Dog Meat: इन देशों में खाया जाता है कुत्तों का मांस, जानें कितना है इसमें रेबिज का खतरा?
Dog Meat: कुत्ते का मांस खाना दुनिया भर में एक सेंसिटिव और काफी ज्यादा विवादित टॉपिक बना हुआ है. हालांकि कई देशों में यह बैन है या फिर सामाजिक रूप से गलत माना जाता है. लेकिन एशिया और अफ्रीका के कुछ इलाकों में यह कल्चरल या फिर पारंपरिक प्रैक्टिस के तौर पर जारी है. हालांकि हेल्थ एक्सपर्ट्स चेतावनी देते हैं कि कुत्ते का मांस का व्यापार और उसे बनाने में गंभीर रिस्क होते हैं. खासकर रेबीज फैलने का रिस्क. आइए जानते हैं कि किन देशों में कुत्ते का मांस खाया जाता है.
वे देश जहां कुत्ते का मांस खाया जाता है
कुत्ते का मांस मुख्य रूप से एशिया और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में खाया जाता है. चीन में कुत्ते का मांस ऐतिहासिक रूप से क्षेत्रीय खाने का हिस्सा रहा है. हालांकि अब लोगों का नजरिया बदल रहा है और युवा पीढ़ी इस प्रैक्टिस का तेजी से विरोध कर रही है. इसी के साथ वियतनाम के भी कुछ इलाकों में अभी भी कुत्ते का मांस खाया जाता है. यहां कभी-कभी इसे एक पारंपरिक डिश के रूप में भी देखा जाता है. यहां लोगों का मानना है कि यह ताकत या फिर हेल्थ बेनिफिट्स देता है.
इसी के साथ साउथ कोरिया और नॉर्थ कोरिया में भी कुत्ते के मांस का इस्तेमाल किया जाता है. इतना ही नहीं बल्कि इंडोनेशिया में भी कुत्ते का मांस कुछ खास कम्युनिटी में साकसांग जैसी कुछ पारंपरिक डिश में होता है. इसके अलावा अफ्रीका के कुछ हिस्सों में कुत्ते का मांस खाया जाता है. इसमें नाइजीरिया और घाना शामिल है. यहां ऐसा माना जाता है कि इससे इम्युनिटी बढ़ती है.
कंबोडिया, लाओस, फिलिपींस और स्विट्जरलैंड के कुछ हिस्सों में भी सीमित मात्रा में इसके सेवन की रिपोर्ट मिली हैं. हालांकि यह इन जगहों पर आम नहीं है.
रेबीज एक गंभीर चिंता का विषय क्यों?
कुत्ते का मांस खाने से जुड़ा सबसे बड़ा हेल्थ रिस्क रेबीज है. हालांकि यह खतरा मुख्य रूप से ठीक से पका हुआ मांस खाने से नहीं होता है. यह इसे संभालने और तैयार करने से होता है. रेबीज एक वायरस बीमारी है जो इनफेक्टेड जानवरों की लार और नर्वस सिस्टम में पाई जाती है. जब इनफेक्टेड कुत्तों को काटा जाता है या प्रोसेस किया जाता है तो वायरस काटने, खरोंचने या म्यूकस मेंब्रेन के संपर्क में आने से फैल सकता है.
कसाई और हैंडलर को सबसे ज्यादा खतरा
कुत्तों को काटने और संभालने वाले लोगों को सबसे ज्यादा खतरा होता है. अगर किसी इनफेक्टेड जानवर की लार या फिर नर्वस टिशु खुले घाव के संपर्क में आता है तो वायरस ब्लडस्ट्रीम में जा सकता है. वियतनाम में हुई एक स्टडी से पता चलता है कि काटे गए कुत्तों में से कुछ प्रतिशत रैबीज से इनफेक्टेड थे. बिना प्रोटेक्टिव ग्लव्स और सही हाइजीन के यह फैलने के लिए बहुत ज्यादा रिस्क वाला माहौल बनाता है.
रेबीज वायरस आमतौर पर अच्छी तरह पकाने से खत्म हो जाता है. हालांकि तैयारी के दौरान अगर कोई कच्चा मीट छूने के बाद अपनी आंख, नाक या मुंह को छूता होता है तो रिस्क होता है. अधपका मीट रेबीज के अलावा दूसरे इन्फेक्शन का भी रिस्क बढ़ा सकता है.
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