेंस की मिली भगत के अलावा यह किसी भी हाल में हो नहीं सकता* 😡👊

मेरा🙋‍♂️ काम है देश हित में अपने अनुभव,अवलोकन कुछ तथ्यों को देखने के बाद सुझाव देना🙋‍♂️🙏

 *संबंधित गुनहगारो के सामने कठोर कार्यवाही करना एवं सजा दिलाने का काम सरकार का है* *अगर सरकार सही मायने में गुनहगारों तक पहुंचने के लिए कार्यवाही करना चाहती है तो* 🙏

 *राष्ट्रहित में मेरा विचार* 🙋‍♂️👆

 *भ्रष्टाचार,ठगी,हत्या के लिए चल रही इकोसिस्टम को तोड़ने का मेरा🙋‍♂️ एक और प्रयास/सुझाव के द्वारा/लोगों को जागृति के लिए* 👆

TRN LIVE: 🛑

सभ्यता, संस्कृति एवं प्राणियों को बचाना है तो इस्लाम को मिटना ही होगा, मिटाना ही होगा.. 

बैर किसी मजहब से नहीं बल्कि इन मजहबी कट्टरपंथियों से है जिसने इस धरती को नर्क बना दिया है।

इस्लाम-मुक्त ईरान हेतु जनांदोलन चल रहा। महिलाएँ इस्लाम का अंत देख इतनी प्रसन्न हो रही हैं कि 'औरत पर इस्लामी अत्याचार' के उपकरण' बुर्का/हिजाब को उतार फेंककर नृत्य कर रही हैं। #BanIslam

If civilization, culture, and humanity are to be saved, Islam must be eradicated.

The animosity is not towards any religion, but towards these religious fanatics who have turned this earth into hell.

A mass movement is underway for an Islam-free Iran. Women are so overjoyed at the prospect of Islam's end that they are dancing after removing the burqa/hijab, the instruments of Islamic oppression against women. #BanIslam

TRN LIVE: 🛑

सदियों से, वर्ण व्यवस्था कभी भी शक्ति या ऊँच-नीच के बारे में नहीं थी, यह काम, ज़िम्मेदारी और ज्ञान के बारे में थी। इस रील में, हम जानेंगे कि ब्राह्मणों का सम्मान धन के लिए नहीं, बल्कि ज्ञान के लिए क्यों किया जाता था, क्षत्रियों के पास राज्य की शक्ति क्यों थी, वैश्यों के पास धन का नियंत्रण क्यों था, और शूद्रों के पास सबसे ज़्यादा व्यक्तिगत स्वतंत्रता क्यों थी।

आधुनिक भारत अक्सर सनातन धर्म को एक गलत नज़रिए से देखता है, और इसके गहरे दार्शनिक डिज़ाइन को समझ नहीं पाता। यह वीडियो जाति, हिंदू दर्शन और प्राचीन भारतीय समाज के बारे में आपके सभी विचारों को चुनौती देता है।

For centuries, the caste system was never about power or hierarchy; it was about work, responsibility, and knowledge. In this reel, we will explore why Brahmins were respected not for wealth, but for knowledge, why Kshatriyas held the power of the state, why Vaishyas controlled wealth, and why Shudras enjoyed the greatest personal freedom.

Modern India often views Sanatana Dharma through a distorted lens, failing to understand its profound philosophical design. This video challenges all your preconceived notions about caste, Hindu philosophy, and ancient Indian society.

TRN LIVE: 🛑

🔥जब सोमनाथ के मंदिर को वि ध्वंस करने के लिए मोहम्मद गजनवी सोमनाथ पहुंचा तो वहां के राजगुरु आचार्य ब्रह्मभट्ट ने राजा से कहा कि एक राजा विष्णु का अवतार होता है और मैं इस ज्योतिर्लिंग शिवलिंग की ज्योति आपके शरीर में प्रत्यारोपित करता हूँ...

उसके पश्चात आचार्य ने राजा को वहां से प्रस्थान करने को कहा...

तत्पश्चात जब गजनी ने मंदिर में प्रवेश किया तो आचार्य ने गजनी को कहा कि तुम अपने गुर्ज को मेरे मस्तक पर मारो क्योंकि आचार्य ब्रह्मभट्ट को ज्ञात था कि मस्तिष्क के अंदर जो रक्त रहता है उसे ब्रह्मकपाली कहते हैं और ये रक्त बहुत ही पवित्र होता है, यदि गजनी ने मेरे शीश पर गुर्ज को मारा तो महादेव का रक्त स्नान के अभिषेक द्वारा विसर्जन हो जाएगा और एक बार विसर्जन होने के बाद कोई भी मुर्ती या पत्थर जिसमें प्राण प्रतिष्ठा कि गई हो वो मिट्टी के समान हो जाता है।

ऐसे ही नहीं शेष रहा है हमारा पवित्र सनातन धर्म...

इसकी रक्षा के लिए आचार्य ब्रह्मभट्ट जैसी लाखों विभूतियों ने अपनी आहुति दी है...

हर-हर महादेव, जय महाकाल

🚩🙏🚩🙏🚩

🔥When Muhammad Ghaznavi arrived in Somnath to destroy the temple, the royal priest, Acharya Brahmabhatt, told the king that a king is an incarnation of Vishnu, and that he would transfer the divine light of the Jyotirlinga Shiva Lingam into the king's body...

Afterward, the Acharya asked the king to leave.

Then, when Ghaznavi entered the temple, the Acharya told him to strike his mace on his head. Acharya Brahmabhatt knew that the blood inside the brain is called Brahmakapali, and this blood is very sacred. If Ghaznavi struck his head with the mace, the blood of Lord Shiva would be released through a ritualistic bathing and consecration. Once this consecration is performed, any idol or stone that has been consecrated becomes like ordinary earth.

Our sacred Sanatan Dharma has not survived by chance...

Millions of great souls like Acharya Brahmabhatt have sacrificed themselves to protect it...

Har Har Mahadev, Jai Mahakal

🚩🙏🚩🙏🚩

TRN LIVE: 🛑

Delhi मस्जिद के बाहर हुए पथराव के बाद देखो मियाँ जी ने क्या बता दिया..! 🔥🔥

इस मुस्लिम ने वो सत्य बोला है जिसे कोई सुनना ही नहीं चाहता।

जिस सत्य को सुनते ही सेक्युलर कीड़े आदि बहरे गूंगे हो जाते हैं।

मस्जिद मदरसे आतंकवादियों का अड्डा है...

धर्म की जय हो अधर्मी का नाश हो🏹🏹🏹

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After the stone-pelting outside the Delhi mosque, see what this man said! 🔥🔥

This Muslim man has spoken the truth that no one wants to hear.

The truth that makes secularists deaf and dumb the moment they hear it.

Mosques and madrasas are dens of terrorists...

May righteousness prevail, and may evil be destroyed! 🏹🏹🏹

TRN LIVE: 🛑

क्या हम अपनी आने वाली पीढ़ियों के साथ न्याय कर रहे हैं? 🚩

भारत का इतिहास गवाह है कि कैसे तुष्टिकरण की राजनीति ने बहुसंख्यक समाज के अधिकारों को हाशिए पर धकेल दिया। आज हमें यह समझना होगा कि किन कानूनों के जरिए हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को बांधा गया है।

1. वक्फ बोर्ड और असीमित अधिकार: कांग्रेस शासन के दौरान वक्फ एक्ट को जिस तरह से शक्तिशाली बनाया गया, उसने बोर्ड को ऐसी शक्तियाँ दे दीं कि वे किसी भी ज़मीन पर अपना दावा ठोक सकते हैं। आज हज़ारों एकड़ ज़मीन, यहाँ तक कि कई प्राचीन मंदिर और गाँव भी इस कानून की वजह से कानूनी पेचदगियों में फँसे हुए हैं। क्या यह 'समान अधिकार' की परिभाषा है?

2. उपासना स्थल अधिनियम 1991 (Places of Worship Act): इस कानून के जरिए हिंदुओं के संघर्ष के रास्ते को कानूनी रूप से बंद करने की कोशिश की गई। यह कानून कहता है कि 15 अगस्त 1947 के समय जो धार्मिक स्थल जिस स्थिति में था, उसे बदला नहीं जा सकता। इसका सीधा अर्थ यह हुआ कि मुगल आक्रांताओं द्वारा तोड़े गए हमारे मंदिरों को वापस पाने का अधिकार हमसे छीन लिया गया।

चिंतन का विषय: एक तरफ ज़मीनें लेने के लिए 'वक्फ बोर्ड' जैसा लचीला कानून और दूसरी तरफ अपने ही मंदिरों को वापस पाने से रोकने के लिए '1991 एक्ट' जैसा सख्त कानून। यह दोहरा मापदंड आखिर कब तक चलेगा?

हमें जागना होगा और यह समझना होगा कि वोट की राजनीति किस तरह हमारी जड़ों को कमजोर कर रही है। जागरूक बनें और इस सत्य को जन-जन तक पहुँचाएं।

#WaqfBoard #PlacesOfWorshipAct #HinduUnity #SanatanDharma #IndianHistory #SocialAwareness #WakeUpHindus #PoliticalTruth #DharmaRaksha #IndiaFirst #BharatMataKiJai #AjayaBhava

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Are we doing justice to our future generations? 🚩

The history of India bears witness to how the politics of appeasement has marginalized the rights of the majority community. Today, we must understand through which laws our cultural and religious heritage has been constrained.

1. Waqf Board and Unlimited Powers: The way the Waqf Act was strengthened during the Congress regime gave the board such powers that they can claim ownership of any land. Today, thousands of acres of land, even many ancient temples and villages, are entangled in legal complexities because of this law. Is this the definition of 'equal rights'?

2. Places of Worship Act, 1991: This law attempted to legally block the path of struggle for Hindus. This law states that the status of religious places as they existed on August 15, 1947, cannot be changed. This directly means that we have been deprived of the right to reclaim our temples that were destroyed by the Mughal invaders.

A matter for reflection: On one hand, a flexible law like the 'Waqf Board' for acquiring land, and on the other hand, a strict law like the '1991 Act' to prevent us from reclaiming our own temples. How long will this double standard continue?

We must wake up and understand how vote bank politics is weakening our roots. Be aware and spread this truth to every person.

#WaqfBoard #PlacesOfWorshipAct #HinduUnity #SanatanDharma #IndianHistory #SocialAwareness #WakeUpHindus #PoliticalTruth #DharmaRaksha #IndiaFirst #BharatMataKiJai #AjayaBhava

TRNLIVE: 🛑

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान से राजनीतिक गलियारों में भूचाल आ गया है. ओवैसी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले समय में हिजाब पहनने वाली महिला देश की प्रधानमंत्री बनेगी. उनके इस बयान को लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है.

दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने ओवैसी के बयान पर तीखा हमला है. उन्होंने कहा कि एक दिन ओवैसी को ही बुर्का पहनकर ना भागना पड़ जाए. बीजेपी की ओर से लगातार हिजाब को लेकर निशाना साधा जा रहा है.

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AIMIM chief Asaduddin Owaisi's statement has sent shockwaves through political circles. Addressing a public meeting, Owaisi said that in the future, a woman wearing a hijab will become the Prime Minister of the country. This statement has now sparked controversy.

Delhi government minister Kapil Mishra launched a sharp attack on Owaisi's statement, saying that one day Owaisi himself might have to flee wearing a burqa. The BJP has been continuously targeting Owaisi over the hijab issue.

TRN LIVE: 🛑

स्वामी विवेकानंद उद्धरण

स्त्रोत - Wikiquote, विकिसूक्ति

सफल होने के लिए, आपके पास अद्भुत दृढ़ता, अद्भुत इच्छाशक्ति होनी चाहिए। "मैं समुद्र पी लूंगा", दृढ़ आत्मा कहती है; "मेरी इच्छा से पहाड़ चूर-चूर हो जाएंगे"। ऐसी ऊर्जा, ऐसी इच्छाशक्ति, कठोर परिश्रम, और तुम लक्ष्य तक पहुँच जाओगे।

हर काम को तीन अवस्थाओं से गुज़रना होता है – उपहास, विरोध और स्वीकृति।

पुरुषार्थ में कर्ण और राम जैसा कोई पुरुष नहीं हो सकता और उनकी महिमा अनादिकाल से गाई जाती रही है और जाग्रत जगत को प्रेरित करती रही है किंतु बुद्ध, कृष्ण और शिव भारत की निधि हैं जिन्हें व्यय (खर्च) नहीं किया जा सकता।

मुझे गर्व है कि मैं एक ऐसे धर्म से हूं, जिसने संसार को सहनशीलता और सार्वभौमिक स्वीकृति का पाठ पढ़ाया है। मुझे गर्व है कि मैं उस देश से हूं जिसने सभी पंथों, मजहबों और देशों के सताए गए, नकार दिए और असहाय लोगों को अपने यहां शरण दी.

शिक्षा मनुष्य में पहले से उपस्थित पूर्णता की अभिव्यक्ति है। धर्म मनुष्य में पहले से उपस्थित देवत्व की अभिव्यक्ति है।

हमें ऐसी शिक्षा चाहिए, जिससे चरित्र का निर्माण हो, मन की शक्ति बढ़े, बुद्धि का विकास हो और मनुष्य आत्म निर्भर बन सके।

जब तक जीना, तब तक सीखना -- अनुभव ही जगत में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है।

संसार को अब तक जो भी ज्ञान प्राप्त हुआ है वह मन से आया है, ब्रह्मांड का अनंत पुस्तकालय हमारे अपने मस्तिष्क में है ।

सभी के भले और सबके सुख के लिए अपना जीवन समर्पित करना ही धर्म है। आप जो कुछ भी अपने लिए करते हैं वह धर्म नहीं है।

धर्म ही हमारे राष्ट्र की जीवन शक्ति है। यह शक्ति जब तक सुरक्षित है, तब तक विश्व की कोई भी शक्ति हमारे राष्ट्र को नष्ट नहीं कर सकती।

जब तक मनुष्य तन और मन से शुद्ध नहीं होता, तब तक उसका मंदिर में आना और शिव (ईश्वर) की पूजा करना व्यर्थ है। जो मन और शरीर से शुद्ध हैं, शिव द्वारा उनकी प्रार्थनाओं का उत्तर दिया जाएगा। जो अशुद्ध हैं और फिर भी दूसरों को धर्म सिखाने का प्रयास करते हैं, वे अंत में असफल होंगे। बाहरी पूजा तो आंतरिक पूजा का प्रतीक मात्र है, आंतरिक पूजा और पवित्रता का ही महत्व हैं, बाहरी पूजा का कोई लाभ नहीं होगा। सभी पूजाओं का सार यही है - शुद्ध रहना और दूसरों का भला करना। जो दीन, निर्बल और रोगी में शिव (ईश्वर) को देखता है, वह वास्तव में शिव की पूजा करता है, और जो शिव को केवल छवि में देखता है, तो उसकी पूजा प्रारंभिक है। जिसने एक गरीब मनुष्य में शिव को देखकर, उसकी जाति, पंथ, नस्ल, या कुछ भी सोचे बिना उसकी सेवा और सहायता की है, शिव उस व्यक्ति की तुलना में अधिक प्रसन्न हैं जो उन्हें केवल मंदिरों में देखता है।

इस कलियुग में लोग इतने पतित हो गए हैं कि वे सोचते हैं कि वे कुछ भी कर सकते हैं, और फिर वे किसी पवित्र स्थान पर जाएंगे और उनके पाप क्षमा कर दिए जाएंगे। यदि कोई मनुष्य अशुद्ध मन से मन्दिर में जाता है, तो वह अपने पापों में वृद्धि कर रहा है।

यदि मैं कोई बुरा कार्य (कर्म) करता हूँ, तो मुझे उसका फल अवश्य भुगतना पड़ेगा, इस ब्रह्मांड में ऐसी कोई शक्ति नहीं है जो इसे (कर्मफल) रोक सके।

मन का विकास करो और उसका संयम करो, उसके बाद जहाँ इच्छा हो, वहाँ इसका प्रयोग करो – उससे अति शीघ्र फल प्राप्ति होगी। यह है यथार्थ आत्मोन्नति का उपाय।

निरंतर अच्छे विचार सोचते रहना ही बुरे विचारों के दमन का एकमात्र उपाय है।

आकांक्षा, अज्ञानता, और असमानता ये बंधन की त्रिमूर्तियां हैं।

साधु या असाधु, धनी या दरिद्र - सभी मरेंगे। चिर काल तक किसी का शरीर नहीं रहेगा। अतएव उठो, जागो और संपूर्ण रूप से निष्कपट हो जाओ। भारत में घोर कपट समा गया है। चाहिए दृढ़ता और चरित्र का बल, जिससे मनुष्य आजीवन दृढ़व्रत बन सके ।

लोग तुम्हारी स्तुति करें या निन्दा, लक्ष्मी तुम्हारे ऊपर कृपालु हो या न हो, तुम्हारी मृत्यु आज हो या एक युग मे, तुम न्यायपथ से कभी भ्रष्ट न हो।

यही संसार है; यदि तुम किसी का उपकार करो, तो लोग उसे कोई महत्व नहीं देंगे, किन्तु ज्यों ही तुम उस कार्य को बंद कर दो, वे तुरंत तुम्हें अपराधी प्रमाणित करने में नहीं हिचकिचाएंगे। मेरे जैसे भावुक व्यक्ति अपने सगे स्नेहियों द्वारा ठगे जाते हैं।

बुद्ध एकमात्र ऐसे पैगंबर हैं जिन्होंने कहा, मुझे ईश्वर के बारे में आपके विभिन्न सिद्धांतों को जानने की परवाह नहीं है। आत्मा के बारे में सभी सूक्ष्म सिद्धांतों पर चर्चा करने का क्या लाभ है? अच्छा करो और अच्छा बनो।

जो सत्य है, उसे साहसपूर्वक निर्भीक होकर लोगों से कहो – उससे किसी को कष्ट होता है या नहीं, इस ओर ध्यान मत दो। दुर्बलता का कभी सहारा मत लो। सत्य की ज्योति ‘बुद्धिमान’ मनुष्यों के लिए यदि अत्यधिक मात्रा में प्रखर प्रतीत होती है, और उन्हें आपसे दूर कर देती है, तो उन्हें जाने दो, वे जितना शीघ्र चले जाएँ, उतना अच्छा है।

स्वामी विवेकानंद उद्धरण

स्त्रोत - Wikiquote, विकिसूक्ति

वैदिक धर्म और ईसाई मजहब के बीच मुख्य अंतरों में से एक यह है कि ईसाई मजहब के अनुसार प्रत्येक मनुष्य आत्मा का जन्म इस संसार में उसके शरीर के जन्म के समय होता है, जबकि वैदिक धर्म कहता है कि मनुष्य की आत्मा अनादि, नित्य है।

यदि कोई भंगी हमारे पास भंगी के रूप में आता है, तो छुतही रोग की तरह हम उसके स्पर्श से दूर भागते हैं। परन्तु जब उसके सिर पर एक कटोरा पानी डालकर कोई पादरी प्रार्थना के रूप में कुछ गुनगुना देता है और जब उसे पहनने को एक कोट मिल जाता है, वह कितना ही फटा-पुराना क्यों न हो, तब चाहे वह किसी कट्टर से कट्टर हिन्दू के कमरे के भीतर पहुँच जाए, उसके लिए कहीं रोक-टोक नहीं, ऐसा कोई नहीं, जो उससे सप्रेम हाथ मिलाकर बैठने के लिए उसे कुर्सी न दे! इससे अधिक विड्म्बना की बात क्या हो सकती है? आइए, देखिए तो सही, दक्षिण भारत में पादरी लोग क्या गज़ब कर रहें हैं। ये लोग निम्न जाति के लोगों को लाखों की संख्या मे ईसाई बना रहे हैं। वहाँ लगभग चौथाई जनसंख्या ईसाई हो गयी है! मैं उन बेचारों को क्यों दोष दूँ? हें भगवान, कब एक मनुष्य दूसरे से भाईचारे का व्यवहार करना सीखेगा।

यहीं पर (भारत में) भारतीयों द्वारा मुसलमानों और ईसाइयों के लिए पूजास्थल का निर्माण किया जाता हैं, अन्य कहीं नहीं। यदि आप दूसरे देशों में जाते हैं और मुसलमानों या अन्य मजहबों के लोगों से आपके लिए एक मंदिर बनाने के लिए कहते हैं, तो देखें कि वे कैसे सहायता करेंगे। वे आपके मंदिर को नष्ट करने का प्रयास करेंगे और यदि संभव हुआ तो आपको भी तोड़ेंगे।

क्या मैं आप यूरोपीय लोगों से पूछ सकता हूं कि आपने किस देश को कभी बेहतर परिस्थितियों में खड़ा किया है? जहाँ-जहाँ आपने दुर्बल नस्लें पायी हैं, आपने उन्हें जड़ से मिटा दिया है। आप उनकी भूमि पर बस गए हैं और वे हमेशा के लिए मिट गए। आपके अमेरिका, आपके ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड, आपके प्रशांत द्वीप समूह और दक्षिण अफ्रीका का इतिहास क्या है? आज वहां वे मूलनिवासी जातियां कहां हैं? वे सब नष्ट कर दिए गए हैं, आपने उन्हें संपूर्ण रुप से मार डाला, मानो वे जंगली पशु हों। जहां आपके पास ऐसा करने की शक्ति नहीं है, केवल वहीं राष्ट्र अभी भी जीवित हैं।

मोहम्मद ने कुछ अद्भुत सत्य बोले। यदि आप कुरान पढ़ते हैं, तो आपको अंधविश्वासों से मिश्रित आश्चर्यजनक सत्य मिलते हैं। आप इसे कैसे समझायेंगे? निःसंदेह वह व्यक्ति (मोहम्मद) प्रेरित था, वह एक प्रशिक्षित योगी नहीं था, और वह जो कर रहा था उसका कारण नहीं जानता था। सोचो कि मोहम्मद ने संसार के साथ क्या अच्छा किया, और उस महान बुराई के बारे में सोचो जो उनकी कट्टरता से हुई है। उन लाखों लोगों के बारे में सोचिए, जिन्होंने उनकी शिक्षाओं से जनसंहार किया, माताओं ने अपने बच्चों को खो दिया, बच्चों को अनाथ कर दिया, पूरे देश को नष्ट कर दिया, लाखों लोगों को मार दिया गया।

मोहम्मदवादी (मुस्लिम) सबसे अधिक असभ्य और सबसे अधिक साम्प्रदायिक हैं। उनका नारा है: "केवल एक ईश्वर है (अल्लाह) और मोहम्मद उसके पैगंबर हैं।" इससे परे सब कुछ न केवल बुरा है, अपितु तुरंत नष्ट हो जाना चाहिए। हर पुरुष या महिला जो वास्तव में उस पर विश्वास नहीं करता है उसे मार दिया जाना चाहिए, जो कुछ भी इस पूजा से संबंधित नहीं है उसे तुरंत तोड़ देना चाहिए, हर पुस्तक जो कुछ अन्य सिखाती है उसे जला देना चाहिए। पैसिफिक से लेकर अटलांटिक तक, समस्त संसार में रक्त बहता रहा। यही मोहम्मदवाद है (Vivekananda quote - criticism of Islam Wikipedia)

मुसलमानों के लिए यहूदी और ईसाई अत्यंत घृणा के पात्र नही है। उनकी दृष्टि में इनमें कुछ निष्ठा (ईमान) तो है। किंतु ऐसा हिंदू के साथ नही हैं, उनके अनुसार हिंदू मूर्ति पूजक है, घृणास्पद काफ़िर है। इसलिए हिंदू इस जीवन में नृशंस हत्या के योग्य है और मरने के बाद उसके लिए अनंत नरक तैयार है। मुस्लिम सुल्तानो ने काफिरो के अध्यात्मिक गुरुओ और पुजारियों के साथ यदि कोई सबसे अधिक कृपा की तो यह कि उन्हें किसी प्रकार अंतिम सांस लेने तक चुपचाप जीवित रहने की अनुमति दे दी। यह भी बड़ी दयालुता मानी गयी, यदि किसी मुस्लिम सुल्तान का धार्मिक जोश असामान्य या कुछ अधिक होता था तो काफिरो के नरसंहार का तुरंत ही प्रबंध किया जाता था। (Vivekananda quote - Kafir Wikiquote)

TRN LIVE: 🛑

कल से पूरे राजस्थान में CASH में भीख देना बंद।

भिखारियों को (भोजन + पानी) जरूर दें, लेकिन एक भी रुपया कैश नहीं देz|

पूरे राजस्थान में इस तरह का एक अलग आंदोलन शुरू हुआ हो, चाहे किसी भी प्रकार का भिखारी हो।

और यह आंदोलन बिल्कुल सही है।

चाहे कोई भी (महिला / पुरुष / वृद्ध / दिव्यांग / बच्चा) भीख मांग रहा हो, हम पैसे की बजाय (भोजन + पानी) देंगे, लेकिन आज से पैसे की भीख नहीं देंगे।

इसका परिणाम यह होगा कि अंतरराष्ट्रीय / राष्ट्रीय / राज्य स्तर पर सक्रिय ‘भिखारी’ गिरोह टूट जाएंगे और छोटे बच्चों का अपहरण अपने आप बंद हो जाएगा। अपराध की दुनिया में सक्रिय ऐसे गिरोहों का अंत होगा।

कृपया एक भी रुपया भिखारी को न दें।

अगर बहुत दया आती हो तो गाड़ी में 2 बिस्किट के पैकेट रखें, लेकिन पैसे न दें। 🙏

यदि आप इस अभियान से सहमत हैं तो यह विचार कम से कम 10 लोगों को और कम से कम अगले 3 ग्रुप्स में जरूर भेजें।

विचार अच्छा लगे तो आगे जरूर भेजें। 🙏🏻

From tomorrow, giving alms in cash will be stopped throughout Rajasthan.

Give beggars food and water, but do not give a single rupee in cash.

A unique movement of this kind has started throughout Rajasthan, regardless of the type of beggar.

And this movement is absolutely right.

Whether it's a woman, man, elderly person, disabled person, or child begging, we will give them food and water instead of money, but we will not give any money from today onwards.

The result of this will be that the international/national/state-level 'beggar' gangs will be dismantled, and the kidnapping of young children will automatically stop. Such gangs active in the world of crime will come to an end.

Please do not give a single rupee to any beggar.

If you feel very compassionate, keep two packets of biscuits in your car, but do not give money. 🙏

If you agree with this campaign, please share this idea with at least 10 people and in at least 3 groups.

If you like the idea, please forward it. 🙏🏻

TRN LIVE: नया भारत 🇮🇳 ❤️ 

🔹अमेरिका ने भारत को पहले कभी इतना मजबूत नहीं देखा… 

🔹ये अनुभव उसे पहली बार हो रहा है…

ऐसा पहली बार है कि भारत अमेरिका की सुन ही नहीं रहा है…

🔹और ट्रम्प की झुंझलाहट की असली वजह यही है…

👉 क्योंकि ये 2014 से पहले वाला भारत नहीं है...

👉 ये स्वयंम निर्णय निर्णय लेने वाला सक्षम भारत है...

👉 ये “मोदी का भारत” है। 🇮🇳

🔹 1️⃣ रक्षा सौदे: अब भारत मजबूर नहीं, सक्षम है।

▪️ अमेरिका के दबाव के बावजूद भारत ने रूस से S-400 खरीदा।

▪️ अमेरिका की CAATSA धमकी बेअसर रही।

▪️ अब भारत सिर्फ खरीदार नहीं, बल्कि डिफेंस मैन्युफैक्चरर हब बन रहा है।

▪️ ब्रह्मोस, तेजस, आकाश भारत हथियार निर्यात भी कर रहा है।

🔹 2️⃣ सस्ता तेल: राष्ट्रहित सर्वोपरि...

▪️ अमेरिका के मना करने के बावजूद भारत रूस से सस्ता तेल खरीद रहा है।

▪️ 50% टैरिफ की धमकी भी भारत को नहीं डिगा पाई।

▪️ कारण साफ है, महंगाई से देशवासियों को बचाना।

▪️ भारत ने दिखा दिया: विदेश नीति भावनाओं से नहीं, हितों से चलती है।

🔹 3️⃣ अर्थव्यवस्था: दुनियां की नजर भारत पर।

▪️ भारत दुनियां की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था।

▪️ यूके को पीछे छोंड़कर Top-5 Economy...

▪️ IMF–World Bank की रिपोर्टें भारत के पक्ष में।

▪️ अमेरिका जानता है अगला आर्थिक सुपरपावर भारत है।

🔹 4️⃣ एग्रीकल्चर और डेयरी पर: भारत की लाल रेखा।

▪️ अमेरिका चाहता है कि भारत कृषि और डेयरी सेक्टर खोले।

▪️ लेकिन भारत ने साफ़ कहा किसानों से समझौता नहीं।

▪️ MSP, दूध, छोटे किसान भारत की आत्मा।

▪️ मोदी सरकार ने WTO तक भारत का पक्ष मजबूती से रखा।

🔹 5️⃣ मेक इन इंडिया: आत्मनिर्भर भारत

▪️ मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, डिफेंस, सेमीकंडक्टर।

▪️ भारत अब सिर्फ मार्केट नहीं, मैन्युफैक्चरिंग हब है।

▪️ दुनियां पर भारत की निर्भरता घट रही है।

▪️ यही बात पश्चिमी देशों को सबसे ज्यादा चुभ रही है।

🔹 6️⃣ विदेश नीति: अब भारत आदेश नहीं सुनता।

▪️ अमेरिका के बुलावे को भारत का पीएम ना कह सकता है।

▪️ QUAD हो या BRICS भारत अपनी शर्तों पर चलता है।

▪️ यूक्रेन–रूस युद्ध में भारत ने न्यूट्रल लेकिन मजबूत स्टैंड लिया।

▪️ “This is not India of past” ये संदेश दुनिया तक गया।

🔹 7️⃣ ट्रेड डील: फोन कॉल से नहीं, शर्तों से।

▪️ भारत–अमेरिका ट्रेड डील अटकी है।

▪️ कारण: भारत जल्दबाज़ी में समझौता नहीं करता है।

▪️ मोदी ट्रम्प को फोन नहीं कर रहे हैं, क्योंकि...

👉 भारत अब बराबरी की भाषा समझता है।

🔹 8️⃣ Global South का नेता भारत।

▪️ G20 में अफ्रीकी यूनियन की एंट्री भारत की पहल।

▪️ वैक्सीन मैत्री से दुनियां को मदद।

▪️ गरीब देशों की आवाज़ बना भारत।

▪️ अमेरिका को ये लीडरशिप पच नहीं रही है।

🔹 9️⃣ भारत अब दबाव में नहीं झुकता है।

▪️ न अमेरिका

▪️ न यूरोप

▪️ न IMF

👉 फैसले भारत के नागरिकों के हित में होते हैं।

अमेरिका ने इस “नए भारत” के बारे में कभी सोंचा ही नहीं था…

ये उसके लिए बिल्कुल नया अनुभव है…

और वो समझ नहीं पा रहा कि 

👉 इस “मोदी के भारत” को कैसे हैंडल करे…!!

🇮🇳 ये नया भारत है 

जो झुकता नहीं, बिकता नहीं, डरता नहीं और मोदी अब नंबर वन वर्ल्ड लीडर हैं। 🇮🇳

सही कहा ना ???

जय श्रीराम 🙏🚩

वन्देमातरम् 🚩

जय हिन्द जय भारत 🇮🇳❤️

TRN LIVE: आवाज़ उठाइए अब भी चुप रहें तो सनातन की दुर्दशा निश्चित है ।आज का विषय कृपया शेयर अवश्य करे ।

विलास का वैराग्य, मठों का अपहरण और सनातन का अंतःपतन-

(श्री वत्साचार्य जी महाराज डॉ अशोक कुमार पाण्डेय )

सनातन धर्म किसी एक व्यक्ति, वर्ग अथवा वंश की निजी संपत्ति नहीं है। यह सहस्राब्दियों की साधना, तप, त्याग और बौद्धिक अनुशासन से निर्मित एक जीवंत परंपरा है। किंतु आज इसी सनातन के नाम पर जो दृश्य उभर रहा है, वह न केवल चिंताजनक है, बल्कि भविष्य के लिए घातक संकेत भी देता है। काशी जैसे तपोभूमि से निकलकर तीन करोड़ की डिफेंडर गाड़ी में प्रयागराज पहुँचने वाले तथाकथित संत सतुआ बाबा का फ़ोटो वायरल हो रहा है ।इस विडंबना के सबसे प्रत्यक्ष उदाहरण हैं।

अब प्रश्न केवल वाहन का नहीं है, प्रश्न उस मानसिकता का है, जो मठों और मंदिरों को निजी जागीर समझने लगी है। मठ-मंदिर किसी के बाप की विरासत नहीं हैं, न ही ये ऐयाशी, वैभव-प्रदर्शन और सत्ता-सुख भोगने के लिए स्थापित हुए थे। ये संस्थान लोकमंगल, शिक्षा, शास्त्र-संरक्षण और नैतिक नेतृत्व के केंद्र थे। जब इन केंद्रों में वैराग्य के नाम पर विलास और साधना के नाम पर सुविधा बैठ जाए, तब समझ लेना चाहिए कि पतन आरंभ नहीं, पूर्ण हो चुका है।

आज समाज को यह प्रश्न पूछने का साहस करना ही होगा—

इन बाबाओं का संस्कृत भाषा के संरक्षण में क्या योगदान है?

वेद, उपनिषद, दर्शन और आचार-परंपरा के संवर्धन में इनकी क्या भूमिका है?

क्या इन्होंने कोई गुरुकुल खड़ा किया?

क्या इन्होंने कोई शास्त्रीय ग्रंथ समाज को दिया?

क्या इन्होंने चरित्र-निर्माण की कोई परंपरा जीवित रखी?

यदि उत्तर शून्य है, तो फिर इतना वैभव किस आधार पर?

इतनी सत्ता किस अधिकार से?

यहीं से समाज के जागरण की अनिवार्यता प्रारंभ होती है। अब समय आ गया है कि समाज मौन श्रद्धालु बना रहना छोड़े और जागरूक उत्तराधिकारी की भूमिका निभाए। जिन लोगों ने मठों और मंदिरों को भोग-विलास का केंद्र बना दिया है, उन्हें उस स्थान से संस्थागत रूप से हटाया जाना चाहिए—अर्थात् विधि, परंपरा और सामाजिक दबाव के माध्यम से। यह कोई व्यक्तिगत द्वेष नहीं, यह सनातन की आत्मरक्षा है।

समाज को स्पष्ट रूप से कहना होगा कि—

मठ मंदिर ऐयाशी के अड्डे नहीं हैं।

संत पद विशेषाधिकार नहीं, उत्तरदायित्व है।

वैराग्य प्रदर्शन नहीं, आचरण है।

इतिहास साक्षी है कि सनातन धर्म का सबसे बड़ा पतन बाहरी आक्रमणों से नहीं हुआ, बल्कि आंतरिक विकृतियों से हुआ है। आज वही विकृति इन बाबाओं के रूप में पुनः सिर उठा रही है, जो धर्म को व्यवसाय, आस्था को उत्पाद और श्रद्धा को बाजार बना चुके हैं। ये न धर्मरक्षक हैं, न संस्कृति-सेवक—ये धार्मिक पतन के प्रबंधक हैं।

सबसे पीड़ादायक सत्य यह है कि सनातन धर्म को सबसे अधिक क्षति इन्हीं बाबाओं ने पहुँचाई है। जिन्होंने शास्त्र के स्थान पर स्टेज चुना, साधना के स्थान पर सुरक्षा घेरा चुना, और लोकसेवा के स्थान पर वैभव। इनकी वजह से युवा पीढ़ी के मन में धर्म के प्रति अविश्वास जन्म ले रहा है, संस्कृत उपहास का विषय बन रही है, और साधु-संत शब्द हास्यास्पद प्रतीत होने लगा है।

अब यह केवल वैचारिक बहस का विषय नहीं रहा, यह सामाजिक हस्तक्षेप का समय है।

लोगों को आवाज उठानी चाहिए—लेखों से, मंचों से, संवाद से, और विधिसम्मत दबाव से।

प्रश्न पूछना अधर्म नहीं है;

मौन रहना अधर्म को पोषित करना है।

यदि समाज आज नहीं जागा, तो कल मठ केवल पर्यटन स्थल होंगे, मंदिर केवल इवेंट हॉल, और संत केवल सेलिब्रिटी। सनातन तब जीवित नहीं रहेगा—केवल उसका खोल बचेगा।

अतः यह समय आग्रह का नहीं, उद्घोष का है—

सनातन को पाखंड से मुक्त करो।

मठों को वैभव से नहीं, विवेक से चलाओ।

संत को गाड़ी से नहीं, गुण से पहचानों।

क्योंकि विलास में डूबा वैराग्य सनातन का श्रृंगार नहीं—

उसके पतन का सबसे बड़ा प्रमाण है।

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TRN LIVE: भारत देश की बर्बादी का कारण यही है कि हिंदू समाज को लूटने वाले सब चोर बेईमान मठ मंदिर में और बड़े-बड़े आश्रम में बैठे हैं। इस्लाम के जिहादी इसलिए मंदिर पर आक्रमण करते हैं क्योंकि हिंदू के दान पर अय्याशी करने वाले बहुत से धर्मगुरु बहुत से धर्म आचार्य vip जिंदगी जी रहे हैं और खूब अयाशी कर रहे हैं। मुसलमान लव जिहाद को इसलिए कर रहे हैं क्योंकि हिंदुओं के दान का पैसा इन जैसे ढोंगी और चोर बेईमान लोगों की जेब में जा रहा है गाय माता की हत्या इसलिए हो रही है क्योंकि संत समाज साधु और बड़े-बड़े धर्मगुरु हरामखोर क**** बनकर धरती पर बोझ बने पड़े हैं अपने बड़े-बड़े मठ और आश्रम में अय्याशी कर रहे हैं

TRN LIVE: सोमनाथ संघर्ष गौरवा यात्रा, सनातन आणि मोदी !! 

परवा रविवारी मोदी, सोमनाथ मंदिर ट्रस्टचे अध्यक्ष आणि देशाचे पंतप्रधान या दुहेरी नात्याने, सोमनाथ मंदिराच्या गौरव यात्रेत सामील झाले . त्यावेळेला अनेक प्रकारचे कार्यक्रम आयोजित करण्यात आले होते. पण मुख्य कार्यक्रम म्हणजे मोदींचं त्यावेळचं भाषण ज्यावर आधारित हा लेख आहे. 

सर्वात प्रथम म्हणजे ज्या सोमनाथ मंदिराच्या जीर्णोद्धाराला देशाचे पहिले राष्ट्रपती डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद यांनी जाऊ नये यासाठी पंतप्रधान पदावरील, न्हेरू यांनी अकांडतांडव केलं, त्याच सोमनाथ मंदिराच्या ट्रस्टचे चेअरमन, 2021 पासून मोदी आहेत. म्हणजेच ज्या पदावर राहून नेहरूंनी या मंदिराच्या जीर्णोद्धाराला आणि नंतरच्या उद्घाटन समारंभाला विरोध केला होता, त्याच मंदिराच्या ट्रस्टचे अध्यक्ष आज त्याच पंतप्रधान पदावरील एक व्यक्ती आहे आणि हा काळाचा महिमा आहे. हाच सनातनचा गौरव आणि विजय असो. 

याच सनातन संस्कृतीच्या पुनरुत्थानाचे प्रतीक म्हणून, स्थापनेचं प्रतीक म्हणून, सोमनाथकडे आपला दृष्टिक्षेप मोदींनी टाकला. त्यांच्या भाषणाचा मुख्य मुद्दा स्पष्टपणे हा होता की सनातन धर्म, सनातन संस्कृती आणि सनातन परंपरा कधीही नष्ट केले जाऊ शकत नाहीत. त्यासाठी कोणीही कितीही प्रयत्न केले, तरीही त्यांना यश येणार नाही. याचीच साक्ष सोमनाथ मंदिर, सोमनाथ तीर्थक्षेत्र आणि सोमनाथचा हा प्रभास पाटणचा हा परिसर आहे, असं ठासून त्यांनी सांगितले. 

सोमनाथ मंदिरावर झालेल्या आक्रमणाच्या संदर्भात त्यांनी एक फार छान आणि योग्य शब्द वापरला, तो म्हणजे , मजहवी कट्टर पंथी

 हा शब्द आताच्या काळातील कट्टर पंथीयांना सुद्धा चपखल लागू होतो आणि प्रत्यक्ष किंवा अप्रत्यक्षपणे त्यांना एक प्रकारे आव्हान देताना मोदींनी स्पष्टपणे सांगितलं की, ज्या प्रकारे सोमनाथ मंदिराला नष्ट करण्याचे अनेक प्रयत्न इसवी सन 1026 पासून, पुढील अनेक शतके झाले.

त्या प्रत्येक प्रयत्नानंतर दुप्पट वेगाने त्या मंदिराच्या पुन्हा स्थापनेचे देखील, यशस्वी प्रयत्न इथल्या त्या त्या वेळच्या राज्यव्यवस्थांनी केले. ही अत्यंत महत्त्वाची आणि अभिमानास्पद बाब आहे. सोमनाथच्या शिवाची शक्ती इतकी अफाट आहे की, त्यापुढे आलेले सर्व मजहबी कट्टरपंथी नष्ट होऊन, काळाच्या ओघात नष्ट झाले. पण सनातन आजही, त्याच दिमाखात ठामपणे उभा आहे. 

आज 2026 मध्ये पहिल्या आक्रांती आक्रमणाला हजार वर्षे पूर्ण झाली, त्याची आठवण जगाला करून देताना मोदींनी स्पष्ट शब्दात संपूर्ण जगाला एक प्रकारे स्पष्ट इशारा दिला की, कोणीही कितीही प्रयत्न, भारताला सनातन धर्माला आणि इथल्या संस्कृतीला नष्ट करण्यासाठी केले, तरीही इथली संस्कृती, विरासत, इथली धर्माची ध्वजा त्या सर्व प्रयत्नांना हाणून पाडेल आणि इथली संस्कृती अजय राहील. 

याबद्दल एक उदाहरण देताना त्यांनी सोमनाथच्या नावातील सोम या शब्दाचा अर्थ सांगून एक प्रकारे इथला धर्म इथली संस्कृती ही सोम अर्थात अमृत प्यायल्याप्रमाणे अमर आहे. ज्याच्या नावातच अमृत आहे, ज्याच्या नावाचा एक अर्थ मृत्युंजय आहे, त्याला नष्ट करण्याचे प्रयत्न अयशस्वी होतील. ती कोणालाही नष्ट करता येणार नाही. 

कदाचित यातून त्यांनी अमेरिकेसारख्या उद्दाम सत्तेला एकप्रकारे आव्हान दिलं आहे की,a आम्हाला नष्ट करण्याचे दाबण्याचे कुणीही कितीही प्रयत्न केले तरीही, या देशाच्या मातीत कणाकणात शिव सामर्थ्याचं अस्तित्व आहे ज्यामुळे कोणालाही या संस्कृतीला या धर्माला या परंपरेला नष्ट करता येणार नाही. 

पुढे त्यांनी अजून एक मुद्दा पुढे भारतासंदर्भात वापरला तो म्हणजे आता भारत तिसऱ्या स्थानावर जाण्यासाठी संपूर्णपणे सक्षम आहे. याचा एक गर्भित अर्थ असाही निघतो की भारत फक्त आर्थिक दृष्ट्याच नाही तर संरक्षण सामर्थ्याच्या दृष्टीने सुद्धा तिसऱ्या स्थानावर जाण्यासाठी तयार असून, त्या साठीच्या सर्व आव्हानांचा मुकाबला करण्यास आता भारत सक्षम आहे 

म्हणजेच अजून एक प्रकारे ट्रम्प यांना सुद्धा अप्रत्यक्षपणे आव्हान दिला आहे की आम्ही संरक्षण दृष्ट्या सुद्धा तिसऱ्या स्थानावर जाण्यासाठी सक्षम आहोत. त्याचबरोबर प्रत्येक भारतीयाला त्यांनी अविश्वास आणि मानसिक कमकुवतपणा टाकून, देशाकडे आत्मविश्वासाने पाहण्याचं आवाहन केलं आहे, असं माझं मत आहे. म्हणजेच स्वतःच्या देशाला आणि धर्माला कमजोर न समजता, आपली शक्ती जी सनातन धर्म ध्वजा आहे, त्यावर ठाम रहा, त्यावर पूर्ण विश्वास ठेवा. 

मला स्वतःला असं वाटतं की देशाच्या सर्वोच्च पदावरील व्यक्तीने देशाला आर्थिक सामाजिक, सामरिक आणि सर्व दृष्टीने सक्षम करण्यासाठी जे करणं आवश्यक आहे, ते सर्व मोदी योग्य पद्धतीने करत आहेत. त्याचप्रमाणे 2035 पर्यंतच्या संरक्षण विषयक आणि आर्थिक अशा सर्व योजना मोदींच्या डोळ्यासमोर आहेतच पण त्यांचं नियोजन, अंमलबजावणी ही देखील त्यांनी पूर्णपणे आखलेली आहे. म्हणूनच ठामपणे मोदी भारताबद्दल बोलू शकतात 

याचाच अजून एक अर्थ असाही होतो की भारतातील जयचंदांचा बंदोबस्त करण्याचा पूर्ण कार्यक्रम त्यांनी आखलेला असल्यामुळे, त्यांना त्या दृष्टीने पुरेसा आत्मविश्वास आलेला आहे. त्यांच्या परवाच्या भाषणात पदोपदी तोच आत्मविश्वास मला जाणवला.

आज इथेच थांबूया पुन्हा अजून एखादा विषय घेऊन लवकरच येईन धन्यवाद. 

🖍️ ©® संकल्पना संकलन आणि लेखन:प्रसन्न आठवले 

TRN LIVE: फोटोमध्ये दिसणारे हे व्यक्तिमत्त्व कधीही झगमगाटात राहिले नाही. ना प्रसिद्धीची हाव, ना पदाची अपेक्षा. पण ज्या काळात विचारांसाठी उभं राहणं म्हणजे स्वतःवर संकट ओढवून घेणं होतं, त्या काळात यांनी विचारधारेसाठी ठामपणे भूमिका घेतली. सोयीचा मार्ग सोडून अवघड मार्ग स्वीकारणाऱ्या माणसांपैकी हे एक होते.

1975 च्या आणीबाणीच्या काळात देशभर भीतीचं वातावरण होतं. सामाजिक संघटनांवर बंदी, राजकीय कार्यकर्त्यांवर कारवाया, प्रेसवर सेन्सॉरशिप - अशा परिस्थितीत अनेक भले-भले लोक विचारधारेला तिलांजली देऊन, इंदिरा गांधींची स्तुती करून गप्प घरी बसले. पण यांनी तसं केलं नाही. यांनी आपल्या जिल्ह्यात भूमिगत संपर्क, संदेश पोहोचवणे, कार्यकर्त्यांना सुरक्षित ठिकाणी जाण्यास मदत करणे - ही सगळी कामं अंगावर घेतली. कुठलाही गाजावाजा नाही, पण धोका पूर्ण माहिती असूनही मागे हटण्याचा प्रश्नच नव्हता. त्याचमुळे यांना नंतर 19 महिने तुरुंगवास झाला. यांच्या कुटुंबातील इतर लोकांना, अगदी महिलांना पण तुरुंगवास झाला असा यांचा परिवार.

स्वतःची नोकरी-व्यवसाय, घरची जबाबदारी सांभाळून हे सगळं चालू होतं. बस, रेल्वे, कधी चालत - पण कार्य थांबत नव्हतं. मोबदला, गाडी, सुविधा यांचा प्रश्नच नव्हता. महत्त्वाची गोष्ट म्हणजे, अगदी राष्ट्रीय पातळीवर संधी असूनही यांनी पद स्वीकारलं नाही. संघटनात्मक आणि राजकीय पातळीवर पुढे येण्याचे प्रस्ताव आले, पण त्यांनी ते त्याकाळात अनेकदा नाकारले. 

आर्थिक परिस्थिती फार चांगली नव्हती. तरीही विचारांशी तडजोड केली नाही. त्या काळात ज्या विचारधारेशी उघडपणे जोडलेले राहणं सामाजिकदृष्ट्या तोट्याचं होतं - नोकरी, ओळखी, व्यवहार सगळ्यावर परिणाम होत असे, त्यांनी आपली भूमिका कधीच सौम्य केली नाही. कुटुंबासाठी किंवा आपल्या सुरक्षिततेसाठी विचार बदलण्याचा मार्ग त्यांनी कधी स्वीकारला नाही. अनेक तरुण कार्यकर्त्यांना यांनी वैचारिकदृष्ट्या घडवलं. भाषणबाजी नव्हे, तर संदर्भ देऊन समजावणं ही त्यांची पद्धत होती. आणीबाणी, मीसा कायदा, जयप्रकाश नारायण, प्रेसवरील बंधने - हे सगळं ते उदाहरणांसह मांडत. त्यांच्या जवळ नेहमी पुस्तकं, संदर्भ साहित्य असायचं. भावना नाही, तथ्य बोला, हा त्यांचा आग्रह असे.

घरातही तीच शिस्त होती. मुलाला लहानपणापासून अभ्यास, वाचन, वर्तमानपत्र, चर्चा याची सवय लावली गेली. राजकारण म्हणजे केवळ सत्ता नाही, तर जबाबदारी आणि संयम आहे हा धडा उपदेशातून नव्हे, तर रोजच्या वागण्यातून दिला गेला.

विचारधारा ही यांची ओळख होती, ती ओळख त्यांनी कधी लपवली नाही. त्या काळात ती ओळख तोट्याची असतानाही त्यांनी ती जपली आणि अभिमानाने मिरवली! कारण त्यांच्यासाठी विचार महत्त्वाचे होते, सोय नव्हे.

फोटोमध्ये दिसणारे हे शांत, साधे पण ठाम व्यक्तिमत्त्व म्हणजे देवेंद्र फडणवीस यांचे वडील - गंगाधर फडणवीस, विचारधारा होती राष्ट्रीयत्वाची आणि ते संघटन म्हणजे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ!

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आज ही ओळख सांगण्याचे कारण पण सांगतो. 

• परवा आदित्य ठाकरे ठाकरे बोलले की निवडणुकीच्या शेवटच्या टप्प्यात देवेंद्र फडणवीस भावनिक कार्ड खेळणार आहेत, लोकांनी सावध राहावे. 

• त्यानंतर 24 तासांत उद्धव ठाकरे यांनी थेट गंगाधर फडणवीस यांच्याबद्दल बोलून देवेंद्र फडणवीस कमरेखाली वार केला. 

• आदित्य ठाकरे यांचे वक्तव्य आणि त्यानंतर उद्धव ठाकरे यांची गरळओक - हा एक नियोजनबद्ध प्लॅन होता की कोणत्याही परिस्थितीत 'झालेला विकास आणि पुढची व्हिजन' यावरील चर्चा बंद होऊन अश्या मुद्द्यांवर चर्चा व्हावी. त्यातून कोणी यांनाही त्याच भाषेत उत्तरे द्यावी आणि मग 'माझ्या बाबांबद्दल बोलले' म्हणत यांनी गळे काढावे! 

पण असलं काही होणार नाही. देवेंद्रजी यांच्या आईवडिलांबद्दल उद्धव ठाकरे बोलले असले, तरी कालच्या सभेत पण देवेंद्रजी यांनी त्यांचा व ठाकरेंचा 'रिपोर्ट-कार्ड' व 'व्हिजन' हाच फोकस ठेवला. मुंबईकरांना काय हवे आहे, यावर बोलायला अजून 2 दिवस आहेत, ठाकरे पितापुत्रांनी शक्य असेल तर त्यावर अजूनही बोलावं! त्यात कोणतेही फाटे फोडण्याची सध्या गरज नाही. बाकी सगळे हिशोब 15 तारखेनंतर होतीलच.

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अरे हो! फोटोतील व्यक्तित्वाबद्दल एक महत्वाची गोष्ट तर सांगायची राहिलीच! हे व्यक्तिमत्त्व स्वतः कधी मोठ्या पदावर गेलं नाही. पण त्यांनी दिलेले संस्कार, विचारांची शिस्त आणि धैर्य पुढच्या पिढीत स्पष्टपणे दिसून आलं. सर्वत्र गोंधळ निर्माण केला जात असेल तेंव्हा 'संयम', अश्या स्थितीत घेतलेल्या निर्णयात ठामपणा आणि मळभ दूर झाल्यावर गोंधळ घालणाऱ्यांचे काय करायचे याची वैचारिक स्पष्टता - अशी गुणवैशिष्ट्ये अपघाताने येत नाहीत! ती घडवली जातात. ती घडविण्यात त्यांना यश मिळाले हे कालांतराने अनेकदा सिद्ध झाले! 15 तारखेला मतदान झाल्यानंतर पुन्हा एकदा याची प्रचिती येईलच. 

- वेद कुमार.

TRN LIVE: 21 राज्यों में जावेद हबीब के 300 शानदार एयरकंडीशन सैलून खुल गये।

और हिंदु नाई दलित OBc बन के नौकरी खोज रहा।

26 राज्यो सहित 30 देशों में चमड़े के जूते और चप्पलों का कारोबार करने वाली 600 करोड़ की कंपनी मेट्रो शुज के मालिक फराह मलिक अरबपति बन गए

देश विदेश में चमड़ों और जूते चप्पलों का कारोबार करके मिर्जा ट्रेनर्स में मालिक मिर्जा बन्धु अरबपति हो गए ..

और साजिश के तरह कभी दलितों का एकाधिकार वाले चमड़े, जूते चप्पलें बार्बर शॉप आदि वामपंथीयो मुस्लिमो और फर्जी अम्बेडकरवादियों के साजिश से कब दलितों के हाथ से निकलकर मुस्लिमो के हाथ मे चली गयी पता भी नहीं चला..... एक समय खादिम शूज वाले बर्मन परिवार ने इनको अच्छी टक्कर दी थी लेकिन आफताब अंसारी ने उनका अपहरण कर लिया करोड़ो की फिरौती वसूली गयी फिर उन्होंने दशकों तक विस्तार नही किया अब कर रहे है जब इस मार्केट में एकाधिकार हो चुका है....

बैंकर माफिया और उसके पैसों से पैदा किए हुए नमाजवादियों व दलितवादी नेताओं ने हिन्दू नाई से कहा

ब्राह्मण जनसंख्या में इतने कम हैं

पर सबसे अधिक सत्ता के मजे

यही ले रहे हैं।

तुमको सदियों सदियों तक नाई बनाकर रखना चाहते हैं

मत करो ये काम।

बच्चों को तो पढ़ाओ लिखाओ

सरकारी नौकरी दिलवाओ

और सुनो

जाति प्रमाण पत्र बनवा लो

कांग्रेस तुमको OBC में जोड़ देगी

आरक्षण दे देगी

मौज करो

इन ब्राह्मणों पंडितों के चक्कर में मत फंसो।

हिन्दू नाई ने

आरक्षण मिलेगा

सरकारी नौकरी मिलेगी

इसलिए दुकान बंद कर दी

शहर चला गया

अपना बड़ा सा घर छोड़ा

किराए पर एक कमरे में गुजारा किया

बच्चों को गली के अंग्रेजी स्कूल में डाला

जब बच्चे जॉनी जॉनी यस पापा गाते थे

हिन्दू नाई सोचता था

बच्चे कम से कम IAS तो कर ही जाएँगे

उसने एक फैक्ट्री में 7000 में गार्ड की नौकरी कर ली

जब जब खान्ग्रेसियों और नमाज़वादी नेताओं ने बुलाया

धरने प्रदर्शन आंदोलन में गया भी

सरकारी नौकरी कितने नाईयों लुहारों बढ़इयों धोबियों को मिल सकेगी

बेटे बेरोजगार घूमने लगे तो घर में झगड़ा बढ़ने लगा।

जो भी हो

20 साल बीत गए

बच्चे अब भी बेरोजगार थे।

हिन्दू नाई से रात को सेक्यूरिटी गार्ड की नौकरी होती नहीं थी

नींद लग जाती थी

नौकरी छूट गयी।

हिन्दू नाई वापस गाँव लौट आया

उसने फिर से अपनी बाल काटने की दुकान खोलनी चाही

पास के कस्बे में जाकर देखा

20 साल पहले 2 सैलून थे

वो भी हिन्दू नाईयों के

अब उसी कस्बे में 50 सैलून खुल चुके थे

और सारे के सारे सैलून मियों के थे

हिन्दू नाई ने रोजगार छोड़ा

मियों ने कब्ज़ा कर लिया

हिन्दू बढ़ई ने अपना काम छोड़ा

मिएँ ने बाजार पर कब्जा कर लिया।

हिन्दू लुहार ने अपना काम छोड़ा

मियों ने वेल्डिंग की दुकानें खोल कर पूरा बाजार कब्ज़ा लिया

हिन्दू धोबी ने सरकारी नौकरी के चक्कर में कपड़े धोने छोड़े

गाँव के घर घर से परिचय टूटा

नाते टूटे

मिएँ ड्राई क्लीन और जीन्स की रंगाई में छा गए।

हिन्दू SC ने जूते बनाने छोड़ दिए

आज अरबों रुपए का चमड़े मांस चर्बी हड्डी और सारा का सारा जूता बाजार मियों के कब्जे में है

मिएँ OBC और SC/ST के पेट पर लात मार रहे हैं

पंडितों का काम पूजा पाठ है

पुरोहिताई है

ये काम मिएँ कभी नहीं करेंगे

लिख लो।

आरक्षण और सरकारी नौकरी के लालच में कितने लोगों को रोजगार मिला

करोड़ों युवा मैकाले सिस्टम में फंसकर एक डिग्री लेकर सड़क पर घूम रहे हैं

हम हिन्दुओं के पारंपरिक रोजगार इतने बुरे थे क्यो.....

वामपंथी का कमाल..🤔

जरा सोचिये.,..' 🤔

TRN LIVE: सिर्फ आपकी 15-16 साल की बच्चियों ही उनकी नजर पर नहीं है, बल्कि 35-40 साल की शादीशुदा महिलाओ को भी फंसा रहे है

माही जैसी फेमस एक्ट्रेस, जिसकी 15 साल की शादी जय भानुशाली से अभी 4 दिन पहले ही टूटी और अब वह नदीम के साथ।

किसी भी प्रकार का इन लोगों से मेलजोल आपके घर को तबाह करेगा, आपकी औरतों को तबाह करेगा।

नदीम जय भानुशाली का दोस्त था,

पति से तलाक हुए चार दिन भी नहीं हुए, और मैडम को प्यार करने के लिए नदीम तुरंत हाजिर हो गया।

इसका मतलब नदीम मैडम की शादीशुदा जिंदगी के समय से ही चक्कर में था।

बालीवुड में सब संभव है, कुछ तबाह हो और शांतिदूत कनेक्शन ना निकले... असम्भव 

परिवार तबाह हो गया और निकला कौन? सबसे ज्यादा हमदर्दी और प्यार दिखाने वाला 

जय भानुशाली किसी ट्रॉमा से निकला होगा अब समझ आ रहा है।

TRN LIVE: निस्वार्थ भाव से किसी के लिए कुछ करना. .

हर किसी के बस की बात नही. . .

GOOD MORNING

गाजा की आजादी की मांग करने वाले लोग. .

ईरान की आजादी की मांग क्यों नहीं कर रहे हैं. . .

Once A Mosque Not Necessary Always A Mosque. .

ईरान में अब तक एक हजार से ज्यादा मस्जिदें आग के हवाले. . .

 ईरान से शुरू घर वापसी की ऐसी आंधी चलेगी कि एक दिन. .

पाकिस्तान और बांग्लादेश में भी बिंदी और सिंदूर वाली महिला प्रधानमंत्री होगी. . .

 पासपोर्ट और वीजा हो तभी आप अमेरिका जा सकते हैं. .

अगर आपके पास तेल है तो अमेरिका खुद आपको ले जाएगा - वेनेजुएला. . .

TRN LIVE: 🛑

लव जिहाद जो सिर्फ आपकी 15-16 वर्ष की बच्चियों को ही नहीं बल्कि हंसते खेलते घर परिवार को निगल जाता है..!!

माही जैसी फेमस एक्ट्रेस, जिसकी 15 साल की शादी जय भानुशाली से अभी 4 दिन पहले ही टूटी और अब वह नदीम के साथ।

किसी भी प्रकार का इन लोगों से मेलजोल आपके घर को तबाह करेगा, आपकी औरतों को तबाह करेगा।

नदीम जय भानुशाली का दोस्त था,

पति से तलाक हुए चार दिन भी नहीं हुए, और मैडम को प्यार करने के लिए नदीम तुरंत हाजिर हो गया।

इसका मतलब नदीम मैडम की शादीशुदा जिंदगी के समय से ही चक्कर में था।

बालीवुड में सब संभव है, कुछ तबाह हो और शांतिदूत कनेक्शन ना निकले... असम्भव 

परिवार तबाह हो गया और निकला कौन? सबसे ज्यादा हमदर्दी और प्यार दिखाने वाला 

सोचो जय भानुशाली अब किस ट्रॉमा से जूझ रहा होगा..!!

Love Jihad, which not only devours your 15-16 year old daughters but also destroys happy, thriving families...!!

A famous actress like Mahi, whose 15-year marriage to Jay Bhanushali broke up just four days ago, is now with Nadeem.

Any kind of association with these people will ruin your home, it will ruin your women.

Nadeem was Jay Bhanushali's friend.

Not even four days have passed since the divorce from her husband, and Nadeem was immediately available to be with her.

This means Nadeem was involved with her even during her married life.

Anything is possible in Bollywood; it's impossible for something to be destroyed and a "peace-loving" connection not to emerge...

The family is ruined, and who turns out to be the culprit? The one who showed the most sympathy and love.

Imagine the trauma Jay Bhanushali must be going through now...!!

TRN LIVE: 🛑

लव जिहाद जो सिर्फ आपकी 15-16 वर्ष की बच्चियों को ही नहीं बल्कि हंसते खेलते घर परिवार को निगल जाता है..!!

माही जैसी फेमस एक्ट्रेस, जिसकी 15 साल की शादी जय भानुशाली से अभी 4 दिन पहले ही टूटी और अब वह नदीम के साथ।

किसी भी प्रकार का इन लोगों से मेलजोल आपके घर को तबाह करेगा, आपकी औरतों को तबाह करेगा।

नदीम जय भानुशाली का दोस्त था,

पति से तलाक हुए चार दिन भी नहीं हुए, और मैडम को प्यार करने के लिए नदीम तुरंत हाजिर हो गया।

इसका मतलब नदीम मैडम की शादीशुदा जिंदगी के समय से ही चक्कर में था।

बालीवुड में सब संभव है, कुछ तबाह हो और शांतिदूत कनेक्शन ना निकले... असम्भव 

परिवार तबाह हो गया और निकला कौन? सबसे ज्यादा हमदर्दी और प्यार दिखाने वाला 

सोचो जय भानुशाली अब किस ट्रॉमा से जूझ रहा होगा..!!

Love Jihad, which not only devours your 15-16 year old daughters but also destroys happy, thriving families...!!

A famous actress like Mahi, whose 15-year marriage to Jay Bhanushali broke up just four days ago, is now with Nadeem.

Any kind of association with these people will ruin your home, it will ruin your women.

Nadeem was Jay Bhanushali's friend.

Not even four days have passed since the divorce from her husband, and Nadeem was immediately available to be with her.

This means Nadeem was involved with her even during her married life.

Anything is possible in Bollywood; it's impossible for something to be destroyed and a "peace-loving" connection not to emerge...

The family is ruined, and who turns out to be the culprit? The one who showed the most sympathy and love.

Imagine the trauma Jay Bhanushali must be going through now...!!

TRN LIVE: 🛑

यह मुस्लिम व्यक्ति एआइएमआइएम के मंच पर महाराष्ट्र के सबसे कट्टर मुस्लिम परस्त नेता जितेंद्र आह्वड के बारे में बोल रहा है 

वही जितेंद्र आह्वड जो शरद पवार की पार्टी में है और सबसे कट्टर मुस्लिम परस्त नेता है

सभी सेकुलर सुअरों को यह समझ जाना चाहिए कि उनके किताब में या तो मोमिन शब्द है या काफ़िर शब्द है 

उनके किताबों में सेकुलर शब्द नहीं है 

उनके लिए सेकुलर मतलब नीच मतलब दोगला मतलब दारुल इस्लाम बनने के बाद काफिरों का सफाया 

यानी सेकुलरो का भी सफाया

और इसी सिद्धांत के खातिर पाकिस्तान बनने के बाद पाकिस्तान के पहले कानून मंत्री जोगिंदर नाथ मंडल को कुछ वर्षों भाग सब कुछ छोड़कर पाकिस्तान से भाग कर भारत आना पड़ा था

 जितेंद्र आह्वड की सारी मुस्लिम परस्ती सारी इस्लामी भक्ति यहां तक की आतंकी इशरत जहां के नाम पर एंबुलेंस सर्विस चलाना सब कुछ 2 मिनट में इस मुस्लिम ने दुनिया के सामने ला दिया कि तुम काफिर थे काफिर हो काफिर रहोगे 

चाहे तुम कितनी भी इस्लाम परस्ती कर लो 

अब जितेंद्र आह्वड अपनी विधायिकी बचाने के खातिर हो सकता है कल को खतना करा कर कलमा पढ़कर जितेंद्रउद्दीन अहमद बन जाए

This Muslim man is speaking on the AIMIM platform about Jitendra Awhad, the most staunchly pro-Muslim leader in Maharashtra.

The same Jitendra Awhad who is in Sharad Pawar's party and is the most extreme pro-Muslim leader.

All these secular pigs should understand that in their books, there is either the word "Momin" (believer) or "Kafir" (infidel).

There is no word "secular" in their books.

For them, secular means despicable, hypocritical, and the extermination of infidels after the establishment of Dar al-Islam (Islamic state).

That is, the extermination of even the secularists.

And for this very principle, after the creation of Pakistan, Pakistan's first law minister, Jogendra Nath Mandal, had to flee everything and escape from Pakistan to India after a few years.

All of Jitendra Awhad's pro-Muslim stance, all his Islamic devotion, even running an ambulance service in the name of the terrorist Ishrat Jahan, everything was exposed in 2 minutes by this Muslim man, showing the world that you were infidels, you are infidels, and you will remain infidels.

No matter how much you pretend to be pro-Islam.

Now, to save his political career, Jitendra Awhad might even get circumcised tomorrow, recite the Kalma (Islamic declaration of faith), and become Jitenduddin Ahmed.

TRN LIVE: 🛑

यह मुस्लिम व्यक्ति एआइएमआइएम के मंच पर महाराष्ट्र के सबसे कट्टर मुस्लिम परस्त नेता जितेंद्र आह्वड के बारे में बोल रहा है 

वही जितेंद्र आह्वड जो शरद पवार की पार्टी में है और सबसे कट्टर मुस्लिम परस्त नेता है

सभी सेकुलर सुअरों को यह समझ जाना चाहिए कि उनके किताब में या तो मोमिन शब्द है या काफ़िर शब्द है 

उनके किताबों में सेकुलर शब्द नहीं है 

उनके लिए सेकुलर मतलब नीच मतलब दोगला मतलब दारुल इस्लाम बनने के बाद काफिरों का सफाया 

यानी सेकुलरो का भी सफाया

और इसी सिद्धांत के खातिर पाकिस्तान बनने के बाद पाकिस्तान के पहले कानून मंत्री जोगिंदर नाथ मंडल को कुछ वर्षों भाग सब कुछ छोड़कर पाकिस्तान से भाग कर भारत आना पड़ा था

 जितेंद्र आह्वड की सारी मुस्लिम परस्ती सारी इस्लामी भक्ति यहां तक की आतंकी इशरत जहां के नाम पर एंबुलेंस सर्विस चलाना सब कुछ 2 मिनट में इस मुस्लिम ने दुनिया के सामने ला दिया कि तुम काफिर थे काफिर हो काफिर रहोगे 

चाहे तुम कितनी भी इस्लाम परस्ती कर लो 

अब जितेंद्र आह्वड अपनी विधायिकी बचाने के खातिर हो सकता है कल को खतना करा कर कलमा पढ़कर जितेंद्रउद्दीन अहमद बन जाए

This Muslim man is speaking on the AIMIM platform about Jitendra Awhad, the most staunchly pro-Muslim leader in Maharashtra.

The same Jitendra Awhad who is in Sharad Pawar's party and is the most extreme pro-Muslim leader.

All these secular pigs should understand that in their books, there is either the word "Momin" (believer) or "Kafir" (infidel).

There is no word "secular" in their books.

For them, secular means despicable, hypocritical, and the extermination of infidels after the establishment of Dar al-Islam (Islamic state).

That is, the extermination of even the secularists.

And for this very principle, after the creation of Pakistan, Pakistan's first law minister, Jogendra Nath Mandal, had to flee everything and escape from Pakistan to India after a few years.

All of Jitendra Awhad's pro-Muslim stance, all his Islamic devotion, even running an ambulance service in the name of the terrorist Ishrat Jahan, everything was exposed in 2 minutes by this Muslim man, showing the world that you were infidels, you are infidels, and you will remain infidels.

No matter how much you pretend to be pro-Islam.

Now, to save his political career, Jitendra Awhad might even get circumcised tomorrow, recite the Kalma (Islamic declaration of faith), and become Jitenduddin Ahmed.

TRN LIVE: 🛑

पाकिस्तानी सेना के जनरल ज़िया-उल-हक ने 1977 में पाकिस्तान में तख़्तापलट करके सत्ता संभाली और 1988 तक शासन किया. उनके शासनकाल में पाकिस्तान को व्यवहारिक रूप से शरीयत आधारित राज्य बनाने की दिशा में बड़े कदम उठाए गए.

इस्लामीकरण (Islamization) की नीति के अनुसार पाकिस्तान के क़ानूनों को इस्लामी शरीयत के अनुरूप ढालने की कोशिश की, इसे “निज़ाम-ए-मुस्तफ़ा” कहा गया.

इसके तुरंत बाद लंदन में मॉडर्न लाइफ जीने वाली बेनज़ीर भुट्टो पाकिस्तान की प्रधानमंत्री बनी... जिसने कभी हिजाब नहीं पहना... न पाकिस्तान जैसे देश में किसी कट्टरपंथी ने उससे हिजाब पहनने की माँग की..

लेकिन हिन्दू बहुलता वाले सेकुलर देश भारत के नेता असदउद्दीन ओवैसी को भारत की प्रधानमंत्री हिजाब पहनने वाली चाहिए.

🛑

Pakistani Army General Zia-ul-Haq seized power in Pakistan through a coup in 1977 and ruled until 1988. During his rule, significant steps were taken to transform Pakistan into a de facto Sharia-based state.

According to his policy of Islamization, attempts were made to align Pakistani laws with Islamic Sharia, a system referred to as "Nizam-e-Mustafa."

Shortly after, Benazir Bhutto, who lived a modern lifestyle in London, became the Prime Minister of Pakistan... she never wore a hijab... nor did any fundamentalist in a country like Pakistan demand that she wear one.

But Asaduddin Owaisi, a leader in Hindu-majority, secular India, wants the Prime Minister of India to wear a hijab.

TRN LIVE: 🛑

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा - एक दिन वो आयेगा, जब हिंदुस्तान की प्रधानमंत्री बुर्के वाली महिला बैठेगी।

जवाब -- 

मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के सदर जनाब असदुद्दीन ओवैसी से पूछना चाहता हूं कि कई देशों में मुस्लिम महिलाएं प्रधानमंत्री रही हैं आपने उनमें से कितनों को बुर्का पहने देखा है? 

बांग्लादेश में बेगम खालिदा जिया और शेख हसीना दोनों प्रधानमंत्री रहीं, पाकिस्तान में बेनजीर भुट्टो कितनों को बुर्के में देखा? विश्व के सबसे मुस्लिम देश इंडोनेशिया की महिला प्रधानमंत्री मेघावती सुकर्णोपुत्री को बुर्के में देखा? 

मुस्लिम महिलाओं के प्रति जो नजरिया है उसे लेकर ओवैसी जी से पूछना चाहता हूं कि पैगंबर मुहम्मद के खानदान से सीधे उनकी वंशावली में शाह हुसैन और जॉर्डन का शाही परिवार आता है, आपने उन परिवार की कितनी महिलाओं को बुर्के में देखा है? 

ये दर्शाता है कि जो काम दुनिया के बड़े-बड़े मुस्लिम देश नहीं कर रहे हैं, जो काम पैगंबर मुहम्मद के सीधे वंश वाले नहीं कर रहे हैं उसपर सियासत करने के लिए न सिर्फ ओवैसी बल्कि इंडी गठबंधन के तमाम लोग उतारू हैं।

डॉ0 सुधांशु त्रिवेदी जी की X पोस्ट से साभार..

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Asaduddin Owaisi said, "The day will come when a woman wearing a burqa will sit as the Prime Minister of India."

Response:

I want to ask Mr. Asaduddin Owaisi, the President of Majlis-e-Ittehadul Muslimeen, that Muslim women have been Prime Ministers in several countries. How many of them have you seen wearing a burqa?

In Bangladesh, both Begum Khaleda Zia and Sheikh Hasina served as Prime Ministers. In Pakistan, Benazir Bhutto was Prime Minister. How many of them did you see in a burqa? Did you see Megawati Sukarnoputri, the female Prime Minister of Indonesia, the world's most populous Muslim country, wearing a burqa?

Regarding the attitude towards Muslim women, I want to ask Mr. Owaisi: Shah Hussein and the Jordanian royal family are directly descended from the Prophet Muhammad's lineage. How many women from that family have you seen wearing a burqa?

This shows that what the major Muslim countries of the world are not doing, what the direct descendants of the Prophet Muhammad are not doing, Owaisi and all the members of the INDIA alliance are eager to politicize this issue.

(Courtesy of Dr. Sudhanshu Trivedi's X post)

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TRN  LIVE 

*अब सिम बदलने के बाद पुराने मोबाइल नंबर से WhatsApp चलाना संभव नहीं होगा।*

          भारत का दूरसंचार विभाग (DoT) ने टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि सिम बदलते ही उस नंबर से जुड़े ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की सेवाएं स्वतः बंद की जाएं।

 *क्यों लिया गया फैसला?* 

सरकार के अनुसार, सिम स्वैप फ्रॉड और साइबर ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। कई मामलों में सिम बदलने के बाद भी पुराने नंबर का WhatsApp सक्रिय रहता था, जिसका गलत इस्तेमाल किया जाता था। इसी को रोकने के लिए यह सख्त कदम उठाया गया है।

 *यूजर्स पर क्या होगा असर?* 

- सिम बदलते ही पुराने नंबर का WhatsApp लॉगआउट हो जाएगा

- नए फोन या नई सिम में पुराने नंबर से WhatsApp एक्टिव नहीं होगा

- नया नंबर डालकर दोबारा वेरिफिकेशन जरूरी होगा

कब से लागू होगा नियम?

- सूत्रों के मुताबिक, टेलीकॉम कंपनियां इस निर्देश को चरणबद्ध तरीके से लागू कर रही हैं और आने वाले समय में यह नियम सभी यूजर्स पर प्रभावी होगा।

- *Now, it will no longer be possible to use WhatsApp with your old mobile number after changing your SIM card.*

The Department of Telecommunications (DoT) in India has instructed telecom companies to automatically deactivate services of OTT platforms linked to a mobile number as soon as the SIM card is changed.

*Why was this decision made?*

According to the government, there has been a continuous increase in cases of SIM swap fraud and cyber scams. In many cases, WhatsApp remained active on the old number even after the SIM card was changed, which was then misused. This strict measure has been taken to prevent this.

*What will be the impact on users?*

- WhatsApp on the old number will be logged out as soon as the SIM card is changed.

- WhatsApp will not be active on the new phone or with the new SIM card using the old number.

- Re-verification will be required by entering the new number.

When will the rule be implemented?

- According to sources, telecom companies are implementing this directive in a phased manner, and this rule will be effective for all users in the coming time.

TRN.  : 🛑

हर्ष और उल्लास के पर्व लोहड़ी की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।

यह पर्व हम सभी के जीवन में सुख, शांति, ख़ुशहाली ,समृद्धि तथा सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करे ।

🙏🏻आओ हम सब मिलकर अपनी राधा रानी से लोहड़ी माँगते हैं और लोहड़ी का पर्व मनाते हैं!!

राधा रानी लोहड़ी दे, कन्हैया लोहड़ी दे

दाता लोहड़ी दे, किरपा वाली लोहड़ी दे..

1. असीं लैना नहीं रूपया, -कन्हैया पार करो मेरी नैया -2

राधा रानी लोहड़ी दे......

2. असीं लैनी नहीं मिठाई, -2

सानूं श्री चरणां विच बिठाईं -2

राधा रानी लोहड़ी दे......

3. असीं लैना नहीं पतासा, -2

मैं तां कन्हैया दर्शन दा प्यासा -2

राधा रानी लोहड़ी दे......

4. असीं लैना नहीं हार, -2

सानूं चाहिदा तेरा प्यार -2

राधा रानी लोहड़ी दे......

5. असीं लैनी नहीं बधाई, -2

हो जावे रब नाल सगाई -2

राधा रानी लोहड़ी दे......

6. साड्डे तां वेड़े विच छाइयां बहारां, -2

सतगुरु प्यारे तों मैं तन मन वारां -2

राधा रानी लोहड़ी दे......

7. साड्डे तां वेड़े विच वजदे छैने, -2

नाम दे हीरे मोती सतगुरु तों लेने -2

राधा रानी लोहड़ी दे......

8. साड्डे तां वेड़े विच लगियां कतारां, -2

रेवड़ी ते फुल्ले लैके भोग लगावां -2

राधा रानी लोहड़ी दे......

 🙏🏻राधे राधे ज़ी 🙏🏻

: इस्लामी शासन के इमाम का कहना है: “औरतें अल्लाह द्वारा पुरुषों के इस्तेमाल के लिए बनाई गई जानवर हैं। औरतें गायों, भेड़ों, घोड़ों या खच्चरों से अलग नहीं हैं। अल्ला ने औरतों को इंसानों जैसा इसलिए बनाया ताकि वे पुरुषों को डरा न सकें।” ये ईरान पर राज करने वाले मुल्ला हैं।

कुरान की सोच यही है महिलाओं के बारे में, समझ आया ईरान की महिलाओं ने कुरान को क्यों जला दिया है?

The Imam of the Islamic regime says: “Women are animals created by Allah for men to use. Women are no different from cows, sheep, horses, or mules. Allah made women look like humans so that they wouldn't frighten men.” These are the mullahs who rule Iran.

This is the Quran's view of women. Do you understand now why Iranian women burned the Quran?

TRN LIVE: 🛑

इतिहास में कौन सा ऐसा व्यक्ति है जिसे इज्जत और प्रशंसा तो बहुत मिली है लेकिन वह व्यक्ति एक बहुत भयानक और दोगली मानसिकता का व्यक्ति था

गांधी !!!

क्या हुआ 30 जनवरी की रात्री को … पुणे के ब्राह्मणों के साथ ? क्या था सावरकर और हिन्दू महासभा का चिन्तन ?

क्या हुआ गोडसे के बाद नारायण राव आप्टे का .. कैसी नृशंस फांसी दी गयी उन्हें l

यह लेख पढने के बाद कृपया बताएं कैसे उतारेगा भारतीय जनमानस पंडित नाथूराम गोडसे जी का कर्ज….

आइये इन सब सवालों के उत्तर खोजें ….

पाकिस्तान से दिल्ली की तरफ जो रेलगाड़िया आ रही थी, उनमे हिन्दू इस प्रकार बैठे थे जैसे माल की बोरिया एक के ऊपर एक रची जाती हैं। अन्दर ज्यादातर मरे हुए ही थे, गला कटे हुए

रेलगाड़ी के छप्पर पर बहुत से लोग बैठे हुए थे, डिब्बों के अन्दर सिर्फ सांस लेने भर की जगह बाकी थी l बैलगाड़िया ट्रक्स हिन्दुओं से भरे हुए थे, रेलगाड़ियों पर लिखा हुआ था,,” आज़ादी का तोहफा ” रेलगाड़ी में जो लाशें भरी हुई थी उनकी हालत कुछ ऐसी थी की उनको उठाना मुश्किल था, दिल्ली पुलिस को फावड़ें में उन लाशों को भरकर उठाना पड़ा l ट्रक में भरकर किसी निर्जन स्थान पर ले जाकर, उन पर पेट्रोल के फवारे मारकर उन लाशों को जलाना पड़ा इतनी विकट हालत थी उन मृतदेहों की… भयानक बदबू……

सियालकोट से खबरे आ रही थी की वहां से हिन्दुओं को निकाला जा रहा हैं, उनके घर, उनकी खेती, पैसा-अडका, सोना-चाँदी, बर्तन सब मुसलमानों ने अपने कब्जे में ले लिए थे l मुस्लिम लीग ने सिवाय कपड़ों के कुछ भी ले जाने पर रोक लगा दी थी. किसी भी गाडी पर हल्ला करके हाथ को लगे उतनी महिलाओं- बच्चियों को भगाया गया.बलात्कार किये बिना एक भी हिन्दू स्त्री वहां से वापस नहीं आ सकती थी … बलात्कार किये बिना…..?

जो स्त्रियाँ वहां से जिन्दा वापस आई वो अपनी वैद्यकीय जांच करवाने से डर रही थी….

डॉक्टर ने पूछा क्यों ???

उन महिलाओं ने जवाब दिया… हम आपको क्या बताये हमें क्या हुआ हैं ?

हमपर कितने लोगों ने बलात्कार किये हैं हमें भी पता नहीं हैं…उनके सारे शारीर पर चाकुओं के घाव थे।

“आज़ादी का तोहफा”

जिन स्थानों से लोगों ने जाने से मना कर दिया, उन स्थानों पर हिन्दू स्त्रियों की नग्न यात्राएं (धिंड) निकाली गयीं, बाज़ार सजाकर उनकी बोलियाँ लगायी गयीं और उनको दासियों की तरह खरीदा बेचा गया l

1947 के बाद दिल्ली में 400000 हिन्दू निर्वासित आये, और इन हिन्दुओं को जिस हाल में यहाँ आना पड़ा था, उसके बावजूद पाकिस्तान को पचपन करोड़ रुपये देने ही चाहिए ऐसा महात्मा जी का आग्रह था…क्योकि एक तिहाई भारत के तुकडे हुए हैं तो भारत के खजाने का एक तिहाई हिस्सा पाकिस्तान को मिलना चाहिए था l

विधि मंडल ने विरोध किया, पैसा नहीं देगे….और फिर बिरला भवन के पटांगन में महात्मा जी अनशन पर बैठ गए…..पैसे दो, नहीं तो मैं मर जाउगा….एक तरफ अपने मुहँ से ये कहने वाले महात्मा जी, की हिंसा उनको पसंद नहीं हैं l

दूसरी तरफ जो हिंसा कर रहे थे उनके लिए अनशन पर बैठ गए… क्या यह हिंसा नहीं थी .. अहिंसक आतंकवाद की आड़ में

दिल्ली में हिन्दू निर्वासितों के रहने की कोई व्यवस्था नहीं थी, इससे ज्यादा बुरी बात ये थी की दिल्ली में खाली पड़ी मस्जिदों में हिन्दुओं ने शरण ली तब बिरला भवन से महात्मा जी ने भाषण में कहा की दिल्ली पुलिस को मेरा आदेश हैं मस्जिद जैसी चीजों पर हिन्दुओं का कोई

ताबा नहीं रहना चाहिए l निर्वासितों को बाहर निकालकर मस्जिदे खाली करे..क्योंकि महात्मा जी की दृष्टी में जान सिर्फ मुसलमानों में थी हिन्दुओं में नहीं…

जनवरी की कडकडाती ठंडी में हिन्दू महिलाओं और छोटे छोटे बच्चों को हाथ पकड़कर पुलिस ने मस्जिद के बाहर निकाला, गटर के किनारे रहो लेकिन छत के निचे नहीं l क्योकि… तुम हिन्दू हो….

4000000 हिन्दू भारत में आये थे,ये सोचकर की ये भारत हमारा हैं…. ये सब निर्वासित गांधीजी से मिलाने बिरला भवन जाते थे तब गांधीजी माइक पर से कहते थे क्यों आये यहाँ अपने घर जायदाद बेचकर, वहीँ पर अहिंसात्मक प्रतिकार करके क्यों नहीं रहे ?? यही अपराध हुआ तुमसे अभी भी वही वापस जाओ..और ये महात्मा किस आशा पर पाकिस्तान को पचपन करोड़ रुपये देने निकले थे ?

कैसा होगा वो मोहनदास करमचन्द गाजी उर्फ़ गंधासुर … कितना महान …

जिसने बिना तलवार उठाये … 35 लाख हिन्दुओं का नरसंहार करवाया

2 करोड़ से ज्यादा हिन्दुओं का इस्लाम में धर्मांतरण हुआऔर उसके बाद यह संख्या 10 करोड़ भी पहुंची l

10 लाख से ज्यादा हिन्दू नारियों को खरीदा बेचा गया l

20 लाख से ज्यादा हिन्दू नारियों को जबरन मुस्लिम बना कर अपने घरों में रखा गया, तरह तरह की शारीरिक और मानसिक यातनाओं के बाद

ऐसे बहुत से प्रश्न, वास्तविकताएं और सत्य तथा तथ्य हैं जो की 1947 के समकालीन लोगों ने अपनी आने वाली पीढ़ियों से छुपाये, हिन्दू कहते हैं की जो हो गया उसे भूल जाओ, नए कल की शुरुआत करो …

परन्तु इस्लाम के लिए तो कोई कल नहीं .. कोई आज नहीं …वहां तो दार-उल-हर्ब को दार-उल-इस्लाम में बदलने का ही लक्ष्य है पल.. प्रति पल

विभाजन के बाद एक और विभाजन का षड्यंत्र …

आपने बहुत से देशों में से नए देशों का निर्माण देखा होगा, U S S R टूटने के बाद बहुत से नए देश बने, जैसे ताजिकिस्तान, कजाकिस्तान आदि … परन्तु यह सब देश जो बने वो एक परिभाषित अविभाजित सीमा के अंदर बने l

और जब भारत का विभाजन हुआ .. तो क्या कारण थे की पूर्वी पाकिस्तान और पश्चिमी पाकिस्तान बनाए गए… क्यों नही एक ही पाकिस्तान बनाया गया… या तो पश्चिम में बना लेते या फिर पूर्व में l

परन्तु ऐसा नही हुआ …. यहाँ पर उल्लेखनीय है की मोहनदास करमचन्द ने तो यहाँ तक कहा था की पूरा पंजाब पाकिस्तान में जाना चाहिए, बहुत कम लोगों को ज्ञात है की 1947 के समय में पंजाब की सीमा दिल्ली के नजफगढ़ क्षेत्र तक होती थी …

यानी की पाकिस्तान का बोर्डर दिल्ली के साथ होना तय था … मोहनदास करमचन्द के अनुसार l

नवम्बर 1968 में पंजाब में से दो नये राज्यों का उदय हुआ .. हिमाचल प्रदेश और हरियाणा l

पाकिस्तान जैसा मुस्लिम राष्ट्र पाने के बाद भी जिन्ना और मुस्लिम लीग चैन से नहीं बैठे …

उन्होंने फिर से मांग की … की हमको पश्चिमी पाकिस्तान से पूर्वी पाकिस्तान जाने में बहुत समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं l

1. पानी के रास्ते बहुत लम्बा सफर हो जाता है क्योंकि श्री लंका के रस्ते से घूम कर जाना पड़ता है l

2. और हवाई जहाज से यात्राएं करने में अभी पाकिस्तान के मुसलमान सक्षम नही हैं l इसलिए …. कुछ मांगें रखी गयीं 1. इसलिए हमको भारत के बीचो बीच एक Corridor बना कर दिया जाए….

2. जो लाहोर से ढाका तक जाता हो … (NH – 1)

3. जो दिल्ली के पास से जाता हो …

4. जिसकी चौड़ाई कम से कम 10 मील की हो … (10 Miles = 16 KM)

5. इस पूरे Corridor में केवल मुस्लिम लोग ही रहेंगे l

30 जनवरी को गांधी वध यदि न होता, तो तत्कालीन परिस्थितियों में बच्चा बच्चा यह जानता था की यदि मोहनदास करमचन्द 3 फरवरी, 1948 को पाकिस्तान पहुँच गया तो इस मांग को भी …मान लिया जायेगा l

तात्कालिक परिस्थितियों के अनुसार तो मोहनदास करमचन्द किसी की बात सुनने की स्थिति में था न ही समझने में …और समय भी नहीं था जिसके कारण हुतात्मा नाथूराम गोडसे जी को गांधी वध जैसा अत्यधिक साहसी और शौर्यतापूर्ण निर्णय लेना पडा l

हुतात्मा का अर्थ होता है जिस आत्मा ने अपने प्राणों की आहुति दी हो …. जिसको की वीरगति को प्राप्त होना भी कहा जाता है l

यहाँ यह सार्थक चर्चा का विषय होना चाहिए की हुतात्मा पंडित नाथूराम गोडसे जीने क्या एक बार भी नहीं सोचा होगा की वो क्या करने जा रहे हैं ?

किसके लिए ये सब कुछ कर रहे हैं ?

उनके इस निर्णय से उनके घर, परिवार, सम्बन्धियों, उनकी जाती और उनसे जुड़े संगठनो पर क्या असर पड़ेगा ?

घर परिवार का तो जो हुआ सो हुआ …. जाने कितने जघन्य प्रकारों से समस्त परिवार और सम्बन्धियों को प्रताड़ित किया गया l

परन्तु ….. अहिंसा का पाठ पढ़ाने वाले मोहनदास करमचन्द के कुछ अहिंसक आतंकवादियों ने 30 जनवरी, 1948 की रात को ही पुणे में 6000 ब्राह्मणों को चुन चुन कर घर से निकाल निकाल कर जिन्दा जलाया l

10000 से ज्यादा ब्राह्मणों के घर और दुकानें जलाए गए l

सोचने का विषय यह है की उस समय संचार माध्यम इतने उच्च कोटि के नहीं थे, विकसित नही थे … फिर कैसे 3 घंटे के अंदर अंदर इतना सुनियोजित तरीके से इतना बड़ा नरसंहार कर दिया गया ….

सवाल उठता है की … क्या उन अहिंसक आतंकवादियों को पहले से यह ज्ञात था की गांधी वध होने वाला है ?

जस्टिस खोसला जिन्होंने गांधी वध से सम्बन्धित केस की पूरी सुनवाई की… 35 तारीखें पडीं l

अदालत ने निरीक्षण करवाया और पाया हुतात्मा पंडित नाथूराम गोडसे जी की मानसिक दशा को तत्कालीन चिकित्सकों ने एक दम सामान्य घोषित कियाl पंडित जी ने अपना अपराध स्वीकार किया पहली ही सुनवाई में और अगली 34 सुनवाइयों में कुछ नहीं बोले … सबसे आखिरी सुनवाई में पंडित जी ने अपने शब्द कहे “”

गाँधी वध के समय न्यायमूर्ति खोसला से नाथूराम ने अपना वक्तव्य स्वयं पढ़ कर सुनाने की अनुमति मांगी थी और उसे यह अनुमति मिली थी | नाथूराम गोडसे का यह न्यायालयीन वक्तव्य भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित कर दिया गया था |इस प्रतिबन्ध के विरुद्ध नाथूराम गोडसे के भाई तथा गाँधी वध के सह अभियुक्त गोपाल गोडसे ने ६० वर्षों तक वैधानिक लडाई लड़ी और उसके फलस्वरूप सर्वोच्च न्यायलय ने इस प्रतिबन्ध को हटा लिया तथा उस वक्तव्य के प्रकाशन की अनुमति दे दी। नाथूराम गोडसे ने न्यायलय के समक्ष गाँधी वध के जो १५० कारण बताये थे उनमें से प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं –

1. अमृतसर के जलियाँवाला बाग़ गोली काण्ड (1919) से समस्त देशवासी आक्रोश में थे तथा चाहते थे कि इस नरसंहार के खलनायक जनरल डायर पर अभियोग चलाया जाए। गान्धी ने भारतवासियों के इस आग्रह को समर्थन देने से मना कर दिया।

2. भगत सिंह व उसके साथियों के मृत्युदण्ड के निर्णय से सारा देश क्षुब्ध था व गान्धी की ओर देख रहा था कि वह हस्तक्षेप कर इन देशभक्तों को मृत्यु से बचाएं, किन्तु गान्धी ने भगत सिंह की हिंसा को अनुचित ठहराते हुए जनसामान्य की इस माँग को अस्वीकार कर दिया। क्या आश्चर्य कि आज भी भगत सिंह वे अन्य क्रान्तिकारियों को आतंकवादी कहा जाता है।

3. 6 मई 1946 को समाजवादी कार्यकर्ताओं को अपने सम्बोधन में गान्धी ने मुस्लिम लीग की हिंसा के समक्ष अपनी आहुति देने की प्रेरणा दी।

4. मोहम्मद अली जिन्ना आदि राष्ट्रवादी मुस्लिम नेताओं के विरोध को अनदेखा करते हुए 1921 में गान्धी ने खिलाफ़त आन्दोलन को समर्थन देने की घोषणा की। तो भी केरल के मोपला में मुसलमानों द्वारा वहाँ के हिन्दुओं की मारकाट की जिसमें लगभग 1500 हिन्दु मारे गए व 2000 से अधिक को मुसलमान बना लिया गया। गान्धी ने इस हिंसा का विरोध नहीं किया, वरन् खुदा के बहादुर बन्दों की बहादुरी के रूप में वर्णन किया।

5. 1926 में आर्य समाज द्वारा चलाए गए शुद्धि आन्दोलन में लगे स्वामी श्रद्धानन्द जी की हत्या अब्दुल रशीद नामक एक मुस्लिम युवक ने कर दी, इसकी प्रतिक्रियास्वरूप गान्धी ने अब्दुल रशीद को अपना भाई कह कर उसके इस कृत्य को उचित ठहराया व शुद्धि आन्दोलन को अनर्गल राष्ट्र-विरोधी तथा हिन्दु-मुस्लिम एकता के लिए अहितकारी घोषित किया।

6. गान्धी ने अनेक अवसरों पर छत्रपति शिवाजी, महाराणा प्रताप व गुरू गोविन्द सिंह जी को पथभ्रष्ट देशभक्त कहा।

7. गान्धी ने जहाँ एक ओर काश्मीर के हिन्दु राजा हरि सिंह को काश्मीर मुस्लिम बहुल होने से शासन छोड़ने व काशी जाकर प्रायश्चित करने का परामर्श दिया, वहीं दूसरी ओर हैदराबाद के निज़ाम के शासन का हिन्दु बहुल हैदराबाद में समर्थन किया।

8. यह गान्धी ही था जिसने मोहम्मद अली जिन्ना को कायदे-आज़म की उपाधि दी।

9. कॉंग्रेस के ध्वज निर्धारण के लिए बनी समिति (1931) ने सर्वसम्मति से चरखा अंकित भगवा वस्त्र पर निर्णय लिया किन्तु गाँधी कि जिद के कारण उसे तिरंगा कर दिया गया।

10. कॉंग्रेस के त्रिपुरा अधिवेशन में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस को बहुमत से कॉंग्रेस अध्यक्ष चुन लिया गया किन्तु गान्धी पट्टभि सीतारमय्या का समर्थन कर रहा था, अत: सुभाष बाबू ने निरन्तर विरोध व असहयोग के कारण पदत्याग कर दिया।

11. लाहोर कॉंग्रेस में वल्लभभाई पटेल का बहुमत से चुनाव सम्पन्न हुआ किन्तु गान्धी की जिद के कारण यह पद जवाहरलाल नेहरु को दिया गया।

12. 14-15 जून, 1947 को दिल्ली में आयोजित अखिल भारतीय कॉंग्रेस समिति की बैठक में भारत विभाजन का प्रस्ताव अस्वीकृत होने वाला था, किन्तु गान्धी ने वहाँ पहुंच प्रस्ताव का समर्थन करवाया। यह भी तब जबकि उन्होंने स्वयं ही यह कहा था कि देश का विभाजन उनकी लाश पर होगा।

13. मोहम्मद अली जिन्ना ने गान्धी से विभाजन के समय हिन्दु मुस्लिम जनसँख्या की सम्पूर्ण अदला बदली का आग्रह किया था जिसे गान्धी ने अस्वीकार कर दिया।

14. जवाहरलाल की अध्यक्षता में मन्त्रीमण्डल ने सोमनाथ मन्दिर का सरकारी व्यय पर पुनर्निर्माण का प्रस्ताव पारित किया, किन्तु गान्धी जो कि मन्त्रीमण्डल के सदस्य भी नहीं थे ने सोमनाथ मन्दिर पर सरकारी व्यय के प्रस्ताव को निरस्त करवाया और 13 जनवरी 1948 को आमरण अनशन के माध्यम से सरकार पर दिल्ली की मस्जिदों का सरकारी खर्चे से पुनर्निर्माण कराने के लिए दबाव डाला।

15. पाकिस्तान से आए विस्थापित हिन्दुओं ने दिल्ली की खाली मस्जिदों में जब अस्थाई शरण ली तो गान्धी ने उन उजड़े हिन्दुओं को जिनमें वृद्ध, स्त्रियाँ व बालक अधिक थे मस्जिदों से से खदेड़ बाहर ठिठुरते शीत में रात बिताने पर मजबूर किया गया।

16. 22 अक्तूबर 1947 को पाकिस्तान ने काश्मीर पर आक्रमण कर दिया, उससे पूर्व माउँटबैटन ने भारत सरकार से पाकिस्तान सरकार को 55 करोड़ रुपए की राशि देने का परामर्श दिया था। केन्द्रीय मन्त्रीमण्डल ने आक्रमण के दृष्टिगत यह राशि देने को टालने का निर्णय लिया किन्तु गान्धी ने उसी समय यह राशि तुरन्त दिलवाने के लिए आमरण अनशन किया- फलस्वरूप यह राशि पाकिस्तान को भारत के हितों के विपरीत दे दी गयी।

उपरोक्त परिस्थितियों में नथूराम गोडसे नामक एक देशभक्त सच्चे भारतीय युवक ने गान्धी का वध कर दिया।

न्य़यालय में चले अभियोग के परिणामस्वरूप गोडसे को मृत्युदण्ड मिला किन्तु गोडसे ने न्यायालय में अपने कृत्य का जो स्पष्टीकरण दिया उससे प्रभावित होकर उस अभियोग के न्यायधीश श्री जे. डी. खोसला ने अपनी एक पुस्तक में लिखा-

“नथूराम का अभिभाषण दर्शकों के लिए एक आकर्षक दृश्य था। खचाखच भरा न्यायालय इतना भावाकुल हुआ कि लोगों की आहें और सिसकियाँ सुनने में आती थींऔर उनके गीले नेत्र और गिरने वाले आँसू दृष्टिगोचर होते थे। न्यायालय में उपस्थित उन प्रेक्षकों को यदि न्यायदान का कार्य सौंपा जाता तो मुझे तनिक भी संदेह नहीं कि उन्होंने अधिकाधिक सँख्या में यह घोषित किया होता कि नथूराम निर्दोष है।”

तो भी नथूराम ने भारतीय न्यायव्यवस्था के अनुसार एक व्यक्ति की हत्या के अपराध का दण्ड मृत्युदण्ड के रूप में सहज ही स्वीकार किया। परन्तु भारतमाता के विरुद्ध जो अपराध गान्धी ने किए, उनका दण्ड भारतमाता व उसकी सन्तानों को भुगतना पड़ रहा है। यह स्थिति कब बदलेगी?

प्रश्न यह भी उठता है की पंडित नाथूराम गोडसे जी ने तो गाँधी वध किया उन्हें पैशाचिक कानूनों के द्वारा मृत्यु दंड दिया गया परन्तु नाना जी आप्टे ने तो गोली नहीं मारी थी … उन्हें क्यों मृत्युदंड दिया गया ?

नाथूराम गोडसे को सह अभियुक्त नाना आप्टे के साथ १५ नवम्बर १९४९ को पंजाब के अम्बाला की जेल में मृत्यु दंड दे दिया गया। उन्होंने अपने अंतिम शब्दों में कहा था…

यदि अपने देश के प्रति भक्तिभाव रखना कोई पाप है तो मैंने वो पाप किया है और यदि यह पुन्य हिया तो उसके द्वारा अर्जित पुन्य पद पर मैं अपना नम्र अधिकार व्यक्त करता हूँ

– पंडित नाथूराम गोडसे

आशा है कि लोग पंडित नाथूराम को समझे व् जानें। प्रणाम हुतात्मा को।

भारत माता की जय

“तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहें!”

अगर आप नाथूराम गोडसे के समर्थक है तो इस पोस्ट को और लोगो तक भी पहुँचाए। ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगो तक सच्चाई पहुँचे। निश्चित ही एक दिन सत्य की विजय होगी।

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पिछले तीन साल से विवेकानंद जी के पीछे पड़ा शंकराचार्य गिरोह इस बार पूरी तरह से खुलकर उतर रहा है। ये लंठ, लंपट, बेहूदे जातिवादी सदैव से थे, और आगे भी रहेंगे, लेकिन अंतर केवल इतना है कि पहले इन्हें आदर और महत्व की दृष्टि से देखा जाता था लेकिन अब ये घिनहे बिल्कुल एक्सपोज़ हो चुके हैं।

इनका तर्क होगा कि यदि विवेकानंद इतने ही बड़े विद्वान थे तो इतना जल्दी उनका देहांत कैसे हो गया? लेकिन ये गिरोहबाज़ ऐसा करके स्वयं पूज्य आदि शंकराचार्य पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रहे है क्यूंकि स्वामी विवेकानंद और आदि शंकर दोनों लोगों का देहांत एक ही उम्र में हुआ।

इनका तर्क यह भी होगा कि विवेकानंद को माँ काली ने भला कैसे दर्शन दे दिया? ये सब अंधविश्वास है। लेकिन यहीं घिनहे साबित करते हैं कि आदि शंकर महिला के शरीर में घुसकर बहुत समय तक रहे। 

मेरा आदि शंकराचार्य के प्रति बहुत आदर और सम्मान का भाव है लेकिन उनके नाम पर जो पिछले दो सौ वर्ष में गंदगी मची है वह शर्मनाक है। इन्हीं लोगों ने स्वामी दयानंद जी महाराज के साथ गाली गलौज किया जब उन्होंने विधवाओं के विवाह का हिमायत किया क्यूंकि उन्होंने कठिन प्रश्न पूछ लिया था कि आखिर ये विधवा आश्रम बनारस और वृंदावन में ही क्यों हैं जहाँ पंडा गिरोह सबसे अधिक है। इस गिरोह ने पूज्य मदन मोहन मालवीय को बहुत परेशान किया क्यूंकि उन्होंने समस्त हिंदू जातियों को पढ़ने के लिए विश्वविद्यालय खोलने का निर्णय लिया। ये घिनहे ऋषिकेश पहुंचकर उनके साथ शास्त्रार्थ करने लगे कि केवल ब्राह्मणों को पढ़ने दिया जाय और बहुत अधिक इच्छा हो तो क्षत्रियों और वैश्यों को नीचे बैठाकर पढ़ाया जाय और शूद्रों को तो घुसने न दिया जाय। इसी गंदे घटिया गिरोह ने आचार्य श्री राम शर्मा को महिला शिक्षा का पक्ष लेने पर बहुत बुरा भला कहा था। दरअसल इनके पास अपना कोई सकारात्मक काम नहीं है, इनके पास एक ही काम है हिंदू धर्म के अंतर्गत जो रूढ़ियाँ रह गई हैं, उनको बचाकर रखना और उस आधार पर हिंदू धर्म को इतना कमजोर और लिजलिज़ा करना कि लोगों को इससे वितृष्णा उत्पन्न हो जाये। ये सब वस्तुतः कभी मुगलों के, तो कभी अंग्रेजों के एजेंट रहे। आज भी इनका गिरोह वक़्फ़ बोर्ड के साथ पूरे बेशर्मी से खड़ा दिखाई पड़ेगा। 

ऐसे लोगों से हिंदू समाज को बचकर रहना चाहिए। ये बेशर्म सदैव से रहे हैं, ये कभी समाप्त नहीं होंगे लेकिन हमको इनके दुष्प्रभावों से बचना चाहिए।

स्वामी विवेकानंद से आप प्रभावित नहीं हैं, कोई बात नहीं। उन्हें आप समय देकर पढ़िए। लेकिन बिना जाने समझे केवल इस बेशर्म घिनहे लिजलिजे गिरोह के चक्कर में पड़कर अपने चरित्र और समझ को गालीबाज में न विकसित करिए।

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जो परिवार कानून से ऊपर माना जाता था, जिसकी चापलूसी करके भारतीय मीडिया के अधिकांश लोग स्वयं को धन्य महसूस करते थे, कई राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री भी अपने पद की गरिमा भूलकर जिस परिवार के चरणों में झुके रहते थे, अब उसी परिवार के लोगों को जेल से बचने के लिए अदालत से जमानत लेनी पड़ रही है।

कुछ सालों पहले किसी ने आरटीआई से उनकी आय के बारे में पूछा था, तो राष्ट्रीय सुरक्षा का खतरा बताकर वह आरटीआई खारिज कर दी गई थी। उसी परिवार को आयकर विभाग ने १०० करोड़ का नोटिस भेजा गया ।

उस परिवार के लोगों ने कोई भ्रष्टाचार या अपराध किया है या नहीं, ये तो अदालत तय करेगी, लेकिन मोदी सरकार ने कम से कम इतना तो दिखा दिया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।

मेरे लिए ये भी अच्छे दिन हैं और 2029 में दोबारा मोदी जी को वोट देने के लिए ये कारण भी मेरे लिए काफ़ी है। जिनको शिकायत करनी है, वे करते रहें।

२०१४ में भी मैंने न तो हिंदुत्व के लिए वोट दिया था और न विकास के लिए। मैंने कांग्रेस और उसके साथियों को सत्ता से बाहर करने के लिए मोदी जी को वोट दिया था। मैं इस बात से संतुष्ट हूं कि मोदी - शाह की जोड़ी ने वह काम बहुत अच्छी तरह किया। कांग्रेस आज तक के सबसे निचले स्तर पर जा गिरी और लोकसभा में केवल ४४ सीटें जीत पाई। उसके बाद अगर अगले ५ सालों तक मोदी सरकार निष्क्रिय बैठी रहती, तो भी मुझे कोई शिकायत न होती। लेकिन मोदी सरकार ने तो राष्ट्रीय सुरक्षा से लेकर विदेश नीति तक और स्वच्छ भारत से लेकर मेक इन इंडिया तक ढेरों ऐसे काम किए हैं, जिनसे देश को लाभ हुआ। ये सब मेरे लिए बोनस है।

कई लोग बहुत गर्व से बताते हैं कि उन्हें राजनीति से कोई मतलब नहीं है। मैं वैसा मूर्ख नहीं हूँ कि अपनी अज्ञानता पर गर्व करूँ। मुझे गर्व भारत के संविधान पर है और उसके अनुसार चलने वाली हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था पर है। उसी लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत यह मेरा कर्तव्य है कि मैं देश की राजनीति के बारे में जागरूक रहूँ और ये मेरी ज़िम्मेदारी है कि मैं चुनाव में सही पार्टी को वोट दूँ। मुझे गर्व इस बात का है कि मैं अपनी यह ज़िम्मेदारी बराबर निभा रहा हूँ। मैं अच्छी तरह समझता हूँ कि जब मतदाता जागरूक नहीं रहते हैं, तो लोकतंत्र कमज़ोर होता जाता है और फिर परिवारवाद में बदलते-बदलते अंततः तानाशाही में बदल जाता है।

मैं अपने देश के लोकतंत्र को बचाए रखने की अपनी ज़िम्मेदारी समझता हूँ और निभाता भी हूँ। जो नहीं निभाते हैं, और राजनीति के बारे में अनभिज्ञ और लापरवाह बने रहते हैं, उन्हें अपनी अज्ञानता पर गर्व करने के बजाय शर्म करनी चाहिए।

जिस पार्टी ने आपातकाल लगाकर देश पर तानाशाही थोपी थी, जिसने ६७ सालों तक देश को एक ही परिवार का बंधक बनाकर रखा, मैं उस पार्टी को या उसके साथियों को कभी वोट नहीं दूंगा। पिछली बार उन्हें सत्ता से बाहर निकालने के लिए मोदी को वोट दिया था, इस बार उन्हें वापस आने से रोकने के लिए फिर मोदी को ही वोट दूंगा। आप अपना फैसला खुद कीजिए।

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सन 1874,, एक अंग्रेज़ गवर्नर ए ओ ह्यूम ने एक मनोरंजन क्लब की स्थापना की,, जिसका नाम रखा गया भारतीय राष्ट्रीय संघ... गुलाम भारत मे मौज़ मस्ती के लिए स्थापित किए गए इस मनोरंजन क्लब का मुख्य मकसद था तत्कालीन भारतीय समाज के रसूखदार लोगों को शराब, शबाब और कबाब परोस कर इनके माध्यम से अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ भारतीय जनमानस के मन मे पल रहे आक्रोश को बुलबुला बना कर बाहर निकालना... लाला लाजपत राय ने 1916 में यंग इंडिया अखबार में लिखे अपने आर्टिकल में कांग्रेस को लार्ड डफरिन के दिमाग की उपज बताया... इस क्लब के नियमित सदस्यों में अंग्रेजों के अलावा सवर्ण एलीट वर्ग के भारतीय थे... चाचा जी की अंग्रेज़ औरतों के साथ कपालभाति करती ज्यादातर तस्वीरों की जड़ें इसी मनोरंजन क्लब से जुड़ी है... एक साल बाद इस क्लब का नाम बदल के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कर दिया गया और आज़ादी के बाद ये मनोरंजन क्लब भारत की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन गई... सन 1875 में गोकुलदास तेजपाल भवन में हुए कांग्रेस अधिवेशन में कांग्रेस की प्रस्तावना में स्पष्ट लिखा गया कि कांग्रेस पार्टी मनोरंजन क्लब के रूप में स्थापित हुई थी...  

आज़ादी के बाद इस क्लब से जुड़े एलीट सवर्ण समुदाय के भारतीय इस पार्टी के विभिन्न पदों पर काबिज हो गए... आप युवा है तो गूगल बाबा से पूछ सकते है, आज़ादी के बाद कांग्रेस के पहले और दूसरे नम्बर के सभी नेता सवर्ण थे, वो सवर्ण लोग जो शाम को सोने से पहले ये देखते है कि उनकी दाईं जेब से कितना माल निकला और बाई जेब मे कितना माल आया... इस वर्ग के लिए देश धर्म जाति इनकी जेब ही थी... भविष्य में इन्ही कांग्रेसी सवर्णों के नाती पोते अपनी जेब की बेरुखी से तंग आकर लोटे की तरह लुढ़कते हुए गलती से भाजपा प्रेमी बन बैठे और कालांतर में लोटे के नाम से प्रसिद्ध हुए...

अब इन्ही में से कांग्रेस पोषित कोई लोटा, जिसे अपनी जेब देश और धर्म से ज्यादा प्यारी है, लुढ़कते हुए आता है और पूछता है 2014 से पहले कहाँ थे बे अंडोलों..?? नोटेन्द्र बाहुबली बना एक दूसरा कांग्रेसी सवर्ण आकर कहता है मोदी ने अपने कोर वोटर के साथ गद्दारी की... मोदी सवर्णों का दुश्मन है...

कोर वोटर...?

अबे सर्पोलों-लोटों तुम्हे कोर वोटर का मतलब भी पता है..? 

कोर वोटर है दलित, जिसने 2014 से पहले कभी बसपा का दामन नही छोड़ा और हिंदुत्व के नाम पर भाजपा का हो गया... कोर वोटर होता है यादव जो राम भक्तों के सीने पर गोली चलवाने वाले मुलायम सिंह यादव का साथ कभी नही छोड़ता... कोर वोटर है मुस्लिम हर एंटी बीजेपी पार्टी का... कोर वोटर है बनिया जो अपनी जेब कटने के बाद भी भाजपा को नही छोड़ता क्योंकि भाजपा बानियों की राजनीतिक पूंजी है...

तुम काहे के कोर वोटर लोटा भाई..??

जब मायावती कहती है तिलक तराजू तलवार तो भाजपा के कोर वोटर हो जाते हो और जैसे ही वो सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय का नारा बुलंद करती है, जाके मायावती की गोद मे बैठ जाते हो... अपने घर को पुराने तकिए खोल के देखो ,कांग्रेस का झंडा ही निकलेगा... जीवन पर्यन्त जातिवादी नेताओं के कहने पर तुमने कांग्रेस को वोट दिया... भाजपा का समर्थन तो हिंदुत्व के नाम पर किए हो और जाति पर बात आते ही हिंदुत्व फुर्र हो गया और 2014 में पहली बार वोट डालने वालों से पूछते हो कि 2014 से पहले कहाँ थे बे अंडोलों..?

वामपंथियों में बहुसंख्यक वामी सवर्ण, हिन्दू विरोधी रवीश कुमार सवर्ण, कांग्रेसी चचा जी लेकर एनडी तिवारी और दिग्गी राजा तक सवर्ण, राम मंदिर निर्माण के खिलाफ कोर्ट में केस लड़ने वाले वकीलों के पैनल में बहुसंख्यक सवर्ण और अब गरीब सवर्णों के आरक्षण के खिलाफ कोर्ट में पीआईएल दाखिल करने वाला वकील कौशलकांत मिश्रा सवर्ण... सबसे ज्यादा लोटे सवर्ण समुदाय में ही पाए जाते है यही वजह है कि दलितों के भारत बंद में सारी राजनीतिक पार्टियाँ उनके समर्थन में सड़कों पर उतरती है और सवर्णों के भारत बंद में चिड़िया तक नज़र नही आती... क्योंकि लोटों की वजह से आप कभी किसी पार्टी के कोर वोटर बन ही नही पाए, मन मे भले ही कोई भी मुगालता पाले रहिए... एक वोट बैंक के रूप में सवर्णों की विश्वसनीयता संदिग्ध है... बाकी सवर्ण लोटों का हाल तो ये है कि मोदी लस्सी दे तो ये कहेंगे, मोदी ने लस्सी बता के खट्टा रायता पिला दिया, मोदी सवर्णों का दुश्मन है और अगर पनीर दे तो ये पनीर फाड़ के उसका रायता बना लेंगे, उसी में लोटेंगे, फिसल के गिरेंगे और कहेंगे मोदी सवर्णों का दुश्मन है...

लोटे परम् असन्तुष्ट जीव है इन पर समय न व्यर्थ करें... इन्हें मनाएं नही, इनका पूर्णतया बहिष्कार करें... श्री कृष्ण ने कभी बर्बरीक को पांडवो के पक्ष से युद्ध करने के लिए नही मनाया जबकि वो इतना बलशाली और वीर था कि कुछ ही दिनों में युद्ध खत्म कर सकता था..

श्री कृष्ण ने धर्मयुद्ध से पहले अपने प्रिय भीम के पुत्र बर्बरीक का वध कर दिया था जबकि वो उनका अपना था, वीर था, धर्मी भी था और स्व-धर्मी भी मगर लोटा था...

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TRN LIVE: साभार....

अभी इरादा जाहिर किया गया #हिज़ाबी_खातून के PM बनने का...

तो याद आया ये एक्सपेरिमेंट भी थोड़ा सा हुआ है देश में असम में सात महीने को CM बनाया गया था #सय्यदा_अनवरा_तैमूर को... बात 1980 की है..

अनवरा तैमूर ने एक दिन भी बर्बाद नहीं किया कुर्सी मिलने पर और तत्काल दीन की खिदमत में जुट गयी...

भरपूर सहयोग सत्ता का बांग्लादेशी घुसपैठियों को.....

खूब खुली छुट स्थानीय आदिवासी समूहों के खिलाफ़....

नतीजा हिंसा अपने चरम पर पहुँच गयी... हालत बेकाबू हो गए और खुद कांग्रेस को अपनी ही CM को हटा कर राष्ट्रपति शासन लगाना पड़ा....

बाद में दीनी कौम को #AIUDF से जोड़ने में भी इनकी अहम् भूमिका रही...

तो CM बन खातून ने ये हाल किया असम का 

कोई PM बनी तो खुद सोच लो!

अवधेश प्रताप सिंह कानपुर उत्तर प्रदेश

TRN LIVE: 🛑

जो लोग समझ रहे हैं कि ईरान इस्लाम छोड़ रहा है,वे गलतफहमी के शिकार हैं,ईरान इस्लाम छोड़ने वाला पहला देश बनेगा,ये निश्चित है,लेकिन इसमें अभी समय लगेगा,उम्मत की ताकत का काफिरों को अभी अंदाजा नहीं है,बस ये समझ लीजिए जिक्र आज भी 72 का होता है,लाखों का नहीं

खुमैनी को अमेरिका फांसी पर चढ़ा दे,क्या होगा इससे,सद्दाम को चढ़ाया,गद्दाफी को चढ़ाया,क्या हासिल हुआ,जो धरती एक बार दीन के रंग में रंग गई,उम्मत उसे कभी वापस काफिरों के पास न् जाने देगी,उनके पास न् शहीदों की कमी कभी रही, न् शहादतों की,

ईरानी फिर से क्या पारसी हो जायेंगे, या हिन्दू ही क्या हो सकेंगें,10 लोगों ने मिलकर ईरान में इस्कोन मंदिर चलाया था,आज उससे 40 हजार ईरानी लोग जुड़े हैं,तो बदलाव होगा तो जरूर,लेकिन समय अभी काफी लगेगा,जिद हारेगी और धर्म जीतेगा,ये तो तय है

लेकिन इस लड़ाई को सैन्य शक्ति के बल पर जीतने के ख्वाब देखना मूर्खता ही है अभी | अफगानिस्तान इराक जैसे कई उदहारण मौजूद हैं,ये बदलाव इस्लाम के अंदर से फूटना चाहिये बड़े स्तर पर,बाहर से जल्दबाजी मे कुछ न् उखाड़ सकोगे

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Those who think Iran is abandoning Islam are mistaken. Iran will be the first country to abandon Islam, that's certain, but it will take time. The infidels don't yet understand the power of the Ummah (Muslim community). Just understand that even today, the number 72 is remembered, not millions.

What would happen if America hanged Khomeini? They hanged Saddam, they hanged Gaddafi, what did they gain? Once a land is colored with the faith, the Ummah will never let it fall back into the hands of the infidels. They have never lacked martyrs or those willing to sacrifice their lives.

Will Iranians become Zoroastrians again, or even Hindus? Ten people started an ISKCON temple in Iran, and today 40,000 Iranians are connected to it. So change will definitely come, but it will take a considerable amount of time. Stubbornness will lose, and religion will win, that's for sure.

But dreaming of winning this battle through military power is sheer folly right now. There are many examples like Afghanistan and Iraq. This change must emerge from within Islam on a large scale; you won't be able to achieve anything quickly from the outside.

TRN LIVE: *ईरान में मृतकों के आँकड़े बहुत भयावह हैं—*

याद रखिए *वहाँ कोई RSS नहीं है* वहाँ कोई BJP नहीं है 

*विडम्बना देखिए कि* मुसलमान ही मुसलमान को मार रहे हैं *वो भी इस्लाम के नाम पर*

*फौज बिना देखे-सुने प्रदर्शनकारियों पर गोली बरसा रही है 💥💥🔫*

*हिज्बुल्ला-हमास की* इजरायल ने वो हालत कर दी है कि *वो आज ईरान की मदद करने की हालत में नहीं हैं*

*ईरान के परमाणु ठिकानों का* अमेरिका ने वो हाल कर दिया कि *बाहरी हस्तक्षेप होता है तो ईरान निपटने में सक्षम नहीं है*

TRN LIVE: 🛑

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा - एक दिन वो आयेगा, जब हिंदुस्तान की प्रधानमंत्री बुर्के वाली महिला बैठेगी।

जवाब -- 

मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के सदर जनाब असदुद्दीन ओवैसी से पूछना चाहता हूं कि कई देशों में मुस्लिम महिलाएं प्रधानमंत्री रही हैं आपने उनमें से कितनों को बुर्का पहने देखा है? 

बांग्लादेश में बेगम खालिदा जिया और शेख हसीना दोनों प्रधानमंत्री रहीं, पाकिस्तान में बेनजीर भुट्टो कितनों को बुर्के में देखा? विश्व के सबसे मुस्लिम देश इंडोनेशिया की महिला प्रधानमंत्री मेघावती सुकर्णोपुत्री को बुर्के में देखा? 

मुस्लिम महिलाओं के प्रति जो नजरिया है उसे लेकर ओवैसी जी से पूछना चाहता हूं कि पैगंबर मुहम्मद के खानदान से सीधे उनकी वंशावली में शाह हुसैन और जॉर्डन का शाही परिवार आता है, आपने उन परिवार की कितनी महिलाओं को बुर्के में देखा है? 

ये दर्शाता है कि जो काम दुनिया के बड़े-बड़े मुस्लिम देश नहीं कर रहे हैं, जो काम पैगंबर मुहम्मद के सीधे वंश वाले नहीं कर रहे हैं उसपर सियासत करने के लिए न सिर्फ ओवैसी बल्कि इंडी गठबंधन के तमाम लोग उतारू हैं।

डॉ0 सुधांशु त्रिवेदी जी की X पोस्ट से साभार..

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Asaduddin Owaisi said, "The day will come when a woman wearing a burqa will sit as the Prime Minister of India."

Response:

I want to ask Mr. Asaduddin Owaisi, the President of Majlis-e-Ittehadul Muslimeen, that Muslim women have been Prime Ministers in several countries. How many of them have you seen wearing a burqa?

In Bangladesh, both Begum Khaleda Zia and Sheikh Hasina served as Prime Ministers. In Pakistan, Benazir Bhutto was Prime Minister. How many of them did you see in a burqa? Did you see Megawati Sukarnoputri, the female Prime Minister of Indonesia, the world's most populous Muslim country, wearing a burqa?

Regarding the attitude towards Muslim women, I want to ask Mr. Owaisi: Shah Hussein and the Jordanian royal family are directly descended from the Prophet Muhammad's lineage. How many women from that family have you seen wearing a burqa?

This shows that what the major Muslim countries of the world are not doing, what the direct descendants of the Prophet Muhammad are not doing, Owaisi and all the members of the INDIA alliance are eager to politicize this issue.

(Courtesy of Dr. Sudhanshu Trivedi's X post)

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जो लोग समझ रहे हैं कि ईरान इस्लाम छोड़ रहा है,वे गलतफहमी के शिकार हैं,ईरान इस्लाम छोड़ने वाला पहला देश बनेगा,ये निश्चित है,लेकिन इसमें अभी समय लगेगा,उम्मत की ताकत का काफिरों को अभी अंदाजा नहीं है,बस ये समझ लीजिए जिक्र आज भी 72 का होता है,लाखों का नहीं

खुमैनी को अमेरिका फांसी पर चढ़ा दे,क्या होगा इससे,सद्दाम को चढ़ाया,गद्दाफी को चढ़ाया,क्या हासिल हुआ,जो धरती एक बार दीन के रंग में रंग गई,उम्मत उसे कभी वापस काफिरों के पास न् जाने देगी,उनके पास न् शहीदों की कमी कभी रही, न् शहादतों की,

ईरानी फिर से क्या पारसी हो जायेंगे, या हिन्दू ही क्या हो सकेंगें,10 लोगों ने मिलकर ईरान में इस्कोन मंदिर चलाया था,आज उससे 40 हजार ईरानी लोग जुड़े हैं,तो बदलाव होगा तो जरूर,लेकिन समय अभी काफी लगेगा,जिद हारेगी और धर्म जीतेगा,ये तो तय है

लेकिन इस लड़ाई को सैन्य शक्ति के बल पर जीतने के ख्वाब देखना मूर्खता ही है अभी | अफगानिस्तान इराक जैसे कई उदहारण मौजूद हैं,ये बदलाव इस्लाम के अंदर से फूटना चाहिये बड़े स्तर पर,बाहर से जल्दबाजी मे कुछ न् उखाड़ सकोगे

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Those who think Iran is abandoning Islam are mistaken. Iran will be the first country to abandon Islam, that's certain, but it will take time. The infidels don't yet understand the power of the Ummah (Muslim community). Just understand that even today, the number 72 is remembered, not millions.

What would happen if America hanged Khomeini? They hanged Saddam, they hanged Gaddafi, what did they gain? Once a land is colored with the faith, the Ummah will never let it fall back into the hands of the infidels. They have never lacked martyrs or those willing to sacrifice their lives.

Will Iranians become Zoroastrians again, or even Hindus? Ten people started an ISKCON temple in Iran, and today 40,000 Iranians are connected to it. So change will definitely come, but it will take a considerable amount of time. Stubbornness will lose, and religion will win, that's for sure.

But dreaming of winning this battle through military power is sheer folly right now. There are many examples like Afghanistan and Iraq. This change must emerge from within Islam on a large scale; you won't be able to achieve anything quickly from the outside.

TRN LIVE: मकर संक्रांति आज 

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सनातन संस्कृति का एक अत्यंत पावन और शुभ पर्व है, जो प्रकृति, सूर्य उपासना और मानव जीवन के बीच संतुलन को प्रदर्शित करता है। यह त्यौहार भारत के विभिन्न प्रदेशों में भिन्न-भिन्न नामों से मनाया जाता है। उत्तर भारत में इसे मकर संक्रांति, गुजरात और महाराष्ट्र में उत्तरायण, तमिलनाडु में पोंगल तथा असम में माघ बिहू के नाम से जाना जाता है। नाम चाहे अलग हों, लेकिन इस पर्व का मूल भाव एक ही है, और वह है; सूर्य देव की उपासना और दान-पुण्य करना।

मकर संक्रांति का पर्व सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही मनाया जाता है। यह वह क्षण होता है, जब सूर्य उत्तरायण हो ते हैं और खरमास के बाद शुभ काल आरंभ होता है। धार्मिक दृष्टि से यह समय आत्मशुद्धि और पुण्य अर्जन के लिए अत्यंत श्रेष्ठ माना गया है।

मकर संक्रांति 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त

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वर्ष 2026 में मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को मनाया जाएगा। इस दिन का पुण्य काल दोपहर 03:13 बजे से आरंभ होगा। वहीं महा पुण्य काल दोपहर 03:13 बजे से शाम 04:58 बजे तक रहेगा। शास्त्रों के अनुसार, इस अवधि में किया गया स्नान-दान और पूजा कई गुना पुण्य फल प्रदान करती है। माना जाता है कि इस शुभ काल में दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और साधक के जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।

मकर संक्रांति का धार्मिक महत्व

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मकर संक्रांति का धार्मिक महत्व अत्यंत गहन है। यह पर्व उत्तरायण की शुरुआत का प्रतीक है, जब सूर्य देव दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर अग्रसर होते हैं। उत्तरायण को आध्यात्मिक उन्नति का काल माना गया है। इस समय किए गए जप, तप, दान और पूजा का फल शीघ्र प्राप्त होता है।

शास्त्रों में उल्लेख है कि मकर संक्रांति के दिन गंगा, यमुना, सरस्वती अथवा किसी भी पवित्र जल स्रोत में स्नान करने से मनुष्य के समस्त पापों का क्षय होता है। साथ ही ब्राह्मणों, साधुओं और दीन-दुःखी, निर्धन जरूरतमंद लोगों को दान देने से भगवान सूर्य की विशेष कृपा प्राप्त होती है। 

मकर संक्रांति का पौराणिक महत्व

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मकर संक्रांति का उल्लेख अनेक पौराणिक कथाओं में मिलता है। महाभारत के अनुसार, भीष्म पितामह ने उत्तरायण काल की प्रतीक्षा करते हुए अपने प्राण त्यागे थे। मान्यता है कि उत्तरायण में देह त्याग करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसी कारण इस काल को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।

कृषि प्रधान भारत में मकर संक्रांति का विशेष सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व भी है। यह पर्व नई फसल के स्वागत का प्रतीक है। किसान इस दिन प्रकृति और सूर्य देव का आभार व्यक्त करते हैं। सूर्य देव को जीवन, ऊर्जा, सत्य और तप का प्रतीक माना गया है, इसलिए इस दिन उनकी विशेष आराधना की जाती है।

मकर संक्रांति की पूजा विधि

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मकर संक्रांति के दिन प्रातःकाल शुभ मुहूर्त में उठकर किसी पवित्र नदी या सरोवर में स्नान करें। यदि यह संभव न हो, तो घर पर ही स्नान कर सकते हैं। स्नान करते समय निम्नलिखित मंत्र का उच्चारण करें- 

 गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वति।

नर्मदे सिन्धु कावेरी जलऽस्मिन्सन्निधिं कुरु।।

 

ॐ अपवित्र: पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोपि वा।

य: स्मरेत् पुण्डरीकाक्षं स: बाह्याभंतर: शुचि:।।

 स्नान के पश्चात स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा के लिए तांबे का लोटा लें और उसमें स्वच्छ जल भरें। जल में पुष्प, तिल, गुड़ और रोली मिलाएं। पूर्व दिशा की ओर मुख करके सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें। अर्घ्य देते समय श्रद्धा पूर्वक “ॐ सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करें। इसके पश्चात सूर्य देव को तिल के लड्डू, खिचड़ी और व्यंजन अर्पित करें। सूर्य चालीसा या आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। अंत में भगवान सूर्य को प्रणाम कर परिवार की सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और मंगलमय जीवन की कामना करें।

मकर संक्रांति पर दान का विशेष महत्व

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मकर संक्रांति का पर्व दान-पुण्य के बिना अधूरा माना जाता है। शास्त्रों में कहा गया है कि इस दिन किया गया दान अक्षय फल प्रदान करता है, जिसका पुण्य कभी समाप्त नहीं होता। इस दिन दीन-दुःखी, असहाय और जरूरतमंदों की सेवा करने से भगवान सूर्य अत्यंत प्रसन्न होते हैं।

 अन्न और भोजन का दान : इस दिन अन्नदान का विशेष महत्व है। खिचड़ी का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके साथ ही तिल और गुड़ का दान करने से धन, यश और मान-सम्मान में वृद्धि होती है। इस दिन किसी भूखे व्यक्ति को भोजन कराना मां अन्नपूर्णा की कृपा प्राप्त करने का उत्तम माध्यम माना गया है।

 वस्त्र दान : मकर संक्रांति के अवसर पर वस्त्र दान का भी विशेष महत्व है। गरीबों, वृद्धों और जरूरतमंदों को नए वस्त्र, सर्दी में कंबल या स्वेटर का दान करना पुण्यकारी माना जाता है। ऐसा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सुख-शांति का मार्ग प्रशस्त होता है।

TRN LIVE: ज़ुबैर ने पड़ोस की एक हिंदू महिला को अवैध संबंध में फंसाया; उसकी मदद से उसने बंदूक की नोक पर उसकी बेटी का बलात्कार किया, अश्लील वीडियो बनाए और फिर उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

बेटी ने अपने पिता को धर्मांतरण के दबाव और प्रलोभनों के बारे में बताया।

पीड़िता के पिता की शिकायत पर पुलिस ने ज़ुबैर और पांच अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।

TRN LIVE: छत्रपति शिवाजी महाराज के समय में कभी भी किसी औरत का नाच गाना नहीं हुआ। महिलाओं का हमेशा सम्मान किया जाता था चाहे वह दुश्मन की पत्नी भी क्यों ना हो सभी को अपनी माता और बहन के समान समझा जाता था।

उनका साफ कहना था कि महिलाओं की गरिमा हमेशा बनाए रखनी चाहिए। बेशक वह महिला किसी भी जाति या धर्म से हो क्यों ना हो।

28 फरवरी 1678 में, सुकुजी नामक सरदार ने बेलवाड़ी किले की घेराबंदी की। इस किले की किलेदार एक स्त्री थी।

उसका नाम सावित्रीबाई देसाई था। इस बहादुर महिला ने 27 दिनों तक किले के लिए लड़ाई लड़ी। लेकिन अंत में, सुकुजी ने किले को जीत लिया और सावित्रीबाई से बदला लेने के लिए उसका अपमान किया।

जब राजे ने यह समाचार सुना, तो वह क्रोधित हो गए। राजे के आदेशानुसार सुकुजी की आंखें फोड कर उसे आजीवन कैद कर दिया गया।

24 अक्टूबर 1657 को छत्रपति शिवाजी महाराज के आदेश पर सोनेदेव ने जब कल्याण के किले पर घेराबंदी की और उसको जीत लिया। उस समय मौलाना अहमद की पुत्रवधू यानी औरंगजेब की बहन और शाहजहां की बेटी रोशनआरा जो एक अभूतपूर्व सुंदरी थी। जिसको किले में कैद कर लिया गया उसके बाद सैनिकों ने उस रोशनाआरा को जब छत्रपति शिवाजी महाराज के सामने पेश किया तो छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपने सैनिकों को यह कहा की यह तुम्हारी पहली और आखरी गलती है।

उसके बाद अगर ऐसा अपमानित करने का कार्य किसी भी जाति और धर्म की औरत के साथ किया तो इसकी सजा मौत होगी। फिर एक पालकी सजा कर रोशनआरा को उसके कहने पर उसके महल में भेज दिया गया।

इसी प्रकार से शाइस्ता खान ने सन 1663 ईस्वी में कोंकण को जीतने के लिए अपने सेनापति दिलेर खान के साथ एक ब्राह्मण उदित राज देशमुख की पत्नी राय बाघिन (शेरनी) को भेजा तो छत्रपति शिवाजी महाराज ने राय बाघिन और मुगल दिलेरखान को रात में कोल्हापुर में ही घेर लिया और दिलेरखान अपनी जान बचा कर भाग गया। उस समय राय बाघिन को एक सजी हुई पालकी में बैठा कर वापसी उसके घर भेज दिया था।

TRN LIVE: *जब दूसरा विश्वयुद्ध समाप्त हुआ तो अमेरिका के पास 22000 टन सोना जमा हो चुका था।*

                                                                                                                                                                                                                स्वाभाविक था कि यूरोपीय देशों ने सोना बेचकर उससे हथियार खरीदे थे। युद्ध के बाद वाशिंगटन में सभी देशों की मीटिंग हुई और यही समस्या रखी गयी कि किस मुद्रा में व्यापार करें? क्योंकि ब्रिटिश पाउंड की स्थिति खराब थी। तब अमेरिका ने कहा कि डॉलर में लेन-देन करो।

भारत चीन को डॉलर देगा, चीन चाहे तो इस डॉलर को आगे प्रयोग करे या फिर अमेरिका को देकर सोना ले जाए क्योंकि अमेरिका के पास सोने की कमी नहीं थी। 28 ग्राम सोने के बदले 35 डॉलर का मूल्य तय हुआ। इस तरह सभी देश खुश हो गए और डॉलर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बन गया। अमेरिका पर भी दबाव था कि ज्यादा डॉलर ना छापे अन्यथा उतना गोल्ड कहां से लाएगा?

1960 में सोने के भाव में बढ़ोत्तरी हुई, 28 ग्राम सोना 40 डॉलर तक पहुंच गया। ऐसे में लोग 35 डॉलर में अमेरिका से गोल्ड खरीदते फिर 40 डॉलर में लंदन के गोल्ड एक्सचेंज में बेच देते। उस समय ब्रिटेन को लोन चाहिए था इसलिए अमेरिका ने ब्रिटेन के मुंह में पैसे भरकर यह मार्केट ही बंद करवा दिया। यही कारण है कि आज भी दोनों के रिश्ते अटूट हैं क्योंकि मजबूरी के साथी हैं।

15 अगस्त 1971 को अचानक अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन घोषणा कर देते हैं कि अब से डॉलर के बदले गोल्ड वाली स्कीम ही बंद। यह पूरे विश्व को धोखा दिया गया था, मगर निक्सन को इसकी परवाह नहीं थी। दुनिया का हर देश डॉलर लिये बैठा था वो इसे फाड़ भी नहीं सकता था, उस समय डॉलर को बचाना अमेरिका से ज्यादा दुनिया का सिरदर्द बन गया क्योंकि यदि डॉलर खत्म हो गया तो आपके पास तो विदेशी मुद्रा भंडार ही नहीं बचा।

उसी बीच अरब देशों में तेल निकला, इन अरब देशों में राजपरिवार का शासन था जिन्हे हमेशा क्रांति होने का डर लगा रहता था। अमेरिका ने इन्हें सुरक्षा दी और सुनिश्चित किया कि ये पेट्रो डॉलर में ही तेल बेचें। जाहिर है जब तेल डॉलर में मिलेगा तो अन्य देशों के लिये डॉलर का रिजर्व रखना मजबूरी होगी। जब बैंकिंग सिस्टम उन्नत होने लगा तो अमेरिका ने स्विफ्ट सिस्टम में खुद को आगे किया। ये कुछ ऐसा होता है कि मानो आपको SBI से न्यूजीलैंड के किसी बैंक में पैसे भेजना है तो जरूरी नहीं कि दोनों बैंक एक दूसरे को जानते हों? ऐसे में पहले पैसा अमेरिकन बैंक जाएगा और वहां से न्यूजीलैंड।

जाहिर है डॉलर का रोल यहां भी आएगा। हालांकि इसी स्विफ्ट को चुनौती देने भारत का UPI आया है, अब आप समझ गए होंगे कि राहुल गांधी और पी चिदंबरम इसके विरोध में क्यों थे? वे बेवकूफ नहीं हैं बस हराम में मिले हुए अमेरिकी डॉलर का नमक अदा कर रहे हैं। बेवकूफ तो हम हैं जिन्हें उनकी आवाज में लोकतंत्र दिखाई देता है। खैर डॉलर के डोमिनेशन की कहानी यही है, अमेरिका अरबों-खरबों डॉलर खर्च करता है, ताकि अन्य देशों में राजनीतिक हस्तक्षेप कर सके। अमेरिका के लिये बेहद जरूरी है कि किसी भी देश की सरकार डॉलर का विरोध ना करे। UPI आ गया तो स्विफ्ट को खा जाएगा इसलिए पहले NGO को फंडिंग होती है फिर राहुल गांधी और पी चिदंबरम जैसे लोग UPI के खिलाफ बोलते हैं।

सद्दाम हुसैन करीब 25 वर्ष से इराकी तानाशाह था लेकिन लोकतंत्र की आड़ में उसे तब ही मारा गया जब उसने डॉलर को चुनौती दी। ये हस्तक्षेप करने के लिये अमेरिका को अरबों डॉलर खर्च करने पड़ते हैं, एक इकोसिस्टम बनाना पड़ता है। अब आपको अमेरिका की ये नीति चाहे जैसी भी लगी हो लेकिन उसके अर्थशास्त्रियों की प्रशंसा करनी होंगी। इसमें हमारे लिये भी कुछ सबक है।

आज ट्रम्प है, कल बाइडन थे, परसों ओबामा थे तो नरसों बुश थे। सभी ने अमेरिकी हित में ही निर्णय लिये हैं ना कि भारत के हित में, इसलिए हमें किसी का प्रशंसक होने की जरूरत नहीं है। हमें सिर्फ अपना हित देखना है। भारत सरकार ने अपने प्रयास तेज कर दिये हैं। अरब देशों से संबंध सुधारकर UPI को वहां भी ले जा रहे हैं इसलिए नूपुर शर्मा जैसे केस में थोड़ा झुकना पड़ता है।

यूरोप और ऑस्ट्रेलिया के लिये हमें 1947 वाला विश्वसनीय अमेरिका बनना है इसलिए सीधे किसी भी देश पर मिलिट्री एक्शन लेकर युद्ध के हालात नहीं बना सकते। हर चीज बोलने लिखने की नहीं होती, नागरिको को अपने विवेक का भी प्रयोग करना होगा। आपको समझना होगा कि भारत मोदी युग में अचानक इतना कैसे बदलने लगा? हो सकता है हम सुपर पॉवर ना बन सकें, मगर प्रयास भी ना करें ये कैसे संभव है? इन सबमें समय लगेगा तब तक राहुल गांधी हजारों बार जाति परस्त और उद्योग विरोधी बातों में उलझायेगा। कई राज्यों को मणिपुर बनाने का प्रयास होगा, लेकिन आपको समझना होगा कि ये अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र हैं। इस स्टेज पर आकर हम देश का सौदा नहीं कर सकते। *(PC- CA Rajiv Chandak 9881098027)*

TRN LIVE: *दो-तीन दशक पहले बॉलीवुड इंडस्ट्री मे एक फिल्म समीक्षक हुआ करते थे,नाम था उनका खालिद मोहम्मद। क्या कमाल की समिक्षा किया करते थे। बडे कठोर,निर्मोही समीक्षक थे। टाइम्स ऑफ इन्डिया में उनकी समीक्षा प्रकाशित होती थी फिर वे हिंदुस्तान टाइम्स और डी एन ए के साथ जुड गए।*

पुरी बॉलीवुड इंडस्ट्री उनसे खौफ खाती थी,उस दौर में उनकी समीक्षा पर ही फिल्मो का चलना या ना चलना अधिकांशत निर्भर हुआ करता था। वो भी बिल्कुल इमानदारी से फिल्मों की समीक्षा किया करते थे। बॉलीवुड के पैसे,पार्टी और सितारों की चमक का कोई असर उनकी समीक्षा पर नही पडा करता था।

उनको कई निर्माता-निर्देशकों ने रूपयों का लालच देने का प्रयास किया पर सब बेअसर। आज के फिल्मी समीक्षकों की तरह नही थे कि पैसा अंटी में दबाया और बकवास फिल्म को भी सुपर हीट करार दे दिया मगर उनमे एक कमी थी,खालिद मोहम्मद साहब थोडे बडबोले भी थे।

बॉलीवुड की पार्टियों में एक हाथ में शराब का ग्लास और दूसरे हाथ कि उंगलियों में सिगरेट दबाये, बडी-बडी डींगें हांकते थे कि मैं जिस दिन भी फिल्म बनाऊँगा, "शोले: से ज्यादा हिट होगी। बेहतरीन समीक्षक होने के नाते कुछ लोग उनपर भरोसा भी करते थे कि शायद वे सच कह रहे है तो कुछ लोग उनके दावे को हवाबाजी कह खारिज कर देते थे।

सुना है,एक बार महेश भट्ट के हत्थे चढ गये ? महेश भट्ट ने उनकी हवा हवाई बातों पर उनको चने के झाड पर चढा दिया और एक फिल्म बनाने की चुनौती पेश कर दी। खालिद मोहम्मद साहब भी कहां पीछे हटने वालों में से थे।....उन्होने चुनौती स्वीकार की।

अपना घर गिरवी रख,तब की बडी स्टार करिश्मा कपूर और ऋतिक रोशन को लेकर एक फिल्म बना दी,नाम था "फीजा"! इसके निर्देशक और निर्माता भी खुद ही थे। फिल्म रिलीज होने के पहले इसके सुपर डूपर हिट होने के दावे किये जा रहे थे।

साल 2000 में फिल्म फीजा रिलीज हुई, रिलीज के पहले खालिद साहब ने अपनी इकलौती कार गिरवी रख कर बॉलीवुड को होटेल जुहू सेंटोर में ग्रांड पार्टी दी। अगले दिन बडे धूमधाम से फिल्म रिलीज हुई और तीसरे दिन थियेटर में औंधे मुह गिर गई।

आज का दौर होता तो शायद सुबह रिलीज होती और शाम को उतर भी जाती पर शुकर है,उस वक्त सोशल मिडीया और इलेक्ट्रॉनिक मिडीया का बोलबाला नही था तो तीन दिन फिल्म घसीट गई। फिल्म के पीटने के बाद खालिद मोहम्मद का घर बिक गया,गाडी बिक गई और वह महान फिल्म समीक्षक होने का दावा करने वाला शख्स रातों-रात सडक पर आ गया।

उनकी मुफलिसी और तंगहाली पर मशहूर निर्देशक श्याम बेनेगल को दया आ गई,उन्होने खालिद मोहम्मद को एक फिल्म लिखने के लिए कहा,वह फिल्म थी " जुबैदा" (2001)! यह फिल्म तो बॉक्स ऑफिस से पहले दिन ही उतर गई और "हम तो डूबेगे सनम,तुम्हे भी ले डूबेगे" की तर्ज पर खालिद साहब तो श्याम बेनेगल को भी ले डूबे!

तब का दिन है और आज का दिन खालिद मोहम्मद की कही कोई फिल्मी समीक्षा नही छपती। खुद को महान समीक्षक होने का दावा करने वाला शख्स गुमनामी के अंधेरे में कही खो गया। जिंदा है पर अब सामने नही आता! जैसे तैसे अब किताब लिखकर अपना खर्च चलाते है।

*इसी तरह एक थे,प्रशांत किशोर! राजनीतिक गोटी फीट करने के माहिर खिलाड़ी। चौदह चुनाव जीत वाने का दावा करते थे लेकिन जब बिहार में खुद की बारी आयी तो सीट के नाम पर क्या मिला ?....वही जो हम चर्च में बजाते है.......घंटा…. *(PC- CA Rajiv Chandak 9881098027)*

TRN LIVE: छत्रपति शिवाजी महाराज के समय में कभी भी किसी औरत का नाच गाना नहीं हुआ। महिलाओं का हमेशा सम्मान किया जाता था चाहे वह दुश्मन की पत्नी भी क्यों ना हो सभी को अपनी माता और बहन के समान समझा जाता था।

उनका साफ कहना था कि महिलाओं की गरिमा हमेशा बनाए रखनी चाहिए। बेशक वह महिला किसी भी जाति या धर्म से हो क्यों ना हो।

28 फरवरी 1678 में, सुकुजी नामक सरदार ने बेलवाड़ी किले की घेराबंदी की। इस किले की किलेदार एक स्त्री थी।

उसका नाम सावित्रीबाई देसाई था। इस बहादुर महिला ने 27 दिनों तक किले के लिए लड़ाई लड़ी। लेकिन अंत में, सुकुजी ने किले को जीत लिया और सावित्रीबाई से बदला लेने के लिए उसका अपमान किया।

जब राजे ने यह समाचार सुना, तो वह क्रोधित हो गए। राजे के आदेशानुसार सुकुजी की आंखें फोड कर उसे आजीवन कैद कर दिया गया।

24 अक्टूबर 1657 को छत्रपति शिवाजी महाराज के आदेश पर सोनेदेव ने जब कल्याण के किले पर घेराबंदी की और उसको जीत लिया। उस समय मौलाना अहमद की पुत्रवधू यानी औरंगजेब की बहन और शाहजहां की बेटी रोशनआरा जो एक अभूतपूर्व सुंदरी थी। जिसको किले में कैद कर लिया गया उसके बाद सैनिकों ने उस रोशनाआरा को जब छत्रपति शिवाजी महाराज के सामने पेश किया तो छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपने सैनिकों को यह कहा की यह तुम्हारी पहली और आखरी गलती है।

उसके बाद अगर ऐसा अपमानित करने का कार्य किसी भी जाति और धर्म की औरत के साथ किया तो इसकी सजा मौत होगी। फिर एक पालकी सजा कर रोशनआरा को उसके कहने पर उसके महल में भेज दिया गया।

इसी प्रकार से शाइस्ता खान ने सन 1663 ईस्वी में कोंकण को जीतने के लिए अपने सेनापति दिलेर खान के साथ एक ब्राह्मण उदित राज देशमुख की पत्नी राय बाघिन (शेरनी) को भेजा तो छत्रपति शिवाजी महाराज ने राय बाघिन और मुगल दिलेरखान को रात में कोल्हापुर में ही घेर लिया और दिलेरखान अपनी जान बचा कर भाग गया। उस समय राय बाघिन को एक सजी हुई पालकी में बैठा कर वापसी उसके घर भेज दिया था।

TRN LIVE: ‌🌞 *श्री गणेसहाय नमः‌*🌞 

*पुण्य लाभ के लिए इस पंचांग को‌ औरों को भी अवश्य भेजिए🙏🏻🙏🏻*

🌤️ *दिनांक - 14 जनवरी 2026*

🌤️ *दिन - बुधवार*

🌤️ *विक्रम संवत 2082*

🌤️ *शक संवत -1947*

🌤️ *अयन - उत्तरायण* 

🌤️ *ऋतु - शिशिर ॠतु* 

🌤️ *मास - माघ (गुजरात- महाराष्ट्र पौष)*

🌤️ *पक्ष - कृष्ण* 

🌤️ *तिथि - एकादशी शाम 05:52 तक तत्पश्चात द्वादशी*

🌤️ *नक्षत्र - अनुराधा 15 जनवरी रात्रि 03:03 तक तत्पश्चात ज्येष्ठा*

🌤️ *योग - गण्ड शाम 07:56 तक तत्पश्चात वृद्धि*

🌤️ *राहुकाल - दोपहर 12:48 से दोपहर 02:10 तक*

🌤️ *सूर्योदय - 07:19*

🌤️ *सूर्यास्त - 06:15*

👉 *दिशाशूल - उत्तर दिशा मे*

🚩 *व्रत पर्व विवरण- षटतिला एकादशी,मकर संक्रांति* (*पुण्यकाल:दोपहर 03:13 से सूर्यास्त तक),धनुर्मास समाप्त पोंगल* 

💥 *विशेष - हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l  राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।*

💥 *आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l*

💥 *एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।*

💥 *एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।*

💥 *जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।*

             🚩 ~*सनातन पंचांग* ~ 🚩

🌷 *षट्तिला एकादशी* 🌷

➡️ *13 जनवरी 2026 मंगलवार को शाम 03:17 से 14 जनवरी, बुधवार को शाम 05:52 तक एकादशी है।*

💥 *विशेष - 14 जनवरी, बुधवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखे।*

🙏🏻 *इस दिन मुख्य रूप से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, इस दिन तिल का उपयोग 6 कामों में करने का विधान है। ये 6 काम इस प्रकार हैं-*

 🌷 *तिलस्नायी तिलोद्वार्ती तिलहोमी तिलोद्की।*

*तिलभुक् तिलदाता च षट्तिला: पापनाशना:।।*

 🙏🏻 *अर्थात- इस दिन तिलों के जल से स्नान, तिल का उबटन, तिल से हवन, तिल मिले जल को पीने, तिल का भोजन तथा तिल का दान करने से समस्त पापों का नाश हो जाता है।* 

👉🏻 *तिल का इन 6 कामों में करें उपयोग, होंगे ये फायदे*

1⃣ *तिल मिले जल से स्नान*

*ठंड के मौसम में त्वचा रुखी हो जाती है। तिल मिले पानी से स्नान करने से त्वचा चमकदार व कोमल हो जाती है।*

2⃣ *तिल का उबटन*

*तिल का उबटन लगाने से त्वचा संबंधी रोग अपने आप ही समाप्त हो जाते हैं।*

3⃣ *तिल मिला जल पीना*

*तिल मिला पानी पीने से पाचन तंत्र व्यवस्थित होता है। अनिद्रा में भी राहत मिलती है।*

4⃣ *तिल का भोजन*

*ठंड के मौसम में तिल से बनी चीजें खाने से शरीर को पर्याप्त गर्मी व ऊर्जा मिलती है।*

5⃣ *तिल का दान*

*तिल का दान करने से पापों का नाश होता है और भगवान विष्णु अपने भक्त पर प्रसन्न होते हैं।*

6⃣ *तिल का हवन*

*तिल का हवन करने पर वायुमंडल सुगंधित होता हैं।*

💥 *विशेष - सूर्यास्त के बाद कोई भी तिलयुक्त पदार्थ नहीं खाना चाहिए।(मनु स्मृतिः 4.75)*

             🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩

🌷 *उत्तरायण / सूर्य मंत्र* 🌷

🙏🏻 *इसका जप करें । वो ब्रह्मवेत्ता महाव्याधि और भय, दरिद्रता और पाप से मुक्त हो जाता है ।*

🌞 *सूर्य देव का मूल मंत्र है --*

🌷 *ॐ ह्रां ह्रीं सः सूर्याय नमः ।*

🙏🏻 *ये पद्म पुराण में आता है ....*

🌞 *सूर्य नमस्कार करने से ओज, तेज और बुद्धि की बढोत्तरी होती है |*

🌷 *ॐ सूर्याय नमः ।*

🌷 *ॐ रवये नमः ।*

🌷 *ॐ भानवे नमः ।*

🌷 *ॐ खगाय नमः ।*

🌷 *ॐ अर्काय नमः ।*

🙏🏻 *सूर्य नमस्कार करने से आदमी ओजस्वी, तेजस्वी और बलवान बनता है इसमें प्राणायाम भी हो जाते हैं ।*

💥 *विशेष -14 जनवरी 2026 बुधवार को मकर संक्रांति (पुण्यकाल : दोपहर 03:13 से सूर्यास्त तक ) है ।*

           🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩

🌷 *मकर संक्रांति* 🌷

🌷 *नारद पुराण के अनुसार*

*“मकरस्थे रवौ गङ्गा यत्र कुत्रावगाहिता । पुनाति स्नानपानाद्यैर्नयन्तीन्द्रपुरं जगत् ।।”*

🌞 *सूर्य के मकर राशिपर रहते समय जहाँ कहीं भी गंगा में स्नान किया जाय , वह स्नान आदि के द्वारा सम्पूर्ण जगत्‌‍ को पवित्र करती और अन्त में इन्द्रलोक पहुँचाती है।* 

🌷 *पद्मपुराण के सृष्टि खंड अनुसार मकर संक्रांति के दिन स्नान जो स्नान नही करता है तो सात जन्मो तक दरिद्रता उसका पीछा नही छोडती है इसलिए संक्रांति के दिन सूर्योदय से पहले स्नान जरूर करना चाहिए। इससे दस हजार गोदान का फल प्राप्त होता है। उस समय किया हुआ तर्पण, दान और देवपूजन अक्षय होता है।*

🌷 *गरुड़पुराण के अनुसार मकर संक्रान्ति, चन्द्रग्रहण एवं सूर्यग्रहण के अवसर पर गयातीर्थ में जाकर पिंडदान करना तीनों लोकों में दुर्लभ है।* 

👉🏻 *मकर संक्रांति के दिन लक्ष्मी प्राप्ति व रोग नाश के लिए गोरस (दूध, दही, घी) से भगवान सूर्य, विपत्ति तथा शत्रु नाश के लिए तिल-गुड़ से भगवान शिव, यश- सम्मान एवं ज्ञान, विद्या आदि प्राप्ति के लिए वस्त्र से देवगुरु बृहस्पति की पूजा महापुण्यकाल / पुण्यकाल में करनी चाहिए।*

👉🏻 *मकर संक्रांति के दिन तिल (सफ़ेद तथा काले दोनों) का प्रयोग तथा तिल का दान विशेष लाभकारी है। विशेषतः तिल तथा गुड़ से बने मीठे पदार्थ जैसे की रेवड़ी, गजक आदि। सुबह नहाने वाले जल में भी तिल मिला लेने चाहिए।*

🌷 *विष्णु पुराण, द्वितीयांशः अध्यायः 8 के अनुसार*

*कर्कटावस्थिते भानौ दक्षिणायनमुच्यते । उत्तरायणम्प्युक्तं मकरस्थे दिवाकरे ।।*

🌞 *सूर्य के ‪‎कर्क‬ राशि में उपस्थित होने पर ‪‎दक्षिणायन‬ कहा जाता है और उसके ‪मकर ‬राशि पर आने से ‪उत्तरायण‬ कहलाता है ॥*

🌷 *धर्मसिन्धु के अनुसार*

*तिलतैलेन दीपाश्च देया: शिवगृहे शुभा:। सतिलैस्तण्डुलैर्देवं पूजयेद्विधिवद् द्विजम्।। तस्यां कृष्ण तिलै: स्नानं कार्ये चोद्वर्त्नम तिलै: . तिला देवाश्च होतव्या भक्ष्याश्चैवोत्तरायणे*

👉🏻 *उत्तरायण के दिन तिलों के तेल के दीपक से शिवमंदिर में प्रकाश करना चाहिए , तिलों सहित चावलों से विधिपूर्वक शिव पूजन करना चाहिए. ये भी बताया है की उत्तरायण में तिलों से उबटन, काले तिलों से स्नान, तिलों का दान, होम तथा भक्षण करना चाहिए .*

🌞 *अत्र शंभौ घृताभिषेको महाफलः . वस्त्रदानं महाफलं*

👉🏻 *मकर संक्रांति के दिन महादेव जी को घृत से अभिषेक (स्नान) कराने से महाफल होता है . गरीबों को वस्त्रदान से महाफल होता है .*

🌞 *अत्र क्षीरेण भास्करं स्नानपयेव्सूर्यलोकप्राप्तिः*

👉🏻 *इस संक्रांति को दूध से सूर्य को स्नान करावै तो सूर्यलोक की प्राप्ति होती है .*

🌷 *नारद पुराण के अनुसार “क्षीराद्यैः स्नापयेद्यस्तु रविसंक्रमणे हरिम् । स वसेद्विष्णुसदने त्रिसप्तपुरुषैः सह ।।”*

🌞 *जो सूर्यकी संक्रान्तिके दिन दूध आदिसे श्रीहरिको नहलाता है , वह इक्कीस पीढ़ियोंके साथ विष्णुलोक में वास करता है।*

📖 *सनातन पंचांग संपादक ~ अंजनी निलेश ठक्कर*

📒 *सनातन पंचांग प्रकाशित स्थल ~ सुरत शहर (गुजरात)*

           🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩

                   आज का राशिफल

                  🐐🐂💏💮🐅👩

                

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मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)

आज का दिन उतार चढ़ाव से भरा रहेगा मन मे बड़ी बड़ी योजनाए चलेंगी लेकिन परिस्थितियां इनको साकार रूप देने में बाधक बनेगी। साहस पराक्रम से भरे रहेंगे लेकिन जिस भी कार्य मे हाथ डालेंगे उसमे किसी अन्य व्यक्ति का सहयोग ना मिलने से पूरा नही कर पाएंगे। मध्यान के समय काल्पनिक दुनिया की सैर करेंगे ख्यालो में समय खराब करने से बेहतर कुछ ना कुछ कर्म करते रहे आने वाले दिन में स्थिति बदलने से अवश्य ही धन कमा सकेंगे अगर आज हाथ पर हाथ रख बैठे रहे तो कल का दिन भी आज की ही भांति व्यर्थ जाएगा। घर का माहौल छूट पुट बहस को छोड़ सामान्य बना रहेगा किसी आवश्यक कार्य को आज भी टालने पर परिजनों से बहस होगी। संचित कोष में कमी आएगी। धार्मिक क्षेत्र की यात्रा करेंगे। स्वास्थ्य लगभग ठीक रहेगा।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)

आज के दिन आप प्रतिकूल परिस्थिति में भी स्वयं को शान्त रखने का प्रयास करेंगे लेकिन महात्त्वकांक्षाये आज बढ़ी हुई रहेंगी आवश्यकता पूर्ति आसानी से हो जाएगी लेकिन संतोष नही होगा ज्यादा पाने के चक्कर मे अनैतिक मार्ग भी अपना सकते है। कार्य क्षेत्र पर आपके विचार पल पल में बदलने से सहकर्मी गुस्से में रहेंगे धन की आमद कही न कही से अवश्य होगी परन्तु हाथ खुला रहने के कारण बचत करने में परेशानी आएगी। संध्या के समय सावधान रहे छोटी मजाक की बात अथवा आवश्यकता से अधिक बोलने पर किसी से झगड़ा होने की संभावना है। घर के सदस्य आज आपकी बातों पर जल्दी से यकीन नही करेंगे ठंड के कारण सेहत में नरमी बनेगी 

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)

आज आप जान बूझ कर व्यर्थ के झंझट मोल लेंगे। दिन के पूर्वार्ध में ही कोई अप्रिय घटना घटने से या अशुभ समाचार मिलने से परेशान रहेंगे कार्य क्षेत्र पर मेहनत करने के बाद भी लाभ की उम्मीद नही दिखेगी उल्टे खर्च अनियंत्रित होने से जमा पूंजी में कमी आएगी। पुराने उधार को लेकर किसी से कहासुनी होने की संभावना है लेकिन आज भी उधार लेने की आवश्यकता पड़ेगी संभव हो तो आज टाले अन्यथा चुकाना भारी पड़ेगा। आज जल्दी से कोई सहायता करने के लिये तैयार नही होगा जिससे मन राग द्वेष से भरा रहेगा। घर के सदस्य कुछ मामलों में सहयोग करेंगे पर कही कही जिद पर अड़ने से कार्य हानि होगी। धन की आमद ना के बराबर रहेगी। मूत्र अथवा पेट संबंधित समस्या रहेगी।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)

आज के दिन आपकी दिनचर्या पिछले दिनों की अपेक्षा बेहतर रहेगी। दिन के आरंभ में कार्यो के गलत दिशा लेने से गुस्सा आएगा लेकिन स्वतः ही ठीक हो जाएंगे। कई दिनों से जिस कार्य मे लगे है उसकी सफलता के नजदीक पहुचने से उत्साहित होंगे परन्तु आज पूर्ण सफलता संदिग्ध ही रहेगी निष्ठा से लगे रहे निकट भविष्य में धन और सम्मान दोनो मिलने वाले है। नौकरी पेशाओ पर अधिकारियों का भरोसा बढ़ने से अपनी अनैतिक मांगे मनवाने की तिकडम लगाएंगे परिस्थिति अनुसार इसमे आज नही तो कल सफलता मिल जाएगी। आज धन की आमद होते होते कई व्यवधान आएंगे फिर भी खर्च लायक मिल जाएगी। परिवार में मौसमी बीमारी के प्रकोप के कारण परिजन दैनिक कार्यो के लिये एक दूसरे पर आश्रित रहेंगे जिससे थोड़ी अव्यवस्था फैलेगी।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)

आज के दिन अपने काम से काम रखना बेहतर रहेगा। दिन भर क्रोध और कलह के प्रसंग बनते रहेंगे। कार्य क्षेत्र पर आज परिश्रम अधिक करना पड़ेगा फिर भी लोगो को आपका काम पसंद नही आएगा लोग अपना काम छोड़ आपके कार्य मे टांग अडायेंगे जिससे पहले से ही परेशान दिमाग और ज्यादा चिड़चिड़ा होगा। अधिकारी वर्ग भी बात-बात पर मीन मेख निकालेंगे। धन लाभ के लिये भी आज दिन विषम रहेगा छोटी मोटी आय बनाने के लिये भी तरसना पड़ेगा। घर मे भी आज किसी न किसी से कहा सुनी होगी महिलाए शकि मिजाज रहने पर बात बात में खोट देखेंगी बेतुकी बातो से बचे अन्यथा बाद में पछताना पड़ेगा। सेहत भी आज नरम-गर्म रहेगी।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)

आज के दिन आपको व्यवसाय से आर्थिक लाभ पाने के लिये बड़ी जोड़ तोड़ करनी पड़ेगी फिर भी आशाजनक ना होने से मन मे नकारत्मक भाव आएंगे। धन की कमी रहने पर भी आपकी जीवनशैली धनाढ्यों जैसी रहेगी सार्वजनिक क्षेत्र पर आडंबर युक्त दिनचर्या के कारण मान सम्मान मिलेगा। आज किसी दो पक्षो के झगड़े को सुलझाने के लिये मध्यस्थता करनी पड़ेगी इससे बचने का प्रयास करें अति आवश्यक होने पर पक्षपात से बचे अन्यथा बैठे बिठाये दुश्मनी होगी। मध्यान के समय कार्य क्षेत्र पर व्यवसाय मंदा रहेगा फिर भी किसी वादे के पूरे होने पर बैठे बिठाये धन लाभ हो जाएगा। घर मे सुख शांति रहेगी बड़े परिजन आपकी प्रसंशा करेंगे। स्वास्थ्य में कुछ नरमी रहेगी लेकिन अनदेखी करेंगे।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)

आज आपके मन मे काफी उलझने रहेंगी कार्य क्षेत्र और घर मे तालमेल बैठाना प्राथमिकता रहेगी एक काम को करने पर दूसरे में विलंब होगा फिर भी मध्यान तक स्थिति को संभाल लेंगे। धन एवं व्यवसाय को लेकर मध्यान तक चिंतित रहेंगे बौखलाहट में कुछ उटपटांग हरकत करने से बचे अन्यथा बाद में स्वयं के लिये नई मुसीबत बढ़ाएंगे। संध्या के आस पास किसी की सहायता से जरूरत की पूर्ति हो जाएगी। घर के बुजुर्ग सामने से बुराई करेंगे जिससे संबंधों में कड़वाहट आ सकती है लेकिन आपके पीछे से आपकी बड़ाई ही करेंगे इसका ध्यान भी रखें। परिस्थिति के अनुसार स्वयं को ढाल लेने से स्त्री संतानों को लेकर आज जरूर संतोष होगा। यात्रा की योजना बनेगी आज की जगह कल करना बेहतर रहेगा। सर्दी जुखाम की शिकायत हो सकती है।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)

आज का दिन आपके लिये कामना पूर्ति वाला रहेगा। स्वयंजन एवं सहकर्मियों से विवेकी व्यवहार रखें अन्यथा इच्छाओं पर पानी फेरते समय नही लगाएंगे। व्यवसायी वर्ग को आज आकस्मिक धन मिलने की सम्भवना है लेकिन पहले दिमागी कसरत भी करनी पड़ेगी इससे घबराए ना धन और सम्मान दोनो मिलेंगे। नौकरी पेशाओ को भी आज अतिरिक्त आय बनाने के अवसर मिलेंगे लेकिन ज्यादा प्रलोभन में ना पढ़ें अन्यथा हानि के साथ किसी से कहा सुनी भी हो सकती है। सहकर्मियो का पूरा ख्याल रखेंगे आज आपसे प्रसन्न रहेंगे जिससे कार्य समय पर पूर्ण कर लेंगे। घर की स्थिति सुख दायक रहेगी परिजनों का स्नेह मिलने से थकान भूल जाएंगे। आरोग्य भी बना रहेगा।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)

आज के दिन आपको प्रत्येक कार्य मे सावधानी बरतें की आवश्यकता हैं। पूर्व में बनाई योजना अथवा गतिशील कार्यो में नुकसान होने की प्रबल संभावना है। आज पहले अधूरे कार्यो को पूर्ण करें उसके बाद ही नया कार्य आरंभ करें अन्यथा दोनो ही अधूरे रहने से लोगो की खरी-खोटी सुनने को मिलेगी साथ ही धन लाभ की कामना पर भी पानी फिर जाएगा। नौकरी पेशाओ को अतिरिक्त कार्य मिलने से बेमन से करने पर बड़ी गलती होने की संभावना है इसमे सुधार कर लेंगे पर अतिरिक्त परिश्रम करना पड़ेगा। धन की आमद कम व्यर्थ के खर्च या हानि होने से आर्थिक संतुलन नही बन पाएगा। घर का माहौल आपके विपरीत व्यवहार से उदासीन बनेगा। सेहत भी कुछ विकार युक्त रहेगी।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)

आज का दिन भी सामाजिक क्षेत्र से मान-सम्मान दिलायेगा। स्वभाव अनुसार आज भी क्रोध में रहेंगे लेकिन गुस्सा केवल कमजोरी पर ही उतरेगा। कार्य क्षेत्र पर आज व्यवसाय स्थिर रहेगा उधारी के व्यवहार अधिक परेशान करेंगे किसी से पैसे को लेकर कीच कीच भी होगी फिर भी मामला जल्द ही सुलझ जाएगा लेकिन धन की आमद के लिये संध्या तक इंतजार करना पड़ेगा फिर भी आशाजनक नही होगा। घर मे आपका कड़वा व्यवहार रहने से परिजन दूरी बना कर रखेंगे महिलाए भी व्यर्थ की बातों पर क्रोध कर घर का वातावरण खराब करेंगी। संतान घर का वातावरण शांत बनाने में सहयोग करेंगी। यात्रा के योग बन रहे है आज करना लाभदायक रहेगा लेकिन अधिक बोलने से बचे। शारीरिक कमजोरी बन सकती है।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)

आज के दिन परिस्थितियां आपके लिये मार्ग बनाने वाली रहेंगी लेकिन स्वभाव में गरमी रहने से बनते कामो को स्वयं ही बिगाड़ेंगे। दिन के आरंभ में मन शांत रहेगा लेकिन मध्यान के समय किसी काम में विलंब होने से क्रोध आएगा सहकर्मी पर बिना बात बिगड़ना परेशानी में डाल सकता है धैर्य से काम करे तो कुछ ना कुछ धनलाभ अवश्य मिलेगा। जमीन जायदाद संबंधित कार्य आज करना शुभ रहेगा आकस्मिक लाभ के साथ भविष्य के लिये भी रोजगार मिलेगा। घरेलू वातावरण में नोकझोंक लगी रहेगी खास कर पिता का जिद्दी स्वभाव कामना पूर्ति में बाधा डालेगा। संध्या के समय दुविधा में रहेंगे किसी और कि गलती भोगने पर भाग्य को दोष देंगे। सेहत में भी गड़बड़ आने लगेगी।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)

आज का दिन सुख शांति दायक रहेगा दिन के पूर्वार्ध से ही मजाकिया व्यवहार से घर का वातावरण खुशनुमा बनाएंगे लेकिन बोलने में शब्दों का चयन ठीक ना होने से किसी से नाराजगी भी हो सकती है। कार्य व्यवसाय में आज परिश्रम अधिक करना पड़ेगा फिर भी उसके अनुकूल लाभ नही मिलने से थोड़ी निराशा होगी लेकिन विवेक भी रहने से आगे के लिये अधिक बेहतर करने का प्रयास करेंगे। आज की गई मेहनत खाली नही जाएगी आज नहीं तो कल अवश्य ही धन लाभ होगा। जोखिम वाले कार्यो में निवेश करने से ना डरे भविष्य में अधिक होकर ही मिलेगा। संध्या के समय मन अनैतिक कार्यो में भटकेगा व्यसन पर खर्च होगा। सेहत में भी रात्रि के समय कमी आएगी।

      〰️〰️🙏राधे राधे🙏〰️〰️

      🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

 🙏🍀🌻🌹🌸💐🌹🍁🌷🙏

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 राधे-----------------------------राधे

TRN LIVE: 🤔 *जिसकी जितनी ज्यादा जनसंख्या उतने ही ज्यादा वोट* 

 *हमारी सरकार को इस गंभीर साज़िश पर जरूर चिंतन और मनन करना होगा, जनसंख्या नियंत्रण कानून बहुत जरूरी है* ,

 *अगर चूक हुई तो मुसलमानो की जनसंख्या जिहाद से देश का इस्लामिक मुल्क बनना तकरीबन तय है*

 *उसके बाद क्या होगा कुछ नहीं होगा हिन्दू अपने ही देश मे शरणार्थी बनेगे और हमारी माँ बहन और बेटियों की ऐसी तैसी होगी* 

 *पोस्ट हल्के मे ना ले* 👆

TRN LIVE: औरत के जिस्म की भूंख इंसान को नरपशु बना देती है...... नारी सम्मान और अधिकार का झंडा बुलंद करने वाले पुरुषो की यही कहानी है...

तस्वीरों में दिख रहे चारो पुरुषो को आप जानते तो होंगे..मगर इनकी सच्चाई बहुत कम लोग जानते है। इनमे से 2 पुरुष तो नर्कवासी हो चुके है।

1)राजेन्द्र यादव--- पहले नम्बर पर जो चशमुद्दीन आपको दिख रहे है वो है हंस पत्रिका के पूर्व संपादक नर्कवासी राजेन्द्र यादव... हमेशा नारी सम्मान में लेख लिखने वाले, कसीदे पढ़ने वाले ये जनाब कुछ सालों पहले नर्कवासी हो गए थे और लगभग 80 की उम्र में अपनी एक 28 साल की "शिष्या" के साथ कामक्रीड़ा करते हुए पकड़े गए थे....शिष्या ने इन पर रेप का आरोप लगाने की कोशिश भी की थी...मीडिया ने हमेशा इनको "महापुरुष" के रूप में पेश किया.....बाकी आप समझ जाइए की ये क्या थे....

2)आनंद प्रधान----दूसरे नम्बर पर थोड़े यंग दिख रहे चशमुद्दीन है प्रोफेसर आनंद प्रधान....JNU में प्रोफेसर के पद पर काबिज आनंद प्रधान एक वामपंथी विचारधारा वाले व्यक्ति है । ये अभी ज़िंदा है।।और इनकी ही पत्नी अमृता जो ndtv की पत्रकार थी, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के साथ भाग गई...lol... रंजना कुमारी इसी आनंद प्रधान की बहन है जो सूर्पनखा के नाम से विख्यात है ... 

3)अभय दुबे--- वामपंथी विचारधारा वाला ये टकलू पत्रकार अक्सर ndtv में आपको दिखाई देता होगा। बहस करने और कुतर्क करने में इसे महारथ हासिल है।।इसकी पत्नी भी किसी और के साथ....... ....बाकी आप समझदार है...

4) खुर्शीद अनवर--- सबसे आखिरी में गुलाबी रंग के कुर्ते में दिख रहे शख्स है खुर्शीद अनवर... इन्होंने तो सारी उम्र स्त्री जाति की सेवा में लगा दी... दिल्ली गैंग रेप के खिलाफ हुए विरोध में इन्होंने खूब बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया.... और इनको खुद के पुरुष होने पर अफसोस भी था... और अचानक इन्होंने एक दिन अपने घर की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली.... इन पर भी इनकी एक छैल छबीली शिष्या ने रेप के आरोप लगाए थे.... 

तो मित्रो ऐसे बहुत से उदाहरण है।। ये चार तो मात्र ट्रेलर है।।पूरी फिल्म बहुत बड़ी है। और इत्तिफाक से ये चारों वामपंथी है।। मतलब नारी सम्मान और नारी अधिकार का झंडा बुलंद कीजिये और . .... आपको औरतो की कमी महसूस न होगी।

एक यक्ष प्रश्न ये भी है कि "इन लोगो के पास जाने वाली औरते किस character की होती होंगी""

अपना दिमाग चलाइये। इन निम्न स्तरीय लेखकों,पत्रकारों, विचारकों की बातो में पड़कर खुद का ब्रेन वाश मत कीजिये.... ये मीडियाछाप लोग है। B ग्रेड......

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Admin तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला