Shortest Flight: इस देश में उड़ती है सबसे छोटी फ्लाइट, जानें इतने कम समम के लिए क्यों भरी जाती है उड़ान

Feb 16, 2026 - 09:07
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Shortest Flight: इस देश में उड़ती है सबसे छोटी फ्लाइट, जानें इतने कम समम के लिए क्यों भरी जाती है उड़ान

Shortest Flight:  जब भी हम हवाई यात्रा के बारे में सोचते हैं तो हम देशों या फिर महाद्वीपों में लंबी यात्राओं की ही कल्पना करते हैं. लेकिन दुनिया में एक ऐसी जगह भी है जहां पर सबसे छोटी कमर्शियल फ्लाइट चलती है. यह जगह है स्कॉटलैंड. आइए जानते हैं कि आखिर यहां कितने समय की फ्लाइट चलती है और आखिर इसे क्यों शुरू किया गया.

सिर्फ 2.7 किलोमीटर की फ्लाइट

यह रास्ता ऑर्कनी द्वीप समूह के दो छोटे द्वीप वेस्ट्रे और पापा वेस्ट्रे को जोड़ता है. तय की गई कुल दूरी सिर्फ 2.7 किलोमीटर की है. यह कई बड़े इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रनवे की लंबाई से भी कम है. ऑफीशियली फ्लाइट का तय समय 90 सेकंड है. लेकिन जब हवा की स्थिति अच्छी होती है तो यह सफर सिर्फ 53 सेकंड में ही खत्म हो जाता है.

1967 से शुरू है यह फ्लाइट

यह फ्लाइट स्कॉटिश रीजनल एयरलाइन लोगनएयर द्वारा ऑपरेट की जाती है. इसमें एक छोटा 10 सीटर ब्रिटन नॉर्मन आइलैंडर इस्तेमाल होता है. यह एक ट्विन इंजन एयरक्राफ्ट है जो छोटे टेक ऑफ और लैंडिंग के लिए काफी अच्छा है. यह शानदार सर्विस 1967 से लगातार चल रही है. इससे यह न सिर्फ दुनिया की सबसे छोटी कमर्शियल फ्लाइट है बल्कि सबसे लंबे समय तक चलने वाले रीजनल एयर रूट में से भी एक है. 

इतनी छोटी फ्लाइट की क्या जरूरत? 

पहली नजर में 2 मिनट से भी कम समय की फ्लाइट ऑपरेट करना जरूरी नहीं लग सकता. लेकिन वहां रहने वाले लगभग 70 से 90 लोगों की कम्युनिटी के लिए यह सर्विस काफी जरूरी है. यह एक लाइफ लाइन की तरह काम करती है जो आइलैंड के लोगों को पड़ोसी आइलैंड और मेनलैंड पर हेल्थ केयर, एजुकेशन और एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस से जोड़ती है.

इस रूट का इस्तेमाल टीचर, स्टूडेंट और मेडिकल प्रोफेशनल रेगुलर तौर पर करते हैं.  ऐसा इसलिए क्योंकि उनका रोजाना आईलैंड्स के बीच में आना-जाना लगा रहता है. दूर के आइलैंड कम्युनिटीज में भरोसेमंद ट्रांसपोर्ट के बिना थोड़ी दूरी भी एक बड़ी चुनौती बन सकती है. हालांकि एक फेरी सर्विस भी है लेकिन इसमें लगभग 20 से 25 मिनट लगते हैं. साथ ही खराब मौसम की वजह से इसमें रुकावट भी आती है. 

क्यों नहीं बना सकते पुल 

द्वीपों के बीच पुल बनाना इलाके, मौसम और कम आबादी को देखते हुए काफी महंगा होगा. 100 से कम लोगों की कम्युनिटी के लिए लागत फायदे से कहीं ज्यादा होगी. इस वजह से एयरलिंक सबसे प्रैक्टिकल और आर्थिक रूप से फायदेमंद सॉल्यूशन बना हुआ है.

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Admin तेज रफ्तार न्यूज देश का बोलबाला